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  • कार से फेंकी गई घायल महिला अस्पताल से गायब भोपाल  पुलिस CCTV खंगालने में जुटी

    कार से फेंकी गई घायल महिला अस्पताल से गायब भोपाल पुलिस CCTV खंगालने में जुटी


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बेहद चौंकाने वाली और रहस्यमयी घटना सामने आई है जिसने कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाग सेवनिया थाना क्षेत्र के लहारपुर ब्रिज के पास अज्ञात कार सवारों ने एक करीब 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला को चलती कार से बाहर फेंक दिया। महिला गंभीर रूप से घायल हालत में मिली जिसके सीने में स्टेप्लर पिन चुभी हुई थीं और वह खून से लथपथ थी।

    घटना रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब ढाई बजे की बताई जा रही है जब एक तेज रफ्तार कार लहारपुर ब्रिज के पास पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार की रफ्तार धीमी होते ही आरोपियों ने महिला को सड़क किनारे नाले के पास फेंक दिया और तुरंत फरार हो गए। यह दृश्य बेहद भयावह था जिसे आसपास मौजूद एक महिला ने देखा और तुरंत स्थानीय लोगों को इसकी सूचना दी।

    घटना की जानकारी मिलते ही इलाके के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए स्वयंसेवी संस्था चित्रांश ह्यूमन वेलफेयर से संपर्क किया। संस्था के सदस्य मोहन सोनी और पारस मौके पर पहुंचे और पुलिस की मदद से घायल महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। महिला को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज शुरू किया गया।

    हैरानी की बात यह रही कि महिला करीब 22 घंटे तक बेहोश रही और होश में आने के बाद भी वह अपनी पहचान बताने की स्थिति में नहीं थी। वह केवल सलकनपुर शब्द ही बोल पा रही थी जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि उसका संबंध सलकनपुर मंदिर क्षेत्र से हो सकता है। उसके हाथ पर एक नाम गुदा हुआ मिला है लेकिन अभी तक उसकी पूरी पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब इलाज के दौरान महिला अचानक अस्पताल से लापता हो गई। इस घटना ने पुलिस और प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। बाग सेवनिया थाना पुलिस ने महिला के गायब होने की सूचना मिलने के बाद उसकी तलाश शुरू कर दी है और अस्पताल प्रबंधन से भी पूछताछ की जा रही है।

    पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि उस कार और आरोपियों का सुराग लगाया जा सके जिन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया। थाना प्रभारी अमित सोनी के अनुसार फिलहाल महिला की तलाश प्राथमिकता है और उसकी पहचान होने के बाद ही मामले की असल वजह सामने आ सकेगी।

    यह घटना कई सवाल छोड़ जाती है कि आखिर महिला को इस तरह क्यों फेंका गया और अस्पताल जैसी सुरक्षित जगह से वह अचानक कैसे गायब हो गई। फिलहाल पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है लेकिन जब तक महिला मिल नहीं जाती तब तक यह मामला रहस्य बना रहेगा।

  • बैंकिंग सेक्टर पर मंडराया संकट, युद्धों को बताया सबसे बड़ा जोखिम: JPMorgan CEO

    बैंकिंग सेक्टर पर मंडराया संकट, युद्धों को बताया सबसे बड़ा जोखिम: JPMorgan CEO


    नई दिल्ली। दुनिया की सबसे बड़ी बैंकिंग संस्थाओं में से एक जेपी मॉर्गन चेस के सीईओ जेमी डिमोन ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में चल रहे युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव बैंकिंग सेक्टर और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुके हैं। डिमोन के मुताबिक, यूक्रेन और मध्य पूर्व में जारी संघर्षों ने अनिश्चितता को काफी बढ़ा दिया है, जिससे दुनिया भर के बाजारों और उद्योगों पर दबाव साफ देखा जा रहा है।

    युद्ध और तनाव से बढ़ रही आर्थिक अनिश्चितता

    अपने सालाना शेयरधारक पत्र में जेमी डिमोन ने कहा कि दुनिया इस समय कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। इनमें रूस-यूक्रेन युद्ध, ईरान से जुड़े तनाव, मध्य पूर्व में बढ़ती दुश्मनी और आतंकवादी गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी घटनाएं “अनिश्चितता का क्षेत्र” तैयार कर रही हैं, जहां भविष्य के परिणामों का अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल है। इसका सीधा असर कमोडिटी मार्केट, निवेश और वैश्विक व्यापार पर पड़ रहा है।

