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  • सख्त पुलिस कार्रवाई: Satna में तीन संगीन मामलों का खुलासा, आरोपियों को पकड़ा

    सख्त पुलिस कार्रवाई: Satna में तीन संगीन मामलों का खुलासा, आरोपियों को पकड़ा


    नई दिल्ली । Satna जिले में अपहरण और दुष्कर्म के तीन अलग-अलग मामलों में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन मामलों में नाबालिग से लेकर महिला तक को शादी का झांसा देकर शोषण और किडनैपिंग की वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है, साथ ही मेडिकल जांच और डीएनए सैंपलिंग की प्रक्रिया भी पूरी की गई है।
    नाबालिग के अपहरण का खुलासा, गुरुग्राम से बरामद
    पहला मामला Nagod थाना क्षेत्र का है, जहां 30 मार्च को एक नाबालिग लड़की के अचानक लापता होने से हड़कंप मच गया था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू की। करीब तीन सप्ताह की तलाश और साइबर सेल की मदद से पुलिस को सुराग मिला, जिसके आधार पर टीम हरियाणा के Gurugram पहुंची। वहां से नाबालिग को सुरक्षित बरामद किया गया और आरोपी पवन ढीमर (22) को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसे बहला-फुसलाकर भगा ले गया और दैहिक शोषण किया। इसके बाद आरोपी पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत धाराएं बढ़ाई गईं।
     विधवा महिला को शादी का झांसा, चार साल तक शोषण
    दूसरा मामला भी नागौद थाना क्षेत्र का है, जहां दो बच्चों की मां के साथ रिश्तेदार द्वारा धोखा देने का मामला सामने आया। पति की मौत के बाद अकेली रह रही महिला को सूरज पटेल (36), निवासी Rewa ने सहारा देने के बहाने अपने जाल में फंसाया। आरोपी ने शादी का वादा कर महिला के साथ संबंध बनाए और लंबे समय तक उसके घर में रहकर शोषण करता रहा। चार साल तक यह सिलसिला चलता रहा, लेकिन जब महिला ने शादी की बात की तो आरोपी मुकर गया और धमकाने लगा। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
    शादी समारोह से दबोचा गया तीसरा आरोपी
    तीसरा मामला Kolgawan थाना क्षेत्र का है। यहां एक युवती ने 8 दिसंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी कि सतेन्द्र सिंह पटेल (32) ने शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उसका दैहिक शोषण किया। जब युवती ने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी पीछे हट गया और जान से मारने की धमकी देने लगा। मामला दर्ज होते ही आरोपी फरार हो गया था, लेकिन करीब साढ़े चार महीने की तलाश के बाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर उसे एक शादी समारोह से गिरफ्तार कर लिया।
     पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
    तीनों मामलों में पुलिस ने आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया है और डीएनए जांच के लिए ब्लड सैंपल भी लिए हैं, ताकि कोर्ट में पुख्ता साक्ष्य पेश किए जा सकें। अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को लेकर पुलिस पूरी तरह सख्त है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

  • हिंदी सिनेमा की पहली प्लेबैक आवाज शमशाद बेगम: एक अनोखा और प्रेरणादायक सफर…

    हिंदी सिनेमा की पहली प्लेबैक आवाज शमशाद बेगम: एक अनोखा और प्रेरणादायक सफर…


    नई दिल्ली ।हिंदी सिनेमा के शुरुआती दौर में जब पार्श्व गायन यानी प्लेबैक सिंगिंग अपने विकास के चरण में थी, उस समय एक ऐसी आवाज उभरी जिसने भारतीय फिल्म संगीत को नई पहचान और दिशा दी। यह आवाज थी शमशाद बेगम की, जिन्हें भारत की पहली प्रमुख प्लेबैक सिंगर के रूप में जाना जाता है। उनका जीवन संघर्ष, परंपरा और प्रतिभा का ऐसा संगम था, जिसने उन्हें भारतीय संगीत इतिहास में एक अमिट स्थान दिलाया। उनकी गायकी ने न केवल उस दौर के श्रोताओं को प्रभावित किया बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी।

