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  • भारतीय लुटेरे बयान पर सियासत गरमाई: BJP ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पर किया हमला, कांग्रेस पर इतिहास तोड़ने का आरोप

    भारतीय लुटेरे बयान पर सियासत गरमाई: BJP ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पर किया हमला, कांग्रेस पर इतिहास तोड़ने का आरोप


    नई दिल्ली। पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के एक बयान ने राजनीतिक गलियारे में हलचल पैदा कर दी है। अंसारी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि इतिहास में जिन “विदेशी आक्रांताओं” को लाया जाता है, उन्हें असल में भारतीय लुटेरे माना जाना चाहिए। उन्होंने इस संदर्भ में महमूद गजनवी और लोदी वंश जैसे आक्रमणकारियों का उदाहरण भी दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया।

    BJP का कड़ा रुख
    बीजेपी ने इस बयान को देश की भावनाओं के खिलाफ करार दिया और इसे “बीमार मानसिकता” बताया।

    पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुदांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह वक्तव्य इतिहास और देश की स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाला है।

    उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं को भारत की मिट्टी में जन्मा लुटेरा बताना देश की बदनामी का कारण बनता है और ऐसे बयान से भ्रम फैलता है।

    कांग्रेस पर आरोपों की झड़ी
    बीजेपी के नेताओं ने सीधे कांग्रेस को निशाना बनाया।

    शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर दावा किया कि कांग्रेस और उसके समर्थक उन आक्रांताओं की महिमा मंडित करते हैं जिन्होंने मंदिरों को नष्ट किया।

    प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करती है और आक्रांताओं के कृत्यों को नजरअंदाज करती है। उन्होंने कांग्रेस को ‘आधुनिक मुस्लिम लीग’ भी कहा।

    BJP का तर्क: इतिहास तोड़ा जा रहा है
    BJP प्रवक्ता सुदांशु त्रिवेदी ने कहा कि मुगल शासक बगदाद के खलीफा के नाम पर शासन करते थे, जैसे ब्रिटिश वायसराय ब्रिटिश राजाओं के प्रतिनिधि होते थे।
    उनका कहना है कि अंसारी का यह बयान देश की भावना के खिलाफ और भ्रम फैलाने वाला है।
    इस मामले ने बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक घमासान बढ़ा दिया है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और यह विवाद अभी भी जारी है।

  • जबलपुर–दमोह फोरलेन पर बस्ती का बवाल, NHAI कार्यालय घेरा, करणी सेना ने 15 दिन में फैसला मांगा

    जबलपुर–दमोह फोरलेन पर बस्ती का बवाल, NHAI कार्यालय घेरा, करणी सेना ने 15 दिन में फैसला मांगा



    जबलपुर। जबलपुर–दमोह NH-34 को टू-लेन से फोरलेन करने की योजना के विरोध में बोरिया बस्ती के ग्रामीणों ने शुक्रवार को सड़क पर उतरकर NHAI कार्यालय का घेराव किया। करणी सेना के कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय नागरिक भी प्रदर्शन में शामिल रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि बस्ती के 50 से अधिक घर फोरलेन के लिए ध्वस्त हो सकते हैं, जिससे 150 से अधिक लोग बेघर होने की कगार पर हैं।
    करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग प्रताप राघव ने NHAI को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में प्रभावितों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा, जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर प्रशासनिक दफ्तरों तक आंदोलन बढ़ाया जाएगा। क्षेत्रीय विधायक और स्थानीय मंत्री ग्रामीणों के समर्थन में नहीं खड़े हुए, इसलिए करणी सेना ने मोर्चा संभाला है।

    ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें उजाड़ा जा रहा है, जो पूरी तरह अन्याय है। महिलाओं ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि वर्षों से बसे परिवारों को हटाने से पहले प्रशासन को पुनर्वास और वैकल्पिक इंतजामों की ठोस योजना प्रस्तुत करनी चाहिए।

