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  • Research : उत्तराखंड में मामूली बारिश भी मचा सकती है भारी तबाही… वैज्ञानिकों ने जताई चिंता

    Research : उत्तराखंड में मामूली बारिश भी मचा सकती है भारी तबाही… वैज्ञानिकों ने जताई चिंता


    देहरादून।
    उत्तराखंड (Uttarakhand.) के पहाड़ी क्षेत्रों (Hilly Areas) में अतिवृष्टि या बादल फटने (Heavy Rainfall or Cloudburst) से ही नहीं, बल्कि लगातार हल्की बारिश (Light Rain) से भी धराली जैसी आपदा आ सकती है। पहाड़ों पर जगह-जगह जमा मलबे के ढेर मामूली बारिश (Light Rain) में ही आपदा के लिए जमीन तैयार कर रहे हैं।

    दून विश्वविद्यालय ने देश के छह नामी संस्थानों के वैज्ञानिकों के साथ किए अध्ययन में ये चिंता जताई है वैज्ञानिकों के मुताबिक, पहाड़ों पर यदि 15 से 30 दिन तक रोज छह से सात मिलीमीटर बारिश होती है तो मलबा जानलेवा हो सकता है। मलबे के ढेर पानी सोखने के बाद दस किलोमीटर प्रति सेकेंड की गति से खिसक सकते हैं और ये स्थिति निचले क्षेत्रों में रह रही आबादी के लिए कहर साबित हो सकती है।


    धराली जैसी आपदा का डर

    उत्तरकाशी का धराली इसका ताजा और डरावना उदाहरण है। धराली में पांच अगस्त को आई आपदा एक-दो दिन की नहीं बल्कि पूरे एक माह की बारिश का नतीजा थी। इस इलाके में पांच जुलाई से पांच अगस्त तक 195 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। बारिश के रूप में धीरे-धीरे आए पानी को मलबे ने सोखा और बाद में खीरगंगा के बहाव के साथ धराली में तबाही मचा दी। दून विवि के भूगर्भ विज्ञान के एचओडी डॉ.विपिन कुमार के अनुसार, धराली में बारिश के बाद मलबा 60 किलो पास्कल का दबाव बनाकर दस किमी प्रति सेकेंड की गति से नीचे आकर तबाही का कारण बना था।


    मलबे का निस्तारण और निरंतर निगरानी जरूरी

    शोध रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने राज्य की प्रमुख नदियों, ग्लेशियरों के मुहाने, नाले-धारों और ऊंचाई वाले पहाड़ों पर जमा मलबे का पता लगाने की सलाह दी है, ताकि उसे निस्तारित किया जा सके। इसके अलावा ऐसे इलाकों की लगातार निगरानी और पूर्व चेतावनी तंत्र विकसित करने की भी सलाह दी है।


    भविष्य के लिए सिफारिश

    सेडिमेंट सोर्स मैपिंग अनिवार्य की जाए, जिससे गिलेशियर व हिमालयी जलग्रहण क्षेत्रों में मलबे के स्रोतों की निरंतर पहचान और निगरानी की जा सके। सरकार की आपदा प्रबंधन नीतियों में क्वांटिटेटिव हजार्ड साइंस को शामिल किया जाए, ताकि जोखिम का वैज्ञानिक आकलन कर समय रहते टोस और प्रभावनी निर्णय लिए जा सके।


    एक नजर चेतावनी पर

    रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड राज्य में हर वर्ष औसतन 2 हजार आपदाएं आथी हैं। 2025 में उत्तराखंड राज्य ने 2100 से ज्यादा छोटी-बड़ी आपदाएं झेली। इन आपदाओं में 263 लोगों की जान चली गई थी।

  • Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि कब शुरू होगी, घटस्थापना मुहूर्त और 9 दिन का कैलेंडर

    Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि कब शुरू होगी, घटस्थापना मुहूर्त और 9 दिन का कैलेंडर


    नई दिल्‍ली । चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का सबसे पवित्र पर्व है, जिसमें मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस साल चैत्र नवरात्रि 19 मार्च 2026 गुरुवार से शुरू होकर 27 मार्च 2026 शुक्रवार को रामनवमी के साथ समाप्त होगी।

    चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत और समापन प्रारंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा: 19 मार्च 2026 सुबह 6:52 बजे से