    चीन और ट्रेड वॉर भी चिंता का कारण

    डिमोन ने चीन के साथ बढ़ते तनाव को भी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा जोखिम बताया। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू की गई टैरिफ आधारित ट्रेड वॉर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

    उनके अनुसार, ये व्यापारिक तनाव भविष्य में वैश्विक आर्थिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं और नए आर्थिक समीकरण पैदा कर सकते हैं।

    AI: सबसे बड़ी तकनीकी क्रांति, लेकिन जोखिम भी

    जेमी डिमोन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अब तक की सबसे बड़ी तकनीकी क्रांति बताया। उन्होंने कहा कि AI का असर हर सेक्टर पर पड़ेगा और यह पूरी दुनिया के काम करने के तरीके को बदल सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि AI के अंतिम परिणाम को लेकर अभी पूरी तरह स्पष्टता नहीं है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।

    अमेरिकी मूल्यों पर भरोसा जरूरी

    डिमोन ने कहा कि इन चुनौतियों के बीच अमेरिका को अपने मूल्यों स्वतंत्रता, अवसर और लोकतंत्र पर फिर से भरोसा जताने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ ऐसे मूल्यों को मजबूत करने का सही मौका है, जो देश की पहचान रहे हैं।

    भविष्य की अर्थव्यवस्था पर बड़ा सवाल

    डिमोन के अनुसार, मौजूदा भू-राजनीतिक घटनाएं यह तय करेंगी कि आने वाले समय में वैश्विक आर्थिक व्यवस्था कैसी होगी। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि अनिश्चितता इतनी ज्यादा है कि कोई भी सटीक भविष्यवाणी करना मुश्किल है।

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    जेपी मॉर्गन के सीईओ जेमी डिमोन ने चेतावनी दी है कि यूक्रेन और मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध, चीन के साथ तनाव और ट्रेड वॉर वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। साथ ही, AI के तेजी से बढ़ते प्रभाव को लेकर भी उन्होंने सतर्क रहने की सलाह दी।

  • खराब बिजनेस अपडेट का असर! जुबिलेंट फूडवर्क्स स्टॉक में बड़ी गिरावट, निवेशकों में चिंता

    खराब बिजनेस अपडेट का असर! जुबिलेंट फूडवर्क्स स्टॉक में बड़ी गिरावट, निवेशकों में चिंता


    नई दिल्ली। क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) सेक्टर की दिग्गज कंपनी जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड के शेयरों में मंगलवार को जोरदार गिरावट देखने को मिली। कंपनी के कमजोर चौथी तिमाही (Q4) बिजनेस अपडेट के बाद निवेशकों ने बिकवाली शुरू कर दी, जिसके चलते शेयर 10 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया और 52-हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया।

    कारोबार के दौरान 52-हफ्ते के लो पर पहुंचा स्टॉक

    एनएसई पर दोपहर करीब 1:35 बजे जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड का शेयर 10.14% गिरकर 414.25 रुपये पर कारोबार कर रहा था। दिन की शुरुआत 440 रुपये पर हुई थी, लेकिन बिकवाली के दबाव में यह गिरकर 408.80 रुपये तक पहुंच गया, जो इसका 52-हफ्ते का निचला स्तर है।गौरतलब है कि इस स्टॉक का 52-हफ्ते का उच्चतम स्तर 727.95 रुपये रहा है, जिससे साफ है कि पिछले एक साल में इसमें भारी गिरावट आई है।

    रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन मांग कमजोर

    कंपनी ने जनवरी-मार्च तिमाही में 19% की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की और कुल आय 2,506 करोड़ रुपये रही। हालांकि, इसके बावजूद निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ गया। इसकी सबसे बड़ी वजह Domino’s Pizza इंडिया का कमजोर प्रदर्शन रहा। कंपनी की लाइक-फॉर-लाइक (LFL) ग्रोथ सिर्फ 0.2% रही, जो घरेलू बाजार में सुस्त मांग को दर्शाती है।

