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  • छात्रा और अस्पताल अटेंडर ने की आत्महत्या, कारणों की तलाश में जुटी पुलिस

    छात्रा और अस्पताल अटेंडर ने की आत्महत्या, कारणों की तलाश में जुटी पुलिस


    नई दिल्ली । अशोका गार्डन थाना क्षेत्र की ग्रीन पार्क कॉलोनी में 19 वर्षीय ख्याति जैन, जो बीए की छात्रा थी, ने आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि जब उसकी मां किसी काम से बाहर गई हुई थी, उसी दौरान उसने यह कदम उठाया।
    ब्लेड से काटी नस
    छात्रा ने ब्लेड से अपने हाथ की नस काट ली, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
    पुलिस जांच शुरू
    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। कमरे की तलाशी में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर जांच शुरू कर दी है।

    खजूरी सड़क में अस्पताल अटेंडर ने लगाई फांसी
    23 वर्षीय युवक ने दी जान
    खजूरी सड़क थाना क्षेत्र के भैंसाखेड़ी में 23 वर्षीय राकेश मेहरा, जो एक अस्पताल में अटेंडर के रूप में कार्यरत था, ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

    घर में मिला शव
    पुलिस के अनुसार, राकेश ने सोमवार सुबह अपने घर में फांसी लगाई। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
    कारण अज्ञात
    मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।

    पुलिस की जांच जारी, कारणों की तलाश
    दोनों ही मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। परिजनों के बयान और मोबाइल डेटा की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

    भोपाल में सामने आई ये दोनों घटनाएं मानसिक तनाव और सामाजिक परिस्थितियों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक कारण सामने आ सकेंगे।

  • भोपाल में दिल दहला देने वाली वारदात, बाइक विवाद में बीच-बचाव करने वाले युवक पर चाकू से हमला

    भोपाल में दिल दहला देने वाली वारदात, बाइक विवाद में बीच-बचाव करने वाले युवक पर चाकू से हमला


    नई दिल्ली । भोपाल के छोला मंदिर क्षेत्र में एक मामूली सड़क हादसा बड़ी हिंसक घटना में बदल गया। रविवार शाम करीब 7:30 बजे नितिन लोधी की बाइक एक नाबालिग से टकरा गई। इसी बात को लेकर मौके पर कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। नाबालिग के साथ आए दीपक ठाकुर और उसके साथियों ने नितिन से बहस शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ती देख चचेरे भाई अजय लोधी मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराने की कोशिश की।

    बीच-बचाव करने पर दी धमकी
    अजय लोधी ने झगड़े को खत्म कराने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि इसी दौरान दीपक ठाकुर ने उसे धमकी दे दी। उस समय तो मामला शांत हो गया, लेकिन तनाव बना रहा।

    रात में फिर भड़का विवाद, मारपीट में बदला मामला
    कुछ घंटों बाद दोनों पक्ष रासलाखेड़ी इलाके में फिर आमने-सामने आ गए। इस बार विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों तरफ से मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान दीपक ठाकुर और उसके साथियों ने मिलकर अजय लोधी पर हमला कर दिया।

     चाकू से हमला, पेट में गंभीर चोट
    हमले के दौरान अजय के पेट में चाकू घोंप दिया गया। चोट इतनी गंभीर थी कि उसकी आंतें बाहर आ गईं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया।

    इलाज के दौरान मौत, परिवार में मातम
    अजय लोधी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने लगातार इलाज किया। हालांकि, मंगलवार तड़के उसकी मौत हो गई। इस घटना से परिवार और इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है।

    पुलिस कार्रवाई: हत्या का केस दर्ज, दो गिरफ्तार
    शुरुआत में पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था, लेकिन मौत के बाद इसे हत्या में बदल दिया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी दीपक ठाकुर और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और पूछताछ की जा रही है।

