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  • बर्थडे स्पेशल: कभी पेट पालने के लिए की चौकीदारी, आज करोड़ों के मालिक हैं 'राम' फेम गुरमीत चौधरी!

    बर्थडे स्पेशल: कभी पेट पालने के लिए की चौकीदारी, आज करोड़ों के मालिक हैं 'राम' फेम गुरमीत चौधरी!


    नई दिल्ली । फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में कई सितारे ऐसे हैं जिन्होंने नेम-फेम कमाने से पहले काफी संघर्ष किया. उन्होंने छोटे-मोटे काम करके अपना गुजारा किया और फिर मेहनत से नाम कमाया. आज हम आपको ऐसे ही एक स्टार की बारे में बताने जा रहे हैं जो अब इंडस्ट्री का टॉप एक्टर बन चुका है लेकिन यहां तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं था. उन्होंने कई मुश्किलें झेलीं लेकिन हार नहीं मानी. आज उनकी शोहरत की कोई कमी नहीं है. आइए जानते हैं कि कौन है ये सितारा?

    इंडस्ट्री के टॉप एक्टर

    ग्लैमर और शोहरत की दुनिया में पहुंचने से पहले कई कलाकारों को संघर्ष के दौर से गुजरना पड़ता है. कभी-कभी हालात इतने मुश्किल हो जाते हैं कि गुजारा करने के लिए कोई भी छोटा मोटा काम भी करना पड़ता है. वैसे तो इस लिस्ट में कई नाम शामिल हैं लेकिन आज हम आपको एक ऐसे स्टार के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके पास आज नाम और शोहरत की कोई कमी नहीं है. हालांकि यहां तक पहुचे लिए उनको भी कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. क्या आपने इन्हें पहचाना?

    कौन है ये टीवी इंडस्ट्री का टॉप स्टार?
    इस एक्टर की लाइफ में ऐसे भी दिन आए जब उनको अपना खर्च निकालने के लिए चौकीदारी कर करनी पड़ी थी. लेकिन उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें इंडस्ट्री में खास पहचान दिलाई और आज वे टीवी के मशहूर सितारों में शामिल हैं. हम यहां बिहार के भागलपुर में 22 फरवरी 1984 को जन्मे गुरमीत चौधरी की बात कर रहे हैं जो आज टीवी इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम हैं. उन्होंने 2008 में टीवी पर टेलीकास्ट होने वाली ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाई.

    बचपन से बनना चाहते थे एक्टर

    गुरमीत को बचपन से ही एक्टिंग और डांस का शौक था. जब उन्होंने ऋतिक रोशन को बड़े पर्दे पर शानदार डांस करते देखा तो उन्होंने ठान लिया कि वे भी एक्टिंग में करियर बनाएंगे. इसके लिए उन्होंने मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग ली और मिस्टर जबलपुर का खिताब भी जीता. हालांकि एक्टिंग की राह आसान नहीं थी लेकिन उनके जुनून और मेहनत ने उन्हें सफलता दिलाई. जब गुरमीत चौधरी एक्टिंग में करियर बनाने के लिए मुंबई आए तब उनके पास कोई बैकअप प्लान नहीं था. संघर्ष के उनको चौकीदारी तक करनी पड़ी थी.

    करनी पड़ी चौकीदार की नौकरी

    दरअसल जब उनके पास रहने के लिए जगह नहीं थे तब उन्हें एक सस्ता कमरा मिला जो एक चौकीदार ने दिया था. सिर पर छत तो मिल गई लेकिन खर्च चलाना मुश्किल था. इसलिए उन्होंने एक स्टोर में चौकीदारी की नौकरी कर ली जिससे वो अपने खर्च निकाल पाते थे. इसी दौरान वो लगातार ऑडिशन देते रहे और आखिरकार 2008 में ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाने का मौका मिला. इस शो ने उन्हें इतनी लोकप्रियता दिलाई कि वह देखते ही देखते स्टार बन गए.

