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  • सनातन परंपरा का महापर्व विजया एकादशी: इन 10 उपायों से घर में बरसेगा लक्ष्मी-नारायण का आशीर्वाद

    सनातन परंपरा का महापर्व विजया एकादशी: इन 10 उपायों से घर में बरसेगा लक्ष्मी-नारायण का आशीर्वाद


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में फाल्गुन माह के कृष्णपक्ष में पड़ने वाली एकादशी को विजया एकादशी के नाम से जाना जाता है. सनातन परंपरा में विजया एकादशी की पूजा और व्रत को विधि-विधान से करने पर बड़े से बड़ा संकट दूर और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है. इस व्रत के पुण्य प्रताप से भगवान राम ने भी त्रेतायुग में लंका के राजा रावण पर विजय प्राप्त की थी. सुख, सौभाग्य, सफलता और विजय का आशीर्वाद दिलाने वाली विजया एकादशी 13 फरवरी 2026 को रखा जाएगा. आइए विजया एकादशी के दिन भगवान श्री विष्णु की सरल सनातनी विधि से की जाने वाली पूजा के उन 10 अचूक उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं, जिसे करते ही सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

    1. विजया एकादशी के दिन गंगा नदी अथवा किसी पवित्र जल तीर्थ पर स्नान करने का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. यदि आप इस दिन किसी कारण से गंगा तट पर न जा पाएं तो पुण्य की प्राप्ति के लिए घर में ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें.

    2. हिंदू धर्म में व्रत एवं पूजा के दिन स्नान के साथ दान का भी बहत ज्यादा महत्व माना गया है, इसलिए इस दिन अपने सामर्थ्य के अनुसार दान जरूर करें. विजया एकादशी के दिन किसी मंदिर के पुजारी या फिर किसी जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न, वस्त्र और धन का दान करें.

    3. यदि आपके जीवन में इन दिनों आर्थिक संकट बना हुआ है या फिर आप किसी कार्य विशेष में सफलता पाना चाहते हैं तो आपको विजया एकादशी वाले दिन भगवान विष्णु की पूजा में विशेष रूप से एक पीले कपड़े में हल्दी की दो गांठें अर्पित करना चाहिए. पूजा के बाद उसे अपने कार्यस्थल या बैग में रख लें.

    4. हिंदू मान्यता के अनुसार विजया एकादशी के दिन विष्णु भगवान का दक्षिणावर्ती शंख से जलाभिषेक करने से उनका विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है. यदि संभव हो तो शंख से केसर मिले दूध या फिर पंचामृत से श्री हरि का अभिषेक करें.

    5. हिंदू धर्म में किसी भी मनोकामना को पूरा करने के लिए मंत्र जप को उत्तम उपाय माना गया है. ऐसे में विजया एकादशी व्रत वाले दिन साधक को भगवान श्री विष्णु के मंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः’ का तुलसी की माला से अधिक से अधिक जप करना चाहिए.

    6. हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु की पूजा में पीले रंग का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. ऐसे में विजया एकादशी के दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु की पूजा में पीले रंग के पुष्प, पीले फल और पीले रंग की मिठाई अर्पित करें.

    7. विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु से सुख-सौभाग्य का आशीर्वाद पाने के लिए उन्हें पीला चंदन या ​केसर का तिलक अर्पित करके उसे प्रसाद स्वरूप अपने माथे पर लगाएं. इसी प्रकार श्री हरि को पीले रंग का धागा अर्पित करके अपने दाहिने हाथ में बाधें.

    8. हिंदू धर्म में तुलसी जी को विष्णुप्रिया कहा गया है. ऐसे में आपकी विजया एकादशी की पूजा और व्रत तब तक अधूरा है जब तक आप श्री हरि की पूजा में तुलसी दल नहीं चढ़ाते हैं.  हादेव को मनाना है तो महाशिवरात्रि पर राशि के अनुसार ही करें ज्योर्तिलिंग का दर्शन और पूजन

    9. यदि आप चाहते हैं कि आपको श्री हरि संग माता लक्ष्मी का भी आशीर्वाद मिले तो आपको विजया एकादशी वाले दिन तुलसी माता को जल देने के बाद शुद्ध देशी घी का दीया जलाना चाहिए और उनकी परिक्रमा करनी चाहिए.

    10. विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करते समय न सिर्फ एकादशी व्रत की कथा सुनें या फिर पढ़ें बल्कि इसके साथ श्री विष्णु सहस्त्रनाम, नारायण कवच या फिर श्रीमद्भागवत कथा का पाठ भी जरूर करें.

