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  • सलीम खान: जो खुद नहीं बने सुपरस्टार, लेकिन बेटे ने कर दिखाया कमाल..

    सलीम खान: जो खुद नहीं बने सुपरस्टार, लेकिन बेटे ने कर दिखाया कमाल..


    नई दिल्ली: सलीम खान का नाम सुनते ही हिंदी सिनेमा के कई क्लासिक फिल्में और सुपरस्टार याद आते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सलीम खान खुद एक्टर बनने मुंबई आए थे? बचपन में अनाथ होने के बावजूद उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा और छोटी-छोटी भूमिकाओं से शुरुआत की।

    सलीम अब्दुल रशीद खान के पूर्वज अफगानिस्तान से भारत आए थे और परिवार बाद में इंदौर में बस गया। बचपन में ही माता-पिता का साया खोने के बाद दस साल की उम्र में वह अनाथ हो गए। फिर भी बड़े सपने लेकर मुंबई आए। मरीन ड्राइव के गेस्ट हाउस में 55 रुपये महीने देकर आधा कमरा किराए पर लिया और गुजारे के लिए मॉडलिंग की। 1960 में फिल्म ‘बारात’ से डेब्यू किया, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। कई फिल्मों में काम किया, लेकिन एक्टर के तौर पर पहचान नहीं बन पाई। खुद सलीम मानते थे कि वह बड़े एक्टर नहीं हैं, लेकिन किरदार को समझने और गढ़ने में माहिर थे।

    एक्टर के रूप में संघर्ष के बाद सलीम खान ने लेखन की राह चुनी। जावेद अख्तर के साथ उनकी जोड़ी ‘सलीम-जावेद’ बनी, जिसने हिंदी सिनेमा में इतिहास रचा। उनकी लेखनी से बनी फिल्में जैसे जंजीर, दीवार, शोले, डॉन ने अमिताभ बच्चन को ‘एंग्री यंग मैन’ का टाइटल दिलाया और सलीम-जावेद को भी फिल्म इंडस्ट्री में पहचान मिली।

    सलीम खान ने 1964 में सलमा से शादी की। बाद में उन्होंने हेलेन से भी निकाह किया। वक्त के साथ परिवार ने हर रिश्ते को अपनाया और आज उनके बेटे सलमान खान बॉलीवुड के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में गिने जाते हैं।

    सलीम खान की कहानी यह सिखाती है कि कभी-कभी किस्मत और हुनर अलग-अलग राह चुनते हैं। खुद सुपरस्टार नहीं बने, लेकिन अपने जादुई कलम के दम पर न केवल अमिताभ बच्चन को एंग्री यंग मैन बनाया, बल्कि बेटे सलमान के जरिए बॉलीवुड में एक नई पीढ़ी का सितारा चमकाया।
  • छोटी फैन ने पूछा, मुझे शादी में क्यों नहीं बुलाया? विजय देवरकोंडा ने दिया क्यूट रिएक्शन

    छोटी फैन ने पूछा, मुझे शादी में क्यों नहीं बुलाया? विजय देवरकोंडा ने दिया क्यूट रिएक्शन


    नई दिल्ली: 26 फरवरी 2026 को रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने अपनी इंटिमेट ग्रैंड वेडिंग की। इस खास मौके पर उनके परिवार और करीबी दोस्त ही शामिल हुए, लेकिन शादी की खुशियां देशभर में फैला दी गईं। कपल ने अलग-अलग शहरों में मिठाई के डिब्बे भेजे और मंदिरों में खाने का आयोजन किया। इसके बाद 4 फरवरी को हैदराबाद में इंडस्ट्री के दोस्तों के लिए वेडिंग रिसेप्शन रखा गया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं।
    हालांकि अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें एक छोटी बच्ची, जो रश्मिका-विजय की फैन है, अपनी नाराजगी जाहिर कर रही है। वीडियो में बच्ची कहती है, क्या मैं आपकी फैन नहीं हूं? हमारा क्या? उसकी मासूम नाराजगी और क्यूट सवाल ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा।

    विजय देवरकोंडा ने इस वीडियो को देखकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कमेंट सेक्शन में लिखा, प्यारी बच्ची। मैं तुम्हें लंच के लिए घर बुलाऊंगा। मुझे अपना पसंदीदा खाना और मिठाई बताओ। हम सब घर पर ही पकाएंगे और खुशी-खुशी खाएंगे। यह जवाब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और फैंस को एक्टर की मासूमियत और क्यूट अंदाज दिखा दिया।

    रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की सगाई अक्टूबर 2025 में हुई थी, जो कि एक इंटिमेट इवेंट था। इसके बाद 26 फरवरी को कपल शादी के बंधन में बंधे। शादी के बाद कपल ने अपने रिश्ते पर कोई पब्लिक रिएक्शन नहीं दिया। 1 मार्च को उन्होंने ऐलान किया कि वे देशभर में कई शहरों में मिठाई भेजेंगे और मंदिरों में खाने का आयोजन करेंगे।

    हैदराबाद वेडिंग रिसेप्शन में बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्री के कई सितारे पहुंचे। कृति सेनन और राम चरण जैसी हस्तियों ने भी इस रिसेप्शन में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। हालांकि इस छोटी फैन का सवाल और विजय का क्यूट जवाब फैंस के लिए इस शादी का सबसे प्यारा और वायरल मोमेंट बन गया है।

  • ईरान पर हमलों के बीच ट्रंप ने ब्रिटेन के PM पर साधा निशाना, कहा युद्ध जीतने के बाद सहयोग की ज़रूरत नहीं

    ईरान पर हमलों के बीच ट्रंप ने ब्रिटेन के PM पर साधा निशाना, कहा युद्ध जीतने के बाद सहयोग की ज़रूरत नहीं


    नई दिल्ली । अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के बीच ब्रिटेन के समर्थन की कमी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। शनिवार को ट्रंप ने प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर निशाना साधते हुए कहा कि यूरोपीय देश अब पश्चिम एशिया में एयरक्रॉफ्ट कैरियर भेजने पर विचार कर रहे हैं लेकिन अमेरिका को युद्ध जीतने के बाद ऐसे सहयोगियों की ज़रूरत नहीं है।

    ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में लिखा यूनाइटेड किंगडम जो कभी हमारा महान सहयोगी था अब मिडिल ईस्ट में 2 विमानवाहक पोत भेजने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। ठीक है प्रधानमंत्री स्टार्मर हमें उनकी अब ज़रूरत नहीं है। हमें ऐसे लोग चाहिए ही नहीं जो युद्ध जीतने के बाद इसमें शामिल हों।

    इससे पहले ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने 7 मार्च के ऑपरेशन अपडेट में बताया कि अमेरिका ने ईरान पर रक्षात्मक अभियानों के लिए ब्रिटिश ठिकानों का उपयोग शुरू कर दिया है। इसका मकसद क्षेत्र में मिसाइल दागने से रोकना और ब्रिटिश नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।

    ट्रंप ने इससे पहले भी ईरान पर ब्रिटेन के रुख को असहयोगी बताया था। उन्होंने कीर स्टार्मर की आलोचना करते हुए कहा कि वे विंस्टन चर्चिल नहीं हैं और दोनों देशों के संबंधों को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

    ब्रिटेन की संसद में बुधवार को प्रधानमंत्री स्टार्मर ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी विमान ब्रिटिश ठिकानों से उड़ान भर रहे हैं और ब्रिटिश जेट संयुक्त ठिकानों से मिडिल ईस्ट में अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा के लिए ड्रोन और मिसाइलों को मार गिरा रहे हैं। उन्होंने कहा यही स्पेशल रिलेशनशिप है – अपने लोगों की सुरक्षा के लिए रोज़ खुफिया जानकारी साझा करना।

    विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप का बयान अमेरिका-यूके के बीच संबंधों में तनाव बढ़ा सकता है जबकि ब्रिटेन अपनी भूमिका को रक्षात्मक और सुरक्षा-केंद्रित बताते हुए स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है। इस बीच क्षेत्र में तनाव और बढ़ता नजर आ रहा है क्योंकि ईरान अमेरिका और इजराइल के बीच सैन्य गतिवधियों की तीव्रता बढ़ रही है।

  • नीतीश कुमार के बेटे निशांत की राजनीति में एंट्री: पटना में JDU जॉइन, कार्यकर्ताओं ने लगाए भविष्य के CM के नारे

    नीतीश कुमार के बेटे निशांत की राजनीति में एंट्री: पटना में JDU जॉइन, कार्यकर्ताओं ने लगाए भविष्य के CM के नारे


