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  • रजत पाटीदार और फिल साल्ट की आक्रामक पारियों ने मुंबई के गेंदबाजी आक्रमण को किया ध्वस्त।

    रजत पाटीदार और फिल साल्ट की आक्रामक पारियों ने मुंबई के गेंदबाजी आक्रमण को किया ध्वस्त।

    नई दिल्ली। आईपीएल के रोमांचक मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुंबई इंडियंस को एकतरफा अंदाज में पराजित कर दिया। इस मुकाबले में बेंगलुरु के बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए शुरुआत से ही मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। राजत पाटीदार और फिल सॉल्ट की विस्फोटक बल्लेबाजी ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया और मुंबई के गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में ला दिया। दोनों बल्लेबाजों ने न केवल तेजी से रन बनाए बल्कि साझेदारी के जरिए टीम को एक मजबूत स्थिति में पहुंचाया, जिससे विपक्षी टीम के लिए वापसी करना बेहद मुश्किल हो गया।

    मैच की शुरुआत में मुंबई इंडियंस ने गेंदबाजी का चयन किया, लेकिन उनका यह फैसला जल्द ही गलत साबित होने लगा। बेंगलुरु के बल्लेबाजों ने शुरुआती ओवरों से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और हर गेंदबाज पर दबाव बनाया। फिल सॉल्ट ने अपनी स्वाभाविक शैली में तेज रन बनाते हुए मैदान के चारों ओर शॉट्स खेले, जबकि राजत पाटीदार ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। दोनों के बीच हुई मजबूत साझेदारी ने टीम को एक विशाल स्कोर की दिशा में अग्रसर किया।

    मुंबई की ओर से गेंदबाजी में लय की कमी साफ नजर आई। प्रमुख गेंदबाज विकेट लेने में असफल रहे और रन रोकने में भी नाकाम साबित हुए। फील्डिंग में भी कुछ गलतियां देखने को मिलीं, जिसने स्थिति को और कठिन बना दिया। बेंगलुरु के बल्लेबाजों ने इन कमजोरियों का पूरा फायदा उठाया और लगातार रन गति को ऊंचा बनाए रखा। पारी के अंत तक टीम ने एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा कर दिया, जो मुंबई के लिए पीछा करना आसान नहीं था।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से टीम दबाव में आ गई और बल्लेबाजों को रन बनाने में संघर्ष करना पड़ा। मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने पारी को संभालने की कोशिश जरूर की, लेकिन रन रेट लगातार बढ़ता गया और आवश्यक गति हासिल करना मुश्किल हो गया। बेंगलुरु के गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और नियमित अंतराल पर विकेट लेते रहे।

    मैच के दौरान बेंगलुरु की रणनीति और निष्पादन दोनों ही स्तर पर बेहतर नजर आए। बल्लेबाजी में आक्रामकता और गेंदबाजी में संयम ने टीम को एक संतुलित प्रदर्शन दिया। वहीं मुंबई इंडियंस की टीम इस मुकाबले में हर विभाग में पिछड़ती नजर आई। यह जीत बेंगलुरु के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हुई, जबकि मुंबई को अपनी कमजोरियों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत महसूस होगी।

  • वैभव सूर्यवंशी पर भरोसा, अरुण धूमल बोले-टीम इंडिया में जल्द मिल सकता है मौका

    वैभव सूर्यवंशी पर भरोसा, अरुण धूमल बोले-टीम इंडिया में जल्द मिल सकता है मौका


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से सनसनी मचा रहे 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ी बात सामने आई है। आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने इस युवा खिलाड़ी की जमकर तारीफ करते हुए कहा है कि उनमें भारत के लिए सबसे कम उम्र में डेब्यू करने की क्षमता है।

    “इतने कम उम्र में ऐसा टैलेंट दुर्लभ”

