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  • धोनी को लेकर सस्पेंस खत्म! IPL 2026 में सभी मैच खेलेंगे, रोल तय करेगा मैनेजमेंट

    धोनी को लेकर सस्पेंस खत्म! IPL 2026 में सभी मैच खेलेंगे, रोल तय करेगा मैनेजमेंट


    नई दिल्ली। Chennai Super Kings (सीएसके) के पूर्व कप्तान MS Dhoni को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। टीम के सीईओ Kasi Viswanathan ने संकेत दिया है कि धोनी आगामी Indian Premier League 2026 सीजन में सभी मैच खेल सकते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि मैदान पर धोनी की सटीक भूमिका क्या होगी, इसका अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट और क्रिकेट स्टाफ ही करेगा। सीएसके प्रशंसकों के लिए यह खबर खास मायने रखती है, क्योंकि लंबे समय से धोनी के भविष्य को लेकर चर्चाएं चल रही थीं।

    रोल पर टीम मैनेजमेंट करेगा फैसला
    धोनी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों पर कासी विश्वनाथन ने कहा कि यह पूरी तरह क्रिकेट से जुड़ा फैसला है और इसे प्रशासनिक स्टाफ नहीं बल्कि टीम का क्रिकेट मैनेजमेंट तय करेगा। उन्होंने कहा कि यह तय किया जाएगा कि धोनी टीम में केवल बल्लेबाज के तौर पर खेलेंगे, विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में मैदान में उतरेंगे या फिर जरूरत पड़ने पर इम्पैक्ट प्लेयर की भूमिका निभाएंगे। उनके अनुसार यह निर्णय टीम की रणनीति और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।

    संजू सैमसन के आने से बढ़ी संभावनाएं
    सीएसके ने इस बार अपनी टीम में Sanju Samson को शामिल किया है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि टीम चाहे तो संजू सैमसन विकेटकीपर की भूमिका निभा सकते हैं और धोनी बल्लेबाज या इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में मैदान पर उतर सकते हैं। यह संयोजन टीम को रणनीतिक रूप से अधिक लचीला बना सकता है और युवा तथा अनुभवी खिलाड़ियों के बीच संतुलन भी बनाए रख सकता है।

    विश्व कप जीत में सीएसके खिलाड़ियों की भूमिका
    कासी विश्वनाथन ने हाल ही में समाप्त हुए ICC Men’s T20 World Cup 2026 में भारत की जीत पर भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया की इस सफलता में सीएसके के खिलाड़ियों का योगदान देखना गर्व की बात है। विशेष रूप से Sanju Samson और Shivam Dube के प्रदर्शन की उन्होंने जमकर सराहना की।

    बैक-टू-बैक विश्व कप जीत पर खुशी
    सीएसके सीईओ ने कहा, “हमें बहुत खुशी है कि भारत ने लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप जीता है। यह हमारे लिए इसलिए भी खास है क्योंकि हमारी टीम के दो खिलाड़ी संजू और शिवम दुबे ने शानदार प्रदर्शन किया है। इससे हमें विश्वास मिलता है कि वे आईपीएल में भी इसी तरह का प्रदर्शन करेंगे।”

    आईपीएल 2026 की तैयारी शुरू
    Indian Premier League 2026 का नया सीजन 28 मार्च से शुरू होने वाला है। टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सभी 10 फ्रेंचाइजी ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। हाल ही में टी20 विश्व कप खेलने वाले खिलाड़ी भी जल्द ही अपनी-अपनी टीमों के साथ जुड़ने वाले हैं, जिससे टीमों की रणनीति और अभ्यास को अंतिम रूप दिया जा सके।

    अभ्यास शिविर में सब कुछ सामान्य
    सीएसके के प्रशिक्षण शिविर को लेकर भी कासी विश्वनाथन ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि टीम का अभ्यास अच्छी तरह चल रहा है और अभी तक किसी प्रकार की समस्या सामने नहीं आई है। खिलाड़ियों की फिटनेस और तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि सीजन की शुरुआत से ही टीम बेहतर प्रदर्शन कर सके।

    शेड्यूल का इंतजार
    आईपीएल 2026 के मुकाबलों का पूरा शेड्यूल जल्द ही घोषित होने की संभावना है। रिपोर्ट्स के अनुसार टूर्नामेंट का कार्यक्रम गुरुवार को जारी किया जा सकता है। शेड्यूल जारी होने के बाद टीमों को अपने मुकाबलों और रणनीति को लेकर अधिक स्पष्टता मिल जाएगी।

    फैंस की नजर धोनी पर
    इस बीच सीएसके के प्रशंसकों की नजर एक बार फिर MS Dhoni पर टिकी हुई है। धोनी लंबे समय से टीम के सबसे अनुभवी और लोकप्रिय खिलाड़ी रहे हैं। ऐसे में यदि वे आईपीएल 2026 में सभी मैच खेलते हैं, तो यह सीजन उनके फैंस के लिए और भी खास बन सकता है।

  • खेलों में बड़े लक्ष्य की तैयारी, कॉमनवेल्थ 2030 के साथ ओलंपिक पर भी नजर: अनुराग ठाकुर

    खेलों में बड़े लक्ष्य की तैयारी, कॉमनवेल्थ 2030 के साथ ओलंपिक पर भी नजर: अनुराग ठाकुर


    नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के सांसद और पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री Anurag Thakur का कहना है कि भारत आने वाले वर्षों में बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए तेजी से तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश न केवल Commonwealth Games 2030 का आयोजन भव्य स्तर पर करने की तैयारी कर रहा है, बल्कि Summer Olympics 2036 की मेजबानी का अधिकार हासिल करने की दिशा में भी गंभीरता से प्रयास कर रहा है। ठाकुर के अनुसार भारत की खेल संरचना, बुनियादी ढांचे और आयोजन क्षमता में लगातार सुधार हो रहा है, जिससे बड़े वैश्विक आयोजनों की मेजबानी का रास्ता मजबूत हुआ है।

    अहमदाबाद केंद्रित होगा कॉमनवेल्थ गेम्स 2030
    भारत को पिछले साल नवंबर में 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी सौंपी गई थी। यह आयोजन मुख्य रूप से Ahmedabad में केंद्रित होगा। भारत ने इस आयोजन के लिए एक व्यापक और आधुनिक विजन पेश किया है, जो Commonwealth Games 2026 की मेजबानी कर रहे Glasgow द्वारा बनाई जा रही बुनियादी तैयारियों को आगे बढ़ाने का काम करेगा। सरकार और राज्य प्रशासन इस आयोजन को विश्वस्तरीय बनाने के लिए बुनियादी ढांचे, खेल सुविधाओं और आयोजन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।

    लगातार बढ़ रही आयोजन क्षमता
    आईएएनएस से बातचीत में अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत में खेल आयोजनों का स्तर लगातार बेहतर होता जा रहा है। उन्होंने कहा, “भारत में स्पोर्टिंग इवेंट्स का आयोजन पहले से कहीं बड़ा और बेहतर हो रहा है। 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स भी बड़े पैमाने पर आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही हम 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी पूरी तैयारी कर रहे हैं।” उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी का अधिकार भी मिल सकता है, जिससे देश को एक के बाद एक बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने का अवसर मिलेगा।

    तैयारियों पर चल रहा व्यापक काम
    पिछले वर्ष गुजरात सरकार में पोर्ट्स और ट्रांसपोर्ट के प्रधान सचिव Ashwini Kumar ने भी कहा था कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियां बेहद व्यवस्थित और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाई जा रही हैं। राज्य सरकार और केंद्र के सहयोग से एक मजबूत टीम इन तैयारियों को आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों के अनुसार 2028 के अंत तक या 2029 की शुरुआत तक अधिकांश बड़ी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी, ताकि आयोजन से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रहें।

    2010 कॉमनवेल्थ गेम्स का भी किया जिक्र
    अनुराग ठाकुर ने बातचीत के दौरान 2010 Commonwealth Games का भी जिक्र किया, जो New Delhi में आयोजित हुए थे। उन्होंने कहा कि उस समय आयोजन भ्रष्टाचार के आरोपों से प्रभावित रहा था। ठाकुर के अनुसार वर्तमान सरकार पारदर्शिता और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ बड़े खेल आयोजनों की मजबूत नींव रख रही है, जिससे भारत की वैश्विक छवि और मजबूत होगी।

    भारत का शानदार रिकॉर्ड
    भारत का कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रदर्शन भी काफी प्रभावशाली रहा है। 2010 में नई दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने 38 स्वर्ण पदक सहित कुल 101 पदक जीते थे। इनमें से 30 पदक शूटिंग से आए थे। वहीं Commonwealth Games 2022 में भारत ने 22 स्वर्ण पदकों के साथ कुल 61 पदक हासिल किए थे।

    घरेलू मैदान पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
    2030 में जब कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में आयोजित होंगे, तब भारतीय खिलाड़ियों को घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का अवसर मिलेगा। इससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन में और सुधार की उम्मीद की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू मैदान का लाभ मिलने से भारतीय दल पदक तालिका में और बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।

    खेल महाशक्ति बनने की दिशा में कदम
    अनुराग ठाकुर के अनुसार बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी भारत के लिए केवल प्रतिष्ठा का विषय नहीं है, बल्कि इससे खेल ढांचे के विकास, युवाओं को प्रेरणा और वैश्विक खेल मंच पर भारत की मजबूत उपस्थिति भी सुनिश्चित होगी। 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और संभावित 2036 ओलंपिक की मेजबानी भारत को खेल महाशक्ति बनने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।

  • टॉम लैथम की टीम में वापसी, न्यूजीलैंड ने T20 सीरीज के लिए बदली रणनीति; नए खिलाड़ियों को भी मौका

    टॉम लैथम की टीम में वापसी, न्यूजीलैंड ने T20 सीरीज के लिए बदली रणनीति; नए खिलाड़ियों को भी मौका


    नई दिल्ली। साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए New Zealand Cricket ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। इस टीम में अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज Tom Latham की वापसी हुई है और वे सीरीज के आखिरी दो मुकाबलों में टीम की कप्तानी भी संभालेंगे। वहीं शुरुआती तीन मैचों में टीम की कमान ऑलराउंडर Mitchell Santner के हाथों में रहेगी।

    यह टी20 सीरीज 15 मार्च से Mount Maunganui में शुरू होगी। लंबे समय बाद टी20 टीम में लौटे लैथम ने आखिरी बार अप्रैल 2023 में अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेला था। हाल ही में घरेलू टूर्नामेंट Super Smash में शानदार प्रदर्शन करने के बाद उन्हें फिर से टीम में जगह दी गई है। इस टूर्नामेंट में उन्होंने कैंटरबरी के लिए बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए टॉप स्कोरर बनने का गौरव हासिल किया।

