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  • 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ी वाराणसी में स्वागत से खुश

    72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ी वाराणसी में स्वागत से खुश


    वाराणसी । वाराणसी में 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन काशी के सिगरा स्टेडियम में चल रहा है। इसमें देशभर की 58 संस्थाओं की 1,000 से ज्यादा टीमों के खिलाड़ी हिस्सा लेने पहुंचे हैं। खासकर जम्मू-कश्मीर की महिला टीम ने यहां अपने स्वागत को लेकर काफी खुशी व्यक्त की।

    जम्मू-कश्मीर महिला टीम के मुख्य कोच बलविंदर सिंह जंबाल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा”सरकार और हमारी एसोसिएशन के सहयोग से जम्मू-कश्मीर में खेल को बढ़ावा मिला है। यही वजह है कि हम यहां तक पहुंचे हैं। वाराणसी में हमें जो स्वागत मिला हैवह बहुत दिलचस्प और प्रेरणादायक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के नातेयह धार्मिक नगरी है और हम यहां आकर बहुत खुश हैं।

    टीम की सदस्य सदफ मंजूर ने बताया”यहां प्रतियोगिता काफी कठिन हैक्योंकि देश भर से मजबूत टीमें आई हैं। हम भी अपनी पूरी कोशिश करेंगे।” उन्होंने कहा कि यह उनका पहला मौका है जब वे वाराणसी आई हैं और यहां के लोगों ने उन्हें दिल से स्वागत कियाजिसके लिए वे आभारी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पहले लड़कियों के लिए खेल के क्षेत्र में आना बहुत मुश्किल थालेकिन केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से अब जम्मू-कश्मीर में लड़कियों की खेलों में भागीदारी बढ़ी है।

    सदफ ने हिजाब पहनकर खेलने पर भी चर्चा की और कहा”हम हिजाब पहनकर खेलते हैं और हमें कोई समस्या नहीं होती। हमारी संस्कृति और पहनावे का सम्मान किया जाता है।कश्मीर की आयत ने भी प्रतियोगिता की चुनौतीपूर्ण प्रकृति को स्वीकार किया और कहा”यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता हैऔर हम अच्छी सुविधाओं के लिए सरकार का धन्यवाद करते हैं। हमें यहां बहुत अच्छा लगाऔर स्वागत बहुत अच्छा हुआ।

    चैंपियनशिप का आयोजन

    यह चैंपियनशिप 4 जनवरी से 11 जनवरी तक चलेगी। उद्घाटन कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअली किया जाएगा।

  • Under-19, ODI: कैप्टेंसी डेब्यू में वैभव सूर्यवंशी का फ्लाप शो… ये दो खिलाड़ी बने संकटमोचक

    Under-19, ODI: कैप्टेंसी डेब्यू में वैभव सूर्यवंशी का फ्लाप शो… ये दो खिलाड़ी बने संकटमोचक


    नई दिल्ली।
    इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका (India vs South Africa) पहला अंडर-19 वनडे मैच (First Under-19 ODI match) बेनोनी के विलोमूर पार्क में खेला गया। यह वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) का बतौर भारतीय कप्तान पहला मैच था। इस मैच में उनका बल्ला तो नहीं चला, मगर इंद्रदेव की बदौलत टीम इंडिया 25 रनों (DLS) से इस मैच में जीत दर्ज करने में कामयाब रही। वैभव सूर्यवंशी जैसे विस्फोटक बल्लेबाज के फ्लोप शो के बावजूद भारत ने पहले बैटिंग करते हुए निर्धारित 50 ओवर में 300 रन बोर्ड पर लगाए, जिसके सामने साउथ अफ्रीका ने बारिश की खलल तक 27.4 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 148 रन बनाए। DLS मैथड के हिसाब से टीम इंडिया 25 रन आगे चल रही थी। मैच शुरू ना हो पाने की कंडीशन की वजह से अंपायरों को मुकाबले को वहीं समाप्त करना पड़ा, जिस वजह से टीम इंडिया ने यह मैच 25 रनों से अपने नाम किया।

    साउथ अफ्रीका ने पहले वनडे में टॉस जीतकर बॉलिंग करने का फैसला लिया था। नियमित कप्तान आयुष म्हात्रे के टीम में ना होने की वजह से वैभव सूर्यवंशी को वनडे टीम की कप्तानी सौंपी गई है। वैभव के साथ आरोन जोर्ज ने पारी का आगाज किया और दोनों भारतीय सलामी बल्लेबाज सस्ते में पवेलियन लौटे। आरोन ने 7 गेंदों पर 5 तो वैभव सूर्यवंशी ने 12 गेंदों पर 11 रन बनाए।