    अरुण धूमल ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी बहुत कम देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में भारतीय टीम में ओपनिंग के लिए जगह भले ही खाली न हो, लेकिन इतनी कम उम्र में इस तरह का प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए “जिंदगी में एक बार मिलने वाला मौका” हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि वह तुरंत टीम इंडिया में शामिल करने की वकालत नहीं कर रहे हैं।

    दिग्गज गेंदबाजों के खिलाफ दिखाई ताकत

    वैभव सूर्यवंशी ने इस सीजन में जसप्रीत बुमराह, जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार जैसे विश्वस्तरीय गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी कर अपनी प्रतिभा साबित की है। उनके शॉट चयन और आक्रामक अंदाज ने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

    रिकॉर्डतोड़ पारियां, हर कोई हुआ प्रभावित

    हाल ही में गुवाहाटी में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ सूर्यवंशी ने सिर्फ 26 गेंदों में 78 रन की तूफानी पारी खेली, जिससे राजस्थान रॉयल्स को शानदार जीत मिली।

    इससे पहले उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ महज 15 गेंदों में अर्धशतक जड़कर सबको चौंका दिया था। खास बात यह है कि इस सीजन में उनकी दोनों फिफ्टी सिर्फ 15-15 गेंदों में आई हैं।

    ऑरेंज कैप पर कब्जा

    वैभव सूर्यवंशी ने अब तक 4 मैचों में 200 रन बनाकर IPL Orange Cap अपने नाम कर ली है। इतनी कम उम्र में इस तरह का प्रदर्शन उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है।

    टीम इंडिया के लिए मजबूत दावेदारी

    लगातार शानदार प्रदर्शन के चलते सूर्यवंशी ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है। भले ही अभी टीम इंडिया में जगह बनाना आसान न हो, लेकिन भविष्य में वह भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे बन सकते हैं।

  • संजू सैमसन की पारी पर कुंबले का बड़ा बयान, समझदारी भरी बल्लेबाजी ने जीता दिल

    संजू सैमसन की पारी पर कुंबले का बड़ा बयान, समझदारी भरी बल्लेबाजी ने जीता दिल


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने आखिरकार अपने प्रदर्शन से आलोचकों को करारा जवाब दिया है। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में उन्होंने तूफानी शतक जड़ते हुए अपनी टीम को शानदार जीत दिलाई। उनकी इस दमदार पारी की क्रिकेट जगत में जमकर तारीफ हो रही है।

    कुंबले ने की जमकर सराहना

    पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने सैमसन की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी “गेम अवेयरनेस” बेहद शानदार है। उन्होंने बताया कि सैमसन ने पूरे मैदान में शॉट लगाए और किसी एक दिशा पर निर्भर नहीं रहे।
    कुंबले के अनुसार, सैमसन की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने शुरुआत से ही सीधे बल्ले से खेलने पर ध्यान दिया और जरूरत पड़ने पर शॉट्स में बदलाव किया, जिससे रन बनाना आसान हो गया।

    दबाव में खेली मैच जिताऊ पारी

    संजू सैमसन पिछले तीन मैचों में बड़ी पारी खेलने में असफल रहे थे, जिसके चलते उन पर दबाव था। लेकिन इस मैच में उन्होंने 56 गेंदों पर नाबाद 115 रन ठोककर शानदार वापसी की। इस पारी में उन्होंने 15 चौके और 4 छक्के लगाए। उनकी इस पारी के दम पर टीम ने दिल्ली कैपिटल्स को 23 रन से हराया।

    “पहला शतक, बड़ी राहत”

    कुंबले ने कहा कि यह शतक सैमसन के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी टीम के लिए राहत भरा है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि टी20 विश्व कप में सैमसन कई बार 90 के पार पहुंचकर शतक नहीं बना पाए थे, लेकिन इस बार उन्होंने मौका नहीं गंवाया।

