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  • Krushna Abhishek से दूरी पर खुलकर बोलीं Sunita Ahuja, Kashmera Shah से भी की मुलाकात

    Krushna Abhishek से दूरी पर खुलकर बोलीं Sunita Ahuja, Kashmera Shah से भी की मुलाकात


    नई दिल्ली। गोविंदा (Govinda) की पत्नी सुनीता आहूजा (Sunita Ahuja) और गोविंदा के भांजे कृष्णा अभिषेक (Krushna Abhishek) के रिश्ते ठीक नहीं चल रहे थे। कई सालों से दोनों परिवार में खटास बनी हुई थी। लेकिन अब उनकी दूरियां मिट गई है। सुनीता ने हाल ही में कृष्णा और कश्मीरा के साथ मीडिया के सामने पोज दिए और साथ में हंसी-मजाक करती भी नजर आईं। तीनों का एक वीडियो सामने आया, जिसमें तीनों को एक साथ देखा जा रहा है।

    मामी सुनीता आहूजा ने कहा खत्म हुआ वनवास
    सामने आ रहे हैं वीडियो में सुनीता आहूजा काफी कुछ कहती हुईं नजर आ रही हैं। दरअसल, सुनीता हाल ही में ‘लाफ्टर शेफ 3’ (The Laughter Chefs 3) के एक एपिसोड में बतौर गेस्ट पहुंचीं। इस शो में कृष्णा अभिषेक और कश्मीरा शाह भी बतौर कंटेस्टेंट नजर आ रहे हैं। शो के दौरान सुनीता, अपने भांजे-बहू से भी मिलीं। जैसे ही सुनीता, कश्मीरा से मिलीं उन्हें गले लगा लिया, जिससे पता चलता है कि सुनीता और उनके भांजे कृष्णा के बीच के शिकवे-गिले अब दूर हो चुके हैं। वीडियो में सुनीता को कृष्णा और कश्मीरा के साथ हंसी-मजाक करते भी देखा जा सकता है। वह हंसते हुए कहती हैं- ’14 साल के बाद आज वनवास खत्म हुआ है।’ इस पर कश्मीरा मजाकिया अंदाज में कहती हैं- ‘किसी और का शुरू होगा।

    10 साल से चल रही है रिश्तो में कड़वाहट
    बता दें, करीब 10 साल से गोविंदा और उनके परिवार की कृष्णा और कश्मीरा से बातचीत बंद थी। ये विवाद पब्लिक से भी छुपा नहीं रह सका था। कृष्णा अभिषेक और कश्मीरा ने कई बार मीडिया के सामने इस बात का खुलासा किया है। सुनीता आहूजा ने भी कई बार मीडिया के सामने काफी कुछ कहा है।

    इस कारण हुआ था विवाद
    रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरे विवाद की शुरुआत कश्मीरा शाह के एक ट्वीट से हुई थी, जिसमें उन्होंने ‘पैसे के लिए नाचने वाले’ लोगों का जिक्र किया था। कश्मीरा के इस ट्वीट को सुनीता आहूजा ने गोविंदा पर तंज माना और धीरे-धीरे दोनों परिवारों में विवाद बढ़ता चला गया और बात यहां तक पहुंच गई कि सुनीता ने पब्लिक के सामने ये तक कह दिया था कि वह कृष्णा अभिषेक का चेहरा तक नहीं देखना चाहतीं। आपको बता दे की गोविंद पहले ही कपिल शर्मा शो में आ चुके हैं गोविंदा और अभिषेक के भी सब कुछ ठीक है।लेकिन, अब गोविंदा के बाद सुनीता ने भी कृष्णा को गले लगाकर सारी दूरियां मिटा दीं हैं।

    आरती सिंह क आया रिएक्शन
    इस रीयूनियन पर गोविंदा की भाजी आरती सिंह का भी एक वीडियो वायरल हो रहा है आपको बता दें की इंस्टा बॉलीवुड से बात करते हुए उन्होंने कहा है कि, मैं काफी इमोशनल हो गई मैंने वीडियो कॉल पर उनसे बात की यह बहुत अच्छी बात है कि सब लोग मिल गए हैं।

