Blog

  • सुनेत्रा पवार को काबिलियत के आधार पर…', जल्दबाजी में डिप्टी CM बनाए जाने पर उद्धव गुट का तंज!

    सुनेत्रा पवार को काबिलियत के आधार पर…', जल्दबाजी में डिप्टी CM बनाए जाने पर उद्धव गुट का तंज!


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र में इन दिनों बारामती प्लेन हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद से ही राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई है. सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री पद के शपथ लेने के बाद से ही विपक्ष लगातार हमलावर हैखासकर शिवसेना यूबीटी. शिवसेना UBT ने तो अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में BJP और NCP अजित पवार गुट पर तीखा हमला बोल दिया है. सामना के मुताबिकयह शपथ समारोह जल्दबाजी और राजनीतिक साजिश का नतीजा है. लेख में अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस को इसके पीछे की मुख्य ताकत बताया गया है. UBT के माउथपीस ने मौजूदा राजनीतिक हालात को घटिया राजनीति बताया है.

    शोक में था महाराष्ट्रदिखाई गई जल्दबाजी- सामना
    सामना के संपादकीय में कहा गया है कि डिप्टी CM शपथ समारोह महाराष्ट्र के राजनीतिक और सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ है. आरोप लगाया गया कि अजित पवार के निधन के बाद राज्य शोक में थालेकिन इसी दौरान सत्ता की जल्दबाजी दिखाई गईUBT का कहना है कि यह फैसला संवेदनशीलता और परंपराओं की अनदेखी का उदाहरण है.लेख में यह भी कहा गया कि BJP हिंदुत्व और संस्कृति की बात करती हैलेकिन व्यवहार में अपने ही रीति-रिवाजों का पालन नहीं करती. शोक काल में सत्ता प्रदर्शन को सामना ने बेहद घटिया राजनीति करार दिया है.

    सुनेत्रा पवार की नियुक्ति पर सवाल
    संपादकीय में सुनेत्रा पवार को उप मुख्यमंत्री बनाए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं. सामना का कहना है कि यह पद उनकी व्यक्तिगत काबिलियत या राजनीतिक अनुभव के आधार पर नहीं दिया गया. लेख में तंज कसते हुए लिखा गया है कि यह नियुक्ति पूरी तरह सत्ता संतुलन और अंदरूनी जोड़तोड़ का परिणाम है. सामना के अनुसारशरद पवार और सुप्रिया सुले की प्रतिक्रियाएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि परिवार को भी इस शपथ की पूर्व जानकारी नहीं थी. इससे पूरे घटनाक्रम पर संदेह और गहराता है.

    NCP की स्थिति और फडणवीस का नियंत्रण
    UBT के मुखपत्र ने NCP की मौजूदा हालत पर तीखी टिप्पणी की है. संपादकीय में कहा गया है कि पार्टी की नाव का कैप्टन अब नहीं रहा और फिलहाल इसे देवेंद्र फडणवीस नियंत्रित कर रहे हैं. सामना का आरोप है कि NCP अब स्वतंत्र राजनीतिक इकाई नहीं रह गई है.लेख में यह भी कहा गया है कि पार्टी के भीतर नेतृत्व और दिशा को लेकर भ्रम है. खुले तौर पर यह संकेत दिया गया कि सत्ता में बने रहने के लिए समझौते किए जा रहे हैंजिससे पार्टी की वैचारिक पहचान कमजोर हो रही है.

    बेहद घटिया राजनीति’ का आरोप
    संपादकीय के अंत में UBT ने मौजूदा राजनीतिक हालात को बेहद घटिया राजनीति बताया है. सामना का कहना है कि सत्ता की लालसा ने संवेदनशीलतासंस्कृति और नैतिकता को पीछे छोड़ दिया है. यह स्थिति महाराष्ट्र की राजनीति के लिए खतरनाक संकेत है.UBT ने इशारों में कहा है कि आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर दिखेगा. सामना के मुताबिकयह पूरा घटनाक्रम केवल पद और नियंत्रण की लड़ाई हैजिसमें जनता और मूल्यों को दरकिनार कर दिया गया है.
  • किरेन रिजिजू ने एलन मस्क की पोस्ट पर जताई खुशी, राहुल गांधी को दी नसीहत, जानिए क्‍या कहा ?

