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  • अहान पांडे का चौंकाने वाला खुलासा: एक्सीडेंट ने शरीर को कर दिया था 'जीरो', अब अली अब्बास जफर की एक्शन फिल्म के लिए कर रहे हैं महा-ट्रांसफॉर्मेशन

    अहान पांडे का चौंकाने वाला खुलासा: एक्सीडेंट ने शरीर को कर दिया था 'जीरो', अब अली अब्बास जफर की एक्शन फिल्म के लिए कर रहे हैं महा-ट्रांसफॉर्मेशन


    नई दिल्ली :बॉलीवुड के उभरते हुए सितारे अहान पांडे के लिए साल 2025 खुशियों और चुनौतियों का एक मिला-जुला सफर रहा है। एक तरफ जहाँ मोहित सूरी द्वारा निर्देशित उनकी फिल्म “सैयारा” ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए झंडे गाड़े और उन्हें एक रोमांटिक स्टार के रूप में स्थापित किया, वहीं दूसरी तरफ पर्दे के पीछे अहान एक ऐसे दर्दनाक दौर से गुजर रहे थे, जिससे वे पूरी तरह टूट सकते थे। हाल ही में एक साक्षात्कार में अहान ने खुलासा किया कि “सैयारा” की रिलीज के ठीक बाद उन्हें कंधे की एक बेहद जटिल और दर्दनाक सर्जरी करानी पड़ी थी। यह सर्जरी एक पुराने स्नोमोबाइल एक्सीडेंट का नतीजा थी, जिसके कारण उनका कंधा ‘सब्लक्सेशन’ (आंशिक रूप से खिसक जाना) का शिकार हो गया था।

    हैरान करने वाली बात यह है कि अहान ने इस पूरी शारीरिक पीड़ा और संघर्ष को दुनिया से छिपाकर रखा। सर्जरी के बाद अभिनेता कई महीनों तक प्लास्टर में रहे और उनकी स्थिति ऐसी थी कि वे ठीक से हिल भी नहीं पा रहे थे। डॉक्टरों ने तो उन्हें यहाँ तक चेतावनी दे दी थी कि सर्जरी के बाद उनका शरीर ‘जीरो’ के स्तर पर पहुँच जाएगा और अगली फिल्म के लिए फिट बॉडी बनाना उनके लिए लगभग नामुमकिन होगा। अहान ने बताया कि रिकवरी का वह समय उनके लिए मानसिक रूप से भी कठिन था क्योंकि वे वजन उठाने तक की अनुमति नहीं रखते थे। इस दौरान सोशल मीडिया से उनकी दूरी को लेकर लोग उनकी माँ डिएन पांडे से सवाल पूछने लगे थे कि अहान का वजन इतना कम क्यों हो रहा है, लेकिन अहान खामोशी से अपनी वापसी की तैयारी कर रहे थे।

    अहान पांडे ने अपनी इस कमजोरी को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। उन्होंने बताया कि जहाँ अन्य कलाकार अनहेल्दी बॉडी से हेल्दी बॉडी का सफर तय करते हैं, वहीं उन्हें एक गंभीर चोट से उबरकर खुद को फिर से तैयार करना पड़ा। अब अहान पूरी तरह फिट हैं और अली अब्बास जफर की अगली अनाम एक्शन-रोमांटिक फिल्म के लिए जबरदस्त ‘फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन’ में जुटे हुए हैं। इस फिल्म में वे अभिनेत्री शरवरी के साथ नजर आएंगे। एक साल तक बिस्तर पर रहने और डॉक्टरों की आशंकाओं को गलत साबित करते हुए अहान अब बड़े पर्दे पर एक नए अवतार में धमाका करने को तैयार हैं।

  • आज साल का पहला चंद्रग्रहण… जानें टाइमिंग और सूतक काल का समय

    आज साल का पहला चंद्रग्रहण… जानें टाइमिंग और सूतक काल का समय


    नई दिल्ली।
    आज साल का पहला चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2026) लगने जा रहा है. खास बात यह है कि यह ग्रहण भारत (India) के कई हिस्सों में दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल (Sutak Period) भी मान्य होगा. ज्योतिष के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि (Leo Zodiac sign) और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा. चंद्रमा को मन का कारक ग्रह माना जाता है, इसलिए ग्रहण का सीधा असर व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर पड़ सकता है. ऐसे में इस ग्रहण से जुड़ी जरूरी जानकारी जैसे समय, सूतक काल के बारे में जानना बेहद जरूरी हो जाता है. तो आइए पंडित प्रवीण मिश्र द्वारा जानते हैं कि साल का पहला चंद्र ग्रहण कितने बजे से शुरू होगा, कहां कहां दिखाई देगा और सूतक काल कब से शुरू होगा।


    चंद्र ग्रहण का समय (Chandra Grahan 2026 Timing)

    साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च यानी आज दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगा. इस तरह ग्रहण की कुल अवधि लगभग 3 घंटे 27 मिनट रहेगी।


    भारत में इतने बजे से दिखाई देगा चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2026 kitne baje lgega in India)

