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  • IPL रिकॉर्ड: ये 11 खिलाड़ी शतक तक पहुंचे सिर्फ boundaries से चौके-छक्कों की ताकत से IPL शतक बनाने वाले 11 बल्लेबाजों की लिस्ट

    IPL रिकॉर्ड: ये 11 खिलाड़ी शतक तक पहुंचे सिर्फ boundaries से चौके-छक्कों की ताकत से IPL शतक बनाने वाले 11 बल्लेबाजों की लिस्ट


    नई दिल्ली। टी20 क्रिकेट में फैंस के लिए बाउंड्री की बारिश ही सबसे रोमांचक होती है। आईपीएल में कई बल्लेबाजों ने ऐसा शतक जड़ा है, जिसमें उनके ज्यादातर रन सिर्फ चौके-छक्कों से आए। आइए जानते हैं उन 11 बल्लेबाजों और उनकी पारी का विवरण।

    क्रिस गेल (154 रन)

    23 अप्रैल 2013 को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) की ओर से पुणे वॉरियर्स के खिलाफ खेलते हुए गेल ने 66 गेंदों में 17 रन और 13 चौके पहनकर 154 रन बनाए।

    ब्रैंडन मैक्कुलम (118 रन)

    आईपीएल के पहले सीजन में, 18 अप्रैल 2008 को केकेआर के लिए आरसीबी के खिलाफ 73 गेंदों में 13 रन और 10 चौके पहनकर 158 रन की पारी खेली।

    अभिषेक शर्मा (116 रन)

    12 अप्रैल 2025 को सनराइजर्स हैदराबाद के लिए पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले हुए 141 रन की पारी में 10 विकेट और 14 चौके शामिल थे।

    एबी डिविलियर्स (112 रन)

    14 मई 2016 को आरसीबी के लिए गुजरात लॉयंस के खिलाफ 129 रन की पारी खेली, जिसमें 12 विकेट और 10 चौके थे।

    यशस्वी जायसवाल (112 रन)

    30 अप्रैल 2023 को राजस्थान रॉयल्स की ओर से मुंबई इंडियंस के खिलाफ 124 रन की पारी में 8 विकेट और 16 चौके लगाए।

    क्रिस गेल (106 रन)

    17 मई 2012 को RCB के लिए दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ 128 रन की पारी खेली, जिसमें 13 विकेट और 7 चौके शामिल थे।

    सनथ जयसूर्या (102 रन)

    14 मई 2008 को मुंबई इंडियंस के लिए चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ 48 गेंदों में 11 विकेट और 9 चौके लगाए।

    ऋषभ पंत (102 रन)

    10 मई 2018 को दिल्ली डेयरडेविल्स की ओर से सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 63 गेंदों में 7 विकेट और 15 चौके के साथ 128 रन बनाए।

    क्रिस गेल (110 रन)

    6 मई 2015 को RCB की ओर से किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ 57 गेंदों में 12 चौके और 7 चौके लगाकर 117 रन बनाए।

    एबी डिविलियर्स (110 रन)

    10 मई 2015 को 59 गेंदों में 4 चौके और 19 चौके के साथ 133 रन की पारी खेली।

    क्विंटन डी कॉक (110 रन)

    18 मई 2022 को लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से 70 गेंदों में 10 चौके और 10 चौके लगाकर 140 रन बनाए।

  • आईपीएल 2026: Kolkata Knight Riders की टीम से हटे आकाश दीप, टीम की परेशानी बढ़ी

    आईपीएल 2026: Kolkata Knight Riders की टीम से हटे आकाश दीप, टीम की परेशानी बढ़ी


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होने वाली है, लेकिन कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को बड़ा झटका लगा है। टीम के तेज गेंदबाज आकाश दीप पूरे सीजन के लिए बाहर जा चुके हैं, जिससे केकेआर की पहली फ्लोरिडा फास्ट बॉलिंग यूनिट और संगीतकारों की स्थिति सामने आ गई है।

    आकाश दीपक की चोट और टीम से बाहर होना

    केकर ने पिछले मिनी-ऑक्शन में आकाश दीप को 1 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। लेकिन 15-18 फरवरी के बीच कल्याणी जम्मू-कश्मीर में बंगाल क्रिकेट अकादमी ग्राउंड में रणजी ट्रॉफी के खिलाफ स्थित हो गई और उनके बाएं पैर की एड़ी में चोट लग गई।