    किरेन रिजिजू ने एलन मस्क की पोस्ट पर जताई खुशी, राहुल गांधी को दी नसीहत, जानिए क्‍या कहा ?


    नई दिल्ली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा हमला बोला है। रिजिजू ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करना अधिकार है, लेकिन आलोचना करते समय देश की छवि को नुकसान पहुँचाना बिलकुल भी स्वीकार्य नहीं है। उनका यह बयान एलन मस्क की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट के संदर्भ में आया, जिसमें मस्क ने कहा कि चीन और भारत मिलकर वैश्विक आर्थिक विकास में लगभग 43.6 प्रतिशत का योगदान देंगे।

    रिजिजू का राहुल गांधी को संदेश
    रिजिजू ने कहा कि आमतौर पर वे विदेशी हस्तियों की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया नहीं देते, लेकिन इस बार मस्क की पोस्ट का हवाला इसलिए दिया ताकि राहुल गांधी को एक सीख दी जा सके। उन्होंने साफ किया कि आलोचना और राष्ट्रहित के बीच स्पष्ट रेखा होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक भारतीय के रूप में हमें देश की प्रगति और उपलब्धियों पर गर्व होना चाहिए।

    संदर्भ: राहुल गांधी की आलोचना

    राहुल गांधी लंबे समय से केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि बजट में बेरोजगारी, कमजोर विनिर्माण क्षेत्र, पूंजी निकासी और किसानों की समस्याओं जैसी गंभीर चुनौतियों को नजरअंदाज किया गया।

    सरकार का रुख

    वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट को 21वीं सदी में भारत की आर्थिक प्रगति की नींव बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में अहम कदम करार दिया।

  • NCP महाराष्ट्र में BJP-नेतृत्व वाले NDA के साथ बनी रहेगी, विलय की अटकलों को सुनील तटकरे ने किया खारिज

    NCP महाराष्ट्र में BJP-नेतृत्व वाले NDA के साथ बनी रहेगी, विलय की अटकलों को सुनील तटकरे ने किया खारिज


    नई दिल्ली। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी NCP की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद सुनील तटकरे ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी भाजपा नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन NDA का हिस्सा बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि संगठन दिवंगत अजित पवार की विचारधारा और मार्ग पर आगे बढ़ेगा।

    विलय की अफवाहों पर प्रतिक्रिया

    हाल ही में यह दावा किया गया था कि NCP और शरद पवार की राकांपा का विलय 12 फरवरी को घोषित किया जाएगा। इस पर तटकरे ने कहा, “हमारा रुख स्पष्ट है। पार्टी और अजित दादा की विचारधारा को हम आगे बढ़ाएंगे। राजग के साथ हमारा सहयोग कायम रहेगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि अजित पवार की सहमति के बिना कोई राजनीतिक निर्णय नहीं लिया गया।

    शपथ और पार्टी संबंध
    तटकरे ने सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने की जल्दबाजी पर कहा कि यह निर्णय महाराष्ट्र के हित में और राकांपा को मजबूत करने के लिए लिया गया। उन्होंने भाजपा की प्रशंसा करते हुए कहा कि गठबंधन में हमेशा सम्मानजनक व्यवहार रहा है।

    अस्थियों का अंतिम संस्कार और आगे की प्रक्रिया
    सुनील तटकरे ने बताया कि अजित पवार की अस्थियों को राज्य के सभी जिलों में ले जाकर श्रद्धांजलि दी जाएगी। वहीं, राकांपा के वरिष्ठ नेता माणिकराव कोकाटे ने कहा कि विलय या आगे की राजनीतिक दिशा का फैसला सुनेत्रा पवार करेंगी और उनका निर्णय पार्टी में सभी के लिए बाध्यकारी होगा।

