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  • भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में ऐतिहासिक उछाल..

    भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में ऐतिहासिक उछाल..


    नई दिल्ली।भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में एक बार फिर जबरदस्त मजबूती देखने को मिली है। 16 जनवरी को समाप्त हुए सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 14.167 बिलियन डॉलर की तेज बढ़त के साथ 701.360 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। यह उछाल न केवल हाल के महीनों में सबसे बड़ी साप्ताहिक वृद्धि में से एक माना जा रहा है, बल्कि यह भारत की आर्थिक स्थिरता और वैश्विक भरोसे को भी दर्शाता है।इससे पहले 9 जनवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में केवल 392 मिलियन डॉलर की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। ऐसे में एक ही सप्ताह में 14 अरब डॉलर से अधिक की छलांग को अर्थशास्त्री और बाजार विशेषज्ञ बेहद सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।

    भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक फॉरेन करेंसी एसेट्स यानी एफसीए इस वृद्धि में प्रमुख कारण रहा। 16 जनवरी को समाप्त सप्ताह में एफसीए में 9.652 बिलियन डॉलर का इजाफा हुआ, जिससे इसकी कुल वैल्यू बढ़कर 560.518 बिलियन डॉलर हो गई। एफसीए में अमेरिकी डॉलर के साथ-साथ यूरो, पाउंड और जापानी येन जैसी प्रमुख वैश्विक मुद्राएं शामिल होती हैं, जिनका मूल्यांकन डॉलर के संदर्भ में किया जाता है।सोने के भंडार में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि में गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 4.623 बिलियन डॉलर बढ़कर 117.454 बिलियन डॉलर हो गई। वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है और इसमें बढ़ोतरी भारत की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति को मजबूत बनाती है।

    हालांकि, स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स यानी एसडीआर और आईएमएफ में भारत की रिजर्व पोजिशन में हल्की गिरावट दर्ज की गई। एसडीआर की वैल्यू 35 मिलियन डॉलर घटकर 18.704 बिलियन डॉलर रह गई, जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में रिजर्व पोजिशन 73 मिलियन डॉलर घटकर 4.684 बिलियन डॉलर पर आ गई।आंकड़ों पर नजर डालें तो इससे पहले 17 अक्टूबर 2025 को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 702.25 बिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंचा था। वहीं, देश का अब तक का ऑल-टाइम हाई विदेशी मुद्रा भंडार 704.89 बिलियन डॉलर रहा है, जो सितंबर 2024 में दर्ज किया गया था। मौजूदा आंकड़े उस रिकॉर्ड स्तर के बेहद करीब हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी देश के लिए मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार उसकी आर्थिक सेहत का अहम संकेतक होता है। यह न केवल आयात भुगतान और बाहरी झटकों से निपटने में मदद करता है, बल्कि मुद्रा विनिमय दर को स्थिर रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। जब डॉलर के मुकाबले रुपये पर दबाव बढ़ता है, तब केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा भंडार का उपयोग कर रुपये को सहारा देता है।

    बढ़ता हुआ विदेशी मुद्रा भंडार इस बात का संकेत भी है कि देश में विदेशी निवेश और डॉलर की आवक मजबूत बनी हुई है। इससे भारत की वैश्विक व्यापार क्षमता बढ़ती है और अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलती है। कुल मिलाकर, विदेशी मुद्रा भंडार में यह उछाल भारत की आर्थिक स्थिति के लिए बेहद सकारात्मक और भरोसेमंद संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

  • वास्तु टिप्स: बाथरूम की खाली बाल्टी बन सकती है कंगाली का कारण, सुख-समृद्धि के लिए अभी बदलें ये आदत

    वास्तु टिप्स: बाथरूम की खाली बाल्टी बन सकती है कंगाली का कारण, सुख-समृद्धि के लिए अभी बदलें ये आदत


    नई दिल्ली । वास्तु शास्त्र में घर के हर कोने की अपनी एक ऊर्जा होती है। अक्सर हम लिविंग रूम या बेडरूम को सजाने और वास्तु के अनुरूप बनाने में घंटों बिता देते हैं, लेकिन बाथरूम जैसी जगह को नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार बाथरूम घर का वह हिस्सा है जहाँ से सबसे ज्यादा नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न हो सकती है। यहाँ रखी एक खाली बाल्टी न केवल आपके मानसिक तनाव को बढ़ा सकती है बल्कि आपके हंसते खेलते घर को आर्थिक तंगी की ओर भी धकेल सकती है।

