Category: Sports

  • IPL 2026 में फिर दिखेगा राशिद खान का जलवा, गुजरात टाइटंस से जुड़ते ही बोले—खुशी का माहौल है

    IPL 2026 में फिर दिखेगा राशिद खान का जलवा, गुजरात टाइटंस से जुड़ते ही बोले—खुशी का माहौल है

      नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 से पहले राशिद खान के गुजरात टाइटंस से जुड़ते ही टीम के रूम में जोश का माहौल नजर आ रहा है। फ़्रैंचाइज़ी ने सोशल मीडिया पर सोशल मीडिया पर एक खास पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- ”खुशी का माहौल है, क्योंकि गुजरात की शान घर आ गई हैं।”

      पिछला सीज़न रहा, इस बार वापसी की उम्मीद है
      राशिद खान का आईपीएल 2025 में प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने 15 मैचों में सिर्फ 9 विकेट लिए और 9.35 की इकोनोमी से रन खर्च किया। हालांकि, उनकी काबिलियत पर किसी को शक नहीं है और यही वजह है कि टीम इस बार दमदार वापसी की उम्मीद कर रही है।

      टी20 वर्ल्ड कप में दिखा पुराना अंदाज
      हाल ही में आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 में रशीद ने शानदार प्रदर्शन किया।अफगानिस्तान की ओर से 4 मैचों में 6 विकेट लेने के साथ उन्होंने केवल 6.68 की इकोनॉमी रन दी। इस प्रदर्शन में साफ कर दिया गया कि रशीद फॉर्म में वापस आये हैं।

      गुजरात का पिछला सफर शानदार रहा
      शुबमन गिल की ओर से गुजरात टाइटंस ने आईपीएल 2025 में शानदार प्रदर्शन किया था। टीम ने 14 से 9 रॉकेट रॉकेट एलिमिनेटर तक का सफर तय किया। हालांकि, एलिमिनेटर में मुंबई इंडियंस के खिलाफ हार के साथ उनका सफर खत्म हो गया।

      वैकल्पिक रूप से दिखावा दम, बदले में चमके कृष्णा
      गुजरात के लिए गिल और साई सुदर्शन ने बनाई शानदार फिल्म। गिल ने 650 रन बनाए, जबकि साई सुदर्शन ने 759 रन ठोककर टीम की बढ़त को मजबूत किया। वहीं प्रसिद्ध कृष्णा ने टूर्नामेंट में 25 विकेट लेकर टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट हासिल किए।

      नई खरीद से टीम और मजबूत
      आईपीएल 2026 ऑक्शन में गुजरात में जेसन होल्डर, टॉम बैंटन और ल्यूक वुड शामिल हैं।
      इन खिलाड़ियों के आने से टीम का बैलेंस और मजबूत नजर आ रही है, खासकर ऑलराउंड में चौथे नंबर पर बढ़त मिली है।

      रशीद पर टिकी नजरें
      इस सीज़न में गुजरात की सफलता काफी हद तक रशीद खान के प्रदर्शन पर असंतुलित है। यदि वह अपनी पुरानी लय में हैं, तो टीम खिताब की प्रबल दावेदारी बन सकती है।
  • IPL कप्तानी का 'गोल्डन रिकॉर्ड': इन 4 कप्तानों ने रचा इतिहास, कमान संभालते ही अपनी टीम की किस्मत बदल डाली!

    IPL कप्तानी का 'गोल्डन रिकॉर्ड': इन 4 कप्तानों ने रचा इतिहास, कमान संभालते ही अपनी टीम की किस्मत बदल डाली!


    नई दिल्ली: 
    इंडियन प्रीमियर लीगIPL दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण और हाई-प्रेशर क्रिकेट लीग मानी जाती है। यहाँ केवल मैदान पर प्रदर्शन करना ही काफी नहीं है, बल्कि कप्तानी के मोर्चे पर भी हर पल पैनी नजर और सही फैसलों की जरूरत होती है। IPL 2026 यानी इस रंगारंग लीग के 19वें सीजन का शुभारंभ होने ही वाला है, और इस उत्साह के बीच हम आपके लिए कुछ ऐसे रोचक आंकड़े लेकर आए हैं जो कप्तानी की दुनिया में ‘गोल्डन स्टैंडर्ड’ माने जाते हैं। आईपीएल के इतिहास में अब तक केवल 4 ऐसे कप्तान हुए हैं, जिन्होंने अपनी कप्तानी के पहले ही सीजन में टीम को चैंपियन बनाकर इतिहास रच दिया। इस खास लिस्ट में तीन भारतीय चेहरों के साथ एक विदेशी दिग्गज का नाम भी शामिल है, जिन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता से पूरी दुनिया को हैरान कर दिया।

