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  • अपान वायु मुद्रा से मिलेगा पीरियड्स दर्द में आराम, ऐंठन और थकान होगी कम

    अपान वायु मुद्रा से मिलेगा पीरियड्स दर्द में आराम, ऐंठन और थकान होगी कम


    नई दिल्ली । महिलाओं के लिए मासिक धर्म का समय अक्सर असहजता से भरा होता है। पेट दर्द, ऐंठन, कमर में भारीपन और थकान जैसी समस्याएं कई बार इतनी बढ़ जाती हैं कि रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में हर बार दवा लेना जरूरी या सही नहीं होता। यही वजह है कि आजकल प्राकृतिक तरीकों जैसे योग और हस्त मुद्राओं की ओर रुझान बढ़ रहा है।

    क्या है अपान वायु मुद्रा?

    अपान वायु मुद्रा एक विशेष हस्त मुद्रा है, जिसे योग में शरीर की ऊर्जा संतुलित करने के लिए किया जाता है। यह मुद्रा खासतौर पर पेट के निचले हिस्से में होने वाले दर्द और ऐंठन को कम करने में मददगार मानी जाती है।

    कैसे मिलती है पीरियड्स में राहत?

    पीरियड्स के दौरान जब इस मुद्रा का अभ्यास किया जाता है, तो शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और मांसपेशियों का तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है। इससे पेट दर्द, ऐंठन और खिंचाव में राहत मिल सकती है। साथ ही यह शरीर को अंदर से शांत करने का काम करती है, जिससे थकान भी कम महसूस होती है।

    करने का सही तरीका

    इस मुद्रा को करना बेहद आसान है-

    आराम से सुखासन में बैठ जाएं
    हाथों को घुटनों पर रखें, हथेलियां ऊपर की ओर रहें
    तर्जनी उंगली को मोड़कर अंगूठे की जड़ से लगाएं
    मध्यमा और अनामिका उंगली को मोड़कर अंगूठे से स्पर्श कराएं
    छोटी उंगली सीधी रखें
    आंखें बंद कर शांत मन से कुछ मिनट तक अभ्यास करें
    मानसिक तनाव में भी फायदेमंद

    पीरियड्स के दौरान कई महिलाओं को चिड़चिड़ापन, बेचैनी और तनाव महसूस होता है। यह मुद्रा मन को शांत करने में मदद करती है, जिससे मूड बेहतर हो सकता है और मानसिक संतुलन बना रहता है।

    पाचन और ऊर्जा पर भी असर

    अपान वायु मुद्रा पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे गैस, अपच और भारीपन में भी राहत दे सकती है। इसके नियमित अभ्यास से शरीर में ऊर्जा का स्तर संतुलित रहता है और दिनभर एक्टिव महसूस होता है।

    ध्यान रखने वाली जरूरी बातें
    खाना खाने के तुरंत बाद इस मुद्रा का अभ्यास न करें
    शुरुआत में कम समय के लिए करें, धीरे-धीरे अवधि बढ़ाएं
    अगर कोई गंभीर समस्या या दर्द हो तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें

  • आस्था का अद्भुत संगम नीमच में महावीर जिनालय ध्वजारोहण और भव्य शोभायात्रा ने मोहा मन

    आस्था का अद्भुत संगम नीमच में महावीर जिनालय ध्वजारोहण और भव्य शोभायात्रा ने मोहा मन

    नीमच । नीमच में जैन समाज की आस्था और परंपरा का भव्य संगम उस समय देखने को मिला जब श्री आदिनाथ जिनालय एवं जिन कुशल सूरी खरतरगछ ट्रस्ट द्वारा आयोजित आठ दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत विकास नगर स्थित महावीर जिनालय पर वार्षिक ध्वजारोहण विधि विधान के साथ संपन्न हुआ इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का वातावरण छाया रहा

    सुबह सात बजे से ही महावीर जिनालय परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी जहां भक्तों ने भक्ति भाव के साथ पूजा अर्चना में भाग लिया विधि विधान से ध्वजारोहण के बाद भव्य वरघोड़ा यानी शोभायात्रा का आयोजन किया गया जिसने पूरे शहर को धार्मिक रंग में रंग दिया

