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  • हरदीप पुरी बोले- देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं…. LPG प्रोडक्शन भी 28% बढ़ा

    हरदीप पुरी बोले- देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं…. LPG प्रोडक्शन भी 28% बढ़ा

    Hardeep Puri

    नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने गुरुवार को कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) और केरोसिन की कोई कमी नहीं है, एलपीजी प्रोडक्शन (LPG production) में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और सरकार की प्राथमिकता है कि देश में करोड़ों परिवारों की रसोई में खाना पकाने के लिए गैस की कमी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर अफवाह नहीं फैलाई जानी चाहिए। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरुमध्य में बनी प्रतिकूल स्थिति का जिक्र करते हुए पुरी ने लोकसभा में कहा कि पश्चिम एशिया के संघर्ष में कोई भूमिका नहीं होने के बावजूद भारत को इसके परिणामों से पार पाना होगा।

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद पुरी ने कहा, ”दुनिया ने ऐसा संकट, ऊर्जा के इतिहास में कभी नहीं देखा। होर्मुज जलडमरूमध्य से 20 प्रतिशत कच्चा तेल की आपूर्ति होती है। इतिहास में पहली बार वाणिज्यिक पोत परिवहन के लिए होर्मुज को प्रभावी रूप से बंद कर दिया गया है।” उन्होंने देश में एलपीजी सिलेंडर की कमी से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा, ”पिछले पांच दिन में एलपीजी उत्पादन 28 प्रतिशत बढ़ा है। मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि भारत के 33 करोड़ परिवारों, खासकर गरीबों और वंचितों की रसोई को (एलपीजी की) किसी कमी का सामना नहीं करना पड़े।”

    पुरी ने कहा कि एलपीजी सिलेंडर के मांग प्रबंधन उपाय के तौर पर शहरों में 25 दिन के न्यूनतम अंतराल पर बुकिंग की जा सकती है, वहीं ग्रामीण तथा दुर्गम क्षेत्रों में 45 दिन के बाद सिलेंडर की बुकिंग की जा सकती है। उन्होंने कहा, ”भारत को कच्चा तेल की आपूर्ति सुरक्षित है। 45 प्रतिशत कच्चा तेल होर्मुज से आता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उत्कृष्ट कूटनीतिक पहुंच के कारण भारत ने इस अवधि में जो कच्चा तेल प्राप्त किया, वह संकटग्रस्त होर्मुज से ऐसे समय में आपूर्ति हो सकने वाली मात्रा से अधिक है।” पुरी ने कहा, ”देश में रिफाइनरी उच्च क्षमता के साथ काम कर रही हैं। कई मामलों में तो शत-प्रतिशत से अधिक काम कर रही हैं। देश में पेट्राल, डीजल, एटीएफ (विमान का ईंधन), केरोसिन की कमी नहीं है। खुदरा विक्रेता के पास भंडार है और इन उत्पादों के लिए आपूर्ति श्रृंखलाएं सामान्य तरीके से काम कर रही हैं।” पुरी ने कहा कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग से डिलीवरी का मानक समय ढाई दिन बना हुआ है जो बदला नहीं है।

    उन्होंने यह भी कहा कि अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों में निर्बाध आपूर्ति प्राथमिकता के साथ की जा रही है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक एलपीजी को पूरी तरह विनियमित तरीके से बेचा जा रहा है जो बाजार मूल्य पर उपलब्ध है। पुरी ने यह भी कहा कि हाल ही में 60 रुपये के समायोजन के बाद बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर का मूल्य 913 रुपये है, जबकि बाजार द्वारा तय मूल्य लगभग 987 रुपये है। पुरी ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि एक पड़ोसी देश ने सारे स्कूल बंद कर दिए हैं, घर से काम करने के नियम जारी किए हैं और सड़कों पर सरकारी वाहनों की संख्या आधी कर दी है। उन्होंने कहा कि एक और पड़ोसी देश में विश्वविद्यालय तय समय से पहले बंद कर दिए गए और ईंधन बचाने के लिए ईद की छुट्टियां बढ़ा दी गईं। मंत्री ने कहा कि यह अफवाह फैलाने और झूठे विमर्श पैदा करने का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में स्कूल खुले हुए हैं और पेट्रोल-डीजल सामान्य तरीके से मिल रहा है।

    विपक्ष की नारेबाजी के बीच पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि इस संकट से पहले भारत के कच्चे तेल का करीब 45 प्रतिशत आयात होर्मुज मार्ग से हो रहा था। उन्होंने कहा, ”कच्चे तेल का गैर-होर्मुज स्रोत से आयात बढ़कर करीब 70 प्रतिशत हो गया है जो संघर्ष शुरू होने से पहले 55 प्रतितश था।” पुरी ने सदन में कहा कि भारत आज 40 देशों से कच्चे तेल का आयात करता है जो 2006-07 में 27 देशों से होता था। अमेरिका और इजराइल द्वारा गत 28 फरवरी को संयुक्त रूप से हमला किए जाने के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग से तेल और गैस लेकर आने वाले जहाजों की आवाजाही रोक दी है। इस समुद्री मार्ग से दुनिया को 20 प्रतिशत कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और एलपीजी की आपूर्ति होती है। पुरी ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण आपूर्ति अवरुद्ध हो गई। उन्होंने कहा कि कच्चा तेल की खरीद में विविधता लाई गई है और खाड़ी क्षेत्र के उपलब्ध स्रोतों के अलावा अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस से मालवाहक जहाज आ रहे हैं।

  • पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर EC का बड़ा फैसला…. पहली बार रिटर्निंग अफसर तैनात

    पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर EC का बड़ा फैसला…. पहली बार रिटर्निंग अफसर तैनात


    नई दिल्ली।
    चुनाव आयोग (Election Commission) ने पश्चिम बंगाल (West Bengal) में पहली बार देश के अन्य हिस्सों की तरह 152 चुनाव क्षेत्रों में SDM या उसके बराबर या उससे ऊंचे लेवल के अधिकारियों को को रिटर्निंग ऑफिसर्स (Returning Officers) यानी निर्वाचन अधिकारी के पद पर अपग्रेड कर तैनाती को मंजूरी दी है। चुनाव आयोग की तरफ से आज (गुरुवार, 12 मार्च को) जारी एक नोटिफिकेशन में राज्य के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में SDM या उसके बराबर या उससे ऊंचे लेवल के रिटर्निंग ऑफिसर्स की लिस्ट जारी किए गए हैं।

    अधिकारियों के अनुसार, यह कदम तब उठाया गया, जब चुनाव आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार निर्वाचन अधिकारी के रूप में कार्य करने के लिए उचित रैंक के अधिकारियों को नामित करे, जो चुनाव कराने के लिए एक अनिवार्य शर्त है। इसके बाद, राज्य प्रशासन ने पात्र अधिकारियों की एक संशोधित सूची सौंपी, जिससे आयोग के लिए इन नियुक्तियों का रास्ता साफ हो गया।


    निर्वाचन अधिकारी के क्या काम?

    निर्वाचन अधिकारी चुनाव प्रक्रिया में मुख्य भूमिका निभाते हैं। अपने निर्वाचन क्षेत्रों में नामांकन प्रक्रिया की निगरानी, उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच, मतदान की व्यवस्था, वोटों की गिनती और परिणामों की घोषणा जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निर्वाचन अधिकारी के कंधों पर ही होती हैं। चुनाव नियमों के तहत, चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता और कुशल प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए आमतौर पर इन अधिकारियों को वरिष्ठ प्रशासनिक संवर्गों से चुना जाता है।


    आयोग ने अधिकारियों की लिस्ट पर जताई थी चिंता

    अधिकारियों ने बताया कि आयोग ने पहले राज्य सरकार के प्रस्तावित अधिकारियों की वरिष्ठता के स्तर पर चिंता जताई थी और निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले अधिकारियों की मांग की थी। राज्य के इस आवश्यकता को पूरा करने और उचित रैंक के अधिकारी उपलब्ध कराने के बाद ही आयोग ने निर्वाचन अधिकारियों की नियुक्ति की औपचारिक अधिसूचना जारी की।


    चुनाव से पहले की तैयारी

    यह कदम पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण चरण है, जहां चुनाव आयोग संविधान के तहत अपनी देखरेख में राज्य प्रशासन के साथ तालमेल बिठाकर चुनाव कराता है। चुनाव की औपचारिक तारीखों की घोषणा से पहले निर्वाचन अधिकारियों की नियुक्ति शुरुआती प्रशासनिक उपायों में से एक है, ताकि नामांकन, मतदान और मतगणना के प्रबंधन के लिए आवश्यक ढांचा चुनाव से काफी पहले तैयार हो सके।

  • मां ने चार महीने के बेटे को मार डाला, नुकीली ईंट से हत्या कर लकड़ियों में छिपाया शव

    मां ने चार महीने के बेटे को मार डाला, नुकीली ईंट से हत्या कर लकड़ियों में छिपाया शव


    नई दिल्ली। जिस मां की गोद को बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता है, वहीं मां जब मासूम बेटे की कातिल बन जाए तो समाज सन्न रह जाता है। यूपी के प्रयागराज में सरायममरेज के पिलखिनी गांव में बुधवार शाम ऐसी ही सनसनीखेज वारदात हुई, जिसमें पति से विवाद के बाद एक महिला ने अपने चार माह के बेटे को नुकीली ईंट से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया। वारदात के बाद उसने बच्चे के शव को लकड़ियों के ढेर में छिपा दिया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।

