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  • ग्वालियरः एसी ऑन करते ही व्यापारी के घर में लगी भीषण आग, पांच लोगों को बचाया, बहू की मौत

    ग्वालियरः एसी ऑन करते ही व्यापारी के घर में लगी भीषण आग, पांच लोगों को बचाया, बहू की मौत


    Gwalior
    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कोतवाली थाना क्षेत्र में रविवार शाम एक व्यापारी के घर में अचानक आग लग गई। आग लगते ही घर से तेज धुआं और लपटें उठने लगीं। उस समय घर के अंदर परिवार के छह लोग मौजूद थे। इनमें से पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि बहू की मौत हो गई।

    जानकारी के मुताबिक, ग्वालियर के सबसे व्यस्ततम बाजार दौलतगंज के बालाबाई के बाजार में रविवार शाम करीब चार बजे एक तीन मंजिला मकान में अचानक आग लग गई। सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। खिड़कियां तोड़कर घर के अंदर पहुंचे। घटना में एक महिला की दम घुटने से मौत हो गई और मकान में रखा लाखों का सामान जल गया। मकान के अंदर दो बच्चों समेत कुछ लोग फंसे थे जिन्हें एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर बचा लिया।

    कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार घर में एयर कंडीशनर (एसी) ऑन किया गया था। इसी दौरान आग लग गई। धीरे-धीरे पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। SDRF की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। आग बुझाने की कोशिश कर रही है। अपर आयुक्त प्रदीप तोमर ने बताया कि लगभग 35 से अधिक गाड़ियों का पानी आग बुझाने में अब तक लग चुका है।

    बताया जा रहा है कि मकान में व्यापारी परिवार के तीन भाई गिर्राज, दिनेश और हरिओम अग्रवाल एक साथ रहते हैं। आग लगने के समय परिवार के सभी सदस्य घर के अंदर थे। स्थानीय लोगों ने भी दमकलकर्मियों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य में मदद की। इस दौरान घर में धुआं भर जाने की वजह से अंकिता अग्रवाल (पत्नी सचिन अग्रवाल) का दम घुट गया। पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए अपोलो अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान अंकिता की मौत हो गई। मृतक के पिता अशोक अग्रवाल को हार्ट अटैक आया है। उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां इलाज जारी है।

    घटना की सूचना मिलते ही एसपी धर्मवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति का जायजा लिया। क्षेत्रीय विधायक सतीश सिकरवार और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से जानकारी ली। आग लगने के कारणों का पता नहीं चला आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की 10 से अधिक गाड़ियां लगाई गईं। इसके अलावा टैंकरों से भी पानी की सप्लाई की गई। काफी मशक्कत के बाद कुछ हद तक आग पर लगभग काबू पा लिया गया है। हालांकि ऊपरी मंजिलों पर फिर से लपटें अभी भी उठने लगी हैं।

    प्रशासन का कहना है कि एरिया बेहद कंजेस्टेड है। यहां प्रॉपर गाड़ियां नहीं जा पा रही हैं। जिसके कारण आग बुझाने में देरी हो रही है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।

  • करीलाधाम देश का एकमात्र मंदिर जहां माता सीता अपने दोनों पुत्रों के साथ हैं विराजमान

    करीलाधाम देश का एकमात्र मंदिर जहां माता सीता अपने दोनों पुत्रों के साथ हैं विराजमान