    शोभायात्रा में सबसे आगे हाथी घोड़े और बैंड बाजों की धुन ने माहौल को और अधिक भव्य बना दिया वहीं चांदी और स्वर्ण जड़ित रथ में भगवान महावीर स्वामी विराजमान थे जिनके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला रथ के साथ दो दीक्षार्थी जोड़े सुसज्जित बग्गी में सवार होकर आगे बढ़ रहे थे जिन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी

    वरघोड़े के दौरान समाजजनों ने जगह जगह दीक्षार्थियों का अक्षत और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया महिलाओं और युवाओं ने ढोल धमाकों की थाप पर नृत्य करते हुए शोभायात्रा में भाग लिया जिससे पूरा वातावरण भक्ति और आनंद से भर गया शोभायात्रा विकास नगर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई ग्वालटोली स्थित नवनिर्मित दादाबाड़ी धाम तक पहुंची जहां इसका समापन हुआ

    पूरे मार्ग में गुरुदेव के जयकारे और दीक्षार्थियों का संयम अमर रहे जैसे धार्मिक नारे गूंजते रहे जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया इस अवसर पर बड़ी संख्या में जैन संत और महासतीजी भी उपस्थित रहे जिनके सानिध्य में समाजजनों ने धर्म लाभ प्राप्त किया

    नवनिर्मित आदिनाथ जिनालय की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरे जैन समाज में विशेष उत्साह देखा जा रहा है और यह आठ दिवसीय महोत्सव लगातार धार्मिक गतिविधियों से सराबोर है प्रतिदिन विभिन्न अनुष्ठान और पूजा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं

    यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना हुआ है बल्कि समाज में एकता और संस्कारों की परंपरा को भी मजबूत कर रहा है और पूरे नीमच शहर में इस समय भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत माहौल देखने को मिल रहा है

  • पूर्व क्रिकेटर संजय बांगड़ ने ऋषभ पंत के शॉट चयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह अपनी बल्लेबाजी से खुद निराश होंगे।

    पूर्व क्रिकेटर संजय बांगड़ ने ऋषभ पंत के शॉट चयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह अपनी बल्लेबाजी से खुद निराश होंगे।


    नई दिल्ली ।आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए मुकाबले के बाद एलएसजी के कप्तान ऋषभ पंत की बल्लेबाजी एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। इस मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स को 40 रन से हार का सामना करना पड़ा, जहां टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। खास तौर पर कप्तान ऋषभ पंत की पारी ने टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं और उनकी बल्लेबाजी पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं।

    पूर्व क्रिकेटर संजय बांगड़ ने पंत के प्रदर्शन का विश्लेषण करते हुए कहा कि उनकी पारी की शुरुआत बेहद खराब रही। उन्होंने बताया कि शुरुआती गेंदों पर पंत ने लगातार आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश की, जो उनकी स्थिति और मैच की परिस्थिति के हिसाब से सही नहीं था। एक अनुभवी टॉप ऑर्डर बल्लेबाज होने के बावजूद उनका यह रवैया टीम के लिए नुकसानदायक साबित हुआ।

    संजय बांगड़ के अनुसार, पंत के शॉट चयन में स्पष्टता की कमी नजर आई। उन्होंने कहा कि एक कप्तान और प्रमुख बल्लेबाज के रूप में पंत से यह उम्मीद की जाती है कि वह पारी को समझदारी से आगे बढ़ाएं, लेकिन इस मैच में उन्होंने जल्दबाजी में जोखिम भरे शॉट खेले। बांगड़ ने यह भी कहा कि पंत की बॉडी लैंग्वेज से साफ दिख रहा था कि वह अपने ही निर्णयों से खुश नहीं थे और उन्हें अपनी गलती का एहसास हो चुका था।

    मैच के दौरान लखनऊ सुपर जायंट्स की पूरी बल्लेबाजी क्रम संघर्ष करती नजर आई और टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में असफल रही। राजस्थान रॉयल्स के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और लगातार विकेट निकालते रहे, जिसके कारण एलएसजी की पारी 119 रन पर ही सिमट गई। लक्ष्य का पीछा करते हुए राजस्थान रॉयल्स ने आसानी से जीत हासिल कर ली।