    चयनकर्ता Gavin Larsen ने लैथम के चयन को सही ठहराते हुए कहा कि उनका अनुभव टीम के लिए बेहद अहम होगा। उन्होंने बताया कि लैथम न केवल बल्लेबाजी में मजबूती लाएंगे बल्कि उनकी नेतृत्व क्षमता भी टीम के लिए उपयोगी साबित होगी, खासकर आगामी व्हाइट-बॉल सीरीज को ध्यान में रखते हुए।

    टीम में इस बार तीन नए खिलाड़ियों को भी मौका दिया गया है। इनमें केटीन क्लार्क, निक केली और जेडन लेनोक्स शामिल हैं। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद इन खिलाड़ियों को पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का अवसर मिला है। केटीन क्लार्क ने सुपर स्मैश में 431 रन बनाकर खासा प्रभावित किया था और उनकी टीम नॉर्दर्न ब्रेव ने खिताब भी जीता था।

    दूसरी ओर कुछ प्रमुख खिलाड़ियों को इस सीरीज के लिए आराम दिया गया है। इनमें Rachin Ravindra, Glenn Phillips, Daryl Mitchell और Tim Seifert जैसे नाम शामिल हैं। वहीं चोट के कारण Michael Bracewell और Adam Milne को भी टीम से बाहर रखा गया है।

    दरअसल हाल ही में खत्म हुए ICC Men’s T20 World Cup और भारत दौरे के बाद खिलाड़ियों के वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए चयनकर्ताओं ने यह फैसला लिया है। अब इस सीरीज के जरिए न्यूजीलैंड नई रणनीति और नए खिलाड़ियों के साथ अपनी बेंच स्ट्रेंथ को परखने की कोशिश करेगा।

  • एसीबी का बड़ा फैसला, क्षेत्रीय तनाव के चलते टली अफगानिस्तान-श्रीलंका सीरीज

    एसीबी का बड़ा फैसला, क्षेत्रीय तनाव के चलते टली अफगानिस्तान-श्रीलंका सीरीज


    नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर भी पड़ने लगा है। Afghanistan Cricket Board (एसीबी) ने बुधवार को घोषणा की कि Afghanistan national cricket team और Sri Lanka national cricket team के बीच होने वाली द्विपक्षीय सीरीज फिलहाल स्थगित कर दी गई है। यह सीरीज 13 मार्च से संयुक्त अरब अमीरात में शुरू होने वाली थी, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उड़ानों पर लगी रोक और अन्य लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण इसे टालने का फैसला लिया गया। बोर्ड के अनुसार अब इस सीरीज के 2026 के अंत में आयोजित होने की संभावना है।

    यूएई में होना था मुकाबला
    यह सीरीज अफगानिस्तान के लिए खास होने वाली थी, क्योंकि वह पहली बार श्रीलंका की मेजबानी करने जा रहा था। मैचों का आयोजन Sharjah Cricket Stadium और Dubai International Cricket Stadium में किया जाना था। कार्यक्रम के अनुसार 13, 15 और 17 मार्च को शारजाह में तीन टी20 मैच खेले जाने थे, जबकि 20, 22 और 25 मार्च को दुबई में तीन वनडे मुकाबले निर्धारित थे। दोनों टीमों के बीच होने वाली इस सीरीज को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों में काफी उत्साह था।

    तैयारियां पूरी, लेकिन हालात बने बाधा
    एसीबी ने अपने बयान में बताया कि इस सीरीज की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई थीं। आयोजन के लिए Emirates Cricket Board से मंजूरी भी मिल चुकी थी और दोनों मैदानों पर मैचों के आयोजन की व्यवस्था कर ली गई थी। हालांकि मार्च की शुरुआत में अचानक क्षेत्रीय हालात बिगड़ने से यात्रा और आयोजन से जुड़ी कई चुनौतियां सामने आ गईं। इन परिस्थितियों में टीमों के आवागमन, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई।

    लगातार बैठकों के बाद लिया गया फैसला
    स्थिति को देखते हुए अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने विभिन्न संबंधित संस्थाओं के साथ कई दौर की बातचीत की। बोर्ड ने Emirates Cricket Board, Sharjah Cricket Stadium और Dubai International Cricket Stadium के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कर हालात का आकलन किया। 4 मार्च को हुई एक संयुक्त बैठक में तय किया गया कि स्थिति पर नजर रखी जाए और 6 मार्च तक हालात की समीक्षा की जाए। इसके बाद 7 मार्च को हुई अगली बैठक में अंतिम निर्णय लेने से पहले 9 मार्च तक इंतजार करने की सलाह दी गई।

    श्रीलंका बोर्ड की सहमति से लिया गया निर्णय
    अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी लगातार Sri Lanka Cricket को दी जाती रही। अंततः दोनों बोर्डों के बीच सहमति बनने के बाद सीरीज को स्थगित करने का फैसला लिया गया। बोर्ड के अनुसार खिलाड़ियों की सुरक्षा और यात्रा से जुड़ी अनिश्चितताओं को देखते हुए यह कदम उठाना जरूरी था।

    नई तारीखों की जल्द होगी घोषणा
    एसीबी ने कहा है कि सीरीज को रद्द नहीं किया गया है, बल्कि इसे आगे के लिए टाल दिया गया है। बोर्ड जल्द ही नई तारीखों की घोषणा करेगा ताकि दोनों टीमों के बीच यह सीरीज आयोजित की जा सके। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने यह भी दोहराया कि वह श्रीलंका क्रिकेट के साथ अपने मजबूत क्रिकेट संबंधों को आगे भी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