  • Gold-Silver Crash: चांदी फिर क्रैश… झटके में ₹16000 सस्ती, सोना भी 4000 रुपये फिसला

    Gold-Silver Crash: चांदी फिर क्रैश… झटके में ₹16000 सस्ती, सोना भी 4000 रुपये फिसला

    नई दिल्ली :सोना-चांदी की कीमतें क्रैश होने का सिलसिला जारी है. बजट के दिन भर-भराकर टूटने के बाद सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में वायदा कारोबार की शुरुआत के साथ ही दोनों कीमती धातुएं और सस्ती हो गईं. एक ओर जहां 1 Kg Silver Price झटके में करीब 16,000 रुपये गिर गया, तो वहीं दूसरी ओर 10 Gram 24 Karat Gold का वायदा भाव एमसीएक्स पर 4000 रुपये से ज्यादा कम हो गया.
    इतना रह गया 1 किलो चांदी का भाव
    चांदी की कीमतें बीते सप्ताह के गुरुवार को इतिहास में पहली बार 4 लाख रुपये के पार निकलने के बाद से ही लगातार क्रैश हो रही हैं. रविवार को Budget 2026 वाले दिन करीब 9 फीसदी से ज्यादा टूटने के बाद सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को जब MCX पर कमोडिटी ट्रेडिंग की शुरुआत हुई, तो चांदी खुलते ही और भी सस्ती हो गई. बीते कारोबारी दिन सिल्वर प्राइस तगड़ी गिरावट और फिर रिकवरी के बाद अंत में 2,65,652 रुपये पर क्लोज हुआ था और सोमवार को जैसे ही कारोबार ओपन हुआ, तो ये गिरकर 2,55,652 रुपये प्रति किलो पर आ गया और फिर इसके कुछ ही मिनटों बाद ये 2,49,713 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया. इसका मतलब है कि चांदी वायदा 15,943 रुपये और सस्ती हो गई.

    अपने हाई से अब इतनी सस्ती Silver
    चांदी में जिस रफ्तार से बीते कुछ दिनों में तेजी देखने को मिली थी, उससे तेज रफ्तार इसके फिसलने की है. बता दें कि पिछले गुरुवार को एमसीएक्स पर 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी के वायदा भाव ने अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ते 4,20,048 रुपये के नया लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था, लेकिन इस स्तर से अब तक Silver Price 1,70,335 रुपये कम हो चुका है.

    सोने का भी चांदी जैसा हाल

    Silver Price Crash होने से साथ ही सोना भी धड़ाम नजर आ रहा है. बजट वाले दिन ये भी 13,000 रुपये तक टूट गया था, हालांकि फिर थोड़ी रिकवरी भी देखने को मिली थी. रविवार को ये 1,47,753 रुपये के लेवल पर क्लोज हुआ था और सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कारोबार की शुरुआत होते ही ये फिसलकर 1,43,321 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. यानी 10 Gram 24 Karat Gold Rate 4432 रुपये तक सस्ता हो गया.

    हाई से अब कितना सस्ता Gold
    सोने की कीमत ने भी चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए बीते गुरुवार को अपना नया हाई लेवल छुआ था और तूफानी तेजी के साथ 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर पहुंच गई थी. इस स्तर पर पहुंचने के बाद Gold Rate बिखरता हुआ चला गया और अब तक ये 49,775 रुपये सस्ता मिल रहा है.

  • बलूचिस्तान में पाकिस्तान सेना का ऑपरेशन जारी, 145 विद्रोही और 17 सैनिकों की मौत

    बलूचिस्तान में पाकिस्तान सेना का ऑपरेशन जारी, 145 विद्रोही और 17 सैनिकों की मौत


    नई दिल्ली। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हालात बेहद गंभीर हैं। बीते दिनों विद्रोहियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में 145 विद्रोही और 17 सैनिकों की मौत हो गई। घटनाओं की शुरुआत विद्रोहियों के हमलों से हुई, जिसमें कम से कम 31 लोग मारे गए। इसके जवाब में पाकिस्तानी सेना ने व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया, जो अभी भी जारी है।