    मार्जिन पर दबाव और सीमित ग्रोथ की चिंता

    विश्लेषकों का मानना है कि कमजोर LFL ग्रोथ के कारण कंपनी के मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है। बड़े इवेंट जैसे टी20 क्रिकेट वर्ल्ड कप के बावजूद कंपनी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। इसके अलावा, डिलीवरी बिजनेस से ग्रोथ की संभावनाएं भी सीमित होती दिख रही हैं। ऐसे में आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ रफ्तार और धीमी पड़ सकती है।

    हालांकि, कंपनी का तुर्की बिजनेस अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन करता नजर आया है, जो कुछ राहत जरूर देता है।

    नए स्टोर्स का विस्तार जारी

    कमजोर मांग के बावजूद कंपनी अपने विस्तार पर ध्यान दे रही है। इस तिमाही में जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड ने कुल 69 नए स्टोर्स जोड़े, जिससे कुल आउटलेट्स की संख्या बढ़कर 3,663 हो गई है।
    इनमें Domino’s Pizza इंडिया के 59 नए स्टोर शामिल हैं, जबकि तुर्की में 4 नए आउटलेट खोले गए।

    डंकिन के साथ 15 साल पुरानी साझेदारी खत्म

    कंपनी ने एक बड़ा फैसला लेते हुए Dunkin’ के साथ अपनी फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट को रिन्यू न करने का ऐलान किया है। यह 15 साल पुरानी साझेदारी इस साल 31 दिसंबर को खत्म हो जाएगी। कंपनी ने बताया कि लगातार घाटे और कमजोर ग्रोथ के चलते यह कदम उठाया गया है। अब कंपनी इस बिजनेस के लिए बिक्री या फ्रेंचाइजी ट्रांसफर जैसे विकल्पों पर विचार करेगी।

    निवेशकों के लिए चिंता बढ़ी

    इस साल अब तक कंपनी के शेयर 20% से ज्यादा गिर चुके हैं, जबकि पिछले एक साल में इसमें करीब 40% की गिरावट दर्ज की गई है। कमजोर मांग, मार्जिन प्रेशर और धीमी ग्रोथ के चलते निवेशकों की चिंता बढ़ गई है और आने वाले समय में कंपनी के प्रदर्शन पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

    कमजोर Q4 अपडेट के बाद जुबिलेंट फूडवर्क्स के शेयर 10% से ज्यादा गिरकर 52-हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गए। डोमिनोज इंडिया की धीमी ग्रोथ और मार्जिन दबाव के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है।

  • IPL 2026 अपडेट: पथिराना-हसरंगा की फिटनेस पर सवाल, SLC को रिपोर्ट नहीं सौंपी

    IPL 2026 अपडेट: पथिराना-हसरंगा की फिटनेस पर सवाल, SLC को रिपोर्ट नहीं सौंपी


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के बीच श्रीलंकाई खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने पुष्टि की है कि तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना और स्टार ऑलराउंडर वानिंदु हसरंगा उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने अब तक अनिवार्य फिटनेस टेस्ट नहीं दिया है।

    कुल 45 सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट खिलाड़ियों में से अब तक केवल 24 ही इस टेस्ट को पास कर पाए हैं, जबकि कई खिलाड़ी या तो टेस्ट नहीं दे पाए हैं या फेल हो चुके हैं।

    आईपीएल टीमों के लिए बढ़ी चिंता

    वानिंदु हसरंगा और मथीशा पथिराना दोनों आईपीएल 2026 में अहम भूमिका निभाने वाले खिलाड़ी हैं। हसरंगा लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा हैं, जबकि पथिराना कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलते हैं। ऐसे में उनकी फिटनेस और टेस्ट क्लियर करना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा असर उनके आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर पर पड़ सकता है।

    हसरंगा की स्थिति ज्यादा चिंताजनक

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, हसरंगा की स्थिति सबसे ज्यादा चिंता का विषय बनी हुई है। उन्हें फरवरी में आयरलैंड के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप मैच के दौरान बाएं हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी।

    सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अब तक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के लिए भी आवेदन नहीं किया है। इससे उनके आईपीएल में खेलने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

    पथिराना की वापसी की उम्मीद

    दूसरी ओर, मथीशा पथिराना भी चोटिल रहे थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच के दौरान उनकी पिंडली की मांसपेशी में खिंचाव आ गया था।

    हालांकि, राहत की बात यह है कि उन्होंने नेट्स में गेंदबाजी शुरू कर दी है और उम्मीद की जा रही है कि वह अप्रैल के मध्य तक भारत पहुंचकर आईपीएल में हिस्सा ले सकते हैं।

    फिटनेस नियम हुए और सख्त

    श्रीलंका क्रिकेट ने अपने फिटनेस मानकों को और कड़ा कर दिया है। अब सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट खिलाड़ियों को 20 मीटर स्प्रिंट, 5-0-5 एजिलिटी टेस्ट, काउंटर मूवमेंट जंप, 2 किलोमीटर दौड़ और स्किनफोल्ड टेस्ट पास करना अनिवार्य है। इन सभी टेस्ट में कुल 29 अंक होते हैं, जिनमें से कम से कम 17 अंक हासिल करना जरूरी है।

    घरेलू क्रिकेट में भी लागू नियम

    एसएलसी ने यह नया फिटनेस सिस्टम घरेलू टूर्नामेंट ‘नेशनल सुपर लीग’ में भी लागू कर दिया है। हालांकि, यहां नियम थोड़े आसान हैं, जिसमें खिलाड़ियों को 2 किलोमीटर दौड़ और स्किनफोल्ड टेस्ट पास करना होता है। इस टूर्नामेंट में 87 खिलाड़ियों में से 23 खिलाड़ी न्यूनतम फिटनेस मानकों को पूरा नहीं कर पाए हैं। इन खिलाड़ियों को 19 अप्रैल तक का समय दिया गया है।

    फेल होने पर क्या होगा असर?

    अगर खिलाड़ी तय समय तक फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर पाते, तो उन्हें मैच फीस नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, उनके भविष्य के चयन और टूर्नामेंट में भागीदारी पर भी असर पड़ सकता है।

    आईपीएल 2026 के बीच पथिराना और हसरंगा का फिटनेस टेस्ट न देना बड़ा मुद्दा बन गया है। उनकी फिटनेस और टेस्ट क्लियर करना न सिर्फ उनके आईपीएल करियर बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए भी बेहद अहम साबित होगा।

  • झुकते मकान को देख लोगों ने रोका रास्ता उज्जैन में महाकाल जाने वाले मार्ग पर बड़ा हादसा टला

    झुकते मकान को देख लोगों ने रोका रास्ता उज्जैन में महाकाल जाने वाले मार्ग पर बड़ा हादसा टला


    उज्जैन । मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन में सोमवार शाम एक बड़ा हादसा होते होते टल गया जब महाकाल मंदिर जाने वाले व्यस्त मार्ग पर स्थित एक तीन मंजिला मकान अचानक भरभराकर गिर गया। इस घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया है जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी लेकिन राहत की बात यह रही कि स्थानीय लोगों की सतर्कता और सूझबूझ के चलते किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

    यह घटना गेबी हनुमान क्षेत्र की है जो महाकाल मंदिर जाने वाले प्रमुख रास्तों में से एक माना जाता है। इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु गोपाल मंदिर, शिप्रा नदी और महाकाल मंदिर की ओर जाते हैं। ऐसे में यहां किसी भी तरह का हादसा बेहद गंभीर हो सकता था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाम करीब 6 बजे से ही मकान में दरारें और झुकाव साफ नजर आने लगा था। स्थानीय लोगों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत सड़क पर आवाजाही रोक दी और लोगों को उस क्षेत्र से दूर कर दिया। करीब 7 बजे मकान पूरी तरह ढह गया। अगर उस समय ट्रैफिक चालू रहता तो यह हादसा कई जिंदगियां लील सकता था।

    मकान मालिक मनोज भावसार और अली अजगर सहित अन्य रहवासियों ने आरोप लगाया है कि पास में पोकलेन मशीन से चल रही तोड़फोड़ के कारण मकान कमजोर हो गया था। उनका कहना है कि पिछले एक महीने से मकान की नींव में पानी भरने की समस्या भी बनी हुई थी जिसकी शिकायत कई बार की गई लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    वहीं नगर निगम का पक्ष इससे अलग है। निगम अधिकारियों का कहना है कि ढाबा रोड क्षेत्र में मार्ग चौड़ीकरण के तहत जर्जर भवन को पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ हटाया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि पूरी कार्रवाई बैरिकेडिंग और अधिकारियों की निगरानी में की जा रही थी ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।

    घटना के बाद पुलिस और नगर निगम की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और इलाके को पूरी तरह घेर लिया गया। मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है ताकि रास्ता जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। सीएसपी के अनुसार इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है जो कि सबसे बड़ी राहत की बात है।

    यह घटना एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में जर्जर इमारतों और निर्माण कार्यों की निगरानी पर सवाल खड़े करती है। हालांकि इस मामले में स्थानीय लोगों की जागरूकता ने बड़ी त्रासदी को टाल दिया लेकिन प्रशासन के लिए यह एक चेतावनी भी है कि ऐसे मामलों में समय रहते ठोस कदम उठाना कितना जरूरी होता है।

  • गैस संकट पर फूटा छात्रों का गुस्सा नर्मदापुरम में कलेक्ट्रेट के बाहर चूल्हा जलाकर किया विरोध

    गैस संकट पर फूटा छात्रों का गुस्सा नर्मदापुरम में कलेक्ट्रेट के बाहर चूल्हा जलाकर किया विरोध

    नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में रसोई गैस की किल्लत और कथित कालाबाजारी को लेकर छात्रों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बड़ी संख्या में छात्र सोमवार रात करीब 10 बजे अचानक कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंच गए और वहां अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्र अपने साथ सब्जी पोहा और चूल्हा लेकर आए थे और उन्होंने मौके पर ही खाना बनाना शुरू कर दिया जिससे प्रशासन भी हैरान रह गया।

    छात्रों का आरोप है कि शहर में एलपीजी सिलेंडर की भारी कमी है और इसका फायदा उठाकर कुछ लोग खुलेआम कालाबाजारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि जो सिलेंडर सामान्य रूप से करीब 900 रुपये में मिलता है उसे 3500 से 4000 रुपये तक में बेचा जा रहा है। इस वजह से किराए के कमरों में रहने वाले और सीमित संसाधनों में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए रोजमर्रा का जीवन बेहद कठिन हो गया है।

    प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और तहसीलदार सरिता मालवीय तथा शक्ति तोमर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को समझाने की कोशिश की और तत्काल राहत के तौर पर दीनदयाल रसोई योजना के तहत भोजन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा लेकिन छात्रों ने इसे साफ तौर पर ठुकरा दिया। उनका कहना था कि उन्हें मुफ्त भोजन नहीं बल्कि उचित कीमत पर गैस सिलेंडर चाहिए ताकि वे खुद अपना खाना बना सकें और सम्मानजनक तरीके से रह सकें।

    प्रदर्शन के दौरान यह बात भी सामने आई कि अधिकांश छात्र बाहरी जिलों से आकर यहां रह रहे हैं और उनके पास स्थानीय गैस एजेंसियों के कनेक्शन नहीं हैं। यही वजह है कि वे नियमित आपूर्ति से वंचित हैं और मजबूरी में महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदने को मजबूर हो रहे हैं।

    करीब एक घंटे तक चले इस विरोध के दौरान प्रशासन और छात्रों के बीच बातचीत हुई। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि जिन छात्रों के पास जिले के गैस कनेक्शन हैं वे अगले दिन अपनी बुक और डीएससी नंबर के साथ आएं उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा।इसी बीच स्थानीय कांग्रेस नेता Faizan ने आगे आकर छात्रों के भोजन की निजी व्यवस्था करने की बात कही जिसके बाद माहौल थोड़ा शांत हुआ और छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त करने का फैसला लिया।

    हालांकि छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गैस की किल्लत दूर नहीं की गई और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे और बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। यह घटना न केवल प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है बल्कि शहर में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

  • मैदान के असली फैसलेबाज़! जानिए IPL में सबसे ज्यादा मैचों में अंपायरिंग करने वाले 6 अंपायर

    मैदान के असली फैसलेबाज़! जानिए IPL में सबसे ज्यादा मैचों में अंपायरिंग करने वाले 6 अंपायर


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल सिर्फ खिलाड़ियों का ही नहीं, बल्कि अंपायरों का भी बड़ा मंच रहा है। हर मैच में सही फैसले लेने की जिम्मेदारी इन्हीं के कंधों पर होती है। आईपीएल के 19वें सीजन के बीच आज हम आपको उन अंपायरों के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने इस लीग के इतिहास में सबसे ज्यादा मुकाबलों में अंपायरिंग की है।

