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  • ईरान-USA-इजराइल जंग: मजबूरी में लड़ रहा ईरान, नए सुप्रीम लीडर घायल, UAE ने मिसाइलों को नष्ट किया

    ईरान-USA-इजराइल जंग: मजबूरी में लड़ रहा ईरान, नए सुप्रीम लीडर घायल, UAE ने मिसाइलों को नष्ट किया


    नई दिल्ली। अमेरिका और इजराइल के साथ जारी ईरान संघर्ष आज 10वें दिन पहुंच गया है। ईरान ने साफ किया है कि यह जंग उनकी पसंद नहीं, बल्कि मजबूरी में लड़नी पड़ रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि इस जंग को देश पर जबरन थोप दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल मध्यस्थता या सीजफायर पर चर्चा करना संभव नहीं है, क्योंकि सैन्य टकराव जारी है और प्राथमिकता देश की सुरक्षा पर है।बघाई ने जोर देकर कहा कि ईरान ने जंग शुरू नहीं की थी, और किसी अन्य देश तुर्किये, साइप्रस और अजरबैजान पर हमला नहीं किया गया।

    नए सुप्रीम लीडर पर हमला
    ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल हमले में मौत हुई थी। 1989 से ईरान की सर्वोच्च सत्ता पर काबिज अली खामेनेई ने 1979 की इस्लामिक क्रांति में अहम भूमिका निभाई थी और 1981 में आठ साल के लिए राष्ट्रपति भी रहे।

    उनके उत्तराधिकारी, मुजतबा खामेनेई, बीती रात नए सुप्रीम लीडर घोषित हुए, लेकिन उन्हें हाल ही में इजराइली हमले में चोट लगी। ईरानी सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने कहा कि नए नेतृत्व से देश में उम्मीद और एकजुटता बढ़ी है, जबकि अमेरिका और इजराइल के लिए यह निराशाजनक संकेत है।

    UAE ने रोकी ईरान की मिसाइलें और ड्रोन
    संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान से दागी गई 12 बैलिस्टिक मिसाइलें और 17 ड्रोन हवा में ही नष्ट कर दिए। युद्ध शुरू होने के बाद UAE की तरफ कुल 253 मिसाइलें और 1,440 ड्रोन दागे जा चुके हैं।

    स्थिति तनावपूर्ण, लेकिन ईरान ने मजबूती दिखाई
    ईरानी अधिकारियों ने कहा कि देश की सुरक्षा मजबूत है और नए सुप्रीम लीडर के नेतृत्व में ईरान और भी एकजुट दिखाई देगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश की रक्षा के लिए मजबूरी में जंग लड़नी पड़ रही है, और किसी अन्य क्षेत्र पर आक्रामकता नहीं दिखाई जा रही।

  • सिलेंडर ब्लास्ट से दहला खजुराहो, परिवार का घर मलबे में तब्दील, प्रशासन से मदद की गुहार

    सिलेंडर ब्लास्ट से दहला खजुराहो, परिवार का घर मलबे में तब्दील, प्रशासन से मदद की गुहार


    खजुराहो । मध्य प्रदेश के खजुराहो में एक जोरदार हादसे ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। राजनगर नगर परिषद के वार्ड नंबर 14 रानीपुरा में रहने वाले राजन कोरी के घर में अचानक गैस सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि पल भर में उनका घर मलबे में बदल गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाके की तीव्रता से घर का पक्का लेंटर गिर गया, दीवारें ढह गईं और लोहे का गेट भी फटकर दूर जा गिरा। हालांकि हादसे के समय परिवार के सदस्य सुरक्षित दूरी पर थे, इसलिए किसी की जान नहीं गई। लेकिन घर का पूरा सामान, छत और संरचना पूरी तरह नष्ट हो गई है।

    घटना के बाद आसपास के इलाके में दहशत का माहौल फैल गया। पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचित किया। पीड़ित परिवार ने आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग करते हुए प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है, ताकि वे फिर से अपना घर बना सकें।