    इस फेहरिस्त की शुरुआत होती है साल 2008 से, जब ऑस्ट्रेलिया के महान लेग स्पिनर शेन वॉर्न ने राजस्थान रॉयल्स की कमान संभाली। उस समय राजस्थान की टीम में नामी सितारों की कमी थी, लेकिन वॉर्न ने भारतीय घरेलू क्रिकेटरों के भीतर ऐसा आत्मविश्वास भरा कि टीम ने अविश्वसनीय प्रदर्शन किया। पूरे सीजन में केवल 2 मैच हारने वाली इस टीम ने फाइनल में चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर पहला आईपीएल खिताब जीता। इसके बाद साल 2013 में एक नया सितारा उभरा, जिसका नाम था रोहित शर्मा। मुंबई इंडियंस ने सीजन के बीच में रोहित को कप्तानी सौंपी और उन्होंने पिछले 5 सालों से ट्रॉफी के लिए तरस रही मुंबई की झोली में पहला खिताब डाल दिया। रोहित की कप्तानी का यह सफर इतना शानदार रहा कि उन्होंने मुंबई को कुल 5 बार चैंपियन बनाया और टीम को आईपीएल की सबसे सफल फ्रेंचाइजी में शुमार कर दिया।

    कप्तानी के इस ‘डेब्यू मैजिक’ का तीसरा उदाहरण साल 2022 में देखने को मिला, जब हार्दिक पांड्या ने नई फ्रेंचाइजी गुजरात टाइटंस की कमान संभाली। मुंबई के साथ चार खिताब जीतने का अनुभव रखने वाले हार्दिक ने आशीष नेहरा की सटीक प्लानिंग के साथ मिलकर गुजरात को उसके पहले ही सीजन में चैंपियन बना दिया। हार्दिक ने साबित किया कि उनके पास न केवल ऑलराउंड क्षमता है, बल्कि एक लीडर के रूप में गेम को समझने की जबरदस्त समझ भी है। वहीं, इस लिस्ट का सबसे ताजा और चौंकाने वाला नाम रजत पाटीदार का है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरुRCB, जो अनिल कुंबले और विराट कोहली जैसे दिग्गजों की कप्तानी में भी ट्रॉफी नहीं जीत पाई थी, उसकी किस्मत साल 2025 में बदली। आरसीबी प्रबंधन ने रजत पाटीदार को कप्तान बनाने का साहसिक फैसला लिया और पाटीदार ने पहले ही सीजन में टीम को चैंपियन बनाकर विराट कोहली का बरसों पुराना सपना पूरा कर दिया।

    ये चार कप्तान इस बात का सबूत हैं कि आईपीएल में लेगेसी और दबाव के बावजूद, अगर नेतृत्व में स्पष्टता और जज्बा हो, तो पहले ही प्रयास में शिखर को छुआ जा सकता है। अब जब आईपीएल 2026 का आगाज होने जा रहा है, तो फैंस की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या कोई नया चेहरा इस विशिष्ट क्लब में शामिल हो पाता है या फिर पाटीदार अपनी टीम को बैक-टू-बैक दूसरा खिताब दिलाकर एक नई इबारत लिखेंगे। आईपीएल का यह सफर जितना पुराना होता जा रहा है, इसके आंकड़े उतने ही दिलचस्प और रोमांचक होते जा रहे हैं।

  • आकाश दीप की जगह KKR में शामिल हुए सौरभ दुबे, कौन हैं ये नए खिलाड़ी?

    आकाश दीप की जगह KKR में शामिल हुए सौरभ दुबे, कौन हैं ये नए खिलाड़ी?

    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 की शुरुआत से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स को बड़ा झटका लगा है। तेज गेंदबाज आकाश दीप चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह केकेआर ने युवा तेज गेंदबाज सौरभ दुबे को टीम में शामिल किया है, जो अब तक आईपीएल में डेब्यू का इंतजार कर रहे थे.

    कौन हैं सौरव जोड़े?
    सौरभ किशोर बाएं हाथ के तेज गेंदबाज और घरेलू क्रिकेट में विदर्भ की ओर से प्रतिभागी हैं। वह इससे पहले सनराइजर्स हैदराबाद का हिस्सा रह चुके हैं।

    आईपीएल 2022 ऑक्शन में उन्हें 20 लाख रुपये में खरीदा गया, लेकिन उन्हें एक भी मैच का मौका नहीं मिला। आईपीएल 2026 ऑक्शन में उन्होंने 30 लाख बेसिस प्रॉपर्टी रखी थी, मगर किसी टीम ने उन्हें नहीं खरीदा। हालांकि, केकेआर के साथ पहले ट्रेनिंग कर रहे लोगों को अब अचानक बड़ा मौका मिल गया है।

    घरेलू क्रिकेट में दमदार रिकॉर्ड
    सौरव ज्यूज़ का घरेलू प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने लिस्ट-ए क्रिकेट में 8 मैचों में 16 विकेट लिए हैं, जबकि 3 टी20 मुकाबलों में भी अपनी छाप छोड़ी है। एसीसी इमर्जिंग एशिया कप 2019 में भारतीय टीम का हिस्सा रहे जेसन ने अपने डेब्यू मैच में नेपाल के 26 रन विकेट 4 विकेट झटके थे। इस शानदार प्रदर्शन के चलते उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ भी चुना गया।