    14 अप्रैल 1919 को पंजाब के अमृतसर में जन्मी शमशाद बेगम एक पारंपरिक परिवार से थीं, जहां सार्वजनिक रूप से गायन को लेकर सख्त नियम थे। उनके पिता नहीं चाहते थे कि वह मंच पर या सार्वजनिक रूप से गाएं, लेकिन उनकी असाधारण प्रतिभा को देखते हुए परिवार के अन्य सदस्यों और परिचितों ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। अंततः एक विशेष शर्त के साथ उन्हें गायन की अनुमति मिली, जिसमें यह तय किया गया कि वह कभी अपनी तस्वीर सार्वजनिक नहीं कराएंगी। शमशाद बेगम ने इस शर्त को स्वीकार किया और यहीं से उनके संगीत सफर की शुरुआत हुई।

    बचपन से ही उनकी आवाज में एक अलग तरह की मिठास और आकर्षण था, जिसने उन्हें बहुत कम उम्र में ही पहचान दिला दी। स्कूल के दिनों में उन्हें हेड सिंगर बनाया गया और यहीं से उनके गायन कौशल को और निखरने का अवसर मिला। धीरे-धीरे वह पारिवारिक आयोजनों और छोटे कार्यक्रमों में गाने लगीं, जहां उनकी आवाज की चर्चा दूर-दूर तक फैलने लगी। उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें रेडियो पर गाने का अवसर मिला, जिसने उनके करियर को एक नई दिशा दी।

    उनकी किस्मत तब बदली जब एक प्रसिद्ध संगीतकार ने उनकी आवाज को पहचाना और उन्हें फिल्मी दुनिया में पहला बड़ा अवसर दिया। वर्ष 1941 में फिल्म ‘खजांची’ से उन्होंने हिंदी सिनेमा में प्लेबैक सिंगिंग की शुरुआत की और यहीं से उनका सफर इतिहास बन गया। उनकी आवाज ने तुरंत ही दर्शकों और श्रोताओं को प्रभावित किया और वह उस समय की सबसे लोकप्रिय गायिकाओं में शामिल हो गईं। उनकी गायकी में एक खास चंचलता, सादगी और ऊर्जा थी, जो हर उम्र के लोगों को आकर्षित करती थी।

    इसके बाद उन्होंने कई प्रसिद्ध संगीतकारों के साथ काम किया और हिंदी फिल्म संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी आवाज को उस दौर के महान संगीतकारों ने बेहद खास माना और इसका उपयोग कई यादगार गीतों में किया गया। उनकी गायकी में एक ऐसा जादू था, जो हर गीत को जीवंत बना देता था। “कभी आर कभी पार”, “लेके पहला पहला प्यार” और “सैयां दिल में आना रे” जैसे गीत आज भी लोगों के बीच उतने ही लोकप्रिय हैं जितने उस समय थे।

    उस दौर में जब लता मंगेशकर, आशा भोसले और गीता दत्त जैसी महान गायिकाएं भी सक्रिय थीं, तब शमशाद बेगम ने अपनी अलग शैली और अनोखी आवाज के दम पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनकी गायकी किसी भी प्रतिस्पर्धा से परे थी और उन्होंने अपने अंदाज से संगीत जगत में एक अलग स्थान स्थापित किया। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें देश के सर्वोच्च सम्मानों में से एक से सम्मानित किया गया, जो उनके लंबे और सफल करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।