    समाप्ति: 27 मार्च 2026 रामनवमी

    नवरात्रि की अवधि: 9 दिन

    घटस्थापना मुहूर्त 2026

    इस साल घटस्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं:

    सुबह 6:52 बजे से 7:43 बजे तक

    दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक

    पहले दिन बनने वाले शुभ योग 19 मार्च 2026

    सर्वार्थ सिद्धि योग: 20 मार्च सुबह 04:05 से 06:25

    शुक्ल योग: प्रातःकाल से रात 01:17 तक

    ब्रह्म योग: शुक्ल योग के बाद

    इन योगों के कारण कलश स्थापना और पूजा का फल बढ़ जाता है।
    राहुकाल 19 मार्च 2026
    राहुकाल: दोपहर 2:00 बजे से 3:30 बजे तक
    इस समय कोई शुभ कार्य या पूजा न करें। घटस्थापना राहुकाल से पहले या बाद में करें।

    चैत्र नवरात्रि 2026 – 9 दिन का कैलेंडर

    दिन तारीख वार तिथि पूजा
    दिन 1 19 मार्च गुरुवार प्रतिपदा घटस्थापना, शैलपुत्री पूजा
    दिन 2 20 मार्च शुक्रवार द्वितीया ब्रह्मचारिणी पूजा
    दिन 3 21 मार्च शनिवार तृतीया चंद्रघंटा पूजा
    दिन 4 22 मार्च रविवार चतुर्थी कूष्मांडा पूजा
    दिन 5 23 मार्च सोमवार पंचमी स्कंदमाता पूजा
    दिन 6 24 मार्च मंगलवार षष्ठी कात्यायनी पूजा
    दिन 7 25 मार्च बुधवार सप्तमी कालरात्रि पूजा, महासप्तमी
    दिन 8 26 मार्च गुरुवार अष्टमी महागौरी पूजा, दुर्गा अष्टमी
    दिन 9 27 मार्च शुक्रवार नवमी नवरात्रि पारण, रामनवमी

  • सब्जियों से पाएं घर पर ही चमकती और स्वस्थ त्वचा, जानिए कैसे करें इस्‍तेमाल?

    सब्जियों से पाएं घर पर ही चमकती और स्वस्थ त्वचा, जानिए कैसे करें इस्‍तेमाल?


    नई दिल्‍ली । आज के समय में बाजार में स्किन केयर के लिए कई महंगे प्रोडक्ट्स उपलब्ध हैं लेकिन असली खूबसूरती आपकी त्वचा को मिलने वाले पोषण पर निर्भर करती है। सब्जियां विटामिन और मिनरल्स का खजाना होती हैं और यही आपकी त्वचा की प्राकृतिक चमक का राज हैं। अपनी डाइट में भरपूर सब्जियों को शामिल करना पहला कदम है लेकिन कुछ सब्जियों का रस सीधे चेहरे पर लगाने से भी अद्भुत परिणाम मिल सकते हैं। त्वचा के लिए विटामिन A C और E बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाते हैं और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखते हैं।

    उदाहरण के तौर पर टमाटर का रस दाग-धब्बों पिगमेंटेशन और सूर्य की वजह से टैनिंग में राहत देता है। टमाटर में लाइकोपीन विटामिन C और अन्य शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो त्वचा को अंदर तक साफ और ताजगी भरी बनाते हैं। आप पके हुए टमाटर का रस निकालकर उसमें दही और शहद मिलाकर चेहरे पर 15–20 मिनट तक लगा सकते हैं। इसके अलावा टमाटर के फ्रीज किए हुए स्लाइस से हल्की मसाज करने पर खुले पोर्स कसने और त्वचा में ताजगी लाने में मदद मिलती है।

    आलू का रस भी चेहरे की प्राकृतिक चमक के लिए फायदेमंद है। आलू त्वचा को अंदर से पोषण देता है और रंगत को सुधारने में मदद करता है। इसे सीधे चेहरे पर लगाना या चावल का आटा हल्दी टमाटर का रस और गुलाबजल के साथ फेस पैक बनाकर इस्तेमाल करना प्रभावी होता है। हफ्ते में दो बार इसका प्रयोग करने से त्वचा में निखार आता है।