    प्रशंसकों को करना होगा इंतजार
    इस फैसले के बाद क्रिकेट प्रशंसकों को अफगानिस्तान और श्रीलंका के बीच इस बहुप्रतीक्षित सीरीज के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि बोर्ड का कहना है कि जैसे ही परिस्थितियां सामान्य होंगी, दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला आयोजित किया जाएगा, जिससे प्रशंसकों को रोमांचक क्रिकेट देखने का मौका मिल सके।

  • अदाणी स्पोर्ट्सलाइन का बड़ा फैसला, रणधीर सिंह सेहरावत को सौंपी गुजरात जायंट्स की कमान

    अदाणी स्पोर्ट्सलाइन का बड़ा फैसला, रणधीर सिंह सेहरावत को सौंपी गुजरात जायंट्स की कमान


    नई दिल्ली। आगामी Pro Kabaddi League (पीकेएल) सीजन से पहले बड़ा बदलाव करते हुए Adani Sportsline ने अनुभवी कबड्डी कोच Randhir Singh Sehrawat को Gujarat Giants का नया हेड कोच नियुक्त किया है। कबड्डी जगत में “कबड्डी के चाणक्य” के नाम से मशहूर सेहरावत लीग के सबसे अनुभवी कोचों में गिने जाते हैं। 2014 में पीकेएल की शुरुआत से ही वे इस प्रतिष्ठित लीग से जुड़े रहे हैं और अपनी रणनीति तथा टीम प्रबंधन के लिए खास पहचान बना चुके हैं। उनकी नियुक्ति से उम्मीद जताई जा रही है कि गुजरात जायंट्स आगामी सीजन में दमदार प्रदर्शन कर सकेगी।

    पीकेएल में लंबा और सफल अनुभव
    रणधीर सिंह सेहरावत का कोचिंग करियर काफी सफल रहा है। उनके मार्गदर्शन में टीमों ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उनके कार्यकाल में उनकी टीम ने पीकेएल सीजन-6 का खिताब जीतने में सफलता पाई थी और छह बार प्लेऑफ तक पहुंचने का कारनामा भी किया। लीग में उनके लंबे अनुभव और खेल की गहरी समझ को देखते हुए उन्हें रणनीतिक रूप से बेहद मजबूत कोच माना जाता है। यही वजह है कि उन्हें कबड्डी जगत में “कबड्डी का चाणक्य” कहा जाता है।

    अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित दिग्गज
    रणधीर सिंह सेहरावत को खेल में उनके योगदान के लिए अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने न केवल प्रोफेशनल लीग में बल्कि घरेलू स्तर पर भी कबड्डी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे लंबे समय तक भारतीय रेलवे की कबड्डी टीम के कोच रहे हैं। उनके नेतृत्व में रेलवे की पुरुष और महिला दोनों टीमों ने कई राष्ट्रीय चैंपियनशिप खिताब जीते और देश में कबड्डी के स्तर को ऊंचा उठाने में अहम योगदान दिया।

    खिलाड़ी के तौर पर भी रहा शानदार करियर
    कोच बनने से पहले रणधीर सिंह सेहरावत खुद भी एक सफल कबड्डी खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इनमें 1988 की एशियन कबड्डी चैंपियनशिप, 1989 के साउथ एशियन गेम्स और 1990 के एशियन गेम्स शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं में उन्होंने भारतीय टीम के उप-कप्तान के रूप में जिम्मेदारी निभाई और टीम को गोल्ड मेडल दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साहित
    हेड कोच बनने पर रणधीर सिंह सेहरावत ने खुशी जाहिर की और कहा कि वे फिर से प्रो कबड्डी लीग का हिस्सा बनकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, “मैं पीकेएल में वापसी कर बहुत खुश हूं और इस अवसर के लिए अदाणी स्पोर्ट्सलाइन का आभारी हूं। गुजरात जायंट्स में युवा प्रतिभा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा संतुलन है। मैं टीम के साथ काम करने और उसे खिताब की दौड़ में आगे ले जाने के लिए उत्सुक हूं।”

    टीम को मजबूत बनाने पर जोर
    अदाणी स्पोर्ट्सलाइन के मुख्य बिजनेस अधिकारी Sanjay Adesara ने भी इस नियुक्ति पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि रणधीर सिंह सेहरावत का अनुभव और खेल की गहरी समझ टीम के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। उनके अनुसार सेहरावत की रणनीतिक सोच और नेतृत्व क्षमता से टीम के खिलाड़ियों को बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा और आगामी पीकेएल सीजन में टीम का अभियान मजबूत होगा।

    प्रतिस्पर्धी टीम बनाने की तैयारी
    रणधीर सिंह सेहरावत की नियुक्ति से साफ संकेत मिलता है कि अदाणी स्पोर्ट्सलाइन आगामी सीजन के लिए गुजरात जायंट्स को एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी टीम के रूप में तैयार करना चाहती है। टीम प्रबंधन का मानना है कि अनुभवी कोच के मार्गदर्शन में युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा निखरेगी और टीम बेहतर प्रदर्शन कर पाएगी।