    ग्वालियर की घटना ने भी बढ़ाई चिंता
    इसी तरह की एक और घटना में ग्वालियर में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी गई। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हमलावरों द्वारा लगातार लाठियां बरसाई जा रही हैं।

    भोपाल की यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि छोटे विवाद कैसे जानलेवा रूप ले सकते हैं। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।

  • शादी के 14 दिन बाद झांसी में नवविवाहिता की रहस्यमयी मौत, छत से गिरने पर उठा सवाल, पुलिस जांच तेज

    शादी के 14 दिन बाद झांसी में नवविवाहिता की रहस्यमयी मौत, छत से गिरने पर उठा सवाल, पुलिस जांच तेज



    नई दिल्ली। झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र में शादी के महज 14 दिन बाद एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया है। घटना मिशन कंपाउंड इलाके की है, जहां दूसरी मंजिल से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई।

    जानकारी के अनुसार, मृतका प्रियंका मिश्रा (30) गोरखपुर की रहने वाली थी और उसकी शादी 28 अप्रैल को झांसी निवासी शुभम से हुई थी। परिजनों के मुताबिक, सोमवार को घर में एक पारिवारिक कार्यक्रम चल रहा था, इसी दौरान प्रियंका दूसरी मंजिल से नीचे गिर गई और गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    पति शुभम का कहना है कि प्रियंका छत की मुंडेर पर बैठी थी और उसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर गई। वहीं परिवार का दावा है कि यह एक हादसा था, जबकि मायके पक्ष ने मामले पर संदेह जताते हुए जांच की मांग की है।

    मृतका बीएड की पढ़ाई कर चुकी थी और उसकी मुलाकात पति शुभम से करीब डेढ़ साल पहले एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए हुई थी। दोनों परिवारों की सहमति के बाद हाल ही में विवाह हुआ था।

    घटना की सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पति समेत परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।

  • समुद्री कारोबार में अदाणी ग्रुप की बड़ी तैयारी, अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी के साथ समझौते से बढ़ेगी ताकत

    समुद्री कारोबार में अदाणी ग्रुप की बड़ी तैयारी, अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी के साथ समझौते से बढ़ेगी ताकत


    नई दिल्ली ।
    Adani Ports and Special Economic Zone ने अपने समुद्री कारोबार को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी की समुद्री क्षेत्र से जुड़ी सब्सिडियरी ने अमेरिका की एक प्रमुख इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी कंपनी के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य अल्ट्रा-डीपवॉटर और सबसी ऑपरेशंस में विस्तार करना है, जिससे कंपनी की अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी और तकनीकी क्षमता दोनों को मजबूती मिलेगी।

    इस साझेदारी के जरिए जटिल समुद्री परियोजनाओं में नई संभावनाएं तलाशने की तैयारी की जा रही है। इसमें अंडरवॉटर कंस्ट्रक्शन, पाइपलाइन इंस्टॉलेशन, निरीक्षण, रखरखाव और गहरे समुद्री क्षेत्रों में तकनीकी संचालन जैसी सेवाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता कंपनी को यूरोप समेत कई नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूत स्थिति दिलाने में मदद कर सकता है।

    कंपनी लंबे समय से अपने समुद्री और लॉजिस्टिक्स कारोबार को एक बड़े वैश्विक प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी योजना के तहत आधुनिक तकनीक और हाई-स्पेसिफिकेशन जहाजों को अपने बेड़े में शामिल किया जा रहा है। हाल ही में कंपनी ने अपना पहला अल्ट्रा-डीपवॉटर जहाज भी शामिल किया है, जिसे अत्याधुनिक समुद्री तकनीकों से लैस बताया जा रहा है।

    कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह साझेदारी केवल एक कारोबारी विस्तार नहीं, बल्कि भविष्य की समुद्री जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। आधुनिक जहाजों और डीपवॉटर इंजीनियरिंग विशेषज्ञता के मेल से कंपनी अब अधिक जटिल और बड़े ऑफशोर प्रोजेक्ट्स को संभालने की क्षमता विकसित कर रही है।

