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  • कृषि में शोध बढ़ायेंगे, मंडी निर्यात नीति भी लायेंगे सरसों को भी लायेंगे भावांतर के योजना में

    कृषि में शोध बढ़ायेंगे, मंडी निर्यात नीति भी लायेंगे सरसों को भी लायेंगे भावांतर के योजना में


    भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान हमारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ हैं। इनके अथक परिश्रम से ही हमारे बाजार गुलजार है। हम वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह वर्ष प्रदेश के इतिहास में किसानों के हित और समग्र कल्याण के मामले में मील का पत्थर साबित होगा।उन्होंने कहा कि यह वर्ष ‘खेत से लेकर कारखाने तक और बाग से लेकर बाजार तक’ की पूरी मूल्य संवर्धन श्रृंखला को एक सूत्र में जोड़ेगा।

    इस वर्ष हम क़ृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और इनमें वैल्यू एडिशन के लिए अधिकाधिक रोजगार आधारित उद्योगों के विकास, उन्नत किस्म के बीजोत्पादन, पशुपालन, दुग्धोत्पादन, मत्स्योत्पादन में वृद्धि सहित हर वो कदम उठाएंगे, जिनसे खेती और अन्नदाताओं का विकास हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास से कृषि विश्वविद्यालय परिसर, ग्वालियर में हो रहे ‘कृषि मंथन एवं कृषि प्रौद्योगिकी मेला 2026’ को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना संबंधी कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में तेज़ी से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। हमारी सरकार प्रदेश में औषधीय और मसाला फसलों का उत्पादन बढ़ाने के सभी प्रयास कर रही है। हम जल्द ही कृषि उत्पादन निर्यात नीति लाने वाले हैं। हम कृषि में शोध कार्य भी बढ़ायेंगे। उन्होंने कहा कि हम खेती-किसानी और फल-फूलों की खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए कोई कसर नहीं रखेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कृषि मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह हमें किसानो के कल्याण के लिये प्रभावी और कारगर कदम उठाने में सहायक होगा। ‘कृषि मंथन’ राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (आईसीएआर) नई दिल्ली और कृषि विभाग, म.प्र. शासन के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश” की थीम पर हो रहा कृषि मंथन निश्चित ही किसानों को खेती में जरूरी सुधार और बदलाव लाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आधुनिक कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य क्षेत्रों में मूल्य-श्रृंखला विकास, प्रोसेसिंग, तकनीक अपनाने और ग्रामीण युवाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देकर व्यापक रोजगार सृजन करने पर फोकस कर रही है। तकनीकी नवाचार, विविधीकरण और नीतिगत समर्थन से इन क्षेत्रों में न केवल उत्पादकता बढ़ाई जा सकेगी, बल्कि विपणन एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में बाजार अनुरूप लाभकारी व्यवस्था कृषकों के लिए निर्मित होगी। हम कृषि के अलावा उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं सहकारिता क्षेत्र में भी नई सोच से आगे बढ़ रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज कृषि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते जोखिमों का सामना कर रही है। इस मंथन में देश के विभिन्न कृषि संस्थानों के वरिष्ठ वैज्ञानिक विचार मंथन कर नई तकनीकों के विकास की राह प्रशस्त करेंगे।

    वीडियो काँफ्रेंसिंग में सचिव कृषि एवं किसान कल्याण विभाग श्री निशांत वरवड़े, सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसम्पर्क मनीष सिंह ने भोपाल से सहभागिता की। यूनिवर्सिटी परिसर में हो रहे इस कृषि मंथन में कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलगुरू प्रो. (डॉ.) अरविंद कुमार शुक्ला, आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या के कुलपति डा. ब्रजेन्द्र सिंह, यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज, धारवाड़, कर्नाटक के कुलपति डॉ. पी.एल पाटिल, भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम, मेरठ के निदेशक डॉ. सुनील कुमार, देश के विभिन्न कृषि संस्थानों से आये वैज्ञानिक, आईसीएआर के पदाधिकारी सहित कृषि अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • जायका टीम ने किया एमपी ट्रांसको की ट्रांसमिशन लाइन एवं सब स्टेशन का बारीकी से निरीक्षण