    केकेआर की बोली बनी चिंता
    इस सीजन में केकेआर की ओर से सबसे तेज नजर आ रही है। हर्षित राणा और आकाश दीपक के आउट होने से टीम की परेशानी बढ़ गई है। इसके अलावा श्रीलंकाई टीम के तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना के शुरुआती मुकाबलों के लिए कोई उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सौरभ के लिए यह खुद को साबित करने का सुनहरा मौका है।

    पिछले सीज़न का अंतिम प्रदर्शन
    अजिंक्य रहाणे के वैज्ञानिक में केकेआर का पिछला सीजन काफी निराशाजनक रहा था। टीम 14 में से सिर्फ 5 मैच जीती थी। इस बार टीम वापसी की उम्मीद के साथ उतरेगी, लेकिन सामने आई कमजोरी की चिंता का विषय बनी हुई है।

    बैटिंग में विशेष ताकतें
    हालांकि वैकल्पिक रूप से केकेआर की मजबूत नजर आ रही है। फिन एलन, टिम सीफर्ट और कैमरून ग्रीन जैसे खिलाड़ी टीम में हिस्सा लेंगे। वहीं आंद्रे रसेल के जाने के बाद टीम में रोवमैन पॉवेल को फिनिशर की भूमिका में शामिल किया गया है।

  • ग्लोबल क्रिकेट मार्केट में न्यूजीलैंड की एंट्री: 'NZ20' लीग के जरिए बदलेगा बोर्ड का भाग्य, महिला और पुरुष क्रिकेटर्स को मिलेगा विश्व स्तरीय मंच!

    ग्लोबल क्रिकेट मार्केट में न्यूजीलैंड की एंट्री: 'NZ20' लीग के जरिए बदलेगा बोर्ड का भाग्य, महिला और पुरुष क्रिकेटर्स को मिलेगा विश्व स्तरीय मंच!


    नई दिल्ली:
    विश्व क्रिकेट में अपनी शालीनता और निरंतरता के लिए मशहूर न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड NZC ने अब एक ऐसा कदम उठाया है, जो खेल के भविष्य और इसके व्यावसायिक स्वरूप को पूरी तरह से बदल कर रख देगा। वैश्विक टी20 सर्किट में अपनी स्थिति को और अधिक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में न्यूजीलैंड ने अपनी खुद की फ्रेंचाइजी आधारित टी20 लीग NZ20 को शुरू करने का सैद्धांतिक फैसला ले लिया है। यह निर्णय न केवल न्यूजीलैंड के घरेलू क्रिकेट के लिए एक प्राथमिक विकल्प के रूप में उभरा है, बल्कि इसने दुनिया भर के क्रिकेट गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। पिछले दो दशकों से भी अधिक समय से, यानी करीब 21 वर्षों से न्यूजीलैंड में सुपर स्मैश के रूप में टी20 क्रिकेट का आयोजन होता आ रहा है, लेकिन बदलती वैश्विक परिस्थितियों और आईपीएल IPL जैसी बड़ी लीगों की अभूतपूर्व सफलता को देखते हुए बोर्ड ने अब इस पारंपरिक ढांचे में बदलाव का मन बना लिया है।

    NZC बोर्ड की चेयरपर्सन डायना पुकेतापु-लिंडन ने इस महत्वपूर्ण बदलाव की पृष्ठभूमि को साझा करते हुए स्पष्ट किया कि बोर्ड के सामने दो बड़े विकल्प मौजूद थे। पहला विकल्प ऑस्ट्रेलिया की मशहूर बिग बैश लीग BBL में विस्तार करना था और दूसरा अपना खुद का एक स्वतंत्र ब्रांड यानी NZ20 लीग शुरू करना। बोर्ड ने गहन चर्चा और मंथन के बाद अपनी घरेलू पहचान को बनाए रखने और उसे एक नया ग्लोबल रूप देने के लिए NZ20 के पक्ष में फैसला सुनाया। हालांकि यह अभी शुरुआती स्तर पर है, लेकिन बोर्ड की प्राथमिकता अब पूरी तरह से लाइसेंसिंग और वाणिज्यिक समझौतों को अंतिम रूप देने पर टिकी है। डेलॉयट Deloitte की विशेष रिपोर्ट और विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ लंबे परामर्श के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि न्यूजीलैंड क्रिकेट के पास दुनिया भर में एक मजबूत ब्रांड वैल्यू है, जिसका सही व्यावसायिक उपयोग करना अब समय की मांग है।