    फॉरेनसी के एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की कि आकाश दीप अभी तक फुटबॉल के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, बैंगलोर में रिहायश के लिए नहीं गए हैं, और इस कारण वह इस सीजन के लिए उपलब्ध नहीं होंगे।

    केकेआर की तेजी से संकट में उतरी

    आकाश दीप के आउट होने से टीम की तेजी से पिक हो गई और दबाव बढ़ गया। पहले ही भारत के तेज गेंदबाज हर्षित राणा मेनिस्कस कर्मियों की सर्जरी के कारण बाहर हैं, जबकि भारत के तेज गेंदबाज मथिषा पथिराना भी चोट से बाहर हैं और बोर्ड की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।

    केकेआर की स्थिर जमाकर्ता इकाई में वैभव अरोरा, उमरान अमीर, ब्लेसिंग मुजरबानी और कार्तिक स्टार शामिल हैं। इसके अलावा कैमरन ग्रीन और रमनदीप सिंह तेजी से स्टॉक विकल्प के रूप में टीम में शामिल हुए हैं।

    नए खिलाड़ियों के लिए ट्रायल

    केकेआर ने ईडन गार्डन्स में तेजी से आयोजित विभाग में नए खिलाड़ियों की तलाश शुरू कर दी है। इस ट्रायल में नवदीप सैनी, आकाश मधवाल, सिमरजीत सिंह, संदीप वॉरियर, केएम स्टूडियो और सुनील कुमार जैसे खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। ये खिलाड़ी अब खाली जगह के खिलाफ मैच में वापसी की कोशिश करेगा, ताकि टीम मुंबई इंडियंस अपने पहले मैच में मजबूत नजर आए।

    सीज़न की शुरुआत

    केकर का पहला मुकाबला 29 मार्च को पांच बार के चैंपियन मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया। टीम के लिए इस सीज़न के सहयोगी होंगे, क्योंकि फास्ट बॉलिंग की जिम्मेदारी में अनुभवी खिलाड़ी की अनुपस्थिति में नए और कम अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं।

  • Mohammad Azharuddin को भारतीय टीम में डेब्यू का इंतजार, चयन पर टिकी नजरें

    Mohammad Azharuddin को भारतीय टीम में डेब्यू का इंतजार, चयन पर टिकी नजरें


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में मोहम्मद अख्तरुद्दीन के नाम पर एक दिग्गज कैप्टन की छवि सामने आती है, लेकिन इस कहानी के नायक कोई और नहीं हैं। ये है 31 साल की कहानी-बल्लेबाज़ मोहम्मद बबाज़ुद्दीन की, जिसकी अब भी टीम इंडिया में डेब्यू का इंतज़ार कर रहे हैं।

    नाम से शुरू हुआ क्रिकेट का सफर

    22 मार्च 1994 को केरल के थलंगारा में सऊदी अरब-उद्दीन के परिवार वाले पूर्व भारतीय कैप्टन के बड़े प्रशंसक थे। यही वजह रही कि बेटे का नाम भी उसी दिग्गज के नाम पर रखा गया। नाम का असर ऐसा हो रहा है कि बड़े स्टार्स ने भी क्रिकेट में अपना करियर चुना और बल्ले-बल्लेबाज के रूप में अपनी पहचान बनाई।

    घरेलू क्रिकेट में लगातार मेहनत

    बैज़ुद्दीन ने 2015 में प्रथम श्रेणी और लिस्ट-ए क्रिकेट में शुरुआत की, जबकि 2016 में टी20 क्रिकेट में कदम रखा। पिछले एक दशक से वह घरेलू क्रिकेट में लगातार खेल रहे हैं और केरल क्रिकेट टीम का अहम हिस्सा बने हुए हैं।

    आंकड़े क्या कहते हैं?

