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  • इंग्लैंड से हार के बाद डीआर कांगो के कोच पर टूटा दुखों का पहाड़, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मिली पिता के निधन की खबर

    इंग्लैंड से हार के बाद डीआर कांगो के कोच पर टूटा दुखों का पहाड़, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मिली पिता के निधन की खबर


    नई दिल्ली । DR Congo national football team के मुख्य कोच Sébastien Desabre के लिए फीफा विश्व कप 2026 का राउंड ऑफ 32 मुकाबला बेहद दर्दनाक साबित हुआ। इंग्लैंड से 2-1 की हार के कुछ घंटों बाद उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने पिता के निधन की सूचना मिली, जिसके बाद पूरा माहौल भावुक हो गया और मीडिया वार्ता तत्काल समाप्त कर दी गई।

    अटलांटा में खेले गए मुकाबले में डीआर कांगो ने दमदार शुरुआत की थी। सातवें मिनट में Bryan Sipeŋga ने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई। हालांकि, इंग्लैंड के कप्तान Harry Kane ने दो गोल कर मैच का रुख पलट दिया और इंग्लैंड को 2-1 से जीत दिलाकर अगले दौर में पहुंचा दिया।

    मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक अधिकारी ने फ्रेंच भाषा में देसाब्रे को उनके पिता के निधन की सूचना दी। यह खबर सुनते ही प्रेस कॉन्फ्रेंस का माहौल पूरी तरह बदल गया। अधिकारी ने संवेदना व्यक्त करते हुए बातचीत समाप्त करने की घोषणा की। कुछ क्षणों तक स्तब्ध रहने के बाद देसाब्रे ने सभी का धन्यवाद किया और प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर बाहर चले गए।

    हालांकि टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई, लेकिन डीआर कांगो ने अपने प्रदर्शन से इतिहास रचा। 1974 के बाद पहली बार विश्व कप के लिए क्वालिफाई करने वाली टीम ने अपने पहले नॉकआउट चरण तक पहुंचकर दुनिया का ध्यान खींचा। ग्रुप चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम ने अंतिम 32 में जगह बनाई और मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ भी संघर्षपूर्ण खेल दिखाया।

    हार के बाद देसाब्रे ने कहा कि उनकी टीम ने पूरी मेहनत की, लेकिन अनुभव की कमी निर्णायक साबित हुई। उन्होंने स्वीकार किया कि खिलाड़ियों ने कई अच्छे मौके बनाए, लेकिन उनका फायदा नहीं उठा सके। उन्होंने कहा कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल हैरी केन ने मिले मौकों का पूरा लाभ उठाया।

    कोच ने अपने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें पूरी टीम पर गर्व है। उनके अनुसार यह विश्व कप डीआर कांगो फुटबॉल के लिए एक बड़ा सीखने का अनुभव है और इस स्तर पर खेलने से युवा खिलाड़ी भविष्य में और मजबूत होकर लौटेंगे।

  • महिला टी20 विश्व कप: सेमीफाइनल में इंग्लैंड का पलड़ा भारी, लेकिन साउथ अफ्रीका से मिलेगी कड़ी चुनौती

    महिला टी20 विश्व कप: सेमीफाइनल में इंग्लैंड का पलड़ा भारी, लेकिन साउथ अफ्रीका से मिलेगी कड़ी चुनौती


    नई दिल्ली । महिला ICC Women’s T20 World Cup 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में गुरुवार को England women’s cricket team और South Africa women’s national cricket team आमने-सामने होंगी। मुकाबला लंदन के केनिंग्टन ओवल में खेला जाएगा। रिकॉर्ड इंग्लैंड के पक्ष में जरूर है, लेकिन हाल के बड़े टूर्नामेंटों में दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लिश टीम को कड़ी चुनौती दी है।

    टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोनों टीमों के बीच अब तक 28 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें इंग्लैंड ने 23 मैच जीते हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका को केवल 5 जीत मिली हैं। यह आंकड़ा इंग्लैंड के स्पष्ट दबदबे को दर्शाता है।

    हालांकि, नॉकआउट मुकाबलों की कहानी अलग रही है। ICC Women’s T20 World Cup 2023 के सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लैंड को हराया था। इसके बाद ICC Women’s Cricket World Cup 2025 के सेमीफाइनल में भी प्रोटियाज टीम ने इंग्लैंड का सफर रोक दिया था। ऐसे में दक्षिण अफ्रीका आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेगी।

