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  • लौकी का रायता गर्मियों में शरीर को ठंडक और आराम देने में सहायक..

    लौकी का रायता गर्मियों में शरीर को ठंडक और आराम देने में सहायक..

    नई दिल्ली:गर्मियों के मौसम में हल्का, ठंडा और सुपाच्य भोजन शरीर को आराम देने के साथ साथ पाचन तंत्र को भी संतुलित रखने में मदद करता है। ऐसे समय में लौकी का रायता एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है, जो स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन बनाए रखता है। यह डिश न केवल गर्मी में शरीर को ठंडक प्रदान करती है बल्कि भोजन को हल्का और पौष्टिक भी बनाती है।

    लौकी को सामान्यतः लोग ज्यादा पसंद नहीं करते, लेकिन जब इसे रायते के रूप में तैयार किया जाता है तो इसका स्वाद पूरी तरह बदल जाता है। दही और मसालों के साथ मिलकर यह एक ऐसा व्यंजन बनता है जो हर उम्र के लोगों को आसानी से पसंद आ सकता है। यह लंच और डिनर दोनों के साथ परोसा जा सकता है और गर्मियों में थाली को संतुलित बनाता है।

    लौकी रायता बनाने की प्रक्रिया भी सरल होती है। इसके लिए सबसे पहले लौकी को अच्छे से छीलकर कद्दूकस किया जाता है और हल्के नमक के साथ कुछ मिनट तक उबाला जाता है ताकि वह नरम हो जाए। इसके बाद इसे ठंडा करके अतिरिक्त पानी निकाल दिया जाता है ताकि रायता पतला न हो।

    इसके बाद ताजा और ठंडे दही को अच्छी तरह फेंटकर स्मूद बनाया जाता है ताकि उसमें कोई गांठ न रहे। दही में भुना जीरा पाउडर, काला नमक, सामान्य नमक और बारीक कटी हरी मिर्च मिलाकर बेस तैयार किया जाता है। यह मिश्रण रायते को स्वाद और संतुलित स्वाद प्रोफाइल देता है।

    अब ठंडी की गई लौकी को इस दही के मिश्रण में धीरे धीरे मिलाया जाता है ताकि सभी सामग्री अच्छे से एकसार हो जाएं। ऊपर से हरा धनिया डालकर इसे सजाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। चाहें तो हल्का लाल मिर्च पाउडर भी स्वाद के अनुसार मिलाया जा सकता है।

    यह रायता न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि गर्मियों में शरीर को ठंडक देने में भी मदद करता है। दही और लौकी दोनों ही पाचन के लिए फायदेमंद माने जाते हैं, जिससे यह व्यंजन हल्के और हेल्दी भोजन के रूप में अच्छा विकल्प बन जाता है।

    गर्मियों में ऐसे व्यंजन शरीर को हाइड्रेट रखने और भारी भोजन से बचाने में मदद करते हैं। लौकी का रायता इसी कारण से कई घरों में खास पसंद किया जाता है और यह रोजमर्रा के भोजन का हिस्सा आसानी से बन सकता है।

  • क्यूबा के राष्ट्रपति की दो टूक…. बोले- US ने सैन्य कार्रवाई की तो उनका देश जवाब देने को तैयार….

    क्यूबा के राष्ट्रपति की दो टूक…. बोले- US ने सैन्य कार्रवाई की तो उनका देश जवाब देने को तैयार….


    हवाना।
    क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कैनेल (Cuban President Miguel Diaz-Canel) ने गुरुवार को कहा कि क्यूबा (Cuba) नहीं चाहता कि अमेरिका (America) उस पर सैन्य कार्रवाई करे। उन्होंने कहा, अगर ऐसा होता है तो उनका देश लड़ने के लिए तैयार है। डियाज-कैनेल ने यह बात एक रैली में कही, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए थे। यह रैली क्यूबा की क्रांति के 65 साल पूरे होने पर आयोजित की गई थी, जब क्यूबा ने खुद को समाजवादी देश घोषित किया था।

    डियाज-कैनेल ने कहा, यह बेहद चुनौतीपूर्ण समय है और हमें एक बार फिर गंभीर खतरों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा, जैसे 16 अप्रैल 1961 को थे। इन खतरों में (संभावित) सैन्य हमला भी शामिल है। हम यह नहीं चाहते, लेकिन इससे बचने के लिए तैयारी करना हमारा कर्तव्य है और अगर यह टालना संभव न हो, तो हमें इसे हराना होगा।


    अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या चेतावनी दी?