  • बैरसिया में कारोबारी की हत्या से दहशत बाइक सवार बदमाशों ने मारी गोली

    बैरसिया में कारोबारी की हत्या से दहशत बाइक सवार बदमाशों ने मारी गोली


    नरसिंहपुर । मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां दो शातिर आरोपियों ने एक महिला को जेवर तीन गुना करने का झांसा देकर करीब 10 लाख रुपये के गहने ठग लिए। इस घटना ने एक बार फिर अंधविश्वास के नाम पर होने वाली ठगी की सच्चाई को उजागर कर दिया है।

    जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने महिला को अपने जाल में फंसाते हुए कहा कि यदि वह अपने जेवर को किसी सुनसान स्थान पर रात के समय गाड़ दे और उस पर तंत्र-मंत्र किया जाए तो उसके गहने तीन गुना हो जाएंगे। साथ ही आरोपियों ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया को पूरी तरह गोपनीय रखना होगा और किसी को बताने पर अनहोनी हो सकती है। इसी डर और विश्वास के चलते महिला आरोपियों की बातों में आ गई।

    इसके बाद महिला ने रात के अंधेरे में सुनसान स्थान पर अपने जेवर रख दिए। इसी मौके का फायदा उठाकर दोनों आरोपी गहने लेकर फरार हो गए। घटना के बाद महिला को जब ठगी का एहसास हुआ तो उसने तुरंत इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दर्ज कराई।

    पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और तकनीकी तथा सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की। जांच में सामने आया कि एक आरोपी अनिल राय उर्फ मुल्ला बाबा डोभी क्षेत्र का रहने वाला है जबकि दूसरा आरोपी अजय मेहरा बॉसकुंवारी गांव का निवासी है।

    पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अनिल राय को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार किया जबकि अजय मेहरा को नरसिंहपुर से ही पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 10 लाख रुपये मूल्य के जेवर भी बरामद कर लिए हैं।

    इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को आसानी से निशाना बनाया जाता है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है जहां बैरसिया क्षेत्र के किराना व्यापारी हनीफ खान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।

    जानकारी के अनुसार 42 वर्षीय हनीफ खान बुधवार को अपने किसी काम से निकले थे, लेकिन देर शाम उनका शव शमशाबाद रोड स्थित एक ढाबे के पास बरामद हुआ। यह स्थान उनके घर से लगभग 10 किलोमीटर दूर है। शुरुआती स्थिति में शव के पास बाइक मिलने से इसे सड़क दुर्घटना समझा गया, लेकिन जब पुलिस ने जांच की तो स्पष्ट हुआ कि उनकी मौत गोली लगने से हुई है।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने हनीफ खान को नजदीक से गोली मारी। गोली सीने के आर-पार हो गई जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। आसपास के लोगों ने कुछ बाइक सवारों को तेजी से भागते हुए देखा, जिससे पुलिस को अहम सुराग मिले हैं।

    परिजनों के अनुसार हनीफ खान का किसी से कोई पुराना विवाद या दुश्मनी नहीं थी और वह सामान्य रूप से अपना व्यवसाय चला रहे थे। घटना के समय वह शमशाबाद स्थित रिश्तेदार के घर जा रहे थे। हालांकि पुलिस इस बयान के साथ-साथ अन्य सभी संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है।

    एडिशनल एसपी नीरज चौरसिया ने बताया कि फिलहाल मामला संदिग्ध है और पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। शुरुआती जांच में लूट की संभावना कम नजर आ रही है, लेकिन पुरानी रंजिश और व्यक्तिगत विवाद की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही कुछ रिलेशनशिप संबंधी पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

    पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि जल्द से जल्द अपराधियों तक पहुंचा जा सके।

    फिलहाल इस वारदात ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है और लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • राजेश कुमार का बड़ा बयान, फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के स्टार सिस्टम पर उठाए गंभीर सवाल, सपोर्टिंग एक्टर्स के साथ व्यवहार को लेकर किया अहम खुलासा

    राजेश कुमार का बड़ा बयान, फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के स्टार सिस्टम पर उठाए गंभीर सवाल, सपोर्टिंग एक्टर्स के साथ व्यवहार को लेकर किया अहम खुलासा