    पटना। बिहार की राजनीति में रविवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar ने पटना स्थित पार्टी कार्यालय में Janata Dal (United) (जेडीयू) की सदस्यता ग्रहण कर ली। जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष Sanjay Kumar Jha ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई, जबकि वरिष्ठ नेता Rajiv Ranjan Singh ने उन्हें पार्टी का गमछा पहनाकर स्वागत किया। हालांकि इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Nitish Kumar मौजूद नहीं रहे।

    पार्टी की सदस्यता लेने के बाद निशांत कुमार ने कहा कि वे पार्टी के लिए पूरी मेहनत से काम करेंगे और उनके पिता ने पिछले 20 वर्षों में बिहार के विकास के लिए जो काम किए हैं, उन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बिहार और देश की जनता से अपील करते हुए कहा कि लोग उनके पिता पर विश्वास बनाए रखें। सदस्यता लेने के बाद निशांत ने मंच पर मौजूद नेताओं के पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया।

    जेडीयू कार्यालय पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों के साथ समर्थकों ने फूलों की वर्षा की और “नीतीश कुमार जिंदाबाद” तथा “बिहार का सीएम कैसा हो, निशांत कुमार जैसा हो” जैसे नारे लगाए। कई समर्थक हाथी, घोड़ा और ऊंट लेकर स्वागत करने पहुंचे थे। मोकामा से बाहुबली नेता Anant Kumar Singh के समर्थक भी बड़ी संख्या में पटना पहुंचे।

    इस मौके पर जेडीयू विधायक Nachiketa Mandal ने कहा कि निशांत कुमार पार्टी के लिए बेहतर काम करेंगे और Nitish Kumar के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम के दौरान कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे, जिनमें मंत्री Vijay Kumar Chaudhary, Shravan Kumar और Ramnath Thakur शामिल थे।

    निशांत कुमार की जेडीयू में एंट्री को बिहार की राजनीति में एक अहम कदम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे आने वाले समय में राज्य की सियासत और पार्टी की रणनीति पर असर पड़ सकता है।

  • रणवीर सिंह के धुरंधर 2 ट्रेलर पर ऋतिक रोशन ने जताई तारीफ, पहले नहीं थे राजनीति से सहमत

    रणवीर सिंह के धुरंधर 2 ट्रेलर पर ऋतिक रोशन ने जताई तारीफ, पहले नहीं थे राजनीति से सहमत

    नई दिल्ली: आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म धुरंधर द रिवेंज (Dhruva Natchathiram 2 / Dhurandhar 2) का ट्रेलर 19 मार्च को रिलीज से पहले ही मेकर्स ने शेयर कर दिया है। फिल्म के ट्रेलर में रणवीर सिंह का धुआंधार एक्शन फैंस का दिल जीत रहा है और सोशल मीडिया पर इसकी खूब तारीफ हो रही है। इस लिस्ट में बॉलीवुड के सुपरस्टार ऋतिक रोशन का नाम भी शामिल हो गया है।

    रणवीर सिंह ने इंस्टाग्राम पर धुरंधर द रिवेंज का ट्रेलर शेयर किया और लिखा कि यह पर्सनल है। ट्रेलर रिलीज होने के बाद कमेंट सेक्शन में ऋतिक रोशन ने हार्ट, फायर और ताली बजाने वाली इमोजी के साथ लिखा, “बहुत अच्छा।”

    ऋतिक रोशन ने इससे पहले धुरंधर का रिव्यू करते हुए कहा था कि वह फिल्म में दिखाई गई राजनीति से सहमत नहीं हैं, लेकिन फिल्म देखने का अनुभव उन्हें पसंद आया। इंस्टाग्राम स्टोरी पर उन्होंने लिखा था, मुझे सिनेमा पसंद है, मुझे ऐसे लोग पसंद हैं जो किसी भंवर में फंस जाते हैं और कहानी को कंट्रोल करने देते हैं, उन्हें घुमाते, हिलाते हैं जब तक कि जो कहना चाहते हैं वह स्क्रीन पर न आ जाए। धुरंधर इसका उदाहरण है। कहानी कहने का तरीका बहुत पसंद आया। सिनेमा के तौर पर यह कमाल है। मैं इसकी पॉलिटिक्स से सहमत नहीं हो सकता, और इस बात पर बहस कर सकता हूं कि फिल्ममेकरों को क्या जिम्मेदारियां उठानी चाहिए। फिर भी एक सिनेमा स्टूडेंट के तौर पर मुझे यह पसंद आया और इससे मैंने बहुत कुछ सीखा।

