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  • आईपीएल में रोचक मोड़: जीत मिली लेकिन MI को नहीं हुआ कोई फायदा

    आईपीएल में रोचक मोड़: जीत मिली लेकिन MI को नहीं हुआ कोई फायदा


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के 58वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने पंजाब किंग्स को 6 विकेट से हराया, लेकिन इसके बावजूद अंक तालिका में दोनों टीमों की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। PBKS लगातार पांच हार के बावजूद चौथे स्थान पर बनी हुई है, जबकि MI पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर है।

    आईपीएल 2026 के 58वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस (MI) ने धर्मशाला में खेले गए रोमांचक मैच में पंजाब किंग्स (PBKS) को 6 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। PBKS ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 200 रन बनाए, जिसमें प्रभसिमरन सिंह की 57 रनों की अहम पारी और अजमतुल्लाह ओमरजई के 38 रनों ने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

    लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई इंडियंस ने 19.5 ओवर में 4 विकेट खोकर 201 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। तिलक वर्मा ने 33 गेंदों में 75 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जबकि रयान रिकेल्टन ने 48 रन और विल जैक्स ने ताबड़तोड़ 25 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई।

    हालांकि इस जीत का असर अंक तालिका पर नहीं दिखा। मुंबई इंडियंस 12 मैचों में 8 अंकों के साथ नौवें स्थान पर बनी हुई है और पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है। दूसरी ओर, पंजाब किंग्स के 12 मैचों में 13 अंक हैं और टीम चौथे स्थान पर बरकरार है, लेकिन लगातार पांच हार ने उसकी प्लेऑफ उम्मीदों को कमजोर कर दिया है।

    शीर्ष स्थान पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) 16-16 अंकों के साथ क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर हैं, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद 14 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर बनी हुई है। चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स 12-12 अंकों के साथ क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि PBKS के लिए अब हर मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा हो गया है, जबकि MI बाकी बचे मैचों में सम्मान बचाने के इरादे से उतरेगी।

  • पंजाब किंग्स का खराब प्रदर्शन जारी, कप्तान श्रेयस अय्यर के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड

    पंजाब किंग्स का खराब प्रदर्शन जारी, कप्तान श्रेयस अय्यर के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड


    नई दिल्ली ।  आईपीएल 2026 के 58वें मुकाबले में पंजाब किंग्स (PBKS) को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। टीम को मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, जो इस सीजन में उनकी लगातार पांचवीं हार रही। इस हार के साथ पंजाब किंग्स की प्लेऑफ की राह और कठिन हो गई है।

    इस मुकाबले में एक ओर जहां पंजाब किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 200 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया, वहीं मुंबई इंडियंस ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए इस लक्ष्य को 19.5 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया।

    PBKS की ओर से सलामी बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 32 गेंदों में 57 रन बनाए। उनके अलावा अजमतुल्लाह उमरजई ने तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए 17 गेंदों पर 38 रन जड़े, जिसमें 2 चौके और 4 छक्के शामिल रहे।

    हालांकि, लक्ष्य का बचाव करते हुए पंजाब का गेंदबाजी आक्रमण प्रभावी नहीं दिखा और मुंबई इंडियंस के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। MI की ओर से तिलक वर्मा ने शानदार पारी खेलते हुए 33 गेंदों पर 75 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और 6 छक्के शामिल थे। रयान रिकेल्टन ने 23 गेंदों पर 48 रन की अहम पारी खेली, जबकि विल जैक्स 10 गेंदों पर 25 रन बनाकर नाबाद रहे और टीम को जीत दिलाई।

    इस हार के साथ पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर के नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया है। आंकड़ों के अनुसार, अय्यर अब आईपीएल इतिहास में ऐसे पहले कप्तान बन गए हैं, जिन्होंने 200 से अधिक रनों के लक्ष्य का बचाव करते हुए सबसे ज्यादा 7 मैच गंवाए हैं। इससे पहले कोई भी कप्तान इस स्थिति में 5 से ज्यादा हार का सामना नहीं कर पाया था।