    संयुक्त रूप से नंबर-1: अनिल चौधरी और सुंदरम रवि

    आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा मुकाबलों में अंपायरिंग करने का रिकॉर्ड संयुक्त रूप से अनिल चौधरी और सुंदरम रवि के नाम दर्ज है। दोनों ने इस लीग में 131-131 मैचों में अंपायरिंग की है।अनिल चौधरी ने साल 2012 में आईपीएल में कदम रखा और लगातार अपनी सटीक फैसलों से पहचान बनाई। वहीं सुंदरम रवि ने 2009 में शुरुआत की और 2021 तक इस लीग में अहम भूमिका निभाई।

    दूसरे नंबर पर: नितिन मेनन

    इस सूची में दूसरे स्थान पर नितिन मेनन का नाम आता है। उन्होंने 2016 में आईपीएल में डेब्यू किया और अब तक 113 मुकाबलों में अंपायरिंग कर चुके हैं। नितिन मेनन अपनी तेज़ और सटीक निर्णय क्षमता के लिए जाने जाते हैं और आज के समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक भरोसेमंद अंपायर माने जाते हैं।

    तीसरे स्थान पर: कुमार धर्मसेन
    श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर और अंपायर कुमार धर्मसेना इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं। उन्होंने आईपीएल में 100 मुकाबलों में अंपायरिंग की है। धर्मसेना ने 2009 में इस लीग में अंपायरिंग की शुरुआत की थी और अपने अनुभव के दम पर कई बड़े मैचों में जिम्मेदारी संभाली है।

    चौथे नंबर पर: चेट्टीथोडी शमशुद्दीन

    चेट्टीथोडी शमशुद्दीन इस सूची में चौथे स्थान पर काबिज हैं। उन्होंने 2012 से आईपीएल में अंपायरिंग शुरू की और अब तक 89 मुकाबलों में अपनी भूमिका निभाई है। उनकी गिनती शांत स्वभाव और संतुलित फैसले लेने वाले अंपायरों में होती है।

    पांचवें स्थान पर: क्रिस गैफनी

    न्यूजीलैंड के क्रिस गैफनी इस सूची में पांचवें स्थान पर हैं। उन्होंने 2015 से आईपीएल में अंपायरिंग शुरू की और अब तक 83 मुकाबलों में अपनी सेवाएं दी हैं। गैफनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी एक अनुभवी अंपायर हैं और बड़े मैचों में उनकी उपस्थिति भरोसे का संकेत मानी जाती है।

    अंपायरिंग: खेल की रीढ़

    आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में अंपायरों की भूमिका बेहद अहम होती है। एक सही या गलत फैसला मैच का रुख बदल सकता है। यही वजह है कि इन अनुभवी अंपायरों को बार-बार बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं।

    आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा मुकाबलों में अंपायरिंग का रिकॉर्ड अनिल चौधरी और सुंदरम रवि के नाम है, जबकि नितिन मेनन, कुमार धर्मसेना, शमशुद्दीन और क्रिस गैफनी भी इस सूची में प्रमुख नाम हैं।

  • अजय सिंह को नहीं राज्यसभा में दिलचस्पी गोविंद सिंह की दो टूक क्रॉस वोटिंग पर भी जताई चिंता

    अजय सिंह को नहीं राज्यसभा में दिलचस्पी गोविंद सिंह की दो टूक क्रॉस वोटिंग पर भी जताई चिंता


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं और इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोविंद सिंह का बड़ा बयान सामने आया है जिसने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि पार्टी को ऐसे नेताओं को राज्यसभा भेजना चाहिए जिनका मजबूत जनाधार हो ताकि संगठन को मजबूती मिल सके और कार्यकर्ताओं में विश्वास बना रहे।

    डॉ गोविंद सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान के हाथ में होगा लेकिन उनकी राय में जमीनी पकड़ रखने वाले नेताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनके इस बयान को कांग्रेस के भीतर चल रही रणनीतिक चर्चाओं से जोड़कर देखा जा रहा है जहां उम्मीदवार चयन को लेकर मंथन जारी है।

    इसी दौरान जब पूर्व नेता अजय सिंह के राज्यसभा जाने की संभावना पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि अजय सिंह की इसमें कोई खास रुचि नहीं है। इस बयान ने अटकलों पर विराम लगा दिया और यह संकेत भी दिया कि पार्टी नए चेहरों या अलग समीकरणों पर विचार कर सकती है।

    क्रॉस वोटिंग के खतरे को लेकर भी डॉ गोविंद सिंह ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी लगातार विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से संवाद कर रहे हैं ताकि किसी भी तरह की असंतोष की स्थिति न बने और पार्टी एकजुट होकर चुनाव में उतरे। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इस तरह के चुनावों में सतर्कता बेहद जरूरी होती है।

    वहीं भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी इस बयान पर प्रतिक्रिया आई है। बीजेपी के मीडिया विभाग प्रमुख आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह उनके लिए आत्मचिंतन का विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब तक राज्यसभा भेजे गए नेताओं का जनाधार नहीं था और क्रॉस वोटिंग की आशंका कांग्रेस के आंतरिक हालात को दर्शाती है।

    अगर राज्यसभा की वर्तमान स्थिति की बात करें तो मध्य प्रदेश में कुल 11 सीटें हैं जिनमें से 8 पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है जबकि 3 सीटें इंडियन नेशनल कांग्रेस के पास हैं। इस साल तीन सीटें खाली हो रही हैं जिनमें से दो बीजेपी और एक कांग्रेस के हिस्से की है। इनमें से एक सीट पर वर्तमान में दिग्विजय सिंह का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। इसी दिन बीजेपी के सुमेर सिंह सोलंकी का कार्यकाल भी खत्म होगा जबकि एक अन्य सदस्य जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल जून 2026 में पूरा होगा।

    राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़ती हलचल यह संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश की राजनीति और अधिक दिलचस्प हो सकती है। कांग्रेस जहां अपने उम्मीदवार को लेकर रणनीति बना रही है वहीं बीजेपी भी अपने समीकरण साधने में जुटी हुई है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि पार्टियां किन चेहरों पर दांव लगाती हैं और क्या चुनाव बिना किसी अप्रत्याशित घटनाक्रम के संपन्न हो पाता है या नहीं।

  • बारिश ने रोका रोमांच! PBKS और KKR का मुकाबला रद्द, अंक हुए बराबर

    बारिश ने रोका रोमांच! PBKS और KKR का मुकाबला रद्द, अंक हुए बराबर


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 का रोमांच सोमवार को ईडन गार्डन्स में बारिश की भेंट चढ़ गया। कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स के बीच खेला गया 12वां मुकाबला बेनतीजा रहा, जिसके बाद दोनों टीमों को 1-1 अंक बांटे गए।

    इस मैच का नतीजा भले ही नहीं निकला, लेकिन अंक तालिका पर इसका बड़ा असर देखने को मिला। पंजाब किंग्स जहां शीर्ष स्थान पर पहुंच गई, वहीं केकेआर ने भी इस सीजन में अपना खाता खोल लिया।

    केकेआर की खराब शुरुआत, बार्टलेट का कहर

    मैच में अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में केकेआर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी, लेकिन शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। टीम को महज 12 रन के स्कोर पर पहला झटका लगा, जब फिन एलन 6 रन बनाकर आउट हो गए।

    इसके बाद बल्लेबाजी करने आए कैमरून ग्रीन भी ज्यादा देर टिक नहीं पाए। उन्होंने पहली गेंद पर चौका जरूर लगाया, लेकिन अगली ही गेंद पर कैच आउट हो गए।

    पंजाब के तेज गेंदबाज जैवियर बार्टलेट ने अपने पहले ही ओवर में 2 विकेट लेकर केकेआर की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

    रहाणे-रघुवंशी ने संभाली पारी, फिर आई बारिश

    शुरुआती झटकों के बाद कप्तान अजिंक्य रहाणे (नाबाद 8) और अंगकृष रघुवंशी (नाबाद 7) ने पारी को संभालने की कोशिश की।

    केकेआर ने 3.4 ओवर में 2 विकेट पर 25 रन बना लिए थे और टीम धीरे-धीरे मैच में वापसी कर रही थी। तभी अचानक तेज बारिश शुरू हो गई, जिसने खेल को रोक दिया।

    3 घंटे इंतजार के बाद रद्द हुआ मैच

    लगातार बारिश के कारण मैदान पूरी तरह गीला हो गया। रात करीब साढ़े दस बजे बारिश रुकी, लेकिन हालात खेलने लायक नहीं थे।

    अंपायर्स ने दोनों कप्तानों से चर्चा के बाद मैच को रद्द करने का फैसला लिया। अगर मुकाबला 5 ओवर तक होता, तो केकेआर को नुकसान हो सकता था, क्योंकि उनके पास कम ओवर और कम स्कोर था।

