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  • Santoshi Mata Vrat: शुक्रवार को ऐसे रखें संतोषी माता का व्रत, जानें नियम और महत्व

    Santoshi Mata Vrat: शुक्रवार को ऐसे रखें संतोषी माता का व्रत, जानें नियम और महत्व


    नई दिल्ली। सनातन धर्म में शुक्रवार का दिन मां संतोषी की आराधना के लिए विशेष माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन और श्रद्धा के साथ मां संतोषी का व्रत रखते हैं, उनके जीवन से दुख, दरिद्रता और परेशानियां दूर हो जाती हैं। मां संतोषी को संतोष, धैर्य और प्रेम की देवी माना जाता है। कहा जाता है कि उनकी कृपा से घर में सुख-शांति, धन-धान्य और समृद्धि बनी रहती है।

    हिंदू मान्यताओं के अनुसार मां संतोषी भगवान गणेश की पुत्री हैं। शुक्रवार के दिन उनका व्रत रखने और विधि-विधान से पूजा करने से विशेष पुण्यफल प्राप्त होता है। खास बात यह है कि इस व्रत में खट्टी चीजों का सेवन पूरी तरह वर्जित माना गया है। भक्त माता को गुड़, चना, केला और सफेद मिठाई का भोग लगाते हैं।

    कैसे करें संतोषी माता की पूजा?
    व्रत वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के मंदिर या पूजा स्थान को अच्छी तरह साफ करके गंगाजल का छिड़काव करें। एक लकड़ी की चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाकर मां संतोषी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। माता को फूलों की माला अर्पित करें और सिंदूर, हल्दी तथा अक्षत चढ़ाएं।

    इसके बाद कलश स्थापना करें। कलश में जल भरकर आम के पत्ते रखें और उसके पास घी का दीपक जलाएं। पूजा में अगरबत्ती और धूप का प्रयोग करें। माता को गुड़ और भुने हुए चने का भोग लगाएं। पूजा के दौरान संतोषी माता की कथा सुनना या पढ़ना बेहद शुभ माना जाता है। अंत में माता की आरती करें और प्रसाद सभी में बांटें।

    व्रत के दौरान रखें इन बातों का ध्यान
    संतोषी माता के व्रत में खट्टी चीजें खाना पूरी तरह निषिद्ध माना गया है। व्रती को दिनभर संयम और शुद्धता बनाए रखनी चाहिए। कई लोग इस व्रत में केवल एक समय भोजन करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि लगातार 16 शुक्रवार तक यह व्रत करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

    क्या है इस व्रत का महत्व
    मान्यता है कि मां संतोषी का व्रत करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। अविवाहित कन्याओं को योग्य वर की प्राप्ति होती है, वहीं नौकरी और कारोबार में भी सफलता मिलने की मान्यता है। छात्र-छात्राओं के लिए भी यह व्रत शुभ माना जाता है, क्योंकि इससे शिक्षा और परीक्षा में सफलता प्राप्त होती है।

    धार्मिक विश्वास के अनुसार मां संतोषी अपने भक्तों की हर इच्छा पूरी करती हैं और जीवन में संतोष का भाव बनाए रखती हैं। इसलिए शुक्रवार का यह व्रत आस्था और विश्वास का प्रतीक माना जाता है।

  • शुक्रवार का व्रत दूर करता है कई दोष, सही समय पर शुरुआत से मिलता है विशेष फल

    शुक्रवार का व्रत दूर करता है कई दोष, सही समय पर शुरुआत से मिलता है विशेष फल


    नई दिल्ली। सनातन धर्म में शुक्रवार का विशेष महत्व माना गया है। यह दिन धन और ऐश्वर्य की देवी शुक्रवार व्रत तथा मां संतोषी की पूजा के लिए समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत रखने से जीवन में आर्थिक उन्नति, वैवाहिक सुख और मानसिक शांति प्राप्त होती है। साथ ही शुक्र ग्रह से जुड़े दोष भी कम होते हैं।

