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  • बेंच पर बैठा खिलाड़ी बना अरबों की टीम का मालिक आर्यमान बिड़ला की चौंकाने वाली कहानी

    बेंच पर बैठा खिलाड़ी बना अरबों की टीम का मालिक आर्यमान बिड़ला की चौंकाने वाली कहानी


    नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के आगाज से ठीक पहले Royal Challengers Bengaluru ने ऐसा कदम उठाया है जिसने क्रिकेट और बिजनेस दोनों दुनिया को चौंका दिया है। टीम की मालिकाना हक में बदलाव हुआ है और अब इसकी कमान एक ऐसे शख्स के हाथ में है जो कभी खुद मैदान पर मौका पाने के लिए तरसा था।

    साल 2018 की आईपीएल नीलामी में Rajasthan Royals ने आर्यमान बिड़ला को 30 लाख रुपये में खरीदा था। उस समय उनकी उम्र सिर्फ 20 साल थी और उम्मीद थी कि उन्हें जल्द ही मौका मिलेगा। लेकिन पूरा सीजन गुजर गया और वह एक भी मैच नहीं खेल पाए। मैदान पर उतरने का सपना अधूरा ही रह गया।

    इस निराशा के बाद उन्होंने 2019 में क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया। यह फैसला आसान नहीं था लेकिन उन्होंने अपने परिवार के बिजनेस को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना। उनके पिता Kumar Mangalam Birla के नेतृत्व में Aditya Birla Group पहले से ही देश की बड़ी कंपनियों में शामिल था और आर्यमान ने इसी दुनिया में अपनी नई पहचान बनानी शुरू की।

    समय बदला और किस्मत ने ऐसा मोड़ लिया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। आदित्य बिड़ला ग्रुप ने अन्य निवेशकों के साथ मिलकर RCB को लगभग 16660 करोड़ रुपये में खरीद लिया। यह सौदा आईपीएल इतिहास के सबसे बड़े सौदों में शामिल हो गया। इस ऐतिहासिक डील के बाद आर्यमान बिड़ला को टीम का चेयरमैन बनाया गया।

    क्रिकेट से उनका रिश्ता पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था। उन्होंने मध्य प्रदेश के लिए घरेलू क्रिकेट खेला और रणजी ट्रॉफी में भी नजर आए। खास बात यह है कि वह मौजूदा RCB कप्तान Rajat Patidar के साथ ओपनिंग भी कर चुके हैं। उनके फर्स्ट क्लास करियर में 9 मैचों में 414 रन शामिल हैं जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक भी है।

    अब उनकी नई भूमिका मैदान के अंदर नहीं बल्कि बोर्डरूम में है जहां वह टीम की रणनीति और भविष्य को दिशा देंगे। यह सफर सिर्फ एक खिलाड़ी का नहीं बल्कि उस सोच का उदाहरण है जहां असफलता अंत नहीं बल्कि नई शुरुआत बन जाती है।

    आर्यमान बिड़ला की कहानी यह बताती है कि अगर एक रास्ता बंद हो जाए तो दूसरा रास्ता और भी बड़ा अवसर लेकर आ सकता है। कभी डेब्यू के लिए इंतजार करने वाला यह खिलाड़ी आज पूरी टीम का मालिकाना संभाल रहा है और आईपीएल के सबसे बड़े मंच पर अपनी नई पारी शुरू कर चुका है।

  • कोहली डिविलियर्स से लेकर गिल सुदर्शन तक IPL की ऐतिहासिक पार्टनरशिप्स

    नई दिल्ली:इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL में बल्लेबाजी साझेदारी हमेशा मैच का रुख बदलने में अहम भूमिका निभाती है। जब दो बल्लेबाज क्रीज पर जम जाते हैं, तो बड़े से बड़ा लक्ष्य आसान नजर आने लगता है। IPL के इतिहास में भी कई ऐसी साझेदारियां हुई हैं, जिन्होंने रिकॉर्ड बुक में खास जगह बनाई है

    सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड विराट कोहली और एबी डिविलियर्स के नाम दर्ज है। साल 2016 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से खेलते हुए दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 229 रन जोड़े थे। गुजरात लायंस के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में कोहली ने 109 रन और डिविलियर्स ने नाबाद 129 रन की पारी खेली थी

