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  • 100 कैमरे 22 लाख की रिकवरी ग्वालियर में पुलिस ने पेश की ईमानदारी की अनोखी कहानी

    100 कैमरे 22 लाख की रिकवरी ग्वालियर में पुलिस ने पेश की ईमानदारी की अनोखी कहानी


    ग्वालियर । ग्वालियर में पुलिस की ईमानदारी और तेज कार्यप्रणाली की एक सराहनीय मिसाल सामने आई है जहां मुरार बाजार में सड़क पर गिरे करीब 22 लाख रुपये मूल्य के सोने के गहने पुलिस ने न केवल बरामद किए बल्कि उन्हें सुरक्षित रूप से असली मालिक तक भी पहुंचा दिया यह पूरी घटना 20 अप्रैल की है जब आदित्यपुरम निवासी कृपाल सिंह गुर्जर अपनी बहन के साथ शादी की खरीदारी के लिए मुरार बाजार पहुंचे थे

    खरीदारी के दौरान कार से उतरते समय उनकी बहन के हाथ से गहनों से भरा बैग अनजाने में सड़क पर गिर गया इस बैग में एक सोने का हार और तीन अंगूठियां थीं जिनका कुल वजन लगभग 15 तोला बताया गया और कीमत करीब 22 लाख रुपये आंकी गई

    बैग खोने की जानकारी मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया जिसके बाद तुरंत मुरार थाना पुलिस को सूचना दी गई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की और बाजार क्षेत्र में लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की

    लगातार जांच के दौरान फुटेज में दो महिलाएं सड़क से बैग उठाकर ले जाती हुई दिखाई दीं इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और रूट ट्रैकिंग के आधार पर दोनों महिलाओं की पहचान की और उनके घर तक पहुंच बनाई

    जब पुलिस टीम चिन्हित स्थान पर पहुंची तो वहां रहने वाली दोनों महिलाएं जो रिश्ते में देवरानी और जेठानी बताई जा रही हैं उन्होंने गहनों से भरा बैग बिना किसी विवाद के पुलिस के सुपुर्द कर दिया महिलाओं ने बताया कि उन्होंने बैग खोला भी नहीं था क्योंकि उन्हें डर था कि मामला संदिग्ध हो सकता है

    पुलिस ने मौके पर बैग की जांच की तो सभी गहने सुरक्षित और ज्यों के त्यों पाए गए इसके बाद फरियादी परिवार को थाने बुलाकर पूरे गहने विधिवत रूप से वापस सौंप दिए गए अधिकारियों के अनुसार महिलाओं से पूछताछ भी की गई लेकिन उनकी नीयत में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं पाई गई इसलिए उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई

    यह घटना न केवल ग्वालियर पुलिस की सक्रियता और तकनीकी दक्षता को दर्शाती है बल्कि आम नागरिकों की ईमानदारी का भी उदाहरण पेश करती है जिससे समाज में भरोसे और नैतिकता का संदेश मजबूत हुआ है

  • चुनावी माहौल गरम: तृणमूल कांग्रेस का दावा-डर के बिना करें मतदान, विपक्ष पर साधा निशाना

    चुनावी माहौल गरम: तृणमूल कांग्रेस का दावा-डर के बिना करें मतदान, विपक्ष पर साधा निशाना

    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के तहत मतदान जारी है। दोनों राज्यों में सुबह से ही मतदाताओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और कई बड़े नेताओं ने जनता से मतदान करने की अपील की है।

    BJP नेता का विवादित बयान
    पश्चिम बंगाल में वोटिंग के बीच बीजेपी नेता अग्निमित्रा पॉल ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर ममता बनर्जी चुनाव जीतती हैं, तो राज्य अलग देश बन सकता है। उन्होंने चुनाव में गड़बड़ी की आशंका भी जताई और इसे “संस्कृति बचाने की लड़ाई” बताया।

    TMC की अपील – डर के बिना करें मतदान
    वहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने जनता से अपील की है कि वे बिना किसी डर के मतदान करें। पार्टी ने कहा कि हर मतदाता को अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए राज्य के विकास और सम्मान के लिए वोट देना चाहिए।

