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  • MP: रायसेन में आसमान से विदेशी मशीन गिरने से मची अफरा-तफरी… जानें क्या है पूरा मामला?

    MP: रायसेन में आसमान से विदेशी मशीन गिरने से मची अफरा-तफरी… जानें क्या है पूरा मामला?


    रायसेन।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के रायसेन जिले (Raisen district) के एक गांव में मलेशिया के वायुमंडलीय डेटा संग्रह उपकरण रेडियो-सोंडे (Atmospheric Data Collection Instrument Radio-Sonde) के गिरने से कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। इस मामले की जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि जिला मुख्यालय से 80 किलोमीटर दूर बेगमगंज क्षेत्र के ग्राम मरखंडी के एक रिहायशी इलाके में बुधवार शाम आसमान से यह रेडियो-सोंडे गिरा, जिसे संदिग्ध यंत्र समझकर और किसी अनहोनी की आशंका के मद्देनजर ग्रामीणों ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी।

    बेगमगंज की अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (SDOP) सोनल गुप्ता ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और यंत्र को जब्त कर लिया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह कोई विस्फोटक नहीं बल्कि मौसम विज्ञान में इस्तेमाल होने वाला रेडियो-सोंडे उपकरण है। गुप्ता ने बताया इस उपकरण पर स्पष्ट रूप से मलेशिया मौसम विज्ञान विभाग लिखा हुआ है, जो यह दर्शाता है कि यह मलेशिया मूल का है।

    पुलिस का मानना है कि ऊपरी वायुमंडल की तेज हवाओं और जेट स्ट्रीम के कारण यह हजारों किलोमीटर का सफर तय कर भारत पहुंचा है। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी उपकरण को न छुएं और तुरंत पुलिस को सूचना दें। अधिकारी ने बताया कि यंत्र के गिरने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और वे घबराहट में अपने घर छोड़कर इधर-उधर दूर खेतों की ओर भागने लगे।

    रेडियो-सोंडे वायुमंडलीय डेटा संग्रह का एक महत्वपूर्ण उपकरण है। इसमें हाइड्रोजन से भरे गुब्बारों का उपयोग किया जाता है, जो पृथ्वी की सतह से करीब 15-20 किलोमीटर ऊपर वायुमंडलीय दाब, तापमान, हवा की दिशा और गति को रिकॉर्ड कर रेडियो संकेतों के माध्यम से डेटा प्रेषित करता है। पुलिस के मुताबिक इस प्रकार के गुब्बारे अक्सर ‘प्रस्थान बिंदु’ से सैकड़ों किलोमीटर दूर गिरते हैं और इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं है।

  • MP: इंदौर में नहाते वक्त महीनेभर में दो युवकों की संदिग्ध मौत…. PM रिपोर्ट से हुआ चौकाने वाला खुलासा

    MP: इंदौर में नहाते वक्त महीनेभर में दो युवकों की संदिग्ध मौत…. PM रिपोर्ट से हुआ चौकाने वाला खुलासा


    इंदौर।
    अगर आप भी किसी ऐसे व्यक्ति, परिवार या संस्था को जानते हैं, जिनके यहां पर नहाते समय गर्म पानी करने के लिए गैस गीजर का उपयोग किया जाता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर शहर (Indore City) में एक माह के भीतर दो ऐसे दर्दनाक मामले सामने आए हैं, जिनमें बाथरूम (Bathroom) बंद करके नहा रहे दो युवकों की अलग-अलग घटनाओं में मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर चिकित्सकों और परिजनों को मौत का कारण दिल का दौरा (हार्ट अटैक- Heart attack) लगा, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने चौंकाने वाला सच उजागर कर दिया।