    गुरमीत चौधरी का करियर

    इसके बाद जब ये शो ऑफ एयर हुआ तो तीन साल तक उनके पास कोई काम नहीं था जिससे वो फिर से संघर्ष के दौर में चले गए. गुरमीत ने अपने करियर की शुरुआत 2004 में टीवी शो ‘ये मेरी लाइफ है’ से की थी लेकिन असली पहचान ‘रामायण’ से मिली. इसके बाद उन्होंने ‘गीत- हुई सबसे पराई’ ‘पुनर्विवाह’ और ‘झलक दिखला जा’ जैसे पॉपुलर शोज में काम किया. इसके अलावा उन्होंने 2015 में ‘खामोशियां’ से बॉलीवुड डेब्यू किया और फिर ‘वजह तुम हो’ (2016) और ‘पलटन’ (2018) जैसी फिल्मों में काम किया.

    गुरमीत चौधरी की नेटवर्थ पर्सनल लाइफ
    गुरमीत चौधरी ने 2011 में टीवी एक्ट्रेस देबिना बनर्जी से शादी की और अब वे दो बेटियों के माता-पिता हैं. संघर्ष से लेकर स्टारडम तक का उनका सफर कई लोगों के लिए इंस्पिरेशनल रहा है. आज गुरमीत एक शानदार लाइफस्टाइल जीते हैं उनके पास कई लग्जरी गाड़ियां और आलीशान घर हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति 30-40 करोड़ रुपये के बीच बताई जाती है. उनकी सफलता इस बात का सबूत है कि अगर मेहनत और लगन हो तो कोई भी अपने सपनों को हकीकत में बदल सकता है.
  • हेमंत कटारे का इस्तीफा : मैं पद से नहीं, जनता के विश्वास से ताकत लेता हूं, कांग्रेस में सियासी हलचल

    हेमंत कटारे का इस्तीफा : मैं पद से नहीं, जनता के विश्वास से ताकत लेता हूं, कांग्रेस में सियासी हलचल


    भिंड। हेमंत कटारे, भिंड जिले की अटेर सीट से कांग्रेस विधायक और मध्य प्रदेश विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष, के इस्तीफे ने सियासत में हलचल मचा दी है। एक दिन पहले उन्होंने उप नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा दिया था। इस विवाद के बीच कटारे ने सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट कर अपनी स्थिति स्पष्ट की और कहा कि उनकी ताकत किसी पद से नहीं, बल्कि जनता के विश्वास से आती है।

    कटारे ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि कांग्रेस उनके स्वर्गीय पिता की विरासत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शादी की सालगिरह पर परिवार के साथ समय बिताना उनका अधिकार है और इसे लेकर किसी साजिश की बात नहीं है। उन्होंने विपक्षी दल पर निशाना साधते हुए कहा कि सोमवार से वे सदन में पूरी तैयारी और दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहेंगे और सरकार के भ्रष्टाचार, गोमांस मुद्दा, इंदौर के भागीरथपुरा, शंकराचार्य के अपमान और जहरीली हवा-पानी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर आवाज उठाएंगे। अंत में उन्होंने कहा, “मैं पद से नहीं, जनता के विश्वास से ताकत लेता हूं, वही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है।”

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कटारे ने अपने ट्वीट और पोस्ट में सारी बातें साफ कर दी हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि जनता के विश्वास से ही काम करता है और कटारे ने जो कहना था, सार्वजनिक रूप से कह दिया है।

    कांग्रेस में जारी चर्चाओं पर प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने इसे पार्टी का आंतरिक मामला बताया। चौधरी ने कहा कि कटारे की नियुक्ति अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने की थी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उन्हें पद दिया था। इसलिए इस्तीफा स्वीकार करने का अधिकार भी राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास ही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में हुई बैठक में इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर प्रक्रिया जारी है।