    धुरंधर पहली बार 5 दिसंबर को रिलीज हुई थी। फिल्म में रणवीर सिंह के अलावा अक्षय खन्ना, संजय दत्त, राकेश बेदी, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन अहम किरदार में नजर आए थे। धुरंधर ने बॉक्स ऑफिस पर 1300 करोड़ रुपये वर्ल्डवाइड कलेक्शन हासिल किया था।

    अब धुरंधर 2 के ट्रेलर पर ऋतिक का रिएक्शन दर्शाता है कि भले ही राजनीति पर उनके विचार अलग हों, लेकिन फिल्म की कहानी और एक्शन ने उन्हें पूरी तरह इंप्रेस किया। फैंस भी इस ट्रेलर को लेकर बेहद उत्साहित हैं और सोशल मीडिया पर फिल्म की तारीफों की झड़ी लगी हुई है।

  • रश्मिका-विजय रिसेप्शन विवाद: जूनियर एनटीआर के बॉडी डबल ने तोड़ी चुप्पी, बताया पूरा सच

    रश्मिका-विजय रिसेप्शन विवाद: जूनियर एनटीआर के बॉडी डबल ने तोड़ी चुप्पी, बताया पूरा सच

    नई दिल्ली में रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की रिसेप्शन पार्टी के दौरान वायरल हुआ वीडियो अब चर्चा का केंद्र बना हुआ है। वीडियो में दिखाया गया था कि अल्लू अर्जुन के बाउंसर्स ने जूनियर एनटीआर के बॉडी डबल को धक्का दिया था। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैलीं, लेकिन अब इस वीडियो में दिख रहे बॉडी डबल ईश्वर हैरिस ने सच सामने रखा है।

    ईश्वर ने बताया कि रश्मिका और विजय के रिसेप्शन में वह फोटो क्लिक करवाने के लिए स्टेज की ओर बढ़ रहे थे। उसी समय अल्लू अर्जुन की एंट्री हुई। बाउंसर्स ने गलतफहमी में उन्हें पीछे कर दिया, क्योंकि उन्हें लगा कि ईश्वर अर्जुन के पास फोटो खिंचवाने जा रहे हैं। ईश्वर ने कहा कि यह कोई असभ्य या जानबूझकर किया गया धक्का नहीं था।

    बॉडी डबल ने साफ किया कि सोशल मीडिया पर इस छोटी सी घटना को जरूरत से ज्यादा बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि लोग इस वीडियो के जरिए उन्हें अमीर बना देंगे, जिसके लिए वह सबका धन्यवाद भी करते हैं।

    ईश्वर हैरिस ने पहले भी कई फिल्मों में जूनियर एनटीआर के बॉडी डबल के तौर पर काम किया है। इनमें प्रमुख फिल्म आरआरआर शामिल है। इसके अलावा वह कई एडवरटाइजमेंट्स में भी नजर आ चुके हैं। फिल्म वॉर 2 में भी वह बॉडी डबल के लिए चुने गए थे, लेकिन उन्होंने वह ऑफर ठुकरा दिया।

    अगर बात अल्लू अर्जुन की करें, तो वह इन दिनों अपने फिल्मों पुष्पा: द राईज और पुष्पा 2: द रूल की सफलता एंजॉय कर रहे हैं। इसके बाद वह डायरेक्टर एटली के साथ अपने नए प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं।

    इस वायरल वीडियो ने यह साबित किया कि सोशल मीडिया पर छोटी घटनाओं को अक्सर गलत तरीके से पेश किया जाता है। ईश्वर हैरिस ने साफ किया कि घटना पूरी तरह से मासूम और सामान्य थी और किसी तरह की झगड़े या विवाद की स्थिति नहीं थी।

  • दिल्ली को आपदा सरकार से मिली मुक्ति, अब तेजी से आगे बढ़ रहा विकास : प्रधानमंत्री मोदी

    दिल्ली को आपदा सरकार से मिली मुक्ति, अब तेजी से आगे बढ़ रहा विकास : प्रधानमंत्री मोदी


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पिछली सरकार के कारण दिल्ली का विकास लंबे समय तक प्रभावित रहा लेकिन पिछले एक वर्ष में राजधानी में विकास कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाया गया है और इसका लाभ आम लोगों तक पहुंच रहा है।

