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  • रोहित शर्मा रचेंगे नया इतिहास, वनडे में भारत के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बनने के करीब

    रोहित शर्मा रचेंगे नया इतिहास, वनडे में भारत के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बनने के करीब


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा एक बार फिर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराने जा रहे हैं। भारत और अफगानिस्तान के बीच 13 जून से शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में मैदान पर कदम रखते ही रोहित शर्मा भारत के लिए वनडे क्रिकेट खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन जाएंगे। इसके साथ ही वह 37 साल पुराना एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे।

    धर्मशाला में खेले जाने वाले पहले वनडे मुकाबले के दौरान रोहित शर्मा की उम्र 39 साल और 44 दिन होगी। इसी के साथ वह पूर्व भारतीय क्रिकेटर और 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य मोहिंदर अमरनाथ का रिकॉर्ड पीछे छोड़ देंगे। अमरनाथ ने भारत के लिए अपना आखिरी वनडे मैच वर्ष 1989 में खेला था, उस समय उनकी उम्र 39 साल और 36 दिन थी। अब लगभग चार दशक बाद यह रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम दर्ज होने जा रहा है।

    हाल ही में फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद रोहित शर्मा भारतीय टीम से जुड़े हैं और चयनकर्ताओं तथा टीम प्रबंधन का भरोसा बनाए रखने में सफल रहे हैं। हालांकि पिछले कुछ समय में चोट और फिटनेस को लेकर चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन रोहित ने अपनी मेहनत और प्रतिबद्धता से साबित किया है कि वह अभी भी भारतीय टीम के लिए अहम भूमिका निभाने में सक्षम हैं।

    अफगानिस्तान के खिलाफ यह सीरीज भारतीय टीम के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। टीम के दो प्रमुख खिलाड़ी विराट कोहली और हार्दिक पांड्या चोट के कारण इस श्रृंखला का हिस्सा नहीं हैं। ऐसे में रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ी की मौजूदगी टीम को मजबूती प्रदान करेगी। युवा खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम में उनका अनुभव निर्णायक साबित हो सकता है।

    रोहित शर्मा पहले ही टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। अब उनका पूरा ध्यान वनडे क्रिकेट पर केंद्रित है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी नजर वर्ष 2027 में होने वाले आईसीसी क्रिकेट विश्व कप पर है। रोहित की इच्छा भारत को एक और विश्व कप खिताब दिलाकर अपने शानदार करियर को यादगार तरीके से समाप्त करने की हो सकती है।

    हालांकि बढ़ती उम्र के साथ चुनौतियां भी बढ़ती हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लगातार दबाव, फिटनेस बनाए रखने की जरूरत और युवा खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा रोहित के सामने बड़ी परीक्षा होगी। इसके बावजूद उनका अनुभव, तकनीक और बड़े मैचों में प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें भारतीय टीम का महत्वपूर्ण सदस्य बनाए हुए है।

    आईपीएल 2026 में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा, लेकिन वनडे क्रिकेट में उन्होंने लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। यही कारण है कि टीम प्रबंधन और प्रशंसकों को उनसे आगामी मुकाबलों में भी बड़ी पारियों की उम्मीद है। अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में रोहित शर्मा सिर्फ रन बनाने के लिए नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम करने के लिए भी मैदान पर उतरेंगे। भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें इस उपलब्धि पर टिकी रहेंगी।

  • ऋतुराज गायकवाड़ के बल्ले से निकला दम तो युवा वैभव सूर्यवंशी रहे फ्लॉप: जानिए क्यों तिलक वर्मा की धीमी बल्लेबाजी पर उठ रहे हैं तीखे सवाल

    ऋतुराज गायकवाड़ के बल्ले से निकला दम तो युवा वैभव सूर्यवंशी रहे फ्लॉप: जानिए क्यों तिलक वर्मा की धीमी बल्लेबाजी पर उठ रहे हैं तीखे सवाल

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के भविष्य के सितारों से सजी इंडिया ‘ए’ ने दांबुला के मैदान पर मेजबान श्रीलंका ‘ए’ को 8 विकेट के बड़े अंतर से मात देकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन तो किया, लेकिन इस एकतरफा जीत के बाद भी टीम मैनेजमेंट और सेलेक्टर्स के चेहरे पर पूरी तरह से संतुष्टि के भाव नजर नहीं आ रहे हैं। इस मुकाबले में मिली शानदार कामयाबी के बावजूद कुछ ऐसी तकनीकी और रणनीतिक कमियां उजागर हुई हैं, जिसके कारण इस जीत के मायने क्रिकेट पंडितों को थोड़े अधूरे और चिंताजनक लग रहे हैं। टीम का शीर्ष क्रम और मध्यक्रम आगामी बड़े दौरों के लिहाज से अभी भी पूरी तरह लय में नजर नहीं आ रहा है।

    मैच के सकारात्मक पहलुओं की बात करें तो कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने एक बार फिर अपनी क्लास और बेहतरीन फॉर्म का परिचय दिया। उन्होंने श्रीलंका के गेंदबाजी आक्रमण के सामने सूझबूझ और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन बनाते हुए टीम की जीत की मजबूत नींव रखी और दमदार बल्लेबाजी की। ऋतुराज की इस कप्तानी पारी के दम पर ही भारत ने मेजबान टीम द्वारा दिए गए लक्ष्य को बेहद आसानी से महज दो विकेट खोकर हासिल कर लिया। ऋतुराज का यह प्रदर्शन उन्हें मुख्य राष्ट्रीय टीम के दरवाजे खटखटाने के लिए एक बार फिर सबसे मजबूत दावेदार के रूप में पेश करता है।

    हालांकि, इस चमकीली पारी के दूसरी तरफ युवा और होनहार सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का फ्लॉप होना टीम के लिए एक बड़ा झटका रहा। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर इंडिया ‘ए’ की जर्सी पहनने वाले वैभव इस महत्वपूर्ण मुकाबले में पूरी तरह से असहज नजर आए और बिना कोई बड़ा योगदान दिए बेहद सस्ते में पवेलियन लौट गए। उनके जल्दी आउट होने के कारण पावरप्ले में टीम को जो आक्रामक शुरुआत मिलनी चाहिए थी, वह नहीं मिल सकी। वैभव की इस असफलता ने आगामी मैचों के लिए ओपनिंग स्लॉट की स्थिरता पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिया है।

    जीत के रास्ते में सबसे ज्यादा हैरान करने वाला पहलू मध्यक्रम के बल्लेबाज तिलक वर्मा की बल्लेबाजी शैली रही। टी20 और आधुनिक सीमित ओवरों के क्रिकेट के इस दौर में जहां बल्लेबाज पहली ही गेंद से कड़ा प्रहार करने की कोशिश करते हैं, वहीं तिलक वर्मा ने मैदान पर कछुआ गति से बल्लेबाजी की। उनके बल्ले से रनों की गति इतनी धीमी थी कि एक समय पर मजबूत स्थिति में दिख रही भारतीय टीम पर भी अनावश्यक दबाव बनता हुआ दिखने लगा था। तिलक की इस अत्यधिक रक्षात्मक और धीमी अप्रोच को देखकर कमेंटेटर्स और क्रिकेट विश्लेषक भी हैरान रह गए, क्योंकि वे अपनी आक्रामक और बेखौफ बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं।

    यही कारण है कि दांबुला में मिली इस 8 विकेट की बड़ी जीत के बाद भी भारतीय क्रिकेट प्रेमियों और जानकारों को यह सफलता पूरी तरह से संपूर्ण नहीं लग रही है। आगामी समय में होने वाली मुख्य अंतरराष्ट्रीय श्रृंखलाओं और टीम इंडिया के कड़े शेड्यूल को देखते हुए ‘ए’ टीम के खिलाड़ियों से केवल मैच जीतने की ही नहीं, बल्कि आधुनिक क्रिकेट के मापदंडों के अनुरूप प्रभावी खेल दिखाने की उम्मीद की जाती है। यदि वैभव सूर्यवंशी की निरंतरता और तिलक वर्मा के स्ट्राइक रेट की समस्या का जल्द समाधान नहीं तलाशा गया, तो आने वाले मैचों में टीम को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

  • टॉप-10 की रेस में शामिल होने वाले एकमात्र अंग्रेज खिलाड़ी बने हैरी केन..

    टॉप-10 की रेस में शामिल होने वाले एकमात्र अंग्रेज खिलाड़ी बने हैरी केन..

    नई दिल्ली । फुटबॉल जगत के सबसे प्रतिष्ठित और बड़े महाकुंभ, फीफा विश्व कप 2026 की शुरुआत से पहले मैदान पर उतरने वाले दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों की वित्तीय संपत्तियों का एक बड़ा खुलासा हुआ है। खेल के मैदान पर विश्व कप की चमचमाती ट्रॉफी जीतने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाने वाले ये अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मैदान से बाहर आर्थिक मोर्चे पर भी बड़े कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं। हाल ही में जारी की गई एक वैश्विक सूची के अनुसार, क्लब फुटबॉल, भारी-भरकम विज्ञापन अनुबंधों और दूरदर्शी निजी व्यावसायिक निवेशों के दम पर इन खेल सितारों ने अरबों रुपये का साम्राज्य खड़ा कर लिया है।

    इस सूची के वित्तीय आंकड़ों का विश्लेषण करें तो पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो दुनिया के सबसे अमीर खिलाड़ी बनकर उभरे हैं। रोनाल्डो की कुल अनुमानित संपत्ति अब एक अरब पाउंड यानी भारतीय मुद्रा में लगभग 12,773 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े के करीब पहुंच चुकी है। सऊदी अरब के प्रतिष्ठित क्लब अल-नस्र के साथ हुआ उनका सालाना 173 मिलियन पाउंड का करार उनकी कमाई का मुख्य जरिया है। इसके अतिरिक्त, रोनाल्डो ने खेल से इतर होटल श्रृंखला, अत्याधुनिक जिम, खुद के फैशन ब्रांड और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में भारी निवेश कर अपनी वित्तीय स्थिति को बेहद मजबूत किया है।

    इस धनकुबेर सूची में दूसरे स्थान पर अर्जेंटीना को विश्व चैंपियन बनाने वाले कप्तान लियोनल मेसी का नाम शामिल है। मेसी की कुल अनुमानित नेटवर्थ 742 मिलियन पाउंड यानी करीब 9,476 करोड़ रुपये आंकी गई है। अमेरिकी क्लब इंटर मियामी से मिलने वाले वेतन के अलावा वैश्विक खेल ब्रांड एडिडास सहित कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ उनकी दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी उनकी इस विशाल कमाई का एक बड़ा आधार है। वहीं, ब्राजील के स्टार फारवर्ड नेमार इस फेहरिस्त में 334 मिलियन पाउंड (लगभग 4,266 करोड़ रुपये) की संपत्ति के साथ तीसरे स्थान पर मजबूती से बने हुए हैं। बार्सिलोना और पीएसजी के बाद अब अल-हिलाल क्लब से मिलने वाले पैसों और दुनिया के सबसे महंगे जूता ब्रांड के साथ उनके विज्ञापन सौदे ने उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाया है।

    फ्रांस के युवा सनसनी किलियन एमबाप्पे इस सूची में चौथे स्थान पर काबिज हैं। स्पेनिश जाइंट रियल मैड्रिड के साथ हुए उनके नए अनुबंध और नाइकी व हबलोट जैसे लग्जरी ब्रांडों के साथ एंडोर्समेंट के चलते उनकी नेटवर्थ 186 मिलियन पाउंड (करीब 2,376 करोड़ रुपये) तक पहुंच चुकी है। दिलचस्प बात यह है कि इस पूरी सूची में इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करने वाले एकमात्र खिलाड़ी उनके कप्तान हैरी केन हैं। जर्मन क्लब बायर्न म्यूनिख के लिए खेलने वाले हैरी केन 110 मिलियन पाउंड (लगभग 1,405 करोड़ रुपये) की संपत्ति के साथ पांचवें स्थान पर हैं।

    सूची के निचले आधे हिस्से की बात करें तो मिस्र के स्टार मोहम्मद सलाह 104 मिलियन पाउंड के साथ छठे स्थान पर हैं, जिन्हें लिवरपूल क्लब से प्रति सप्ताह करीब चार लाख पाउंड का भारी-भरकम वेतन मिलता है। उनके बाद दक्षिण कोरिया के सोन ह्युंग-मिन (74 मिलियन पाउंड) सातवें और अल्जीरिया के रियाद महरेज (63 मिलियन पाउंड) आठवें स्थान पर हैं। नॉर्वे के युवा गोल मशीन एरलिंग हालैंड और कोलंबिया के जेम्स रोड्रिगेज दोनों ही 59-59 मिलियन पाउंड (लगभग 754 करोड़ रुपये) की संपत्ति के साथ क्रमशः नौवें और दसवें स्थान पर मौजूद हैं। यह आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि आधुनिक युग में फुटबॉल केवल एक खेल मात्र नहीं रह गया है, बल्कि यह खिलाड़ियों के लिए एक बहुत बड़ा वैश्विक बिजनेस मॉडल बन चुका है।

  • इंग्लैंड और वेल्स में 12 जून से सजेगा महिला टी20 विश्व कप का भव्य मंच: 12 सर्वश्रेष्ठ टीमों के बीच 24 दिनों तक मचेगा क्रिकेट का घमासान

    इंग्लैंड और वेल्स में 12 जून से सजेगा महिला टी20 विश्व कप का भव्य मंच: 12 सर्वश्रेष्ठ टीमों के बीच 24 दिनों तक मचेगा क्रिकेट का घमासान

    नई दिल्ली । महिला क्रिकेट जगत के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित आयोजनों में से एक आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 का बिगुल बज चुका है। आगामी 12 जून से इंग्लैंड और वेल्स की मेजबानी में क्रिकेट के इस सबसे छोटे और रोमांचक प्रारूप का महाकुंभ शुरू होने जा रहा है। इस भव्य वैश्विक प्रतियोगिता में दुनिया की 12 सर्वश्रेष्ठ टीमें प्रतिष्ठित ट्रॉफी को अपने नाम करने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। कुल 24 दिनों तक चलने वाले इस व्यापक टूर्नामेंट का समापन 5 जुलाई को क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाले खिताबी मुकाबले के साथ होगा।

    टूर्नामेंट के प्रारूप के अनुसार सभी 12 टीमों को दो अलग-अलग ग्रुपों में विभाजित किया गया है। ग्रुप-1 में भारतीय टीम को मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान, बांग्लादेश और पहली बार इस वैश्विक मंच पर जगह बनाने वाली नीदरलैंड की टीम के साथ रखा गया है। वहीं ग्रुप-2 में मेजबान इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, आयरलैंड और स्कॉटलैंड की टीमें शामिल हैं। टूर्नामेंट का उद्घाटन मुकाबला 12 जून को एजबेस्टन के मैदान पर मेजबान इंग्लैंड और एशियाई चैंपियन श्रीलंका के बीच खेला जाएगा, जो इस टूर्नामेंट की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें विशेष रूप से 14 जून की तारीख पर टिकी हुई हैं, जब एजबेस्टन के ऐतिहासिक मैदान पर भारत और पाकिस्तान की महिला टीमें आमने-सामने होंगी। दोनों देशों के बीच होने वाला यह मुकाबला हमेशा की तरह भारी दबाव, रोमांच और खेल भावना से भरपूर होने की उम्मीद है। भारतीय टीम के लिए सेमीफाइनल की राह आसान नहीं होगी, क्योंकि ग्रुप चरण में उन्हें न केवल पाकिस्तान बल्कि दक्षिण अफ्रीका और महिला क्रिकेट की सबसे मजबूत टीम ऑस्ट्रेलिया की कड़ी चुनौती का भी सामना करना पड़ेगा। भारत अपने ग्रुप चरण के मुकाबले एजबेस्टन, हेडिंग्ले, ओल्ड ट्रैफर्ड और लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदानों पर खेलेगा।

    इस विश्व कप की कुछ प्रमुख विशेषताओं की बात करें तो पूरे टूर्नामेंट के दौरान कुल 33 कड़े मुकाबले खेले जाएंगे। दर्शकों के रोमांच को दोगुना करने के लिए आईसीसी ने इस बार के कार्यक्रम में पांच ट्रिपल हेडर (एक दिन में तीन मैच) और पांच डबल हेडर (एक दिन में दो मैच) को शामिल किया है। नीदरलैंड की महिला टीम के लिए यह आयोजन बेहद खास है क्योंकि वह अपने इतिहास में पहली बार महिला टी20 विश्व कप की मुख्य प्रतियोगिता में भाग ले रही है। भारतीय समयानुसार ग्रुप चरण के मुकाबले दोपहर 3:00 बजे, शाम 7:00 बजे और रात 11:00 बजे से प्रसारित किए जाएंगे।

    ग्रुप चरण के कड़े मुकाबलों के बाद शीर्ष पर रहने वाली टीमें नॉकआउट चरण में प्रवेश करेंगी। टूर्नामेंट का पहला सेमीफाइनल मुकाबला 30 जून को द ओवल के मैदान पर भारतीय समयानुसार शाम 7:00 बजे से खेला जाएगा, जबकि दूसरा सेमीफाइनल मैच इसी मैदान पर 2 जुलाई को रात 11:00 बजे आयोजित होगा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस बार अपनी तैयारियों को पुख्ता कर पहली बार टी20 विश्व कप के खिताब को चूमने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। वहीं दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी बादशाहत को बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंकेगी, जिससे इस बार का विश्व कप इतिहास का सबसे प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट बनने जा रहा है।

  • महिला टी20 वर्ल्ड कप में इन बल्लेबाजों का रहा दबदबा: टॉप-5 रन स्कोरर्स में कोई भारतीय नहीं, हरमनप्रीत टॉप-10 में

    महिला टी20 वर्ल्ड कप में इन बल्लेबाजों का रहा दबदबा: टॉप-5 रन स्कोरर्स में कोई भारतीय नहीं, हरमनप्रीत टॉप-10 में


    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 का आगाज 12 जून से होने जा रहा है और क्रिकेट प्रेमियों की नजरें एक बार फिर दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों पर टिकी हैं। इंग्लैंड में आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का फाइनल 5 जुलाई को खेला जाएगा। टी20 क्रिकेट के तेजी से बदलते स्वरूप में बल्लेबाजों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाजों की सूची भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

    महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड की दिग्गज बल्लेबाज Suzie Bates के नाम दर्ज है। उन्होंने 2009 से 2024 के बीच खेले गए 42 मैचों की 42 पारियों में 1,216 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 8 अर्धशतक निकले। बेट्स लंबे समय से न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी की रीढ़ रही हैं और आगामी विश्व कप में उनके पास इस रिकॉर्ड को और मजबूत करने का मौका होगा। खास बात यह है कि यह टूर्नामेंट उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी विश्व कप भी माना जा रहा है।

    दूसरे स्थान पर इंग्लैंड की पूर्व स्टार बल्लेबाज Sarah Taylor हैं। उन्होंने 35 मैचों में 1,014 रन बनाकर महिला टी20 विश्व कप इतिहास में अपनी अलग पहचान बनाई। विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और निरंतरता ने इंग्लैंड को कई अहम जीत दिलाई।

    ऑस्ट्रेलिया की विस्फोटक ओपनर Alyssa Healy तीसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 39 पारियों में 1,008 रन बनाए हैं। बड़े मैचों में दबाव झेलने और तेज शुरुआत देने की उनकी क्षमता ने उन्हें महिला क्रिकेट की सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में शामिल किया है।

    चौथे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान Meg Lanning हैं। उन्होंने 32 पारियों में 992 रन बनाए, जिसमें एक शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं। लैनिंग की कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों ने ऑस्ट्रेलिया को महिला क्रिकेट की सबसे सफल टीमों में शामिल करने में बड़ी भूमिका निभाई।

    पांचवें स्थान पर न्यूजीलैंड की अनुभवी ऑलराउंडर Sophie Devine हैं। उन्होंने 37 पारियों में 785 रन बनाकर इस सूची में अपनी जगह बनाई है। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और मैच जिताऊ प्रदर्शन के लिए डिवाइन दुनिया भर में जानी जाती हैं।

    भारतीय दृष्टिकोण से देखें तो टॉप-10 में केवल कप्तान हरमनप्रीत कौर का नाम शामिल है। हरमनप्रीत ने 39 मैचों में 726 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं। वह इस समय दसवें स्थान पर हैं। आगामी विश्व कप में यदि उनका बल्ला चला, तो उनके पास शीर्ष पांच बल्लेबाजों की सूची में जगह बनाने का सुनहरा अवसर होगा।

    महिला टी20 विश्व कप 2026 के साथ क्रिकेट प्रशंसकों को न केवल नई चैंपियन टीम देखने का मौका मिलेगा, बल्कि यह भी देखना दिलचस्प होगा कि क्या मौजूदा खिलाड़ी इन ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स को चुनौती दे पाती हैं या नहीं। भारतीय फैंस को खास उम्मीद हरमनप्रीत कौर से होगी, जो अपने अनुभव और विस्फोटक बल्लेबाजी से नया इतिहास रच सकती हैं।

  • हादसे ने छीना एक हाथ, हौसले ने दिलाए तीन पैरालंपिक पदक: देवेंद्र झाझरिया की प्रेरक कहानी

    हादसे ने छीना एक हाथ, हौसले ने दिलाए तीन पैरालंपिक पदक: देवेंद्र झाझरिया की प्रेरक कहानी


    नई दिल्ली । भारत के खेल इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं, जो केवल अपनी उपलब्धियों के लिए नहीं बल्कि अपने संघर्ष और जज्बे के लिए भी हमेशा याद किए जाते हैं। देवेंद्र झाझरिया ऐसा ही एक नाम है, जिन्होंने जिंदगी की सबसे बड़ी चुनौती को अपनी सबसे बड़ी ताकत में बदल दिया। एक दर्दनाक हादसे में बचपन में अपना बायां हाथ गंवाने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और दुनिया को दिखा दिया कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।

    राजस्थान के चुरू जिले में 10 जून 1981 को जन्मे देवेंद्र झाझरिया का बचपन सामान्य बच्चों की तरह बीत रहा था। लेकिन महज आठ साल की उम्र में एक हादसे ने उनकी जिंदगी बदल दी। एक दिन पेड़ पर चढ़ते समय उनका संपर्क हाई वोल्टेज बिजली के तार से हो गया। गंभीर रूप से झुलसने के बाद डॉक्टरों को उनकी जान बचाने के लिए उनका बायां हाथ काटना पड़ा। इस घटना ने उनके जीवन की दिशा बदल दी, लेकिन उनके हौसले को नहीं तोड़ सकी।

    हादसे के बाद देवेंद्र को सामाजिक उपेक्षा और मानसिक संघर्ष का भी सामना करना पड़ा। साथी बच्चों के बीच खुद को अलग महसूस करने वाले देवेंद्र ने धीरे-धीरे खेलों की ओर रुख किया। स्कूल स्तर पर भाला फेंक प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हुए उनकी प्रतिभा सामने आने लगी। वर्ष 1997 में एक पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता के दौरान कोच रिपुदमन सिंह की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने देवेंद्र को इस खेल को गंभीरता से अपनाने की सलाह दी और यहीं से एक महान खिलाड़ी के सफर की शुरुआत हुई।

    सिर्फ 23 वर्ष की उम्र में देवेंद्र ने 2004 एथेंस पैरालंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया। उन्होंने एफ-46 भाला फेंक स्पर्धा में 62.15 मीटर का विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता और भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन किया। यह उपलब्धि भारतीय पैरा खेलों के इतिहास में एक नया अध्याय साबित हुई।

    इसके बाद कई वर्षों तक उनकी स्पर्धा पैरालंपिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं रही, लेकिन उन्होंने अभ्यास और मेहनत जारी रखी। 2016 रियो पैरालंपिक में उन्होंने 63.97 मीटर का थ्रो कर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा और दूसरा स्वर्ण पदक जीत लिया। इसके साथ ही वे पैरालंपिक में दो स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए।

    देवेंद्र के जीवन में एक समय ऐसा भी आया जब पिता की गंभीर बीमारी ने उन्हें खेल छोड़ने पर मजबूर कर दिया था। लेकिन उनके पिता ने ही उन्हें हार न मानने और देश के लिए खेलने की प्रेरणा दी। पिता की इसी सीख ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। वर्ष 2020 पैरालंपिक में उन्होंने 64.35 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वे पैरालंपिक में तीन पदक जीतने वाले भारत के पहले व्यक्तिगत एथलीट बने।

    देवेंद्र झाझरिया ने केवल पैरालंपिक ही नहीं, बल्कि एशियन पैरा गेम्स और विश्व चैंपियनशिप में भी भारत का गौरव बढ़ाया। उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें अर्जुन पुरस्कार, पद्मश्री, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और पद्म भूषण जैसे देश के सर्वोच्च सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।

    देवेंद्र झाझरिया की कहानी यह साबित करती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदार हो तो सफलता जरूर मिलती है। उनका जीवन आज लाखों युवाओं और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

  • नेमार की फिटनेस पर बड़ा अपडेट, रिकवरी की राह पर ब्राज़ील स्टार

    नेमार की फिटनेस पर बड़ा अपडेट, रिकवरी की राह पर ब्राज़ील स्टार


    नई दिल्ली । ब्राजीलियन फुटबॉल कन्फेडरेशन (CBF) ने नेमार की फिटनेस को लेकर ताजा मेडिकल अपडेट जारी किया है। जानकारी के मुताबिक, नेमार के दाहिने पैर में ग्रेड-टू पिंडली की चोट है, जिसके इलाज के लिए उनका MRI स्कैन किया गया। CBF के अनुसार उनकी रिकवरी प्रक्रिया सही दिशा में है और वह एक विशेष मेडिकल प्लान के तहत लगातार इलाज करा रहे हैं। हालांकि, संगठन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे कब तक मैदान पर वापसी कर पाएंगे।

    शुरुआती मैचों से बाहर रहने की आशंका
    स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नेमार वर्ल्ड कप 2026 के शुरुआती मुकाबलों में उपलब्ध नहीं हो सकते। माना जा रहा है कि वह कम से कम दूसरे ग्रुप मैच तक टीम से बाहर रह सकते हैं। ब्राजील अपने अभियान की शुरुआत मोरक्को के खिलाफ करेगा, इसके बाद हैती और स्कॉटलैंड के खिलाफ मुकाबले होंगे। ऐसे में शुरुआती चरण में टीम को अपने सबसे बड़े स्टार की कमी खल सकती है।

    ब्राजील के लिए सबसे बड़ा सवाल
    नेमार ब्राजील के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने अब तक 128 इंटरनेशनल मैचों में 79 गोल किए हैं। लंबे समय से चोटों से जूझ रहे नेमार अक्टूबर 2023 के बाद से राष्ट्रीय टीम के लिए नहीं खेले हैं। हाल ही में क्लब फुटबॉल के दौरान लगी चोट ने उनकी वापसी को और भी अनिश्चित बना दिया है। इसी कारण ब्राजील टीम मैनेजमेंट उनकी फिटनेस को लेकर बेहद सतर्क है।

    वर्ल्ड कप 2026 में ब्राजील की उम्मीदें
    ब्राजील अगले वर्ल्ड कप में रिकॉर्ड 23वीं बार हिस्सा लेने जा रहा है और वह अब तक एकमात्र टीम है जिसने हर संस्करण में भाग लिया है। ऐसे में टीम से उम्मीदें हमेशा की तरह ऊंची हैं। हालांकि, नेमार की फिटनेस टीम की रणनीति पर बड़ा असर डाल सकती है। अगर वह पूरी तरह फिट नहीं होते, तो ब्राजील को अपनी आक्रमण रणनीति में बड़ा बदलाव करना पड़ सकता है।

    करियर के अंतिम वर्ल्ड कप की संभावना
    34 वर्षीय नेमार ने पहले ही संकेत दिए हैं कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 उनके करियर का आखिरी बड़ा टूर्नामेंट हो सकता है। ऐसे में यह टूर्नामेंट उनके लिए भावनात्मक और ऐतिहासिक दोनों रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।

    CBF के अपडेट ने ब्राजील को राहत जरूर दी है, लेकिन नेमार की पूर्ण फिटनेस और समय पर वापसी अब भी अनिश्चित बनी हुई है। वर्ल्ड कप से पहले उनकी स्थिति टीम के प्रदर्शन और रणनीति दोनों के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।

  • ब्रिस्बेन हीट और क्वींसलैंड कोचिंग से अलग हुए जोहान बोथा, क्रिकेट जगत में हलचल

    ब्रिस्बेन हीट और क्वींसलैंड कोचिंग से अलग हुए जोहान बोथा, क्रिकेट जगत में हलचल


    नई दिल्ली । दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान जोहान बोथा ने क्वींसलैंड और ब्रिस्बेन हीट के हेड कोच पद से समय से पहले इस्तीफा दे दिया है। उनका कॉन्ट्रैक्ट अभी एक सीजन और बचा था, लेकिन उन्होंने दोनों जिम्मेदारियां छोड़ने का फैसला किया।

    क्वींसलैंड क्रिकेट ने उनके इस्तीफे की पुष्टि करते हुए कहा कि बोर्ड ने इसे स्वीकार कर लिया है और अब टीमों के नए कोचिंग सेटअप पर काम शुरू होगा। यह फैसला ऑस्ट्रेलियाई घरेलू क्रिकेट में चल रहे बड़े कोचिंग बदलावों के बीच आया है।

    दो साल का सफर और मिला-जुला प्रदर्शन
    बोथा ने 2024-25 सीजन से क्वींसलैंड और ब्रिस्बेन हीट की कमान संभाली थी। उनके कार्यकाल में क्वींसलैंड टीम ने कुछ अच्छे संकेत दिए और शेफील्ड शील्ड फाइनल तक भी पहुंची, लेकिन खिताब नहीं जीत सकी। वनडे कप और शील्ड में टीम का प्रदर्शन ठीक-ठाक रहा और वह लगातार शीर्ष स्थान पर नहीं पहुंच सकी। वहीं बिग बैश लीग में ब्रिस्बेन हीट का प्रदर्शन भी अस्थिर रहा, जिससे टीम लगातार ट्रॉफी से दूर रही।

    बोर्ड का बयान और भविष्य की दिशा
    क्वींसलैंड क्रिकेट के CEO ने बयान में कहा कि भले ही टीम ने सभी लक्ष्य हासिल नहीं किए, लेकिन बोथा ने युवा खिलाड़ियों के विकास में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने हाई परफॉर्मेंस सिस्टम को मजबूत करने में योगदान दिया। बोर्ड ने उनके काम की सराहना करते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

    अब कौन लेगा जिम्मेदारी?
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्वींसलैंड क्रिकेट अब नए हेड कोच की तलाश में है और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन का नाम संभावित उम्मीदवारों में चर्चा में है।

    जोहान बोथा का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब क्वींसलैंड और ब्रिस्बेन हीट दोनों टीमें स्थिरता और बेहतर प्रदर्शन की तलाश में हैं। अब देखना होगा कि नया कोचिंग सेटअप टीम को किस दिशा में ले जाता है।

  • 'यह जगह घर की तरह', विराट कोहली ने आरसीबी के लगातार 2 बार चैंपियन बनने पर लिखा भावुक संदेश

    'यह जगह घर की तरह', विराट कोहली ने आरसीबी के लगातार 2 बार चैंपियन बनने पर लिखा भावुक संदेश


    नई दिल्ली । रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की लगातार दूसरी आईपीएल खिताबी जीत के बाद स्टार बल्लेबाज Virat Kohli ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किया है। उन्होंने टीम के सफर, संघर्ष और भावनात्मक जुड़ाव को “घर” जैसा बताया।

    कोहली का भावुक पोस्ट
    कोहली ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि सीजन की शुरुआत भरोसे के साथ हुई थी और अंत लगातार दो खिताबों के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि इस टीम ने हर भावनात्मक उतार-चढ़ाव को साथ झेला और मुश्किल हालात में भी एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा। कोहली के मुताबिक, “यह जगह घर की तरह है”-जो उनकी टीम के साथ गहरे जुड़ाव को दिखाता है।

    लगातार दूसरी बार RCB चैंपियन
    Royal Challengers Bengaluru ने आईपीएल 2025 और 2026 में लगातार दो खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। 18 साल के लंबे इंतजार के बाद पहली बार खिताब जीतने के बाद टीम ने अगले ही सीजन में ट्रॉफी डिफेंड कर ली।

    फाइनल मुकाबले का हाल
    आईपीएल 2026 का फाइनल नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया, जहां RCB ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। विपक्षी टीम को 155 रन पर रोकने के बाद RCB ने 161 रन बनाकर 5 विकेट से मैच जीत लिया। इस फाइनल में कोहली ने अहम भूमिका निभाई और 42 गेंदों पर 75 रन की मैच जिताऊ पारी खेली। उनकी इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।

    पूरे सीजन में कोहली का प्रदर्शन
    पूरे सीजन में कोहली का फॉर्म शानदार रहा। उन्होंने 16 मैचों में 675 रन बनाए, जिसमें 1 शतक और 5 अर्धशतक शामिल रहे। उनकी लगातार रन बनाने की क्षमता टीम की सफलता की सबसे बड़ी वजहों में से एक रही।

    कप्तानी और टीम का योगदान
    कप्तान रजत पाटीदार की रणनीति और गेंदबाजों के संतुलित प्रदर्शन ने भी टीम को मजबूती दी। गेंदबाजी ने फाइनल में खास भूमिका निभाई और विपक्ष को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोका।

  • ऋतुराज गायकवाड़ का शतक, इंडिया ए ने श्रीलंका ए को दिया 278 का लक्ष्य

    ऋतुराज गायकवाड़ का शतक, इंडिया ए ने श्रीलंका ए को दिया 278 का लक्ष्य


    नई दिल्ली । श्रीलंका के दांबुला में खेले जा रहे ट्राई-नेशन ए सीरीज के पहले मुकाबले में India A ने मजबूत बल्लेबाजी करते हुए Sri Lanka A को 278 रनों का लक्ष्य दिया है। इस पारी का मुख्य आकर्षण रहे Ruturaj Gaikwad, जिन्होंने शानदार शतक लगाया।

    शुरुआत में लड़खड़ाई इंडिया ए
    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंडिया ए की शुरुआत खराब रही। सलामी बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह सिर्फ 2 रन और वैभव सूर्यवंशी 14 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। टीम 16 रन पर दो विकेट खोकर दबाव में आ गई थी। इसके बाद प्रियांश आर्य और ऋतुराज गायकवाड़ ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन आर्य 32 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

    गायकवाड़–तिलक की बड़ी साझेदारी
    इसके बाद कप्तान Tilak Varma और गायकवाड़ ने पारी को स्थिर किया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 150 रनों की शानदार साझेदारी की, जिसने मैच का रुख बदल दिया। गायकवाड़ ने 114 गेंदों में 101 रन की पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। यह पारी खास इसलिए भी रही क्योंकि आईपीएल फॉर्म को लेकर चल रही आलोचनाओं के बीच उन्होंने बड़े मैच में शानदार वापसी की। तिलक वर्मा ने भी 97 गेंदों पर 60 रन बनाकर अहम योगदान दिया।

    मध्यक्रम का सहयोग और मजबूत स्कोर
    आयुष बडोनी ने 24 और सूर्यांश शेड्गे ने 26 रन जोड़कर स्कोर को आगे बढ़ाया। पूरी टीम ने 50 ओवर में 6 विकेट पर 277 रन बनाए।

    श्रीलंका ए की गेंदबाजी
    श्रीलंका की तरफ से मोहम्मद शिराज सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 2 विकेट लिए। उनके अलावा चमिका करुणारत्ने, गारुका संकेथ और वानुजा सहान को 1-1 सफलता मिली।

    अब गेंदबाजों पर नजर
    अब मैच का पूरा दारोमदार भारतीय गेंदबाजों पर होगा, जिसमें अंशुल कंबोज, अरशद खान, विपराज निगम और अनुकूल रॉय जैसे गेंदबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। अगर गेंदबाज लय में रहे तो इंडिया ए इस मुकाबले में जीत के साथ शुरुआत कर सकता है।