    चौधरी ने यह भी कहा कि पार्टी की आंतरिक प्रक्रिया को हर बार सार्वजनिक करना संभव नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कटारे ने इस्तीफा किन परिस्थितियों में दिया, इसकी जानकारी पार्टी नेतृत्व को दे दी गई है और जो संदेह थे, उनका जवाब उन्होंने ट्वीट के माध्यम से दे दिया।

    प्रदेश प्रभारी ने दोहराया कि कांग्रेस में संवाद की परंपरा कायम है और हर कार्यकर्ता से बातचीत जारी रहती है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में भी संवाद जारी है और अंतिम निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व ही करेगा।

  • बैतूल में दिल दहला देने वाला हत्याकांड: माता-पिता ने छोटे बेटे को बचाने के लिए अपने ऊपर लेट गए, आरोपी ने उन्हें भी मार डाला

    बैतूल में दिल दहला देने वाला हत्याकांड: माता-पिता ने छोटे बेटे को बचाने के लिए अपने ऊपर लेट गए, आरोपी ने उन्हें भी मार डाला


    बैतूल जिले के सावंगा गांव में बुधवार-गुरुवार की रात एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया 25 वर्षीय मानसिक रोगी युवक दीपक ने अपने माता-पिता और छोटे भाई की निर्मम हत्या कर दी यह घटना पूरे गांव में सनसनी फैला रही है

    घटना के अनुसार, दीपक उस समय मानसिक रूप से अस्थिर था और अचानक उसने अपने छोटे भाई दिलीप पर लोहे की सब्बल से हमला शुरू कर दिया यह देखकर उसकी माता कमलती धुर्वे और पिता हंसू धुर्वे ने छोटे बेटे को बचाने के लिए उसके ऊपर लेट गए लेकिन आरोपी ने उन्हें भी मार डाला

    उस रात घर में मौजूद पांच वर्षीय प्रशांत परते जो अपने नाना-नानी के घर पर रहा करता था ने चश्मदीद होकर सब देखा प्रशांत के पिता सुखचंद परते ने बताया कि बच्चा उस वक्त पूरी घटना के बीच सुरक्षित जगह पर छिपा हुआ था दीपक ने अपने भांजे पर भी हमला करने की कोशिश की थी लेकिन वह बच गया दुख की बात यह है कि पालतू बिल्ली भी आरोपी की हिंसक कार्रवाई की शिकार हो गई

    स्थानीय पुलिस ने बताया कि मृतकों में दीपक के माता-पिता और छोटे भाई शामिल हैं घटना के तुरंत बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आरोपी को हिरासत में लिया गया पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी अचानक हिंसक क्यों हुआ और उसके मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति क्या थी

    सावंगा गांव के लोग इस घटना से स्तब्ध हैं कई लोगों ने बताया कि दीपक पहले से मानसिक रोगी था लेकिन इतनी हिंसा की उम्मीद किसी ने नहीं की घटना ने पूरे क्षेत्र में भय और सहम पैदा कर दिया पुलिस प्रशासन ने गांव में अतिरिक्त गश्ती बढ़ा दी है और स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है

    विशेषज्ञ मानते हैं कि मानसिक रोगियों के लिए समय पर चिकित्सकीय देखभाल न होना और परिवार की सुरक्षा के उपाय न होना ऐसे हादसों की संभावना बढ़ा सकता है बच्चे और बुजुर्ग इस तरह की हिंसा में सबसे ज्यादा असुरक्षित होते हैं घटना के चश्मदीद पांच वर्षीय प्रशांत का बयान पुलिस जांच में अहम साबित हो सकता है

    बैतूल के इस दर्दनाक कांड ने पूरे जिले में सवाल खड़े कर दिए हैं कि मानसिक रोगियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और समाज की जागरूकता कितनी महत्वपूर्ण है प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों को सख्त से सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा

  • शिक्षा के विस्तार के साथ भारतीय संस्कृति से जुड़ाव आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