  • Rewa में ठेकेदार के गुर्गों का आतंक, आदिवासी युवक को अवैध शराब बेचने का दबाव

    Rewa में ठेकेदार के गुर्गों का आतंक, आदिवासी युवक को अवैध शराब बेचने का दबाव


    नई दिल्ली । रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र के बदबार गांव में शराब ठेकेदार से जुड़े लोगों की दबंगई का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठेकेदार के गुर्गों ने एक आदिवासी युवक के घर पहुंचकर उसे अवैध शराब बेचने के लिए मजबूर किया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया है और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है।
    बोलेरो में पहुंचे आरोपी, घर में घुसकर बनाया दबाव
    जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को ठेकेदार से जुड़े कुछ लोग बोलेरो वाहन में सवार होकर बदबार गांव पहुंचे। आरोप है कि ये लोग सीधे एक आदिवासी युवक के घर पहुंचे और उसे अपने क्षेत्र में अवैध शराब बेचने का दबाव बनाने लगे। युवक ने इसका विरोध किया और पूरी घटना को मोबाइल में रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया।
    कैमरा देखते ही मुंह छिपाकर भागे
    वीडियो में युवक साफ तौर पर आरोप लगाता नजर आ रहा है कि उस पर जबरन शराब बेचने का दबाव बनाया जा रहा है। जैसे ही उसने कैमरा आरोपियों की ओर घुमाया, वे अपना चेहरा छिपाने लगे और जल्दबाजी में बोलेरो में बैठकर मौके से फरार हो गए। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया है।
    ग्रामीणों में आक्रोश, पहले भी लग चुके हैं आरोप
    घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शराब ठेकेदार के लोग अक्सर गांवों में आकर लोगों को डराते-धमकाते हैं और अवैध गतिविधियों में शामिल होने के लिए दबाव बनाते हैं।
    आदिवासी युवक के साथ हुई इस घटना ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    ठेकेदार पक्ष खामोश, पुलिस की कार्रवाई का इंतजार
    पूरे मामले में ठेकेदार पक्ष की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस की ओर से औपचारिक कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है।
    कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
    इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में सक्रिय अवैध गतिविधियों और उन पर नियंत्रण को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो इस तरह की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।
  • नर्मदा तट पर भक्ति की लहर गंगा सप्तमी पर हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

    नर्मदा तट पर भक्ति की लहर गंगा सप्तमी पर हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी


    अनूपपुर । अनूपपुर जिले के अमरकंटक में गंगा सप्तमी का पर्व गुरुवार को गहरी आस्था और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया जहां मां नर्मदा के उद्गम स्थल पर करीब 20 हजार श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान कर पूजा अर्चना की और दान पुण्य के माध्यम से अपने जीवन में सुख समृद्धि और शांति की कामना की सुबह से ही तीर्थ क्षेत्र में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था जो दिनभर जारी रहा

    वैशाख शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर कोटितीर्थ घाट रामघाट पुष्कर बांध और आरंडी संगम जैसे प्रमुख तटों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी जहां श्रद्धालुओं ने नर्मदा नदी में आस्था की डुबकी लगाकर खुद को पवित्र करने का प्रयास किया हर ओर भक्ति और श्रद्धा का वातावरण दिखाई दे रहा था लोग परिवार सहित पहुंचे और पूरे विधि विधान से पूजन कर अपने मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते नजर आए

    मां नर्मदा उद्गम मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं श्रद्धालु धैर्य के साथ अपनी बारी का इंतजार करते दिखे और मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा अर्चना की पूजा के बाद दान देने की परंपरा भी निभाई गई जहां कई श्रद्धालुओं ने भिक्षुओं को अन्न वस्त्र और धन का दान किया इस दिन मुंडन संस्कार का विशेष महत्व होने के कारण कई परिवार अपने बच्चों को लेकर पहुंचे और पारंपरिक रीति रिवाजों के साथ यह संस्कार संपन्न कराया गया

    नर्मदा स्नान का सिलसिला सुबह करीब पांच बजे से शुरू होकर शाम तक लगातार चलता रहा तेज धूप और बढ़ती गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और वे पूरे जोश और श्रद्धा के साथ धार्मिक गतिविधियों में शामिल होते रहे जगह जगह भजन कीर्तन की ध्वनि गूंजती रही जहां श्रद्धालु मंजीरा और अन्य वाद्य यंत्रों के साथ भक्ति में लीन नजर आए इस दौरान पूरा अमरकंटक क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया

    इस पावन अवसर पर अनूपपुर शहडोल डिंडोरी गौरेला पेंड्रा मरवाही और बिलासपुर सहित आसपास के कई जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे जिससे क्षेत्र में यातायात और भीड़ का दबाव भी बढ़ गया रामघाट पार्किंग क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतारें देखी गई हालांकि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण कुछ व्यवस्थाएं प्रभावित भी नजर आई खासकर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा

    इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई और पूरे दिन अमरकंटक में धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला गंगा सप्तमी का यह पर्व एक बार फिर यह संदेश दे गया कि भारतीय संस्कृति में नदियों के प्रति श्रद्धा और विश्वास कितना गहरा और अटूट है

  • जबलपुर में सिविल इंजीनियर को मारी गोली, बाइक सवार बदमाशों ने की फायरिंग

    जबलपुर में सिविल इंजीनियर को मारी गोली, बाइक सवार बदमाशों ने की फायरिंग


    नई दिल्ली । जबलपुर के संजय नगर इलाके में गुरुवार सुबह सनसनीखेज वारदात सामने आई। बाइक सवार दो अज्ञात हमलावरों ने एक सिविल इंजीनियर को गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। घायल इंजीनियर की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    सिर में मारी गोली, मौके से फरार हुए हमलावर
    जानकारी के मुताबिक, सिविल इंजीनियर क्लेरिंस उर्फ राजा (32) सुबह करीब 8 बजे रांझी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान चेहरा ढंके दो युवक बाइक से उनके पास पहुंचे और सिर पर गोली दाग दी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी तेजी से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
    पुलिस मौके पर, सीसीटीवी खंगाल रही टीम
    सूचना मिलते ही रांझी सीएसपी सतीश कुमार साहू और थाना प्रभारी उमेश गोलहनी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
    मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज
    घायल क्लेरिंस को गंभीर हालत में जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है, जहां डॉक्टर उनकी सर्जरी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि गोली उनके सिर में फंसी हुई है, जिससे स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
    परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
    इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों के मुताबिक, क्लेरिंस की पत्नी का करीब दो महीने पहले ही निधन हो गया था। उनके पास एक छोटा बच्चा है, जिसकी जिम्मेदारी वही संभाल रहे थे।
    छोटे भाई रोनाल्ड ने बताया कि क्लेरिंस बच्चे को स्कूल छोड़कर घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में उन पर हमला हुआ। परिवार का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, जिससे यह हमला और रहस्यमय बन गया है।
    वारदात के पीछे क्या वजह?
    फिलहाल पुलिस हमले के कारणों का पता लगाने में जुटी है। यह साफ नहीं हो पाया है कि वारदात आपसी रंजिश का नतीजा है या किसी अन्य कारण से की गई है।
    लगातार बढ़ती इस तरह की घटनाओं ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
  • चोट से उबरकर मिचेल स्टार्क की धमाकेदार वापसी तय, दिल्ली कैपिटल्स को मिलेगा बड़ा फायदा

    चोट से उबरकर मिचेल स्टार्क की धमाकेदार वापसी तय, दिल्ली कैपिटल्स को मिलेगा बड़ा फायदा


    नई दिल्ली ।आईपीएल 2026 के बीच दिल्ली कैपिटल्स के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत देने वाली खबर सामने आई है, जिसने टीम के खेमे में नई ऊर्जा भर दी है। ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क को प्रतियोगी क्रिकेट खेलने की अनुमति मिल गई है, जिसके बाद उनके जल्द ही दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ने की पूरी संभावना बन गई है। लंबे समय से चोट की समस्या से जूझ रहे स्टार्क को कोहनी और कंधे की परेशानी के कारण इस सीजन के शुरुआती मैचों से बाहर रहना पड़ा था, लेकिन अब उनकी वापसी लगभग तय मानी जा रही है और वह जल्द मैदान पर नजर आ सकते हैं।

    स्टार्क की चोट की शुरुआत एक बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के दौरान हुई थी, जहां उन्होंने लगातार पांच टेस्ट मैच खेले थे और अपने शानदार प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया था। इसके बावजूद उनके कंधे और कोहनी में धीरे-धीरे दर्द बढ़ता गया, जिसने बाद में उनकी फिटनेस पर असर डाला। इसके बाद उन्हें रिकवरी और रिहैब प्रक्रिया से गुजरना पड़ा, जिसके कारण वह आईपीएल के शुरुआती चरण में उपलब्ध नहीं हो पाए। उनकी अनुपस्थिति का असर दिल्ली कैपिटल्स की गेंदबाजी पर साफ नजर आया और टीम को कई मुकाबलों में कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।

    इस दौरान सोशल मीडिया पर उनके आईपीएल में न खेलने को लेकर कई तरह की चर्चाएं और आलोचनाएं भी देखने को मिलीं, लेकिन स्टार्क ने स्पष्ट किया कि वह पूरी तरह फिट होने के बाद ही मैदान में वापसी करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनकी चोट टीम के लिए शुरुआती मैचों में चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर रही है, लेकिन उनका लक्ष्य पूरी तरह स्वस्थ होकर टीम को योगदान देना है।

    अब जब उन्हें आधिकारिक रूप से मंजूरी मिल गई है, तो उनके जल्द ही टीम से जुड़ने की उम्मीदें तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि वह जल्द ही राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मुकाबले में मैदान पर उतर सकते हैं, जिससे दिल्ली कैपिटल्स की गेंदबाजी को बड़ा फायदा मिलेगा। उनकी वापसी से टीम की पेस अटैक को मजबूती मिलेगी और डेथ ओवर्स में रन रोकने की क्षमता भी बेहतर होगी।

    वर्तमान में दिल्ली कैपिटल्स ने अपने प्रदर्शन में संतुलन बनाए रखा है, लेकिन टीम को लगातार जीत की जरूरत है ताकि प्लेऑफ की दौड़ में मजबूत स्थिति बनाई जा सके। ऐसे में मिचेल स्टार्क की वापसी टीम के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। उनकी अनुभव और गेंदबाजी कौशल विपक्षी टीमों के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

    टीम प्रबंधन भी स्टार्क की वापसी को लेकर बेहद उत्साहित है और उम्मीद कर रहा है कि उनके आने से गेंदबाजी आक्रमण में स्थिरता और धार दोनों बढ़ेंगी। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि स्टार्क कब पूरी तरह मैदान पर उतरते हैं और अपने प्रदर्शन से टीम को कितनी मजबूती प्रदान करते हैं।

  • ग्वालियर से 4 मई से बढ़ेंगी फ्लाइट्स, दिल्ली के लिए हफ्ते में 6 दिन उड़ान

    ग्वालियर से 4 मई से बढ़ेंगी फ्लाइट्स, दिल्ली के लिए हफ्ते में 6 दिन उड़ान


    नई दिल्ली । ग्वालियर के यात्रियों के लिए राहतभरी खबर है। शहर की एयर कनेक्टिविटी अब पहले से ज्यादा मजबूत होने जा रही है। 4 मई से Akasa Air की नई फ्लाइट सेवा शुरू होगी, जिससे ग्वालियर से दिल्ली के बीच हवाई यात्रा और आसान हो जाएगी। नई सेवा के बाद अब यात्रियों को सप्ताह में 6 दिन उड़ान सुविधा मिलेगी, जो अब तक सीमित थी।
    अब हफ्ते में 6 दिन फ्लाइट, बढ़ी सुविधा
    अब तक IndiGo की फ्लाइट्स केवल मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को संचालित हो रही थीं। लेकिन नई व्यवस्था के तहत अकासा एयर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को अपनी उड़ानें शुरू करेगी। इस तरह दोनों एयरलाइंस मिलकर लगभग पूरे सप्ताह यात्रियों को ग्वालियर-Delhi रूट पर सेवा देंगी। इस बदलाव से खासतौर पर उन यात्रियों को राहत मिलेगी, जिन्हें पहले सीमित दिनों के कारण यात्रा प्लान करने में परेशानी होती थी।
    कनेक्टिविटी होगी और मजबूत
    दिल्ली पहुंचने के बाद यात्रियों को देश के बड़े शहरों बेंगलुरु, कोलकाता, हैदराबाद और मुंबई के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे व्यापारियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को सीधा फायदा होगा, क्योंकि अब उन्हें कनेक्टिंग फ्लाइट्स के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
    सुविधाजनक टाइमिंग, डे-ट्रैवल के लिए बेहतर
    नई फ्लाइट राजमाता विजयाराजे सिंधिया टर्मिनल पर सुबह 10:40 बजे पहुंचेगी और 11:50 बजे दिल्ली के लिए रवाना होगी। यह टाइमिंग खासतौर पर बिजनेस ट्रैवलर्स और डे-ट्रिप करने वालों के लिए काफी अनुकूल मानी जा रही है।
    एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, इस शेड्यूल से यात्रियों को उसी दिन काम निपटाकर वापसी की योजना बनाने में भी सुविधा मिलेगी।
    विकास को मिलेगी नई रफ्तार
    टर्मिनल डायरेक्टर लोकेंद्र कुमार यादव का कहना है कि उड़ानों की संख्या बढ़ने से न सिर्फ यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि शहर के आर्थिक और पर्यटन विकास को भी गति मिलेगी। बेहतर एयर कनेक्टिविटी किसी भी शहर के विकास का अहम आधार होती है, और यह पहल ग्वालियर को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत पहचान दिलाने में मदद करेगी।
    क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में बड़ा कदम
    विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से क्षेत्रीय शहरों को बड़े महानगरों से जोड़ने में मदद मिलती है। इससे निवेश, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। ग्वालियर जैसे ऐतिहासिक और व्यावसायिक महत्व वाले शहर के लिए यह कदम लंबे समय में फायदेमंद साबित हो सकता है।