    इस हार ने लखनऊ सुपर जायंट्स की रणनीति और प्रदर्शन दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। टीम के कप्तान होने के नाते ऋषभ पंत पर जिम्मेदारी और बढ़ जाती है, लेकिन मौजूदा फॉर्म में उनका योगदान टीम के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। लगातार अस्थिर प्रदर्शन के कारण टीम को संतुलन बनाने में भी परेशानी हो रही है।

    संजय बांगड़ ने आगे यह भी कहा कि अगर पंत शुरुआत में थोड़ा संयम दिखाते और परिस्थिति को समझकर खेलते, तो उनका प्रदर्शन काफी बेहतर हो सकता था। उनके अनुसार, ऐसे बड़े खिलाड़ियों से उम्मीद होती है कि वे दबाव में भी समझदारी से खेलें और टीम को स्थिरता दें, लेकिन इस मैच में ऐसा देखने को नहीं मिला।

  • काली कोहनी से हैं परेशान? इन घरेलू उपायों से पाएं साफ और चमकदार त्वचा

    काली कोहनी से हैं परेशान? इन घरेलू उपायों से पाएं साफ और चमकदार त्वचा


    नई दिल्ली । अक्सर देखने को मिलता है लोग अपने चेहरे का काफी ध्यान रख लेते हैं। लेकिन कोहनी और घुटनों को नजर अंदाज कर देते हैं। यही वजह है कि समय के साथ इन हिस्सों की स्किन काली और रूखी दिखने लगती है। और धीरे-धीरे हम इतने काफी परेशान हो जाते हैं इसको साफ करने के लिए तरह-तरह के प्रोडक्ट उसे करने की सोचते हैं लेकिन आप अपने घर में ही इसे आसानी से साफ कर सकते हैं तो चलिए इसके बारे में आपको सारी जानकारी बताते हैं।

    घर पर ही करें साफ
    आपको बता दें कि ये समस्या बेहद आम है यह अक्सर हर किसी को हो जाता है।धूप, गंदगी, फ्रिक्शन और मॉइस्चर की कमी के कारण होती है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान घरेलू उपायों की मदद से इस डार्कनेस को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    नींबू और शहद
    चेहरे के साथ साथ स्क्रीन के लिए भी नींबू और शहद काफी काटकर साबित होते हैं। नींबू में मौजूद नेचुरल ब्लीचिंग गुण स्किन के रंग को हल्का करने में मदद करते हैं। जबकि शहद स्किन को गहराई से मॉइस्चराइज कर उसे सॉफ्ट बनाता है। इसके लिए एक चम्मच नींबू के रस में थोड़ा सा शहद मिलाकर कोहनी और घुटनों पर लगाएं और करीब 20 मिनट बाद धो लें। कुछ दिनों में ही इसका इस्तेमाल करने से साफ असर नजर आने लगता है।

    एलोवेरा जेल
    एलोवेरा जेल काफी अच्छा होता है आपको इस गर्मी में जरूर लगाना चाहिए अपने आपके चेहरे को ठंडक भी पहुंचना है साथ ही आपकी स्किन ब्राइट बनता है। ये स्किन को ठंडक देने के साथ-साथ डार्कनेस कम करने में भी मदद करता है। रोज रात को सोने से पहले ताजा एलोवेरा जेल को कोहनी और घुटनों पर लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें। कुछ ही दिनों में स्किन मुलायम और साफ नजर आने लगेगी।

    स्क्रबिंग
    डेड स्किन सेल्स जमा होने से भी कोहनी और घुटने काले पड़ने लगते हैं। इसलिए हफ्ते में कम से कम दो बार स्क्रब करना जरूरी है। इसके लिए चीनी और तेल को मिलाकर नेचुरल स्क्रब तैयार करें और हल्के हाथों से रगड़ें। इससे भी जल्दी ठीक हो जाएगा और आप की समस्या दूर हो जाएगी।

  • भूतों की दुनिया की सबसे मशहूर ‘दादी अम्मा’, आज भी पर्दे पर कायम है खौफ..

    भूतों की दुनिया की सबसे मशहूर ‘दादी अम्मा’, आज भी पर्दे पर कायम है खौफ..