    जायका टीम ने किया एमपी ट्रांसको की ट्रांसमिशन लाइन एवं सब स्टेशन का बारीकी से निरीक्षण


    भोपाल! जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) द्वारा मध्यप्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण हेतु मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) में संचालित जायका-
    2 वित्त पोषित विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत किए गए कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया गया।जायका जापान की इवैल्यूएटर सुश्री हिसाए ताकाहाशी एवं जायका के भारतीय प्रतिनिधि श्री कुनाल गुप्ता ने निर्माण कार्यों, उनकी गुणवत्ता, उपयोगिता तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रियान्वयन की बारीकी से जांच-पड़ताल की।

    ढीमरखेडा लाइन एवं सब स्टेशन का किया निरीक्षण

    निरीक्षण के दौरान टीम ने सर्वप्रथम 132 केवी सब स्टेशन ढीमरखेड़ा तथा इसके लिए निर्मित 132 केवी पनागरढीमरखेड़ा ट्रांसमिशन लाइन का अवलोकन किया। इवैल्यूएटर सुश्री ताकाहाशी ने लोन स्वीकृति के समय प्रस्तुत प्रारंभिक योजना, परियोजना के क्रियान्वयन, स्थापित उपकरणों की गुणवत्ता, लागत एवं रखरखाव से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण उपरांत उन्होंने सब स्टेशन एवं ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पाए जाने पर संतोष व्यक्त किया।

    उपयोगिता जानने के लिए स्थानीय नागरिकों से भी की चर्चा

    जायका द्वारा वित्त पोषित फंड से निर्मित सब स्टेशन की उपयोगिता के संबंध में अधिकारियों से जानकारी लेने के साथ-साथ जायका टीम ने स्थानीय महिलाओं को बुलाकर उनका प्रत्यक्ष फीडबैक भी लिया।

    महिलाओं ने बताया कि सब स्टेशन के निर्माण से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब उन्हें पर्याप्त एवं निर्बाध बिजली मिल रही है, जिससे सिंचाई के लिए भी पर्याप्त विद्युत उपलब्ध हो रही है। इससे उनके आर्थिक एवं सामाजिक स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है।

    स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर और स्काडा का भी किया अवलोकन

    जायका टीम ने एमपी ट्रांसको के स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी )एवं स्वदेशी तकनीकी एवं उपकरणों से निर्मित स्काडा कंट्रोल सेंटर का भी अवलोकन किया और उसकी कार्य प्रणाली की प्रशंसा की।

    ये अधिकारी रहे उपस्थित

    निरीक्षण के दौरान एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री के.एम. सिंघल, अधीक्षण अभियंता श्री आर.सी. शर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री ए.पी.एस. चौहान, श्री शशि शेखर, श्री रविराज पटेल, सहायक अभियंता श्री जितेन्द्र तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

  • खंडवा में दरिंदगी पर कड़ा प्रहार, दुष्कर्म और हत्या के आरोपी को तिहरा आजीवन कारावास, मौत तक जेल में रहेगा बंद

    खंडवा में दरिंदगी पर कड़ा प्रहार, दुष्कर्म और हत्या के आरोपी को तिहरा आजीवन कारावास, मौत तक जेल में रहेगा बंद


    खंडवा /मध्यप्रदेश के खंडवा जिले से न्याय व्यवस्था का एक बड़ा और सख्त संदेश सामने आया है। हरसूद न्यायालय ने महिला से दुष्कर्म और उसके बाद की गई निर्मम हत्या के मामले में आरोपी हरिराम उर्फ हरि को दोषी ठहराते हुए तिहरा आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने अपराध की क्रूरता और अमानवीयता को देखते हुए स्पष्ट किया कि आरोपी को मृत्यु तक जेल में ही रहना होगा।