    शिक्षा के विस्तार के साथ भारतीय संस्कृति से जुड़ाव आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शिक्षा का विस्तार होना आवश्यक है, लेकिन इसके साथ भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों से जुड़ाव भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने यह विचार शुक्रवार शाम गांधी नगर स्थित सागर पब्लिक स्कूल के रजत जयंती समारोह में व्यक्त किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्कूल के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और सेवाभावी पदाधिकारियों का सम्मान भी किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यार्थियों का लक्ष्य केवल प्रशासनिक या पुलिस अधिकारी बनने तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्हें श्रेष्ठ शिक्षक, समर्पित जनप्रतिनिधि, कुशल व्यापारी और अच्छे किसान बनने की भावना भी विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी ऐसे प्रकल्पों से जुड़ें, जिससे वे केवल नौकरी पाने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनें।

    डॉ. यादव ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारी संस्कृति मानवीय मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने यह भी कहा कि नई तकनीक के उपयोग के साथ भारतीय संस्कृति से जुड़े रहना हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आज गूगल और अन्य वैश्विक संस्थाओं में भारतीय उच्च पदों पर कार्यरत हैं और देश का नाम रौशन कर रहे हैं।

    इस अवसर पर डॉ. यादव ने सागर समूह के स्कूल सहित सातवें शिक्षण संस्थान के शुभारंभ पर बधाई दी और समूह की शिक्षा क्षेत्र में 25 वर्ष की उपलब्धियों को सराहा। समारोह में उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा निर्मित विज्ञान मॉडल—जैसे प्लांट्स द्वारा जल प्रदूषण रोकना, विंड मिल और लाइव गार्ड मैनेजमेंट—का अवलोकन किया। साथ ही मिट्टी के शिल्प निर्माण करने वाले बच्चों से संवाद कर उनकी प्रतिभा की प्रशंसा की।

    मुख्यमंत्री ने कक्षा 10 वीं में अंशुमन मौर्य को भी सम्मानित किया, जिन्होंने 99.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया में तीसरी रैंक हासिल की।

    कार्यक्रम को रामेश्वर शर्मा ने भी संबोधित किया। समारोह की शुरुआत में सागर समूह के प्रमुख सुधीर अग्रवाल, सिद्धार्थ अग्रवाल और सागर अग्रवाल ने मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों का स्वागत किया।

    डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा सिर्फ ज्ञान देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह संस्कार, मूल्य और भारतीय संस्कृति से जुड़ाव का मार्ग भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में श्रेष्ठता, नैतिक मूल्यों और समाज के लिए योगदान देने की प्रेरणा दी।

  • जबलपुर सिहोरा विवाद: 10 और आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने दोनों पक्षों पर दर्ज की एफआईआर

    जबलपुर सिहोरा विवाद: 10 और आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने दोनों पक्षों पर दर्ज की एफआईआर


    जबलपुर के सिहोरा के आजाद चौक में गुरुवार रात हुए विवाद के बाद से माहौल धीरे-धीरे शांत हुआ लेकिन पुलिस की सतत गश्ती जारी रही लोग दहशत में थे लेकिन आवागमन सामान्य रूप से चलता रहा शुक्रवार और शनिवार की सुबह पुलिस की कई टीमों ने 10 और हंगामा करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया ये आरोपी हिंदू पक्ष से हैं और इन पर दूसरे वर्ग के धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाने का आरोप है

    इससे पहले ही पुलिस ने 49 लोगों को गिरफ्तार किया था अब तक कुल 59 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है वहीं कुछ और आरोपियों की तलाश जारी है पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है

    शुक्रवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन जब वे नहीं माने तो लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया गया पुलिस ने बताया कि मामला शांतिपूर्ण बनाने के लिए यह आवश्यक था

    पुलिस ने घटना स्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय लोगों से पूछताछ की कई असामाजिक तत्व घटना को अंजाम देकर फरार हो गए ऐसे लोगों की पहचान भी की जा रही है इस काम में स्थानीय पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच और अन्य अधिकारियों को लगाया गया है