    नई दिल्ली । हॉरर सिनेमा की दुनिया में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो अपनी एक अलग पहचान बनाकर इतिहास में अमर हो जाते हैं। ऐसी ही एक दिग्गज अभिनेत्री हैं लिन शाय, जिन्हें हॉरर फिल्मों की ‘गॉडमदर’ और ‘डरावनी फिल्मों की दादी अम्मा’ कहा जाता है। 82 वर्ष की उम्र में भी उनकी मौजूदगी पर्दे पर दर्शकों के लिए रोमांच और डर दोनों का अनुभव कराती है। उनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन्होंने अपने लंबे करियर में लगातार हॉरर शैली की फिल्मों में काम किया और इस जॉनर की सबसे भरोसेमंद और प्रतिष्ठित चेहरों में अपनी जगह बनाई।

    लिन शाय का जन्म 12 अक्टूबर 1943 को अमेरिका के डेट्रॉइट शहर में हुआ था। बचपन से ही उनकी रुचि कला और अभिनय में थी, जिसके चलते उन्होंने उच्च शिक्षा में आर्ट हिस्ट्री का अध्ययन किया। इसके बाद उन्होंने थिएटर की दुनिया में कदम रखा, जहां से उनके अभिनय करियर की शुरुआत हुई। थिएटर में अनुभव हासिल करने के बाद उन्होंने फिल्मों की ओर रुख किया और धीरे-धीरे हॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने लगीं।

    उनका शुरुआती फिल्मी करियर छोटे रोल्स से शुरू हुआ, लेकिन जल्द ही उन्हें हॉरर फिल्मों में काम करने का मौका मिला। इसी शैली ने उन्हें असली पहचान दी। 1980 और 1990 के दशक में उन्होंने कई हॉरर फिल्मों में काम किया और अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस, भावनात्मक अभिव्यक्ति और डरावने दृश्यों में स्वाभाविक अभिनय ने उन्हें दर्शकों के बीच खास बना दिया। धीरे-धीरे उन्हें ‘स्क्रीम क्वीन’ कहा जाने लगा, जो हॉरर फिल्मों में महिला कलाकारों के लिए एक सम्मानजनक उपाधि मानी जाती है।

    उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ उस समय आया जब उन्होंने एक प्रसिद्ध हॉरर फिल्म सीरीज में एलिस रेनियर नाम की पात्र का किरदार निभाया। यह किरदार एक ऐसी महिला का था जो आत्माओं और परालौकिक शक्तियों से जुड़ी घटनाओं को समझती और उनसे लोगों को बचाने की कोशिश करती है। इस भूमिका ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जबरदस्त लोकप्रियता दिलाई और यह किरदार उनकी पहचान बन गया। आगे चलकर इस सीरीज की कई फिल्मों में उनके किरदार को और विस्तार दिया गया और दर्शकों ने उन्हें बेहद पसंद किया।

    लिन शाय की खासियत यह रही कि उन्होंने उम्र को कभी अपनी कला के आड़े नहीं आने दिया। 80 से अधिक फिल्मों में काम कर चुकी यह अभिनेत्री आज भी सक्रिय हैं और हॉरर फिल्मों में उनकी मौजूदगी को दर्शक उत्साह के साथ देखते हैं। उनके अभिनय की गहराई और भावनात्मक पकड़ ने उन्हें इस शैली की सबसे मजबूत अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया है। उनकी फिल्मों ने दुनिया भर में करोड़ों दर्शकों को आकर्षित किया और बॉक्स ऑफिस पर भी बड़ी सफलता हासिल की।

    निजी जीवन में लिन शाय ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। उन्होंने दो शादियां कीं और एक बेटे की मां हैं। जीवन में कई व्यक्तिगत कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने कभी अपने करियर से समझौता नहीं किया। उन्होंने हमेशा अपने काम को प्राथमिकता दी और अभिनय को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत माना। समय के साथ उन्होंने अपने निजी जीवन को काफी निजी रखा और सार्वजनिक रूप से कम ही चर्चा में रहीं।

    आज 82 साल की उम्र में भी लिन शाय हॉरर सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित और सक्रिय अभिनेत्रियों में से एक हैं। उनकी कहानी इस बात का प्रमाण है कि अगर जुनून और समर्पण हो तो उम्र केवल एक संख्या रह जाती है। उन्होंने हॉरर फिल्मों की दुनिया में जो पहचान बनाई है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।