    बताया गया है कि नया जहाज गहरे समुद्री क्षेत्रों में काम करने में सक्षम है और इसमें अत्याधुनिक सबसी सिस्टम लगाए गए हैं। इसके जरिए कंपनी कठिन समुद्री परिस्थितियों में भी तकनीकी संचालन को बेहतर तरीके से अंजाम दे सकेगी। जहाज में भारी क्षमता वाली क्रेन, विशेष सपोर्ट सिस्टम और कर्मचारियों के लिए आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, जिससे लंबे समय तक समुद्र में संचालन आसान हो सकेगा।

    विशेषज्ञ इस साझेदारी को भारत के समुद्री और ऑफशोर सेक्टर के लिए भी महत्वपूर्ण मान रहे हैं। उनका कहना है कि वैश्विक स्तर पर डीपवॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा परियोजनाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारतीय कंपनियों का इस क्षेत्र में तेजी से विस्तार करना देश की समुद्री क्षमता को नई पहचान दिला सकता है।

    कंपनी ने आने वाले वर्षों के लिए बड़े लक्ष्य भी तय किए हैं। इसके तहत जहाजों के बेड़े का विस्तार, समुद्री कारोबार से राजस्व बढ़ाना और बड़े स्तर पर पूंजी निवेश शामिल है। माना जा रहा है कि यह रणनीति कंपनी को केवल भारतीय बाजार तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उसे वैश्विक समुद्री कारोबार में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।

  • हापुड़ में प्रॉपर्टी डीलर की दिनदहाड़े हत्या से सनसनी, बीजेपी नेता समेत 8 पर केस दर्ज, एनकाउंटर की मांग पर अड़ी परिवार

    हापुड़ में प्रॉपर्टी डीलर की दिनदहाड़े हत्या से सनसनी, बीजेपी नेता समेत 8 पर केस दर्ज, एनकाउंटर की मांग पर अड़ी परिवार




    नई दिल्ली। हापुड़ में प्रॉपर्टी विवाद को लेकर एक दर्दनाक वारदात सामने आई है, जहां सोमवार रात शादी समारोह से लौट रहे प्रॉपर्टी डीलर अतुल तोमर (32) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना पिलखुआ थाना क्षेत्र के रिलायंस रोड इलाके में हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

    जानकारी के अनुसार अतुल तोमर गाजियाबाद के भोजपुर में एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे, तभी रास्ते में बाइक सवार बदमाशों ने उनकी कार को रोक लिया। आरोप है कि हमलावरों ने पहले कार का शीशा तोड़ने की कोशिश की और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें एक गोली अतुल के सीने में लग गई। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

    परिजनों का आरोप है कि पिछले तीन साल से एक प्लॉट को लेकर विवाद चल रहा था, जिसमें कुछ स्थानीय प्रॉपर्टी डीलर शामिल थे। इसी रंजिश के चलते हत्या को अंजाम दिया गया है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि धमकियों के बावजूद पुलिस ने पहले गंभीरता से कार्रवाई नहीं की।

    इस मामले में पुलिस ने बीजेपी जिला मंत्री नवीन तोमर समेत 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि मुख्य आरोपी मंजीत सहित अन्य फरार हैं। पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है और सीसीटीवी फुटेज व कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    परिजनों में गुस्सा है और उन्होंने आरोपियों के एनकाउंटर की मांग करते हुए अंतिम संस्कार रोक दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।

  • फर्जी 1967 अखबार कटिंग से सियासी बवाल: सोना अपील पर इंदिरा गांधी का नाम जोड़कर सोशल मीडिया में फैलाया जा रहा दावा, फैक्ट-चेक में खुली पोल

    फर्जी 1967 अखबार कटिंग से सियासी बवाल: सोना अपील पर इंदिरा गांधी का नाम जोड़कर सोशल मीडिया में फैलाया जा रहा दावा, फैक्ट-चेक में खुली पोल