    राजनाथ सिंह ने की ज्यादा मतदान की अपील
    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर मतदाताओं से बड़ी संख्या में वोट डालने की अपील की। उन्होंने खासकर महिलाओं, युवाओं और पहली बार वोट करने वालों से लोकतंत्र को मजबूत बनाने में भागीदारी करने को कहा।

    तमिलनाडु में सितारों ने डाला वोट
    तमिलनाडु में भी मतदान के दौरान कई बड़े फिल्मी सितारे मतदान केंद्रों पर पहुंचे। सुपरस्टार रजनीकांत ने वोट डाला, वहीं अभिनेता-राजनेता कमल हासन अपनी बेटी श्रुति हासन के साथ वोट देने पहुंचे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मतदाताओं से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह चुनाव समानता, न्याय और स्वतंत्रता को बनाए रखने का अवसर है।

    विजय ने कड़ी सुरक्षा में किया मतदान
    अभिनेता-राजनेता विजय ने चेन्नई में कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान किया। उनके मतदान केंद्र पर भारी भीड़ देखने को मिली।

    सुवेंदु अधिकारी का बयान
    बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में वोट डालने के बाद कहा कि राज्य में बदलाव जरूरी है। उन्होंने चुनाव में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए और सख्त कार्रवाई की मांग की।

    हाई-वोल्टेज सीट बना नंदीग्राम
    नंदीग्राम सीट इस चुनाव का सबसे चर्चित मुकाबला बनी हुई है, जहां ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं। बंगाल और तमिलनाडु में जारी मतदान के साथ ही राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। एक तरफ बड़े-बड़े बयान और आरोप-प्रत्यारोप हो रहे हैं, तो दूसरी ओर सभी दल मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील कर रहे हैं। अब सबकी नजरें चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।

  • जबलपुर में दर्दनाक हादसा बरगी नहर में नहाते समय डूबी तीन लड़कियां सर्चिंग जारी

    जबलपुर में दर्दनाक हादसा बरगी नहर में नहाते समय डूबी तीन लड़कियां सर्चिंग जारी

    जबलपुर । जबलपुर से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है जहां बरगी नहर में नहाने गई तीन लड़कियां डूब गईं यह हादसा बरगी थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुआ बताया जा रहा है कि नहाने के दौरान अचानक पैर फिसल जाने से तीनों लड़कियां तेज बहाव वाले पानी में बह गईं और देखते ही देखते गहराई में समा गईं जिससे मौके पर अफरा तफरी मच गई

    घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और एनडीआरएफ की टीम के साथ पुलिस बल मौके पर पहुंच गया रेस्क्यू टीम ने तत्काल सर्चिंग ऑपरेशन शुरू किया लेकिन पानी का बहाव और गहराई राहत कार्य में बाधा बन रही थी

    स्थिति को देखते हुए बरगी बांध से नहर का पानी बंद कराया गया ताकि सर्चिंग ऑपरेशन को तेज किया जा सके और डूबे हुए लोगों की तलाश आसान हो सके मौके पर मौजूद बचाव दल लगातार नहर में खोजबीन कर रहा है लेकिन अभी तक तीनों लड़कियों का कोई सुराग नहीं मिल सका है

    बताया जा रहा है कि डूबी हुई तीनों लड़कियां शादी समारोह में शामिल होने के लिए अपने रिश्तेदार के घर आई हुई थीं और गुरुवार को नहाने के लिए बरगी नहर पहुंची थीं जहां यह दर्दनाक हादसा हो गया अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार और स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है

    घटना के बाद से ही परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है वहीं पूरे इलाके में मातम का माहौल है प्रशासन की ओर से लगातार राहत और बचाव कार्य जारी है एनडीआरएफ की टीम हर संभव प्रयास कर रही है कि जल्द से जल्द लड़कियों का पता लगाया जा सके फिलहाल बरगी नहर क्षेत्र में सर्चिंग ऑपरेशन जारी है और पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है यह हादसा एक बार फिर जलस्रोतों के पास सावधानी बरतने की जरूरत को उजागर करता है