    उनके प्रदर्शन पर नजर डाली तो-

    प्रथम श्रेणी (प्रथम श्रेणी): 43 मैच, 1932 रन, 2 शतक, 11 रन (सर्वश्रेष्ठ 177*)
    लिस्ट-ए: 55 मैच, 1163 रन, 1 शतक, 8 शतक
    टी20: 51 मैच, 878 रन, स्ट्राइक रेट 129.68, 1 शतक (सर्वश्रेष्ठ 137*)

    नौकरानी भी उनका रिकॉर्ड मजबूत है—

    एफसी: 109 कैच, 16 आर्किटेक्चर
    सूची-ए: 42 कैच, 6 आर्किटेक्चर
    टी20: 29 कैच, 1 कैच

    टीम इंडिया में जगह की कड़ी टक्कर

    भारतीय टीम में रिले-बल्लेबाज की जगह बनाना आसान नहीं है। संजू सैमसन, ईशान किशन, केएल राहुल, जितेश शर्मा, ऋषभ पंत और ध्रुव ज्यूरेल जैसे खिलाड़ी पहले से ही इस रेस में शामिल हैं।
    ऐसे में बांग्लादेश के लिए टीम इंडिया में जगह बनाना एक बड़ी चुनौती है।

    आगे का रास्ता क्या है?

    बज़्ज़ुद्दीन के पास अनुभव और प्रदर्शन दोनों हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जगह बनाने के लिए उन्हें लगातार बेहतर प्रदर्शन करना होगा-खासतौर पर बड़े टूर्नामेंट और हाई-प्रेशर मैच में। अगर वह घरेलू और आईपीएल जैसे मंचों पर खुद को साबित करते हैं, तो उनकी टीम इंडिया का सपना जरूर पूरा हो सकता है।

  • कमेंट्री विवाद पर Laxman Sivaramakrishnan का बयान, BCCI और जय शाह को बताया निर्दोष

    कमेंट्री विवाद पर Laxman Sivaramakrishnan का बयान, BCCI और जय शाह को बताया निर्दोष


    नई दिल्ली आईपीएल 2026 के कार्यक्रम से ठीक पहले भारतीय क्रिकेट जगत में एक बड़ी खोज की चर्चा है। पूर्व स्पिनर और लंबे समय से कमेंट्री का जाना-पहचाना सामना कर रहे लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने कमेंट्री में शिक्षकों के अपने जजमेंट को लेकर साफ कर दिया है कि इसमें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड या जय शाह की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से एक निजी मामला है और इसे बोर्ड से जोड़ा जाएगा।

    “ये वन-ऑन-वन ​​मामला है, बीसीसीआई को नहीं घसीटें”

    शिवकृष्णरामन ने अपने बयान में स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका विवाद किसी एक कर्मचारी के साथ व्यक्तिगत स्तर पर है। उन्होंने लिखा, “बीसीसीआई प्रशासन को मत लाओ। यह वन-ऑन-वन ​​मामला है। जय शाह और उनकी टीम का इससे कोई लेना-देना नहीं है।” उनके इस बयान के बाद कई तरह की अटकलों को खारिज कर दिया गया, जो उनकी अचानक टिप्पणी रिलीज के फैसले को लेकर जा रही थी।

    20 मार्च को कमेंट्री रिलीज का ऐलान किया गया था

    सिद्धांत यह है कि लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने 20 मार्च को आधिकारिक रूप से बास्केटबॉल के साथ अपनी टिप्पणी ली थी और इस फैसले को खत्म करने का निर्णय लिया था। लगभग दो दशकों से लेकर अब तक कमेंट्री पैनल का हिस्सा रहे शिवरामकृष्णन ने अपने अनुभव और विश्लेषण से क्रिकेट प्रेमियों के बीच खास पहचान बनाई थी। ऐसे में उनका अचानक हटना सभी के लिए चमकता हुआ दिखाई दे रहा है।

    ऑन-एयरोस्ट्रक्चर से डायरेक्टोरेट करने का आरोप

    अपने फैसले के पीछे तर्कपूर्ण टिप्पणी में उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय तक एक साथ रहने के बावजूद अहम ने कई ऑन-एयर होस्टेस से दूर रखा है। विशेष रूप से टॉस प्रेजेंटेशन और मैच के बाद के शो में उन्हें शामिल नहीं किया गया था। उन्होंने प्रश्न करते हुए कहा, ”अगर 23 साल में मुझे इन स्टूडियो के लिए नहीं चुना गया, तो इसके पीछे क्या कारण हो सकता है?”

    भेदभाव के संकेत भी दिये गये

    शिवकृष्णन ने भेदभाव की ओर भी अपना बयान दिया। एक सोशल मीडिया गीतकार द्वारा दिए गए रंगभेद से संबंधित टिप्पणी पर सहमति प्रस्ताव में यह एक विशेष कारण बताया गया है। हालाँकि उन्होंने इस मुद्दे पर विस्तार से कुछ नहीं कहा, लेकिन उनके इस संकेत ने विवाद खड़ा कर दिया है।

    निजी निर्णय बताया, नियंत्रण पेशेवर की बात

    लगातार तीखी चर्चाओं और आलोचनाओं के बीच उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह से निजी है। उनका कहना है कि वह अपनी प्रोफेशनल लाइफ पर खुद पर नियंत्रण रखना चाहती हैं और इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया है।

    शानदार करियर, अब नई राह की ओर

    क्रिकेट इतिहास की बात करें तो लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने 1985 से 1987 के बीच भारत के लिए 9 टेस्ट और 16 लोकप्रिय मैच खेले, जिसमें उन्होंने क्रमशः 26 और 15 विकेट हासिल किए। क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्होंने वॉव और सफल उद्यमियों पर टिप्पणी की।

  • अयोध्या में Lucknow Super Giants का दर्शन, Rishabh Pant और Sanjeev Goenka ने लिया आशीर्वाद

    अयोध्या में Lucknow Super Giants का दर्शन, Rishabh Pant और Sanjeev Goenka ने लिया आशीर्वाद


    नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के कार्यक्रम से पहले लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) की टीम आध्यात्मिक ऊर्जा ने अयोध्या महोत्सव लिया, जहां खिलाड़ियों और टीम ने राम मंदिर में रामलला के दर्शन किए। इस खास मौके पर टीम के मालिक संजीव गोयनका और कप्तान ऋषभ पंत भी मौजूद हैं। मंदिर परिसर में टीम का भव्य स्वागत हुआ और पूजा-प्रतिष्ठा के बाद सभी को पूरे मंदिर का भ्रमण कराया गया। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए और टीम ने इस आध्यात्मिक अनुभव की झलक सोशल मीडिया पर भी शेयर की।

    नई शुरुआत की उम्मीद, पिछले सीज़न की अंतिम शुरुआत की कोशिश

    एलएसजी के लिए यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था नहीं है, बल्कि एक नई शुरुआत का संकेत भी माना जा रहा है। 2022 में आईपीएल से जुड़ी इस टीम ने अब तक एक बार भी फाइनल में जगह नहीं बनाई है। आईपीएल 2025 में ऋषभ पंत की टीम मैदान पर थी, लेकिन प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। टीम प्लेऑफ़ में भी कोई रीच नहीं है और रैंक गार्ड में बढ़त स्थान रही है। पंत का बल्ला भी इंजीनियर और असिस्टेंट कैप्टन रह रहा था, उनके प्रभाव पर सीमित नजर पड़ी।

    नए सीज़न में बदले रंग-रूप और रणनीति

    आईपीएल 2026 के लिए एलएसजी ने बड़े बदलाव किए हैं। टीम ने कोचिंग स्टाफ से लेकर प्लेयर्स और यहां तक ​​कि जर्सी तक में बदलाव किया है। फ़्रैंचाइज़ इस बार एक नई सोच और नई ऊर्जा के साथ मैदान में उतरने जा रही है। टीम का लक्ष्य साफ है-पहली बार खिताब जीतना और लीग में अपनी मजबूत पहचान बनाना।

    इन स्टार प्लेयर्स पर इलाक़ा सबलैटिन

    एलएसजी को इस सीजन में अपने प्रमुख खिलाड़ियों से बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद होगी। कप्तान ऋषभ पंत के अलावा निकोलस पूरन, एडेन मार्कराम, मिशेल मार्श, मोहम्मद शमी, मयंक यादव और मोहसिन खान जैसे खिलाड़ी टीम की ताकत होंगे। एलएसजी के इस सीजन में पहली बार सभी की नजरें टिकी शैतान पर टिकी शैतान पर नजरें रहेंगी और भारतीय टीम में वापसी की कोशिश में हैं।

    आस्था से विश्वास तक, क्या बदलेगी एलएसजी की किस्मत?