    खिताब पर होगी नजर
    आगामी पीकेएल सीजन में गुजरात जायंट्स की नजर खिताब पर होगी। रणधीर सिंह सेहरावत जैसे अनुभवी कोच की मौजूदगी से टीम की रणनीति और प्रदर्शन दोनों में मजबूती आने की उम्मीद है। कबड्डी प्रेमियों को भी उम्मीद है कि उनके मार्गदर्शन में टीम नई ऊर्जा के साथ मैदान पर उतरेगी और लीग में मजबूत चुनौती पेश करेगी।।

  • स्मृति मंधाना शीर्ष पर बरकरार, हरमनप्रीत कौर और अन्य स्टार खिलाड़ियों ने रैंकिंग में लगाई छलांग

    स्मृति मंधाना शीर्ष पर बरकरार, हरमनप्रीत कौर और अन्य स्टार खिलाड़ियों ने रैंकिंग में लगाई छलांग


    नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना एक बार फिर आईसीसी महिलाओं की वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर बरकरार हैं। मंगलवार, 10 मार्च को जारी रैंकिंग में मंधाना ने अपनी स्थिरता और बेहतरीन फॉर्म का परिचय देते हुए टॉप पायदान बनाए रखा। उनके अलावा भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर भी रैंकिंग में शीर्ष 10 में शामिल हैं और वर्तमान में वे 8वें स्थान पर हैं।

    हालांकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हाल ही में तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारत की 0-3 से हार के बावजूद टीम के अन्य खिलाड़ियों ने रैंकिंग में अच्छे अंक जुटाए। जेमिमा रोड्रिग्स 12वें स्थान पर खिसक गई हैं, लेकिन उनका प्रदर्शन भविष्य में उन्हें फिर से शीर्ष पायदान दिला सकता है।

    न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों ने भी मचाया धमाल
    न्यूजीलैंड की टीम शानदार फॉर्म में है। नई कप्तान मेलानी केर ने सीरीज के पहले मैच में चार विकेट और दूसरे मैच में सात विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया। केर अब एकदिवसीय गेंदबाजों की सूची में पांच पायदान ऊपर बढ़कर 11वें स्थान पर हैं और ऑलराउंडर रैंकिंग में पांचवें नंबर पर बनी हुई हैं।

    टीम की अन्य स्टार खिलाड़ियों में ब्रुक हैलीडे ने आठ पायदान ऊपर उठकर 11वें स्थान पर कब्जा किया, वहीं मैडी ग्रीन चार पायदान ऊपर आकर 22वें स्थान पर पहुंचीं। हैलीडे ने पहले मैच में 117 गेंदों में नाबाद 157 रन बनाए, जबकि ग्रीन ने लगातार दो मैचों में 94 रन का योगदान दिया।

    वेस्टइंडीज और श्रीलंका की झलक
    वेस्टइंडीज की बल्लेबाज हसिनी परेरा ने श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया और तीसरे मैच में नाबाद अर्धशतक लगाकर टीम को जीत दिलाई। इससे हसिनी रैंकिंग में 15 स्थान ऊपर उठकर 28वें पायदान पर पहुंच गई हैं। इसके अलावा इमेशा दुलानी को 17 स्थान का फायदा हुआ और वे 72वें नंबर पर आ गई हैं। उनकी हमवतन कविशा दिलहारी ने गेंदबाजी रैंकिंग में तीन स्थान ऊपर जाकर 21वें और ऑलराउंडर रैंकिंग में 11वें स्थान पर अपनी स्थिति मजबूत की।

    गेंदबाजी में भी वेस्टइंडीज की एफी फ्लेचर ने आखिरी दो मैचों में तीन विकेट लेकर चार स्थान ऊपर चढ़कर सातवें पायदान पर जगह बनाई।

    इस रैंकिंग से साफ है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम में स्टार खिलाड़ियों की निरंतरता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन टीम की मजबूती को दर्शाता है। स्मृति मंधाना का शीर्ष स्थान बरकरार रहना और हरमनप्रीत कौर की टॉप 10 में मौजूदगी टीम के भविष्य के लिए बड़ा सकारात्मक संकेत है।

  • 18 साल की वफादारी! RCB ने विराट कोहली के सफर को कहा प्रेरणादायी

    18 साल की वफादारी! RCB ने विराट कोहली के सफर को कहा प्रेरणादायी


    नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग के 2026 सीजन से पहले Royal Challengers Bengaluru के दिग्गज बल्लेबाज Virat Kohli एक बार फिर चर्चा में हैं। आईपीएल के आगामी सीजन की शुरुआत से पहले कोहली ने अपनी ट्रेनिंग का एक वीडियो साझा किया है, जिसे आरसीबी ने भी अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए उन्हें “प्रेरणादायी” बताया। फ्रेंचाइजी ने कहा कि 2008 में शुरू हुआ कोहली का सफर आज भी उसी जुनून और ईमानदारी के साथ जारी है।

    इंग्लैंड में कर रहे हैं आईपीएल की तैयारी
    आईपीएल 2026 की शुरुआत Indian Premier League में 28 मार्च से होने जा रही है। उससे पहले Virat Kohli इंग्लैंड में ट्रेनिंग कर रहे हैं। कोहली ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह नेट्स में शानदार बल्लेबाजी करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में उनका टच काफी बेहतरीन दिख रहा है। इस पोस्ट में उन्होंने सिर्फ “IPL 2026” लिखकर अपने फैंस को आगामी सीजन के लिए उत्साहित कर दिया।