    नई दिल्ली: टेलीविजन और फिल्म जगत के जाने माने अभिनेता राजेश कुमार ने इंडस्ट्री की कार्य संस्कृति को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। अपने हालिया बयान में उन्होंने कहा कि कई बार बड़े स्टार्स शूटिंग सेट पर सपोर्टिंग एक्टर्स को वह सम्मान और महत्व नहीं देते जिसके वे हकदार होते हैं। उनके अनुसार इस तरह का रवैया न केवल कार्य वातावरण को प्रभावित करता है बल्कि पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर भी असर डाल सकता है।

    राजेश कुमार, जिन्हें लोकप्रिय टीवी शो साराभाई वर्सेस साराभाई से व्यापक पहचान मिली, ने कहा कि इंडस्ट्री में कई बार काम का केंद्र केवल मुख्य कलाकारों के इर्द गिर्द ही घूमता है। उनके अनुसार फिल्मों और शोज की योजना, चर्चा और निर्णय प्रक्रिया में सहायक कलाकारों की भागीदारी सीमित रहती है, जबकि उनकी भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है जितनी मुख्य कलाकारों की।

    उन्होंने यह भी बताया कि बड़े प्रोजेक्ट्स के दौरान अक्सर रचनात्मक चर्चा सीमित लोगों तक ही रहती है, जिसमें मुख्य अभिनेता, निर्देशक और तकनीकी टीम के चुनिंदा सदस्य शामिल होते हैं। ऐसे माहौल में कई बार अन्य कलाकार खुद को प्रक्रिया से अलग महसूस करते हैं, जिससे उनके प्रदर्शन और आत्मविश्वास पर असर पड़ता है।

    राजेश कुमार ने यह भी कहा कि कई बार सपोर्टिंग एक्टर्स को उनके संवाद या स्क्रिप्ट बहुत देर से उपलब्ध कराई जाती है, जिससे उन्हें तैयारी का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। उनके अनुसार यह स्थिति शूटिंग प्रक्रिया को असंतुलित कर देती है और टीमवर्क की भावना को कमजोर करती है।

    हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी कलाकार ऐसे व्यवहार नहीं करते। कुछ अनुभवी और वरिष्ठ कलाकार अपने सह कलाकारों के साथ सहयोग और सम्मान का रवैया अपनाते हैं, जिससे सेट पर एक सकारात्मक और संतुलित माहौल बनता है।

    अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि कई बार बड़े कलाकार बिना पर्याप्त रिहर्सल के सीधे शूट पर आकर काम करना पसंद करते हैं, जिससे अन्य कलाकारों के साथ तालमेल बैठाना मुश्किल हो जाता है। उनके अनुसार यह तरीका कभी कभी पूरी टीम की परफॉर्मेंस को प्रभावित करता है।

    उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कुछ कलाकारों में असुरक्षा की भावना के कारण सहायक कलाकारों से दूरी बनाए रखने की प्रवृत्ति देखी जाती है, जो इंडस्ट्री की कार्य संस्कृति के लिए सही नहीं है। उनका मानना है कि किसी भी प्रोजेक्ट की सफलता तभी संभव है जब पूरी टीम को समान महत्व और भागीदारी मिले।

    राजेश कुमार ने कुछ कलाकारों के साथ अपने सकारात्मक अनुभवों का भी उल्लेख किया और कहा कि जब सेट पर संवाद और सहयोग होता है तो काम अधिक सहज और प्रभावशाली बन जाता है। ऐसे माहौल में सभी कलाकार बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं और अंतिम परिणाम भी अधिक मजबूत होता है।

    उनके इस बयान के बाद इंडस्ट्री में काम करने के तरीके और स्टार सिस्टम को लेकर चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है, जो पेशेवर समानता और कार्य संस्कृति पर एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म दे रही है।

  • लोकसभा सीटों में बड़ा बदलाव संभव, परिसीमन से राज्यों का समीकरण बदलेगा

    लोकसभा सीटों में बड़ा बदलाव संभव, परिसीमन से राज्यों का समीकरण बदलेगा


    नई दिल्ली। देश में एक बार फिर बड़े राजनीतिक बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। केंद्र सरकार द्वारा परिसीमन से जुड़े विधेयक पेश किए जाने के बाद साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में लोकसभा सीटों का पूरा गणित बदल सकता है। परिसीमन आयोग के गठन के बाद सीटों का नया बंटवारा होगा, जिससे राज्यों की राजनीतिक ताकत में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