    एक समय ऐसा था जब भारत 15वें ओवर तक 67 के स्कोर पर 4 विकेट खो चुका था, तब हरवंश पंगालिया (93) और आरएस अंबरीश (65) ने 5वें विकेट के लिए 137 रनों की साझेदारी कर बड़े स्कोर की राह दिखाई। टीम इंडिया 50 ओवर में 300 के स्कोर पर सिमट गई।

    301 के टारगेट का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका की टीम की भी शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहले 10 ओवर में टीम ने 62 के स्कोर पर 3 विकेट खो दिए थे। इसके बाद चौथे विकेट के लिए ओपनर जोरिच वान शाल्कविक (60*) और अरमान मनैक (46) के बीच 86 रनों की साझेदारी हुई। बारिश की वजह से मैच रुकने से पहले मनैक रन आउट हो गए, जिसका फायदा भारत को मिला। बारिश की वजह से मैच फिर शुरू नहीं हो पाया और भारत ने मुकाबले को 25 रनों (DLS) से अपने नाम किया। तीन मैच की इस सीरीज में भारत अब 1-0 से आगे है।

  • मुस्तफिजुर को IPL से बाहर करने पर गहराया विवाद… टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश उठा सकता है ये कदम

    मुस्तफिजुर को IPL से बाहर करने पर गहराया विवाद… टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश उठा सकता है ये कदम


    नई दिल्ली।
    कोलकाता नाइट राइडर्स (Kolkata Knight Riders) से बांग्लादेशी तेज गेंदबाज़ मुस्ताफिज़ुर रहमान (Mustafizur Rahman) को रिलीज किए जाने के बाद यह मामला अब सिर्फ आईपीएल (IPL) तक सीमित नहीं रहा. सूत्रों के मुताबिक, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (Bangladesh Cricket Board- BCB) ने संकेत दिए हैं कि अगर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Board of Control for Cricket in India- BCCI) आधिकारिक तौर पर मुस्ताफिज़ुर को आईपीएल से बाहर किए जाने के कारणों की पुष्टि करता है, तो बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप के कुछ मैचों के वेन्यू बदलने की मांग कर सकता है।


    मीटिंग में लिया गया फैसला

    सूत्रों के अनुसार, मुस्ताफिज़ुर के आईपीएल से बाहर होने के बाद BCB के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक आपात बैठक की. इस बैठक में यह सवाल प्रमुखता से उठा कि जब भारत मुस्ताफिज़ुर रहमान जो आईपीएल में खेलने वाले बांग्लादेश के इकलौते खिलाड़ी थे उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं दे सका, तो फिर टी20 वर्ल्ड कप के दौरान पूरी बांग्लादेश टीम की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी।

    बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि बांग्लादेश की राष्ट्रीय टीम को एक महीने से भी कम समय में भारत में टी20 वर्ल्ड कप खेलना है. ऐसे में खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. इसी वजह से BCB ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को भी दे दी है।


    असली वजह जानना चाहता है बांग्लादेश

    सूत्रों का कहना है कि BCB अब आधिकारिक तौर पर भारतीय क्रिकेट बोर्ड से यह स्पष्ट जवाब चाहता है कि मुस्ताफिज़ुर रहमान को आईपीएल से बाहर करने की असली वजह क्या थी. अगर यह कारण सुरक्षा या राजनीतिक दबाव से जुड़ा पाया गया, तो बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और बांग्लादेश सरकार, दोनों मिलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

    आईसीसी के नियमों के मुताबिक, किसी भी देश को सुरक्षा कारणों के आधार पर वेन्यू बदलने की मांग करने के लिए उसके क्रिकेट बोर्ड और सरकार दोनों को औपचारिक शिकायत देनी होती है. इसके बाद आईसीसी हालात की समीक्षा कर फैसला लेता है।

    बता दें कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 की मेज़बानी भारत और श्रीलंका संयुक्त रूप से कर रहे हैं. टूर्नामेंट के कई अहम मुकाबले कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में प्रस्तावित हैं. यही वही मैदान है जिसने आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2023 के दौरान पाकिस्तान टीम की भी मेज़बानी की थी। हालांकि, सूत्रों का यह भी कहना है कि टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट का वेन्यू बदलना आईसीसी के लिए आसान नहीं होगा. इससे न सिर्फ मेज़बान देशों की तैयारियों पर असर पड़ेगा, बल्कि प्रसारण, टिकटिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़े कई बड़े फैसलों को दोबारा लेना पड़ेगा।

    फिलहाल, पूरा मामला इस बात पर टिका है कि BCCI मुस्ताफिज़ुर रहमान की आईपीएल से छुट्टी पर क्या आधिकारिक कारण बताता है. अगर यह मामला और तूल पकड़ता है, तो आने वाले दिनों में भारत-बांग्लादेश क्रिकेट संबंधों में भी तनाव देखने को मिल सकता है।

  • टीम इंडिया का बड़ा ऐलान: शुभमन गिल बने कप्तान, सिराज-श्रेयस की धमाकेदार वापसी, ऋतुराज बाहर!

