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  • देवदत्त पडिक्कल के 199 रन भी नहीं दिला सके जीत, खराब रोशनी के कारण न्यूजीलैंड ए के खिलाफ ड्रॉ हुआ मुकाबला

    देवदत्त पडिक्कल के 199 रन भी नहीं दिला सके जीत, खराब रोशनी के कारण न्यूजीलैंड ए के खिलाफ ड्रॉ हुआ मुकाबला


    नई दिल्ली। भारत ए और न्यूजीलैंड ए के बीच खेला गया पहला अनाधिकारिक टेस्ट मुकाबला रोमांचक मोड़ पर पहुंचने के बाद ड्रॉ हो गया। भारतीय टीम जीत से महज एक विकेट दूर थी लेकिन खराब रोशनी के कारण खेल रोकना पड़ा। जिस समय मुकाबला समाप्त हुआ उस वक्त न्यूजीलैंड ए की दूसरी पारी में नौ विकेट गिर चुके थे और टीम 187 रन बनाकर संघर्ष कर रही थी। भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच में अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी लेकिन मौसम और रोशनी ने टीम की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इस नतीजे से न्यूजीलैंड ए को राहत मिली जबकि इंडिया ए के हाथ से लगभग तय दिखाई दे रही जीत निकल गई।

    मुकाबले में न्यूजीलैंड ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। भारतीय बल्लेबाज पहली पारी में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके और पूरी टीम महज 113 रन पर सिमट गई। यश राठौड़ ने 44 रन बनाकर भारतीय पारी को संभालने की कोशिश की जबकि देवदत्त पडिक्कल ने 32 रन का योगदान दिया। शुरुआती पारी में भारतीय बल्लेबाजी के लड़खड़ाने से टीम पर दबाव बढ़ गया और न्यूजीलैंड ए को मैच में मजबूत स्थिति हासिल करने का मौका मिल गया।

    इसके बाद न्यूजीलैंड ए ने अपनी पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी की। कप्तान राइस मारिउ ने 76 रन बनाए जबकि डिन फॉक्सक्रॉफ्ट ने 51 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों के योगदान से न्यूजीलैंड ए ने 317 रन का स्कोर खड़ा किया। इस तरह मेजबान टीम को पहली पारी के आधार पर 204 रन की बड़ी बढ़त हासिल हुई। भारतीय टीम के सामने अब दूसरी पारी में दमदार बल्लेबाजी करके मुकाबले में वापसी करने की चुनौती थी।

    दूसरी पारी में भारत ए ने जोरदार पलटवार किया और 516 रन बनाकर मैच का रुख बदल दिया। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे देवदत्त पडिक्कल ने शानदार धैर्य और तकनीक का प्रदर्शन किया। उन्होंने 248 गेंदों पर 24 चौकों और तीन छक्कों की मदद से 199 रन बनाए। हालांकि वह दोहरे शतक से केवल एक रन दूर रह गए। साई सुदर्शन ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 184 गेंदों पर 91 रन बनाए। इसके अलावा यश राठौड़ ने 66 रन और वाशिंगटन सुंदर ने 52 रन की पारी खेलकर टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    पहली पारी में मिली बढ़त के कारण न्यूजीलैंड ए को जीत के लिए 313 रन का लक्ष्य मिला। भारतीय गेंदबाजों ने दूसरी पारी में शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया। एक समय न्यूजीलैंड ए के नौ विकेट केवल 187 रन पर गिर चुके थे। मुकाबले में लगभग एक घंटे का खेल बाकी था और भारतीय टीम को जीत के लिए सिर्फ एक विकेट की जरूरत थी। लेकिन खराब रोशनी के कारण अंपायरों को खेल रोकना पड़ा और आखिरकार मैच ड्रॉ घोषित कर दिया गया।

    इस मुकाबले में भारत के लिए चिंता का विषय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल का प्रदर्शन भी रहा। जायसवाल पहली पारी में 17 और दूसरी पारी में पांच रन ही बना सके। वहीं राहुल पहली पारी में खाता नहीं खोल पाए और दूसरी पारी में केवल चार रन बना सके। न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट मुकाबलों को देखते हुए दोनों बल्लेबाजों का फॉर्म भारतीय टीम प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। कुल मिलाकर इंडिया ए ने दूसरी पारी में शानदार वापसी और गेंदबाजी से जीत की मजबूत स्थिति बनाई लेकिन खराब रोशनी के कारण उसे जीत से संतोषजनक दूरी पर रुकना पड़ा।

  • जसप्रीत बुमराह और ऋषभ पंत की टीम में वापसी की तैयारी…न्यूजीलैंड ए के खिलाफ खेलते आएंगे नजर!

    जसप्रीत बुमराह और ऋषभ पंत की टीम में वापसी की तैयारी…न्यूजीलैंड ए के खिलाफ खेलते आएंगे नजर!