    इंग्लैंड ने इस विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रुप चरण के सभी पांच मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई है। बल्लेबाजी में Danni Wyatt-Hodge बेहतरीन फॉर्म में हैं। उन्होंने पांच मैचों में 94 की औसत और 153 के स्ट्राइक रेट से 282 रन बनाए हैं। गेंदबाजी में Sophie Ecclestone विरोधी बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।

    दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका ने कठिन ग्रुप से बाहर निकलकर अंतिम चार में जगह बनाई है। Marizanne Kapp ने गेंद और बल्ले दोनों से प्रभाव छोड़ा है, जबकि Tazmin Brits ने एक शतक सहित तीन मैचों में 174 रन बनाकर टीम की बल्लेबाजी संभाली है। तेज गेंदबाज Shabnim Ismail नई गेंद से लगातार असरदार साबित हुई हैं।

    हालांकि, दक्षिण अफ्रीका के लिए चिंता की बात कप्तान Laura Wolvaardt की फॉर्म है। उन्होंने पांच पारियों में 117 रन बनाए हैं और सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में टीम को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद होगी।

    रिकॉर्ड इंग्लैंड के पक्ष में है, लेकिन हालिया नॉकआउट इतिहास और दक्षिण अफ्रीका की मौजूदा लय को देखते हुए यह मुकाबला बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर वाला होने की उम्मीद है।

  • पुर्तगाल नॉकआउट में बदलेगा खेल, क्रोएशिया पर रहेगा भारी: बाइचुंग भूटिया

    पुर्तगाल नॉकआउट में बदलेगा खेल, क्रोएशिया पर रहेगा भारी: बाइचुंग भूटिया


    नई दिल्ली ।  भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया का मानना है कि ग्रुप चरण में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करने के बावजूद पुर्तगाल फीफा विश्व कप 2026 के खिताब का मजबूत दावेदार बना हुआ है। उनका कहना है कि नॉकआउट मुकाबलों में टीम का खेल पूरी तरह बदल सकता है और राउंड ऑफ 32 में वह क्रोएशिया को हराने में सफल रहेगी।

    जी5 के फीफा विश्व कप 2026 विशेषज्ञ पैनल का हिस्सा बने भूटिया ने कहा कि नॉकआउट चरण का दबाव और माहौल अलग होता है। उनके अनुसार पुर्तगाल के पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो बड़े मैचों में मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं और इसी वजह से वे क्रोएशिया के खिलाफ उसे मजबूत दावेदार मानते हैं।

    भूटिया ने कहा कि पुर्तगाल की सबसे बड़ी ताकत सिर्फ कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो नहीं बल्कि पूरी टीम की गहराई है। उनके अनुसार टीम में कई ऐसे खिलाड़ी मौजूद हैं जो अकेले दम पर मुकाबले का परिणाम बदल सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पुर्तगाल के लिए सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि उसका रचनात्मक मिडफील्ड रोनाल्डो के लिए लगातार गोल करने के मौके बना पाता है या नहीं।

    उन्होंने माना कि पुर्तगाल की आक्रामक शैली उसे बढ़त दिला सकती है, खासकर यदि टीम तेज काउंटर अटैक और ट्रांजिशन फुटबॉल खेलने में सफल रहती है। हालांकि टीम की एक कमजोरी की ओर भी उन्होंने इशारा किया। भूटिया के मुताबिक पुर्तगाल के पास ऐसा मजबूत रक्षात्मक मिडफील्डर नहीं है जो लगातार गेंद छीनकर खेल को तेजी से आक्रमण में बदल सके।

    पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि पुर्तगाल के पास पहले से ही बेहतरीन आक्रामक मिडफील्डर, मजबूत फॉरवर्ड लाइन और आगे बढ़कर खेलने वाले फुल बैक हैं। यदि टीम के पास बीच के हिस्से में संतुलन बनाने वाला खिलाड़ी होता तो वह और भी खतरनाक साबित होती।

    क्रोएशिया पर टिप्पणी करते हुए भूटिया ने कहा कि मौजूदा टीम में पिछली पीढ़ी जैसी गुणवत्ता नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि क्रोएशिया हमेशा संघर्ष करने वाली टीम रही है और मुश्किल परिस्थितियों में भी परिणाम निकालने का तरीका जानती है, लेकिन इस बार उसके पास पहले जैसी धार नहीं दिख रही।

    भूटिया का मानना है कि लुका मोड्रिक अब भी टीम के सबसे अहम खिलाड़ी हैं, लेकिन बढ़ती उम्र के कारण उनकी रफ्तार और प्रभाव पहले जैसा नहीं रहा। उन्होंने कहा कि यदि क्रोएशिया को पुर्तगाल के खिलाफ जीत हासिल करनी है तो मोड्रिक को असाधारण प्रदर्शन करना होगा। दूसरी ओर पुर्तगाल केवल रोनाल्डो पर निर्भर नहीं है, क्योंकि उसके पास कई मैच विनर खिलाड़ी मौजूद हैं।