    सुरक्षा स्थिति और प्रतिबंध

    बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने बताया कि पिछले 40 घंटों में आतंकवाद विरोधी अभियानों में 145 आतंकवादी और 17 सुरक्षा कर्मियों की जान गई। सभी आतंकवादियों के शव अधिकारियों के कब्जे में हैं और पहचान की प्रक्रिया जारी है सुरक्षा कारणों से इंटरनेट और ट्रेन सेवाएं बंद कर दी गई हैं, साथ ही कई सड़क मार्ग भी बंद हैं। क्वेटा और आसपास के बाजारों में सन्नाटा पसरा है।

    आतंकवादी गतिविधियां और अभियान
    बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के लड़ाकों ने जेलों, सेना के ठिकानों और सरकारी कार्यालयों को निशाना बनाया। डिप्टी डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर को भी किडनैप किया गया। पाकिस्तान सेना ने बताया कि आतंकवादियों ने आम नागरिकों पर भी हमला किया, जिसमें महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों समेत 18 लोग मारे गए। अभियान में 15 सैनिकों की भी मौत हुई। सेना ने कहा कि क्वेटा, मस्तुंग, नुश्की, दलबंदीन, खरान, पंजगुर, तुम्प, ग्वादर और पसनी में आतंकवादियों की गतिविधियों को नाकाम किया गया। तीन आत्मघाती हमलावरों समेत 92 आतंकवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया।

    मुख्यमंत्री और खुफिया जानकारी

    मुख्यमंत्री बुगती ने कहा कि खुफिया एजेंसियों ने पहले ही क्वेटा में बड़े हमले की चेतावनी दी थी। शनिवार रात आतंकवादियों ने पुलिस और सीमावर्ती जवानों समेत सुरक्षा बलों और नागरिकों पर 12 अलग-अलग स्थानों पर हमला किया। क्वेटा में दो आत्मघाती हमलावरों को भी मार गिराया गया।

    भारत ने आरोप खारिज किए
    पाकिस्तान ने हिंसा का ठीकरा भारत पर फोड़ने की कोशिश की, लेकिन भारत ने इसे पूरी तरह खारिज किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह केवल पाकिस्तान की रणनीति है, जो अपनी घरेलू विफलताओं और बलूचिस्तान में उत्पीड़न से ध्यान हटाने के लिए भारत का नाम ले रहा है।

  • पेंटागन में अमेरिका-इज़राइल की गुप्त बैठक, ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई पर चर्चा

    पेंटागन में अमेरिका-इज़राइल की गुप्त बैठक, ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई पर चर्चा

    Pentagon meeting,
    नई दिल्ली। मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता जा रहा है, और अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच संभावित युद्ध की आशंका गहराती दिख रही है। इसी बीच पेंटागन में अमेरिका और इज़राइल के उच्च सैन्य अधिकारियों के बीच एक गुप्त बैठक हुई। बैठक के केंद्र में ईरान और उसके खिलाफ संभावित सैन्य कदम रहे।

    बैठक में कौन शामिल था
    रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी जनरल डैन केन और इज़राइली चीफ ऑफ स्टाफ आयल ज़मीर ने बीते शुक्रवार को बंद कमरे में चर्चा की। जमीर के वॉशिंगटन से लौटते ही इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ आपात बैठकें कीं। इसमें इज़राइल के रक्षा मंत्री काट्ज़, मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। अधिकारीयों ने संभावित सैन्य तैयारी और किसी भी आपात स्थिति का आकलन किया।

    संभावित कार्रवाई और क्षेत्रीय तनाव
    अमेरिकी अधिकारी ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। इससे पहले सऊदी अरब और यूएई जैसे मुस्लिम देश राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हमला न करने के लिए मना चुके थे। हालांकि, अब हमले की संभावना फिर से बढ़ रही है।

    ईरान की चेतावनी
    ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने रविवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका युद्ध छेड़ेगा, तो यह केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे क्षेत्र में फैल जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध शुरू नहीं करेगा और किसी पर हमला करने का इरादा नहीं रखता, लेकिन “ईरानी जनता उन पर करारा जवाब देगी, जो हमला या परेशान करने की कोशिश करेंगे।” इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन के नेतृत्व में नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ईरान के पास अमेरिका के साथ समझौते के लिए समय तेजी से समाप्त हो रहा है।

  • बारामती: अजित पवार के अंतिम संस्कार के बीच चोरों ने उठाया फायदा, 30 लाख के गहने चोरी!

    बारामती: अजित पवार के अंतिम संस्कार के बीच चोरों ने उठाया फायदा, 30 लाख के गहने चोरी!


    नई दिल्ली : महाराष्ट्र के बारामती में जब लाखों लोग अपने प्रिय नेता ‘अजित दादा’ को अंतिम विदाई देने पहुंचे थे, उसी दौरान इस दुखद मौके का फायदा उठाकर चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया. अंतिम संस्कार के दौरान सोने की चेन चोरी की चौंकाने वाली वारदात सामने आई है.28 जनवरी को राज्य के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का विमान दुर्घटना में दुखद निधन हुआ था. उनका बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान के मैदान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम दर्शन के लिए महाराष्ट्र के कोने-कोने से लाखों की संख्या में लोग बारामती पहुंचे थे और पूरे शहर में शोक का माहौल था.

    15 लोगों के गले से छीन ली गई चेन

    इसी भारी भीड़ का फायदा उठाते हुए चोरों के एक गिरोह ने लोगों को निशाना बनाया. जानकारी के मुताबिक, करीब 15 लोगों के गले से सोने की चेन चोरी कर ली गई. चोरी किए गए गहनों की कीमत लगभग 25 से 30 लाख रुपये आंकी जा रही है.इस बीच कुछ संदिग्ध चोरों को नागरिकों ने रंगे हाथों पकड़कर पकड़ लिया, जबकि कुछ आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया.

    8000 पुलिसकर्मी थे तैनात

    खास बात यह है कि उस दिन बारामती में करीब 8 हजार पुलिसकर्मी तैनात थे. इसके बावजूद इतनी बड़ी चोरी की घटना होने से पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.पीड़ित नागरिकों की शिकायत पर बारामती तालुका पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने मोहम्मद यूनुस राजकुमार आठवले, एजाज मिरावले, मोहम्मद सिराज, बालू बोत्रे सहित दो अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है.

    बारामती के लोगों में नाराजगी

    फिलहाल, सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है. एक तरफ जहां अजित पवार के अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद भावुक था, वहीं दूसरी ओर चोर लोगों के गले से सोने की चेन चोरी करने में लगे हुए थे. इस घटना से बारामती शहर में भारी नाराजगी फैल गई है.

  • साल 2026-27 के बजट में बांग्लादेश को आधी मदद, भूटान को बड़ी राशि, चाबहार परियोजना के लिए कोई आवंटन नहीं

    साल 2026-27 के बजट में बांग्लादेश को आधी मदद, भूटान को बड़ी राशि, चाबहार परियोजना के लिए कोई आवंटन नहीं


    नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत की विदेश सहायता नीति में कुछ बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। बांग्लादेश के लिए आवंटित राशि इस बार आधी कर दी गई है। जबकि भूटान को पिछले वर्ष से अधिक मदद दी जाएगी। वहीं, ईरान के चाबहार बंदरगाह परियोजना के लिए इस बार कोई फंड नहीं रखा गया।

    बांग्लादेश और पड़ोसी देशों को मदद

    इस वित्तीय वर्ष में बांग्लादेश को 60 करोड़ रुपये सहायता के रूप में आवंटित किए गए हैं, जबकि 2025-26 में यह राशि 120 करोड़ रुपये थी। संशोधित अनुमान के अनुसार पिछली बार यह राशि 34.48 करोड़ रुपये रह गई थी। भूटान को सबसे अधिक मदद के रूप में 2,288 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। नेपाल को 800 करोड़ रुपये, जबकि मालदीव और मॉरीशस को 550-550 करोड़ रुपये की सहायता मिल रही है।