    विशेष रूप से, न्यूजीलैंड की महिला क्रिकेट टीम के टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन बनने और पुरुष टीम के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतर शानदार प्रदर्शन ने इस नई लीग के लिए एक बेहद ठोस और उपजाऊ जमीन तैयार की है। NZ20 की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें महिला टी20 प्रतियोगिता को भी पुरुष क्रिकेट के समान ही महत्व, दृश्यता और मंच दिया जाएगा। बोर्ड का उद्देश्य इसे केवल एक व्यावसायिक आयोजन बनाना नहीं, बल्कि क्षेत्रीय आधार पर टीमों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है ताकि स्थानीय फैंस अपने चहेते सितारों को लाइव देख सकें और खेल से जुड़ाव महसूस करें। बोर्ड वर्तमान में मालिकाना हक और इक्विटी जैसे गंभीर और तकनीकी मसलों पर भी निवेशकों के साथ बातचीत कर रहा है, ताकि लीग का आधार वित्तीय रूप से मजबूत हो।

    डायना पुकेतापु-लिंडन के शब्दों में, “यह न्यूजीलैंड क्रिकेट के लिए एक रोमांचक और ऐतिहासिक समय है।” बोर्ड का मानना है कि NZ20 लीग न केवल आर्थिक रूप से बोर्ड को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि यह न्यूजीलैंड के युवा और उभरते क्रिकेटरों को भी एक ऐसा विश्व स्तरीय मंच प्रदान करेगी जहाँ वे दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खेल सकेंगे। यह लीग न्यूजीलैंड क्रिकेट को एक नई ऊंचाई पर ले जाने और वैश्विक क्रिकेट कैलेंडर में अपनी एक स्थायी जगह बनाने का जरिया बनेगी। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह लीग सुपर स्मैश की जगह लेकर वैश्विक स्तर पर आईपीएल और बिग बैश जैसी लीगों को कितनी कड़ी चुनौती दे पाती है।

  • IPL 2025 के 5 ‘छुपे रुस्तम’ खिलाड़ी, इस बार भी मचा सकते हैं बड़ा धमाल!

    IPL 2025 के 5 ‘छुपे रुस्तम’ खिलाड़ी, इस बार भी मचा सकते हैं बड़ा धमाल!

    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग हमेशा से युवा ही खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा का सबसे बड़ा मंच बना हुआ है। हर सीज़न में कुछ नए चेहरे उभरकर सामने आते हैं, जो अपने प्रदर्शन से शौकीनों और क्रिकेट खिलाड़ियों को चौंका देते हैं। आईपीएल 2025 में भी कुछ ऐसा ही ‘छुपे रुस्तम’ खिलाड़ी आया सामने, अपने खेल से खास पहचान बनाई। अब आईपीएल 2026 में एक बार फिर इन प्लेयर्स पर नजरें टिकी होंगी।

    सूर्यवंशी: कम आयु, बड़ा विस्फोट
    वैभव सूर्यवंशी ने पिछले सीजन में 14 साल की उम्र में इतिहास रच दिया था। गुजरात टाइटंस के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 35 बॉल में शतक जड़ावतकर बोस को चौंका दिया। 7 मैचों में 206 के स्ट्राइक रेट से 252 रन बनाने वाले वैभव आईपीएल में शतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बने। इस बार हमसे और भी बड़े प्रदर्शन की उम्मीद है।

    आयुष म्हात्रे: सीएसके का नया प्रतिष्ठित ओपनर
    आयुष म्हात्रे ने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए अपने आक्रामक मुकाबले में सभी का ध्यान खींचा। सिर्फ 7 मैचों में 188 के स्ट्राइक रेट से 240 रन बनाने वाले आयुष इस बार टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं। संभावना है कि वह संजू सैमसन के साथ मिलकर आमोद-प्रमोद में नजर आएंगे।

    प्रभसिमरन सिंह: पंजाब की सुपरस्टार
    प्रभसिमरन सिंह ने पंजाब किंग्स को फाइनल तक के खिताब में अहम भूमिका निभाई थी। 17 मैचों में 160 के स्ट्राइक रेट से 549 रन बनाने वाले प्रभसिमरन टीम के सबसे पसंदीदा बल्लेबाज उभरे। कैप्टन श्रेयस अय्यर को इस सीज़न में भी बड़े स्कोर की उम्मीद है।

    प्रियांश आर्या: नाटकीय ड्रामा का दूसरा चेहरा
    प्रियांश आर्य ने भी अपने दोस्त प्रभासिमरण के साथ मिलकर कई स्टैब्लो पारियां फिल्में बनाईं। 17 मैचों में 179 के स्ट्राइक रेट से 475 रन बनाने वाले प्रियांश ने एक शतक और दो शतक जड़े। इस बार भी टीम के लिए उनका आक्रामक आक्रामक हथियार साबित हो सकता है।

    अनिकेत वर्मा: डेथ ओवर्स का खतरनाक फिनिशर
    अनिकेत वर्मा ने सनराइजर्स हैदराबाद के लिए डेथ ओवर्स में शानदार बल्लेबाजी की। 14 मैचों में 166 के स्ट्राइक रेट से 236 रन बनाकर वे खुद एक बेहतरीन फिनिशर के रूप में साबित हुए। इस सीज़न में भी उनके आखिरी ओवरों में बारूदी प्रदर्शन की उम्मीद बनी रहेगी।