  • गोरखपुर में कूड़े से बना ईको पार्क, यूपी में कचरा प्रबंधन बना आत्मनिर्भरता की मिसाल

    गोरखपुर में कूड़े से बना ईको पार्क, यूपी में कचरा प्रबंधन बना आत्मनिर्भरता की मिसाल


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गृह जनपद गोरखपुर को एक नई विकास पहचान देते हुए एक ऐसे मॉडल का लोकार्पण किया है, जिसने कचरा प्रबंधन और शहरी सौंदर्यीकरण की दिशा में नया मानक स्थापित किया है। गोरखपुर में तैयार किया गया भव्य ईको पार्क अब उस सोच का प्रतीक बन चुका है, जिसमें कूड़े और मलबे जैसी समस्या को अवसर में बदलकर एक उपयोगी और सुंदर संरचना का निर्माण किया गया है। इस परियोजना के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और सही योजना से किसी भी गंभीर समस्या का स्थायी समाधान संभव है।

    यह स्थान कभी शहर के सबसे बड़े कचरा डंपिंग ग्राउंड के रूप में जाना जाता था, जहां वर्षों से जमा कूड़े और गंदगी ने आसपास के वातावरण को प्रभावित कर रखा था। दुर्गंध और प्रदूषण के कारण स्थानीय लोगों को लंबे समय तक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन सरकार की पहल और वैज्ञानिक तकनीक के उपयोग से इस पूरे क्षेत्र को पूरी तरह बदल दिया गया। अब यही स्थान एक सुंदर ईको पार्क के रूप में विकसित हो चुका है, जो न केवल पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण है बल्कि शहरी विकास की नई दिशा भी दिखाता है।

    इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां मौजूद कचरे और मलबे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण कर उसका पुनः उपयोग किया गया। हजारों टन कचरे को प्रोसेस कर न केवल जमीन को सुरक्षित बनाया गया, बल्कि उसी सामग्री का उपयोग पार्क की संरचना, रास्तों और ऊंचे हिस्सों के निर्माण में किया गया। यह प्रक्रिया ‘कूड़े से कंचन’ की अवधारणा को वास्तविकता में बदलने का उदाहरण बन गई है, जिससे यह साबित होता है कि कचरा भी सही तकनीक के माध्यम से मूल्यवान संसाधन बन सकता है।

    ईको पार्क के भीतर हरियाली और पर्यावरण संतुलन पर विशेष ध्यान दिया गया है। यहां लगाए गए हजारों पेड़-पौधे अब न केवल वातावरण को शुद्ध कर रहे हैं बल्कि शहर के तापमान और प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पार्क में बच्चों के लिए मनोरंजन क्षेत्र, वॉकिंग ट्रैक और बैठने की आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिनमें कई संरचनाएं पुनर्चक्रित सामग्री से तैयार की गई हैं। इससे यह संदेश भी मिलता है कि संसाधनों का पुनः उपयोग कर सुंदर और उपयोगी संरचनाएं बनाई जा सकती हैं।

    मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को गोरखपुर के विकास की नई पहचान बताते हुए कहा कि यह मॉडल अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति मजबूत हो तो न केवल शहरी समस्याओं का समाधान संभव है, बल्कि उन्हें विकास के अवसर में भी बदला जा सकता है। यह परियोजना इस बात का प्रमाण है कि सही सोच और तकनीक के साथ किसी भी शहर की तस्वीर और तकदीर दोनों बदली जा सकती हैं।

    स्थानीय लोगों के लिए यह ईको पार्क किसी नए जीवन की शुरुआत जैसा है। जहां पहले कूड़े का ढेर और गंदगी का वातावरण था, वहां अब लोग सुबह की सैर, योग और परिवार के साथ समय बिताने के लिए आते हैं। इस परिवर्तन ने न केवल आसपास के क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाई है बल्कि लोगों के जीवन स्तर और संपत्ति मूल्य में भी सकारात्मक बदलाव लाया है।