  • भीषण गर्मी का असर, आस्था पर ग्वालियर के मंदिरों में पूजा पद्धति, में बड़े बदलाव

    भीषण गर्मी का असर, आस्था पर ग्वालियर के मंदिरों में पूजा पद्धति, में बड़े बदलाव


    ग्वालियर । ग्वालियर में भीषण गर्मी का असर अब सिर्फ जनजीवन तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसका प्रभाव धार्मिक स्थलों और आस्था के केंद्र मंदिरों तक भी साफ दिखाई देने लगा है जहां मौसम के अनुरूप भगवान की सेवा और पूजा पद्धति में बदलाव किए जा रहे हैं तेज धूप और लू के थपेड़ों के बीच मंदिरों के पुजारी देवताओं को राहत पहुंचाने के लिए विशेष इंतजाम कर रहे हैं ताकि श्रद्धा और परंपरा के साथ साथ मौसम का संतुलन भी बना रहे

    शहर के प्रमुख मंदिरों में अब देवी देवताओं को गर्म और भारी वस्त्रों की जगह हल्के और सूती कपड़े पहनाए जा रहे हैं जिससे उन्हें ठंडक मिल सके वहीं श्रृंगार में भी बदलाव करते हुए चंदन खस मोगरा और गुलाब जैसे प्राकृतिक ठंडक देने वाले तत्वों का उपयोग बढ़ा दिया गया है मंदिरों में फैलती इन सुगंधों के साथ वातावरण भी शीतल और शांत महसूस होने लगा है

    भोग की परंपरा में भी मौसम का असर साफ दिख रहा है जहां पहले पक्के और गरम भोजन चढ़ाए जाते थे वहीं अब उनकी जगह ठंडे और तरल पदार्थों को प्राथमिकता दी जा रही है भगवान को अर्पित किए जाने वाले प्रसाद में अब मौसमी फल और शीतल पेय शामिल किए जा रहे हैं ताकि यह भोग भी मौसम के अनुकूल हो सके

    अचलेश्वर मंदिर में भगवान भोलेनाथ की सेवा में विशेष परिवर्तन किए गए हैं यहां अभिषेक के लिए ठंडे पानी का उपयोग किया जा रहा है और गर्भगृह में कूलर लगाए गए हैं जिससे अंदर का तापमान नियंत्रित रखा जा सके इसके साथ ही पिंडी के ऊपर एक छेद वाला मटका रखा गया है जिससे लगातार जलधारा गिरती रहती है और शिवलिंग को शीतल बनाए रखती है मंदिर प्रशासन का कहना है कि जल्द ही यहां एसी की सुविधा भी शुरू की जाएगी

    इसी तरह चक्रधर मंदिर में भी पूजा पद्धति में बदलाव देखने को मिल रहा है यहां भगवान को सूती वस्त्र पहनाने के साथ चंदन का लेप किया जा रहा है और भोग में खरबूजा तरबूज आम अनार जैसे रसदार फल और ठंडाई को शामिल किया गया है जो गर्मी में ठंडक पहुंचाने का काम करते हैं श्रद्धालु भी इस बदले हुए स्वरूप को देख संतोष और आस्था के साथ जुड़ रहे हैं

    मंदिरों के पुजारियों के अनुसार यह बदलाव कोई नया प्रयोग नहीं बल्कि हर साल गर्मी के मौसम में अपनाई जाने वाली परंपरा का हिस्सा है उनका मानना है कि भगवान की सेवा भी प्रकृति और मौसम के अनुसार होनी चाहिए ताकि भक्ति का भाव और अधिक सजीव बना रहे

    गौरतलब है कि ग्वालियर में इन दिनों तापमान लगातार बढ़ रहा है और गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है बुधवार को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि गुरुवार को न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से अधिक है दिन और रात दोनों समय गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है ऐसे में मंदिरों में किए गए ये बदलाव न सिर्फ धार्मिक परंपराओं का पालन हैं बल्कि बदलते मौसम के प्रति संवेदनशीलता का भी उदाहरण बनकर सामने आ रहे हैं

  • कमल हासन और श्रुति हासन ने साथ डाला वोट, लोकतंत्र के पर्व में सितारों की चमक..

    कमल हासन और श्रुति हासन ने साथ डाला वोट, लोकतंत्र के पर्व में सितारों की चमक..


    नई दिल्ली । तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए राज्यभर में मतदान का माहौल बेहद उत्साहपूर्ण रहा, जहां आम नागरिकों के साथ-साथ फिल्मी जगत की कई बड़ी हस्तियों ने भी लोकतंत्र के इस पर्व में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं और हर वर्ग के मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग करने के लिए उत्साहित नजर आए। चेन्नई सहित राज्य के कई हिस्सों में मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण तरीके से वोटिंग प्रक्रिया जारी रही, जिससे लोकतंत्र की मजबूती का संदेश भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

    इस दौरान सबसे अधिक ध्यान खींचने वाली उपस्थिति अभिनेता और राज्यसभा सांसद कमल हासन तथा उनकी बेटी अभिनेत्री श्रुति हासन की रही। दोनों चेन्नई के एक मतदान केंद्र पर एक साथ पहुंचे और सुबह ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पिता और पुत्री की यह जोड़ी मतदान केंद्र पर आकर्षण का केंद्र बनी रही, जहां बड़ी संख्या में लोग उन्हें देखने के लिए इकट्ठा हो गए। मतदान के बाद श्रुति हासन ने लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करते हुए संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने सभी से अपने अधिकार का प्रयोग करने की अपील की। उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया और कई युवाओं ने भी मतदान को लेकर उत्साह दिखाया।

    कमल हासन, जो लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं, इस चुनाव में भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बनकर लोगों को जागरूक करते नजर आए। उन्होंने मतदान को हर नागरिक का महत्वपूर्ण अधिकार बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से वोट डालने की अपील की। मतदान केंद्र पर उनकी उपस्थिति के दौरान माहौल काफी उत्साहित रहा और समर्थकों की भीड़ ने उन्हें देखने के लिए काफी देर तक इंतजार किया।

    इसी बीच तमिल फिल्म इंडस्ट्री के कई अन्य प्रसिद्ध कलाकारों ने भी अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचकर वोट डाला। अभिनेता रजनीकांत ने चेन्नई के एक मतदान केंद्र पर पहुंचकर शांतिपूर्वक मतदान किया और लोगों से अपील की कि वे लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में वोट करें। उनके आने से वहां भी भारी भीड़ इकट्ठा हो गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को सक्रिय रहना पड़ा। अभिनेता धनुष ने भी मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया और युवाओं को मतदान के लिए प्रेरित किया।

    इसके अलावा अभिनेता अजित कुमार भी मतदान केंद्र पर सफेद पारंपरिक पोशाक में नजर आए। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से वोट डालने के बाद अपने फैंस का अभिवादन किया और वहां से रवाना हुए। उनकी मौजूदगी से भी मतदान केंद्र पर उत्साह का माहौल बन गया। इसी तरह अन्य फिल्मी हस्तियों ने भी अलग-अलग केंद्रों पर जाकर मतदान किया और लोगों को अपने अधिकार के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।

    पूरे राज्य में मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। हर मतदान केंद्र पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात था ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। सुबह से शाम तक चली इस प्रक्रिया में राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। अब सभी की निगाहें आगामी परिणामों पर टिकी हैं, जो राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।

