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  • सीमा पर बढ़ी हलचल के बीच कूटनीतिक बातचीत नेपाल के पत्रकारों ने भारत को दिया भरोसे का संदेश

    सीमा पर बढ़ी हलचल के बीच कूटनीतिक बातचीत नेपाल के पत्रकारों ने भारत को दिया भरोसे का संदेश


    नई दिल्ली । भारत और नेपाल के बीच जारी सीमा और व्यापारिक तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल देखने को मिली जब नेपाल के पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब नेपाल में सीमा पार व्यापार और कस्टम ड्यूटी को लेकर असंतोष और राजनीतिक हलचल बढ़ी हुई है।

    नेपाल में हाल ही में बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा भारत से आने वाले सामान पर नए कस्टम नियम लागू किए जाने के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों की नाराजगी बढ़ गई है। इन नियमों के अनुसार भारत से खरीदे गए सामान पर निर्धारित सीमा से अधिक मूल्य होने पर कस्टम ड्यूटी लागू की जा रही है जिससे स्थानीय लोगों की दैनिक जरूरतों पर सीधा असर पड़ा है।

    इस मुद्दे पर भारत की ओर से भी स्थिति स्पष्ट की गई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि भारत को नेपाल की तरफ से लागू किए गए इस नियम की जानकारी है और यह मुख्य रूप से अनौपचारिक व्यापार और तस्करी को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया कदम बताया जा रहा है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि निजी उपयोग के लिए ले जाए जाने वाले घरेलू सामान पर रोक नहीं है।

    नेपाल के पत्रकारों के इस प्रतिनिधिमंडल ने विदेश सचिव से मुलाकात के दौरान भारत और नेपाल के ऐतिहासिक संबंधों और भविष्य की साझेदारी पर भी चर्चा की। भारतीय पक्ष ने दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि सीमा पार रिश्तों को स्थिर और संतुलित बनाए रखना दोनों देशों के हित में है।

    सीमा क्षेत्रों में इस समय स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि स्थानीय लोगों की निर्भरता भारतीय बाजारों पर काफी अधिक है। रोजमर्रा के सामान राशन दवाइयों और कपड़ों के लिए सीमावर्ती इलाकों के लोग भारत पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में नए कस्टम नियमों के कारण उनकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है और नाराजगी भी बढ़ रही है।

    मीडिया रिपोर्टों के अनुसार नेपाल में यह विवाद केवल व्यापारिक नीति तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें आर्थिक प्रबंधन शासन व्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भी असंतोष शामिल है। यही कारण है कि यह मुद्दा अब राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील बनता जा रहा है।

    इस बीच पत्रकारों की यह मुलाकात दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखने की एक कोशिश के रूप में देखी जा रही है जिससे भविष्य में उत्पन्न होने वाले तनाव को कम किया जा सके और आपसी समझ को बढ़ाया जा सके।

  • उत्तराखंड में बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित, सीएम धामी ने छात्रों को दी बधाई..

    उत्तराखंड में बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित, सीएम धामी ने छात्रों को दी बधाई..


    नई दिल्ली।उत्तराखंड में बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिससे हजारों छात्रों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल है। इस वर्ष कक्षा 10वीं और 12वीं के नतीजों में छात्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया है और कुल पास प्रतिशत में भी सुधार देखने को मिला है। परिणाम जारी होने के साथ ही राज्य के टॉपर्स की सूची भी सामने आ गई है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी सफल विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सफलता छात्रों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास का परिणाम है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो छात्र इस बार अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं कर सके हैं, उन्हें निराश नहीं होना चाहिए और आगे और अधिक मेहनत के साथ प्रयास जारी रखना चाहिए।

    कक्षा 10वीं के परिणामों के अनुसार इस वर्ष कुल पास प्रतिशत 92.10 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जो एक मजबूत शैक्षणिक प्रदर्शन को दर्शाता है। इस परीक्षा में छात्राओं ने एक बार फिर छात्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। लड़कियों का पास प्रतिशत 96.07 प्रतिशत रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 88.03 प्रतिशत दर्ज किया गया।