    बीटरूट यानी चुकंदर त्वचा में गुलाबी और ताजगी भरी चमक लाने में कारगर है। इसके रस को सीधे चेहरे पर हल्की मसाज के लिए लगाया जा सकता है या नारियल तेल के साथ मिलाकर लिप बाम की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। चुकंदर दही बेसन और नींबू के साथ फेस पैक बनाकर 15–20 मिनट तक चेहरे पर लगाने से स्किन रेडिएंट बनती है।

    खीरा त्वचा को प्राकृतिक हाइड्रेशन देने के लिए अच्छा है। गर्मियों में खीरे का कद्दूकस करके पलकों पर 10–15 मिनट रखने से आंखों के नीचे पफीनेस और थकान कम होती है। खीरे का रस सीधे चेहरे पर लगाने या टमाटर के रस के साथ मिलाकर इस्तेमाल करने से त्वचा क्लीन और ग्लोइंग बनती है।

    सर्दियों में गाजर का रस भी त्वचा के लिए बेहतरीन है। यह विटामिन A का खजाना है और एक्ने कम करने त्वचा को रेडिएंट बनाने और पोर्स को कसाव देने में मदद करता है। गाजर का रस सीधे चेहरे पर लगाना या बेसन हल्दी और शहद के साथ फेस पैक बनाकर इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है।

  • बुधवार 11 फरवरी शुभ-अशुभ समय पंचांग अनुसार सर्वार्थ सिद्धि अमृत सिद्धि योग और राहुकाल

    बुधवार 11 फरवरी शुभ-अशुभ समय पंचांग अनुसार सर्वार्थ सिद्धि अमृत सिद्धि योग और राहुकाल


    नई दिल्ली।11 फरवरी बुधवार को पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि सुबह 9 बजकर 58 मिनट तक प्रभावी रहेगी इसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ होगी नक्षत्र अनुराधा सुबह 10 बजकर 53 मिनट तक रहेगा इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र शुरू होगा चंद्रमा वृश्चिक राशि में संचार करेंगे

    सूर्योदय इस दिन 7 बजकर 3 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 8 मिनट पर होगा 11 फरवरी के प्रमुख योग की बात करें तो सुबह 7 बजकर 3 मिनट से 10 बजकर 53 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग दोनों एक साथ रहेंगे यह दुर्लभ संयोग अत्यंत शुभ माना जाता है इस समय नए कार्य शुरू करना पूजा हवन दान और अन्य मंगल कार्य करने से विशेष लाभ होता है

    अन्य शुभ मुहूर्तों में ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 19 मिनट से 6 बजकर 11 मिनट तक रहेगा विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 26 मिनट से 3 बजकर 11 मिनट तक रहेगा और गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 6 मिनट से 6 बजकर 32 मिनट तक रहेगा अमृत काल 12 फरवरी की सुबह 3 बजकर 52 मिनट से 5 बजकर 39 मिनट तक रहेगा

    अशुभ समय का ध्यान रखना भी आवश्यक है योग व्याघात 12 फरवरी की देर रात 2 बजकर 30 मिनट तक रहेगा वर्ज्य शाम 5 बजकर 8 मिनट से 6 बजकर 55 मिनट तक रहेगा और गंड मूल सुबह 10 बजकर 53 मिनट से अगले दिन सुबह तक प्रभावी रहेगा पंचांग अनुसार अशुभ काल से दूर रहना और महत्वपूर्ण कार्यों को शुभ समय में करना ही उत्तम माना गया है

    राहुकाल 11 फरवरी को दोपहर 12 बजकर 36 मिनट से 1 बजकर 59 मिनट तक रहेगा इस समय कोई भी शुभ कार्य करना निष्फल होता है और बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है अन्य अशुभ समय में यमगंड सुबह 8 बजकर 26 मिनट से 9 बजकर 49 मिनट तक गुलिक काल सुबह 11 बजकर 12 मिनट से दोपहर 12 बजकर 36 मिनट तक और दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा बुधवार का दिन विघ्न विनाशन गणेश और बुध ग्रह को समर्पित है इस दिन गणपति और बुध ग्रह की विधि विधान से पूजन करने से बाधाओं का नाश होता है और जीवन में सुख शांति और समृद्धि का संचार होता है बुध ग्रह भी शांत होने के कारण कार्यों में सफलता मिलती है

    इस प्रकार 11 फरवरी का दिन पंचांग अनुसार अत्यंत शुभ योगों वाला और कुछ विशेष समयों में सावधानी रखने वाला दिन है सुबह के सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग से नए कार्य शुरू करने के लिए सर्वोत्तम समय मिलता है राहुकाल और अन्य अशुभ समय में सावधानी बरतकर किसी भी प्रकार की बाधा से बचा जा सकता है गणेश और बुध ग्रह की पूजा विधिपूर्वक करने से दिन भर की सफलता सुनिश्चित की जा सकती है

  • श्रीलंका के लिए चिंता का सबब, वानिंदु हसरंगा की अनुपस्थिति में टूर्नामेंट चुनौतीपूर्ण

    श्रीलंका के लिए चिंता का सबब, वानिंदु हसरंगा की अनुपस्थिति में टूर्नामेंट चुनौतीपूर्ण


    नई दिल्ली ।टी20 विश्व कप 2026 की सह-मेजबान श्रीलंका को बड़ा झटका लगा है। टीम के दिग्गज स्पिनर वानिंदु हसरंगा इंजरी के चलते टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। हसरंगा को रविवार को कोलंबो में आयरलैंड के खिलाफ ग्रुप स्टेज मैच के दौरान हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। सोमवार को एमआरआई स्कैन में उनके बाएं हैमस्ट्रिंग में गंभीर चोट पाई गई। यूके के एक विशेषज्ञ की सलाह के बाद उन्हें विश्व कप से बाहर कर दिया गया है। इस चोट के कारण हसरंगा कम से कम चार सप्ताह तक क्रिकेट से दूर रहेंगे।

    हसरंगा की अनुपस्थिति श्रीलंका के लिए बड़ा झटका है। वह केवल बेहतरीन और मैच जिताऊ गेंदबाज ही नहीं हैं, बल्कि निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी भी कर टीम की कई बार जीत सुनिश्चित कर चुके हैं। आयरलैंड के खिलाफ पहले मैच में हसरंगा ने 4 ओवर में केवल 25 रन देकर 3 विकेट लिए थे, जिससे टीम को जीत की राह आसान हुई थी। उनके बाहर होने से श्रीलंका की गेंदबाजी और निचले क्रम की बल्लेबाजी में दबाव बढ़ गया है।

    टीम प्रबंधन ने हसरंगा की जगह लेगस्पिनर दुशान हेमंथा को शामिल करने पर विचार करना शुरू कर दिया है। 31 वर्षीय हेमंथा ने अब तक श्रीलंका के लिए 5 वनडे और 3 टी20 मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने कुल 6 विकेट लिए हैं। यदि हेमंथा को शामिल किया गया, तो उन्हें टीम में नई भूमिका निभानी होगी और मैच के अहम मोड़ों पर जिम्मेदारी संभालनी होगी।

    श्रीलंका का अगला ग्रुप मैच 12 फरवरी को पल्लेकेले में ओमान के खिलाफ खेला जाएगा। इसके बाद 16 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया और 19 फरवरी को कोलंबो में जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच है। पहले मैच में आयरलैंड पर मिली 20 रन की जीत ने टीम को टूर्नामेंट की शुरुआत में आत्मविश्वास दिया था।आयरलैंड के खिलाफ पहले मैच में श्रीलंका ने खराब शुरुआत के बावजूद छह विकेट पर 163 रन बनाए थे। कामिंडू मेंडिस ने 19 गेंदों में 44 रन और कुसल मेंडिस ने नाबाद 56 रन की पारी खेली। लक्ष्य का पीछा करते हुए आयरलैंड की टीम 19.5 ओवर में 143 रन पर ऑलआउट हो गई। रॉस एडेयर ने 23 गेंदों पर 34 रन और हैरी टेक्टर ने 34 गेंदों पर 40 रन बनाए, लेकिन टीम जीत से दूर रही।

    हसरंगा की चोट श्रीलंका के लिए चिंता का विषय है। विश्व कप में स्पिनिंग आक्रमण और निचले क्रम की स्थिरता पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि दुशान हेमंथा जैसे नए खिलाड़ी को टीम में शामिल करना श्रीलंका के लिए चुनौती और अवसर दोनों है। आगामी मैचों में टीम को संतुलन बनाए रखना होगा और बल्लेबाजी के दबाव को संभालना होगा।

    टी20 विश्व कप में हर मैच अहम है और हसरंगा की अनुपस्थिति में श्रीलंका को रणनीति बदलनी होगी। टीम के कोच और कप्तान इस समय खिलाड़ियों के मनोबल और गेंदबाजी संयोजन पर ध्यान दे रहे हैं। खेल प्रेमियों की नजरें अगले मैचों पर हैं कि नई स्थिति में श्रीलंका किस तरह से मुकाबला करती है।

  • हल्की खांसी भी हो सकती है फेफड़ों के कैंसर की चेतावनी, आयुष मंत्रालय ने दिए जरूरी लक्षण

    हल्की खांसी भी हो सकती है फेफड़ों के कैंसर की चेतावनी, आयुष मंत्रालय ने दिए जरूरी लक्षण


    नई दिल्ली ।देश में डायबिटीज और थायराइड की बढ़ती समस्या के बाद अब फेफड़ों का कैंसर भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। आईसीएमआर की रिपोर्ट के अनुसार 2025 में 81,219 पुरुष और 30,109 महिलाओं में नए फेफड़ों के कैंसर के मामले दर्ज किए गए। विशेषज्ञों का कहना है कि हल्की खांसी और सामान्य श्वसन संबंधी परेशानियां भी कभी-कभार कैंसर का संकेत हो सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए आयुष मंत्रालय ने हाल ही में फेफड़ों के कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए सोशल मीडिया पोस्ट शेयर किया है और इस गंभीर बीमारी के लक्षण और बचाव के उपाय बताए हैं।

    आयुष मंत्रालय ने बताया कि फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के होते हैं और इन्हें सामान्य श्वसन संबंधी बीमारियों से मिलाया जा सकता है। लगातार खांसी, थकान, सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द या बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होना जैसे संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। मंत्रालय ने जोर दिया कि सही समय पर लक्षणों को पहचानकर डॉक्टर से सलाह लेना और इलाज शुरू करना कई लोगों की जान बचा सकता है।

    फेफड़ों के कैंसर के मुख्य कारणों में सिर्फ तंबाकू या धूम्रपान ही शामिल नहीं हैं। इसमें परोक्ष धूम्रपान वायु प्रदूषण और रसायनों या एस्बेस्टस से जुड़े व्यावसायिक उद्योग भी जोखिम बढ़ाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन कारकों के प्रभाव को समझना और बचाव के उपाय अपनाना हर व्यक्ति के लिए आवश्यक है।

    फेफड़ों का कैंसर मूलतः तब होता है जब फेफड़ों की कोशिकाएं सामान्य विभाजन प्रक्रिया के दौरान अनियमित रूप से बदल जाती हैं और ट्यूमर का रूप ले लेती हैं। इस स्थिति में फेफड़े ठीक से काम नहीं कर पाते और समय रहते इलाज न मिलने पर शरीर के अन्य हिस्सों में भी बीमारी फैल सकती है। फेफड़ों में मुख्यतः दो प्रकार के कैंसर पाए जाते हैं। पहला नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर है और दूसरा स्मॉल सेल लंग कैंसर।

    भारत में नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर के मामले अधिक पाए जाते हैं। यदि इसे शुरुआती दौर में पहचान लिया जाए तो इसका इलाज संभव है और मरीज स्वस्थ हो सकते हैं। वहीं स्मॉल सेल लंग कैंसर अधिक खतरनाक माना जाता है क्योंकि यह शरीर के अन्य हिस्सों में तेजी से फैलता है और इलाज मुश्किल हो जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सही समय पर जांच और उपचार न होने पर दोनों प्रकार के कैंसर गंभीर परिणाम दे सकते हैं।

    आयुष मंत्रालय ने लोगों से आग्रह किया है कि फेफड़ों से जुड़ी किसी भी असामान्य समस्या को नजरअंदाज न करें। हल्की खांसी को भी गंभीरता से लें और डॉक्टर से जांच कराएं। साथ ही तंबाकू और धूम्रपान से दूर रहें, वायु प्रदूषण से बचाव करें और व्यावसायिक जोखिमों को समझें। यदि समय पर सावधानी और इलाज शुरू कर दिया जाए तो फेफड़ों के कैंसर से बचाव और रोग प्रबंधन दोनों ही संभव हैं।

    देश में जागरूकता फैलाना और लोगों को लक्षणों की पहचान कराना बेहद महत्वपूर्ण है। आयुष मंत्रालय की पहल इसी दिशा में एक कदम है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर इलाज से फेफड़ों के कैंसर से होने वाली मृत्यु दर को कम किया जा सकता है।