    खाली बाल्टी क्यों है खतरनाक

    वास्तु विज्ञान में पानी को संपन्नता और प्रवाह का प्रतीक माना गया है। जिस प्रकार बहता हुआ स्वच्छ जल सकारात्मकता लाता है उसी प्रकार बाथरूम में रखी खाली बाल्टी जीवन में अभाव और खालीपन को दर्शाती है। आर्थिक तंगी विशेषज्ञों का मानना है कि खाली बाल्टी घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश को रोकती है। यह धन के आगमन में बाधा उत्पन्न करती है और अनावश्यक खर्चों को बढ़ाती है। मानसिक अशांति और चंद्रमा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जल का सीधा संबंध चंद्रमा से है जो हमारे मन का कारक है। जब हम रात के समय बाथरूम में खाली बर्तन या बाल्टी छोड़ते हैं तो यह मानसिक दोष उत्पन्न करता है जिससे परिवार के सदस्यों में तनाव चिड़चिड़ापन और नींद की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

    इन बातों का रखें विशेष ध्यान

    हमेशा भरकर रखें पानी वास्तु के अनुसार, बाथरूम में बाल्टी को हमेशा साफ पानी से भरकर रखना चाहिए। यदि आप पूरी बाल्टी नहीं भर सकते तो कम से कम आधा जरूर भरें। यह घर में खुशहाली और लक्ष्मी के आगमन का मार्ग प्रशस्त करता है। नीले रंग का महत्व वास्तु में नीले रंग की बाल्टी को सबसे शुभ माना गया है। नीला रंग जल का प्रतीक है और यह घर के वास्तु दोषों को कम करने में मदद करता है।साफ-सफाई है जरूरी बाल्टी केवल भरी हुई ही नहीं बल्कि साफ भी होनी चाहिए। टूटी हुई या गंदी बाल्टी दरिद्रता को न्यौता देती है।

    दरवाजा रखें बंद उपयोग के बाद बाथरूम का दरवाजा हमेशा बंद रखना चाहिए ताकि वहां की नकारात्मक ऊर्जा घर के बाकी हिस्सों में न फैले। विशेष टिप यदि आप रात को बाल्टी भरकर रखते हैं, तो ध्यान रखें कि वह पानी सुबह के समय इस्तेमाल कर लिया जाए या बदल दिया जाए। बासी और गंदा पानी भी वास्तु दोष का कारण बनता है।

  • अब DDA फ्लैट निवासियों को राहत, हर बुधवार साइट-लेवल शिकायत निवारण शुरू

    अब DDA फ्लैट निवासियों को राहत, हर बुधवार साइट-लेवल शिकायत निवारण शुरू



    नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने फ्लैट निवासियों को बड़ी राहत दी है। अब DDA के फ्लैट्स में रहने वाले लोगों को रोज़मर्रा की समस्याओं के लिए DDA ऑफिस के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। प्राधिकरण ने हर बुधवार साइट-लेवल जनसुनवाई शुरू करने का फैसला लिया है, जिसमें साइट इंजीनियर सीधे शिकायत सुनकर समाधान करेंगे।

    हर बुधवार 2:30 से 4 बजे तक जनसुनवाई
    DDA के हाउसिंग डिप्टी डायरेक्टर चिन्मय चक्रवर्ती ने 19 जनवरी को एक आधिकारिक सर्कुलर जारी किया है। सर्कुलर के अनुसार यह जनसुनवाई हर बुधवार दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक होगी।

    पानी, बिजली, सीवर, मरम्मत सहित सभी शिकायतों का समाधान
    जनसुनवाई में फ्लैट्स से जुड़ी सभी बुनियादी और तकनीकी समस्याओं पर सुनवाई होगी, जिनमें शामिल हैं