    कक्षा 10वीं में इस बार टॉपर्स की सूची में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है। नैनीताल जिले के रामनगर के छात्र ने 98.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, दो छात्रों ने 98 प्रतिशत अंक के साथ संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि तीसरे स्थान पर 97.80 प्रतिशत अंकों के साथ एक अन्य छात्र रहा।

    इसी तरह कक्षा 12वीं के परिणामों में कुल पास प्रतिशत 85.11 प्रतिशत रहा है। यहां भी छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 88.09 प्रतिशत पास प्रतिशत हासिल किया, जबकि छात्रों का पास प्रतिशत 81.93 प्रतिशत रहा। यह अंतर इस बात को दर्शाता है कि राज्य में लड़कियों का शैक्षणिक प्रदर्शन लगातार मजबूत हो रहा है।

    इंटरमीडिएट परीक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला है। बागेश्वर और ऊधम सिंह नगर की दो छात्राओं ने संयुक्त रूप से राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है, दोनों ने 98 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। उनके प्रदर्शन को राज्य स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

  • बड़वानी को मिली बड़ी सौगात गोई नदी पर पुल की नींव रखी मंत्री राकेश सिंह ने किया भूमिपूजन

    बड़वानी को मिली बड़ी सौगात गोई नदी पर पुल की नींव रखी मंत्री राकेश सिंह ने किया भूमिपूजन


    नई दिल्ली बड़वानी जिले के सिलावद और होलगांव क्षेत्र के लोगों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित गोई नदी पर उच्च स्तरीय पुल और सड़क निर्माण की परियोजना का शनिवार को विधिवत भूमिपूजन किया गया इस अवसर पर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने पूजा अर्चना कर निर्माण कार्य की शुरुआत की यह परियोजना क्षेत्र की करीब 30 साल पुरानी मांग को पूरा करती है जिससे स्थानीय लोगों में उत्साह और खुशी का माहौल देखा गया

    इस महत्वपूर्ण परियोजना को राज्यसभा सांसद डॉ सुमेरसिंह सोलंकी के निरंतर प्रयासों के बाद गति मिली थी वर्ष 2024 के बजट में मध्य प्रदेश शासन द्वारा इस पुल के लिए 10 करोड़ 39 लाख 88 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई थी इसके बाद सेतु विभाग द्वारा आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं और 12 मार्च 2025 को तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई अंततः निर्माण का कार्य सीहोर की मेसर्स काला इंजीनियरिंग एजेंसी को सौंपा गया और अब भूमि पूजन के साथ कार्य औपचारिक रूप से शुरू हो गया है

    भूमिपूजन कार्यक्रम सिलावद और होलगांव के बीच आयोजित किया गया जहां बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे कार्यक्रम के बाद मंत्री राकेश सिंह ने खुली जीप में पुराना बस स्टैंड से पुराना थाना मैदान तक रोड शो भी किया जहां लोगों ने उनका स्वागत किया इस दौरान मंच पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी उपस्थिति देखने को मिली

    मंत्री राकेश सिंह ने इस अवसर पर कहा कि यह पुल केवल एक निर्माण परियोजना नहीं बल्कि क्षेत्र के विकास की नई दिशा है उन्होंने कहा कि गोई नदी पर पुल न होने के कारण ग्रामीणों को वर्षों से भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था खासकर बरसात के मौसम में नदी पार करना जोखिम भरा होता था कई बार दुर्घटनाएं भी हुई हैं जिसमें जानमाल की हानि हुई है ऐसे में यह पुल क्षेत्र के लिए जीवन रेखा साबित होगा

    उन्होंने आगे कहा कि इस पुल के बनने से सिलावद होलगांव और आसपास के दर्जनों गांवों को सीधा लाभ मिलेगा आवागमन सुरक्षित और सुगम होगा किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी वहीं छात्रों और मरीजों के लिए भी यात्रा सुविधाजनक होगी इसके अलावा सिलावद से पाटी की दूरी भी लगभग चार किलोमीटर कम हो जाएगी जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी

    इस दौरान मंत्री राकेश सिंह ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने लंबे शासनकाल में विकास के बड़े वादे तो किए लेकिन जमीन पर परिणाम नहीं दिखे उन्होंने कांग्रेस को दिशाहीन पार्टी बताते हुए कहा कि आज भाजपा सरकार जनजातीय क्षेत्रों और ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान दे रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं

    कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद डॉ सुमेरसिंह सोलंकी पूर्व मंत्री प्रेमसिंह पटेल विधायक श्याम बरड़े और सांसद गजेंद्र सिंह पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे सभी ने इसे क्षेत्र के विकास के लिए ऐतिहासिक कदम बताया

    ग्रामीणों ने भी इस परियोजना का स्वागत करते हुए कहा कि यह पुल उनकी वर्षों पुरानी परेशानी का समाधान है अब उन्हें नदी पार करने की जोखिम भरी स्थिति से राहत मिलेगी और क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी

  • एमपी बीजेपी किसान मोर्चा में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल 16 जिलों में नए अध्यक्ष घोषित

    एमपी बीजेपी किसान मोर्चा में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल 16 जिलों में नए अध्यक्ष घोषित


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चा को लेकर बड़ा संगठनात्मक निर्णय सामने आया है जहां भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा ने 16 जिलों में नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की घोषणा की है। यह फैसला संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    इन नियुक्तियों की घोषणा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से की। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन नए चेहरों के माध्यम से किसानों से सीधे संवाद को और बेहतर बनाया जा सकेगा तथा संगठन की पहुंच गांव गांव तक मजबूत होगी।

    घोषित सूची के अनुसार सुरेश पटेल को नर्मदापुरम महेश्वर सिंह चंदेल को बैतूल राहुल जाधव को बुरहानपुर राधेश्याम जाट को शाजापुर यशवंत लिल्हारे को बालाघाट धर्मवीर रघुवंशी को अशोकनगर हेमंत धाकड़ को मुरैना राजू नागदा मोडी को नीमच राजेंद्र सिंह को खंडवा प्रवीण त्रिपाठी को रीवा प्रदीप अवस्थी को पन्ना राजेंद्र शितोले को बड़वानी कमलेश राजपाल को रायसेन शैलेंद्र रघुवंशी को छिंदवाड़ा घनश्याम कछवाहा को डिंडौरी और मुरालीलाल धाकड़ को गुना की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह नियुक्तियां किसानों के हितों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का लक्ष्य किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ हल करना और उन्हें सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाना है।

    उन्होंने प्रदेश सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि किसानों को चार गुना मुआवजा देने सोलर पंप पर सब्सिडी और मात्र 5 रुपये में कृषि पंप कनेक्शन जैसी योजनाएं लगातार लागू की जा रही हैं। इन पहलों से किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने में मदद मिल रही है।

    यह संगठनात्मक विस्तार भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत पार्टी गांव और किसान वर्ग में अपनी पकड़ को और मजबूत करना चाहती है। आने वाले समय में इन नियुक्तियों का असर जमीनी स्तर पर देखने को मिल सकता है जहां नए जिला अध्यक्ष किसानों के बीच सक्रिय भूमिका निभाते हुए संगठन को नई दिशा देंगे।

  • रीमेक की चर्चा में बड़ा खुलासा: ‘शोला और शबनम’ आज बनी तो कौन होगा नया स्टार कपल, डेविड धवन का चौंकाने वाला जवाब

    रीमेक की चर्चा में बड़ा खुलासा: ‘शोला और शबनम’ आज बनी तो कौन होगा नया स्टार कपल, डेविड धवन का चौंकाने वाला जवाब