    ग्रामीणों की मुख्य मांगें
    प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक पुनर्वास की व्यवस्था हो
    जमीन अधिग्रहण पर तत्काल रोक
    प्रभावितों को साथ लेकर प्रोजेक्ट के विकल्पों पर चर्चा
    सड़क के सेंटर से दोनों तरफ बराबर भूमि अधिग्रहण किया जाए
    बोरिया गांव के सतिश पटेल ने कहा कि वर्तमान में 70 फीट की सड़क को 150 फीट करने की योजना है, लेकिन सड़क एक तरफ चौड़ी की जा रही है, जिससे 70 मकान प्रभावित हो रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि रोड सेंटर से दोनों तरफ बराबर अधिग्रहण किया जाए या बस्ती वाले क्षेत्र में सड़क चौड़ाई को घटाकर 120 फीट किया जाए। साथ ही प्रभावितों को मुआवजे के साथ घर बनाने के लिए जमीन भी दी जाए।

    सुनीता बर्मन ने कहा कि यदि उनका घर टूटता है तो वे पूरी तरह से बर्बाद हो जाएँगी, क्योंकि परिवार में बुजुर्ग ही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क के विरोध में नहीं हैं, लेकिन सरकार को यह देखना चाहिए कि किसी को बेघर न किया जाए।

    NHAI का जवाब
    NHAI प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत लाल साहू ने कहा कि फोरलेन के लिए 150 फीट भूमि अधिग्रहण का नियम है। बोरिया और आसपास के गांवों में बायपास का प्रावधान नहीं है, इसलिए मुख्य मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर फ्लाईओवर भी बनाया जाएगा। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि जनता की मांग पर विचार किया जाएगा और वैकल्पिक विकल्पों पर काम किया जाएगा।
  • 30 जनवरी 2026 पंचांग: माघ शुक्ल पक्ष द्वादशी आज, धन की देवी माँ लक्ष्मी की कृपा पाने का शुभ दिन

    30 जनवरी 2026 पंचांग: माघ शुक्ल पक्ष द्वादशी आज, धन की देवी माँ लक्ष्मी की कृपा पाने का शुभ दिन


    नई दिल्ली। आज 30 जनवरी 2026 शुक्रवार का दिन है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार आज माघ माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। शुक्रवार का दिन होने के कारण आज का महत्व और बढ़ गया है, क्योंकि यह दिन सुख, समृद्धि और वैभव की देवी माँ लक्ष्मी को समर्पित है। आज के दिन शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना करने से आर्थिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।

    आज के शुभ मुहूर्त

    आज के दिन किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अभिजीत मुहूर्त सबसे उत्तम माना जाता है।

    अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:18 से 01:01 तक

    अमृत काल: शाम 06:18 से 07:46 तक

    ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 05:35 से 06:23 तक

    सावधान: आज के अशुभ काल

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल जैसे अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्यों को टालना चाहिए।

    राहूकाल: सुबह 11:17 से दोपहर 12:40 तक

    यम गण्ड: दोपहर 03:24 से शाम 04:46 तक

    कुलिक: सुबह 08:33 से 09:55 तक

    दुर्मुहूर्त: सुबह 09:22 से 10:06 तक और दोपहर 01:01 से 01:45 तक

    सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
    सूर्योदय: सुबह 07:11 बजे

    सूर्यास्त: शाम 06:08 बजे

    नक्षत्र: आज आर्द्रा और पुनर्वसु नक्षत्र का योग बन रहा है, जो बौद्धिक कार्यों के लिए अनुकूल है।

    आज का विशेष उपाय

    शुक्रवार और द्वादशी का संयोग होने के कारण आज शाम लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें और गाय को ताजी रोटी में गुड़ मिलाकर खिलाएं। इससे भाग्य में वृद्धि होती है और अटके हुए कार्य पूरे होते हैं।

  • BCCI अध्यक्ष चुनाव: गोविंद गोयल ने किया बड़ा दावा, चैंबर बनेगा व्यापारियों की आवाज पार्किंग से लॉजिस्टिक हब तक फोकस

    BCCI अध्यक्ष चुनाव: गोविंद गोयल ने किया बड़ा दावा, चैंबर बनेगा व्यापारियों की आवाज पार्किंग से लॉजिस्टिक हब तक फोकस