  • ग्वालियर स्मार्ट सिटी बस सेवा फेल, 11 करोड़ खर्च के बाद भी सड़कों से गायब बसें

    ग्वालियर स्मार्ट सिटी बस सेवा फेल, 11 करोड़ खर्च के बाद भी सड़कों से गायब बसें


    नई दिल्ली । ग्वालियर में स्मार्ट सिटी के नाम पर शुरू की गई बस सेवा अब पूरी तरह सवालों के घेरे में है। शहरवासियों को सस्ती, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा देने के उद्देश्य से शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट आज ठप पड़ चुका है। जिन बसों को शहर की लाइफलाइन बनना था, वे अब सुनसान इलाकों में खड़ी-खड़ी कबाड़ में तब्दील होती नजर आ रही हैं।
    2023 में हुई थी शुरुआत, कुछ महीनों में ही ठप
    Gwalior Smart City Development Corporation ने साल 2023 में बड़े दावों के साथ इंट्रा सिटी बस सेवा शुरू की थी। इन बसों में आधुनिक सुविधाएं और जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया था, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा का अनुभव मिल सके। शुरुआत में यह योजना लोगों के बीच चर्चा में भी रही, लेकिन कुछ ही महीनों में इसका संचालन लगभग बंद हो गया।
     ग्वालियर में 11 करोड़ की स्मार्ट सिटी बस सेवा कुछ महीनों में ठप, बसें कबाड़ बनीं और योजना पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
    इस योजना के लिए करीब 11 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया था। प्रोजेक्ट के तहत 16 इंट्रा सिटी और कुल 32 बसें (इंटरसिटी सहित) चलाने की जिम्मेदारी एक निजी कंपनी को सौंपी गई थी। लेकिन जमीनी स्तर पर बसों का संचालन बेहद सीमित रहा और धीरे-धीरे बसें सड़कों से गायब हो गईं।
    आज स्थिति यह है कि ये बसें शहर के अलग-अलग इलाकों-रेस कोर्स रोड, गार्डर पुलिया और रेलवे ओवरब्रिज के नीचे खड़ी नजर आती हैं। लंबे समय से खड़ी रहने के कारण कई बसें जंग खा रही हैं, जिससे करोड़ों की संपत्ति बर्बाद होती दिख रही है।
    ऑटो-विक्रम के दबदबे में नहीं चल पाईं बसें
    सूत्रों की मानें तो शहर में पहले से चल रहे ऑटो और विक्रम का नेटवर्क इतना मजबूत है कि बस सेवा को प्रतिस्पर्धा में टिकने का मौका ही नहीं मिला। निजी कंपनी ने भी संचालन में खास रुचि नहीं दिखाई, जिससे धीरे-धीरे पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो गई।
    यात्रियों के लिए बनाए गए जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम का उद्देश्य बसों की हर गतिविधि पर नजर रखना था, लेकिन जब बसें ही नहीं चलीं तो यह तकनीक भी बेकार साबित हुई।
    जनता में नाराजगी, उठ रहे सवाल
    स्थानीय लोगों में इस योजना को लेकर भारी नाराजगी है। हजीरा निवासी मूलचंद का कहना है कि शहर में सरकारी बस सेवा पूरी तरह गायब है, जबकि करोड़ों की बसें यूं ही खड़ी-खड़ी खराब हो रही हैं। उन्होंने इसे जनता के पैसे की बर्बादी बताया और कहा कि “स्मार्ट सिटी के नाम पर सिर्फ दिखावा हो रहा है।”
    जिम्मेदारी तय क्यों नहीं?
    इस पूरे मामले में कई अहम सवाल खड़े हो रहे हैं-

    क्या बिना ठोस ग्राउंड सर्वे के प्रोजेक्ट शुरू कर दिया गया?
    निजी कंपनी की जवाबदेही क्यों तय नहीं हुई?
    करोड़ों खर्च होने के बावजूद सेवा टिकाऊ क्यों नहीं बन पाई?

    स्मार्ट सिटी प्लान पर उठे सवाल
    बस सेवा के फेल होने से अब पूरे स्मार्ट सिटी प्लान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। जिस योजना का उद्देश्य शहर को आधुनिक बनाना था, वही अब अव्यवस्था और लापरवाही का उदाहरण बनती दिख रही है।
    अगर समय रहते इस पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह प्रोजेक्ट सरकारी योजनाओं में एक और असफल उदाहरण बनकर रह जाएगा।