    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया “सोना न खरीदने” जैसी अपील के बाद सोशल मीडिया पर एक पुराना राजनीतिक दावा फिर से चर्चा में आ गया है, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़ी एक कथित 1967 की अखबार कटिंग शेयर की जा रही है। इस दावे के जरिए कहा जा रहा है कि इंदिरा गांधी ने भी आर्थिक संकट के दौरान लोगों से सोना न खरीदने की अपील की थी, लेकिन जांच में यह दावा फर्जी पाया गया है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल हो रही यह कथित “द हिंदू” अखबार की कटिंग 6 जून 1967 की बताई जा रही है, जिसमें इंदिरा गांधी के नाम से “सोना न खरीदने” की अपील का दावा किया गया है। लेकिन खुद अखबार “द हिंदू” ने इस कटिंग को पूरी तरह फर्जी और डिजिटल रूप से एडिटेड बताया है और स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई पेज उनके आर्काइव में मौजूद नहीं है।

    अखबार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी वायरल कंटेंट को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। तथ्य यह है कि 1960 के दशक में भारत विदेशी मुद्रा संकट और आर्थिक दबाव से गुजर रहा था, लेकिन उस समय सोना खरीदने पर ऐसी कोई राष्ट्रीय स्तर की औपचारिक रोक या सार्वजनिक अपील नहीं की गई थी।

    इस विवाद के बीच बीजेपी नेताओं द्वारा भी इस कथित कटिंग को शेयर किए जाने पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने इस दावे का हवाला देते हुए पीएम मोदी की अपील का समर्थन किया, जबकि विपक्ष ने इसे गलत और भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है।

    कांग्रेस का कहना है कि आज की आर्थिक अपील को ऐतिहासिक रूप से गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, जबकि बीजेपी का तर्क है कि अतीत में भी आर्थिक अनुशासन की बातें होती रही हैं। इस पूरे मामले ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर फैक्ट-चेक और राजनीतिक दावों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • सोना खरीदने और ईंधन खपत कम करने की अपील पर विवाद, व्यापारियों और विपक्ष ने उठाए सवाल

    सोना खरीदने और ईंधन खपत कम करने की अपील पर विवाद, व्यापारियों और विपक्ष ने उठाए सवाल


    नई दिल्ली । देश में हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से संसाधनों के सीमित उपयोग और सोना-चांदी की खरीदारी को लेकर की गई अपील के बाद राजनीतिक और आर्थिक हलकों में बहस तेज हो गई है। इस बयान के बाद जहां विपक्षी दलों ने सरकार की आर्थिक स्थिति और नीतियों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं, वहीं सराफा व्यापार से जुड़े संगठनों ने भी इसे लेकर अपनी चिंता खुलकर जाहिर की है।

    प्रधानमंत्री द्वारा लगातार दो दिनों तक पेट्रोल-डीजल के सीमित इस्तेमाल और अनावश्यक खर्च से बचने की अपील को कई लोग एहतियाती कदम मान रहे हैं, लेकिन व्यापारिक वर्ग का कहना है कि इस तरह की सार्वजनिक अपीलों का सीधा असर बाजार की गतिविधियों और लोगों की खरीदारी की मानसिकता पर पड़ता है। खासकर ज्वेलरी उद्योग से जुड़े कारोबारियों का मानना है कि सोना-चांदी की खरीद को लेकर पैदा हुई आशंका बाजार में मंदी ला सकती है।

    राजनीतिक मोर्चे पर भी इस मुद्दे ने तेजी से तूल पकड़ लिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने इस पूरे मामले पर केंद्र सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। उनका कहना है कि जब राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा हो रही हो, तो सभी राजनीतिक दलों को विश्वास में लिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता के बीच अचानक इस तरह की अपीलें आने से असमंजस की स्थिति पैदा होती है और इसका असर आम लोगों के साथ-साथ व्यापारियों पर भी पड़ता है।

