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  • UN महासचिव ने भारत की अर्थव्यवस्था को सराहा… बोले- AI Summit के लिए यह उपयुक्त स्थान

    UN महासचिव ने भारत की अर्थव्यवस्था को सराहा… बोले- AI Summit के लिए यह उपयुक्त स्थान

    UN Secretary-General

    नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस (UN Secretary-General Antonio Guterres) ने कहा है कि भारत (India0 वैश्विक मामलों में प्रभाव रखने वाली एक ‘बेहद सफल’ उभरती अर्थव्यवस्था है और यह एआई शिखर सम्मेलन (AI Summit) के लिए उपयुक्त स्थान है। ‘इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ (‘India-AI Impact Summit 2026’) से गुतारेस ने इस बात पर जोर दिया कि कृत्रिम मेधा (AI) से पूरी दुनिया को लाभ होना चाहिए, न कि यह केवल विकसित देशों या दो महाशक्तियों के लिए आरक्षित विशेषाधिकार हो।

    उन्होंने कहा, ‘मैं इस शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए भारत को हार्दिक बधाई देता हूं। यह अत्यंत आवश्यक है कि एआई का विकास हर किसी के लाभ के लिए हो और ‘ग्लोबल साउथ’ के देश भी एआई के लाभ का हिस्सा बनें।’ ‘ग्लोबल साउथ’ से तात्पर्य उन देशों से है जिन्हें अक्सर विकासशील, कम विकसित अथवा अविकसित के रूप में जाना जाता है और ये मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लातिन अमेरिका में स्थित हैं।

    यह उच्च स्तरीय कार्यक्रम 16 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाला है जो ‘ग्लोबल साउथ’ के किसी देश में आयोजित होने वाला पहला एआई शिखर सम्मेलन होगा और यह ‘लोग, धरती और प्रगति’ के तीन मार्गदर्शक सिद्धांतों पर आधारित है। गुतारेस शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत की यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा कि ”यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है कि एआई केवल सर्वाधिक विकसित देशों का विशेषाधिकार हो’।

    गुतारेस की इस टिप्पणी को स्पष्ट रूप से अमेरिका और चीन पर केन्द्रित माना जा रहा है। गुतारेस ने कहा, ”यह बेहद आवश्यक है कि कृत्रिम मेधा मानव जाति के लाभ के लिए एक सार्वभौमिक साधन बने।’ उन्होंने कहा, ‘भारत की भूमिका आज एक बेहद सफल उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में है और यह न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था में बल्कि वैश्विक मामलों में भी लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए भारत बिल्कुल उपयुक्त जगह है और यह सुनिश्चित करने के लिए भी कि एआई की अपार संभावनाओं एवं इसके सभी जोखिमों के साथ इस पर गहराई से चर्चा हो क्योंकि एआई पूरी दुनिया से संबंधित है, न कि केवल कुछ लोगों से।’


    सम्मेलन में कौन से नेता लेंगे हिस्सा

    विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जिन नेताओं ने शिखर सम्मेलन में अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है, जिनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज पेरेज-कास्टेजोन, अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविक शामिल हैं।

    मंत्रालय के अनुसार, एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो, यूनान के प्रधानमंत्री क्यारियाकोस मित्सोटाकिस, कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री ओलझास बेक्टेनोव और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने भी ‘एआई इंपैक्ट समिट’ में शामिल होने की पुष्टि की है।

  • म्यूनिख इवेंट में Pak आर्मी चीफ आसिम मुनीर की घोर बेईज्जती… एंट्री गेट पर ID दिखाने को कहा

    म्यूनिख इवेंट में Pak आर्मी चीफ आसिम मुनीर की घोर बेईज्जती… एंट्री गेट पर ID दिखाने को कहा