    पीने के पानी की आपूर्ति में बाधा

    सीवर, ड्रेनेज और गंदे पानी की निकासी

    फ्लैट्स की मरम्मत और नियमित मेंटेनेंस

    इलेक्ट्रिकल और स्ट्रक्चरल समस्याएं

    हाउसिंग स्कीम से जुड़े लंबित मामले

    फ्लैट की पोज़िशन, अलॉटमेंट और हैंडओवर से संबंधित शिकायतें

    जमीनी स्तर पर समाधान, पारदर्शिता और जवाबदेही
    DDA अधिकारियों का कहना है कि इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य समस्याओं का समाधान जमीनी स्तर पर और कम समय में करना है। साइट इंजीनियरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिकायतों को केवल दर्ज न करें, बल्कि समाधान की स्पष्ट समय-सीमा तय करते हुए कार्रवाई शुरू करें। अब तक फ्लैट निवासियों को अलग-अलग विभागों के बीच भटकना पड़ता था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत वे सीधे अपने साइट के जिम्मेदार इंजीनियर से संपर्क कर सकेंगे, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी।

  • U19 World Cup में भी होगा भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबला, बन रहे हैं ये समीकरण

    U19 World Cup में भी होगा भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबला, बन रहे हैं ये समीकरण


    नई दिल्ली।अंडर 19 विश्व कप 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम कमाल का खेल दिखा रही है। पहले दो मैच जीतकर ही टीम इंडिया ने अगले राउंड में अपनी जगह पक्की कर ली थी भारत का आखिरी लीग मैच बाकी है लेकिन इससे पहले ही एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबले की संभावना नजर आने लगी है। लीग स्टेज में इन दोनों के बीच मैच नहीं हुआ लेकिन आगे को लेकर जो समीकरण बन रहे हैं वो काफी दिलचस्प हैं। चलिए जरा नजर डालते हैं कि क्या सिनेरियो बन रहा है। भारत और पाकिस्तान ने कर ली है अगले राउंड में अपनी जगह पक्की
    इस वक्त जिम्बाब्वे और नामिबिया में अंडर 19 विश्व कप खेला जा रहा है। अब लीग स्टेज के मैच खत्म होने को हैं। भारत और न्यूजीलैंड की अंडर 19 टीमें शनिवार को आमने सामने होंगी। हालांकि इससे पहले ही दोनों टीमें अगले राउंड की अपनी सीट बुक कर चुकी हैं। भारतीय टीम भारतीय टीम वैसे तो अभी अपने ग्रुप में टॉप की कुर्सी पर काबिज है लेकिन आखिरी स्टैंडिंग क्या होगी ये न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच से ही तय होगा। और इसी के बाद पता चलेगा कि क्या भारत और पाकिस्तान के बीच एक और ​क्रिकेट मुकाबला हो पाएगा कि नहीं।

    इस बार हिस्सा ले रही हैं 16 टीमें 12 टीमें अगले राउंड में जाएंगी
    आईसीसी ने अंडर 19 विश्व कप के लिए सभी टीमों को चार ग्रुप में बांटा है। इस बार इस टूर्नामेंट में कुल 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं। यानी हर ग्रुप में चार टीमें हैं। इसमें जो टॉप की 3 टीमें होंगी वो अगले राउंड यानी सुपर 6 में जाएंगी। जो तय हो चुकी हैं। ग्रुप बी और सी को मिलाकर एक ग्रुप बनाया जाएगा और ग्रुप ए और डी को मिलाकर एक ग्रुप बनाया जाएगा। भारतीय टीम को जहां एक ओर ग्रुप बी में है वहीं पाकिस्तानी टीम ग्रुप सी में है। यानी दोनों टीमें एक ही सुपर 6 ग्रुप में आए जाएंगी। लेकिन केवल इतने भर से भारत बनाम पाकिस्तान मैच नहीं हो जाएगा। इसके लिए एक और कंडीशन लगाई गई है।

    इस समीकरण को समझ लीजिए
    सुपर 6 में टीमें एक दूसरे से खेलेंगी लेकिन दूसरे ग्रुप की समान नंबर पर आई टीम से उनका मैच नहीं होगा। इसे आप उदाहरण से समझिए। पाकिस्तानी टीम ग्रुप सी में है। पाकिस्तानी टीम अपने सारे लीग मैच खेल चुकी है और टीम इस वक्त दूसरे नंबर पर है। अब पाकिस्तानी टीम ग्रुप बी की टीम से नहीं भिड़ेगी। यानी भारतीय टीम अगर दूसरे नंबर पर रहती है तो उसका पाकिस्तान से मैच नहीं होगा लेकिन पहले और तीसरे पर रहने से मैच हो जाएगा।