    उन्होंने यह बात ऐसे समय में कही, जब दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। अमेरिका की ऊर्जा नाकेबंदी के कारण क्यूबा का संकट और गहरा गया है। इस हफ्ते की शुरुआत में ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ जंग खत्म होने के बाद उनका प्रशासन क्यूबा पर फोकस कर सकता है। उन्होंने कहा, हम इसे खत्म करने के बाद क्यूबा की ओर भी जा सकते हैं। उन्होंने क्यूबा को ‘विफल देश’ बताया और कहा कि यह लंबे समय से खराब तरीके से चलाया जा रहा है।

    जनवरी के शुरुआत में ट्रंप ने पहले भी क्यूबा में दखल की धमकी दी थी, जब अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला पर हमला किया और वहां से आने वाले तेल की आपूर्ति रोक दी। कुछ हफ्तों बाद ट्रंप ने उन देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी, जो क्यूबा को तेल बेचते हैं या उपलब्ध कराते हैं। ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के माता-पिता 1950 के दशक में क्रांति से पहले क्यूबा से प्रवास कर गए थे। दोनों ने क्यूबा की सरकार को अक्षम और दमनकारी बताया है।

    डियाज-कैनेल ने उन पर आरोप लगाया कि वे एक ऐसा ‘कहानी’ बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा, क्यूबा असफल देश नहीं है। क्यूबा एक घिरा हुआ देश है। क्यूबा एक ऐसा देश है, जो कई तरह के हमलों का सामना कर रहा है। इनमें आर्थिक युद्ध, कड़ी नाकेबंदी और ऊर्जा नाकेबंदी शामिल हैं।

    उन्होंने कहा, क्यूबा एक ऐसा देश है जिसे धमकाया जाता रहा है, लेकिन वह झुकता नहीं है। हर चीज के बावजूद समाजवाद की वजह से क्यूबा एक ऐसा देश है, जो संघर्ष करता है, आगे बढ़ता है और याद रखिए, यह देश जीतकर रहेगा।

    क्यूबा और अमेरिका दोनों ने माना है कि तनाव कम करने के लिए बातचीत चल रही है। लेकिन इसके बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। क्यूबा के राष्ट्रपति ने क्रांति से मिली उपलब्धियों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि देश की समाजवादी व्यवस्था के कारण निशुल्क शिक्षा मिली है, जिससे हजारों पेशेवर तैयार हुए। लेकिन अब संकट के कारण उनमें से कई लोगों को देश छोड़ना पड़ा है।

  • इस्राइल के विदेश मंत्री बोले- 'हमास का लश्कर से संबंध….. भारत इसे आतंकवादी संगठन घोषित करे

    इस्राइल के विदेश मंत्री बोले- 'हमास का लश्कर से संबंध….. भारत इसे आतंकवादी संगठन घोषित करे


    तेल अवीव।
    इस्राइल के विदेश मंत्री गिदोन सार (Israeli Foreign Minister Gideon Saar) ने कहा कि यरूशलम और नई दिल्ली (Jerusalem and New Delhi) के बीज संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों में सकारात्मक बदलाव दिख रहा है।

    गिदोन सार ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने एक वैश्विक प्रतिनिधिमंडल के साथ जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि उन्हें दुनिया भर से आए सम्मानित हिंदू नेताओं के एक समूह को जानकारी देने का अवसर मिला। इस बातचीत में उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और इस्राइल से जुड़े संघर्ष की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस्राइल पिछले ढाई साल से इस्लामी चरमपंथ के खिलाफ एक गंभीर युद्ध लड़ रहा है, जिसका लक्ष्य इस्राइल को खत्म करना है। उन्होंने इसे एक ‘बहुत बड़ा खतरा’ बताया।

    सार ने यह भी कहा कि इस्राइल ने कई मोर्चों पर बढ़त हासिल की है और उसने इस्लामी चरमपंथ के ‘आतंकी नेटवर्क’ को काफी कमजोर किया है, जिसका नेतृत्व ईरान करता है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष का असर पश्चिम एशिया से बाहर भी देखने को मिलेगा। भारत के साथ सुरक्षा सहयोग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को हमास को एक आतंकवादी संगठन घोषित करना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि हमास के संबंध अन्य चरमपंथी संगठनों से हैं, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) भी शामिल है। इस्राइली विदेश मंत्री ने कहा कि इस तरह के संगठनों के बीच वैश्विक स्तर पर जुड़ाव है और ये मिलकर काम करते हैं। इस्राइल पहले ही लश्कर-ए-तैयबा को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है और वह चाहता है कि भारत भी हमास को उसी तरह सूचीबद्ध करे। इस्राइल के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत सरकार इन नेटवर्क और उनके संबंधों के बारे में जानकारी रखती है।

    उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के आईआरजीसी, हमास और हिजबुल्ला जैसे संगठन अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क की मदद से हमले करते हैं। अधिकारी ने कहा कि आमतौर पर ईरानी एजेंट सीधे यूरोप में हमला नहीं करते, बल्कि वे किसी स्थानीय आपराधिक समूह के जरिये हमला करवाते हैं।

    एक अन्य अधिकारी ने कहा कि अगर भारत सिर्फ यह घोषणा भी करता है, तो इसका वैश्विक स्तर पर बड़ा असर होगा, क्योंकि बांग्लादेश, पाकिस्तान और मालदीव जैसे देश भारत के रुख को देखते हैं और उसी के अनुसार प्रतिक्रिया देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इससे यह संदेश जाएगा कि भारत की जमीन पर ऐसे किसी भी व्यक्ति को काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

  • मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ गौतम अडानी बने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति… .

    मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ गौतम अडानी बने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति… .


    नई दिल्ली।
    रिलायंस के चेयरमैन (Reliance Chairman) मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) से अडानी ग्रुप (Adani Group) के मालिक गौतम अडानी (Gautam Adani) ने उनके सिर से एशिया और भारत के सबसे बड़े रईस शख्स (Asia and India Richest People) का ताज छीन लिया है। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स (Bloomberg Billionaires Index) के मुताबिक गुरुवार को गौतम अडानी पर डॉलर की बारिश हुई। उनकी संपत्ति 3.56 अरब डॉलर बढ़कर 92.6 अरब डॉलर पर पहुंच गई। जबकि, मुकेश अंबानी का नेटवर्थ अडानी से कम 90.8 अरब डॉलर रह गया। अडानी अब दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 19वें स्थान पर पहुंच गए हैं और अंबानी 20वें पोजीशन पर खिसक गए हैं।


    अडानी ने अंबानी को कैसे पछाड़ा

    अडानी और अंबानी के नेटवर्थ का बड़ा हिस्सा उनकी कंपनियों के शेयरों से आता है। गुरुवार को अडानी ग्रुप के शेयर उछाल के साथ बंद हुए। इसका असर अडानी के नेटवर्थ पर पड़ा। अडानी ग्रुप के शेयरों में अडानी पोर्ट्स 2.20 पर्सेंट उछला, अडानी ग्रीन में 2.44 प्रतिशत की तेजी रही।

    अडानी एंटरप्राइजेज 3.06%, अडानी एनर्जी 4.86%, अडानी पावर 5.84% उछला। इसी तरह अडानी ग्रुप के अन्य शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए। जबकि, अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 0.13 प्रतिशत की मामूली बढ़त हुई।

    गुरुवार को अंबानी संपत्ति में केवल 76.7 मिलियन डॉलर का ही इजाफा हुआ। दूसरी ओर अडानी की संपत्ति में 3.56 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई और अडानी को कुल नेटवर्थ अंबानी के नेटवर्थ से ज्यादा हो गया।


    अरबपतियों के टॉप-10 लिस्ट में भी उथल-पुथल

    ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के टॉप-10 अरबपतियों की लिस्ट में अब कुल 6 लोग 200 अरब डॉलर क्लब में शामिल हो गए हैं। लैरी एलिसन की संपत्ति में गुरुवार को भारी इजाफा हुआ। उनका नेटवर्थ 8.46 अरब डॉलर उछला है। अब इस क्लब में सबसे ऊपर और दुनिया सबसे अमीर एलन मस्क है। इनके बाद लैरी पेज, जेफ बजोस, सर्गी ब्रिन, मार्क जुकरबर्ग और लैरी एलिसन हैं।


    दुनिया के अमीरों की टॉप-10 लिस्ट में कौन-कौन हैं

    ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स में सबसे ऊपर 656 अरब डॉलर के साथ एलन मस्क हैं। लैरी पेज के पास 286 अरब डॉल कर संपत्ति है। जेफ बेजोस 269 अरब डॉलर के साथ तीसरे स्थान पर हैं। चौथे स्थान पर सर्गी ब्रिन हैं। इनका नेटवर्थ 266 अरब डॉलर है। मार्क जुकरबर्ग 5वें नंबर पर हैं और इनके पास कुल 239 अरब डॉलर की संपत्ति है। लैरी एलिसन 230 अरब डॉलर के साथ छठे स्थान पर हैं।