    नई दिल्ली।भारतीय सिनेमा के 90 के दशक की यादगार फिल्मों में शामिल ‘शोला और शबनम’ आज भी दर्शकों के बीच एक खास पहचान रखती है। इस फिल्म ने उस दौर में कॉमेडी, रोमांस और एक्शन का ऐसा मिश्रण पेश किया था, जिसने इसे सुपरहिट बना दिया। गोविंदा और दिव्या भारती की जोड़ी ने इस फिल्म को अलग ही ऊंचाई दी थी, जबकि निर्देशन की कमान संभालने वाले डेविड धवन ने इसे अपने करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल किया था। अब इसी फिल्म को लेकर डेविड धवन का एक ताजा बयान चर्चा में है, जिसमें उन्होंने बताया कि अगर यह फिल्म आज के समय में दोबारा बनाई जाती, तो इसके किरदारों के लिए उनकी सोच क्या होती।

    डेविड धवन के अनुसार, आज के समय में फिल्मों की कहानी और प्रस्तुति तो वही रह सकती है, लेकिन किरदारों को निभाने के लिए ऐसे कलाकारों की जरूरत होती है जो गंभीरता और कॉमेडी दोनों को संतुलित तरीके से निभा सकें। उन्होंने कहा कि ‘शोला और शबनम’ जैसी फिल्म केवल हंसी-मजाक की कहानी नहीं थी, बल्कि इसके भीतर एक मजबूत भावनात्मक परत भी थी, जिसे समझना और पर्दे पर उतारना बेहद जरूरी है।

    सबसे खास बात यह रही कि जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इस रीमेक में अपने बेटे वरुण धवन को लेंगे, तो उन्होंने इस पर सहमति नहीं जताई। इसके बजाय उन्होंने नई पीढ़ी के दो उभरते चेहरों की ओर इशारा किया। उनके अनुसार, अहान पांडे और अनीता पड्डा इस तरह की कहानी के लिए उपयुक्त विकल्प हो सकते हैं। उनका मानना है कि हाल के समय में इन दोनों कलाकारों ने अपनी स्क्रीन उपस्थिति और अभिनय क्षमता से यह साबित किया है कि वे बड़े किरदारों को संभालने में सक्षम हैं।

    मूल फिल्म की बात करें तो ‘शोला और शबनम’ वर्ष 1992 में रिलीज हुई थी और यह अपने समय की एक बड़ी व्यावसायिक सफलता साबित हुई थी। फिल्म की कहानी एनसीसी कैडेट करण के जीवन संघर्षों और उसके निजी व भावनात्मक उतार-चढ़ाव के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें रोमांस, ड्रामा और एक्शन का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला था, जिसने दर्शकों को पूरे समय बांधे रखा।

    गोविंदा और दिव्या भारती की केमिस्ट्री इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। दोनों ने अपने किरदारों में जो सहजता और ऊर्जा दिखाई, उसने फिल्म को यादगार बना दिया। इसके साथ ही सहायक कलाकारों ने भी कहानी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई, जिससे फिल्म की प्रभावशीलता और बढ़ गई।

    उस दौर में यह फिल्म बड़ी हिट साबित हुई और साल की सबसे सफल फिल्मों में से एक बन गई। आज भी इसे एक क्लासिक के रूप में याद किया जाता है, जिसे बार-बार देखने का मन करता है।

    डेविड धवन का यह बयान यह भी दिखाता है कि समय के साथ फिल्म इंडस्ट्री कैसे बदल रही है। पहले जहां बड़े सितारों का दबदबा हुआ करता था, वहीं अब नई प्रतिभाओं को मौके मिल रहे हैं। यह बदलाव दर्शकों की बदलती पसंद और आधुनिक कहानी कहने के तरीके को भी दर्शाता है।

    ‘शोला और शबनम’ जैसी फिल्में यह साबित करती हैं कि अच्छी कहानी कभी पुरानी नहीं होती, बस उसे नए कलाकारों और नए अंदाज में पेश करने की जरूरत होती है।

  • एमपी पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल 36 निरीक्षकों के तबादले बालाघाट मंडला में नई तैनाती

    एमपी पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल 36 निरीक्षकों के तबादले बालाघाट मंडला में नई तैनाती


