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  • भारत में न्यायाधीशों की संख्या चीन-यूएस के मुकाबले बेहद कम, बिहार सबसे पिछड़ा

    भारत में न्यायाधीशों की संख्या चीन-यूएस के मुकाबले बेहद कम, बिहार सबसे पिछड़ा


    नई दिल्ली। देश की जिला अदालतों में मुकदमों के भारी बोझ के बीच प्रति दस लाख जनसंख्या पर सिर्फ 22 जज हैं। विधि आयोग और सुप्रीम कोर्ट के अनुसार 2007 तक यह संख्या कम से कम 50 जज होनी चाहिए थी। खासकर बिहार उत्तर प्रदेश झारखंड और पश्चिम बंगाल में यह औसत राष्ट्रीय स्तर से भी कम है।

    केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देशभर में जिला अदालतों के लिए 25 439 जजों की स्वीकृत संख्या है लेकिन करीब 5 000 पद अभी रिक्त हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार जिला अदालतों में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 22 जज ही उपलब्ध हैं। आज की अनुमानित जनसंख्या 140 करोड़ से अधिक होने के कारण यह अनुपात और घट सकता है।

    विधि आयोग ने 1987 में अपनी 120वीं रिपोर्ट में सुझाव दिया था कि प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 50 जज होने चाहिए ताकि न्याय की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित हो। सुप्रीम कोर्ट ने 2002 में ऑल इंडिया जज एसोसिएशन बनाम भारत सरकार मामले में इसे लागू करने का आदेश दिया था।

    भारत चीन और अमेरिका से काफी पीछे

    जनसंख्या और जज के अनुपात की तुलना में भारत अन्य देशों से बहुत पीछे है।
    चीन: प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 300 जज
    अमेरिका: 150 जज
    यूरोप: 220 जज

    सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों की स्थिति

    सुप्रीम कोर्ट: प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 0.028 जज स्वीकृत क्षमता 34 वर्तमान में 33 कार्यरत
    उच्च न्यायालय: प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 0.92 जज स्वीकृत क्षमता 1 122 लगभग 300 पद रिक्त

    प्रमुख राज्यों में प्रति 10 लाख जनसंख्या जजों की स्थिति:

    बिहार – 19.45
    उत्तर प्रदेश – 18.52
    झारखंड – 21.43
    उत्तराखंड – 29.55
    दिल्ली – 53.43
    पश्चिम बंगाल – 12.05
    मध्य प्रदेश – 27.92
    गुजरात – 28.46
    असम – 15.54
    मिजोरम – 67.44

    विश्लेषकों का कहना है कि जजों की कमी और बढ़ती जनसंख्या के कारण अदालतों में न्याय की प्रक्रिया धीमी हो रही है और त्वरित न्याय मिलना मुश्किल हो रहा है।

  • बांग्लादेश को अमेरिका से मिली टेक्सटाइल छूट, भारत के कपड़ा उद्योग के लिए चिंता का विषय

    बांग्लादेश को अमेरिका से मिली टेक्सटाइल छूट, भारत के कपड़ा उद्योग के लिए चिंता का विषय


    नई दिल्ली। अमेरिका और बांग्लादेश के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता भारतीय कपड़ा उद्योग के लिए चुनौती बनता दिख रहा है। इस समझौते के तहत बांग्लादेश से अमेरिका को जाने वाले कपड़े पर आयात शुल्क शून्य रखा जाएगा। इससे भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा और कठिन हो जाएगी।

    उद्योग का कहना है कि अगर बांग्लादेश को शून्य शुल्क पर निर्यात करने की सुविधा मिल रही है तो भारत को भी समान लाभ मिलना चाहिए। मसौदे के अनुसार बांग्लादेश जितने मूल्य का कॉटन अमेरिका को भेजेगा उतने मूल्य के कपड़े और वस्त्र शून्य शुल्क पर अमेरिका को निर्यात कर पाएगा। इससे बांग्लादेशी कंपनियां अमेरिकी बाजार में सस्ती दरों पर अपने उत्पाद बेच पाएंगी।

    बांग्लादेश का कपड़ा उद्योग तेजी से बढ़ रहा है और वहां सस्ती श्रमशक्ति के कारण वस्त्र उत्पादन की लागत कम है। वर्तमान में बांग्लादेश अमेरिका को सालाना 9-10 अरब डॉलर के कपड़े निर्यात करता है और शून्य शुल्क मिलने के बाद यह निर्यात और तेजी से बढ़ सकता है।