  • रिजल्ट का इंतजार खत्म: 12वीं के नतीजे आज, जानें कब, कहां और कैसे देखें स्कोर

    रिजल्ट का इंतजार खत्म: 12वीं के नतीजे आज, जानें कब, कहां और कैसे देखें स्कोर


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) आज यानी 23 अप्रैल 2026 को कक्षा 12वीं का रिजल्ट जारी करने जा रहा है। रिजल्ट शाम 4 बजे घोषित किया जाएगा, जिसके बाद छात्र-छात्राएं अपने अंक ऑनलाइन देख सकेंगे।

    इन वेबसाइट्स पर चेक करें रिजल्ट
    रिजल्ट जारी होते ही छात्र नीचे दी गई आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर अपना स्कोरकार्ड देख सकते हैं, upmsp.edu.in
    upresults.nic.in रिजल्ट देखने के लिए छात्रों को अपना रोल नंबर दर्ज करना होगा।

    परीक्षा का शेड्यूल
    यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 के बीच आयोजित की गई थीं। परीक्षा खत्म होने के बाद से ही छात्र रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।

    इस बार मार्कशीट में बदलाव
    इस साल बोर्ड ने मार्कशीट को और सुरक्षित और आधुनिक बनाया है। मार्कशीट A-4 साइज में होगी और उसमें एक खास मोनोग्राम दिया जाएगा, जो धूप में लाल रंग का दिखाई देगा और छांव में रंग बदल देगा। इससे मार्कशीट की असली पहचान करना आसान होगा और किसी भी तरह की छेड़छाड़ रोकी जा सकेगी।

    जल्दी रिजल्ट देखने के आसान तरीके
    रिजल्ट जारी होते ही वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक आ सकता है, जिससे साइट धीमी या बंद हो सकती है। ऐसे में छात्र ये उपाय अपना सकते हैं: एक से ज्यादा डिवाइस पर वेबसाइट खोलकर रखें रिजल्ट लिंक एक्टिव होते ही तुरंत रोल नंबर डालें अलग-अलग वेबसाइट्स पर भी कोशिश करते रहें

    छात्रों के लिए जरूरी क्या
    रिजल्ट देखने के बाद छात्र अपनी मार्कशीट की सभी जानकारी ध्यान से जांच लें। अगर कोई गलती मिलती है, तो तुरंत अपने स्कूल या बोर्ड से संपर्क करें। UP Board Result 2026 आज जारी होने जा रहा है, जिससे लाखों छात्रों का इंतजार खत्म होगा। छात्र तैयार रहें और बताए गए तरीकों से आसानी से अपना रिजल्ट चेक करें।

  • मार्केट क्रैश: निवेशकों को झटका, Sensex लुढ़का, Nifty में भारी गिरावट से मचा हड़कंप

    मार्केट क्रैश: निवेशकों को झटका, Sensex लुढ़का, Nifty में भारी गिरावट से मचा हड़कंप


    नई दिल्ली । गुरुवार, 23 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन बाजार खुलते ही निवेशकों को झटका लगा और दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे।

    सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में
    30 शेयरों वाला BSE Sensex करीब 532 अंक की गिरावट के साथ 77,983 के आसपास खुला। वहीं NSE Nifty 50 भी 175 अंक से ज्यादा गिरकर 24,202 के स्तर पर ओपन हुआ। दिन की शुरुआत से ही बाजार में बिकवाली का दबाव साफ नजर आया, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई।

    बुधवार को भी रहा था बाजार कमजोर
    इससे पहले बुधवार, 22 अप्रैल को भी बाजार में गिरावट देखी गई थी। सेंसेक्स 756 अंक टूटकर 78,516 पर बंद हुआ था निफ्टी 198 अंक गिरकर 24,378 के स्तर पर बंद हुआ लगातार दूसरे दिन गिरावट से बाजार में कमजोरी का संकेत मिल रहा है। बाजार में कई सेक्टरों में दबाव देखने को मिला आईटी सेक्टर में कमजोरी बैंकिंग शेयरों में गिरावट ऑटो सेक्टर भी दबाव में हालांकि, कुछ सेक्टर जैसे FMCG और मिडकैप शेयरों में हल्की मजबूती देखने को मिली।

    किन शेयरों ने किया निराश?
    गिरावट के बीच कई दिग्गज कंपनियों के शेयर टूटे, जिनमें शामिल हैं HCL Technologies, TCS, ICICI Bank, Mahindra & Mahindra, वहीं कुछ कंपनियों जैसे Reliance Industries और NTPC में हल्की तेजी देखी गई।