    भोपाल । मध्यप्रदेश में पुलिस प्रशासन को अधिक प्रभावी और संतुलित बनाने के उद्देश्य से एक बार फिर बड़ा फेरबदल किया गया है। राजधानी भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय ने 36 पुलिस निरीक्षकों के तबादले के आदेश जारी किए हैं जिससे विभाग में नई ऊर्जा और कार्यकुशलता लाने की कोशिश की जा रही है।

    जारी आदेश के अनुसार बालाघाट और मंडला जिलों में लंबे समय से पदस्थ 18 पुलिस निरीक्षकों को वहां से हटाकर अन्य जिलों में भेजा गया है। इन अधिकारियों ने इन जिलों में अपनी अनिवार्य दो वर्ष की सेवा अवधि पूरी कर ली थी जिसके बाद स्थानांतरण की प्रक्रिया को अमल में लाया गया।

    इनकी जगह अन्य जिलों से 18 नए और अनुभवी पुलिस निरीक्षकों को बालाघाट और मंडला में पदस्थ किया गया है। इस तरह कुल 36 निरीक्षकों की नई पदस्थापना की गई है जो राज्य में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    पुलिस मुख्यालय के इस निर्णय के पीछे प्रशासनिक संतुलन बनाए रखना और विभिन्न जिलों में अनुभव का बेहतर उपयोग करना प्रमुख उद्देश्य बताया जा रहा है। अधिकारियों के नियमित अंतराल पर तबादले से न केवल कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहती है बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर नई रणनीतियों के साथ काम करने का अवसर भी मिलता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फेरबदल से पुलिस व्यवस्था में गतिशीलता आती है और अधिकारियों को अलग अलग परिस्थितियों में काम करने का अनुभव मिलता है जिससे उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। साथ ही संवेदनशील और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती से कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने में मदद मिलती है।

    कुल मिलाकर यह तबादला आदेश मध्यप्रदेश पुलिस की प्रशासनिक रणनीति का हिस्सा है जिसके जरिए विभाग को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाया जा रहा है। आने वाले समय में इन बदलावों का असर जमीनी स्तर पर देखने को मिल सकता है जहां नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारी बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करेंगे।

  • उत्तम नगर हत्या कांड: कोर्ट ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने के आदेश दिए..

    उत्तम नगर हत्या कांड: कोर्ट ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने के आदेश दिए..


    नई दिल्ली।दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में हुए तरुण हत्या कांड से जुड़े मामले में अदालत ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया है कि परिवार को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए और किसी भी संभावित खतरे से उनकी रक्षा सुनिश्चित की जाए।

    यह मामला होली के दौरान हुई एक हिंसक झड़प से जुड़ा है, जिसमें 27 वर्षीय तरुण की मौत हो गई थी। घटना के बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और पीड़ित परिवार ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई थी। इसी आधार पर अदालत में याचिका दाखिल कर पुलिस सुरक्षा की मांग की गई थी।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि परिवार को धमकियों और संभावित खतरे की आशंका है, जिसके चलते उनकी सुरक्षा बेहद जरूरी है। अदालत ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे परिवार के साथ सीधे संपर्क में रहें और आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराएं। इसके लिए स्थानीय पुलिस अधिकारी को अपना व्यक्तिगत संपर्क नंबर परिवार को देने का आदेश दिया गया है।

    पुलिस ने अदालत को बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही बढ़ा दी गई है। इलाके में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस की गश्त बढ़ाई गई है। साथ ही संवेदनशील इलाकों में पुलिस पिकेट भी तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

    इसके अलावा सोशल मीडिया पर फैल रही भड़काऊ सामग्री पर भी कार्रवाई की गई है और बड़ी संख्या में आपत्तिजनक वीडियो हटाए गए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ सामग्री को गंभीरता से लिया जाएगा और उस पर तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए।

    कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि यदि परिवार को किसी भी प्रकार का संदिग्ध या आपत्तिजनक कंटेंट मिलता है, तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। पुलिस को ऐसे मामलों में बिना देरी के कानूनी कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।

    यह घटना 4 मार्च की है, जब होली के त्योहार के दौरान एक छोटी सी बात ने हिंसक झड़प का रूप ले लिया था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पानी के गुब्बारे से जुड़ी एक घटना के बाद दो परिवारों के बीच विवाद बढ़ गया, जो बाद में हिंसा में बदल गया और इसमें तरुण की जान चली गई।

    इस पूरे मामले ने इलाके में गहरा असर डाला है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अदालत के ताजा आदेश के बाद अब पीड़ित परिवार को अतिरिक्त सुरक्षा मिलने की उम्मीद है, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके।

  • विराट कोहली की फॉर्म और RCB की जीत ने बदली लीग की तस्वीर गुजरात टाइटंस को लगा बड़ा झटका

    विराट कोहली की फॉर्म और RCB की जीत ने बदली लीग की तस्वीर गुजरात टाइटंस को लगा बड़ा झटका


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के 34वें मुकाबले में Royal Challengers Bengaluru ने Gujarat Titans को 5 विकेट से हरा दिया। यह मैच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला गया। इस जीत के बाद पॉइंट्स टेबल में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
    पॉइंट्स टेबल में क्या बदला?
    RCB पहुंची दूसरे नंबर पर RCB ने अब तक 7 मैचों में 5 जीत दर्ज की हैं और टीम के 10 अंक हो गए हैं। बेहतर नेट रन रेट के चलते टीम दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। गुजरात टाइटंस को हार के बाद झटका लगा है। टीम अब 7वें स्थान पर खिसक गई है। उनके 6 अंक हैं और नेट रन रेट -0.790 हो गया है।

    टॉप-4 टीमें
    पंजाब किंग्स पहले नंबर पर बनी हुई है RCB दूसरे नंबर पर आ गई है राजस्थान रॉयल्स तीसरे नंबर पर है, सनराइजर्स हैदराबाद चौथे स्थान पर है ऑरेंज कैप इस समय Virat Kohli के पास है। उन्होंने 7 मैचों में 328 रन बनाए हैं और शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। पर्पल कैप अभी Anshul Kamboj के पास है। उन्होंने 7 मैचों में सबसे ज्यादा 14 विकेट लेकर सभी को पीछे छोड़ दिया है। RCB की जीत के बाद टॉप-4 में बड़ा बदलाव हुआ है। RCB मजबूत होकर दूसरे नंबर पर पहुंच गई है, जबकि GT नीचे खिसक गई है। वहीं विराट कोहली और अंशुल कंबोज ऑरेंज और पर्पल कैप के साथ टॉप पर बने हुए हैं

  • गार्डन से बच्चों का अपहरण रच रहे थे पड़ोसी पुलिस ने 7 घंटे में बचाए मासूम और दबोचे आरोपी

    गार्डन से बच्चों का अपहरण रच रहे थे पड़ोसी पुलिस ने 7 घंटे में बचाए मासूम और दबोचे आरोपी


    इंदौर । मध्यप्रदेश के इंदौर में एक सनसनीखेज किडनैपिंग केस ने पूरे शहर को हिला दिया जहां शॉर्टकट से पैसा कमाने की चाह में पड़ोसियों ने मासूम बच्चों के अपहरण की साजिश रच डाली। लालाराम नगर इलाके में गुरुवार शाम 9 वर्षीय नैतिक और 11 वर्षीय सम्राट को बहला फुसलाकर उठाया गया लेकिन पुलिस और परिवार की तत्परता के चलते महज 7 घंटे के भीतर दोनों बच्चों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    इस पूरी साजिश के पीछे बेरोजगारी और आर्थिक तंगी बड़ा कारण बनकर सामने आई है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी विनीत और उसकी बहन राधिका ने अपने साथियों ललित और उसकी पत्नी तनीषा के साथ मिलकर यह प्लान तैयार किया था। आरोपियों ने अपने इलाके के गार्डन में कई दिनों तक रेकी की क्योंकि वहां बड़े परिवारों के बच्चे खेलने आते थे और उन्हें लगा कि ऐसे बच्चों के अपहरण से मोटी फिरौती वसूली जा सकती है।

