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  • गुण और कर्म से बनता है इंसान श्रेष्ठ: चाणक्य नीति में छिपा जीवन का मूल मंत्र

    गुण और कर्म से बनता है इंसान श्रेष्ठ: चाणक्य नीति में छिपा जीवन का मूल मंत्र


    नई दिल्ली।

    प्राचीन भारतीय दर्शन और नीति शास्त्र में चाणक्य नीति को जीवन को समझने और सही दिशा में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण आधार माना गया है। इस ग्रंथ में आचार्य चाणक्य ने इंसान के व्यवहार, सोच और कर्मों के आधार पर यह समझाया है कि एक अच्छा इंसान कौन होता है।

    चाणक्य के अनुसार, किसी व्यक्ति की श्रेष्ठता उसके बाहरी स्वरूप से नहीं बल्कि उसके अंदर मौजूद गुणों और उसके कार्यों से तय होती है। जो व्यक्ति अपने जीवन में धर्म, कर्तव्य और नैतिकता को समझकर आगे बढ़ता है, वही वास्तव में अच्छा इंसान कहलाता है।

    इस नीति शास्त्र में यह स्पष्ट किया गया है कि ज्ञान केवल पढ़ने या सुनने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे अपने जीवन में उतारना जरूरी है। जो व्यक्ति सही और गलत के अंतर को समझकर निर्णय लेता है और उसी के अनुसार व्यवहार करता है, वह समाज में सम्मान प्राप्त करता है।

    चाणक्य ने यह भी बताया है कि हर इंसान का एक निश्चित कर्तव्य होता है, जिसे निभाना उसका धर्म है। जिस प्रकार प्रकृति में हर तत्व का अपना स्वभाव होता है, उसी तरह मनुष्य का स्वभाव भी उसके कर्मों और जिम्मेदारियों से जुड़ा होता है। जब कोई व्यक्ति अपने कर्तव्यों को समझकर कार्य करता है, तभी उसका जीवन संतुलित और सफल बनता है।

    इसके अलावा चाणक्य नीति यह भी सिखाती है कि सही निर्णय लेने के लिए विवेक और अनुभव दोनों जरूरी हैं। जो व्यक्ति अपने कर्मों के परिणाम को समझकर आगे बढ़ता है, वही जीवन में स्थिरता और सफलता प्राप्त करता है।

    इस ग्रंथ में यह भी संदेश दिया गया है कि कर्तव्य से पीछे हटना कमजोरी है, जबकि अपने दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाना ही सच्ची मानवता है।

    इस प्रकार चाणक्य नीति के अनुसार अच्छा इंसान वही है जो अपने विचारों में स्पष्ट हो, कर्मों में ईमानदार हो और जीवन में धर्म तथा कर्तव्य को सर्वोपरि रखता हो। यही गुण उसे समाज में सम्मान और श्रेष्ठ स्थान दिलाते हैं।

  • आज का राशिफल 6 मई 2026: जोश, संयम और समझदारी का दिन-इन राशियों पर बरसेगी किस्मत, कुछ को रहना होगा सतर्क

    आज का राशिफल 6 मई 2026: जोश, संयम और समझदारी का दिन-इन राशियों पर बरसेगी किस्मत, कुछ को रहना होगा सतर्क


    नई दिल्ली आज का दिन ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण जीवन में संतुलन, आत्मविश्लेषण और आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है। चंद्रमा का धनु राशि में गोचर अधिकांश लोगों में आशावाद और कुछ नया सीखने की इच्छा जगाएगा। वहीं सूर्य मेष राशि में रहकर ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता को बढ़ा रहा है, लेकिन बुध के अस्त होने से संवाद में सावधानी बरतना बेहद जरूरी हो जाता है। मंगल और शनि की युति कुछ राशियों के लिए अनुशासन की परीक्षा ले सकती है।
    मेष, सिंह और धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन खासतौर पर सकारात्मक है। मेष राशि के लोगों में नई चीजें सीखने का उत्साह रहेगा और आत्मविश्वास उन्हें आगे बढ़ाएगा, हालांकि खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है। सिंह राशि वालों के लिए यह दिन रचनात्मकता और प्रेम संबंधों में मजबूती लेकर आएगा, लेकिन जोखिम से बचना होगा। धनु राशि के जातक ऊर्जा और आकर्षण से भरपूर रहेंगे, जिससे वे अपने लक्ष्यों की ओर तेजी से बढ़ सकते हैं।
    वृषभ, कन्या और मकर राशि वालों के लिए आज आत्मचिंतन और धैर्य का दिन है। वृषभ राशि के लोग भावनात्मक रूप से संवेदनशील रह सकते हैं, इसलिए हठ छोड़कर समझदारी से निर्णय लेना बेहतर होगा। कन्या राशि को घरेलू मामलों और रिश्तों में संतुलन बनाए रखने की जरूरत है। मकर राशि के लिए दिन थोड़ा शांत और आत्मविश्लेषण वाला रहेगा, जहां धैर्य ही सफलता की कुंजी बनेगा।
    मिथुन, तुला और कुंभ राशि के लिए आज का दिन सामाजिक संबंधों और संवाद के जरिए आगे बढ़ने का है। मिथुन राशि वालों को टीमवर्क से सफलता मिल सकती है, जबकि तुला राशि के लोग अधूरे काम पूरे करने में सफल रहेंगे। कुंभ राशि के लिए नेटवर्किंग और नए अवसरों की संभावनाएं बनेंगी, लेकिन आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है।
    कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों को आज जिम्मेदारियों और आर्थिक मामलों पर खास ध्यान देना होगा। कर्क राशि के लिए काम और सेहत प्राथमिकता में रहेंगे। वृश्चिक राशि वालों को अचानक बदलावों और खर्चों के प्रति सतर्क रहना चाहिए। वहीं मीन राशि के लिए करियर में उन्नति के अवसर बनेंगे, लेकिन पैसों के लेन-देन में लापरवाही नुकसान दे सकती है।
    कुल मिलाकर, आज का दिन हर राशि के लिए कुछ न कुछ खास संदेश लेकर आया है—कहीं उत्साह, कहीं सावधानी, तो कहीं आत्ममंथन। अगर आप संतुलन और समझदारी से काम लेते हैं, तो दिन को अपने पक्ष में कर सकते हैं।
  • ₹3000 में ‘सॉल्वर’ बनी BTech छात्रा: JEE पास युवती दूसरे की जगह देती पकड़ी गई, उज्जैन में एग्जाम रैकेट का खुलासा

    ₹3000 में ‘सॉल्वर’ बनी BTech छात्रा: JEE पास युवती दूसरे की जगह देती पकड़ी गई, उज्जैन में एग्जाम रैकेट का खुलासा


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के उज्जैन में परीक्षा प्रणाली को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में बीकॉम परीक्षा के दौरान एक युवती को ‘सॉल्वर’ बनकर दूसरे छात्र की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी खुद JEE जैसी कठिन परीक्षा पास कर चुकी है और बीटेक की छात्रा है।

    जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला 4 मई को सामने आया, जब सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के वाघ देवी भवन में बीकॉम छठे सेमेस्टर की परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान एनएसयूआई नेता तरुण परिहार की शिकायत पर जांच की गई। जांच में सपना भदौरिया की जगह इंदौर निवासी युवती परीक्षा देती हुई मिली।

    पहले पूछताछ में युवती ने खुद को प्रिशा साहू बताया, लेकिन सख्ती करने पर उसने अपनी असली पहचान विशाखा माहेश्वरी बताई। वह उज्जैन के गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक की पढ़ाई कर रही है और अगले ही दिन उसका खुद का पेपर भी था।

    पूछताछ में सामने आया कि विशाखा अपनी एक दोस्त की बहन की जगह परीक्षा देने आई थी। इसके लिए उसे ₹3000 दिए गए थे। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह रकम दो किस्तों में दी गई—पहले ₹1000 और बाद में ₹2000।

    इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। असली परीक्षार्थी सपना भदौरिया ने विशाखा को भरोसा दिलाया था कि वह पहले भी तीन बार इसी तरह दूसरों से परीक्षा दिलवा चुकी है और कभी पकड़ी नहीं गई। इसी भरोसे में आकर विशाखा ने यह जोखिम उठाया।

    मामले की जानकारी मिलते ही कुलगुरु अर्पण भारद्वाज मौके पर पहुंचे और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं माधव नगर पुलिस ने विशाखा माहेश्वरी, सपना भदौरिया और ऋषभ नामक युवक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।

    पुलिस अब इस पूरे एग्जाम सॉल्वर रैकेट की गहराई से जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि इसमें एक संगठित गिरोह शामिल हो सकता है, जो पैसे लेकर छात्रों की जगह परीक्षाएं दिलवाता है।

    यह घटना न सिर्फ परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे पढ़े-लिखे छात्र भी लालच में आकर गलत रास्ता चुन रहे हैं।

    कुल मिलाकर, उज्जैन का यह मामला शिक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी है। अगर समय रहते ऐसे रैकेट्स पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह समस्या और भी गहरी हो सकती है।

  • टिकट के बदले 5 करोड़ मांगे गए, TMC छोड़ मनोज तिवारी का बड़ा खुलासा, बंगाल में सियासी भूचाल

    टिकट के बदले 5 करोड़ मांगे गए, TMC छोड़ मनोज तिवारी का बड़ा खुलासा, बंगाल में सियासी भूचाल



    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में विधानसभा चुनाव के बाद हलचल थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर और नेता मनोज तिवारी ने ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी पारा और चढ़ा दिया है। तिवारी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) से नाता तोड़ते हुए पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    मनोज तिवारी, जो कभी तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में शामिल थे और राज्य सरकार में खेल मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं, अब खुलकर पार्टी के खिलाफ बोल रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि विधानसभा चुनाव में टिकट देने के बदले उनसे 5 करोड़ रुपये की मांग की गई थी।

    तिवारी का कहना है कि यह घटना उनके लिए चौंकाने वाली थी और इसी ने उन्हें पार्टी छोड़ने के फैसले के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में पारदर्शिता और सिद्धांतों की बात करने वाली पार्टी के भीतर इस तरह की मांग बेहद निराशाजनक है।

    उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि TMC के साथ उनका “चैप्टर खत्म” हो चुका है और अब वे आगे की राजनीतिक राह पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वे किसी दूसरी पार्टी में शामिल होंगे या नहीं।

    इस पूरे घटनाक्रम के बीच बंगाल चुनाव के नतीजों ने पहले ही राज्य की राजनीति की तस्वीर बदल दी है। भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पहली बार राज्य में सत्ता हासिल की है, जबकि लंबे समय से सत्ता में रही ममता बनर्जी की पार्टी को बड़ा झटका लगा है।

    राजनीतिक जानकार मानते हैं कि चुनावी हार के बाद TMC के भीतर असंतोष बढ़ सकता है और मनोज तिवारी जैसे नेताओं के आरोप इस असंतोष को और हवा दे सकते हैं। ऐसे आरोपों से पार्टी की छवि पर भी असर पड़ सकता है, खासकर तब जब विपक्ष पहले से ही पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर हमलावर रहा है।

    हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक ममता बनर्जी या TMC की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इससे राजनीतिक अटकलों का दौर और तेज हो गया है।

    इस घटनाक्रम का एक और पहलू यह भी है कि चुनाव के बाद नेताओं का दल-बदल और खुलासे सामने आना आम बात होती है। लेकिन जब कोई बड़ा नाम इस तरह का आरोप लगाता है, तो उसका असर व्यापक होता है और वह सियासी विमर्श का केंद्र बन जाता है।

    कुल मिलाकर, मनोज तिवारी का यह आरोप सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति में नए विवाद की शुरुआत साबित हो सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि TMC इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या यह मामला और बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता है।

  • करुणानिधि के पीछे खड़ा वही लड़का बना ‘किंगमेकर’: विजय की जीत पर RGV का तंज, TVK ने बदली तमिलनाडु की सियासत

    करुणानिधि के पीछे खड़ा वही लड़का बना ‘किंगमेकर’: विजय की जीत पर RGV का तंज, TVK ने बदली तमिलनाडु की सियासत


    नई दिल्ली। तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां फिल्म स्टार थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) ने विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीत ली हैं। सिर्फ दो साल पुरानी पार्टी का यह प्रदर्शन राज्य की राजनीति में ‘विजय युग’ की शुरुआत माना जा रहा है।

    234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है, और TVK इससे सिर्फ 10 सीट पीछे रहकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इससे विजय के मुख्यमंत्री बनने की राह लगभग साफ मानी जा रही है।

    इस ऐतिहासिक जीत के बीच मशहूर फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा (RGV) ने सोशल मीडिया पर एक पुरानी तस्वीर शेयर कर सियासी हलचल बढ़ा दी। तस्वीर में एम करुणानिधि फीता काटते नजर आ रहे हैं, और उनके पीछे एक युवा लड़का खड़ा है—जो कोई और नहीं बल्कि खुद विजय हैं।

    इस फोटो को शेयर करते हुए RGV ने तंज कसते हुए लिखा कि करुणानिधि ने शायद कभी सोचा भी नहीं होगा कि उनके पीछे खड़ा यह लड़का एक दिन उनकी पार्टी को इतनी बड़ी चुनौती देगा।

    सोशल मीडिया पर यह तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है और यूजर्स भी दिलचस्प प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे ‘किस्मत का खेल’ बता रहे हैं, तो कुछ विजय को नया करुणानिधि तक कह रहे हैं।

    विजय की इस जीत ने सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) को बड़ा झटका दिया है। पिछले चुनाव में 133 सीटें जीतने वाली DMK इस बार सिर्फ 59 सीटों पर सिमट गई है। यानी करीब 74 सीटों का नुकसान, जो पार्टी के लिए करारी हार साबित हुआ है।

    करीब 60 साल तक तमिलनाडु की राजनीति DMK और AIADMK के बीच सिमटी रही, लेकिन विजय ने महज दो साल में इस राजनीतिक चक्र को तोड़ दिया।

    कुल मिलाकर, एक पुरानी तस्वीर ने आज की राजनीति की तस्वीर बदल दी है—जहां कभी करुणानिधि के पीछे खड़ा एक लड़का आज तमिलनाडु की सियासत का सबसे बड़ा चेहरा बन चुका है।

  • बिहार में मौसम का कहर: नरकटियागंज में आंधी से उड़ गए छप्पर, पेड़ गिरने से सड़कें जाम; बेतिया में आग से लाखों का नुकसान

    बिहार में मौसम का कहर: नरकटियागंज में आंधी से उड़ गए छप्पर, पेड़ गिरने से सड़कें जाम; बेतिया में आग से लाखों का नुकसान


    नई दिल्ली। बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ने से भारी तबाही देखने को मिली। नरकटियागंज क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कई घरों के छप्पर उड़ गए, पेड़ सड़कों पर गिर पड़े और यातायात बाधित हो गया। वहीं बेतिया में देर रात शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने लाखों की संपत्ति जलाकर राख कर दी।

    नरकटियागंज में अचानक आई तेज आंधी ने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। अजुआ गांव के पास नरकटियागंज-व्यासपुर रोड पर पिंटू कुमार की हार्डवेयर दुकान का एस्बेस्टस छप्पर तेज हवा में उड़कर करीब 30 मीटर दूर जा गिरा। इस दौरान उनके मकान की दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

    गांव के ही बच्चा पटेल की झोपड़ी का छप्पर भी आंधी में उड़ गया, जिससे उनका परिवार पूरी रात खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया। तेज हवा और बारिश के दौरान लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित जगहों पर भागते नजर आए।

    आंधी का असर यातायात पर भी पड़ा। नरकटियागंज-लौरिया रोड पर जयमंगलापुर के पास एक बड़ा पेड़ गिर गया, जिससे करीब आधे घंटे तक सड़क जाम रही। स्थानीय लोगों की मदद से पेड़ हटाकर यातायात बहाल किया गया।

    सेमरा चौक पर भी एक बड़ा आम का पेड़ उखड़कर गिर गया, जिससे एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। मौसम की मार फसलों पर भी साफ दिखी। बागान मालिकों के मुताबिक, आम और लीची की फसल को भारी नुकसान हुआ है, क्योंकि बड़ी संख्या में कच्चे फल गिर गए। हालांकि बारिश से गन्ना, मूंग और उड़द की फसलों को फायदा मिला है।

    उधर, बेतिया के लाल बाजार इलाके में सोमवार रात करीब 12:15 बजे शॉर्ट सर्किट से दुर्गाशक्ति हार्डवेयर दुकान में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पास के गोदाम को भी अपनी चपेट में ले लिया।

    सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। दुकान मालिक प्रकाश कुमार के अनुसार, इस हादसे में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

    एक ही दिन में आंधी-बारिश और आग की घटनाओं ने पश्चिम चंपारण में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है, जबकि प्रभावित लोग राहत की उम्मीद कर रहे हैं।

  • L&T का धमाका: मुनाफा उछला, ₹38 प्रति शेयर डिविडेंड; ऑर्डर बुक रिकॉर्ड स्तर पर

    L&T का धमाका: मुनाफा उछला, ₹38 प्रति शेयर डिविडेंड; ऑर्डर बुक रिकॉर्ड स्तर पर


    नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से चर्चा में रही इंजीनियरिंग दिग्गज Larsen & Toubro (L&T) ने अपने तिमाही और सालाना नतीजों से निवेशकों को खुश कर दिया है। कंपनी ने न सिर्फ मुनाफे में जबरदस्त बढ़त दर्ज की, बल्कि हर शेयर पर ₹38 के भारी-भरकम डिविडेंड का ऐलान भी किया है।

    कंपनी की ओर से जारी एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, L&T का ग्रुप ऑर्डर इनफ्लो 22% की बढ़त के साथ ₹4.35 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक और भविष्य की ग्रोथ संभावनाओं का साफ संकेत देता है।

    वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी का समेकित राजस्व ₹82,762 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 11% ज्यादा है। खास बात यह रही कि अंतरराष्ट्रीय कारोबार से ₹43,747 करोड़ की कमाई हुई, जो कुल राजस्व का 53% हिस्सा है।

    पूरे वित्त वर्ष की बात करें तो कंपनी का Recurring PAT ₹17,238 करोड़ रहा, जिसमें सालाना आधार पर 18% की मजबूत बढ़त दर्ज की गई। वहीं, Consolidated PAT ₹16,084 करोड़ रहा। इसमें ₹1,155 करोड़ का एक बार का प्रावधान (Exceptional Item) शामिल है, जो नए श्रम कानूनों के तहत कर्मचारियों को मिलने वाले लाभों के लिए किया गया है।

    निवेशकों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी डिविडेंड को लेकर आई है। L&T ने ₹2 फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर ₹38 का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है, जो पिछले साल के ₹34 प्रति शेयर से ज्यादा है।

    कंपनी ने इसके लिए 22 मई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। यानी इस तारीख तक जिन निवेशकों के डीमैट अकाउंट में L&T के शेयर होंगे, उन्हें यह डिविडेंड मिलेगा। शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद डिविडेंड का भुगतान 10 जून 2026 तक किया जा सकता है।

    कुल मिलाकर, मजबूत ऑर्डर बुक, बढ़ता मुनाफा और आकर्षक डिविडेंड—तीनों फैक्टर L&T को निवेशकों के लिए एक बार फिर चर्चा में ले आए हैं। बाजार के जानकार मानते हैं कि इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग सेक्टर में कंपनी की पकड़ आने वाले समय में और मजबूत हो सकती है।

  • UAE पर ईरानी हमला, 3 भारतीय घायल, भारत सख्त; मोदी बोले- नागरिकों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर वार ‘अस्वीकार्य’

    UAE पर ईरानी हमला, 3 भारतीय घायल, भारत सख्त; मोदी बोले- नागरिकों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर वार ‘अस्वीकार्य’



    नई दिल्ली। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह ऑयल पोर्ट पर हुए हमले ने पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ा दिया है। इस हमले में 3 भारतीय नागरिकों के घायल होने पर भारत ने कड़ी नाराजगी जताई है और साफ कहा है कि आम नागरिकों को निशाना बनाना किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    सरकारी सूत्रों के मुताबिक, फुजैराह के इंडस्ट्रियल जोन को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया। हालांकि UAE की एयर डिफेंस सिस्टम ने कई खतरों को बीच में ही नष्ट कर दिया, लेकिन मलबा गिरने से कुछ जगहों पर नुकसान हुआ और भारतीय नागरिक घायल हो गए।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि निर्दोष लोगों और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और हिंसा तुरंत रोकने की अपील की है।

    भारत सरकार ने यह भी दोहराया कि होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री यातायात अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत बिना किसी बाधा के जारी रहना चाहिए। यह मार्ग वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है।

    UAE अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने 12 बैलिस्टिक मिसाइल, 3 क्रूज मिसाइल और 4 ड्रोन को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया। हालांकि ईरान ने अब तक इस हमले को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे स्थिति और संवेदनशील बनी हुई है।

    इस बीच, फुजैराह की रणनीतिक अहमियत को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। यह इलाका UAE के तेल निर्यात का बड़ा केंद्र है और यहां से हबशन-फुजैराह पाइपलाइन के जरिए बड़ी मात्रा में कच्चा तेल दुनिया के बाजारों तक पहुंचाया जाता है, वह भी होर्मुज स्ट्रेट को बायपास करते हुए।

    पिछले 24 घंटे में घटनाक्रम तेजी से बदला है। ईरान पर ड्रोन हमले के आरोप, होर्मुज में जहाजों पर हमले, अमेरिका का ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ और क्षेत्रीय देशों की बढ़ती प्रतिक्रिया ने हालात को और जटिल बना दिया है।

    दक्षिण कोरिया के एक जहाज में धमाके के बाद आग लगने की घटना ने भी सुरक्षा चिंताएं बढ़ा दी हैं। वहीं, अमेरिका ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर नई एडवाइजरी जारी की है, हालांकि ईरान ने इसे असुरक्षित बताया है।

    इसी बीच, ईरान के विदेश मंत्री का चीन दौरा भी अहम माना जा रहा है, जहां क्षेत्रीय तनाव और कूटनीतिक समाधान पर चर्चा हो सकती है।

    कुल मिलाकर, फुजैराह हमले के बाद पश्चिम एशिया में हालात नाजुक बने हुए हैं। भारत ने जहां अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है, वहीं कूटनीतिक समाधान और शांति की अपील भी दोहराई है। आने वाले दिनों में इस पूरे घटनाक्रम पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।

  • मैं हारी नहीं, हराई गई हूं, ममता का बड़ा हमला इस्तीफा से इनकार, चुनाव आयोग और BJP पर 100 सीट ‘लूटने’ का आरोप

    मैं हारी नहीं, हराई गई हूं, ममता का बड़ा हमला इस्तीफा से इनकार, चुनाव आयोग और BJP पर 100 सीट ‘लूटने’ का आरोप


    नई दिल्ली। ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद भी साफ कर दिया है कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी। मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता ने कहा, हम हारे नहीं हैं, हमें हराया गया है। यह जनादेश नहीं, साजिश है। उन्होंने दो टूक कहा कि वह राजभवन नहीं जाएंगी और इस्तीफा देने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

    ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग विलेन की तरह काम कर रहा था और भाजपा के साथ मिलकर करीब 100 सीटें “लूटी गईं।” ममता ने दावा किया कि काउंटिंग सेंटरों पर कब्जा किया गया, कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों के साथ बदसलूकी हुई और प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग किया गया।

    उन्होंने कहा कि चुनाव से ठीक पहले उनके समर्थकों को गिरफ्तार किया गया, छापेमारी की गई और कई आईएएस-आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया। ममता ने आरोप लगाया कि पूरे चुनाव में सत्ता पक्ष ने दबाव और डर का माहौल बनाया। उनका कहना था कि “आधिकारिक तौर पर वे हमें हरा सकते हैं, लेकिन नैतिक रूप से हमने ही चुनाव जीता है।”

    ममता ने अपने राजनीतिक तेवर भी साफ कर दिए। उन्होंने कहा,अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है, मैं आजाद पंछी हूं। कहीं से भी चुनाव लड़ूंगी, सड़कों पर रहूंगी और शेर की तरह लड़ाई जारी रखूंगी। साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि चुनाव आयोग के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए 5 सांसदों समेत 10 सदस्यों की फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाई जाएगी।

    गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 294 में से 207 सीटें हासिल की हैं। वहीं तृणमूल कांग्रेस महज 80 सीटों पर सिमट गई। इस नतीजे के साथ ही 15 साल से सत्ता में काबिज ममता सरकार का अंत हो गया।

    इन चुनावों में सिर्फ बंगाल ही नहीं, बल्कि तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में भी बड़े राजनीतिक बदलाव देखने को मिले। तमिलनाडु में विजय की पार्टी TVK ने चौंकाने वाली जीत दर्ज की, जबकि केरल में कांग्रेस की वापसी हुई और असम-पुडुचेरी में NDA ने सत्ता बरकरार रखी। कुल मिलाकर, ममता बनर्जी के तीखे तेवर और चुनाव नतीजों पर उठाए गए सवाल आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति को और गर्माने वाले हैं।

  • 5 राज्यों के नतीजों में सियासी भूचाल: बंगाल में BJP की ऐतिहासिक जीत, ममता का किला ढहा; तमिलनाडु में विजय की TVK ने रचा इतिहास

    5 राज्यों के नतीजों में सियासी भूचाल: बंगाल में BJP की ऐतिहासिक जीत, ममता का किला ढहा; तमिलनाडु में विजय की TVK ने रचा इतिहास


    नई दिल्ली। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों ने देश की राजनीति की तस्वीर ही बदल दी है। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में सत्ता परिवर्तन हुआ, जबकि असम और पुडुचेरी में NDA ने वापसी कर ली है। इन नतीजों ने जहां कई दिग्गजों को चौंकाया, वहीं कई बड़े राजनीतिक किले भी ढह गए।

    सबसे बड़ा उलटफेर पश्चिम बंगाल में देखने को मिला, जहां भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार सत्ता पर कब्जा कर लिया। पार्टी ने महज 10 साल में 3 सीटों से छलांग लगाकर 207 सीटों तक पहुंचकर इतिहास रच दिया। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस 81 सीटों पर सिमट गई। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत 22 मंत्री चुनाव हार गए, जिससे 15 साल पुराना उनका शासन खत्म हो गया।

    बंगाल में भाजपा का स्ट्राइक रेट करीब 70% रहा, जो इस जीत की ताकत को दर्शाता है। पार्टी ने बिना मुख्यमंत्री चेहरे के चुनाव लड़ा, ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि राज्य की कमान किसे मिलेगी। संभावित चेहरों में सुवेंदु अधिकारी, सुकांत मजूमदार, दिलीप घोष और समिक भट्टाचार्य शामिल हैं। साथ ही महिला मुख्यमंत्री के विकल्प पर भी चर्चा तेज है।

    इस जीत में नरेंद्र मोदी और अमित शाह की रणनीति अहम मानी जा रही है। मोदी ने 242 सीटों पर प्रचार किया, जिनमें से 184 सीटों पर भाजपा को जीत मिली। वहीं ‘पन्ना प्रमुख’ जैसी रणनीति और बूथ स्तर की माइक्रो मैनेजमेंट ने भी बड़ा असर डाला।

    तमिलनाडु में भी बड़ा राजनीतिक भूचाल आया। यहां एक्टर विजय की 2 साल पुरानी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम ने 108 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया। 59 साल में पहली बार ऐसा होगा जब राज्य में DMK या AIADMK के अलावा किसी तीसरी पार्टी की सरकार बनेगी। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी चुनाव हार गए, जो इस बदलाव की बड़ी मिसाल है।

    केरल में 10 साल बाद कांग्रेस की वापसी हुई है, जिससे राज्य में वामपंथी सरकार का अंत हो गया। वहीं असम में भाजपा ने लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर अपनी पकड़ मजबूत की है।

    कुल मिलाकर, इन चुनाव नतीजों ने साफ कर दिया है कि देश की राजनीति में बड़ा बदलाव चल रहा है। कहीं दशकों पुरानी सरकारें खत्म हो रही हैं, तो कहीं नई पार्टियां तेजी से उभर रही हैं। आने वाले समय में इन नतीजों का असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी साफ देखने को मिलेगा।