    शुक्रवार सुबह टोरंटो में होने वाला पुर्तगाल और क्रोएशिया का राउंड ऑफ 32 मुकाबला विश्व फुटबॉल के दो दिग्गज सितारों क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लुका मोड्रिक की संभावित आखिरी विश्व कप भिड़ंत के कारण भी खास माना जा रहा है। दोनों अनुभवी खिलाड़ी अपनी-अपनी टीम को अगले दौर में पहुंचाने के लिए पूरा दम लगाएंगे।

  • ईटीपीएल ड्राफ्ट में अलग रणनीति स्टीव वॉ ने बताया क्यों ऑलराउंडर्स को दी सबसे ज्यादा प्राथमिकता

    ईटीपीएल ड्राफ्ट में अलग रणनीति स्टीव वॉ ने बताया क्यों ऑलराउंडर्स को दी सबसे ज्यादा प्राथमिकता


    नई दिल्ली । यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग 2026 के पहले प्लेयर ड्राफ्ट के बाद एम्स्टर्डम फ्लेम्स के को ओनर और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ ने टीम की चयन रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि फ्रेंचाइजी का मुख्य फोकस ऐसे खिलाड़ियों को चुनना था जो एक से अधिक भूमिकाएं निभाने की क्षमता रखते हों। इसी सोच के तहत विशेषज्ञ बल्लेबाजों की तुलना में ऑलराउंडर्स को अधिक प्राथमिकता दी गई।

    एम्स्टर्डम फ्लेम्स ने ड्राफ्ट में पहले से ही मजबूत कोर टीम के साथ प्रवेश किया था। टीम में ऑस्ट्रेलिया के टी20 कप्तान मिचेल मार्श अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ विस्फोटक बल्लेबाज टिम डेविड और नीदरलैंड के कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स जैसे खिलाड़ी पहले से शामिल थे। ऐसे में टीम प्रबंधन का ध्यान शेष टीम को संतुलित बनाने और हर परिस्थिति के लिए तैयार करने पर रहा।

    ड्राफ्ट के दौरान फ्रेंचाइजी ने अपने छह में से चार चयन ऑलराउंडर्स पर किए। इनमें आयरलैंड के कर्टिस कैंपर सबसे प्रमुख नाम रहे। इसके अलावा काइल क्लेन टिम प्रिंगल आर्यन दत्त जॉर्डन नील और मैक्स ओ डॉड को भी टीम में शामिल किया गया।

    ड्राफ्ट के बाद मीडिया से बातचीत में स्टीव वॉ ने कहा कि यह रणनीति मुख्य कोच रयान कुक के साथ मिलकर तैयार की गई थी। उनका मानना है कि टी20 क्रिकेट में ऐसे खिलाड़ियों का महत्व अधिक है जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान दे सकें और जरूरत पड़ने पर अपनी भूमिका बदल सकें। इससे टीम को हर परिस्थिति में बेहतर संतुलन मिलता है।

    वॉ ने कहा कि टीम के पास पहले से ही मिचेल मार्श स्टीव स्मिथ और टिम डेविड जैसे विश्वस्तरीय बल्लेबाज मौजूद हैं। ऐसे में अतिरिक्त विशेषज्ञ बल्लेबाजों की बजाय उन खिलाड़ियों को चुनना अधिक उपयोगी था जो बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख बदल सकते हैं। उनके अनुसार आधुनिक टी20 क्रिकेट में बहु-प्रतिभाशाली खिलाड़ी किसी भी टीम की सबसे बड़ी ताकत बनते जा रहे हैं।

    उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग एक नया टूर्नामेंट है और पूरे यूरोप में अलग अलग परिस्थितियों में मुकाबले खेले जाएंगे। ऐसे में बहुमुखी खिलाड़ी टीम को परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बदलने में मदद करेंगे। स्टीव वॉ ने नेपाल के दीपेंद्र सिंह ऐरी और कनाडा के युवराज समरा की भी सराहना करते हुए उनके प्रदर्शन और क्षमता की प्रशंसा की।

    एम्स्टर्डम फ्लेम्स को उम्मीद है कि संतुलित टीम संयोजन और ऑलराउंडर्स पर आधारित रणनीति उन्हें ईटीपीएल के पहले ही सीजन में मजबूत दावेदार बनाएगी।

  • हैरी केन बोले यह जीत मंजिल नहीं सिर्फ शुरुआत इंग्लैंड ने डीआर कांगो को हराकर बनाई राउंड ऑफ 16 में जगह