    मामला गुरुवार रात का है जब सिहोरा के आजाद चौक में दो पक्षों में विवाद हुआ देखते ही देखते दोनों पक्षों के सैकड़ों लोग वहां जमा हो गए और एक दूसरे पर पथराव और तोड़फोड़ शुरू कर दी भगदड़ के हालात बन गए मौके पर सिहोरा समेत आसपास के थानों की पुलिस पहुंची भीड़ को खदेड़कर स्थिति को नियंत्रित किया गया

    पुलिस ने रात में ही उपद्रवियों की पहचान कर ली थी इनमें किशोर और अधिक उम्र के लोग शामिल थे कुछ को सिहोरा में ही छोड़ दिया गया जबकि लगभग 25 से 30 आरोपियों को बस से शहर के थानों में ले जाकर गिरफ्तारी और अन्य कार्रवाई की गई

    स्थानीय प्रशासन और पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और किसी भी परिस्थिति में कानून व्यवस्था को बनाए रखना प्राथमिकता है दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है विशेषज्ञ मानते हैं कि चुनावी या धार्मिक तनाव के समय ऐसे घटनाओं को रोकने के लिए सतत निगरानी और समय पर कार्रवाई जरूरी है

  • इंदौर में राजनीतिक हिंसा, भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया पथराव, जिला अध्यक्ष अस्पताल में भर्ती

    इंदौर में राजनीतिक हिंसा, भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया पथराव, जिला अध्यक्ष अस्पताल में भर्ती


    इंदौर में शनिवार को सियासी पारा चरम पर पहुंच गया जब भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए शहर के कांग्रेस मुख्यालय गांधी भवन के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं और वहां पहले से मौजूद कांग्रेसियों के बीच झड़प हो गई

    स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब भाजपा की ओर से गांधी भवन पर पथराव शुरू कर दिया गया पथराव के दौरान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े गंभीर रूप से घायल हो गए उनके सिर पर गहरी चोट आई और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया

    स्थानीय लोगों और पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना अचानक हुई और झड़प में कई अन्य कार्यकर्ता भी घायल होने के कगार पर थे मौके पर भारी संख्या में पुलिस तैनात की गई और स्थिति को नियंत्रित किया गया

    पुलिस ने बताया कि पथराव करने वालों की पहचान की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों ने घटना की निंदा की है और प्रशासन से शीघ्र जांच की मांग की है

    घटना के बाद गांधी भवन के आसपास क्षेत्र को सील कर दिया गया और हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया स्थानीय प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है

    विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी मौसम में शहरों में ऐसे सियासी तनाव बढ़ सकते हैं ऐसे मामलों में समय पर नियंत्रण और न्यायिक कार्रवाई बेहद जरूरी होती है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे

  • विवियन डीसेना: धर्म बदलकर इस्लाम अपनाया, रमजान में रोजा और पांच वक्त की नमाज, गुपचुप रचाई दूसरी शादी

    विवियन डीसेना: धर्म बदलकर इस्लाम अपनाया, रमजान में रोजा और पांच वक्त की नमाज, गुपचुप रचाई दूसरी शादी


    नई दिल्ली। टीवी के मोस्ट पॉपुलर स्टार विवियन डीसेना ने साल 2019 में अपने जीवन का बड़ा फैसला लिया और धर्म बदलकर इस्लाम अपनाया। इस बदलाव के बाद उन्होंने मिस्र की नागरिक नौरान से गुपचुप शादी रचाई। विवियन की पहली शादी टीवी अभिनेत्री वाहबिज दोराबजी से 2013 में हुई थी, लेकिन कुछ सालों बाद तलाक हो गया। इसके बाद उन्होंने अपने निजी जीवन और आस्था के अनुसार नई राह चुनी।