    भोपाल। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (BCCI) के 1 फरवरी को अध्यक्ष सहित चुनाव होंगे, जबकि 2 फरवरी को नतीजे घोषित होंगे। चुनाव प्रचार में अब तेजी आ गई है और उन्नति पैनल के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार गोविंद गोयल शहर के बाजारों, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के बीच सक्रिय संपर्क में हैं।
    गोयल का दावा है कि उनकी अध्यक्षता में चैंबर सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि व्यापारियों की सशक्त आवाज बनेगा।

    गोयल ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर व्यापारियों को चैंबर की भविष्य की दिशा से अवगत कराया है। उनके संकल्प पत्र में पुराने शहर के बाजारों की पार्किंग समस्या का स्थायी समाधान प्रमुख रूप से शामिल है। इसके लिए मैकेनाइज्ड और मल्टीलेवल पार्किंग विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है।

    साथ ही गोयल ने भोपाल को राष्ट्रीय स्तर का लॉजिस्टिक हब बनाने, थोक फार्मा और मेडिकल ट्रेड का केंद्र विकसित करने, और बैरागढ़ को टेक्सटाइल हब के रूप में ब्रांडिंग करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए चैंबर को उनके लिए “लड़ने वाली संस्था” बनाया जाएगा।

    गोयल ने कहा कि वे पिछले पांच दशकों से व्यापार, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय हैं और हमेशा व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए आगे बढ़ते रहे हैं। उन्होंने सराफा व्यापारियों की समस्याओं और ट्रांसपोर्टर्स पर लगे 123 करोड़ रुपये के जुर्माने जैसे मुद्दों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है।

    उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर व्यापारियों ने उन्हें मौका दिया तो वह पूरे जोश और ऊर्जा के साथ काम करेंगे और व्यापारिक चुनौतियों के समाधान के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे।

    उन्नति पैनल की पूरी टीम
    उन्नति पैनल में अध्यक्ष गोविंद गोयल, उपाध्यक्ष अरविंद जैन, आदित्य जैन मन्या, अमित गोयल, महामंत्री विनोद जैन (MPT), मंत्री अजय देवनानी, संजीव जैन, सुनील जैन, कोषाध्यक्ष प्रदीप सेवानी, सह कोषाध्यक्ष हेमंत अग्रवाल, अतिरिक्त कोषाध्यक्ष अमित कुमार बिंदल शामिल हैं।

    कार्यकारिणी के लिए दीपक दुबे, राजेश गुप्ता, अमित जैन, कृष्ण गोपाल मुखरैया, मनोज कुमार साहू, कमल भंडारी, सचिन जैन, तेजेंद्र चावला, अनिल मिश्रा, अखिलेश मित्तल, वात्सायन जैन, भरत गुप्ता, आदित्य सिंघई, सुलभ मित्तल, जवाहर कोटवानी, स्मिथ जैन और अभिषेक जैन उम्मीदवार हैं।

    पहली बार टेंडर वोटिंग, 22 वोट डाले गए
    इस बार चैंबर चुनाव में पहली बार टेंडर वोटिंग और उम्मीदवारों के फोटो वाले मतपत्र का प्रावधान किया गया है।

    मुख्य चुनाव अधिकारी एडवोकेट पी.सी. कोठारी ने बताया कि 1 फरवरी को अनुपलब्ध रहने वाले मतदाताओं के लिए टेंडर वोटिंग की सुविधा दी गई, जिसमें 22 वोट डाले गए।

    चुनाव के लिए लगभग 170 सदस्यों की टीम तैनात की गई है। वोटिंग और काउंटिंग पॉलीटेक्निक कॉलेज चौराहा स्थित मानस भवन में होगी। गोविंद गोयल के सामने पूर्व अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली भी अध्यक्ष पद के उम्मीदवार हैं, जिन्होंने अपना घोषणा पत्र जारी किया है।

  • केन्द्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने किए बाबा महाकाल के दर्शन, भस्म आरती में हुए शामिल