    भारत बनाम न्यूजीलैंड मैच के बाद तय होगी महामुकाबले की तारीख
    भारतीय टीम चार अंक लेकर अपने ग्रुप में नंबर एक पर है वहीं न्यूजीलैंड की टीम दो अंक लेकर दूसरे स्थान पर है। शनिवार को जब भारत और न्यूजीलैंड के बीच मैच होगा तो अगर टीम इंडिया जीती तो वो पहले ही नंबर पर रहेगी। यानी भारत और पाकिस्तान के बीच मैच हो जाएगा। लेकिन अगर टीम इंडिया हारी और ज्यादा अंतर से हारी तो वो दूसरे नंबर पर पहुंच जाएगी यानी फिर मैच नहीं होगा। न्यूजीलैंड की जीत से उसके चार अंक तो हो जाएंगे जो कि भारत के बराबर होंगे। लेकिन भारत का नेट रन रेट काफी अच्छा है। ऐसे में भारतीय टीम को अगर बड़ी हार मिलती है तभी वो दूसरे नंबर पर आएगी। यानी स​ब कुछ भारत बनाम न्यूजीलैंड दूसरे मैच पर निर्भर करेगा कि क्या होगा। जो भी अपडेट होगा उसके बारे में हम आपको जानकारी देते रहेंगे।

  • गणतंत्र दिवस 2026: तिरंगे के रंगों में निखारें अपना व्यक्तित्व, इन स्टाइलिंग टिप्स के साथ पाएं परफेक्ट लुक

    गणतंत्र दिवस 2026: तिरंगे के रंगों में निखारें अपना व्यक्तित्व, इन स्टाइलिंग टिप्स के साथ पाएं परफेक्ट लुक


    नई दिल्ली । 26 जनवरी का दिन केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि हर भारतीय के लिए गर्व, सम्मान और अटूट देशभक्ति का प्रतीक है। गणतंत्र दिवस के इस राष्ट्रीय पर्व पर स्कूल कॉलेज से लेकर ऑफिस तक के आयोजनों में हर कोई अपनी उपस्थिति को खास बनाना चाहता है। यदि आप भी इस खास मौके पर अपनी वेशभूषा के जरिए देशभक्ति का संदेश देना चाहती हैं और साथ ही सबसे ग्रेसफुल व शालीन दिखना चाहती हैं तो तिरंगे के रंगों का सही तालमेल आपकी सुंदरता में चार चांद लगा सकता है।

    इस विशेष अवसर के लिए ‘तिरंगा थीम’ अपनाते समय सबसे महत्वपूर्ण है रंगों का सही संतुलन। फैशन विशेषज्ञों का मानना है कि केसरिया सफेद और हरे रंग का उपयोग इस तरह होना चाहिए कि वह भड़काऊ न लगे। उदाहरण के तौर पर यदि आप शांति और शुद्धता के प्रतीक सफेद रंग का कुर्ता या अनारकली सूट पहन रही हैं तो उसके साथ लहरिया स्टाइल का तिरंगा दुपट्टा कैरी करें। आप चाहें तो केसरिया रंग का कुर्ता और सफेद बॉटम के साथ हरा स्टोल भी ले सकती हैं। चूंकि जनवरी में ठंड का असर रहता है, इसलिए अपने आउटफिट के साथ एक स्टाइलिश नेहरू जैकेट या कंट्रास्ट रंग की ऊनी शॉल को शामिल करना एक स्मार्ट और गरिमामय विकल्प होगा।

    स्टाइलिंग की बात हो तो मेकअप और हेयरस्टाइल पर ध्यान देना अनिवार्य है। इस दिन के लिए लेस इज मोर कम ही ज्यादा है का मंत्र सबसे सटीक बैठता है। भारी-भरकम मेकअप के बजाय एक लाइट बेस या बीबी क्रीम का उपयोग करें। अपनी आंखों को थोड़ा पॉप-अप लुक देने के लिए आप तिरंगे के रंगों वाला आईलाइनर लगा सकती हैं या नाखूनों पर सूक्ष्म ‘ट्राई-कलर नेल आर्ट’ करवाकर अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित कर सकती हैं। बालों को बहुत ज्यादा उलझाने के बजाय एक साफ-सुथरी नीट पोनीटेल, सलीके से बना लो-बन या पारंपरिक चोटी आपके व्यक्तित्व को एक परिपक्व और गंभीर लुक देगी।