  • लोहे के शरीर में कुंग-फू की आत्मा: शाओलिन मंदिर में भिक्षुओं संग रोबोट्स का महासंग्राम, तकनीक ने रचा नया इतिहास

    लोहे के शरीर में कुंग-फू की आत्मा: शाओलिन मंदिर में भिक्षुओं संग रोबोट्स का महासंग्राम, तकनीक ने रचा नया इतिहास


    नई दिल्ली।दुनिया तेजी से तकनीक के उस रोमांचक और कुछ हद तक चौंकाने वाले दौर में प्रवेश कर चुकी है, जहाँ इंसान और मशीन के बीच की लकीर धुंधली होती जा रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स के क्षेत्र में हो रही प्रगति अब केवल औद्योगिक कारखानों या बंद प्रयोगशालाओं की चारदीवारी तक सीमित नहीं रह गई है; बल्कि इसने अब सदियों पुरानी परंपराओं, सांस्कृतिक धरोहरों और आध्यात्मिक केंद्रों की दहलीज पर भी दस्तक दे दी है। इसका सबसे ताजा और विस्मयकारी उदाहरण चीन के विश्व प्रसिद्ध शाओलिन मंदिर से सामने आया है, जहाँ अत्याधुनिक ह्यूमनॉइड रोबोट्स को बौद्ध भिक्षुओं के साथ कदम से कदम मिलाकर मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग लेते देखा गया है।

    सोशल मीडिया के गलियारों में बिजली की गति से वायरल हो रहे एक वीडियो ने वैश्विक स्तर पर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। इस वीडियो में एक तरफ जहाँ गेरुए वस्त्रों में सजे बौद्ध भिक्षु अपनी पारंपरिक शाओलिन कुंग-फू की मुद्राओं का अभ्यास कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ चमचमाते धातु के शरीर वाले रोबोट्स पूरी लय, गति और अचूक सटीकता के साथ उन कठिन मूवमेंट को दोहरा रहे हैं। चाहे वह हाथों की बिजली जैसी फुर्ती हो या पैरों के जटिल वार, ये रोबोट किसी मंझे हुए योद्धा की तरह प्रदर्शन कर रहे हैं। दृश्य ऐसा है मानो कोई प्राचीन कला और भविष्य की तकनीक एक ही मंच पर जुगलबंदी कर रहे हों।

    शाओलिन मंदिर, जो सदियों से आत्म-अनुशासन, ध्यान और मार्शल आर्ट्स का वैश्विक केंद्र रहा है, वहाँ इन मशीनों की उपस्थिति तकनीक और परंपरा के एक अभूतपूर्व ‘फ्यूजन’ को दर्शाती है। यह केवल एक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि एक स्पष्ट संकेत है कि आने वाले समय में तकनीक केवल इंसानी बोझ को कम करने का जरिया नहीं होगी, बल्कि वह कला, संस्कृति और शारीरिक कौशल के क्षेत्रों में भी नए मानक स्थापित करेगी।

    इन रोबोट्स के पीछे ‘AgiBot’ नामक प्रमुख चीनी कंपनी का हाथ बताया जा रहा है। यह वही कंपनी है जो पहले भी घरेलू और औद्योगिक कार्यों के लिए उन्नत रोबोटिक समाधान पेश कर चुकी है। इन ‘अग्निबॉट’ में लगे हाई-डेफिनिशन सेंसर और जटिल एआई एल्गोरिदम उन्हें अपने सामने मौजूद इंसान की गतिविधियों को न केवल देखने, बल्कि उन्हें ‘रियल-टाइम’ में समझने और उनकी नकल करने की शक्ति प्रदान करते हैं। यही कारण है कि भिक्षुओं के हर पैंतरे पर रोबोट की प्रतिक्रिया बिल्कुल स्वाभाविक और वैसी ही शैली में नजर आती है।

    हालांकि, जहाँ एक ओर तकनीक प्रेमी इस प्रगति को देखकर गदगद हैं, वहीं दूसरी ओर डिजिटल दुनिया में एक नई बहस भी छिड़ गई है। कुछ आलोचकों का मानना है कि यह वीडियो एआई द्वारा जनरेटेड हो सकता है, जबकि कई लोग इसे मानवीय कौशल के लिए एक चुनौती मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर जहाँ कुछ यूजर्स मजाकिया लहजे में इन रोबोट्स से घर के कामकाज कराने की इच्छा जता रहे हैं, वहीं गंभीर विशेषज्ञों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि रोबोट्स को युद्ध कलाओं में इतना निपुण बना दिया गया, तो भविष्य में इनके सैन्य दुरुपयोग की संभावनाओं को नकारा नहीं जा सकता।

    चीन और जापान जैसे देश पहले ही सार्वजनिक सेवाओं में रोबोट्स को उतार चुके हैं, लेकिन शाओलिन के आंगन में इन मशीनों का अभ्यास करना यह साबित करता है कि अब मशीनें केवल सहयोग नहीं दे रहीं, बल्कि वे हमसे सीख रही हैं। यह घटनाक्रम जहाँ तकनीकी विकास की असीम शक्ति का जश्न मनाता है, वहीं मानवता के सामने यह यक्ष प्रश्न भी छोड़ जाता है कि हम भविष्य में इंसान और मशीन के बीच का संतुलन आखिर कैसे कायम रखेंगे?

  • पीयूष गोयल ने T20 जीत पर मजाकिया टिप्पणी की, कहा- ‘अगर टैरिफ 0 होता तो अमेरिका जीत जाता’

    पीयूष गोयल ने T20 जीत पर मजाकिया टिप्पणी की, कहा- ‘अगर टैरिफ 0 होता तो अमेरिका जीत जाता’


    नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत-अमेरिका के बीच हाल ही में हुआ अंतरिम व्यापार समझौता अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के सहयोग के बिना संभव नहीं था। गोयल ने सर्जियो गोर की व्यक्तिगत भूमिका की सराहना की और इस अवसर पर भारत और अमेरिका के बीच खेले गए T20 मैच पर भी चुटकी ली।

    गोयल ने मजाकिया लहजे में कहा अगर अमेरिका ने अपने जवाबी टैरिफ को शून्य प्रतिशत कर दिया होता तो शायद वह भारत के खिलाफ मैच जीत जाता। इस बात पर मौजूद मेहमानों ने हँसी और तालियों के साथ प्रतिक्रिया दी। गोयल ने आगे कहा कि अमेरिका ने क्रिकेट खेलना केवल कुछ साल पहले शुरू किया है और उनकी टीम का प्रदर्शन हाल ही में शानदार रहा।

    स्वागत समारोह और व्यापार समझौता

    नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अपने आवास पर एक स्वागत समारोह आयोजित किया। इसमें वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अन्य दिग्गज शामिल हुए। यह बैठक भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा जारी होने के बाद हुई।सर्जियो गोर ने कहा कि व्हाइट हाउस भारत पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी की दोस्ती ने व्यापार सौदे को संभव बनाया। भारत ने अमेरिकी वस्तुओं पर टैरिफ कम किया है जबकि अमेरिका ने भारतीय सामानों पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया।

    भारत-अमेरिका T20 मैच

    विश्व कप के पहले मैच में भारत ने अमेरिका को 29 रन से हराया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने दबाव में 84 रन की नाबाद पारी खेली जबकि मोहम्मद सिराज ने तीन विकेट लिए। भारत ने नौ विकेट पर 161 रन बनाए। अमेरिका ने 20 ओवर में 132 रन पर 8 विकेट खोकर पीछा किया। उनके लिए संजय कृष्णमूर्ति और शुभम रंजने ने 37-37 रन और मिलिंद कुमार ने 34 रन बनाए। भारत के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह और सिराज ने शुरुआती सफलता दिलाई।

    पाकिस्तान के खिलाफ मैच
    पाकिस्तान सरकार ने मैच बहिष्कार का फैसला वापस ले लिया है। अब 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच T20 मैच होगा। इससे पहले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ने क्रिकेट हित में पाकिस्तान से मैच खेलने का अनुरोध किया था।

  • सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल धोखाधड़ी पर जताई चिंता, 54 हजार करोड़ के गबन मामले को लेकर CJI हैरान

    सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल धोखाधड़ी पर जताई चिंता, 54 हजार करोड़ के गबन मामले को लेकर CJI हैरान


    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल धोखाधड़ी के जरिए 54,000 करोड़ रुपये के गबन को गंभीर अपराध करार दिया और कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने में बैंकों की सक्रिय भूमिका जरूरी है। अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिए कि आरबीआई, बैंक और दूरसंचार विभाग जैसे सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर मानक संचालन प्रक्रिया  तैयार की जाए।