    यह फैसला देर शाम सुनाया गया और कोर्ट कक्ष में सन्नाटा छा गया। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि यदि ऐसे जघन्य अपराध में दोषी को कम दंड दिया जाता है तो समाज में गलत संदेश जाएगा और अपराधियों के हौसले बुलंद होंगे। इसलिए आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 66, 70(1) और 103(1) के तहत दोषी पाते हुए प्रत्येक धारा में आजीवन कारावास तथा 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई। इस प्रकार तीनों सजाएं मिलाकर आरोपी को तिहरा आजीवन कारावास अर्थात मृत्यु तक कारावास भुगतना होगा।

    अभियोजन पक्ष के वकील जाहिद अहमद के अनुसार घटना 23 मई 2025 की है। खालवा थाना क्षेत्र की रोशनी पुलिस चौकी को सूचना मिली थी कि शादी समारोह में गई एक महिला रात भर घर नहीं लौटी। अगली सुबह गांव की एक वृद्ध महिला ने उसे एक घर के पीछे खून से सने कपड़ों में जमीन पर पड़ा देखा। घर लाए जाने पर पीड़िता ने बताया कि गांव के ही हरिराम ने उसके साथ गलत काम किया है।

    घटना की भयावहता यहीं समाप्त नहीं हुई। घर की अन्य महिलाओं ने देखा कि पीड़िता गंभीर रूप से घायल थी और उसके शरीर पर गहरे घाव थे। कुछ ही देर बाद उसकी हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई, जिससे आरोपी के खिलाफ मजबूत साक्ष्य मिले।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों को एकत्रित कर अदालत में प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष ने ठोस तर्कों और प्रमाणों के आधार पर आरोपी के अपराध को सिद्ध किया। न्यायालय ने भी अपने फैसले में कहा कि यह अपराध न केवल पीड़िता के प्रति बल्कि पूरे समाज के प्रति अत्यंत क्रूर कृत्य है।

    इस फैसले को जिले में न्याय की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने अदालत के निर्णय का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि ऐसे कठोर निर्णय ही समाज में कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करते हैं और अपराधियों में भय पैदा करते हैं।

    खंडवा में आए इस फैसले ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि न्यायालय गंभीर अपराधों में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगा। यह निर्णय न केवल पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण है बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि कानून से बड़ा कोई नहीं।

  • बंदियों के पुनर्वास को मिले मानवीय दृष्टि: मंगूभाई पटेल ने कहा सकारात्मक सोच से ही होगा नव-निर्माण

    बंदियों के पुनर्वास को मिले मानवीय दृष्टि: मंगूभाई पटेल ने कहा सकारात्मक सोच से ही होगा नव-निर्माण


    भोपाल । भोपाल स्थित लोकभवन में सोमवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बंदी पुनर्वास प्रयासों को समग्र बहुआयामी और मानवीय दृष्टिकोण से संचालित करने पर जोर दिया। गृह एवं जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कारागार केवल दंड देने का स्थान नहीं बल्कि सुधार और पुनर्स्थापन का केंद्र होना चाहिए। बंदियों की सोच को सकारात्मक दिशा देना और उन्हें आत्मविश्वास से भरना पुनर्वास प्रक्रिया की मूल भावना होनी चाहिए।

    राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि पुनर्वास का उद्देश्य बंदियों को अपराध की पहचान से मुक्त कर बेहतर नागरिक के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि मामूली अपराधों में विचाराधीन कैदियों को केवल सजा देना पर्याप्त नहीं बल्कि उन्हें रचनात्मक गतिविधियों और नैतिक मार्गदर्शन के माध्यम से समाज की मुख्यधारा में लौटने योग्य बनाना आवश्यक है। इस दिशा में उत्पादक गतिविधियों का संयोजन कर बंदियों को रोजगारपरक कार्यों से जोड़ने की आवश्यकता बताई गई ताकि वे अपने परिवारों के जीवन-निर्वाह में भी आर्थिक सहयोग दे सकें।