    सरायममरेज थानाक्षेत्र के पिलखिनी गांव का पूरे जयसिंह निवासी संतोष यादव मजदूरी करता है। पुलिस के मुताबिक, उसका पत्नी मनोरमा यादव से घरेलू बातों को लेकर अक्सर झगड़ा होता था। पिछले तीन-चार दिनों से पति-पत्नी के बीच झगड़ा बढ़ गया था। ऐसे ही झगड़े के बाद बुधवार शाम गुस्से में आकर मनोरमा ने अपने चार माह के बेटे ईश्वर पर सीमेंट की नुकीली ईंट से कई प्रहार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या को छिपाने के लिए मनोरमा ने बच्चे के शव को घर के पास टीनशेडनुमा कमरे में लकड़ियों के ढेर में महुआ के पत्तों व घासफूस से छिपा दिया और सामान्य रूप से घर के कामकाज में लग गई।

    काफी देर तक बच्चा नजर नहीं आने पर पति संतोष और परिजन परेशान हो गए। उन्होंने मनोरमा से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने बेटे की हत्या करने की बात कबूल कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम को भेजकर मनोरमा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मृतक बच्चे के दादा हरिलाल यादव उर्फ मुन्नीलाल की तहरीर पर नामजद मुकदमा दर्ज किया है।

    घरेलू कलह की बलि चढ़ गया चार माह का ईश्वर
    गंगापार के सरायममरेज थानाक्षेत्र के पिलखिनी गांव में बुधवार शाम हुई सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। दो साल के लंबे इंतजार के बाद जिस बेटे ने परिवार में खुशियां लाई थीं, उसी मासूम की जिंदगी घरेलू कलह की बलि चढ़ गई। पति से विवाद के बाद गुस्से में अंधी हुई मां ने ही अपने चार माह के इकलौते बेटे ईश्वर की कंक्रीट के नुकीले टुकड़े से वार कर हत्या कर दी।

    ये भी पढ़ें:बदायूं डबल मर्डर में पुलिस की लापरवाही! एक महीने पहले दी गई थी धमकी की शिकायत
    ग्रामीणों के मुताबिक संतोष यादव की यह दूसरी शादी थी। पहली पत्नी से शादी के करीब पंद्रह दिन बाद ही दोनों के बीच अलगाव हो गया था। इसके बाद करीब दो साल पहले संतोष ने मनोरमा से विवाह किया। लंबे इंतजार के बाद चार माह पहले बेटे ईश्वर का जन्म हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से घरेलू बातों को लेकर नोकझोंक होती रहती थी। पिछले तीन-चार दिनों से यह विवाद और बढ़ गया था। बुधवार को जब संतोष मजदूरी के लिए घर से बाहर गया था, उसी दौरान मनोरमा ने गुस्से में आकर मासूम ईश्वर के पेट और शरीर पर कंक्रीट के नुकीले टुकड़े से वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में शोक और सन्नाटा पसर गया।

    इधर, घटनास्थल की जानकारी होने पर देर शाम सरायममरेज थाना प्रभारी अतुल मिश्रा व जंघई चौकी प्रभारी शरद सिंह ने मयफोर्स पहुंचकर जांच पड़ताल की। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त ईंट का टुकड़ा भी बरामद कर लिया है। सरायममरेज पुलिस के अनुसार आरोपी महिला के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसकी मानसिक स्थिति भी सामान्य नहीं लग रही है।

  • यूपी भाजपा में बन रही बड़े संगठनात्मक फेरबदल की योजना, 2027 चुनाव से पहले नई टीम बनाने की तैयारी

    यूपी भाजपा में बन रही बड़े संगठनात्मक फेरबदल की योजना, 2027 चुनाव से पहले नई टीम बनाने की तैयारी

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। करीब डेढ़ दशक बाद प्रदेश संगठन में व्यापक फेरबदल की योजना बनाई जा रही है। वर्ष 2010 से अब तक संगठन में कई नेता महामंत्री, उपाध्यक्ष, मंत्री और प्रवक्ता जैसे पदों पर लगातार बने हुए हैं। इस दौरान सात प्रदेश अध्यक्ष बदले, लेकिन अधिकतर पदों पर वही चेहरे बने रहे। इनमें से कई नेता विधायक या विधान परिषद सदस्य भी बन चुके हैं, फिर भी संगठन में उनकी जिम्मेदारियां बरकरार हैं।

    सूत्रों के मुताबिक नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव की रणनीति तैयार कर रहे हैं। इस बार केवल औपचारिक फेरबदल नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर असर दिखाने वाले बदलाव किए जाने की योजना है। नई टीम बनाते समय जातीय, क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता देने की बात कही जा रही है।

    पिछले वर्षों में प्रदेश अध्यक्षों का चेहरा भले बदला हो, लेकिन संगठन के कई प्रमुख पदों पर वही नेता बने रहे। इससे क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन प्रभावित हुआ। संगठन में कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर और संत कबीर नगर जैसे कुछ जिलों को अपेक्षाकृत अधिक प्रतिनिधित्व मिला, जबकि कई अन्य क्षेत्रों को पर्याप्त भागीदारी नहीं मिल पाई। प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर भी इन जिलों को अधिक प्राथमिकता मिलने की चर्चा होती रही है।