    सुप्रीम कोर्ट की चिंता

    प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने कहा कि बैंकों की जिम्मेदारी है कि वे असामान्य और बड़े पैमाने के लेनदेन पर ग्राहकों को तुरंत सतर्क करें। उदाहरण के लिए, यदि कोई आमतौर पर 10-20 हजार रुपये निकालने वाला पेंशनभोगी अचानक लाखों रुपये निकालता है, तो बैंक को तत्काल अलर्ट जारी करना चाहिए। पीठ ने जोर देकर कहा कि डिजिटल धोखाधड़ी से गबन की गई राशि कई छोटे राज्यों के बजट से भी अधिक है। यह बैंक अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत के कारण हो सकता है।

    CBI को जांच में शामिल किया गया

    सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को डिजिटल अरेस्ट मामलों की पहचान और जांच का निर्देश दिया। गुजरात और दिल्ली की सरकारों को कहा गया कि वे इस जांच के लिए आवश्यक स्वीकृति दें। अदालत ने डिजिटल अरेस्ट पीड़ितों को मुआवजा देने में उदार दृष्टिकोण अपनाने की भी सिफारिश की।

    SOP और AI का इस्तेमाल

    अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणि ने बताया कि आरबीआई ने बैंकों के लिए SOP का मसौदा तैयार किया है, जिसमें साइबर धोखाधड़ी रोकने के उपाय जैसे अस्थायी डेबिट होल्ड शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने बैंकों के लिए AI टूल्स के उपयोग की सिफारिश भी की ताकि संदिग्ध लेनदेन पर तत्काल अलर्ट जारी किया जा सके।

    बैंकों पर कड़ी टिप्पणी
    पीठ ने कहा कि बैंकों का ध्यान ज्यादातर व्यवसायिक मोड पर है, जिससे वे अपराधियों के लिए मंच बन सकते हैं। न्यायमूर्ति बागची ने बताया कि अप्रैल 2021 से नवंबर 2025 के बीच साइबर धोखाधड़ी के जरिए 52,000 करोड़ रुपये से अधिक का गबन हुआ। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, “ये बैंक अब एक बोझ बनते जा रहे हैं। उन्हें यह समझना चाहिए कि वे धन के रखवाले हैं और भरोसे को नहीं तोड़ना चाहिए। कई बार बैंक धोखेबाजों को ऋण देते हैं और फिर एनसीएलटी/एनसीएलएटी जैसी संस्थाएं सामने आती हैं।”

    डिजिटल अरेस्ट क्या है
    ‘डिजिटल अरेस्ट’ एक साइबर अपराध का बढ़ता स्वरूप है, जिसमें ठग पीड़ित को सरकारी अधिकारी या अदालत के रूप में पेश कर ऑडियो/वीडियो कॉल के माध्यम से डराते-धमकाते हैं। इसका उद्देश्य पीड़ितों को पैसे देने के लिए मजबूर करना होता है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही सीबीआई को देशव्यापी जांच करने और आरबीआई से साइबर अपराधियों के खातों को फ्रीज़ करने में AI का उपयोग करने का निर्देश दे रखा है।

  • छावा की शूटिंग में आई थी बड़ी चुनौती, चोट के बावजूद विक्की कौशल ने दिखाई संभाजी महाराज जैसी जिद

    छावा की शूटिंग में आई थी बड़ी चुनौती, चोट के बावजूद विक्की कौशल ने दिखाई संभाजी महाराज जैसी जिद


    नई दिल्ली । विक्की कौशल की फिल्म छावा के लिए की गई तैयारी जितनी दमदार नजर आती है उसके पीछे की कहानी उतनी ही संघर्ष से भरी रही है। साल 2025 में रिलीज हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई और विक्की कौशल की जबरदस्त फिजीक ने दर्शकों को हैरान कर दिया। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस किरदार तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था। छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र संभाजी महाराज का किरदार निभाने के लिए विक्की को न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक तौर पर भी खुद को उसी स्तर की जिद और अनुशासन में ढालना पड़ा।

    फिल्म के लिए विक्की कौशल के पास महज तीन महीने का समय था जिसमें उन्हें पूरी तरह से ट्रांसफॉर्म करना था। हालात तब और मुश्किल हो गए जब इस दौरान उन्हें गंभीर चोट लग गई। उनके पर्सनल फिटनेस ट्रेनर तेजस लालवानी ने एक इंटरव्यू में इस पूरे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए बताया कि उन्हें आधी रात को विक्की का फोन आया था। विक्की ने साफ शब्दों में कहा था कि सिर्फ तीन महीने हैं और बॉडी बनानी है। तेजस ने भी बिना हिचक हामी भर दी लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि आगे इतनी बड़ी चुनौती सामने आने वाली है।

    शूटिंग के बेहद अहम सीक्वेंस चल रहे थे जिन्हें किसी भी हाल में टाला नहीं जा सकता था। उसी दौरान विक्की को चोट लग गई। शुरुआत में लगा कि यह मामूली दर्द है और जल्द ठीक हो जाएगा लेकिन अगली सुबह हालात बदल चुके थे। विक्की अपना हाथ तक नहीं उठा पा रहे थे। कई महीनों की मेहनत सख्त डाइट और ट्रेनिंग सब कुछ एक झटके में दांव पर लग गया था। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या होगा।

    करीब एक महीने तक रिकवरी में लगने के बाद विक्की दोबारा लौटे और सीधे कहा चलो ट्रेनिंग शुरू करते हैं। पहला दिन बेहद मुश्किल था। हाथों का इस्तेमाल किए बिना सिर्फ उन्हीं मसल ग्रुप्स पर काम किया जा सका जो सुरक्षित थे। तेजस लालवानी के मुताबिक उस दौर में विक्की के अंदर जो अनुशासन और वापसी की भूख उन्होंने देखी वही मानसिकता उन्हें संभाजी महाराज के चरित्र में भी दिखाई देती है हार न मानने की जिद और हर हाल में लौटने का संकल्प।

    छावा में विक्की कौशल के साथ विनीत कुमार सिंह और अक्षय खन्ना अहम भूमिकाओं में नजर आए। अक्षय खन्ना का निगेटिव किरदार और फिल्म की दमदार कहानी भव्य विजुअल्स और ऐतिहासिक सच्चाई से जुड़ी घटनाएं दर्शकों को भीतर तक झकझोर देती हैं। करीब 140 करोड़ रुपये की लागत में बनी इस फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 601.54 करोड़ रुपये की कमाई की जबकि वर्ल्डवाइड कलेक्शन 807 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह फिल्म सिर्फ एक ऐतिहासिक गाथा नहीं बल्कि जज्बे संघर्ष और अदम्य इच्छाशक्ति की मिसाल बनकर सामने आई।

  • गर्लफ्रेंड जैस्मिन भसीन से टूटा रिश्ता? मिस्ट्री गर्ल संग दिखे अली गोनी, चीटिंग के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी

    गर्लफ्रेंड जैस्मिन भसीन से टूटा रिश्ता? मिस्ट्री गर्ल संग दिखे अली गोनी, चीटिंग के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी


    नई दिल्ली । टीवी एक्टर अली गोनी इंटरनेट पर हॉट टॉपिक बने हुए हैं. बीते दिनों उन्हें बांद्रा के रेस्टोरेंट के बाहर मिस्ट्री गर्ल के साथ देखा गया था. बस फिर क्या था, पैप्स ने दोनों को कवर किया. सोशल मीडिया पर यूजर्स एक्टिव हुए और पूछने लगे कि अली के साथ ये मिस्ट्री गर्ल कौन है. किसी ने ये तक पूछा- क्या अली ने जैस्मिन भसीन को धोखा दे दिया है. विवाद आगे बढ़ता इससे पहले अली ने इस पर रिएक्ट कर दिया है.
    अली ने तोड़ी चुप्पी
    दरअसल, अली को मिस्ट्री गर्ल के साथ बांद्रा के रेस्टोरेंट के बाहर देखकर पैप्स ने कैप्चर किया था. दोनों ने कैमरा के लिए पोज भी दिए थे. जैस्मिन उनके साथ नहीं थीं. वो कश्मीर में हॉलिडे पर हैं. अली और मिस्ट्री गर्ल का वीडियो इंटरनेट पर धड़ल्ले से वायरल हुआ. दोनों को यूं साथ में चहकते हुए देख यूजर्स ने कमेंट कर लिखा- अली की नई गर्लफ्रेंड. किसी ने लिखा- भाई ये कौन है अब.
    अली ने मिस्ट्री गर्ल की पहचान का खुलासा करते हुए इंस्टा स्टोरी पर लिखा- अरे भाभी है मेरी. मिस्ट्री नहीं. गर्लफ्रेंड जैस्मिन भसीन ने भी अली की मिस्ट्री गर्ल पर बोलते हुए लिखा- मेरी फेवरेट और बेस्ट गर्ल. इस बार तुमसे मिलना नहीं हो पाया. ये हमारी सबसे प्यारी भाभी है, इसलिए आप लोग शांत रहो, इनपर अपना प्यार लुटाओ. जैस्मिन और अली ने अपनी पोस्ट से साफ कर दिया कि वो दोनों साथ हैं. उनके बीच कोई मिस्ट्री गर्ल नहीं आई है.
    अली और जैस्मिन का रिश्ता सालों पुराना है. वे अच्छे दोस्त से कपल बने, बिग बॉस 14 में उन्हें अपने प्यार का एहसास हुआ था. 2025 में 5 साल डेट करने के बाद कपल ने लिव इन में रहने का फैसला किया. उन्होंने अपने सपनों का घर ढूंढ़ने में 6 महीने का समय लिया. अली ने जैस्मिन संग रहने के फैसले को लाइफ का बड़ा डिसीजन कहा. दोनों की पहली मुलाकात 2018 में मुंबई में हुई थी. उन्होंने साथ में खतरों के खिलाड़ी 9 भी किया था. अलग-अलग धर्म से होना कभी उनके रिश्ते के लिए रोड़ा नहीं बना.
  • BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट: क्या स्टार खिलाड़ियों के साथ हुई नाइंसाफी? अक्षर और राहुल के ग्रेड पर उठे सवाल

    BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट: क्या स्टार खिलाड़ियों के साथ हुई नाइंसाफी? अक्षर और राहुल के ग्रेड पर उठे सवाल


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने हाल ही में अपने नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान किया है लेकिन इस बार की लिस्ट ने क्रिकेट पंडितों और प्रशंसकों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। टी20 वर्ल्ड कप के रोमांच के बीच आई इस घोषणा में सबसे चौंकाने वाला फैसला A+ कैटेगरी को पूरी तरह हटाना रहा। बीसीसीआई के इस नए वर्गीकरण को लेकर अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या प्रदर्शन और अनुभव के बावजूद कई दिग्गज खिलाड़ियों के साथ ‘नाइंसाफी’ हुई है?

    इस बार के कॉन्ट्रैक्ट में सबसे बड़ा उलटफेर सीनियर खिलाड़ियों के साथ देखने को मिला। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज जो अब केवल चुनिंदा फॉर्मेट में ही सक्रिय हैं उन्हें ‘ग्रेड-बी’ में डिमोट कर दिया गया है। वहीं बीसीसीआई ने भविष्य की ओर देखते हुए शुभमन गिल जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा को ‘ग्रेड-ए’ में जगह दी है। लेकिन विवाद तब शुरू हुआ जब तुलना हार्दिक पांड्या केएल राहुल और कुलदीप यादव जैसे खिलाड़ियों से की गई।

    क्रिकेट गलियारों में यह चर्चा गर्म है कि अगर दो फॉर्मेट खेलने वाले रवींद्र जडेजा ‘ग्रेड-ए’ के हकदार हैं तो केएल राहुल और हार्दिक पांड्या को ‘ग्रेड-बी’ में क्यों रखा गया है? केएल राहुल लगातार टेस्ट और वनडे टीम का अहम स्तंभ रहे हैं वहीं कुलदीप यादव की फिरकी का जादू तीनों फॉर्मेट में चलता है। बावजूद इसके इन मैच-विनर खिलाड़ियों को शीर्ष कैटेगरी से बाहर रखना समझ से परे नजर आता है।

    सबसे ज्यादा हैरानी अक्षर पटेल और अर्शदीप सिंह के ग्रेड को लेकर हो रही है। अक्षर पटेल आज की तारीख में भारतीय टीम के लिए ‘थ्री-फॉर्मेट प्लेयर’ हैं और टी20 में टीम के उप-कप्तान की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं फिर भी उन्हें ‘ग्रेड-सी’ में रखा गया है। यही स्थिति अर्शदीप सिंह की है जो टी20 वर्ल्ड कप 2024 की ऐतिहासिक जीत के हीरो रहे और अब वनडे में भी अपनी धाक जमा रहे हैं। पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने भी सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि आखिर अक्षर पटेल को अपना हक पाने के लिए और क्या करना होगा?