    अंक तालिका पर असर: पंजाब टॉप, केकेआर को राहत

    इस मुकाबले के बाद पंजाब किंग्स के 3 मैचों में 5 अंक हो गए हैं और टीम अंक तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है। टीम ने इससे पहले गुजरात टाइटन्स और चेन्नई सुपर किंग्स को हराया था।

    वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स को इस सीजन का पहला अंक मिला और टीम अब 8वें स्थान पर पहुंच गई है। इससे पहले केकेआर को मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।

    आगे के मुकाबले: नई रणनीति के साथ उतरेंगी टीमें

    अब पंजाब किंग्स अपना अगला मुकाबला 11 अप्रैल को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेलेगी। वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स 9 अप्रैल को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मैदान में उतरेगी।

  • IPL 2026 पॉइंट्स टेबल अपडेट: पंजाब किंग्स नंबर-1, केकेआर ने भी खोला जीत का खाता

    IPL 2026 पॉइंट्स टेबल अपडेट: पंजाब किंग्स नंबर-1, केकेआर ने भी खोला जीत का खाता


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में सोमवार को खेला गया मुकाबला बारिश की वजह से अधूरा रह गया, लेकिन इस एक मैच ने अंक तालिका का पूरा गणित बदल दिया। पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच ईडन गार्डन्स में खेला गया 12वां मुकाबला रद्द करना पड़ा। दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला, जिससे पंजाब किंग्स अंक तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई, जबकि केकेआर का भी इस सीजन में खाता खुल गया।

    केकेआर की खराब शुरुआत, पंजाब के गेंदबाज हावी

    मैच में अजिंक्य रहाणे की कप्तानी वाली केकेआर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने महज 3.2 ओवर में 25 रन पर अपने 2 विकेट गंवा दिए।

    ओपनर फिन एलन सिर्फ 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए, जबकि कैमरून ग्रीन का खराब फॉर्म जारी रहा और वह सिर्फ 4 रन ही बना सके। पंजाब के गेंदबाज शुरुआत से ही दबाव बनाए हुए थे और मैच पूरी तरह उनके नियंत्रण में नजर आ रहा था।

    बारिश बनी विलेन, मैच हुआ रद्द

    जैसे ही मैच रोमांचक मोड़ लेने वाला था, तभी तेज बारिश ने दस्तक दे दी। करीब 3 घंटे तक लगातार बारिश होती रही, जिससे मैदान पूरी तरह गीला हो गया।

    अंपायर्स ने हालात को देखते हुए आखिरकार मैच को रद्द करने का फैसला लिया। इसके बाद दोनों टीमों को एक-एक अंक देकर मुकाबले का अंत किया गया।

    अंक तालिका में पंजाब टॉप, केकेआर को राहत

    इस मुकाबले के बाद पंजाब किंग्स के 3 मैचों में 5 अंक हो गए हैं और टीम शीर्ष स्थान पर पहुंच गई है। कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में टीम शानदार प्रदर्शन कर रही है।

    वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स को इस सीजन का पहला अंक मिला और टीम अब अंक तालिका में 8वें स्थान पर है।

    बाकी टीमों का हाल: RCB दूसरे, CSK सबसे नीचे

    अंक तालिका में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गई है, जबकि राजस्थान रॉयल्स भी 4 अंकों के साथ तीसरे नंबर पर बनी हुई है।

    दिल्ली कैपिटल्स लगातार दो जीत के साथ चौथे स्थान पर है, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद पांचवें स्थान पर काबिज है।

    मुंबई इंडियंस 2 अंकों के साथ छठे और लखनऊ सुपर जायंट्स सातवें स्थान पर मौजूद है।

    वहीं गुजरात टाइटन्स और चेन्नई सुपर किंग्स अब तक जीत का खाता नहीं खोल पाए हैं। गुजरात 9वें और चेन्नई सबसे निचले 10वें स्थान पर है।

    आगे की राह: हर मैच होगा अहम

    आईपीएल 2026 में जैसे-जैसे मुकाबले आगे बढ़ रहे हैं, अंक तालिका में बदलाव तेज होता जा रहा है। पंजाब किंग्स ने जहां बढ़त बना ली है, वहीं बाकी टीमों के लिए हर मैच “करो या मरो” जैसा होता जा रहा है।