  • अमेरिकी बाजार में और मजबूत होगी भारतीय दवाओं की पकड़ एक्सपर्ट

    अमेरिकी बाजार में और मजबूत होगी भारतीय दवाओं की पकड़ एक्सपर्ट


    नई दिल्ली ।भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर जहां कई सेक्टरों में संशय और आशंकाएं बनी हुई हैं वहीं फार्मा सेक्टर को लेकर तस्वीर काफी सकारात्मक नजर आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस ट्रेड डील के बाद भारतीय फार्मा इंडस्ट्री की पकड़ अमेरिकी बाजार में और मजबूत होगी। कम लेबर कॉस्ट उन्नत निर्माण क्षमता और किफायती दवाओं के कारण भारत पहले से ही अमेरिका के लिए एक अहम फार्मा सप्लायर बना हुआ है और आने वाले समय में यह निर्भरता और गहरी हो सकती है।

    जोटा हेल्थकेयर के चेयरमैन केतन जोटा ने इस विषय पर कहा कि अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा एफडीए अप्रूव्ड दवा निर्माण प्लांट भारत में स्थित हैं। यह अपने आप में भारतीय फार्मा सेक्टर की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को दर्शाता है। भारत से अमेरिका को बड़ी मात्रा में जेनरिक दवाएं लाइफ सेविंग मेडिसिन और क्रॉनिक बीमारियों की दवाएं निर्यात की जाती हैं। यही वजह है कि अमेरिकी हेल्थकेयर सिस्टम में भारत की भूमिका बेहद अहम बन चुकी है।

    केतन जोटा के अनुसार प्रस्तावित ट्रेड डील भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक उपलब्धि मानी जा सकती है। उन्होंने कहा कि टैरिफ के मामलों में अमेरिका का रुख आमतौर पर सख्त रहा है और वह शायद ही कभी झुकता है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कूटनीतिक स्तर पर संतुलित और लाभकारी समझौता संभव हुआ है। यह डील दोनों देशों के हितों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है जिससे व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे।

    उन्होंने यह भी बताया कि भारत से अमेरिका को मुख्य रूप से लाइफस्टाइल और क्रॉनिक बीमारियों से जुड़ी दवाओं का निर्यात किया जाता है। इसमें डायबिटीज ब्लड प्रेशर थायराइड और अन्य लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों की दवाएं शामिल हैं। अमेरिकी बाजार में इन दवाओं की मांग लगातार बनी रहती है क्योंकि वहां स्वास्थ्य सेवाओं की लागत काफी अधिक है और भारतीय जेनरिक दवाएं किफायती विकल्प के रूप में देखी जाती हैं।

    केवल अमेरिका ही नहीं बल्कि यूरोपीय संघ के साथ हुई ट्रेड डील से भी भारतीय फार्मा सेक्टर को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत कई दवाओं के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी को शून्य प्रतिशत कर दिया गया है। इससे भारतीय कंपनियों को यूरोपीय बाजार में और प्रतिस्पर्धी बनने का मौका मिलेगा। साथ ही इस डील से टेक्नोलॉजी और व्यापार का ट्रांसफर भी भारत में होगा जिससे दवा निर्माण प्रक्रिया और उन्नत होगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इन अंतरराष्ट्रीय समझौतों का सीधा असर भारत में दवा उत्पादन की लागत पर पड़ेगा। बड़े पैमाने पर उत्पादन और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से दवाओं की लागत और कम होगी। इसका फायदा केवल एक्सपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि घरेलू बाजार में भी मरीजों को सस्ती और प्रभावी दवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

    इस तरह भारत अमेरिका ट्रेड डील और यूरोपीय संघ के साथ हुए समझौते भारतीय फार्मा सेक्टर के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रहे हैं। इससे भारत की वैश्विक साख मजबूत होगी एक्सपोर्ट में इजाफा होगा और देश के भीतर हेल्थकेयर सिस्टम को भी मजबूती मिलेगी। फार्मा सेक्टर आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक वृद्धि का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभर सकता है।

  • मंत्रि-परिषद के बड़े फैसले: जनजातीय व महिला-बाल विकास योजनाओं को 2031 तक निरंतरता, 7,133 करोड़ की स्वीकृति; पेंशन नियम 2026 को मंजूरी

    मंत्रि-परिषद के बड़े फैसले: जनजातीय व महिला-बाल विकास योजनाओं को 2031 तक निरंतरता, 7,133 करोड़ की स्वीकृति; पेंशन नियम 2026 को मंजूरी


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के सामाजिक कल्याण, जनजातीय विकास, ऊर्जा, न्यायिक सेवा और पेंशन व्यवस्था से जुड़े कई बड़े और दूरगामी निर्णय लिए गए। बैठक की शुरुआत वंदे-मातरम् के सामूहिक गायन से हुई।

    मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जनजातीय कार्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की निरंतरता के लिए कुल 7,133 करोड़ 17 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की। इस स्वीकृति के तहत जनजातीय कार्य विभाग की प्रमुख योजनाओं में पीवीटीजी आहार अनुदान योजना के लिए 2,350 करोड़ रुपये, एकीकृत छात्रावास योजना के लिए 1,703 करोड़ 15 लाख रुपये, सीएम राइज विद्यालय योजना के लिए 1,416 करोड़ 91 लाख रुपये और आवास सहायता योजना के लिए 1,110 करोड़ रुपये शामिल हैं।

    इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा मंडल को शुल्क प्रतिपूर्ति, अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति तथा कक्षा 9वीं की छात्रवृत्ति के लिए 522 करोड़ 8 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना के लिए 31 करोड़ 3 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।

    मंत्रि-परिषद ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत जनजातीय क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने के लिए भी बड़ा फैसला लिया। इसके तहत 63,077 अविद्युतीकृत घरों और 650 शासकीय संस्थानों के विद्युतीकरण के लिए 366 करोड़ 72 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें केंद्र सरकार का अंश 220 करोड़ 3 लाख रुपये और राज्य सरकार का अंश 146 करोड़ 69 लाख रुपये रहेगा। इसके साथ ही म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा 8,521 घरों के ऑफ-ग्रिड सोलर + बैटरी विद्युतीकरण के लिए लगभग 97 करोड़ रुपये की अतिरिक्त स्वीकृति दी गई है।

    बैठक में उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय के आईटी संवर्ग में कार्यरत कर्मचारियों को तकनीकी संवर्ग की भर्ती प्रक्रियाओं में भाग लेने के लिए एक बार के लिए आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट देने का निर्णय भी लिया गया। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा पेंशन नियम 2026 और पेंशन के सारांशीकरण नियम 2026 को मंजूरी दी। इन नियमों के तहत पेंशन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। खास बात यह है कि अब परिवार पेंशन के पात्र सदस्यों में अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा पुत्री को भी शामिल किया गया है।

    इसके साथ ही मध्यप्रदेश सिविल सेवा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली नियम 2026 और एनपीएस के अंतर्गत उपदान संदाय नियम 2026 को भी मंजूरी दी गई है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। इनमें अभिदाता की मृत्यु पर परिवार पेंशन, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, ई-सेवा पुस्तिका, उपदान भुगतान और विभागीय जांच से जुड़े स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। सरकार के इन फैसलों को सामाजिक सुरक्षा, जनजातीय उत्थान और प्रशासनिक सुधार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

  • 'इंडिया को 4 गुजराती चला रहे हैं', IND vs PAK मैच से पहले शाहिद अफरीदी ने उगला जहर; जानें अब क्या कहा

    'इंडिया को 4 गुजराती चला रहे हैं', IND vs PAK मैच से पहले शाहिद अफरीदी ने उगला जहर; जानें अब क्या कहा


    नई दिल्ली ।टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत बनाम पाकिस्तान मैच को लेकर पिछले काफी दिनों से विवाद चल रहा है. पाकिस्तान ने 15 फरवरी को होने वाले भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार का एलान किया, लेकिन अब अपने फैसले से यू-टर्न लेते हुए उन्हें खेलने के लिए राजी होना पड़ा. इस बीच शाहिद अफरीदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. हमेशा की तरह इसमें भी वह भारत के खिलाफ जहर ही उगल रहे हैं.

