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  • SRT10 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस लॉन्च इवेंट बना खास: जय शाह और सचिन के साथ नजर आए हर्ष संघवी

    SRT10 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस लॉन्च इवेंट बना खास: जय शाह और सचिन के साथ नजर आए हर्ष संघवी

     
    नई दिल्ली। गुजरात के उपमुख्यमंत्री Harsh Sanghavi अहमदाबाद में आयोजित सचिन तेंदुलकर समर्थित SRT10 अल्टेवोल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लॉन्च इवेंट में शामिल हुए। इस खास मौके पर उन्होंने भारतीय क्रिकेट के दिग्गज Sachin Tendulkar और आईसीसी चेयरमैन Jay Shah से मुलाकात की। कार्यक्रम के दौरान खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की इस पहल को लेकर उत्साह देखने को मिला।

    उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने इस खेल एकेडमी को भविष्य के खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर बताते हुए कहा कि यहां मिलने वाली आधुनिक सुविधाएं युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने में मदद करेंगी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यह सेंटर विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतरीन मार्गदर्शन और मजबूत मूल्यों के साथ नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करेगा।

    SRT10 अल्टेवोल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एक अत्याधुनिक स्पोर्ट्स एकेडमी है, जिसे Sachin Tendulkar का समर्थन प्राप्त है। करीब 40 हजार वर्ग गज में फैली इस एकेडमी में क्रिकेट सहित कई अन्य खेलों की विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की गई हैं। क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए यहां 13 इंटरनेशनल स्तर की प्रैक्टिस पिच तैयार की गई हैं, जिन्हें अलग-अलग प्रकार की मिट्टी से बनाया गया है ताकि खिलाड़ी विभिन्न परिस्थितियों में अभ्यास कर सकें। इसके अलावा 55 मीटर बाउंड्री वाला रेडी ग्राउंड, इनडोर और आउटडोर नेट प्रैक्टिस जैसी आधुनिक सुविधाएं भी मौजूद हैं।

    सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, बल्कि अन्य खेलों के लिए भी यह सेंटर खास बनाया गया है। यहां इंटरनेशनल स्तर के टेनिस कोर्ट और पिकलबॉल कोर्ट तैयार किए गए हैं। खिलाड़ियों की फिटनेस और रिकवरी को ध्यान में रखते हुए जिम, फिजियोथेरेपी सेंटर और रनिंग ट्रैक जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इस एकेडमी में पांच साल से अधिक उम्र के बच्चों और युवाओं को पेशेवर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    एकेडमी का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों को तकनीकी और शारीरिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। अहमदाबाद स्थित यह सेंटर इस श्रृंखला का दूसरा केंद्र है। इससे पहले पहला सेंटर नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स सेंटर में स्थापित किया गया था।

    खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की आधुनिक स्पोर्ट्स एकेडमी देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के साथ-साथ नई प्रतिभाओं को बेहतर अवसर प्रदान करेंगी।

  • खेल से योग तक: मैरी कॉम की सेहतमंद जीवनशैली बनी मिसाल

    खेल से योग तक: मैरी कॉम की सेहतमंद जीवनशैली बनी मिसाल


    नई दिल्ली।  विश्व योग दिवस 21 जून के नजदीक आते ही देशभर में योग को लेकर जागरूकता अभियान तेज हो गया है। इसी कड़ी में आयुष मंत्रालय लगातार लोगों को योग से जोड़ने के प्रयास कर रहा है। मंत्रालय विभिन्न योगासन, उनके फायदे और सही अभ्यास के तरीकों की जानकारी साझा कर लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।

    इसी अभियान के तहत भारतीय मुक्केबाज और ओलंपिक पदक विजेता मैरी कॉम का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया है, जिसमें वह योग के महत्व पर अपने विचार रखती नजर आ रही हैं। आयुष मंत्रालय के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किए गए इस वीडियो में मैरी कॉम ने लोगों से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील की है।