    रामलला के दर्शन के साथ एलएसजी ने अपने अभियान की सकारात्मक शुरुआत की। टीम को उम्मीद है कि यह आध्यात्मिक ऊर्जा क्षेत्र पर भी प्रदर्शन करेगा और पिछले सीज़न की शुरुआत इस बार खिताब की दौड़ में शामिल होने से पीछे रह जाएगी।

  • गिल का बयान चर्चा में, बोले- नंबर 1 बल्लेबाज को सलाह की जरूरत नहीं; अभिषेक पर भी दी राय

    गिल का बयान चर्चा में, बोले- नंबर 1 बल्लेबाज को सलाह की जरूरत नहीं; अभिषेक पर भी दी राय


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सितारों के बीच शानदार तालमेल का एक मजेदार किस्सा सामने आया है। विस्फोटक ओपनर अभिषेक शर्मा ने खुलासा किया कि ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान लगातार तीन बार ज़ीरो पर आउट होने के बाद वे शुभमन गिल से मदद मांगी थी।

    बल्ला मांगकर ढूंढी फॉर्म

    अभिषेक शर्मा ने बताया कि खराब फॉर्म से जूझते हुए उन्होंने गिल को मैसेज किया—“इससे पहले कि कोई और रिकॉर्ड बन जाए, मुझे अपना बल्ला दे दो।” यह बात मजाक में कही गई थी, लेकिन इससे उन्हें मानसिक रूप से काफी राहत मिली और आत्मविश्वास वापस आया।

    गिल का दिलचस्प जवाब

    जब शुभमन गिल से पूछा गया कि क्या उन्होंने अभिषेक को कोई सलाह दी थी, तो वे हंसते हुए कहा“दुनिया के नंबर-1 T20 बल्लेबाज को कौन सलाह देगा?
    गिल ने यह भी बताया कि अभिषेक अक्सर उनका बल्ला इस्तेमाल करते रहते हैं।

    प्रदर्शन रहा उतार-चढ़ाव भरा

    अभिषेक शर्मा का टूर्नामेंट में प्रदर्शन शुरुआत में नाकाम रहा और वह लगातार तीन बार ज़ीरो पर आउट हुए। हालांकि, वे वापसी करते हुए अहम मौकों पर शानदार बल्लेबाजी की।

    फाइनल में बड़ी भूमिका निभाई

    अभिषेक ने सुपर-8 में जिम्बाब्वे के खिलाफ और फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ बेहतरीन मुलाकात की, जिससे टीम को खिताब जीतने में बड़ी मदद मिली।

    टीम सिलेक्शन पर भी चर्चा

    वहीं शुभमन गिल को इस टूर्नामेंट के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया था। उनकी जगह संजू सैमसन और इशान किशन को मौका दिया गया।

    यह किस्सा दिखाता है कि क्रिकेट सिर्फ टेक्नीक का खेल नहीं, बल्कि कॉन्फिडेंस और टीममेट्स के साथ रिश्तों का भी खेल है। गिल और अभिषेक की दोस्ती और हल्का-फुल्का अंदाज टीम के पॉजिटिव माहौल को भी बरकरार है।

  • Gary Kirsten का बड़ा खुलासा, Pakistan Cricket Board की दखलअंदाजी से दिया इस्तीफा

    Gary Kirsten का बड़ा खुलासा, Pakistan Cricket Board की दखलअंदाजी से दिया इस्तीफा


    नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट एक बार फिर अपने एडमिनिस्ट्रेटिव कैंपेन को लेकर चर्चा में है। साउथ अफ्रीका के पूर्व दिग्गज और कोच गैरी कर्स्टन ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की भारी दखलअंदाजी के कारण उन्हें पाकिस्तान टीम के हेड कोच पद से इस्तीफा देना पड़ा।

    6 महीने में खत्म हुआ कार्यकाल

    गैरी कर्स्टन को T20 विश्व कप 2024 से पहले दो साल के कॉन्ट्रैक्ट पर पाकिस्तान की व्हाइट-बॉल टीम का हेड कोच बनाया गया था। हालांकि, वह महज छह महीने के भीतर ही पद छोड़ने पर मजबूर हो गए, जिसने क्रिकेट जगत को चौंका दिया।

