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  • नए इनकम टैक्स कानून में बड़ा बदलाव Form 128 से प्रॉपर्टी समेत कई ट्रांजैक्शन पर मिलेगा लोअर या NIL TDS का रास्ता आसान

    नए इनकम टैक्स कानून में बड़ा बदलाव Form 128 से प्रॉपर्टी समेत कई ट्रांजैक्शन पर मिलेगा लोअर या NIL TDS का रास्ता आसान


    नई दिल्ली। इनकम टैक्स एक्ट 2025 के लागू होते ही टैक्सपेयर्स के लिए एक अहम बदलाव सामने आया है। अब प्रॉपर्टी और अन्य ट्रांजैक्शन पर लोअर या NIL TDS सर्टिफिकेट के लिए नया Form 128 लागू किया गया है जो पुराने Form 13 की जगह लेगा। सरकार का मकसद नियमों को आसान बनाना और प्रोसेस को ज्यादा पारदर्शी तथा स्ट्रीमलाइन करना है ताकि जिन लोगों पर वास्तविक टैक्स देनदारी कम है उन्हें अनावश्यक रूप से ज्यादा TDS कटने की परेशानी न झेलनी पड़े।

    यदि कोई व्यक्ति प्रॉपर्टी बेच रहा है और उसे लगता है कि उसकी कुल टैक्स देनदारी कम है या शून्य है तो वह निर्धारित अवधि के लिए लोअर या NIL TDS सर्टिफिकेट के लिए अप्लाई कर सकता है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई संपत्ति अप्रैल से अक्टूबर के बीच बिकनी है तो उसी अवधि के लिए सर्टिफिकेट जारी किया जा सकता है। इससे टैक्सपेयर्स को कैश फ्लो मैनेज करने में आसानी होगी और बाद में रिफंड के झंझट से राहत मिलेगी।

    नए Form 128 में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। पहले Form 13 में पिछले चार साल के ITR की कॉपी अपलोड करनी पड़ती थी जिससे प्रोसेस लंबा और दस्तावेज आधारित हो जाता था। अब केवल ITR से जुड़ी जरूरी जानकारियां जैसे अकनॉलेजमेंट नंबर फाइलिंग डेट टैक्सेबल इनकम और टैक्स लाइबिलिटी देना पर्याप्त होगा। इसी तरह पहले पेयर्स का TAN PAN या आधार नंबर देना होता था लेकिन अब केवल TAN या PAN देना ही काफी है। इससे दस्तावेजों का बोझ कम हुआ है और आवेदन प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल हुई है।

    बजट 2026 में सरकार ने NIL TDS सर्टिफिकेट के लिए ऑटोमैटेड सिस्टम लाने की घोषणा की थी। हालांकि फिलहाल Form 128 के तहत प्रक्रिया मैन्युअल ही है। फॉर्म में चार कैटेगरी दी गई हैं जिनमें NPO स्पेसिफाइड एंटिटी बिजनेस या प्रोफेशन वाले व्यक्ति और अन्य शामिल हैं। माना जा रहा है कि भविष्य में अन्य कैटेगरी में आने वाले छोटे टैक्सपेयर्स को ऑटोमैटिक सर्टिफिकेट जारी करने की सुविधा मिल सकती है जिससे उन्हें Assessing Officer की मैन्युअल मंजूरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

    अभी की प्रक्रिया के अनुसार टैक्सपेयर को ई फाइलिंग पोर्टल पर Form 128 भरना होगा। इसके बाद Assessing Officer संबंधित दस्तावेज और इनकम रिकॉर्ड की जांच करेगा। संतुष्ट होने पर वह लोअर या NIL TDS सर्टिफिकेट जारी करेगा। यह सर्टिफिकेट संबंधित पेयर को दिया जाएगा और उसी के आधार पर तय दर से TDS काटा जाएगा।

    पहले सेक्शन 197 के तहत Form 13 भरकर यह सुविधा ली जाती थी लेकिन अब नए कानून में यही काम Form 128 के जरिए होगा। कुल मिलाकर यह बदलाव टैक्स सिस्टम को डिजिटल और सरल बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है जिससे प्रॉपर्टी डील समेत अन्य बड़े ट्रांजैक्शन में टैक्सपेयर्स को राहत मिल सके।

  • भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी बनेगा पं. दीनदयाल उपाध्याय उद्यान, बर्राई में प्रतिमा अनावरण व सांदीपनि विद्यालय प्रवेश समारोह

    भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी बनेगा पं. दीनदयाल उपाध्याय उद्यान, बर्राई में प्रतिमा अनावरण व सांदीपनि विद्यालय प्रवेश समारोह


    भोपाल। एकात्म मानववाद के जनक पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर राजधानी भोपाल के बर्राई क्षेत्र को दो महत्वपूर्ण सौगातें मिलीं। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के नाम से निर्मित उद्यान का शुभारंभ किया तथा उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर सांदीपनि विद्यालय में विद्यार्थियों का प्रवेश समारोह भी आयोजित हुआ जहां बच्चों का स्वागत गुलाब के फूल देकर किया गया।

    स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि यह उद्यान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी स्थान बनेगा। उन्होंने कहा कि यह पार्क पर्यावरण की दृष्टि से क्षेत्र के लिए श्रेष्ठ स्थल होगा जहां बच्चे युवा और बुजुर्ग सभी सुबह-शाम समय व्यतीत कर सकेंगे। पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा समाज को उनके आदर्शों और विचारों की निरंतर प्रेरणा देती रहेगी।

    उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में लक्ष्य तय करना आवश्यक है। जब तक लक्ष्य निर्धारित नहीं होगा तब तक सफलता संभव नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पं. दीनदयाल उपाध्याय के सपनों को साकार करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं और विद्यार्थियों को भी विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए आगे आना चाहिए।

    विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भारत में व्यक्ति नहीं बल्कि गुणों की पूजा होती है। जो व्यक्ति अपने जीवन को राष्ट्र और समाज के लिए समर्पित करता है वही पूजनीय बनता है। उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ने सादगी विद्वत्ता और राष्ट्रसेवा के माध्यम से जो विचार दिए वे आज भी समाज को दिशा प्रदान कर रहे हैं।

    श्री तोमर ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय की स्थापना भी उसी विचारधारा का परिणाम है जिसमें सबका साथ सबका विकास की भावना निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2047 में विकसित भारत के साक्षी बनने वाले ये विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय चिंतन को जनमानस तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विकास को नई गति मिली है। उन्होंने झागरिया में स्टेडियम निर्माण की भी घोषणा की।

    यह आयोजन न केवल एक उद्यान और प्रतिमा के अनावरण तक सीमित रहा बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति लक्ष्य निर्धारण और समाज सेवा की भावना जगाने का संदेश भी देता नजर आया।

  • बिहार: नीतीश कुमार पर विपक्ष की अभद्र टिप्पणी से भड़के विजय सिन्हा, बोले- लोकतंत्र की गरिमा से खिलवाड़

    बिहार: नीतीश कुमार पर विपक्ष की अभद्र टिप्पणी से भड़के विजय सिन्हा, बोले- लोकतंत्र की गरिमा से खिलवाड़


    नई दिल्ली । बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर माहौल गरमा गया है. विपक्ष द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर की गई अभद्र टिप्पणी पर राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के प्रति इस तरह की भाषा का प्रयोग न सिर्फ गलत, बल्कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण भी है. सदन में जाने से पहले विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राजनीतिक असहमति अपनी जगह है, लेकिन मर्यादा और भाषा की सीमा लांघना लोकतंत्र की गरिमा के खिलाफ है. उन्होंने विपक्ष की इस मानसिकता को पूरी तरह अनुचित बताया और संयम व जिम्मेदारी की अपील की.

    पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को लेकर सदन में नीतीश कुमार के बयान पर उन्होंने कहा कि जिस भाव से मुख्यमंत्री ने कहा उन दोनों का देवर-भौजाई का रिश्ता है. उन्होंने कहा कि राजनीति नहीं अपनत्व का प्रकट मुख्यमंत्री ने किया जिसे गलत सेंस में लेना कतई उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा सबको रखने की जिम्मेवारी है और मुख्यमंत्री का वैसा कोई भाव नहीं था.