    गोरखपुर का यह ईको पार्क अब सिर्फ एक विकास परियोजना नहीं बल्कि एक प्रेरणादायक मॉडल बन चुका है, जो यह दिखाता है कि यदि इच्छाशक्ति और सही दृष्टिकोण हो तो सबसे बड़ी समस्याओं को भी सफलता की कहानी में बदला जा सकता है।

  • West Bengal Elections 2026 के बीच सियासी वार-पलटवार तेज, पीएम मोदी ने TMC को घेरा

    West Bengal Elections 2026 के बीच सियासी वार-पलटवार तेज, पीएम मोदी ने TMC को घेरा


    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण की वोटिंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नादिया जिले में जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला।

    ‘झालमुड़ी’ बयान से सियासत गरम
    रैली के दौरान पीएम मोदी ने कहा, “झालमुड़ी मैंने खाई, लेकिन मिर्ची तृणमूल कांग्रेस (TMC) वालों को लगी है। उनके इस बयान के बाद चुनावी माहौल और ज्यादा गरमा गया है।

    ‘4 मई को बंगाल में खिलेगा कमल’
    पीएम मोदी ने दावा किया कि 4 मई को पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत तय है।
    उन्होंने कहा कि उस दिन पूरे राज्य में जीत का जश्न मनाया जाएगा और मिठाइयों के साथ झालमुड़ी भी बांटी जाएगी।

    ‘50 साल में सबसे कम हिंसा वाला चुनाव’
    प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पिछले 50 वर्षों में पहला चुनाव है, जिसमें हिंसा सबसे कम देखने को मिली है। उन्होंने Election Commission of India की तारीफ करते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने लोकतंत्र की गरिमा को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है।

    अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना
    पीएम मोदी ने सरकारी कर्मचारियों और चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि अब तक मिले आंकड़ों के अनुसार, इस बार मतदाताओं की भागीदारी भी रिकॉर्ड स्तर पर है। पश्चिम बंगाल में मतदान के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पीएम मोदी के बयान ने चुनावी माहौल को और गर्मा दिया है। अब सभी की नजरें आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो राज्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे।

  • सीहोर को जल्द मिलेगी रेल सौगात ,इंदौर-जबलपुर ओवरनाइट ,एक्सप्रेस का होगा ठहराव

    सीहोर को जल्द मिलेगी रेल सौगात ,इंदौर-जबलपुर ओवरनाइट ,एक्सप्रेस का होगा ठहराव


    सीहोर । सीहोर जिले के रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है जहां जल्द ही इंदौर जबलपुर ओवरनाइट एक्सप्रेस का ठहराव सीहोर रेलवे स्टेशन पर शुरू हो सकता है इस प्रस्ताव को लेकर क्षेत्र के सांसद आलोक शर्मा ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की और यह बहुप्रतीक्षित मांग उनके सामने रखी जिसके बाद रेल मंत्री ने इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए मंजूरी का आश्वासन दिया है

    इस मुलाकात के दौरान सांसद ने स्पष्ट रूप से बताया कि सीहोर जिले में रेल सेवाओं का विस्तार समय की आवश्यकता बन चुका है क्योंकि यहां से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री इंदौर जबलपुर और अन्य प्रमुख शहरों की ओर यात्रा करते हैं वर्तमान में सीहोर स्टेशन पर सीमित ट्रेनों का ही ठहराव है जिससे यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है

    सांसद ने यह भी उल्लेख किया कि सीहोर संसदीय क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल कुबेरेश्वर धाम में देश भर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं ऐसे में बेहतर रेल कनेक्टिविटी की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है इसके अलावा जिले में शैक्षणिक व्यापारिक और प्रशासनिक गतिविधियों में लगातार वृद्धि हो रही है जिससे रेलवे सेवाओं पर दबाव बढ़ा है

    इसी को ध्यान में रखते हुए गाड़ी संख्या 22191 और 22192 इंदौर जबलपुर ओवरनाइट एक्सप्रेस के सीहोर स्टेशन पर ठहराव की मांग को प्रमुखता से रखा गया है जिससे न केवल स्थानीय यात्रियों को सुविधा मिलेगी बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा रेल मंत्री द्वारा इस मांग पर सकारात्मक संकेत मिलने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी मिल जाएगी और सीहोर को एक महत्वपूर्ण रेल कनेक्टिविटी की सौगात मिल सकेगी