    आईपीएल में बतौर कप्तान अय्यर ने कुल 20 ऐसे मुकाबलों में टीम का नेतृत्व किया है, जहां 200+ रन का बचाव करना था। इनमें से 12 मैचों में उन्हें जीत मिली, जबकि 7 में हार का सामना करना पड़ा। यह आंकड़ा बताता है कि बड़े स्कोर का बचाव करते समय उनकी टीम को लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

    इसके अलावा, यह हार इसलिए भी खास रही क्योंकि 2022 के बाद मुंबई इंडियंस के खिलाफ बतौर कप्तान अय्यर की पहली हार है। इससे पहले उन्होंने MI के खिलाफ लगातार 7 मुकाबले जीते थे, लेकिन यह रिकॉर्ड अब टूट गया है।

    मैच में पंजाब द्वारा बनाए गए 200 रन भी जीत के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुए, जिससे टीम की गेंदबाजी रणनीति पर भी सवाल उठ रहे हैं। दूसरी ओर मुंबई इंडियंस ने एक बार फिर साबित किया कि वह बड़े लक्ष्यों का पीछा करने में माहिर टीम है।

    इस हार ने पंजाब किंग्स की प्लेऑफ उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है, जबकि मुंबई इंडियंस की स्थिति मजबूत हो गई है।

  • एलिना स्वितोलिना का कमाल: इगा स्वियातेक को हराकर फाइनल का टिकट

    एलिना स्वितोलिना का कमाल: इगा स्वियातेक को हराकर फाइनल का टिकट


    नई दिल्ली ।  इटैलियन ओपन 2026 में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहां दो बार की पूर्व चैंपियन एलिना स्वितोलिना ने मौजूदा तीन बार की विजेता इगा स्वियातेक को रोमांचक मुकाबले में हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। सेमीफाइनल मुकाबले में स्वितोलिना ने शानदार खेल दिखाते हुए स्वियातेक को 6-2, 4-6, 6-2 से मात दी।

    यह मुकाबला लगभग 2 घंटे 14 मिनट तक चला, जिसमें दोनों खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला। पहले सेट में स्वितोलिना ने आक्रामक शुरुआत करते हुए आसानी से 6-2 से बढ़त बनाई। दूसरे सेट में स्वियातेक ने वापसी करते हुए मुकाबले को बराबरी पर ला दिया, लेकिन निर्णायक तीसरे सेट में स्वितोलिना ने बेहतरीन मानसिक मजबूती दिखाते हुए 6-2 से सेट और मैच अपने नाम कर लिया।

    इस जीत के साथ ही एलिना स्वितोलिना ने 2017-18 के बाद पहली बार इटैलियन ओपन के फाइनल में जगह बनाई है। वह इससे पहले इस टूर्नामेंट में दो बार खिताब जीत चुकी हैं और अब तीसरी बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाने से सिर्फ एक जीत दूर हैं।

    फाइनल में उनका सामना अमेरिकी स्टार कोको गॉफ से होगा, जो लगातार दूसरी बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची हैं। यह मुकाबला न केवल खिताबी होगा, बल्कि दोनों खिलाड़ियों के लिए सीजन का पहला WTA 1000 खिताब जीतने का मौका भी होगा।

    स्वितोलिना और गॉफ के बीच अब तक 5 मुकाबले हो चुके हैं, जिनमें स्वितोलिना 3-2 से आगे हैं। इस सीजन में भी स्वितोलिना ने गॉफ को दो बार हराया है, जिससे उनका आत्मविश्वास और मजबूत नजर आ रहा है।

    सेमीफाइनल में स्वितोलिना का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने 16 में से 11 ब्रेक पॉइंट्स बचाए और निर्णायक सेट में सभी 5 ब्रेक पॉइंट्स को सफलतापूर्वक डिफेंड किया। यह उनकी मानसिक मजबूती और दबाव में खेल को संभालने की क्षमता को दर्शाता है।