    बैठक में राज्यपाल ने प्रधानमंत्री के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात का उल्लेख करते हुए सुझाव दिया कि इसका नियमित प्रसारण जेलों में कराया जाए। उनका मानना है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से बंदियों को देश की प्रगति प्रेरक व्यक्तित्वों और सकारात्मक पहल से जुड़ने का अवसर मिलेगा जिससे उनके भीतर आशावाद आत्मबल और आत्म-सुधार की भावना विकसित होगी। जेल की दीवारों के पीछे एकाकी जीवन जी रहे बंदियों के लिए यह कार्यक्रम मानसिक और नैतिक संबल का कार्य कर सकता है।

    राज्यपाल ने महिला बंदियों और उनके बच्चों के समुचित लालन-पालन बुजुर्ग एवं दिव्यांग बंदियों के लिए आवश्यक कृत्रिम उपकरणों की उपलब्धता तथा लंबित दया याचिकाओं के त्वरित निराकरण जैसे मुद्दों पर भी विशेष चर्चा की। उन्होंने कहा कि संवेदनशील वर्गों के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है।

    बैठक में उपस्थित अपर मुख्य सचिव गृह श्री शिव शेखर शुक्ला ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 में प्राप्त 18 दया याचिकाओं का विभिन्न स्तरों पर परीक्षण किया जा रहा है और पिछले पांच वर्षों में आई सभी याचिकाओं की समीक्षा की प्रक्रिया भी जारी है। त्वरित निपटान के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार किया जा रहा है जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि जेल विभाग द्वारा एक अभिनव पहल के तहत गीता पाठ के ऑनलाइन कार्यक्रम का प्रदेश की जेलों में साप्ताहिक प्रसारण किया जा रहा है जिसमें श्लोकों का शुद्ध उच्चारण और भावार्थ समझाया जाता है। यह पहल बंदियों में नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना के विकास में सहायक सिद्ध हो रही है।

  • किसान विरोधी बताकर कांग्रेस का बड़ा आंदोलन, अटल पथ पर लगेगी किसानों की महाचौपाल

    किसान विरोधी बताकर कांग्रेस का बड़ा आंदोलन, अटल पथ पर लगेगी किसानों की महाचौपाल


    भोपाल /भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस ने मंगलवार को भोपाल में बड़ा प्रदर्शन आयोजित करने का ऐलान किया है। राजधानी के अटल पथ पर किसानों की विशाल चौपाल लगाई जाएगी, जिसमें देशभर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष Mallikarjun Kharge और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।

    कांग्रेस के अनुसार यह ट्रेड डील किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों के खिलाफ है। पार्टी का आरोप है कि यदि यह समझौता मौजूदा स्वरूप में लागू होता है तो देश के कृषि क्षेत्र पर नकारात्मक असर पड़ेगा और स्थानीय बाजारों में विदेशी दबाव बढ़ेगा। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने इसे जनआंदोलन का रूप देने की तैयारी की है।

    कार्यक्रम के तहत दोपहर एक बजे दोनों वरिष्ठ नेता भोपाल पहुंचेंगे और लगभग दो बजे सभा स्थल पर उपस्थित होकर किसानों को संबोधित करेंगे। सम्मेलन में प्रदेशभर से आए किसानों की भागीदारी होगी। कांग्रेस ने दावा किया है कि इस आंदोलन में करीब एक लाख किसान शामिल होंगे। विशेष रूप से भोपाल के आसपास के 11 जिलों से बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने की संभावना जताई गई है।

    कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि किसानों की आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का प्रयास है। चौपाल के माध्यम से किसान अपनी समस्याएं, आशंकाएं और सुझाव खुलकर रख सकेंगे। पार्टी इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाने की रणनीति पर काम कर रही है।