    इस बार और उपयोगी जानकारी
    इन सभी खिलाड़ियों ने आईपीएल 2025 में अपना प्रभाव छोड़ दिया है, लेकिन रियल चैलेंज अब 2026 में खुद को लगातार साबित करने की होगी। यदि ये खिलाड़ी अपने पिछले प्रदर्शन में डबलने में सफल रहते हैं, तो इस सीज़न में भी इनका नाम हो सकता है और ये मैच के लिए मैच विनर साबित हो सकते हैं।

  • क्रिकेट से कैश तक: IPL में कैसे छपते हैं पैसे, ₹1000 करोड़ स्पॉन्सरशिप का राज

    क्रिकेट से कैश तक: IPL में कैसे छपते हैं पैसे, ₹1000 करोड़ स्पॉन्सरशिप का राज


    नई दिल्ली।  भारतीय क्रिकेट टीम की अंतर्राष्ट्रीय सफलताओं-चैंपियन ट्रॉफी, एशिया कप और टी20 विश्व कप-ने देश में खेल उद्योग को नया स्थान दिया गया है। इसका असर दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग इंडियन प्रीमियर लीग पर भी नजर आ रहा है, जो अब सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक विशाल बिजनेस प्लेटफॉर्म बन चुका है।

    स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में ऐतिहासिक उछाल
    WPP मीडिया की ‘स्पोर्टिंग नेशन 2025’ रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय खेल उद्योग का आकार 13.4% 18,864 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पिछले चार वर्षों में इसका लगभग दोगुना भुगतान किया गया है। मीडिया में कलाकारी का योगदान सबसे ज्यादा रहा, जो अब तक 9,571 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। खास बात यह है कि डिजिटल विज्ञापन ने पहली बार टीवी सुपरस्टार को पीछे छोड़ दिया।

    क्रिकेट का सुपरमार्केट: 89% स्टॉक
    रिपोर्ट के अनुसार, भारत की कुल खेल उद्योग में क्रिकेट की दुकान 89% है। यह चित्र बताता है कि किस देश में अन्य खेलों के अलावा क्रिकेट पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है और क्यों आईपीएल के लिए सबसे बड़ा मंच बन गया है।

    स्पॉन्सरशिप बाजार में भी तेजी से बढ़ रही है
    रियल मनी गेमिंग सेक्टर पर मजबूत प्रभाव के बावजूद स्पॉन्सरशिप बाजार में 8% की वृद्धि दर्ज की गई और यह 7,949 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

    पहले जहां ड्रीम11 और माय11सर्कल जैसे ब्रांड्स की मार्केटिंग होती थी, अब उनकी जगह गूगल और अपोलो टायर्स जैसे बड़े और पारंपरिक ब्रांड्स ने ले ली है। गूगल ने एआई इवेंट के दौर में क्रिकेट में भारी निवेश किया है और आईपीएल सहित महिला विश्व कप और टी20 विश्व कप जैसे टूर्नामेंटों में प्रमुख भागीदारी निभाई है।

    आईपीएल में ₹1000 करोड़ का ऐतिहासिक आंकड़ा पार
    इंडियन प्रीमियर लीग ने इस बार एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पहली बार आईपीएल चैंपियनशिप की स्पॉन्सरशिप 1000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है।रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 1,033 करोड़ रुपये की स्पॉन्सरशिप मिली है।

    इन आंकड़ों की सबसे बड़ी कमाई
    इस रेस में मुंबई इंडियंस, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और चेन्नई सुपर किंग्स के बड़े स्कोर सबसे आगे हैं। ये सूची अकेले लगभग 150 करोड़ रुपये तक की स्पॉन्सरशिप से कमा रही हैं।

    आईपीएल: खेल से आगे, बिजनेस का सुपरमॉडल
    आज आईपीएल केवल क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं रह गया है, बल्कि इसकी ब्रांडिंग, विज्ञापन और निवेश का सबसे बड़ा मंच बन गया है। ब्रॉडकास्टिंग राइट्स और स्पॉन्सरशिप लेकर प्लेयर्स की नीलामी तक—हर स्तर पर करोड़ों रुपये का गेम है। यही कारण है कि आईपीएल को अब ‘नोट छापने की मशीन’ कहा जाने लगा है।

  • CSK ने बनाया इतिहास, हॉल ऑफ फेम में शामिल हुए सुरेश रैना और मैथ्यू हेडन

    CSK ने बनाया इतिहास, हॉल ऑफ फेम में शामिल हुए सुरेश रैना और मैथ्यू हेडन


    नई दिल्ली।  चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने इतिहास में पहली बार ‘हॉल ऑफ फेम’ की शुरुआत करते हुए दो दिग्गज खिलाड़ियों को खिताब दिलाया है। इस प्रतिष्ठित सूची में भारत के पूर्व स्टार स्टॉकहोम सुरेश रैना और ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज मैथ्यू हेडन शामिल हैं। इस दौरान चेन्नई के एम. ए. चिदम्बरम स्टेडियम में ‘रोअर 26’ कार्यक्रम के आयोजन की घोषणा की गई, जहां हजारों प्रशंसकों के समर्थकों में जश्न का माहौल देखने को मिला।