    म्यूनिख।
    पाकिस्तान के सेना प्रमुख (Pakistan Army Chief) फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ( Field Marshal Asim Munir) म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस (Munich Security Conference) में भाग लेने के लिए जर्मनी पहुंचे थे। यह सम्मेलन विश्व के प्रमुख नेताओं, राजनयिकों और सुरक्षा विशेषज्ञों को एक मंच मुहैया कराता है, जहां अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है। मुनीर और उनकी टीम इस उच्च स्तरीय आयोजन में शामिल होने पहुंची, लेकिन एंट्री गेट पर एक सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया के कारण एक घटना घट गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

    इस वीडियो में दिखाया गया कि एक सुरक्षा अधिकारी ने मुनीर से उनकी आईडी कार्ड को सामने की ओर घुमाने के लिए कहा। यह घटना सम्मेलन के प्रवेश द्वार पर हुई, जहां अधिकारी ने उनके नेम बैज पर टैप करते हुए कहा, ‘क्या आप इसे घुमा सकते हैं?’ मुनीर ने तुरंत इसका पालन किया और अंदर चले गए।

    यह घटना किसी बड़े विवाद या अपमान का रूप नहीं ले पाई, क्योंकि सूत्रों के अनुसार यह सम्मेलन में सभी प्रतिभागियों के लिए मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा थी। हर व्यक्ति को अपनी पहचान पत्र स्पष्ट रूप से दिखाना होता है, चाहे वह कितना भी उच्च पदाधिकारी क्यों न हो। कई मीडिया रिपोर्ट्स में इसे लगभग रोका जाना बताया गया, लेकिन वास्तव में यह केवल आईडी कार्ड को सही दिशा में करने की छोटी सी बात बताई जा रही है। वीडियो में सुरक्षा अधिकारी महिला दिखाई दे रही है, जो स्पष्ट रूप से स्टॉप… वेयर इज योर आईडी? प्लीज फ्लिप योर आईडी कार्ड जैसी बात कहती है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर चर्चा छेड़ दी, जहां कुछ लोगों ने इसे प्रोटोकॉल स्नब बताया, जबकि अन्य ने इसे सामान्य सुरक्षा चेक माना।

    https://twitter.com/veer_tapariya/status/2022949126518849731
    आसिम मुनीर की भागीदारी का विरोध

    इसके अलावा, आसिम मुनीर की भागीदारी पर विरोध भी दर्ज किया गया। जर्मनी में स्थित सिंधी राजनीतिक संगठन JSMM ने उनकी उपस्थिति पर कड़ी आपत्ति जताई। संगठन के अध्यक्ष शफी बुरफत ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, जर्मन सरकार और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं को पत्र लिखकर कहा कि मुनीर को आमंत्रित करना बेहद अफसोसजनक है। उन्होंने पाकिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघनों का हवाला देते हुए प्रदर्शन किया और आयोजकों से उनकी भागीदारी पर फिर से विचार करने की मांग की। JSMM के सदस्यों ने सम्मेलन स्थल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें पाकिस्तान में दमन और क्षेत्रीय अस्थिरता के आरोप लगाए गए।


    बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा

    कुल मिलाकर, यह घटना म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस 2026 के दौरान हुई, जहां आसिम मुनीर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो सहित अन्य अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान वैश्विक व क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। वायरल वीडियो ने मीडिया में सुर्खियां बटोरीं, लेकिन यह मुख्य रूप से एक रूटीन सुरक्षा जांच बताई गई। बता दें कि आसिम मुनीर ने सम्मेलन में पाकिस्तान की स्थिति को मजबूती से रखा, जबकि विरोध प्रदर्शन ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के मानवाधिकार रिकॉर्ड पर बहस छेड़ दी।

  • निवेशकों को बड़े नुकसान से बचाने के लिए SEBI का बड़ा फैसला… बदलेंगे Gold-Silver ETF के नियम

    निवेशकों को बड़े नुकसान से बचाने के लिए SEBI का बड़ा फैसला… बदलेंगे Gold-Silver ETF के नियम