    कब शुरू करें शुक्रवार व्रत?
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार व्रत किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के पहले शुक्रवार से शुरू करना शुभ माना जाता है। सामान्यतः यह व्रत लगातार 16 शुक्रवार तक रखा जाता है, जिसके बाद विधिपूर्वक उद्यापन किया जाता है।

    शुक्रवार व्रत की पूजा विध
    सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद लाल वस्त्र बिछाकर मां लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। घी का दीपक जलाएं और फूल, अक्षत, चंदन, कुमकुम तथा मिठाई अर्पित करें।

    पूजा के दौरान ये मंत्र विशेष फलदायी माने जाते हैं-

    “ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”
    “विष्णुप्रियाय नमः”
    इसके साथ ‘श्री सूक्त’ और ‘कनकधारा स्तोत्र’ का पाठ करना भी शुभ माना जाता है।

    संतोषी माता व्रत में रखें ये सावधानी
    यदि आप मां संतोषी का व्रत रखते हैं तो खट्टी चीजों का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। व्रत के दौरान मीठे भोजन जैसे खीर-पूरी का सेवन किया जा सकता है। घर में तामसिक भोजन जैसे प्याज, लहसुन, मांस और मदिरा से भी परहेज करना चाहिए।

    क्या मिलता है शुक्रवार व्रत का फल
    मान्यता है कि नियमित रूप से शुक्रवार व्रत करने पर-

    धन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं
    वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है
    शुक्र ग्रह मजबूत होता है
    घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है
    मनोकामनाओं की पूर्ति होती है
    गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या दान देने से व्रत का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है।

  • प्रकृति प्रेमियों के लिए जन्नत हैं नॉर्थ-ईस्ट के ये हिल स्टेशन, एक बार जरूर जाएं

    प्रकृति प्रेमियों के लिए जन्नत हैं नॉर्थ-ईस्ट के ये हिल स्टेशन, एक बार जरूर जाएं


    नई दिल्ली। भारत का नॉर्थ-ईस्ट अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, शांत माहौल और अनोखी संस्कृति के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। यहां की पहाड़ियां, बादलों से ढकी वादियां, झरने और हरियाली किसी जन्नत से कम नहीं लगतीं। गर्मियों में जब मैदानी इलाकों में तेज गर्मी लोगों को परेशान करती है, तब नॉर्थ-ईस्ट के हिल स्टेशन ठंडी हवा और सुकून भरे माहौल से यात्रियों को अपनी ओर खींच लेते हैं। यहां की यात्रा सिर्फ घूमने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि रास्तों की खूबसूरती, लोकल संस्कृति और मौसम हर पल को खास बना देते हैं। अगर आप भी इस बार कुछ अलग और यादगार ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो नॉर्थ-ईस्ट इंडिया के ये 10 हिल स्टेशन आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होने चाहिए।

    Shillong बादलों और बारिश का खूबसूरत शहर
    मेघालय की राजधानी Shillong आज भी अपने पुराने ब्रिटिश हिल स्टेशन वाले अंदाज को संभाले हुए है। पाइन के पेड़, हल्की बारिश और छोटे-छोटे कैफे इस शहर को बेहद खास बनाते हैं। गर्मियों में यहां का मौसम काफी सुहावना रहता है और हर तरफ फैली हरियाली मन को सुकून देती है।

    Gangtok  पहाड़ों के बीच बसा शांत शहर
    Gangtok अपने साफ-सुथरे माहौल, शांत सड़कों और खूबसूरत मठों के लिए मशहूर है। शाम के समय धुंध पूरे शहर को ढक लेती है, जिससे इसकी खूबसूरती और बढ़ जाती है। यहां का लोकल बाजार और पहाड़ी कैफे भी पर्यटकों को खूब पसंद आते हैं।

    Tawang सुकून और आध्यात्म का अनोखा संगम
    अरुणाचल प्रदेश का Tawang पहुंचने में समय जरूर लगता है, लेकिन यहां की खूबसूरती सफर की सारी थकान मिटा देती है। ऊंचे पहाड़, बदलता मौसम और यहां का प्रसिद्ध मठ इसे बेहद खास बनाते हैं। यहां की शांति लोगों को शहरों की भागदौड़ से दूर ले जाती है।