    वीडियो में मैरी कॉम कहती हैं कि वह स्वयं प्रतिदिन योग करती हैं और यह उनके जीवन का अहम हिस्सा है। उनके अनुसार योग ने न केवल उनके शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया है, बल्कि आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन को भी मजबूत किया है। उन्होंने संदेश दिया कि योग अपनाकर व्यक्ति स्वस्थ, सरल और ऊर्जावान जीवन जी सकता है।

    विश्व स्तरीय खिलाड़ी मैरी कॉम का यह संदेश खासकर युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि व्यस्त खेल जीवन और कठिन प्रशिक्षण के बीच योग उन्हें मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। उनका कहना है कि चाहे हाई-इंटेंसिटी स्पोर्ट्स हों या सामान्य जीवन, योग लंबे समय तक फिट रहने का सबसे प्रभावी साधन है।

    आयुष मंत्रालय भी लगातार यह संदेश दे रहा है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मन और आत्मा को संतुलित करने की एक संपूर्ण जीवनशैली है। योग से तनाव कम होता है, एकाग्रता बढ़ती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    मंत्रालय इससे पहले भी अमिताभ बच्चन, हेमा मालिनी, अनिल कपूर सहित कई हस्तियों और योग विशेषज्ञों के संदेश साझा कर चुका है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्राचीन भारतीय परंपरा से जुड़ सकें।

    21 जून को मनाए जाने वाले विश्व योग दिवस की तैयारियां जोरों पर हैं और इस बार भी सरकार का लक्ष्य है कि योग को हर घर तक पहुंचाया जाए और इसे जन-आंदोलन के रूप में स्थापित किया जाए।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026 से पहले बड़ा अपडेट: ब्राजील टीम में नेमार की वापसी

    फीफा वर्ल्ड कप 2026 से पहले बड़ा अपडेट: ब्राजील टीम में नेमार की वापसी


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 को लेकर ब्राजील की फुटबॉल टीम ने अपना मजबूत स्क्वाड घोषित कर दिया है, जिसमें सबसे बड़ा आकर्षण स्टार फॉरवर्ड नेमार की वापसी रही। करीब ढाई साल बाद नेमार एक बार फिर नेशनल टीम की जर्सी में नजर आएंगे, जिससे ब्राजीलियन फुटबॉल फैंस में उत्साह की लहर दौड़ गई है।

    न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, ब्राजील के नए मैनेजर कार्लो एंसेलोटी ने रियो डी जनेरियो में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अंतिम रूप से नेमार के नाम की घोषणा की। इस घोषणा के साथ ही पिछले कई हफ्तों से चल रही चयन को लेकर अटकलों और बहस पर भी विराम लग गया।

    एंसेलोटी ने कहा कि नेमार को केवल बैकअप खिलाड़ी के तौर पर नहीं चुना गया है, बल्कि उनकी मौजूदगी टीम को नई ऊर्जा और क्वालिटी प्रदान करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेमार कितने मिनट खेलेंगे, यह उनकी फिटनेस और ट्रेनिंग प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि टीम को किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि सामूहिक प्रदर्शन पर ध्यान देना होगा।

    34 वर्षीय नेमार अब तक ब्राजील के लिए 128 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं और 79 गोल कर देश के लिए सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी भी हैं। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 2023 में उरुग्वे के खिलाफ वर्ल्ड कप क्वालीफायर में था, जिसमें उन्हें गंभीर एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट (ACL) चोट लगी थी। इसके बाद वे लंबे समय तक मैदान से बाहर रहे और लगातार चोटों से जूझते रहे।

    क्लब फुटबॉल में भी नेमार ने संघर्ष के बाद वापसी की है। पिछले साल जनवरी में अपने पुराने क्लब सैंटोस में लौटने के बाद उन्होंने सभी प्रतियोगिताओं में 38 मैचों में 17 गोल किए, जिससे उनकी फॉर्म में सुधार देखा गया।

