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  • लोकसभा में विपक्ष ने पेश किया स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: बहस में गरमाए सांसद, राहुल गांधी की बोलने की स्वतंत्रता पर उठे सवाल

    लोकसभा में विपक्ष ने पेश किया स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: बहस में गरमाए सांसद, राहुल गांधी की बोलने की स्वतंत्रता पर उठे सवाल



    नई दिल्ली। लोकसभा में मंगलवार को विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया, जिसमें 50 से अधिक सांसदों ने समर्थन दिया। प्रस्ताव पर अब 10 घंटे तक बहस होगी। विपक्ष ने आरोप लगाया कि स्पीकर सदन में पक्षपात कर रहे हैं और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बार-बार बोलने से रोका गया।

    कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि बजट सत्र में 20 बार राहुल गांधी को बोलने से रोका गया और बार-बार रूलिंग बुक दिखाकर उन्हें रोकने की कोशिश की गई। गोगोई ने स्पीकर पर महिला सांसदों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया।

    वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जवाब में कहा कि विपक्ष के आरोप असत्य हैं। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जब सदन में बोलने आते हैं, कई बार विदेश यात्रा के कारण अनुपस्थित रहते हैं। रिजिजू ने यह भी कहा कि स्पीकर का नेतृत्व देश के लिए गर्व की बात है और उन्हें हटाने की आवश्यकता नहीं।

    कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी सदन में बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी लगातार सच बोलते हैं और यही सत्तापक्ष को पसंद नहीं आता। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि अमेरिका-इजरायल जैसी अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर संवेदनशीलता दिखाएं।

    डिप्टी स्पीकर की नियुक्ति पर विवाद
    अविश्वास प्रस्ताव के दौरान डिप्टी स्पीकर न नियुक्त किए जाने का मुद्दा भी गर्माया। कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि सदन में डिप्टी स्पीकर की कमी संवैधानिक वैक्यूम पैदा करती है। उन्होंने बताया कि पिछली लोकसभाओं में यह पद विपक्ष को दिया गया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे खाली रखा।

    स्पीकर की गैर-मौजूदगी में लोकसभा की अध्यक्षता जगदंबिका पाल ने की, जिन्होंने कहा कि प्रस्ताव की बहस 10 घंटे तक चलेगी और इस दौरान कार्यवाही उनके अधीन होगी। उन्होंने विपक्ष से कहा कि प्रस्ताव से जुड़े विषयों पर ही बहस हो।

    सदन में राजनीतिक टकराव
    बहस के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस हुई। गोगोई ने कहा कि स्पीकर ने राहुल गांधी को बार-बार बोलने से रोका, जबकि भाजपा सांसदों को बिना रोक स्पीकर की अनुमति के बोलने दिया गया। इसके जवाब में रिजिजू ने कहा कि सदन में नियमों के अनुसार कार्यवाही चलाना स्पीकर का अधिकार है।

    संसदीय कार्य मंत्री ने यह भी बताया कि स्पीकर ने 18वीं लोकसभा में विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों को पर्याप्त सवाल पूछने और अपनी बात रखने के अवसर दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्पीकर का पद लोकतंत्र की गरिमा को सुरक्षित रखने वाला है और इसे हटाने की कोई आवश्यकता नहीं।

    नव भारत शैली निष्कर्ष
    लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव केवल एक राजनीतिक मोशन नहीं, बल्कि संसद में नियम और लोकतंत्र की मर्यादा को लेकर चल रही बहस है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी टकराव से यह स्पष्ट होता है कि लोकतंत्र में हर सदस्य की आवाज सुनी जानी चाहिए। अब बहस के 10 घंटे पूरे होने के बाद स्पीकर पद को लेकर सदन का निर्णय सामने आएगा।

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  • Oscars 2026: भारत में कब और कहां देखें 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स? प्रेजेंटर्स लिस्ट में शामिल हुईं प्रियंका चोपड़ा

    Oscars 2026: भारत में कब और कहां देखें 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स? प्रेजेंटर्स लिस्ट में शामिल हुईं प्रियंका चोपड़ा