    नई दिल्ली।
    भारतीय क्रिकेट फैन्स (Indian Cricket Fans) के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है. टीम इंडिया (Team India) के मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) और आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) एक साथ मैदान पर वापसी करने की तैयारी कर रहे हैं।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ 19 नवंबर से शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से ठीक पहले यह दोनों धाकड़ खिलाड़ी भारत ए और न्यूजीलैंड ए के बीच खेले जाने वाले तीसरे अनऑफिशियल टेस्ट मैच में एक्शन में दिखाई दे सकते हैं। यह मुकाबला 7 से 10 नवंबर के बीच लिंकन में खेला जाएगा।

    न्यूजीलैंड दौरे की उड़ान भरने से पहले दोनों स्टार खिलाड़ी इस समय बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं. भारतीय टेस्ट टीम में इन दोनों ही खिलाड़ियों का अहम रोल रहता है।

    अक्टूबर की शुरुआत में एशियन गेम्स में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने के बाद से जसप्रीत बुमराह मैदान से बाहर थे. वेस्टइंडीज सीरीज और न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में आराम देने के बाद अब बीसीसीआई के ‘रिटर्न-टू-प्ले’ प्रोटोकॉल के तहत वे पूरी तरह फिट होकर 1 नवंबर को न्यूजीलैंड के लिए रवाना होंगे।


    पंत और बुमराह की हो सकती है वापसी

    ईरानी कप के दौरान साइड स्ट्रेन की समस्या से जूझ रहे ऋषभ पंत ने भी बेंगलुरु में हल्की बैटिंग प्रैक्टिस शुरू कर दी है. हालांकि, उन्हें बीसीसीआई मेडिकल टीम से हरी झंडी मिलना बाकी है. पंत की अनुपस्थिति में भारत ‘ए’ के शुरुआती दो मुकाबलों के लिए कुमार कुशाग्र को बैकअप के रूप में शामिल किया गया था।

    अगर मेडिकल टीम पंत को पूरी तरह फिट घोषित कर देती है तो 7 नवंबर को न्यूजीलैंड ‘ए’ के खिलाफ मैच में भारतीय फैन्स को बुमराह की यॉर्कर और पंत के तूफानी छक्के एक साथ देखने को मिलेंगे, जो न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ा बूस्टर डोज साबित होगा।

  • 2027 वर्ल्ड कप पर रोहित शर्मा का बड़ा इशारा, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर को लेकर दिया दिलचस्प जवाब

    2027 वर्ल्ड कप पर रोहित शर्मा का बड़ा इशारा, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर को लेकर दिया दिलचस्प जवाब


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा एक बार फिर अपने मजेदार अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उनके बयान की वजह साल 2027 में होने वाला वनडे वर्ल्ड कप है। रोहित शर्मा ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह 2027 वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं इसलिए उन्हें भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल को खुश रखना होगा। उनके इस बयान ने क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान खींच लिया है। रोहित ने यह टिप्पणी उस समय की जब उनसे शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर में से किसी एक को चुनने के लिए कहा गया। अपने चुटीले जवाब से उन्होंने वहां मौजूद लोगों को हंसने पर मजबूर कर दिया।

    दरअसल फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा कार्यक्रम के दौरान पूर्व भारतीय कप्तान से एक दिलचस्प सवाल पूछा गया। उनसे जानना चाहा गया कि अगर उन्हें किसी आपात स्थिति में मदद के लिए फोन करना हो तो वह श्रेयस अय्यर और शुभमन गिल में से किसे कॉल करेंगे। इस सवाल का जवाब देते हुए रोहित ने कहा कि दोनों ही भारतीय टीम के कप्तान हैं। शुभमन गिल फिलहाल उनके कप्तान हैं और वह 2027 वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं इसलिए उन्हें गिल को खुश रखना होगा। इसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर 2027 वर्ल्ड कप के बाद उन्हें टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करनी पड़ी तो उन्हें श्रेयस अय्यर को भी खुश रखना होगा। रोहित ने कहा कि उन्हें दोनों की जरूरत है।

    रोहित शर्मा का यह जवाब भले ही मजाकिया अंदाज में दिया गया हो लेकिन इससे उनके भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि उनके इस बयान को टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की आधिकारिक घोषणा नहीं माना जा सकता। रोहित ने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद इस प्रारूप से संन्यास लेने का फैसला किया था। इसके बाद उन्होंने अपना ध्यान वनडे और टेस्ट क्रिकेट पर केंद्रित किया। अब 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर उनकी दिलचस्पी ने प्रशंसकों के बीच नई उम्मीदें जगा दी हैं।

    रोहित शर्मा की हालिया फॉर्म भी भारतीय क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में उन्होंने 225 रन बनाए और भारतीय बल्लेबाजों में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। उनके प्रदर्शन ने दिखाया कि वह अब भी बड़े मुकाबलों में अपनी बल्लेबाजी से टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने की क्षमता रखते हैं। यही वजह है कि प्रशंसक उन्हें अगले वनडे वर्ल्ड कप में खेलते हुए देखने की उम्मीद कर रहे हैं।

    भारतीय टीम का न्यूजीलैंड दौरा भी रोहित शर्मा के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। पांच मैचों की टी20 सीरीज के बाद दोनों देशों के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज खेली जानी है। वनडे मुकाबलों में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी। दोनों दिग्गज बल्लेबाजों का अनुभव भारतीय टीम के लिए काफी अहम हो सकता है।

    फिलहाल रोहित शर्मा के सामने अपनी फिटनेस और शानदार फॉर्म को बनाए रखने की चुनौती है। 2027 वर्ल्ड कप तक उनकी निरंतरता और प्रदर्शन ही उनके चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उनके हालिया बयान ने यह जरूर साफ किया है कि वह अपने मजाकिया अंदाज में भविष्य की संभावनाओं को लेकर बात करने से पीछे नहीं हटते। अब देखना होगा कि आने वाले समय में रोहित का बल्ला किस तरह प्रदर्शन करता है और क्या वह 2027 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की जर्सी में नजर आते हैं।

  • देवदत्त पडिक्कल की मैराथन पारी से न्यूजीलैंड ए के गेंदबाज पस्त, 24 चौके और 3 छक्के जड़कर 199 रन पर हुए आउट