    स्थानीय लोगों में इस संभावित निर्णय को लेकर उत्साह देखा जा रहा है क्योंकि लंबे समय से सीहोर स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग की जा रही थी यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो सीहोर से इंदौर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों तक यात्रा और अधिक सुगम और तेज हो जाएगी जिससे क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी

  • Wankhede Pitch Report: हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद, Mumbai Indians-Chennai Super Kings मैच में चौकों-छक्कों की बारिश

    Wankhede Pitch Report: हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद, Mumbai Indians-Chennai Super Kings मैच में चौकों-छक्कों की बारिश


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में आज Mumbai Indians और Chennai Super Kings (MI vs CSK) के बीच वानखेड़े स्टेडियम में बड़ा मुकाबला खेला जाएगा। यह मैच दोनों टीमों के लिए काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि दोनों ही टीमें इस सीजन में स्थिर प्रदर्शन की तलाश में हैं।

    MI vs CSK: वानखेड़े की पिच रिपोर्ट, बल्लेबाजों का रहेगा बोलबाला
    मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम हमेशा से बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग माना जाता है। यहां की पिच फ्लैट होती है और बाउंड्री छोटी होने के कारण बड़े स्कोर बनना आम बात है। इस सीजन में भी यहां खेले गए मुकाबलों में 190 से ज्यादा रन लगातार बने हैं और औसत स्कोर 200 के आसपास पहुंच गया है।

    शुरुआत में तेज गेंदबाजों को थोड़ी स्विंग मिल सकती है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है बल्लेबाजी आसान होती जाती है। ऐसे में दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम को फायदा मिल सकता है और टॉस जीतने वाली टीम गेंदबाजी चुन सकती है।

    दोनों टीमों के लिए अहम मुकाबला, बराबरी की टक्कर
    इस मुकाबले को आईपीएल का ‘एल क्लासिको’ भी कहा जाता है क्योंकि दोनों टीमों के बीच हमेशा कड़ी टक्कर देखने को मिलती है। हेड टू हेड रिकॉर्ड में मुंबई इंडियंस को हल्की बढ़त हासिल है, जिससे उनका आत्मविश्वास मजबूत रहेगा।

    दोनों टीमों के पास मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप है जो इस पिच पर बड़ा स्कोर खड़ा कर सकती है। वहीं गेंदबाजों के लिए चुनौती यह होगी कि वे रन रोकने के साथ विकेट भी निकालें।

    कुल मिलाकर, वानखेड़े की पिच एक बार फिर हाई स्कोरिंग मैच का संकेत दे रही है और फैंस को एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है जहां आखिरी ओवर तक जीत हार का फैसला हो सकता है।

  • बढ़ती गर्मी और हीटवेव के कारण बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे अधिक खतरा है..

    बढ़ती गर्मी और हीटवेव के कारण बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे अधिक खतरा है..


    नई दिल्ली । देश के कई हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और हीटवेव की स्थिति लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। ऐसे मौसम में सबसे अधिक जोखिम बच्चों और बुजुर्गों को होता है, क्योंकि उनका शरीर तापमान को सामान्य रूप से नियंत्रित करने में सक्षम नहीं होता। इसके कारण वे जल्दी डिहाइड्रेशन और लू जैसी समस्याओं की चपेट में आ सकते हैं, जो कई बार गंभीर स्थिति भी पैदा कर सकती हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों का शरीर पूरी तरह विकसित नहीं होता और उनकी पसीने की ग्रंथियां भी कम सक्रिय होती हैं, जिससे शरीर से गर्मी बाहर निकलने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। दूसरी ओर, बुजुर्गों में उम्र बढ़ने के साथ शरीर की सहनशीलता कम हो जाती है और कई बार स्वास्थ्य समस्याओं या दवाइयों के प्रभाव के कारण भी शरीर तापमान को संतुलित नहीं कर पाता। यही कारण है कि ये दोनों वर्ग गर्मी के मौसम में अधिक संवेदनशील माने जाते हैं।