    विपक्ष को संविधान पर नहीं है विश्वास- विजय कुमार सिन्हा

    वहीं विपक्ष के 119 सांसदों के द्वारा लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने पर विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विपक्ष को संविधान में विश्वास नहीं है. ये लोग संवैधानिक पद का सम्मान नहीं करते हैं. उन्होंने कहा कि ओम बिरला ने विधायकी कार्य को बेहतर करने एवं सुंदर वातावरण बनाने का काम किया है. विपक्ष की अराजकता को रोकने के लिए जब वो सतर्क और सावधान करते हैं. अविश्वास प्रस्ताव से संवैधानिक संस्था को डिमोरलाईज करने का प्रयास विपक्ष करती है.

    संवैधानिक संस्था का अपमान करना ही है कांग्रेस का चरित्र- सिन्हा

    उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस के लोगों का चरित्र ही वैसा है. संवैधानिक संस्था का अपमान करना, भय का वातावरण बनाना और वैसे लोग जो बेहतर काम करते हैं उनको डिमोरलाईज करने का काम ये लोग करते हैं.उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्था, सीबीआई, चुनाव आयोग पर ये सवाल उठाते रहे हैं. लेकिन अब ये देश के सबसे बड़े मंदिर के सबसे बड़े पुजारी पर सवाल खड़े कर सदन की गरिमा को गिराने का काम कर रही है.

  • भारत-चिली FTA: क्रिटिकल मिनरल में भारत की रणनीतिक मजबूती, इलेक्ट्रिक व्हीकल और क्लीन एनर्जी सेक्टर को बड़ा लाभ

    भारत-चिली FTA: क्रिटिकल मिनरल में भारत की रणनीतिक मजबूती, इलेक्ट्रिक व्हीकल और क्लीन एनर्जी सेक्टर को बड़ा लाभ


    नई दिल्ली। अमेरिका और यूरोपियन यूनियन के साथ ट्रेड डील की चर्चाओं के बीच भारत चुपचाप एक और अहम मोर्चे पर काम कर रहा है। भारत और दक्षिण अमेरिकी देश चिली के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA को अंतिम रूप देने की तैयारी चल रही है। चिली दुनिया के प्रमुख लिथियम और अन्य क्रिटिकल मिनरल रिजर्व वाला देश है। यह समझौता सिर्फ व्यापार के लिहाज से ही नहीं बल्कि सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    लिथियम इलेक्ट्रिक व्हीकल की बैटरियों और ऊर्जा स्टोरेज सिस्टम के लिए सबसे जरूरी संसाधन है और चिली दुनिया में इसका सबसे बड़ा उत्पादक देश है। इसके अलावा चिली में कॉपर, कोबाल्ट, रेनियम और मोलिब्डेनम जैसे महत्वपूर्ण मिनरल भी मौजूद हैं। ये मिनरल इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और सोलर सेक्टर के लिए जरूरी हैं। वर्तमान में क्रिटिकल मिनरल केवल इंडस्ट्री के कच्चे माल नहीं हैं, बल्कि उनका ग्लोबल पावर बैलेंस पर भी बड़ा असर है। कई देश सप्लाई चेन को रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में भारत के लिए भरोसेमंद सोर्स से मिनरल की स्थिर सप्लाई सुनिश्चित करना बेहद जरूरी हो गया है।

    भारत और चिली के बीच 2006 से प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट लागू है। लेकिन अब दोनों देश इसे आगे बढ़ाकर एक कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट करना चाहते हैं। प्रस्तावित समझौते में केवल सामान का व्यापार ही नहीं बल्कि डिजिटल सर्विस, निवेश और एमएसएमई सहयोग भी शामिल होगा। खास बात यह है कि इसमें क्रिटिकल मिनरल सेक्टर को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