    भारत के लिए चुनौती

    भारत का कुल टेक्सटाइल निर्यात 36-37 अरब डॉलर है जिसमें 2024-25 में लगभग 10 अरब डॉलर अमेरिका को गया। भारत मुख्य रूप से रेडीमेड गारमेंट्स कॉटन मैन-मेड फैब्रिक्स और होम टेक्सटाइल्स निर्यात करता है। बांग्लादेश को मिलने वाली छूट के कारण भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में नुकसान होने का खतरा है।

    उद्योग की मांग
    टेक्सटाइल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन विजय कुमार अग्रवाल का कहना है कि अमेरिका द्वारा बांग्लादेश को दी जा रही छूट से भारतीय निर्यातकों को नुकसान होगा। इसलिए उद्योग संगठन सरकार से मांग कर रहे हैं कि भारत को भी बांग्लादेश जैसी छूट दी जाए ताकि भारतीय कंपनियां अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें।

  • महाकाल का महापर्व 15 फरवरी को 44 घंटे तक नॉनस्टॉप दर्शन और दोपहर 12 बजे अद्भुत भस्म आरती का दिव्य आयोजन

    महाकाल का महापर्व 15 फरवरी को 44 घंटे तक नॉनस्टॉप दर्शन और दोपहर 12 बजे अद्भुत भस्म आरती का दिव्य आयोजन


    उज्जैन का विश्वप्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर एक बार फिर महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भक्ति और आस्था के महासागर में डूबने जा रहा है। इस बार महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी 2026 रविवार को मनाया जाएगा और इसे लेकर मंदिर प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए महाकाल मंदिर के पट लगातार 44 घंटे तक खुले रहेंगे ताकि देश और विदेश से आने वाले लाखों भक्त बिना किसी बाधा के बाबा महाकाल के दर्शन कर सकें।

    6 फरवरी से ही महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि के साथ भगवान शिव के विवाहोत्सव की शुरुआत हो चुकी है। यह आयोजन 16 फरवरी 2026 तक चलेगा। पूरे मंदिर परिसर को भव्य और आकर्षक सजावट से सजाया जा रहा है। फूलों की विशेष साज सज्जा के साथ महादेव का दिव्य श्रृंगार किया जाएगा। मंदिर प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा तक हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    महाशिवरात्रि के दिन 15 फरवरी को सुबह 6 बजे से दर्शन प्रारंभ होंगे और 16 फरवरी की सुबह तक बिना किसी विश्राम के जारी रहेंगे। इन 44 घंटों के दौरान मंदिर नॉनस्टॉप खुला रहेगा। श्रद्धालु दिन और रात किसी भी समय बाबा महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन भक्तों के लिए की गई है जो दूर दराज से उज्जैन पहुंचते हैं और महाशिवरात्रि पर महाकाल के साक्षात दर्शन की अभिलाषा रखते हैं।

    महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की आराधना का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है। इस दिन चारों प्रहर महादेव की पूजा की जाती है। भक्त व्रत रखते हैं और रात्रि जागरण कर शिव नाम का स्मरण करते हैं। उज्जैन नगरी इस अवसर पर पूरी तरह शिवमय हो जाती है। हर ओर हर हर महादेव के जयघोष गूंजते हैं और वातावरण भक्तिरस से सराबोर हो जाता है।

    इस पर्व का सबसे विशेष और आकर्षक आयोजन 16 फरवरी को दोपहर 12 बजे होने वाली भस्म आरती होगी। महाकालेश्वर मंदिर में दोपहर की भस्म आरती साल में केवल एक बार महाशिवरात्रि पर ही आयोजित की जाती है। यह अद्भुत और दुर्लभ दृश्य देखने के लिए हर वर्ष लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं। भस्म आरती से पहले भगवान महाकाल को फलों फूलों और सप्तधान्य से निर्मित भव्य सेहरा बांधा जाता है। यह श्रृंगार अपने आप में अद्वितीय होता है और श्रद्धालुओं के लिए दिव्य अनुभूति का क्षण बन जाता है।