    हार्ट अटैक से नहीं इस वजह से हुई थी मौत

    पीएम रिपोर्ट में सामने आया कि दोनों युवकों की मौत गैस गीजर से निकली जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण हुई थी। दोनों मृतकों की उम्र करीब 20 साल थी और उन्हें किसी भी प्रकार की गंभीर बीमारी भी नहीं थी। जानकारी के अनुसार, एक युवक अपने दोस्त के घर पर रह रहा था, जबकि दूसरा अपने परिवार के साथ रहता था। घटना के बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग में शवों का पोस्टमार्टम किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. बी.के. सिंह और सहायक प्राध्यापक डॉ. अंकित पी.जैन ने बताया कि मौत का स्पष्ट कारण गैस गीजर से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस थी।


    कार्बन मोनोऑक्साइड की वजह से सांस नहीं फूलती

    विशेषज्ञों के मुताबिक, जब बंद जगह में गैस गीजर चलाया जाता है और वहां ताजी हवा नहीं आने से ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। ऐसी स्थिति में कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी अत्यंत जहरीली गैस बनने लगती है, जो बेहद खतरनाक होती है। डॉक्टरों ने बताया कि यह गैस न तो दिखाई देती है और न ही इसकी कोई गंध होती है। यहां तक कि इसे ले रहे व्यक्ति को सांस फूलने या घबराहट का अहसास भी नहीं होता। ऐसे में कुछ ही मिनटों में वह बेहोश हो जाता है और समय पर मदद न मिलने पर उसकी मौत हो सकती है। पोस्टमार्टम के दौरान कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से हुई मौत में शव पर पिंक हाइपोस्टेसिस और शरीर के अंगों का गुलाबी रंग दिखाई देता है।


    वेंटिलेशन की कमी बनी मौत की वजह

    विशेषज्ञों का कहना है कि बंद बाथरूम में गैस गीजर का उपयोग और वेंटिलेशन (हवा आने-जाने) की कमी ऐसे हादसों का मुख्य कारण है। इससे पहले भी इंदौर में इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। करीब छह माह पहले 24 वर्षीय युवती की मौत भी गैस गीजर से निकलने वाली जहरीली गैस के कारण हुई थी। जागरूकता की कमी लोगों की जान पर भारी पड़ रही है।


    इन सावधानियों का जरूर करें पालन

    – गैस गीजर को बाथरूम या बंद कमरे में न लगवाएं। इसे बालकनी, छत या खुले स्थान पर लगाएं।
    – यदि बाथरूम में गैस गीजर लगा हो तो नहाते समय दरवाजा या खिड़की खुली रखें।
    – केवल उच्च गुणवत्ता और भारतीय मानक प्रमाणित गैस गीजर का ही उपयोग करें।
    – गीजर लगवाते समय यह सुनिश्चित करें कि तकनीशियन द्वारा उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था की गई हो।

  • WPL 2026: RCB ने फाइनल में किया कब्जा, यूपी वॉरियर्स को 8 विकेट से हराकर लीग स्टेज में 6वीं जीत

    WPL 2026: RCB ने फाइनल में किया कब्जा, यूपी वॉरियर्स को 8 विकेट से हराकर लीग स्टेज में 6वीं जीत


    बेंगलुरु। 2026 स्मृति मंधाना की कप्तानी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने यूपी वॉरियर्स को 8 विकेट से हराकर WPL 2026 के लीग स्टेज में अपना 6वां मैच जीत लिया और फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

    मैच का सार (RCB vs UP Warriors)
    यूपी वॉरियर्स की पारी
    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी यूपी वॉरियर्स 143/8 पर ही सिमट गई।

    दीप्ति शर्मा ने शानदार अर्धशतक जड़ा (55 रन)

    मेग लैनिंग ने 41 रन बनाकर संघर्ष किया

    बाकी बल्लेबाजों ने कोई बड़ी साझेदारी नहीं की

    RCB की तरफ से नादिन डी क्लर्क ने 4 ओवर में 22 रन देकर 4 विकेट झटके और यूपी की पारी को दबाव में रखा।

    RCB का लक्ष्य आसान
    144 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए RCB की ओपनिंग जोड़ी ने ही मैच का परिणाम तय कर दिया।