    पुजारा बोले- जीत से बदलता है माहौल

    पूर्व भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने भी टीम के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि टीम की बॉडी लैंग्वेज से साफ दिख रहा था कि उन्हें इस जीत की सख्त जरूरत थी।
    पुजारा के मुताबिक, एक बार टीम जीत की लय पकड़ लेती है तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है और प्लेऑफ की उम्मीदें भी मजबूत हो जाती हैं।

    प्लेयर ऑफ द मैच बने सैमसन

    इस शानदार प्रदर्शन के लिए संजू सैमसन को “प्लेयर ऑफ द मैच” चुना गया। उनकी यह पारी न सिर्फ टीम की जीत का कारण बनी, बल्कि आईपीएल 2026 में उनकी वापसी का भी संकेत है।

  • IPL 2026: GT का बड़ा फैसला, LSG पहले करेगी बल्लेबाजी, जीत का सिलसिला जारी रखने पर नजर

    IPL 2026: GT का बड़ा फैसला, LSG पहले करेगी बल्लेबाजी, जीत का सिलसिला जारी रखने पर नजर


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के 19वें मुकाबले में इकाना क्रिकेट स्टेडियम में गुजरात टाइटंस और लखनऊ सुपर जायंट्स आमने-सामने हैं। मुकाबले में जीटी के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया है।

    गिल बोले- निरंतरता ही दिलाएगी खिताब

    टॉस के बाद शुभमन गिल ने कहा कि पिछले मैच में मिली जीत से टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वे लगातार बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आईपीएल जैसे लंबे टूर्नामेंट में वही टीम सफल होती है जो पूरे सीजन में निरंतर प्रदर्शन करे। खास बात यह है कि गुजरात टाइटंस ने इस मैच में अपनी पिछली प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया है।

    पंत का भरोसा- हर मैच में देना है बेस्ट

    वहीं एलएसजी के कप्तान ऋषभ पंत ने कहा कि मौजूदा समय में पिच ऐसी होती हैं जहां पहले बल्लेबाजी या गेंदबाजी का ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने टीम के इंटेंट और जज्बे की तारीफ करते हुए कहा कि हर मैच को एक-एक करके खेलना है और अपना सर्वश्रेष्ठ देना है।

    एलएसजी की नजर लगातार तीसरी जीत पर

    लखनऊ सुपर जायंट्स ने सीजन की शुरुआत हार से की थी, लेकिन उसके बाद टीम ने शानदार वापसी करते हुए लगातार दो मुकाबले जीते हैं। 4 अंकों के साथ टीम फिलहाल अंकतालिका में पांचवें स्थान पर है और इस मैच में जीत की हैट्रिक लगाने के इरादे से उतरी है।

    गुजरात टाइटंस भी लय बरकरार रखना चाहेगी

    दूसरी ओर गुजरात टाइटंस ने तीन मैचों में से दो गंवाए हैं और एक जीत के साथ 2 अंक लेकर सातवें स्थान पर है। हालांकि टीम ने अपने पिछले मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ रोमांचक जीत दर्ज की थी और अब उसी लय को जारी रखना चाहेगी।

    दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन

    गुजरात टाइटंस:
    साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, ग्लेन फिलिप्स, राहुल तेवतिया, राशिद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, अशोक शर्मा, प्रसिद्ध कृष्णा।

    लखनऊ सुपर जायंट्स:
    मिशेल मार्श, एडेन मार्कराम, ऋषभ पंत (कप्तान/विकेटकीपर), आयुष बडोनी, निकोलस पूरन, अब्दुल समद, मुकुल चौधरी, मोहम्मद शमी, आवेश खान, दिग्वेश सिंह राठी, प्रिंस यादव।

  • सुरों की 'मैदान' छोड़ गईं आशा भोसले: क्रिकेट की दुनिया ने कहा- "आपके जैसा 'ऑलराउंडर' फिर नहीं होगा"

    सुरों की 'मैदान' छोड़ गईं आशा भोसले: क्रिकेट की दुनिया ने कहा- "आपके जैसा 'ऑलराउंडर' फिर नहीं होगा"