    रानी: ‘चिन्ना थाला’ का स्वर्णिम सफर
    सुरेश रैना 2008 से 2021 तक चेन्नई सुपर किंग्स का अहम हिस्सा रहे और टीम की सफलता में उनका योगदान अतुलनीय रहा। ‘चिन्ना थाला’ के नाम से मशहूर रेसलर चार बार आईपीएल टाइटल वाली टीम (2010, 2011, 2018 और 2021) के सदस्य रह रहे हैं।

    उन्होंने सीएसके के लिए 5529 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 38 शतक शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने 2010 और 2014 में चैंपियंस लीग टी20 में भी अहम भूमिका निभाई थी। 2014 में उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया। एमएस धोनी की गैरमौजूदगी में कई बार टीम के वैज्ञानिक सपोटते हुए रैना ने अपनी नेतृत्व क्षमता भी साबित की।

    हेडन: शुरुआती सफलता का हीरो
    मैथ्यू हेडन 2008 से 2010 के बीच सीएसके का हिस्सा रहे और टीम की शुरुआती सफलता में उनका योगदान बेहद अहम रहा। 2010 में आईपीएल खिताब जीतने वाली टीम के सदस्य रहे हेडन ने 2009 सीजन में 572 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की थी। वह सीएसके के लिए यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी बने थे। उनके डॉकुलेट ड्रामा ने सीएसके को एक मजबूत टीम के रूप में स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाई।

    वयोवृद्ध खिलाड़ियों के अध्ययन ने हाल ही में शान
    इस खास मौके पर सीएसके के कई पूर्व खिलाड़ी भी मौजूद रहे, जिनमें मुथैया मुरलीधरन, अंबाती रायडू, लक्ष्मीपति बालाजी, सुब्रमण्यम बद्रीनाथ और माइकल हसी शामिल थे। इन दिग्गजों के सहयोगियों ने इस ऐतिहासिक महल को और भी यादगार बना दिया।

    नए सीज़न की तैयारी पूरी
    अब सीएसके की नजर आईपीएल 2026 के नए सीजन पर है। टीम अपना पहला मुकाबला 30 मार्च को ग्वालियर में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलेगी।

  • IPL रिकॉर्ड: एक से ज्यादा हैट्रिक लेने वाले चुनिंदा गेंदबाजों की लिस्ट में Yuvraj Singh का नाम

    IPL रिकॉर्ड: एक से ज्यादा हैट्रिक लेने वाले चुनिंदा गेंदबाजों की लिस्ट में Yuvraj Singh का नाम


    नई दिल्ली दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी20 लीग इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन की शुरुआत 28 मार्च से हो रही है। पहले गैजेट में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और सनराइजर्स रेजिडेंट रियल एस्टेट- मुख्य रूप से संबंधित।

    आईपीएल में अब तक राजचिह्न ने कुल 23 हैट्रिक अपने नाम की हैं, लेकिन इस उपलब्धि को एक से अधिक बार हासिल करना बेहद मुश्किल माना जाता है। यही वजह है कि अब तक सिर्फ तीन ही लोग ऐसे हैं, आईपीएल में एक से ज्यादा बार हैट्रिक लेने का कारनामा किया गया है।

    युवराज सिंह: एक ही सीज़न में दो हैट्रिक का अनोखा रिकॉर्ड
    युरेनस सिंह का उनका कार्टून ड्रामा काफी मशहूर है, लेकिन आईपीएल 2009 में उन्होंने बॉल से भी कमाल कर दिखाया था। पंजाब किंग्स की ओर से प्रतिस्पर्धी युनाइटेड ने एक ही सीज़न में दो हैट्रिक लेकर इतिहास रच दिया। 1 मई 2009 को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ़ रॉबिन उथप्पा, जैक्स कैलिस और मार्क बाउचर लगातार तीन स्ट्राइक पर आउट हुए।

    इसके बाद डेकन चार्जर्स के खिलाफ मैच में उन्होंने दूसरी बार हैट्रिक ली, जिसमें हर्शल गिब्स, एंड्रयू साइमंड्स और वेणुगोपाल राव शामिल थे। युनाइटेड स्टेट्स आज भी आईपीएल के एक ही सीजन में दो हैट्रिक लेने वाले इकलौते कलाकार हैं।

    अमित मिश्रा: हैट्रिक के बादशाह
    आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा हैट्रिक लेने का रिकॉर्ड अमित मिश्रा का नाम है। उन्होंने कुल तीन बार यह उपलब्धि हासिल की है।