    महाशिवरात्रि और शिव नवरात्रि का यह भव्य समापन 16 फरवरी को भस्म आरती के साथ होगा। उज्जैन का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से भी अत्यंत खास है। महाकाल की नगरी में इस दौरान उमड़ने वाली आस्था यह दर्शाती है कि भगवान शिव के प्रति श्रद्धा आज भी उतनी ही प्रगाढ़ है जितनी सदियों पहले थी। महाकाल के दरबार में इस महापर्व पर शामिल होना हर शिवभक्त के लिए सौभाग्य की बात मानी जाती है और इस वर्ष 44 घंटे के निरंतर दर्शन ने इस उत्सव को और भी ऐतिहासिक बना दिया है।

  • कांग्रेस नेता का रील के लिए 'धुरंधर स्‍टाइल', रहमान डकैत के अंदाज में लहराई गन, पुलिस ने शुरू की जांच

    कांग्रेस नेता का रील के लिए 'धुरंधर स्‍टाइल', रहमान डकैत के अंदाज में लहराई गन, पुलिस ने शुरू की जांच

    नई दिल्ली । कर्नाटक के कलबुर्गी में एक कांग्रेस नेता ने ब्‍लॉकबस्‍टर फिल्‍म धुरंधर के बेहद लोकप्रिय गाने Fa9la पर रील बनाकर विवाद खड़ा कर दिया है. इस रील में कांग्रेस विधायक के बेहद करीबी मतीन पटेल वीडियो में पिस्तौल और बंदूक लहराते नजर आते हैं. अब इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

    कलबुर्गी के पुलिस कमिश्‍नर शरणप्पा एसडी ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक व्यक्ति हथियार लहराता दिख रहा है. हम वीडियो में दिख रहे व्यक्ति को जानते हैं. मैंने अधिकारियों को यह पता लगाने के लिए कहा है कि वीडियो कहां बनाया गया और यह किस पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है.

    पुलिस कमिश्‍नर ने दिए निर्देश
    साथ ही पुलिस कमिश्‍नर ने कहा कि उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया है कि पता लगाएं कि किस हथियार का इस्तेमाल किया गया था और क्या वह असली है या नहीं. साथ ही कहा कि अगर यह असली है तो हम देखेंगे कि क्या यह लाइसेंसी था या नहीं. अगर यह लाइसेंसी था तो हम जांच करेंगे कि क्या शर्तों का उल्लंघन हुआ था. शरणप्पा ने कहा कि अगर यह अवैध पाया गया, तो शस्त्र अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी.

    रहमान डकैत के अंदाज में डांस

    वीडियो में मतीन अपनी काली एसयूवी से उतरते हैं और फिर अपने दोस्तों के साथ डांस करते हुए आगे बढ़ते हैं यह ठीक बिलकुल वैसा ही है, जैसा फिल्‍म धुरंधर में रहमान डकैत अक्षय खन्ना बलूचिस्तान में एक हथियार डीलर के कैंप में घुसते वक्‍त करते हैं.

  • आज का पंचांग 11 फरवरी 2026 फाल्गुन माह की कृष्ण नवमी पर करें गणपति पूजन मिलेगा बुद्धि समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद

    आज का पंचांग 11 फरवरी 2026 फाल्गुन माह की कृष्ण नवमी पर करें गणपति पूजन मिलेगा बुद्धि समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद


    नई दिल्ली। 11 फरवरी 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि आज फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है और साथ ही बुधवार का पावन संयोग भी बन रहा है। हिंदू धर्म में बुधवार का दिन मुख्य रूप से भगवान गणेश को समर्पित होता है। गणपति बप्पा को विघ्नहर्ता और बुद्धि के देवता कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो भक्त आज के दिन सच्चे मन से भगवान गणेश की पूजा अर्चना करता है उसके जीवन के समस्त विघ्न बाधाएं दूर होती हैं और उसे बुद्धि विवेक सफलता तथा समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। विशेष रूप से जिन लोगों की कुंडली में बुध दोष होता है उनके लिए यह दिन अत्यंत फलदायी माना जाता है।