    विवियन ने खुलासा किया कि इस्लाम धर्म अपनाने के बाद उन्होंने अपनी आस्था और जीवनशैली में कई बदलाव किए। वे अब पांच वक्त की नमाज नियमित रूप से पढ़ते हैं और रमजान के महीने में रोजा रखते हैं। उन्होंने बताया कि उनका रोजा बहुत सादगी से खुलता है—तीन खजूर, एक गिलास दूध और थोड़ा पानी। इसके अलावा, वे घर पर विशेष ‘डेट मिल्क’ तैयार करते हैं जिसमें खजूर, शहद, सूखे मेवे और ताजे फल मिलाते हैं। इस परंपरा के माध्यम से वे अपनी इफ्तार करते हैं।

    HT को दिए इंटरव्यू में विवियन ने कहा कि रमजान उनका जीवन बदलने वाला महीना रहा। उन्होंने बताया, “रमजान आस्था का महीना है। यह हमें संस्कार और मूल्य सिखाता है। इस दौरान हमें यह भी समझ आता है कि जिन लोगों के पास भोजन नहीं है, वे किस तरह की कठिनाइयों से गुजरते हैं।” विवियन ने यह भी कहा कि रमजान का महीना हमारी आदतों को ‘रीसेट’ करने और आत्म-अनुशासन बढ़ाने का अवसर है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि उन्हें अपनी सुबह की कॉफी छोड़नी पड़ती है, और पानी भी नहीं पीते। इससे शरीर वैज्ञानिक रूप से 30 दिनों के लिए ‘डिटॉक्स मोड’ में चला जाता है।

    विवियन ने जकात (चैरिटी) देने की भी अहमियत पर जोर दिया और कहा कि वह अपनी क्षमता के अनुसार दान करते हैं। उनका मानना है कि चैरिटी का उद्देश्य केवल प्रचारित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे एक जिम्मेदारी के रूप में निभाना चाहिए।

    विवियन की निजी जिंदगी भी चर्चा में रही है। धर्म परिवर्तन और दूसरी शादी के बाद उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, लेकिन इसका असर उनके खुशहाल जीवन पर नहीं पड़ा। विवियन और नौरान अब साथ में संतुलित और खुशहाल जीवन जी रहे हैं। वे अपने करियर और परिवार दोनों में संतुलन बनाए हुए हैं।

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पांच वक्त की नमाज और रोजा उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं, चाहे रमजान का महीना हो या न हो। विवियन का यह अनुभव यह दिखाता है कि चाहे जीवन में कितनी भी चुनौतियाँ आएं, आस्था और अपने सिद्धांतों का पालन हमेशा मार्गदर्शक होता है।

    विवियन डीसेना की कहानी बताती है कि धर्म और आस्था के बदलाव से जीवन में स्थिरता और संतुलन पाया जा सकता है, और निजी निर्णयों को अपनाकर भी कोई व्यक्ति खुशहाल और संतुलित जीवन जी सकता है।

  • मऊगंज में आरटीओ चेकिंग पर बवाल, 2 ट्रक चालकों ने सड़क पर मचाया उत्पात, झोपड़ी में लगाई आग

    मऊगंज में आरटीओ चेकिंग पर बवाल, 2 ट्रक चालकों ने सड़क पर मचाया उत्पात, झोपड़ी में लगाई आग


    मऊगंज । मध्यप्रदेश मऊगंज जिले में रीवा हनुमना मुख्य मार्ग पर आरटीओ चेकिंग के दौरान हंगामा मच गया। जानकारी के अनुसार, चेकपोस्ट पर वाहनों की नियमित जांच की जा रही थी। इसी दौरान दो ट्रक, MP 20 HB 6128 और UP 63 CT 3122 के चालकों ने अपने वाहन सड़क पर आड़े खड़े कर दिए। इस कारण मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया और वाहन चालक परेशान होने लगे।

    स्थानीय लोगों और अन्य वाहन चालकों के अनुसार, दोनों ट्रक चालकों ने न केवल चेकिंग का विरोध किया, बल्कि अन्य वाहन चालकों को भी इसे लेकर उकसाया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात आरटीओ कर्मचारियों से गाली-गलौज की और माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। स्थिति बिगड़ने पर आरटीओ प्रभारी अशोक शर्मा मौके पर पहुंचे और समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद और बढ़ गया।