    इसी कड़ी में कांग्रेस व्यापारिक संगठनों से भी संवाद करेगी। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भोपाल के श्यामला हिल्स और लखेरापुरा क्षेत्रों में व्यापारियों से मुलाकात करेंगे। अमेरिका ट्रेड डील के संभावित प्रभावों पर चर्चा की जाएगी और व्यापारियों की राय जानी जाएगी। दोपहर साढ़े तीन बजे कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता बाजार क्षेत्रों में पहुंचकर आम व्यापारियों से संवाद करेंगे।

    भोपाल में प्रस्तावित यह मेगा प्रदर्शन प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर रहा है। कांग्रेस इसे किसान हितों की रक्षा का आंदोलन बता रही है, वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी समीकरणों के लिहाज से भी यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

    अटल पथ पर होने वाली यह किसानों की चौपाल केवल एक सभा नहीं बल्कि केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा शक्ति प्रदर्शन मानी जा रही है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि इस आंदोलन का राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव कितना व्यापक होता है।

  • दिल्ली पुलिस भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए बड़ा तोहफा, 20% आरक्षण और आयु में छूट लागू

    दिल्ली पुलिस भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए बड़ा तोहफा, 20% आरक्षण और आयु में छूट लागू


    नई दिल्‍ली । दिल्ली पुलिस में भर्ती के नियमों में अहम बदलाव कर दिया गया है। दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने दिल्ली पुलिस (नियुक्ति एवं भर्ती) नियम, 1980 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इस बदलाव के तहत अब पूर्व अग्निवीरों के लिए पुरुष कांस्टेबल (एग्जीक्यूटिव) पदों पर भर्ती में विशेष प्रावधान लागू होंगे।
    20% आरक्षण और आयु में छूट
    नए संशोधन के अनुसार, पुरुष कांस्टेबल के पदों में 20 प्रतिशत आरक्षण पूर्व अग्निवीरों के लिए रखा गया है। इसके अलावा, उन्हें फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) से छूट और सामान्य आयु सीमा में 3 वर्ष की राहत दी जाएगी। विशेष रूप से, अग्निवीर योजना के पहले बैच से जुड़े उम्मीदवारों को अधिकतम 5 वर्ष तक की आयु छूट मिलेगी।

    भर्ती के अवसर और पदों की संख्या
    दिल्ली पुलिस में वर्तमान में पुरुष कांस्टेबल (एग्जीक्यूटिव) के 42,451 स्वीकृत पद हैं। इन पदों पर सामान्य भर्ती की प्रक्रिया के तहत उम्र सीमा 18 से 25 वर्ष निर्धारित है। नए संशोधन के बाद बड़ी संख्या में पूर्व अग्निवीर इस भर्ती के लिए पात्र हो सकेंगे और कानून व्यवस्था में अपना करियर बना सकेंगे।

    अग्निवीर योजना का मकसद
    अग्निवीर योजना की शुरुआत 2022 में की गई थी, जिसका उद्देश्य युवाओं को सशस्त्र बलों में सेवा का अवसर प्रदान करना है। चार साल की सैन्य सेवा और प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब पूर्व अग्निवीरों को कानून और सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।

  • बीआरटीएस मार्ग पर बदलेगा ट्रैफिक का चेहरा, इंदौर में एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण की फिर से हुई शुरुआत

    बीआरटीएस मार्ग पर बदलेगा ट्रैफिक का चेहरा, इंदौर में एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण की फिर से हुई शुरुआत


    इंदौर शहर में लंबे समय से प्रतीक्षित एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट आखिरकार जमीन पर उतरता दिखाई दे रहा है। बीआरटीएस मार्ग पर बनने वाले इस बहुप्रतीक्षित कॉरिडोर का काम फिर से शुरू हो गया है और मशीनों की गूंज के साथ मिट्टी परीक्षण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। करीब चार साल पहले गुजरात की कंपनी राजकमल बिल्डर्स को इस प्रोजेक्ट का ठेका दिया गया था, लेकिन विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से यह योजना अधर में लटक गई थी। अब एक बार फिर निर्माण की कवायद तेज हो गई है।