    ब्राजील की टीम में इस बार एलिसन, एडरसन, विनीसियस जूनियर, राफिन्हा और गेब्रियल मार्टिनेली जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जो टीम को संतुलन और मजबूती प्रदान करते हैं। टीम का पहला मुकाबला 13 जून को न्यू जर्सी में मोरक्को के खिलाफ होगा, जिसके बाद हैती और स्कॉटलैंड से मुकाबले होंगे।

    नेमार की वापसी ने ब्राजील की उम्मीदों को एक बार फिर नई उड़ान दी है, और फैंस अब वर्ल्ड कप में उनकी पुरानी चमक लौटने का इंतजार कर रहे हैं।

  • IPL 2026 में रनों और विकेटों की जंग: क्लासेन और भुवनेश्वर का दबदबा

    IPL 2026 में रनों और विकेटों की जंग: क्लासेन और भुवनेश्वर का दबदबा


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के 63वें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को 5 विकेट से हराकर न केवल प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की की, बल्कि ऑरेंज कैप की रेस में भी बड़ा बदलाव कर दिया। इस मैच में टीम के स्टार बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 26 गेंदों में 47 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जिसके दम पर उन्होंने एक बार फिर ऑरेंज कैप अपने नाम कर ली।

    क्लासेन के अब 13 मैचों में कुल 555 रन हो गए हैं और वह ऑरेंज कैप की सूची में शीर्ष पर पहुंच गए हैं। उन्होंने गुजरात टाइटंस के साई सुदर्शन को पीछे छोड़ दिया है, जो 13 मैचों में 554 रन बनाकर दूसरे स्थान पर खिसक गए हैं। वहीं, गुजरात के ही कप्तान शुभमन गिल 552 रनों के साथ तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के दिग्गज विराट कोहली 542 रनों के साथ चौथे स्थान पर हैं, जबकि दिल्ली कैपिटल्स के केएल राहुल 533 रनों के साथ पांचवें स्थान पर हैं।

    वहीं गेंदबाजी में भी मुकाबला रोमांचक बना हुआ है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने अब तक 13 मैचों में 24 विकेट लेकर पर्पल कैप पर अपनी बादशाहत बरकरार रखी है। उनके पीछे गुजरात टाइटंस के कगिसो रबाडा 21 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के अंशुल कंबोज 20 विकेट लेकर तीसरे स्थान पर बने हुए हैं, जबकि जोफ्रा आर्चर और ईशान मलिंगा 17-17 विकेट के साथ क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर हैं।

    चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए CSK ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 180 रन बनाए। डेवाल्ड ब्रेविस ने 44 और कार्तिक शर्मा ने 32 रनों का योगदान दिया। लक्ष्य का पीछा करते हुए SRH ने 19 ओवर में 5 विकेट खोकर 181 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। टीम की जीत में ईशान किशन की 70 रनों की अहम पारी भी निर्णायक रही।

    इस जीत के साथ SRH ने न केवल प्लेऑफ में प्रवेश किया बल्कि आईपीएल 2026 की अंकतालिका और व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स में भी बड़ा उलटफेर कर दिया।

  • चेपॉक में गरमाया माहौल, संजू सैमसन और क्लासेन के बीच तीखी बहस ने मैच के बाद बढ़ाया ड्रामा

    चेपॉक में गरमाया माहौल, संजू सैमसन और क्लासेन के बीच तीखी बहस ने मैच के बाद बढ़ाया ड्रामा

    नई दिल्ली ।
    चेन्नई सुपर किंग्स को सनराइजर्स हैदराबाद के हाथों 5 विकेट से शिकस्त झेलनी पड़ी. मैच खत्म होने के बाद सनराइजर्स हैदराबाद की जीत से ज्यादा चर्चा संजू सैमसन और हेनरिक क्लासेन के बीच हुई उस तीखी बहस की रही, जिसने चेपॉक के माहौल में अलग ही रोमांच भर दिया.

    इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में सोमवार (19 मई) को एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए हाईवोल्टेज मुकाबले के दौरान चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाड़ियों के बीच मैदान पर तनाव देखने को मिला. सीएसके के विकेटकीपर संजू सैमसन और एसआरएच के स्टार बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन के बीच हुई तीखी बहस ने तो मैच का माहौल पूरी तरह गरमा दिया.