    टीम इंडिया का बड़ा ऐलान: शुभमन गिल बने कप्तान, सिराज-श्रेयस की धमाकेदार वापसी, ऋतुराज बाहर!


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम की नए साल में पहली बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड के खिलाफ होने जा रही है। 11 जनवरी से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए बीसीसीआई ने शनिवार को टीम इंडिया का ऐलान कर दिया है। इस सीरीज में एक बार फिर रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ी भारतीय जर्सी में नजर आएंगे, जबकि तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और उप-कप्तान श्रेयस अय्यर की टीम में वापसी हुई है। वहीं शानदार फॉर्म में होने के बावजूद ऋतुराज गायकवाड़ को वनडे टीम से बाहर रखा गया है, जो चयनकर्ताओं के फैसले पर सवाल खड़े कर रहा है।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज की कमान युवा बल्लेबाज शुभमन गिल को सौंपी गई है। शुभमन साउथ अफ्रीका के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज में चोट के कारण नहीं खेल पाए थे, उस दौरान केएल राहुल ने कप्तानी संभाली थी और भारत ने वह सीरीज 2-1 से जीती थी।

    अब शुभमन पूरी तरह फिट होकर कप्तान के रूप में वापसी कर रहे हैं, जिससे टीम को स्थिरता मिलने की उम्मीद है।

    टीम चयन में सबसे बड़ी राहत मोहम्मद सिराज की वापसी को माना जा रहा है। सिराज के आने से भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण और मजबूत हुआ है। वहीं श्रेयस अय्यर को उप-कप्तान बनाया गया है, हालांकि उनका खेलना फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगा। श्रेयस ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान चोटिल हो गए थे और तभी से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर हैं।

    चयनकर्ताओं ने साफ किया है कि मेडिकल टीम से हरी झंडी मिलने के बाद ही वे प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनेंगे।

    हालांकि अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को एक बार फिर टीम में जगह नहीं मिल पाई है। शमी आखिरी बार आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारत के लिए खेले थे, जहां टीम इंडिया ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीता था। इसके अलावा घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर रहे देवदत्त पडिक्कल और ईशान किशन को भी वनडे स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया है। विकेटकीपर के तौर पर ऋषभ पंत और केएल राहुल पर चयनकर्ताओं ने भरोसा जताया है।

    टीम चयन का सबसे चौंकाने वाला फैसला ऋतुराज गायकवाड़ को बाहर करना रहा।

    ऋतुराज साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में शतक लगा चुके हैं, इसके बावजूद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। उनके साथ ध्रुव जुरेल और तिलक वर्मा को भी बाहर का रास्ता दिखाया गया है। यह फैसला फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, केएल राहुल (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान*), वॉशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा, कुलदीप यादव, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह और यशस्वी जायसवाल को शामिल किया गया है।

    भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 11 जनवरी को वडोदरा में खेला जाएगा, दूसरा वनडे 14 जनवरी को राजकोट में और तीसरा वनडे 18 जनवरी को इंदौर में होगा। इसके बाद दोनों टीमों के बीच 21 जनवरी से पांच मैचों की टी20 सीरीज भी खेली जाएगी। न्यूजीलैंड के खिलाफ यह दौरा टीम इंडिया के लिए साल 2026 की शुरुआत में खुद को परखने का बड़ा मौका माना जा रहा है।

  • सचिन की तरह बैटिंग करते है अर्जुन तेंदुलकर, योगराज सिंह का बड़ा दावा

    सचिन की तरह बैटिंग करते है अर्जुन तेंदुलकर, योगराज सिंह का बड़ा दावा


    मुंबई। भारत के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने अर्जुन तेंदुलकर की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए एक बड़ा दावा किया है। योगराज ने कहा कि उन्होंने मुंबई इंडियंस (एमआई) को अर्जुन से ओपनिंग कराने की सलाह दी थी, जिसे फ्रेंचाइजी ने ठुकरा दिया। वह 26 वर्षीय बॉलिंग ऑलराउंडर को ट्रेनिंग दे चुके हैं। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन पांच साल तक एमआई का हिस्सा रहे लेकिन सिर्फ पांच आईपीएल मैच ही खेल सके। उन्हें मुंबई ने 2021 की आईपीएल नीलामी में खरीदा था।
    एमआई ने आईपीएल 2026 से पहले अर्जुन को लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) को ट्रेड कर दिया। योगराज ने अर्जुन की सचिन से तुलना कर डाली है।