    क्रिटिकल मिनरल की स्थिर और किफायती सप्लाई से भारत के मेक इन इंडिया और क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन प्रोजेक्ट्स को बड़ा फायदा मिलेगा। इलेक्ट्रिक व्हीकल, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग और सोलर पैनल प्रोडक्शन के लिए इन मिनरल की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। अगर चिली से भरोसेमंद सप्लाई सुनिश्चित होती है तो डोमेस्टिक प्रोडक्शन में विस्तार, लागत कम करना और रणनीतिक मजबूती हासिल करना संभव होगा।

    इस समझौते से भारत को न केवल आर्थिक बल्कि सामरिक लाभ भी मिलेगा। क्रिटिकल मिनरल की उपलब्धता से देश की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता मजबूत होगी और ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत का प्रभाव बढ़ेगा। इसके अलावा, यह कदम भारत के लिए वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी जगह मजबूत करने का भी जरिया बनेगा।

    अमेरिका और यूरोप के साथ ट्रेड डील की चर्चाओं के बीच चिली के साथ भारत का यह रणनीतिक कदम शिक्षा देता है कि क्रिटिकल मिनरल पर फोकस केवल आर्थिक लाभ के लिए नहीं बल्कि देश की रणनीतिक सुरक्षा और इंडस्ट्री को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी जरूरी है।

  • कम कर्ज और तगड़ा मुनाफा! Afcom Holdings के शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारी, निवेशकों को दिया 349% का मल्टीबैगर रिटर्न

    कम कर्ज और तगड़ा मुनाफा! Afcom Holdings के शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारी, निवेशकों को दिया 349% का मल्टीबैगर रिटर्न


    नई दिल्ली। एयर कार्गो और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Afcom Holdings Ltd ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही Q3FY26के बेहद शानदार आंकड़े पेश किए हैं। इन नतीजों का असर कंपनी के शेयरों पर साफ देखने को मिला, जहाँ एक ही दिन में शेयर करीब 12.3% की बढ़त के साथ ₹960.05 के स्तर तक जा पहुंचे।Q3FY26 के प्रमुख आंकड़े: रेवेन्यू और मुनाफे में छलांगकंपनी ने वित्तीय मोर्चे पर हर पैमाने पर शानदार प्रदर्शन किया है:
    रेवेन्यू Revenue: सालाना आधार पर रेवेन्यू 208% बढ़कर ₹49.6 करोड़ से सीधे ₹153 करोड़ हो गया।नेट प्रॉफिट Net Profit: कंपनी का शुद्ध मुनाफा 326% की जबरदस्त छलांग लगाते हुए ₹9.04 करोड़ से बढ़कर ₹38.5 करोड़ पर पहुंच गया।प्रति शेयर आय EPS: यह ₹11.42 से बढ़कर ₹15.48 हो गई है, जो निवेशकों के लिए अच्छे संकेत हैं।विस्तार की तैयारी: MRO सेक्टर में कदमAfcom Holdings केवल मौजूदा बिजनेस तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी के बोर्ड ने भारत में एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल MROबिजनेस के लिए एक नई ग्रीनफील्ड सब्सिडियरी बनाने को मंजूरी दे दी है।
    यह कदम कंपनी को एविएशन सेक्टर की वैल्यू चेन में और मजबूती प्रदान करेगा।फाइनेंशियल मैट्रिक्स: क्यों आकर्षक है यह स्टॉक?कंपनी के बुनियादी ढांचे Fundamentalsकाफी मजबूत नजर आते हैं, जो लॉन्ग टर्म निवेश के लिहाज से इसे आकर्षक बनाते हैं:वित्तीय मानक Metricवैल्यू Valueविश्लेषणROCE36%पूंजी का बेहतरीन इस्तेमालROE28.9%निवेशकों को शानदार रिटर्नDebt-to-Equity0.12लगभग कर्ज मुक्त कंपनीPEG Ratio0.18वैल्यूएशन के लिहाज से सस्ताशेयरों का प्रदर्शन और कामकाजAfcom Holdings चेन्नई से अपने अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशंस संचालित करती है। यह ASEAN देशों सहित दुनिया के कई हिस्सों में फार्मा, हाई-वैल्यू कार्गो और फ्रेश प्रोड्यूस जैसे स्पेशलाइज्ड लॉजिस्टिक्स समाधान देती है।रिटर्न: पिछले 3 सालों में इस शेयर ने 349% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। पिछले एक हफ्ते में ही स्टॉक 29% तक चढ़ चुका है।