    नई दिल्ली। हॉलीवुड का सबसे बड़ा और ग्लैमरस उत्सव ऑस्कर 2026 (98th Academy Awards) बस कुछ ही दिन दूर है। आप इसको लेकर कई सारी जानकारी सामने आने लगी है। दुनिया भर के सिनेमा प्रेमियों की नजरें इस भव्य समारोह पर टिकी हैं, जहां साल 2025 की बेहतरीन फिल्मों और कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा। वहीं साल इस अवार्ड के प्रेजेंटर की लिस्ट में प्रियंका चोपड़ा भी शामिल हो गई है। वहीं आप भारत में बैठकर आप इस अवॉर्ड फंक्शन को कब और कहां कैसे देख सकते हैं तो चलिए इसके बारे में पूरी जानकारी जानते हैं।

    कब आयोजित होगा यह अवार्ड फंक्शन?
    लॉस एंजिल्स का प्रतिष्ठित डॉल्बी थिएटर एक बार फिर सितारों से सजने के लिए तैयार है। इस साल ऑस्कर की मेजबानी मशहूर कॉमेडियन और टीवी पर्सनैलिटी कोनन ओ’ब्रायन (Conan O’Brien) कर रहे हैं। 2025 में उनकी शानदार होस्टिंग के बाद उन्हें दोबारा यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।अमेरिका और भारत के समय में अंतर होने के कारण, भारत में इसका प्रसारण सोमवार, 16 मार्च 2026 को होगा आप Jio Hotstar ऐप और वेबसाइट पर सुबह 4:30 बजे से इसकी लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं।भारत में Star Movies चैनल पर इसका सीधा प्रसारण किया जाएगा। रेड कार्पेट की चमक और अवॉर्ड्स का रोमांच लाइव देखने का अनुभव अलग ही होगा।

    प्रियंका चोपड़ा का चलेगा जादू
    प्रियंका चोपड़ा जोनस अब हॉलीवुड में भी अपनी धाक जमा चुकी हैं। ताजा खबर यह है कि वह 98वें अकादमी अवॉर्ड्स में बतौर प्रेजेंटर नजर आएंगी, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है। प्रियंका चोपड़ा ने खुद इस जानकारी को सजा करते हुए एक पोस्ट शेयर किया है।पोस्ट शेयर करने के बाद प्रियंका के इंडस्ट्री के दोस्तों और साथी कलाकारों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और कमेंट सेक्शन में प्यार और शुभकामनाओं की बौछार कर दी।भारतीय फैंस के लिए सबसे बड़ी खबर प्रियंका चोपड़ा का प्रेजेंटर बनना है।

  • जबलपुर में शिया समुदाय का जोरदार प्रदर्शन: खामेनेई के समर्थन में नारे, अमेरिका-इजराइल पर गुस्सा, प्रधानमंत्री से तुरंत हस्तक्षेप की मांग

    जबलपुर में शिया समुदाय का जोरदार प्रदर्शन: खामेनेई के समर्थन में नारे, अमेरिका-इजराइल पर गुस्सा, प्रधानमंत्री से तुरंत हस्तक्षेप की मांग


    जबलपुर। सोमवार देर रात जबलपुर की सड़कों पर सैकड़ों शिया समुदाय के लोग अयातुल्ला अली खामेनेई के समर्थन में प्रदर्शन करते नजर आए। लोग हाथों में खामेनेई की तस्वीरें और मोमबत्तियां लेकर “तुम कितने खामेनेई मारोगे, हर घर से अब खामेनेई निकलेगा, शिया-सुन्नी भाई-भाई, अल्लाह हू अकबर” जैसे नारे लगा रहे थे। यह रैली बेलबाग और फूटाताल चौराहे से मुमताज बिल्डिंग तक करीब दो किलोमीटर लंबी रही।

    प्रदर्शन में शामिल लोगों ने इजराइल और अमेरिका के प्रति गहरी नाराजगी जताई। शिया समुदाय ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को युद्ध का जिम्मेदार बताया। अंजुमन निदा-ए-इस्लाम के बैनर तले आयोजित इस रैली में लोगों ने देश की राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि खामेनेई की शहादत ने पूरे मुस्लिम समुदाय को गहरा झकझोर दिया है।