    लू लगने की स्थिति में कई शुरुआती संकेत दिखाई देते हैं, जैसे तेज सिरदर्द, चक्कर आना, अत्यधिक पसीना आना, कमजोरी महसूस होना और मतली जैसी समस्या। यदि इन लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए तो स्थिति गंभीर हो सकती है, इसलिए समय पर सावधानी और इलाज बेहद जरूरी है।

    इस मौसम में सबसे महत्वपूर्ण उपाय पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन है। बच्चों और बुजुर्गों को नियमित अंतराल पर पानी पिलाना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। इसके अलावा नींबू पानी, छाछ और ओआरएस जैसे पेय भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं।

    धूप से बचाव भी उतना ही जरूरी है। बाहर निकलते समय हल्के और सूती कपड़े पहनने चाहिए, सिर को ढकना चाहिए और आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा पहनना चाहिए। विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि दोपहर के समय, जब धूप सबसे तेज होती है, बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर ही रखा जाए।

    खानपान पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। भारी, तैलीय और मसालेदार भोजन से बचना चाहिए और हल्का, पौष्टिक तथा आसानी से पचने वाला भोजन लेना चाहिए। ताजे फल, सब्जियां और दही शरीर को ठंडक देने में मदद करते हैं। साथ ही, अत्यधिक कैफीन और शराब जैसे पेय पदार्थों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है, क्योंकि ये शरीर को और अधिक डिहाइड्रेट कर सकते हैं।

    घर के वातावरण को ठंडा रखना भी महत्वपूर्ण है। पंखे, कूलर या एसी का उपयोग करके कमरे का तापमान नियंत्रित किया जा सकता है। बच्चों और बुजुर्गों की नियमित निगरानी आवश्यक है ताकि किसी भी असामान्य स्थिति में तुरंत कदम उठाया जा सके। यदि किसी को लू लगने का संदेह हो तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाकर शरीर को ठंडा करना चाहिए और चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

  • लोन दिलाने के नाम पर टीचर से 9 लाख की ठगी, दलाल ने नकद और जेवर लेकर किया फरार

    लोन दिलाने के नाम पर टीचर से 9 लाख की ठगी, दलाल ने नकद और जेवर लेकर किया फरार


    नई दिल्ली । डिंडोरी जिले में लोन दिलाने के नाम पर एक शिक्षक से लाखों की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सिटी कोतवाली क्षेत्र में दलालों के जाल में फंसे शिक्षक से करीब 9 लाख रुपए की धोखाधड़ी कर ली गई। आरोपी ने एक लाख रुपए नकद और करीब 8 लाख रुपए के जेवरात अपने कब्जे में ले लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
    ट्रैक्टर की ईएमआई के चलते फंसे शिक्षक
    मेहदवानी जनपद के कलगी टोला निवासी शिक्षक नारायण पन्द्राम आर्थिक परेशानी से जूझ रहे थे। उनके ट्रैक्टर की ईएमआई लगातार बाउंस हो रही थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात गांव के दुर्गेश सोनवानी से हुई, जिसने पहले एक परिचित को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से लोन दिलवाया था। भरोसे में आकर शिक्षक ने उससे मदद मांगी।
    KCC लोन का झांसा देकर वसूले पैसे
    दुर्गेश ने शिक्षक को केसीसी लोन दिलाने का झांसा दिया और सर्च रिपोर्ट बनवाने के नाम पर 20 हजार रुपए ले लिए। जब लोन नहीं मिला और शिक्षक ने पैसे वापस मांगे, तो दुर्गेश ने उन्हें एक अन्य दलाल ब्रजेश टांडिया से मिलवाया, जो कथित रूप से बड़े बैंक अधिकारियों से संपर्क होने का दावा करता था।
    जेवर गिरवी रखकर लिया गया पैसा
    ब्रजेश ने शिक्षक को बड़ा लोन दिलाने का भरोसा दिलाते हुए बैलेंस ट्रांसफर कराने की बात कही। इसके बाद उसने शिक्षक को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कैंटीन में बुलाकर उनके जेवरात की जानकारी ली। फिर मंडला बस स्टैंड के पास अपने परिचित जनक राठौर के पास 414 ग्राम सोना और 20 ग्राम चांदी के जेवर अमानत के रूप में रखवा दिए, जिसके बदले में 1.45 लाख रुपए दिलाए गए।
    नकद रकम भी ठगी, फिर बंद किया संपर्क
    इसके बाद आरोपी ने 13 और 14 फरवरी को ट्रैक्टर की ईएमआई भरने के नाम पर शिक्षक से 50-50 हजार रुपए, कुल 1 लाख रुपए नकद भी ले लिए। यह रकम शिक्षक ने उधार लेकर दी थी। कुछ दिनों बाद जब शिक्षक ने संपर्क करना चाहा, तो ब्रजेश ने फोन उठाना बंद कर दिया।
    सच सामने आते ही पहुंचा पुलिस के पास
    जब शिक्षक मंडला जाकर जनक राठौर से मिले, तो उन्हें भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
    पुलिस जांच में जुटी, आरोपियों पर शिकंजा कसने की तैयारी
    सिटी कोतवाली पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में लोन के नाम पर सक्रिय दलालों को लेकर चिंता बढ़ गई है।

