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  • दौलत की दौड़ में अडानी आगे: अंबानी को पीछे छोड़ बढ़ा वैश्विक रुतबा

    दौलत की दौड़ में अडानी आगे: अंबानी को पीछे छोड़ बढ़ा वैश्विक रुतबा

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    नई दिल्ली। दुनिया के अरबपतियों की ताजा रैंकिंग में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। गौतम अडानी अब संपत्ति के मामले में मुकेश अंबानी से आगे निकल गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार अडानी 18वें स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि अंबानी 20वें नंबर पर खिसक गए हैं। अडानी की दौलत में उछाल, अंबानी को झटका इस साल गौतम अडानी की संपत्ति में करीब 10.9 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है, जिससे उनकी कुल नेटवर्थ 95.4 अरब डॉलर हो गई। वहीं मुकेश अंबानी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। Reliance Industries के शेयरों में गिरावट के चलते उनकी संपत्ति 16.7 अरब डॉलर घटकर 91 अरब डॉलर रह गई है। 200 अरब डॉलर क्लब में कौन आगे दुनिया के टॉप अरबपतियों में अभी भी टेक दिग्गजों का दबदबा है, एलन मस्क करीब 654 अरब डॉलर के साथ शीर्ष परजेफ बेजोस और लैरी पेज समेत कई दिग्गज 200 अरब डॉलर क्लब में शामिलइस साल किस पर हुई ‘पैसों की बारिश’ 2026 में सबसे ज्यादा कमाई करने वालों में: माइकल डेल (36.6 अरब डॉलर की बढ़त)एलन मस्क (34.9 अरब डॉलर की बढ़त)जॉन तु (29.4 अरब डॉलर का इजाफा)किसे हुआ सबसे ज्यादा नुकसान इस साल सबसे ज्यादा दौलत गंवाने वालों में: बर्नार्ड अर्नॉल्ट (43.6 अरब डॉलर की गिरावट)स्टीव बाल्मर (19 अरब डॉलर नुकसान)मुकेश अंबानी (16.7 अरब डॉलर की कमी)इसके अलावा बिल गेट्स और वॉरेन बफेट जैसे दिग्गजों की संपत्ति में भी गिरावट दर्ज की गई है। गौतम अडानी ने तेजी से बढ़ती संपत्ति के दम पर न सिर्फ मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ा है, बल्कि वैश्विक अरबपतियों की सूची में भी अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। यह बदलाव बाजार के उतार-चढ़ाव और कंपनियों के प्रदर्शन का सीधा असर दिखाता है।

  • पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी: देश ने याद किए पीड़ित, पीएम मोदी ने दिया सख्त संदेश

    पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी: देश ने याद किए पीड़ित, पीएम मोदी ने दिया सख्त संदेश


    नई दिल्ली ।  पहलगाम आतंकी हमले को एक वर्ष पूरा होने पर देशभर में पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई। इस दर्दनाक घटना ने जम्मू कश्मीर के शांत माने जाने वाले पर्यटन स्थल को अचानक हिंसा और दहशत के केंद्र में बदल दिया था। बरसी के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पीड़ितों को याद करते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की और आतंकवाद के खिलाफ भारत के मजबूत रुख को दोहराया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह घटना केवल एक आतंकी हमला नहीं थी, बल्कि देश की आत्मा पर लगा ऐसा घाव है जिसे समय भी आसानी से भर नहीं सकता।

    प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के सामने झुकने वाला नहीं है और देश की एकता तथा संकल्प शक्ति ऐसे समय में और मजबूत होती है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा देश इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है। यह संदेश ऐसे समय आया जब देश इस घटना की पहली बरसी पर उन सभी लोगों को याद कर रहा था जिन्होंने अपनी जान गंवाई थी।

    यह हमला 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम क्षेत्र में हुआ था, जब बड़ी संख्या में पर्यटक वहां मौजूद थे। अचानक हुए इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक शामिल थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और घाटी में पर्यटन गतिविधियों पर भी इसका गहरा असर पड़ा था। उस समय की भयावह स्थिति और उसके बाद का माहौल लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहा।

    सुरक्षा एजेंसियों की जांच में इस हमले के पीछे एक आतंकी संगठन से जुड़े नेटवर्क की भूमिका सामने आई थी, जो सीमा पार स्थित संरचनाओं से जुड़ा बताया गया। जांच में यह भी संकेत मिले कि यह हमला पूर्व नियोजित था और इसका उद्देश्य क्षेत्र में भय और अस्थिरता पैदा करना था। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कई स्तरों पर कदम उठाए गए।