    जबलपुर के जव्वार हुसैन जैदी ने कहा कि अमेरिका और इजराइल द्वारा की गई युद्ध कार्रवाई पूरी तरह से गलत है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। उन्होंने भारत सरकार से आग्रह किया कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाकर युद्ध रोकवाए क्योंकि युद्ध में हमेशा आम जनता का ही नुकसान होता है।

    प्रदर्शनकारी सकीना फातिमा ने कहा कि वे फिलिस्तीन और ईरान के प्रति दुखी हैं और खामेनेई का बदला चाहते हैं। उनका कहना था कि खामेनेई ने शिया और सुन्नी समुदाय को भाई-भाई बताते हुए मुस्लिम एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि खामेनेई के हत्यारे को कड़ी सजा मिले और अमेरिकी नेतृत्व को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

    सैयद उरोज अली ने कहा कि खामेनेई किसी एक मुसलमान के नहीं बल्कि पूरे मुस्लिम समुदाय के नेता थे। उन्होंने बताया कि समुदाय उनकी मिशन को आगे बढ़ाएगा और अन्याय के खिलाफ खड़ा रहेगा, चाहे वह शिया हो या सुन्नी, हिंदी मुसलमान हो या देवबंदी। प्रदर्शनकारी प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कह रहे थे कि उन्होंने शांतिपूर्ण जुलूस निकालने की अनुमति दी।

    शिया समुदाय ने प्रधानमंत्री से भी आग्रह किया कि अमेरिका और इजराइल पर दबाव बनाएं। उनका कहना था कि देश का 36 करोड़ मुसलमान प्रधानमंत्री के फैसले की ओर देख रहा है और उन्हें अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने शांति बहाली और मध्य-पूर्व में जारी युद्ध रोकने की भी मांग की।

  • भोपाल-इंदौर के रेस्टोरेंट्स में 10 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी, देशभर में 1 दिन के सर्वे में 408 करोड़ की चोरी का खुलासा

    भोपाल-इंदौर के रेस्टोरेंट्स में 10 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी, देशभर में 1 दिन के सर्वे में 408 करोड़ की चोरी का खुलासा


    भोपाल।  आयकर विभाग ने देशभर में रेस्टोरेंट्स के खिलाफ एक बड़े पैमाने पर सर्वे अभियान चलाकर टैक्स चोरी का खुलासा किया है। इस जांच के दौरान भोपाल के मिलन स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट और इंदौर के नानन सर ढाबा में लगभग 10 करोड़ रुपए की बिक्री छिपाने की गड़बड़ी सामने आई। विभाग का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।

    केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के मुताबिक, यह सर्वे अभियान 8 मार्च को देशभर में एक साथ किया गया। शुरुआती जांच में करीब 408 करोड़ रुपए की बिक्री छिपाने का मामला सामने आया। जांच में पता चला कि कई रेस्टोरेंट्स बिल डिलीट करने, रिकॉर्ड में बदलाव करने और बिक्री कम दिखाने जैसे तरीके अपनाकर टैक्स चोरी कर रहे थे।

    आयकर विभाग ने नवंबर 2025 में फूड एंड बेवरेज (F&B) सेक्टर में टैक्स चोरी के पैटर्न की जांच शुरू की थी। इसके तहत 1.77 लाख रेस्टोरेंट्स के लेन-देन का एआई आधारित विश्लेषण किया गया और इसे आयकर रिटर्न में घोषित टर्नओवर से मिलाया गया। इस प्रक्रिया में कई रेस्टोरेंट्स ने अपनी आय कम दिखाई और कई जगह बिक्री का पूरा रिकॉर्ड ही रिटर्न या खातों में दर्ज नहीं था।

    अभियान के तहत 22 राज्यों के 46 शहरों में 62 रेस्टोरेंट्स पर सर्वे किया गया। विभाग ने 63 हजार रेस्टोरेंट्स को नोटिस भेजते हुए उन्हें 31 मार्च 2026 तक अपने रिटर्न अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम स्वैच्छिक अनुपालन बढ़ाने और टैक्स चोरी रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    जांच में यह भी पता चला कि कई रेस्टोरेंट्स “पेट पूजा” जैसे सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रोजाना होने वाली बिक्री का डेटा डिलीट कर देते थे, ताकि आय कम दिखाई जा सके। भोपाल के मिलन स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट में भी इसी तरह का सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किया जा रहा था। आयकर अधिकारियों ने जांच के दौरान इस डेटा को रिकवर किया और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए।