    करीब पंद्रह साल पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के कार्यकाल में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली थी। हालांकि बाद में एबी रोड पर बीआरटीएस निर्माण हो जाने के कारण एलिवेटेड कॉरिडोर की आवश्यकता और व्यवहारिकता को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। लंबे विचार-विमर्श और समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलते ही परियोजना को दोबारा हरी झंडी दी गई और अब कॉरिडोर मार्ग पर बेरिकेडिंग कर काम शुरू कर दिया गया है।

    फिलहाल एलआईजी गुरुद्वारा के पास मिट्टी परीक्षण किया जा रहा है। इससे पहले ट्रैफिक सर्वे, प्लानिंग और प्रारंभिक मिट्टी परीक्षण पर ही पांच करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। अब दोबारा परीक्षण कर निर्माण की औपचारिक प्रक्रिया को गति दी जा रही है। छह किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर एलआईजी से नवलखा चौराहे तक बनेगा और इसे पूरा करने में लगभग तीन वर्ष का समय लगने का अनुमान है।

    यह प्रोजेक्ट वर्ष 2021 में राजकमल बिल्डर्स को सौंपा गया था और 2024 तक इसके पूरा होने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन ट्रैफिक लोड अपेक्षित 4 प्रतिशत तक नहीं पहुंचने के कारण मामला अटक गया। अनुबंध की शर्तों के अनुसार यदि लोक निर्माण विभाग परियोजना रद्द करता तो सरकार को कंपनी को 30 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ता। इसी कारण दो माह पहले दोबारा समीक्षा कर प्रोजेक्ट को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया गया और अब निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

    इस महत्वाकांक्षी योजना पर 300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जा रहा है। हाल ही में नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में यह तय किया गया कि तीन प्रमुख चौराहों पर भुजाएं उतारी जाएंगी और ट्रैफिक सुगमता के लिए रोटरी भी बनाई जाएगी।

    एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से बीआरटीएस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और शहर की यातायात व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। लंबे समय से अटकी इस परियोजना के फिर से शुरू होने से शहरवासियों में उम्मीद जगी है कि इंदौर का यातायात ढांचा और मजबूत होगा तथा विकास की रफ्तार और तेज होगी।

  • US-ईरान तनाव के बीच अलर्ट: भारतीय दूतावास, तेहरान ने भारतीयों से तुरंत ईरान छोड़ने को कहा

    US-ईरान तनाव के बीच अलर्ट: भारतीय दूतावास, तेहरान ने भारतीयों से तुरंत ईरान छोड़ने को कहा


    नई दिल्ली । मध्य पूर्व में तेजी से बदलते हालात और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने 23 फरवरी 2026 को एक अहम एडवाइजरी जारी कर ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने की अपील की है। दूतावास ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए छात्र, तीर्थयात्री, व्यापारी और पर्यटक उपलब्ध सभी साधनों, विशेषकर वाणिज्यिक उड़ानों, का उपयोग कर जल्द से जल्द ईरान से बाहर निकलने की योजना बनाएं। यह सलाह पहले 5 जनवरी और 14 जनवरी को जारी परामर्शों की निरंतरता में दोहराई गई है, लेकिन इस बार लहजा अधिक सतर्क और गंभीर है।

    दूतावास ने अपनी आधिकारिक एडवाइजरी में कहा है कि ईरान में स्थिति तेजी से बदल रही है और किसी भी संभावित आपात परिस्थिति से बचने के लिए एहतियात बरतना बेहद जरूरी है। भारतीय नागरिकों को विरोध प्रदर्शनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और दूतावास के साथ लगातार संपर्क में बने रहने की सलाह दी गई है। साथ ही सभी से अपने पासपोर्ट, वीजा और अन्य पहचान दस्तावेज तैयार रखने को कहा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत यात्रा की जा सके।