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि करीलाधाम श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अदभुत संगम है। इस पावन स्थल पर माता सीता अपने दोनों पुत्र लव-कुश के साथ विराजमान हैं। यह देश का एकमात्र अद्वितीय मंदिर है, जहाँ माता सीता अपने दोनों पुत्रों के साथ पूजी जाती हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को अशोकनगर जिले के करीलाधाम में रंगपंचमी मेला महोत्सव में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश मंदिर भगवान श्रीराम को समर्पित हैं। करीलाधाम लव-कुश की जन्मस्थली भी है, जो लव-कुश की बाल लीलाओं की साक्षी है। इस पवित्र स्थली के सम्पूर्ण विकास की योजना बनाई जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने करीलाधाम में माता जानकी के दर्शन भी किए और जिले को 115 करोड़ रुपये लागत के 50 विकास कार्यों की सौगात भी दी। इसमें 57 करोड़ तीन लाख की लागत के 11 विकास कार्यों का लोकार्पण और 58 करोड़ 32 लाख की लागत के 39 विकास कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि माता सीता धैर्य, साहस और आत्म-सम्मान का प्रतीक हैं। जब हम नारी शक्ति की बात करते हैं तो माता सीता का ध्यान आता है। माता सीता ने यह संदेश दिया कि नारी का आत्म-सम्मान ही सबसे बड़ी शक्ति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश को मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम का भी विशेष स्नेह मिला है। यहाँ चित्रकूट में उन्होंने वनवास काल के 11 वर्ष बिताए। मध्य प्रदेश सरकार राम वन गमन वथ विकसित कर रही है। जहाँ-जहाँ भगवान श्रीराम के श्रीचरण पड़े हैं, उन्हें तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि करीलाधाम में आस्था के साथ श्रद्धालु माता जानकी के दर्शन करने आते हैं। माता जानकी श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण करती हैं। आज के दिन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर माता जानकी के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया है। माता सीता शक्ति एवं पराक्रम की देवी हैं, उनका प्रताप गौरवशाली संस्कृति है। इस पवित्र स्थान से महर्षि वाल्मीकि, सीता माता एवं लव-कुश की कहानी जुड़ती है।


    हमारी भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति को प्रथम स्थान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति को प्रथम स्थान दिया गया है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण के लिए अनेकों योजनाएं संचालित की जा रही है। साथ ही आगामी लोकसभा एवं विधानसभा निर्वाचन में भी 33 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण दिया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों को प्रदेश सरकार प्रतिमाह 1500 रुपये की राशि प्रदान कर रही है। महिलाओं को विभिन्न विभागों में आरक्षण देकर उच्च पदों पर नियुक्ति दी गईं हैं। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष का आयोजन प्रदेश में किया जा रहा है। किसानों के उत्थान के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा 6-6 हजार रुपये की राशि किसान सम्मन निधि के रूप में दी जा रही है।


    जानकी मंदिर में की विधि-विधान से पूजा-अर्चना

    मुख्यमंत्री ने करीलाधाम में जानकी मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। साथ ही मंदिर परिसर में ढोल बजाकर शंखनाद किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ फूलों की होली भी खेली। मुख्यमंत्री ने ग्राम दीपनाखेड़ा से करीलाधाम तक 10 किलोमीटर की सड़क स्वीकृत किये जाने की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने करीलाधाम तीर्थ के संपूर्ण विकास की कार्ययोजना बनाने के निर्देश कलेक्टर को दिए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन कर समूह की महिलाओं से संवाद भी किया।


    अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को किया सम्मानित

    मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिले की सात महिलाओं को सम्मानित किया। इनमें शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. अमिता सेठी, धार्मिक क्षेत्र में नैना शर्मा, खेल के क्षेत्र में पूनम रघुवंशी, पर्यावरण के क्षेत्र में विनीता साहू, स्वंयसिद्धा के क्षेत्र में गायत्री शर्मा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में छाया बैस तथा समाजसेवा के क्षेत्र में कुलविंदर कौर को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, पूर्व मंत्री बृजेन्द्र सिंह यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह यादव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

  • एयर इंडिया 10 मार्च से नौ अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर 78 अतिरिक्त उड़ानें संचालित करेगी

    एयर इंडिया 10 मार्च से नौ अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर 78 अतिरिक्त उड़ानें संचालित करेगी