    केन्द्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने किए बाबा महाकाल के दर्शन, भस्म आरती में हुए शामिल


    उज्जैन। केन्द्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना शुक्रवार तड़के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। उन्होंने बाबा महाकाल की सुप्रसिद्ध भस्म आरती में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ लिया और देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

    विधि-विधान से की पूजा-अर्चना

    सुबह होने वाली भस्म आरती के दौरान केन्द्रीय मंत्री सोमन्ना मंदिर के नंदी हॉल में मौजूद रहे। आरती के पश्चात उन्होंने गर्भगृह की दहलीज से भगवान महाकालेश्वर का पूजन-अभिषेक किया। मंदिर के पुजारियों ने उन्हें विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई और बाबा महाकाल का आशीर्वाद स्वरूप प्रसाद व स्मृति चिह्न भेंट किया।

    उज्जैन आगमन और दर्शन

    केन्द्रीय मंत्री वी. सोमन्ना अपनी धार्मिक यात्रा के तहत उज्जैन पहुंचे थे। दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं और वहां चल रहे विकास कार्यों की भी सराहना की। गौरतलब है कि उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु और विशिष्ट अतिथि दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

  • शेयर में निवेश का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार साइबर अपराधियों को खाते बेचने का भी था काम

    शेयर में निवेश का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार साइबर अपराधियों को खाते बेचने का भी था काम


    नई दिल्ली। क्राइम ब्रांच ने शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों को ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों का कारोबार मंदसौर जिले के भावगढ़ से संचालित होता था। ये लोग अपने नाम से बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर अपराधियों को बेचते थे, जिनके जरिए देशभर में ठगी के पैसों का लेन-देन किया जाता था।

    क्या था मामला?
    मिसरौद निवासी सुनील वर्मा (परिवर्तित नाम) ने 4 अगस्त 2024 को साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई।

    उन्होंने बताया कि एक फर्जी ‘स्टॉक एप्लीकेशन’ के माध्यम से उन्हें शेयर मार्केट में निवेश करने और कई गुना लाभ दिलाने का झांसा दिया गया।
    इस जाल में फंसकर उन्होंने 9,91,900 रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब ठगी का अहसास हुआ, तब उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
    कैसे पकड़े आरोपी?
    साइबर क्राइम टीम ने तकनीकी जांच, बैंक खातों के विवरण और मोबाइल नंबरों की जांच की। जांच की कड़ियाँ मंदसौर जिले तक पहुंचीं। पुलिस टीम ने ग्राम भावगढ़ में दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
    उनकी पहचान गुलशेर खान और रजनीश बारेठ के रूप में हुई।

    पुलिस ने इनके पास से 2 मोबाइल फोन और 2 सिम कार्ड भी जब्त किए हैं। जांच में पता चला है कि इनके द्वारा बेचे गए बैंक खातों का उपयोग देश के अन्य राज्यों में भी धोखाधड़ी के लिए किया गया था। पुलिस फिलहाल इनके अन्य साथियों की तलाश कर रही है।

    ऐसे बचें ठगी का शिकार होने से (महत्वपूर्ण सुझाव)
    टास्क/लाइक-रेटिंग के नाम पर पैसे देने से बचें:
    यूट्यूब सब्सक्राइब, इंस्टा पेज लाइक करने या रेटिंग देने के बदले पैसे मांगने वाली योजनाएं 100% धोखाधड़ी होती हैं। शुरुआत में 50-100 रुपए भेजाकर भरोसा जीतते हैं, फिर बड़े निवेश के नाम पर लाखों ठग लेते हैं।

    फर्जी प्रॉफिट से सावधान रहें:
    ऐप या वेबसाइट पर दिखाया गया ‘प्रॉफिट’ केवल डिजिटल भ्रम है। निकालने के लिए ‘टैक्स’ या ‘प्रोसेसिंग फीस’ के नाम पर और पैसे मांगे जाते हैं।