    कई क्षेत्रों को नहीं मिला पर्याप्त प्रतिनिधित्व
    सूर्य प्रताप शाही के अध्यक्ष बनने के बाद कुछ जिलों से संगठन में दो से चार पदाधिकारी शामिल किए गए, जबकि कानपुर-बुंदेलखंड, ब्रज और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा काशी और अवध क्षेत्र के कई जिलों को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिला। इससे कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा है और इसका असर पार्टी के कार्यक्रमों व चुनावी तैयारियों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

    नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी इस असंतुलन को दूर करने के लिए नई टीम के गठन पर गंभीरता से काम कर रहे हैं। प्रदेश नेतृत्व सभी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए संगठन का नया ढांचा तैयार कर रहा है। माना जा रहा है कि कई जिलों से तीन-चार पदाधिकारियों तक को बदला जा सकता है, ताकि संतुलन स्थापित हो सके।

    क्षेत्रीय अध्यक्षों में भी बदलाव संभव
    सूत्रों के अनुसार संगठन के छह क्षेत्रीय अध्यक्ष-काशी, गोरक्ष, अवध, पश्चिम, ब्रज और कानपुर-बुंदेलखंड-को भी बदले जाने की संभावना है। इसके पीछे दो मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। पहला, चयन में जातीय संतुलन का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया और दूसरा, कुछ अध्यक्षों के खिलाफ प्रदेश नेतृत्व को शिकायतें भी मिली हैं। इन शिकायतों में पार्टी गतिविधियों की तुलना में व्यक्तिगत हितों को प्राथमिकता देने और कार्यकर्ताओं के बीच विवाद सुलझाने में सक्रियता की कमी जैसी बातें शामिल हैं।

    विधायक बने पदाधिकारियों पर भी असर
    संगठन में ऐसे कई पदाधिकारी हैं जो राज्यसभा, विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य बन चुके हैं, लेकिन अब भी महामंत्री या उपाध्यक्ष जैसे पदों पर बने हुए हैं। इस बार ऐसे नेताओं को भी बदले जाने की संभावना जताई जा रही है। इनमें कई नेता सूर्य प्रताप शाही, लक्ष्मीकांत वाजपेई, केशव प्रसाद मौर्य, महेंद्र नाथ पांडेय और स्वतंत्रदेव सिंह के कार्यकाल से संगठन में जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

    कुर्सी बचाने की कोशिशें तेज
    संभावित फेरबदल की खबर से संगठन के कई पदाधिकारी सक्रिय हो गए हैं। कुछ नेता नए प्रदेश नेतृत्व से संपर्क बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, तो कुछ उनके करीब रहने की रणनीति अपना रहे हैं। वहीं कुछ लोग संघ के साथ अपने संबंधों को भी मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द घोषित होने वाली नई टीम में कई नए चेहरों को मौका मिल सकता है।

  • माइकल वॉन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 की सबसे बड़ी चूक का किया खुलासा, कहा- साउथ अफ्रीका ने भारत को बाहर करने का मौका गंवाया

    माइकल वॉन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 की सबसे बड़ी चूक का किया खुलासा, कहा- साउथ अफ्रीका ने भारत को बाहर करने का मौका गंवाया


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने इतिहास रचते हुए लगातार तीसरी बार खिताब अपने नाम किया। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया ने फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। इस जीत के साथ भारत बैक-टू-बैक दो और कुल तीन टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश बन गया। हालांकि टूर्नामेंट में भारत को एकमात्र हार सुपर-8 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ झेलनी पड़ी थी।

    इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और मौजूदा क्रिकेट एक्सपर्ट माइकल वॉन ने इस हार और टूर्नामेंट के दौरान साउथ अफ्रीका की रणनीति पर अपनी राय रखी। वॉन ने साउथ अफ्रीका को टी20 वर्ल्ड कप 2026 की “सबसे बेवकूफ टीम” करार दिया। उनका कहना है कि सुपर-8 में भारत को हराने के बाद साउथ अफ्रीका के पास भारत को टूर्नामेंट से बाहर करने का सुनहरा मौका था, लेकिन उन्होंने इसे गंवा दिया।

    माइकल वॉन ने ‘Stick to Cricket’ पॉडकास्ट में बताया कि साउथ अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को सुपर-8 में हराने नहीं दिया, जबकि अगर ऐसा होता तो भारत की सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो जाती। वॉन ने कहा, “अगर साउथ अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को रास्ता दे दिया होता, तो भारत बाहर हो जाता और उनका विजय रथ रुक जाता। उन्होंने अपने कुछ खिलाड़ियों को आराम भी दिया, जिससे भारत का रास्ता आसान हो गया।”

    साउथ अफ्रीका की यह चूक भारत के लिए सौभाग्य साबित हुई। भारत ने इसके बाद लगातार जीत दर्ज की और जिम्बाब्वे, वेस्ट इंडीज और इंग्लैंड को हराकर फाइनल में पहुंचा। इस प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 की ट्रॉफी जीतकर अपने अभियान को यादगार बना दिया।