    ग्रेस हैरिस: 37 गेंदों पर 75 रन

    स्मृति मंधाना: 27 गेंदों पर 54 रन*

    दोनों ने 108 रन की धमाकेदार साझेदारी की और RCB ने 9.1 ओवर में जीत दर्ज की।

    WPL 2026 प्लेऑफ की रेस हुई और रोमांचक
    RCB के फाइनल में पहुंचने के बाद बाकी 2 प्लेऑफ सीटों के लिए 4 टीमों की जंग जारी है।

    टीम अंक स्थिति
    गुजरात जाएंट्स 8 2nd पायदान
    मुंबई इंडियंस 6 3rd पायदान
    दिल्ली कैपिटल्स 6 4th पायदान
    यूपी वॉरियर्स 4 5th
    अभी तक कोई टीम टूर्नामेंट से बाहर नहीं हुई है, लेकिन प्लेऑफ की तस्वीर अगले 2 मैचों में साफ हो जाएगी।

    अगले 2 मुकाबले होंगे निर्णायक
    यह 2 मैच प्लेऑफ की आख़िरी तस्वीर तय करेंगे:

    गुजरात जाएंट्स vs मुंबई इंडियंस

    दिल्ली कैपिटल्स vs यूपी वॉरियर्स

    इन दोनों मैचों के नतीजे ही तय करेंगे कि कौन-सी दो टीमें प्लेऑफ में पहुंचेंगी।

    अब फाइनल में RCB का नाम पक्का, बाकी का फैसला अगले मैचों में
    RCB ने WPL 2026 में अपनी ताकत दिखा दी है, अब देखना यह है कि कौनसी टीमें उनके साथ प्लेऑफ में पहुंचती हैं।

  • मौसम के बदलते मिजाज के बीच नए पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक…MP समेत इन राज्यों में 3 दिन बारिश का अलर्ट

    मौसम के बदलते मिजाज के बीच नए पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक…MP समेत इन राज्यों में 3 दिन बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    भारत मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India.) में एक नए पश्चिमी विक्षोभ (New western disturbance) के प्रभाव की चेतावनी जारी की है, जो 30 जनवरी की रात से प्रभावी हो सकता है। इसके अलावा, 2 फरवरी से एक और ताजा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है। इसके कारण 31 जनवरी से 3 फरवरी तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र (Western Himalayan Region) में छिटपुट से भारी बारिश/बर्फबारी हो सकती है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 31 जनवरी और 1 फरवरी को ऐसा ही मौसम रहेगा। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड में 1-2 फरवरी को गरज-चमक, बिजली के साथ बारिश/बर्फबारी हो सकती है। राजस्थान में 31 जनवरी से 3 फरवरी तक छिटपुट हल्की बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। मध्य प्रदेश में 1-2 फरवरी, छत्तीसगढ़ में 2 फरवरी को हल्की बारिश संभव है। उत्तराखंड में 30 जनवरी को पाला पड़ने की स्थिति बनी रह सकती है।

    न्यूनतम तापमान में बदलाव की भविष्यवाणी के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों तक कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होगा। इसके बाद अगले तीन दिनों में 3-5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी और फिर दो दिनों में 2-4 डिग्री की गिरावट संभावित है। मध्य भारत में अगले 24 घंटों में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी, फिर दो दिनों में गिरावट और उसके बाद स्थिरता रहेगी। महाराष्ट्र में अगले चार दिनों में 2-4 डिग्री की बढ़ोतरी और गुजरात में अगले दो दिनों में 3-5 डिग्री की बढ़ोतरी, फिर तीन दिनों में गिरावट और बाद में फिर बढ़ोतरी का अनुमान है। देश के अन्य हिस्सों में न्यूनतम तापमान में खास बदलाव नहीं होगा।


    घने कोहरे की मार से अभी राहत नहीं

    घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी भी जारी है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी तक सुबह-रात के समय घना कोहरा रहेगा। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 फरवरी तक घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। 30-31 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में शीतलहर चल सकती है। मछुआरों को 29 जनवरी से 3 फरवरी तक बंगाल की खाड़ी (दक्षिण तमिलनाडु, पश्चिमी श्रीलंका तट, मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र) और अरब सागर (गुजरात तट के पास) में न जाने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर, उत्तर भारत में सर्दी फिर से जोर पकड़ सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