    गोपनीय जानकारी साझा न करें:
    बैंक या KYC के नाम पर आने वाले कॉल पर OTP, CVV, पासवर्ड या PIN कभी न बताएं। बैंक कभी फोन पर ऐसी जानकारी नहीं मांगता।

    रिमोट एक्सेस ऐप्स से दूरी बनाए रखें:
    AnyDesk या TeamViewer जैसे ऐप्स बिना जरूरत न रखें। इनके जरिए ठग आपके फोन का पूरा कंट्रोल ले लेते हैं।
    अनजान नंबर से वीडियो कॉल रिसीव न करें:
    इससे ‘सेक्स्टॉर्शन’ और ब्लैकमेलिंग का खतरा बढ़ जाता है।

  • नरसिंहपुर में दरिंदगी: बचई के जंगल में 12वीं की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म, 8 आरोपियों पर FIR दर्ज

    नरसिंहपुर में दरिंदगी: बचई के जंगल में 12वीं की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म, 8 आरोपियों पर FIR दर्ज


    नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। जिले के मुंगवानी थाना क्षेत्र अंतर्गत बचई के जंगलों में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। मानवता को शर्मसार करने वाली यह घटना करीब एक महीने पुरानी बताई जा रही है जिसका खुलासा अब पीड़िता की शिकायत के बाद हुआ है।

    एक महीने बाद हुआ खुलासा

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घिनौनी वारदात करीब एक माह पूर्व हुई थी। लोक-लाज और आरोपियों के डर के कारण पीड़ित पक्ष ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। हालांकि, अब साहस जुटाते हुए छात्रा और उसके परिजनों ने मुंगवानी थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

    8 आरोपियों पर केस दर्ज, अधिकांश हिरासत में

    पुलिस ने पीड़िता के बयानों और मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की है आरोपियों की संख्या: कुल 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिनमें 7 नामजद और एक अज्ञात शामिल है। सख्त धाराएं आरोपियों के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट, एससी-एसटी एक्ट और सामूहिक दुष्कर्म सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अधिकांश आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

    जंगल में ले जाकर की दरिंदगी

    शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने छात्रा को बचई क्षेत्र के सुनसान जंगल में ले जाकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया था। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने घटना का कोई वीडियो बनाया था या छात्रा को किसी अन्य तरीके से ब्लैकमेल किया जा रहा था।

  • बालाघाट में भीषण सड़क हादसा: क्रेटा और बाइक की सीधी भिड़ंत, बिजली विभाग के दो कर्मियों की मौके पर मौत

    बालाघाट में भीषण सड़क हादसा: क्रेटा और बाइक की सीधी भिड़ंत, बिजली विभाग के दो कर्मियों की मौके पर मौत


    बालाघाट/किरनापुर। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। किरनापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम परसवाड़ा में देव नदी के पुल के पास एक तेज रफ्तार क्रेटा कार और बाइक के बीच हुई जोरदार भिड़ंत में दो युवकों की जान चली गई। मृतक बिजली विभाग में संविदा/ठेकेदारी पर कार्यरत थे और ड्यूटी पर जा रहे थे।

    आमने-सामने की टक्कर से फैला सन्नाटा प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेखलाल पंद्रे 28 वर्ष, निवासी बोरबन जामडीमेटा और संजय पुसाम 29 वर्ष, निवासी साकरीटोला रोजाना की तरह अपनी बाइक पर सवार होकर वारासिवनी तहसील मुख्यालय काम के लिए जा रहे थे। सुबह करीब 11 बजे जैसे ही वे देव नदी पुल के समीप पहुंचे, सामने से आ रही तेज रफ्तार क्रेटा कार क्रमांक MP 50 C 7714 ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

    हादसे के मुख्य बिंदु

    मृतक रेखलाल पंद्रे और संजय पुसाम। घटनास्थल ग्राम परसवाड़ा, देव नदी पुल के पास, किरनापुर। वाहन बाइक और क्रेटा कार की आमने-सामने भिड़ंत।पेशा दोनों युवक बिजली विभाग में ठेकेदारी का कार्य करते थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही किरनापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद मृतकों के परिजनों और बिजली विभाग के कर्मचारियों में शोक की लहर है।