    आयकर विभाग का कहना है कि यह अभियान न सिर्फ बड़े रेस्टोरेंट्स बल्कि पूरे F&B सेक्टर में टैक्स अनुपालन सुधारने के लिए लगातार जारी रहेगा।

  • CBSE का स्पष्ट बयान: 12वीं गणित का प्रश्नपत्र पूरी तरह असली और सुरक्षित

    CBSE का स्पष्ट बयान: 12वीं गणित का प्रश्नपत्र पूरी तरह असली और सुरक्षित


    नई दिल्ली। कक्षा 12 के गणित प्रश्नपत्र को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा और संदेह के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने मंगलवार को स्थिति स्पष्ट की। बोर्ड ने कहा कि 9 मार्च को आयोजित परीक्षा का प्रश्नपत्र पूरी तरह असली और सुरक्षित है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब छात्रों और अभिभावकों ने देखा कि प्रश्नपत्र पर मौजूद एक क्यूआर कोड को स्कैन करने पर वह यूट्यूब वीडियो से जुड़ने लगा। इससे प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता पर सवाल उठने लगे और सोशल मीडिया में अफवाहें फैल गईं।

    सीबीएसई ने अपने बयान में कहा कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए गए हैं और क्यूआर कोड सुरक्षा उपायों का हिस्सा है। इसका उद्देश्य संभावित सुरक्षा उल्लंघनों की स्थिति में प्रश्नपत्र की सत्यता को प्रमाणित करना है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि इस क्यूआर कोड से जुड़े संदेह के कारण ही छात्रों और अभिभावकों में भ्रम उत्पन्न हुआ था, जबकि प्रश्नपत्र की वास्तविकता में कोई कमी नहीं है।

    बोर्ड ने यह भी कहा कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा में किसी भी तरह की सेंध नहीं लगी है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने कहा कि छात्रों और अभिभावकों को किसी भी अफवाह पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बोर्ड ने पूरी गंभीरता से इस घटना की समीक्षा की है और भविष्य में इस तरह की समस्याओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

    9 मार्च को आयोजित परीक्षा के दौरान वितरित किए गए सभी प्रश्नपत्र पूरी तरह असली हैं। सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त किया कि सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी है और प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं हुआ है। बोर्ड ने यह भी बताया कि भविष्य में क्यूआर कोड से जुड़ी किसी भी तकनीकी समस्या को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। इससे छात्रों को यह भरोसा मिलेगा कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और निष्पक्ष है।

    इस मामले में बोर्ड का संदेश स्पष्ट है: किसी भी तरह की अफवाह या सोशल मीडिया में फैल रही झूठी जानकारी पर ध्यान न दें। प्रश्नपत्र असली हैं, सुरक्षा सुनिश्चित है और परीक्षा प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से जारी रहेगी। सीबीएसई ने आश्वासन दिया कि तकनीकी पहलुओं की समीक्षा कर भविष्य में ऐसी किसी भी समस्या से निपटने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। छात्रों और अभिभावकों से अनुरोध किया गया कि वे पूरी प्रक्रिया में विश्वास रखें और अफवाहों में घबराएँ नहीं।

  • एमपी में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य, मंत्री ने निगरानी के निर्देश दिए सोशल मीडिया अफवाहों से पैनिक फैलने की आशंका

    एमपी में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य, मंत्री ने निगरानी के निर्देश दिए सोशल मीडिया अफवाहों से पैनिक फैलने की आशंका



    भोपाल। मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर राज्य सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल किसी प्रकार की कमी नहीं है। मंगलवार को कैबिनेट बैठक में इस मसले पर चर्चा के बाद पेट्रोलियम विभाग के मंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस की आपूर्ति की लगातार निगरानी की जाए। बैठक के बाद सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी और घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई सामान्य रूप से जारी है।

    मंत्री ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश के अनुसार राज्य में सोमवार से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर रोक लागू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में जारी युद्ध जैसी परिस्थितियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, लेकिन पेट्रोलियम उत्पादों के स्टॉक पर्याप्त हैं और प्रदेश में किसी प्रकार का गंभीर असर नहीं होगा।

    भोपाल पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि फिलहाल सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं है और डीलरों के ऑर्डर नियमित रूप से पूरे किए जा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में पेट्रोल-डीजल की किल्लत से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए जा सकते हैं, जिससे पैनिक की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को सोशल मीडिया पर निगरानी रखनी चाहिए ताकि अफवाहें न फैलें।

    अजय सिंह के अनुसार, मध्यप्रदेश में सालाना लगभग 1200 मीट्रिक लीटर पेट्रोल और 1600 मीट्रिक लीटर डीजल की खपत होती है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल-डीजल को स्टॉक किया जा सकता है, लेकिन घरेलू रसोई गैस के मामले में स्टॉकिंग संभव नहीं है, इसलिए उसकी लगातार आपूर्ति और निगरानी जरूरी है।

    इधर, रसोई गैस डीलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि आरके गुप्ता ने बताया कि कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई फिलहाल बंद है, लेकिन घरेलू गैस की आपूर्ति सामान्य है। उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम चार बजे भोपाल जिला प्रशासन की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें स्थिति की समीक्षा कर आगे के निर्णय लिए जाएंगे।

    राज्य सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि किसी भी अफवाह या पैनिक की स्थिति से बचने के लिए पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति की निगरानी लगातार की जा रही है और आम जनता को भरोसा दिया गया है कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कमी का कोई सवाल नहीं है।

  • कैलोरी बर्न से मसल्स गेन तक, फिट रहने के लिए कंपाउंड मूवमेंट्स क्यों हैं जरूरी

    कैलोरी बर्न से मसल्स गेन तक, फिट रहने के लिए कंपाउंड मूवमेंट्स क्यों हैं जरूरी


    नई दिल्ली। फिट रहने और मसल्स बनाने के लिए कंपाउंड मूवमेंट्स को अपनी एक्सरसाइज रूटीन में शामिल करना बेहद फायदेमंद है। ये व्यायाम सिर्फ मांसपेशियों को मजबूत नहीं बनाते, बल्कि कैलोरी बर्न, मेटाबॉलिज्म, हार्मोन और कार्डियो फिटनेस पर भी सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

    कंपाउंड मूवमेंट्स क्या हैं?
    कंपाउंड मूवमेंट्स ऐसे व्यायाम हैं जिनमें एक साथ कई मांसपेशियां और जोड़ सक्रिय होते हैं। उदाहरण के लिए:स्क्वैट्स और डेडलिफ्ट: पैरों के साथ-साथ पीठ और कोर मसल्स को भी मजबूत बनाते हैं। बेंच प्रेस, पुल-अप, ओवरहेड प्रेस, लंज: कई मसल ग्रुप को काम में लेते हैं। इन अभ्यासों से शरीर एक समन्वित इकाई की तरह काम करता है, जिससे ताकत और सहनशीलता बढ़ती है।

    मसल्स और ताकत में तेजी
    कंपाउंड एक्सरसाइज में अक्सर अधिक वजन उठाना पड़ता है, जिससे मांसपेशियों की ताकत और आकार तेजी से बढ़ते हैं। भारी लिफ्ट्स जैसे स्क्वैट और डेडलिफ्ट टेस्टोस्टेरोन और ग्रोथ हार्मोन के स्तर को अस्थायी रूप से बढ़ाते हैं। इससे मसल ग्रोथ और रिकवरी दोनों में मदद मिलती है।

    कैलोरी बर्न और वजन नियंत्रण
    कंपाउंड मूवमेंट्स में अधिक मसल्स सक्रिय होने के कारण कैलोरी बर्न ज्यादा होती है। मेटाबॉलिज्म बढ़ता है। वजन को नियंत्रित रखना आसान होता है। हार्ट और कार्डियो फिटनेस में सुधार होता है। वहीं, आइसोलेशन एक्सरसाइज केवल एक मसल और जोड़ पर फोकस करती हैं, इसलिए इनसे कैलोरी बर्न और स्ट्रेंथ बढ़ाने की दर कम होती है।

    इंटरमस्कुलर कोऑर्डिनेशन और रियल-लाइफ एक्टिविटी
    कंपाउंड मूवमेंट्स शरीर के जोड़ों और मांसपेशियों की स्थिरता बढ़ाते हैं। उठाना, धक्का देना, खींचना जैसी रोजमर्रा की एक्टिविटी के लिए शरीर तैयार होता है। इंटरमस्कुलर कोऑर्डिनेशन बेहतर होता है।

    शुरुआती लोगों के लिए टिप्स
    शुरुआती लोग बॉडीवेट स्क्वाट, पुश-अप, लंज, असिस्टेड पुल-अप जैसी कंपाउंड एक्सरसाइज से शुरुआत कर सकते हैं।

    सही फॉर्म से व्यायाम करें।

    धीरे-धीरे वजन बढ़ाएं।

    इन्हें नियमित रूटीन में शामिल करें।

  • कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप: होटल रेस्टोरेंट बंद, आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू

    कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप: होटल रेस्टोरेंट बंद, आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू


    नई दिल्ली । देश भर में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप हो गई है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर की गई स्ट्राइक के बाद हॉर्मुज जलमार्ग बंद हो गया है जिससे भारत को गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। कतर जो भारत की LNG की सबसे बड़ी सप्लाई करता है ने प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद उत्पादन रोक दिया है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 40% LNG कतर से ही आयात करता है इसलिए देश में घरेलू और कॉमर्शियल गैस की किल्लत बढ़ गई है।

    दिल्ली मध्य प्रदेश महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे कई राज्यों ने कॉमर्शियल गैस की सप्लाई रोक दी है। इससे कई शहरों में होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत आ गई है। मुंबई में 20% होटल रेस्टोरेंट पहले ही बंद हो चुके हैं और होटल एसोसिएशन ‘आहार’ ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई बहाल नहीं हुई तो अगले दो दिनों में आधे से अधिक होटल बंद हो सकते हैं। भोपाल में शादी और सीजन के बीच 2 000 से अधिक होटल रेस्टोरेंट संचालन प्रभावित हैं।

    केंद्र सरकार ने जमाखोरी रोकने और आपूर्ति नियंत्रण के लिए देशभर में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू कर दिया है। इसके तहत गैस की सप्लाई चार कैटेगरी में बांटी जाएगी घरेलू रसोई और CNG को पूरी आपूर्ति मिलेगी खाद कारखानों को लगभग 70% बड़े उद्योगों और चाय फैक्ट्रियों को लगभग 80% और छोटे होटल रेस्टोरेंट और कारखानों को भी पुरानी खपत के हिसाब से लगभग 80% गैस मिलेगी।

    उत्तर प्रदेश में बुकिंग के 4 5 दिन बाद भी सिलेंडर डिलीवर नहीं हो रहे हैं। मुंबई पुणे और नागपुर में सप्लाई कटौती के कारण रेस्टोरेंट और शवदाह गृह बंद हुए हैं। राजस्थान में होटल मैरिज गार्डन और रेस्टोरेंट संचालक परेशान हैं। कर्नाटक में भी होटल बंद होने की आशंका के कारण बुजुर्ग छात्र और मरीज प्रभावित हो रहे हैं।

    सरकार ने संकट से निपटने के लिए पांच कदम उठाए हैं हाई लेवल कमेटी बनाना आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू करना LPG बुकिंग नियम बदलना 25 दिन बाद दूसरा सिलेंडर OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य करना और LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश देना। इंडियन ऑयल के के.एम. ठाकुर ने कहा है कि ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है और पैनिक बुकिंग न करें। सरकार वैकल्पिक सप्लाई का भी इंतजाम कर रही है रूस और अल्जीरिया से अतिरिक्त कच्चा तेल आने की संभावना है।

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की बंदी और कतर में LNG उत्पादन ठप होना मुख्य कारण हैं। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। भारत अपनी जरूरत का आधा कच्चा तेल और 54% LNG इसी मार्ग से मंगाता है। सप्लाई संकट के बीच घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत ₹60 बढ़ाकर 913 रुपए कर दी गई है। कॉमर्शियल सिलेंडर 19 किग्रा का 1883 रुपए में मिल रहा है। इससे होटल रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसाय संचालकों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

  • ‘वाराणसी’ के लिए बड़ा सौदा! स्काई ब्लू सिनेमैटिक्स को मिली ब्रांड इंटीग्रेशन की विशेष अनुमति

    ‘वाराणसी’ के लिए बड़ा सौदा! स्काई ब्लू सिनेमैटिक्स को मिली ब्रांड इंटीग्रेशन की विशेष अनुमति

    नई दिल्ली। फिल्म उद्योग में आमतौर पर ब्रांड्स को केवल प्रोडक्ट प्लेसमेंट के तौर पर दिखाया जाता है। लेकिन ‘वाराणसी’ में ब्रांड्स को कहानी में स्वाभाविक और ऑथेंटिक तरीके से शामिल किया जाएगा। स्काई ब्लू सिनेमैटिक्स पारंपरिक प्रोडक्ट प्लेसमेंट से आगे बढ़कर “ऑथेंटिक नैरेटिव वीव्स” का इस्तेमाल करेंगे। इसका उद्देश्य ब्रांड्स को फिल्म की दुनिया का स्वाभाविक हिस्सा बनाना है।

    राजामौली का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट
    एस. एस. राजामौली को भारतीय सिनेमा के सबसे दूरदर्शी फिल्मकारों में गिना जाता है। उनकी फिल्मों की खासियत भव्य दृश्यों और मजबूत भावनात्मक कहानियों का मेल है। ‘वाराणसी’ को ग्लोबल ऑडियंस के लिए टेक्निकल और नैरेटिव स्केल पर डिजाइन किया जा रहा है।

    फिल्म हाई-ऑक्टेन एक्शन-एडवेंचर शैली की है, जिसमें प्राचीन भारतीय कथाओं और आधुनिक कहानी को जोड़ा गया है। कहानी अलग-अलग देशों और स्थानों में घूमती है, इसलिए इसे एक ग्लोबल सिनेमैटिक स्पेक्टेकल कहा जा रहा है।

    तकनीकी और ग्लोबल रिकॉर्ड
    ‘वाराणसी’ भारत की सबसे महंगी फिल्मों में से एक बन सकती है। यह पहली भारतीय फिल्म होगी जिसे 1.43:1 आईमैक्स फॉर्मेट में शूट किया जाएगा, जो दर्शकों को विशाल और वास्तविक सिनेमाई अनुभव देगा। फिल्म को 120 से अधिक देशों में रिलीज किया जाएगा।

    स्टार कास्ट और संगीत
    फिल्म में दक्षिण भारतीय सुपरस्टार Mahesh Babu मुख्य भूमिका में हैं। उनके साथ अंतरराष्ट्रीय अभिनेत्री Priyanka Chopra Jonas और अभिनेता Prithviraj Sukumaran भी अहम भूमिकाओं में हैं। संगीत का जिम्मा ऑस्कर विजेता संगीतकार M. M. Keeravani संभालेंगे, जिससे फिल्म का ऑडियो अनुभव भी वैश्विक स्तर पर विशेष रहेगा।

    स्काई ब्लू सिनेमैटिक्स की भूमिका
    स्काई ब्लू सिनेमैटिक्स को फिल्म के लिए दुनिया भर के ब्रांड्स के साथ साझेदारी करने और उन्हें फिल्म की कहानी में जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई है। कंपनी का उद्देश्य ब्रांड्स को कहानी में स्वाभाविक तरीके से शामिल कर फिल्म और ब्रांड दोनों के लिए नई संभावनाएं बनाना है।

    ग्रुप चेयरमैन मणिकंदमूर्ति वेलायुधन ने कहा, “इतनी बड़ी फिल्म के साथ जुड़ना सम्मान की बात है। ‘वाराणसी’ एक वैश्विक सिनेमाई आंदोलन है, और हमारी कंपनी को इस प्रोजेक्ट के लिए ग्लोबल ब्रांड पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने का जिम्मा मिला है।”

    राजामौली की प्रतिक्रिया
    निर्देशक एस. एस. राजामौली ने कहा, “वाराणसी बड़े पैमाने पर बनाई जा रही फिल्म है और इसमें होने वाली हर साझेदारी फिल्म को अधिक दर्शकों तक पहुंचाने में मदद करेगी। मुझे उम्मीद है कि स्काई ब्लू सिनेमैटिक्स के साथ मिलकर वैश्विक ब्रांड्स को फिल्म की कहानी में सम्मानजनक और स्वाभाविक तरीके से जोड़ा जाएगा। वाराणसी’ 2027 में दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है और इसे भारतीय सिनेमा का सबसे ग्लोबल स्तर पर प्रभाव डालने वाला प्रोजेक्ट माना जा रहा है।

  • जबलपुर हाईकोर्ट में भ्रूण लेकर घुसने पर सुरक्षा फेल: 4 पुलिसकर्मी निलंबित, एसपी ने की कड़ी कार्रवाई

    जबलपुर हाईकोर्ट में भ्रूण लेकर घुसने पर सुरक्षा फेल: 4 पुलिसकर्मी निलंबित, एसपी ने की कड़ी कार्रवाई


    जबलपुर। हाईकोर्ट परिसर की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था उस वक्त तार-तार हो गई, जब एक व्यक्ति अपने बैग में ‘भ्रूण’ लेकर गेट नंबर 6 से भीतर दाखिल हो गया। सोमवार को हुई इस सनसनीखेज घटना के बाद मंगलवार को जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय ने कड़ी कार्रवाई की है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में एक एएसआई (ASI) और तीन अन्य पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

    लापरवाही पर गाज: ये पुलिसकर्मी हुए निलंबित
    एसपी संपत उपाध्याय ने सुरक्षा ड्यूटी में तैनात निम्नलिखित पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है:

    ASI मुन्ना अहिरवार

    हेड कांस्टेबल ब्रह्मदत्त खत्री

    हेड कांस्टेबल अरुण उपाध्याय

    कांस्टेबल प्रतीक सोनकर

    घटनाक्रम: गेट नंबर 6 से बैग लेकर घुसा याचिकाकर्ता
    रीवा जिले के बैकुंठपुर का रहने वाला दयाशंकर पांडे सोमवार को अपने केस की पैरवी करने खुद हाईकोर्ट पहुंचा था। वह गेट नंबर 6 से अंदर दाखिल हुआ, जहां सघन चेकिंग का दावा किया जाता है। दयाशंकर के बैग में कानूनी दस्तावेजों के साथ एक भ्रूण रखा हुआ था। जैसे ही परिसर के भीतर इस बात का खुलासा हुआ, वहां हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस ने उसे हिरासत में लिया।

    वजह: ‘पुलिस निष्क्रियता’ के खिलाफ अनोखा विरोध या मजबूरी?
    दयाशंकर पांडे ने अपनी इस हरकत के पीछे रीवा पुलिस की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार ठहराया है दयाशंकर के अनुसार, 2024 में निर्दलीय चुनाव लड़ने के बाद से उस पर और उसके परिवार पर लगातार हमले हो रहे हैं।उसने बताया कि 1 मार्च को एक बिना नंबर की कार ने उसकी बाइक को टक्कर मारी थी, जिसमें उसकी गर्भवती पत्नी घायल हो गई। इस हादसे के कारण 8 मार्च को उसकी पत्नी का गर्भपात (मिसकैरेज) हो गया। दयाशंकर का आरोप है कि रीवा पुलिस ने शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे तंग आकर वह सबूत के तौर पर भ्रूण लेकर हाईकोर्ट पहुंच गया।

    हाईकोर्ट जैसी संवेदनशील जगह पर बिना चेकिंग के किसी वस्तु का बैग में लेकर पहुंच जाना सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है। हालांकि, दयाशंकर की पीड़ा पुलिसिया तंत्र की विफलता की ओर इशारा करती है, लेकिन इस तरह का कृत्य सुरक्षा प्रोटोकॉल का बड़ा उल्लंघन है।

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    क्या आप चाहते हैं कि मैं इस घटना के बाद ‘हाईकोर्ट परिसर की नई सुरक्षा