    टॉप-10 अरबपतियों में माइकल डेल ने 5.19 अरब डॉलर की छलांग लगाकर 7वां स्थान हासिल किया है। इनका नेटवर्थ अब 170 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। जेनसेंग हुआंग 164 अरब डॉलर के साथ 8वें स्थान पर हैं। बर्नार्ड अरनाल्ट 164 अरब डॉलर के साथ 9वें और जिम वॉल्टन 150 अरब डॉलर के साथ 10वें पोजीशन पर हैं।

  • दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की लिस्ट में एक पायदान नीचे खिसका भारत, छठे स्थान पर पहुंचा

    दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की लिस्ट में एक पायदान नीचे खिसका भारत, छठे स्थान पर पहुंचा


    नई दिल्ली।
    अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund.- IMF) ने दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं (World Economies) को लेकर नए अनुमान जारी किए हैं। इन ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत (India) डॉलर के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की सूची में एक पायदान नीचे खिसक कर छठे स्थान पर आ गया है और ब्रिटेन फिर से भारत से आगे निकल गया है। इससे पहले भारत पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, लेकिन अब वह छठे स्थान पर आ गया है। हालांकि, वास्तविक विकास दर के मामले में भारत अभी भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।


    क्या हुआ है बदलाव?

    2024 की स्थिति: भारत 5वें स्थान पर था। भारत की जीडीपी 3.76 ट्रिलियन डॉलर थी, जबकि ब्रिटेन की जीडीपी 3.7 ट्रिलियन डॉलर थी। यानी भारत ब्रिटेन से आगे था।

    2025 (पिछले साल) की स्थिति: भारत की जीडीपी बढ़कर 3.92 ट्रिलियन डॉलर हो गई, लेकिन ब्रिटेन की जीडीपी भी तेजी से बढ़कर 4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई। इसी वजह से ब्रिटेन ने भारत को पछाड़ दिया और भारत छठे नंबर पर आ गया।


    मौजूदा वैश्विक रैंकिंग इस प्रकार है (2026 अनुमान):

    अमेरिका
    चीन
    जर्मनी
    जापान
    यूके
    भारत


    भारत के पिछड़ने के दो मुख्य कारण क्या हैं?

    भले ही भारत तेजी से विकास कर रहा है, लेकिन डॉलर में गिनती करने पर दो कारणों से भारत की रैंक गिरी है।
    रुपये का कमजोर होना: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार कमजोर हुआ है। जब हम अपनी कमाई (जो रुपये में है) को मजबूत डॉलर में बदलते हैं, तो वह कम हो जाती है।
    बेस ईयर में बदलाव: जीडीपी को मापने के लिए इस्तेमाल होने वाले आधार वर्ष में बदलाव के कारण भी आंकड़ों पर यह असर पड़ा है।


    रुपये और डॉलर का गणित

    IMF के आंकड़ों के अनुसार रुपये की स्थिति कुछ इस तरह रही है।
    2024: 1 डॉलर = 84.57 रुपये
    2025: 1 डॉलर = 88.48 रुपये (रुपया कमजोर हुआ)
    इस साल (2026) का अनुमान: 1 डॉलर = 92.59 रुपये (रुपया और कमजोर हो सकता है)

    इसके बिल्कुल उलट, ब्रिटेन की मुद्रा (ब्रिटिश पाउंड) डॉलर के मुकाबले मजबूत हुई है। इसी करेंसी एक्सचेंज के खेल में ब्रिटेन आगे निकल गया।

    यह समझना बहुत जरूरी है कि भारत अभी भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। अगर हम डॉलर के बजाय अपने रुपयों में बात करें, तो हमारी अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से बढ़ रही है:

    2024 में जीडीपी 318 लाख करोड़ रुपये थी। 2025 में यह 9% बढ़कर लगभग 347 लाख करोड़ रुपये हो गई। इस साल इसके 11% बढ़कर 385 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। यानी देश के अंदर विकास हो रहा है, लेकिन डॉलर के महंगा होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारी वैल्यू कम दिख रही है।

    भविष्य को लेकर क्या उम्मीदें हैं?
    सरकार को उम्मीद थी कि भारत 2025-26 तक जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा, लेकिन रुपये की कमजोरी के कारण अब इसके लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा। इस साल भी भारत के छठे स्थान पर ही रहने की उम्मीद है। यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि रुपये और डॉलर का रेट क्या रहता है।


    विकास की कहानी बरकरार, भविष्य उज्ज्वल

    इस गिरावट के बावजूद IMF ने भारत की रियल जीडीपी ग्रोथ फोरकास्ट बढ़ा दी है। FY27 के लिए 6.5% वृद्धि का अनुमान है, जबकि घरेलू अनुमान FY26 में 7.4% तक हैं। भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। 2021-2025 के बीच भारत की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 8.56% रही, जो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे ऊंची है।


    कब बनेगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था?