    देवदत्त पडिक्कल की मैराथन पारी से न्यूजीलैंड ए के गेंदबाज पस्त, 24 चौके और 3 छक्के जड़कर 199 रन पर हुए आउट


    नई दिल्ली । भारत ए और न्यूजीलैंड ए के बीच लिंकन के बर्ट सटक्लिफ ओवल मैदान पर खेले जा रहे पहले अनौपचारिक टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। दूसरी पारी में उन्होंने 199 रन की बेहतरीन पारी खेली लेकिन दोहरे शतक से महज एक रन दूर रह गए। पडिक्कल ने अपनी पारी के दौरान धैर्य और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया। हालांकि वह जिस तरह आउट हुए उससे भारतीय बल्लेबाज के चेहरे पर निराशा साफ नजर आई। उनकी इस पारी ने मुश्किल में फंसी भारत ए की टीम को मुकाबले में मजबूत वापसी का मौका दिया है।

    पडिक्कल ने 248 गेंदों का सामना करते हुए 199 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 24 चौके और तीन छक्के लगाए। वह दोहरा शतक पूरा करने के बेहद करीब थे लेकिन न्यूजीलैंड ए के तेज गेंदबाज जैक गिब्सन की गेंद उनके पैड पर लगी। गेंदबाज और विपक्षी खिलाड़ियों ने जोरदार अपील की जिसके बाद अंपायर ने उन्हें आउट करार दे दिया। भारतीय बल्लेबाज इस फैसले से संतुष्ट नहीं दिखे और दोहरे शतक से चूकने की निराशा उनके चेहरे पर नजर आई। हालांकि उनकी पारी ने भारत ए के लिए दूसरी पारी में मजबूत आधार तैयार कर दिया।

    दूसरी पारी में भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल केवल पांच रन बनाकर आउट हो गए जबकि केएल राहुल भी चार रन ही बना सके। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से टीम पर दबाव बढ़ गया था। ऐसे समय में पडिक्कल ने साई सुदर्शन के साथ मिलकर पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ए के गेंदबाजों का सामना किया और तीसरे विकेट के लिए 340 गेंदों पर 215 रन की शानदार साझेदारी निभाई।

    साई सुदर्शन ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 184 गेंदों में 91 रन बनाए। उनकी पारी में 12 चौके शामिल रहे। पडिक्कल और सुदर्शन की साझेदारी ने भारत ए को शुरुआती झटकों से उबरने में मदद की। सुदर्शन के आउट होने के बाद कप्तान ध्रुव जुरेल भी ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके और केवल दो रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बावजूद पडिक्कल ने एक छोर संभाले रखा और रन बनाने का सिलसिला जारी रखा।

    इसके बाद पडिक्कल को यश राठौड़ का साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर उपयोगी साझेदारी की और स्कोर को आगे बढ़ाया। यश राठौड़ ने भी जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक पूरा किया। टी ब्रेक तक भारत ए ने दूसरी पारी में पांच विकेट के नुकसान पर 377 रन बना लिए थे। यश राठौड़ 66 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे जबकि वॉशिंगटन सुंदर दो रन बनाकर उनका साथ दे रहे थे। इस समय भारत ए की कुल बढ़त 173 रन तक पहुंच चुकी थी और उसके पांच विकेट शेष थे।

    मैच की पहली पारी में भारत ए की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई थी और पूरी टीम केवल 113 रन बना सकी थी। इसके जवाब में न्यूजीलैंड ए ने 317 रन बनाकर 204 रन की अहम बढ़त हासिल कर ली थी। ऐसे में दूसरी पारी में पडिक्कल की शानदार बल्लेबाजी भारत ए के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई। उनकी पारी ने न केवल टीम को संकट से बाहर निकालने में मदद की बल्कि मुकाबले में वापसी की उम्मीद भी जगा दी।

    हालांकि पडिक्कल अपने दोहरे शतक से चूक गए लेकिन 199 रन की उनकी पारी इस मुकाबले की सबसे अहम पारियों में शामिल हो गई। अब भारत ए की कोशिश अपनी बढ़त को और मजबूत करने की होगी ताकि न्यूजीलैंड ए के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा जा सके।

  • भारत की जीत की तैयारी के बीच झटका, ईशान किशन तीसरे टी20 से बाहर, प्लेइंग इलेवन में किसे मिलेगा मौका?

    भारत की जीत की तैयारी के बीच झटका, ईशान किशन तीसरे टी20 से बाहर, प्लेइंग इलेवन में किसे मिलेगा मौका?


    नई दिल्ली । न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन कर रही भारतीय टीम को तीसरे मुकाबले से पहले झटका लगा है। विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन चोट के कारण 27 अक्टूबर को वेलिंगटन में होने वाले तीसरे टी20 मैच में भी नहीं खेल पाएंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने उनकी फिटनेस को लेकर जानकारी साझा करते हुए बताया कि ईशान चोट से उबर रहे हैं लेकिन अभी मैच खेलने के लिए पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं। उनकी गैरमौजूदगी में टीम प्रबंधन को प्लेइंग इलेवन के संयोजन पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है।

    बीसीसीआई के मुताबिक ईशान किशन को न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के दौरान दाहिनी जांघ में हल्की चोट लगी थी। मेडिकल भाषा में इसे लो ग्रेड एडडक्टर स्ट्रेन बताया गया है। चोट के बाद से उनकी रिकवरी पर लगातार नजर रखी जा रही है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ईशान की स्थिति में सुधार हो रहा है लेकिन तीसरे मुकाबले तक उनके पूरी तरह फिट होने की संभावना नहीं है। बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी प्रगति पर नजर बनाए हुए है। विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार कुशाग्र को भी तीसरे टी20 के लिए टीम के साथ बनाए रखा गया है।