  • नागालैंड की जुको घाटी में भीषण आग…3 दिन में मणिपुर की सर्वोच्च चोटी माउंट ईसो तक पहुंची

    नागालैंड की जुको घाटी में भीषण आग…3 दिन में मणिपुर की सर्वोच्च चोटी माउंट ईसो तक पहुंची


    काहिमा।
    नागालैंड (Nagaland) की ज़ुको घाटी (Dzuko Valley) में पिछले तीन दिनों से लगी भीषण जंगल की आग (Massive forest fire.) अब मणिपुर (Manipur) की सबसे ऊंची चोटी माउंट ईसो (Highest peak Mount Iso) तक फैल गई है, जिससे इस जैव-विविधता संपन्न क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। सॉन्ग-सॉन्ग यूथ एंड स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (SSYSO) के स्वयंसेवक और आसपास के गांवों के निवासी आग बुझाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, उबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाके में आग की तीव्रता प्रयासों पर भारी पड़ रही है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि युवा स्वयंसेवकों के लगातार प्रयासों के बावजूद आग तेजी से आगे बढ़ रही है।

    राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। हालांकि, कई स्थानीय नेताओं ने मणिपुर के राज्यपाल से अपील की है कि आग पर काबू पाने के लिए तत्काल विशेषज्ञ टीमों को तैनात किया जाए। SSYSO के एक सदस्य ने कहा, “स्थिति भयावह है। हमें उचित संसाधनों और उपकरणों के साथ सरकारी हस्तक्षेप की तत्काल आवश्यकता है। हमारे सीमित साधन आग से निपटने के लिए बहुत पर्याप्त नहीं है।” पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि आग पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो यह मणिपुर के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को भारी नुकसान पहुँचा सकती है और पूरे क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन को बिगाड़ सकती है।


    2020 और 2021 में भी लगी थी भीषण आग

    यह पहली बार नहीं है जब ज़ुको घाटी और माउंट ईसो क्षेत्र को ऐसी तबाही का सामना करना पड़ा है। दिसंबर 2020 और जनवरी 2021 के बीच भी एक भीषण आग ने इस क्षेत्र की वनस्पतियों के एक बड़े हिस्से को नष्ट कर दिया था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उस समय तेज हवाओं ने आग बुझाने के प्रयासों में काफी बाधा डाली थी। मणिपुर के सेनापति जिले और नागालैंड के कोहिमा जिले की सीमा पर 2,452 मीटर की ऊंचाई पर स्थित ज़ुको घाटी अपनी अनूठी जैव-विविधता के लिए जानी जाती है, जिसमें दुर्लभ ‘ज़ुको लिली’ भी शामिल है। यह क्षेत्र पूर्वोत्तर हिमालय में एक महत्वपूर्ण पारिस्थितिक गलियारे के रूप में भी काम करता है।


    2024 में मणिपुर में लगभग 17.8 हजार हेक्टेयर वन नष्ट

    आधिकारिक स्रोतों के अनुसार, मणिपुर हाल के वर्षों में भारत के सबसे अधिक आग की चपेट में आने वाले राज्यों में से एक बनकर उभरा है। अप्रैल 2025 की शुरुआत में, राज्य में मात्र सात दिनों के भीतर जंगल की आग की 1,424 घटनाएं दर्ज की गईं, जो मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बाद देश में तीसरे स्थान पर थीं। अकेले 2024 में, मणिपुर ने लगभग 17.8 हजार हेक्टेयर प्राकृतिक वन खो दिए, जिससे वातावरण में अनुमानित 91 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन हुआ।