    आरसीबी ने बताया प्रेरणादायी सफर
    कोहली के वीडियो को Royal Challengers Bengaluru ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया। फ्रेंचाइजी ने कैप्शन में लिखा,“रन मशीन अच्छी तरह से तैयार दिख रही है। चलो आईपीएल 2026 की तैयारी अभी से शुरू करते हैं।”

    आरसीबी ने अपने पोस्ट में कोहली के लंबे सफर को याद करते हुए लिखा,
    “19 सीजन, 1 टीम, 1 लेजेंडरी नाम। 2008 में एक होनहार युवा से लेकर फ्रेंचाइजी के ऐसे आइकॉन तक जिसे बदला नहीं जा सकता। आज से 18 साल पहले हमने पहले आईपीएल ऑक्शन में अंडर-19 ड्राफ्ट के जरिए विराट कोहली को साइन किया था। सालों बाद भी किंग के साथ यह सफर उसी जुनून और ईमानदारी के साथ जारी है।”

    2025 में दिलाया पहला आईपीएल खिताब
    Royal Challengers Bengaluru ने 2025 में अपना पहला आईपीएल खिताब जीतकर इतिहास रचा था। टीम ने फाइनल में Punjab Kings को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी। इस खिताबी जीत में Virat Kohli की भूमिका बेहद अहम रही थी। उन्होंने पूरे सीजन में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 657 रन बनाए थे और टीम को पहली बार चैंपियन बनने में बड़ी भूमिका निभाई थी।

    टी20 इंटरनेशनल से ले चुके हैं संन्यास
    कोहली अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। ऐसे में क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में उन्हें देखने के लिए फैंस अब मुख्य रूप से आईपीएल का इंतजार करते हैं। आईपीएल में उनका रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। वह इस लीग के इतिहास में सबसे ज्यादा रन और सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों में शामिल हैं।

    आईपीएल में 9000 रन के करीब
    2008 से 2025 तक Virat Kohli ने आईपीएल में 267 मैचों में 8 शतक और 63 अर्धशतक की मदद से 8,661 रन बनाए हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 113 रन है। अब आईपीएल 2026 के दौरान कोहली के पास एक और बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका होगा। अगर वह 339 रन और बना लेते हैं तो वह आईपीएल इतिहास में 9000 रन का आंकड़ा छूने वाले पहले बल्लेबाज बन सकते हैं।

  • इंडियन वेल्स ओपन में जैनिक सिनर का जलवा, फोंसेका को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह

    इंडियन वेल्स ओपन में जैनिक सिनर का जलवा, फोंसेका को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह


    नई दिल्ली:
    दुनिया के नंबर-2 टेनिस खिलाड़ी Jannik Sinner ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Indian Wells Open के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। इटली के 24 वर्षीय स्टार खिलाड़ी ने ब्राजील के युवा टेनिस खिलाड़ी João Fonseca को कड़े मुकाबले में 7-6 (6), 7-6 (4) से हराया। दोनों सेट टाई-ब्रेक तक पहुंचे, लेकिन अहम मौकों पर सिनर ने संयम दिखाते हुए मैच अपने नाम कर लिया।

    टाई-ब्रेक में दिखाया जबरदस्त धैर्य
    मैच की शुरुआत से ही दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। पहले सेट में किसी भी खिलाड़ी को आसानी से ब्रेक नहीं मिला। टाई-ब्रेक में João Fonseca ने 5-2 की बढ़त बना ली थी और ऐसा लग रहा था कि वह सेट अपने नाम कर लेंगे। लेकिन Jannik Sinner ने शानदार वापसी करते हुए लगातार पांच अंक जीत लिए और तीन सेट पॉइंट बचाकर पहला सेट अपने नाम कर लिया। इस शानदार वापसी ने मैच का रुख बदल दिया।

    दूसरे सेट में भी रोमांचक मुकाबला
    दूसरे सेट में सिनर ने 4-2 और फिर 5-2 की बढ़त बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि वह आसानी से मैच जीत जाएंगे। हालांकि João Fonseca ने हार नहीं मानी और शानदार वापसी की।

    जब सिनर 5-3 पर मैच के लिए सर्व कर रहे थे, तब फोंसेका ने उन्हें लव पर ब्रेक कर दिया और अगले 14 में से 12 अंक जीतकर सेट को फिर से टाई-ब्रेक में पहुंचा दिया। लेकिन टाई-ब्रेक के निर्णायक क्षणों में सिनर ने फिर अपना बेहतरीन खेल दिखाया। उन्होंने आखिरी चार अंक लगातार जीतकर मैच को अपने नाम कर लिया।

    मास्टर्स 1000 में नया रिकॉर्ड
    इस जीत के साथ Jannik Sinner ने एक खास उपलब्धि भी हासिल की। 2024 की शुरुआत से खेले गए 12 ATP Masters 1000 टूर्नामेंट में से 11 में उन्होंने क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया है।

    इसके अलावा यह उनकी मास्टर्स 1000 स्तर पर 97वीं जीत भी रही। इस जीत के साथ ही वह इस स्तर पर सबसे ज्यादा मैच जीतने वाले इटैलियन खिलाड़ी बन गए और उन्होंने अपने हमवतन Fabio Fognini को पीछे छोड़ दिया।

    सिनर ने की फोंसेका की तारीफ
    मैच के बाद सिनर ने युवा खिलाड़ी फोंसेका की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा,
    “जोआओ एक जबरदस्त खिलाड़ी हैं और उनमें काफी प्रतिभा है। वह दोनों तरफ से बेहद शक्तिशाली शॉट खेलते हैं और उनकी सर्विस भी शानदार थी। मुझे लगा कि आक्रामक खेलना ही इस मैच को जीतने का सबसे अच्छा तरीका था।” उन्होंने यह भी माना कि दूसरे सेट के अंत में उनकी तीव्रता थोड़ी कम हो गई थी, जिसका फायदा फोंसेका ने उठाया।