    दूसरे स्थान पर भी यही जोड़ी काबिज है। 2015 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ दोनों ने 215 रन की साझेदारी कर एक और ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था। उस मैच में डिविलियर्स ने 133 रन और कोहली ने नाबाद 82 रन बनाए थे

    तीसरे नंबर पर केएल राहुल और क्विंटन डी कॉक की जोड़ी आती है। 2022 में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेलते हुए दोनों ने पहले विकेट के लिए 210 रन की नाबाद साझेदारी की थी, जिसमें डी कॉक ने 140 रन की शानदार पारी खेली थी

    इसी सूची में शुभमन गिल और साई सुदर्शन का नाम भी शामिल है। 2024 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ दोनों ने 210 रन की ओपनिंग साझेदारी की थी, जिसमें दोनों बल्लेबाजों ने शतक जड़े थे

    2011 के सीजन में शॉन मार्श और एडम गिलक्रिस्ट ने भी कमाल किया था। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ इस जोड़ी ने 206 रन जोड़े थे, जो उस समय की सबसे बड़ी साझेदारियों में शामिल थी

    इसके अलावा गिल और सुदर्शन की एक और 205 रन की साझेदारी भी IPL के इतिहास में दर्ज है, जिसमें गुजरात टाइटंस ने दिल्ली कैपिटल्स को 10 विकेट से हराया था

    इन सभी साझेदारियों ने यह साबित किया है कि क्रिकेट में टीमवर्क और तालमेल कितना अहम होता है। IPL के इतिहास में ये रिकॉर्ड न सिर्फ आंकड़े हैं, बल्कि वो यादगार पल हैं जब बल्लेबाजों ने अपने दमदार प्रदर्शन से मैच को एकतरफा बना दिया

  • आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स की सबसे बड़ी चुनौती मिडिल ऑर्डर बन सकता है

    आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स की सबसे बड़ी चुनौती मिडिल ऑर्डर बन सकता है

    नई दिल्ली: Indian Premier League के आगामी सीजन में Lucknow Super Giants एक बार फिर अपने पहले खिताब की तलाश में मैदान में उतरेगी। टीम की कमान ऋषभ पंत के हाथों में है और फैंस को इस बार उनसे बड़े प्रदर्शन की उम्मीद है। हालांकि टीम का संतुलन देखते हुए मिडिल ऑर्डर एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आ सकता है।

    पिछले सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा था। टीम ने 14 में से केवल 6 मुकाबले जीते और प्लेऑफ में जगह बनाने में असफल रही। इस बार टीम ने कई बदलाव किए हैं और टॉप ऑर्डर को काफी मजबूत किया है। एडेन मार्करम निकोलस पूरन और मिचेल मार्श जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम की बल्लेबाजी को मजबूती मिली है। इन खिलाड़ियों ने पिछले सीजन में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया था।

    लेकिन चिंता की बात टीम का मिडिल ऑर्डर है जहां अनुभव की कमी साफ दिखाई देती है। कप्तान पंत के साथ आयुष बदोनी अब्दुल समद और शाहबाज अहमद जैसे खिलाड़ियों को जिम्मेदारी निभानी होगी। इसके अलावा युवा बल्लेबाज मैथ्यू ब्रीत्जके से भी टीम को अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।

    गेंदबाजी के मामले में लखनऊ सुपर जायंट्स काफी मजबूत नजर आ रही है। मोहम्मद शमी आवेश खान मयंक यादव और एनरिक नॉर्टजे किसी भी मजबूत बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं। स्पिन विभाग की जिम्मेदारी दिग्वेश राठी के कंधों पर होगी जिन्होंने पिछले सीजन में अपनी गेंदबाजी से प्रभावित किया था।

    टीम के लिए एक और चिंता वानिंदु हसरंगा की फिटनेस है। अगर वे पूरी तरह फिट रहते हैं तो टीम को संतुलन मिलेगा और मिडिल ऑर्डर की कमजोरी कुछ हद तक कम हो सकती है।

    लखनऊ की सबसे बड़ी समस्या यह भी है कि उनकी बल्लेबाजी विदेशी खिलाड़ियों पर काफी निर्भर नजर आती है। पिछले सीजन में यही कमजोरी टीम को भारी पड़ी थी और इस बार भी अगर मिडिल ऑर्डर ने जिम्मेदारी नहीं निभाई तो टीम का खिताब जीतने का सपना अधूरा रह सकता है।