    निवेशकों के लिए क्या संकेत?
    लगातार गिरते बाजार से यह संकेत मिल रहा है कि फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। निवेशकों को सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है। 23 अप्रैल को शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि दिन के आगे के कारोबार में बाजार संभलता है या गिरावट जारी रहती है।

  • लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 में क्रिकेट की ऐतिहासिक वापसी, जय शाह ने बताया बड़ा मील का पत्थर

    लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 में क्रिकेट की ऐतिहासिक वापसी, जय शाह ने बताया बड़ा मील का पत्थर


    नई दिल्ली ।लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए क्रिकेट की ऐतिहासिक वापसी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जहां कैलिफोर्निया के पोमोना में क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है। इस निर्माण की शुरुआत को खेल जगत में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि लगभग 128 वर्षों बाद क्रिकेट एक बार फिर ओलंपिक मंच पर वापसी करने जा रहा है। इस मौके पर आयोजित एक विशेष समारोह में कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं और इसे क्रिकेट के वैश्विक विस्तार का नया अध्याय बताया गया।

    इस अवसर पर क्रिकेट प्रशासन से जुड़े शीर्ष प्रतिनिधियों ने इस परियोजना को खेल के भविष्य के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह क्रिकेट को नई पहचान और नए बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। उनके अनुसार क्रिकेट आज पहले से कहीं अधिक वैश्विक खेल बन चुका है और ओलंपिक में इसकी वापसी इस बात का प्रमाण है कि इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।

    क्रिकेट प्रशासन के प्रमुख ने इस अवसर पर कहा कि यह मैदान ओलंपिक खेलों के दौरान केंद्र बिंदु के रूप में काम करेगा और दुनिया भर के दर्शकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल न केवल खिलाड़ियों के लिए नए अवसर खोलेगी, बल्कि अमेरिका जैसे बड़े बाजार में क्रिकेट के विकास को भी गति देगी।

    इस परियोजना को खेल के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में क्रिकेट का शामिल होना इस खेल के लिए एक नए युग की शुरुआत करेगा। इससे न केवल नए खिलाड़ी और दर्शक जुड़ेंगे, बल्कि खेल की व्यावसायिक और सांस्कृतिक पहुंच भी कई गुना बढ़ जाएगी।

    कार्यक्रम में मौजूद अन्य खेल प्रतिनिधियों और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने भी इस पहल का स्वागत किया और इसे भविष्य की खेल संरचना के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि यह स्टेडियम आने वाले वर्षों में क्रिकेट की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा और ओलंपिक में इसकी उपस्थिति को यादगार बनाएगा।

    पिछले कुछ वर्षों में क्रिकेट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से विस्तार किया है। दर्शकों की संख्या, डिजिटल जुड़ाव और वैश्विक टूर्नामेंट्स में भागीदारी में लगातार वृद्धि देखी गई है। ऐसे में ओलंपिक में इसकी वापसी को खेल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

  • बीमारी से थे परेशान: Katni में बुजुर्ग की मौत, पुलिस जांच में जुटी

    बीमारी से थे परेशान: Katni में बुजुर्ग की मौत, पुलिस जांच में जुटी


    नई दिल्ली। कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में हड़कंप मच गया। ग्राम सलैया में 72 वर्षीय व्यक्ति का शव उनके ही घर के बाहर फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई।
    घर के बाहर लकड़ी की ठाट पर लगाई फांसी
    मृतक की पहचान सलैया निवासी मुन्ने लाल सिंह (72) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, उन्होंने अपने घर के बाहरी हिस्से में बनी लकड़ी की ठाट (ढांचे) पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह जब परिजनों की नजर शव पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत बड़वारा थाना पुलिस को सूचना दी।
    लंबे समय से बीमारी से थे परेशान
    परिजनों के मुताबिक, मुन्ने लाल सिंह काफी समय से गंभीर शारीरिक बीमारियों से जूझ रहे थे। उनके पुत्र नवाब सिंह परस्ते ने बताया कि पिता को शरीर में तेज जलन और असहनीय दर्द की शिकायत रहती थी। इस कारण वे मानसिक रूप से भी परेशान रहने लगे थे और कई बार आत्महत्या करने की बात करते थे।
    परिजनों ने जताई आत्महत्या की आशंका
    परिवार का कहना है कि लगातार बीमारी और दर्द से तंग आकर उन्होंने यह कदम उठाया होगा। हालांकि, पुलिस ने अभी इसे केवल प्रारंभिक आशंका माना है और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
    पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, जांच जारी
    बड़वारा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी के.के. पटेल के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही सामने आएगा।
  • सुकेश चंद्रशेख का जैकलीन को भावुक पत्र,कहा-प्यार और जंग में सब जायज है.कानूनी प्रक्रिया के बीच बढ़ी हलचल