    हैरी केन बोले यह जीत मंजिल नहीं सिर्फ शुरुआत इंग्लैंड ने डीआर कांगो को हराकर बनाई राउंड ऑफ 16 में जगह


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में इंग्लैंड ने शानदार वापसी करते हुए डीआर कांगो को 2-1 से हराकर राउंड ऑफ 16 में अपनी जगह पक्की कर ली। कप्तान हैरी केन ने मैच के अंतिम 15 मिनट में दो गोल दागकर टीम को यादगार जीत दिलाई। अब इंग्लैंड का अगला मुकाबला राउंड ऑफ 16 में मेक्सिको से होगा। हालांकि जीत के बाद केन ने साफ कहा कि यह सफलता टीम की अंतिम पहचान नहीं है और अभी लंबा सफर तय करना बाकी है।

    मैच में इंग्लैंड को पहले हाफ में झटका लगा और टीम ब्रेक तक पिछड़ रही थी। इसके बावजूद दूसरे हाफ में खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया और मुकाबले में दमदार वापसी की। विश्व कप इतिहास में यह पहला मौका है जब इंग्लैंड ने हाफ टाइम तक पिछड़ने के बाद कोई मुकाबला जीतने में सफलता हासिल की। इससे पहले ऐसे नौ मुकाबलों में टीम सात बार हार चुकी थी जबकि दो मैच ड्रॉ रहे थे।

    जीत के बाद टीम के विंगर एंथनी गॉर्डन ने हैरी केन के नेतृत्व और सोच की सराहना की। उन्होंने बताया कि मैच समाप्त होने के बाद केन ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह जीत टीम को परिभाषित नहीं करती और इससे विश्व कप नहीं जीता जाता लेकिन इस उपलब्धि का आनंद जरूर लेना चाहिए। इसके बाद पूरी टीम ने प्रशंसकों के साथ जीत का जश्न भी मनाया।

    गॉर्डन ने कहा कि कई बार बड़ी टीमों पर उम्मीदों का दबाव इतना अधिक होता है कि खिलाड़ी महत्वपूर्ण जीत का भी खुलकर जश्न नहीं मना पाते। लेकिन डीआर कांगो जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मिली यह जीत खास है और इसका आनंद लेना जरूरी है क्योंकि टीम ने कठिन परिस्थितियों में शानदार वापसी की है।

    इस मुकाबले में एंथनी गॉर्डन ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दूसरे हाफ में मैदान पर उतरने के बाद उन्होंने हैरी केन के दोनों गोल के लिए बेहतरीन मौके तैयार किए। हालांकि उन्होंने अपनी बजाय केन की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी मौजूदगी ने ही उन्हें सही फैसला लेने का भरोसा दिया। गॉर्डन के अनुसार यदि केन मैदान पर नहीं होते तो शायद वह उन मौकों पर अलग निर्णय लेते लेकिन उन्हें पूरा विश्वास था कि केन गेंद को गोल में बदल देंगे।

    अब इंग्लैंड की नजर राउंड ऑफ 16 में मेक्सिको के खिलाफ होने वाले मुकाबले पर है। टीम का लक्ष्य इस लय को बरकरार रखते हुए विश्व कप खिताब की ओर मजबूत कदम बढ़ाना होगा।

  • बारिश ने छीनी भारत की जीत की उम्मीद अभिषेक और श्रेयस की शानदार पारियां भी नहीं दिला सकीं नतीजा

    बारिश ने छीनी भारत की जीत की उम्मीद अभिषेक और श्रेयस की शानदार पारियां भी नहीं दिला सकीं नतीजा


    नई दिल्ली । भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 श्रृंखला का पहला मुकाबला रोमांचक होने से पहले ही बारिश की भेंट चढ़ गया। चेस्टर ले स्ट्रीट में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 189 रन का मजबूत स्कोर बनाया था लेकिन लगातार बारिश और गीले मैदान के कारण इंग्लैंड अपनी पारी शुरू भी नहीं कर सका। काफी देर तक मौसम साफ होने का इंतजार किया गया लेकिन हालात में सुधार नहीं होने पर अंपायरों ने मैच को बिना किसी परिणाम के समाप्त घोषित कर दिया। इस तरह श्रेयस अय्यर और अभिषेक शर्मा की शानदार पारियां भी टीम को जीत नहीं दिला सकीं।