    ईशान किशन की चोट के कारण दूसरे टी20 मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था। उन्हें नंबर तीन पर बल्लेबाजी का मौका मिला लेकिन वह इस अवसर को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। वैभव आठ गेंदों पर चार रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके बावजूद उनकी प्रतिभा और आक्रामक बल्लेबाजी को देखते हुए टीम प्रबंधन उन्हें एक और मौका दे सकता है। यदि ईशान तीसरे मैच में उपलब्ध नहीं रहते हैं तो वैभव के पास अपनी उपयोगिता साबित करने का अवसर होगा। हालांकि अंतिम प्लेइंग इलेवन का फैसला टीम प्रबंधन ही करेगा।

    दूसरे टी20 में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड के 181 रन के लक्ष्य को छह विकेट खोकर हासिल कर लिया था। भारत ने यह लक्ष्य मैच की आखिरी से पहले वाली गेंद पर पूरा किया। इस जीत में बल्लेबाजों ने अहम भूमिका निभाई और दबाव के बीच टीम को मुकाबले में बनाए रखा। तिलक वर्मा ने सिर्फ 26 गेंदों पर 51 रन की आक्रामक पारी खेलकर भारतीय पारी को मजबूती दी। उनकी बल्लेबाजी ने रन गति बढ़ाने के साथ टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाने में मदद की।

    नमन धीर ने भी 17 गेंदों पर 31 रन बनाकर उपयोगी योगदान दिया। वहीं नीतीश कुमार रेड्डी ने 13 गेंदों पर नाबाद 26 रन बनाते हुए टीम को जीत तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। भारतीय बल्लेबाजों के इस प्रदर्शन से टीम ने पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। अब तीसरे मुकाबले में भारत की कोशिश जीत हासिल कर सीरीज पर अपनी पकड़ और मजबूत करने की होगी।

    ईशान किशन की गैरमौजूदगी टीम के लिए चुनौती जरूर है लेकिन भारतीय टीम के पास बल्लेबाजी में कई विकल्प मौजूद हैं। युवा खिलाड़ियों के लिए यह खुद को साबित करने का मौका भी है। दूसरी ओर न्यूजीलैंड की टीम वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। ऐसे में तीसरा टी20 मुकाबला दोनों टीमों के लिए अहम रहने वाला है। भारतीय प्रशंसकों की नजरें ईशान की रिकवरी के साथ इस बात पर भी रहेंगी कि टीम प्रबंधन उनकी जगह किस खिलाड़ी को अंतिम एकादश में शामिल करता है।

  • WPL 2027 मिनी ऑक्शन में इन 5 खिलाड़ियों पर बरस सकता है करोड़ों का खजाना, दो भारतीय सितारों पर भी रहेंगी नजरें

    WPL 2027 मिनी ऑक्शन में इन 5 खिलाड़ियों पर बरस सकता है करोड़ों का खजाना, दो भारतीय सितारों पर भी रहेंगी नजरें


    नई दिल्ली । महिला प्रीमियर लीग यानी WPL 2027 के मिनी ऑक्शन को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों और फ्रेंचाइजियों की नजरें पांच खिलाड़ियों पर टिक सकती हैं। 28 अक्टूबर को कोच्चि में होने वाली नीलामी में कई ऐसी खिलाड़ी शामिल हैं जो अपनी बल्लेबाजी गेंदबाजी और ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर टीमों की जरूरत पूरी कर सकती हैं। इस बार नीलामी के लिए कुल 146 खिलाड़ियों के नाम शामिल हैं जिनमें 119 भारतीय और 27 विदेशी खिलाड़ी हैं। ऐसे में टीमों के पास अपनी कमजोरियों को दूर करने और मजबूत संयोजन तैयार करने का मौका होगा। पांच खिलाड़ियों में इंग्लैंड की सोफिया डंकले ऑस्ट्रेलिया की सोफी मोलिनक्स श्रीलंका की चमारी अटापट्टू और भारत की स्नेह राणा तथा जी कमलिनी के नाम चर्चा में हैं।

    इंग्लैंड की विस्फोटक बल्लेबाज सोफिया डंकले नीलामी में आकर्षण का बड़ा केंद्र बन सकती हैं। वह आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जानी जाती हैं और तेजी से रन बनाकर मैच का रुख बदलने की क्षमता रखती हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने इंग्लैंड के लिए 81 मैचों में 123 के स्ट्राइक रेट से 1463 रन बनाए हैं। उनके खाते में सात अर्धशतक भी दर्ज हैं। डंकले ने अपना बेस प्राइस 50 लाख रुपये रखा है। उनकी बल्लेबाजी शैली को देखते हुए ऐसी फ्रेंचाइजियां उन्हें निशाना बना सकती हैं जिन्हें शीर्ष क्रम में तेज शुरुआत देने वाली बल्लेबाज की जरूरत है।

    ऑस्ट्रेलिया की सोफी मोलिनक्स भी नीलामी में बड़ी बोली हासिल करने की दावेदार मानी जा रही हैं। वह बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी से बल्लेबाजों को परेशान करने की क्षमता रखती हैं। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर निचले क्रम में उपयोगी रन बनाने का हुनर भी उनमें है। मोलिनक्स का बेस प्राइस 50 लाख रुपये है। टी20 प्रारूप में गेंद और बल्ले दोनों से योगदान देने वाली खिलाड़ी टीम के संतुलन को बेहतर बना सकती हैं। इसी वजह से उनकी सेवाएं हासिल करने के लिए फ्रेंचाइजियों के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है।