    90 प्रतिशत जंगल की आग मानवीय कारणों से

    विशेषज्ञों का मानना है कि लगभग 90 प्रतिशत जंगल की आग मानवीय कारणों से लगती है, जो अक्सर वन क्षेत्रों के किनारे रहने वाले समुदायों द्वारा भूमि साफ करने जैसे उद्देश्यों के लिए लगाई जाती है। पारंपरिक ‘झूम खेती’ ने भी इस समस्या को बढ़ाया है। इस पहाड़ी इलाके के दुर्गम होने और तेज हवाओं के कारण आग बुझाना बेहद चुनौतीपूर्ण है। स्वयंसेवकों ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमों को हवाई सहायता के साथ तैनात करने की अपील की है। चूंकि प्रभावित क्षेत्र मणिपुर-नागालैंड सीमा पर स्थित है, इसलिए स्थानीय समुदायों ने इस बात पर जोर दिया है कि आग को नियंत्रित करने के लिए दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच समन्वित कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

  • सलमान खान को प्रोड्यूसर ने बताया ‘चिड़ियाघर का टाइगर’, बोले- अब पहले जैसे आक्रामक नहीं रहे

    सलमान खान को प्रोड्यूसर ने बताया ‘चिड़ियाघर का टाइगर’, बोले- अब पहले जैसे आक्रामक नहीं रहे

    नई दिल्ली |   फिल्म प्रोड्यूसर शैलेंद्र सिंह ने सलमान खान संग अपनी दोस्ती को याद किया। उन्होंने कहा कि वो और सलमान बहुत पुराने दोस्त हैं। इस बातचीत के दौरान शैलेंद्र ने कहा कि सलमान जंगल में जन्म टाइगर थे, लेकिन अब वो जू वाले टाइगर हो गए हैं।

    सलमान खान इंडस्ट्री के सबसे बड़े नामों में से एक हैं। लंबे वक्त से वो फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा हैं। उनके बहुत से प्रोड्यूसर्स, एक्टर्स और डायरेक्टर्स के साथ दोस्ती है। कुछ दोस्त उनके जीवन में ऐसे रहे जो उन्हें तब से जानते हैं जब सलमान खान फेमस नहीं थे। उनके एक ऐसे ही दोस्त रहे हैं शैलेंद्र सिंह। शैलेंद्र सिंह एक सफल प्रोड्यूसर हैं। उन्होंने हाल ही में सलमान खान संग अपनी दोस्ती को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि सलमान खान और उनका तीन साल तक हर सोमवार को पार्टी करने का ट्रेडिशन था। उन्होंने कहा कि सलमान एक जंगल में जन्मे टाइगर थे, लेकिन अब वो जू (चिड़ियाघर) के टाइगर हो गए हैं। शैलेंद्र सलमान के अच्छे दोस्त रहे हैं, लेकिन आज की डेट में वो सलमान संग दोस्त नहीं हैं।

    कौन थीं सलमान खान की पहली गर्लफ्रेंड?
    सिद्धार्थ कनन के साथ खास बातचीत में शैलेंद्र ने कहा कि सलमान खान के साथ उनकी दोस्ती तब से जब सलमान खान इतने प्रसिद्ध भी नहीं हुए थे। शैलेंद्र ने कहा, “सलमान और मैं कफ परेड से एक-दूसरे को जानते हैं, जहां मैं पहले रहता था। वह वहां अपनी पहली गर्लफ्रेंड, शाहीन जाफरी से मिलने आया करता था।”

    शैलेंद्र ने सलमान खान को बताया टाइगर
    सफलता के साथ सलमान खान कैसे बदले हैं शैलेंद्र ने इस बारे में भी बात की। शैलेंद्र ने कहा, “सलमान एक टाइगर हैं, लेकिन अब वो शांत हो चुके हैं। वह जंगल में पैदा हुए टाइगर थे, अब वो जू के टाइगर हो गए हैं। सफलता आपको सतर्क, यहां तक ​​कि भयभीत भी बना देती है। तब लोग आपको घेर लेते हैं, लगातार आपको बताते हैं कि आप बॉस हैं और बाकी सब गलत हैं।”

    सलमान खान और शैलेंद्र का था खास ट्रेडिशन
    सलमान जब अपने करियर के चरम पर थे, दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी। शैंलेंद्र ने बताया, “तीन साल तक, सलमान और मेरा एक ट्रे़डिशन था। हर सोमवार की रात, हम साथ में बांद्रा में पार्टी करते थे।”