    योजना के तहत राधिका ने अपनी साथी तनीषा को खास परिवार के बच्चों को निशाना बनाने के लिए कहा था लेकिन गलती से उन्होंने दूसरे परिवार के बच्चों को उठा लिया। आरोपियों को यह अंदाजा नहीं था कि जिन बच्चों को उन्होंने टारगेट बनाया है वे साधारण परिवार से हैं। नैतिक के पिता जूस का ठेला लगाते हैं जबकि सम्राट के पिता ढोलक बजाकर जीविका चलाते हैं।

    घटना का खुलासा नैतिक के चचेरे भाई ध्रुव की सतर्कता से हुआ। वह कुछ समय के लिए घर गया था और वापस लौटने पर नैतिक को गायब पाया। एक दोस्त से जानकारी मिलने पर उसने तुरंत परिवार को सूचना दी। परिवार ने आसपास तलाश शुरू की और पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरों में दोनों बच्चे एक महिला के साथ जाते हुए नजर आए। इसके बाद अपहरण की आशंका पर पुलिस को सूचना दी गई।

    बच्चों ने बताया कि आरोपियों ने उन्हें बहाने से अपने साथ ले जाकर एक कमरे में रखा जहां उन्हें खाना दिया गया और मोबाइल पर गेम भी खेलने दिया गया ताकि वे शांत रहें। बाद में आरोपियों ने फिरौती के लिए फोन किया और पैसे न मिलने पर नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो बच्चों को छिपाने की कोशिश भी की गई लेकिन पुलिस की सूझबूझ से सभी आरोपी पकड़ लिए गए।

    पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह लगातार निगरानी में रहे और हर गतिविधि पर नजर बनाए रखी। मोबाइल लोकेशन और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर टीम ने सही जगह पर दबिश दी और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए थे जिससे पुलिस की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले ज्वेलरी शॉप लूटने की योजना बना चुके थे लेकिन असफल रहने के बाद उन्होंने बच्चों के अपहरण का रास्ता चुना। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि आर्थिक तंगी और लालच किस हद तक लोगों को अपराध की ओर धकेल सकता है। वहीं दूसरी ओर परिवार और पुलिस की सतर्कता ने यह साबित कर दिया कि समय पर उठाया गया कदम किसी भी बड़ी अनहोनी को टाल सकता है।

  • केजरीवाल के कथित नए घर पर घमासान BJP के आरोप AAP का पलटवार

    केजरीवाल के कथित नए घर पर घमासान BJP के आरोप AAP का पलटवार


    नई दिल्ली । नई दिल्ली की सियासत में एक बार फिर ‘बंगला विवाद’ ने जोर पकड़ लिया है। अरविंद केजरीवाल के कथित नए सरकारी आवास को लेकर भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है। दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे हैं जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

    बीजेपी की ओर से प्रवेश वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ तस्वीरें जारी कर दावा किया कि ये केजरीवाल के नए बंगले की हैं। उन्होंने कहा कि राजधानी के लोधी एस्टेट इलाके में मिला यह आवास बेहद आलीशान है। वर्मा ने तंज कसते हुए इसे ‘शीशमहल 2’ बताया और सवाल उठाया कि इस पर कितना खर्च हुआ और यह पैसा कहां से आया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जो नेता पहले सादगी की बात करते थे अब वही महंगे इलाकों में रह रहे हैं।

    इसके साथ ही बीजेपी ने कोविड काल का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब दिल्ली महामारी से जूझ रही थी तब भी कथित तौर पर इस आवास का निर्माण कार्य जारी रहा। पार्टी ने इसे प्राथमिकताओं का सवाल बताते हुए सरकार पर निशाना साधा।

    वहीं आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि बीजेपी द्वारा जारी की गई तस्वीरें पूरी तरह फर्जी हैं और उनका केजरीवाल के आवास से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।

    AAP का कहना है कि बीजेपी बिना तथ्य के आरोप लगा रही है और मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार पूरी की गई हैं।

    फिलहाल इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी लगातार सवाल उठा रही है जबकि AAP जवाब देकर आरोपों को खारिज कर रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है क्योंकि दोनों ही दल इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से भुनाने में लगे हुए हैं।