    Ziro Valley प्रकृति और संस्कृति का मेल
    Ziro Valley अपनी प्राकृतिक सुंदरता और लोकल संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। धान के खेत, पाइन के जंगल और शांत वातावरण यहां आने वाले लोगों को अलग ही अनुभव देते हैं।

    Cherrapunji  बारिश और बादलों की दुनिया
    Cherrapunji सिर्फ बारिश के लिए ही नहीं, बल्कि अपने खूबसूरत रूट ब्रिज और बादलों से ढकी पहाड़ियों के लिए भी मशहूर है। गर्मियों में यहां का मौसम बेहद रोमांटिक और ठंडा रहता है।

    Haflong भीड़ से दूर सुकून भरी जगह
    असम का Haflong कम चर्चित जरूर है, लेकिन इसकी यही खासियत इसे खास बनाती है। झीलों और हरियाली से घिरा यह छोटा हिल स्टेशन शांत माहौल पसंद करने वालों के लिए बेहतरीन जगह है।

    Pelling कंचनजंगा का शानदार नजारा
    Pelling उन लोगों के लिए परफेक्ट जगह है, जो पहाड़ों के बीच शांति का अनुभव करना चाहते हैं। यहां से कंचनजंगा की बर्फीली चोटियां बेहद खूबसूरत दिखाई देती हैं।

    Kalimpong शांत और खूबसूरत पहाड़ी शहर
    Kalimpong दार्जिलिंग की तुलना में कम भीड़भाड़ वाला और ज्यादा शांत माना जाता है। यहां के पुराने चर्च, मठ और पहाड़ी बाजार पर्यटकों को काफी आकर्षित करते हैं।

    Aizawl पहाड़ियों पर बसा खूबसूरत शहर
    मिजोरम की राजधानी Aizawl अपनी ढलानों पर बने घरों और धुंध से ढकी पहाड़ियों के लिए जानी जाती है। यहां का शांत माहौल यात्रियों को काफी पसंद आता है।

    Darjeeling चाय बागानों और टॉय ट्रेन का शहर
    Darjeeling आज भी भारत के सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में शामिल है। चाय बागान, टॉय ट्रेन और हिमालय के खूबसूरत नजारे इसे खास बनाते हैं। सुबह के समय यहां की वादियां किसी सपने जैसी लगती हैं।

  • समर स्पेशल हेल्दी टी: शरीर को रखे ठंडा और दिमाग को शांत

    समर स्पेशल हेल्दी टी: शरीर को रखे ठंडा और दिमाग को शांत


    नई दिल्ली। भीषण गर्मी के मौसम में शरीर में थकान, बेचैनी, तनाव और पाचन संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं। ऐसे में गुड़हल की चाय एक बेहतरीन नेचुरल ड्रिंक साबित हो सकती है। लाल रंग के खूबसूरत गुड़हल के फूलों से तैयार यह हर्बल चाय न सिर्फ शरीर को ठंडक पहुंचाती है, बल्कि मानसिक तनाव कम करने और कई स्वास्थ्य समस्याओं से राहत दिलाने में भी मदद करती है।

    आयुर्वेद में भी गुड़हल को औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय भी गुड़हल की चाय को स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बता चुका है। गर्मियों में इसका सेवन शरीर और मन दोनों को शीतल रखने में सहायक माना जाता है।

    ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मददगार
    गुड़हल की चाय हाई ब्लड प्रेशर से परेशान लोगों के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व रक्त वाहिकाओं को आराम पहुंचाते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। इसके एंटीऑक्सीडेंट बैड कोलेस्ट्रॉल कम करने में भी सहायक होते हैं, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा घट सकता है।

    वजन घटाने में भी असरदा
    अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो गुड़हल की चाय आपकी डाइट का अच्छा हिस्सा बन सकती है। यह मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करती है और शरीर में जमा अतिरिक्त पानी व नमक बाहर निकालने में सहायक होती है। कम कैलोरी होने की वजह से यह फिटनेस पसंद लोगों के लिए बेहतर विकल्प मानी जाती है।

    डायबिटीज और इम्युनिटी के लिए भी फायदेमंद
    गुड़हल की चाय ब्लड शुगर को संतुलित रखने में भी मदद कर सकती है। यह इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाने में सहायक मानी जाती है। इसके अलावा यह लिवर को स्वस्थ रखने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में भी उपयोगी बताई जाती है।

    ऐसे बनाएं गुड़हल की चाय
    सूखे गुड़हल के फूल लें
    इन्हें गर्म पानी में 5 से 7 मिनट तक उबालें या भिगो दें
    स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ा शहद या नींबू मिला सकते हैं
    दिन में 1 से 2 कप गुड़हल की चाय पर्याप्त मानी जाती है।

    इन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी
    गर्भवती महिलाएं
    लो ब्लड प्रेशर वाले लोग
    नियमित दवाइयां लेने वाले मरीज

  • कितना खतरनाक है नोरो वायरस? जानें इसके लक्षण, फैलने का तरीका और बचाव

    कितना खतरनाक है नोरो वायरस? जानें इसके लक्षण, फैलने का तरीका और बचाव

    नई दिल्ली। दुनिया अभी कोरोना वायरस और दूसरे संक्रमणों के असर से पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थी कि अब एक और तेजी से फैलने वाला संक्रमण लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। इस वायरस का नाम है Norovirus, जिसे दुनिया के सबसे संक्रामक पेट संबंधी संक्रमणों में गिना जाता है। यह वायरस अचानक उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कमजोरी जैसी गंभीर समस्याएं पैदा करता है। हाल ही में कैरेबियन प्रिंसेस क्रूज शिप पर इसके फैलने से 100 से ज्यादा यात्री और क्रू मेंबर बीमार पड़ गए, जिसके बाद यह संक्रमण फिर चर्चा में आ गया है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक Norovirus पेट और आंतों में संक्रमण फैलाने वाला बेहद संक्रामक वायरस है। यह खासतौर पर भीड़भाड़ और बंद जगहों में तेजी से फैलता है। स्कूल, अस्पताल, हॉस्टल, नर्सिंग होम और क्रूज शिप जैसी जगहों पर इसके मामले अचानक बढ़ जाते हैं। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने, दूषित खाना खाने या गंदा पानी पीने से यह वायरस आसानी से फैल सकता है।

    इस संक्रमण के लक्षण अचानक दिखाई देते हैं। मरीज को तेज उल्टी, बार-बार दस्त, मतली और पेट में मरोड़ की शिकायत होती है। कई लोगों में बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द और ठंड लगने जैसे लक्षण भी देखने को मिलते हैं। डॉक्टरों के अनुसार संक्रमण के 12 से 48 घंटे के भीतर इसके लक्षण नजर आने लगते हैं। आमतौर पर मरीज 1 से 3 दिन में ठीक हो जाता है, लेकिन इस दौरान शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का खतरा तेजी से बढ़ जाता है।

    लगातार उल्टी और दस्त के कारण शरीर तेजी से पानी खोने लगता है, जिससे कमजोरी, चक्कर आना, मुंह सूखना और पेशाब कम होना जैसे संकेत दिखाई देते हैं। छोटे बच्चों में रोते समय आंसू कम आना और अत्यधिक नींद आना भी डिहाइड्रेशन के संकेत माने जाते हैं। यही वजह है कि यह संक्रमण बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक माना जाता है।

    अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी Centers for Disease Control and Prevention यानी CDC के मुताबिक हर साल दुनियाभर में करीब 68 करोड़ से ज्यादा लोग इस संक्रमण की चपेट में आते हैं। इनमें बड़ी संख्या पांच साल से कम उम्र के बच्चों की होती है। रिपोर्ट्स के अनुसार हर साल हजारों बच्चों की मौत डिहाइड्रेशन और इलाज की कमी के कारण हो जाती है।

    विशेषज्ञ बताते हैं कि Norovirus के कई प्रकार होते हैं, इसलिए एक बार संक्रमित होने के बाद भी व्यक्ति दोबारा इसकी चपेट में आ सकता है। फिलहाल इस वायरस की कोई खास वैक्सीन या दवा उपलब्ध नहीं है। एंटीबायोटिक दवाएं भी इस पर असर नहीं करतीं, क्योंकि यह बैक्टीरिया नहीं बल्कि वायरस से होने वाला संक्रमण है।

    इससे बचाव के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। बाहर का दूषित खाना खाने से बचें, हाथों को बार-बार साबुन से धोएं और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से दूरी बनाए रखें। डॉक्टर मरीजों को ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लेने और पर्याप्त आराम करने की सलाह देते हैं। अगर उल्टी-दस्त लंबे समय तक जारी रहें या शरीर में पानी की कमी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

  • स्किन केयर में बेसन का कमाल: इन 3 तरीकों से इस्तेमाल कर बढ़ाएं चेहरे की चमक

    स्किन केयर में बेसन का कमाल: इन 3 तरीकों से इस्तेमाल कर बढ़ाएं चेहरे की चमक


    नई दिल्ली। रसोई में आसानी से मिलने वाला बेसन सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि त्वचा की खूबसूरती निखारने में भी बेहद असरदार माना जाता है। बेसन में मौजूद एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को साफ, चमकदार और हेल्दी बनाने में मदद करते हैं। अगर चेहरे पर दाग-धब्बे, टैनिंग, मुंहासे या रूखापन परेशान कर रहा है, तो बेसन के ये घरेलू फेस पैक आपकी स्किन को नेचुरल ग्लो दे सकते हैं।

    1. बेसन और हल्दी फेस पैक
    अगर चेहरे पर मुंहासे, पिंपल्स और दाग-धब्बों की समस्या है, तो बेसन और हल्दी का फेस पैक काफी फायदेमंद हो सकता है।

    कैसे बनाएं
    2 चम्मच बेसन लें
    इसमें चुटकीभर हल्दी मिलाएं
    कुछ बूंदें नींबू का रस डालें
    सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स कर लें
    लगाने का तरीका
    इस पेस्ट को चेहरे पर 15 मिनट तक लगाकर रखें। फिर साफ पानी से चेहरा धो लें।

    फायदे
    चेहरे की रंगत निखारता है
    एक्ने और पिंपल्स कम करने में मदद करता है
    दाग-धब्बों को हल्का करता है
    स्किन को नेचुरल चमक देता है

    हफ्ते में 2 से 3 बार इस्तेमाल करें।

    2. बेसन और शहद फेस पैक

    ड्राई और बेजान त्वचा के लिए बेसन और शहद का फेस पैक बेहद असरदार माना जाता है।
    कैसे बनाएं
    2 चम्मच बेसन
    1 चम्मच शहद
    दोनों को अच्छी तरह मिलाकर स्मूद पेस्ट तैयार करें।
    लगाने का तरीका
    इस फेस पैक को चेहरे पर 15-20 मिनट तक लगाएं और फिर पानी से धो लें।

    फायदे
    त्वचा को मॉइश्चराइज करता है
    टैनिंग कम करने में मदद करता है
    स्किन को मुलायम और ग्लोइंग बनाता है
    चेहरे की डलनेस दूर करता है

    बेहतर रिजल्ट के लिए इसे हफ्ते में 2-3 बार लगाएं।

    3. बेसन और मलाई फेस पैक

    अगर त्वचा रूखी और बेजान नजर आती है, तो बेसन और मलाई का फेस पैक स्किन को पोषण देने में मदद कर सकता है।

    कैसे बनाएं
    2 चम्मच बेसन
    1 चम्मच मलाई
    आधा चम्मच अखरोट पाउडर
    कुछ बूंदें गुलाब जल
    इन सभी चीजों को मिलाकर पेस्ट तैयार करें।

    लगाने का तरीका
    चेहरे पर लगाकर हल्के हाथों से स्क्रब करें और 10-15 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें।

    फायदे
    स्किन ड्राईनेस दूर करता है
    डेड स्किन हटाने में मदद करता है
    चेहरे की रंगत निखारता है
    त्वचा को सॉफ्ट और स्मूद बनाता है
    इस फेस पैक का इस्तेमाल सप्ताह में 2 बार किया जा सकता है।

    ध्यान रखें
    किसी भी फेस पैक को लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें।
    अगर त्वचा बहुत संवेदनशील है, तो नींबू का इस्तेमाल कम करें।
    फेस पैक लगाने के बाद मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं।

  • स्क्रीन की लत बिगाड़ सकती है आपकी सेहत, आज ही सुधारें स्लीप साइकिल वरना होगा नुकसान

    स्क्रीन की लत बिगाड़ सकती है आपकी सेहत, आज ही सुधारें स्लीप साइकिल वरना होगा नुकसान


    नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी लोगों की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऑफिस में घंटों कंप्यूटर स्क्रीन पर काम करने के बाद भी लोग घर पहुंचकर सोशल मीडिया, वीडियो और चैटिंग में व्यस्त हो जाते हैं। धीरे-धीरे यह आदत शरीर और दिमाग दोनों पर असर डालने लगती है। लगातार बढ़ता स्क्रीन टाइम न सिर्फ आंखों को थकाता है, बल्कि इंसान की स्लीप साइकिल भी खराब कर देता है। यही वजह है कि आजकल बड़ी संख्या में लोग अनिद्रा, थकान और चिड़चिड़ेपन जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार मोबाइल और लैपटॉप से निकलने वाली ब्लू लाइट नींद की सबसे बड़ी दुश्मन बनती जा रही है। यह रोशनी दिमाग को यह संकेत देती है कि अभी दिन का समय है, जिससे शरीर सही तरीके से “स्लीप मोड” में नहीं जा पाता। आमतौर पर रात के समय शरीर मेलाटोनिन नाम का हार्मोन बनाता है, जो नींद लाने में मदद करता है, लेकिन देर रात तक स्क्रीन देखने से इस हार्मोन का स्तर कम होने लगता है। इसका नतीजा यह होता है कि इंसान बिस्तर पर जाने के बाद भी लंबे समय तक सो नहीं पाता और करवटें बदलता रहता है।

    लगातार खराब नींद का असर धीरे-धीरे पूरे शरीर पर दिखाई देने लगता है। सुबह उठने पर शरीर थका हुआ महसूस होता है, आंखों में जलन और सिर भारी रहने जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। इतना ही नहीं, नींद पूरी न होने से दिनभर सुस्ती बनी रहती है और काम में ध्यान लगाना मुश्किल हो जाता है। कई लोग ऑफिस में बैठे-बैठे जम्हाई लेते नजर आते हैं, क्योंकि उनका दिमाग पूरी तरह आराम नहीं कर पाता। लंबे समय तक खराब स्लीप साइकिल रहने से मानसिक तनाव, कमजोरी और याददाश्त पर भी असर पड़ सकता है।

    विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि लगातार नींद की कमी दिल और दिमाग से जुड़ी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ा सकती है। देर रात तक मोबाइल इस्तेमाल करने वाले लोगों का पूरा रूटीन बिगड़ने लगता है। वे सुबह समय पर उठ नहीं पाते, जिससे दिनभर थकान और चिड़चिड़ापन बना रहता है। यही कारण है कि डॉक्टर हमेशा सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करने की सलाह देते हैं।

    अगर आप भी देर रात तक फोन चलाने की आदत से परेशान हैं, तो कुछ आसान बदलाव आपकी मदद कर सकते हैं। कोशिश करें कि सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल और लैपटॉप से दूरी बना लें। रात में हल्की रोशनी रखें और बेवजह सोशल मीडिया स्क्रॉल करने से बचें। अगर काम की वजह से लंबे समय तक स्क्रीन देखना जरूरी हो, तो हर 20 से 30 मिनट बाद आंखों को कुछ सेकंड का आराम जरूर दें।

    इसके अलावा सोने से पहले किताब पढ़ना, हल्का संगीत सुनना या परिवार के साथ समय बिताना दिमाग को शांत करने में मदद करता है। डॉक्टरों के मुताबिक हर व्यक्ति को रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए, क्योंकि अच्छी नींद ही शरीर को नई ऊर्जा देती है। इसलिए आज से ही अपनी स्लीप साइकिल सुधारने की कोशिश शुरू करें, वरना छोटी सी लापरवाही आगे चलकर बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन सकती है।

  • मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के आसान उपाय: शुक्रवार को जरूर करें इन वस्तुओं का दान

    मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के आसान उपाय: शुक्रवार को जरूर करें इन वस्तुओं का दान


    नई दिल्ली। सनातन धर्म में शुक्रवार का विशेष महत्व माना गया है। यह दिन धन, वैभव और ऐश्वर्य की देवी मां लक्ष्मी पूजा को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार के दिन पूजा-पाठ, व्रत और दान करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। खासतौर पर शुक्र ग्रह को मजबूत करने और वैवाहिक जीवन की परेशानियां दूर करने के लिए यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है।

    शुक्रवार को करें इन चीजों का दान-


    श्रृंगार सामग्री का दा
    शुक्रवार के दिन सुहागिन महिलाओं को चूड़ियां, सिंदूर, कुमकुम, साड़ी और अन्य श्रृंगार सामग्री दान करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन-संपत्ति का वास होता है।

    सफेद वस्त्र दान करें
    धार्मिक मान्यता के अनुसार जरूरतमंद या विधवा महिलाओं को सफेद कपड़े दान करने से सौभाग्य और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।

    नमक का दान
    शुक्रवार को नमक दान करना शुक्र ग्रह से जुड़े दोषों को कम करने वाला माना गया है। कहा जाता है कि इससे आर्थिक संकट और पारिवारिक तनाव कम होते हैं।

    पुराने जूते और किताबें
    गरीब और जरूरतमंद लोगों को पुराने जूते या किताबें दान करने से रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं और बिगड़ी किस्मत भी संवर सकती है।

    रेशमी वस्त्र और चादरें
    रेशमी कपड़े, चादरें या उपयोगी वस्त्र दान करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और दांपत्य जीवन में मधुरता आती है।

    शुक्रवार को क्या न करें?
    घर में रद्दी और खराब कागज जमा करके न रखें
    तामसिक भोजन और नकारात्मक सोच से बचें
    किसी का अपमान या झूठ बोलने से परहेज करें
    मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के आसान उपाय
    शाम को घर के मंदिर में घी का दीपक जलाएं
    कमल के फूल से मां लक्ष्मी की पूजा करें
    “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का जाप करें
    गरीबों को भोजन और सफेद मिठाई का दान करें

    मान्यता है कि सच्चे मन और श्रद्धा से किए गए शुक्रवार के उपाय व्यक्ति के जीवन में धन, सुख और समृद्धि के नए रास्ते खोलते हैं।

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    आज का दिन ऊर्जा से भरपूर रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी। परिवार में किसी बात को लेकर तनाव हो सकता है, इसलिए वाणी पर संयम रखें। धन लाभ के योग बन रहे हैं।

    वृषभ राशि
    आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। निवेश सोच-समझकर करें। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।

    मिथुन राशि
    आज पुराने रुके काम पूरे होने के संकेत हैं। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल रहेगा। दोस्तों के साथ अच्छा समय बितेगा। यात्रा के योग बन सकते हैं।

    कर्क राशि
    भावनात्मक फैसले लेने से बचें। परिवार में किसी सदस्य की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। कार्यक्षेत्र में धैर्य बनाए रखें। शाम तक राहत मिलेगी।

    सिंह राशि
    करियर में सफलता के संकेत हैं। अधिकारियों से सहयोग मिलेगा। व्यापार में लाभ हो सकता है। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी।

    कन्या राशि
    आज खर्च बढ़ सकते हैं। सेहत का ध्यान रखें और खानपान में लापरवाही न करें। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है।

    तुला राशि
    नया काम शुरू करने के लिए दिन शुभ है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कोर्ट-कचहरी के मामलों में राहत मिल सकती है।

    वृश्चिक राशि
    आज आपकी वाहन खरीदने की इच्छा पूरी हो सकती है। नौकरी और व्यापार दोनों में लाभ के संकेत हैं। परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा। निवेश के लिए समय अच्छा है।

    धनु राशि
    धनु राशि वालों को आज बड़ी राहत मिल सकती है। पुराने कर्ज से मुक्ति मिलने के योग हैं। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। करियर में नई संभावनाएं बनेंगी।

    मकर राशि
    काम का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन मेहनत का फायदा मिलेगा। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह लाभदायक रहेगी।

    कुंभ राशि
    आज का दिन सामान्य रहेगा। किसी नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर सकते हैं। छात्रों को सफलता मिलने के संकेत हैं। मानसिक तनाव कम होगा।

    मीन राशि
    धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। यात्रा के योग बन रहे हैं। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी।

  • साफ़ और चमकदार त्वचा के लिए रोज़ाना करें सब्जा सीड्स का सेवन

    साफ़ और चमकदार त्वचा के लिए रोज़ाना करें सब्जा सीड्स का सेवन


    नई दिल्ली। सब्जा सीड्स आजकल नेचुरल स्किनकेयर का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ये छोटे काले बीज सिर्फ शरीर को ठंडक ही नहीं देते, बल्कि त्वचा की कई समस्याओं को भी कम करने में मदद करते हैं। नियमित सेवन से स्किन अंदर से हेल्दी और चमकदार बन सकती है।

    त्वचा के लिए क्यों फायदेमंद हैं सब्जा सीड्स?
    सब्जा सीड्स में फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व त्वचा को पोषण देने के साथ सेल रिपेयर में मदद करते हैं।

    मुंहासों और पिंपल्स में राहत
    सब्जा सीड्स में मौजूद डिटॉक्सिफाइंग गुण शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में मदद करते हैं। इससे बार-बार होने वाले पिंपल्स और ब्रेकआउट्स की समस्या कम हो सकती है। इनके एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण त्वचा की लालिमा और सूजन भी घटाते हैं।

    स्किन को रखते हैं हाइड्रेट
    पानी में भिगोने पर सब्जा सीड्स जेल जैसी परत बना लेते हैं, जो शरीर में नमी बनाए रखने में मदद करती है। बेहतर हाइड्रेशन का असर त्वचा पर भी दिखता है और स्किन मुलायम व फ्रेश नजर आती है।

    बढ़ाते हैं नैचुरल ग्ल
    इन बीजों में मौजूद फ्लेवोनॉइड्स और एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं। इससे त्वचा की डलनेस कम होती है और स्किन ज्यादा ब्राइट व स्मूद दिखाई देती है।

    एंटी-एजिंग में मददगार
    सब्जा सीड्स में पाए जाने वाले पॉलीफेनॉल्स त्वचा को समय से पहले बूढ़ा होने से बचाने में मदद करते हैं। नियमित सेवन से फाइन लाइन्स और झुर्रियों की समस्या कम हो सकती है।

    सूजन और जलन में राहत
    इनकी ठंडी तासीर त्वचा की जलन, रैशेज और सनबर्न जैसी समस्याओं में राहत पहुंचा सकती है। यह स्किन को शांत और रिलैक्स महसूस कराने में सहायक माने जाते हैं।

    कैसे करें सेवन?
    रातभर पानी में भिगोकर सुबह सेवन करें
    नींबू पानी, दूध या स्मूदी में मिलाकर पी सकते हैं
    फालूदा, शरबत और दही में भी उपयोग किया जाता है

    ध्यान रखने वाली बातें
    सीमित मात्रा में ही सेवन करें
    किसी एलर्जी या गंभीर बीमारी की स्थिति में डॉक्टर की सलाह लें
    छोटे बच्चों को देने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श करें