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया संकट के बीच टाटा की अगुवाई वाली विमानन कंपनी एयर इंडिया 10 से 18 मार्च तक नौ अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर 78 अतिरिक्त उड़ानों को संचालित करेगी। एयरलाइन का यह कदम मुश्किल हालात में कनेक्टिविटी बनाए रखने में सहायक होगा।

    एयर इंडिया ने ‘एक्स’ पोस्ट पर जारी एक बयान में बताया कि पश्चिम एशिया में तनाव के कारण यात्रा की बढ़ती मांग को देखते हुए यात्रियों को अधिक विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एयरलाइन 10 से 18 मार्च के बीच 9 रूट्स पर 78 एक्स्ट्रा फ्लाइट्स चलाएगी।

    कंपनी ने आगे लिखा, हम न्यूयॉर्क के जेएफके, लंदन के हीथ्रो, फ्रैंकफर्ट, पेरिस, एम्स्टर्डम, ज्यूरिख, कोलंबो और माले के लिए एक्स्ट्रा कैपेसिटी लगा रहे हैं। एयर इंडिया इन मार्गो को जोड़ने वाले नौ मार्गों पर 78 अतिरिक्त उड़ानों को संचालित करेगी। इससे यूरोप, अमेरिका, मालदीव और श्रीलंका के लिए 17,660 सीटें बढ़ेंगी, यात्रियों को विश्वसनीय विकल्प मिलेंगे।

    एयर इंडिया के मुताबिक पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात में कई रूट्स पर उड़ानों की उपलब्धता कम हो गई है। ऐसे में अतिरिक्त उड़ानों के जरिए यात्रियों को ज्यादा विकल्प और सीटें उपलब्ध कराई जाएंगी। यह कदम खासतौर पर उन यात्रियों के लिए राहत भरा होगा जो अमेरिका और यूरोप की यात्रा करना चाहते हैं।

  • भारतीय पारंपरिक औषधि अमृतधारा सिर दर्द घबराहट और अपच में दे राहत..

    भारतीय पारंपरिक औषधि अमृतधारा सिर दर्द घबराहट और अपच में दे राहत..

    नई दिल्ली में स्वास्थ्य और पारंपरिक उपचार के क्षेत्र में अमृतधारा एक ऐसा नाम है जिसे सदियों से भारतीय घरों में प्रयोग किया जाता रहा है। यह औषधि खासतौर पर सिर दर्द, माइग्रेन, अचानक घबराहट, मतली और अपच जैसी समस्याओं में लाभकारी मानी जाती है। हालांकि आधुनिक जीवनशैली में यह पारंपरिक औषधि धीरे-धीरे भूलती जा रही है।

    अमृतधारा बेहद कम पदार्थों से बनाई जाती है और इसका प्रभाव काफी शक्तिशाली होता है। इसे बनाने के लिए मुख्य रूप से तीन सत्वों का उपयोग किया जाता है -भीमसेनी कपूर, सत अजवाइन और सत पुदीना। ये तीक्ष्ण और सुगंधित द्रव्य मिलकर शरीर को ठंडक पहुँचाते हैं और सिर दर्द, माइग्रेन, बेचैनी, सर्दी-जुकाम और अपच में राहत देते हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार जब सिर में दर्द या माइग्रेन होता है, तो शरीर कमजोर महसूस करने लगता है और कभी-कभी घबराहट के कारण बीपी गिरने लगता है। ऐसे में अमृतधारा का प्रयोग सभी उम्र के लोगों के लिए लाभकारी है। यह केवल बाहरी उपयोग ही नहीं, बल्कि थोड़ी मात्रा में सेवन करने पर पेट और अपच की समस्या में भी आराम देता है।

    अमृतधारा बनाने की विधि भी बहुत आसान है। एक कांच की शीशी में कपूर सत्व, अजवाइन सत्व और पुदीना सत्व को मिलाकर शीशी तुरंत बंद कर दें। हल्के हाथ से शीशी को हिलाएं ताकि तीनों तत्व आपस में अच्छी तरह मिल जाएं और औषधि का निर्माण हो। ध्यान रखें कि इसे कान, नाक और आंख में डालने से बचें।

    इस औषधि का स्वाद तीखा लेकिन सुगंधित होता है। इसे लंबे समय तक खुला न रखें क्योंकि यह द्रव वाष्पित हो जाता है। सिर दर्द होने पर इसे सीधे माथे पर लगाएं। दांत दर्द में रुई की सहायता से प्रभावित जगह पर लगाना लाभकारी होता है। पेट या अपच की समस्या होने पर थोड़ी मात्रा में सेवन करें। साथ ही यदि मुख से दुर्गंध आती है तो पानी में मिलाकर कुल्ला करने से आराम मिलता है।

    विशेष सावधानी यह है कि गर्भवती महिलाएं और बच्चे इसे सेवन करने से पहले चिकित्सक से सलाह लें। अगर अमृतधारा लगाने पर जलन महसूस हो, तो इसका उपयोग बंद कर दें। यह पारंपरिक औषधि न केवल शरीर को ठंडक देती है, बल्कि ताजगी और राहत का अनुभव भी कराती है।

    अमृतधारा के नियमित और सही उपयोग से सिर दर्द, माइग्रेन और घबराहट जैसी परेशानियों में राहत पाई जा सकती है और यह भारतीय घरेलू उपचार की एक बहुमूल्य धरोहर है जिसे नई पीढ़ी को भी जानना और अपनाना चाहिए।

  • दिग्विजय सिंह ने रिटायरमेंट प्लान पर साझा किया मजाकिया वीडियो, किसानों के लिए उठाई बासमती चावल की जीआई टैग की मांग

    दिग्विजय सिंह ने रिटायरमेंट प्लान पर साझा किया मजाकिया वीडियो, किसानों के लिए उठाई बासमती चावल की जीआई टैग की मांग


    भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने महिला दिवस के मौके पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसानों के मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों के साथ लंबे समय से भेदभाव होता रहा है और विशेष रूप से मध्यप्रदेश में उगाए जाने वाले बासमती चावल को एपीडा से जीआई टैग नहीं दिया जा रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर केंद्र सरकार जीआई टैग नहीं दिलाती है तो वे अनशन पर बैठने को भी तैयार हैं।

    दिग्विजय सिंह ने किसानों के हित में केंद्र सरकार को पत्र लिखने और संसद में उठाने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर असंतोष जताया। उन्होंने बताया कि ग्वालियर-चंबल अंचल से लेकर मालवा और महाकौशल क्षेत्र तक लगभग 14 जिलों में किसान उच्च गुणवत्ता वाले बासमती चावल का उत्पादन कर रहे हैं, लेकिन जीआई टैग न मिलने के कारण उनका उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में उचित मूल्य नहीं पा रहा।

    पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वर्ष 2013 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने मध्यप्रदेश के बासमती चावल को जीआई टैग प्रदान किया था, लेकिन 2016 में वर्तमान केंद्र सरकार ने इसे वापस ले लिया। अब जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बासमती चावल को जीआई टैग मिल चुका है, लेकिन मध्यप्रदेश के किसानों को वंचित रखा गया।

    इस अवसर पर दिग्विजय सिंह ने अपने रिटायरमेंट प्लान पर भी बात की। उन्होंने फेसबुक पर साझा किए गए एक वीडियो का जिक्र किया जिसमें 62 वर्षीय सिबानंद भंजा और उनकी पत्नी बसबी भंजा बैंक से रिटायरमेंट लेने के बाद कार को घर बनाकर पूरे भारत की यात्रा पर निकले हैं। दिग्विजय ने मजाकिया अंदाज में कहा कि यह देखकर प्रेरणा मिली और रिटायरमेंट के बाद की योजना पर भी सोचा।

    पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वे राज्यसभा के सेकंड टर्म के बाद तीसरे टर्म के लिए नहीं जाएंगे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे कांग्रेस के लिए काम नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी का काम जीवन के अंतिम क्षण तक करेंगे, लेकिन आगे का निर्णय पार्टी नेतृत्व पर निर्भर करेगा।

    दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश के बासमती किसानों को उचित मूल्य और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए जीआई टैग बेहद जरूरी है, ताकि उनका उत्पाद पाकिस्तान और अन्य देशों के बासमती चावल के साथ प्रतिस्पर्धा कर सके।

    पूर्व मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को अब तक किसानों के हित में ठोस कदम नहीं उठाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और मंत्री मंडल से अपील की कि मध्यप्रदेश के बासमती चावल को जल्द से जल्द जीआई टैग दिलवाया जाए और किसानों के आर्थिक नुकसान को रोका जाए।

  • भोपाल: मिलन स्वीट्स पर इनकम टैक्स की रेड, टैक्स चोरी के शक में दस्तावेज खंगाले, संचालक से पूछताछ जारी

    भोपाल: मिलन स्वीट्स पर इनकम टैक्स की रेड, टैक्स चोरी के शक में दस्तावेज खंगाले, संचालक से पूछताछ जारी


     

    भोपाल भोपाल के एमपी नगर स्थित प्रतिष्ठित मिलन स्वीट्स और रेस्टोरेंट पर रविवार सुबह इनकम टैक्स विभाग की टीम ने अचानक सर्वे कार्रवाई की, जिससे रेस्टोरेंट में हड़कंप मच गया। टीम ने टैक्स चोरी की आशंका को लेकर रेस्टोरेंट में मौजूद दस्तावेजों और रिटर्न से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले और संचालक से पूछताछ की। जानकारी के मुताबिक, टीम इस जांच में कर चोरी के सबूत जुटाने में जुटी है।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, आईटी विभाग की टीम के आने के बाद रेस्टोरेंट में अफरातफरी का माहौल बन गया और भीड़ जमा हो गई। इनकम टैक्स विभाग का उद्देश्य इस कार्रवाई के माध्यम से कर से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना और किसी भी तरह की आर्थिक गड़बड़ी पर नज़र रखना है।

    गौरतलब है कि जून 2024 में भी मिलन स्वीट्स में भीषण आग लगी थी। आग पर काबू पाने के लिए एक दर्जन से अधिक दमकल की गाड़ियां मौके पर आई थीं और लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया। इस घटना में रेस्टोरेंट को बड़ा नुकसान हुआ था, जिसमें मिठाइयां, अन्य खाद्य सामग्री और कई दस्तावेज जलकर खाक हो गए थे।

    इस बार की सर्वे कार्रवाई में आईटी टीम ने वही दस्तावेज और रिटर्न रिकॉर्ड खंगाले, जो पहले आग में नष्ट हो चुके थे, ताकि वित्तीय जांच पूरी तरह से निष्पक्ष और सटीक हो सके। टीम रेस्टोरेंट संचालक से विस्तृत पूछताछ कर रही है और कर चोरी या किसी भी नियम उल्लंघन की पुष्टि करने की कोशिश कर रही है।

    पुलिस भी इस कार्रवाई में सहयोग कर रही है ताकि किसी तरह की अफरातफरी या सुरक्षा संबंधी समस्या न हो। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे प्रतिष्ठित रेस्टोरेंटों में भी अगर टैक्स नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो विभाग कठोर कार्रवाई करेगा।

    इस मामले में कर विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार इन्वेस्टिगेशन और दस्तावेज़ जांच से न केवल कर चोरी रोकने में मदद मिलेगी, बल्कि अन्य व्यापारियों के लिए भी नैतिक और कानूनी उदाहरण स्थापित होगा।

    यदि जांच में सबूत मिलते हैं, तो मिलन स्वीट्स संचालक के खिलाफ विभाग आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर सकता है। फिलहाल, आईटी टीम पूरे रेस्टोरेंट में दस्तावेजों की पड़ताल और पूछताछ जारी रखे हुए है, ताकि सभी वित्तीय रिकॉर्ड का सत्यापन हो सके और कर नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

  • इंदौर: बदमाशों के साथ जन्मदिन मनाने वाले हेड कॉन्स्टेबल को निलंबित किया गया, पुलिस ने जताई शून्य-सहनशीलता

    इंदौर: बदमाशों के साथ जन्मदिन मनाने वाले हेड कॉन्स्टेबल को निलंबित किया गया, पुलिस ने जताई शून्य-सहनशीलता


    इंदौर इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल जीतू सरदार का जन्मदिन मनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने कड़ी कार्रवाई की। गुरुवार को आयोजित जन्मदिन समारोह में संयोगितागंज क्षेत्र के तीन बदमाश भी मौजूद रहे। वीडियो में देखा गया कि हेड कॉन्स्टेबल को बदमाशों ने माला पहनाई और उनके साथ फोटो खिंचवाए।

    वीडियो वायरल होते ही मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा। शनिवार रात इंदौर पुलिस कमिश्नर की मंजूरी से हेड कॉन्स्टेबल जीतू सरदार को निलंबित कर दिया गया। अतिरिक्त डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रारंभिक जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने साफ किया कि किसी भी पुलिसकर्मी का आपराधिक तत्वों के साथ सांठगांठ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    जानकारी के अनुसार, जन्मदिन समारोह में अक्रात, विकास और आयुष नामक व्यक्ति भी शामिल थे। ये तीनों संयोगितागंज क्षेत्र से हैं और इनके खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। अक्रात और आयुष के पिता दीनू निगरानीशुदा बदमाश बताए जाते हैं, जबकि विकास पर भी नशा और मारपीट के करीब 10 मामले दर्ज हैं।

    घटना ने पुलिस विभाग के भीतर भी हलचल मचा दी है। अधिकारियों का कहना है कि विभाग किसी भी प्रकार के अनैतिक और आपराधिक संबंधों को बर्दाश्त नहीं करेगा। निलंबन के बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है, जिसमें सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, शामिल व्यक्तियों की पहचान और उनके अपराध रिकॉर्ड को भी देखा जाएगा।

    परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में यह घटना नागरिकों के बीच चिंता का विषय बन गई है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत थाने को दें, ताकि विभाग अपराध और अनुशासनहीनता पर नजर रख सके।

    हेड कॉन्स्टेबल जीतू सरदार का निलंबन इस बात का संदेश है कि पुलिस विभाग में भी नैतिक और कानूनी मानदंडों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। आगामी जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि क्या अन्य अधिकारियों की भी इसमें भूमिका रही।

  • रेलवे में महिलाओं की सुरक्षा को बड़ा बढ़ावा, महिला दिवस पर लॉन्च हुआ 'SHINE' फीचर, यौन उत्पीड़न की शिकायत अब सीधे ऑनलाइन दर्ज होगी

    रेलवे में महिलाओं की सुरक्षा को बड़ा बढ़ावा, महिला दिवस पर लॉन्च हुआ 'SHINE' फीचर, यौन उत्पीड़न की शिकायत अब सीधे ऑनलाइन दर्ज होगी



    नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रेलवे ने अपनी महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए एक बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। अब रेलवे में कार्यरत महिलाएं कार्यस्थल पर होने वाले यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) की शिकायत सीधे HRMS (Human Resource Management System) एप्लिकेशन के माध्यम से दर्ज कर सकेंगी। इस नई पहल का नाम SHINE (Sexual Harassment Incident Notification for Empowerment) रखा गया है।

    रेल मंत्रालय ने इस पहल के जरिए शिकायत प्रक्रिया को अधिक गोपनीय (Confidential) और त्वरित बनाने का उद्देश्य रखा है। अब महिला कर्मचारी बिना किसी मध्यस्थ के सीधे अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकती हैं, जो संबंधित नॉमिनेटेड कमेटी तक पहुंचेगी। यह सुविधा सिर्फ नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि कॉन्ट्रैक्ट वर्कर, स्टूडेंट्स और बाहरी विजिटर्स भी इसे इस्तेमाल कर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