    पहली हैट्रिक उन्होंने 2008 में दिल्ली डेयरडेविल्स की ओर से डेकन चार्जर्स के खिलाफ खेली थी। इसके बाद 2011 में डेक्कन चार्जर्स की जर्सी में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ हैट्रिक ली का दूसरा मुकाबला हुआ। 2013 में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उन्होंने पुणे वॉरियर्स की तीसरी हैट्रिक लेकर इतिहास रच दिया।

    युजवेंद्र चहल: स्पिन से दो बार का शानदार धमाल
    भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल भी इस खास क्लब का हिस्सा हैं। उन्होंने आईपीएल में दो बार हैट्रिक लेने का कारनामा किया है। 2022 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स के थ्री बॉस्टनल को कॉन्स्टेंटिव स्ट्राइक पर आउट किया। इसके बाद आईपीएल 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ चेपॉक के मैदान पर वे दीपक डेयरी, अंसल कंबोज और अहमद नूर दूसरी बार हैट्रिक पूरी तरह से आउट हो गए।

    हैट्रिक: नामांकन के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि
    टी20 क्रिकेट में हैट्रिक लेना किसी भी दर्शक के लिए बड़ी उपलब्धि है। आईपीएल जैसे हाई-प्रेशर टूर्नामेंट में यह और भी खास बन जाता है। इन तीनों ने न सिर्फ हैट्रिक ली, बल्कि इसे डबलकर अपने नाम को रिकॉर्ड बुक में हमेशा के लिए दर्ज कर लिया।

  • IPL की 'ग्रेटेस्ट XI' से रोहित शर्मा बाहर! केविन पीटरसन ने धोनी को सौंपा नेतृत्व, इस दिग्गज स्पिनर को बताया अपना फेवरेट।

    IPL की 'ग्रेटेस्ट XI' से रोहित शर्मा बाहर! केविन पीटरसन ने धोनी को सौंपा नेतृत्व, इस दिग्गज स्पिनर को बताया अपना फेवरेट।


    नई दिल्ली :
    इंडियन प्रीमियर लीग IPL के इतिहास में जब भी सबसे सफल कप्तानों और बल्लेबाजों की चर्चा होती है, तो रोहित शर्मा का नाम सबसे ऊपर आता है। “हिटमैन” के नाम से मशहूर रोहित ने न केवल अपनी कप्तानी में मुंबई इंडियंस को पांच बार खिताबी जीत दिलाई है, बल्कि वे टूर्नामेंट के इतिहास में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर काबिज हैं। बावजूद इसके, इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज कप्तान केविन पीटरसन की “ऑल-टाइम IPL XI” में रोहित शर्मा को जगह नहीं मिल सकी है। पीटरसन ने हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान अपनी ड्रीम टीम का चयन किया, जिसमें कई चौंकाने वाले फैसले देखने को मिले। दिग्गजों से भरी इस लीग में से सिर्फ 11 खिलाड़ियों को चुनना हमेशा से एक टेढ़ी खीर रहा है, और पीटरसन की टीम से रोहित जैसे बड़े नाम का छूटना क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया है।

    ‘लव ऑफ क्रिकेट’ पॉडकास्ट पर जोस बटलर के साथ चर्चा करते हुए पीटरसन ने अपनी टीम की रूपरेखा तैयार की। ओपनिंग स्लॉट के लिए उनके पास क्रिस गेल, विराट कोहली, डेविड वॉर्नर और रोहित शर्मा जैसे विकल्प थे, लेकिन पीटरसन ने ‘यूनिवर्स बॉस’ क्रिस गेल और ‘किंग’ विराट कोहली की जोड़ी पर भरोसा जताया। मध्यक्रम की बात आई तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के “मिस्टर आईपीएल” कहे जाने वाले सुरेश रैना और दक्षिण अफ्रीकी दिग्गज एबी डी विलियर्स को टीम में शामिल किया। कप्तान और विकेटकीपर की भूमिका के लिए पीटरसन ने महेंद्र सिंह धोनी के नाम पर मुहर लगाई और इसे “नॉन-नेगोशिएबल” यानी बिना किसी शर्त के अनिवार्य बताया। धोनी को उन्होंने बल्लेबाजी क्रम में पांचवें नंबर पर रखा, जो उनके नियमित क्रम से थोड़ा ऊपर है।

    ऑलराउंडर और स्पिन विभाग में भी पीटरसन ने कड़े फैसले लिए। उन्होंने हार्दिक पांड्या जैसे मैच विनर को नजरअंदाज करते हुए आंद्रे रसेल और सुनील नरेन को प्राथमिकता दी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि नरेन किसी भी आईपीएल टीम का हिस्सा होने चाहिए। वहीं, रवींद्र जडेजा को भी उन्होंने अपनी टीम में शामिल करना जरूरी समझा। स्पिन गेंदबाजी के मोर्चे पर पीटरसन ने राशिद खान और हरभजन सिंह के ऊपर युजवेंद्र चहल को तरजीह दी। चहल की तारीफ करते हुए पीटरसन ने यहाँ तक कह दिया कि आरसीबी RCB द्वारा चहल को रिलीज करना आईपीएल इतिहास का सबसे खराब फैसला था।