    इस दौरान एक स्थानीय युवक भी घटनास्थल पर पहुंच गया और कथित रूप से अधिकारियों से अभद्र व्यवहार करते हुए धमकी देने लगा। तनावपूर्ण माहौल के बीच कुछ लोगों ने सड़क किनारे बनी झोपड़ी और वहां रखी कुर्सियों में आग लगा दी। आगजनी से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और आरटीओ चेकिंग की कार्रवाई रोकनी पड़ी।

    घटना में सौभाग्य से किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, आगजनी और उत्पात के कारण मौके पर उपस्थित अन्य वाहन चालकों में डर और असुरक्षा की स्थिति बनी रही। आरटीओ और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की।

    पुलिस ने झोपड़ी में आग लगाने और सड़क पर उत्पात मचाने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरटीओ कार्यालय के अधिकारियों ने भी बताया कि घटना की पूरी रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के हंगामे से ट्रैफिक और आम जनता की सुरक्षा प्रभावित होती है, इसलिए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय लोगों ने कहा कि यह घटना मुख्य मार्ग पर रोजमर्रा की जिंदगी और आवाजाही के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकती थी। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी ताकि सड़क पर यातायात सुचारु रूप से चलता रहे।

    मौके पर उपस्थित आरटीओ और पुलिस टीम ने लोगों को समझाया और सड़क पर लगे जाम को तुरंत हटाया। अधिकारियों ने वाहन चालकों और स्थानीय लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की।

  • टैरिफ वॉर और कमजोर अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने सोने को बनाया सुरक्षित निवेश, दिल्ली-मुंबई-इंदौर में रिकॉर्ड रेट्स

    टैरिफ वॉर और कमजोर अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने सोने को बनाया सुरक्षित निवेश, दिल्ली-मुंबई-इंदौर में रिकॉर्ड रेट्स


    अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजारों में सोने की कीमतों ने निवेशकों को चौका दिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख और कमजोर आर्थिक आंकड़ों ने वैश्विक सर्राफा बाजार में भूचाल ला दिया शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को अवैध करार दिया और रद्द कर दिया इसके जवाब में ट्रंप ने पूरी दुनिया पर 10% का नया ग्लोबल टैरिफ लगाने की घोषणा की इस राजनीतिक उठापटक के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने की ओर बढ़ गए

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में 1.5% से अधिक तेजी देखी गई स्पॉट गोल्ड $5071.48 प्रति औंस पर पहुंच गया जबकि गोल्ड फ्यूचर्स अप्रैल डिलीवरी 1.7% की बढ़त के साथ $5080.90 पर बंद हुआ इस तेजी को अमेरिकी चौथी तिमाही जीडीपी 1.4% में गिरने के आंकड़े से भी समर्थन मिला जो अनुमानित 3% से काफी कम था सरकारी शटडाउन और कम उपभोक्ता खर्च ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की गति धीमी कर दी

    भारत में भी सोने के दाम मजबूती दिखा रहे हैं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज MCX पर अप्रैल का फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट ₹156993 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ वहीं इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन IBJA के अनुसार 24 कैरेट सोना ₹155066, 23 कैरेट ₹154445, 22 कैरेट ₹142040, 18 कैरेट ₹116300 और 14 कैरेट ₹90714 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है

    शहरवार सोने के भाव भी उभरे दिल्ली में 24 कैरेट ₹157520 और 22 कैरेट ₹144400 मुंबई में 24 कैरेट ₹157370 और 22 कैरेट ₹144250 इंदौर में 24 कैरेट ₹157420 और 22 कैरेट ₹144300 रिकॉर्ड किए गए निवेशकों का रुझान सुरक्षित धातु की ओर बढ़ गया है