    दूतावास ने यह भी दोहराया है कि जिन भारतीयों ने अभी तक अपने प्रवास का पंजीकरण नहीं कराया है, वे तुरंत आधिकारिक लिंक के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराएं। यदि इंटरनेट कनेक्टिविटी में बाधा आ रही हो तो भारत में रह रहे उनके परिजन पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। किसी भी आपात स्थिति में सहायता के लिए दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर +989128109115, +989128109109, +989128109102 और +989932179359 जारी किए हैं। इसके अलावा [email protected] पर ईमेल के माध्यम से भी संपर्क किया जा सकता है। दूतावास ने भरोसा दिलाया है कि भारतीय समुदाय की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    दरअसल, यह एडवाइजरी ऐसे समय आई है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को नए परमाणु समझौते पर सहमति के लिए सीमित समय का अल्टीमेटम दिया है और चेतावनी दी है कि विफलता की स्थिति में कड़े परिणाम भुगतने होंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने मध्य पूर्व क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है, जिसमें युद्धपोत, फाइटर जेट्स और अन्य रणनीतिक संसाधन शामिल हैं। दूसरी ओर, ईरान में विरोध प्रदर्शन और झड़पों की खबरों ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं होते तो क्षेत्र में सैन्य टकराव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे परिदृश्य में भारतीय दूतावास का यह कदम एहतियाती और रणनीतिक दोनों ही दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बदलती परिस्थितियों के बीच भारतीय नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें, केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

  • अमिताभ बच्चन का बड़ा एलान: अब संडे को 'जलसा' के बाहर नहीं दिखेगी प्रशंसकों की भीड़, महानायक ने कहा- अपनी एनर्जी बचाकर रखें

    अमिताभ बच्चन का बड़ा एलान: अब संडे को 'जलसा' के बाहर नहीं दिखेगी प्रशंसकों की भीड़, महानायक ने कहा- अपनी एनर्जी बचाकर रखें


    नई दिल्ली।भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ परंपराएं ऐसी हैं, जो केवल एक रस्म नहीं बल्कि भावना बन चुकी हैं। इन्हीं में से एक है हर रविवार की शाम मुंबई के ‘जलसा’ बंगले के बाहर उमड़ने वाला वह जनसैलाब, जो अपने प्रिय महानायक अमिताभ बच्चन की एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करता है।
    पिछले कई दशकों से यह सिलसिला बिना रुके चला आ रहा है कि बिग बी अपने घर के गेट पर आते हैं, हाथ हिलाकर फैंस का अभिवादन करते हैं और उनके प्यार का शुक्रिया अदा करते हैं। लेकिन हाल ही में जो खबर आई है, उसने हजारों प्रशंसकों को मायूस कर दिया है। बिग बी ने खुद इस बात का संकेत दिया है कि बरसों से चली आ रही यह “संडे परंपरा” अब टूटने के कगार पर है या कम से कम इसमें एक बड़ा विराम लगने वाला है।

    अमिताभ बच्चन केवल सोशल मीडिया पर ही नहीं, बल्कि अपने व्यक्तिगत ब्लॉग और टम्बलर Tumblr पर भी अपने फैंस से सीधा संवाद करते हैं। अपनी हालिया पोस्ट में उन्होंने एक ऐसी जानकारी साझा की जिसने सबको चौंका दिया।

    अमिताभ ने लिखा कि काम का दबाव और कुछ अन्य व्यस्तताओं के कारण अब संडे का वह ब्रेक लेना अनिवार्य हो गया है। उन्होंने बड़े ही भावुक शब्दों में अपनी असमर्थता जाहिर करते हुए कहा कि, “काम कुछ जोश के साथ चल रहा है… लेकिन एक लेकिन आ जाता है। संडे का ब्रेक लेना अब जरूरी है। अफसोस की बात है कि जलसा के गेट पर अब मुलाकात नहीं होगी। उन्होंने अपने फैंस से अपील की कि वे दूर-दराज से आने वाली अपनी ऊर्जा और समय बचाकर रखें और सही समय आने पर वे फिर से मिलेंगे।