    रविवार को बुराड़ी में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने 33,500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एक वर्ष पहले दिल्ली जिस आपदा से मुक्त हुई उसकी अहमियत अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि उस समय की सरकार बाधा न बनती तो मेट्रो का चौथा चरण काफी पहले ही पूरा हो सकता था। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद विकास कार्यों में तेजी आई है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली में प्रतिदिन लाखों लोग बसों से सफर करते हैं इसलिए उन्हें बेहतर और आरामदायक परिवहन सुविधा देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में चार हजार से अधिक बसें राजधानी में सेवा दे रही हैं जिनमें इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग दस वर्षों तक पूर्व सरकार के समय विकास कार्य ठप पड़े रहे लेकिन अब उन्हें तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यमुना नदी की सफाई के लिए भी बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार को लोगों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं था और गरीबों की अनदेखी की गई। वहीं रेखा गुप्ता के नेतृत्व में अब हालात को लगातार बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। पिछले एक वर्ष में बड़ी संख्या में आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए गए हैं जिससे लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।  प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली में अब विकास का नया मॉडल दिखाई दे रहा है जहां काम शुरू हो चुका है और बहानों की जगह परिणाम पर ध्यान दिया जा रहा है।

  • 8 मार्च की कहानी: कैसे बन गया International Women’s Day महिलाओं के अधिकारों का प्रतीक

    8 मार्च की कहानी: कैसे बन गया International Women’s Day महिलाओं के अधिकारों का प्रतीक


    नई दिल्ली: दुनिया में हर साल 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है, जो महिलाओं की उपलब्धियों और उनके अधिकारों के लिए चल रहे संघर्ष का सम्मान करने का दिन है। यह दिन सिर्फ उत्सव नहीं बल्कि समाज में महिलाओं की स्थिति और उनके योगदान को पहचानने का अवसर भी है। साल 2026 के लिए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की थीम ‘Give To Gain’ रखी गई है। इसका संदेश यह है कि जब हम महिलाओं को शिक्षा, प्रशिक्षण, मेंटरशिप, न्याय, सुरक्षा और बराबर अवसर देते हैं, तो उसका लाभ पूरे समाज को मिलता है।

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास 20वीं सदी की शुरुआत से जुड़ा हुआ है। 1908 में कामकाजी महिलाओं ने अपने अधिकारों के लिए बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया। उनका उद्देश्य महिलाओं के लिए बेहतर कामकाजी माहौल और समान अधिकार सुनिश्चित करना था। धीरे-धीरे यह दिन दुनिया भर में महिलाओं के अधिकार, मतदान के अधिकार और समानता का प्रतीक बन गया।

    1911 में जर्मनी, ऑस्ट्रिया, डेनमार्क और स्विट्जरलैंड में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया, जिसमें लाखों लोगों ने भाग लिया और महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में रैलियां निकाली। ऑस्ट्रेलिया में 25 मार्च 1928 को महिलाओं ने समान काम के लिए समान वेतन, आठ घंटे का कार्यदिवस और बेरोजगारों के लिए बुनियादी वेतन की मांग करते हुए बड़े मार्च किए।

    शुरुआत में महिला दिवस अलग-अलग तारीखों पर मनाया जाता था। 1922 में सोवियत संघ के नेता व्लादिमीर लेनिन ने 8 मार्च को आधिकारिक रूप से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस घोषित किया। इसके बाद धीरे-धीरे यह दिन दुनिया के कई देशों में मान्यता प्राप्त कर गया। 1975 में संयुक्त राष्ट्र ने भी इसे आधिकारिक रूप से मान्यता दी और तभी से 8 मार्च पूरी दुनिया में महिलाओं के अधिकारों और समानता के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बन गया।

    इस दिन समाज में महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक योगदान को पहचानने के साथ-साथ लैंगिक भेदभाव, कार्यस्थल पर असमानता, महिलाओं के खिलाफ हिंसा और शिक्षा और अवसरों की कमी जैसे मुद्दों की ओर भी ध्यान दिलाया जाता है। सरकारें, संस्थाएं और समाज के लोग कार्यक्रम आयोजित करके महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान करते हैं और उन्हें बराबरी का अधिकार दिलाने के लिए जागरूकता फैलाते हैं।