  • वंदे मातरम की अनिवार्यता पर सियासत तेज, BJP का कांग्रेस पर हमला कांग्रेस ने किया पलटवार

    वंदे मातरम की अनिवार्यता पर सियासत तेज, BJP का कांग्रेस पर हमला कांग्रेस ने किया पलटवार


    भोपाल । वंदे मातरम की अनिवार्यता को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम अनिवार्य किए जाने के निर्देश जारी होने के बाद बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं।

    बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जिन्ना के सामने घुटने टेक दिए थे और मुस्लिम लीग के दबाव में वंदे मातरम को अनिवार्य नहीं किया। शर्मा ने कहा कि जिस दिन वंदे मातरम के जयघोष के साथ देश को आजादी मिली, उसी दिन इसे अनिवार्य कर देना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस ने इसकी अनिवार्यता समाप्त कर दी और इसके कई अंश हटा दिए।

    मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी वंदे मातरम को देश के लिए मंत्र बताते हुए कहा कि इसे बहुत पहले अनिवार्य हो जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश में कई सुधार कर रहे हैं और यह भी उसी दिशा में एक कदम है।

    वहीं कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। कांग्रेस नेता और पूर्व कानून मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि वंदे मातरम हमेशा से कार्यक्रमों का हिस्सा रहा है और यह आजादी की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि जो लोग आजादी की लड़ाई में शामिल नहीं थे, वे आज राष्ट्रभक्ति का प्रमाण पत्र बांट रहे हैं। शर्मा ने आरोप लगाया कि मदरसों के नाम पर राजनीति की जा रही है, जबकि वहां भी वंदे मातरम गाया जाता है।

    कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि वंदे मातरम के सम्मान पर कभी आपत्ति नहीं रही, लेकिन कुछ शब्दों को लेकर पहले आपत्तियां थीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत का सम्मान सभी करते हैं, लेकिन गाने या न गाने का प्रश्न व्यक्तिगत और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा है।

    केंद्र सरकार के नए निर्देशों के अनुसार, राष्ट्रपति और राज्यपाल के कार्यक्रमों सहित सभी सरकारी आयोजनों में वंदे मातरम अनिवार्य होगा। तिरंगा फहराने के अवसर पर भी इसे गाया जाएगा। निर्देशों में छह अंतरों वाला पूरा संस्करण शामिल करने, जन गण मन से पहले वंदे मातरम बजाने और सम्मान में खड़ा होना अनिवार्य करने की बात कही गई है। इसकी अवधि 3 मिनट 10 सेकंड निर्धारित की गई है। इन निर्देशों के बाद प्रदेश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।

  • एजुकेशन सेक्टर का चमकता सितारा: SEIL ने 3 साल में पैसा किया लगभग 3 गुना, संस्थागत निवेश में बढ़ोत्तरी से उत्साह

    एजुकेशन सेक्टर का चमकता सितारा: SEIL ने 3 साल में पैसा किया लगभग 3 गुना, संस्थागत निवेश में बढ़ोत्तरी से उत्साह


    नई दिल्ली। शांति एजुकेशनल इनिशिएटिव्स लिमिटेड यानी SEIL तेजी से बढ़ती शिक्षा प्रबंधन कंपनी के रूप में आज चर्चा में है। 2009 में चिरिपाल ग्रुप की ओर से स्थापित यह कंपनी प्ले स्कूल से लेकर हायर एजुकेशन संस्थानों तक स्कूल मैनेजमेंट और लर्निंग सॉल्यूशंस प्रदान करती है। टेक्नोलॉजी आधारित इंग्लिश मीडियम करिकुलम, टीचर ट्रेनिंग और बेहतर लर्निंग आउटकम के जरिए SEIL देशभर में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर फोकस कर रही है।

    हाल ही में कंपनी ने Q3FY26 के तिमाही नतीजे जारी किए हैं। इस दौरान SEIL ने 5.83 करोड़ रुपये की नेट सेल्स दर्ज की, हालांकि 0.61 करोड़ रुपये का घाटा रहा। वहीं, 9 महीनों में कुल 32.41 करोड़ रुपये की बिक्री और 4.91 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया गया। पिछले वर्ष FY25 में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 220 प्रतिशत की उछाल के साथ 58.99 करोड़ रुपये की नेट सेल्स और मुनाफे में 93 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 7.06 करोड़ रुपये हासिल किए थे।

    भले ही तिमाही में घाटा दिखा हो, लेकिन विदेशी और घरेलू निवेशकों का भरोसा SEIL पर कायम है। दिसंबर 2025 में FII और DII ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। सितंबर 2025 में FII की हिस्सेदारी 21.9 प्रतिशत थी, जो दिसंबर में बढ़कर 22.5 प्रतिशत हो गई। वहीं DII ने भी अपनी हिस्सेदारी को 0.2 प्रतिशत बढ़ाया। निवेशकों का यह भरोसा कंपनी की दीर्घकालीन संभावनाओं को दर्शाता है।

    SEIL का मार्केट कैप 2,842 करोड़ रुपये है और वर्तमान शेयर कीमत 172.70 रुपये है। हाल के प्रदर्शन को देखें तो पिछले एक हफ्ते में इसका शेयर 17 प्रतिशत उछला है और सालभर में 53 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। तीन साल में 185 प्रतिशत और पांच साल में यह कंपनी निवेशकों को 1187 प्रतिशत का मल्टीबैगर रिटर्न दे चुकी है। इसने शिक्षा क्षेत्र में अपनी मजबूती और निवेशकों का भरोसा साबित किया है।

    कंपनी की ताकत इसकी व्यापक शिक्षा सेवा और टेक्नोलॉजी आधारित समाधान में निहित है। प्ले स्कूल से लेकर बिजनेस मैनेजमेंट स्कूल तक स्कूल मैनेजमेंट सॉल्यूशंस देने वाली SEIL ने शिक्षा के हर स्तर पर गुणवत्ता सुधार को प्राथमिकता दी है। शिक्षकों के प्रशिक्षण और बेहतर लर्निंग आउटपुट पर ध्यान देने से यह कंपनी न केवल छात्रों के लिए बल्कि निवेशकों के लिए भी आकर्षक बनी हुई है।

    कुल मिलाकर, SEIL शिक्षा क्षेत्र का एक उभरता सितारा बन चुकी है। तिमाही में घाटा होने के बावजूद निवेशकों का भरोसा, लगातार बढ़ती एफआईआई और डीआईआई हिस्सेदारी और पिछले वर्षों में निवेशकों को दिए गए शानदार रिटर्न ने इसे सेक्टर में छुपे हुए मल्टीबैगर के रूप में साबित कर दिया है।

  • 12 फरवरी को भोपाल में भवन विकास निगम की क्षमता संवर्धन कार्यशाला, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि

    12 फरवरी को भोपाल में भवन विकास निगम की क्षमता संवर्धन कार्यशाला, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि


    भोपाल। लोक निर्माण से लोक कल्याण के विजन को सशक्त आधार देने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा 12 फरवरी 2026 को भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के तत्वावधान में आयोजित होगा जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

    लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यशाला निर्माण क्षेत्र से जुड़े अभियंताओं एवं तकनीकी अधिकारियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग परियोजना क्रियान्वयन इकाई मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम तथा मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के लगभग 2 000 अभियंता और तकनीकी अधिकारी भाग लेंगे।

    कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण कैलेंडर और परियोजना प्रबंधन पुस्तिका का विमोचन किया जाएगा। साथ ही परियोजना प्रबंधन प्रणाली 2.0 PMS 2.0 डिजिटल प्रबंधन प्रणाली का प्रदर्शन और औपचारिक शुभारंभ भी होगा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम एवं मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान भारतीय राजमार्ग अभियंता अकादमी इंजीनियरिंग स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई तथा स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