  • पश्चिम बंगाल चुनाव: पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, विकास और सुशासन पर उठाए सवाल

    पश्चिम बंगाल चुनाव: पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, विकास और सुशासन पर उठाए सवाल


    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच राज्य का राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है, जहां मतदान के साथ-साथ चुनावी सभाओं में नेताओं के तीखे बयान चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। इसी क्रम में कृष्णानगर में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोला। अपने भाषण में उन्होंने राजनीतिक व्यंग्य, विकास के मुद्दों और जनता के मूड को मिलाकर कई अहम बातें कहीं, जिससे सभा में मौजूद लोगों में उत्साह देखा गया।

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि उन्होंने हाल ही में झालमुड़ी का स्वाद लिया है, लेकिन उसकी ‘झाल’ यानी तीखापन तृणमूल कांग्रेस को महसूस हो रहा है। उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया और लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने कहा कि इस बार राज्य में बदलाव की लहर साफ दिखाई दे रही है और जनता बड़ी संख्या में मतदान कर रही है, जो लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है।

    अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने दावा किया कि पिछले कई वर्षों की तुलना में इस बार चुनावी माहौल अधिक शांतिपूर्ण रहा है और हिंसा की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और चुनावी व्यवस्था की सराहना की और कहा कि यह लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है और लोग खुलकर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।

    प्रधानमंत्री ने राज्य के विकास को लेकर भी कई सवाल उठाए और कहा कि पिछले वर्षों में रोजगार, उद्योग और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई वादों के बावजूद औद्योगिक विकास प्रभावित हुआ है और इसका सीधा असर युवाओं और कामकाजी वर्ग पर पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में कई उद्योग और रोजगार के अवसर कमजोर हुए हैं, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ा है।

    अपने संबोधन में उन्होंने विभिन्न वर्गों जैसे किसान, मजदूर, युवा, शिक्षक, दुकानदार और अन्य नागरिकों का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी लोग बेहतर शासन और सुरक्षित वातावरण की उम्मीद में मतदान कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस बार जनता परिवर्तन के मूड में है और चुनाव परिणाम राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय लिखेंगे।

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता हर वर्ग को साथ लेकर विकास करना है और वे ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में सुशासन और विकास को लेकर एक नई शुरुआत की जरूरत है, जिसे जनता इस चुनाव में अवसर दे सकती है।

    अपने भाषण के अंत में उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने मताधिकार का उपयोग सोच-समझकर करें और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि अधिक मतदान यह दर्शाता है कि जनता बदलाव चाहती है और यह बदलाव आने वाले समय में राज्य की दिशा तय करेगा।