    लखनऊ सुपर जायंट्स के पास एक मजबूत टीम है लेकिन खिताब जीतने के लिए उन्हें अपने मिडिल ऑर्डर को बेहतर करना होगा। अगर यह कमी दूर हो जाती है तो टीम आईपीएल 2026 में खिताब की प्रबल दावेदार बन सकती है।

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  • अनकैप्ड खिलाड़ियों पर नजर आईपीएल 2026 में ये 5 नाम कर सकते हैं बड़ा कमाल

    अनकैप्ड खिलाड़ियों पर नजर आईपीएल 2026 में ये 5 नाम कर सकते हैं बड़ा कमाल


    नई दिल्ली:
    Indian Premier League को हमेशा से ही युवा और अनकैप्ड खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का सबसे बड़ा मंच माना जाता है। हर सीजन की तरह इस बार भी कई ऐसे नए चेहरे मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं जो अपने प्रदर्शन से सभी को चौंका सकते हैं। आईपीएल में कई बार ऐसे खिलाड़ी उभरकर सामने आए हैं जिन्होंने अपने खेल से न सिर्फ टीम में जगह बनाई बल्कि देश के लिए भी खेलने का मौका हासिल किया।

    इस बार सबसे ज्यादा चर्चा प्रशांत किशोर की हो रही है जिन्हें Chennai Super Kings ने ऑक्शन में 14.2 करोड़ रुपये की बड़ी बोली लगाकर खरीदा है। प्रशांत निचले क्रम में तेजतर्रार बल्लेबाजी के साथ साथ बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। पिछले घरेलू सीजन में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 155 के स्ट्राइक रेट से 320 रन बनाए और गेंदबाजी में भी 6.69 की इकॉनमी के साथ 8 विकेट लिए। माना जा रहा है कि वे टीम में एक ऑलराउंडर की भूमिका निभा सकते हैं।

    दूसरी ओर आकिब नबी डार भी इस सीजन में सुर्खियों में हैं। रणजी ट्रॉफी में उनके शानदार प्रदर्शन ने जम्मू कश्मीर को पहली बार चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। आकिब अपनी रफ्तार और सटीक लाइन लेंथ के लिए जाने जाते हैं और वे Delhi Capitals के लिए खेलते हुए नजर आएंगे।

    तेज गेंदबाज अशोक शर्मा ने भी घरेलू टी20 लीग में अपनी रफ्तार से सभी को प्रभावित किया है। उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 150 किमी प्रति घंटे की गति से गेंदबाजी करते हुए 22 विकेट झटके थे। इस प्रदर्शन के दम पर उन्हें Gujarat Titans ने अपनी टीम में शामिल किया है और उनसे इस सीजन में बड़ी उम्मीदें लगाई जा रही हैं।

    विकेटकीपर बल्लेबाज मुकुल चौधरी भी इस लिस्ट में शामिल हैं जिन्हें Lucknow Super Giants ने खरीदा है। मुकुल राजस्थान से घरेलू क्रिकेट खेलते हैं और अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने घरेलू सीजन में 200 के स्ट्राइक रेट से 173 रन बनाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था।

    इसके अलावा कार्तिक शर्मा भी Chennai Super Kings के लिए अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। कार्तिक अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और लंबे-लंबे छक्कों के लिए जाने जाते हैं। उनकी आक्रामक शैली उन्हें मैच का रुख बदलने वाला खिलाड़ी बनाती है और अगर उन्हें सही मौके मिले तो वे इस सीजन के बड़े सरप्राइज पैकेज साबित हो सकते हैं।

    आईपीएल 2026 में इन युवा खिलाड़ियों पर सबकी नजर रहने वाली है। ये सभी खिलाड़ी अगर अपने प्रदर्शन को दोहराने में सफल रहते हैं तो यह सीजन उनके करियर के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है और वे आने वाले समय में क्रिकेट के बड़े सितारे बन सकते हैं।
  • मुझे पसंद नहीं यह नियम’-अक्षर पटेल ने IPL के इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर उठाए सवाल

    मुझे पसंद नहीं यह नियम’-अक्षर पटेल ने IPL के इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर उठाए सवाल