    वॉन की टिप्पणी ने यह स्पष्ट कर दिया कि क्रिकेट में मौके गंवाना भारी पड़ सकता है, और किसी भी मजबूत टीम को शुरुआती दौर में कमजोर करना रणनीतिक तौर पर कितना अहम हो सकता है। इस बार भारत के लिए साउथ अफ्रीका की चूक ही जीत का बड़ा कारण रही।

  • 2024 से टीम इंडिया पर 377.5 करोड़ की प्राइज मनी लुटा चुका है BCCI, जीती ये 6 ICC ट्रॉफी

    2024 से टीम इंडिया पर 377.5 करोड़ की प्राइज मनी लुटा चुका है BCCI, जीती ये 6 ICC ट्रॉफी


    नई दिल्ली।2024 टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीतने के बाद मानों भारत के लिए आईसीसी ट्रॉफी का दरवाजा खुल गया होगा। अंडर-19 में तो भारत अपनी बादशाहत बनाए हुआ था, मगर सीनियर लेवल पर टीम इंडिया ने इससे पहले आखिरी ट्रॉफी 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी के रूप में जीती थी। मगर जैसे ही रोहित शर्मा की अगुवाई ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जीतकर आईसीसी ट्रॉफी का सूखा खत्म किया, तो इसके बाद टीम इंडिया ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। टीम इंडिया पिछले 2 साल में 2-4 नहीं बल्कि पूरी 6 आईसीसी ट्रॉफी जीती है। इसमें मेंस, वुमेंस और अंडर-19 क्रिकेट शामिल है। टीम इंडिया की हर जीत पर बीसीसीआई ने खूब पैसा लुटाया। आईए जानते हैं बीसीसीाई पिछले 2 सालों में टीम इंडिया को कितनी प्राइज मनी दे चुकी है।

    2024 टी20 वर्ल्ड कप- 125 करोड़
    रोहित शर्मा की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने 2024 में जब टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जीता था, तो बीसीसीआई ने 125 करोड़ रुपए की प्राइज मनी का ऐलान किया था। यह भारतयी क्रिकेट के लिए बेहद खास पल था, क्योंकि 11 साल बाद आईसीसी ट्रॉफी देश आ रही थी। भारत ने साउथ अफ्रीका को फाइनल में हराकर यह खिताब अपने नाम किया था।

    2025 चैंपियंस ट्रॉफी- 58 करोड़
    रोहित शर्मा की कप्तानी में ही भारत ने अगले साल यानी 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता। यह वर्ल्ड कप नहीं था, जिस वजह से बीसीसीआई ने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए 58 करोड़ रुपए की प्राइज मनी का ऐलान किया था।

    2026 टी20 वर्ल्ड कप- 131 करोड़
    सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने बैक टू बैक दूसरा टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। भारत लगातार दो टी20 वर्ल्ड कप और कुल 3 बार यह खिताब जीतने वाला पहला देश बना है। टीम इंडिया की इस उपलब्धि पर बीसीसीआई ने 131 करोड़ रुपए की प्राइज मनी का ऐलान किया।

    2025 वुमेंस वर्ल्ड कप- 51 करोड़
    मेंस ही नहीं, बल्कि भारत ने वुमेंस क्रिकेट में भी तिरंगा लगाया। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारत ने पहली बार वुमेंस वर्ल्ड कप का खिताब जीता। भारत के लिए यह ऐतिहासिक पल था। बीसीसीआई ने इस मौके पर 51 करोड़ रुपए की प्राइज मनी दी।

    U19 मेंस और वुमेंस वर्ल्ड कप- 12.5 करोड़
    बीसीसीआई ने 2025 में अंडर-19 टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने वाली महिला टीम को 5 करोड़ तो, 2026 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली पुरुष टीम को 7.5 करोड़ रुपए का ईनाम दिया था। इन सभी 6 आईसीसी ट्रॉफी जीतने पर बीसीसीआई ने अपनी तिजोरी से कुल 377.5 करोड़ रुपए निकाले, जो भविष्य में और ट्रॉफी जीतने के लिए खिलाड़ियों को प्रेरित करेगा।

  • आईपीएल 2026 से पहले विवाद, Kavya Maran ने Sunrisers Hyderabad का बॉयकॉट करने की मांग उठाई

    आईपीएल 2026 से पहले विवाद, Kavya Maran ने Sunrisers Hyderabad का बॉयकॉट करने की मांग उठाई


    नई दिल्ली। IPL 2026 का आगाज होने में कुछ ही दिनों का समय रह गया है, इससे पहले आईपीएल फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद के बॉयकॉट की मांग उठने लगी है। SRH के बॉयकॉय की मांग पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने को लेकर हो रही है। सनराइजर्स हैदराबाद ने आईपीएल में कोई पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं खरीदा है, बल्कि सन ग्रुप के मालिकाना हक वाली और IPL की टीम सनराइजर्स हैदराबाद से जुड़ी फ्रेंचाइजी सनराइजर्स लीड्स ने इंग्लैंड में होने वाली ‘द हंड्रेड’ लीग में पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद को अपनी टीम में शामिल किया है। सनराइजर्स लीड्स ने इस पाकिस्तानी खिलाड़ी पर 2.34 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।