    तेज गेंदबाजी आक्रमण की बारी आई तो पीटरसन को विकल्प सुनने की भी जरूरत महसूस नहीं हुई। उन्होंने जसप्रीत बुमराह और लसिथ मलिंगा के नाम सुनते ही उन्हें अपनी अंतिम एकादश में शामिल कर लिया। पीटरसन की इस टीम में संतुलन और आक्रामकता का अनोखा मिश्रण दिखता है, लेकिन रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या की अनुपस्थिति इस चयन को काफी विवादित और रोचक बनाती है। उनकी यह ‘ग्रेटेस्ट इलेवन’ पूरी तरह से उन खिलाड़ियों पर केंद्रित रही जिन्होंने पिछले डेढ़ दशक में व्यक्तिगत प्रदर्शन से आईपीएल को एक नई ऊंचाई दी है।

  • फाफ डु प्लेसिस का बड़ा बयान, IPL 2026 में पंत पर रहेगी सबसे बड़ी जिम्मेदारी

    फाफ डु प्लेसिस का बड़ा बयान, IPL 2026 में पंत पर रहेगी सबसे बड़ी जिम्मेदारी


    नई दिल्ली भारतीय क्रिकेटर बल्लेबाज ऋषभ पंत के लिए आईपीएल 2026 के लिए अग्निपरीक्षा से कम नहीं होने वाला है। पिछले कुछ समय से सीमित ओवरों के क्रिकेट में खराब फॉर्म से वापसी कर रहे पंत को टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम में जगह नहीं मिली थी। जहां कहीं भी फंसे हुए हैं वहां उनकी स्थिति मजबूत नहीं है। ऐसे में आईपीएल 2026 में उनके लिए खुद को साबित करने का सबसे बड़ा मंच बन गया है।

    फाफ डु प्लेसिस ने प्लांटेशन चिंता
    दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान फाफ डु प्लेसिस ने पंत को लेकर बड़ा बयान दिया है। जियो हॉटस्टार पर बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि इस सीजन में सबसे ज्यादा दबाव अगर किसी खिलाड़ी पर होगा तो वह हैं ऋषभ पंत।

    डु प्लेसिस ने कहा, “मेरे लिए ऋषभ पंत इस आईपीएल के ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन पर सबसे ज्यादा दबाव है। कुछ खिलाड़ियों के दबाव में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का टैग है, जबकि कुछ संघर्ष करते हैं। पिछले सीजन में उनके लिए काफी मुश्किल रहा था।

    औद्योगिक और अनौपचारिक का दोहरा दबाव
    फाफ ने यह भी बताया कि पंत पर सिर्फ फ्लोटिंग का ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक का भी दबाव रहेगा। टीम का प्रदर्शन, गेंदबाजी का संचालन और मैच की रणनीति-इनमें सभी की जिम्मेदारी पंत के रिकॉर्ड पर होगी।

    उन्होंने कहा, “अगर एक कैप्टन रन बना रहा है, तो उसका दबाव खुद-ब-खुद कम हो जाता है। लेकिन पिछले सीजन में पंत और उनकी टीम का प्रदर्शन सामान्य रहा था, इसलिए इस बार उन पर सबसे ज्यादा सवाल और दबाव दोनों होंगे।

    रिकॉर्ड कीमत और उम्मीदों का भार
    आईपीएल 2025 की नीलामी में लखनऊ सुपर जायंट्स ने ऋषभ पंत को 27 करोड़ रुपये में खरीदकर आईपीएल इतिहास का सबसे महंगा खिलाड़ी बनाया था। इतनी बड़ी कीमत के बाद उनका विवरण भी एक ही स्तर का था, लेकिन वह उन पर खरा नहीं उतरे।

    पिछले सीज़न में पंत ने 14 मैचों में 269 रन बनाए, जिसमें 1 शतक और 1 शतक शामिल था। उनका सर्वाधिक स्कोर रेटिंग 118 पर है, लेकिन टीम प्लेऑफ तक पहुंच नहीं पाई है। नेशनल टीम की टीम का गठन स्थान पर रहा, जिससे आलोचनाएं और बढ़ती गईं।

    आईपीएल 2026 में बड़ा मौका
    आईपीएल 2026 में पंत की वापसी का सबसे बड़ा मौका है। अगर वह इस सीजन में रन बनाते हैं और टीम को जीत दिलाते हैं, तो वह फिर से टीम इंडिया में अपनी जगह मजबूत कर सकते हैं।

    इस सीजन में नेशनल सुपर जायंट्स का पहला मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 1 अप्रैल को इकाना स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैच में सभी की नजरें पंत के प्रदर्शन पर।

    मित्र और टीम का विवरण
    पंत की आक्रामक बैटल और मैच जिताने की क्षमता से कोई नाराज नहीं है। ऐसे में एलएसजी प्रबंधन और प्रेमी को उम्मीद है कि वह इस बार अपनी फॉर्म में वापसी करेंगे और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाएंगे।