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  • जश्न के बीच दर्द: Eid के दिन हमले के पीड़ितों से मिले अधिकारी और क्रिकेटर

    जश्न के बीच दर्द: Eid के दिन हमले के पीड़ितों से मिले अधिकारी और क्रिकेटर


    नई दिल्ली। रमजान और ईद के मौके पर जहां जश्न का माहौल होना चाहिए था, वहीं काबुल में हुए दर्दनाक हमले ने कई परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया। इसी बीच अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) के अधिकारी और अफगानिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे और उनके साथ एकजुटता दिखाई दी।

    अस्पताल पहुंचा दिया सहारा और संवेदनाएं

    एसीबी के सीईओ नसीब खान के नेतृत्व में प्रतिनिधियों ने काबुल के प्रमुख अस्पतालों-इमरजेंसी और वजीर अकबर खान-का दौरा किया। खिलाड़ियों और अधिकारियों ने घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और इस मुश्किल समय में हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। बोर्ड ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि यह हमला बेहद दर्दनाक है और इससे पूरे देश में शोक की लहर है।

    हमले में भारी जनहानी, सैकड़ों घायल

    स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, हालिया एयरस्ट्राइक में करीब 400 लोगों की मौत हुई, जबकि 250 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इस त्रासदी ने कई परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है। एसीबी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस समय खुशी और एकजुटता का होना चाहिए था, लेकिन यह कई परिवारों के लिए दुख में बदल गया।

    खिलाड़ी भी मिले, घायलों से की मुलाकात

    अस्पताल पहुंचने वाले खिलाड़ियों में कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी, ऑलराउंडर गुलबदीन नायब और कैस अहमद शामिल थे। सभी खिलाड़ियों ने घायलों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और उनका हौसला बढ़ाया। इससे पहले, स्टार क्रिकेटर राशिद खान और नवीन-उल-हक भी इस हमले की कड़ी निंदा कर चुके हैं।

    अफगान क्रिकेटरों और बोर्ड ने इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों से अपील की है कि मामले की जांच कर प्रतिभागियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

  • खुशियों से भरा कार्तिक परिवार, Dinesh Karthik बने फिर पिता, दीपिका ने बेटी को जन्म दिया

    खुशियों से भरा कार्तिक परिवार, Dinesh Karthik बने फिर पिता, दीपिका ने बेटी को जन्म दिया


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश कार्तिक और देश की स्टार स्क्वैश खिलाड़ी दीपिका पल्लीकल के घर एक बार फिर खुशियों की किलकारी गूंजी है। इस कपल ने अपने परिवार में एक नन्ही परी का स्वागत किया है, जिसका नाम ‘राहा पल्लीकल कार्तिक’ रखा गया है।

    सोशल मीडिया पर दी खुशखबरी

    कार्तिक और दीपिका ने सोशल मीडिया के ज़रिए फैंस के साथ यह खुशी साझा की। उन्होंने भावुक संदेश में लिखा कि उनके दिल दुआओं और कृतज्ञता से भरे हैं और वे अपनी बेटी के आने से बेहद खुश हैं। उनके जुड़वां बेटे कबीर और जियान भी अपनी छोटी बहन के आने से काफी उत्साहित हैं।

    2015 में हुई थी शादी, 2021 में बने थे माता-पिता

    यह चर्चित खेल जोड़ी 25 अगस्त 2015 को पारंपरिक हिंदू और ईसाई रीति-रिवाजों से शादी के बंधन में बंधी थी। साल 2021 में उनके घर जुड़वां बेटों का जन्म हुआ था और अब बेटी के आने से उनका परिवार पूरा हो गया है।

    दिनेश कार्तिक का शानदार क्रिकेट करियर

    दिनेश कार्तिक भारतीय टीम के लिए तीनों फॉर्मेट में खेल चुके हैं और अपने करियर के दौरान कई यादगार पारियां खेली हैं। कोहनी पर निदाहास ट्रॉफी फाइनल में आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर भारत को जीतने वाली उनकी पारी आज भी फैंस के दिलों में ताजा है। वह ICC T20 वर्ल्ड कप 2007 और ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2013 जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा रहे हैं।

    आईपीएल में भी उनका करियर काफी सफल रहा है। संन्यास के बाद वह कोच और कमेंटेटर के रूप में क्रिकेट से जुड़े हुए हैं। आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मेंटोर के तौर पर भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी।

    दीपिका पल्लीकल की ऐतिहासिक उपलब्धियां

    दीपिका पल्लीकल भारतीय स्क्वैश की सबसे सफल खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं। वह दुनिया की टॉप-10 रैंकिंग में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं और पद्म श्री से सम्मानित हैं। वे कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में कई मेडल जीते हैं। हाल ही में 2022 एशियन गेम्स हांग्जो में उन्होंने मिक्सड डबल्स में गोल्ड मेडल जीता और देश का नाम रोशन किया।

  • 900वां गोल भी नहीं बचा सका मियामी, Lionel Messi की टीम टूर्नामेंट से हुई बाहर

    900वां गोल भी नहीं बचा सका मियामी, Lionel Messi की टीम टूर्नामेंट से हुई बाहर


    नई दिल्ली। अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी ने अपने करियर का ऐतिहासिक 900वां गोल दागकर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की, लेकिन उनकी टीम इंटर मियामी CF के लिए यह मैच खुशी के बजाय निराशा लेकर आया। कॉनकाकाफ चैंपियंस कप के प्री-क्वार्टरफाइनल में नैशविले SC के खिलाफ खेले गए मुकाबले में मेसी का गोल भी टीम को अगले राउंड में नहीं पहुंचा सका।

    7वें मिनट में इतिहास, मेसी ने रचा नया कीर्तिमान

    अमेरिका के जियोडिस पार्क में खेले गए इस मुकाबले में मेसी ने सिर्फ 7वें मिनट में गोल दागकर इंटर मियामी को बढ़त दिलाई। यह उनके प्रोफेशनल करियर का 900वां गोल था, जिससे वह क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बाद इस मुकाम तक पहुंचने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी बन गए। मेसी ने इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल के साथ-साथ असिस्ट भी किया, लेकिन टीम की किस्मत साथ नहीं दे।

    अवे गोल नियम ने तोड़ा मियामी का सपना

    दोनों टीमों के बीच मुकाबले में कुल स्कोर 1-1 से बराबर हुआ, लेकिन CONCACAF चैंपियंस कप के अवे गोल नियम के चलते नैशविले SC ने बाजी मार ली।

    पहला लेग गोलरहित ड्रॉ रहा था, जबकि दूसरे लेग में नैशविले ने 74वें मिनट में बराबर का गोल कर मैच का रुख बदल दिया। इस गोल ने इंटर मियामी की क्वार्टरफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

    मेसी का शानदार करियर और रिकॉर्ड्स

    38 साल के मेसी ने अपने करियर में FC बार्सिलोना, पेरिस सेंट-जर्मेन, इंटर मियामी और अर्जेंटीना की नेशनल टीम के लिए गोल किए हैं।

    8 बार बैलन डी’ओर विजेता

    2012 में एक साल में 91 गोल का वर्ल्ड रिकॉर्ड

    सबसे तेज 100 चैंपियंस लीग गोल (123 मैच)

    उनकी उपलब्धियां उन्हें फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में शामिल करती हैं।

    नैशविले ने रचा इतिहास
    इस जीत के साथ नैशविले SC पहली बार कॉनकाकाफ चैंपियंस कप के क्वार्टरफाइनल में पहुंचा, जो क्लब के इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

  • दिल्ली कैपिटल्स की कोचिंग टीम में नया चेहरा, जॉन मूनी संभालेंगे फील्डिंग की जिम्मेदारी

    दिल्ली कैपिटल्स की कोचिंग टीम में नया चेहरा, जॉन मूनी संभालेंगे फील्डिंग की जिम्मेदारी


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के आगाज से पहले Delhi Capitals ने अपनी कोचिंग टीम को और मजबूत करते हुए बड़ा फैसला लिया है। टीम ने आयरलैंड के पूर्व ऑलराउंडर John Mooney को फील्डिंग कोच नियुक्त किया है। फ्रेंचाइजी का लक्ष्य इस सीजन अपना पहला खिताब जीतना है और इसके लिए हर स्तर पर टीम को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।

    कोचिंग स्टाफ में नई मजबूती

    जॉन मूनी, England and Wales Cricket Board से लेवल 1, 2 और 3 कोचिंग सर्टिफिकेट प्राप्त कोच हैं। वह टीम में ज्ञानेश्वर राव और एंटोन रॉक्स की जगह लेंगे, जो आईपीएल 2025 के बाद टीम से अलग हो गए थे।

    दिल्ली की कोचिंग टीम पहले से ही मजबूत मानी जाती है, जिसमें Hemang Badani (हेड कोच), Munaf Patel (बॉलिंग कोच), Ian Bell (सहायक कोच) और Venugopal Rao (डायरेक्टर) शामिल हैं। मूनी के आने से खासतौर पर फील्डिंग डिपार्टमेंट को नई धार मिलने की उम्मीद है।

    अंतरराष्ट्रीय अनुभव का फायदा

    44 वर्षीय जॉन मूनी के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोचिंग का अच्छा अनुभव है। वह 2018-19 के दौरान Afghanistan national cricket team के फील्डिंग कोच रहे, जब टीम ने भारत के खिलाफ अपना ऐतिहासिक टेस्ट डेब्यू किया था। इसके अलावा उन्होंने West Indies national cricket team के साथ भी काम किया है।

    हाल ही में वह Ireland women’s cricket team के अस्थायी कोच भी रहे हैं, जिससे उनका अनुभव और व्यापक हो गया है।

    खिलाड़ी के रूप में भी शानदार करियर

    जॉन मूनी ने 2006 से 2015 के बीच Ireland national cricket team के लिए खेलते हुए 64 वनडे और 27 टी20 मैच खेले।

    वनडे में: 963 रन और 48 विकेट

    टी20 में: 231 रन और 10 विकेट

    वह 2007, 2011 और 2015 के वनडे विश्व कप के साथ-साथ 2 टी20 विश्व कप में भी आयरलैंड का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

    पीटरसन के जाने के बाद नई शुरुआत

    दिल्ली कैपिटल्स को हाल ही में झटका तब लगा था, जब Kevin Pietersen ने टीम के मेंटॉर पद से इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में जॉन मूनी की एंट्री टीम के लिए संतुलन बनाने में अहम मानी जा रही है।

    नए सीजन की तैयारी

    Axar Patel की कप्तानी में दिल्ली कैपिटल्स आईपीएल 2026 में अपने अभियान की शुरुआत 1 अप्रैल को Lucknow Super Giants के खिलाफ, Ekana Cricket Stadium में करेगी। पिछले सीजन में टीम 14 में से 7 मैच जीतकर अंकतालिका में पांचवें स्थान पर रही थी। इस बार टीम की नजर पहले आईपीएल खिताब पर है।

  • 5 वर्ल्ड क्लास बल्लेबाज जो IPL में सबसे ज्यादा रन बनाने के बावजूद कभी नहीं जीत पाए ऑरैंज कैप

    5 वर्ल्ड क्लास बल्लेबाज जो IPL में सबसे ज्यादा रन बनाने के बावजूद कभी नहीं जीत पाए ऑरैंज कैप


    नई दिल्ली। IPL 2026 का आगाज होने को है, डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वर्सेस सनराइजर्स हैदराबाद के बीच 28 मार्च को इस रंगारंग लीग के 19वें सीजन का पहला मुकाबला एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। ‘क्रिकेट के इस त्योहार’ के शुरू होने से पहले हम आपके लिए रोजाना कुछ ना कुछ रोचक आंकड़े लाते रहते हैं, इस कड़ी में आज हम कुछ ऐसा 5 वर्ल्ड क्लास खिलाड़ियों की लिस्ट लेकर आए हैं, जिन्होंने इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन तो बनाए, मगर कभी ऑरेंज कैप नहीं जीत पाए। इस लिस्ट में एक से बढ़कर एक खिलाड़ियों के नाम शामिल है। टॉप पर जो खिलाड़ी है उसका नाम जानकर तो आप विश्वास नहीं कर पाएंगे।

    एबी डी विलियर्स
    दिल्ली कैपिटल्स (दिल्ली डेयरडेविल्स पुराना नाम) से आईपीएल में डेब्यू करने वाले एबी डी विलियर्स इस लिस्ट में पांचवें पायदान पर हैं। डी वीलियर्स पहले तीन साल दिल्ली के लिए खेलने के बाद पूरी तरह से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के हो गए, जब 2011 में उन्हें आरसीबी ने अपने स्क्वॉड में शामिल किया। इस रंगारंग लीग में 14 सीजन धूम मचाने के बाद डी विलियर्स के खाते में 5000 से अधिक रन रहे, मगर वह कभी ऑरेंज कैप नहीं जीत पाए। एबी डी विलियर्स ने अपने आईपीएल करियर में कुल 5162 रन बनाए थे।

    एमएस धोनी
    चेन्नई सुपर किंग्स को 1-2 नहीं बल्कि 5-5 खिताब जिताने वाले पूर्व कप्तान एमएस धोनी का नाम भी इस लिस्ट में मौजूद हैं। धोनी सीएसके लिए काफी नीचे बल्लेबाजी करने आते हैं, मगर इसके बावजूद उनके नाम आईपीएल में 5439 रन दर्ज है। उन्होंने कई मौकों पर सीएसके को हारी हुई बाजी जिताई है, मगर वह कभी भी ऑरेंज कैप नहीं जीत पाए।

    सुरेश रैना
    मिस्टर आईपीएल के नाम से मशहूर चेन्नई सुपर किंग्स के सुरेश रैना भी इस लिस्ट में मौजूद हैं। जी हां, रैना ने अपने आईपीएल करियर में 200 से अधिक मैच खेले, मगर कभी एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाकर ऑरैंज कैप नहीं जीत पाए। चिन्ना थाला ने आईपीएल के इतिहास के उन टॉप-10 खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने इस रंगारंग लीग में 200 से अधिक मैच खेले हैं। रैना ने 205 आईपीएल मैचों मं 5528 रन बनाए मगर कभी ऑरेंज कैप नहीं जीत पाए।

    शिखर धवन
    गब्बर के नाम से मशहूर शिखर धवन का भी आईपीएल करियर काफी एक्साइटिंग रहा। वह विराट कोहली और रोहित शर्मा को टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की रेस में टक्कर देते आए थे, मगर कभी वह ऑरेंज कैप नहीं जीत पाए। शिखर धवन ने अपने आईपीएल करियर में मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद और पंजाब जैसी टीमों के लिए खेला। वह 2016 में सनराइजर्स हैदराबाद में रहते हुए ट्रॉफी उठाने में भी सफल रहे। धवन ने 222 आईपीएल मैच खेलकर 6769 रन बनाए मगर कभी ऑरेंज कैप नहीं जीत पाए।

    रोहित शर्मा
    ‘मुंबई चा राजा’ रोहित शर्मा का नाम इस लिस्ट में काफी हैरान कर देने वाला है। अपने आईपीएल करियर में 7000 से अधिक रन और मुंबई इंडियंस को 5-5 खिताब जिताने वाले हिटमैन शर्मा के सिर भी आज तक ऑरैंज कैप नहीं सजी है। जी हां। वह आईपीएल के इतिहास में विराट कोहली (8661) के बाद सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं, उन्होंने अपने आईपीएल करियर में 272 मैच खेलकर 7046 रन बनाए हैं, मगर फिर भी कभी ऑरेंज कैप नहीं जीती। रोहित शर्मा अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं, उम्मीद है कि उनका बल्ला इस सीजन खूब धमाल मचाएगा और वह करियर खत्म करने से पहले अपने इस सपने को पूरा कर पाएंगे।

  • आईपीएल में कैप्टन की कुर्सी के लिए कितना तैयार ईशान किशन? हैरान कर देने वाले हैं ये आंकड़े

    आईपीएल में कैप्टन की कुर्सी के लिए कितना तैयार ईशान किशन? हैरान कर देने वाले हैं ये आंकड़े

    नई दिल्ली।  सनराइजर्स हैदराबाद ने आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले एक बड़ा फैसला लिया है। एसआरएच सीजन की शुरुआत में नए कैप्टन पैट कमिंस के निधन की वजह से खेलेगी। जब तक पैट कमिंस अपनी इंजरी से रिकवर वापस नहीं आ गए, तब तक हैदराबाद ने ईशान किशन को अपना नया कैप्टन चुना, वहीं अभिषेक शर्मा इस दौरान उप-कैप्टन की जिम्मेदारी निभाएंगे। एक तरफ जहां भारतीय खिलाड़ी ईशान किशन ने यह उपलब्धि हासिल की है, वहीं दूसरी तरफ उनके जहान में सवाल है कि क्या वह आईपीएल जैसे बड़े मंच पर प्लैटफॉर्म बनाने के लिए कितनी तैयार हैं? ऑर्डिज़ियन का प्रेसिडेंट ने अपनी बैटिंग परंपरा पर तो नहीं कहा?

    तो अपनी जानकारी के लिए बताएं, ईशान किशन आईपीएल में ‍विज्ञापन के लिए बिल्कुल तैयार हैं। उनके इस प्रमोशन के लिए चयन सिर्फ टी20 वर्ल्ड कप में उनकी सफलता को देखने के लिए नहीं किया गया है, बल्कि इसके पीछे उनके डोमेस्टिक क्रिकेट की कड़ी मेहनत है। जी हां, ईशान किशन की टीम इंडिया में कमबैक भी इसी डोमेस्टिक क्रिकेट की विचारधारा के दम पर हुआ था।

    2026 की शुरुआत में ही जब न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज और टी20 वर्ल्ड कप के लिए ईशान किशन का सेलेक्शन हुआ तो हर कोई हैरान रह गया कि अचानक उनकी टीम इंडिया में एंट्री कैसे हो गई। इनका नाम तो टी20 क्रिकेट में दूर-दूर तक नहीं था। मगर बता दें, जब सभी शुभमन गिल और संजू सैमसन खिलाड़ी पर ध्यान दिया गया था तब ईशान किशन डोमेस्टिक क्रिकेट में धमाल मचा रहे थे। ईशान किशन की अगुआई में ही मिर्जा शेख मुश्ताक अली ट्रॉफी का खिताब जीतने में कामयाब रहे थे। उन्होंने इस टूर्नामेंट में सैथ्थ कैप्टन ही नहीं बल्कि सैथ्थ सैक्टर से भी प्रेरणा ली थी।

    अगर टी20 के आंकड़े की बात करें तो, बेस्ट कैप्टन ईशान किशन ने 2019 से अब तक 29 टी20 मैचों में खिलाड़ी की है, जिसमें से उन्होंने 24 मैच जीते और केवल पांच हारे। वहीं, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनके मैकेनिक ने झारखंड में 11 से फाइनल में 10 मैच जीते थे।

    कैप्टन बने हुए हैं और ख़ूंखार हो जाते हैं ईशान किशन
    ऑर्थोडॉक्स के थोक व्यापारी, मगर ईशान किशन के मामले में ऐसा नहीं है। कैप्टन वह बॅट से और खुंखार हो जाते हैं। किशन ने वैश्वीकरण की अतिरिक्त जिम्मेदारी बैठक में शानदार प्रदर्शन किया। कैप्टन के मुताबिक 29 टी20 मैचों में इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 43.12 के शानदार औसत से 1,078 रन बनाए हैं। ख़ास बात यह है कि उनके सात टी20 शतकों में से चार शतक की बात तब आई थी, जब वे टीम की टीमें कर रहे थे।

  • RCB लगातार 2-3 ट्रॉफी जीत सकती है, एबी डी विलियर्स ने विराट कोहली की तारीफ में कह दी ये बात

    RCB लगातार 2-3 ट्रॉफी जीत सकती है, एबी डी विलियर्स ने विराट कोहली की तारीफ में कह दी ये बात


    नई दिल्ली।  साउथ अफ्रीका के महान बल्लेबाज एबी डी विलियर्स का मानना है कि ‘जुझारू खिलाड़ियों की टीम’ विराट कोहली पर से दबाव कम करेगी जिससे मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को आईपीएल 2026 में लंबा सफर तय करने के लिए जरूरी ताकत मिलेगी। कोहली आरसीबी के एक अहम खिलाड़ी हैं और वे उस खिताब को बरकरार रखने की कोशिश करेंगे जिसे उन्होंने 18 साल के लंबे इंतजार के बाद पिछले सत्र में जीता था। आरसीबी के पूर्व बल्लेबाज डिविलियर्स ने जियोस्टार से कहा, ”विराट यह महसूस कर सकते हैं, उन्हें यह अहसास हो सकता है कि अब सारा बोझ उठाने वाले अकेले वही नहीं हैं। ”

    उन्होंने आगे कहा, ”उनके आस-पास जुझारू खिलाड़ियों की एक टीम है जो सभी ट्रॉफी जीतने के लिए तैयार हैं। मुझे लगता है कि वे बहुत अच्छी स्थिति में हैं। यह लगभग वही टीम है, उन्हें ज्यादा बदलाव नहीं करने पड़े और उनके पास यह मानने का अच्छा कारण है कि वे आने वाले इस सत्र में फिर से कमाल कर सकते हैं। ”

    भले ही कोहली जनवरी से ब्रेक पर रहे हों, लेकिन डिविलियर्स ने भरोसा जताया कि यह भारतीय सुपरस्टार आईपीएल में पूरी तैयारी के साथ उतरेगा।

    डिविलियर्स ने कहा, ”मैंने अपनी जिंदगी में जितनी मेहनत करने वाले लोग देखे हैं, उनमें से सबसे बेहतरीन विराट हैं। वह इस टूर्नामेंट में बिना पूरी तैयारी के नहीं उतरेंगे। ”

    दक्षिण अफ्रीका के इस पूर्व दिग्गज ने भरोसा जताया कि आरसीबी अब लगातार खिताब की दावेदार बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    उन्होंने कहा, ”आपको याद होगा कि वह (कोहली) ड्रेसिंग रूम में अक्सर इस बारे में बात करते थे ‘अगर हम एक बार जीत सकते हैं तो हम जल्द ही दो, तीन, चार बार भी जीतेंगे।’ मुझे इस बात पर पूरा भरोसा है। मुझे लगता है कि आरसीबी अब उस स्थिति में है जहां वे लगातार जीत हासिल कर सकते हैं। शायद लगातार दो या तीन ट्रॉफी भी। ”

    भारत के दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले ने कहा कि अगर कोहली इस आईपीएल सत्र में कुछ नए शॉट्स के साथ नजर आते हैं तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं होगी।

    कुंबले ने कहा, ”अगर वह इस सत्र में एक अलग अंदाज के साथ उतरते हैं शायद ‘स्कूप शॉट’ या ‘रिवर्स स्कूप’ जैसे शॉट्स आजमाते हैं तो इस पर हैरान नहीं हों। ”

    उन्होंने कहा, ”हमने पिछले कई साल से एबी डिविलियर्स को लगातार ऐसा करते देखा है और विराट भी अपनी बल्लेबाजी में इस चीज को शामिल कर सकते हैं। उनके जैसे महान खिलाड़ी हमेशा खुद को बेहतर बनाने, सुधार करने और खुद को चुनौती देने की कोशिश में लगे रहते हैं। ‘’

  • सप्रीत बुमराह का आईपीएल सफर: 145 मैचों में 183 विकेट की कहानी

    सप्रीत बुमराह का आईपीएल सफर: 145 मैचों में 183 विकेट की कहानी

    नई दिल्ली।  जसप्रीत बुमराह, मुंबई इंडियंस के दाएं हाथ के तेज गेंदबाज, आईपीएल के 13वें सीजन में भी टीम का अहम हिस्सा बनने जा रहे हैं। अब तक बुमराह ने 145 आईपीएल मुकाबले खेले हैं और शानदार प्रदर्शन करते हुए 183 विकेट हासिल किए हैं। उनका औसत 22.02 का रहा है और उन्होंने दो बार पारी में फाइव विकेट हॉल भी अपने नाम किया है। इसके अलावा, उन्होंने चार बार आईपीएल में एक ही सीजन में 20 या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया है।

    बुमराह का आईपीएल सफर साल 2013 में शुरू हुआ, जब उन्हें मुंबई इंडियंस की ओर से केवल दो मैच खेलने का मौका मिला। इन दो मुकाबलों में उन्होंने कुल 42 गेंदें फेंकी और तीन विकेट लिए। अगले साल यानी 2014 में बुमराह को 11 मुकाबलों में खेलने का मौका मिला, लेकिन केवल पांच सफलताएं ही हासिल कर पाए।

    आईपीएल 2015 में बुमराह ने चार मैच खेले और तीन विकेट हासिल किए। हालांकि, उनके करियर का स्वर्णिम दौर साल 2016 से शुरू हुआ। इस साल उन्होंने 14 मुकाबलों में 15 विकेट चटकाए और अपनी प्रतिभा का प्रमाण दिया। 2017 में बुमराह ने 16 मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 20 विकेट लिए। साल 2018 में उन्होंने 14 मुकाबलों में 17 विकेट हासिल किए।

    आईपीएल 2019 में बुमराह ने 16 मैच खेले और 409 रन खर्च कर 19 विकेट निकाले। उनके प्रदर्शन में निरंतरता दिखी और 2020/21 के सीजन में उन्होंने 15 मैचों में 27 विकेट चटकाए। 2021 में भी बुमराह ने अपने काबिलियत का लोहा मनवाया और 14 मुकाबलों में 410 रन खर्च कर 21 विकेट हासिल किए। अगले साल, 2022 में उन्होंने 14 मैच खेले और 15 विकेट लिए, जिसमें सबसे खास उनका प्रदर्शन कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ रहा, जब उन्होंने एक मैच में केवल 10 रन खर्च कर पांच विकेट झटके।

    आईपीएल 2024 में बुमराह ने 13 मुकाबलों में 20 विकेट हासिल किए और इस दौरान रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ पारी में 21 रन खर्च कर पांच विकेट अपने नाम किए। आईपीएल 2025 में 12 मैच खेलते हुए बुमराह ने 17.55 की औसत के साथ 18 विकेट लिए। बुमराह का यह लगातार प्रदर्शन उन्हें ना केवल मुंबई इंडियंस के लिए बल्कि पूरे आईपीएल में सबसे प्रभावशाली तेज गेंदबाजों में गिनता है।

    बुमराह की खासियत उनके निरंतर और दबावपूर्ण परिस्थितियों में भी मैच बदलने की क्षमता है। चाहे आखिरी ओवर हो या शुरुआत की जल्दी विकेट लेने की जरूरत, बुमराह हमेशा अपनी टीम के लिए एक भरोसेमंद विकल्प साबित हुए हैं। उनका अनुभव और गेंदबाजी तकनीक उन्हें आईपीएल में हमेशा खतरनाक बनाती है।

    इस तरह, जसप्रीत बुमराह ने आईपीएल में अपने करियर के हर चरण में अलग-अलग रिकॉर्ड और उपलब्धियां बनाई हैं और अब उनका लक्ष्य नई ऊँचाइयों को छूना है। मुंबई इंडियंस और क्रिकेट प्रेमियों के लिए बुमराह का यह सफर हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहा है।

  • PSL 11 पर मंडराया युद्ध का साया? अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक के बाद विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा पर PCB ने तोड़ी चुप्पी

    PSL 11 पर मंडराया युद्ध का साया? अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक के बाद विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा पर PCB ने तोड़ी चुप्पी

    नई दिल्ली। पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के 11वें सीजन के आगाज से ठीक पहले पड़ोसी देश अफगानिस्तान के साथ बढ़ते सैन्य तनाव ने टूर्नामेंट के आयोजन पर संशय के बादल मंडरा दिए हैं। हाल ही में पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में की गई एयरस्ट्राइक, जिसमें भारी संख्या में लोगों के मारे जाने की खबरें हैं, के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट गलियारों में विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं तेज हो गई हैं। विशेष रूप से ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड और वहां की सरकार द्वारा अपने खिलाड़ियों को पेशावर जैसे सीमावर्ती शहरों की यात्रा न करने की सलाह देने की खबरों ने पीसीबी (PCB) की मुश्किलों को बढ़ा दिया है।

    हालाँकि, इन तमाम आशंकाओं के बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एक कड़ा रुख अपनाते हुए सुरक्षा चिंताओं को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पीसीबी के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र और पड़ोसी देशों के साथ चल रहे संघर्ष के बावजूद, पीएसएल के आगामी सीजन में विदेशी खिलाड़ियों की संख्या में कोई कमी नहीं आएगी। बोर्ड ने दावा किया है कि इस बार ऑस्ट्रेलिया से रिकॉर्ड संख्या में खिलाड़ी पाकिस्तान पहुंच रहे हैं। पीसीबी के एक सूत्र ने पीटीआई (PTI) को बताया कि यात्रा के सभी इंतजाम और सुरक्षा प्लान तैयार हैं और खिलाड़ी अगले हफ्ते से पाकिस्तान आना शुरू कर देंगे।

    विवाद की मुख्य जड़ पेशावर में होने वाला मैच है, जो अफगानिस्तान सीमा के बेहद करीब स्थित है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने सुरक्षा कारणों से अपने खिलाड़ियों को इस क्षेत्र से दूर रहने की हिदायत दी है। लेकिन पीसीबी का कहना है कि बोर्ड स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है और अतीत में भी ऐसी चुनौतियों का सामना सफलतापूर्वक किया गया है।