    मंत्री श्री राकेश सिंह ने बताया कि कार्यशाला में राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ क्षमता निर्माण हरित भवन अवधारणा आधुनिक निर्माण तकनीक गुणवत्ता नियंत्रण और निर्माण क्षेत्र में नवाचार जैसे विषयों पर मार्गदर्शन देंगे। इसके अतिरिक्त श्री विक्रांत सिंह तोमर द्वारा क्षमता निर्माण विषय पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया जाएगा।

    मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा विकसित परियोजना प्रबंधन प्रणाली पोर्टल 2.0 एक उन्नत डिजिटल प्रणाली है जिसके माध्यम से निर्माण कार्यों का पारदर्शी सुव्यवस्थित और दक्ष क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। इस प्रणाली में प्रत्येक परियोजना के लिए उत्तरदायित्व स्वीकृति और समय सीमा स्पष्ट रूप से दर्ज रहेगी जिससे सतत निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

    प्रक्रिया नियंत्रण प्रणाली के अंतर्गत सभी आवश्यक अभिलेख और स्वीकृतियाँ पूर्ण होने के बाद ही अगले चरण की अनुमति दी जाएगी। साथ ही स्वचालित पत्र निर्माण सुविधा विभागीय पत्राचार को त्वरित और कागजरहित बनाएगी। यह कार्यशाला प्रदेश के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता दक्षता और तकनीकी सुदृढ़ता को नई दिशा देगी तथा अभियंताओं को आधुनिक तकनीक और सतत विकास के सिद्धांतों से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी।

  • सूबेदार टीजर: अनिल कपूर का खूंखार एक्शन अवतार देख फैंस के उड़े होश, सोशल मीडिया पर मचा तहलका

    सूबेदार टीजर: अनिल कपूर का खूंखार एक्शन अवतार देख फैंस के उड़े होश, सोशल मीडिया पर मचा तहलका


    नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्टर अनिल कपूर की फिल्म सूबेदार का टीजर आज बुधवार को रिलीज कर दिया गया है। लीजेंडरी एक्टर अनिल कपूर एक बार फिर जबरदस्त एक्शन करते नजर आएंगे। फिल्म में अनिल कपूर को एक रिटायर्ड फौजी सूबेदार अर्जुन सिंह मौर्य के अवतार में दिखाया गया है। सुरेश त्रिवेणी के निर्देशन में बनी यह फिल्म सिर्फ ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो पर 5 मार्च को रिलीज होगी। टीजर में अनिल कपूर को एक ऐसे शहर में भ्रष्ट प्रशासन और बिगड़ी हुई व्यवस्था से जूझते हुए दिखाया गया है, जहां पर बस कुछ ही वक्त में उसका धैर्य जवाब देने वाला है।

    फिर राऊडी अवतार में लौटे अनिल
    जो इंसान कभी देश के लिए सरहद पर लड़ा था, उसे अब अपने घर और परिवार को बचाने के लिए अपनों के बीच ही छिपे दुश्मनों से लड़ना होगा। फिल्म में राधिका मदान अनिल कपूर की बेटी ‘श्यामा’ के रोल में नजर आएंगी। टीजर वीडियो में दिखाया गया है कि इस शहर के ज्यादातर लोग नहीं जानते हैं कि सूबेदार अर्जुन सिंह किस बला का नाम है, वो बस उसकी उम्र से उसे जज करते हुए उसका मजाक बनाते हैं और बात-बात पर उसे और उसके परिवार को तंग करते हैं। लेकिन यह सब बहुत देर नहीं चलने वाला।
    टीजर वीडियो में अनिल कपूर को शहर की बिगड़ी हुई व्यवस्था से परेशान और आखिर में हथियार में एक्शन अवतार में आते दिखाया गया है। फिल्म का हर सीन काफी दमदार अंदाज में शूट किया गया है और साउथ की फिल्मों वाला फील देता है। बात पब्लिक के रिएक्शन की करें तो कमेंट सेक्शन में लोग फिल्म की तारीफें करते नहीं थक रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट सेक्शन में लिखा- वाह सर, नायक वाली फीलिंग आ रही है। वहीं दूसरे ने लिखा- आखिरकार लंबे वक्त बाद एक्शन अवतार में लौट ही आए सर। किसी ने लिखा है कि वो फिल्म के लिए एक्साइटेड हैं तो किसी ने लिखा है कि इसे थिएटर में लाना चाहिए था।