    यह घटना सनराइजर्स हैदराबाद की पारी के 15वें ओवर में हुई. नूर अहमद ने उस ओवर की तीसरी गेंद ऑफ स्टम्प के बाहर फेंकी, जो एक गुगली थी. क्लासेन बड़ा शॉट खेलने के लिए क्रीज से बाहर निकले, लेकिन गेंद उनके बल्ले को छकाते हुए विकेटकीपर संजू सैमसन के दस्तानों में समा गई. सैमसन ने पलभर में बेल्स उड़ाकर क्लासेन को स्टम्प आउट कर दिया.

    संजू सैमसन की यह फुर्ती देखकर फैन्स को तुरंत महेंद्र सिंह धोनी की याद आ गई. सोशल मीडिया पर भी इस स्टम्पिंग की तुलना धोनी की क्लासिक विकेटकीपिंग से होने लगी. हालांकि असली ड्रामा इसके बाद शुरू हुआ. 26 गेंदों में 47 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर लौट रहे हेनरिक क्लासेन ने पिच के पास संजू सैमसन से कुछ कहा. जवाब में संजू सैमसन भी पीछे नहीं हटे.

    दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ सेकंड तक तीखी बहस चली. साउथ अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन पवेलियन की ओर लौटते वक्त भी पीछे मुड़कर लगातार कुछ कहते नजर आए, जिससे साफ था कि मामला सिर्फ मजाक तक सीमित नहीं था. मैदानी अंपायरों ने माहौल को शांत करने की कोशिश की.

    मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स को 5 विकेट से हरा दिया. इस जीत के साथ हैदराबाद ने प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली, जबकि गुजरात टाइटन्स भी अंतिम-4 में पहुंच गई. पहले बल्लेबाजी करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स ने 180/7 का स्कोर बनाया.

    संजू सैमसन ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और शुरुआती ओवरों में लगातार चौके जड़े, लेकिन कप्तान पैट कमिंस ने शानदार वापसी करते हुए तीन बड़े विकेट निकाले और सीएसके को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया. मध्यक्रम में कार्तिक शर्मा ने तेज 32 रन बनाए, जबकि डेवाल्ड ब्रेविस ने 44 रनों की उपयोगी पारी खेली. इसके बावजूद सीएसके 200 रनों तक नहीं पहुंच सकी.

  • IPL 2026 Playoffs: एक अनार, कई दावेदार… आखिरी जगह के लिए जोरदार टक्कर

    IPL 2026 Playoffs: एक अनार, कई दावेदार… आखिरी जगह के लिए जोरदार टक्कर


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का सीजन अब अपने सबसे रोमांचक पड़ाव पर पहुंच चुका है, जहां प्लेऑफ्स की जंग ने पूरी तरह से समीकरण बदल दिए हैं। क्रिकेट फैंस के लिए यह स्थिति बिल्कुल वैसी हो गई है जैसे कहावत “एक अनार और सौ बीमार”, फर्क सिर्फ इतना है कि यहां एक नहीं बल्कि सिर्फ एक प्लेऑफ स्पॉट के लिए पांच टीमें मैदान में जूझ रही हैं।

    अब तक मिली जानकारी के अनुसार, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB), सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और गुजरात टाइटन्स (GT) ने प्लेऑफ्स में अपनी जगह पक्की कर ली है। SRH की चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ जीत के बाद यह तस्वीर और साफ हो गई कि टॉप-4 की तीन सीटें भर चुकी हैं, जबकि चौथे स्थान के लिए घमासान जारी है।

    इस आखिरी जगह के लिए पंजाब किंग्स (PBKS), राजस्थान रॉयल्स (RR), चेन्नई सुपर किंग्स (CSK), कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिल रही है। पॉइंट्स टेबल की स्थिति इतनी पेचीदा हो गई है कि हर मैच सीधे प्लेऑफ समीकरण को बदल सकता है।