    परिवार के सदस्य मजदूरी और कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं। उन्होंने पिछले चार-पांच सालों में अपनी मेहनत से यह घर बनाया था। सिलेंडर ब्लास्ट ने उनकी मेहनत को पल भर में नष्ट कर दिया। परिवार के लिए यह घटना मानसिक और आर्थिक दोनों रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है।

    स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों से उम्मीद है कि पीड़ित परिवार को जल्द ही मदद और राहत प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपने घर और जीवन को फिर से व्यवस्थित कर सकें।

  • भोपाल में मंगलवार को बिजली कटौती की चेतावनी: दानिशकुंज, गोविंदपुरा, बीडीए कॉलोनी सहित 30 इलाके प्रभावित

    भोपाल में मंगलवार को बिजली कटौती की चेतावनी: दानिशकुंज, गोविंदपुरा, बीडीए कॉलोनी सहित 30 इलाके प्रभावित


    भोपाल भोपाल में मंगलवार को करीब 30 इलाकों में बिजली कटौती रहेगी, क्योंकि बिजली विभाग ने मेंटेनेंस का काम तय किया है। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति ठप रहेगी, जिससे नागरिक और व्यवसाय दोनों प्रभावित होंगे। बिजली कटौती के चलते घरों और दुकानों में जरूरी काम पहले निपटाने की सलाह दी गई है।

    मुख्य प्रभावित इलाकों में दानिशकुंज, गोविंदपुरा, बीडीए कॉलोनी, ओम नगर, विट्ठन मार्केट, जेल हिल्स, निजामउद्दीन कॉलोनी, सागर स्टेट, सुख सागर कॉलोनी, सचितानंद नगर, रीगल स्टेट, बंजारा बस्ती, आसाराम चौराहा, गांधी नगर, अर्जुन वार्ड, प्रताप वार्ड, धाकड़ चौराहा, ब्लेयर कॉलोनी फेस-1-2, लेक पर्ल स्प्रिंग, ई-5 और अपेक्स बैंक कॉलोनी शामिल हैं।

    समय के हिसाब से कटौती इस प्रकार रहेगी: सुबह 10 से 12 बजे जेल हिल्स और आसपास, 10 से 2 बजे दानिशकुंज-2,3,4 और सिद्धि समृद्धि हाइट्स, 10 से 4 बजे निजामउद्दीन कॉलोनी, सागर स्टेट, सुख सागर कॉलोनी, सचितानंद नगर, रीगल स्टेट, सागर बंगलो, बीडीए, गोविंदपुरा, बंजारा बस्ती, 10 से 4 बजे आसाराम चौराहा, गांधी नगर, अर्जुन वार्ड, प्रताप वार्ड, धाकड़ चौराहा, ब्लेयर कॉलोनी फेस-1-2, लेक पर्ल स्प्रिंग, 10:30 से 4 बजे विट्ठन मार्केट, ई-5, अपेक्स बैंक कॉलोनी और 12 से 4 बजे भीम नगर, ओम नगर, वल्लभ नगर।

    बिजली विभाग ने कहा कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में सप्लाई जल्द बहाल की जाएगी और टीम लगातार निगरानी में रहेगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे कटौती के दौरान सुरक्षा का ध्यान रखें और जरूरी उपकरण पहले से चार्ज कर लें।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह कटौती मेंटेनेंस के लिए आवश्यक है, ताकि भविष्य में विद्युत आपूर्ति में व्यवधान न आए। नागरिकों से आग्रह है कि वे घर और व्यवसाय की तैयारी समय से कर लें, ताकि बिजली कटौती के दौरान परेशानी का सामना न करना पड़े।

  • Sheetala Ashtami 2026: कब है शीतला अष्टमी और क्यों लगाया जाता है माता को बासी भोजन का भोग

    Sheetala Ashtami 2026: कब है शीतला अष्टमी और क्यों लगाया जाता है माता को बासी भोजन का भोग


    नई दिल्‍ली । भारत में होली के आठ दिन बाद, चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर शीतला अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इसे बसौड़ा भी कहा जाता है। यह पर्व माता शीतला की पूजा के लिए समर्पित है, जिन्हें संक्रामक और त्वचा रोगों से बचाने वाली देवी माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन विधिपूर्वक पूजा और व्रत करने वाले व्यक्तियों को चेचक, खसरा और अन्य त्वचा रोगों से सुरक्षा मिलती है।

    कब है शीतला अष्टमी 2026 

    पंचांग के अनुसार इस वर्ष शीतला अष्टमी का व्रत 11 मार्च 2026, बुधवार को रखा जाएगा। अष्टमी तिथि 11 मार्च को प्रातः 01:54 बजे से शुरू होकर अगले दिन भोर 04:19 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार व्रत उसी दिन ही मनाया जाएगा।

    पूजा का शुभ मुहूर्त

    माता शीतला की पूजा के लिए प्रातःकाल 06:36 बजे से सायंकाल 06:27 बजे तक का समय शुभ माना गया है। इसी अवधि में भक्त विधिपूर्वक पूजा-अर्चना और व्रत का पालन करते हैं।

    पर्व का महत्व

    माता शीतला को रोगों से सुरक्षा देने वाली देवी माना जाता है। खासतौर पर चेचक, खसरा और अन्य संक्रामक रोगों से बचाव के लिए उनकी पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माता शीतला को ठंडी वस्तुओं का भोग अर्पित करने से वह प्रसन्न होती हैं और भक्तों को रोगों से सुरक्षा प्रदान करती हैं।

    क्यों लगाया जाता है बासी भोजन का भोग

    बसौड़ा के दिन घर में चूल्हा जलाने और ताजा भोजन बनाने की परंपरा नहीं होती। इसलिए एक दिन पहले बनाया गया भोजन माता शीतला को अर्पित किया जाता है। यह भोजन प्रसाद के रूप में बाद में ग्रहण किया जाता है। मान्यता है कि माता शीतला को ठंडा या बासी भोजन प्रिय होता है। इससे शरीर में भी शीतलता बनी रहती है।

    यह पर्व विशेष रूप से राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र और उत्तर भारत के कई हिस्सों में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस दिन घर-घर में बसौड़ा और बासी भोजन की परंपरा निभाई जाती है, जिससे परिवार के सदस्य भी गर्मियों की बीमारियों और संक्रामक रोगों से सुरक्षित रहते हैं।

  • VIDEO: उज्जैन रंगपंचमी गेर में जोरदार धमाका, 8 घायल; सीएम मंच के पास सुरक्षा चूक

    VIDEO: उज्जैन रंगपंचमी गेर में जोरदार धमाका, 8 घायल; सीएम मंच के पास सुरक्षा चूक


    उज्जैन। रविवार को उज्जैन में रंगपंचमी के मौके पर आयोजित श्रीकृष्ण-सुदामा रंगोत्सव गेर में सुरक्षा की बड़ी चूक सामने आई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जिस मंच पर मौजूद थे, उसके महज 15 फीट की दूरी पर जोरदार धमाका हुआ।

    घटना सिंधी कॉलोनी चौराहा के पास सड़क के डिवाइडर के पास हुई, जहां किसी ने कलर स्मोक स्काई शॉट पटाखा फोड़ दिया। यह चाइना मेड मल्टी शॉट फायरवर्क था, जिसे रिमोट के जरिए चलाया जाता है। धमाके से अफरा-तफरी मच गई और लोग घबराकर गिर पड़े।

    घायलों की स्थिति:
    घटना में कुल 8 लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक मीडियाकर्मी और बीजेपी मंडल अध्यक्ष भी शामिल हैं। सभी घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि दो गंभीर घायलों को इंदौर रेफर किया गया।

    कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। नीलगंगा थाना प्रभारी तरुण कुरील ने बताया कि मामले की गहन जांच चल रही है और जल्द ही आरोपी की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस कार्रवाई
    धमाके में लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस ने इवेंट कर्मचारी मुजीब नागोरी, शाकिर नागोरी और शानवाज के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस अब देख रही है कि धमाके के पीछे सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई या अन्य कोई वजह रही।

    घायलों के नाम

    वीरेंद्र आंजना, बीजेपी मंडल अध्यक्ष, जमालपुरा

    रघुवीर सिंह गोयल (61), फाजलपुरा

    राजेंद्र भाटिया (57), अवंतिपुरा

    देवेंद्र चौहान (38), वसंत विहार

    जितेंद्र कीर, महालक्ष्मी नगर

    आशीष धोलपुरे, महावीर बाग

    प्रशांत यादव (36)

    गोपाल जाट

    पुलिस का बयान:
    नीलगंगा थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। धमाके के कारण हुए घायलों का इलाज जारी है और सुरक्षा चूक की पूरी पड़ताल की जा रही है।

    यह घटना उज्जैन में सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करती है और अधिकारियों के लिए चेतावनी है कि बड़े आयोजनों में सुरक्षा मानकों की कड़ाई से पालना आवश्यक है।

  • लोहे की कड़ाही में खाना बनाने के फायदे और बचें इन सब्जियों से, जानिए क्यों

    लोहे की कड़ाही में खाना बनाने के फायदे और बचें इन सब्जियों से, जानिए क्यों


    नई दिल्‍ली । भारतीय रसोई में सदियों से लोहे की कड़ाही का इस्तेमाल होता रहा है। इसे केवल पारंपरिक माना ही नहीं जाता बल्कि यह सेहत के लिए भी लाभकारी है। विशेषज्ञों के अनुसार लोहे के बर्तनों में पकाया गया खाना शरीर को प्राकृतिक रूप से आयरन देता है जिससे खून की कमी यानी एनीमिया जैसी समस्याओं से बचाव होता है।आजकल अधिकतर लोग स्टील या नॉन-स्टिक बर्तनों का इस्तेमाल करते हैं लेकिन लोहे की कड़ाही में बना खाना स्वाद में अलग और स्मोकी होता है। यह सब्जियों को अच्छी तरह भूनने और क्रिस्पी बनाने में भी मदद करता है। लेकिन हर सब्जी और व्यंजन को इसमें पकाना सही नहीं माना जाता।

    लोहे की कड़ाही में बनाना फायदेमंद सब्जियां

    हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक मेथी और सरसों का साग लोहे की कड़ाही में बनाने के लिए सबसे बेहतर मानी जाती हैं। इन सब्जियों में मौजूद पोषक तत्व कड़ाही में पकाने से शरीर को अच्छे से मिलते हैं और स्वाद भी बढ़ जाता है। इसके अलावा बैंगन का भरता आलू-जीरा परवल भिंडी और बीन्स जैसी सूखी सब्जियां भी लोहे की कड़ाही में आसानी से बनाई जा सकती हैं। हल्का स्मोकी फ्लेवर और पोषक तत्वों की सुरक्षा इन सब्जियों को और भी स्वादिष्ट बनाती है।

    लोहे की कड़ाही में न बनाएं ये चीजें
    खट्टी चीजें जैसे टमाटर की ज्यादा ग्रेवी इमली या नींबू वाली डिश लंबे समय तक लोहे की कड़ाही में नहीं बनानी चाहिए। खटास के कारण लोहे के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया होती है जिससे खाना काला पड़ सकता है और स्वाद बदल सकता है।साथ ही दही वाली डिश जैसे कढ़ी या दही ग्रेवी भी लोहे की कड़ाही में नहीं बनानी चाहिए। दही में मौजूद खटास बर्तन के साथ प्रतिक्रिया कर सकती है जिससे खाने का रंग और स्वाद प्रभावित होता है।

    लोहे की कड़ाही में खाना बनाने के फायदे
    सबसे बड़ा फायदा यह है कि खाने में प्राकृतिक आयरन की मात्रा बढ़ती है जिससे शरीर को आवश्यक पोषण मिलता है और एनीमिया जैसी समस्याओं से बचाव होता है। इसके अलावा इसमें बना खाना ज्यादा स्वादिष्ट भुना और क्रिस्पी होता है। नॉन-स्टिक बर्तनों की तुलना में लोहे की कड़ाही अधिक सुरक्षित मानी जाती है क्योंकि इसमें केमिकल कोटिंग नहीं होती। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह लंबे समय तक टिकती है और हेल्दी कुकिंग का बेहतरीन विकल्प साबित होती है।

  • जंग के डर से शेयर बाजार में भूचाल: सेंसेक्स 1862 अंक टूटा, निफ्टी 582 अंक लुढ़का

    जंग के डर से शेयर बाजार में भूचाल: सेंसेक्स 1862 अंक टूटा, निफ्टी 582 अंक लुढ़का


    नई दिल्‍ली । पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध की आशंका ने वैश्विक वित्तीय बाजारों को हिला कर रख दिया है। इसी का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिला जहां सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार भारी गिरावट के साथ खुला। निवेशकों में घबराहट के माहौल के बीच बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1, 862 अंकों की तेज गिरावट के साथ 77, 056 के स्तर पर खुला जबकि एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी 582 अंक टूटकर 23, 868 के स्तर पर पहुंच गया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में जोखिम की भावना को बढ़ा दिया है। युद्ध की आशंका के चलते निवेशक जोखिम वाली परिसंपत्तियों से दूरी बना रहे हैं और सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं। इसका सीधा असर शेयर बाजारों पर पड़ रहा है जहां व्यापक स्तर पर बिकवाली देखने को मिल रही है।

    घरेलू बाजार में भी निवेशकों की चिंता साफ नजर आई। निफ्टी फ्यूचर्स पिछले बंद स्तर की तुलना में करीब 722 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे जो इस बात का संकेत है कि बाजार में दबाव अभी और बढ़ सकता है। विश्लेषकों के अनुसार यदि पश्चिम एशिया में हालात और बिगड़ते हैं तो आने वाले दिनों में बाजार में और अधिक अस्थिरता देखने को मिल सकती है।

    केवल भारत ही नहीं बल्कि एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में भी सोमवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। जापान का निक्की 225 सूचकांक करीब 6.22 प्रतिशत गिरकर 53, 000 के स्तर से नीचे आ गया जबकि टॉपिक्स इंडेक्स में 5.27 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी बुरी तरह लुढ़क गया। पिछले सप्ताह 11 प्रतिशत गिरने के बाद सोमवार को इसमें 8 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई जिसके कारण सर्किट ब्रेकर सक्रिय हो गया और लगभग 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। वहीं हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी वायदा कारोबार में भारी गिरावट के साथ खुला।

    अमेरिकी शेयर बाजारों के फ्यूचर्स में भी भारी दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में डॉउ जोन्स फ्यूचर्स करीब 950 अंक तक गिर गए जबकि एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 100 अंकों से अधिक नीचे कारोबार करते दिखे। टेक्नोलॉजी शेयरों पर भी दबाव रहा और नैस्डैक फ्यूचर्स करीब 400 अंक तक गिर गए।

    इस गिरावट की बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेज उछाल भी है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने और हुर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंका के कारण वैश्विक तेल बाजार में हलचल मच गई है। इसके अलावा कुवैत ईरान और यूएई जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों द्वारा उत्पादन में कटौती की खबरों ने भी बाजार को प्रभावित किया है। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 18.03 प्रतिशत बढ़कर 109.40 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 20.23 प्रतिशत की तेजी के साथ 109.29 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

    ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खाड़ी क्षेत्र में हालात और बिगड़ते हैं और तेल उत्पादन प्रभावित होता है तो कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक भी पहुंच सकती हैं। ऐसे में वैश्विक अर्थव्यवस्था और शेयर बाजारों पर इसका गहरा असर पड़ सकता है। फिलहाल निवेशक हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं और बाजार में भारी उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है।

  • भोपाल: अपनी ही दुकान में फंदे पर झूला सैलून संचालक; आधा खुला शटर और जलती लाइट देख भाई के उड़े होश

    भोपाल: अपनी ही दुकान में फंदे पर झूला सैलून संचालक; आधा खुला शटर और जलती लाइट देख भाई के उड़े होश


    भोपाल। राजधानी के गौतम नगर इलाके में सोमवार की सुबह एक सनसनीखेज वारदात से मातम पसर गया। 31 वर्षीय सैलून संचालक सोनू सेन ने अपनी ही दुकान के भीतर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का पता तब चला जब सोमवार सुबह दुकान का शटर आधा खुला देख मकान मालिक को अनहोनी की आशंका हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, हालांकि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।

    मंजर: खुली दुकान और खामोश मौत
    घटना की पटकथा सोमवार सुबह करीब 7:40 बजे सामने आई। दुकान के मकान मालिक ने सोनू के भाई केशव सेन को फोन कर सूचना दी कि दुकान की लाइट जल रही है और शटर आधा खुला हुआ है। जब भाई केशव आनन-फानन में दुकान पहुँचा, तो अंदर का नजारा देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। सोनू का शव दुकान के भीतर फंदे पर लटका हुआ था।सूचना मिलते ही गौतम नगर पुलिस मौके पर पहुँची और पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

    पहेली: न सुसाइड नोट, न कोई परेशानी
    सोनू की मौत ने परिजनों और पुलिस को उलझन में डाल दिया है:

    कोई सुराग नहीं: पुलिस ने पूरी दुकान की तलाशी ली, लेकिन कहीं भी कोई सुसाइड नोट या संदेश नहीं मिला।भाई केशव के अनुसार, सोनू ने कभी भी किसी तनाव या परेशानी का जिक्र नहीं किया था। वह अपने काम में लगा रहता था, ऐसे में यह आत्मघाती कदम उठाना सभी के लिए रहस्य बना हुआ है।

    जांच के दायरे में ‘गौतम नगर पुलिस’
    गौतम नगर थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस अब दो प्रमुख पहलुओं पर काम कर रही है:सोनू के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स और आखिरी बातचीत को खंगाला जा रहा है। दुकान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि रात में सोनू के साथ कोई और भी दुकान में मौजूद था या नहीं।

  • सोना-चांदी में भारी गिरावट: वैश्विक तनाव और मजबूत डॉलर से कीमतें फिसलीं, निवेशकों को झटका

    सोना-चांदी में भारी गिरावट: वैश्विक तनाव और मजबूत डॉलर से कीमतें फिसलीं, निवेशकों को झटका


    नई दिल्‍ली । सोने और चांदी में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए सप्ताह की शुरुआत अच्छी नहीं रही। 9 मार्च 2026 को शुरुआती कारोबार में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू राजनीतिक तनाव मजबूत होते अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर कमोडिटी बाजार पर साफ दिखाई दिया। इसके चलते सोना और चांदी दोनों दबाव में आ गए और निवेशकों को दोहरी मार झेलनी पड़ी क्योंकि शेयर बाजार में भी उतार चढ़ाव बना हुआ है।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोमवार को 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने का 10 ग्राम वायदा भाव 0.83 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1 60 293 रुपये पर खुला। वहीं चांदी की कीमतों में भी कमजोरी देखी गई और यह करीब 1 प्रतिशत गिरकर 2 65 590 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक स्तर पर पैदा हुए तनावपूर्ण माहौल और डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं की मांग पर दबाव बनाया है।

    दरअसल अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है। इस तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है। जब तेल महंगा होता है और डॉलर मजबूत होता है तब आमतौर पर सोना और चांदी जैसी बहुमूल्य धातुओं पर दबाव बढ़ जाता है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इनकी कीमतों में गिरावट देखने को मिली।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो शुरुआती कारोबार में स्पॉट गोल्ड करीब 1.70 प्रतिशत गिरकर 5 071.20 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं कॉमेक्स पर चांदी में और ज्यादा कमजोरी देखने को मिली और यह करीब 4.25 प्रतिशत गिरकर 80.89 डॉलर प्रति औंस तक आ गई। हालांकि बाद के कारोबार में सोने के दाम में हल्की रिकवरी देखी गई और यह 5 098.30 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता नजर आया लेकिन यह भी पिछले बंद भाव से करीब 1.17 प्रतिशत कम रहा। इसी तरह चांदी ने भी अपनी कुछ गिरावट से उबरने की कोशिश की और यह 82.74 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करती दिखी जो फिर भी करीब 1.86 प्रतिशत की गिरावट दर्शाती है।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर जारी भू राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण कमोडिटी बाजार में फिलहाल उतार चढ़ाव बना रह सकता है। यदि डॉलर और तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो सोना और चांदी पर दबाव बना रह सकता है। वहीं यदि वैश्विक तनाव कम होता है तो इनकी कीमतों में फिर से तेजी लौटने की संभावना भी बनी रहेगी। ऐसे में निवेशकों को फिलहाल बाजार की चाल पर नजर रखते हुए सावधानी के साथ निवेश करने की सलाह दी जा रही है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ रहा है।

  • संसद में ईरान जंग पर विपक्ष का हंगामा, सरकार बहस के लिए तैयार

    संसद में ईरान जंग पर विपक्ष का हंगामा, सरकार बहस के लिए तैयार


    नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे फेज के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा में ईरान और अमेरिकी-इजराइल संघर्ष को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्षी दलों ने पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात और भारत पर असर पर चर्चा की मांग की।

    लोकसभा में स्थिति:
    विपक्ष ने “We want discussion” के नारे लगाए और विदेश नीति पर सवाल उठाए। चेयर के बार-बार निर्देश देने के बावजूद विपक्ष शांत नहीं हुआ। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि विपक्ष प्रस्ताव लाने के नियम का पालन नहीं कर रहा और सदन का समय बेबुनियाद हंगामे में बर्बाद कर रहा है।

    राज्यसभा में हंगामा:
    विदेश मंत्री जयशंकर जब खाड़ी देशों से भारतीयों की वापसी और एनर्जी संकट पर संबोधन दे रहे थे, विपक्ष ने वॉक आउट किया। मंत्री ने बताया कि 67,000 भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर चुके हैं और भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह सक्रिय है।

    सरकार का पक्ष:
    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस बहस से भाग रही है और स्पीकर ओम बिड़ला के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन पर नियमों का पालन किया गया। उन्होंने विपक्ष पर संसद के नियमों और प्रक्रिया का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।

    विपक्ष की प्रतिक्रिया:
    कांग्रेस सांसद डॉ. सैयद नसीर हुसैन और केसी वेणुगोपल ने कहा कि वे पश्चिम एशिया संकट, फ्यूल की बढ़ती कीमत और भारतीयों की सुरक्षा पर चर्चा चाहते हैं। उनका आरोप है कि सरकार गंभीर विषयों पर चर्चा से भाग रही है।

    विदेश मंत्री का अपडेट:

    ईरान में स्थिति अस्थिर

    खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय नागरिक

    दो भारतीय नाविकों की मृत्यु, एक अभी लापता

    भारत शांति और बातचीत के पक्ष मेंलोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित। विपक्ष और सरकार के बीच बहस जारी है।