  • Mardaani 3 Twitter Review: अंदर तक झकझोर कर रख देगी रानी मुखर्जी की फिल्म, रिव्यू पढ़ने के बाद खुद को रोक पाना होगा मुश्किल

    Mardaani 3 Twitter Review: अंदर तक झकझोर कर रख देगी रानी मुखर्जी की फिल्म, रिव्यू पढ़ने के बाद खुद को रोक पाना होगा मुश्किल

    नई दिल्ली | रानी मुखर्जी की सुपर कॉप फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म ‘मर्दानी 3’ आज सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है. फिल्म में रानी एक बार फिर उनके सुपरकॉप शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार में नजर आने वाली है. फिल्म को लेकर लोगों के बीच एक्साइटमेंट देखने को मिल रहा है, जिसका अंदाजा सोशल मीडिया रिव्यू से लगाया जा सकता है. चलिए जाते हैं लोगों को कैसी लगी ये फिल्म?

    Mardaani 3 Twitter Review: बॉलीवुड एक्ट्रेस रानी मुखर्जी की फिल्म ‘मर्दानी 3’ आखिरकार आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. इस फिल्म का दर्शक काफी समय से इंतजार कर रहे थे. रिलीज के साथ ही फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा शुरू हो गई है. खासकर एक्स (ट्विटर) पर ‘मर्दानी 3’ ट्रेंड करने लगी है. सुबह के शोज से ही दर्शक थिएटर पहुंचने लगे हैं. लोग फिल्म देखकर अपनी राय खुलकर शेयर कर रहे हैं और ज्यादातर रिएक्शन पॉजिटिव नजर आ रहे हैं.

    जब ‘मर्दानी 3’ का ट्रेलर रिलीज हुआ था, तभी से दर्शकों में उत्सुकता बढ़ गई थी. ट्रेलर से साफ हो गया था कि इस बार कहानी पहले से ज्यादा गंभीर और अलग होने वाली है. इस बार फिल्म की कहानी समाज की एक और काली और बेरहम सच्चाई को सामने लाने का काम करेगी, जो चाइल्ड ट्रैफिकिंग के सामने है. यही वजह है कि रिलीज के दिन ही लोग इसे देखने पहुंच गए. रानी मुखर्जी का दमदार पुलिस ऑफिसर वाला अंदाज दर्शकों को खासा पसंद आ रहा है.
    लोगों को कैसी लगी रानी मुखर्जी की फिल्म?

    ‘मर्दानी 3’ में रानी मुखर्जी के अलावा जानकी बोदीवाला, जीशु सेनगुप्ता, मिखाइल यावलकर, इंद्रनील भट्टाचार्य जैसे और कई शानदार कलाकार नजर आ रहे हैं. साथ ही एक्ट्रेस मल्लिका प्रसाद भी हैं, जो मेन विलेन अम्मा का रोल निभा रही हैं. फिल्म रिलीज होते ही एक्स पर यूजर्स ने रिव्यू देना शुरू कर दिया. कई लोगों ने फिल्म की कहानी की तारीफ की है, तो कई रानी मुखर्जी की एक्टिंग से काफी इम्प्रेस दिखे. एक यूजर ने लिखा, ‘फिल्म की कहानी इमोशनल और मजबूत है. रानी मुखर्जी का रोल दिल छू जाता है’.
    वहीं दूसरे यूजर का कहना है, ‘ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा परफॉर्म करने वाली है’. ऐसे कई रिव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. एक यूजर ने बताया कि ‘मर्दानी 3’ सिर्फ एंटरटेनमेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि एक जरूरी सामाजिक मुद्दे को भी उठाती है. फिल्म में ट्रैफिकिंग की गहराई से जांच दिखाई गई है. रानी मुखर्जी की परफॉर्मेंस को फिर से शानदार बताया गया है. इसके साथ ही विजय वर्मा के किरदार ने भी लोगों का ध्यान खींचा है. कई लोग उन्हें इस साल का सबसे खतरनाक विलेन बता रहे हैं.