    भारतीय टीम की शुरुआत हालांकि बेहद खराब रही। दूसरे ही ओवर में संजू सैमसन केवल एक रन बनाकर आउट हो गए जबकि ईशान किशन बिना खाता खोले रन आउट हो गए। शुरुआती झटकों के बाद ऐसा लग रहा था कि भारत बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच पाएगा लेकिन अभिषेक शर्मा और कप्तान श्रेयस अय्यर ने जिम्मेदारी संभालते हुए शानदार साझेदारी की और टीम को मुकाबले में वापस ला दिया।

    अभिषेक शर्मा ने एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का परिचय दिया। उन्होंने केवल 24 गेंदों में 59 रन की विस्फोटक पारी खेली जिसमें छह चौके और चार शानदार छक्के शामिल रहे। उन्होंने मात्र 20 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इंग्लैंड के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। उनकी यह पारी भारतीय पारी की सबसे बड़ी ताकत साबित हुई।

    दूसरे छोर पर कप्तान श्रेयस अय्यर ने संयम और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया। उन्होंने 47 गेंदों में 68 रन बनाए जिसमें छह चौके और एक छक्का शामिल था। उन्होंने 38 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और मध्यक्रम को मजबूती प्रदान की। उनके आउट होने के बाद शिवम दुबे ने तेजी से रन जुटाते हुए केवल 21 गेंदों में नाबाद 42 रन बनाए और भारत का स्कोर 189 रन तक पहुंचा दिया। इंग्लैंड की ओर से साकिब महमूद सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने तीन विकेट अपने नाम किए।

    भारत के 190 रन के लक्ष्य का पीछा करने के लिए इंग्लैंड मैदान पर उतर ही नहीं पाया। लगातार होती बारिश के कारण पूरा मैदान कवर से ढका रहा और ग्राउंड स्टाफ की तमाम कोशिशों के बावजूद खेल दोबारा शुरू नहीं हो सका। कट ऑफ समय तक भी परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने पर मैच अधिकारियों ने मुकाबला रद्द करने का फैसला लिया।

    इस मुकाबले में एक बार फिर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला। आयरलैंड दौरे के बाद इंग्लैंड श्रृंखला के पहले मैच में भी उनका डेब्यू टलने से प्रशंसकों में निराशा देखने को मिली। अब उम्मीद की जा रही है कि आगामी मुकाबलों में टीम प्रबंधन उन्हें मौका दे सकता है।

    बारिश के कारण भले ही पहला मुकाबला बेनतीजा रहा लेकिन भारतीय बल्लेबाजों की लय टीम के लिए सकारात्मक संकेत है। अब दोनों टीमें मैनचेस्टर में होने वाले दूसरे टी20 मुकाबले की तैयारी करेंगी जहां श्रृंखला की पहली जीत हासिल करने के लिए दोनों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।

  • अभिषेक शर्मा का तूफानी कमाल सबसे तेज 100 टी20 अंतरराष्ट्रीय छक्के जड़कर रचा विश्व रिकॉर्ड

    अभिषेक शर्मा का तूफानी कमाल सबसे तेज 100 टी20 अंतरराष्ट्रीय छक्के जड़कर रचा विश्व रिकॉर्ड


    नई दिल्ली । भारतीय टीम के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में ऐसी तूफानी बल्लेबाजी की जिसने न केवल मैच का रुख बदल दिया बल्कि उन्हें विश्व क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में भी खास जगह दिला दी। चेस्टर ले स्ट्रीट में खेले गए मुकाबले में अभिषेक ने महज 24 गेंदों पर 59 रन की विस्फोटक पारी खेली और इसी दौरान टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम गेंदों में 100 छक्के पूरे करने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

    अभिषेक ने अपनी पारी के दौरान छह चौके और चार शानदार छक्के लगाए। उन्होंने केवल 20 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर इंग्लैंड के गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बना दिया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत भारत को तेज शुरुआत मिली और विपक्षी टीम पूरी तरह बैकफुट पर पहुंच गई। हालांकि उनकी पारी का अंत सैम करन ने एलबीडब्ल्यू आउट कर किया लेकिन तब तक वह अपनी बल्लेबाजी से इतिहास रच चुके थे।

    इस पारी के दौरान अभिषेक शर्मा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 100 छक्के पूरे किए। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने इस उपलब्धि तक पहुंचने के लिए केवल 785 गेंदों का सामना किया जो किसी भी फुल मेंबर देश के बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे तेज रिकॉर्ड है। इससे पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज एविन लुईस के नाम था जिन्होंने 789 गेंदों में 100 छक्के पूरे किए थे। अब अभिषेक ने उन्हें पीछे छोड़ते हुए इस सूची में पहला स्थान हासिल कर लिया है।