    आज के दिन गणेश जी को दूर्वा अर्पित करना अत्यंत शुभ माना गया है। इसके साथ ही मोदक और शमी के पत्ते चढ़ाने से भगवान शीघ्र प्रसन्न होते हैं। पूजा के समय ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति मिलती है और कार्यों में सफलता के मार्ग प्रशस्त होते हैं। यदि कोई नया कार्य आरंभ करना चाहते हैं तो आज का दिन उपयुक्त साबित हो सकता है बशर्ते शुभ मुहूर्त का ध्यान रखा जाए।

    आज का अमृत काल प्रातः 03:50 से 05:38 तक रहेगा। यह समय अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना जाता है। इसके अतिरिक्त ब्रह्म मुहूर्त 05:28 से 06:16 तक है। ब्रह्म मुहूर्त में उठकर ध्यान जप और पूजा करने से आध्यात्मिक ऊर्जा की प्राप्ति होती है और मन में सकारात्मकता का संचार होता है।

    अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 12:41 से 2:04 तक रहेगा। इस अवधि में किसी भी नए कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए। यम गण्ड प्रातः 8:29 से 9:53 तक रहेगा जबकि कुलिक काल 11:17 से 12:41 तक है। दुर्मुहूर्त 12:18 से 01:03 तक रहेगा और वर्ज्यम् सायं 05:07 से 06:54 तक है। इन समयों में शुभ कार्यों से परहेज करना ही उचित माना जाता है।

    सूर्योदय प्रातः 7:05 पर होगा और सूर्यास्त सायं 6:16 पर। चंद्रोदय 11 फरवरी को प्रातः 2:07 पर हुआ है जबकि चंद्रास्त दोपहर 12:48 पर होगा। ग्रह नक्षत्रों की यह स्थिति साधना और आराधना के लिए अनुकूल मानी जा रही है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज के दिन सादगी और श्रद्धा के साथ गणेश पूजन करने से जीवन में स्थिरता आती है और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है। विद्यार्थी वर्ग के लिए यह दिन विशेष लाभकारी हो सकता है। व्यापार और करियर से जुड़े लोगों को भी आज भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने से सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।

    इस प्रकार 11 फरवरी 2026 का यह दिन आस्था विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण है। यदि शुभ मुहूर्त का ध्यान रखते हुए भगवान गणेश की आराधना की जाए तो जीवन में सुख शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।

  • MP में दिन होने लगे गर्म, लेकिन रातें अभी भी ठंडी, 15 शहरों में बढ़ने लगा पारा

    MP में दिन होने लगे गर्म, लेकिन रातें अभी भी ठंडी, 15 शहरों में बढ़ने लगा पारा


    भोपाल।  मध्य प्रदेश में अब दिन धीरे-धीरे गर्म होने लगे हैं। मंगलवार को भोपाल, इंदौर और अन्य 13 शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। लेकिन रातें अभी भी ठंडी बनी हुई हैं। मंगलवार की रात प्रदेश के 11 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।

    मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन तापमान में थोड़ी गिरावट हो सकती है। फिलहाल देश में दो मौसमीय सिस्टम सक्रिय हैं, लेकिन कमजोर होने की वजह से प्रदेश में बारिश की संभावना कम है। वहीं, 13 और 16 फरवरी को पश्चिमी हिमालय में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हो सकता है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी दिख सकता है। इससे दिन और रात के तापमान में 3-4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है।

    दिन में नर्मदापुरम सबसे गर्म, रात में कल्याणपुर सबसे ठंडी

    मंगलवार को प्रदेश के भोपाल, इंदौर, दमोह, खजुराहो, मंडला, सागर, टीकमगढ़, बैतूल, गुना, धार, खंडवा, खरगोन, रायसेन, रतलाम और नर्मदापुरम में पारा 30 डिग्री से ऊपर गया। नर्मदापुरम सबसे ज्यादा गर्म, 33 डिग्री के साथ, रहा। रात में सबसे ठंडा रहा शहडोल का कल्याणपुर, जहां न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री दर्ज किया गया।

    अन्य शहरों में न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा:
    कटनी (करौंदी) – 5.9 डिग्री
    अनूपपुर (अमरकंटक) – 7.8 डिग्री
    खजुराहो – 8.2 डिग्री
    पचमढ़ी-उमरिया – 8.4 डिग्री
    रीवा – 8.5 डिग्री
    शिवपुरी – 9 डिग्री
    मंडला – 9.1 डिग्री
    दतिया – 9.5 डिग्री
    नौगांव – 9.8 डिग्री