    फिलहाल पंजाब किंग्स चौथे स्थान पर बनी हुई है, लेकिन उनके लिए आगे की राह आसान नहीं है क्योंकि अधिकतम 15 अंकों तक ही पहुंचने की संभावना है। वहीं राजस्थान रॉयल्स इस रेस में सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरी है, क्योंकि वह अकेली टीम है जो 16 अंकों तक पहुंचकर सीधे प्लेऑफ का टिकट हासिल कर सकती है।

    राजस्थान के पास अभी दो अहम मुकाबले बचे हैं, और खास बात यह है कि ये दोनों टीमें पहले ही प्लेऑफ रेस से बाहर हो चुकी हैं। ऐसे में अगर राजस्थान दोनों मैच जीत लेती है तो वह बिना किसी अन्य परिणाम पर निर्भर हुए क्वालीफाई कर जाएगी। लेकिन यदि एक भी मैच में हार होती है, तो पूरा गणित बिगड़ जाएगा और फिर पंजाब, KKR और अन्य टीमों के बीच नेट रन रेट का खेल शुरू हो जाएगा।

    दूसरी ओर, कोलकाता नाइट राइडर्स के पास भी उम्मीद बाकी है, लेकिन उन्हें अपने दोनों मैच जीतने होंगे ताकि वे 15 अंकों तक पहुंच सकें। वहीं दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स की उम्मीदें भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं, लेकिन उनका सफर अब दूसरों के परिणामों पर निर्भर हो चुका है।

    इस पूरे परिदृश्य ने IPL 2026 के लीग स्टेज को बेहद रोमांचक बना दिया है, जहां हर ओवर, हर रन और हर विकेट प्लेऑफ की तस्वीर बदल सकता है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह अंतिम सप्ताह किसी फाइनल से कम नहीं होगा।

  • परिवार के दर्द को दिल में दबाकर मैदान में उतरे ईशान किशन, तूफानी पारी खेल SRH को दिलाई यादगार जीत

    परिवार के दर्द को दिल में दबाकर मैदान में उतरे ईशान किशन, तूफानी पारी खेल SRH को दिलाई यादगार जीत

    नई दिल्ली ।  चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ सनराइजर्स हैदराबाद को आईपीएल 2026 के मैच में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले ईशान किशन एक असहनीय दर्द में थे। यह दर्द उनके शरीर में नहीं, बल्कि उनके दिल और दिमाग पर हावी था। 70 रनों की मैच विनिंग पारी खेलने के बाद प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए ईशान किशन ने बताया कि उनके कजिन की बहन का हाल ही में देहांत हो गया था। वह उनके लिए आज की पारी की मोटिवेशन था। उनका कजिन स्टैंड्स में था। पूरे परिवार के लिए मैंने यह मैच जीता।

    पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में ईशान किशन ने कहा, “मुझे लगता है, जब मैं विकेट कीपिंग कर रहा था, तो मुझे लगा कि यह विकेट आसान नहीं है। मुझे अब भी लगता है कि इस टोटल का पीछा करना थोड़ा मुश्किल था, क्योंकि विकेट बिल्कुल भी आसान नहीं था, खासकर जब स्पिनर बॉलिंग कर रहे थे और वे स्लो बॉल बहुत अच्छी तरह से काम कर रही थीं, लेकिन साथ ही, नंबर तीन बैटर के तौर पर, मुझे लगा कि मेरा काम बस गेम खत्म करने की कोशिश करना है, क्योंकि बैट्समैन जो अंदर आ रहे हैं, खासकर बैक एंड पर, उनके लिए सिंगल लेना और साथ ही बाउंड्री लगाना मुश्किल होता है। इसलिए मुझे बस आखिरी ओवर तक खेलना था।”
    IPL 2026 News in Hindi – आईपीएल 2026 न्यूज़,आईपीएल समाचार
    ऐसी पिच पर कैसे अप्रोच करनी चाहिए? इस पर ईशान ने कहा, “यह बस वहां रहने, खुद पर विश्वास करने के बारे में था। कभी-कभी वह सिचुएशन मुश्किल होती है, लेकिन हम सब जानते हैं कि कैसे, ये गेम जीते जाते हैं, क्योंकि आपको खुद पर विश्वास करने की जरूरत होती है। आप किसी भी समय खुद पर शक नहीं कर सकते। इसलिए मैं बस इसे सिंपल रखने की कोशिश कर रहा था, जितना हो सके उतने ओवर बैटिंग करने की कोशिश कर रहा था, क्योंकि लेफ्ट-हैंडर होने के नाते, बीच में होने के कारण, बॉलर्स के लिए हर बार एरिया सही रखना मुश्किल होता है। ऐसे में, मैं बस इसे सिंपल रख रहा था और आखिरी ओवर तक खेलने की कोशिश कर रहा था।”