    सबसे कम गेंदों में 100 टी20 अंतरराष्ट्रीय छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में अब अभिषेक शर्मा सबसे ऊपर हैं। उनके बाद एविन लुईस दूसरे स्थान पर हैं जबकि न्यूजीलैंड के फिन एलन ऑस्ट्रेलिया के टिम डेविड न्यूजीलैंड के कॉलिन मुनरो और भारत के सूर्यकुमार यादव क्रमशः अगले स्थानों पर मौजूद हैं। यह रिकॉर्ड इस बात का प्रमाण है कि अभिषेक आधुनिक टी20 क्रिकेट के सबसे आक्रामक बल्लेबाजों में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं।

    इस उपलब्धि के साथ अभिषेक शर्मा भारत के केवल पांचवें बल्लेबाज भी बन गए हैं जिन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 या उससे अधिक छक्के लगाए हैं। उनसे पहले रोहित शर्मा सूर्यकुमार यादव हार्दिक पंड्या और विराट कोहली यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। इतनी कम गेंदों में यह मुकाम हासिल करना उनकी आक्रामक सोच और निडर बल्लेबाजी का सबसे बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

    पिछले कुछ समय से अभिषेक शर्मा लगातार शानदार फॉर्म में हैं और हर बड़ी टीम के खिलाफ तेजी से रन बना रहे हैं। उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह शुरुआत से ही बड़े शॉट खेलने में विश्वास रखते हैं और विरोधी गेंदबाजों को कभी भी लय में आने का मौका नहीं देते। यही कारण है कि बेहद कम समय में उन्होंने विश्व क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बना ली है।

    अगर अभिषेक शर्मा का यही आक्रामक अंदाज आगे भी जारी रहता है तो आने वाले वर्षों में वह भारत के सबसे सफल टी20 बल्लेबाजों में शामिल हो सकते हैं। कई क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि भविष्य में वह रोहित शर्मा के सबसे ज्यादा टी20 अंतरराष्ट्रीय छक्कों के रिकॉर्ड को भी चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। फिलहाल इंग्लैंड के खिलाफ उनकी यह पारी भारतीय क्रिकेट के लिए एक नई उम्मीद और विश्व क्रिकेट के लिए एक नया रिकॉर्ड बनकर हमेशा याद रखी जाएगी।

  • आईपीएल में बरसाए रन फिर भी नहीं खुला टीम इंडिया का दरवाजा आखिर कब मिलेगा वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका

    आईपीएल में बरसाए रन फिर भी नहीं खुला टीम इंडिया का दरवाजा आखिर कब मिलेगा वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा बल्लेबाजों में शामिल वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय डेब्यू फिलहाल एक बार फिर टल गया है। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 श्रृंखला के पहले मुकाबले में भी टीम प्रबंधन ने उन्हें अंतिम एकादश में जगह नहीं दी। चेस्टर ले स्ट्रीट में जैसे ही कप्तान श्रेयस अय्यर ने प्लेइंग इलेवन का एलान किया वैसे ही करोड़ों भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की उम्मीदों को झटका लगा क्योंकि वैभव का नाम उसमें शामिल नहीं था। लगातार दूसरी श्रृंखला में मौका नहीं मिलने के बाद अब यह सवाल और तेज हो गया है कि आखिर इस युवा बल्लेबाज को भारतीय टीम के लिए पदार्पण करने के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा।

    वैभव सूर्यवंशी पिछले कुछ महीनों से अपने प्रदर्शन के दम पर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। आईपीएल 2026 में उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए 16 पारियों में 776 रन बनाए और पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की। उनका स्ट्राइक रेट भी 237 से अधिक रहा जिसने क्रिकेट विशेषज्ञों को प्रभावित किया। इसके अलावा अंडर 19 विश्व कप में उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया जबकि हाल ही में भारत ए की ओर से खेलते हुए उन्होंने श्रीलंका में त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल में केवल 29 गेंदों पर 94 रन बनाकर अपनी प्रतिभा का एक और शानदार उदाहरण पेश किया।

    इतने बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलना लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। इससे पहले आयरलैंड दौरे पर भी उन्हें दोनों टी20 मुकाबलों में बाहर बैठना पड़ा था। उस श्रृंखला में भारतीय शीर्ष क्रम उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका और टीम को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद माना जा रहा था कि इंग्लैंड दौरे पर वैभव को जरूर मौका मिलेगा लेकिन टीम प्रबंधन ने अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा जताना बेहतर समझा।

    क्रिकेट के कई पूर्व दिग्गज पहले ही संकेत दे चुके थे कि वैभव का डेब्यू तुरंत नहीं होगा। उनका मानना था कि टीम प्रबंधन युवा बल्लेबाज को सही समय पर मौका देना चाहता है ताकि उस पर अतिरिक्त दबाव न बने। हालांकि प्रशंसकों का तर्क है कि जब कोई खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट आईपीएल और जूनियर स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहा हो तो उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का अवसर भी मिलना चाहिए।