    क्या है परिसीमन और क्यों जरूरी है?
    परिसीमन का मतलब चुनावी क्षेत्रों यानी लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या और सीमाएं तय करना होता है। यह प्रक्रिया जनसंख्या के आधार पर की जाती है, ताकि हर क्षेत्र को बराबर प्रतिनिधित्व मिल सके। भारत में आखिरी बार परिसीमन 2002 से 2008 के बीच हुआ था। इसके बाद से सीटों की संख्या स्थिर बनी हुई है, लेकिन अब बढ़ती आबादी को देखते हुए इसे फिर से लागू करने की तैयारी है।

    कितनी बढ़ सकती हैं लोकसभा सीटें?
    वर्तमान में देश में 543 लोकसभा सीटें हैं, जिन्हें बढ़ाकर करीब 800 से 850 तक किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो संसद का आकार काफी बड़ा हो जाएगा और राज्यों को उनकी जनसंख्या के अनुसार ज्यादा प्रतिनिधित्व मिलेगा। हालांकि सरकार ने अभी राज्यवार अंतिम आंकड़े जारी नहीं किए हैं, लेकिन जनसंख्या के आधार पर संभावित अनुमान सामने आए हैं। अनुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश में सीटें 80 से बढ़कर 135 से 140 तक हो सकती हैं, जबकि बिहार में 40 से बढ़कर 65 से 75 सीटें होने की संभावना है। इसी तरह महाराष्ट्र में सीटें 48 से बढ़कर 70 से 80 तक जा सकती हैं और पश्चिम बंगाल में 42 से बढ़कर 60 से 65 सीटें होने का अनुमान है। इसके अलावा मध्य प्रदेश में 29 से बढ़कर 40 से 45, राजस्थान में 25 से बढ़कर 35 से 40, तमिलनाडु में 39 से बढ़कर 50 से 55 और कर्नाटक में 28 से बढ़कर 40 से 45 सीटें हो सकती हैं। गुजरात में सीटें 26 से बढ़कर 35 से 40, आंध्र प्रदेश में 25 से बढ़कर 30 से 35 और तेलंगाना में 17 से बढ़कर 20 से 25 तक पहुंच सकती हैं।

    वहीं केरल में सीटों में मामूली बढ़ोतरी होकर 20 से 22 तक हो सकती है। ओडिशा में 21 से बढ़कर 25 से 30, झारखंड और असम में 14 से बढ़कर 18 से 22 सीटें हो सकती हैं। पंजाब में 13 से बढ़कर 15 से 18, हरियाणा में 10 से बढ़कर 12 से 15 और दिल्ली में 7 से बढ़कर 9 से 11 सीटें होने का अनुमान है। इन संभावित आंकड़ों से साफ है कि जिन राज्यों की आबादी ज्यादा है, वहां सीटों में सबसे ज्यादा इजाफा होगा। खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों की राजनीतिक ताकत काफी बढ़ सकती है, जिससे संसद में हिंदी बेल्ट का प्रभाव और मजबूत होगा। वहीं दक्षिण भारत के राज्यों में अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे राजनीतिक संतुलन को लेकर बहस तेज हो सकती है।

    महिलाओं को मिलेगा बड़ा मौका
    इस पूरे बदलाव के साथ महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में भी काम हो रहा है। फिलहाल लोकसभा में महिलाओं की भागीदारी करीब 13 से 14 प्रतिशत है, लेकिन नए प्रावधान लागू होने के बाद यह आंकड़ा काफी बढ़ सकता है। अनुमान है कि आने वाले समय में महिला सांसदों की संख्या 250 से 280 तक पहुंच सकती है, जो भारतीय राजनीति में एक बड़ा बदलाव साबित होगा। परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े इन विधेयकों पर राजनीति भी तेज हो गई है। जहां विपक्षी दलों ने कुछ मुद्दों पर सवाल उठाए हैं, वहीं सरकार ने सभी दलों से इस पर सहयोग करने की अपील की है। हालांकि अभी यह पूरी प्रक्रिया शुरुआती चरण में है। अंतिम फैसला तब होगा जब परिसीमन आयोग का गठन होगा, नई जनगणना के आंकड़े लागू होंगे और संसद से मंजूरी मिलेगी। , परिसीमन आयोग का गठन देश की राजनीति में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। आने वाले समय में न सिर्फ लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि राज्यों के बीच शक्ति संतुलन भी पूरी तरह बदल सकता है।