    यह कई सालों में पहली बार है कि किसी भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी ने किसी पाकिस्तानी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को सक्रिय रूप से अपनी टीम में शामिल किया है। जहां एक ओर UK में इस कदम की तारीफ करते हुए इसे योग्यता की जीत बताया गया, वहीं दूसरी ओर भारतीय प्रशंसकों की ओर से इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है; इनमें से कई प्रशंसकों ने तो SunRisers ब्रांड के बहिष्कार तक की मांग कर डाली है।

    अबरार अहमद सोशल मीडिया पर भारत पर तंज कसते हुए कई बार पोस्ट करते नजर आते हैं। फैंस का दावा है कि उसमें भारतीय सेना का मजाक उड़ाया गया था। ऐसे में जैसे ही इस खिलाड़ी को साइन किए जाने की खबर सामने आई, X पर #ShameOnSRH और #BoycottSunrisers जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।

    आलोचकों ने तर्क दिया कि एक ऐसे खिलाड़ी को भारी-भरकम कॉन्ट्रैक्ट देकर, जिसने सार्वजनिक रूप से भारतीय सुरक्षा बलों का अपमान किया था, फ्रेंचाइज़ी मालिकों ने अपने फ़ायदे के लिए राष्ट्रीय भावनाओं की अनदेखी की है।

    एक यूजर ने लिखा, ‘ये वही Abrar Ahmed है जिसके लिए Sunrisers Leeds की मालकिन Kavya Maran ने 2.3 करोड़ पानी की तरह बहा दिए। Abrar Ahmed ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 140 करोड़ हिन्दुस्तानियों का मजाक उड़ाया था। शर्म आनी चाहिए Kavya Maran को।’

    वहीं अन्य यूजर ने लिखा, ‘IPL में जब शाहरुख खान की टीम ने बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर को खरीदा था, तब सोशल मीडिया पर काफी बवाल हुआ था। लेकिन अब सवाल ये है कि Kavya Maran की टीम Sunrisers Leeds ने उस पाकिस्तानी खिलाड़ी Abrar Ahmed को क्यों खरीदा, जिसने कुछ दिन पहले भारतीय जवानों का मज़ाक उड़ाया था? जब किसी खिलाड़ी का रवैया इतना विवादित हो चुका था, तो The Hundred के ऑक्शन में उसे खरीदने की क्या जरूरत थी? खेल अपनी जगह है, लेकिन देश और सैनिकों के सम्मान से बड़ा कुछ नहीं होना चाहिए।’

    एक यूजर ने लिखा, ‘गद्दार, गद्दार, गद्दार! अबरार अहमद, जिसने हमारी रक्षा सेनाओं का मजाक उड़ाया। इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता। घिनौना! उसने चाय पीने का इशारा करके भारतीय फाइटर पायलट अभिनंदन का, बेवजह के जश्न मनाकर भारतीय खिलाड़ियों का, और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान हमारे भारतीय सैनिकों का मजाक उड़ाया। काव्या मारन पर शर्म आती है, जिसने अबरार अहमद को खरीदा। SRH का बॉयकॉट करो।’

  • शादी के कुछ ही दिनों बाद रश्मिका मंदाना की पर्सनल लाइफ बनी चर्चा का विषय

    शादी के कुछ ही दिनों बाद रश्मिका मंदाना की पर्सनल लाइफ बनी चर्चा का विषय


    नई दिल्ली। साउथ सुपरस्टार रश्मिका मंदाना बीते महीने 26 फरवरी 2026 को विजय देवरकोंडा संग उदयपुर में शादी के बंधन में बंधीं। उनकी शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए और फैंस ने उन्हें शुभकामनाएं दी। लेकिन शादी के महज कुछ ही दिनों बाद, रश्मिका अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में आ गई हैं। इस बार वजह है एक वायरल ऑडियो क्लिप, जिसमें कथित तौर पर उनके पूर्व मंगेतर रक्षित शेट्टी से जुड़ी बातें सामने आई हैं।

    वायरल ऑडियो क्लिप और रश्मिका की प्रतिक्रिया
    ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर रश्मिका की मां सुमन मंदाना सगाई के दौरान हुए कथित हैरेसमेंट पर चर्चा कर रही हैं। यह ऑडियो फरवरी 2026 में रश्मिका की शादी के बाद फिर से ऑनलाइन वायरल हुआ।