    गणनाओं के मुताबिक, 3 मार्च 2026 यानी आज फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा पर चंद्रमा का उदय शाम 5 बजकर 59 मिनट पर होगा, जबकि ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर होगी. ग्रहण का (मध्यकाल) मध्यान्ह समय शाम 5 बजकर 4 मिनट पर होगा और ग्रहण का मोक्ष काल शाम 6 बजकर 47 मिनट रहेगा. पूरे भारत में आज शाम 05 बजकर 59 के बाद ही सभी स्थानों में चंद्रग्रहण देखा जा सकेगा. केवल ग्रहण का मोक्ष काल ही दिखाई देगा, जबकि ग्रहण का प्रारंभ और मध्य काल भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा, क्योंकि चंद्रोदय से पहले ही ग्रहण का आरंभ हो जाएगा.


    चंद्र ग्रहण के सूतक काल की टाइमिंग (Chandra Grahan 2026 Sutak kaal Timing)

    यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दृश्यमान होगा इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य होगा. ऐसे में आज इस पूर्ण चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू हो चुका है.

    कहां कहां दिखाई देगा ये चंद्र ग्रहण? (Chandra Grahan 2026 When and Where to Watch)
    यह चंद्र ग्रहण भारत के पूर्वी हिस्सों में ज्यादा स्पष्ट रूप से दिखाई देगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में आंशिक रूप से नजर आ सकता है. भारत के अलावा यह ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी दिखाई देगा.


    चंद्र ग्रहण 2026 का किन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव (Chandra Grahan 2026 Effect)

    साल 2026 के पहले चंद्र ग्रहण से सिंह राशि, कर्क राशि और कुंभ राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है. जिनकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर है, उन्हें मानसिक तनाव या चिंता का सामना करना पड़ सकता है.


    चंद्र ग्रहण 2026 देश-दुनिया पर प्रभाव

    यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है. इस ग्रहण से सिंह और कुंभ राशि प्रभावित होंगी. इस ग्रहण से दुनिया में सत्ता में उथल-पुथल होने की संभावना है. इस ग्रहण के बाद से युद्ध की स्थितियां ज्यादा नकारात्मक हो सकती हैं. इस ग्रहण की वजह से बड़े राजनेतों की सत्ता पर असर पड़ सकता है।


    सिंह राशि वालों के लिए सलाह

    चूंकि यह ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है, इसलिए इस राशि के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. आने वाले कुछ दिनों तक जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें, विवादों से दूर रहें और सोच-समझकर ही कदम उठाएं.


    सूतक के दौरान क्या न करें (Chandra Grahan 2026 Sutak kaal Precautions)

    ग्रहण के दौरान धर्मशास्त्रों में सूतक की व्यवस्था बताई गई है. सूर्य ग्रहण में चार पहर पहले यानी 12 घंटें पहले तथा चंद्र ग्रहण में 3 पहर यानी 9 घंटे पहले सूतक लग जाता है. सूतक के दौरान अन्न का त्याग कर देना चाहिए. किसी प्रकार के नकारात्मक कार्य को करना निषेध रहता है. इस दौरान आध्यात्मिक चिंतन और सात्विक आहार विहार रखना चाहिए।

    कच्चे पके हुए अन्न को ग्रहण के दौरान नहीं रखना चाहिए और तेल में तले पदार्थ और दूध-दही इत्यादि में तुलसी का पत्ता डाल देना चाहिए. इस चंद्रग्रहण का सूतक भारतीय समयानुसार 3 मार्च को सुबह 6 बजकर 20 से शुरू हो जाएगा. ग्रहण के दौरान पूरी तरह से अन्न-जल का त्याग कर देना चाहिए. अपने इष्टदेव का ध्यान और ओम नम: शिवाय का जप करना चाहिए।


    चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें (Chandra Grahan 2026 Dos)

    1. चंद्र ग्रहण के दौरान सिर्फ भगवान के मंत्रों का जप करना चाहिए, जो कि दस गुना फलदायी माना जाता है.
    2. चंद्र ग्रहण के बाद शुद्ध जल से स्नान करके, गरीबों का दान देना चाहिए.
    3. चंद्र ग्रहण के बाद पूरे घर को शुद्ध करना चाहिए. ऐसा करने से घर की सभी नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती है.
    4. ग्रहण के समय गायों को घास, पक्षियों को अन्न, जरूरत मंदों को वस्त्र दान देने से अनेक गुना पुण्य प्राप्त होता है।


    चंद्र ग्रहण का क्या हो सकता है प्रभाव

    ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण का असर सबसे ज्यादा मन और भावनाओं पर पड़ता है. इस दौरान तनाव, भ्रम और नकारात्मक सोच बढ़ सकती है. इसलिए इस समय शांत रहना और बड़े फैसलों से बचना बेहतर माना जाता है।


    क्या होता है चंद्र ग्रहण? (What is Lunar Eclipse?)

    चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) एक खगोलीय घटना है. जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और अपनी छाया चंद्रमा पर डालती है तो ऐसी स्थिति चंद्र ग्रहण कहलाता है.


    क्या होता है पूर्ण चंद्र ग्रहण?

    जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में आ जाता है, तो इसे पूर्ण चंद्र ग्रहण कहते हैं. इस स्थिति में चंद्रमा का रंग तांबे या लाल रंग का दिखाई देता है, जिसे “ब्लड मून” भी कहा जाता है।

  • ईरान ने दुबई में US मिलिट्री ठिकानों पर किया हमला, शाहेद-136 ड्रोन से साधा निशाना

    ईरान ने दुबई में US मिलिट्री ठिकानों पर किया हमला, शाहेद-136 ड्रोन से साधा निशाना


    दुबई।
    ईरान (Iran) ने यूएई (UAE) के दुबई (Dubai) में यूएस मिलिट्री ठिकाने (US Military Bases) पर बड़ा ड्रोन हमला किया है. ईरानी मीडिया के मुताबिक, ईरान ने शाहेद-136 ड्रोन (Shahed-136 Drone) से दुबई में उस बिल्डिंग पर हमला किया है, जहां अमेरिकी मिलिट्री के अधिकारी मौजूद थे.

    इससे पहले सऊदी में स्थित अमेरिकी दूतावास पर ईरान ने ड्रोन के जरिए निशाना साधा था, जहां पर हमले के बाद आग लगने की खबर आई थी. हालांकि, रिपोर्ट्स में पता चला है कि एंबेसी हमले के वक्त खाली थी.


    कतर की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन्स

    कतर के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उसने हमले शुरू होने के बाद से देश पर दागे गए अधिकांश ईरानी प्रोजेक्टाइल को रोक दिया है, जिसमें तीनों क्रूज मिसाइलें, 101 बैलिस्टिक मिसाइलों में से 98, 39 ड्रोन में से 24 और दोनों SU-24 लड़ाकू जेट शामिल हैं।

    सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी किया है. रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता, मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा, “रियाद और अल-खार्ज शहरों के पास 8 ड्रोन को रोका और नष्ट किया गया.”

    सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दिखाया गया है कि मंगलवार सुबह-सुबह ईरानी ड्रोन के हमले के बाद इज़राइल में US एंबेसी में आग लग गई.

  • Iran के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की पत्नी की भी मौत.. US-इजराइली हमलें हो गई थीं घायल

    Iran के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की पत्नी की भी मौत.. US-इजराइली हमलें हो गई थीं घायल


    तेहरान।
    ईरान (Iran) के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei) की पत्नी, मंसूरेह खोजस्तेह बाघेरजादेह की मौत हो गई है। खबर है कि US-इजराइली हमलों में लगी चोटों की वजह से उनकी मौत हो गई। ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर (Government Broadcaster) प्रेस टीवी ने सोमवार को कहा कि हमले के बाद वह ‘शहीद हो गईं’ खामेनेई खुद शनिवार को अमेरिका और इजराइल के हमलों में मारे गए थे। ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि खोजस्तेह भी उन्हीं हमलों में घायल हो गई थीं और बाद में उनकी चोटों की वजह से मौत हो गई।

    ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि अयातुल्ला खामेनेई हमलों के शुरुआती दौर में ही मारे गए। US और इज़राइली अधिकारियों ने कहा कि ये हमले स्ट्रेटेजिक मिलिट्री और सिक्योरिटी टारगेट पर किए गए थे। इसकी पुष्टि US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के धर्मगुरु की मौत की घोषणा के कुछ घंटों बाद हुई, जो सरकार बदलने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा था।


    सुप्रीम लीडर के परिवार में हुई मौतों की पहले ही पुष्टि कर दी थी

    रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि खामेनेई के कई रिश्तेदार, जिनमें उनकी बेटी, दामाद और उनकी पोती शामिल हैं, उन्हीं हमलों में मारे गए। रॉयटर्स ने यंग जर्नलिस्ट्स क्लब के ज़रिए तेहरान सिटी काउंसिल के एक सदस्य का ज़िक्र किया, जिन्होंने हमलों के बाद सुप्रीम लीडर के परिवार में हुई मौतों की पहले ही पुष्टि कर दी थी।

    सुप्रीम लीडर के परिवार के सदस्यों की मौत से तेहरान की लीडरशिप पर अंदरूनी दबाव बढ़ने और पूरे इलाके में तनाव और बढ़ने की उम्मीद है। ईरानी अधिकारियों ने पहले ही चेतावनी दी है कि देश पर किसी भी हमले का बदला लिया जाएगा।


    सीनियर मौलवी अयातुल्ला अराफी अंतरिम सुप्रीम लीडर के तौर पर काम करेंगे

    सरकार से जुड़ी IRNA न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, अली खामेनेई की हत्या के बाद सीनियर मौलवी अयातुल्ला अलीरेज़ा अराफी ईरान के अंतरिम सुप्रीम लीडर के तौर पर काम करेंगे। अराफी को टेम्पररी लीडरशिप काउंसिल का ज्यूरिस्ट मेंबर बनाया गया है, जिसे ईरान के कॉन्स्टिट्यूशनल प्रोसेस के तहत परमानेंट उत्तराधिकारी चुने जाने तक ट्रांज़िशन के दौरान सुप्रीम लीडर की शक्तियों का इस्तेमाल करने का काम सौंपा गया है।

