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  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर किया नमन, स्वदेशी को बताया आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर किया नमन, स्वदेशी को बताया आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके विचारों एवं आदर्शों को स्मरण किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि पूज्य बापू का जीवन, उनका व्यक्तित्व और उनका कृतित्व देशवासियों को सत्य, अहिंसा और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की निरंतर प्रेरणा देता रहेगा। महात्मा गांधी का स्वदेशी पर दिया गया बल आज के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का मजबूत आधारस्तंभ है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा अपने संदेश में राष्ट्रपिता को नमन करते हुए कहा कि बापू का स्वदेशी विचार केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता तक सीमित नहीं था, बल्कि यह आत्मसम्मान, आत्मबल और सामाजिक चेतना से भी जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का दर्शन आज के भारत के विकास मॉडल में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है, जहां स्थानीय संसाधनों, स्वदेशी उत्पादों और भारतीय मूल्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी का संपूर्ण जीवन मानवता, करुणा और नैतिकता का प्रतीक है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सत्य और अहिंसा जैसे मूल्यों के बल पर न केवल भारत को आज़ादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, बल्कि पूरी दुनिया को शांति और सह-अस्तित्व का मार्ग भी दिखाया। बापू का यह संदेश आज के वैश्विक परिदृश्य में और भी अधिक प्रासंगिक हो गया है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि महात्मा गांधी का व्यक्तित्व देशवासियों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की सीख देता है। उन्होंने समाज के हर वर्ग को समानता, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और अनुशासन का महत्व समझाया। गांधीजी के विचारों में निहित सादगी और सेवा भाव आज भी राष्ट्र निर्माण की प्रेरक शक्ति बने हुए हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के जो संकल्प लिए गए हैं, उनकी जड़ें महात्मा गांधी के स्वदेशी और ग्राम स्वराज के विचारों में निहित हैं। स्थानीय से वैश्विक की सोच, कुटीर उद्योगों को बढ़ावा और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण, बापू के सपनों को साकार करने की दिशा में उठाए गए कदम हैं।

    देशभर में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। यह दिन शहीद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है और राष्ट्रपिता के बलिदान को याद करने का अवसर प्रदान करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा व्यक्त किए गए विचार एक बार फिर यह स्मरण कराते हैं कि महात्मा गांधी केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित व्यक्तित्व नहीं हैं, बल्कि वे आज भी भारत की आत्मा और दिशा के मार्गदर्शक हैं।

  • चंद्रपुर में कांग्रेस के पार्षदों को अगवा करने का प्रयास, 6 लोगों के खिलाफ FIR, एक आरोपी गिरफ्तार

    चंद्रपुर में कांग्रेस के पार्षदों को अगवा करने का प्रयास, 6 लोगों के खिलाफ FIR, एक आरोपी गिरफ्तार


    चंद्रपुर महाराष्ट्र।  महाराष्ट्र में कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षदों को बस से अगवा करने की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गुरुवार को चंद्रपुर में कुछ नकाबपोश हमलावरों ने कांग्रेस के पार्षदों को जबरन बस से बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन स्थानीय कार्यकर्ताओं और पुलिस के त्वरित हस्तक्षेप से यह प्रयास नाकाम हो गया।

    कांग्रेस पार्षद नागपुर जा रहे थे, समृद्धि एक्सप्रेसवे पर हुआ हमला
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना वर्धा जिले के समृद्धि एक्सप्रेसवे के पास हुई, जो नागपुर के पास है। बस में सवार कांग्रेस पार्षद नागपुर जा रहे थे, जहां उन्हें स्थानीय निकाय चुनावों में जीत के बाद डिविजनल कमिश्नर कार्यालय में पंजीकरण कराने जाना था।

    कौन थे पार्षद? विजय वडेट्टीवार के समर्थक
    पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बस में 17 से 18 पार्षद सवार थे, जो कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार के करीबी माने जाते हैं। कांग्रेस के एक वरिष्ठ पार्षद ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने समय पर पहुंचकर मदद की और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की, जिससे अगवा करने की कोशिश विफल हुई।