    एक और यूजर ने एक्स पर लिखा, ‘#Mardaani 3 Review: THE LIONESS ROARS. रानी मुखर्जी पूरी तरह छाई हुई हैं. विजय वर्मा बेहद डरावने विलेन लगे. कहानी डार्क वेब की सच्चाई दिखाती है. फिल्म ब्रूटल है लेकिन जरूरी भी. जरूर देखें. रेटिंग 4/5’. इस तरह के रिव्यू से साफ है कि फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है.
    ‘मर्दानी 3’ की कमाई पर भी हो रही चर्चा

    इतनी ही नहीं, इस फिल्म की कमाई को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘मर्दानी 3’ ने एडवांस बुकिंग से ही करीब 1.16 करोड़ की कमाई कर ली है. माना जा रहा है कि पहले दिन फिल्म 3 से 4 करोड़ तक का बिजनेस कर सकती है. हालांकि, बॉक्स ऑफिस पर सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ पहले से मजबूत स्थिति में है. ऐसे में दोनों फिल्मों के बीच मुकाबला दिलचस्प रहने वाला है.

  • महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा मोड़ टला एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की तैयारी अंतिम दौर में थी, 8 फरवरी को होना था ऐलान

    महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा मोड़ टला एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की तैयारी अंतिम दौर में थी, 8 फरवरी को होना था ऐलान


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में फरवरी के पहले हफ्ते एक बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिल सकता था। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों धड़ोंशरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपीके एक होने की पटकथा लगभग तैयार थी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक 8 फरवरी 2026 को औपचारिक विलय की घोषणा होनी थी, लेकिन कुछ राजनीतिक और रणनीतिक कारणों से यह प्रक्रिया फिलहाल टाल दी गई।

    बीते कुछ महीनों से चाचा-भतीजे की बढ़ती नजदीकियां महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा का केंद्र बनी रहीं। पुणे और बारामती क्षेत्र में स्थानीय निकाय स्तर पर दोनों गुटों के नेताओं का साथ आना इस बात का संकेत माना जा रहा था कि पार्टी में आई टूट स्थायी नहीं रहेगी। इसी बीच बंद कमरे में हुई कई बैठकों ने सियासी हलचल और तेज कर दी थी।

    जिला परिषद चुनाव के बाद ऐलान की रणनीति
    एक रिपोर्ट के अनुसार, विलय को लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी थी। जिला परिषद और नगर निकाय चुनावों के बाद औपचारिक घोषणा की रणनीति तय की गई थी। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत थे कि बंटा हुआ जनाधार आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में नुकसान पहुंचा सकता है।

    एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने पुष्टि की कि दोनों गुटों के बीच लगातार संवाद चल रहा था। उन्होंने बताया कि 16 जनवरी को उनके आवास पर अहम बैठक हुई, जिसमें चुनाव साथ लड़ने और संगठनात्मक ढांचे को लेकर अंतिम दौर की चर्चा की गई। इसके अगले दिन 17 जनवरी को शरद पवार के आवास पर भी भविष्य की रणनीति पर मंथन हुआ।

    कैबिनेट फेरबदल पर भी हुई चर्चा
    एनसीपी (एसपी) नेता शशिकांत शिंदे ने भी स्वीकार किया कि विलय को लेकर बातचीत नई नहीं है और दोनों पक्षों की सहमति से आगे बढ़ रही थी। उनके अनुसार, अजित पवार पहले ही संकेत दे चुके थे कि स्थानीय निकाय चुनावों के बाद दोनों गुट साथ आ सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि इस दौरान संभावित कैबिनेट फेरबदल और नए चेहरों को सरकार में शामिल करने पर भी अनौपचारिक चर्चा हुई थी।

    दोनों गुटों ने हाल के पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनावों में गठबंधन किया था और 5 फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनावों में भी साथ लड़ने की योजना बनाई गई थी।