    चाबहार परियोजना के लिए कोई फंड नहीं

    चाबहार बंदरगाह परियोजना, जिसमें भारत पिछले वर्षों से 100 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष निवेश करता आया है, इस बार बजट में शामिल नहीं है। यह बंदरगाह अफगानिस्तान और मध्य एशिया के साथ व्यापारिक संपर्क के लिए अहम माना जाता है और ओमान की खाड़ी के मुहाने पर स्थित है। विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण इस बार चाबहार को कोई आवंटन नहीं दिया गया।अमेरिका द्वारा पिछले वर्ष सितंबर में ईरान पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों के तहत भारत को चाबहार परियोजना पर छह महीने की छूट दी गई थी, जो 26 अप्रैल को समाप्त होने वाली है।

    विदेश मंत्रालय का बजट
    विदेश मंत्रालय के लिए 2026-27 के बजट में कुल 22,118 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं, जो चालू वित्त वर्ष के 21,742 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान और 20,516 करोड़ रुपये के मूल अनुमान से अधिक है। विदेश साझेदारी विकास मद में कुल 6,997 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जिसमें करीब 4,548 करोड़ रुपये निकटवर्ती पड़ोसी देशों के लिए निर्धारित हैं। इस राशि का उपयोग पनबिजली संयंत्र, बिजली पारेषण लाइनों, आवास, सड़क और पुल जैसी बड़ी परियोजनाओं से लेकर छोटे पैमाने पर सामुदायिक विकास कार्यों तक किया जाएगा। लातिन अमेरिकी देशों के लिए कुल सहायता 120 करोड़ रुपये तय की गई है।

  • टी20 वर्ल्ड कप 2026: पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच से हट गया, राशिद लतीफ बोले- 'बहुत पैसा दांव पर है'

    टी20 वर्ल्ड कप 2026: पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच से हट गया, राशिद लतीफ बोले- 'बहुत पैसा दांव पर है'


    नई दिल्ली। 15 फरवरी को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में होने वाले भारत-पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले से पाकिस्तान ने खुद को हटा लिया है। इस फैसले पर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने प्रतिक्रिया दी। उनका मानना है कि यह कदम भविष्य में नई बातचीत का रास्ता खोल सकता है। राशिद लतीफ के अनुसार, टीम का भारत के खिलाफ मैच में शामिल न होना पहले से ही संभावना में था। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक और आर्थिक हित सभी पक्षों को बातचीत की मेज पर ला सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, “इसमें बहुत सारा पैसा दांव पर लगा है।”

    पाकिस्तान की आधिकारिक स्थिति
    पाकिस्तान सरकार ने टीम को टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भाग लेने की अनुमति दी है, लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच में टीम मैदान पर नहीं उतरेगी। सरकार ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट के माध्यम से बयान जारी किया और कहा कि यह निर्णय फाइनल है।

    वास्तविक कारण और रणनीति
    सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान का यह कदम बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाने की कोशिश हो सकती है। बांग्लादेश को सुरक्षा कारणों के चलते भारत के बाहर अपने मैचों को स्थानांतरित करने की अनुमति नहीं मिली थी, जिसके बाद उन्हें पुरुष टी20 वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया गया। ग्रुप-सी में अब बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया है। इस फैसले से पहले पीसीबी के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी, जिसमें टीम की टी20 वर्ल्ड कप में भागीदारी पर अंतिम निर्णय 30 जनवरी या 2 फरवरी को लेने की बात हुई थी। हालांकि, यह निर्णय एक दिन पहले ही सार्वजनिक कर दिया गया।