    क्वार्टर फाइनल में होगी कड़ी टक्कर
    अब क्वार्टर फाइनल में Jannik Sinner का मुकाबला अमेरिका के युवा खिलाड़ी Learner Tien से होगा। सिनर शानदार फॉर्म में हैं और इस टूर्नामेंट में खिताब के प्रबल दावेदारों में से एक माने जा रहे हैं। ऐसे में क्वार्टर फाइनल मुकाबला भी बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।

  • टी20 वर्ल्ड कप पर मांजरेकर की राय, बोले- 1983 और 2011 की जीत का अलग ही स्तर

    टी20 वर्ल्ड कप पर मांजरेकर की राय, बोले- 1983 और 2011 की जीत का अलग ही स्तर


    नई दिल्ली। टीम इंडिया के हाल ही में ICC Men’s T20 World Cup 2026 का खिताब जीतने के बाद क्रिकेट जगत में जश्न का माहौल है, लेकिन इसी बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर Sanjay Manjrekar के एक बयान ने नई बहस छेड़ दी है। मांजरेकर ने कहा है कि भारत की टी20 विश्व कप जीतें, वनडे विश्व कप 1983 और 2011 की ऐतिहासिक जीत के बराबर नहीं हैं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर फैंस के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

    मांजरेकर के बयान से छिड़ी नई बहस
    पूर्व क्रिकेटर Sanjay Manjrekar अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। टीम इंडिया के टी20 विश्व कप 2026 जीतने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने कहा कि टी20 विश्व कप के खिताबों को सही नजरिए से देखना चाहिए।

    उन्होंने लिखा कि भारत की तीन टी20 विश्व कप जीत-2007, 2024 और 2026-की तुलना 50 ओवर के विश्व कप की जीत से नहीं की जा सकती। मांजरेकर के मुताबिक, वनडे विश्व कप की चुनौती और प्रतिष्ठा टी20 विश्व कप से कहीं ज्यादा है।

    1983 और 2011 की जीत को बताया ज्यादा खास
    मांजरेकर ने अपनी पोस्ट में कहा कि 1983 Cricket World Cup में Kapil Dev की कप्तानी में मिली जीत और 2011 Cricket World Cup में MS Dhoni की कप्तानी में हासिल खिताब भारतीय क्रिकेट के इतिहास के सबसे बड़े पल हैं। उनका कहना है कि इन टूर्नामेंट्स की कठिनाई, दबाव और प्रतिस्पर्धा टी20 विश्व कप की तुलना में कहीं अधिक थी। इसलिए इन जीतों का महत्व भी ज्यादा है।

    फैंस ने सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी
    टीम इंडिया की हालिया सफलता के तुरंत बाद आया यह बयान कई भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को पसंद नहीं आया। सोशल मीडिया पर कई फैंस ने मांजरेकर की आलोचना करते हुए कहा कि टी20 विश्व कप जीत भी उतनी ही बड़ी उपलब्धि है। कुछ फैंस ने यह भी कहा कि आधुनिक क्रिकेट में टी20 फॉर्मेट का महत्व तेजी से बढ़ा है और इसे कमतर आंकना ठीक नहीं है।

    भारत की ऐतिहासिक वनडे विश्व कप जीत
    भारतीय क्रिकेट टीम ने अपना पहला वनडे विश्व कप 1983 Cricket World Cup में जीता था। उस समय Kapil Dev की कप्तानी में भारत ने फाइनल में वेस्टइंडीज को हराकर इतिहास रच दिया था। इसके बाद भारत को दूसरा वनडे विश्व कप जीतने में पूरे 28 साल का इंतजार करना पड़ा। यह सपना MS Dhoni की कप्तानी में 2011 में पूरा हुआ, जब भारत ने मुंबई में श्रीलंका को हराकर खिताब अपने नाम किया।

    टी20 विश्व कप में भी भारत का शानदार रिकॉर्ड
    भारत ने अपना पहला टी20 विश्व कप ICC Men’s T20 World Cup 2007 में जीता था, जब MS Dhoni टीम के कप्तान थे। इसके बाद लंबे इंतजार के बाद भारतीय टीम ने 2024 और 2026 में लगातार दो बार टी20 विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया। 2026 के फाइनल में Suryakumar Yadav की कप्तानी में भारत ने New Zealand national cricket team को अहमदाबाद में हराकर खिताब अपने नाम किया।

    भारत ने रचा नया इतिहास
    इस जीत के साथ भारत दुनिया की पहली टीम बन गई जिसने कुल तीन टी20 विश्व कप और लगातार दो टी20 विश्व कप खिताब जीते। इसके अलावा भारत ने अपने घरेलू मैदान पर भी टी20 विश्व कप जीतने का रिकॉर्ड बनाया। हालांकि टीम इंडिया की इस बड़ी उपलब्धि के बीच संजय मांजरेकर का बयान क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ गया है, जहां कुछ लोग उनसे सहमत हैं तो कई फैंस उनके विचारों से असहमति जता रहे हैं।