    हमलावर 4-6 गाड़ियों में आए, नकाबपोश थे
    जानकारी के मुताबिक, शाम लगभग 5:45 बजे येलकेली टोल प्लाजा के पास लगभग 20 नकाबपोश लोग पहुंचे। वे 4 से 6 गाड़ियों में सवार थे और उन्होंने पार्षदों को बस से बाहर निकालने की कोशिश की। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पहुंचने पर झड़प हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    एक गिरफ्तार, 6 पर FIR
    पुलिस ने बताया कि इस मामले में कनैन सिद्दीकी (नागपुर निवासी) को गिरफ्तार किया गया है। कांग्रेस पार्षद राजेश अदूर की शिकायत पर कनैन सिद्दीकी और अन्य 5 लोगों के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। साथ ही कई अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।

    कांग्रेस के अंदर मेयर पद को लेकर संघर्ष
    यह घटना कांग्रेस के अंदर चल रहे सत्ता संघर्ष के बीच हुई है। चंद्रपुर नगर निगम में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन मेयर पद को लेकर पार्टी में दो गुटों के बीच टकराव है—एक गुट विजय वडेट्टीवार का, जबकि दूसरा कांग्रेस सांसद प्रतिभा धनोरकर का है।

    10 फरवरी को मेयर चुनाव
    स्थानीय निकाय चुनावों के बाद चंद्रपुर में मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव 10 फरवरी को होना है। 66 सदस्यीय चंद्रपुर नगर निगम में कांग्रेस को 27 सीटें मिली हैं, जबकि बीजेपी को 23 और शिवसेना (UBT) को 6 सीटें मिली हैंइस घटना ने राजनीतिक हलकों में भूचाल ला दिया है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की पुण्यतिथि पर किया भावपूर्ण नमन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की पुण्यतिथि पर किया भावपूर्ण नमन


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान स्वतंत्रता सेनानी, कवि, लेखक और पत्रकार पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय हैं। वे ऐसे युगद्रष्टा साहित्यकार थे, जिनकी लेखनी में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना और लोक कल्याण की भावना स्पष्ट रूप से झलकती है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी प्रदेश की माटी के सच्चे सपूत थे। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्होंने अपनी कलम को राष्ट्रसेवा का माध्यम बनाया और जनमानस को जागृत करने का कार्य किया। उनकी रचनाएं आज भी युवाओं को देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक उत्तरदायित्व की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने साहित्य और पत्रकारिता के माध्यम से समाज को नई दिशा दी और राष्ट्रीय चेतना को सशक्त किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धेय चतुर्वेदी का जीवन त्याग, तपस्या और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने न केवल स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई, बल्कि अपने विचारों और लेखन से देश के करोड़ों लोगों के मन में स्वाधीनता की लौ जलाए रखी। उनकी कविताएं और लेख आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने अपने समय में थे। उनके शब्दों में समाज को जोड़ने और राष्ट्र निर्माण की शक्ति थी।

    डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी ने पत्रकारिता को मिशन के रूप में अपनाया। उन्होंने सत्य, साहस और जनहित को पत्रकारिता की आधारशिला बनाया। उनके संपादन और लेखन ने पत्रकारिता को केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का सशक्त औजार बनाया। उन्होंने जिस निर्भीकता के साथ अपने विचार रखे, वह आज के समय में भी पत्रकारों और लेखकों के लिए प्रेरणास्रोत है।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की कृतियां राष्ट्रसेवा, समाज के नवनिर्माण और लोक कल्याण के मार्ग को प्रशस्त करती हैं। उनका साहित्य हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ता है और राष्ट्रीय एकता व अखंडता को मजबूत करता है। ऐसे महान व्यक्तित्वों का स्मरण करना और उनके विचारों को आत्मसात करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।

    अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे पंडित माखनलाल चतुर्वेदी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और राष्ट्र व समाज के हित में कार्य करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय चतुर्वेदी अपने प्रखर विचारों, ओजस्वी लेखनी और राष्ट्रभक्ति के कारण सदैव स्मरणीय रहेंगे।

  • Content Is King: बिना गानों के भी सुपरहिट रहीं ये बॉलीवुड फिल्में, कहानी ने लूटी वाहवाही

    Content Is King: बिना गानों के भी सुपरहिट रहीं ये बॉलीवुड फिल्में, कहानी ने लूटी वाहवाही