    राशिद लतीफ की टिप्पणी

    पूर्व कप्तान ने कहा कि टीम को भारत के खिलाफ मैच से दूरी बनाने के संभावित प्रतिबंधों का एहसास है। उनका मानना है कि अब बातचीत शुरू हो सकती है, खासकर ब्रॉडकास्टर्स और अन्य व्यावसायिक पक्षों के शामिल होने के बाद।  15 फरवरी को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में होने वाले भारत-पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले से पाकिस्तान ने खुद को हटा लिया है। इस फैसले पर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने प्रतिक्रिया दी। उनका मानना है कि यह कदम भविष्य में नई बातचीत का रास्ता खोल सकता है। राशिद लतीफ के अनुसार, टीम का भारत के खिलाफ मैच में शामिल न होना पहले से ही संभावना में था। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक और आर्थिक हित सभी पक्षों को बातचीत की मेज पर ला सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, “इसमें बहुत सारा पैसा दांव पर लगा है।”

    पाकिस्तान की आधिकारिक स्थिति
    पाकिस्तान सरकार ने टीम को टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भाग लेने की अनुमति दी है, लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच में टीम मैदान पर नहीं उतरेगी। सरकार ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट के माध्यम से बयान जारी किया और कहा कि यह निर्णय फाइनल है।

    वास्तविक कारण और रणनीति
    सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान का यह कदम बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाने की कोशिश हो सकती है। बांग्लादेश को सुरक्षा कारणों के चलते भारत के बाहर अपने मैचों को स्थानांतरित करने की अनुमति नहीं मिली थी, जिसके बाद उन्हें पुरुष टी20 वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया गया। ग्रुप-सी में अब बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया है। इस फैसले से पहले पीसीबी के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी, जिसमें टीम की टी20 वर्ल्ड कप में भागीदारी पर अंतिम निर्णय 30 जनवरी या 2 फरवरी को लेने की बात हुई थी। हालांकि, यह निर्णय एक दिन पहले ही सार्वजनिक कर दिया गया।

    राशिद लतीफ की टिप्पणी
    पूर्व कप्तान ने कहा कि टीम को भारत के खिलाफ मैच से दूरी बनाने के संभावित प्रतिबंधों का एहसास है। उनका मानना है कि अब बातचीत शुरू हो सकती है, खासकर ब्रॉडकास्टर्स और अन्य व्यावसायिक पक्षों के शामिल होने के बाद।

  • एक महीने से बीमार महिला की अस्पताल में मौत, परिवार ने दूषित पानी को जिम्मेदार ठहराया

    एक महीने से बीमार महिला की अस्पताल में मौत, परिवार ने दूषित पानी को जिम्मेदार ठहराया


    इंदौर।
    देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शुमार है लेकिन भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल की वजह से लोगों की जान अब भी खतरे में है ताजा जानकारी के अनुसार 65 वर्षीय अनीता कुशवाह नाम की महिला, जो एक महीने से बीमार थीं, अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ गईं परिवार का आरोप है कि दूषित पानी पीने की वजह से उनकी सेहत बिगड़ी थी

    इस घटना के साथ दूषित पानी से जुड़ी मौतों का आंकड़ा बढ़कर 32 हो गया है इस मामले में अब तक 450 से ज्यादा मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं लेकिन तीन मरीज अब भी अस्पताल में भर्ती हैं जिनमें से दो की हालत गंभीर है और वे आईसीयू में हैंभागीरथपुरा में पानी की समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है नगर निगम ने अब तक बस्ती के केवल 30 प्रतिशत हिस्से में नई नर्मदा लाइन बिछाई है जबकि बाकी लोग टैंकरों के भरोसे हैं दूषित पानी के डर से लोग नल या टैंकर का पानी पीने से कतराते हैं जो सक्षम हैं वे बाहर से बोतलबंद पानी खरीदकर पी रहे हैं वहीं कुछ लोग उबला या RO पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं

    इस संकट ने इलाके के लोगों की जिंदगी कठिन बना दी है और स्वास्थ्य सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं नगर निगम और प्रशासन को जल्द ही पूरे इलाके में सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था करना आवश्यक हो गया है ताकि और मौतों और बीमारियों को रोका जा सके स्थानीय लोग लगातार प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि पूरे इलाके में नर्मदा लाइन की आपूर्ति पूरी की जाए और पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए जिससे पीने योग्य पानी उपलब्ध हो सके वर्तमान हालात में जनता को टैंकर और बोतलबंद पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है