    वहीं, सराफा व्यापार से जुड़े संगठनों ने भी सरकार के रुख पर नाराज़गी जाहिर की है। व्यापारिक प्रतिनिधियों का कहना है कि देशभर में लाखों परिवार इस उद्योग पर निर्भर हैं और यदि बाजार में खरीदारी कम होती है, तो इसका असर सीधे रोजगार और छोटे कारोबारियों की आय पर पड़ेगा। उनका मानना है कि किसी भी बड़े फैसले या सार्वजनिक संदेश से पहले उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से चर्चा की जानी चाहिए थी।

    व्यापारियों का यह भी कहना है कि ज्वेलरी सेक्टर केवल व्यापार का माध्यम नहीं, बल्कि देश की पारंपरिक अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। शादी-विवाह और सामाजिक आयोजनों में सोना-चांदी की खरीदारी लंबे समय से भारतीय समाज का हिस्सा रही है, इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनिश्चितता बाजार की गति को प्रभावित कर सकती है।

    इस मुद्दे पर विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी सरकार को घेरने की कोशिश की है। उनका कहना है कि यदि जनता से बार-बार त्याग और खर्च कम करने की अपील की जा रही है, तो यह देश की आर्थिक चुनौतियों की ओर इशारा करता है। विपक्ष ने इसे आम लोगों पर मानसिक दबाव बनाने वाला कदम बताया है।

    हालांकि, सरकार की ओर से इन तमाम आशंकाओं को खारिज किया गया है। केंद्रीय स्तर पर यह स्पष्ट किया गया कि देश में तेल और गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। सरकार का कहना है कि नागरिकों से केवल संसाधनों के जिम्मेदार और विवेकपूर्ण उपयोग की अपील की गई है, ताकि ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सके।

    फिलहाल, इस मुद्दे ने राजनीतिक बहस के साथ-साथ व्यापारिक जगत में भी नई चिंता पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस पर आगे क्या रुख अपनाती है और बाजार में इसका क्या प्रभाव देखने को मिलता है।

  • मंगलवार व्रत के नियम: भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना नहीं मिलेगा हनुमान जी का आशीर्वाद

    मंगलवार व्रत के नियम: भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना नहीं मिलेगा हनुमान जी का आशीर्वाद


    नई दिल्ली।  मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित माना गया है। इस दिन भक्त व्रत रखकर बजरंगबली की पूजा करते हैं और जीवन के संकटों से मुक्ति की कामना करते हैं। मान्यता है कि विधि-विधान से किया गया व्रत व्यक्ति के जीवन में शक्ति, साहस और सफलता लाता है। लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि व्रत में नियमों का पालन न किया जाए तो उसका पूरा फल नष्ट भी हो सकता है।

     व्रत की सही विधि क्या है?
    व्रत की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान से होती है। इसके बाद साफ लाल वस्त्र पहनकर पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध किया जाता है। फिर हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर दीपक जलाया जाता है। उन्हें सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और पान के पत्तों की माला अर्पित की जाती है। भोग के रूप में बेसन के लड्डू या बूंदी चढ़ाना शुभ माना जाता है।
    पूजा के दौरान ‘राम’ नाम का जप और मंगलवार व्रत कथा का पाठ करना जरूरी होता है।

     मंगलवार व्रत में जरूर बचें इन गलतियों से
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ नियमों का पालन न करने से व्रत का फल प्रभावित हो सकता है:–

    व्रत में नमक का सेवन पूरी तरह वर्जित माना गया है
    प्याज, लहसुन, मांस और मदिरा से दूर रहना चाहिए
    मानसिक और शारीरिक पवित्रता बनाए रखना जरूरी है
    व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना शुभ माना गया है
    दिनभर निराहार रहकर संयम रखना चाहिए

    शाम की पूजा के बाद ही गेहूं और गुड़ से बना सादा भोजन करना उचित माना जाता है, उसमें भी नमक का उपयोग नहीं करना चाहिए।

    आस्था और संयम का प्रतीक है मंगलवार व्रत
    मंगलवार व्रत केवल पूजा नहीं, बल्कि आत्मसंयम और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि जो भक्त पूरी निष्ठा और नियमों के साथ हनुमान जी की आराधना करते हैं, उनके जीवन से भय, संकट और बाधाएं दूर हो जाती हैं।

  • सेलिना जेटली की दर्दभरी कहानी: बेटे की मौत, रिश्तों में तनाव और अब बच्चों के लिए कानूनी लड़ाई

    सेलिना जेटली की दर्दभरी कहानी: बेटे की मौत, रिश्तों में तनाव और अब बच्चों के लिए कानूनी लड़ाई

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री Celina Jaitly एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। फिल्मों से लंबे समय से दूर रहने वाली सेलिना इन दिनों अपने वैवाहिक विवाद, बच्चों की कस्टडी और निजी संघर्षों को लेकर सुर्खियों में बनी हुई हैं। हाल ही में उन्होंने अपने पति पीटर हाग के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं और कानूनी लड़ाई शुरू की है।

    सेलिना ने अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर को याद करते हुए बताया कि बीते कुछ वर्षों में उन्होंने लगातार कई निजी दुख झेले हैं। उन्होंने अपने बेटे शमशेर को जन्म के कुछ समय बाद ही खो दिया था। बच्चे को एक दुर्लभ हृदय संबंधी बीमारी थी, जिसके इलाज के लिए उन्होंने कई विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह ली, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद वह अपने बेटे को बचा नहीं सकीं। इस घटना ने उन्हें मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया था।

    बेटे की मौत के कुछ समय पहले ही उन्होंने अपने पिता को भी खो दिया था। लगातार हुए इन पारिवारिक हादसों ने उनके जीवन को गहरे दुख में डाल दिया। इसके बाद उनकी मां का निधन भी हो गया, जिससे सेलिना पूरी तरह अकेली और भावनात्मक रूप से कमजोर महसूस करने लगीं।

    इसी बीच उनके वैवाहिक रिश्ते में भी तनाव बढ़ता गया। सेलिना ने आरोप लगाया कि शादी के दौरान उन्हें मानसिक और भावनात्मक दबाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि कई मौकों पर उन्हें अपमानित किया गया और रिश्ते में लगातार तनाव बना रहा। उनके अनुसार, हालात इतने खराब हो गए थे कि उन्हें अपना घर छोड़कर भारत लौटना पड़ा।

    उन्होंने यह भी दावा किया कि परिस्थितियां ऐसी बन गई थीं, जहां उन्हें अपने बच्चों से दूर रहना पड़ा। अब वह अपने बच्चों की कस्टडी और उनसे मिलने के अधिकार के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। सेलिना का कहना है कि एक मां के लिए अपने बच्चों से दूर रहना सबसे बड़ा दर्द होता है और यही संघर्ष इस समय उनकी जिंदगी का सबसे कठिन हिस्सा है।

    हाल ही में साझा किए गए एक भावुक वीडियो में सेलिना अपने दिवंगत बेटे शमशेर की कब्र के पास नजर आईं। वीडियो में वह बेटे की कब्र को साफ करते हुए भावुक दिखाई दीं। इस दृश्य ने उनके प्रशंसकों को भी भावुक कर दिया। कई लोगों ने उनके साहस और संघर्ष की सराहना की है।

    सेलिना ने यह भी कहा कि वह अब अपने अधिकारों और बच्चों के भविष्य के लिए मजबूती से खड़ी हैं। उनका मानना है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद हार नहीं माननी चाहिए। उन्होंने अपने जीवन में आए इस कठिन दौर को बेहद दर्दनाक बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि वह अपने बच्चों के लिए हर लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।