    गौरतलब है कि 26 मार्च से शुरू होने वाले पीएसएल के इस सीजन में स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर, एडम जैम्पा, मार्नस लाबुशेन और जैक फ्रेजर मैकगर्क जैसे बड़े ऑस्ट्रेलियाई सितारे शामिल होने वाले हैं। अब देखना यह होगा कि क्या ये खिलाड़ी वर्तमान तनावपूर्ण माहौल में पाकिस्तान की धरती पर कदम रखते हैं या सुरक्षा चिंताओं के चलते अपना नाम वापस लेते हैं। फिलहाल, पीसीबी इस टूर्नामेंट को ऐतिहासिक बनाने के अपने दावे पर अडिग है।

  • क्रिकेट में मचा बवाल: बांग्लादेश सरकार ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के फैसले पर उठाए सवाल

    क्रिकेट में मचा बवाल: बांग्लादेश सरकार ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के फैसले पर उठाए सवाल


    नई दिल्ली। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) का टी20 विश्व कप 2026 से बाहर रहने का फैसला अब एक बड़े राजनीतिक और खेल विवाद में बदल जा रहा है। नई सरकार ने इस पूरे मामले की गहराई से जांच कराने का ऐलान किया है, जिससे बोर्ड की जांच और फैसला लेने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। युवा एवं खेल राज्य मंत्री अमीनुल इस्लाम ने साफ किया है कि ईद के बाद एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की जाएगी, जो यह पता लगाएगी कि आखिर किन परिस्थितियों में बांग्लादेश को ICC पुरुष टी20 विश्व कप 2026 से बाहर रहना पड़ा। सरकार इस बात की तह तक जाना चाहती है कि क्या यह फैसला वास्तव में सुरक्षा कारणों से लिया गया था या फिर यह खेल कूटनीतिक (स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी) की विफलता का परिणाम था।

    मंत्री अमीनुल इस्लाम ने संकेत दिए हैं कि यह सिर्फ एक टूर्नामेंट से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि इससे बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय खेल संबंधों की स्थिति भी उजागर होती है। उन्होंने कहा कि सरकार यह समझना चाहती है कि क्या इस स्थिति से बचा जा सकता था और कहां चूक हुई। जांच का दायरा केवल विश्व कप से हटने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बीसीबी के हालिया चुनावों में कथित अनियमितताओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा। कई क्लबों और जिला स्तर के एथलीटों ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर फाइनल दर्ज कराया है, जिसके बाद जांच पहले से जारी है। ऐसे में यह पूरा मामला अब प्रशासनिक कामकाज और जवाबदेही से भी जुड़ गया है।

    सरकार बनाम बोर्ड टकराव, फैसले पर गहराया विवाद

    बीसीबी और सरकार के बीच बढ़ता टकराव भी इस मामले को और गंभीर बना रहा है। हाल ही में बोर्ड ने मंत्रालय से पिछली जांच को बंद करने की अपील की थी, लेकिन इसके तुरंत बाद नई जांच की घोषणा ने दोनों पक्षों के बीच अविश्वास को उजागर कर दिया। इस विवाद की जड़ उस फैसले में है, जब बीसीबी ने भारत और श्रीलंका में आयोजित इस बड़े टूर्नामेंट में सुरक्षा कारणों का हल देते हुए हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद बोर्ड अपने रुख पर कायम रहा, जिसके बाद बांग्लादेश को आधिकारिक रूप से बाहर कर दिया गया और उसकी जगह स्कॉटलैंड राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को मौका दिया गया।

    अब इस पूरे घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत की भी नजरें टिकी हुई हैं। विश्लेषणात्मक का आकलन है कि इस जांच के निष्कर्ष न केवल बीसीबी के प्रशासनिक ढांचे पर असर डालेंगे, बल्कि वैश्विक क्रिकेट में बांग्लादेश की साख को भी प्रभावित कर सकते हैं। यदि जांच में निर्णय प्रक्रिया में खामियां या असर सामने आती है, तो भविष्य में ऐसे बड़े टूर्नामेंट में भागीदारी को लेकर भी कार्यप्रणाली मानदंड लागू किए जा सकते हैं। साफ है कि यह मामला अब सिर्फ एक खेल निर्णय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय प्रतिष्ठा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों का मुद्दा बन चुका है।