    पहाड़ों में बर्फ पिघलने के बाद मौसम में आएगा बदलाव

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में वर्तमान में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हैं। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और बारिश की संभावना है। इससे अगले दो दिन प्रदेश में तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत अधिकांश शहरों में मंगलवार को तेज धूप खिली रही, जिससे दिन का तापमान बढ़ा। लेकिन रात और सुबह ठंड का असर बरकरार रहेगा।

    आने वाले दिनों का पूर्वानुमान:

    12 फरवरी: दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी, दिन में तेज धूप
    13 फरवरी: तापमान में 3-4 डिग्री तक गिरावट, रात और सुबह ठंड बनी रहेगी
    लेकिन रातें अभी भी ठंडी बनी हुई हैं। मंगलवार की रात प्रदेश के 11 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।

    मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन तापमान में थोड़ी गिरावट हो सकती है। फिलहाल देश में दो मौसमीय सिस्टम सक्रिय हैं, लेकिन कमजोर होने की वजह से प्रदेश में बारिश की संभावना कम है। वहीं, 13 और 16 फरवरी को पश्चिमी हिमालय में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हो सकता है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी दिख सकता है। इससे दिन और रात के तापमान में 3-4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है।

    दिन में नर्मदापुरम सबसे गर्म, रात में कल्याणपुर सबसे ठंडी

    मंगलवार को प्रदेश के भोपाल, इंदौर, दमोह, खजुराहो, मंडला, सागर, टीकमगढ़, बैतूल, गुना, धार, खंडवा, खरगोन, रायसेन, रतलाम और नर्मदापुरम में पारा 30 डिग्री से ऊपर गया। नर्मदापुरम सबसे ज्यादा गर्म, 33 डिग्री के साथ, रहा। रात में सबसे ठंडा रहा शहडोल का कल्याणपुर, जहां न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री दर्ज किया गया।

    अन्य शहरों में न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा:
    कटनी (करौंदी) – 5.9 डिग्री
    अनूपपुर (अमरकंटक) – 7.8 डिग्री
    खजुराहो – 8.2 डिग्री
    पचमढ़ी-उमरिया – 8.4 डिग्री
    रीवा – 8.5 डिग्री
    शिवपुरी – 9 डिग्री
    मंडला – 9.1 डिग्री
    दतिया – 9.5 डिग्री
    नौगांव – 9.8 डिग्री

    पहाड़ों में बर्फ पिघलने के बाद मौसम में आएगा बदलाव

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में वर्तमान में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हैं। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और बारिश की संभावना है। इससे अगले दो दिन प्रदेश में तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत अधिकांश शहरों में मंगलवार को तेज धूप खिली रही, जिससे दिन का तापमान बढ़ा। लेकिन रात और सुबह ठंड का असर बरकरार रहेगा।

    आने वाले दिनों का पूर्वानुमान:

    12 फरवरी: दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी, दिन में तेज धूप
    13 फरवरी: तापमान में 3-4 डिग्री तक गिरावट, रात और सुबह ठंड बनी रहेगी

  • जब मास्टर राजू के लिए अमिताभ बच्चन को करना पड़ता था घंटों इंतज़ार: 'उस वक्त मेरे पास उनसे ज्यादा काम था'

    जब मास्टर राजू के लिए अमिताभ बच्चन को करना पड़ता था घंटों इंतज़ार: 'उस वक्त मेरे पास उनसे ज्यादा काम था'


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के इतिहास में ऐसे बहुत कम कलाकार हुए हैं जिनके लिए सदी के महानायक अमिताभ बच्चन को इंतजार करना पड़ा हो। लेकिन 70 के दशक के मशहूर चाइल्ड आर्टिस्ट राजू श्रेष्ठा जिन्हें दुनिया मास्टर राजू’ के नाम से जानती है एक ऐसे ही कलाकार थे। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान मास्टर राजू ने अपने सुनहरे दौर को याद करते हुए बताया कि एक वक्त ऐसा था जब उनके पास अमिताभ बच्चन से भी ज्यादा फिल्में और काम हुआ करता था।