    रेलवे के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी जोनों में इंटरनल कंप्लेंट (IC) कमिटी और संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द नॉमिनेट करें, ताकि शिकायतों का समाधान समय पर हो। कर्मचारी इस मॉड्यूल तक Employee Self Service (ESS) के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते हैं।

    रेल मंत्रालय ने बताया कि SHINE मॉड्यूल की सबसे बड़ी खासियत इसकी केंद्रीकृत निगरानी और त्वरित एक्सेस है। इससे न केवल शिकायत दर्ज करने वाली महिला कर्मचारी की गोपनीयता सुनिश्चित होगी, बल्कि निवारण प्रक्रिया में तेजी भी आएगी।

    इस पहल के माध्यम से रेलवे महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षित कार्यस्थल और डिजिटल शिकायत समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। मंत्रालय का कहना है कि SHINE मॉड्यूल आने वाले समय में महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक बनेगा।

    रेलवे में यह पहल ऐसे समय में आई है जब कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। महिला कर्मचारियों ने भी इस कदम को सराहा है और इसे कार्यस्थल को सुरक्षित और आत्मविश्वासपूर्ण बनाने वाला कदम बताया है।

  • CA रिजल्ट 2026 घोषित: भोपाल का प्रदर्शन देश से बेहतर, फाउंडेशन में स्वास्तिक और इंटरमीडिएट में मुस्कान टॉपर

    CA रिजल्ट 2026 घोषित: भोपाल का प्रदर्शन देश से बेहतर, फाउंडेशन में स्वास्तिक और इंटरमीडिएट में मुस्कान टॉपर


    नई दिल्ली। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने जनवरी 2026 में आयोजित सीए फाउंडेशन और सीए इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस बार भोपाल के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

    सीए इंटरमीडिएट परीक्षा में भोपाल सेंटर से मुस्कान डांगी ने 447 अंक (74.50%) के साथ पहला स्थान हासिल किया, वहीं सीए फाउंडेशन में स्वास्तिक गुप्ता 330 अंक (82.50%) के साथ भोपाल टॉपर रहे। भोपाल ब्रांच ऑफ CIRC ऑफ ICAI ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की और बताया कि इस बार भोपाल का परिणाम देश से बेहतर रहा।

    मुस्कान डांगी ने बताया कि उन्होंने बीते 10 महीनों तक रोज 10 घंटे पढ़ाई की और सेल्फ स्टडी के लिए लाइब्रेरी जॉइन की। दिन में पढ़ाई और रात को रिविजन करने की तकनीक ने उन्हें सफलता दिलाई। उनका ऑल इंडिया रैंक (AIR) 25 आया।

    सीए इंटरमीडिएट में मुस्कान डांगी के बाद दूसरे स्थान पर सृष्टि धाकड़ (382 अंक, 63.57%) और तीसरे स्थान पर राशि चौरिवार (366 अंक, 61%) रही।

    सीए फाउंडेशन में भोपाल सेंटर से स्वास्तिक गुप्ता पहले, दूसरे स्थान पर माही गुप्ता (325 अंक, 81.25%) और तीसरे स्थान पर नयन जैन (322 अंक, 80.50%) रहे।

    देशभर में सीए इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 2,16,801 अभ्यर्थी शामिल हुए, जिनमें से 29,455 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए। पास प्रतिशत 13.59% रहा। ग्रुप-I में पास प्रतिशत 13.96 और ग्रुप-II में 15.54% रहा। दोनों ग्रुप पास करने वाले छात्रों की संख्या 3,924 रही।