    परिवार में आई त्रासदी को लेकर ईशान किशन ने कहा, “कभी-कभी मुझे लगता है कि यह मोटिवेशन के बारे में भी है और मेरे लिए मेरा मोटिवेशन आज था, मेरा कजिन बस वहीं खड़ा था। उसने अपनी बहन को खो दिया। यह हमारे परिवार में एक मुश्किल समय था और वे यहां पहली बार मैच देख रहे थे। इसलिए मैं बस उनके लिए गेम फिनिश करना चाहता था और मुझे खुशी है कि वे इस इनिंग्स को देखने के लिए यहां थे और मैं यह गेम खत्म कर पाया। मैं भगवार का शुक्रगुजार हूं। मुझे पावर का एहसास हो रहा था।
  • इटैलियन ओपन पर जैनिक सिनर का कब्जा, कैस्पर रूड को हराकर हासिल की ऐतिहासिक जीत

    इटैलियन ओपन पर जैनिक सिनर का कब्जा, कैस्पर रूड को हराकर हासिल की ऐतिहासिक जीत

    नई दिल्ली । इटली की राजधानी रोम में खेले गए इटैलियन ओपन टेनिस टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला ऐतिहासिक बन गया, जहां युवा टेनिस स्टार जैनिक सिनर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ उन्होंने न केवल अपने करियर का एक बड़ा मुकाम हासिल किया, बल्कि घरेलू दर्शकों के सामने इटली के लंबे इंतजार को भी खत्म कर दिया। करीब पांच दशक बाद किसी इतालवी खिलाड़ी ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है, जिससे पूरे देश में उत्सव जैसा माहौल बन गया।

    फाइनल मुकाबले में सिनर का सामना नॉर्वे के अनुभवी खिलाड़ी कैस्पर रूड से हुआ। शुरुआत में रूड ने आक्रामक खेल दिखाते हुए दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन सिनर ने संयम और रणनीति के साथ मैच में वापसी की। पहले सेट में बढ़त हासिल करने के बाद उन्होंने अपने खेल को और अधिक सटीक और आक्रामक बनाया। लगातार बेसलाइन से लगाए गए गहरे और नियंत्रित शॉट्स ने उन्हें मैच में मजबूत पकड़ दिलाई और धीरे-धीरे उन्होंने मुकाबले का पूरा रुख अपने पक्ष में कर लिया।

    दोनों सेटों में समान स्कोर के साथ समाप्त हुए इस फाइनल में सिनर ने मानसिक मजबूती और शारीरिक फिटनेस का बेहतरीन प्रदर्शन किया। लंबे समय तक चले इस मुकाबले में उन्होंने न केवल तकनीकी श्रेष्ठता दिखाई, बल्कि दबाव के क्षणों में भी खुद को संतुलित रखा। यही वजह रही कि वे निर्णायक पलों में बढ़त बनाए रखने में सफल रहे और खिताब जीतने में कामयाब हुए।

    इस जीत के साथ सिनर ने अपने करियर का एक और बड़ा अध्याय जोड़ा है। लगातार कई बड़े टूर्नामेंट जीतते हुए उन्होंने विश्व टेनिस में अपनी मजबूत स्थिति बनाई है। इस सफलता के साथ वे उस चुनिंदा सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने एटीपी मास्टर्स स्तर पर सभी प्रमुख खिताब अपने नाम किए हैं, जो उनके निरंतर प्रदर्शन और उच्च स्तर की क्षमता को दर्शाता है।