    फिल्म फरार’ के सेट का एक मजेदार किस्सा साझा करते हुए मास्टर राजू ने बताया कि अमिताभ बच्चन हमेशा से ही समय के बहुत पाबंद रहे हैं। वह सेट पर वक्त से पहले पहुँच जाते थे लेकिन चूंकि मास्टर राजू उस दौर में हर तीसरी फिल्म का हिस्सा होते थे इसलिए उनके पास समय की भारी कमी रहती थी। राजू ने बताया “मुझे यह कहते हुए हंसी आती है लेकिन उस वक्त अमित जी के पास मुझसे कम काम था। शूटिंग के दौरान मेकर्स मेरे शॉट्स को प्राथमिकता देते थे क्योंकि मुझे अगले शूट के लिए तीन घंटे में निकलना होता था। ऐसे में अमित जी के क्लोज-अप्स पहले ले लिए जाते थे और फिर उन्हें एक तरफ बैठकर तब तक इंतजार करना पड़ता था जब तक मेरे सीन्स पूरे न हो जाएं।”

    इतना ही नहीं मास्टर राजू ने अपनी मां और बिग बी से जुड़ा एक और दिलचस्प वाकया सुनाया। उन्होंने बताया कि फरार’ के सेट पर लंच के दौरान उनकी मां ने अमिताभ बच्चन को डांट लगा दी थी। दरअसल एक सीन के लिए अमित जी के हाथ पर नकली घाव बनाया गया था जिस पर मक्खियां भिनभिना रही थीं। राजू की मां ने सफाई को लेकर सख्त होते हुए बिग बी से कह दिया था कि वह इसे कवर करें क्योंकि पास में ही सब खाना खा रहे थे।

    मास्टर राजू ने उस दौर के अन्य सुपरस्टार्स पर भी चुटकी लेते हुए कहा कि उस समय सेट पर देरी से आना एक फैशन’ बन गया था। राजेश खन्ना विनोद खन्ना संजीव कुमार और धर्मेंद्र जैसे बड़े सितारे अक्सर देरी से पहुँचते थे लेकिन पूरी फिल्म इंडस्ट्री में केवल अमिताभ बच्चन ही इकलौते ऐसे अभिनेता थे जो हमेशा अनुशासन में रहते थे। मास्टर राजू का यह बयान उस दौर की याद दिलाता है जब एक बाल कलाकार की व्यस्तता ने बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारे को भी कतार में खड़ा कर दिया था।

  • शहंशाह' के वे दिन जब दरवाजे पर आते थे लेनदार: 90 करोड़ का कर्ज और 55 लीगल केस

    शहंशाह' के वे दिन जब दरवाजे पर आते थे लेनदार: 90 करोड़ का कर्ज और 55 लीगल केस


    नई दिल्ली । अमिताभ बच्चन आज भारतीय सिनेमा के शहंशाह कहे जाते हैं, लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब उनके सिर से सफलता का साया पूरी तरह उठ चुका था। 90 के दशक के अंत में बिग बी अपने जीवन के सबसे अंधकारमय दौर से गुजर रहे थे। उनकी कंपनी अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन लिमिटेड  दिवालिया हो चुकी थी और उन पर 90 करोड़ रुपये का भारी-भरकम कर्ज था। स्थिति इतनी भयावह थी कि उनके घर और निजी संपत्तियों के जब्त होने का खतरा मंडरा रहा था।

    साल 2013 के एक इंटरव्यू में अमिताभ बच्चन ने अपनी उस पीड़ा को साझा करते हुए बताया था कि वह दौर उनके लिए बेहद अपमानजनक था। उनके दरवाजे पर हर दिन लेनदार पैसे मांगने आते थे। जो लोग कभी उनके साथ काम करने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहते थे, मुसीबत के वक्त उन्होंने ही बिग बी के प्रति अनादर दिखाना शुरू कर दिया था। उस दौरान उन पर 55 लीगल केस दर्ज थे और उन्होंने स्वीकार किया कि कई लोगों ने उन्हें गुमराह करके गलत दस्तावेजों पर साइन भी करवा लिए थे, जिसका खामियाजा उन्हें अकेले भुगतना पड़ा।