    गणतंत्र दिवस पर आपका पहनावा न केवल आपकी स्टाइल को दर्शाता है, बल्कि राष्ट्र के प्रति आपके सम्मान को भी प्रकट करता है। याद रखें, सादगी और शालीनता ही वह कुंजी है जो आपको भीड़ में सबसे अलग और आकर्षक बनाएगी। तो इस 26 जनवरी, आत्मविश्वास के साथ तिरंगे के रंगों को ओढ़ें और गणतंत्र का उत्सव मनाएं।

  • गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सिनेमा की झांकी, संजय लीला भंसाली को मिली जिम्मेदारी

    गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सिनेमा की झांकी, संजय लीला भंसाली को मिली जिम्मेदारी


    नई दिल्ली।गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर निकलने वाली झांकियां हर वर्ष भारत की सांस्कृतिक विविधता इतिहास और रचनात्मक शक्ति को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती हैं। इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सिनेमा को मिलने वाला सम्मान खास तौर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। मशहूर फिल्म निर्देशक और निर्माता संजय लीला भंसाली द्वारा भारतीय सिनेमा पर आधारित विशेष झांकी की प्रस्तुति की जाएगी जिसे फिल्म इंडस्ट्री ने गौरव का क्षण बताया है।

    इस अवसर पर इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन आईएफटीडीए ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर आभार व्यक्त किया है। पत्र में संस्था ने कहा कि भारतीय फिल्म उद्योग इस बात से गर्व महसूस कर रहा है कि संजय लीला भंसाली जैसे प्रतिष्ठित निर्देशक को गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सिनेमा का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। भंसाली कर्तव्य पथ पर सदाबहार और ऐतिहासिक फिल्मों से प्रेरित एक विशेष झांकी प्रस्तुत करेंगे।आईएफटीडीए ने संजय लीला भंसाली को भारतीय सिनेमा का शोमैन और मास्टर ऑफ क्राफ्ट बताते हुए कहा कि उनकी फिल्मों की भव्यता, दृश्य सौंदर्य, संगीत और भावनात्मक गहराई ने भारतीय सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाई है। ऐसे में गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय मंच पर उनकी सिनेमाई यात्रा से प्रेरित झांकी का प्रदर्शन पूरे देश के लिए गर्व की बात है।

    पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि यह झांकी दर्शकों के लिए यादगार अनुभव होगी। इससे न केवल परेड देखने वाले लोगों का मनोरंजन बढ़ेगा, बल्कि परेड में शामिल प्रतिभागियों के भीतर भी नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होगा। भारतीय सिनेमा की यह प्रस्तुति देश की सांस्कृतिक शक्ति और रचनात्मक विरासत को और मजबूती से सामने लाएगी।

    संस्था ने इस पहल के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन एनएफडीसी का भी आभार जताया। पत्र में कहा गया कि इन संस्थानों के सहयोग से ही भारतीय सिनेमा को राष्ट्रीय मंच पर इस तरह प्रस्तुत करने का अवसर संभव हो पाया है। यह कदम इस बात का संकेत है कि सरकार भारतीय सिनेमा को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक धरोहर के रूप में भी देखती है।

    आईएफटीडीए ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल रहा है। गणतंत्र दिवस जैसे ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय सिनेमा को यह स्थान देना फिल्म जगत के लिए सम्मान की बात है और इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण के रूप में देखा जाएगा।

  • उज्जैन के तराना में फिर भड़की हिंसा: घरों पर पथराव, बस में आग, 300 पुलिस जवान तैनात

    उज्जैन के तराना में फिर भड़की हिंसा: घरों पर पथराव, बस में आग, 300 पुलिस जवान तैनात



    नई दिल्ली। उज्जैन जिले के तराना कस्बे में गुरुवार शाम शुरू हुआ विवाद शुक्रवार को हिंसक रूप ले गया। सोहेल ठाकुर पर हमले के बाद उपद्रवियों ने कई घरों पर पत्थरबाजी की और एक बस में आग लगा दी, जिससे इलाके में भय का माहौल बन गया। पुलिस-प्रशासन ने स्थिति को गंभीर मानते हुए पूरे कस्बे को छावनी में तब्दील कर दिया है।

    सोहेल ठाकुर पर हमला, माहौल हुआ तनावपूर्ण
    पुलिस के अनुसार गुरुवार शाम तराना में कुछ युवकों के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान सोहेल ठाकुर नामक युवक पर प्राणघातक हमला किया गया।

    इस घटना के विरोध में शुक्रवार को तनाव बढ़ा और कुछ शरारती तत्वों ने उग्र होकर हिंसा की।