    योगराज ने रवीश बिष्ट के यूट्यूब चैनल पर कहा, “आप उसकी बॉलिंग पर ध्यान दे रहे हैं। मुझे नहीं पता कि कोच को क्या दिक्कत है। वह असल में एक बल्लेबाज है। जब वह कैंप के लिए मेरी एकेडमी आया तो मुझे उसका ध्यान रखने के लिए कहा गया। एक दिन उसे बॉल लग गई और मैं उसे डॉक्टर के पास ले गया। उसके बाद वह ठीक हो गया। जब एक बार मैंने पैड पहनने के लिए कहा तो उसने बताया कि उसे बैटिंग का मौका नहीं मिलता।।”

    बता दें कि अर्जुन ने दिसंबर 2022 में अपने रणजी ट्रॉफी डेब्यू पर गोवा के लिए सेंचुरी लगाई थी और पिता सचिन की उपलब्धि की बराबरी की। सचिन ने भी 1988 में अपने रणजी ट्रॉफी डेब्यू पर सेंचुरी जमाई थी। उन्होंने गुजरात के खिलाफ शतक बनाया था।

    उन्होंने आगे कहा, “मैंने अर्जुन से कहा कि मैंने तुम्हें कभी बैटिंग करते नहीं देखा। हम नेट्स पर गए। उसने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की। फौरन चौके-छक्के लगाना शुरू कर दिए। मैंने उसके कोच से पूछा, ‘आप उसे बैटिंग करने का ज्यादा मौका क्यों नहीं देते?’ लेकिन वह बहाने बना रहे थे। वह शानदार बल्लेबाज है और अपने पिता की तरह खेलता है। अर्जुन ने एक हफ्ते तक मेरी एकेडमी में बैटिंग की और कुछ दिनों बाद रणजी ट्रॉफी में शतक बनाया। जब अर्जुन मुंबई इंडियंस के लिए खेल रहा था, तब भी मैंने मैनेजमेंट को उससे कुछ मैचों में ओपनिंग कराने की सलाह दी थी लेकिन उन्होंने नहीं सुना।” अर्जुन ने 2023 में एमआई की ओर से आईपीएल डेब्यू किया और पूरे सीजन में चार मैच खेले। उन्हें आईपीएल 2024 में सिर्फ एक मैच खेलने का मौका मिला था।

  • भारत और न्यूजीलैंड के बीच जनवरी 2026 में तीन मैचों की रोमांचक वनडे सीरीज होगी। रोहित शर्मा और विराट कोहली से टीम को बड़ी पारियों की उम्मीद है।

    भारत और न्यूजीलैंड के बीच जनवरी 2026 में तीन मैचों की रोमांचक वनडे सीरीज होगी। रोहित शर्मा और विराट कोहली से टीम को बड़ी पारियों की उम्मीद है।


    नई दिल्ली । भारत और न्यूजीलैंड के बीच जनवरी 2026 में तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। यह सीरीज टी20 वर्ल्ड कप 2026 और वनडे वर्ल्ड कप 2027 की तैयारियों के लिहाज से टीम इंडिया के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। मुकाबले वडोदरा, राजकोट और इंदौर में आयोजित होंगे और तीनों मैच डे-नाइट होंगे।सीरीज की शुरुआत 11 जनवरी 2026 को वडोदरा में होगी। दूसरा मैच 14 जनवरी को राजकोट और तीसरा तथा अंतिम मुकाबला 18 जनवरी को इंदौर में खेला जाएगा। मुकाबलों में टॉस दोपहर 1 बजे होगा और मैच 1:30 बजे से शुरू होंगे।

    टीम चयन और सस्पेंस

    भारतीय टीम के चयन को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। चयनकर्ता श्रेयस अय्यर की फिटनेस रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। यदि अय्यर फिट नहीं होते हैं, तो ऋतुराज गायकवाड़ को टीम में मौका मिल सकता है। इसके अलावा, हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत आराम दिए जाने की चर्चा है। वहीं ऋषभ पंत की वापसी पर भी संशय है।विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन कर रहे सरफराज खान और ईशान किशन भी चयनकर्ताओं की नजर में हैं।