    श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू भी इस सूची में अहम नाम हैं। वह आक्रामक सलामी बल्लेबाज होने के साथ उपयोगी गेंदबाजी भी कर सकती हैं। पावरप्ले में तेजी से रन बनाना और विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव डालना उनकी बल्लेबाजी की खासियत है। उनके अनुभव और ऑलराउंड क्षमता को देखते हुए कई टीमें उन्हें अपने दल में शामिल करने में रुचि दिखा सकती हैं। हालांकि अंतिम बोली का स्तर फ्रेंचाइजियों की जरूरत और नीलामी के दौरान प्रतिस्पर्धा पर निर्भर करेगा।

    भारतीय खिलाड़ियों में स्नेह राणा पर खास नजरें रहेंगी। दिल्ली कैपिटल्स द्वारा रिलीज किए जाने के बाद वह इस बार नीलामी में उतरेंगी। भारतीय परिस्थितियों में उनकी स्पिन गेंदबाजी टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। वह निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए तेजी से रन बनाने की क्षमता भी रखती हैं। स्नेह राणा का बेस प्राइस 30 लाख रुपये है। गेंदबाजी में विकल्प और निचले क्रम में मजबूती तलाश रही टीमें उन्हें खरीदने की कोशिश कर सकती हैं।

    भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज जी कमलिनी भी फ्रेंचाइजियों की पसंद बन सकती हैं। 18 साल की उम्र में उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से ध्यान खींचा है। मुंबई इंडियंस द्वारा रिलीज किए जाने के बाद वह मिनी ऑक्शन में उपलब्ध होंगी। कमलिनी विकेटकीपिंग की जरूरत पूरी करने के साथ बल्लेबाजी क्रम में भी योगदान दे सकती हैं। युवा उम्र और आक्रामक अंदाज उन्हें भविष्य को ध्यान में रखकर टीम तैयार करने वाली फ्रेंचाइजियों के लिए आकर्षक विकल्प बना सकते हैं।

    कुल मिलाकर WPL 2027 का मिनी ऑक्शन टीमों के लिए अपनी रणनीति को नए सिरे से मजबूत करने का मौका होगा। सोफिया डंकले की आक्रामक बल्लेबाजी सोफी मोलिनक्स और चमारी अटापट्टू की ऑलराउंड क्षमता तथा स्नेह राणा और जी कमलिनी की उपयोगिता नीलामी को दिलचस्प बना सकती है। हालांकि इन खिलाड़ियों पर कितनी बड़ी बोली लगेगी यह नीलामी के दिन ही साफ होगा।

  • शादाब खान और हारिस रऊफ ने आखिरी विकेट पर रचा इतिहास, इंग्लैंड को हराकर पाकिस्तान ने ट्राई सीरीज के फाइनल में बनाई जगह

    शादाब खान और हारिस रऊफ ने आखिरी विकेट पर रचा इतिहास, इंग्लैंड को हराकर पाकिस्तान ने ट्राई सीरीज के फाइनल में बनाई जगह

    नई दिल्ली ।पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच 25 अक्टूबर को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए वनडे ट्राई सीरीज के मुकाबले में रोमांचक नतीजा देखने को मिला। एक समय पाकिस्तान की टीम हार के बेहद करीब पहुंच गई थी, लेकिन शादाब खान और हारिस रऊफ ने आखिरी विकेट के लिए शानदार साझेदारी कर मैच का रुख बदल दिया। पाकिस्तान ने नौ विकेट गंवाने के बाद भी लक्ष्य हासिल करते हुए इंग्लैंड को एक विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ पाकिस्तानी टीम ने ट्राई सीरीज के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

    लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की पारी लड़खड़ा गई थी। टीम ने 154 रन तक अपने नौ विकेट गंवा दिए थे और जीत के लिए अभी 88 रन बनाने बाकी थे। इंग्लैंड को मुकाबला जीतने के लिए केवल एक विकेट की जरूरत थी। ऐसे मुश्किल समय में शादाब खान ने जिम्मेदारी संभाली और दूसरे छोर पर मौजूद हारिस रऊफ के साथ मिलकर इंग्लैंड की जीत की उम्मीदों को झटका दिया।

    शादाब खान ने 96 गेंदों पर नाबाद 113 रन की पारी खेली। उनकी इस पारी में 13 चौके और पांच छक्के शामिल रहे। यह शादाब का पहला वनडे शतक था। उन्होंने दबाव के बीच आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान को लक्ष्य के करीब पहुंचाया। दूसरी ओर, 11वें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे हारिस रऊफ ने सात रन बनाकर उनका साथ दिया। रऊफ ने विकेट बचाए रखा, जिससे शादाब को अपना स्वाभाविक खेल जारी रखने का मौका मिला।

    दोनों बल्लेबाजों ने दसवें विकेट के लिए नाबाद 89 रन जोड़े। उनकी साझेदारी ने पाकिस्तान को 17 गेंद शेष रहते जीत दिला दी। आखिरी समय तक इंग्लैंड की टीम विकेट हासिल करने की कोशिश करती रही, लेकिन पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने संयम बनाए रखा। अंत में हारिस रऊफ ने चौका लगाकर टीम को यादगार जीत दिलाई।