    “दखलअंदाजी का स्तर बहुत ज्यादा था”

    कर्स्टन ने कहा कि टीम के मामलों में बाहरी हस्तक्षेप इतना ज्यादा था कि खिलाड़ियों के साथ स्थिर और सकारात्मक माहौल बनाना मुश्किल हो गया। उन्होंने माना कि इस तरह की स्थिति का सामना उन्होंने अपने करियर में पहले कभी नहीं किया था।

    कोच बनता है आसान बनाना

    उन्होंने यह भी कहा कि जब टीम का प्रदर्शन खराब होता है, तो कोच सबसे आसान बनाना बन जाता है। ऐसे में वास्तविक समस्याओं को नजरअंदाज कर सारा दोष कोच पर डाल दिया जाता है।

    कॉन्ट्रैक्ट विवाद भी बना कारण

    कर्स्टन ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ी अनियमितताओं, बकाया भुगतान और बार-बार शर्तों में बदलाव के आरोप लगाए। इन सभी कारणों ने उनके इस्तीफे के फैसले को प्रभावित किया।

    अब श्रीलंका टीम की कमान

    पाकिस्तान से अलग होने के बाद गैरी कर्स्टन को श्रीलंका क्रिकेट ने अपनी टीम का नया हेड कोच नियुक्त किया है। वह 15 अप्रैल से कार्यभार संभालेंगे और उनका कार्यकाल 2028 तक रहेगा।

    यह घटना कार्यभार है कि किसी भी टीम की सफलता के लिए सिर्फ खिलाड़ियों का प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि मजबूत और स्थिर प्रबंधन भी उतना ही जरूरी होता है।

  • ‘Eid’ पर दिग्गज क्रिकेटरों का संदेश, Sachin Tendulkar समेत कई खिलाड़ियों ने दी शुभकामनाएं

    ‘Eid’ पर दिग्गज क्रिकेटरों का संदेश, Sachin Tendulkar समेत कई खिलाड़ियों ने दी शुभकामनाएं


    नई दिल्ली यूट्यूब पर ईद-उल-फितर का त्योहार हार्सोल्लास और सोयट भाईचारे के साथ मनाया जा रहा है। इस खास बात पर भारतीय क्रिकेट जगत के कई दिग्गज खिलाड़ियों ने देशवासियों को शुभकामनाएं और प्रेम, शांति और एकता का संदेश साझा किया।

    दिग्गज खिलाड़ियों ने दी बधाई

    भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आईडी का यह पर्व विश्वास, दया और उदारता की भावना को मजबूत करे।
    वहीं वीवीएस लक्ष्मण ने सभी के अच्छे स्वास्थ्य, खुशहाली और समृद्धि की कामना की।

    पूर्व घातक इरफान पठान और उनके भाई यूसुफ पठान ने भी पूरे देश को ईद की मुबारकबाद देते हुए दुआ की कि यह दिन सभी के जीवन में शांति और बरकत लेकर आए।

    इसके अलावा मोहम्मद कैफ ने भी सभी को ईद की शुभकामनाएं देते हुए एक आदर्श संदेश भेजा।
    इस त्योहार की खुशियां बांटकर तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने अपने परिवार के साथ तस्वीर साझा की।

    ईद का महत्व

    ईद-उल-फितर इस्लाम धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जो पवित्र महीने के अंत में मनाया जाता है। पूरे महीने रोजे रखने के बाद लोग अथाह का रोमांच अदा करते हैं और एक-दूसरे को गले लगाकर खुशियां बांटते हैं।

    मित्र ईद की परंपरा

    इस त्यौहार को “मीठी ईद” भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन घरों में स्वादिष्ट व्यंजन और शीर खुरमा जैसे स्वादिष्ट व्यंजन बनाये जाते हैं। परिवार और समाज के बीच प्रेम और भाईचारे की भावना को मजबूत करना एक खास अवसर होता है।

    क्रिकेट स्टार्स के लिमिटेड रिसर्च ने एक बार फिर यह साबित किया कि उत्सव सिर्फ साख तक नहीं होता, बल्कि वे लोगों को जोड़ने और समाज में सकारात्मकता फैलाने का काम भी करते हैं। ईद का यह पर्व पूरे देश में एकता, प्रेम और सम्मलेन का प्रतीक प्रकट होता है।