    सुकेश चंद्रशेख का जैकलीन को भावुक पत्र,कहा-प्यार और जंग में सब जायज है.कानूनी प्रक्रिया के बीच बढ़ी हलचल


    नई दिल्ली । 200 करोड़ रुपये से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक बार फिर नया घटनाक्रम सामने आया है, जहां जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर ने अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को एक और पत्र लिखा है। यह पत्र ऐसे समय में सामने आया है जब मामला अदालत में विचाराधीन है और विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है। इस नए पत्र ने एक बार फिर इस हाई-प्रोफाइल केस को चर्चा में ला दिया है और कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ सार्वजनिक स्तर पर भी इस पर ध्यान बढ़ गया है।

    अपने पत्र में सुकेश चंद्रशेखर ने भावनात्मक और व्यक्तिगत अंदाज में जैकलीन फर्नांडिस को संबोधित किया है। उसने पत्र की शुरुआत एक खास संबोधन से की और जैकलीन को मेरीबताते हुए अपने भावनात्मक जुड़ाव का उल्लेख किया। पत्र में उसने लिखा कि वह उनसे बेहद प्यार करता है और हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा। उसने एक बार फिर अपने शब्दों में यह दोहराया कि उसके अनुसार प्यार और जंग में सब जायज हैऔर अपने रिश्ते को लेकर कई भावनात्मक दावे किए। पत्र में उसने यह भी कहा कि वह लगातार जैकलीन को याद कर रहा है और उनके बीच का संबंध उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है।

    सुकेश ने अपने पत्र में खुद को भावनात्मक रूप से व्यक्त करते हुए कई निजी दावे किए और यह दिखाने की कोशिश की कि वह अब भी इस रिश्ते को लेकर गंभीर भावनाएं रखता है। उसने पत्र के अंत में खुद को एक विशेष नाम से संबोधित किया और यह भी लिखा कि वह हमेशा उनके साथ रहेगा। यह पहली बार नहीं है जब उसने इस तरह का पत्र लिखा हो, इससे पहले भी वह कई बार इसी तरह के भावनात्मक पत्र भेज चुका है, जिनमें उसने अपने दावों और भावनाओं को दोहराया है।

    इस पूरे मामले के बीच अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस की ओर से अदालत में एक महत्वपूर्ण याचिका दायर की गई है, जिसमें उन्होंने सरकारी गवाह बनने की अनुमति मांगी है। इस याचिका के दाखिल होने के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है और अदालत में इस पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। सुनवाई के दौरान संबंधित पक्षों ने अपना पक्ष रखने के लिए समय की मांग की है, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है।

    सुनवाई के दौरान यह भी कहा गया कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और प्रत्येक पक्ष को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। इस याचिका पर अगली सुनवाई की तारीख भी तय की गई है, जिसके बाद आगे की दिशा स्पष्ट होने की संभावना है।

    यह मामला लंबे समय से चर्चा में बना हुआ है और समय-समय पर इससे जुड़े नए घटनाक्रम सामने आते रहे हैं। सुकेश चंद्रशेखर द्वारा लिखे गए पत्र पहले भी सुर्खियों में रहे हैं, जिनमें उसने बार-बार व्यक्तिगत भावनाओं और दावों को दोहराया है। हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले का निर्णय केवल अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और जांच के आधार पर ही तय किया जाएगा। इस नए पत्र ने एक बार फिर पूरे मामले को चर्चा के केंद्र में ला दिया है, जहां एक ओर अदालत में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसे पत्रों के कारण मामला लगातार सार्वजनिक बहस का विषय बना हुआ है।