    हमले के बाद भारतीय सुरक्षा बलों ने एक विशेष अभियान चलाया था, जिसके तहत सीमा पार स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई को रणनीतिक और सीमित उद्देश्य वाला बताया गया था, जिसका लक्ष्य केवल आतंकी ढांचे को कमजोर करना था। इस कदम ने यह संदेश दिया कि देश अब किसी भी आतंकी घटना का जवाब अधिक संगठित और निर्णायक तरीके से देगा।

    पहलगाम की इस घटना की बरसी पर देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने मौन रखकर पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। यह दिन केवल एक स्मरण नहीं रहा, बल्कि उस संकल्प का प्रतीक भी बना जिसमें आतंकवाद के खिलाफ निरंतर संघर्ष और सतर्कता की आवश्यकता को दोहराया गया। स्थानीय लोगों के लिए यह दिन आज भी उस भयावह अनुभव की याद दिलाता है जिसने उनके जीवन को गहराई से प्रभावित किया था।

    यह बरसी इस बात की भी याद दिलाती है कि सुरक्षा और शांति केवल एक घटना के बाद की प्रतिक्रिया नहीं हो सकती, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया है जिसमें समाज, सरकार और सुरक्षा व्यवस्था सभी की साझा भूमिका होती है। पहलगाम की घटना ने देश को यह संदेश दिया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लंबी है और इसमें एकजुटता सबसे बड़ी ताकत है।

  • सीजफायर का ‘टाइम’ बना पहेली: अमेरिका-ईरान के बीच खत्म कब होगा युद्धविराम?

    सीजफायर का ‘टाइम’ बना पहेली: अमेरिका-ईरान के बीच खत्म कब होगा युद्धविराम?

    वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्धविराम को लेकर अब समय-सीमा ही विवाद का कारण बन गई है। अलग-अलग बयानों की वजह से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि आखिर सीजफायर कब और किस समय समाप्त होगा। समय को लेकर क्यों बना भ्रम?
    पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार के मुताबिक, युद्धविराम 22 अप्रैल सुबह 4:50 बजे (पाकिस्तानी समय) खत्म होना तय है। लेकिन डोनाल्ड ट्रंप का बयान इससे अलग तस्वीर पेश करता है। उन्होंने संकेत दिया है कि सीजफायर वॉशिंगटन समय के अनुसार शाम तक जारी रह सकता है।  यानी दोनों पक्ष अलग-अलग टाइम ज़ोन के हिसाब से सीजफायर की समाप्ति को देख रहे हैं—यही इस भ्रम की सबसे बड़ी वजह है।
    ईरान की चुप्पी से बढ़ी अनिश्चितता इस पूरे मामले में ईरान की ओर से कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान नहीं आया है। क्या तेहरान तय समय पर सीजफायर खत्म मानेगा?या बातचीत के लिए इसे बढ़ाने को तैयार है?इन सवालों पर सस्पेंस बना हुआ है, जिससे कूटनीतिक स्थिति और जटिल हो गई है। ट्रंप की सख्त चेतावनी डोनाल्ड ट्रंप ने साफ संकेत दिया है कि अगर तय अवधि तक कोई समझौता नहीं होता, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है।
    उन्होंने कहा कि ईरान के पास समझौते का मौका है, लेकिन वे सीजफायर बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। बातचीत भी अधर में 11–12 अप्रैल को हुई पहली दौर की वार्ता बेनतीजा रहीदूसरे दौर को लेकर अब भी स्थिति साफ नहींपाकिस्तान ने भी कहा है कि उसे ईरान की भागीदारी पर औपचारिक जवाब का इंतजार हैघड़ी चल रही है, लेकिन समय तय नहीं इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी समस्या यही है कि सीजफायर का “एक तय समय” सभी पक्षों के बीच सहमति से निर्धारित नहीं है। जब तक ईरान अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं करता, तब तक यह दुविधा बनी रह सकती है—और इसके साथ ही युद्ध फिर भड़कने का खतरा भी।

  • बुधवार मंत्र: भगवान गणेश के इन मंत्रों के जाप से आएगी बरकत, बनकर रहेंगे काम

    बुधवार मंत्र: भगवान गणेश के इन मंत्रों के जाप से आएगी बरकत, बनकर रहेंगे काम


    नई दिल्ली। गणेश भगवान की पूजा अर्चना करने के लिए बुधवार का दिन बहुत ही खास माना गया है। आज के दिन जातक गणेश भगवान को प्रसन्न करने के लिए कई प्रकार के उपाय करते हैं उनका व्रत रखते हैं उनके मंत्रों का उच्चारण करते हैं। ताकि उनकी कृपा उनके घर परिवार पर बनी रहे। कहां जाता है कि बुधवार के दिन अगर आप अपने घर पर ही परिवार के साथ गणेश भगवान की आरती करते हैं उनको प्रसाद चढ़ाते हैं। तो आपके घर में सकारात्मक बनी रहती है और हर समस्या धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं।

    पूजा विधि
    भगवान की पूजा करने के लिए आप सुबह प्रातः काल उठे और स्नान करके भगवान की मंदिर के पास एक चौकी रखें। उसे पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान की मूर्ति की स्थापना करें। अगर आपके घर के मंदिर में भगवान पहले से ही है तो आप वहीं पर उनकी पूजा कर सकते हैं। पूजा करने के लिए आप अच्छा हल्दी दुर्वा का उपयोग करें और भगवान को भोग में बेसन अथवा मोदक के लड्डू चढ़ाएं।

    इन मंत्रों का करें जाप
    ॐ वक्रतुण्डैक दंष्ट्राय क्लीं ह्रीं श्रीं गं गणपते वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा’

    ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरु गणेश।

    ग्लौम गणपति, ऋद्धि पति, सिद्धि पति. करो दूर क्लेश ।।

    ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गण्पत्ये वर वरदे नमः

    ॐ तत्पुरुषाय विद्महे वक्रतुण्डा धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात”

    गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बकः ।

    नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक :।।

    धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायकः।

    भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए आज के दिन आपको उनके अच्छे से पूजा अर्चना करनी चाहिए। साथ ही उन्हें मोदक का लड्डू आवश्यक चढ़ाना चाहिए। इसके अलावा आप उन्हें दूर्वा और सुपाड़ी भी चढ़ाएं। इससे प्रश्न होकर भगवान आपके परिवार में सुख समृद्धि बनाए रखते हैं और आपको भी मनचाहा वरदान देते हैं। इसके अलावा आपकी ऊपर आ रही सारी विघ्न को भी हर लेते हैं।

  • 16 साल पुराने मालेगांव ब्लास्ट मामले में राहत, बॉम्बे हाई कोर्ट ने सुना अहम फैसला

    16 साल पुराने मालेगांव ब्लास्ट मामले में राहत, बॉम्बे हाई कोर्ट ने सुना अहम फैसला


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र के मालेगांव (Malegaon Blast) में साल 2006 में हुए बम धमाकों के मामले में बड़ा फैसला सामने आया है जहां Bombay High Court ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है यह फैसला करीब सत्रह साल बाद आया है जिससे यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है और लोगों की नजरें इस पर टिक गई हैं।

    17 साल पुराने Malegaon Blast केस में सबूतों की कमी, कोर्ट ने आरोपियों को दी राहत—अदालत ने अपने फैसले में साफ कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत पेश करने में असफल रहा ऐसे में संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपियों को बरी किया गया इस मामले की सुनवाई लंबे समय तक चली और कई बार जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे

    यह घटना आठ सितंबर 2006 को हुई थी जब मालेगांव में सिलसिलेवार धमाके हुए थे इन धमाकों में करीब पैंतालीस लोगों की मौत हो गई थी जबकि सौ से ज्यादा लोग घायल हुए थे घटना के बाद पुलिस और अन्य एजेंसियों ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया और बाद में आरोपपत्र दाखिल किया गया हालांकि अदालत में पेश किए गए सबूत आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं माने गए

    2006 धमाके में 45 लोगों की गई थी जान, जांच पर उठे सवाल—फैसले के बाद एक बार फिर जांच प्रक्रिया पर बहस तेज हो गई है कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इतने लंबे समय के बाद भी पुख्ता सबूत नहीं जुटा पाना गंभीर सवाल खड़े करता है वहीं पीड़ित परिवारों के लिए यह फैसला निराशाजनक माना जा रहा है क्योंकि उन्हें न्याय की उम्मीद थी

    इस निर्णय ने एक बार फिर न्यायिक प्रक्रिया और जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी पर ध्यान केंद्रित कर दिया है अब देखना होगा कि आगे इस मामले में कोई नई कानूनी पहल होती है या नहीं फिलहाल इस फैसले के साथ ही यह पुराना मामला एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है और देश भर में इस पर चर्चा जारी है

  • अन्नदाता बनेगा 'ऊर्जादाता': नितिन गडकरी ने बताया क्यों जरूरी है 100% एथनॉल, अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट।

    अन्नदाता बनेगा 'ऊर्जादाता': नितिन गडकरी ने बताया क्यों जरूरी है 100% एथनॉल, अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट।


    नई दिल्ली। भारत के ऊर्जा भविष्य और परिवहन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण साझा किया है। एक हालिया कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि देश को निकट भविष्य में सौ प्रतिशत एथनॉल ब्लेंडिंग प्राप्त करने का लक्ष्य रखना चाहिए। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, वैश्विक स्तर पर विशेषकर पश्चिम एशिया में जारी तेल आपूर्ति की अनिश्चितताओं को देखते हुए भारत के लिए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना समय की मांग है। वर्तमान में भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिसे कम करना आर्थिक और रणनीतिक दोनों दृष्टिकोणों से आवश्यक है।

    एथनॉल एक प्रकार का अल्कोहल है जिसे गन्ने, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है। जब इसे पेट्रोल के साथ मिलाया जाता है, तो इसे ‘फ्लेक्स फ्यूल’ कहा जाता है। गडकरी ने जोर देकर कहा कि फ्लेक्स फ्यूल तकनीक न केवल पर्यावरण के अनुकूल है बल्कि यह किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने ब्राजील जैसे देशों का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां शत-प्रतिशत एथनॉल ब्लेंडिंग का सफल प्रयोग पहले से ही किया जा रहा है। भारत में भी इस दिशा में तेजी से काम हो रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए बीस प्रतिशत एथनॉल मिश्रण के लक्ष्य को प्राप्त करने के बाद अब और बड़े लक्ष्यों की ओर बढ़ने का समय आ गया है।

    आंकड़ों के अनुसार, भारत अपनी कच्चे तेल की आवश्यकता का लगभग सतासी प्रतिशत आयात करता है, जिस पर सालाना करीब बाईस लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। भारी मात्रा में जीवाश्म ईंधन का आयात न केवल अर्थव्यवस्था पर बोझ डालता है, बल्कि पर्यावरण प्रदूषण में भी बड़ी हिस्सेदारी रखता है। केंद्रीय मंत्री ने ऑटोमोबाइल कंपनियों से आग्रह किया कि वे लागत के बजाय गुणवत्ता और नई तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करें ताकि भविष्य के वाहनों को पूरी तरह से वैकल्पिक ईंधन पर चलाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि पेट्रोल-डीजल वाहनों के उपयोग को हतोत्साहित करना आवश्यक है, लेकिन इसके लिए तकनीकी विकल्प तैयार करना सबसे प्रभावी तरीका होगा।

    भविष्य के ईंधन के रूप में गडकरी ने ग्रीन हाइड्रोजन के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन पंपों के संचालन की लागत को कम करना और परिवहन की चुनौतियों का समाधान करना प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि हाइड्रोजन की उत्पादन लागत को कम कर एक डॉलर प्रति किलोग्राम के स्तर पर लाया जा सके, तो भारत न केवल अपनी जरूरतें पूरी करेगा बल्कि ऊर्जा के एक प्रमुख निर्यातक के रूप में भी उभर सकता है। जैव ईंधन और हरित ऊर्जा के इन समन्वित प्रयासों से देश को प्रदूषण मुक्त बनाने और विदेशी मुद्रा भंडार की बचत करने में बड़ी सफलता मिल सकती है।

  • फैंस के लिए खुशखबरी: ‘Awarapan 2’ की रिलीज डेट तय, Emraan Hashmi और Disha Patani साथ आएंगे नजर

    फैंस के लिए खुशखबरी: ‘Awarapan 2’ की रिलीज डेट तय, Emraan Hashmi और Disha Patani साथ आएंगे नजर


    नई दिल्ली।  इमरान हाशमी (Emraan Hashmi) की फिल्म आवारा पार्ट 2 (Awarapan 2) को लेकर लगातार कई सारी खबरें सामने आ रही थी। आपको बता दें कि, दर्शक भी इस फिल्म के लिए काफी उत्साह दिखा रहे थे जब से इस फिल्म का अनाउंसमेंट हुआ था। फैंस बड़ी ही बेसब्री से इस फिल्म का इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म की शूटिंग से जुड़ी कई खबरें सामने आई कई क्लिप भी वायरल हुई लेकिन अब जाकर इस फिल्म की रिलीज डेट सामने आ गई है।

    रिलीज डेट का हुआ खुलासा
    मेकर्स ने फिल्म की जो पहली झलक साझा की है, उसमें सबसे पहले दिशा पटानी (Disha Patani) को हाथ से कबूतर को छोड़ते हुए दिखाया गया है। इसके बाद इमरान हाशमी के हाथ में लॉकेट पकड़े हुए एक क्लोज-अप तस्वीर और एक कबूतर का टैटू भी दिखाया गया है। इसी के साथ मेकर्स ने फिल्म की रिलीज डेट भी अनाउंस कर दी है, जिसके अनुसार यह फिल्म स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले यानी 14 अगस्त, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

    फिल्म का कबूतर से क्या कनेक्शन
    2007 में रिलीज हुई ‘आवारापन’ की कहानी में सफेद कबूतरों की अहम भूमिका थी। इस बार भी, फिल्म निर्माताओं ने नई कहानी में पुरानी यादों को शामिल करने का पूरा ध्यान रखा है। इस फिल्म में इमरान हाशमी के साथ दिशा पाटनी लीड रोल में नजर आने वाली हैं।

    यह फिल्म 2007 में आई फिल्म ‘आवारापन’ का सीक्वल है, जिसमें इमरान हाशमी के साथ श्रिया सरन लीड रोल में नजर आई थीं और आशुतोष राणा, पूरब कोहली और मृणालिनी शर्मा जैसे कलाकार भी इस फिल्म का हिस्सा थे। वहीं इस फिल्म के निर्देशक मोहित सूरी थे, लेकिन पहली फिल्म के विपरीत, ‘आवारापन 2’ का निर्देशन नितिन कक्कर करेंगे और इसकी कहानी बिलाल सिद्दीकी ने लिखी है। अब देखना होगा ये फिल्म सिनेमाघरों में क्या कमाल दिखाती हैं।

  • बेंगलुरु में खूनी इश्क का अंत: आंखों पर पट्टी, कुर्सी से बांधा और फिर… प्रेमिका ने BF को जिंदा जला डाला!

    बेंगलुरु में खूनी इश्क का अंत: आंखों पर पट्टी, कुर्सी से बांधा और फिर… प्रेमिका ने BF को जिंदा जला डाला!


    नई दिल्ली। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवती ने अपने ही प्रेमी की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस जांच में यह बात निकलकर आई है कि आरोपी युवती अपने बॉयफ्रेंड द्वारा शादी से बचने और उसे नजरअंदाज किए जाने से काफी समय से परेशान थी। इसी नाराजगी और उपेक्षा की भावना के चलते उसने एक सोची-समझी साजिश के तहत इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग रिश्तों में बढ़ती इस चरम हिंसा को देखकर स्तब्ध हैं।

    मृतक और आरोपी युवती दोनों की उम्र लगभग सत्ताईस साल बताई जा रही है और वे एक ही टेलीकॉम स्टोर में साथ काम करते थे। दोनों के बीच पिछले एक साल से प्रेम संबंध थे, लेकिन पिछले कुछ महीनों से उनके रिश्तों में कड़वाहट आने लगी थी। युवती को संदेह था कि उसका साथी अब इस रिश्ते को लेकर गंभीर नहीं है और विवाह के वादे से पीछे हट रहा है। इसी मानसिक तनाव के बीच उसने युवक को रास्ते से हटाने का मन बना लिया और एक ऐसी योजना तैयार की जिसे सुनकर हर कोई हैरान है।

    वारदात वाले दिन युवती ने प्रेमी को अपने घर बुलाया जब वहां कोई और सदस्य मौजूद नहीं था। शुरुआती बातचीत के बाद युवती ने उसे एक विशेष सरप्राइज देने की बात कही। उसने युवक को विश्वास में लिया कि वह उसे विदेशी शैली में प्रपोज करना चाहती है। इसी बहाने उसने युवक की आंखों पर पट्टी बांध दी और उसे एक कुर्सी से मजबूती से बांध दिया। जब युवक ने इस पर आपत्ति जताई, तो युवती ने इसे महज एक रोमांचक सरप्राइज का हिस्सा बताकर उसे शांत कर दिया। इसके बाद आरोपी ने पहले से तैयार रखा ज्वलनशील पदार्थ युवक पर छिड़क दिया और उसे आग के हवाले कर दिया।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मामला और भी भयावह तब हो गया जब यह पता चला कि आरोपी महिला ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया। आग लगने के बाद युवक मदद के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन युवती उसे तड़पता हुआ देखती रही। गंभीर रूप से जलने के कारण युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह प्रेमी के व्यवहार से टूट चुकी थी। फिलहाल पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है ताकि कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

  • पहलगाम हमले की बरसी: नरेंद्र मोदी का पाकिस्तान को कड़ा संदेश-‘भारत आतंकवाद के आगे नहीं झुकेगा’

    पहलगाम हमले की बरसी: नरेंद्र मोदी का पाकिस्तान को कड़ा संदेश-‘भारत आतंकवाद के आगे नहीं झुकेगा’


    नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के Pahalgam में हुए आतंकी हमले की बरसी पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शहीदों को याद करते हुए आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत किसी भी रूप में आतंकवाद के आगे नहीं झुकेगा और आतंकियों के मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे।

    पीएम मोदी ने जताई संवेदना
    प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि पिछले साल इसी दिन हुए इस भयावह हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा देश इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है और एक राष्ट्र के रूप में भारत शोक और संकल्प में एकजुट है।

    क्या हुआ था पहलगाम में?
    दरअसल, 22 अप्रैल 2025 को Pahalgam की बैसरन घाटी में आतंकियों ने घूमने आए सैलानियों पर अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। इस हमले के पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन Lashkar-e-Taiba का हाथ बताया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकियों ने लोगों से नाम और धर्म पूछकर महिलाओं और बच्चों के सामने गोली चलाई थी, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया था।

    शहीदों की याद में बना स्मारक
    हमले में जान गंवाने वाले लोगों की याद में लिद्दर नदी के किनारे एक स्मारक बनाया गया है। काले संगमरमर से बने इस स्मारक पर सभी 26 मृतकों के नाम अंकित हैं। बरसी के मौके पर इलाके में सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

    ऑपरेशन सिंदूर: भारत का जवाब
    हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए “ऑपरेशन सिंदूर” शुरू किया था। इस अभियान के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों के कई ठिकानों को निशाना बनाया और उन्हें तबाह किया। बताया जाता है कि इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। इसके बाद 28 जुलाई 2025 को “ऑपरेशन महादेव” के तहत हमले में शामिल आतंकियों को भी मार गिराया गया।

    आतंकवाद पर भारत का स्पष्ट रुख
    प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने संदेश में दोहराया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा और किसी भी कीमत पर देश की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आतंक के खिलाफ यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक इस खतरे को पूरी तरह समाप्त नहीं कर दिया जाता।

  • शेयर बाजार में कमजोरी: शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty 50 दोनों में गिरावट

    शेयर बाजार में कमजोरी: शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty 50 दोनों में गिरावट


    नई दिल्ली। सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार, 22 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। शुरुआती कारोबार में ही बाजार पर दबाव देखने को मिला और प्रमुख सूचकांक BSE Sensex और NSE Nifty 50 लाल निशान में ट्रेड करते नजर आए।

    Sensex और Nifty की कमजोर शुरुआत
    सुबह बाजार खुलते ही 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 253 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 79,000 के आसपास खुला। वहीं निफ्टी 50 भी 100 अंकों से ज्यादा फिसलकर 24,470 के करीब पहुंच गया। कुछ ही देर में गिरावट और बढ़ी और सेंसेक्स करीब 365 अंक टूटकर 78,900 के आसपास कारोबार करने लगा, जबकि निफ्टी भी करीब 90 अंक गिरकर 24,485 के स्तर पर आ गया।

    किन शेयरों में रही तेजी और गिरावट?
    बाजार में आई इस गिरावट के बीच कुछ शेयरों में खरीदारी भी देखने को मिली। Trent Ltd, Bajaj Finance, Maruti Suzuki और ITC Limited जैसे शेयरों में तेजी रही। वहीं दूसरी ओर HCL Technologies, Tech Mahindra, Infosys, Tata Consultancy Services और ICICI Bank के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

    मंगलवार को बाजार में रही थी तेजी
    इससे पहले मंगलवार को बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली थी। सेंसेक्स 753 अंक चढ़कर 79,273 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 211 अंक की बढ़त के साथ 24,576 के स्तर पर पहुंच गया था। उस दिन बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर में अच्छी खरीदारी देखने को मिली थी।

    क्या है गिरावट की वजह?
    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बुधवार को आई गिरावट के पीछे मुख्य वजह मुनाफावसूली और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत हैं। पिछले सत्र में तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार पर दबाव बना। हालांकि जानकारों का कहना है कि इस तरह की गिरावट बाजार का सामान्य हिस्सा है। लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि सोच-समझकर निवेश रणनीति बनानी चाहिए।