    नई दिल्ली । हिंदी गाने फिल्मों की जान होते हैं, लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसी बेहतरीन फिल्मों के बारे में बता रहे हैं जिनमें गाने नहीं हैं। साथ ही हम आपको इन फिल्मों की आईएमडीबी रेटिंग भी बता रहे हैं।
    बिना गाने वाली टॉप फिल्में
    हिंदी फिल्मों के गाने उनकी जान होते हैं। बॉलीवुड में आपको लगभग हर फिल्म में गाने सुनने को मिलते हैं। कुछ लोगों को फिल्मों के बीच गाने पसंद होते हैं। कुछ लोगों को लगता है कि फिल्मों में गाने कहानी में ब्रेक लगाते हैं। आज हम आपको बॉलीवुड की ऐसी फिल्मों के बारे में बता रहे हैं जिनमें आपको गाने नहीं मिलेंगे। साथ ही, हम आपको इन फिल्मों की आईएमडीबी रेटिंग भी बता रहे हैं।
    जाने भी दो यारों
    8.3 आईएमडीबी रेटिंग वाली जाने भी दो यारों लिस्ट में पहले नंबर पर है। ये फिल्म डार्क कॉमेडी सटायर है। फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, सतीश शाह, सतीश कौशिक और नीना गुप्ता जैसे कलाकार नजर आए थे। फिल्म साल 1983 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म को आप जियो हॉटस्टार पर देख सकते हैं।
    अ वेडनेसडे
    8.1 आईएमडीबी रेटिंग वाली फिल्म अ वेडनेसडे भी इस लिस्ट में शामिल है। यह फिल्म एक क्राइम, ड्रामा फिल्म है। फिल्म साल 2008 में रिलीज हुई थी। फिल्म को आप प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं।
    कानून
    7.9 आईएमडीबी रेटिंग वाली फिल्म कानून भी इस लिस्ट का हिस्सा है। फिल्म साल 1960 में आई थी। फिल्म को बीआर चोपड़ा ने डायरेक्ट किया था। इस क्राइम ड्रामा फिल्म को आप प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं।
    द लंचबॉक्स
    7.8 रेटिंग वाली फिल्म द लंचबॉक्स भी इस लिस्ट में शामिल है। फिल्म साल 2013 में रिलीज हुई थी। यह एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म है। फिल्म को आप प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं।
    कौन
    7.8 रेटिंग वाली साइकोलॉजिकल हॉरर फिल्म कौन भी लिस्ट में शामिल है।उर्मिला मातोंडकर और मनोज बाजपेयी की ये फिल्म 1999 में रिलीज हुई थी।
    अब तक छप्पन
    7.8 रेटिंग वाली अब तक छप्पन भी लिस्ट में शामिल है। फिल्म में नाना पाटेकर, रेवथी और यशपाल शर्मा नजर आए थे। फिल्म साल 2004 में रिलीज हुई थी। फिल्म को आप प्राइम वीडियो और सोनी लिव पर देख सकते हैं।
    दीवारें
    लिस्ट में 7.8 रेटिंग वाली फिल्म 3 दीवारें भी है। फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, जैकी श्रॉफ और जूही चावला नजर आई थीं। फिल्म साल 2003 में रिलीज हुई थी। फिल्म को आप प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं।
    इत्तेफाक
    लिस्ट में 7.4 रेटिंग वाली फिल्म इत्तेफाक है। फिल्म साल 1969 में रिलीज हुई थी। फिल्म में राजेश खन्ना नजर आए थे। फिल्म को आप प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं।
    अरविंद देसाई की अजीब दास्तां
    लिस्ट में 7.2 रेटिंग वाली फिल्म अरविंद देसाई की अजीब दास्तां भी शामिल है। फिल्म में दिलीप धवन, ओम पुरी और सतीश शाह जैसे कलाकार नजर आए थे। फिल्म 1978 में रिलीज हुई थी। फिल्म को आप प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं।

  • Sunny vs Rani: बॉक्स ऑफिस पर सनी देओल की बॉर्डर 2 से सीधी भिड़ंत, कैसा रहेगा मर्दानी 3 का हाल?

    Sunny vs Rani: बॉक्स ऑफिस पर सनी देओल की बॉर्डर 2 से सीधी भिड़ंत, कैसा रहेगा मर्दानी 3 का हाल?