    फिलहाल यह मामला कानूनी प्रक्रिया में है और इसकी जांच जारी है। वहीं, सेलिना जेटली की यह कहानी केवल एक अभिनेत्री के संघर्ष की नहीं, बल्कि एक मां के दर्द, टूटते रिश्तों और अपने बच्चों के लिए लड़ने के साहस की कहानी बन गई है।

  • साउथ सिनेमा में बढ़ा उत्साह, दशकों बाद साथ दिखेंगे रजनीकांत-कमल हासन, तृषा भी बन सकती हैं हिस्सा

    साउथ सिनेमा में बढ़ा उत्साह, दशकों बाद साथ दिखेंगे रजनीकांत-कमल हासन, तृषा भी बन सकती हैं हिस्सा


    नई दिल्ली । तमिल सिनेमा में इन दिनों एक ऐसी फिल्म को लेकर जबरदस्त चर्चा हो रही है, जिसने फैंस की उत्सुकता को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। वजह सिर्फ एक बड़ी स्टारकास्ट नहीं, बल्कि दो दिग्गज सुपरस्टार्स का लंबे समय बाद एक साथ आना है। अब इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है, जिसने फिल्म को लेकर उत्साह को और बढ़ा दिया है। चर्चा है कि लोकप्रिय अभिनेत्री तृषा कृष्णन भी इस मेगा प्रोजेक्ट का हिस्सा बन सकती हैं।

    फिल्म को लेकर पहले ही दर्शकों के बीच जबरदस्त माहौल बना हुआ है, क्योंकि इसमें रजनीकांत और कमल हासन जैसे दिग्गज कलाकार एक साथ नजर आने वाले हैं। दोनों सितारों ने अपने करियर में अलग-अलग कई ऐतिहासिक फिल्में दी हैं, लेकिन लंबे समय बाद एक ही स्क्रीन पर उनकी वापसी को लेकर फैंस बेहद उत्साहित हैं। अब अगर तृषा कृष्णन भी इस फिल्म से जुड़ती हैं, तो यह प्रोजेक्ट और भी भव्य बन सकता है।

    इंडस्ट्री में यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि फिल्म के लिए अभिनेत्री से बातचीत जारी है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी तरह की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि निर्माता इस फिल्म को तमिल सिनेमा की सबसे बड़ी मल्टीस्टारर फिल्मों में शामिल करने की तैयारी में हैं।

    फिल्म के निर्देशक इस प्रोजेक्ट को बेहद बड़े स्तर पर तैयार करने में जुटे हुए हैं। कहानी, लोकेशन, तकनीकी टीम और कलाकारों के चयन पर तेजी से काम चल रहा है। बताया जा रहा है कि फिल्म का विजुअल स्केल और प्रस्तुति दर्शकों को एक बिल्कुल अलग सिनेमाई अनुभव देने वाली है।

    इस फिल्म को लेकर सोशल मीडिया और फिल्म जगत में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की भी है कि आखिर मुख्य भूमिका किस सुपरस्टार की होगी। दोनों दिग्गज कलाकारों की लोकप्रियता इतनी बड़ी है कि फैंस लगातार इस बात को लेकर अपनी राय दे रहे हैं। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि फिल्म की असली ताकत इसकी स्टारकास्ट नहीं, बल्कि इन कलाकारों का एक साथ आना है, जो इसे खास बना रहा है।

    तृषा कृष्णन का नाम सामने आने के बाद फिल्म के प्रति दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ गई है। अभिनेत्री पहले भी कई बड़े सितारों के साथ सफल फिल्में दे चुकी हैं और उनकी मौजूदगी इस प्रोजेक्ट में एक नया आकर्षण जोड़ सकती है। फैंस अब आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं, ताकि यह साफ हो सके कि वह इस फिल्म का हिस्सा बनेंगी या नहीं।

    फिल्म की शूटिंग को लेकर भी तैयारियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इसकी शूटिंग शुरू हो सकती है और इसके लिए बड़े स्तर पर सेट तथा तकनीकी व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं।