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  • पैसों से भरा रहेगा पर्स! बस छिपाकर रख लें ये गुप्त चीजें, बरकत देख दुनिया रह जाएगी हैरान

    पैसों से भरा रहेगा पर्स! बस छिपाकर रख लें ये गुप्त चीजें, बरकत देख दुनिया रह जाएगी हैरान


    नई दिल्ली। पर्स सिर्फ पैसे रखने की जगह नहीं, बल्कि धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। वास्तु शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर पर्स को सही तरीके से रखा जाए और उसमें कुछ खास चीजें रखी जाएं, तो यह माता माता लक्ष्मी की कृपा को आकर्षित कर सकता है। अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि पैसा आता तो है, लेकिन टिकता नहीं ऐसे में ये छोटे-छोटे उपाय आपकी आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

    पीपल का पत्ता: धन आकर्षण का सरल उपाय
    हिंदू मान्यता के अनुसार पीपल का पेड़ में भगवान भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का वास होता है। ऐसे में एक साफ पीपल का पत्ता लें, उसे गंगाजल से शुद्ध करें और उस पर केसर या चंदन से ‘श्रीं’ लिखें। सूखने के बाद इसे पर्स के गुप्त हिस्से में रख दें। माना जाता है कि यह पत्ता धन को अपनी ओर आकर्षित करता है। जब पत्ता सूख जाए या खराब हो जाए, तो उसे किसी पवित्र स्थान पर विसर्जित कर नया पत्ता रख लें।

    अक्षत के 21 दाने: खर्चों पर लगाम
    अक्षत यानी बिना टूटे चावल, जो शुभता और समृद्धि का प्रतीक होते हैं। 21 दाने लेकर उन्हें लाल कपड़े या कागज में लपेटकर पर्स में रखें। लाल रंग ऊर्जा और मंगल का प्रतीक है, जबकि चावल को शुक्र ग्रह से जोड़ा जाता है, जो धन-वैभव का कारक माना जाता है। यह उपाय अनावश्यक खर्चों को कम करने और आय के नए रास्ते खोलने में सहायक माना जाता है।

    लक्ष्मी की प्रिय कौड़ी: बरकत और सुरक्षा
    कौड़ी को माता लक्ष्मी का रूप माना जाता है, क्योंकि इसकी उत्पत्ति समुद्र मंथन से जुड़ी है। एक सफेद या पीली कौड़ी को लक्ष्मी जी के चरणों से स्पर्श कराकर पर्स में रखें। यह न केवल आर्थिक तंगी दूर करने में मदद करती है, बल्कि नकारात्मक ऊर्जा से भी बचाव करती है। यदि कौड़ी उपलब्ध न हो, तो चांदी का लक्ष्मी-गणेश वाला सिक्का भी रखा जा सकता है।

    पर्स से जुड़ी जरूरी सावधानियां
    बरकत बनाए रखने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। पर्स में कभी भी फटे नोट, पुराने बिल या उधारी की पर्चियां न रखें, क्योंकि इन्हें नकारात्मक ऊर्जा का कारण माना जाता है। साथ ही, पर्स में पूर्वजों की तस्वीर रखना भी उचित नहीं माना जाता, इससे वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है।

    अगर आप चाहते हैं कि आपका पर्स हमेशा भरा रहे और धन टिके, तो इन सरल उपायों को अपनाने के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन भी बनाए रखें। सही आदतें और सकारात्मक ऊर्जा मिलकर ही असली समृद्धि लाती हैं।

  • महादेवगढ़ मंदिर में बंगाली परिवार ने की महाकाल की भव्य महाआरती

    महादेवगढ़ मंदिर में बंगाली परिवार ने की महाकाल की भव्य महाआरती


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के खंडवा स्थित महादेवगढ़ मंदिर में एक विशेष धार्मिक आयोजन के तहत बंगाली परिवार ने महाकाल की भव्य महाआरती की। इस अवसर पर पूरा मंदिर परिसर भक्ति, मंत्रोच्चार और दीपों की रोशनी से आलोकित हो उठा।

    महाकाल की आराधना में उमड़ी श्रद्धा
    आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से महाआरती में भाग लिया और “अखंड भारत” की कामना करते हुए देश की एकता और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

     बंगाली परिवार की सक्रिय भागीदारी
    इस धार्मिक आयोजन में बंगाली परिवार के कई सदस्य शामिल रहे, जिनमें सुनीता सोनोने, दिव्या लेंडे, आशा मराठा, मीता विश्वास, डॉ. टी.के. विश्वास, रीता राय, शिवानी घोष, रितिका घोष, जय घोष, पारितोष घोष, डॉ. पी. कुमार, डॉ. पी.के. मलिक और सुशांत राय प्रमुख रूप से मौजूद थे।

    भक्ति के साथ सामाजिक संदेश भी
    इस आयोजन ने केवल धार्मिक आस्था को ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का संदेश भी दिया। श्रद्धालुओं ने मिलकर देश की खुशहाली और शांति की कामना की।

     आस्था और एकता का संगम
    महादेवगढ़ मंदिर में हुआ यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बनकर सामने आया, जिसमें भक्तिभाव और राष्ट्रीय एकता का सुंदर संगम देखने को मिला।

  • इस समर ट्राई करें ठंडा-ठंडा Grapes Mojito, मिनटों में मिलेगा कूलिंग इफेक्ट

    इस समर ट्राई करें ठंडा-ठंडा Grapes Mojito, मिनटों में मिलेगा कूलिंग इफेक्ट


    नई दिल्ली। गर्मी का मौसम आते ही ठंडी और रिफ्रेशिंग ड्रिंक्स की डिमांड बढ़ जाती है। तेज धूप और गर्म हवाओं से राहत पाने के लिए लोग अक्सर कोल्ड ड्रिंक या अन्य पेय पदार्थों का सहारा लेते हैं, लेकिन अगर आप कुछ हेल्दी और टेस्टी ट्राई करना चाहते हैं, तो Grapes Mojito आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन हो सकता है। यह ड्रिंक न सिर्फ शरीर को ठंडक देता है, बल्कि तुरंत एनर्जी भी प्रदान करता है।
    Grapes Mojito खासतौर पर गर्मियों में इसलिए फायदेमंद माना जाता है क्योंकि इसमें अंगूर, पुदीना और नींबू जैसे तत्व होते हैं। अंगूर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को हाइड्रेट रखते हैं और डिहाइड्रेशन से बचाते हैं। वहीं पुदीना पेट को ठंडा रखता है और पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है, जबकि नींबू शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है।
    जरूरी सामग्री
    इस स्वादिष्ट ड्रिंक को बनाने के लिए आपको 1 कप हरे या काले अंगूर, 8-10 पुदीने की पत्तियां, 1 नींबू (टुकड़ों में कटा हुआ), 1-2 चम्मच चीनी या शहद, एक चुटकी काला नमक (वैकल्पिक), बर्फ के टुकड़े, 1 कप सोडा या स्पार्कलिंग वॉटर और आधा कप ठंडा पानी चाहिए।
    बनाने की आसान विधि
    सबसे पहले अंगूर को अच्छी तरह धोकर साफ कर लें। इसके बाद मिक्सर में अंगूर, पुदीना, नींबू का रस, चीनी और काला नमक डालकर स्मूद पेस्ट बना लें। इस मिश्रण को छानकर एक गिलास में डालें। अब इसमें बर्फ के टुकड़े डालें और ऊपर से सोडा या स्पार्कलिंग वॉटर मिलाएं। धीरे-धीरे इसे मिक्स करें ताकि इसका स्वाद बरकरार रहे।
    अब तैयार Mojito को अंगूर और पुदीने की पत्तियों से सजाकर ठंडा-ठंडा सर्व करें। यह ड्रिंक न सिर्फ दिखने में आकर्षक लगता है, बल्कि स्वाद में भी बेहद लाजवाब होता है।
    क्यों है खास ये ड्रिंक?
    घर पर बना Grapes Mojito पूरी तरह नेचुरल होता है, जिसमें किसी तरह का आर्टिफिशियल फ्लेवर या प्रिजर्वेटिव नहीं होता। यह बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए एक हेल्दी ऑप्शन है। साथ ही, इसे आप पार्टी, गेट-टुगेदर या रोजमर्रा की गर्मी से राहत पाने के लिए कभी भी बना सकते हैं।
    इस गर्मी में खुद को कूल और एनर्जेटिक रखने के लिए इस आसान और स्वादिष्ट Grapes Mojito को जरूर ट्राई करें।
  • सिर्फ 5 मिनट में घर पर पाएं पार्लर जैसे सॉफ्ट और चमकदार हाथ, आसान DIY ट्रिक से बदल जाएगी स्किन

    सिर्फ 5 मिनट में घर पर पाएं पार्लर जैसे सॉफ्ट और चमकदार हाथ, आसान DIY ट्रिक से बदल जाएगी स्किन

    नई दिल्ली।रोजमर्रा की जिंदगी में हमारे हाथ सबसे ज्यादा काम करते हैं और इसका असर धीरे-धीरे उनकी त्वचा पर साफ दिखाई देने लगता है। धूल, धूप, पानी और लगातार काम करने की वजह से हाथों की स्किन अपनी नमी खो देती है और रूखी व बेजान नजर आने लगती है। कई लोग इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए पार्लर में महंगे ट्रीटमेंट करवाते हैं, लेकिन हर बार ऐसा करना आसान नहीं होता। ऐसे में घर में मौजूद एक साधारण चीज, चीनी, हाथों की देखभाल के लिए बेहद आसान और असरदार उपाय साबित हो सकती है।
    चीनी को प्राकृतिक स्क्रब के रूप में इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि इसके छोटे-छोटे दाने त्वचा की ऊपरी परत पर जमी डेड स्किन को धीरे-धीरे हटाने में मदद करते हैं। इससे त्वचा साफ होती है और उसकी प्राकृतिक चमक वापस आने लगती है। जब चीनी को शहद, नींबू और तेल के साथ मिलाया जाता है, तो यह एक ऐसा मिश्रण बन जाता है जो स्किन को साफ करने के साथ-साथ उसे गहराई से मॉइस्चराइज भी करता है।
    इस होममेड मैनीक्योर को तैयार करना बहुत ही आसान है और इसमें ज्यादा समय भी नहीं लगता। इसके लिए एक चम्मच चीनी, आधा चम्मच शहद, कुछ बूंदें नींबू का रस और एक चम्मच नारियल तेल या ऑलिव ऑयल की जरूरत होती है। इन सभी चीजों को एक छोटी कटोरी में मिलाकर एक गाढ़ा स्क्रब तैयार किया जाता है। अगर हाथ ज्यादा रूखे हों, तो तेल की मात्रा थोड़ी बढ़ाई जा सकती है ताकि स्किन को अतिरिक्त नमी मिल सके।
    मैनीक्योर शुरू करने से पहले हाथों को हल्के गुनगुने पानी में कुछ मिनट के लिए भिगोना चाहिए, जिससे त्वचा नरम हो जाए और स्क्रब का असर बेहतर हो सके। इसके बाद तैयार स्क्रब को हाथों पर हल्के हाथों से धीरे-धीरे मसाज करते हुए लगाना चाहिए। लगभग 3 से 5 मिनट तक मसाज करने से डेड स्किन हटने लगती है और हाथों की सतह स्मूद महसूस होने लगती है।
    इसके बाद हाथों को साफ पानी से धो लेना चाहिए और तुरंत मॉइस्चराइजर या हैंड क्रीम लगानी चाहिए ताकि त्वचा में नमी लॉक हो जाए। यह पूरी प्रक्रिया बहुत ही आसान है और इसे सप्ताह में एक या दो बार किया जाए तो हाथों की स्किन में साफ बदलाव देखा जा सकता है।
    इस घरेलू मैनीक्योर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसी भी तरह के केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता, जिससे यह पूरी तरह सुरक्षित और प्राकृतिक तरीका बन जाता है। यह उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी है जो अपने हाथों की देखभाल कम समय और कम खर्च में करना चाहते हैं। नियमित रूप से इस उपाय को अपनाने से हाथ धीरे-धीरे ज्यादा सॉफ्ट, साफ और चमकदार नजर आने लगते हैं, जैसे किसी प्रोफेशनल ट्रीटमेंट के बाद होते हैं।
  • भीषण गर्मी में घर पर बनाएं ठंडी-ठंडी आइसक्रीम, स्वाद भी हेल्दी भी

    भीषण गर्मी में घर पर बनाएं ठंडी-ठंडी आइसक्रीम, स्वाद भी हेल्दी भी


    नई दिल्ली। गर्मी का मौसम अपने साथ तेज धूप और थकान लेकर आता है, ऐसे में ठंडी आइसक्रीम मिल जाए तो सारा मूड फ्रेश हो जाता है। हालांकि बाजार में मिलने वाली आइसक्रीम स्वादिष्ट जरूर होती है, लेकिन उसमें प्रिजर्वेटिव और आर्टिफिशियल फ्लेवर भी होते हैं। ऐसे में घर पर बनी आइसक्रीम न सिर्फ स्वाद में बेहतर होती है, बल्कि सेहत के लिए भी ज्यादा फायदेमंद रहती है। खास बात यह है कि आप इसे अपनी पसंद के फ्लेवर में आसानी से तैयार कर सकते हैं।
    घर पर आइसक्रीम बनाना बेहद आसान है और इसके लिए ज्यादा मेहनत की भी जरूरत नहीं होती। वनीला आइसक्रीम बनाने के लिए सबसे पहले 2 कप ठंडी फ्रेश क्रीम लें और उसे अच्छी तरह फेंटें जब तक वह गाढ़ी और फ्लफी न हो जाए। इसके बाद इसमें 1 कप कंडेंस्ड मिल्क डालकर हल्के हाथ से मिलाएं, ताकि मिश्रण की क्रीमीनेस बनी रहे। अब इसमें एक छोटा चम्मच वनीला एसेंस डालें और स्वाद के अनुसार 2-3 चम्मच चीनी मिलाएं।
    अगर आप आइसक्रीम को और मजेदार बनाना चाहते हैं, तो इसमें चॉकलेट चिप्स, ड्राई फ्रूट्स या अपनी पसंद के टॉपिंग्स भी जोड़ सकते हैं। इससे इसका स्वाद और टेक्सचर दोनों बेहतर हो जाते हैं। जब मिश्रण पूरी तरह तैयार हो जाए, तो इसे एक एयरटाइट कंटेनर में डालकर फ्रीजर में 6 से 8 घंटे के लिए रख दें। बीच-बीच में एक-दो बार इसे बाहर निकालकर हल्का सा मिक्स कर लें, इससे आइसक्रीम ज्यादा स्मूद और क्रीमी बनती है।
    अगर आप फ्रूटी फ्लेवर पसंद करते हैं, तो इसी बेस में आम का पल्प मिलाकर Mango Ice Cream भी तैयार कर सकते हैं। यह खासतौर पर बच्चों और परिवार के सभी सदस्यों को खूब पसंद आती है और गर्मियों में एक परफेक्ट ट्रीट बन जाती है।
    घर पर बनी आइसक्रीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसी तरह का प्रिजर्वेटिव नहीं होता। आप अपनी जरूरत और हेल्थ के हिसाब से इसमें शुगर की मात्रा कम या ज्यादा कर सकते हैं। साथ ही, यह बाहर मिलने वाली आइसक्रीम की तुलना में काफी किफायती भी पड़ती है।
    इस गर्मी में बाहर की बजाय घर पर ही ठंडी, स्वादिष्ट और हेल्दी आइसक्रीम बनाएं और अपने परिवार के साथ इसका आनंद लें। यह न सिर्फ आपको गर्मी से राहत देगी, बल्कि आपके स्वास्थ्य का भी पूरा ख्याल रखेगी।

  • मनाली में वीकेंड पर पर्यटकों की बाढ़, 3 दिन में 7000+ वाहन पहुंचे

    मनाली में वीकेंड पर पर्यटकों की बाढ़, 3 दिन में 7000+ वाहन पहुंचे


    नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में बसे Manali में इस वीकेंड पर्यटकों का जबरदस्त सैलाब देखने को मिला। तीन दिनों के भीतर 7 हजार से अधिक पर्यटक वाहन मनाली पहुंचे, जिससे पूरा पर्यटन कारोबार एक बार फिर से गुलजार हो उठा। देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ स्थानीय जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने पहुंचे।
    आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को करीब 1550 वाहन मनाली पहुंचे थे, जबकि शुक्रवार को यह संख्या अचानक बढ़कर 3000 तक पहुंच गई। शनिवार को थोड़ी गिरावट जरूर आई, लेकिन फिर भी करीब 2500 वाहन शहर में दाखिल हुए। रविवार को वापसी का दौर ज्यादा रहा, हालांकि करीब 1500 पर्यटक वाहन फिर भी मनाली पहुंचे।
    पर्यटकों की बढ़ती संख्या का सीधा असर होटल इंडस्ट्री पर भी देखने को मिला। शहर के प्रमुख होटलों में ऑक्यूपेंसी 70 प्रतिशत से बढ़कर 75 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिससे पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं।
    रोहतांग दर्रे की बहाली का इंतजार
    हालांकि, अभी तक Rohtang Pass पर्यटकों के लिए पूरी तरह से नहीं खुल पाया है। ऐसे में पर्यटक बर्फ का आनंद लेने के लिए Koksar का रुख कर रहे हैं, जहां भारी किराया देकर स्नो प्वाइंट तक पहुंचना पड़ रहा है। पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद है कि रोहतांग दर्रा खुलते ही पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होगा।
    कोकसर से ग्राम्फू तक लगा जाम
    रविवार को कोकसर में हालात ऐसे हो गए कि Gramphu तक सड़क किनारे 3-4 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पर्यटकों ने बर्फ से ढकी वादियों में जमकर मस्ती की और सुहावने मौसम का आनंद उठाया।
    शिंकुला दर्रे के लिए एडवाइजरी
    यदि आप Shinkula Pass की ओर जाने की योजना बना रहे हैं, तो ध्यान रखें कि केवल फोर-बाय-फोर (4×4) वाहन से ही यात्रा करें। यहां सड़क पर जमी बर्फ काफी फिसलन भरी है, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।
    स्थानीय प्रशासन के अनुसार, जल्द ही सड़क बहाली के बाद पर्यटकों को मढ़ी तक जाने की अनुमति दी जा सकती है। जैसे ही रोहतांग मार्ग पूरी तरह खुलता है, पर्यटन गतिविधियों में और तेजी आने की उम्मीद है।
    कुल मिलाकर, वीकेंड पर मनाली में उमड़ी भीड़ ने यह साफ कर दिया है कि गर्मियों की शुरुआत के साथ ही पहाड़ों की ओर लोगों का रुख तेजी से बढ़ रहा है।
  • सिर्फ 20 रुपये का चुकंदर देगा नेचुरल ग्लो, घर पर ऐसे बनाएं सस्ता स्किन केयर मास्क

    सिर्फ 20 रुपये का चुकंदर देगा नेचुरल ग्लो, घर पर ऐसे बनाएं सस्ता स्किन केयर मास्क


    नई दिल्ली। आजकल ग्लोइंग स्किन पाने के लिए लोग महंगे सैलून ट्रीटमेंट्स और ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन अगर आप चाहें तो बेहद कम खर्च में घर पर ही नेचुरल निखार पा सकते हैं। हेल्थ और ब्यूटी एक्सपर्ट्स के अनुसार सिर्फ 20 रुपये का Beetroot आपकी त्वचा के लिए किसी ब्यूटी टॉनिक से कम नहीं है।
    चुकंदर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और आयरन त्वचा को अंदर से साफ करने में मदद करते हैं, जिससे चेहरे पर प्राकृतिक चमक आती है। वहीं, इसे सही सामग्री के साथ मिलाकर लगाने से स्किन टाइट और फ्रेश भी दिखती है।
    चुकंदर और कॉफी से बनाएं नेचुरल फेस मास्क
    एक आसान घरेलू उपाय के लिए चुकंदर और कॉफी पाउडर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए पहले चुकंदर को उबालकर या कद्दूकस करके उसका पेस्ट बना लें। इसके बाद इसमें थोड़ी मात्रा में Coffee पाउडर मिलाएं। चाहें तो इसमें थोड़ा सा एलोवेरा जेल या शहद भी मिलाया जा सकता है ताकि स्किन को अतिरिक्त नमी मिले।
    इस मिश्रण को अच्छे से मिलाकर चेहरे पर लगाएं और लगभग 15-20 मिनट तक सूखने दें। इसके बाद हल्के गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।
    इस उपाय के फायदे
    चुकंदर और कॉफी का यह मिश्रण स्किन से डेड सेल्स हटाने में मदद करता है। इससे चेहरा साफ, मुलायम और चमकदार नजर आता है। चुकंदर ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है, जिससे चेहरे पर नैचुरल पिंक ग्लो आता है। वहीं कॉफी स्किन को एक्सफोलिएट कर डलनेस कम करती है।
    क्यों है यह तरीका खास?
    इस घरेलू नुस्खे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह नेचुरल और सस्ता है। इसमें किसी भी तरह के केमिकल्स नहीं होते, जिससे साइड इफेक्ट्स का खतरा भी नहीं रहता। नियमित उपयोग से त्वचा हेल्दी और ग्लोइंग बनी रहती है।
    आज के समय में जब लोग महंगे ब्यूटी ट्रीटमेंट्स पर निर्भर हो रहे हैं, ऐसे में यह आसान और घरेलू उपाय न सिर्फ किफायती है, बल्कि लंबे समय तक असरदार भी साबित हो सकता है।
    अगर आप भी बिना ज्यादा खर्च किए नेचुरल ग्लो पाना चाहते हैं, तो इस चुकंदर फेस मास्क को अपनी स्किन केयर रूटीन में जरूर शामिल करें।
  • आज का मीन राशिफल 5 मई: अवसर भी मिलेंगे, अहंकार से बचना होगा जरूरी

    आज का मीन राशिफल 5 मई: अवसर भी मिलेंगे, अहंकार से बचना होगा जरूरी


    नई दिल्ली। 5 मई का दिन Pisces यानी मीन राशि के जातकों के लिए मिश्रित परिणाम लेकर आया है। आज आपको करियर में आगे बढ़ने के अच्छे अवसर मिल सकते हैं, लेकिन इन अवसरों का सही लाभ उठाने के लिए आपको अपने व्यवहार और निर्णयों पर विशेष ध्यान देना होगा।

    कार्यक्षेत्र में आज आपकी मेहनत रंग ला सकती है। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं या किसी बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने का मौका भी मिल सकता है। अगर आप टीम के साथ काम कर रहे हैं, तो लीडरशिप दिखाने का अवसर मिलेगा। हालांकि, यहां एक बात का ध्यान रखना बेहद जरूरी है—अहंकार या ओवरकॉन्फिडेंस से बचें, क्योंकि इससे आपके संबंधों और छवि पर असर पड़ सकता है।

    आर्थिक स्थिति की बात करें तो आज धन लाभ के योग बन रहे हैं। आपकी आय में वृद्धि हो सकती है या कोई नया स्रोत सामने आ सकता है। निवेश के लिहाज से भी दिन ठीक-ठाक कहा जा सकता है, लेकिन कोई भी बड़ा फैसला सोच-समझकर ही लें।

    प्रेम जीवन में आज सामान्य स्थिति बनी रहेगी। पार्टनर के साथ तालमेल बनाए रखना जरूरी है। छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करें और रिश्ते में मिठास बनाए रखें।

    स्वास्थ्य के मामले में दिन अच्छा रहेगा। कोई बड़ी परेशानी नहीं दिख रही है, लेकिन दिनभर की भागदौड़ के बीच थोड़ा आराम जरूर करें।

    कुल मिलाकर, आज का दिन आपके लिए प्रगति और सफलता के अवसर लेकर आया है, बस जरूरत है संतुलन और विनम्रता बनाए रखने की। सही दृष्टिकोण के साथ आप दिन को अपने पक्ष में कर सकते हैं।

  • मध्यप्रदेश में बंद परिवहन निगम पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को फिर नोटिस

    मध्यप्रदेश में बंद परिवहन निगम पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को फिर नोटिस


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में वर्षों से बंद पड़े राज्य सड़क परिवहन निगम को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकार को पुनः नोटिस जारी करते हुए छह सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला जनहित याचिका के रूप में सामने आया है, जिसमें राज्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर किया गया है।

     21 साल से बंद परिवहन सेवा पर सवाल
    यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता बीएल जैन द्वारा दायर की गई थी। इसमें कहा गया है कि लगभग 21 वर्षों से राज्य का परिवहन निगम बंद पड़ा है, जिसके कारण लोगों को यात्रा के लिए निजी बसों और असुरक्षित साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

     ग्रामीण इलाकों में हालात गंभीर
    याचिका में बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बसों की कमी के कारण लोग मालवाहक वाहनों में यात्रा करने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। कई मामलों में जानमाल की हानि भी हो चुकी है।

     पहले भी नोटिस, लेकिन जवाब नहीं
    कोर्ट ने पहले भी सितंबर 2024 में राज्य सरकार को चार सप्ताह में जवाब देने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए दोबारा नोटिस जारी किया है।

    सरकारी जिम्मेदारी पर उठे सवाल
    याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि सुरक्षित और सुलभ परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की मूल जिम्मेदारी है, ठीक वैसे ही जैसे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं। केरल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा गया कि वहां सरकारी परिवहन निगम सफलतापूर्वक चल रहे हैं और लाभ में भी हैं।

     घोषणाओं के बावजूद ठोस कदम नहीं
    याचिका में यह भी कहा गया कि राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू करने की घोषणाएं की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई जमीन पर नहीं दिखी।

     सार्वजनिक परिवहन पर बढ़ा दबाव
    मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की यह सख्ती राज्य में बंद परिवहन व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ रही है। अब सभी की नजर सरकार के जवाब और आगामी कदमों पर टिकी है।

  • झाबुआ में बनेगा DAVV का मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज में अस्थायी संचालन की तैयारी

    झाबुआ में बनेगा DAVV का मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज में अस्थायी संचालन की तैयारी


    नई दिल्ली। इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय अब आदिवासी बहुल झाबुआ जिले में अपना मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। विश्वविद्यालय को इसके लिए राज्य सरकार द्वारा भूमि आवंटित कर दी गई है, जिससे परियोजना को औपचारिक रूप से मंजूरी मिल चुकी है।

    इंजीनियरिंग कॉलेज में अस्थायी संचालन की योजना

    कुलगुरु प्रोफेसर राकेश सिंघई के अनुसार, जब तक मेडिकल कॉलेज का नया भवन तैयार नहीं होता, तब तक अस्थायी रूप से इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में ही मेडिकल शिक्षा शुरू करने का प्रस्ताव है। इसके लिए विश्वविद्यालय ने अनुमति के लिए आवेदन किया है और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) से मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।

     झाबुआ जिला अस्पताल बनेगा टीचिंग हॉस्पिटल

    योजना के तहत झाबुआ जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के टीचिंग हॉस्पिटल के रूप में विकसित किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार अस्पताल में लगभग 250 बेड पहले से उपलब्ध हैं, और इसे 300 बेड क्षमता तक बढ़ाया जाएगा, जो 100 मेडिकल सीटों के लिए आवश्यक मानक है।

    परियोजना की लागत और विकास योजना

    मेडिकल कॉलेज की आधारभूत संरचना तैयार करने में शुरुआती तौर पर करीब 350 से 400 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। हालांकि अस्पताल पहले से उपलब्ध होने के कारण लागत अपेक्षाकृत नियंत्रित रहेगी।

    शासन की मंजूरी पर टिकी आगे की प्रक्रिया

    विश्वविद्यालय ने उम्मीद जताई है कि इस महीने के भीतर अनुमति से जुड़ा निर्णय आ सकता है। यदि मंजूरी मिलती है तो झाबुआ में मेडिकल शिक्षा की शुरुआत अस्थायी ढांचे से ही कर दी जाएगी।

     आदिवासी क्षेत्र के लिए बड़ा बदलाव

    झाबुआ जैसे आदिवासी क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से न सिर्फ चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा, बल्कि स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं में भी बड़ा सुधार आने की उम्मीद है।

    शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों में नई शुरुआत

    देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की यह पहल मध्यप्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में उच्च चिकित्सा शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।