    रोहित और विराट पर नजर
    टीम के दो सीनियर बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली शानदार फॉर्म में हैं। दोनों से इस सीरीज में बड़ी पारियों की उम्मीद है। उनके अनुभव से युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन मिलेगा। यह सीरीज वनडे वर्ल्ड कप 2027 की तैयारी की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    भारत बनाम न्यूजीलैंड का रिकॉर्ड

    वनडे क्रिकेट में भारत का न्यूजीलैंड के खिलाफ रिकॉर्ड मजबूत रहा है। अब तक 120 वनडे मुकाबलों में भारत ने 62 जीते हैं, जबकि न्यूजीलैंड को 52 में सफलता मिली है। सात मैच बेनतीजा रहे हैं और एक मुकाबला टाई रहा है।

    लाइव प्रसारण
    भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज का लाइव प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। मोबाइल और ऑनलाइन दर्शक JioHotstar के जरिए लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं।

    संभावित प्लेइंग-11

    भारत: शुभमन गिल कप्तान, रोहित शर्मा, विराट कोहली, यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा, ऋषभ पंत, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी।न्यूजीलैंड: माइकल ब्रेसवेल कप्तान, डेवोन कॉनवे, डेरिल मिचेल, टॉम लैथम, ग्लेन फिलिप्स, जेम्स नीशम, काइल जैमीसन, ट्रेंट बोल्ट, मिच हे, विल यंग, निकोल्स।इस सीरीज से टीम इंडिया को नई प्रतिभाओं की परख करने का मौका मिलेगा और खिलाड़ियों की फॉर्म पर भी नजर रखी जाएगी। वहीं, न्यूजीलैंड के खिलाफ प्रतिस्पर्धा और रोमांचक मुकाबले फैंस के लिए उत्साह बढ़ाने वाले होंगे।
  • उस्मान ख्वाजा ने किया संन्यास का ऐलान नस्लीय भेदभाव पर छलका दर्द-SCG टेस्ट होगा आखिरी मैच

    उस्मान ख्वाजा ने किया संन्यास का ऐलान नस्लीय भेदभाव पर छलका दर्द-SCG टेस्ट होगा आखिरी मैच


    नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड SCG में खेला जाने वाला एशेज सीरीज का टेस्ट मैच उनके करियर का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा। इस भावुक मौके पर ख्वाजा ने न सिर्फ अपने संन्यास की घोषणा की बल्कि अपने लंबे करियर के दौरान झेले नस्लीय भेदभाव मीडिया की आलोचना और टीम मैनेजमेंट के दोहरे मानदंडों पर भी खुलकर अपनी बात रखी।प्रेस कॉन्फ्रेंस में ख्वाजा ने कहा कि उन्हें पूरे करियर में कई बार उनके पाकिस्तानी मूल और मुस्लिम पहचान के कारण अलग नजर से देखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चोटिल होने की स्थिति में भी उनकी सच्चाई जाने बिना उन पर सवाल खड़े किए गए और उन्हें अक्सर आलसी स्वार्थी या टीम के लिए पूरी तरह समर्पित न होने वाला खिलाड़ी बताया गया।

    ख्वाजा ने कहा जब मैं चोटिल होता था तो लोग बिना पूरी जानकारी के मुझ पर उंगलियां उठाते थे। मुझे ऐसा महसूस कराया गया कि मैं टीम के लिए उतना प्रतिबद्ध नहीं हूं जितना बाकी खिलाड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि यह नजरिया सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं था बल्कि उनकी पहचान से भी जुड़ा हुआ था।उन्होंने हाल ही में पर्थ टेस्ट से पहले गोल्फ खेलने और एक वैकल्पिक ट्रेनिंग सेशन में शामिल न होने पर हुई आलोचना का भी जिक्र किया। ख्वाजा के मुताबिक कई खिलाड़ी मैच से पहले गोल्फ खेलते हैं या शराब पीते हैं लेकिन उन्हें ऑस्ट्रेलियन लैरिकिन्स कहकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। वहीं जब उन्होंने ऐसा किया तो इसे बड़ा मुद्दा बनाया गया और उनकी पेशेवर प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े किए गए।

    ख्वाजा ने साफ शब्दों में कहा कि यह दोहरा मापदंड उन्हें हमेशा खलता रहा। उन्होंने कहा कि अगर वही काम कोई और करता तो उसे मजाक या सामान्य व्यवहार मान लिया जाता लेकिन उनके मामले में इसे चरित्र से जोड़ दिया गया।संन्यास की घोषणा के दौरान ख्वाजा के साथ उनकी पत्नी रेचल बच्चे और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि वे काफी समय से इस फैसले पर विचार कर रहे थे। पत्नी से लंबी बातचीत के बाद उन्हें महसूस हुआ कि अब सही समय आ गया है। ख्वाजा ने कहा कि उन्हें संतोष है कि वे अपने करियर को SCG जैसे ऐतिहासिक मैदान पर अपनी शर्तों पर खत्म कर पा रहे हैं।

    उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि एशेज सीरीज की शुरुआत में एडिलेड टेस्ट की प्लेइंग इलेवन से बाहर रहना उनके लिए एक बड़ा संकेत था। हालांकि बाद में जब उन्हें मौका मिला तो उन्होंने अहम पारियां खेलीं और टीम के लिए योगदान दिया। ख्वाजा ने साफ किया कि वे जबरदस्ती टीम में बने रहने के पक्ष में नहीं थे और अगर जरूरत पड़ी होती तो वे उसी समय संन्यास लेने के लिए तैयार थे।अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी ख्वाजा क्रिकेट से पूरी तरह दूरी नहीं बनाएंगे। वे आगे भी ब्रिस्बेन हीट के लिए बिग बैश लीग और क्वींसलैंड के लिए शेफील्ड शील्ड में खेलते नजर आएंगे। उनका मानना है कि क्रिकेट अभी भी उनके जीवन का अहम हिस्सा है।

    इस मौके पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के CEO टॉड ग्रीनबर्ग ने कहा कि उस्मान ख्वाजा ने मैदान के अंदर और बाहर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को बहुत कुछ दिया है। उनका योगदान सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं रहा बल्कि उन्होंने विविधता समावेशिता और साहस की मिसाल भी पेश की है।कुल मिलाकर उस्मान ख्वाजा का संन्यास सिर्फ एक खिलाड़ी का विदाई नहीं है बल्कि यह ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में मौजूद उन मुद्दों की ओर भी इशारा करता है जिन पर अब खुलकर चर्चा होने लगी है।

  • रोहित–विराट के बाद संकट में वनडे क्रिकेट, अश्विन–इरफान ने ICC और BCCI को चेताया

    रोहित–विराट के बाद संकट में वनडे क्रिकेट, अश्विन–इरफान ने ICC और BCCI को चेताया


    नई दिल्ली । वनडे क्रिकेट का भविष्य एक बार फिर गंभीर चर्चा के केंद्र में आ गया है। भारत के दो सबसे बड़े सितारे रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों के संभावित संन्यास को देखते हुए पूर्व क्रिकेटरों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते बड़े फैसले नहीं लिए गए तो यह फॉर्मेट आने वाले वर्षों में अपनी प्रासंगिकता खो सकता है। खासतौर पर 2027 वनडे विश्व कप के बाद वनडे क्रिकेट का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।

    पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ICC और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI को साफ शब्दों में आगाह किया है कि मौजूदा ढांचे के साथ वनडे क्रिकेट को बचाना मुश्किल होगा। दोनों का मानना है कि द्विपक्षीय सीरीज की घटती अहमियत और टूर्नामेंट्स की अधिकता ने इस फॉर्मेट की चमक फीकी कर दी है।कोविड-19 महामारी के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां पांच मैचों की वनडे सीरीज आम बात हुआ करती थीं, वहीं अब ज्यादातर टीमें केवल तीन मैचों की औपचारिक सीरीज खेलती नजर आती हैं। कई देशों के लिए वनडे क्रिकेट अब सिर्फ विश्व कप तक सीमित होता जा रहा है, जबकि टी20 क्रिकेट और फ्रेंचाइज़ी लीग्स ने दर्शकों का बड़ा हिस्सा अपनी ओर खींच लिया है।

    अश्विन ने हाल ही में अपने यूट्यूब चैनल ऐश की बात में इस मुद्दे पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि अगर रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे बड़े नाम वनडे क्रिकेट से हटते हैं तो दर्शकों की दिलचस्पी और तेजी से कम हो सकती है। अश्विन ने घरेलू क्रिकेट का उदाहरण देते हुए बताया कि विजय हजारे ट्रॉफी को आमतौर पर सीमित दर्शक ही देखते हैं, लेकिन जब रोहित और विराट इस टूर्नामेंट में खेले, तो स्टेडियमों में भारी भीड़ देखने को मिली।उनके मुताबिक, यह साफ संकेत है कि मौजूदा दौर में वनडे क्रिकेट काफी हद तक स्टार खिलाड़ियों पर निर्भर है। अगर बड़े चेहरे नहीं होंगे, तो दर्शकों को आकर्षित करना और भी मुश्किल हो जाएगा। अश्विन ने ICC के मौजूदा टूर्नामेंट मॉडल पर भी सवाल उठाए। उनका मानना है कि साल भर में लगातार अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कराने से फैंस में थकान पैदा हो रही है और हर इवेंट की अहमियत कम होती जा रही है।