    वहीं यशस्वी जयसवाल मोहम्मद सिराज और ऋषभ पंत जैसे नाम ‘ग्रेड-बी’ में अपनी जगह बनाने में सफल रहे हैं। ‘ग्रेड-सी’ की लंबी सूची में संजू सैमसन रिंकू सिंह और अभिषेक शर्मा जैसे युवाओं को शामिल कर बीसीसीआई ने अपनी मंशा साफ की है कि वे नए टैलेंट को प्रोत्साहित करना चाहते हैं। लेकिन सीनियर और ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ियों के ग्रेड में जो असंतुलन दिख रहा है उसने बीसीसीआई की चयन प्रक्रिया पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।

  • मां नर्मदा की उद्गम स्थली में नई प्रतिमा 11 फरवरी को वैदिक मंत्रों के साथ होगी विराजित

    मां नर्मदा की उद्गम स्थली में नई प्रतिमा 11 फरवरी को वैदिक मंत्रों के साथ होगी विराजित

    अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में प्रदेश की जीवनदायिनी मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक स्थित श्री नर्मदा मंदिर में एक धार्मिक आयोजन में नर्मदा उद्गम कुंड में पुरानी प्रतिमा के स्थान पर मां नर्मदा की नई प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठित श्री कल्याण सेवा आश्रम, अमरकंटक के सौजन्य से 11 फरवरी को वैदिक मंत्रों के साथ किया जाएगा। जिसका सोमवार को विधिवत संकल्प लिया गया। मां नर्मदा की नवीन भव्य प्रतिमा की स्थापना से अमरकंटक की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा और अधिक बढ़ेगी।


    श्री कल्याण सेवा आश्रम के प्रबंध न्यासी, परम पूज्य श्री हिमाद्री मुनि महाराज ने बताया कि 11 फरवरी बुधवार को प्रातः 11 बजे मां नर्मदा की ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित भव्य प्रतिमा को श्री नर्मदा मंदिर के उद्गम स्थल पर स्थित पुरानी प्रतिमा को बदल कर नयी प्रतिमा विधिवत रूप से विराजित किया जाएगा। मां नर्मदा की इस नवीन प्रतिमा की स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा का पावन कार्य में श्री नर्मदा मंदिर अमरकंटक के विद्वान पुजारी पंडित कामता प्रसाद द्विवेदी, पंडित उमेश द्विवेदी सहित अन्य आचार्यगण द्वारा सम्पूर्ण वैदिक मंत्रोच्चार, शास्त्रोक्त विधि-विधान एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न कराया जाएगा।


    परम तपस्वी एवं संत शिरोमणि बाबा कल्याण दास जी महाराज के दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन में सोमवार को विधिवत संकल्प लिया गया। इस अवसर पर श्री कल्याण सेवा आश्रम अमरकंटक से पूज्य जगदीश आनंद जी महाराज,स्वामी हर स्वरूप जी महाराज,स्वामी धर्मानंद जी महाराज,स्वामी सुंदरानंद जी महाराज,विनोद कारकी रुपेश द्विवेदी उत्तम द्विवेदी एवं अन्य पुजारी उपस्थित रहें।

  • महाशिवरात्रि पर पशुपतिनाथ मंदिर में बंटेगी फरियाली खिचड़ी

    महाशिवरात्रि पर पशुपतिनाथ मंदिर में बंटेगी फरियाली खिचड़ी

    मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर में श्री कृष्ण कामधेनु सामाजिक एवं धार्मिक लोक न्यास द्वारा प्रतिवषार्नुसार इस वर्ष भी महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भव्य आयोजनों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। सोमवार को आयोजन की तैयारियों को लेकर न्यास के सदस्यों ने पशुपतिनाथ मंदिर परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया है।


    संस्था ने बताया कि आगामी 15 फरवरी, रविवार को भूतभावन भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर में विशेष आयोजन होंगे। प्रात: 11 बजे भगवान की राजभोग आरती और दर्शन के पश्चात, न्यास द्वारा भगवान पशुपतिनाथ को फरियाली खिचड़ी का नैवेद्य अर्पित किया जाएगां। इसके तुरंत बाद मंदिर परिसर में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं और शिवभक्तों के लिए प्रसाद वितरण का शुभारंभ होगा। इस वर्ष आयोजन को और अधिक भव्य और प्रकाशमय बनाने के लिए न्यास द्वारा विशेष पहल की जा रही है। संध्या 7 बजे से मंदिर क्षेत्र के आकाश में स्काय लालटेन उड़ाए जाएंगे। सैकड़ों की संख्या में हवा में तैरते ये दीपक पूरे मंदिर क्षेत्र को अलौकिक आभा प्रदान करेंगे, जो भक्तों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा।


    न्यास का उद्देश्य धर्म और सेवा के माध्यम से भक्तों को जोड़ना है। खिचड़ी वितरण के साथ-साथ इस बार आकाश दीपों का यह दृश्य अत्यंत मनमोहक होगा। पशुपतिनाथ मंदिर परिसर स्थित आराधना हॉल में होंगी लोक गायन-भक्ति गायन एवं नृत्य नाटिका की प्रस्तुति
    संस्कृति विभाग, म.प्र. शासन द्वारा मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर परिसर स्थित आराधना हॉल में शिव-सत्य की कला अभिव्यक्तियों पर एकाग्र महादेव महोत्सवका आयोजन 15 फरवरी, 2026 को सायं 6.30 बजे से किया जाएगा। समारोह में लोक गायन, शिव केंद्रित नृत्य नाटिका एवं भक्ति गायन की प्रस्तुतियाँ संयोजित की जाएंगी। यह आयोजन जिला प्रशासन, मंदसौर के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव में पहली प्रस्तुति इंदौर के मुकेश चौहान एवं साथी कलाकारों के लोक गायन की होगी। इसके पश्चात देवास के प्रफुल्ल सिंह गहलोत एवं साथी कलाकार शिव केंद्रित नृत्य नाटिका पेश करेंगे। अंतिम सभा में भोपाल के अखिलेश तिवारी एवं साथी कलाकार भगवान शिव पर केंद्रित भक्ति गायन की प्रस्तुति देंगे।

  • डॉन 3' विवाद: क्या रणवीर सिंह को चुकाने होंगे 40 करोड़? फरहान अख्तर की कंपनी के साथ तकरार तेज

    डॉन 3' विवाद: क्या रणवीर सिंह को चुकाने होंगे 40 करोड़? फरहान अख्तर की कंपनी के साथ तकरार तेज


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के गलियारों में इन दिनों एक बड़ी कानूनी और वित्तीय जंग की आहट सुनाई दे रही है। खबर है कि सुपरस्टार रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के प्रोडक्शन हाउस एक्सेल एंटरटेनमेंट के बीच फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर विवाद गहरा गया है। मामला इतना बढ़ चुका है कि प्रोडक्शन हाउस ने रणवीर सिंह से 40 करोड़ रुपये के भारी-भरकम मुआवजे कंपनसेशन की मांग की है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब रणवीर सिंह ने कथित तौर पर ‘डॉन 3’ से अपने हाथ पीछे खींच लिए जिसके बाद फिल्म का भविष्य अधर में लटक गया है।

    ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक एक्सेल एंटरटेनमेंट का तर्क है कि रणवीर सिंह की वजह से उन्हें न केवल समय का नुकसान हुआ है बल्कि भारी आर्थिक चपत भी लगी है। फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर काफी पैसा खर्च किया जा चुका था। चर्चा तो यहाँ तक है कि इस घाटे की भरपाई के लिए प्रोडक्शन हाउस को अपने कुछ कर्मचारियों तक को नौकरी से निकालना पड़ा है। कंपनी का कहना है कि रणवीर सिंह ने पहले स्क्रिप्ट को अपनी मंजूरी दी थी और उनकी सहमति के बाद ही प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया गया था ऐसे में अब पीछे हटने से हुए नुकसान की जिम्मेदारी एक्टर की ही बनती है।

    दूसरी ओर रणवीर सिंह का पक्ष इस मामले में बिल्कुल अलग है। सूत्रों की मानें तो रणवीर फिल्म की स्क्रिप्ट से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने कई बार स्क्रिप्ट में बदलाव के सुझाव दिए थे लेकिन बात नहीं बनी। रणवीर के मुताबिक रचनात्मक मतभेदों के चलते फिल्म छोड़ना एक पेशेवर फैसला है और इसके लिए 40 करोड़ रुपये का मुआवजा देना उनकी जिम्मेदारी नहीं है। हाल ही में दोनों पक्षों के बीच करीब दो घंटे तक लंबी बातचीत हुई लेकिन घंटों चली इस बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला। अब खबर आ रही है कि इस विवाद को सुलझाने के लिए ‘प्रोड्यूसर गिल्ड ऑफ इंडिया’ को भी शामिल किया जा सकता है।

    एक तरफ जहाँ ‘डॉन 3’ को लेकर खींचतान जारी है वहीं रणवीर सिंह के फैंस के लिए एक राहत भरी खबर भी है। अभिनेता अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘धुरंधर’ की सफलता का आनंद ले रहे हैं। फिल्म के पहले भाग में जसकीरत सिंह रंगी के रूप में उनके प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। अब हर तरफ ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ का इंतजार हो रहा है जो 19 मार्च को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है। लेकिन बड़ा सवाल अब भी यही बना हुआ है कि क्या ‘डॉन 3’ का यह विवाद कोर्ट तक जाएगा या फिर बॉलीवुड के ये दो दिग्गज आपसी सहमति से कोई रास्ता निकालेंगे?