    नई दिल्ली।
    बाजार नियामक सेबी (Market Regulator SEBI) ने सोने और चांदी के ईटीएफ (Gold-Silver ETF) के कारोबारी नियमों में बदलाव करने का फैसला किया है। इसका मकसद है कि इनकी कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव के ज्यादा करीब रहें और निवेशकों को सही भाव पर खरीद-फरोख्त का मौका मिल सके। इससे आम निवेशकों को काफी फायदा होगा और अनचाहा नुकसान होने से बचाव हो सकेगा।

    दरअसल, दुनियाभर में सोने और चांदी की खरीद-बिक्री 24 घंटे होती है। अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी एक्सचेंज में भी इनकी कीमतें लगातार ऊपर-नीचे हो जाती हैं लेकिन भारत में ईटीएफ की खरीद-बिक्री शेयर बाजार के समय मुताबिक सुबह 9:15 से दोपहर 3:30 बजे तक ही होती है। इस दौरान इनके भाव एक तय सीमा (फिक्स्ड प्राइस बैंड) के भीतर ही घट-बढ़ सकते हैं।

    इस तय सीमा और समय अंतर की वजह से अक्सर भारतीय ईटीएफ की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कीमतों से पिछड़ जाती हैं या उनमें बड़ा अंतर आ जाता है। इसके चलते आम निवेशकों को सही दाम पर खरीद-बिक्री नहीं मिल पाती और कई बार बिना वजह नुकसान हो भी जाता है। वर्तमान में सोने-चांदी की कीमतों में लगातार तेज उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है जिसकी वजह से निवेशकों को नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। इसके चलते सेबी ने ईटीएफ के कारोबारी नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है।


    क्या है नया प्रस्ताव

    सेबी ने अब ‘डायनामिक प्राइस बैंड’ लागू करने का सुझाव दिया है। इसका मतलब यह है कि कीमतों की सीमा बाजार की स्थिति के अनुसार बदली जा सकेगी। शुरुआत में एक तय सीमा रहेगी, लेकिन अगर बाजार में ज्यादा हलचल होती है तो यह दायरा बढ़ाया जा सकेगा। हर बड़े बदलाव के बाद कुछ समय का अंतर भी दिया जाएगा, ताकि बाजार स्थिर हो सके और घबराहट में खरीद-फरोख्त न हो। सेबी ने हाल ही में प्रस्ताव का मसौदा जारी किया है और मार्च 2026 तक लोगों से राय मांगी है, जिसके बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।


    निवेशक ऐसे समझें योजना को

    प्रस्ताव के मुताबिक, नया दायरा छह फीसदी का होगा। यानी एक दिन में ईटीएफ के भाव छह फीसदी तक ऊपर या नीचे हो सकते हैं। अगर बाजार में तेज हलचल होती है तो इस दायरे को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा और हर बार यह तीन फीसदी तक बढ़ेगा। हर बदलाव के बाद बाजार को स्थिर होने के लिए 15 मिनट का समय दिया जाएगा। एक दिन में कुल दायरा ±20% की सीमा तक जा सकेगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि निवेशक को ईटीएफ की जो कीमत स्क्रीन पर दिखेगी, वह उसकी वास्तविक वैल्यू के करीब होगी।


    बाजार खुलने से पहले ही तय होगी दिशा

    सेबी ने एक और महत्वपूर्ण सुझाव दिया है, जो है ‘प्री-ओपन सेशन’ की शुरुआत। शेयर बाजार की तरह अब गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ के लिए भी बाजार खुलने से पहले एक खास सत्र हो सकता है। इसका मकसद यह है कि रातभर में विदेशी बाजारों में जो भी बदलाव हुए हैं, उन्हें भारतीय बाजार खुलने से पहले ही समायोजित कर लिया जाए। इससे सुबह बाजार खुलते ही कीमतों में दिखने वाले भारी गैप को कम किया जा सकेगा और निवेशकों को एक संतुलित शुरुआत मिलेगी।

  • MP में मौसम लेगा करवट, उज्जैन संभाग में बारिश के आसार, भोपाल-इंदौर में छाएंगे बादल