    पूरा पाकिस्तान इस समय बौखलाया हुआ है, जो उनके बयानों से साफ झलक रहा है. दरअसल पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर्स पहले इस बात से खुश थे कि उनके देश ने भारत के खिलाफ मैच खेलने से मना कर दिया. उन्हें लगा कि इससे बीसीसीआई या आईसीसी दबाव में आ जाएगा, लेकिन इसके उलट पीसीबी पर ही दबाव बढ़ता गया और अंत में उन्हें भारत के खिलाफ खेलने के लिए राजी होना पड़ा. शाहिद अफरीदी का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वह कह रहे हैं कि भारत को सिर्फ 4 गुजराती चला रहे हैं.

    शाहिद अफरीदी ने उगला भारत के खिलाफ जहर
    पाकिस्तानी टीवी चैनल समा पर एक शो के दौरान शाहिद अफरीदी ने कहा, “इंडिया को 4 गुजराती चला रहे हैं. 2 बेच रहे हैं और 2 चला रहे हैं. अगर नीचे काम करने वालों को इन्हीं चारों को खुश करना है तो ऐसे चीजें चलती नहीं हैं.” अफरीदी की बातों से साफ झलक रहा था कि वह आईसीसी के सामने पाकिस्तान क्रिकेट की बेबसी और हालत देखकर कितने मायूस हैं.

    15 फरवरी को होगा भारत-पाकिस्तान मैच
    भारत और पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप में एक ही ग्रुप (A) में शामिल हैं. दोनों के बीच 15 फरवरी को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में मैच होना है. पाकिस्तान ने जब इस मैच के बहिष्कार का फैसला किया था तो उसके बाद सूर्यकुमार यादव ने साफ कहा था कि टीम इंडिया मैच खेलने जाएगी, चाहे विरोधी टीम आए या न आए. भारत शुरुआत से अपने स्टैंड पर अड़ा रहा, लेकिन अंत में पाकिस्तान को झुकना पड़ा.
  • बुड्ढा लड़का लोफर है…', RJD ने सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार पर की अभद्र टिप्पणी

    बुड्ढा लड़का लोफर है…', RJD ने सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार पर की अभद्र टिप्पणी


    नई दिल्ली । बिहार में विधान परिषद में सत्र की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पूर्व सीएम राबड़ी देवी को लड़की कहे जावने के मामले पर विवाद बढ़ता चला जा रहा है। पहले रोहिणी आचार्य ने इस मामले को लेकर सीएम नीतीश पर निशाना साधा था। इसके बाद तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश को डिमेंशिया और अल्जाइमर का शिकार बता दिया था। वहीं अब राजद ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की है। राजद ने सीएम नीतीश को लोफर और बुड्ढा तक कह दिया था।

    RJD ने क्या ट्वीट किया?
    राजद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट किया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए विवादित टिप्पणी की। राजद ने कहा संवैधानिक पद पर बैठ महिलाओं के लिए अश्लील बातें करने वाला बिहार का बुड्ढा लड़का लोफर है।
    आज विधान परिषद में मार्शल बुलाए गए
    मंगलवार को बिहार विधानसभा में लगातार हंगामा देखने को मिला। इसके बाद विपक्ष के लगातार हंगामे के बाद सभापति ने हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों को मार्शल से दिन भर के लिए बाहर करवा दिया। सभापति ने बार बार कहा कि प्रश्नकाल को बाधित नहीं करें सदन की कार्यवाही में व्यवधान न डालें बावजूद विपक्ष के सदस्य बेल तक पहुंचकर नारेबाजी और हंगामा करते रहे। इसके बाद सभापति ने कड़ी कार्रवाई करते हुए विपक्षी सदस्यों को पूरे दिन के लिए सदन से बाहर करने का आदेश दे दिया। बाहर भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा।
    सुनील सिंह और मंत्री अशोक चौधरी के बीच तीखी नोकझोंक
    सभापति के आदेश से मार्शल बुलाए गए जिन्होंने बीच-बचाव करते हुए सदस्यों को अलग किया। सुनील सिंह और मंत्री अशोक चौधरी के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। मंत्री अशोक चौधरी काफी गुस्से में दिखाई दिए वहीं विपक्ष के नेता भी आक्रोशित नजर आए। इस दौरान अशोक चौधरी ने सुनील सिंह से कहा तुम क्या हो जिस पर सुनील सिंह ने जवाब देते हुए उन्हें नौटंकीबाज तक कह दिया। पूरे घटनाक्रम के दौरान सदन में भारी शोर-शराबा और हंगामे का माहौल बना रहा।