    नई दिल्ली। भारतीय संगीत जगत की दिग्गज और सदाबहार आवाज की मालकिन आशा भोसले के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। 92 वर्ष की आयु में मुंबई में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके जाने से न सिर्फ संगीत जगत बल्कि खेल जगत में भी गहरा दुख देखने को मिला। खासतौर पर भारतीय क्रिकेट जगत के कई बड़े खिलाड़ियों और दिग्गजों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी विरासत को याद किया।

    क्रिकेट सितारों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि आशा भोसले की बेजोड़ प्रतिभा और शालीनता हमेशा याद रखी जाएगी। वहीं पूर्व कप्तान अनिल कुंबले ने उन्हें भारतीय संगीत की अमर आवाज बताते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई।

    दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह ने कहा कि आशा जी की आवाज ने पीढ़ियों को गहराई से छुआ है और उनका संगीत समय से परे है। पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी आवाज के साथ ही उनकी कई यादें जुड़ी हुई हैं और ऐसा लगता है जैसे बचपन का एक हिस्सा आज खामोश हो गया।

    “हमेशा सदाबहार रहेंगी आशा जी”

    पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने कहा कि आशा भोसले की आवाज कभी पुरानी नहीं हुई और वह हमेशा सदाबहार रहेंगी। भारत की पूर्व तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी ने इसे भारतीय संगीत के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

    तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने लिखा कि उनकी आवाज जीवन के हर पड़ाव पर साथ रही, जबकि पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान ने उन्हें “सदाबहार विरासत” करार दिया।

    अंतिम संस्कार की तैयारी

    जानकारी के अनुसार, आशा भोसले का अंतिम संस्कार सोमवार शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में किया जाएगा। शनिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका।

    संगीत जगत की अमर आवाज

    आशा भोसले ने अपने करियर की शुरुआत 1940 के दशक में की थी और दशकों तक अपनी सुरीली आवाज से श्रोताओं के दिलों पर राज किया। उन्होंने मोहम्मद रफी जैसे दिग्गजों के साथ कई यादगार गीत गाए। उनके लोकप्रिय गीतों में ‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को’, ‘दो लफ्जों की है दिल की कहानी’ और ‘ये लड़का है अल्लाह’ आज भी लोगों की जुबां पर हैं।

    करीब 20 भाषाओं में 12,000 से अधिक गीत गाने वाली आशा भोसले को दादा साहब फाल्के पुरस्कार और पद्म विभूषण जैसे देश के सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा गया था।

  • IPL 2026: केकेआर को बड़ा बूस्ट, पथिराना की एंट्री से गेंदबाजी होगी और मजबूत

    IPL 2026: केकेआर को बड़ा बूस्ट, पथिराना की एंट्री से गेंदबाजी होगी और मजबूत


    नई दिल्ली।  इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में खराब प्रदर्शन से जूझ रही कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण को जल्द ही मजबूती मिलने वाली है, क्योंकि श्रीलंका के स्टार पेसर मथीशा पथिराना को आखिरकार फिटनेस क्लियरेंस मिल गया है। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड की ओर से उन्हें नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) भी जारी कर दिया गया है, जिसके बाद वह जल्द ही टीम से जुड़ने वाले हैं।

    17 अप्रैल से टीम के साथ, 19 अप्रैल को मैदान में उतरने की उम्मीद

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, पथिराना 17 अप्रैल को गुजरात टाइटंस के खिलाफ मुकाबले से पहले टीम कैंप जॉइन कर सकते हैं। हालांकि, उनके 19 अप्रैल को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच में खेलने की अधिक संभावना जताई जा रही है। इससे केकेआर के गेंदबाजी संयोजन को बड़ा फायदा मिलेगा।

    गेंदबाजी रही केकेआर की सबसे बड़ी कमजोरी

    इस सीजन में केकेआर का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। टीम ने शुरुआती चार मुकाबलों में से तीन गंवा दिए हैं। हार की सबसे बड़ी वजह कमजोर गेंदबाजी रही है।