    स्वतंत्र धातु व्यापारी ताई वोंग का मानना है कि ट्रंप हार मानने वालों में से नहीं हैं वे टैरिफ फिर से लगाने के अन्य कानूनी रास्तों की तलाश करेंगे इससे बाजार में अस्थिरता बढ़ेगी हालांकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद वॉल स्ट्रीट के प्रमुख स्टॉक इंडेक्स में उछाल देखा गया लेकिन सोने की चमक आर्थिक अनिश्चितता के कारण बरकरार है

    विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक टैरिफ विवाद, अमेरिकी आर्थिक धीमी गति और सुरक्षित निवेश की मांग ने सोने की कीमतों को मजबूती दी निवेशक इस समय किसी भी जोखिम से बचने के लिए सोने और अन्य कीमती धातुओं की ओर आकर्षित हो रहे हैं यह प्रवृत्ति आने वाले हफ्तों में भी जारी रहने की संभावना है

    अंतरराष्ट्रीय भूचाल और अमेरिकी कोर्ट फैसले के बाद सोने की कीमतों में तेजी न सिर्फ निवेशकों बल्कि घरेलू खरीदारों के लिए भी संकेत है इस दौर में सोने का बाजार लगातार अपडेट हो रहा है और शहरवार रेट्स निवेशकों के लिए मार्गदर्शन का काम कर रहे हैं

  • AI समिट विवाद पर ग्वालियर में BJP युवा मोर्चा ने राहुल गांधी का पुतला फूंका, कांग्रेस कार्यालय पर तनाव

    AI समिट विवाद पर ग्वालियर में BJP युवा मोर्चा ने राहुल गांधी का पुतला फूंका, कांग्रेस कार्यालय पर तनाव


    ग्वालियर । दिल्ली की एआई इंपैक्ट समिट को लेकर राजनीतिक तनाव ग्वालियर में भी देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस द्वारा समिट में किए गए हंगामे के विरोध में राहुल गांधी का पुतला दहन किया। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी अपने विरोध में पार्टी कार्यालय के बाहर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस की सख्त मौजूदगी के कारण उन्हें यह काम करने से रोका गया।

    आज मध्य प्रदेश में BJP युवा मोर्चा द्वारा संभाग स्तर पर जंगी प्रदर्शन का ऐलान किया गया था। इसी क्रम में नदी गेट चौराहे से शिंदे की छावनी स्थित कांग्रेस कार्यालय तक युवा मोर्चा ने भारी संख्या में रैली निकाली। रैली में शामिल कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के पुतले के विरोध में नारे लगाए और भाजपा की ओर से विरोध प्रदर्शन को जोरदार रूप दिया।

    कांग्रेस कार्यालय की ओर रैली की ओर बढ़ते कार्यकर्ताओं को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की। हालांकि युवा मोर्चा के कई कार्यकर्ता बैरिकेड तोड़ते हुए कार्यालय के पास पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता भी कार्यालय के बाहर पार्टी का झंडा लहराते हुए नारेबाजी करते नजर आए। दो घंटे तक लगातार तनाव और टकराव की स्थिति बनी रही लेकिन बड़ी अप्रिय घटना टल गई।

    अंततः भाजपा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रतीक तिवारी ने राहुल गांधी का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन को अंजाम दिया। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी पीएम मोदी का पुतला जलाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते वह मौके से पुतला लेकर गायब हो गए। पुलिस ने बाद में कांग्रेस कार्यालय में पीएम मोदी का पुतला खोजने की कोशिश की लेकिन पुतला नहीं मिला। फिलहाल कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि शहर में दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति और प्रदर्शन ने माहौल तनावपूर्ण बना दिया था। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस फोर्स और बैरिकेडिंग का इंतजाम किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए समय पर कार्रवाई की गई और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्कता बरती गई।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि AI समिट जैसे कार्यक्रमों को लेकर दोनों पक्षों के कार्यकर्ता भावनाओं में बहकर प्रदर्शन करते हैं जो चुनावी और राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित करता है। ग्वालियर में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक तनाव दोनों पर ध्यान केंद्रित किया।