    मैच के बाद भावुक होते हुए सिनर ने अपने प्रदर्शन और टीम के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह जीत उनके लिए केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने अपनी टीम के समर्थन को इस सफलता की नींव बताया, जिसने पूरे सीजन उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखा।

    वहीं, फाइनल में हार के बावजूद कैस्पर रूड ने सिनर के प्रदर्शन की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने माना कि घरेलू दर्शकों के सामने इस तरह का प्रदर्शन करना असाधारण उपलब्धि है और यह मैच उनके करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण मुकाबलों में से एक रहा। उन्होंने सिनर को इस ऐतिहासिक जीत के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनका खेल वर्तमान टेनिस युग में एक नई ऊंचाई स्थापित कर रहा है।

    रोम के दर्शकों के लिए यह मुकाबला यादगार बन गया, जहां घरेलू खिलाड़ी की जीत ने पूरे स्टेडियम को उत्साह से भर दिया। इस जीत ने न केवल सिनर के करियर को नई दिशा दी, बल्कि इटली में टेनिस के प्रति बढ़ते जुनून को भी और मजबूत कर दिया है।

  • पहलवानी के माहौल में पले दीपक पूनिया ने कम उम्र से ही कुश्ती में अपनी अलग पहचान बनाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर

    पहलवानी के माहौल में पले दीपक पूनिया ने कम उम्र से ही कुश्ती में अपनी अलग पहचान बनाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर

    नई दिल्ली । पहलवानी की परंपरा और अखाड़े की मिट्टी में पले-बढ़े भारतीय पहलवान Deepak Punia की कहानी संघर्ष, अनुशासन और असाधारण प्रतिभा का ऐसा उदाहरण है, जिसने उन्हें कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर पहचान दिला दी। हरियाणा के झज्जर जिले के छारा गांव में जन्मे दीपक का बचपन कुश्ती के माहौल में बीता, जहां उनके पिता सुभाष स्वयं एक पहलवान रह चुके थे और उन्होंने ही बेटे को पहलवानी की शुरुआती ट्रेनिंग दी। मात्र पांच साल की उम्र में अखाड़े से जुड़कर दीपक ने जिस तरह से अपनी क्षमता दिखानी शुरू की, उसने आसपास के लोगों को भी हैरान कर दिया। दंगलों में छोटी उम्र में ही जीत हासिल कर उन्होंने अपनी मजबूत नींव तैयार कर ली थी।

    धीरे-धीरे उनकी प्रतिभा को पहचान मिलने लगी और स्कूल स्तर की प्रतियोगिताओं के दौरान उनके खेल में निखार साफ दिखाई देने लगा। इसी दौरान उन्हें प्रसिद्ध कोचिंग सिस्टम और प्रशिक्षण सुविधाओं से जुड़ने का अवसर मिला, जिसने उनके करियर को नई दिशा दी। मिट्टी पर पारंपरिक कुश्ती से निकलकर मैट पर मुकाबला करना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने मेहनत और लगातार अभ्यास से खुद को ढाल लिया। यह बदलाव उनके करियर का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, जहां से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी यात्रा शुरू हुई।

    साल 2016 उनके करियर का शुरुआती सुनहरा दौर रहा, जब उन्होंने जूनियर एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी क्षमता का परिचय दिया। इसके बाद लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने वर्ल्ड कैडेट चैंपियनशिप और अन्य जूनियर स्तर की प्रतियोगिताओं में भी गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया। 2019 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद वह वैश्विक स्तर पर सबसे चर्चित युवा पहलवानों में शामिल हो गए।

    ओलंपिक मंच पर पहुंचकर उन्होंने भारत की उम्मीदों को नई ऊंचाई दी। टोक्यो ओलंपिक में उन्होंने पुरुषों के 86 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक मुकाबले तक पहुंचकर मजबूत प्रदर्शन किया, हालांकि अंतिम मुकाबले में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उनका प्रदर्शन भारतीय कुश्ती के लिए एक बड़ा संकेत था कि देश के युवा खिलाड़ी विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं।