    नई दिल्ली:Axar Patel ने इंडियन प्रीमियर लीग में लागू ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम को लेकर अपनी असहमति खुलकर जाहिर की है। Delhi Capitals के कप्तान के तौर पर उन्होंने साफ कहा कि यह नियम उन्हें व्यक्तिगत रूप से पसंद नहीं है, क्योंकि इससे ऑलराउंडर खिलाड़ियों की भूमिका कमजोर हो रही है।

    एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अक्षर पटेल ने कहा कि पहले टीम संतुलन बनाने के लिए ऑलराउंडर बेहद अहम होते थे, जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान देते थे। लेकिन ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम आने के बाद टीम मैनेजमेंट अब किसी विशेष बल्लेबाज या गेंदबाज को प्राथमिकता देता है। ऐसे में ऑलराउंडर की जरूरत कम होती जा रही है। उनके मुताबिक यह बदलाव खेल के मूल संतुलन को प्रभावित करता है।

    अक्षर ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह हमेशा टीम की जरूरत के हिसाब से खुद को ढालते आए हैं। इसी वजह से उन्हें ‘क्राइसिस मैन’ का टैग भी मिला है। उन्होंने बताया कि कभी उन्हें फिनिशर की भूमिका निभानी होती है, तो कभी मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करनी पड़ती है। कई बार गेंदबाजी में भी अहम जिम्मेदारी उठानी होती है। उनके अनुसार, क्रिकेट एक टीम गेम है और हर खिलाड़ी को अपनी भूमिका के प्रति लचीला रहना चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा कि अगर खिलाड़ी अपनी पसंद की भूमिका न मिलने पर निराश हो जाए, तो इसका सीधा असर उसके प्रदर्शन पर पड़ता है। इसलिए वह हमेशा टीम की जरूरत को प्राथमिकता देते हैं और उसी मानसिकता के साथ मैदान पर उतरते हैं। अक्षर का मानना है कि जब आप हर परिस्थिति के लिए तैयार रहते हैं, तभी आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकते हैं।

    यह पहली बार नहीं है जब अक्षर पटेल ने इस नियम पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले 2024 में भी उन्होंने कहा था कि इस नियम के कारण उनकी बल्लेबाजी पोजिशन प्रभावित हुई थी। गौरतलब है कि Indian Premier League में ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम 2023 में लागू किया गया था, जिसका उद्देश्य मैच को और रोमांचक बनाना था। हालांकि, कई खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने इसे लेकर अलग-अलग राय व्यक्त की है।

    अब जब IPL 2026 का आगाज होने वाला है, तो इस नियम को लेकर बहस फिर तेज हो गई है। दिल्ली कैपिटल्स की टीम अपना पहला मुकाबला Lucknow Super Giants के खिलाफ 1 अप्रैल को खेलेगी। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम इस नियम के तहत अपनी रणनीति कैसे तैयार करती है।

    अक्षर पटेल का यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि क्रिकेट में नए नियमों को लेकर खिलाड़ियों के बीच अब भी मतभेद मौजूद हैं। आने वाले समय में यह बहस और भी गहराने की संभावना है, खासकर तब जब ऑलराउंडर्स की भूमिका को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं।

  • अरुंधति रेड्डी बनीं ICC प्लेयर ऑफ द मंथ, ऑस्ट्रेलिया में दमदार प्रदर्शन

    अरुंधति रेड्डी बनीं ICC प्लेयर ऑफ द मंथ, ऑस्ट्रेलिया में दमदार प्रदर्शन


    नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तेज गेंदबाज Arundhati Reddy ने शानदार प्रदर्शन के दम पर फरवरी 2026 के लिए International Cricket Council का ‘विमेंस प्लेयर ऑफ द मंथ’ अवॉर्ड अपने नाम किया है। उनके करियर में यह पहला मौका है जब उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को उसके घर में हराने में अहम भूमिका निभाई। भारत की इस ऐतिहासिक टी20 सीरीज जीत में उनकी गेंदबाजी निर्णायक साबित हुई।