    रश्मिका ने इस मामले पर सख्त प्रतिक्रिया दी और क्लिप शेयर करने वालों को लीगल एक्शन की चेतावनी दी। अपने बयान में रश्मिका ने कहा कि यह क्लिप उनके पुराने शब्दों का गलत मतलब निकालकर फैलाया जा रहा है, और उनके पर्सनल जीवन को जानबूझकर परेशान करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा,
    “जो शब्द मैंने कभी नहीं कहे उन्हें झूठी कहानियों में बदल दिया गया और व्यूज, पहुंच और एंगेजमेंट के लिए नफरत फैलाई गई।

    पर्सनल लाइफ में जानबूझकर खलल
    रश्मिका ने यह भी स्पष्ट किया कि ऑडियो क्लिप उनकी पर्सनल लाइफ को लेकर कॉन्ट्रोवर्सी खड़ी करने की रणनीति का हिस्सा है। उनका कहना है कि यह पुरानी निजी बातचीत लगभग आठ साल पुरानी है, जिसे सहमति के बिना रिकॉर्ड और सर्कुलेट किया गया। उन्होंने बताया कि बातचीत का एक छोटा हिस्सा कॉंटेक्स्ट से बाहर निकालकर वायरल किया गया ताकि उन्हें और उनके हालिया जीवन को लेकर शॉकिंग कंट्रोवर्सी बनाई जा सके।

    रक्षित शेट्टी संग सगाई और ब्रेकअप
    रश्मिका और रक्षित की पहली मुलाकात 2016 की कन्नड़ ब्लॉकबस्टर ‘किरिक पार्टी’ के सेट पर हुई थी। दोनों को प्यार हुआ और 2017 में सगाई कर ली गई। हालांकि, सगाई ज्यादा दिन नहीं चली। 2018 में दोनों ने आपसी सहमति से रिश्ता खत्म करने का ऐलान किया।

    रश्मिका की चेतावनी
    रश्मिका ने अपने फैंस और जनता से भी अपील की कि क्लिप शेयर करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी यदि इसे हटाया नहीं गया। उन्होंने कहा कि उनका मकसद अपने और अपने परिवार के सम्मान को बचाना है और किसी भी तरह की गलत सूचना को बढ़ावा नहीं देना है।

    रश्मिका मंदाना ने साफ कर दिया है कि वह अपनी पर्सनल लाइफ और शादी को लेकर किसी भी तरह के झूठे प्रचार या अफवाहों को सहन नहीं करेंगी। यह मामला न केवल उनके मानसिक और व्यक्तिगत अधिकारों की सुरक्षा का है, बल्कि सोशल मीडिया पर गलत सूचना और झूठी कंट्रोवर्सी फैलाने के खिलाफ एक सख्त संदेश भी है।

  • लंबी जंग के लिए तैयार ईरान, कहा- टकराव बढ़ा तो हिल सकती है वैश्विक अर्थव्यवस्था

    लंबी जंग के लिए तैयार ईरान, कहा- टकराव बढ़ा तो हिल सकती है वैश्विक अर्थव्यवस्था

    तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने साफ संकेत दिया है कि वह लंबी अवधि तक चलने वाले युद्ध के लिए तैयार है। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर संघर्ष जारी रहा तो इसका असर पूरी दुनिया की आर्थिक व्यवस्था पर पड़ेगा और वैश्विक बाजारों में बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
    यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान ने दो वाणिज्यिक जहाजों पर गोलीबारी की और अमेरिका या उसके सहयोगियों से जुड़े जहाजों को चेतावनी जारी की है। साथ ही ईरान ने वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि युद्ध जल्द खत्म हो सकता है और ईरान में अब अमेरिकी सेना के लिए निशाना बनाने योग्य बहुत कम लक्ष्य बचे हैं।

    तेल बाजार में उथल-पुथल

    दरअसल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों और ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत के बाद क्षेत्र में संघर्ष तेज हो गया था। इसके बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है।

    कीमतों को काबू में रखने के लिए International Energy Agency (IEA) ने सदस्य देशों के साथ मिलकर अपने भंडार से 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने का फैसला किया है। इसे अब तक की सबसे बड़ी रणनीतिक तेल आपूर्ति मानी जा रही है।

    जहाजों पर हमले और कंपनियों की चिंता

    संघर्ष के 12वें दिन ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps ने उन आर्थिक संस्थानों और बैंकों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है, जिन्हें वह अमेरिका और इजरायल से जुड़ा मानता है। इसके बाद कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने Dubai से अपने कर्मचारियों को निकालना शुरू कर दिया है।

    ईरान का दावा है कि उसने लाइबेरिया के झंडे वाले कंटेनर जहाज “एक्सप्रेस रोम” और थाई मालवाहक पोत “मयूरी नारी” पर हमला किया, क्योंकि वे चेतावनी के बावजूद Strait of Hormuz में दाखिल हुए थे।

    Royal Navy of Oman ने जहाज से 20 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया, जबकि तीन लोगों की तलाश जारी है।

    वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा खतरा

    विश्लेषकों का कहना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है तो इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। इस समुद्री मार्ग से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी का परिवहन होता है, साथ ही वैश्विक उर्वरक आपूर्ति का भी बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।

    फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने जी-7 देशों से अपील की है कि जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही जल्द बहाल कराने के लिए कदम उठाए जाएं। वहीं United Nations ने सभी पक्षों से मानवीय सहायता सामग्री के आवागमन की अनुमति देने का आग्रह किया है।

    खाड़ी क्षेत्र में हमले जारी

    इस बीच Dubai सरकार ने बताया कि दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास दो ड्रोन गिरने से चार लोग घायल हो गए।

    वहीं Salalah Port पर हुए ड्रोन हमले में ईंधन टैंकों को निशाना बनाया गया, जिससे लाखों लीटर तेल में आग लग गई। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

    दूसरी ओर इजरायल ने ईरान और लेबनान में Hezbollah के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर नए हमले शुरू करने का दावा किया है। Beirut में एक बहुमंजिला आवासीय इमारत पर हवाई हमले से इमारत को भारी नुकसान पहुंचा और आसपास खड़ी कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।

    ईरान में सुरक्षा अलर्ट

    ईरान के राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख Ahmad Reza Radan ने कहा है कि सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी विरोध प्रदर्शन को दुश्मन की गतिविधि माना जाएगा। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अमेरिका और इजरायल के हमलों में अब तक 1200 से अधिक लोगों की मौत और 10 हजार से ज्यादा नागरिकों के घायल होने की जानकारी सामने आई है, हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

  • भोपाल जनसुनवाई में सनसनीखेज शिकायत: महिला बोली- पति मेरे सामने सगी बहन से बनाता है संबंध, आयोग ने दिए जांच के आदेश

    भोपाल जनसुनवाई में सनसनीखेज शिकायत: महिला बोली- पति मेरे सामने सगी बहन से बनाता है संबंध, आयोग ने दिए जांच के आदेश


    भोपालभोपाल में राष्ट्रीय महिला आयोग की जनसुनवाई के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया, जिसने अधिकारियों और मौजूद लोगों को भी हैरान कर दिया। एक महिला ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसका पति उसके सामने ही अपनी सगी बहन के साथ शारीरिक संबंध बनाता है। पीड़िता ने आयोग के सामने अपनी पीड़ा रखते हुए न्याय की गुहार लगाई और आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने उसकी मदद नहीं की।

    राजधानी भोपाल में आयोजित इस जनसुनवाई कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर शामिल हुईं। कार्यक्रम का आयोजन महारानी लक्ष्मीबाई गर्ल्स कॉलेज में किया गया था, जहां बड़ी संख्या में महिलाएं अपनी समस्याएं लेकर पहुंचीं। जनसुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, साइबर क्राइम और पारिवारिक विवाद से जुड़े कई मामलों की सुनवाई की गई। कार्यक्रम में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

    जनसुनवाई के दौरान एक महिला मंच पर पहुंची और अपनी आपबीती सुनाते हुए पति पर गंभीर आरोप लगाए। महिला ने बताया कि उसका पति उसके सामने ही अपनी सगी बहन के साथ संबंध बनाता है। पीड़िता के अनुसार उसने कई बार इसका विरोध किया, लेकिन उसकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया। महिला का कहना है कि उसने इस बारे में अपने सास-ससुर को भी जानकारी दी, लेकिन उन्होंने भी कोई हस्तक्षेप नहीं किया।

    महिला ने यह भी आरोप लगाया कि वह कई बार पुलिस थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। परेशान होकर आखिरकार वह राष्ट्रीय महिला आयोग की जनसुनवाई में पहुंची और न्याय की मांग की।

    महिला की शिकायत सुनने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

    जनसुनवाई के दौरान एक अन्य मामला भी सामने आया, जिसमें पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद आयोग की मध्यस्थता से सुलझा दिया गया। जानकारी के अनुसार बच्चों को लेकर दोनों के बीच करीब दो महीने पहले विवाद हुआ था, जिसके बाद दोनों अलग रहने लगे थे और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आयोग की पहल पर दोनों के बीच बातचीत कराई गई और आपसी सहमति से समझौता हो गया। इसके बाद दोनों को मंच पर ही पौधा भेंट कर शुभकामनाओं के साथ विदा किया गया।

    इसी कार्यक्रम में एक महिला ने भोपाल के शाहपुरा थाना क्षेत्र से जुड़ी शिकायत भी रखी। महिला का आरोप था कि पिछले एक साल से एक व्यक्ति उसका पीछा कर रहा है और कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। उसने कहा कि अब उसे घर से बाहर निकलने में भी डर लगता है। इस पर आयोग की अध्यक्ष ने पुलिस अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    जनसुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग में पद खाली होने का मुद्दा भी उठाया गया। जानकारी दी गई कि आयोग में कई पद खाली होने के कारण महिलाओं से जुड़े 30 हजार से ज्यादा मामले लंबित पड़े हैं। इस पर विजया रहाटकर ने कहा कि इस विषय पर संबंधित स्तर पर चर्चा की जाएगी और जल्द समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाना आयोग की प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।