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हमें यह याद दिलाता है कि महिलाओं को समान अवसर देना सिर्फ उनके लिए नहीं बल्कि पूरे समाज के विकास के लिए जरूरी है। जब महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलता है, तो समाज अधिक मजबूत और विकसित बनता है। 2026 की थीम ‘Give To Gain’ इस बात पर जोर देती है कि महिलाओं को समर्थन और संसाधन देने से पूरे समाज को लाभ होता है और समानता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाए जा सकते हैं।
  • पीएनबी के 1085 करोड़ रुपये के ऋण घोटाले में अनिल अंबानी पर सीबीआई ने दर्ज किया नया मामला

    पीएनबी के 1085 करोड़ रुपये के ऋण घोटाले में अनिल अंबानी पर सीबीआई ने दर्ज किया नया मामला


    नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने पंजाब नेशनल बैंक की शिकायत के आधार पर उद्योगपति अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस के कुछ पूर्व अधिकारियों के खिलाफ 1085 करोड़ रुपये के ऋण घोटाले को लेकर नया मामला दर्ज किया है। यह मामला धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ा बताया गया है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य प्रबंधक संतोषकृष्ण अन्नावरपु की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर की गई। दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2013 से 2017 के दौरान अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस के तत्कालीन अधिकारियों ने बैंक से लिया गया लगभग 1085 करोड़ रुपये का ऋण नियमों के विपरीत तरीके से इस्तेमाल किया।

    बैंक का कहना है कि कंपनी ने यह ऋण वापस करने की स्पष्ट मंशा के बिना लिया था और प्राप्त धनराशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के बजाय अन्य कार्यों में किया गया। बैंक के अनुसार यह कृत्य धोखाधड़ी और विश्वास के आपराधिक उल्लंघन की श्रेणी में आता है।

    प्राथमिकी में अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस के अलावा कुछ अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो अब इस मामले में धन के उपयोग, संभावित वित्तीय हेरफेर और लेन-देन से जुड़ी कड़ियों की विस्तृत जांच करेगी।

  • MP में 9 दिन लगेगा कुंवारों के देवता बिल्लम बावजी का दरबार, पान और नारियल अर्पित कर लगाई जाती है शादी की अर्जी

    MP में 9 दिन लगेगा कुंवारों के देवता बिल्लम बावजी का दरबार, पान और नारियल अर्पित कर लगाई जाती है शादी की अर्जी

    नीमच । मध्यप्रदेश के नीमच जिले के जावद में कुंवारों के देवता के रूप में प्रसिद्ध बिल्लम बावजी का अनोखा दरबार हर साल रंग पंचमी से शुरू होकर रंग तेरस तक चलता है। इस दौरान हजारों अविवाहित युवक-युवतियां और उनके परिजन विवाह की मनोकामना लेकर बावजी के दर्शन करने पहुंचते हैं।

    करीब 30 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के अनुसार, बावजी की प्रतिमा को गणेश मंदिर की कुई से लाकर जावद के पुरानी धान मंडी क्षेत्र में स्थापित किया जाता है। इसके बाद नौ दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना और मन्नतों का दौर चलता है।

    स्थानीय मान्यता है कि यहां पान और नारियल अर्पित कर अर्जी लगाने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर हो जाती हैं और जल्द ही योग्य जीवनसाथी मिल जाता है। जिस युवक या युवती की शादी की अर्जी लगाई जाती है, उसे चढ़ाया हुआ पान खाना होता है। इसके बाद शीघ्र ही विवाह का रिश्ता तय होने की बात कही जाती है। कई श्रद्धालुओं ने बावजी की कृपा से मनोकामना पूरी होने के उदाहरण साझा भी किए हैं।

    बताया जाता है कि करीब 30 वर्ष पहले गणेश मंदिर की कुई की सफाई के दौरान यह प्रतिमा मिली थी। इसके बाद इसे कुई के थारे पर विराजित कर दिया गया और धीरे-धीरे इसकी ख्याति कुंवारों के देवता के रूप में फैलने लगी। आज यह दरबार लोगों की आस्था का केंद्र बन चुका है।

    हर साल देश के कोने-कोने से हजारों युवक-युवतियां अपने जीवनसाथी की कामना लेकर बावजी के दरबार में माथा टेकते हैं। नौ दिन तक चलने वाले इस अनोखे उत्सव में पान, नारियल और अर्जी के माध्यम से मनोकामनाएं पूरी होने की उम्मीद के साथ श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं। बल्लम बावजी का यह दरबार न केवल विवाह की कामना के लिए बल्कि आस्था और परंपरा का प्रतीक भी बन चुका है।