    ऑस्ट्रेलिया दौरे पर शानदार प्रदर्शन, टीम की जीत में अहम योगदान

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में अरुंधति रेड्डी ने कमाल की गेंदबाजी करते हुए कुल 8 विकेट झटके। उन्होंने 10.87 की बेहतरीन औसत और 7.25 की इकॉनमी रेट से गेंदबाजी की, जो टी20 फॉर्मेट में बेहद प्रभावी मानी जाती है। उनके प्रदर्शन की बदौलत भारत ने यह सीरीज 2-1 से अपने नाम की। खास बात यह रही कि साल 2016 के बाद यह पहली बार था जब भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया में टी20 सीरीज जीती।

    सिडनी में करियर बेस्ट, हर मैच में दिखाया दम

    दाएं हाथ की इस तेज गेंदबाज ने सिडनी में खेले गए पहले मुकाबले से ही अपने इरादे साफ कर दिए थे। इस मैच में उन्होंने 22 रन देकर 4 विकेट झटके, जो उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इस शानदार गेंदबाजी के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ भी चुना गया। इसके बाद भी उन्होंने अपनी लय बरकरार रखी। कैनबरा में खेले गए दूसरे मैच में 30 रन देकर 2 विकेट हासिल किए, जबकि एडिलेड में निर्णायक मुकाबले में 35 रन देकर 2 विकेट लेकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

    विश्व कप से पहले बढ़ा आत्मविश्वास

    अवॉर्ड मिलने के बाद अरुंधति रेड्डी ने इसे अपने करियर का बड़ा सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में जीत हासिल करना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है और इस जीत से टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। उन्होंने आगामी ICC Women’s T20 World Cup को लेकर भी भरोसा जताया और कहा कि टीम संतुलित है और इस बार मजबूत दावेदार के रूप में उतरेगी। यह प्रदर्शन न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए भी एक बड़ा संकेत है कि टीम अब बड़े मंच पर दमदार प्रदर्शन के लिए तैयार है।

  • विकेटों का खेल! Purple Cap जीतकर इन भारतीयों ने रचा इतिहास

    विकेटों का खेल! Purple Cap जीतकर इन भारतीयों ने रचा इतिहास


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में जहां बल्लेबाजों के लिए ऑरेंज कैप खास होती है, वहीं गेंदबाजों के लिए पर्पल कैप (Purple Cap Winners) सबसे बड़ा सम्मान माना जाता है। यह कैप हर सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज को दी जाती है। इसकी शुरुआत साल 2008 में हुई थी और तब से यह गेंदबाजों की श्रेष्ठता का प्रतीक बन चुकी है।

    IPL के इतिहास में कई दिग्गज गेंदबाजों ने पर्पल कैप अपने नाम की है। अगर भारतीय खिलाड़ियों की बात करें तो Bhuvneshwar Kumar, Harshal Patel और Mohammed Shami जैसे गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस लिस्ट में अपनी जगह बनाई है।

    ये हैं भारतीय Purple Cap Winners

    भुवनेश्वर कुमार

    भुवनेश्वर कुमार उन चुनिंदा गेंदबाजों में शामिल हैं जिन्होंने पर्पल कैप दो बार (2016 और 2017) जीती है। वहीं हर्षल पटेल ने 2021 में 32 विकेट लेकर रिकॉर्ड की बराबरी की और 2024 में फिर से 24 विकेट के साथ यह खिताब अपने नाम किया।

    मोहम्मद शमी

    अगर हाल के सालों पर नजर डालें तो मोहम्मद शमी ने 2023 में 28 विकेट लेकर पर्पल कैप जीती थी। इसके बाद 2025 में प्रसिद्ध कृष्णा ने 25 विकेट लेकर यह उपलब्धि हासिल की।

    हर्षल पटेल

    IPL के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट एक सीजन में लेने का रिकॉर्ड 32 विकेट का है, जिसे ड्वेन ब्रावो (2013) और हर्षल पटेल (2021) ने बनाया।

    कुल मिलाकर देखा जाए तो पर्पल कैप सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह टीम की सफलता में गेंदबाज के योगदान को भी दर्शाती है। हर सीजन में यह रेस बेहद रोमांचक होती है और गेंदबाज अपनी धारदार गेंदबाजी से मैच का रुख बदल देते हैं।

    आने वाले IPL सीजन में भी फैंस की नजरें इस बात पर रहेंगी कि इस बार कौन सा गेंदबाज विकेटों की बारिश कर पर्पल कैप अपने नाम करता है।

  • हर किसी के बस की बात नहीं-IPL में 800 से ज्यादा रन बनाने वाले सिर्फ 4 खिलाड़ी

    हर किसी के बस की बात नहीं-IPL में 800 से ज्यादा रन बनाने वाले सिर्फ 4 खिलाड़ी


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास में हर सीजन में कई बल्लेबाज शानदार प्रदर्शन करते हैं, लेकिन 800 से ज्यादा रन बनाना किसी सपने से कम नहीं होता। अब तक इस लीग में सिर्फ 4 बल्लेबाज ही ऐसे कर पाए हैं, एक ही सीजन में 800+ रन बनाकर इतिहास रच दिया।

    विराट कोहली: 973 रन का ऐतिहासिक रिकॉर्ड

    आईपीएल के इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम है। उन्होंने 2016 सीजन में 16 मैचों में 973 रन बनाए, जो आज तक कोई नहीं तोड़ पाया।
    इस दौरान उनकी रेटिंग में 4 शतक और 7 शतक शामिल थे। कोहली आज भी इस लीग में 900+ रन बनाने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं।

    शुभमन गिल: यंग स्टार का धमाका

    शुभमन गिल ने आईपीएल 2023 (16वें सीजन) में शानदार प्रदर्शन करते हुए 890 रन बनाए।
    157 के स्ट्राइक रेट से प्रतिस्पर्धा करते हुए उन्होंने 3 शतक और 4 शतक जड़े और अपनी क्लास साबित की।

    डेविड वार्नर: विस्फोटक ओपनर की ताकत

    इस खास लिस्ट में डेविड वॉर्नर भी शामिल हैं। उन्होंने 2016 में 848 रन बनाए और अपनी टीम को जगह दी।
    वॉर्नर आईपीएल इतिहास के सबसे सफल विदेशी खिलाड़ी हैं और लगातार रन बनाने के लिए जाते हैं।

    जोस बटलर: आक्रामक नाव का नमूना

    इंग्लैंड के शुरुआती-बैलेबाज जोस बटलर ने 2022 सीज़न में 863 रन बनाए इस सूची में जगह बनाई गई है। उन्होंने पूरे सीज़न में नाटकीय नाटकीयता और कई मैचों में अकेले दम पर टीम को जीत दिलाई।

    800+ रन का पात्र इतना खास क्यों है?

    एक आईपीएल सीजन में 800 रन बनाना मुश्किल होता है क्योंकि:
    सिर्फ 14-17 मैच ही मिलते हैं
    हर मैच में निरंतर प्रदर्शन आवश्यक होता है
    रिज्यूमे रणनीतिक रणनीति स्थिर रहती है

  • 60 तक खेल सकता हूं, MS Dhoni ने IPL भविष्य पर दिया बड़ा संकेत, फैंस में जबरदस्त उत्साह

    60 तक खेल सकता हूं, MS Dhoni ने IPL भविष्य पर दिया बड़ा संकेत, फैंस में जबरदस्त उत्साह


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स के एक फैन इवेंट में एम.एस. धोनी ने अपने रिटायरमेंट को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसने एक बार फिर चर्चाओं को तेज कर दिया। 44 वर्षीय धोनी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह 60 साल की उम्र तक भी आईपीएल खेल सकते हैं। उनके इस बयान से स्टेडियम में मौजूद फैंस जोश से भर गए।

    चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान अभिनेता शिवकार्तिकेयन ने धोनी से कहा कि वह रिटायरमेंट की बातों को नजरअंदाज कर लंबे समय तक खेलते रहें। इस पर धोनी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, मुश्किल होगा लेकिन कोशिश कर सकता हूं। इसके बाद पूरा स्टेडियम ‘धोनी-धोनी’ के नारों से गूंज उठा। इस पल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    आईपीएल इतिहास में एम.एस. धोनी का नाम सबसे सफल खिलाड़ियों में शुमार है। उन्होंने अब तक 278 मैचों में 5439 रन बनाए हैं और चेन्नई सुपर किंग्स को 5 बार खिताब दिलाया है। आईपीएल 2026 उनका 19वां सीजन होगा। हालांकि, उन्होंने 2024 से पहले कप्तानी छोड़ दी थी और टीम की जिम्मेदारी ऋतुराज गायकवाड़ को सौंप दी गई थी।