  • प्रेम बाईसा की मौत:सनातनी साध्वी को परेशान करने की साजिश, BJP विधायक का CBI जांच का समर्थन, राजनीति और आस्था दोनों में उठे सवाल

    प्रेम बाईसा की मौत:सनातनी साध्वी को परेशान करने की साजिश, BJP विधायक का CBI जांच का समर्थन, राजनीति और आस्था दोनों में उठे सवाल


    नई दिल्ली। कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर हलचल मचा दी है। अब इस मामले में बीजेपी विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने भी सीबीआई जांच की मांग का समर्थन किया है और कहा है कि भक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह मांग जायज़ है।

    बालमुकुंद आचार्य का बयान
    जयपुर की हवा महल सीट से बीजेपी विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि वे आज ही राज्य के गृह राज्य मंत्री को पत्र सौंपेंगे और जांच की मांग को औपचारिक रूप देंगे।

    बालमुकुंद आचार्य ने यह भी कहा कि कुछ महीने पहले साध्वी के वीडियो और ब्लैकमेलिंग के मामले को भी इस जांच से जोड़कर देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि यह पता लगाना जरूरी है कि सनातनी साध्वी को परेशान करने के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी।

    हालांकि  उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में राजस्थान पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। लेकिन अगर परिवार और भक्त संतुष्ट नहीं हैं, तो सीबीआई जांच पर विचार किया जाना चाहिए।

    राज्य के गृह राज्य मंत्री का बयान
    राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने जोधपुर में कहा कि साध्वी प्रेम बाईसा सनातन धर्म की प्रचारक थीं। उनकी मौत के बारे में कई तरह की बातें सामने आ रही हैं।
    परिवार का कहना है कि गलत इंजेक्शन लगाया गया, जबकि अस्पताल का दावा है कि वह मृत अवस्था में लाई गईं। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर चर्चाएँ तेज हैं।

    उन्होंने कहा कि पुलिस सभी बिंदुओं की जांच कर रही है और ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ किया जाएगा।
    उन्होंने यह भी कहा कि जांच निष्पक्ष, स्पष्ट और बिना किसी दबाव के होगी। परिवार की सहमति से पोस्टमार्टम भी किया गया है, लेकिन रिपोर्ट अभी उनके पास नहीं आई है।

    मामले की संवेदनशीलता
    साध्वी प्रेम बाईसा के भक्तों की आस्था उनके प्रति होना स्वाभाविक है। ऐसे में इस मामले में स्पष्टता और निष्पक्षता की मांग बढ़ रही हैपुलिस जांच के बाद ही इस मामले का असली सच सामने आएगा।

  • ये हमारे हनुमान हैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान, संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए बनेगी विशेष समिति

    ये हमारे हनुमान हैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान, संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए बनेगी विशेष समिति


    भोपाल । मध्य प्रदेश के लाखों संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संविदा कर्मचारियों के हितों में एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए उन्हें ‘सरकार का हनुमान’ बताया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले इन कर्मचारियों को नियमित पदों पर नियुक्ति के उचित अवसर प्रदान किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2023 की संविदा नीति के सभी प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार संविदा कर्मचारियों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी जायज मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जा रहा है।

    समिति का होगा गठन, मजदूर संघ भी होगा शामिल

    नियमितीकरण की प्रक्रिया और अन्य सेवा शर्तों को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय समिति बनाने का निर्णय लिया है समिति के सदस्य: इसमें सामान्य प्रशासन विभाग और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा। कार्य यह समिति संविदा कर्मचारियों से जुड़े सभी तकनीकी विषयों और नीतिगत बाधाओं पर विचार कर अपनी रिपोर्ट देगी जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

    2023 की नीति का होगा पालन

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि 2023 में बनाई गई संविदा नीति के लाभ प्रत्येक पात्र कर्मचारी तक पहुँचने चाहिए। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मचारियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी सरकार की योजनाओं को जमीन पर उतारा है, इसलिए उन्हें उनका हक मिलना ही चाहिए।