  • IPL 2026 में शामिल होने से पहले श्रीलंकाई खिलाड़ियों का फिटनेस टेस्ट अनिवार्य: रिपोर्ट

    IPL 2026 में शामिल होने से पहले श्रीलंकाई खिलाड़ियों का फिटनेस टेस्ट अनिवार्य: रिपोर्ट


    नई दिल्ली। IPL 2026 के आगाज से पहले श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने अपने खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। बोर्ड ने तय किया है कि जो श्रीलंकाई खिलाड़ी IPL 2026 में हिस्सा लेने जा रहे हैं, उन्हें एनओसीआई (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी करने से पहले जरूरी फिटनेस टेस्ट पास करना होगा। IPL का सीजन 28 मार्च से शुरू होने वाला है।

    इस टेस्ट की जरूरत इसलिए महसूस की गई क्योंकि अलग-अलग फ्रेंचाइजी द्वारा चुने गए श्रीलंकाई खिलाड़ी हाल ही में चोटों से उबर रहे हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि केवल वही खिलाड़ी IPL में खेल पाएंगे, जो तय फिटनेस मानकों को पूरा करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार यह टेस्ट अगले हफ्ते की शुरुआत में कोलंबो में आयोजित किया जाएगा।

    प्रमुख खिलाड़ियों में से प्रत्येक फिटनेस टेस्ट होना है, जिनमें गेंदबाज मथीशा पथिराना (कोलकाता नाइट राइडर्स), अनुभवी स्पिनर वानिंदु हसरंगा (लखनऊ सुपर जायंट्स), बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ईशान मलिंगा (सनराइजर्स हैदराबाद) और नुवान तुषारा (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु) शामिल हैं। इसके अलावा दुष्मंथा चमीरा और पथुम निसांका (दोनों दिल्ली कैपिटल्स) और कामिंदु मेंडिस (सनराइजर्स हैदराबाद) भी इस टेस्ट के लिए लिस्टेड हैं। कुल मिलाकर, 7 श्रीलंकाई खिलाड़ी इस सीजन के लिए चुनते हैं।

    कई आईपीएल फ्रेंचाइजी अधिकारियों ने ‘क्रिकबज’ को बताया कि श्रीलंकाई खिलाड़ियों के फिटनेस टेस्ट पूरे होने के बाद ही उन्हें अंतिम पुष्टि और खिलाड़ी की स्थिति के बारे में जानकारी मिलेगी। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने सोमवार और मंगलवार को टेस्ट आयोजित करने का फैसला लिया है।

    इस फिटनेस टेस्ट की जरूरत इसलिए भी अहम है क्योंकि इन खिलाड़ियों ने हाल ही में खत्म हुए ICC T20 विश्व कप 2026 में चोट की वजह से पूरी तरह या आंशिक रूप से हिस्सा नहीं लिया था। उदाहरण के लिए, हसरंगा 8 फरवरी से टीम से बाहर थे। आयरलैंड के खिलाफ मैच के दौरान उनके बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग में खिंचाव आया था। वहीं, पथिराना तीन मैचों के बाद चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे।

    चोट के कारण श्रीलंका की टीम सुपर-8 स्टेज से आगे नहीं बढ़। हालांकि, ग्रुप स्टेज में टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया था और 2021 की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराने में कामयाबी हासिल की थी। लेकिन मुख्य खिलाड़ियों की अनुपस्थिति ने टीम की मजबूत स्थिति को प्रभावित किया।

    इस टेस्ट के परिणाम से यह स्पष्ट होगा कि श्रीलंका के प्रमुख खिलाड़ी आईपीएल 2026 के शुरुआती मैचों के लिए उपलब्ध होंगे या नहीं। फ्रेंचाइजी और फैंस दोनों ही इस टेस्ट की ओर ध्यान लगाए हुए हैं, क्योंकि इन खिलाड़ियों की फिटनेस सीधे टीम की रणनीति और प्रदर्शन पर असर डाल सकती है।