    सीए फाउंडेशन परीक्षा में भोपाल सेंटर पर 976 छात्रों में से 191 सफल हुए, पास प्रतिशत 19.57% रहा। देशभर में कुल परिणाम 19.23% दर्ज हुआ। पुरुष अभ्यर्थियों का पास प्रतिशत 20.13 और महिला अभ्यर्थियों का 18.26% रहा।

    ऑल इंडिया टॉपर्स की सूची में कनहैया लाल (508 अंक, 84.67%) पहले, फातिमा शेहजा (504 अंक, 84%) दूसरे और तान्या बंसल (498 अंक, 83%) तीसरे स्थान पर रहीं।

    भोपाल शाखा ने घोषणा की है कि आने वाले सत्र में नए नवाचार-आधारित डिजिटल ट्रेनिंग मॉडल और स्कूल-कलज स्तर पर फाइनेंशियल लिटरेसी मिशन भी शुरू किया जाएगा, ताकि युवाओं को करियर ओरिएंटेशन और अकाउंटिंग अवेयरनेस प्रदान की जा सके।

  • Papmochani Ekadashi 2026: 16 मार्च को व्रत, शिवलिंग पर चढ़ाएं ये 5 चीजें, पापों और कष्टों से मिले मुक्ति

    Papmochani Ekadashi 2026: 16 मार्च को व्रत, शिवलिंग पर चढ़ाएं ये 5 चीजें, पापों और कष्टों से मिले मुक्ति


    नई दिल्ली। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की पावन तिथि पापमोचनी एकादशी इस वर्ष 16 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। यह दिन भगवान विष्णु और महादेव की शक्ति के संगम का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन विशेष साधना और शिवलिंग पर कुछ सामग्रियों का अर्पण जीवन के जटिल कष्टों, शनि दोष और पुराने पापों से मुक्ति दिलाने में अत्यंत प्रभावशाली है।

    पापमोचनी एकादशी पर शिवलिंग साधना का विशेष महत्व है। इस दिन भक्त शिवलिंग पर पांच महत्वपूर्ण चीजें अर्पित करके महादेव को प्रसन्न कर सकते हैं।

    1. शमी के पुष्प – रोग और दोषों से मुक्ति:
    नीलकंठेश्वर महादेव का स्मरण करते हुए शिवलिंग पर शमी के फूल चढ़ाएं। यह उपाय शरीर के रोगों और कुंडली में उपस्थित दोषों को दूर करने में मदद करता है।

    2. बिल्वपत्र और शहद – उत्तम स्वास्थ्य का वरदान:
    शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय बिल्वपत्र पर थोड़ा शहद लगाकर अर्पित करें। शास्त्रों के अनुसार इससे समस्त पाप नष्ट होते हैं और भक्त को उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

    3. चावल और काले तिल – शनि दोष से राहत:
    शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या से परेशान लोग इस दिन कच्चे चावल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। पूजन के बाद इसे जरूरतमंद को दान करने से शनि देव की पीड़ा शांत होती है।

    4. गाय का शुद्ध घी – संकटों का नाश:
    शुद्ध गाय के घी से शिवलिंग का अभिषेक करना अत्यंत कल्याणकारी माना गया है। यह उपाय घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर करता है और जीवन में आने वाले आकस्मिक संकटों से सुरक्षा देता है।

    5. महामृत्युंजय मंत्र – संकट टालने की शक्ति:
    पूजा के अंत में महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप अवश्य करें। एकादशी की पवित्र ऊर्जा और मंत्र का प्रभाव मिलकर जीवन के बड़े संकटों और कष्टों को टालने की क्षमता रखता है।

    पापमोचनी एकादशी का व्रत 16 मार्च 2026 को रखा जाएगा और इसका पारण अगले दिन शुभ मुहूर्त में करना श्रेष्ठ माना गया है। इस दिन की साधना से न केवल जीवन के कष्ट दूर होते हैं, बल्कि जन्मों के पापों से भी मुक्ति पाने का अद्वितीय अवसर मिलता है।