    मुस्तफिजुर रहमान को टीम से रिलीज करना पड़ा
    हर्षित राणा और आकाश दीप चोट के चलते बाहर हो गए
    वरुण चक्रवर्ती खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं

    मुंबई इंडियंस के खिलाफ 220 रन का स्कोर डिफेंड न कर पाना और लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ हार, टीम की गेंदबाजी की कमजोरी को साफ दर्शाता है।

    डेथ ओवरों के स्पेशलिस्ट हैं पथिराना

    मथीशा पथिराना अपनी यॉर्कर और स्लिंगिंग एक्शन के लिए जाने जाते हैं। खासकर डेथ ओवरों में उनकी गेंदबाजी बल्लेबाजों के लिए काफी मुश्किल साबित होती है। उन्होंने पहले चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए खेलते हुए कई मैच जिताऊ प्रदर्शन किए हैं।

    18 करोड़ में खरीदे गए थे पथिराना

    आईपीएल 2026 की नीलामी में केकेआर ने पथिराना को 18 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। हालांकि, टी20 विश्व कप के दौरान लगी चोट के कारण वह शुरुआती मैचों में नहीं खेल सके। अब फिट होकर उनकी वापसी टीम के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

    IPL करियर पर एक नजर

    पथिराना ने अब तक 32 आईपीएल मैचों में 47 विकेट चटकाए हैं। उनकी यह उपलब्धि दर्शाती है कि वह कितने प्रभावी गेंदबाज हैं, खासकर छोटे फॉर्मेट में।

  • विस्फोटक बल्लेबाजी और शतकीय पारियों के दम पर संजू सैमसन ने क्रिकेट जगत में मनवाया अपना लोहा।

    विस्फोटक बल्लेबाजी और शतकीय पारियों के दम पर संजू सैमसन ने क्रिकेट जगत में मनवाया अपना लोहा।


    नई दिल्ली:इंडियन प्रीमियर लीग के रोमांचक सफर में रिकॉर्ड्स का बनना और टूटना एक निरंतर प्रक्रिया है लेकिन कुछ उपलब्धियां खेल के इतिहास में अपनी एक अलग पहचान बनाती हैं। इसी क्रम में संजू सैमसन ने अपनी बल्लेबाजी के दम पर एक ऐसा मुकाम हासिल किया है जिसने उन्हें लीग के सबसे सफल बल्लेबाजों की सूची में शामिल कर दिया है। आईपीएल के इतिहास में सर्वाधिक शतक लगाने वाले खिलाड़ियों की फेहरिस्त में संजू सैमसन की एंट्री ने क्रिकेट जगत को एक बार फिर उनकी प्रतिभा का कायल बना दिया है। संजू की यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत क्षमता को दर्शाती है बल्कि यह भी बताती है कि वे आधुनिक टी ट्वेंटी क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक क्यों माने जाते हैं।

    लीग की शुरुआत से ही कई दिग्गज बल्लेबाजों ने अपनी छाप छोड़ी है और शतकों के मामले में शीर्ष पर पहुंचने की होड़ हमेशा बनी रही है। संजू सैमसन ने अपनी निरंतरता और आक्रामक शैली के मिश्रण से इस विशेष सूची के शीर्ष पांच नामों में जगह बनाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनके खेलने के अंदाज में जो सहजता और शॉट्स के चयन में जो परिपक्वता दिखाई देती है वह उन्हें अन्य बल्लेबाजों से अलग बनाती है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि संजू की यह सफलता उन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो बड़े मंच पर अपनी जगह बनाने का सपना देखते हैं। उनकी इस पारी ने राजस्थान रॉयल्स के लिए उनके महत्व को और अधिक बढ़ा दिया है।