    अनुमान है कि अगले साल भारत न सिर्फ ब्रिटेन को पछाड़ेगा, बल्कि जापान को भी पीछे छोड़ देगा। IMF के इन आंकड़ों को देखते हुए ऐसा लगता है कि भारत को नंबर 3 की कुर्सी तक पहुंचने के लिए 2031 तक का लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। सीधे शब्दों में कहें तो भारत की कमाई (रुपये में) लगातार बढ़ रही है, लेकिन चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तुलना डॉलर में होती है और डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हो गया है, इसलिए रैंकिंग में हम एक कदम पीछे हो गए हैं।

  • MP-UP समेत इन राज्यों में गर्मी दिखा रही रौद्र रूप…. लोगों का घर से बाहर निकलना हुआ मुश्किल

    MP-UP समेत इन राज्यों में गर्मी दिखा रही रौद्र रूप…. लोगों का घर से बाहर निकलना हुआ मुश्किल


    नई दिल्ली।
    अप्रैल (April) के तीसरे हफ्ते में गर्मी ने अपना रौद्र रूप (Heat Fierce form) दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत (North India) के राज्यों में दोपहर के समय हालात ऐसे हैं कि लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और हरियाणा, पंजाब जैसे राज्यों में तेज तेज धूप पड़ रही है। सुबह 10 बजे के बाद ही मौसम में तेज गर्माहट आनी शुरू हो जाती है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक शुक्रवार को उत्तर भारत के तमाम जिलों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के ऊपर रहने की संभावना है। आन वाले कुछ दिनों में लू की आशंका भी बनी हुई है।

    मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए अनुमान के मुताबिक उत्तर भारत जहां गर्मी से परेशान रहेगा, तो वही पहाड़ी क्षेत्र और पूर्वोत्तर भारत अभी भी बारिश और ठंडक से घिरा हुआ रहेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख तेज गरज और बिजली के साथ बर्फबारी और बारिश होने की संभावना है। इस दौरान हवाएं करीब 45 से 55 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकती हैं। इसके अलावा हिमाचल में भी बादल छाए रहने और हल्की बूंदा-बांदी की संभावना है।

    पाकिस्तान की सीमा से सटे पंजाब और राजस्थान के क्षेत्रों में गर्मी अपने चरम पर होगी। लेकिन जम्मू-कश्मीर और नीचे पंजाब की तरफ आने वाले सीमाई इलाकों में हल्की गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी शुक्रवार को हल्की बारिश हो सकती है।

    मध्य भारत में बढ़ेगी गर्मी
    दूसरी तरफ उत्तर भारत की तरह मध्य भारत भी धूप से जूझता रहेगा। हालांकि, 19 और 20 अप्रैल को पश्चिमी मध्य प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा महाराष्ट्र के विदर्भ और छत्तीशगढ़ में तापमान क्रमिक रूप से बढ़ता रहेगा। 20 अप्रैल के बाद इन क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है।

    पूर्वी भारत में बारिश जारी
    उत्तर भारत जहां गर्मी से जूझ रहा है, तो वहीं दूसरी ओर पूर्वोत्तर भारत बारिश की संभावना से घिरा हुआ है। पश्चिम बंगाल, सिक्किम में शुक्रवार यानी 17 अप्रैल को हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा बिहार के पूर्वी इलाके, ओडिशाग और बंगाल के मैदानी इलाकों में 17 से लेकर 22 अप्रैल तक धीमी और मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा सिक्किम में भी 17-18 अप्रैल को तेज बारिश होने की संभावना है।

    दक्षिण भारत में बढ़ेगी उमस वाली गर्मी
    मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक शुक्रवार 17 अप्रैल को भी दक्षिण भारत का मौसम पिछले दिनों के जैसा ही रहेगा। तटीय इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है। बाकी जगहों पर तेज धूप और ह्यूमिडिटी की वजह से उमस वाली गर्मी पड़ेगी। तेज धूप की वजह से इन राज्यों का अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री के आसपास रहेगा।

  • MP: उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास अवैध कत्लखाने का खुलासा…दो आरोपी गिरफ्तार

    MP: उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास अवैध कत्लखाने का खुलासा…दो आरोपी गिरफ्तार