    ईरान के संवैधानिक ढांचे के तहत, अंतरिम लीडरशिप काउंसिल में प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन, चीफ जस्टिस गुलाम-होसैन मोहसेनी-एजेई और गार्डियन काउंसिल के एक मौलवी शामिल हैं। यह तीन सदस्यों वाली बॉडी मिलकर सुप्रीम लीडर की शक्तियों का इस्तेमाल करेगी और खामेनेई की मौत के बाद बदलाव के समय में देश के मामलों की देखरेख करेगी, जब तक कि कोई परमानेंट उत्तराधिकारी नहीं चुना जाता।

  • रोहित शर्मा की भविष्यवाणी सच हुई: संजू सैमसन का धमाका, सेमीफाइनल का टिकट बन गया सुनिश्चित

    रोहित शर्मा की भविष्यवाणी सच हुई: संजू सैमसन का धमाका, सेमीफाइनल का टिकट बन गया सुनिश्चित


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया ने एक यादगार पल देखा, जब संजू सैमसन ने अपनी शानदार पारी से टीम को सेमीफाइनल का टिकट दिलाया। इस मौके से पहले ही पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने सैमसन को प्रेरित किया था, कहा, “दुखी मत हो, यह टूर्नामेंट लंबा है, मौका कभी भी आ सकता है।”

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत और यूएसए के बीच हुई थी। उस दिन रोहित शर्मा, जो टूर्नामेंट के ब्रांड एंबेसडर थे, मैदान पर मौजूद थे।टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत और यूएसए के बीच हुई थी। उस दिन रोहित शर्मा, जो टूर्नामेंट के ब्रांड एंबेसडर थे, मैदान पर मौजूद थे। उन्हें पता था कि संजू सैमसन अभी प्लेइंग इलेवन में नहीं होंगे, लेकिन उन्होंने सैमसन से कहा कि मौके के लिए तैयार रहो।

    संजू सैमसन टी20 वर्ल्ड कप 2024 की विनिंग टीम का हिस्सा रहे थे, लेकिन उस टूर्नामेंट में उनका खेल नहीं हुआ था। 2026 के लिए टीम में शामिल होने के बावजूद, न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में उनका प्रदर्शन कमजोर रहा। इसके चलते ओपनिंग की जिम्मेदारी अभिषेक शर्मा और ईशान किशन को मिली और सैमसन बाहर बैठ गए।

    7 फरवरी को ICC ने रोहित और सैमसन का वीडियो शेयर किया, जिसमें रोहित कहते हैं, “दुखी मत हो भाई, यह लंबा टूर्नामेंट है और मौका कभी भी आ सकता है।” संजू सैमसन का जवाब था, “मैं ठीक हूं।” यह बातचीत उनकी वापसी और प्रदर्शन का संकेत बन गई।

    सुपर 8 में संजू सैमसन ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। पहले मैच में उन्होंने 8 गेंदों में 22 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन दूसरे मैच में 15 गेंदों में 24 रन बनाए। 1 मार्च को उन्होंने धमाकेदार 97 रनों की पारी खेली और टीम इंडिया को सेमीफाइनल का टिकट दिलाया। इस पारी ने न केवल टीम को जीत दिलाई, बल्कि फैंस और क्रिकेट विश्लेषकों को भी रोमांचित कर दिया।

    रोहित शर्मा की भविष्यवाणी सच साबित हुई। संजू सैमसन ने सही समय पर सही मौके का फायदा उठाकर सबका दिल जीत लिया और साबित कर दिया कि क्रिकेट में धैर्य, तैयारी और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी हैं।

  • रास्ता मिला, रफ्तार नहीं! टी20 वर्ल्ड कप में भारत की बैटिंग पर उठे सवाल

    रास्ता मिला, रफ्तार नहीं! टी20 वर्ल्ड कप में भारत की बैटिंग पर उठे सवाल


    नई दिल्ली। टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम 5 मार्च को इंग्लैंड के खिलाफ छठी बार टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में उतरने जा रही है। कागजों पर यह उपलब्धि शानदार दिखती है, लेकिन घरेलू सरजमीं पर खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में सुपर-8 तक का सफर भारत के लिए बिल्कुल भी आसान नहीं रहा। टीम के प्रदर्शन में वह चैंपियन वाली धार लगातार नजर नहीं आई, खासकर बल्लेबाजी में कई खामियां उजागर हुईं।

    बल्लेबाजी बनी सबसे बड़ी चिंता
    पूरे टूर्नामेंट में भारत की सबसे बड़ी कमजोरी बल्लेबाजी रही है। पहले ही मैच में अमेरिका के खिलाफ भारतीय बैटिंग ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। महज 77 रन पर टीम ने अपने छह प्रमुख बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे। ऐसे मुश्किल समय में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 84 रनों की जिम्मेदार पारी खेलकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।