    इस बार आईपीएल में श्रीलंकाई खिलाड़ियों की भूमिका अहम मानी जा रही है। चोट से उबरकर मैदान में लौटना उनके लिए चुनौतियां रहेंगी, लेकिन फिटनेस टेस्ट के बाद यह तय होगा कि कौन खिलाड़ी पूरी क्षमता के साथ टीम का हिस्सा बन सकता है।

  • महिला क्रिकेट की नई स्टार, फैनी उटागुशिमानिंदे ने टी20 शतक से बनाया रिकॉर्ड

    महिला क्रिकेट की नई स्टार, फैनी उटागुशिमानिंदे ने टी20 शतक से बनाया रिकॉर्ड


    नई दिल्ली। रवांडा की युवा क्रिकेट स्टार फैनी उटागुशिमानिंदे ने महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में इतिहास रच दिया है। उन्होंने नाइजीरिया इनविटेशनल महिला टी20 इंटरनेशनल टूर्नामेंट में अपने टी20 डेब्यू मैच में ही शतक लगाकर एक नया रिकॉर्ड बनाया। फैनी ने 65 गेंदों में 111 रनों की नाबाद पारी खेली, जिससे वह टी20 इंटरनेशनल में शतक लगाने वाली सबसे युवा महिला खिलाड़ी बन गई हैं।

    फैनी की उम्र महज 15 साल और 223 दिन थी जब उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। ​​इससे पहले टी20 इंटरनेशनल डेब्यू पर सबसे ज्यादा व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया की कैरन रोल्टन के नाम था। उन्होंने 2005 में टॉन्टन में इंग्लैंड के खिलाफ 96 रन (नाबाद) बनाए थे।

    सबसे कम उम्र में शतक लगाने का रिकॉर्ड पहले युगांडा की प्रोस्कोविया अलाको के नाम था। उन्होंने 2019 में किगाली में माली के खिलाफ 116 रन बनाए थे, तब उनकी उम्र 16 साल और 233 दिन थी। फैनी ने यह रिकॉर्ड भी तोड़ते हुए महिला टी20 क्रिकेट में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

    पुरुष टी20 क्रिकेट में अपने इंटरनेशनल डेब्यू पर शतक बनाने वाले चार बल्लेबाजों में से कोई भी फुल मेंबर टीम का खिलाड़ी नहीं है। कनाडा के मैथ्यू स्पोर्स ने 2022 में फिलीपींस के खिलाफ 108 रन बनाकर नाबाद रहते हुए डेब्यू शतक लगाया था। वहीं, फ्रांस के गुस्ताव मैककॉन टी20 इंटरनेशनल में शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के पुरुष खिलाड़ी हैं। उन्होंने 18 साल और 280 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।

    फैनी उटागुशिमानिंदे के शतक की मदद से रवांडा ने 3 विकेट के नुकसान पर 210 रन बनाए। उनके अलावा रवांडा की तरफ से मर्वेल उवासे ने 19 गेंदों में 32 रन बनाकर नाबाद रही। इस पारी के दौरान गांगुली की गेंदबाजों ने 28 अतिरिक्त रन दिए, जिसमें 25 वाइड शामिल थे।

    रवांडा के बनाए 211 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए बीकानेर की टीम मुश्किल में नजर आई। उन्होंने 20 ओवर में 8 विकेट खोकर केवल 88 रन बनाए। टीम ने लगातार विकेट गंवाए और कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर लंबे समय तक टिक नहीं सका। अंततः रवांडा ने यह मुकाबला 122 रन से जीत लिया।

    इस प्रदर्शन के बाद फैनी उटागुशिमानिंदे क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गई हैं। उनके शतक ने न केवल रवांडा की जीत में अहम भूमिका निभाई, बल्कि महिला क्रिकेट में युवाओं के लिए प्रेरणा भी दी है। फैनी के इस प्रदर्शन से यह साफ हो गया कि छोटे देशों से भी युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी छाप छोड़ सकते हैं।

    टी20 इंटरनेशनल डेब्यू पर शतक लगाने की यह उपलब्धि यह साबित करती है कि फैनी के पास बल्लेबाजी के लिए अद्वितीय कौशल और मानसिक उन्नयन है। भविष्य में महिला क्रिकेट में फैनी और रवांडा टीम के लिए और भी बड़ी उपलब्धियां संभव हैं।