    अनिल कपूर के फैंस की लगी लॉटरी

    इसी तरह के ढेरों कमेंट लोगों ने फिल्म के टीजर वीडियो पर किए हैं जिसके कैप्शन में अनिल कपूर ने लिखा- उन्होंने गलत आदमी से पंगा ले लिया। नई फिल्म रिलीज होने जा रही है अमेजन प्राइम वीडियो पर 5 मार्च को। बता दें कि अनिल कपूर के पास इस वक्त ओटीटी पर कई प्रोजेक्ट हैं। नेटफ्लिक्स पर भी उनकी एक वेब सीरीज आने जा रही है जिसमें वह एक नामचीन बिजनेसमैन का किरदार निभाते नजर आएंगे। अनिल कपूर के फैंस उन्हें एक बार फिर ‘एनिमल’ और ‘फाइटर’ के बाद इस ‘रॉ’ एक्शन अवतार में देखने के लिए काफी एक्साइटेड हैं।

  • अजित पवार के भतीजे ने विमान हादसे पर जताई साजिश की आशंका, विशेषज्ञ जांच की मांग

    अजित पवार के भतीजे ने विमान हादसे पर जताई साजिश की आशंका, विशेषज्ञ जांच की मांग


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पिछले महीने हुए विमान हादसे को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह दुर्घटना केवल सामान्य हादसा नहीं था, बल्कि इसमें साजिश की संभावना है। रोहित ने विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा विस्तृत जांच कराने की मांग की है।

    हालांकि, NCP के संस्थापक शरद पवार ने इस त्रासदी को सिर्फ दुर्घटना करार दिया और साजिश की आशंका को खारिज किया था। रोहित पवार ने विमान के पायलट कैप्टन सुमित कपूर के पिछले रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए और बताया कि उनके अतीत में शराब के सेवन के लिए तीन साल का निलंबन रहा है।

    विशेषज्ञ जांच की मांग

    रोहित पवार ने कहा कि सीआईडी इस मामले की पूरी जांच करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से जांच कराने की मांग की, जिनमें राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड नागरिक विमानन सुरक्षा जांच एवं विश्लेषण ब्यूरो और ब्रिटेन की विमान दुर्घटना जांच शाखा शामिल हैं।

    VSR कंपनी पर शक

    रोहित ने दुर्घटनाग्रस्त लियरजेट विमान की मालिकाना कंपनी VSR पर संदेह जताया। उन्होंने बताया कि 2023 में इस कंपनी के एक विमान हादसे की रिपोर्ट सामने आ चुकी है, बावजूद इसके यह कंपनी उच्चस्तरीय नेताओं द्वारा उपयोग की जा रही है और डीजीसीए अधिकारियों पर इसका प्रभाव है। उन्होंने कंपनी, बुकिंग एजेंसी एरो और पायलट सुमित कपूर पर गंभीर सवाल उठाए।

    महज एक्सीडेंट नहीं, साजिश की संभावना

    रोहित पवार ने कहा, हमें नहीं लगता कि यह केवल दुर्घटना थी। इसमें साजिश की बू है। उन्होंने विमान के अंतिम क्षणों और लैंडिंग के समय लिए गए निर्णयों पर सवाल उठाए। रोहित ने पूछा कि क्या ट्रांसपोंडर जानबूझकर बंद किया गया, पायलटों के आने में देरी क्यों हुई और रनवे 11 पर लैंडिंग क्यों की गई।

    रोहित पवार ने कहा कि पूरा महाराष्ट्र इस बात पर सवाल उठा रहा है कि क्या अजित पवार का विमान क्रैश एक्सीडेंट था या किसी साजिश का हिस्सा। उन्होंने बताया कि यह हादसा अभी भी एक बुरे सपने जैसा महसूस होता है और कई लोग अजित पवार के जीवित होने की आशा जता रहे हैं।