    दसवें विकेट की साझेदारी में बनाया रिकॉर्ड

    शादाब खान और हारिस रऊफ की नाबाद 89 रन की साझेदारी सफल वनडे रनचेज में दसवें विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी बन गई। इससे पहले यह रिकॉर्ड डेरिक मरे और एंडी रॉबर्ट्स के नाम था। दोनों ने 1975 के विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 64 रन जोड़े थे। शादाब और रऊफ ने इस उपलब्धि को पीछे छोड़ते हुए वनडे क्रिकेट में नया रिकॉर्ड कायम किया।

    शाहीन आफरीदी की गेंदबाजी ने भी निभाई अहम भूमिका

    इससे पहले पाकिस्तान के कप्तान शाहीन शाह आफरीदी ने गेंदबाजी में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने 46 रन देकर चार विकेट हासिल किए और इंग्लैंड की पारी को 241 रन पर समेटने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वनडे क्रिकेट में पदार्पण करने वाले रजाउल्लाह ने भी दो विकेट लिए।

    इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम ने केवल 19 रन के स्कोर तक तीन विकेट गंवा दिए। इसके बाद बेन डकेट ने 111 गेंदों पर 105 रन बनाकर पारी को संभाला। सैम करन ने 42 रन बनाए। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी हुई, जिसने इंग्लैंड को शुरुआती झटकों से उबरने में मदद की। अंत में गस एटकिंसन ने नाबाद 36 रन बनाकर टीम का स्कोर 241 रन तक पहुंचाया।

    हालांकि, इंग्लैंड का यह स्कोर जीत के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुआ। पाकिस्तान ने शुरुआती विकेट गंवाने के बावजूद आखिरी जोड़ी के दम पर मुकाबला अपने नाम कर लिया। शादाब खान के शतक और हारिस रऊफ के सहयोग ने न केवल पाकिस्तान को जीत दिलाई, बल्कि टीम को ट्राई सीरीज के फाइनल में पहुंचाने में भी निर्णायक भूमिका निभाई।

  • टी20 फार्मेट में टीम इंडिया की बड़ी उपलब्धि….. 200 मैच जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बनी

    टी20 फार्मेट में टीम इंडिया की बड़ी उपलब्धि….. 200 मैच जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बनी


    नई दिल्ली।
    सर्वाधिक बार टी20 विश्व कप (Most T20 World Cup Wins) अपने नाम कर चुकी भारतीय टीम (Indian Team) का खेल के सबसे छोटे प्रारूप में दबदबा है। भारत पाकिस्तान (Pakistan) के बाद महज दूसरी टीम है जिसने टी20 में 300 मैच खेले हैं। भारतीय टीम फिलहाल न्यूजीलैंड दौरे (New Zealand tour) पर है जहां उसे तीनों प्रारूप की सीरीज खेलनी है। भारत ने पांच मैचों की टी20 सीरीज के शुरुआती दो मुकाबले जीतकर बढ़त बना ली है। क्राइस्टचर्च में खेला गया दूसरा टी20 तो भारत के लिए कई मायनों में यादगार रहा है। आइए जानते हैं न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में जीत के साथ ही भारत ने टी20 में ऐसा कौन सा मुकाम हासिल कर लिया जो अब तक दुनिया की कोई अन्य टीम नहीं कर सकी है।


    भारत के लिए क्यों खास रही क्राइस्टचर्च की जीत

    भारत का यह टी20 में 300वां मुकाबला था और टीम ने इसमें रोमांचक जीत दर्ज की। मुकाबले में भारत ने 181 रन के लक्ष्य को 19.5 ओवर में छह विकेट खोकर हासिल कर लिया। तिलक वर्मा ने नाबाद अर्धशतकीय पारी खेलकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई, जबकि नमन धीर और नीतीश कुमार रेड्डी ने भी उपयोगी पारियां खेलीं। इसके साथ ही टीम इंडिया ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी 200वीं जीत भी दर्ज कर ली। इस आंकड़े में केवल सामान्य जीत यानी निर्धारित खेल के आधार पर मिली जीत शामिल हैं। भारत इस प्रारूप में 200 मैच जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई है। भारत से पहले टी20 में अब तक कोई ऐसा नहीं कर सका है। भारत की उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि टीम ने सामान्य जीत के अलावा सुपर ओवर में पांच मुकाबले जीते हैं। इसके अलावा 2007 में पाकिस्तान के खिलाफ बॉल-आउट के जरिए भी भारत को जीत मिली थी। नवंबर 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक मुकाबला बारिश के कारण टाई रहा था।

    भारत ने 2006 से 2026 के बीच अब तक 300 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं, जिनमें टीम को 200 मैचों में जीत मिली है। इस सूची में पाकिस्तान दूसरे स्थान पर है। पाकिस्तान ने 304 मुकाबलों में 176 जीत दर्ज की हैं। न्यूजीलैंड 135 जीत के साथ तीसरे स्थान पर है, जबकि दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड क्रमशः 129 और 128 जीत के साथ चौथे और पांचवें स्थान पर हैं। पाकिस्तान ने भले ही भारत के मुकाबले ज्यादा टी20 मैच खेले हैं, लेकिन सर्वाधिक जीत भारत ने ही दर्ज की है।


    विरोधी टीमों के खिलाफ कैसा है भारत का रिकॉर्ड

    टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत का रिकॉर्ड लगभग हर टीम के खिलाफ मजबूत रहा है। ऑस्ट्रेलिया, वेस्टइंडीज और श्रीलंका के खिलाफ भारतीय टीम ने 22-22 मुकाबलों में जीत हासिल की है। वहीं, न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत ने 33 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, जिनमें 19 में जीत मिली है और 11 में हार का सामना करना पड़ा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत ने सुपर ओवर में भी दो जीत दर्ज की हैं। भारत दुनिया की ऐसी टीम है, जिसका टी20 अंतरराष्ट्रीय में अब तक सामना की गई हर टीम के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड सकारात्मक है। बांग्लादेश के खिलाफ भारत ने 18 में से 17 मैच जीते हैं, जबकि अफगानिस्तान के खिलाफ 12 मुकाबलों में उसे एक भी हार नहीं मिली है।


    इस साल टी20 में कैसा रहा प्रदर्शन?