    इसके बाद भी उनका करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा, जहां कभी चोट तो कभी तकनीकी कारणों ने उनकी राह मुश्किल की। कई महत्वपूर्ण क्वालीफाइंग इवेंट्स में चुनौतियों का सामना करने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार वापसी की कोशिश करते रहे। एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े मंचों पर उन्होंने भारत के लिए कई पदक जीतकर अपनी जगह मजबूत की।

    आज दीपक पूनिया को उन खिलाड़ियों में गिना जाता है, जिन्होंने बेहद साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उनकी यात्रा इस बात का प्रमाण है कि अगर अनुशासन, समर्पण और निरंतर अभ्यास हो, तो किसी भी कठिनाई को पार किया जा सकता है। युवा खिलाड़ियों के लिए वे आज भी प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं, जो यह दिखाते हैं कि संघर्ष से ही सफलता की असली कहानी लिखी जाती है।

  • कप्तानी और रवैये पर फिर सवाल, रियान पराग का वीडियो वायरल, नन्हे फैन से हुई धक्का-मुक्की पर विवाद

    कप्तानी और रवैये पर फिर सवाल, रियान पराग का वीडियो वायरल, नन्हे फैन से हुई धक्का-मुक्की पर विवाद

    नई दिल्ली । राजस्थान रॉयल्स के युवा कप्तान रियान पराग एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। इस बार मामला एक वायरल वीडियो से जुड़ा है, जिसमें वे एक नन्हे फैन के साथ कथित तौर पर सख्त व्यवहार करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है और इसके बाद उनके रवैये को लेकर बहस छिड़ गई है।

    घटना उस समय की बताई जा रही है जब रियान पराग सुरक्षा घेरे के बीच से गुजर रहे थे। इसी दौरान एक छोटा बच्चा भीड़ से निकलकर उनके करीब पहुंच गया और उनके साथ फोटो लेने की कोशिश करने लगा। वीडियो में देखा जा सकता है कि बच्चा लगातार उनके साथ चलकर तस्वीर लेने की कोशिश कर रहा था और इसी दौरान वह उनके काफी करीब पहुंच गया।

    स्थिति के अनुसार, रियान पराग ने पहले बच्चे को दूर रहने का इशारा किया और उसे साइड में हटने के लिए कहा। लेकिन जब बच्चा नहीं रुका, तो उन्होंने उसे हाथ से पकड़कर किनारे की ओर हटा दिया और आगे बढ़ गए। इस पूरी घटना का वीडियो कैमरे में कैद हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है।

    वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने रियान पराग के व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा है कि एक पेशेवर खिलाड़ी और कप्तान होने के नाते उन्हें फैंस, खासकर बच्चों के साथ अधिक संवेदनशील और विनम्र तरीके से पेश आना चाहिए था। वहीं कुछ यूजर्स का मानना है कि सुरक्षा घेरा और भीड़ को देखते हुए खिलाड़ी पर दबाव की स्थिति भी हो सकती है।

    हालांकि यह पहली बार नहीं है जब रियान पराग चर्चा में आए हों। पिछले समय में भी उनके व्यवहार और मैदान के बाहर की गतिविधियों को लेकर कई बार बहस होती रही है। इसके चलते वे अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चा और आलोचना का विषय बने रहते हैं।

    मैदान पर प्रदर्शन की बात करें तो इस सीजन उनका खेल भी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने अब तक 11 मुकाबलों में लगभग 258 रन बनाए हैं, जिसमें सिर्फ दो अर्धशतक शामिल हैं। उनके इस प्रदर्शन को लेकर भी टीम चयन और उनकी भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।

    फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर बहस का विषय बना हुआ है, जहां एक ओर उनके समर्थक इसे सुरक्षा स्थिति से जुड़ा सामान्य व्यवहार बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आलोचक इसे फैंस के प्रति असंवेदनशील रवैया मान रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस विवाद पर खिलाड़ी या टीम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं।