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  • धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ पड़ा भारी! रामायण पर विवादित बयान को लेकर प्रकाश राज पर कानूनी शिकंजा।

    धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ पड़ा भारी! रामायण पर विवादित बयान को लेकर प्रकाश राज पर कानूनी शिकंजा।

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के जाने-माने अभिनेता प्रकाश राज एक बार फिर अपने विवादित बयानों के कारण कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। हाल ही में केरल लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान रामायण के प्रसंगों पर की गई उनकी एक टिप्पणी को लेकर देशभर में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। इस मामले में आंध्र प्रदेश के एक राजनीतिक नेता और तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड के सदस्य भानु प्रकाश ने अभिनेता के विरुद्ध आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अभिनेता ने हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं और आस्था को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से मानहानिकारक और आपत्तिजनक बयान दिए हैं।

    पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब अभिनेता ने एक सत्र के दौरान रामायण से प्रेरित एक कहानी सुनाई जो उनके अनुसार बच्चों के थिएटर वर्कशॉप का हिस्सा थी। इस कहानी के वर्णन के दौरान उन्होंने भगवान राम और लक्ष्मण के साथ-साथ रावण के पात्रों का जिक्र करते हुए आधुनिक कर व्यवस्था यानी जीएसटी पर कटाक्ष किया। अभिनेता द्वारा इस पौराणिक कथा को आधुनिक संदर्भों में मजाकिया ढंग से पेश करने के प्रयास को कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने भगवान का अपमान माना है। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो प्रसारित होने के बाद लोगों ने उनकी कड़ी आलोचना की और इसे सनातन धर्म की मान्यताओं के साथ खिलवाड़ बताया है।

    कानूनी शिकायत दर्ज कराने वाले भानु प्रकाश ने अधिकारियों से मांग की है कि न केवल प्रकाश राज बल्कि उनके ऐसे बयानों का समर्थन करने वालों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने दावा किया कि इस तरह के बयानों का मुख्य उद्देश्य धार्मिक कथाओं को गलत तरीके से पेश करना और समाज में वैमनस्य फैलाना है। इससे पहले भी सोलह अप्रैल को एक वकील द्वारा इसी तरह की शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है जिसमें कहा गया था कि धार्मिक मान्यताओं का अपमान किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह पहली बार नहीं है जब प्रकाश राज अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं पर इस बार मामला सीधे तौर पर धार्मिक ग्रंथों से जुड़ा होने के कारण काफी गंभीर हो गया है।

    एक तरफ जहां अभिनेता अपनी आगामी बड़ी फिल्मों की तैयारियों में व्यस्त हैं वहीं दूसरी ओर इन कानूनी विवादों ने उनकी पेशेवर छवि को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। वर्तमान में प्रकाश राज वाराणसी और स्पिरिट जैसी बहुप्रतीक्षित फिल्मों का हिस्सा हैं जिनमें वे बड़े सितारों के साथ नजर आने वाले हैं। इन विवादों के बीच फिल्म उद्योग के भीतर भी इस बात पर चर्चा तेज हो गई है कि क्या सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की टिप्पणियां करना उचित है। फिलहाल पुलिस प्रशासन शिकायतों की जांच कर रहा है और यह देखना होगा कि इस मामले में कानून क्या रुख अपनाता है।

  • बाल पकड़कर घसीटा, बैंक ले जाकर निकाले 6 लाख: Jabalpur में सनसनीखेज मामला

    बाल पकड़कर घसीटा, बैंक ले जाकर निकाले 6 लाख: Jabalpur में सनसनीखेज मामला


    नई दिल्ली। जबलपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक घरेलू कामगार महिला के साथ न सिर्फ बेरहमी से मारपीट की गई, बल्कि उससे लाखों रुपये की ठगी करने का भी आरोप है। घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है।

     बाल पकड़कर घसीटा, थप्पड़ों से की पिटाई
    आधारताल थाना क्षेत्र में रहने वाली पूनम बर्मन ने आरोप लगाया है कि उसकी मालकिन अंजू पांडे ने मामूली विवाद के बाद उसे थप्पड़ मारे और बाल पकड़कर जमीन पर घसीटा। यह पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जो अब पुलिस जांच का अहम हिस्सा है।

     नशीली गोली देकर कराए साइन, खाते से निकाले 6 लाख
    पीड़िता का आरोप है कि उसे साजिश के तहत नशीली गोली दी गई, जिससे वह बेसुध हो गई। इस दौरान उससे चेक पर साइन करवाए गए और फिर उसे जबरन बैंक ले जाकर उसके खाते से करीब 6 लाख रुपये निकाल लिए गए। पीड़िता की बहन के अनुसार, पूनम के खाते में लगभग 6.30 लाख रुपये जमा थे, जो पूरी तरह निकाल लिए गए। साथ ही उसके बैंक दस्तावेज और कमाई भी आरोपियों ने अपने पास रख ली।

     विरोध किया तो और बढ़ी प्रताड़ना
    होश में आने के बाद जब पूनम ने विरोध किया, तो उसके साथ और ज्यादा मारपीट की गई। पीड़िता का कहना है कि वह कई महीनों से काम कर रही थी, लेकिन अचानक उससे पैसे मांगने शुरू कर दिए गए और मना करने पर उसे निशाना बनाया गया।

     पुलिस जांच में जुटी, वीडियो बना सबूत
    पीड़िता ने एएसपी को शिकायत और वीडियो सौंपा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

     सवालों के घेरे में सुरक्षा और भरोसा
    यह घटना घरेलू कामगारों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले शोषण पर गंभीर सवाल खड़े करती है। समाज में भरोसे के रिश्ते किस तरह टूट रहे हैं, यह मामला उसकी एक कड़वी मिसाल बनकर सामने आया है।

  • बल्लेबाजों की आंधी के बीच गेंदबाजों का 'संयम': बुमराह, नरेन और शमी की कंजूस गेंदबाजी ने बदला खेल का रुख।

    बल्लेबाजों की आंधी के बीच गेंदबाजों का 'संयम': बुमराह, नरेन और शमी की कंजूस गेंदबाजी ने बदला खेल का रुख।


    नई दिल्ली । इंडियन प्रीमियर लीग के उन्नीसवें सीजन में जहां एक ओर बल्लेबाजों का बल्ला जमकर आग उगल रहा है और स्कोरबोर्ड पर बड़े लक्ष्य टंगे दिखाई दे रहे हैं वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे गेंदबाज भी हैं जिन्होंने अपनी धारदार गेंदबाजी से रन बनाना मुश्किल कर दिया है। आधुनिक क्रिकेट में जब दो सौ और ढाई सौ रनों का आंकड़ा पार करना सामान्य बात हो गई है तब गेंदबाजों के लिए रनों पर अंकुश लगाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस चुनौतीपूर्ण माहौल में भी कुछ दिग्गज गेंदबाजों ने अपनी सटीक लाइन और लेंथ के दम पर डॉट गेंदों की झड़ी लगा दी है जो विपक्षी टीम पर दबाव बनाने का सबसे प्रभावी हथियार साबित हो रही है।

    इस सीजन में डॉट गेंदों के मामले में भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी सबसे प्रभावशाली नजर आ रहे हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से खेलते हुए शमी ने नई गेंद के साथ अपनी कला और अनुभव का बेहतरीन नमूना पेश किया है। अब तक खेले गए छह मुकाबलों में वे साठ से अधिक डॉट गेंदें फेंक चुके हैं जिसका सीधा अर्थ है कि उन्होंने अपने कोटे के महत्वपूर्ण ओवरों में बल्लेबाजों को हाथ खोलने का कोई मौका नहीं दिया है। उनकी इस सधी हुई गेंदबाजी के कारण न केवल विपक्षी टीम की रन गति पर लगाम लगी है बल्कि इसका फायदा टीम के अन्य गेंदबाजों को भी विकेट के रूप में मिल रहा है।

    गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी इकाई का नेतृत्व कर रहे मोहम्मद सिराज भी इस सूची में मजबूती से अपनी जगह बनाए हुए हैं। सिराज ने पावरप्ले के दौरान अपनी गति और स्विंग से विश्व स्तरीय बल्लेबाजों को काफी परेशान किया है। छह मैचों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वे शमी के बेहद करीब नजर आते हैं और लगातार डॉट गेंदें निकालकर बल्लेबाजों को जोखिम भरे शॉट खेलने पर मजबूर कर रहे हैं। सिराज की सबसे बड़ी खूबी यह रही है कि वे शुरुआती ओवरों में विकेट निकालने के साथ-साथ रनों के प्रवाह को रोकने में भी सफल रहे हैं जो टी20 प्रारूप में किसी भी कप्तान के लिए सबसे बड़ी राहत होती है।

    स्पिन विभाग में कोलकाता नाइट राइडर्स के सुनील नरेन का जादू एक बार फिर सर चढ़कर बोल रहा है। नरेन की मिस्ट्री स्पिन को पढ़ना बल्लेबाजों के लिए आज भी एक कठिन पहेली बना हुआ है। उन्होंने इस सीजन में अपनी इकॉनमी रेट को सात से नीचे बनाए रखा है जो उनकी गेंदबाजी की सटिकता को दर्शाता है। मध्य ओवरों में जब बल्लेबाज बड़े शॉट लगाने की कोशिश करते हैं तब नरेन अपनी विविधताओं से उन्हें बांधे रखते हैं। उनके स्पैल में डॉट गेंदों की संख्या यह स्पष्ट करती है कि अनुभव के साथ उनकी गेंदबाजी और अधिक धारदार होती जा रही है और वे आज भी अपनी टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी बने हुए हैं।

    राजस्थान रॉयल्स के लिए जोफ्रा आर्चर की वापसी इस सीजन की सबसे बड़ी सकारात्मक खबरों में से एक रही है। चोट की लंबी अवधि के बाद मैदान पर लौटे आर्चर ने अपनी पुरानी लय हासिल कर ली है। उनकी अतिरिक्त उछाल और तेज गति बल्लेबाजों के मन में खौफ पैदा करने के लिए पर्याप्त है। छह मैचों के अंतराल में उन्होंने न केवल डॉट गेंदें निकाली हैं बल्कि महत्वपूर्ण समय पर विकेट चटकाकर अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। आर्चर की मौजूदगी ने राजस्थान के गेंदबाजी आक्रमण को एक नई मजबूती दी है जिससे डेथ ओवरों में भी रनों पर अंकुश लगाना आसान हो गया है। कुल मिलाकर इस सीजन में गेंदबाजों की यह चौकड़ी बल्लेबाजों के लिए कड़ी चुनौती पेश कर रही है।

  • भीषण गर्मी का असर: ग्वालियर में दोपहर में बाजार सूने, लू से लोग बेहाल

    भीषण गर्मी का असर: ग्वालियर में दोपहर में बाजार सूने, लू से लोग बेहाल


    नई दिल्ली। ग्वालियर में गर्मी अब कहर बनकर टूट रही है। राजस्थान से आ रही गर्म और शुष्क हवाओं ने मौसम को और ज्यादा झुलसा दिया है। मंगलवार को शहर का अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे लोगों का दिनभर घर से निकलना मुश्किल हो गया।

    सुबह से ही तेज धूप, रातें भी हुईं बेचैन
    बुधवार की सुबह तेज धूप के साथ शुरू हुई, जिसने दिन में और अधिक गर्मी बढ़ने के संकेत दे दिए हैं। वहीं रात का तापमान भी बढ़कर 24.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल रही और उमस के कारण नींद प्रभावित हो रही है।

     राजस्थान की लू बनी वजह
    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान से आ रही गर्म हवाएं इस तेज गर्मी का मुख्य कारण हैं। इन हवाओं के चलते वातावरण में नमी लगातार कम हो रही है, जिससे तापमान तेजी से ऊपर जा रहा है। आने वाले दिनों में पारा और चढ़ने की संभावना जताई गई है।

    बाजारों में सन्नाटा, दोपहर में कम हुई भीड़
    तेज गर्मी का असर शहर के जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय बाजारों में भीड़ काफी कम हो गई है। लोग केवल जरूरी काम के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं, जबकि सड़कें भी अपेक्षाकृत खाली नजर आ रही हैं।

     प्रशासन की सलाह: सावधानी जरूरी
    प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। साथ ही अधिक से अधिक पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और सिर को ढककर निकलने की हिदायत दी गई है।

  • लाइटर से बीड़ी जलाना पड़ा भारी: ग्वालियर में 70 साल के बुजुर्ग की जलने से मौत

    लाइटर से बीड़ी जलाना पड़ा भारी: ग्वालियर में 70 साल के बुजुर्ग की जलने से मौत


    नई दिल्ली। ग्वालियर में एक मामूली सी लापरवाही ने 70 वर्षीय बुजुर्ग की जान ले ली। माधौगंज थाना क्षेत्र के शीतला माता मंदिर के पास रहने वाले काशीराम कुशवाह की मौत बीड़ी जलाते समय लगी आग से हो गई। घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

    बीड़ी जलाते वक्त हुआ हादसा
    जानकारी के मुताबिक, काशीराम मंगलवार शाम सोकर उठने के बाद घर के बाहर बने मंदिर पर बैठकर बीड़ी पी रहे थे। जैसे ही उन्होंने लाइटर से बीड़ी जलाई, अचानक एक चिंगारी उनके कपड़ों पर आ गिरी। देखते ही देखते आग भड़क उठी और कुछ ही पलों में उनके कपड़े जलने लगे।

    चीख सुन दौड़े लोग, लेकिन नहीं बच सके
    बुजुर्ग की चीख सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। लोगों ने कंबल और पानी की मदद से आग बुझाने की कोशिश की और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। लेकिन गंभीर रूप से झुलसने के कारण डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।

    कुछ ही मिनटों में बेकाबू हुई आग
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में आग सिर्फ चेहरे के आसपास थी, लेकिन तेजी से फैलते हुए पूरे शरीर को अपनी चपेट में ले लिया। जब तक लोग मदद के लिए पहुंचे, तब तक स्थिति काफी गंभीर हो चुकी थी।

     पुलिस जांच में जुटी
    मामले की सूचना मिलते ही माधौगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह हादसा बीड़ी जलाते समय चिंगारी गिरने से हुआ प्रतीत होता है। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।

    सावधानी ही बचाव
    यह घटना एक बड़ा संदेश देती है कि आग से जुड़ी छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। खासकर बुजुर्गों को बीड़ी, सिगरेट या आग से जुड़े काम करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।

  • पहलगाम फाइल्स: आतंकी साजिश से लेकर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता तक, कैमरे में कैद होगा घाटी का सच।

    पहलगाम फाइल्स: आतंकी साजिश से लेकर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता तक, कैमरे में कैद होगा घाटी का सच।

    नई दिल्ली ।  देश के इतिहास में दर्ज पहलगाम आतंकी हमले की दर्दनाक घटना को लेकर एक बार फिर सिनेमाई जगत में गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस घटना और इसके बाद हुए कथित ऑपरेशन सिंदूर को आधार बनाकर कई फिल्म और वेब सीरीज पर काम किया जा रहा है, जिनकी आधिकारिक घोषणाओं और शुरुआती झलकियों ने दर्शकों की रुचि बढ़ा दी है।
    हालांकि इन प्रोजेक्ट्स की रिलीज को लेकर अभी स्पष्ट समय सीमा सामने नहीं आई है, जिसके चलते दर्शकों को फिलहाल इंतजार करना पड़ सकता है। इस विषय पर आधारित सामग्री को लेकर फिल्म उद्योग में गंभीरता और संवेदनशीलता दोनों ही स्तर पर विचार किया जा रहा है ताकि वास्तविक घटनाओं को संतुलित और जिम्मेदार तरीके से प्रस्तुत किया जा सके।
    सूत्रों के अनुसार पहल ए नेशन यूनाइट्स नामक वेब सीरीज का ऐलान स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर किया गया था और इसकी पहली झलक भी जारी की जा चुकी है। यह सीरीज पहलगाम हमले के बाद की परिस्थितियों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई को केंद्र में रखकर बनाई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इसमें घटनाओं की पृष्ठभूमि और उसके सामाजिक प्रभावों को विस्तार से दिखाने का प्रयास किया जाएगा। टीजर में दिखाई गई प्रस्तुति से यह संकेत मिलता है कि कहानी को एक व्यापक राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में पेश किया जाएगा, जिसमें घटनाक्रम के साथ मानवीय पहलुओं पर भी ध्यान दिया गया है।
    इसके अलावा फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री द्वारा एक फिल्म ऑपरेशन सिंदूर की घोषणा भी चर्चा में रही है। यह फिल्म एक पुस्तक पर आधारित बताई जा रही है, जिसमें भारत की सीमा पार की गई कथित सैन्य कार्रवाइयों और उनसे जुड़ी घटनाओं का वर्णन किया गया है। इस परियोजना को एक प्रमुख प्रोडक्शन हाउस के सहयोग से विकसित किया जा रहा है और इसमें मुख्य भूमिका को लेकर चर्चाएं जारी हैं। हालांकि फिल्म के निर्माण और रिलीज को लेकर आधिकारिक स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है, जिससे इसकी प्रगति पर निगाहें बनी हुई हैं।
    निर्माता एकता कपूर भी इसी विषय पर आधारित द टेरर रिपोर्ट नामक फिल्म पर काम कर रही हैं। इसका टीजर पहले ही जारी किया जा चुका है, जिसमें पहलगाम क्षेत्र और उससे जुड़े घटनाक्रमों की झलक दिखाई गई थी। यह प्रोजेक्ट भी अभी प्रारंभिक या निर्माण चरण में माना जा रहा है और इसकी रिलीज को लेकर कोई निश्चित घोषणा नहीं हुई है। फिल्म उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की संवेदनशील विषयवस्तु पर आधारित परियोजनाओं को तैयार करने में समय अधिक लगता है क्योंकि इसमें ऐतिहासिक और सामाजिक तथ्यों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक होता है।
    इसी बीच इंडिया पाकिस्तान द फाइनल रेजोल्यूशन नामक एक क्षेत्रीय फिल्म भी निर्माणाधीन है, जो पहलगाम घटना के बाद भारत और पाकिस्तान के संबंधों और घाटी में रहने वाले लोगों के जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों को दर्शाने का प्रयास करेगी। इस फिल्म की शूटिंग विभिन्न स्थानों पर जारी है और इसके कुछ हिस्से मुंबई में पूरे किए जा चुके हैं, जबकि कश्मीर में शेष हिस्सों की शूटिंग प्रस्तावित है।इन सभी परियोजनाओं के बीच दर्शकों में उत्सुकता तो है, लेकिन साथ ही यह अपेक्षा भी बनी हुई है कि इन विषयों को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया जाए, ताकि वास्तविक घटनाओं की गंभीरता और उनके प्रभावों को सही रूप में समझा जा सके।
  • नेशनल जिम्नास्टिक में हिस्सा लेने वाली टीम आज उज्जैन से भुवनेश्वर के लिए रवाना होगी

    नेशनल जिम्नास्टिक में हिस्सा लेने वाली टीम आज उज्जैन से भुवनेश्वर के लिए रवाना होगी


    नई दिल्ली। उज्जैन के जिम्नास्ट खिलाड़ियों के लिए गर्व का अवसर है, क्योंकि शहर की टीम 28 अप्रैल से 4 मई तक भुवनेश्वर में आयोजित होने वाली नेशनल जिम्नास्टिक प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बुधवार को रवाना होगी। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सीनियर और जूनियर बालक-बालिका वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।

    पांच खिलाड़ी और दो ऑफिशियल्स करेंगे प्रतिनिधित्व
    जिम्नास्टिक एसोसिएशन के सचिव ओपी शर्मा के अनुसार, उज्जैन से कुल पांच खिलाड़ी और दो ऑफिशियल्स इस प्रतियोगिता में भाग लेने जा रहे हैं। सीनियर वर्ग में विशाल दायमा शहर का प्रतिनिधित्व करेंगे। वहीं अंडर-17 वर्ग में प्रतीक साहू, अथर्व डोडिया, अनुराग डांगी और चित्रांशी लछेटा का चयन हुआ है।

    कोच और जज भी रहेंगे साथ
    टीम के साथ कोच नरेंद्र श्रीवास्तव खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करेंगे। इसके अलावा जिम्नास्टिक फेडरेशन ऑफ इंडिया (GFI) द्वारा चयनित जज आरएल वर्मा भी इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए टीम के साथ जाएंगे।

    खिलाड़ियों में उत्साह, शहर में खुशी
    राष्ट्रीय स्तर पर चयनित होने पर खिलाड़ियों में उत्साह का माहौल है। शहर के खेल प्रेमियों और पदाधिकारियों ने भी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके बेहतर प्रदर्शन की कामना की है।

    पदाधिकारियों ने बढ़ाया हौसला
    इस मौके पर एसोसिएशन अध्यक्ष सावन बजाज, संरक्षक नारायण यादव, कलावती यादव, प्राचार्य वंदना गुप्ता सहित कई गणमान्य लोगों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।

  • हरभजन सिंह की प्रतिक्रिया में सामने आया निर्णायक क्षण का विश्लेषण, एक अच्छा थ्रो और सटीक फील्डिंग से बदल सकता था आईपीएल मुकाबले का परिणाम

    हरभजन सिंह की प्रतिक्रिया में सामने आया निर्णायक क्षण का विश्लेषण, एक अच्छा थ्रो और सटीक फील्डिंग से बदल सकता था आईपीएल मुकाबले का परिणाम


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला गया मुकाबला एक बार फिर इस बात का उदाहरण बन गया कि टी20 क्रिकेट में छोटे क्षण भी पूरे मैच की दिशा तय कर सकते हैं। हैदराबाद में खेले गए इस मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 242 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसमें अभिषेक शर्मा की नाबाद 135 रन की पारी सबसे बड़ा अंतर साबित हुई। उनकी बल्लेबाजी ने न केवल टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया बल्कि दिल्ली कैपिटल्स के गेंदबाजी आक्रमण को भी लगातार दबाव में रखा।

    अभिषेक शर्मा की यह पारी केवल रन बनाने तक सीमित नहीं रही बल्कि इसमें मैच की दिशा तय करने वाले कई महत्वपूर्ण मोड़ भी शामिल थे। शुरुआती चरण में जब वह 49 रन पर खेल रहे थे, उस समय एक रन आउट का स्पष्ट अवसर दिल्ली कैपिटल्स के पास था। वह एक रन लेने के प्रयास में क्रीज से काफी बाहर थे, लेकिन विकेटकीपर तक गेंद सही तरीके से नहीं पहुंच सकी और यह मौका चूक गया। यही क्षण मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ क्योंकि इसके बाद अभिषेक शर्मा ने पूरी तरह आक्रामक बल्लेबाजी शुरू कर दी और गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाते रहे।

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने इस घटना को लेकर कहा कि यह मुकाबले का सबसे अहम क्षण था और यदि उस समय अभिषेक शर्मा आउट हो जाते तो खेल का परिणाम काफी अलग हो सकता था। उनके अनुसार उच्च स्कोरिंग मुकाबलों में ऐसे छोटे अवसर बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और एक सटीक थ्रो या बेहतर फील्डिंग पूरे खेल की दिशा बदल सकती है। उनका मानना था कि यह वही क्षण था जिसने दिल्ली कैपिटल्स को बड़े नुकसान की ओर धकेल दिया।

    मैच के नौवें ओवर में हुआ यह रन आउट का अवसर उस समय आया जब अभिषेक शर्मा तेजी से रन लेने के प्रयास में क्रीज से बाहर थे। विकेटकीपर की ओर से आया थ्रो सही नियंत्रण में नहीं आ सका और गेंद पकड़ने में हुई देरी ने उन्हें बचा लिया। यह चूक दिल्ली कैपिटल्स के लिए भारी साबित हुई क्योंकि इसके बाद अभिषेक ने अपनी पारी को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया और बड़े शॉट्स की झड़ी लगा दी। उन्होंने 68 गेंदों पर 10 छक्कों और 10 चौकों की मदद से नाबाद 135 रन बनाए।

    दिल्ली कैपिटल्स की बल्लेबाजी जब लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। बड़े लक्ष्य के सामने नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से रन गति पर लगातार असर पड़ा। मध्य क्रम के बल्लेबाज भी उस स्थिरता को नहीं ला सके जिसकी आवश्यकता थी। सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए विपक्षी टीम को खुलकर खेलने का अवसर नहीं दिया और अंततः उन्हें 195 रनों पर रोक दिया गया।

    यह मुकाबला इस बात को रेखांकित करता है कि टी20 क्रिकेट में एक गलती या एक अवसर का उपयोग न कर पाना पूरे परिणाम को प्रभावित कर सकता है। अभिषेक शर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी और दिल्ली कैपिटल्स की फील्डिंग चूक ने मिलकर इस मैच को पूरी तरह एकतरफा बना दिया, जबकि हरभजन सिंह की टिप्पणी ने इस निर्णायक क्षण के महत्व को और स्पष्ट कर दिया।

  • महाकाल की शरण में रवि किशन: गोरखपुर की खुशहाली के लिए कामना

    महाकाल की शरण में रवि किशन: गोरखपुर की खुशहाली के लिए कामना


    नई दिल्ली। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार सुबह आस्था का खास दृश्य देखने को मिला, जब गोरखपुर से सांसद और फिल्म अभिनेता रवि किशन बाबा महाकाल की शरण में पहुंचे। उन्होंने भस्म आरती के पश्चात मंदिर में प्रवेश कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया।

    भस्म आरती के बाद पहुंचे, नंदी हॉल में किया पूजन
    रवि किशन मंदिर पहुंचने के बाद सबसे पहले नंदी हॉल में रुके, जहां उन्होंने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे चांदी द्वार से गर्भगृह के दर्शन के लिए पहुंचे और जल अर्पित कर भगवान महाकाल का स्मरण किया। इस दौरान वे लगातार “हर हर महादेव” का जाप करते नजर आए।

    15 मिनट तक किए दिव्य दर्शन
    करीब 15 मिनट तक मंदिर परिसर में रहकर उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मंदिर में उनकी मौजूदगी के दौरान श्रद्धालुओं में भी उत्साह का माहौल देखा गया।

    गोरखपुर की खुशहाली के लिए मांगी प्रार्थना
    दर्शन के बाद रवि किशन ने कहा कि बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन का अवसर मिलना जीवन को धन्य कर देता है। उन्होंने विशेष रूप से गोरखपुर की जनता के लिए भगवान से आशीर्वाद मांगा और सभी के अच्छे स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि की कामना की।

    आस्था और श्रद्धा का केंद्र महाकाल
    महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां रोजाना देशभर से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भस्म आरती का विशेष महत्व है, जिसे देखने के लिए भक्त दूर-दूर से उज्जैन आते हैं।

  • धूप और आंखों की परेशानी पर सफाई: महाकुंभ की साध्वी हर्षा ने बताया क्यों लगाया चश्मा

    धूप और आंखों की परेशानी पर सफाई: महाकुंभ की साध्वी हर्षा ने बताया क्यों लगाया चश्मा


    नई दिल्ली। महाकुंभ से सोशल मीडिया पर सुर्खियों में आईं साध्वी हर्षा रिछारिया अब औपचारिक रूप से संन्यास लेकर हर्षानंद गिरि बन चुकी हैं। उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में सुमनानंद जी महाराज से दीक्षा लेने के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। हालांकि, संन्यास के बाद भी उनके मेकअप और स्टाइल को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।
    ग्लैमर से अध्यात्म तक का सफर
    हर्षानंद गिरि ने बताया कि उनका यह बदलाव अचानक नहीं बल्कि धीरे-धीरे आया। 2019 के बाद जीवन में आई आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों ने उन्हें अध्यात्म की ओर मोड़ दिया। केदारनाथ मंदिर की यात्राओं ने उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन किया। उनका कहना है कि यह सब “ईश्वर की कृपा” से संभव हुआ और अब उन्हें आध्यात्मिक जीवन में सुकून मिलता है।
    मेकअप और चश्मे पर विवाद, साध्वी का जवाब
    संन्यास लेने के बाद भी उनके सनग्लास, काजल और लिप बाम इस्तेमाल को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं। इस पर हर्षानंद गिरि ने स्पष्ट कहा कि-

    आंखों की समस्या के कारण उन्हें चश्मा लगाना जरूरी है

    तेज धूप में रहने के कारण सनस्क्रीन का उपयोग करना पड़ता है

    वे केवल बेसिक चीजें जैसे काजल और लिप बाम ही इस्तेमाल करती हैं

    उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य और जरूरत का मामला है, न कि दिखावे का।

    दीक्षा के बाद नया विवादमुंडन पर बहस
    दीक्षा के बाद एक और विवाद सामने आया, जब सिलीगुड़ी की एक अन्य साध्वी भारती ने परंपरा के अनुसार मुंडन कराया, जबकि हर्षानंद गिरि का पूर्ण मुंडन नहीं हुआ। इस पर अखाड़ा परंपरा से जुड़े लोगों ने बताया कि महिलाओं के मामले में यह निर्णय गुरु की इच्छा पर निर्भर करता है।
    परिवार से दूरी, भावुक हुईं साध्वी
    हर्षानंद गिरि ने बताया कि संन्यास के बाद उनका परिवार और दोस्तों से संपर्क लगभग टूट गया है। उनकी मां की तबीयत खराब है और भाई भी उनसे बात नहीं कर रहा। इस विषय पर बात करते हुए वे भावुक हो गईं, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि समय के साथ सब ठीक हो जाएगा।
    आगे का मिशन: जागरूकता और सामाजिक काम
    दीक्षा के बाद हर्षानंद गिरि ने स्पष्ट किया कि वे अब धर्मांतरण और ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दों पर जागरूकता अभियान चलाएंगी। उनका कहना है कि समाज में बेटियों को जागरूक करना और उन्हें मजबूत बनाना जरूरी है, जिसके लिए वे सेमिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेंगी।
    गुरु का बयान: परिवर्तन स्वाभाविक
    महामंडलेश्वर सुमनानंद जी महाराज ने इस परिवर्तन को स्वाभाविक बताते हुए कहा कि जैसे रत्नाकर से वाल्मीकि बने, वैसे ही हर्षा का हर्षानंद गिरि बनना भी ईश्वरीय प्रक्रिया का हिस्सा है।