  • क्रिकेट मैदान से फिल्मी पर्दे तक, अंपायर अनिल चौधरी का अनोखा सफर

    क्रिकेट मैदान से फिल्मी पर्दे तक, अंपायर अनिल चौधरी का अनोखा सफर


    नई दिल्ली। क्रिकेट की दुनिया में अपनी सटीक फैसलों और शांत स्वभाव के लिए पहचान बनाने वाले Anil Chaudhary की कहानी बेहद दिलचस्प है। किसी भी व्यक्ति के लिए उस पेशे को छोड़ना आसान नहीं होता जिसमें उसने अपनी पूरी जिंदगी लगा दी हो, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो जीवन के किसी भी मोड़ पर नया रास्ता चुनने का साहस रखते हैं। भारतीय क्रिकेट के जाने-माने अंपायर अनिल चौधरी भी उन्हीं लोगों में से एक हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबा करियर बिताने के बाद अब उन्होंने फिल्मों की दुनिया में कदम रखकर सभी को चौंका दिया है।

    दिल्ली से शुरू हुआ क्रिकेट का सफर
    Anil Chaudhary का जन्म 12 मार्च 1965 को दिल्ली में हुआ था। उन्होंने क्रिकेट के मैदान पर अंपायर के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। साल 2013 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अंपायरिंग की शुरुआत की और धीरे-धीरे दुनिया के प्रमुख अंपायरों में शामिल हो गए। करीब एक दशक से ज्यादा समय तक अंतरराष्ट्रीय मैचों में अंपायरिंग करने के बाद उन्होंने 2023 के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट और 2025 के बाद घरेलू क्रिकेट में अंपायरिंग को अलविदा कह दिया।

    नागपुर में खेला गया आखिरी घरेलू मैच
    उनका आखिरी घरेलू मुकाबला फरवरी 2025 में खेला गया Ranji Trophy का फाइनल था, जो Vidarbha cricket team और Kerala cricket team के बीच नागपुर में आयोजित हुआ था। वहीं उनका अंतिम अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 27 सितंबर 2025 को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया वनडे मैच था। इस मैच के बाद उन्होंने मैदान पर अंपायरिंग की अपनी लंबी पारी को विराम दे दिया।

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड
    2013 से 2025 के बीच Anil Chaudhary ने कुल 12 टेस्ट, 49 वनडे और 64 टी20 इंटरनेशनल मैचों में अंपायरिंग की। इसके अलावा उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग Indian Premier League में भी 131 मुकाबलों में अंपायरिंग की जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने भारतीय अंपायर S Ravi के साथ मिलकर मैदान पर सबसे ज्यादा बार अंपायरिंग करने के रिकॉर्ड की बराबरी भी की। घरेलू क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड भी काफी प्रभावशाली रहा, जिसमें 91 फर्स्ट-क्लास मैच, 114 लिस्ट-ए मुकाबले और 278 टी20 मैच शामिल हैं। Board of Control for Cricket in India ने 2022 में उन्हें ए-प्लस श्रेणी के चुनिंदा 10 अंपायरों में भी शामिल किया था।

    यूट्यूब पर भी बना ली खास पहचान
    अंपायरिंग को अलविदा कहने के बाद भी चौधरी क्रिकेट से दूर नहीं हुए। उन्होंने अपना यूट्यूब चैनल “Umpire Call by Anil Chaudhary” शुरू किया, जहां वह क्रिकेट के नियमों को बेहद आसान भाषा में समझाते हैं। इसके साथ ही वह क्रिकेटरों से जुड़े दिलचस्प किस्से और मैदान के पीछे की कहानियां भी साझा करते हैं, जिन्हें क्रिकेट प्रेमी काफी पसंद करते हैं।

    अब फिल्मों की दुनिया में नई शुरुआत
    क्रिकेट और यूट्यूब में सफलता पाने के बाद अब अनिल चौधरी ने मनोरंजन जगत की ओर रुख किया है। हाल ही में उनका हरियाणवी म्यूजिक वीडियो ‘गोली तो चलेगी’ रिलीज हुआ है, जिसमें उनका अलग ही अंदाज देखने को मिला। चौधरी घोड़े की सवारी करते हुए, बंदूक हाथ में लिए और हरियाणवी गैंगस्टर स्टाइल में नजर आते हैं। उनका यह रूप देखकर क्रिकेट फैंस और सिनेमा प्रेमी दोनों हैरान रह गए।

    एक्टिंग में कम दबाव, बोले चौधरी
    मुंबई में गाने के लॉन्च के दौरान Anil Chaudhary ने कहा कि वह इस नए रोल में आसानी से ढल गए क्योंकि वह पहले से ही स्पॉटलाइट में रहने के आदी रहे हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अंपायरिंग के मुकाबले एक्टिंग में दबाव कम होता है। अगर एक्टिंग में गलती हो जाए तो उसे एडिटिंग के जरिए ठीक किया जा सकता है, लेकिन अंपायरिंग में ऐसा कोई मौका नहीं मिलता।

    आगे क्या करेंगे अनिल चौधरी?
    अब यह देखना दिलचस्प होगा कि चौधरी आने वाले समय में और फिल्मी प्रोजेक्ट्स पर काम करते हैं या अपने यूट्यूब चैनल के जरिए क्रिकेट से जुड़े किस्से सुनाते रहेंगे। हालांकि इतना तय है कि क्रिकेट के मैदान से लेकर मनोरंजन की दुनिया तक अनिल चौधरी की यह नई पारी भी उतनी ही दिलचस्प होने वाली है, जितनी उनकी अंपायरिंग रही है।