    नई दिल्ली । रानी मुखर्जी की मोस्ट अवेटेड फिल्म मर्दानी 3 आज 30 जनवरी सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। एडवांस बुकिंग के जरिए मर्दानी 3 ने सिर्फ 2.33 करोड़ रुपये की कमाई की ह  Mardaani 3 Day 1 Box Office Collection बॉर्डर 2 बॉक्स ऑफिस पर अच्छी खासी कमाई कर रही है। अभी सनी देओल की फिल्म को रिलीज हुए एक हफ्ता ही हुआ है और बॉक्स ऑफिस पर रानी मुखर्जी की मोस्ट अवेटेड फिल्म मर्दानी 3 ने दस्तक दे दी है। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि मर्दानी 3 पहले दिन बॉर्डर 2 के तूफान के आगे टिक पाती है या नहीं।
    11:00 AM – Mardaani 3 LIVE: लोगों को कैसी लगी मर्दानी 3
    मर्दानी 3 देखने के बाद एक यूजर ने लिखा, फिल्म का पहला हाफ दिलचस्प और अच्छा है। रानी मुखर्जी और मल्लिका प्रसाद विलेन ने जबरदस्त एक्टिंग की है। कहानी का सेटअप और कैरेक्टर डेवलपमेंट अच्छे से किया गया है। कुल मिलाकर, एक अच्छी शुरुआत है।
    10:30 AM – Mardaani 3 LIVE: पिछले 10 साल में नहीं हुई एक भी फिल्म फ्लाॅप
    पिछले 10 साल में रानी मुखर्जी की एक भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप नहीं हुई है। साल 2014 में उनकी मर्दानी आई थी। साल 2018 में हिचकी, साल 2019 में मर्दानी 2 2019 और फिर साल 2023 में मिसेज चैटर्जी वर्सेज नॉर्वे 2023। इन सभी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस सक्सेस हासिल कर रानी मुखर्जी की स्टार पावर का परिचय दिया था।

    10:00 AM – Mardaani 3 LIVE: मर्दानी 3 में विलेन कौन है

    मर्दानी 3 में अम्मा नाम की बेहद खौफनाक और शातिर विलेन को दिखाया गया है, जो बेहद ठंडे दिमाग से काम करने वाली एक भिखारी-माफिया क्वीन Beggar-mafia Queen है। वह बच्चों की तस्करी Child Trafficking का एक बड़ा और खतरनाक नेटवर्क चलाती है। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले किरदार को थिएटर आर्टिस्ट और मशहूर अभिनेत्री मल्लिका प्रसाद ने निभाया है।

    9:30 AM – Mardaani 3 LIVE: मर्दानी 1 और मर्दानी 2 ने कितनी कमाई की है

    फिल्म बजट कलेक्शन वर्ल्डवाइड
    मर्दानी 21 करोड़ रुपये 59 करोड़ रुपये
    मर्दानी 2 27 करोड़ रुपये 67 करोड़ रुपये
    मर्दानी 3 75 करोड़ रुपये
    करोड़ रुपये
    9:00 AM – Mardaani 3 LIVE: कहां देखें मर्दानी 1 और मर्दानी 2
    मर्दानी 3 देखने से पहले आप ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर मर्दानी 1 और मर्दानी 2 देख सकते हैं।
    8:15 AM – Mardaani 3 Updates: रानी ने भारतीय पुलिस को समर्पित की मर्दानी 3
    रानी मुखर्जी ने मर्दानी 3 को भारतीय पुलिस बल को समर्पित करते हुए कहा, यह फिल्म उन महिला पुलिसकर्मियों के लिए है, जिन्हें समाज में सबसे ज्यादा परखा जाता है और जिन पर सबसे ज्यादा सवाल उठाए जाते हैं। इसके बावजूद, वे हर डर से कहीं ज्यादा ऊंची खड़ी रहती हैं। मर्दानी 3 सिर्फ इसलिए मुमकिन हो पाई क्योंकि आप लोग निस्वार्थ भाव से देश की सेवा कर रहे हैं।

    8:05 AM – Mardaani 3 Box Office: पहले दिन कितने करोड़ की कमाई करेगी फिल्म
    ट्रेड एनालिस्ट का मानना है कि बॉर्डर 2 की वजह से मर्दानी 3 के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर असर पड़ेगा। ऐसे में रानी मुखर्जी की फिल्म पहले दिन 3 से 4 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर सकती है।
    8:00 AM – Mardaani 3: एडवांस बुकिंग में कैसा रहा प्रदर्शन
    मर्दानी 3 की 39,056 टिकट्स की एडवांस बुकिंग हुई है और एडवांस बुकिंग के जरिए फिल्म ने 2.33 करोड़ रुपये [ब्लॉक सीट्स के साथ] की कमाई की है। वहीं अगर बॉर्डर 2 की बात करें तो सनी देओल की फिल्म ने 4,09,117 टिकट्स की एडवांस बुकिंग कर 17.5 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था।