    दूसरी ओर, कोको गॉफ लगातार शानदार फॉर्म में हैं और वह 1998-99 के बाद लगातार इटैलियन ओपन फाइनल में पहुंचने वाली सबसे कम उम्र की अमेरिकी खिलाड़ी बन गई हैं। यह मुकाबला अनुभव और युवा ऊर्जा के बीच एक रोमांचक टकराव माना जा रहा है।

    उम्र के अंतर की बात करें तो दोनों खिलाड़ियों के बीच लगभग 9 साल 182 दिन का फर्क है, जो इस टूर्नामेंट के इतिहास में 1990 के बाद सबसे बड़ा अंतर माना जा रहा है।

    अब सभी की निगाहें फाइनल मुकाबले पर हैं, जहां स्वितोलिना तीसरी बार खिताब जीतने के इरादे से उतरेंगी, जबकि कोको गॉफ पहली बार इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी को अपने नाम करने की कोशिश करेंगी।

  • टी20 कप्तानी पर चर्चा तेज: शास्त्री ने गिनाई संजू सैमसन की खास खूबियां

    टी20 कप्तानी पर चर्चा तेज: शास्त्री ने गिनाई संजू सैमसन की खास खूबियां


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर कप्तानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। टीम इंडिया के पूर्व मुख्य कोच और दिग्गज क्रिकेटर रवि शास्त्री ने विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन को लेकर बड़ा बयान दिया है। शास्त्री का मानना है कि आने वाले समय में संजू सैमसन भारत की टी20 टीम के कप्तान बनने के सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल हो सकते हैं।

    शास्त्री ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि वर्तमान कप्तान सूर्यकुमार यादव के बाद भारतीय टी20 टीम को एक नए नेतृत्व की आवश्यकता पड़ सकती है और उस भूमिका के लिए संजू सैमसन का नाम सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि सैमसन के पास न केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव है, बल्कि उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी करके अपनी नेतृत्व क्षमता भी साबित की है।

    रवि शास्त्री के अनुसार, सैमसन एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिनमें टॉप ऑर्डर में आकर तेज और आक्रामक बल्लेबाजी करने की क्षमता है। साथ ही वह दबाव की परिस्थितियों में शांत रहकर मैच को बदलने का दम रखते हैं। शास्त्री ने कहा कि यही गुण किसी भी सफल कप्तान की पहचान होते हैं।

    सैमसन के हालिया प्रदर्शन की सराहना करते हुए शास्त्री ने कहा कि टी20 विश्व कप 2026 में उनके प्रदर्शन ने सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल और फाइनल जैसे बड़े मुकाबलों में महत्वपूर्ण पारियां खेलकर भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। इस शानदार प्रदर्शन के चलते उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ भी चुना गया था।

    आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी करते हुए भी सैमसन ने अपनी नेतृत्व क्षमता दिखाई है। उनकी कप्तानी में टीम 2022 में फाइनल तक पहुंची थी, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। शास्त्री ने कहा कि यह अनुभव उन्हें भविष्य में भारतीय टीम की कमान संभालने के लिए और मजबूत उम्मीदवार बनाता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि सैमसन को लेकर पहले कई सवाल उठते रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन करके अपने आलोचकों को जवाब दिया है। अब वह केवल एक प्रतिभाशाली बल्लेबाज नहीं बल्कि एक परिपक्व और जिम्मेदार खिलाड़ी के रूप में उभर चुके हैं।

    शास्त्री ने यह भी जोड़ा कि अगले दो से तीन वर्षों में सैमसन का प्रदर्शन और निखर सकता है और वह टीम इंडिया की लीडरशिप रेस में सबसे आगे नजर आ सकते हैं। उनके मुताबिक, यदि सैमसन इसी तरह फॉर्म और निरंतरता बनाए रखते हैं तो वह भारतीय टी20 क्रिकेट के भविष्य के कप्तान साबित हो सकते हैं।