    हालांकि यह पारी टीम की कमजोरी को ढंकने भर का काम कर सकी, समस्या खत्म नहीं हुई। नामीबिया जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीम के खिलाफ भी बल्लेबाज संघर्ष करते दिखे। ईशान किशन और हार्दिक पांड्या ने कुछ रन जरूर जोड़े, लेकिन बाकी बल्लेबाजों की धीमी बल्लेबाजी चिंता का कारण बनी। खुद कप्तान सूर्यकुमार यादव 12 रन बनाने में 13 गेंदें खेल गए, जबकि तिलक वर्मा 21 गेंदों पर 25 रन ही बना सके।

    बड़े मैचों में भी डगमगाया क्रम
    पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में ईशान किशन ने 40 गेंदों में 77 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम को संभाला। लेकिन उनके अलावा सिर्फ सूर्यकुमार यादव ही 30 रन का आंकड़ा पार कर सके। उन्होंने 29 गेंदों में 32 रन बनाए, जो उनकी आक्रामक शैली के मुताबिक धीमा प्रदर्शन माना गया।

    नीदरलैंड के खिलाफ शिवम दुबे ने 31 गेंदों में 66 रन की तेज पारी खेली, लेकिन यह भी टीम के समग्र प्रदर्शन को स्थिर नहीं कर सकी। ग्रुप स्टेज में छोटी टीमों के खिलाफ खेलने के बावजूद अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और खुद कप्तान रनों के लिए जूझते नजर आए। इससे यह सवाल खड़ा हुआ कि क्या भारत का बल्लेबाजी क्रम दबाव में बिखर जाता है?

    सुपर-8 में और बढ़ीं मुश्किलें
    उम्मीद थी कि सुपर-8 राउंड में भारतीय बल्लेबाज अपने असली रंग में नजर आएंगे, लेकिन कहानी उलटी साबित हुई। साउथ अफ्रीका के खिलाफ मजबूत माने जाने वाले बल्लेबाजी क्रम ने सिर्फ 111 रन बनाए। इस मैच ने टीम की कमजोरियों को फिर उजागर कर दिया।

    जिम्बाब्वे के खिलाफ जरूर बल्लेबाजी ने दम दिखाया और भारत ने टी20 विश्व कप में अपना सबसे बड़ा स्कोर बनाया। इससे टीम को आत्मविश्वास मिला, लेकिन निरंतरता की कमी साफ झलकती रही। वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू सैमसन ने 97 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई, पर बाकी बल्लेबाज अपेक्षा के अनुरूप योगदान नहीं दे सके।

    स्टार खिलाड़ियों से उम्मीदें अधूरी
    टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अभिषेक शर्मा से सबसे ज्यादा उम्मीदें थीं, लेकिन वह छह मैचों में सिर्फ 80 रन ही बना सके। तीन मुकाबलों में तो वह खाता तक नहीं खोल पाए। कप्तान सूर्यकुमार यादव, जो अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं, इस टूर्नामेंट में तेज रन बनाने में संघर्ष करते दिखे। उनका स्ट्राइक रेट करीब 135 रहा, जो उनके मानकों के हिसाब से कम है। हार्दिक पांड्या भी बड़े और निर्णायक मौकों पर अपेक्षित योगदान देने में नाकाम रहे। कुल मिलाकर, टीम इंडिया के लिए ईशान किशन ही ऐसे बल्लेबाज रहे, जिनके प्रदर्शन में निरंतरता दिखी।

    सेमीफाइनल की चुनौती
    अब 5 मार्च को इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में भारत को अपनी बल्लेबाजी की कमियों से पार पाना होगा। नॉकआउट मुकाबले में छोटी-सी चूक भी भारी पड़ सकती है। अगर बल्लेबाज सामूहिक रूप से जिम्मेदारी नहीं लेते, तो मजबूत गेंदबाजी के बावजूद टीम मुश्किल में फंस सकती है। भारतीय टीम ने सेमीफाइनल तक का सफर तय कर लिया है, लेकिन खिताब जीतने के लिए बल्लेबाजी को चैंपियन जैसी धार दिखानी ही होगी

  • शशि कपूर के हाथों मिला पहला अवॉर्ड और आर.के. स्टूडियो की वो रातें; अनिल कपूर ने खोल दिए करियर के सुनहरे राज

    शशि कपूर के हाथों मिला पहला अवॉर्ड और आर.के. स्टूडियो की वो रातें; अनिल कपूर ने खोल दिए करियर के सुनहरे राज


    नई दिल्ली :बॉलीवुड के ‘झक्कास’ अभिनेता अनिल कपूर आज भले ही वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हों, लेकिन उनके करियर की नींव बेहद सादगी और संघर्ष के साथ पड़ी थी। हाल ही में गेमिंग रियलिटी शो ‘व्हील ऑफ फॉर्च्यून’ में अक्षय कुमार के साथ बातचीत के दौरान अनिल कपूर ने अपने जीवन के उन पन्नों को पलटा, जो आज की पीढ़ी के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं हैं। अभिनेता ने भावुक होते हुए बताया कि उनके पेशेवर सफर की शुरुआत साल 1976 में मुंबई के वर्ली स्थित दूरदर्शन स्टूडियो से हुई थी। उस समय एक छोटे से कार्यक्रम में परफॉर्म करने के बदले उन्हें पहली कमाई के रूप में मात्र 250 रुपये मिले थे। अनिल कपूर के लिए वह महज एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि उनके हुनर पर लगी पहली मुहर थी, जिसने उन्हें भविष्य का सुपरस्टार बनने का आत्मविश्वास दिया।