    बैटिंग कोच सितांशु कोटक पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि अंतिम फैसला मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर की रणनीति के अनुसार लिया जाएगा। ऐसे में यह साफ है कि वैभव को मौका कब मिलेगा इसका फैसला टीम प्रबंधन की योजनाओं पर निर्भर करेगा। फिलहाल भारतीय टीम ने पहले मुकाबले में संजू सैमसन अभिषेक शर्मा ईशान किशन श्रेयस अय्यर तिलक वर्मा शिवम दुबे अक्षर पटेल हर्षित राणा रवि बिश्नोई अर्शदीप सिंह और वरुण चक्रवर्ती के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया।

    वैभव सूर्यवंशी के लिए यह इंतजार भले ही लंबा होता जा रहा हो लेकिन उनकी उम्र और प्रदर्शन दोनों यह संकेत देते हैं कि भविष्य पूरी तरह उनके पक्ष में है। यदि वह इसी तरह रन बनाते रहे और अपने खेल में निरंतरता बनाए रखी तो भारतीय टीम में उनका पदार्पण केवल समय की बात होगी। अब सभी की नजरें इंग्लैंड के खिलाफ अगले मुकाबलों पर रहेंगी जहां शायद भारतीय क्रिकेट को अपना नया युवा सितारा पहली बार नीली जर्सी में खेलते हुए देखने का मौका मिल जाए।

  • इंग्लैंड के खिलाफ जीत की नई उम्मीद के साथ उतरेगा भारत, आयरलैंड दौरे की हार भुलाकर लय हासिल करने की चुनौती

    इंग्लैंड के खिलाफ जीत की नई उम्मीद के साथ उतरेगा भारत, आयरलैंड दौरे की हार भुलाकर लय हासिल करने की चुनौती

    नई दिल्ली । आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मिली निराशाजनक हार के बाद भारतीय टीम अब इंग्लैंड के खिलाफ नई शुरुआत करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला बुधवार को डरहम के रिवरसाइड ग्राउंड में खेला जाएगा। इस सीरीज को भारतीय टीम के लिए आत्मविश्वास हासिल करने और पिछली गलतियों से सीख लेकर मजबूत वापसी करने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

    आयरलैंड दौरे पर भारत की बल्लेबाजी उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी थी। आक्रामक बल्लेबाजों से सजी टीम बड़े स्कोर बनाने और अहम मौकों पर लंबी साझेदारियां निभाने में असफल रही। परिणामस्वरूप टीम को सीरीज गंवानी पड़ी। अब इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों के सामने अपनी क्षमता साबित करने की चुनौती होगी। टीम प्रबंधन चाहेगा कि बल्लेबाजी क्रम अधिक जिम्मेदारी के साथ खेलते हुए शुरुआत से ही मैच पर पकड़ बनाए।

    नए कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए भी यह सीरीज महत्वपूर्ण मानी जा रही है। घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में सफल नेतृत्व का अनुभव रखने वाले अय्यर अब विदेशी परिस्थितियों में भारतीय टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। इंग्लैंड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनकी रणनीति, कप्तानी और खिलाड़ियों का उपयोग टीम के प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाएगा। युवा खिलाड़ियों के साथ संतुलन बनाना भी उनके सामने बड़ी जिम्मेदारी होगी।

    टीम चयन को लेकर भी काफी चर्चा बनी हुई है। युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर सभी की निगाहें रहेंगी, जिन्हें आयरलैंड दौरे पर अंतिम एकादश में मौका नहीं मिला था। यदि उन्हें इस मुकाबले में पदार्पण का अवसर मिलता है तो वह भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे युवा क्रिकेटरों में शामिल हो जाएंगे। हालांकि टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ियों को जल्दबाजी में आगे बढ़ाने के बजाय उनके दीर्घकालिक विकास पर भी बराबर ध्यान दे रहा है।

    भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण मौजूद है। तेज गेंदबाज शुरुआती ओवरों में इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे, जबकि स्पिन विभाग में विविधता टीम की ताकत मानी जा रही है। मध्य ओवरों में विकेट निकालने की जिम्मेदारी स्पिन गेंदबाजों पर रहेगी, जिससे इंग्लैंड की मजबूत बल्लेबाजी को नियंत्रित किया जा सके।