    क्या होगा आखिरी सीजन?
    धोनी के भविष्य को लेकर अटकलें लगातार जारी हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के CEO काशी विश्वनाथन ने संकेत दिए हैं कि धोनी 2026 का सीजन खेलेंगे, लेकिन उनकी भूमिका पहले से अलग हो सकती है।

    पिछले कुछ सीजन में उनके रोल में बदलाव साफ देखा गया है अब वह कप्तान नहीं हैं, निचले क्रम में फिनिशर की भूमिका निभाते हैं और इम्पैक्ट प्लेयर नियम के कारण उनकी भागीदारी सीमित हो गई है।

    टीम में नए खिलाड़ियों के आने से विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी भविष्य में साझा की जा सकती है, लेकिन धोनी का अनुभव अब भी टीम के लिए बेहद अहम बना हुआ है। खासकर तब, जब 2025 में टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था।

    नई शुरुआत या विदाई का संकेत?

    आईपीएल 2026 चेन्नई सुपर किंग्स के लिए बदलाव का साल हो सकता है और संभव है कि यह एम.एस. धोनी के करियर का आखिरी अध्याय भी साबित हो। हालांकि फैंस की उम्मीद अब भी कायम है कि ‘माही’ एक बार फिर मैदान पर अपना जादू दिखाएंगे, चाहे वह 60 तक खेलने की बात मजाक में ही क्यों न हो।

  • क्यों धड़ाम हुआ बाजार? सेंसेक्स की भारी गिरावट के पीछे की असली वजहें

    क्यों धड़ाम हुआ बाजार? सेंसेक्स की भारी गिरावट के पीछे की असली वजहें


    नई दिल्ली।  सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद खराब रही। सोमवार के महीने के सत्र में बीएसई सेंसेक्स करीब 1,772 अंक यानी 2.32% 72,803 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 भी 565 अंक (2.44%) पर कारोबार कर 22,549 पर पहुंचा।

    मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बड़ी गिरावट
    सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक में भी जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 3.78% टूटकर 52,789 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 4.12% टूटकर 15,070 पर पहुंच गया। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है, जिससे बाजार में चौतरफा मंदी बनी हुई है।

    मध्य पूर्व तनाव बना सबसे बड़ा कारण
    इस भारी गिरावट की सबसे बड़ी वजह मध्य पूर्व में भारी तनाव है। डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज झील के लिए 48 घंटे की अंतिम घोषणा और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी में गिरावट और नीचे दिए गए। इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्रीय हमलों और होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की धमकी दी है। यह संघर्ष अब चौथे सप्ताह में पहुंच चुका है, जिससे अल्पावधि में डर और अनिश्चितता बढ़ गई है।

    वैश्विक उपकरण से मिले ख़राब संकेत
    अंतर्राष्ट्रीय बाजार में गिरावट ने भी भारतीय बाजार पर दबाव बनाया। टोक्यो, सोल, हांगकांग, शंघाई और बैंकॉक जैसे प्रमुख एशियाई देशों में 2% से 6.5% तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे घरेलू उद्यमियों का भरोसा टूट गया।

    कच्चे तेल की इकाइयों ने चिंता व्यक्त की
    तेल बाजार में तेजी से भी गिरावट की अहम वजह बनी। ब्रेंट क्रूड 113 डॉलर प्रति डॉलर और डब्ल्यूटीआई क्रूड 100 डॉलर प्रति डॉलर के आसपास पहुंच गया। तेल के रासायनिक यौगिक भारत जैसे तेल उत्पादक देशों के लिए औद्योगिक और आर्थिक दबाव बढ़ाते हैं, जिससे बाजार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

    एफआईआई की बिकवाली से बढ़ा दबाव
    विदेशी बिजनेसमैन की बिकवाली ने भी बाजार को झटका दिया। पिछले मत्स्य सत्र में एफओवाई ने 5,518 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जबकि डीईओआई ने 5,706 करोड़ रुपये का निवेश किया था। इसके बावजूद बाजार में गिरावट को रोकना मुश्किल साबित हुआ।

    विपक्ष में सोनम कपूर
    इन सभी सामानों के सामान बाजार में डर और शांति का मोहरा बना हुआ है। पर्यटक पर्यटक आकर्षण अपनाते नजर आ रहे हैं और आगे की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।