    MP में मौसम लेगा करवट, उज्जैन संभाग में बारिश के आसार, भोपाल-इंदौर में छाएंगे बादल


    भोपाल। फरवरी के मध्य में एमपी के मौसम में नया बदलाव देखने को मिलेगा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की सक्रियता के कारण 18 और 19 फरवरी को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और नीमच सहित उज्जैन संभाग में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन जिलों में अलर्ट जारी किया है। वहीं, भोपाल और इंदौर में बादल छाए रह सकते हैं।

    रविवार को प्रदेश में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला। खंडवा और खरगोन में दिन का तापमान 34 डिग्री के पार पहुंच गया, जबकि दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रायसेन, रतलाम, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सतना और उमरिया में पारा 30 डिग्री या उससे अधिक रहा।

    शनिवार-रविवार की रात ठंड का असर भी महसूस किया गया। कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 9.2 डिग्री, कल्याणपुर में 9.4 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री रहा। प्रमुख शहरों में इंदौर 11.5 डिग्री, ग्वालियर 11.7 डिग्री, भोपाल 13 डिग्री, उज्जैन 13.5 डिग्री और जबलपुर 14.3 डिग्री के साथ सबसे ठंडे शहर रहे।

    फरवरी में यह तीसरी बार होगा जब एमपी बारिश की चपेट में आएगा। फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर देखा गया था, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था।

    मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान में अगले दो दिन 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होगी। उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला नया सिस्टम 16 फरवरी से सक्रिय होगा, जिसका असर एमपी में भी दिखेगा। पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्के बादल छाए रहेंगे।

    अगले दो दिन का मौसम का हाल
    16 फरवरी – दिन में गर्मी बढ़ेगी, रात के तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी।
    17 फरवरी – कुछ जिलों में सुबह के समय हल्का कोहरा रहेगा, इस दिन बारिश का अलर्ट नहीं है।

    अभी प्रदेश में हल्की सर्दी का दौर जारी है, रात और सुबह के समय ठंड रहेगी। ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर ही रहेगा, जबकि दिन के समय पारा 30 डिग्री तक पहुंच सकता है।

  • तीसरे दिन ओ रोमियो की घटी कमाई, T20 वर्ल्ड कप रही वजह, जानें अब तक की कुल कमाई

    तीसरे दिन ओ रोमियो की घटी कमाई, T20 वर्ल्ड कप रही वजह, जानें अब तक की कुल कमाई



    नई दिल्ली। शाहिद कपूर और त्रिप्ति डिमरी स्टारर फिल्म ओ रोमियो का बॉक्स ऑफिस पर तीसरा दिन अपेक्षित रूप से कमजोर रहा। विशाल भारद्वाज निर्देशित इस फिल्म ने शनिवार को ₹12 करोड़ की कमाई की थी, लेकिन रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच हुए T20 वर्ल्ड कप मैच के कारण इसकी कमाई घटकर ₹9 करोड़ रह गई। फिल्म की तीसरे दिन की कमाई में गिरावट का मुख्य कारण लोकप्रिय खेल इवेंट से दर्शकों का बंटना माना जा रहा है।
    ओ रोमियो की कुल बॉक्स ऑफिस कमाई
    रिलीज के पहले तीन दिनों में फिल्म ने देश में कुल ₹30 करोड़ नेट कमाए हैं। Sacnilk.com के अनुसार:-
    पहले दिन: ₹8.50 करोड़
    दूसरे दिन: ₹12.65 करोड़
    तीसरे दिन: ₹9 करोड़

    फिल्म के कुल 4629 शो हुए, जिनकी एवरेज ऑक्यूपेंसी केवल 19.2% रही, जो दर्शकों की अपेक्षाकृत कम उत्सुकता दिखाती है। हालांकि शुरुआती वीकेंड में थोड़ी कमाई रही, ओ रोमियो शाहिद की पिछली ब्लॉकबस्टर कबीर सिंह की तुलना में काफी पीछे है। 2019 में कबीर सिंह ने तीसरे दिन ही ₹27.91 करोड़ कमाए थे, जो ओ रोमियो की कमाई का लगभग तीन गुना है।

    शाहिद की फिल्म को मिली परिवार की तारीफ
    शाहिद कपूर की पत्नी मीरा राजपूत और उनके भाई ईशान खट्टर ने इंस्टाग्राम पर फिल्म में शाहिद के अभिनय की सराहना की। मीरा ने लिखा कि शाहिद “अविश्वसनीय रूप से टैलेंटेड” हैं और “ओ रोमियो अब थिएटर में है। शानदार कहना कम है। मुझे तुम पर बहुत गर्व है।” ईशान ने शाहिद को “अंदर से जलते और बाहर से आराम से” एक्टर बताया और दर्शकों से फिल्म का अनुभव सिनेमाघरों में लेने का आग्रह किया।

    ओ रोमियो की कहानी
    फिल्म में शाहिद कपूर, त्रिप्ति डिमरी के अलावा विक्रांत मैसी, तमन्ना भाटिया, अविनाश तिवारी, दिशा पटानी, फरीदा जलाल और नाना पाटेकर भी हैं। कहानी लेखक हुसैन जैदी की किताब ‘माफिया क्वींस ऑफ मुंबई’ के एक चैप्टर से प्रेरित है। फिल्म एक रोमांटिक और इमोशनल ड्रामा है, जो मुंबई के अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर हसीन उस्तारा (शाहिद) और अफशा (त्रिप्ति) के रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें प्यार और खतरों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती दिखाई गई है।

  • युवाओं पर कोरियन कल्चर का रंग, ग्लास स्किन से के-पॉप तक बढ़ा क्रेज

    युवाओं पर कोरियन कल्चर का रंग, ग्लास स्किन से के-पॉप तक बढ़ा क्रेज


    नई दिल्ली । देशभर में कोरियन कल्चर का प्रभाव तेजी से बढ़ता जा रहा है। संगीत, खान-पान, फैशन और जीवनशैली में कोरिया के नए ट्रेंड युवाओं में खासे लोकप्रिय हो गए हैं। राजधानी और बड़े शहरों में युवाओं की पसंद में के-पॉप म्यूजिक, ग्लास स्किन मेकअप, स्टाइलिश पहनावे और कोरियन फूड का क्रेज नजर आ रहा है।

    डिजिटल दुनिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की वजह से युवा पीढ़ी कोरियन कल्चर के करीब आ रही है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर के-पॉप वीडियो, कोरियन वेब सीरीज, ब्यूटी और फैशन टिप्स को बहुत देखा और अपनाया जा रहा है। इस प्रवृत्ति ने न केवल मेकअप और कपड़ों पर असर डाला है, बल्कि खाने-पीने की आदतों और लाइफस्टाइल में भी बदलाव लाए हैं।

    हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस ट्रेंड का असर कुछ मामलों में नकारात्मक भी हो सकता है। हाल ही में गाजियाबाद में तीन बहनों द्वारा आत्महत्या की दुखद घटना ने सवाल उठाए कि कोरियन कल्चर की लगातार आदत और डिजिटल दुनिया के दबाव का युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। यह घटना यह संकेत देती है कि डिजिटल और ग्लोबल ट्रेंड्स के साथ संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

    फैशन और मेकअप के क्षेत्र में खासकर ग्लास स्किन और के-पॉप स्टार्स की स्टाइलिंग का क्रेज सबसे अधिक देखा जा रहा है। युवा अपनी पहचान और स्टाइल को कोरियन ट्रेंड्स के साथ जोड़ रहे हैं। खान-पान में भी कोरियन फूड जैसे किमची, त्तोकबॉकी और कोरियन स्नैक्स की मांग बढ़ रही है। शहरों में कोरियन रेस्टोरेंट्स और कैफे इस ट्रेंड का फायदा उठा रहे हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि कोरियन कल्चर की लोकप्रियता तकनीक, ग्लोबल कनेक्टिविटी और डिजिटल कंटेंट की वजह से बढ़ी है। हालांकि, यह जरूरी है कि युवा अपने स्थानीय और पारंपरिक मूल्यों के साथ इस ट्रेंड का संतुलित अनुभव करें।

    देश के अलग-अलग हिस्सों में कोरियन कल्चर की लोकप्रियता यह दर्शाती है कि ग्लोबल कल्चर और डिजिटल दुनिया युवा पीढ़ी के जीवन पर तेजी से असर डाल रही है। यह प्रवृत्ति फैशन, म्यूजिक और फूड तक ही सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं की सोच और सामाजिक व्यवहार में भी असर डाल रही है।

  • यूरिक एसिड बढ़ा है? इन 9 संकेतों से पहचानें और बिना दवा भी करें कंट्रोल

    यूरिक एसिड बढ़ा है? इन 9 संकेतों से पहचानें और बिना दवा भी करें कंट्रोल


    नई दिल्ली । अगर अचानक जोड़ों में दर्द, सूजन या पैरों के अंगूठे में जलन महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें। इसके पीछे हाई यूरिक एसिड (Uric Acid) की संभावना हो सकती है। शरीर भोजन के पाचन और मेटाबॉलिक प्रक्रियाओं के दौरान यूरिक एसिड बनाता है। आमतौर पर किडनी इसे पेशाब के जरिए बाहर निकाल देती है। लेकिन अगर इस प्रक्रिया में गड़बड़ी हो जाए तो यूरिक एसिड शरीर में जमा होने लगता है और गाउट यानी गठिया जैसी परेशानी पैदा कर सकता है।

    लक्षण

    यूरिक एसिड बढ़ने के सबसे सामान्य लक्षण जोड़ों में तेज दर्द, सूजन और जकड़न हैं। खासकर पैरों के अंगूठे, घुटने और टखने प्रभावित होते हैं। दर्द अक्सर अचानक शुरू होता है और रात में बढ़ सकता है। कुछ मामलों में किडनी पर असर पड़ सकता है, जिससे पेशाब में जलन या किडनी स्टोन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

    कॉम्प्लिकेशन्स

    यूरिक एसिड लंबे समय तक हाई रहने पर जोड़ों में यूरिक एसिड के क्रिस्टल जम सकते हैं, जिससे परमानेंट डैमेज हो सकता है। गाउट के कारण जोड़ों में लगातार सूजन और तेज दर्द रहता है। इसके अलावा किडनी स्टोन का खतरा भी बढ़ जाता है।

    नॉर्मल लेवल

    एक स्वस्थ वयस्क में यूरिक एसिड का सामान्य स्तर पुरुषों में 3.4–7.0 mg/dL और महिलाओं में 2.4–6.0 mg/dL होता है। इसके ऊपर जाने पर जोड़ों और किडनी को असर पड़ सकता है।

    टेस्ट

    यूरिक एसिड लेवल जानने के लिए सीरम यूरिक एसिड ब्लड टेस्ट या यूरिन यूरिक एसिड टेस्ट करवाया जा सकता है। ये टेस्ट सुरक्षित और आसान होते हैं।

    इलाज और कंट्रोल

    हल्का बढ़ा यूरिक एसिड लाइफस्टाइल सुधार से कंट्रोल किया जा सकता है। पर्याप्त पानी पीना, वजन नियंत्रित रखना और हेल्दी डाइट अपनाना मददगार है। अगर गाउट अटैक हो रहे हैं, तो डॉक्टर दवा देते हैं।

    डाइट और खान-पान

    लो-प्यूरिन और फाइबर से भरपूर फूड जैसे हरी सब्जियां, मौसमी फल, होल ग्रेन्स और लो-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स फायदेमंद हैं। विटामिन-C वाले फल जैसे संतरा, नींबू और आंवला यूरिक एसिड को किडनी से बाहर निकलने में मदद करते हैं। इसके विपरीत रेड मीट, ऑर्गन मीट, सी-फूड, शराब, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स और बहुत मीठे जूस से परहेज करें।

    डॉक्टर से कंसल्ट कब करें: बार-बार गाउट अटैक लंबे समय तक दर्द बना रहना चलने-फिरने में दिक्कत पेशाब में जलन या खून आना बहुत कम पेशाब किडनी स्टोन की समस्या समय रहते लक्षण पहचानकर सही इलाज और संतुलित जीवनशैली अपनाने से यूरिक एसिड को नियंत्रित किया जा सकता है।

  • Skin Care Tips: बदलते मौसम में भी स्किन रहे फ्रेश और हेल्दी, बस फॉलो करें ये ब्यूटी टिप्स

    Skin Care Tips: बदलते मौसम में भी स्किन रहे फ्रेश और हेल्दी, बस फॉलो करें ये ब्यूटी टिप्स


    नई दिल्ली । बदलते मौसम की वजह से सिर्फ सेहत ही नहीं बल्कि स्किन भी प्रभावित होती है. अभी ठंड पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. भले ही सुबह और शाम का मौसम अच्छा रहता है, लेकिन दिन की तेज चिलचिलाती धूप लोगों को बाहर निकलने से पहले सोचने पर मजबूर कर रही है. ऐसे में अपनी स्किन को ग्लोइंग बनाए रखने के लिए सही डाइट लेना और स्किन का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. मौसम में बदलाव के कारण स्किन पर बुरा असर पड़ता है, जैसे कि ड्राई स्किन, ऑयलीनेस, पिंपल्स या एलर्जी की समस्या. यहां कुछ ऐसे टिप्स दिए गए हैं, जिन्हें अपनाकर आप बदलते मौसम में भी हेल्दी और ग्लोइंग स्किन पा सकते हैं.

    सनस्क्रीन जरूर लगाएं

    हर मौसम में सनस्क्रीन का उपयोग करना जरूरी होता है. इसे केवल गर्मियों में ही नहीं बल्कि सर्दियों और बरसात में भी लगाना चाहिए. सनस्क्रीन त्वचा को धूप से होने वाले दाग-धब्बों, झुर्रियों और अन्य समस्याओं से बचाने में मदद करती है. बाहर जाने से पहले SPF 40+ या उससे ज्यादा एसपीएफ वाली सनस्क्रीन जरूर लगाएं.

    सही मॉइस्चराइजर का करें इस्तेमाल

    मौसम बदलने के साथ त्वचा में नमी की कमी हो सकती है, इसलिए इसे मॉइस्चराइज करना बेहद जरूरी है. गर्मियों में ग्रीसी और भारी क्रीम की बजाय जेल-बेस्ड या वॉटर-बेस्ड मॉइस्चराइजर का उपयोग करें. हाइड्रेटिंग प्रोडक्ट्स जैसे एलोवेरा, खीरा और गुलाब जल का इस्तेमाल करें, ताकि त्वचा में ताजगी बनी रहे.

    पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं

    हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है. दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं. पानी की कमी से त्वचा रूखी और बेजान हो सकती है. इसके अलावा, फेस मिस्ट का उपयोग करें, ताकि स्किन को एक्स्ट्रा हाइड्रेशन मिले.

    चेहरे को दिन में दो बार धोएं

    गर्मी के कारण धूल, गंदगी और पसीने की वजह से त्वचा ऑयली हो जाती है, जिससे पिंपल्स की समस्या हो सकती है. दिन में कम से कम दो बार फेस वॉश से चेहरा साफ करें. इसके बाद टोनर का इस्तेमाल करें, ताकि पोर्स क्लीन रहें और स्किन फ्रेश दिखे.

  • क्या आपकी त्वचा भी पड़ रही है काली? मेलानिन को प्राकृतिक रूप से कम करने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स!

    क्या आपकी त्वचा भी पड़ रही है काली? मेलानिन को प्राकृतिक रूप से कम करने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स!


    नई दिल्ली। हमारी त्वचा का प्राकृतिक रंग ‘मेलानिन’ नाम के पिगमेंट पर निर्भर करता है। हालाँकि मेलानिन सूरज की हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट किरणों से हमारी रक्षा करता है, लेकिन शरीर में इसकी अधिकता चेहरे पर काले धब्बे, झाइयां और असमान रंगत (पिगमेंटेशन) का कारण बन सकती है। अगर आप भी अपनी त्वचा को एक समान, साफ और चमकदार बनाना चाहते हैं, तो इन 5 आसान और असरदार उपायों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं।

    1. सूर्य की किरणों से सुरक्षा सनस्क्रीन का जादू
    सूरज की यूवी किरणें मेलानिन के उत्पादन को सबसे ज्यादा उत्तेजित करती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि चाहे खिड़की से आने वाली धूप हो या बादलों वाला मौसम, SPF 30 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन रोज लगाना अनिवार्य है। इसके अलावा, बाहर निकलते समय टोपी, छाता और हल्के सूती कपड़ों का उपयोग त्वचा को सीधी धूप से बचाने में मदद करता है।

    2. विटामिन C और एंटीऑक्सिडेंट्स का सेव
    विटामिन C मेलानिन को रोकने का एक पावरहाउस है। यह न केवल त्वचा को अंदर से साफ करता है बल्कि टायरोसिनेस (Tyrosinase) एंजाइम को रोककर मेलानिन उत्पादन धीमा करता है। अपने आहार में संतरा, आंवला, स्ट्रॉबेरी और अंगूर शामिल करें। इसके साथ ही, चेहरे पर अच्छी गुणवत्ता वाला विटामिन C सीरम लगाना भी एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प है। ग्रीन टी और बेरीज भी इसमें काफी सहायक होते हैं।

    3. नियमित एक्सफोलिएशन
    त्वचा की ऊपरी मृत कोशिकाओं (Dead Cells) में मेलानिन जमा हो जाता है, जिससे त्वचा डार्क दिखने लगती है। साप्ताहिक स्क्रबिंग या कोमल केमिकल एक्सफोलिएशन से इन मृत कोशिकाओं को हटाया जा सकता है, जिससे नीचे की साफ और नई त्वचा बाहर आती है। ध्यान रहे कि स्क्रब बहुत ज्यादा कठोर न हो, वरना त्वचा छिल सकती है।

    4. नींबू और प्राकृतिक फेस पैक
    नींबू में प्राकृतिक रूप से ब्लीचिंग गुण होते हैं। लेकिन इसे सीधे चेहरे पर लगाने के बजाय दही या शहद के साथ मिलाकर लगाना ज्यादा सुरक्षित है। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड और नींबू का विटामिन C मिलकर पिगमेंटेशन को कम करते हैं और त्वचा को हाइड्रेटेड रखते हैं।

    5. लाइफस्टाइल में बदलाव
    आपकी त्वचा आपके अंदरूनी स्वास्थ्य का आईना है। पर्याप्त नींद (7-8 घंटे), भरपूर पानी पीना और तनाव मुक्त रहना मेलानिन को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। तनाव से शरीर में हार्मोनल असंतुलन होता है, जो मेलानिन बढ़ा सकता है। इसके साथ ही धूम्रपान और शराब से परहेज करना भी त्वचा की चमक बनाए रखने के लिए जरूरी है।

    डर्मेटोलॉजिस्ट की राय: विशेषज्ञों का मानना है कि मेलानिन को पूरी तरह खत्म करना न तो संभव है और न ही सही, क्योंकि यह त्वचा का सुरक्षा कवच है। लेकिन सही सनस्क्रीन, संतुलित आहार और स्किनकेयर रूटीन के जरिए डार्क स्पॉट्स और असमान पिगमेंटेशन को काफी हद तक कम किया जा सकता है।