    अश्विन ने सुझाव दिया कि ICC को फुटबॉल की तर्ज पर वनडे विश्व कप को चार साल में सिर्फ एक बार आयोजित करना चाहिए ताकि इस टूर्नामेंट की प्रतिष्ठा और रोमांच बना रहे। उनका कहना है कि जब कोई इवेंट दुर्लभ होता है तो उसकी वैल्यू अपने आप बढ़ जाती है।वहीं इरफान पठान ने भी वनडे क्रिकेट के गिरते ग्राफ पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय सीरीज अब दर्शकों को रोमांचित नहीं कर पा रही हैं। इरफान के अनुसार, अगर वनडे क्रिकेट को फिर से लोकप्रिय बनाना है, तो ट्राई सीरीज और क्वाड्रेंगुलर सीरीज जैसे फॉर्मेट्स को दोबारा शुरू करना होगा।

    इरफान का मानना है कि जब एक ही सीरीज में तीन या चार टीमें हिस्सा लेती हैं तो मुकाबलों की प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और हर मैच का महत्व भी ज्यादा होता है। इससे दर्शकों की रुचि बनी रहती है और खिलाड़ियों को भी अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने का मौका मिलता है।कुल मिलाकर अश्विन और इरफान दोनों इस बात पर सहमत हैं कि अगर ICC और BCCI ने समय रहते ठोस और साहसिक फैसले नहीं लिए तो वनडे क्रिकेट धीरे-धीरे हाशिए पर चला जाएगा। 50 ओवर का यह पारंपरिक फॉर्मेट कभी क्रिकेट की पहचान हुआ करता था, लेकिन बदलते दौर में इसे बचाने के लिए बड़े और दूरदर्शी बदलाव अब जरूरी हो गए हैं।

  • आस्ट्रेलियाई क्रिकेटर उस्मान ख्वाजा ने किया संन्यास का ऐलान… सिडनी टेस्ट होगा आखिरी मैच

    आस्ट्रेलियाई क्रिकेटर उस्मान ख्वाजा ने किया संन्यास का ऐलान… सिडनी टेस्ट होगा आखिरी मैच


    नई दिल्ली।
    ऑस्ट्रेलिया के स्टार ओपनर (Australian Star Opener) उस्मान ख्वाजा (Usman Khawaja) ने इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान (Retirement Announced from International Cricket) कर दिया है। यह ऐलान उन्होंने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए किया, इस दौरान उनका परिवार भी वहां मौजूद था। उन्होंने बताया कि इंग्लैंड के खिलाफ सिडनी में होने वाला 5वां एशेज मुकाबला उनके करियर का आकिरी मैच होने वाला है। ख्वाजा ने शुक्रवार को ही अपने इस फैसले की जानकारी टीम के साथी खिलाड़ियों को भी दी। ख्वाजा ने रिटायरमेंट का ऐलान करते हुए अपने पूरे करियर में झेले गए नस्लवाद के बारे में भी बात की। बता दें, 5 मैच की इस टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलिया अजेय बढ़त बना चुका है और वह 3-1 से आगे चल रहा है।

    उस्मान ख्वाजा ने कहा, “क्रिकेट के जरिए भगवान ने मुझे मेरी कल्पना से कहीं ज्यादा दिया है। उन्होंने मुझे ऐसी यादें दी हैं जिन्हें मैं हमेशा अपने साथ रखूंगा, ऐसी दोस्ती जो खेल से कहीं आगे है, और ऐसे सबक जिन्होंने मुझे, जो मैं आज हूं, मैदान के बाहर बनाया है। लेकिन कोई भी करियर सिर्फ एक इंसान का नहीं होता। जाहिर है, मुझे बहुत मदद मिली। मेरे माता-पिता, जो वहां बैठे हैं, आपके बलिदानों के लिए धन्यवाद, जो कभी हाइलाइट्स रील में नहीं आए।”

    उस्मान ख्वाजा ने इस दौरान एशेज में अपनी तैयारी और पीठ की दिक्कतों को लेकर अपने साथ हुए नस्लीय स्टीरियोटाइपिंग के बारे में बात की। उन्होंने कहा, “ऐसी टिप्पणियां, ‘वह टीम के प्रति कमिटेड नहीं है। ‘वह सिर्फ अपने बारे में सोच रहा था। उसने एक दिन पहले गोल्फ कॉम्पिटिशन खेला। वह स्वार्थी है। वह काफी मेहनत से ट्रेनिंग नहीं करता। उसने मैच से एक दिन पहले ट्रेनिंग नहीं की। वह आलसी है।’ ये वही स्टीरियोटाइप हैं, वही नस्लीय स्टीरियोटाइप जिनके साथ मैं पूरी जिंदगी बड़ा हुआ हूं… यही बात मुझे सबसे ज्यादा निराश करती है, क्योंकि मुझे लगा था कि हम इससे आगे निकल चुके हैं। लेकिन अभी भी थोड़ा बहुत ऐसा है, जिससे मुझे हर दिन लड़ना पड़ता है, जो मेरे लिए बहुत निराशाजनक है।”