    अपने कॉलेज के दिनों को याद करते हुए अनिल कपूर ने एक दिलचस्प वाकया साझा किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पहली बार एक नाटक में हिस्सा लिया, तो वहां मुख्य अतिथि के रूप में दिग्गज अभिनेता शशि कपूर मौजूद थे। अनिल की प्रतिभा से प्रभावित होकर शशि कपूर ने उन्हें ‘बेस्ट एक्टर’ की ट्रॉफी से नवाजा। उस पल को याद करते हुए अभिनेता ने कहा कि महान कलाकार के हाथों मिले उस सम्मान ने ही उन्हें यकीन दिलाया कि वे अभिनय की दुनिया में लंबी रेस का घोड़ा साबित हो सकते हैं। हालांकि, अनिल आज भी अपने उस शुरुआती दौर की रिकॉर्डिंग तलाश रहे हैं, ताकि वे देख सकें कि पांच दशक पहले वे स्क्रीन पर कैसे दिखते और अभिनय करते थे, लेकिन अफसोस कि वह क्लिप अब तक नहीं मिल पाई है।

    बातचीत का सिलसिला जब उनके करियर के सबसे प्रतिष्ठित गाने ‘धक-धक करने लगा’ पर पहुँचा, तो अनिल कपूर ने कई राज खोले। फिल्म ‘बेटा’ के इस कालजयी गाने को लेकर उन्होंने विनम्रता से कहा कि यह गाना पूरी तरह से माधुरी दीक्षित का है और उन्होंने केवल उनका साथ निभाया था। अक्षय कुमार के टोकने पर कि यह गाना दोनों की मेहनत का फल है, अनिल ने बताया कि इसकी शूटिंग बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हुई थी। मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान के निर्देशन में आर.के. स्टूडियो में फिल्माए गए इस गाने की शूटिंग रातों में होती थी। उन दिनों अनिल और माधुरी दोनों ही दिन में दो-दो अलग फिल्मों की शूटिंग कर रहे थे और थकान के बावजूद रात भर जागकर ‘धक-धक’ गाने को पूरा किया गया। आज भी इस गाने में जो ऊर्जा और ताजगी नजर आती है, उसके पीछे उन सितारों की रातों की नींद और समर्पण छिपा है

  • मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, ट्रंप ने दिया बड़ा संकेत-ईरान में सैन्य विकल्प खुले

    मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, ट्रंप ने दिया बड़ा संकेत-ईरान में सैन्य विकल्प खुले


    नई दिल्ली। दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर ऐसा संकेत दिया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। विदेशों में लंबे युद्धों से दूरी बनाने के अपने पुराने रुख से अलग जाते हुए ट्रंप ने कहा है कि “यदि आवश्यकता पड़ी” तो वह ईरान में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं करते।

    “मैं यह नहीं कहता कि जमीन पर सैनिक नहीं होंगे”
    अमेरिकी अखबार New York Post को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “जैसा कि हर राष्ट्रपति कहता है, ‘जमीन पर कोई सैनिक नहीं होगा।’ मैं ऐसा नहीं कहता। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी सैनिकों को ग्राउंड पर भेजा जा सकता है, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि फिलहाल इसकी आवश्यकता नहीं होगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है और क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं।

    ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ और हताहतों की खबर
    इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि सोमवार तक अमेरिकी सेना के चार सदस्य मारे गए हैं। शनिवार सुबह ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ की घोषणा करते हुए ट्रंप ने संभावित नुकसान का संकेत दिया था। वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, “ईरानी शासन मारना चाहता है। साहसी अमेरिकी नायकों की जान जा सकती है, और हमारे सैनिक हताहत हो सकते हैं; युद्ध में अक्सर ऐसा होता है। ट्रंप ने दावा किया कि यह ऑपरेशन तय समय से आगे चल रहा है और “बहुत तेजी से खत्म होने वाला है।” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व को खत्म करने में चार सप्ताह लगने की उम्मीद थी, लेकिन 49 नेता “एक दिन में” मारे गए। उनके मुताबिक मारे गए लोगों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei भी शामिल थे। हालांकि, इस दावे पर स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

    “जितना समय लगेगा, उतना चलेगा अभियान”

    सोमवार को ट्रंप ने संकेत दिया कि ऑपरेशन चार से पांच सप्ताह तक चल सकता है और यदि इससे अधिक समय भी लगे तो वह इसके लिए तैयार हैं। संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के स्थायी प्रतिनिधि Danny Danon ने भी कहा कि अभियान में “जितना समय लगेगा, लगेगा। इस बयानबाजी ने संकेत दिया है कि अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान के खिलाफ लंबी रणनीति पर काम कर सकते हैं।