    इस खबर के बीच एक सुखद पहलू यह भी सामने आया कि अमिताभ बच्चन भले ही भीड़ से न मिल पा रहे हों, लेकिन वे अपने करीबियों और पड़ोसियों का ख्याल रखना नहीं भूलते। हाल ही में उनके पड़ोसी निर्मित जेसरानी ने जब उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने की इच्छा जताई, तो सुपरस्टार ने न केवल उन्हें अपने घर आमंत्रित किया, बल्कि उनके साथ समय भी बिताया। निर्मित ने बताया कि उनके लिए 8 फरवरी का दिन ऐतिहासिक बन गया जब बिग बी ने उन्हें ऑटोग्राफ दिया और अपनी फोटो वाली एक टी-शर्ट भेंट की। शाम 5 बजे जलसा में हुई इस खास मुलाकात ने यह साबित कर दिया कि महानायक का अपने चाहने वालों के प्रति स्नेह आज भी उतना ही गहरा है।

    हालांकि, आम प्रशंसकों के लिए रविवार का दिन अब पहले जैसा नहीं रहेगा। जलसा के बाहर वह गेट, जो हर रविवार को किसी मंदिर के कपाट की तरह खुलता था, अब बंद रहेगा। बिग बी ने अपने इस फैसले के पीछे बढ़ती उम्र, काम की थकान और शांति की तलाश को मुख्य कारण बताया है। उनके इस संदेश के बाद सोशल मीडिया पर उनके फैंस उनकी सेहत और सलामती की दुआएं कर रहे हैं, इस उम्मीद में कि जल्द ही वह रविवार फिर आएगा जब महानायक अपनी बालकनी से मुस्कराते हुए हाथ हिलाएंगे।

  • मप्र में मुकुंदपुर जू का एवियारी विदेशी पक्षियों से हुआ गुलजार

    मप्र में मुकुंदपुर जू का एवियारी विदेशी पक्षियों से हुआ गुलजार

    भोपाल। मध्य प्रदेश के मैहर जिले के मुकुंदपुर में स्थित महाराजा मारतन्द सिंह जू देव वाईट टाइगर सफारी (मुकुंदपुर) का वॉक इन एवियारी विभिन्न प्रजातियों के रंगे-बिरंगे प्रवासी पक्षियों से गुलजार हो गया है।

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रविवार को मैहर जिले के प्रवास के दौरान मुकुंदपुर जू का निरीक्षण किया। इस दौरान उनकी उपस्थिति में जू में लाए गए विदेशी प्रजाति के पक्षी भी उनके रहवास में छोड़े गए। नॉर्दन कोलफील्ड्स लिमिटेड सिगरोली द्वारा सीएसआर मद से मुकुंदपुर को प्रदाय किए गए नए विदेशी पक्षियों को वॉक इन एवियारी के अंदर प्राकृतिक निवास पर छोड़ा गया।

    वन्यजीव संरक्षण के लिए मुकुंदपुर जू के एवीयरी मे अब नये प्रजाति के रंग बिरंगे पक्षी आ चुके है, जिनमें रेड स्कारलेट मैकॉ, रेड ग्रीन विंग्ड मैकॉ, सल्फर-क्रेस्टेड कॉकाटू, ब्लू गोल्ड मैकॉ, हैनस मैकॉ, अफ्रीकन ग्रे पैरोट, ग्रैंड इलेक्टस, सन कोनूर, कॉकेटियल्स, और लव बर्ड शामिल हैं।

    नये पक्षियों के आगमन से पर्यटक को अब और अधिक विदेशी प्रजाति के पक्षी देखने को मिलेंगे।उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने भ्रमण के दौरान पक्षियों के सरंक्षण के प्रयासो की सराहना की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा जिले के हरिहरपुर में की जा रही प्राकृतिक खेती का भी अवलोकन किया। इस मौके पर सीसीएफ राजेश राय, वन मंडल अधिकारी विद्या भूषण मिश्रा उपस्थिति रहे।