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन शहर (Ujjain city.) में प्रतिबंध के बावजूद प्रतिबंध क्षेत्र में चोरी छिपे कत्लखाना (Slaughterhouse) चल रहा था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए दो आरोपी को गिरफ्तार किया है और साथ ही मौके से भारी मात्रा में मांस, धारदार हथियार,जिन्दा गाय के बछड़े सहित तोलने का सामान जब्त किया है। पुलिस को देखते ही दोनों आरोपी भागने का प्रयास कर रहे थे, हालांकि पुलिस टीम ने उन्हें तुरंत पकड़ लिया।

    बताया जा रहा है कि महाकाल मंदिर (Mahakal Temple) के पास किसी भी तरह के मांस विक्रय पर प्रतिबंध लगा हुआ है। पुलिस ने अवैध रूप से गोवंश (पाडे) काटने और मांस बेचने के संबंध में पशु क्रूरता अधिनियम 11(1)(घ) और अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आरोपी हाजी मुस्तकीम (निवासी: बम्बईया गली, कोट मोहल्ला) वसीम बम्बईया (निवासी: बम्बईया गली, कोट मोहल्ला) गिरिफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि घटना 12 अप्रेल की है और पुलिस इसमें गोपनीय तरीके से जांच पड़ताल कर रही थी।

    चोरी-छिपे पशु काटने का अवैध कत्लखाना
    उज्जैन शहर के महाकाल थाना क्षेत्र में पुलिस को सूचना मिल रही थी कि एक संदिग्ध मकान में चोरी-छिपे पशु काटने का अवैध कत्लखाना चल रहा है, इस पर पुलिस ने अपने खुफिया तंत्र को इस काम पर लगाया और 12 अप्रैल को सूचना मिलते ही महाकाल पुलिस ने दबिश देकर जिंदा गाय के बछड़े सहित मौके से भारी मात्रा में मांस, धारदार हथियार और एक इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा बरामद किया है। आरोपी पाड़ों का मांस बेचने की तैयारी में थे। बता दें कि धार्मिक नगरी होने के कारण उज्जैन में बूचड़खाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है।

    पशु अधिनियम क्रूरता में मामला दर्ज
    पुलिस ने इस मामले में हाजी मुस्तकीम और वसीम बम्बईया नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह दोनों कोट मोहल्ला महाकाल क्षेत्र के निवासी हैं। उनके खिलाफ मध्य प्रदेश कृषि पशु परिरक्षण एवं पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 (घ) और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह अवैध कारोबार किस नेटवर्क के तहत संचालित हो रहा था और काटे गए मांस की आपूर्ति कहां की जानी थी।

    दबिश में पुलिस को मिला भारी मात्रा में मांस
    पुलिस को मौके से एक पाडे के कटे हुए चार पैर। 2 जीवित पाडे और 1 पाडी, जिन्हें क्रूरतापूर्वक रस्सियों से बांधकर रखा गया था। मांस तोलने के उपकरण, एक डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक कांटा, लोहे की तराजू और विभिन्न बाट। एक धारदार बक्का और एक धारदार लोहे की छुरी और मांस काटने का लकड़ी का ठिया।

    महाकाल थाना पुलिस ने बताया कि शासन द्वारा मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद, आरोपी हाजी मुस्तकीम और उसका भाई वसीम अपने घर के नीचे बने एक कमरे में अवैध रूप से पाडे (मवेशी) काटकर उनका मांस बेच रहे हैं। जब पुलिस ने गवाहों के साथ वहां दबिश दी, तो दोनों आरोपी अपने हथियार (छुरे) मौके पर छोड़कर पीछे के रास्ते से भाग निकलने का प्रयास कर रहे थे, इस दौरान पुलिस ने मौके की वीडियोग्राफी करवाई और वहां से साक्ष्य बरामद किए।

  • कम सामग्री में बनने वाली तीखी डिश, जानिए तड़का मिर्ची की आसान विधि..

    कम सामग्री में बनने वाली तीखी डिश, जानिए तड़का मिर्ची की आसान विधि..