    अमेरिकी जनता बंटी हुई
    विदेशी युद्धों में अमेरिका की पिछली उलझनों-जैसे इराक और अफगानिस्तान को देखते हुए अमेरिकी जनता सतर्क नजर आ रही है। एक रॉयटर्स-इप्सोस पोल के अनुसार, केवल 27 प्रतिशत लोगों ने ईरान पर हमले का समर्थन किया, जबकि 43 प्रतिशत इससे असहमत थे और 13 प्रतिशत अनिश्चित रहे।

    हालांकि ट्रंप ने पोल के आंकड़ों को खारिज करते हुए कहा, “मुझे पोलिंग की परवाह नहीं है। मुझे सही काम करना है। उन्होंने यह भी कहा कि वह एक “साइलेंट मेजॉरिटी” पर भरोसा करते हैं, जो उनके अनुसार “असली पोल” में दिखाई देगी।

    वैश्विक असर की आशंका
    ट्रंप के इस बयान ने पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका पैदा कर दी है। यदि वास्तव में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती होती है, तो यह क्षेत्रीय संघर्ष को व्यापक युद्ध का रूप दे सकता है। फिलहाल दुनिया की निगाहें वॉशिंगटन और तेहरान पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह टकराव किस दिशा में जाता है।

  • डिजिटल दुनिया में मोदी का जलवा! यूट्यूब चैनल ने पार किए 30 मिलियन सब्सक्राइबर्स

    डिजिटल दुनिया में मोदी का जलवा! यूट्यूब चैनल ने पार किए 30 मिलियन सब्सक्राइबर्स


    नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल ने 30 मिलियन यानी 3 करोड़ सब्सक्राइबर्स का आंकड़ा पार कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ ही वे यूट्यूब पर दुनिया के सबसे अधिक सब्सक्राइब किए जाने वाले राजनेता बन गए हैं। यह उपलब्धि न केवल उनकी लोकप्रियता को दर्शाती है, बल्कि डिजिटल माध्यमों पर उनकी सशक्त उपस्थिति का भी प्रमाण है।

    वैश्विक नेताओं में सबसे आगे
    सब्सक्राइबर संख्या के मामले में प्रधानमंत्री मोदी अपने वैश्विक समकक्षों से काफी आगे निकल गए हैं। इस सूची में दूसरे स्थान पर ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति Jair Bolsonaro हैं, जिनके यूट्यूब चैनल पर लगभग 66 लाख (6.6 मिलियन) सब्सक्राइबर्स हैं। यह संख्या पीएम मोदी के मुकाबले करीब एक-चौथाई है।

    यूट्यूब पर मोदी की लोकप्रियता अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump से भी कहीं अधिक बताई जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के सब्सक्राइबर ट्रंप से कई गुना ज्यादा हैं। इससे स्पष्ट है कि भारतीय प्रधानमंत्री की डिजिटल पहुंच अब वैश्विक स्तर पर एक अलग पहचान बना चुकी है।

    देश के भीतर भी बड़ी बढ़त
    भारत में भी पीएम मोदी का डिजिटल प्रभाव स्पष्ट रूप से नजर आता है। सब्सक्राइबर संख्या के मामले में उनका चैनल कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के यूट्यूब चैनल से लगभग तीन गुना आगे है।

    इतना ही नहीं, उनके सब्सक्राइबरों की संख्या Aam Aadmi Party और Indian National Congress के आधिकारिक चैनलों की तुलना में चार गुना से भी अधिक बताई जा रही है। यह अंतर बताता है कि डिजिटल कम्युनिकेशन के क्षेत्र में पीएम मोदी ने एक मजबूत और व्यापक दर्शक वर्ग तैयार किया है।

    सोशल मीडिया पर भी शतक
    यूट्यूब के साथ-साथ इंस्टाग्राम पर भी प्रधानमंत्री मोदी ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 100 मिलियन (10 करोड़) से अधिक फॉलोअर्स हो चुके हैं। इसके साथ ही वे इस आंकड़े को पार करने वाले दुनिया के पहले प्रमुख नेता बन गए हैं।

    2014 में इंस्टाग्राम से जुड़ने के बाद पीएम मोदी ने लगातार सक्रिय रहकर अपने अकाउंट को दुनिया के सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले राजनीतिक प्रोफाइल्स में शामिल कर दिया। वर्तमान में विश्व के बड़े नेताओं में उनके सबसे अधिक फॉलोअर्स बताए जाते हैं। खास बात यह है कि इंस्टाग्राम पर भी उनके फॉलोअर्स की संख्या डोनाल्ड ट्रंप से दोगुने से अधिक बताई जाती है।

    डिजिटल रणनीति का असर
    विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी ने शुरुआत से ही सोशल मीडिया को सीधे संवाद के माध्यम के रूप में अपनाया। उनके भाषण, कार्यक्रम, ‘मन की बात’, विदेश यात्राओं और सरकारी अभियानों से जुड़े वीडियो नियमित रूप से साझा किए जाते हैं, जिससे आम नागरिकों तक सीधा संदेश पहुंचता है।

    यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर उनकी सक्रियता ने उन्हें युवा वर्ग के बीच भी खासा लोकप्रिय बनाया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनकी पहुंच पारंपरिक मीडिया से आगे निकलती दिखाई दे रही है, जहां वे सीधे करोड़ों लोगों से संवाद स्थापित कर रहे हैं।

    वैश्विक प्रभाव की झलक
    30 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर्स के साथ पीएम मोदी का यूट्यूब चैनल अब विश्व स्तर पर नेताओं के बीच सबसे अधिक सब्सक्राइब किया जाने वाला चैनल बन चुका है। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब वैश्विक राजनीति में डिजिटल कम्युनिकेशन की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

  • सिनेमा जगत में महासंग्राम: रणवीर बनाम फरहान विवाद में कूदे आमिर खान और ऋतिक रोशन, क्या कानूनी दांवपेच से सुलझेगी गुत्थी?

    सिनेमा जगत में महासंग्राम: रणवीर बनाम फरहान विवाद में कूदे आमिर खान और ऋतिक रोशन, क्या कानूनी दांवपेच से सुलझेगी गुत्थी?


    नई दिल्ली :भारतीय सिनेमा जगत की सबसे चर्चित फ्रेंचाइजी में से एक डॉन 3 इन दिनों अपनी कास्टिंग या स्क्रिप्ट से ज्यादा, अभिनेता रणवीर सिंह और निर्देशक फरहान अख्तर के बीच बढ़ते विवाद को लेकर सुर्खियों में है। पिछले ढाई साल से जिस प्रोजेक्ट का इंतजार दर्शक बेसब्री से कर रहे थे, अब वह कानूनी पचड़ों और आपसी मतभेदों की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। ताजा खबरों के मुताबिक, रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच का यह मनमुटाव इस कदर बढ़ गया है कि अब बॉलीवुड के ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ आमिर खान और ऋतिक रोशन जैसे दिग्गजों को बीच-बचाव के लिए आगे आना पड़ा है।

    विवाद की मुख्य जड़ फिल्म से रणवीर सिंह का अचानक बाहर होना और उसके बाद फरहान की प्रोडक्शन कंपनी द्वारा मांगे गए 40 करोड़ रुपये के मुआवजे को माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, प्रोडक्शन हाउस का दावा है कि रणवीर के हटने से उन्हें भारी वित्तीय नुकसान हुआ है, जबकि रणवीर सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस हर्जाने के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया की एक हालिया रिपोर्ट ने इस मामले में नया मोड़ दे दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस गंभीर आर्थिक और पेशेवर गतिरोध को सुलझाने के लिए आमिर खान, ऋतिक रोशन, राजकुमार हिरानी, जोया अख्तर, साजिद नाडियाडवाला और रमेश तौरानी जैसे बड़े फिल्ममेकर्स ने एक गुप्त मीटिंग की है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कानूनी कार्रवाई से बचते हुए आपसी सहमति से कोई बीच का रास्ता निकालना था।

    रणवीर सिंह ने इस मामले पर अपना कड़ा रुख अपनाते हुए फरहान अख्तर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अभिनेता का कहना है कि फरहान इस प्रोजेक्ट को लेकर कभी पूरी तरह गंभीर नहीं थे। रणवीर के अनुसार, उन्हें लीड रोल के लिए साइन करने के बावजूद फरहान समानांतर रूप से ऋतिक रोशन से भी बातचीत कर रहे थे। इसके अलावा, रणवीर का आरोप है कि फिल्म की स्क्रिप्ट तैयार नहीं थी और जब उन्होंने कुछ बदलावों का सुझाव दिया, तो मेकर्स ने उसे सिरे से खारिज कर दिया। इन्हीं रचनात्मक मतभेदों और विश्वास की कमी के चलते रणवीर ने खुद को डॉन 3 से अलग करना ही बेहतर समझा।

    दूसरी ओर, प्रोड्यूसर गिल्ड ऑफ इंडिया ने भी अब इस मामले में सक्रियता दिखाई है और जरूरत पड़ने पर कानूनी विशेषज्ञों की मदद लेने की बात कही है। जहाँ एक तरफ डॉन के रूप में अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान की विरासत को आगे बढ़ाने का सपना अधूरा दिखता नजर आ रहा है, वहीं दूसरी तरफ रणवीर सिंह का पूरा ध्यान अपनी हालिया ब्लॉकबस्टर फिल्म धुरंधर की सफलता पर है। पिछले साल बॉक्स ऑफिस हिला देने वाली धुरंधर के बाद, अब इसका दूसरा भाग यानी धुरंधर 2 आगामी 19 मार्च को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। दिलचस्प बात यह है कि उसी दिन साउथ सुपरस्टार यश की फिल्म टॉक्सिक भी रिलीज हो रही है, जिससे बॉक्स ऑफिस पर एक बड़े क्लैश की संभावना बनी हुई है। अब देखना यह होगा कि फिल्म जगत के दिग्गज डॉन 3 के इस विवाद को सुलझा पाते हैं या यह मामला कोर्ट की दहलीज तक पहुंचेगा।