    इस टूटते हुए हौसले के बीच बिग बी को अपने पिता, महान कवि हरिवंश राय बच्चन की दो बातों ने संभाले रखा। पहली सीख थी मन का हो तो अच्छा, मन का न हो तो और भी अच्छा। इसका अर्थ था कि अगर चीजें आपकी योजना के अनुसार नहीं हो रही हैं, तो ईश्वर ने आपके लिए कुछ और भी बेहतर सोच रखा है। दूसरी अहम बात जो उनके पिता ने कही थी वह यह कि जब तक जीवन है, संघर्ष बना रहेगा। इन दो मंत्रों ने अमिताभ को हार मानने के बजाय लड़ने की शक्ति दी।

    अमिताभ बच्चन की सेकेंड इनिंग की शुरुआत फिल्म मोहब्बतें और टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति से हुई, जिसने न केवल उनका कर्ज उतारा बल्कि उन्हें पहले से भी बड़ा स्टार बना दिया। आज उनकी कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि इंसान अपने पिता के आदर्शों और खुद के परिश्रम पर भरोसा रखे, तो वह राख से भी उठकर दोबारा अपना साम्राज्य खड़ा कर सकता है।

  • डॉन 3 कॉन्ट्रोवर्सी: रणवीर सिंह का चौंकाने वाला दावा, क्या ऋतिक रोशन लेंगे उनकी जगह?

    डॉन 3 कॉन्ट्रोवर्सी: रणवीर सिंह का चौंकाने वाला दावा, क्या ऋतिक रोशन लेंगे उनकी जगह?


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की सबसे चर्चित फ्रेंचाइजी डॉन 3 को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शाहरुख खान के बाद डॉन की विरासत संभालने जा रहे रणवीर सिंह के फिल्म छोड़ने की खबरों ने पहले ही फैंस को मायूस कर दिया था लेकिन अब इस मामले में एक नया और सनसनीखेज मोड़ आ गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार रणवीर सिंह और एक्सेल एंटरटेनमेंट के बीच अनबन इतनी बढ़ गई है कि मेकर्स ने अभिनेता से मुआवजे के तौर पर 40 करोड़ रुपये की मांग की है। वहीं रणवीर सिंह ने चुप्पी तोड़ते हुए मेकर्स पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

    बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक रणवीर सिंह और मेकर्स के बीच हुई हालिया मीटिंग्स काफी तनावपूर्ण रहीं। सूत्रों का दावा है कि रणवीर ने एक्सेल एंटरटेनमेंट पर अनप्रोफेशनलिज्म का आरोप लगाया है। रणवीर का कहना है कि फरहान अख्तर फिल्म को लेकर गंभीर नहीं थे और उनके पास कोई बाउंड स्क्रिप्ट (पूरी लिखी हुई पटकथा) तैयार नहीं थी। एक कलाकार के तौर पर रणवीर का तर्क है कि वह केवल उसी प्रोजेक्ट पर काम करना पसंद करते हैं जो पूरी तरह से विकसित हो। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फरहान स्क्रिप्ट को लेकर किसी भी तरह के फीडबैक या बदलाव के सुझावों के लिए तैयार नहीं थे।

    इस विवाद के बीच रणवीर सिंह ने एक और चौंकाने वाला दावा किया है। उनके अनुसार एक्सेल एंटरटेनमेंट फिल्म में ऋतिक रोशन को लेने की योजना बना रहा था। फिल्म धुरंधर की सफलता के बाद मेकर्स ने कथित तौर पर ऋतिक को दोबारा अप्रोच किया। गौरतलब है कि ऋतिक रोशन साल 2011 में आई डॉन 2 में भी एक कैमियो भूमिका में नजर आ चुके हैं। रणवीर को लगता है कि मेकर्स उनके प्रति पूरी तरह समर्पित नहीं थे।

    दूसरी तरफ फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी के पक्ष का कहना है कि रणवीर ने स्क्रिप्ट को हर स्टेज पर अप्रूव किया था लेकिन बाद में वह अनुचित मांगें करने लगे। मेकर्स का मानना है कि फिल्म की तैयारी में हुए भारी नुकसान की भरपाई रणवीर को करनी चाहिए। फिलहाल रणवीर ने अपनी मानसिक शांति के लिए फिल्म से दूरी बना ली है जबकि फरहान अपने दूसरे प्रोजेक्ट्स और एक्टिंग करियर पर ध्यान दे रहे हैं। अब देखना यह होगा कि डॉन का यह प्रतिष्ठित किरदार आखिर किसकी झोली में गिरता है।