    नई दिल्ली:अगर आपको खाने में हल्का सा तीखा और चटपटा स्वाद पसंद है, तो तड़का मिर्ची एक ऐसी आसान रेसिपी है जो आपकी रोजमर्रा की थाली का स्वाद पूरी तरह बदल सकती है। इसे दाल-चावल, खिचड़ी, रोटी या पराठे के साथ परोसा जाए तो साधारण खाना भी खास बन जाता है। यह रेसिपी कम समय में तैयार हो जाती है और स्वाद में बेहद असरदार होती है।

    तड़का मिर्ची बनाने के लिए मुख्य सामग्री में लंबी हरी मिर्च, तेल, जीरा, राई, हल्दी, नमक, हींग और अमचूर पाउडर या नींबू का रस शामिल होता है। इसके अलावा स्वाद और सजावट के लिए धनिया पत्ती का उपयोग किया जाता है। इन साधारण सामग्रियों से तैयार होने वाली यह डिश खाने के शौकीनों के बीच काफी लोकप्रिय है।

    इसे बनाने की प्रक्रिया भी बेहद आसान है। सबसे पहले हरी मिर्च को अच्छे से धोकर हल्का चीरा लगाया जाता है ताकि मसाले अंदर तक जा सकें। इसके बाद एक कड़ाही में तेल गर्म किया जाता है और उसमें जीरा तथा राई डाली जाती है। जब ये चटकने लगते हैं तो उसमें हींग मिलाई जाती है, जिससे स्वाद और भी बढ़ जाता है।

    इसके बाद हरी मिर्च को कड़ाही में डालकर हल्का सा भून लिया जाता है ताकि उसका कच्चापन खत्म हो जाए। फिर इसमें हल्दी और नमक मिलाकर अच्छे से चलाया जाता है। धीमी आंच पर कुछ मिनट तक पकाने से मिर्च नरम हो जाती है और मसाले अच्छे से उसमें समा जाते हैं।

    अंत में अमचूर पाउडर या नींबू का रस डालकर हल्का मिलाया जाता है, जिससे इसमें खट्टा और तीखा स्वाद आ जाता है। गैस बंद करने के बाद ऊपर से धनिया पत्ती डालकर इसे सजाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ जाते हैं।

    तड़का मिर्ची को गरम दाल-चावल के साथ, खिचड़ी के साथ या फिर साधारण रोटी के साथ खाया जा सकता है। यह एक ऐसा साइड डिश है जो कम भूख में भी खाने का मन बढ़ा देता है और पूरी थाली का स्वाद बदल देता है।

  • MP: श्योपुर में प्रेमी जोड़े ने फांसी लगाकर की आत्महत्या… अगरा के जंगल में पेड़ पर लटके मिले शव

    MP: श्योपुर में प्रेमी जोड़े ने फांसी लगाकर की आत्महत्या… अगरा के जंगल में पेड़ पर लटके मिले शव


    श्योपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के श्योपुर जिले (Sheopur district) में नाबालिग प्रेमी जोड़े ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों के शव अगरा जंगल (Agara forest) में एक पेड़ से लटके मिले। प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों के बीच 2 साल से अफेयर चल रहा था, लेकिन उनके घरवाले उनकी शादी के लिए तैयार नहीं थे, जिससे दुखी होकर उन्होंने यह कदम उठा लिया। यह घटना बरगवां थाना क्षेत्र की है।

    पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान विशन भिलाला निवासी वालीहारा और सामबाई निवासी कुड़ारदा के रूप में की गई है। दोनों की उम्र करीब 17 साल थी और दोनों 15 अप्रैल को अपने-अपने घरों से बिना बताए निकल गए थे। जिसके बाद परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।


    जंगल में एक ही पेड़ पर लटके मिले शव

    पुलिस ने बताया शिकायत दर्ज होने के बाद सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। तकनीकी टीम की मदद से मोबाइल लोकेशन और अन्य पहलुओं पर भी जांच की गई। गुरुवार को सर्च के दौरान जंगल के अंदर एक पेड़ पर दोनों के शव फंदे से लटके हुए मिले। पुलिस का कहना है कि नाबालिग लड़की के घर से 8-10 किमी दूर जंगल में दोनों के शव पेड़ पर लटके मिले।


    नाबालिग होने की वजह से नहीं कर पा रहे थे कोर्ट मैरिज

    ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शवों को नीचे उतरवाया। मौके पर पंचनामा कार्रवाई की गई और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों एक-दूसरे से प्रेम करते थे, लेकिन उनके परिजन दोनों की शादी के लिए राजी नहीं थे, वहीं नाबालिग होने की वजह से दोनों कोर्ट मैरिज भी नहीं कर पा रहे थे, इसलिए उन्होंने सुसाइड कर लिया। हालांकि पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।


    एक ही गोत्र की वजह से घरवाले नहीं हुए तैयार

    बरगवां थाना प्रभारी श्यामवीर सिंह तोमर ने बताया कि दोनों के बीच करीब दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था, दोनों एक ही समाज के भी थे लेकिन दोनों का गोत्र एक होने की वजह से, उनके परिजन दोनों की सगाई कराने को राजी नहीं थे। इसको लेकर नाबालिग प्रेमी जोड़ा घर से भाग गया। जब दोनों के परिजनों को उनके भागने की जानकारी मिली तो उन्होंने इसकी सूचना बरगवां थाने आकर दी। इस सूचना पर पुलिस ने दोनों नाबालिग की तलाश शुरू की।


    लड़की ने दुपट्टे तो लड़के ने तौलिये से लगाई फांसी

    थाना प्रभारी ने बताया कि, ‘लड़की ने दुपट्टे से और लड़के ने तौलिये से फांसी लगाई। मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और हर एंगल से जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ सकेगी। आसपास के लोगों और परिजनों से भी पूछताछ जारी है।’

    तोमर ने आगे बताया कि, नाबालिग प्रेमी जोड़े को तलाशने के लिए टेक्निकल टीम की मदद ली गई और सर्चिंग की गई तो लड़के के मोबाइल नंबर की लोकेशन एक ही स्थान की मिल रही थी, जिसके आधार पर पुलिस ने तलाशी की तो बरगवां थाना क्षेत्र के जंगल में एक पेड़ पर दोनों नाबालिग प्रेमी लटके मिले।

  • बच्चों की सेहत को लेकर अलर्ट रहें पेट दर्द और पाचन समस्या के संकेतों को समझें समय रहते इलाज करें

    बच्चों की सेहत को लेकर अलर्ट रहें पेट दर्द और पाचन समस्या के संकेतों को समझें समय रहते इलाज करें


    नई दिल्ली । बच्चों की सेहत और उनका सही विकास पूरी तरह उनके पोषण और पाचन तंत्र की स्थिति पर निर्भर करता है। आज की व्यस्त जीवनशैली में माता-पिता अक्सर बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े छोटे संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर समस्या का रूप ले सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के पाचन स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है क्योंकि उनका पाचन तंत्र अभी पूरी तरह विकसित नहीं होता।

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अनुसार बच्चों में पाचन संबंधी समस्याएं आम हैं, लेकिन शुरुआती लक्षणों को समझकर समय पर इलाज किया जाए तो बड़ी परेशानियों से बचा जा सकता है। बच्चों में कब्ज, दस्त, पेट दर्द और एसिडिटी जैसी समस्याएं सबसे ज्यादा देखने को मिलती हैं, जिन्हें अक्सर सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है।

    कब्ज एक आम समस्या है जिसमें बच्चा कठोर मल त्याग करता है या शौच के समय रोने लगता है। कई बार बच्चा शौच करने से डरने लगता है, जो आगे चलकर आदत बन सकती है। वहीं दस्त की स्थिति में बच्चे को बार बार पतला मल आता है जिससे शरीर में पानी की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है और बच्चा सुस्त और कमजोर दिखाई देने लगता है।

    इसके अलावा पेट में जलन और एसिडिटी भी बच्चों में पाचन समस्या का बड़ा संकेत है। इस स्थिति में बच्चा पेट में जलन की शिकायत करता है, खट्टी डकारें आती हैं और कभी कभी उल्टी जैसी समस्या भी हो सकती है। भोजन असहजता या फूड इनटॉलरेंस भी एक महत्वपूर्ण संकेत है, जिसमें दूध, गेहूं या कुछ विशेष खाद्य पदार्थों से पेट फूलना, दर्द या एलर्जी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

    कृमि संक्रमण भी बच्चों में एक आम लेकिन गंभीर समस्या है जो साफ सफाई की कमी के कारण होती है। इसमें बच्चा बार बार पेट दर्द की शिकायत करता है, भूख कम हो जाती है, वजन नहीं बढ़ता और कई बार नींद में दांत पीसने की आदत भी देखी जाती है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि माता पिता को बच्चों के व्यवहार और स्वास्थ्य में होने वाले छोटे बदलावों पर भी नजर रखनी चाहिए। अगर बच्चा लगातार पेट दर्द, उल्टी, दस्त या कब्ज जैसी समस्याओं से जूझ रहा हो तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। घरेलू उपायों से आराम न मिलने पर तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना जरूरी है।

    साथ ही बच्चों को स्वच्छता की आदतें सिखाना, उबला या साफ पानी देना और संतुलित आहार उपलब्ध कराना बेहद आवश्यक है। नियमित रूप से हाथ धोने की आदत भी उन्हें कई संक्रमणों से बचा सकती है। समय पर ध्यान और सही देखभाल से बच्चों को स्वस्थ और मजबूत बनाया जा सकता है।