    घरों पर पथराव, बस में आग
    उपद्रवियों ने मोहल्लों में घुसकर कई घरों पर पथराव किया, जिससे कई खिड़कियों के शीशे टूट गए। इसके बाद भीड़ ने एक बस में आग लगा दी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    300 से ज्यादा जवान तैनात, ड्रोन और CCTV से निगरानी
    उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने खुद मोर्चा संभाला और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने सोहेल की शिकायत पर 6 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला दर्ज किया है, जिनमें से 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक आरोपी की तलाश अभी जारी है।

    शांति बहाल करने के लिए प्रशासन ने तराना में 300 से अधिक पुलिस जवान तैनात किए हैं। साथ ही ड्रोन कैमरा और CCTV फुटेज के जरिए संदिग्धों की पहचान की जा रही है।

    सोहेल की हालत स्थिर, अस्पताल में उपचार
    हमले में घायल सोहेल ठाकुर का इलाज जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी हालत अब खतरे से बाहर है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

  • ₹12.5 करोड़ की लग्जरी घड़ी लॉन्च, वनतारा को समर्पित खास डिज़ाइन..

    ₹12.5 करोड़ की लग्जरी घड़ी लॉन्च, वनतारा को समर्पित खास डिज़ाइन..


    नई दिल्ली ।लग्जरी घड़ियों की दुनिया में एक बार फिर शिल्पकला और नवाचार का अनोखा उदाहरण देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय वॉच ब्रांड जैकब एंड कंपनी ने 21 जनवरी को अपनी नई एक्सक्लूसिव टाइमपीस ओपेरा वनतारा ग्रीन कैमो को लॉन्च किया। यह घड़ी गुजरात में स्थित अनंत अंबानी के महत्वाकांक्षी वन्यजीव संरक्षण और पुनर्वास प्रोजेक्ट वनतारा को समर्पित है। सीमित संस्करण में तैयार की गई इस घड़ी की कीमत करीब 1.5 मिलियन डॉलर यानी लगभग 12.5 करोड़ रुपये आंकी गई है।

    इस लग्जरी वॉच का सबसे आकर्षक पहलू इसका थिएटर-स्टाइल डायल है। डायल के भीतर बेहद बारीक कारीगरी से बनाई गई मिनिएचर आकृतियां लगाई गई हैं। इनमें नीली फ्लोरल शर्ट पहने अनंत अंबानी की मूर्ति प्रमुख रूप से दिखाई देती है। उनके साथ एक शेर और एक बंगाल टाइगर की सूक्ष्म आकृतियां भी शामिल हैं, जो वनतारा परियोजना की आत्मा और वन्यजीव संरक्षण की भावना को दर्शाती हैं। डायल में सोने से उकेरा गया हाथी और Vantara नाम भी शामिल किया गया है, जो इस घड़ी को प्रतीकात्मक पहचान देता है।

    डिजाइन को जंगल से प्रेरित लुक देने के लिए इसमें ग्रीन कैमुफ्लाज मोटिफ का उपयोग किया गया है। घड़ी में कुल 397 कीमती रत्न जड़े गए हैं, जिनका कुल वजन लगभग 21.98 कैरेट है। इनमें डिमेंटोइड गार्नेट, सावोराइट्स, हरे रंग के नीलम और सफेद हीरे शामिल हैं। इन रत्नों की बारीक सजावट घड़ी को एक विशिष्ट और बेहद प्रीमियम पहचान देती है।

    तकनीकी दृष्टि से भी यह घड़ी बेहद खास मानी जा रही है। यह जैकब एंड कंपनी के प्रतिष्ठित ओपेरा कलेक्शन का हिस्सा है, जिसमें जटिल म्यूजिकल मैकेनिज्म दिया गया है। बटन दबाते ही घड़ी से धुन निकलती है और उसी के साथ पूरा डायल अनंत अंबानी, शेर और बाघ की आकृतियों सहित घूमने लगता है। घड़ी निर्माण की दुनिया में म्यूजिक और रोटेटिंग मैकेनिज्म का यह संयोजन अत्यंत दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण माना जाता है।