  • सावधान! आसान लोन का झांसा देकर हो रही ठगी, बढ़ रहे साइबर फ्रॉड केस

    सावधान! आसान लोन का झांसा देकर हो रही ठगी, बढ़ रहे साइबर फ्रॉड केस


    नई दिल्ली। प्रेस सूचना ब्यूरो ने आधार कार्ड के नाम पर फैल रहे लोन स्कैम (लोन फ्रॉड) को लेकर लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। सरकार ने साफ किया है कि सोशल मीडिया और इंटरनेट पर चल रहे कई विज्ञापन पूरी तरह फर्जी हैं, जिनमें आधार कार्ड पर आसान लोन देने का दावा किया जा रहा है।
    सरकारी फैक्ट चेक यूनिट के मुताबिक, इन फर्जी विज्ञापनों में लोगों को बिना किसी दस्तावेज या कम ब्याज दर पर तुरंत लोन देने का लालच दिया जाता है। ऐसे मैसेज और विज्ञापन खासतौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनका मकसद लोगों को ठगना है।

    सोने-चांदी के दाम में हलचल, पेट्रोल-डीजल के रेट में उतार-चढ़ाव; जानें आज का पूरा बाजार अपडेट
    सोने-चांदी के दाम में हलचल, पेट्रोल-डीजल के रेट में उतार-चढ़ाव; जानें आज का पूरा बाजार अपडेट
    15 Apr 2026
    आपका लोन बार बार क्यों हो रहा है रिजेक्ट, ये रहा कारण

    स्कीम के नाम पर लोगों को बना रहे शिकार
    सरकार ने बताया कि इन स्कैम में ठग खुद को सरकारी योजना या अधिकृत संस्था से जुड़ा हुआ बताते हैं। कई मामलों में प्रधानमंत्री योजना या सरकारी स्कीम का नाम इस्तेमाल कर भरोसा जीतने की कोशिश की जाती है। जबकि हकीकत यह है कि ऐसी कोई भी आधिकारिक योजना मौजूद नहीं है।

    फैक्ट चेक में यह भी सामने आया है कि इस तरह के मैसेज पहले भी वायरल हो चुके हैं, जिनमें दावा किया गया था कि सभी आधार कार्ड धारकों को लाखों रुपये का लोन दिया जा रहा है, लेकिन सरकार ने इसे पूरी तरह फर्जी बताया था।

    Loan Fraud से ऐसे करें खुद को सुरक्षित
    सरकार ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी अनजान लिंक, ऐप या विज्ञापन पर भरोसा न करें। खासतौर पर ऐसे ऑफर्स से दूर रहें, जो बिना वेरिफिकेशन या तुरंत लोन देने का वादा करते हैं।

    इसके अलावा, किसी भी प्लेटफॉर्म पर अपनी पर्सनल जानकारी जैसे आधार नंबर, बैंक डिटेल या OTP साझा करने से बचें। केवल आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय संस्थाओं के जरिए ही लोन से जुड़ी जानकारी प्राप्त करें।

  • जेवर तीन गुना करने का झांसा नरसिंहपुर में महिला से 10 लाख की ठगी का खुलासा

    जेवर तीन गुना करने का झांसा नरसिंहपुर में महिला से 10 लाख की ठगी का खुलासा


    नरसिंहपुर । मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां दो शातिर आरोपियों ने एक महिला को जेवर तीन गुना करने का झांसा देकर करीब 10 लाख रुपये के गहने ठग लिए। इस घटना ने एक बार फिर अंधविश्वास के नाम पर होने वाली ठगी की सच्चाई को उजागर कर दिया है।

    जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने महिला को अपने जाल में फंसाते हुए कहा कि यदि वह अपने जेवर को किसी सुनसान स्थान पर रात के समय गाड़ दे और उस पर तंत्र-मंत्र किया जाए तो उसके गहने तीन गुना हो जाएंगे। साथ ही आरोपियों ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया को पूरी तरह गोपनीय रखना होगा और किसी को बताने पर अनहोनी हो सकती है। इसी डर और विश्वास के चलते महिला आरोपियों की बातों में आ गई।

    इसके बाद महिला ने रात के अंधेरे में सुनसान स्थान पर अपने जेवर रख दिए। इसी मौके का फायदा उठाकर दोनों आरोपी गहने लेकर फरार हो गए। घटना के बाद महिला को जब ठगी का एहसास हुआ तो उसने तुरंत इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दर्ज कराई।

    पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और तकनीकी तथा सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की। जांच में सामने आया कि एक आरोपी अनिल राय उर्फ मुल्ला बाबा डोभी क्षेत्र का रहने वाला है जबकि दूसरा आरोपी अजय मेहरा बॉसकुंवारी गांव का निवासी है।

    पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अनिल राय को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार किया जबकि अजय मेहरा को नरसिंहपुर से ही पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 10 लाख रुपये मूल्य के जेवर भी बरामद कर लिए हैं।

    इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को आसानी से निशाना बनाया जाता है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

  • स्टाइल का जलवा: Tamannaah Bhatia ने फिर जीता फैंस का दिल

    स्टाइल का जलवा: Tamannaah Bhatia ने फिर जीता फैंस का दिल


    नई दिल्ली। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री तमन्ना भाटिया एक बार फिर अपने स्टाइलिश और ग्लैमरस अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में उनका एक लेटेस्ट फोटोशूट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह हाफ शोल्डर व्हाइट ड्रेस में बेहद खूबसूरत और आकर्षक नजर आ रही हैं। उनके इस लुक ने फैंस का दिल जीत लिया है और सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें खूब शेयर की जा रही हैं।

    सफेद ड्रेस में दिखा एलिगेंट और क्लासी अंदाज

    तमन्ना भाटिया का यह फोटोशूट उनकी सादगी और ग्लैमर का बेहतरीन मिश्रण दिखाता है। हाफ शोल्डर व्हाइट ड्रेस में उनका लुक बेहद एलिगेंट और क्लासी नजर आ रहा है। ड्रेस का यूनिक डिजाइन उनके स्टाइल को और भी खास बना रहा है। कैमरे के सामने उनका कॉन्फिडेंट पोज हर तस्वीर में साफ झलक रहा है, जिससे उनका यह लुक और भी प्रभावशाली बन गया है।

    मिनिमल मेकअप और सॉफ्ट हेयरस्टाइल ने बढ़ाई खूबसूरती

    इस फोटोशूट में तमन्ना ने मिनिमल मेकअप और सॉफ्ट हेयरस्टाइल को चुना है, जिसने उनके पूरे लुक को बेहद नेचुरल और ग्रेसफुल बना दिया है। हल्की ज्वेलरी जैसे डायमंड रिंग और पेंडेंट ने उनकी खूबसूरती में चार चांद लगा दिए हैं। उनका यह सिंपल लेकिन स्टाइलिश अंदाज फैंस को खूब पसंद आ रहा है।

    सोशल मीडिया पर मचा धमाल, फैंस कर रहे तारीफ

    तमन्ना भाटिया के इस लेटेस्ट फोटोशूट की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रही हैं। फैंस उनके इस ग्लैमरस और हॉट अवतार की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कमेंट सेक्शन में लोग उन्हें “स्टनिंग”, “गॉर्जियस” और “क्वीन ऑफ ग्रेस” जैसे शब्दों से सराह रहे हैं।

    फिल्म ‘व्वान  फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ में आएंगी नजर

    वर्क फ्रंट की बात करें तो तमन्ना भाटिया जल्द ही फिल्म ‘व्वान – फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ में नजर आने वाली हैं। इस फिल्म में उनके साथ अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा भी मुख्य भूमिका में दिखाई देंगे। फैंस इस नई जोड़ी को बड़े पर्दे पर देखने के लिए काफी उत्साहित हैं।