  • PBKS vs MI के बाद ऑरेंज कैप की रेस में कोई बड़ा बदलाव नहीं, क्लासेन टॉप पर कायम; संजू सैमसन पर रहेंगी निगाहें

    PBKS vs MI के बाद ऑरेंज कैप की रेस में कोई बड़ा बदलाव नहीं, क्लासेन टॉप पर कायम; संजू सैमसन पर रहेंगी निगाहें


    नई दिल्ली। IPL 2026 के 58वें मुकाबले में पंजाब किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच हुए मैच के बाद ऑरेंज कैप की रेस में ज्यादा बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है। टॉप-5 बल्लेबाजों की सूची में फिलहाल हेनरिक क्लासेन, साई सुदर्शन, विराट कोहली, अभिषेक शर्मा और केएल राहुल अपनी जगह बनाए हुए हैं।

    सनराइजर्स हैदराबाद के हेनरिक क्लासेन इस समय सबसे आगे चल रहे हैं और उनके नाम 508 रन दर्ज हैं। उनके बाद गुजरात टाइटंस के साई सुदर्शन 501 रनों के साथ दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। विराट कोहली ने हाल ही में शतक लगाकर अपनी स्थिति मजबूत की है और 484 रनों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। चौथे नंबर पर अभिषेक शर्मा 481 रनों के साथ मौजूद हैं, जबकि केएल राहुल 477 रनों के साथ पांचवें स्थान पर हैं।

    टॉप-5 के बल्लेबाजों के बीच रनों का अंतर बहुत कम है, जिससे हर मैच के बाद ऑरेंज कैप की स्थिति बदल सकती है। इस सीजन अब तक यह देखा गया है कि किसी भी खिलाड़ी के पास यह कैप लंबे समय तक नहीं टिक पाई है।

    टॉप-10 में भी हलचल
    टॉप-10 में भी कुछ बदलाव देखने को मिले हैं। पंजाब किंग्स के प्रभसिमरन सिंह 439 रनों के साथ 8वें स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि कूपर कोनोली 436 रनों के साथ 9वें स्थान पर हैं। मुंबई इंडियंस के रायन रिकल्टन 430 रनों के साथ संयुक्त रूप से 10वें स्थान पर बने हुए हैं।

    आज संजू सैमसन पर रहेंगी नजरें
    आज का आईपीएल मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स और लखनऊ सुपर जाएंट्स के बीच खेला जाएगा, जिसमें सभी की नजरें संजू सैमसन पर रहेंगी। सैमसन इस समय 430 रनों के साथ ऑरेंज कैप रेस में 10वें स्थान पर हैं। अगर वह आज बड़ा स्कोर करते हैं तो टॉप-5 में एंट्री कर सकते हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार, अगर संजू सैमसन बड़ी पारी खेलते हैं तो वह इस सीजन की ऑरेंज कैप रेस को और भी रोमांचक बना सकते हैं और शीर्ष स्थान के लिए क्लासेन को चुनौती दे सकते हैं।

    इसके अलावा लखनऊ सुपर जाएंट्स के मिचेल मार्श पर भी नजर रहेगी, जो इस सीजन अपनी टीम के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक रहे हैं और लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

    कुल मिलाकर, IPL 2026 में ऑरेंज कैप की रेस बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है, जहां हर मैच के साथ रैंकिंग बदलने की पूरी संभावना बनी हुई है।

  • 2027 वर्ल्ड कप में ओपनिंग को लेकर चर्चा तेज, संजू सैमसन को लेकर बढ़ी अटकलें; भारत की रणनीति पर सबकी नजर

    2027 वर्ल्ड कप में ओपनिंग को लेकर चर्चा तेज, संजू सैमसन को लेकर बढ़ी अटकलें; भारत की रणनीति पर सबकी नजर