    जिस वनतारा प्रोजेक्ट से यह घड़ी प्रेरित है, वह गुजरात के जामनगर में रिलायंस के रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स के भीतर फैला लगभग 3500 एकड़ का विशाल वन्यजीव पुनर्वास केंद्र है। इसका उद्घाटन मार्च 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। यहां डेढ़ लाख से अधिक पशुओं की देखभाल की जाती है और हाथियों के लिए विशेष अस्पताल के साथ MRI और CT स्कैन जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस एक अत्याधुनिक वाइल्डलाइफ हॉस्पिटल भी स्थापित किया गया है।कुल मिलाकर ओपेरा वनतारा ग्रीन कैमो केवल एक महंगी लग्जरी घड़ी नहीं बल्कि कला तकनीक और वन्यजीव संरक्षण के संदेश को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का एक प्रतीक बनकर सामने आई है।

  • प्रखर राष्ट्रवाद के प्रतीक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाला साहेब ठाकरे की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि

    प्रखर राष्ट्रवाद के प्रतीक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाला साहेब ठाकरे की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि


    भोपाल। प्रखर हिंदुत्व और सशक्त राष्ट्रवादी विचारधारा के ध्वजवाहक शिवसेना के संस्थापक स्वर्गीय बाला साहेब ठाकरे की जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने बाला साहेब के व्यक्तित्व को अदम्य साहस और निर्भीकता का पर्याय बताते हुए राष्ट्र के प्रति उनके योगदान का स्मरण किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि बाला साहेब ठाकरे मात्र एक राजनेता नहीं, बल्कि एक प्रखर राष्ट्रवादी विचारधारा के जीवंत प्रतीक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन वंचितों श्रमिकों और समाज के गरीब तबकों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बाला साहेब का जीवन साहस स्वाभिमान और बिना किसी समझौते के की गई निर्भीक राष्ट्र सेवा का एक अनुपम उदाहरण है जो आज भी करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र है।

    डॉ. यादव ने आगे कहा कि देश की एकता और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा के लिए बाला साहेब द्वारा उठाए गए कदम सदैव इतिहास में दर्ज रहेंगे। उनके ओजस्वी विचार और जनहित के प्रति उनकी कटिबद्धता ने भारतीय राजनीति में एक विशिष्ट स्थान बनाया है। मुख्यमंत्री के इस नमन ने एक बार फिर बाला साहेब की उन स्मृतियों को ताजा कर दिया है जहाँ उन्होंने सदैव राष्ट्र प्रथम की भावना को सर्वोपरि रखा।

  • विद्या की देवी का आशीष: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बसंत पंचमी पर प्रदेशवासियों को दीं मंगलकामनाएं

    विद्या की देवी का आशीष: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बसंत पंचमी पर प्रदेशवासियों को दीं मंगलकामनाएं


    भोपाल। ऋतुराज बसंत के आगमन और ज्ञान, कला एवं संगीत की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की आराधना के महापर्व ‘बसंत पंचमी’ के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस पावन पर्व पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-समृद्धि और नागरिकों के बौद्धिक उत्कर्ष की मंगलकामना की है।

    अपने शुभकामना संदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बसंत पंचमी का यह उत्सव हमारे जीवन में नवीन ऊर्जा और नई चेतना का संचार करता है। उन्होंने विशेष रूप से प्रार्थना की कि अक्षर, स्वर और ज्ञान की देवी मां सरस्वती की असीम कृपा हम सभी पर बनी रहे। मुख्यमंत्री ने कामना की कि मां शारदे का आशीर्वाद सभी के जीवन को अगाध ज्ञान, अद्भुत सृजनशीलता, अपार सुख और स्थायी समृद्धि से परिपूर्ण करे।

    मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ज्ञान ही वह प्रकाश है जो समाज को उन्नति के मार्ग पर ले जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि बसंत पंचमी का दिन हमें विद्या और शिक्षा के प्रति समर्पित होने की प्रेरणा देता है। मध्यप्रदेश की धरती, जो सदा से ही ज्ञान और अध्यात्म का केंद्र रही है वहां यह पर्व नई ऊंचाइयों को छूने का संकल्प लेने का अवसर है।

    राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश के शिक्षण संस्थानों और घरों में आज सुबह से ही उल्लास का माहौल है। बसंती परिधानों और पीले फूलों के साथ मां सरस्वती का पूजन अर्चन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की इन शुभकामनाओं ने उत्सव के आनंद को और बढ़ा दिया है जो प्रदेश की सांस्कृतिक और शैक्षिक विरासत को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान करती हैं।