    आईपीएल में शतक लगाना किसी भी खिलाड़ी के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण होता है क्योंकि यहाँ दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों का सामना करना पड़ता है। संजू सैमसन ने अपने करियर के दौरान विभिन्न कठिन परिस्थितियों में टीम को जीत दिलाने के लिए शतकीय पारियां खेली हैं। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने जिस संयम और तकनीक का परिचय दिया है वह काबिले तारीफ है। इस लीग के इतिहास में जब हम सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले खिलाड़ियों की बात करते हैं तो उनमें अब संजू का नाम गर्व से लिया जा रहा है। उनकी इस उपलब्धि ने रिकॉर्ड बुक में दर्ज बड़े नामों के बीच एक नई प्रतिस्पर्धा पैदा कर दी है जिससे आने वाले मैचों का रोमांच और बढ़ गया है।

    सैमसन की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे खेल की स्थिति के अनुसार खुद को ढालने में सक्षम हैं। उन्होंने पावरप्ले के दौरान तेज गति से रन बनाने और मध्य ओवरों में पारी को संभालने की कला बखूबी सीखी है। उनकी शतकीय पारियों ने अक्सर मैच का पासा पलटने का काम किया है जो उनके टीम मैन होने के प्रमाण को पुख्ता करता है। क्रिकेट के जानकारों के अनुसार संजू सैमसन की बल्लेबाजी में जो सुधार पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है वह उनके कठिन परिश्रम का परिणाम है। अब वे न केवल एक कप्तान के रूप में टीम का नेतृत्व कर रहे हैं बल्कि अग्रणी बल्लेबाज के तौर पर भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं।

    इस सूची में शामिल होना कोई आसान कार्य नहीं था क्योंकि आईपीएल में प्रतिस्पर्धा का स्तर हर साल बढ़ता जा रहा है। संजू सैमसन ने शीर्ष पांच में प्रवेश कर यह साबित कर दिया है कि उनमें बड़े मैचों का खिलाड़ी बनने की पूरी क्षमता है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद क्रिकेट प्रेमियों की उम्मीदें उनसे और भी ज्यादा बढ़ गई हैं। खेल के इस प्रारूप में शतक बनाना शारीरिक और मानसिक दोनों स्तरों पर मजबूती की मांग करता है और संजू ने बार-बार खुद को इस कसौटी पर खरा उतारा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपने इस शानदार फॉर्म को किस प्रकार बरकरार रखते हैं और शतकों के इस सफर को कितनी आगे तक ले जाते हैं।

  • Sanju Samson ने ऑरेंज कैप की रेस में लगाई लंबी छलांग, वैभव सूर्यवंशी का दबदबा कायम

    Sanju Samson ने ऑरेंज कैप की रेस में लगाई लंबी छलांग, वैभव सूर्यवंशी का दबदबा कायम


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में ऑरेंज कैप और पर्पल कैप की रेस लगातार रोमांचक होती जा रही है। हर मैच के साथ खिलाड़ियों की रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। ताजा मुकाबलों के बाद जहां संजू सैमसन ने अपने शतक से शानदार छलांग लगाई है, वहीं युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने शीर्ष स्थान पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है। दूसरी ओर गेंदबाजों की रेस में चेन्नई सुपर किंग्स के अंशुल कंबोज लगातार प्रभावित कर रहे हैं।

    संजू सैमसन की शतकीय पारी से मचा धमाल

    दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में संजू सैमसन ने 56 गेंदों में नाबाद 115 रनों की शानदार पारी खेलकर सभी का ध्यान खींच लिया। उनकी इस पारी में 15 चौके और 4 लंबे छक्के शामिल रहे। शुरुआत में धीमी बल्लेबाजी के बाद उन्होंने बाद के ओवरों में आक्रामक अंदाज अपनाते हुए मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। इसी पारी के दम पर सैमसन ऑरेंज कैप की रेस में टॉप-10 में शामिल हो गए हैं।

    चार मैचों में सैमसन के नाम अब 137 रन हो गए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 182 से अधिक पहुंच चुका है। चेन्नई सुपर किंग्स के युवा खिलाड़ी आयुष म्हात्रे ने भी दिल्ली के खिलाफ अर्धशतक लगाकर टॉप-10 में जगह बनाई है।

    वैभव सूर्यवंशी का दबदबा कायम

    राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी इस सीजन में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। वह अब तक 200 रन बनाकर ऑरेंज कैप की रेस में पहले स्थान पर बने हुए हैं। उनके बाद सनराइजर्स हैदराबाद के हेनरिक क्लासेन 184 रनों के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि यशस्वी जायसवाल 183 रन बनाकर तीसरे स्थान पर काबिज हैं।

    टॉप-10 बल्लेबाजों की सूची में ध्रुव जुरेल, समीर रिजवी, अंगकृश रघुवंशी और रजत पाटीदार जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं, जो लगातार अपने प्रदर्शन से टीमों को मजबूती दे रहे हैं।

    टॉप-10 ऑरेंज कैप लिस्ट (संक्षेप में)

    वैभव सूर्यवंशी – 200 रन
    हेनरिक क्लासेन – 184 रन
    यशस्वी जायसवाल – 183 रन
    ध्रुव जुरेल – 176 रन
    समीर रिजवी – 166 रन
    अंगकृश रघुवंशी – 155 रन
    रजत पाटीदार – 142 रन
    श्रेयस अय्यर – 137 रन
    संजू सैमसन – 137 रन
    आयुष म्हात्रे – 133 रन

    पर्पल कैप की रेस में अंशुल कंबोज का दम

    गेंदबाजी में चेन्नई सुपर किंग्स के अंशुल कंबोज ने भी अपनी धारदार गेंदबाजी से सबका ध्यान खींचा है। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 3 विकेट लेकर उन्होंने पर्पल कैप की रेस में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। उनके नाम अब 8 विकेट हो चुके हैं।

    रवि बिश्नोई 9 विकेट के साथ पहले स्थान पर बने हुए हैं। उनके बाद अंशुल कंबोज, प्रसिद्ध कृष्णा (6 विकेट), राशिद खान (5 विकेट) और लुंगी एनगिडी (5 विकेट) टॉप-5 में शामिल हैं।

    आईपीएल 2026 का यह सीजन पूरी तरह से बल्लेबाजों और गेंदबाजों की टक्कर बन गया है। जहां एक ओर युवा खिलाड़ी लगातार अपनी पहचान बना रहे हैं, वहीं अनुभवी खिलाड़ी भी पीछे नहीं हैं। आने वाले मैचों में ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस में और भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

  • IPL 2026: वैभव का कहर जारी, 26 गेंदों में 78 रन बनाकर मैच का रुख पलटा

    IPL 2026: वैभव का कहर जारी, 26 गेंदों में 78 रन बनाकर मैच का रुख पलटा


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में एक बार फिर युवा प्रतिभा का दम देखने को मिला, जब 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से मैच का रुख ही बदल दिया। राजस्थान रॉयल्स के इस युवा खिलाड़ी ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ सिर्फ 26 गेंदों में 78 रन बनाकर टीम को शानदार जीत दिला दी।

    RCB ने दिया 201 रन का लक्ष्य
    मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 20 ओवर में 201 रन बनाए। टीम की ओर से कप्तान रजत पाटीदार ने 63 रन की अहम पारी खेली, जबकि विराट कोहली ने 32 रन जोड़े। 202 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान रॉयल्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही और यशस्वी जायसवाल जल्दी आउट हो गए। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और ध्रुव जुरेल ने पारी को संभाला और तेजी से रन बनाना शुरू किया।

    37 गेंदों में 108 रन की साझेदारी
    दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए सिर्फ 37 गेंदों में 108 रन जोड़ दिए। वैभव ने 300 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 8 चौके और 7 छक्के लगाए। जुरेल ने भी उनका शानदार साथ निभाते हुए 43 गेंदों में नाबाद 81 रन बनाए और टीम को जीत तक पहुंचाया।

    “गेंद देखता हूं, गेंदबाज नहीं”
    मैच के बाद वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि वह बड़े गेंदबाजों के नाम से प्रभावित नहीं होते। उनका कहना था, “मैं सिर्फ गेंद को देखता हूं, गेंदबाज को नहीं।” राजस्थान की ओर से जोफ्रा आर्चर और रवि बिश्नोई ने 2-2 विकेट लेकर RCB को 200 के आसपास रोका।

    RR की लगातार चौथी जीत
    इस शानदार जीत के साथ राजस्थान रॉयल्स ने सीजन में लगातार चौथी जीत दर्ज की है, जबकि RCB को पहली हार का सामना करना पड़ा। वैभव सूर्यवंशी की यह पारी इस सीजन की सबसे यादगार पारियों में शामिल हो गई है। कम उम्र में उनका आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज दिखाता है कि भारतीय क्रिकेट को एक नया सितारा मिल चुका है।

  • बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में भारत का जलवा, आयुष शेट्टी ने वर्ल्ड नंबर-1 को दी मात

    बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में भारत का जलवा, आयुष शेट्टी ने वर्ल्ड नंबर-1 को दी मात


    नई दिल्ली। भारत के उभरते स्टार शटलर Ayush Shetty ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है। निंगबो के निंगबो ओलंपिक स्पोर्ट्स सेंटर में खेले गए सेमीफाइनल में उन्होंने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी Kunlavut Vitidsarn को हराकर बड़ा उलटफेर किया।

    पहला गेम हारकर की दमदार वापसी

    करीब 1 घंटा 15 मिनट तक चले इस मुकाबले में आयुष शेट्टी ने जबरदस्त जज्बा दिखाया। उन्होंने पहला गेम 10-21 से गंवा दिया था, लेकिन इसके बाद शानदार वापसी करते हुए 21-19 और 21-17 से लगातार दो गेम जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। दूसरे और तीसरे गेम में आयुष का धैर्य, आक्रामक खेल और नेट पर नियंत्रण देखने लायक था, जिसने मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया।

    करियर की सबसे बड़ी जीत

    Kunlavut Vitidsarn पेरिस ओलंपिक 2024 के रजत पदक विजेता हैं। ऐसे में उनके खिलाफ जीत आयुष शेट्टी के करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जा रही है। इस जीत के साथ आयुष 2018 में H. S. Prannoy के बाद इस टूर्नामेंट में पदक पक्का करने वाले पहले भारतीय पुरुष एकल खिलाड़ी बन गए हैं।

    फाइनल तक का शानदार सफर

    आयुष शेट्टी का इस टूर्नामेंट में सफर बेहद दमदार रहा है।
    क्वार्टरफाइनल में उन्होंने वर्ल्ड नंबर-4 Jonatan Christie को 23-21, 21-17 से हराया
    इससे पहले वर्ल्ड नंबर-7 ली शिफेंग को सीधे गेम में मात दी
    साथ ही चाउ तिएन-चेन जैसे अनुभवी खिलाड़ी को भी हराया

    इस लगातार प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि आयुष बड़े मंच के खिलाड़ी बन चुके हैं।

    भारत के लिए मिले-जुले नतीजे

    जहां आयुष ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं बाकी भारतीय खिलाड़ियों के लिए यह टूर्नामेंट ज्यादा सफल नहीं रहा। P. V. Sindhu दूसरे दौर में बाहर हो गईं, जबकि Lakshya Sen पहले ही राउंड में हार गए।

    इतिहास रचने का मौका

    यूएस ओपन सुपर 300 चैंपियन आयुष शेट्टी अब फाइनल में खिताब जीतकर इतिहास रचने के बेहद करीब हैं। अगर वह यह मुकाबला जीतते हैं, तो यह उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी और भारतीय बैडमिंटन के लिए भी गर्व का क्षण होगा।