  • सुप्रीम कोर्ट ने NHAI को निर्देश दिया: 50 किलोमीटर के बाद गौशाला बनाएं, आवारा पशुओं की देखभाल CSR से हो

    सुप्रीम कोर्ट ने NHAI को निर्देश दिया: 50 किलोमीटर के बाद गौशाला बनाएं, आवारा पशुओं की देखभाल CSR से हो


    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से कहा है कि सड़क निर्माण में लगे ठेकेदारों को आवारा जानवरों की समस्या से निपटने के लिए CSR (कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी) के तहत गौशाला/पशु आश्रय बनाने के निर्देश दिए जाएं। कोर्ट ने कहा कि हर 50 किलोमीटर के बाद ऐसे आश्रय बनाकर आवारा पशुओं की देखभाल सुनिश्चित की जा सकती है। कोर्ट ने कई राज्यों पर जताया असंतोष न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के निर्देशों के पालन पर नाराजगी जताई।
    कोर्ट ने विशेषकर पंजाब सरकार के दैनिक 100 कुत्तों के बधियाकरण प्रयास को अपर्याप्त बताया और इसे “ऊंट के मुंह में जीरे” जैसा बताया। NHAI को ऐप बनाने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने NHAI से कहा कि वह एक ऐप विकसित करे, जिसमें आम लोग राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा जानवरों को देखने पर सूचना (report) कर सकें।
    इससे तुरंत कार्रवाई संभव होगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। राज्यों की रिपोर्ट पर कोर्ट ने उठाए सवाल राजस्थान सरकार ने कहा कि उन्होंने बधियाकरण केंद्र बनाए हैं और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास बाड़बंदी की गई है, लेकिन कोर्ट ने इस पर भी संदेह जताया कि केवल 45 वैन से कैसे काम चलेगा।
    न्यायमूर्ति मेहता ने कहा कि जयपुर के लिए ही लगभग 20 वैन की जरूरत होगी और विभिन्न शहरों में वैन की संख्या बढ़ानी होगी। कोर्ट का सख्त संदेश: समस्या बढ़ती जा रही है पीठ ने चेतावनी दी कि अगर आवारा कुत्तों की समस्या पर तुरंत नियंत्रण नहीं हुआ तो हर साल उनकी संख्या 10-15% बढ़ती जाएगी। कोर्ट ने कहा कि 100 कुत्तों का बधियाकरण रोज़ाना कोई बड़ी मदद नहीं है।
    AWBI की स्थिति: 250 से अधिक आवेदन लंबित भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (AWBI) ने बताया कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 250 से अधिक बधियाकरण केंद्र और आश्रय खोलने के लिए आवेदन आए, लेकिन अभी तक कई आवेदन पर कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट ने AWBI से कहा कि वे अभ्यर्थियों के आवेदन को जल्द निर्णय दें। कोर्ट ने राज्यों को दिया चेतावनी का संकेत सुप्रीम कोर्ट ने 13 जनवरी को कहा था कि यदि कुत्ते के काटने की घटनाओं में वृद्धि होती है तो राज्यों को भारी हर्जाना देना होगा और कुत्तों को खाना खिलाने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
    सुप्रीम कोर्ट ने NHAI को आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैंगौशाला, ऐप, CSR के तहत पहलऔर राज्यों को चेतावनी दी है कि इस समस्या को हल न किया गया तो कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माना हो सकता है।
  • Magh Purnima 2026: दान-पुण्य का दिन, लेकिन इन चीजों का दान करना माना जाता है अशुभ

    Magh Purnima 2026: दान-पुण्य का दिन, लेकिन इन चीजों का दान करना माना जाता है अशुभ

    नई दिल्ली माघ पूर्णिमा हिंदू धर्म में स्नान, दान और पुण्य कर्मों का विशेष दिन माना जाता है. इस दिन गंगा स्नान और जरूरतमंदों को दान करने की परंपरा है. लेकिन शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं में यह भी बताया गया है कि कुछ वस्तुओं का दान इस दिन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे पुण्य के स्थान पर अशुभ फल मिल सकता है. अगर आप माघ पूर्णिमा पर दान करने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि किन चीजों से बचना चाहिए.
    माघ पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
    माघ पूर्णिमा को भगवान विष्णु चंद्र देव और पवित्र नदियों, विशेषकर मां गंगा को समर्पित माना गया है. मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान से पापों से मुक्ति मिलती है. दान करने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है. संयम और सात्विक आचरण का विशेष महत्व होता है. इसी कारण दान में शुद्धता और विवेक जरूरी बताया गया है.

    माघ पूर्णिमा के दिन किन चीजों का दान नहीं करना चाहिए?
    दान की वस्तु क्यों दान नहीं करना चाहिए धार्मिक मान्यता
    लोहे की वस्तुएं लोहा शनि ग्रह और नकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है पूर्णिमा के सात्विक दिन पर अशुभ फल दे सकता है

    काले रंग की वस्तुएं यह दिन चंद्र देव और भगवान विष्णु को समर्पित है काले रंग को इस दिन शुभ नहीं माना जाता
    नमक नमक का संबंध ऋण और आर्थिक असंतुलन से माना गया है शुभ तिथि पर दरिद्रता बढ़ने की मान्यता
    तेल तेल तामसिक प्रकृति का माना जाता है सात्विक पर्व पर वर्जित
    मदिरा / नशीली वस्तुएं पूजा और दान की भावना के विपरीत धार्मिक रूप से निषिद्ध
    फटे या पुराने कपड़े दान में शुद्धता और उपयोगिता जरूरी अशुद्ध वस्तु से पुण्य नहीं मिलता
    लोहे से बनी वस्तुएं
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार लोहा शनि ग्रह से जुड़ा माना जाता है. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि इसे भारी और नकारात्मक ऊर्जा वाला तत्व कहा गया है. माघ पूर्णिमा जैसे सात्विक दिन पर लोहे के बर्तन, औजार या अन्य लोहे की वस्तुओं का दान करने से बचना चाहिए.

    काले रंग की वस्तुएं
    माघ पूर्णिमा का दिन चंद्र देव और भगवान विष्णु को समर्पित होता है. इस दिन श्वेत और सात्त्विक रंगों को श्रेष्ठ माना गया है, इसलिए काले वस्त्र, काले तिल, काली चादर जैसी वस्तुओं का दान इस दिन शुभ नहीं माना जाता.

    नमक का दान
    शास्त्रीय मान्यताओं में नमक को ऋण, विवाद और आर्थिक असंतुलन से जोड़ा गया है. इसी कारण पूर्णिमा जैसे शुभ अवसर पर नमक का दान करने से बचने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि इससे आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं.

    तेल और मदिरा जैसी तामसिक वस्तुएं
    माघ पूर्णिमा सात्विक पर्व है. इस दिन तेल, शराब, मांसाहार से जुड़ी कोई भी वस्तु दान करना उचित नहीं माना जाता, क्योंकि ये सात्त्विकता को भंग करती हैं, पूजा और दान की भावना के विपरीत होती हैं.

    फटे, पुराने या अशुद्ध कपड़े
    दान का अर्थ केवल देना नहीं, बल्कि सम्मान, उपयोगिता और शुद्धता भी है, इसलिए फटे हुए बहुत पुराने या गंदे कपड़े दान करना अशुभ माना गया है. माघ पूर्णिमा पर स्वच्छ और उपयोगी वस्तुओं का ही दान करना चाहिए.

    माघ पूर्णिमा पर दान करते समय क्या ध्यान रखें?
    दान श्रद्धा और शांत मन से करें
    वस्तु साफ और उपयोगी हो
    दान से पहले अहंकार न रखें
    जरूरतमंद व्यक्ति को ही दान दें
    यही बातें दान को सार्थक बनाती हैं.

    माघ पूर्णिमा 2026 शुभ मुहूर्त
    हिंदू पंचांग के अनुसार माघ पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 1 फरवरी 2026 की सुबह 5:52 बजे होगी और इसका समापन 2 फरवरी 2026 को तड़के 3:38 बजे होगी. इसी अवधि में स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व माना गया है.

  • बिना शादी सेक्स पर 140 कोड़े, प्रेमी जोड़े को 'तालिबानी सजा'

    जाकार्ता। शादी के बिना सेक्स और शराब पीने की सजा क्या हो सकती है, यह सवाल चौंकाने वाला लग सकता है। लेकिन इंडोनेशिया में एक ऐसी सजा दी गई है, जिसे जानकर लोग सन्न रह गए। यहां बिना शादी के शारीरिक संबंध बनाने और शराब पीने के मामले में एक प्रेमी जोड़े को सार्वजनिक रूप से कठोर दंड दिया गया।
    न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, इंडोनेशिया के आचे प्रांत में शरिया पुलिस ने इस जोड़े को 140-140 बार बांस की पतली छड़ी से कोड़े मारे। यह सजा इस्लामी कानून लागू होने के बाद दी गई सबसे कठोर सजाओं में से एक मानी जा रही है। आचे इंडोनेशिया का एकमात्र प्रांत है, जहां शरिया कानून का एक रूप लागू है और अविवाहित जोड़ों के बीच सारीरीक संबंध पूरी तरह गैरकानूनी हैं।

    घटनास्थल पर मौजूद एएफपी के संवाददाता के अनुसार, एक सार्वजनिक पार्क में दर्जनों लोगों की मौजूदगी में पुरुष और महिला की पीठ पर बेंत से वार किए गए।

    सजा के दौरान महिला बेहोश हो गई, जिसके बाद उसे एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। बांदा आचे की शरिया पुलिस के प्रमुख मुहम्मद रिजाल ने बताया कि दोनों को कुल 140 कोड़े मारे गए। इनमें से 100 कोड़े शादी से बाहर यौन संबंध रखने के लिए और 40 कोड़े शराब पीने के आरोप में दिए गए।

    बताया जा रहा है कि 2001 में आचे को विशेष स्वायत्तता मिलने और शरिया कानून लागू होने के बाद से यह बेंत से दी गई सबसे अधिक सजाओं में शामिल है। इस मामले में कुल छह लोगों को इस्लामी कानून तोड़ने का दोषी पाया गया, जिनमें एक शरिया पुलिस अधिकारी और उसकी महिला साथी भी शामिल थे। उन्हें एक निजी स्थान पर आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने पर 23-23 कोड़े मारे गए। रिजाल ने कहा कि शरिया कानून के तहत कोई अपवाद नहीं किया जाता, यहां तक कि अपने ही कर्मियों के लिए भी नहीं।

    उन्होंने कहा कि कानून के उल्लंघन से संस्थान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है।

    गौरतलब है कि आचे प्रांत में जुआ खेलने, शराब पीने, समलैंगिक संबंध बनाने और शादी के बाहर यौन संबंध रखने जैसे मामलों में अब भी बेंत से कोड़े मारने की सजा को व्यापक समर्थन प्राप्त है। पिछले वर्ष भी शरिया अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद दो पुरुषों को सार्वजनिक रूप से 76-76 कोड़े मारे गए थे।

  • अल-कायदा और हमास जैसे आतंकी संगठनों की सूची में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स …

    अल-कायदा और हमास जैसे आतंकी संगठनों की सूची में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स …


    वाशिंगटन। यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कल्लास ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर क्रूर दमन के दौरान 6,373 लोगों की हत्या करने वाले ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर को यूरोपीय संघ आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध करने जा रहा है. इस कदम के लिए यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के सर्वसम्मत समर्थन की आवश्यकता होगी और उम्मीद है कि इससे ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर को अल-कायदा, इस्लामिक स्टेट, दाएश और हमास जैसे आतंकी समूहों के साथ जोड़ा जाएगा.

    कल्लास ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा, “यदि आप आतंकवादी के रूप में कार्य करते हैं, तो आपके साथ आतंकवादी जैसा व्यवहार भी किया जाना चाहिए.”

    एस्टोनिया की पूर्व प्रधानमंत्री रह चुकीं कल्लास ने कहा कि इससे एक स्पष्ट संदेश जाएगा कि यदि आप लोगों का दमन कर रहे हैं, तो इसकी कीमत चुकानी होगी और इसके लिए आपको दंडित किया जाएगा.

    फ्रांस पहले विरोध में था, अब किया समर्थन

    पहले फ्रांस ने रिवोल्यूशनरी गार्ड को आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध करने पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि उसे आशंका थी कि इससे ईरान में हिरासत में लिए गए फ्रांसीसी नागरिकों के साथ-साथ राजनयिक मिशनों को भी खतरा हो सकता है. हालांकि, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के कार्यालय ने बुधवार को संकेत दिया कि पेरिस इस निर्णय का समर्थन करता है.

    फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने गुरुवार को ब्रुसेल्स में विदेश मामलों की परिषद के समक्ष कहा कि फ्रांस ईरान पर और प्रतिबंध लगाने और उसे सूचीबद्ध करने का समर्थन करता है, “क्योंकि किए गए अपराधों के लिए किसी को भी छूट नहीं दी जा सकती.” उन्होंने कहा, “ईरान में, ईरानी जनता के शांतिपूर्ण विद्रोह के दमन को अनदेखा नहीं किया जा सकता.”

    इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर, या ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स, ईरान की सेना की सबसे शक्तिशाली शाखा और उसकी राजनीतिक और आर्थिक संरचना का एक प्रमुख स्तंभ है. 1979 में अयातुल्ला खुमैनी द्वारा इस्लामी क्रांति की रक्षा के लिए स्थापित, यह नियमित सेना से स्वतंत्र रूप से कार्य करता है और केवल सर्वोच्च नेता के प्रति जवाबदेह है.

  • TVK के प्रस्‍ताव पर कांग्रेस बोली- राहुल गांधी ही हमारा ‘बूस्ट’

    TVK के प्रस्‍ताव पर कांग्रेस बोली- राहुल गांधी ही हमारा ‘बूस्ट’

    चैन्‍नई। दक्षिण के चुनावी राज्य तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। दरअसल, अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) की ओर से कांग्रेस को गठबंधन का प्रस्ताव मिला है। यह पेशकश विजय के पिता और प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक एस.ए. चंद्रशेखर ने की है। तिरुवारूर जिले में एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि कांग्रेस तमिलनाडु में अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाश रही है और विजय उसे फिर से ‘पुरानी शान’ दिलाने को तैयार हैं।

    उन्होंने कहा, “कांग्रेस का एक इतिहास और विरासत रही है। अब वह ढलान पर है लेकिन विजय कांग्रेस को समर्थन देने के लिए तैयार हैं। यह मौका कांग्रेस को गंवाना नहीं चाहिए।” हालांकि, अभी तक न तो विजय और न ही उनकी पार्टी TVK ने इस प्रस्ताव की आधिकारिक पुष्टि या खंडन किया है।

    कांग्रेस बोली- राहुल गांधी ही हमारा ‘बूस्ट’
    विजय के पिता के इस बयान पर कांग्रेस की ओर से भी तुरंत प्रतिक्रिया आई।

    तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष के. सेल्वापेरुंथगई ने इस ऑफर को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने तंज़ कसते हुए कहा, “हमारे कार्यकर्ताओं को किसी बाहरी बूस्ट की जरूरत नहीं है। हमारे नेता राहुल गांधी ही हमें ‘बूस्ट, हॉर्लिक्स और बॉर्नविटा’ दे रहे हैं।” बावजूद इसके चंद्रशेखर के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा और तेज कर दी है।
    DMK से बढ़ती दूरी?
    कांग्रेस का यह बयान सख़्त जरूर है, लेकिन सियासी अटकलें थमी नहीं हैं। कांग्रेस फिलहाल सत्तारूढ़ DMK की सहयोगी है और 2019, 2021 और 2024 के चुनावों में दोनों ने साथ मिलकर जीत हासिल की थी। लेकिन अब कांग्रेस DMK से सत्ता में हिस्सेदारी चाहती है। सूत्रों के हवाले से NDTV की रिपोर्ट में कहा गया है कि कांग्रेस कम से कम छह मंत्री पद मांग रही है, जिस पर DMK अभी तक सहमत नहीं हुई है।
    सीट बंटवारे पर भी फंसा पेच
    इसके अलावा आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सीट बंटवारे पर भी दोनों दलों में सहमति नहीं बन पाई है। कांग्रेस चाहती है कि उसे कम से कम 35 सीटें मिलें लेकिन DMK 19 से ज़्यादा सीटें देने को तैयार नहीं है। यही वजह है कि कांग्रेस के भीतर असंतोष बढ़ता जा रहा है। 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने राज्य में DMK गठबंधन के साथ 9 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि 2021 के विधानसभा चुनावों में 25 में से 18 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

    TVK का ऑफर क्यों लुभावना?
    सूत्रों के अनुसार, TVK ने कांग्रेस को 60 से अधिक सीटें और सरकार बनने की स्थिति में मंत्री पदों का भी संकेत दिया है। यही कारण है कि भले ही सार्वजनिक तौर पर कांग्रेस इनकार कर रही हो, लेकिन अंदरखाने इस प्रस्ताव पर मंथन जारी है। विश्लेषकों का कहना है कि तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण बनते-बिगड़ते देर नहीं लगती। ऐसे में कांग्रेस और विजय की पार्टी के बीच संभावित गठबंधन को पूरी तरह नकारा भी नहीं जा सकता। आने वाले दिनों में यह साफ़ होगा कि कांग्रेस DMK के साथ बनी रहती है या किसी नए सियासी रास्ते की ओर बढ़ती है।