    दुर्घटना के बाद रुकी प्रक्रिया
    28 जनवरी 2026 को विमान दुर्घटना में अजित पवार के असामयिक निधन के बाद विलय की आधिकारिक घोषणा पर फिलहाल विराम लग गया। हालांकि शिंदे ने संकेत दिए हैं कि प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और अनुकूल परिस्थितियों में इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह विलय होता, तो यह शरद पवार की पार्टी के लिए सरकार में शामिल होने की दिशा में बड़ा कदम साबित होता। फिलहाल एनसीपी (एसपी) महाविकास अघाड़ी का हिस्सा है, जबकि अजित पवार की एनसीपी सत्तारूढ़ महायुति में शामिल रही है। ऐसे में दोनों गुटों का एक होना राज्य की सत्ता राजनीति के समीकरण पूरी तरह बदल सकता था।

    भले ही 8 फरवरी को होने वाला संभावित ऐलान टल गया हो, लेकिन एनसीपी के दोनों गुटों के एक होने की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में इससे जुड़ा कोई बड़ा फैसला फिर सुर्खियों में आ सकता है।

  • आईटीआई संबद्धता मानदंड–2025 से कौशल प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़े जाने की दिशा में मिलेगा मजबूती: मंत्री श्री टेटवाल

    आईटीआई संबद्धता मानदंड–2025 से कौशल प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़े जाने की दिशा में मिलेगा मजबूती: मंत्री श्री टेटवाल

    भोपाल । मध्यप्रदेश में कौशल विकास को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए उसे रोजगार और उद्योग की जरूरतों से सीधे जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभारश्री गौतम टेटवाल ने कहा कि आईटीआई संबद्धता मानदंड–2025 इस दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी पहल साबित होगी। उन्होंने यह बात संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क, भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में कही।

    कार्यशाला का उद्देश्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को नए संबद्धता मानदंडों की स्पष्ट, व्यवहारिक और प्रक्रियात्मक जानकारी प्रदान करना था। राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना रोजगारोन्मुख कौशल विकास संभव नहीं है। नए मानदंड संस्थानों को अधिक सक्षम, उत्तरदायी और उद्योग के अनुकूल बनाएंगे।

    उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए इन नए मानदंडों से प्रशिक्षण प्रणाली में एकरूपता आएगी और संचालन में स्पष्टता सुनिश्चित होगी। इससे न केवल प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि उद्योगों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल मानव संसाधन भी उपलब्ध होगा। श्री टेटवाल ने राज्य संचालनालयों, शासकीय और निजी आईटीआई प्रबंधन तथा उद्योग प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे इन मानदंडों को सकारात्मक दृष्टिकोण से अपनाएं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं।

    कार्यशाला में यह तथ्य सामने आया कि संशोधित मानदंडों के माध्यम से आईटीआई संस्थानों की संबद्धता प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध होगी। नए आईटीआई की स्थापना, ट्रेड एवं यूनिट की स्वीकृति, नवीनीकरण, निरीक्षण और मूल्यांकन प्रणाली को सरल एवं स्पष्ट बनाया गया है, जिससे संस्थानों को अनावश्यक प्रक्रियागत जटिलताओं से राहत मिलेगी।

    कार्यशाला में प्रशिक्षण संस्थानों, उद्योग जगत और शासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी चर्चा हुई। आईटीआई संबद्धता मानदंड–2025 इस समन्वय को मजबूत करने और कौशल प्रशिक्षण को वास्तविक रोजगार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम साबित होंगे।

    इस अवसर पर केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय (डीजीटी) नई दिल्ली, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के अधिकारी, शासकीय एवं निजी आईटीआई, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों के प्रतिनिधि तथा उद्योग जगत से जुड़े हितधारक शामिल थे। महानिदेशालय प्रशिक्षण DGT नई दिल्ली के प्रतिनिधियों ने संबद्धता मानदंडों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें प्रक्रियाओं और प्रावधानों की चरणबद्ध जानकारी साझा की गई।