    उस्मान ख्वाजा ने 2011 में ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट डेब्यू किया था। सिडनी में जो वह इंग्लैंड के खिलाफ अपना आखिरी टेस्ट खेलेंगे वह उनके करियर का 88वां मुकाबला होगा। ख्वाजा ऑस्ट्रेलिया की 2023 WTC चैंपियन टीम का भी हिस्सा थे। उन्होंने मैदान के बाहर एक मजबूत विरासत छोड़ी है, वह ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने वाले पहले पाकिस्तान में जन्मे क्रिकेटर और देश का प्रतिनिधित्व करने वाले पहले मुस्लिम क्रिकेटर हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 49 वनडे मैच भी खेले हैं।

  • Virat-Anushka की जोड़ी ने New Year 2026 में बिखेरा प्यार

    Virat-Anushka की जोड़ी ने New Year 2026 में बिखेरा प्यार




    नई दिल्ली।
    भारतीय क्रिकेट स्टार विराट कोहली और उनकी पत्नी, बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा ने नए साल 2026 की शुरुआत बेहद रोमांटिक अंदाज में की। विराट ने सोशल मीडिया पर अपनी पत्नी के साथ एक नई फोटो साझा की, जिसमें दोनों मुस्कुराते हुए कैमरे के लिए पोज देते नजर आए। इस तस्वीर में विराट ने सफेद शर्ट के साथ नीला ब्लेज़र और पैंट पहना था, जबकि अनुष्का काले रंग के आउटफिट में बेहद आकर्षक दिखीं। विराट ने पोस्ट के कैप्शन में सिर्फ एक स्टार इमोजी जोड़कर प्यार भरी भावना व्यक्त की।

    2025 विराट के लिए रहा यादगार साल
    पिछले साल विराट कोहली के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए अपना पहला IPL खिताब जीता, जिससे टीम और खुद विराट का 18 साल का इंतजार खत्म हुआ।

    इसके अलावा, उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ODI सीरीज में लगातार दूसरी शतकीय पारियां खेलीं। पहले ODI में विराट ने 120 गेंदों में 135 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और 7 छक्के शामिल थे। यह उनकी 53वीं ODI शतकीय पारी और कुल अंतरराष्ट्रीय करियर की 84वीं शतकीय पारी थी, जो उन्हें सचिन तेंदुलकर के सिर्फ 16 शतकीय पारियों से पीछे रखती है।

    परिवार और गुरु के साथ बिताया समय
    दिसंबर में विराट और अनुष्का नैनिताल में अपने प्रिय गुरु, प्रेमानंद महाराज से मिलने भी गए थे। गुरु के आधिकारिक यूट्यूब पेज पर उनका दौरा दिखाने वाला वीडियो साझा किया गया, जिसमें दोनों की उपस्थिति नजर आई। 2017 में विवाह करने के बाद दोनों अब अपने दो बच्चों, वामिका और आकाय के माता-पिता हैं। उन्होंने 11 दिसंबर को अपनी आठवीं शादी की सालगिरह भी मनाई।

    अनुष्का के फिल्म करियर की स्थिति
    अनुष्का शर्मा की आखिरी रिलीज फिल्म ‘Zero’ थी, जिसमें उन्होंने शाहरुख खान के साथ काम किया था।

    इसके बाद उन्होंने ‘चकदा एक्सप्रेस’ के लिए शूट किया, लेकिन यह फिल्म अब शेल्व्ड हो चुकी है। व्यक्तिगत जीवन में उन्होंने हमेशा लो-प्रोफाइल रखा है और अपने परिवार की निजता को प्राथमिकता दी है।

    फैंस के लिए खास पल
    विराट और अनुष्का की इस नई तस्वीर ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। फैंस ने जोड़ी की फोटो पर प्यार भरे कमेंट किए और नए साल के जश्न में उनके शानदार अंदाज की तारीफ की। इस जोड़ी की प्यारी केमिस्ट्री और विराट के क्रिकेट करियर की उपलब्धियों ने उन्हें न सिर्फ खेल बल्कि मनोरंजन जगत में भी लोगों का पसंदीदा बना दिया है।