  • समर्थन मूल्य पर सात मार्च तक होगा गेहूं उपार्जन के लिये पंजीयन

    समर्थन मूल्य पर सात मार्च तक होगा गेहूं उपार्जन के लिये पंजीयन


    भोपाल! 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में गेहूं का उपार्जन के लिये पंजीयन 7 फरवरी से आरंभ हो गया है, यह 7 मार्च तक जारी रहेगा। प्रदेश में 3186 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं। गेहूं का समर्थन मूल्य गत वर्ष से 160 रुपए अधिक है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक संदेश मिला है। प्रदेश में मातृ मृत्यु दर 173 से घटकर 142 और शिशु मृत्यु दर 41 से घटकर 37 हो गई है। टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम में मध्यप्रदेश देश के 5 शीर्ष राज्यों में शामिल है। सिकल सेल उन्मूलन के लिए प्रदेश में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। आयुष्मान योजना के माध्यम से उपचार में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। एयर एंबुलेंस सेवा और राहवीर योजना के क्रियान्वयन में भी निरंतर प्रगति हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले हुए वंदे मातरम के सामूहिक गान के बाद, अपने संबोधन में यह जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आहवान किया कि सभी जिलों में विक्रमोत्सव और गुड़ी पड़वा का पर्व उल्लास और उत्साह से मनाया जाए। उन्होंने कहा कि इसके तत्काल बाद प्रदेश में जल गंगा अभियान आरंभ हो जाएगा जो 3 महीने तक जारी रहेगा। उन्होंने मंत्रीगण को अपने-अपने जिलों में अभियान की गतिविधियों के व्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश को नक्सलियों से मुक्त करने के उपलक्ष में 9 फरवरी को बालाघाट में आयोजित कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाकौशल क्षेत्र की कृषि कैबिनेट बालाघाट में की जाएगी, जो पूरे क्षेत्र को विकास की मुख्य धारा में लाने के संकल्प का प्रतीक होगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश को रेल के क्षेत्र में सिंगरौली जबलपुर ट्रेन की सौगात प्राप्त होने वाली है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रेस्क्यू सेंटर और जू एक साथ विकसित करने की योजना है, इसके अंतर्गत जबलपुर और उज्जैन में गतिविधियां आरंभ हुई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जहां अभयारण्य हैं वहां रेस्क्यू सेंटर की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य जीव पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिये पर्यटन, वन और संस्कृति विभाग समन्वित रूप से कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में चीतों के परिवार में वृद्धि की बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया मैं विलुप्त हो रही वन्य प्रजाति पुनर्जीवित हो रही है। प्रदेश में चीतों की संख्या 35 हो गई है। उन्होंने बताया कि जल्द ही और भी खुशखबरी मिलेगी। उन्होंने बताया कि इंदौर जू से भी व्हाइट टाइगर की संख्या में वृद्धि का शुभ समाचार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव से प्रदेश में वन्य जीवों के पुनर्स्थापना के संबंध में हुई चर्चा के परिणाम स्वरूप अब प्रदेश में जंगली भैंसा भी लाए जा रहे हैं। साथ ही बोत्सवाना से 8 चीते 28 फरवरी को प्रदेश में लाऐ जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि धान का समर्थन मूल्य 2369 रुपए रखा गया है, जो पिछली बार की एमएसपी से अधिक है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 51 लाख 74 हजार मीट्रिक टन धान का उत्पादन हुआ। प्रदेश में 8 लाख 59 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया, जिसमें से 7 लाख 89 हजार से अधिक किसानों ने स्पॉट बुकिंग कर धान उत्पादन में अपना योगदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा इस वर्ष प्रदेश में गेहूं की पर्याप्त पैदावार होने की संभावना है, राज्य सरकार के पास भंडारण की समुचित व्यवस्था है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंत्रीगण अपने-अपने क्षेत्र में वस्त्र उद्योग इकाई स्थापना की संभावनाओं को भी देखें तथा मूलभूत आवश्यकता वाले रोजगारपरक टेक्सटाइल यूनिटों की अपने-अपने क्षेत्रों में स्थापना के लिए प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत दिवस हुई उनकी हरिद्वार यात्रा के संबंध में भी जानकारी दी।