    तमन्ना भाटिया का यह नया फोटोशूट एक बार फिर साबित करता है कि वह न सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेत्री हैं, बल्कि एक फैशन आइकन भी हैं। उनका हर लुक सोशल मीडिया पर ट्रेंड बन जाता है और यह लेटेस्ट हाफ शोल्डर ड्रेस वाला अवतार भी इसका एक और उदाहरण है।

    तमन्ना भाटिया का हाफ शोल्डर व्हाइट ड्रेस में ग्लैमरस फोटोशूट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। उनके स्टाइलिश और एलिगेंट लुक को फैंस खूब पसंद कर रहे हैं।

  • अवनीत कौर ने प्लास्टिक सर्जरी की अफवाहों को स्पष्ट रूप से किया खारिज

    अवनीत कौर ने प्लास्टिक सर्जरी की अफवाहों को स्पष्ट रूप से किया खारिज

    नई दिल्ली:अभिनेत्री अवनीत कौर ने हाल ही में अपने लुक्स को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही प्लास्टिक सर्जरी और बोटॉक्स से जुड़ी अफवाहों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। पिछले कुछ समय से उनके पुराने और नए फोटो की तुलना करते हुए कई तरह के दावे किए जा रहे थे, जिनमें कहा जा रहा था कि उनके चेहरे में कृत्रिम बदलाव किए गए हैं। इन सभी अटकलों के बीच अब अभिनेत्री ने सामने आकर इन बातों को पूरी तरह गलत बताया है।

    अवनीत कौर का कहना है कि उनके चेहरे में जो भी बदलाव दिखाई दे रहे हैं, वे पूरी तरह स्वाभाविक हैं और उम्र के साथ हर व्यक्ति के लुक्स में परिवर्तन होना एक सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार लोग बिना पूरी जानकारी के निष्कर्ष निकाल लेते हैं और ऐसी बातें तेजी से फैल जाती हैं, जिससे गलतफहमी पैदा होती है।

    उन्होंने अपने फीचर्स को लेकर उठ रहे सवालों का भी जवाब दिया और स्पष्ट किया कि उनके चेहरे की संरचना में किसी प्रकार का कृत्रिम बदलाव नहीं हुआ है। उनकी नाक, आंखें और अन्य विशेषताएं पहले जैसी ही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके चेहरे पर मौजूद तिल अब भी वैसा ही है, जो इस बात का संकेत है कि उनके लुक्स में कोई सर्जिकल बदलाव नहीं किया गया है।

    अवनीत कौर ने अपनी सुंदरता का श्रेय अपने परिवार को देते हुए कहा कि जो भी उन्हें मिला है, वह प्राकृतिक है। उन्होंने यह भी कहा कि वह सोशल मीडिया पर आने वाली नकारात्मक टिप्पणियों को ज्यादा महत्व नहीं देतीं, लेकिन यह जरूरी है कि लोग इस तरह की अफवाहों को फैलाने से पहले सोचें।

    सोशल मीडिया पर उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग भी इन चर्चाओं का एक कारण मानी जाती है। उनके हर पोस्ट पर बड़ी संख्या में प्रतिक्रियाएं आती हैं, जिससे उनके लुक्स को लेकर लगातार चर्चा बनी रहती है। इसी वजह से कई बार उनके बदलाव को लेकर अलग अलग तरह की अटकलें लगाई जाती हैं।

    करियर के स्तर पर अवनीत कौर लगातार नए प्रोजेक्ट्स में सक्रिय हैं और उन्होंने कम उम्र में ही मनोरंजन जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी लोकप्रियता खासकर युवा दर्शकों के बीच तेजी से बढ़ी है और वह अपने काम के जरिए लगातार आगे बढ़ रही हैं।

  • मंडला में भीषण लू का अलर्ट, तापमान 41.6°C तक पहुंचा

    मंडला में भीषण लू का अलर्ट, तापमान 41.6°C तक पहुंचा

    मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले में गर्मी ने अपने तेवर और तेज कर दिए हैं। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है। लगातार बढ़ते पारे ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है, और दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही काफी कम देखी जा रही है।