    दूसरी ओर इंग्लैंड की टीम घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। उसके बल्लेबाज तेज शुरुआत करने और बड़े स्कोर खड़े करने की क्षमता रखते हैं। वहीं तेज गेंदबाजी आक्रमण नई गेंद से मिलने वाली सीम मूवमेंट का लाभ उठाकर भारतीय शीर्ष क्रम को शुरुआती झटके देने की कोशिश करेगा। घरेलू मैदान पर इंग्लैंड का रिकॉर्ड भी उसे मनोवैज्ञानिक बढ़त प्रदान करता है।

    यह सीरीज दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत जहां पिछली हार की निराशा को पीछे छोड़ जीत की राह पर लौटना चाहेगा, वहीं इंग्लैंड घरेलू मैदान पर अपने दबदबे को कायम रखने की कोशिश करेगा। ऐसे में पहले मुकाबले का परिणाम पूरी सीरीज की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर भी रहेंगी कि भारतीय टीम दबाव से उबरकर किस तरह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती है और मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ नई शुरुआत को सफल बनाती है।

  • विमेंस टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया का एकतरफा दबदबा, बेथ मूनी के नाबाद अर्धशतक से वेस्टइंडीज को 8 विकेट से दी मात

    विमेंस टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया का एकतरफा दबदबा, बेथ मूनी के नाबाद अर्धशतक से वेस्टइंडीज को 8 विकेट से दी मात

    नई दिल्ली । विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराकर लगातार अपनी मजबूत दावेदारी साबित की। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलियाई टीम ने आठवीं बार टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई और एक बार फिर खिताब जीतने की ओर मजबूत कदम बढ़ाया। टीम की जीत में बेथ मूनी की नाबाद अर्धशतकीय पारी निर्णायक साबित हुई, जबकि गेंदबाजों ने भी शुरुआती चरण में वेस्टइंडीज को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोक दिया।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत संतुलित रही। कप्तान हेली मैथ्यूज और किआना जोसेफ ने पहले विकेट के लिए उपयोगी साझेदारी कर टीम को संभली हुई शुरुआत दिलाई। हालांकि शुरुआती विकेट गिरने के बाद मध्यक्रम ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सका। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से रन गति भी प्रभावित हुई और टीम बड़े स्कोर की ओर नहीं बढ़ सकी।

    मध्यक्रम में शेमेन कैंपबेल ने पारी को संभालने का प्रयास किया, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। अंतिम ओवरों में डिएंड्रा डॉटिन ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए टीम के स्कोर को सम्मानजनक स्थिति तक पहुंचाया। उन्होंने तेज रन बनाते हुए महत्वपूर्ण योगदान दिया और जनिलेया ग्लासगो के साथ उपयोगी साझेदारी निभाई। निर्धारित 20 ओवर में वेस्टइंडीज ने सात विकेट पर 125 रन बनाए।

    ऑस्ट्रेलिया की ओर से गेंदबाजी में सोफी मोलिनक्स, एशले गार्डनर और जॉर्जिया वेयरहैम ने शानदार प्रदर्शन किया। तीनों गेंदबाजों ने दो-दो विकेट लेकर वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी को लगातार दबाव में रखा। एनाबेल सदरलैंड ने भी एक विकेट हासिल कर विपक्षी टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोकने में अहम भूमिका निभाई।

    126 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शुरुआत से ही सकारात्मक बल्लेबाजी की। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बावजूद बेथ मूनी ने पारी को पूरी तरह संभाल लिया। उन्होंने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए लगातार रन बनाए और विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। उनके साथ एशले गार्डनर ने भी तेज गति से रन जुटाए और दोनों के बीच हुई नाबाद साझेदारी ने मुकाबले को पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में कर दिया।

    बेथ मूनी ने सिर्फ 36 गेंदों में आठ चौकों की मदद से नाबाद 61 रन की मैच विजयी पारी खेली। वहीं एशले गार्डनर ने 20 गेंदों में 35 रन बनाकर उनका बेहतरीन साथ निभाया। ऑस्ट्रेलिया ने लक्ष्य केवल 13 ओवर में हासिल कर अपनी बल्लेबाजी की गहराई और आक्रामकता का शानदार प्रदर्शन किया। वेस्टइंडीज की ओर से चिनेल हेनरी और हेली मैथ्यूज को एक-एक विकेट मिला, लेकिन वे टीम को मुकाबले में बनाए रखने में सफल नहीं हो सकीं।

    इस प्रभावशाली जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में उसका प्रदर्शन लगातार मजबूत रहता है। अब टीम की नजर फाइनल में एक और विश्व खिताब जीतने पर होगी, जबकि वेस्टइंडीज का अभियान सेमीफाइनल में समाप्त हो गया।