    नई दिल्ली। भारत के 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर अभी से चर्चाएं और संभावित प्लेइंग इलेवन पर बहस तेज हो गई है। यह टूर्नामेंट अक्टूबर-नवंबर 2027 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा, जहां तेज और उछाल भरी पिचें टीमों की असली परीक्षा लेंगी।

    हालांकि अभी तक टीम इंडिया की फाइनल स्क्वॉड या ओपनिंग जोड़ी तय नहीं हुई है, लेकिन मौजूदा प्रदर्शन और खिलाड़ियों की भूमिका के आधार पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि भारत की ओपनिंग जिम्मेदारी कौन संभालेगा और क्या किसी नए कॉम्बिनेशन को आजमाया जा सकता है।

    संजू सैमसन को लेकर अक्सर यह चर्चा होती है कि वह आक्रामक बल्लेबाजी के कारण टॉप ऑर्डर में एक विकल्प हो सकते हैं, लेकिन अब तक भारतीय टीम में उनकी भूमिका मुख्य रूप से मिडिल ऑर्डर या विकेटकीपर बैट्समैन के रूप में रही है। वहीं मौजूदा समय में शुभमन गिल और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी टीम इंडिया के प्रमुख ओपनर के रूप में स्थापित हैं और लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में टीम प्रबंधन आमतौर पर स्थिर और अनुभवी ओपनिंग जोड़ी को प्राथमिकता देता है, ताकि दबाव की स्थिति में शुरुआत मजबूत हो सके। ऐसे में किसी भी नए ओपनिंग प्रयोग का फैसला पूरी तरह फॉर्म, फिटनेस और परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

    मिडिल ऑर्डर की बात करें तो विराट कोहली, श्रेयस अय्यर और अन्य बल्लेबाज टीम की रीढ़ माने जाते हैं, जबकि हार्दिक पांड्या और रवींद्र जडेजा जैसे ऑलराउंडर संतुलन प्रदान करते हैं। गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और कुलदीप यादव जैसे खिलाड़ी अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की पिचों पर तेज गेंदबाजों और तकनीकी बल्लेबाजों की बड़ी परीक्षा होगी। ऐसे में टीम का चयन केवल संभावित ओपनिंग जोड़ी पर नहीं, बल्कि पूरे संतुलन और परिस्थितियों के अनुसार प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

    कुल मिलाकर, 2027 वर्ल्ड कप के लिए भारत के पास कई मजबूत विकल्प मौजूद हैं, लेकिन अंतिम फैसला खिलाड़ियों के प्रदर्शन, निरंतरता और रणनीति के आधार पर ही लिया जाएगा।

  • KKR पर मंडराया बाहर होने का खतरा, पुजारा बोले- अब हर मैच बनेगा करो या मरो

    KKR पर मंडराया बाहर होने का खतरा, पुजारा बोले- अब हर मैच बनेगा करो या मरो


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। रायपुर में खेले गए मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ मिली हार के बाद टीम की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। भारतीय टीम के अनुभवी बल्लेबाज Cheteshwar Pujara ने भी माना है कि अब केकेआर के लिए टॉप-4 में जगह बनाना बेहद कठिन हो गया है।

    मैच के बाद जियो हॉटस्टार पर बातचीत करते हुए पुजारा ने कहा कि केकेआर के लिए अब हालात काफी मुश्किल हो चुके हैं। उनके मुताबिक टीम के पास अभी भी कुछ मैच बाकी हैं, लेकिन प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि दूसरे परिणामों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अब टीम को अपने सम्मान और बेहतर अंत के लिए खेलना होगा।

    इस हार के साथ केकेआर को सीजन की छठी हार झेलनी पड़ी। टीम 11 मैचों में सिर्फ 9 अंक जुटा सकी है और फिलहाल अंक तालिका में आठवें स्थान पर मौजूद है। ऐसे में बचे हुए तीनों मुकाबले जीतने के बावजूद टीम का प्लेऑफ में पहुंचना मुश्किल नजर आ रहा है।

    मैच की बात करें तो पहले बल्लेबाजी करते हुए केकेआर ने शानदार शुरुआत की। युवा बल्लेबाज Angkrish Raghuvanshi ने 71 रन की बेहतरीन पारी खेली, जबकि Rinku Singh ने नाबाद 49 रन बनाकर टीम को 192 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

    हालांकि लक्ष्य का पीछा करते हुए आरसीबी की ओर से Virat Kohli ने शानदार शतक जड़ दिया। विराट ने 60 गेंदों पर नाबाद 105 रन की मैच जिताऊ पारी खेली और टीम को 19.1 ओवर में 6 विकेट से जीत दिला दी। उनके अलावा Devdutt Padikkal ने भी 39 रन का अहम योगदान दिया।

    मैच का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट विराट कोहली का छूटा हुआ कैच साबित हुआ। केकेआर के खिलाड़ियों ने विराट को जीवनदान दिया, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाते हुए मैच को टीम की झोली में डाल दिया।

    केकेआर के हेड कोच Abhishek Nayar ने भी माना कि विराट का कैच छोड़ना टीम को भारी पड़ गया। उनके मुताबिक अगर वह कैच पकड़ लिया जाता तो मुकाबले का नतीजा अलग हो सकता था।

    अब केकेआर के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने बाकी मैच जीतकर सम्मानजनक विदाई लेने की होगी, जबकि आरसीबी की टीम इस जीत के साथ प्लेऑफ की दौड़ में और मजबूत हो गई है।

  • BBL में बड़ा बदलाव संभव: सिडनी थंडर के कोच बन सकते हैं एंड्रयू फ्लिंटॉफ

    BBL में बड़ा बदलाव संभव: सिडनी थंडर के कोच बन सकते हैं एंड्रयू फ्लिंटॉफ


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया की मशहूर टी20 लीग बिग बैश लीग (BBL) में इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर Andrew Flintoff को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फ्लिंटॉफ जल्द ही Sydney Thunder के नए मुख्य कोच बनाए जा सकते हैं। फ्रेंचाइजी उन्हें इस पद के लिए सबसे मजबूत उम्मीदवार मान रही है और आधिकारिक घोषणा भी जल्द हो सकती है।

    अगर ऐसा होता है तो यह फ्लिंटॉफ के कोचिंग करियर का बड़ा कदम होगा, क्योंकि पहली बार वह किसी विदेशी टी20 लीग में हेड कोच की भूमिका निभाते नजर आएंगे।

    फ्लिंटॉफ पिछले कुछ समय से इंग्लैंड क्रिकेट में कोचिंग और मेंटरिंग की जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। उन्होंने लगभग एक साल तक इंग्लैंड की उभरती टीम England Lions के साथ काम किया है। इसके अलावा वह ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी लायंस टीम के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा रह चुके हैं।

    कोचिंग में उनका अनुभव सिर्फ इंटरनेशनल सेटअप तक सीमित नहीं है। फ्लिंटॉफ ने इंग्लैंड की टी20 लीग ‘द हंड्रेड’ में Northern Superchargers के साथ भी काम किया है। 2024 और 2025 सीजन में उनके नेतृत्व में टीम ने क्रमशः चौथा और तीसरा स्थान हासिल किया था।

    दिलचस्प बात यह है कि फ्लिंटॉफ का बीबीएल से पुराना नाता भी रहा है। उन्होंने 2014-15 सीजन में Brisbane Heat की ओर से खेला था। यही उनके प्रोफेशनल क्रिकेट करियर का आखिरी चरण साबित हुआ। सात मुकाबले खेलने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था।

    सिडनी थंडर फिलहाल नए मुख्य कोच की तलाश में है। टीम के पूर्व कोच Trevor Bayliss का पांच साल का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। हालांकि उन्होंने 2024-25 सीजन में टीम को फाइनल तक पहुंचाया था, लेकिन लगातार खराब प्रदर्शन के कारण फ्रेंचाइजी बदलाव के मूड में नजर आ रही है।

    48 वर्षीय फ्लिंटॉफ इंग्लैंड क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली ऑलराउंडरों में गिने जाते हैं। उन्होंने 1998 से 2009 के बीच इंग्लैंड के लिए 79 टेस्ट, 141 वनडे और 7 टी20 मुकाबले खेले। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 3845 रन और 226 विकेट दर्ज हैं, जबकि वनडे में उन्होंने 3394 रन बनाने के साथ 169 विकेट भी लिए। अब देखने वाली बात होगी कि क्या फ्लिंटॉफ की कोचिंग में सिडनी थंडर बीबीएल में नई शुरुआत कर पाती है या नहीं।

  • टी20 वर्ल्ड कप के हीरो IPL 2026 में फ्लॉप! स्टार खिलाड़ियों की खराब फॉर्म बनी चिंता

    टी20 वर्ल्ड कप के हीरो IPL 2026 में फ्लॉप! स्टार खिलाड़ियों की खराब फॉर्म बनी चिंता


    नई दिल्ली। भारतीय टीम को टी20 विश्व कप 2026 का खिताब दिलाने वाले कई स्टार खिलाड़ी आईपीएल 2026 में उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं। जिन खिलाड़ियों ने वर्ल्ड कप में अपने दमदार प्रदर्शन से टीम इंडिया को चैंपियन बनाया था, वही खिलाड़ी अब आईपीएल में खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं। बल्लेबाज रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो गेंदबाज विकेट लेने में नाकाम दिख रहे हैं। इसका सीधा असर उनकी फ्रेंचाइजियों के प्रदर्शन पर भी पड़ा है।

    सबसे ज्यादा चर्चा मुंबई इंडियंस के स्टार बल्लेबाज और भारतीय टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव की हो रही है। वर्ल्ड कप में धमाकेदार बल्लेबाजी करने वाले सूर्या आईपीएल 2026 में अब तक 11 मैचों में सिर्फ 195 रन ही बना सके हैं। उनके बल्ले से पूरे सीजन में केवल एक अर्धशतक निकला है। मुंबई इंडियंस को उनसे जिस विस्फोटक बल्लेबाजी की उम्मीद थी, वह अब तक दिखाई नहीं दी।

    हार्दिक पांड्या का प्रदर्शन भी सवालों के घेरे में है। कप्तान और ऑलराउंडर दोनों भूमिकाओं में हार्दिक संघर्ष करते नजर आए हैं। 8 मुकाबलों में उन्होंने सिर्फ 146 रन बनाए हैं, जबकि गेंदबाजी में केवल 4 विकेट ही हासिल कर सके हैं। उनकी कप्तानी को लेकर भी लगातार आलोचना हो रही है।

    चेन्नई सुपर किंग्स के शिवम दुबे भी इस सीजन प्रभाव छोड़ने में असफल रहे हैं। टी20 वर्ल्ड कप में मैच फिनिशर की भूमिका निभाने वाले दुबे 10 मैचों में सिर्फ 165 रन बना सके हैं। उनके बल्ले से एक भी अर्धशतक नहीं निकला है, जबकि गेंदबाजी में भी वह सिर्फ एक विकेट ले पाए हैं।

    सबसे बड़ा झटका मुंबई इंडियंस को जसप्रीत बुमराह की खराब फॉर्म से लगा है। दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में गिने जाने वाले बुमराह 11 मैचों में सिर्फ 3 विकेट ही ले सके हैं। उनका इकोनॉमी रेट भी 8.51 का रहा है, जो उनके स्तर के हिसाब से काफी खराब माना जा रहा है।

    दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल भी बल्ले और गेंद दोनों से उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं। अक्षर ने 12 मैचों में केवल 100 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट भी बेहद साधारण रहा है। हालांकि गेंदबाजी में उन्होंने 10 विकेट जरूर लिए हैं, लेकिन उनकी बल्लेबाजी टीम के लिए चिंता बनी हुई है।

    पंजाब किंग्स के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह विकेट तो निकाल रहे हैं, लेकिन रन रोकने में पूरी तरह विफल रहे हैं। 11 मैचों में 13 विकेट लेने के बावजूद उनका इकोनॉमी 9.92 का रहा है। डेथ ओवरों में उनकी महंगी गेंदबाजी पंजाब के लिए परेशानी बनी हुई है।

    मुंबई इंडियंस के युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने एक शतक जरूर लगाया, लेकिन बाकी मुकाबलों में निरंतरता की कमी साफ नजर आई। वहीं दिल्ली कैपिटल्स के स्पिनर कुलदीप यादव भी इस सीजन फीके दिखाई दिए हैं। कुलदीप 11 मैचों में सिर्फ 7 विकेट ले सके हैं और उनका इकोनॉमी 10.66 तक पहुंच गया है।

    इन खिलाड़ियों की खराब फॉर्म ने आईपीएल 2026 का समीकरण पूरी तरह बदल दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि टूर्नामेंट के बाकी मुकाबलों में ये स्टार खिलाड़ी वापसी कर पाते हैं या नहीं।

  • RCB vs KKR: विराट कोहली ने रचा इत‍िहास, रोहित और धोनी को छोड़ा पीछे, IPL में बनाए कई रिकॉर्ड

    RCB vs KKR: विराट कोहली ने रचा इत‍िहास, रोहित और धोनी को छोड़ा पीछे, IPL में बनाए कई रिकॉर्ड

    रायपुर। आईपीएल 2026 में बुधवार (13 मई) को रायपुर में खेले गए मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bengaluru) और कोलकाता नाइट राइडर्स (Kolkata Knight Riders) के बीच स्टार बल्लेबाज Virat Kohli ने मैदान पर उतरते ही इतिहास रच दिया। इस मुकाबले में उन्होंने कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए और आईपीएल इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।

    विराट कोहली अब आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। यह मुकाबला उनके IPL करियर का 279वां मैच रहा, जिसके साथ उन्होंने MS Dhoni और Rohit Sharma को पीछे छोड़ दिया, जो इससे पहले 278-278 मैचों के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर थे।

    मैच में कोहली ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 60 गेंदों पर नाबाद 105 रन बनाए। उनकी इस पारी में 11 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। यह उनके आईपीएल करियर का 9वां शतक था, जबकि टी20 करियर का 10वां शतक। उनकी पारी की बदौलत आरसीबी ने यह मुकाबला 6 विकेट से जीत लिया।

    टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में कोहली अब 10 शतकों के साथ सूची में शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। आईपीएल में भी उनके नाम अब 9 शतक दर्ज हो चुके हैं, जिससे वह इस लीग के सबसे सफल शतक बनाने वाले बल्लेबाजों में एक बन गए हैं।

    इसके अलावा कोहली ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। वह आईपीएल इतिहास में एक ही फ्रेंचाइजी के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं, क्योंकि उन्होंने अपने पूरे आईपीएल करियर में सिर्फ आरसीबी का प्रतिनिधित्व किया है।

    आईपीएल में सबसे ज्यादा 400+ रन वाले सीजन के मामले में भी कोहली सबसे आगे हैं। उन्होंने 12 सीजन में 400 या उससे ज्यादा रन बनाए हैं, जो किसी भी बल्लेबाज से अधिक है।

    मैच के दौरान कोहली ने टी20 क्रिकेट में 14,000 रन का आंकड़ा भी सबसे तेज पार किया, जिसमें उन्होंने अन्य दिग्गजों की तुलना में कम पारियां खेलीं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने एक और बड़ा माइलस्टोन हासिल किया।

    आरसीबी की प्लेऑफ की उम्मीदों के बीच कोहली का यह फॉर्म टीम के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि आने वाले मैचों में वह अपने रिकॉर्ड को और कितनी ऊंचाई तक ले जाते हैं।