    मौजूदा कैलेंडर वर्ष 2026 में भारतीय टीम ने अब तक 37 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं, जिनमें 25 मैचों में जीत हासिल की है। भारत के लिए मौजूदा साल यादगार रहा है क्योंकि इस साल की शुरुआत में ही भारत ने टी20 विश्व कप के खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया था। साल के अंत तक भारतीय टीम को छह और टी20 मुकाबले खेलने हैं। इनमें न्यूजीलैंड के खिलाफ उसकी सरजमीं पर पांच मैचों की टी20 सीरीज के शेष तीन मैच और श्रीलंका के खिलाफ घरेलू मैदान पर तीन मैच शामिल हैं। ऐसे में भारतीय टीम के पास अपनी जीत की संख्या और बढ़ाने का मौका होगा। न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार दो जीत के साथ सीरीज अपने नाम करने के करीब पहुंची टीम इंडिया अब मंगलवार को होने वाले तीसरे मुकाबले में भी जीत दर्ज कर क्लीन स्वीप करने के इरादे से उतरेगी।


  • हरभजन सिंह ने बताया जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बोले बच्चे को गोद में लेकर समझ आया असली खुशी का मतलब

    हरभजन सिंह ने बताया जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बोले बच्चे को गोद में लेकर समझ आया असली खुशी का मतलब


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह ने अपनी जिंदगी के सबसे बड़े बदलाव को लेकर भावुक खुलासा किया है। मैदान पर आक्रामक तेवर और विरोधी बल्लेबाजों को अपनी फिरकी में उलझाने के लिए मशहूर रहे भज्जी ने बताया कि पिता बनने के बाद उनकी सोच और स्वभाव में बड़ा बदलाव आया। प्रखर गुप्ता के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पैसा शोहरत और कामयाबी से बढ़कर परिवार होता है। उनके मुताबिक जिंदगी में कई चीजें अस्थायी होती हैं लेकिन परिवार का प्यार और साथ ही इंसान की सबसे बड़ी पूंजी है। बेटी के जन्म के बाद उन्हें इस बात का गहराई से एहसास हुआ कि जीवन की असली खुशी आखिर किसमें छिपी है।

    बेटी के जन्म ने बदल दिया भज्जी का स्वभाव

    हरभजन सिंह ने बातचीत में बताया कि क्रिकेट के मैदान पर उनका अंदाज हमेशा आक्रामक रहा। वह हर मुकाबले में जीत के लिए पूरी ताकत लगाते थे और बल्लेबाजों को आउट करने के लिए लगातार रणनीति बनाते रहते थे। मैदान के बाहर भी वह दोस्तों के साथ हंसी मजाक और मस्ती करने वाले इंसान रहे हैं। लेकिन पिता बनने के बाद उनकी जिंदगी में ऐसा बदलाव आया जिसने उन्हें भीतर से शांत कर दिया।

    भज्जी ने बताया कि जब उनकी बेटी का जन्म हुआ तो उनके सोचने का तरीका बदल गया। उन्हें महसूस हुआ कि अब जिंदगी में सबसे महत्वपूर्ण चीज उनका परिवार है। उनकी बेटी बेटा पत्नी मां और बहनें ही उनकी दुनिया हैं। इसके आगे उन्हें पैसा शोहरत और दूसरी उपलब्धियां छोटी लगने लगीं। उनके मुताबिक एक छोटे से बच्चे को अपनी बाहों में थामने का अनुभव इंसान को जिंदगी की असली अहमियत समझा देता है।

    पैसा और शोहरत नहीं परिवार है असली दौलत

    हरभजन सिंह ने कहा कि इंसान अपने जीवन में पैसा कमाने और पहचान बनाने के लिए लगातार मेहनत करता है। सफलता हासिल करना जरूरी है लेकिन इसके लिए परिवार और रिश्तों को नजरअंदाज करना सही नहीं है। उन्होंने अपने अनुभव से बताया कि पैसा शोहरत और कामकाज जिंदगी के अस्थायी हिस्से हैं जबकि अपनों का साथ सबसे ज्यादा मायने रखता है।

    उनकी यह बात उन लोगों के लिए भी एक संदेश है जो करियर और काम की भागदौड़ में परिवार को समय नहीं दे पाते। भज्जी का मानना है कि जीवन की असली खुशी उन रिश्तों में होती है जो मुश्किल समय में भी इंसान के साथ खड़े रहते हैं। पिता बनने के बाद उनके भीतर आया बदलाव इस बात का उदाहरण है कि परिवार की जिम्मेदारी इंसान को जिंदगी के प्रति नया नजरिया दे सकती है।

    क्रिकेट के प्रति आज भी कायम है जुनून

    हरभजन सिंह ने अपने क्रिकेट करियर के अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि वह खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि उन्हें ऐसे दौर में खेलने का मौका मिला जब बल्ले और गेंद के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती थी। भारतीय क्रिकेट में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है और उनकी आक्रामक गेंदबाजी ने कई मौकों पर टीम को सफलता दिलाई।

    उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लेजेंड्स यानी WCL में दोबारा मैदान पर उतरने के अनुभव को भी साझा किया। भज्जी ने माना कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर पहले जैसा साथ नहीं देता। घुटनों में भी पहले जैसी ताकत नहीं रही और मैदान पर खेलना पहले की तुलना में मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद क्रिकेट के प्रति उनका जुनून कम नहीं हुआ है।

    शरीर की उम्र बढ़ी लेकिन दिमाग आज भी युवा

    हरभजन सिंह ने मजाकिया अंदाज में कहा कि जब वह दोबारा मैदान पर उतरते हैं तो शरीर भले ही उम्र के अगले पड़ाव पर पहुंच चुका हो लेकिन उनका दिमाग आज भी 20 साल के युवा खिलाड़ी की तरह सोचता है। वह मैदान पर पहुंचते ही बल्लेबाज को आउट करने के तरीके तलाशने लगते हैं। उनका यह बयान बताता है कि क्रिकेट उनके लिए केवल पेशा नहीं बल्कि जुनून भी है।

    हरभजन सिंह की इस बातचीत में जिंदगी के दो महत्वपूर्ण पहलू सामने आते हैं। एक तरफ क्रिकेट के प्रति उनका अटूट प्रेम है तो दूसरी तरफ परिवार के प्रति उनकी गहरी भावनाएं हैं। बेटी के जन्म ने उन्हें यह एहसास कराया कि असली सफलता केवल मैदान पर जीत हासिल करने या शोहरत कमाने में नहीं बल्कि अपनों के साथ खुशहाल जिंदगी जीने में है।

  • टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली टीम पाकिस्तान, भारत 300 मुकाबलों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंचा

    टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली टीम पाकिस्तान, भारत 300 मुकाबलों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंचा

    नई दिल्ली ।टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में मैदान पर उतरते ही भारतीय टीम ने इस प्रारूप में अपने 300 मैच पूरे कर लिए। इसके साथ ही भारत, पाकिस्तान के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 300 या उससे अधिक मुकाबले खेलने वाली दुनिया की दूसरी टीम बन गया। हालांकि, सर्वाधिक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के मामले में पाकिस्तान अब भी शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। भारत ने तीन बार टी20 विश्व कप का खिताब जीता है, लेकिन मैचों की संख्या के लिहाज से वह पाकिस्तान से पीछे है।

    क्राइस्टचर्च के हेग्ले ओवल मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला गया दूसरा टी20 मुकाबला भारतीय टीम के लिए इस लिहाज से खास रहा। इस मैच के साथ भारत ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 300 मुकाबले खेलने का आंकड़ा छुआ। पिछले वर्षों में द्विपक्षीय सीरीज, टी20 विश्व कप और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के कारण इस प्रारूप में भारत के मैचों की संख्या लगातार बढ़ी है। टी20 क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय टीमें भी इस प्रारूप में अधिक मुकाबले खेल रही हैं।

    उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान ने अब तक 304 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और वह इस सूची में पहले स्थान पर है। भारत 300 मुकाबलों के साथ दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। न्यूजीलैंड 269 मैचों के साथ तीसरे स्थान पर है। इसके बाद वेस्टइंडीज का नंबर आता है, जिसने 260 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। श्रीलंका 243 मैचों के साथ इस सूची में पांचवें स्थान पर है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एशियाई टीमों के साथ-साथ अन्य प्रमुख क्रिकेट देशों की भी लंबी भागीदारी रही है।

    मैचों की कुल संख्या के अलावा भारत का जीत का रिकॉर्ड भी उल्लेखनीय है। 300 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारतीय टीम ने 200 मैच जीते हैं। उसे 83 मैचों में हार का सामना करना पड़ा, जबकि सात मुकाबले टाई रहे और 10 मैचों का कोई परिणाम नहीं निकल सका। इस तरह भारत ने इस प्रारूप में जीत का दोहरा शतक पूरा कर लिया है। टीम के प्रदर्शन में बल्लेबाजी और गेंदबाजी के योगदान के साथ लंबे समय तक निरंतरता बनाए रखना भी अहम रहा है।

    दूसरी ओर, पाकिस्तान ने अपने 304 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से 176 में जीत दर्ज की है। उसे 116 मुकाबलों में हार मिली, जबकि चार मैच टाई रहे और आठ मुकाबलों का कोई नतीजा नहीं निकला। भारत और पाकिस्तान के आंकड़ों की तुलना करने पर जीत की संख्या में भारतीय टीम आगे दिखाई देती है। भारत ने पाकिस्तान से चार मैच कम खेले हैं, लेकिन उसकी जीत की संख्या 200 है, जबकि पाकिस्तान की जीत 176 है।

    टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के विस्तार में द्विपक्षीय सीरीज और आईसीसी टूर्नामेंट की अहम भूमिका रही है। इस प्रारूप में कम समय में परिणाम मिलने के कारण दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ी है। भारत ने भी लगातार अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में हिस्सा लेकर अपने मैचों की संख्या 300 तक पहुंचाई है। टी20 विश्व कप में टीम की सफलता ने इस प्रारूप में भारतीय क्रिकेट की पहचान को और मजबूत किया है।

    भारत का 300 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों तक पहुंचना उसके क्रिकेट कार्यक्रम में इस प्रारूप की अहमियत को दर्शाता है। पाकिस्तान फिलहाल सर्वाधिक मुकाबले खेलने वाली टीम है, लेकिन भारत ने जीत की संख्या के मामले में मजबूत रिकॉर्ड बनाया है। आने वाले समय में दोनों टीमों के मैचों की संख्या में बदलाव हो सकता है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में टी20 मुकाबले लगातार खेले जा रहे हैं।