    16 से 18 अप्रैल तक लू का अलर्ट जारी

    मौसम विभाग ने मंडला जिले में 16 से 18 अप्रैल के बीच लू चलने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार आने वाले दो दिन अत्यधिक गर्म हवाओं के साथ कठिनाई बढ़ा सकते हैं। इससे पहले भी जिले में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था, जिससे गर्मी का असर लगातार महसूस किया जा रहा है।

    लगातार बढ़ रहा तापमान, पिछले दिनों भी रहा तेज गर्मी का असर

    तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो मंगलवार को 41 डिग्री सेल्सियस, सोमवार को 40 डिग्री और रविवार को 40.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया था। अप्रैल की शुरुआत में बादल और हल्की बारिश के कारण कुछ राहत जरूर मिली थी, लेकिन मौसम साफ होते ही गर्मी ने तेजी से अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है।

    दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा, लोगों ने बदला दिनचर्या

    तेज धूप और लू के खतरे के कारण दोपहर के समय बाजार और सड़कों पर लोगों की आवाजाही काफी कम हो गई है। लोग जरूरी कामों के लिए भी सुबह और शाम के समय का चयन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी इतनी अधिक है कि कुछ ही मिनटों में शरीर थकने लगता है।

    स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

    बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसमें लोगों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें, हल्के सूती कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी व तरल पदार्थों का सेवन करें। विभाग ने यह भी कहा है कि लू लगने के लक्षण जैसे चक्कर आना, कमजोरी या उल्टी होने पर तुरंत प्राथमिक उपचार लें और आवश्यकता पड़ने पर 108 एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचें।

    बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान की जरूरत

    स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। इन संवेदनशील समूहों को गर्मी से बचाने के लिए घर के अंदर ठंडे और हवादार वातावरण में रखने की सलाह दी गई है।

    मंडला में बढ़ती गर्मी और लू का असर अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। आने वाले दो दिन लोगों के लिए और अधिक चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं, ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

  • छुट्टियों की खुशियां बदलीं मातम, में उज्जैन में जहरीली गैस से दो बच्चियों की मौत

    छुट्टियों की खुशियां बदलीं मातम, में उज्जैन में जहरीली गैस से दो बच्चियों की मौत


    उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर के नानाखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित त्रिवेणी हिल्स से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है जहां गर्मियों की छुट्टियां मनाने आए दो परिवारों की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। यहां नाना के घर आए परिवार के दो मासूम बच्चों की बंद कमरे में जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार, परिवार के सदस्य जिस छोटे से कमरे में सो रहे थे वहां बड़ी मात्रा में गेहूं का भंडारण किया गया था। यह कमरा लगभग 10 बाय 15 फीट का था और रात के समय पूरी तरह बंद होने के कारण अंदर ऑक्सीजन की कमी और संभवतः रासायनिक प्रतिक्रिया से जहरीली गैस का निर्माण हो गया। इसी स्थिति में कमरे में सो रहे बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी।

    सुबह करीब 9 बजे जब परिजनों की नींद खुली तो उन्होंने देखा कि बच्चों की हालत बेहद गंभीर है। मासूमों के मुंह से झाग निकल रहा था और वे बेहोश अवस्था में थे। घबराए परिजन तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक स्थिति काफी बिगड़ चुकी थी।

    इस हादसे में शाजापुर की रहने वाली मात्र डेढ़ महीने की मासूम तृषा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया जबकि कायथा निवासी चार वर्षीय अनिका की भी मौत हो गई। दोनों मासूमों की मौत ने परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

    बताया जा रहा है कि छुट्टियों के चलते कई रिश्तेदार एक साथ त्रिवेणी हिल्स स्थित नाना के घर इकट्ठा हुए थे और वहीं यह दुखद घटना घटित हो गई। प्रारंभिक आशंका के अनुसार गेहूं के भंडारण के साथ रखी गई कीटनाशक दवाओं या बंद कमरे में हुई रासायनिक प्रक्रिया के कारण जहरीली गैस बनने की संभावना जताई जा रही है।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वास्तव में गैस बनने का कारण क्या था और क्या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही शामिल थी।

    इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और पीड़ित परिवारों का रो रोकर बुरा हाल है। मासूमों की असामयिक मौत ने एक बार फिर घरों में अनाज भंडारण और सुरक्षा उपायों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।