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  • गाने की शूटिंग पूरी, जल्द आएगी रिलीज डेट: ‘लव एंड वॉर’ को लेकर बड़ी अपडेट..

    गाने की शूटिंग पूरी, जल्द आएगी रिलीज डेट: ‘लव एंड वॉर’ को लेकर बड़ी अपडेट..

    नई दिल्ली। बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक संजय लीला भंसाली अपनी भव्य फिल्मों, गहरी कहानियों और शानदार विजुअल ट्रीटमेंट के लिए जाने जाते हैं। उनकी हर फिल्म का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार रहता है। इन दिनों भंसाली अपनी अपकमिंग फिल्म लव एंड वॉर को लेकर सुर्खियों में हैं, जिसमें रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विकी कौशल पहली बार एक साथ नजर आने वाले हैं। हाल ही में इस फिल्म की रिलीज को लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि यह 2027 में सिनेमाघरों में आएगी, लेकिन अब एक ताजा रिपोर्ट ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया है।

    दरअसल, कुछ दिन पहले एक रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें दावा किया गया था कि लव एंड वॉर की रिलीज 2027 तक टल सकती है। इसकी वजह फिल्म के बड़े पैमाने पर होने वाले एक्शन सीक्वेंस और एरियल शूटिंग को बताया गया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि फिल्म की शूटिंग जून तक पूरी होगी और उसके बाद पोस्ट-प्रोडक्शन में लंबा समय लग सकता है। इस खबर के बाद फैंस थोड़े निराश जरूर हुए थे।लेकिन अब हिंदुस्तान टाइम्स से जुड़े सूत्रों ने इस खबर को महज अफवाह करार दिया है। सूत्रों के मुताबिक संजय लीला भंसाली की लव एंड वॉर पूरी तरह ट्रैक पर है और इसे इसी साल 2026 में रिलीज करने की तैयारी चल रही है। फिल्म की शूटिंग सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है और इसके कई अहम हिस्सों की शूटिंग पहले ही पूरी हो चुकी है।

    सूत्रों ने यह भी खुलासा किया है कि भंसाली ने हाल ही में फिल्म के एक बड़े गाने की शूटिंग पूरी कर ली है। भंसाली की फिल्मों में गानों की भव्यता हमेशा से खास रही है और माना जा रहा है कि यह गाना भी विजुअल और इमोशन के लिहाज से बेहद खास होगा। फिल्म के मुख्य कलाकार रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विकी कौशल अपने-अपने किरदारों को लेकर काफी मेहनत कर रहे हैं।लव एंड वॉर को एक वॉर ड्रामा पर आधारित लव ट्रायंगल बताया जा रहा है, जिसकी कहानी दिग्गज फिल्ममेकर राज कपूर की क्लासिक फिल्म संगम से प्रेरित मानी जा रही है। फिल्म में प्रेम, त्याग, संघर्ष और युद्ध की पृष्ठभूमि में उभरते रिश्तों को बेहद भावनात्मक अंदाज में पेश किया जाएगा।

    शुरुआत में फिल्म को 19 मार्च ईद के मौके पर रिलीज करने की योजना थी, लेकिन अब मेकर्स नई रिलीज डेट पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, फिल्म की रिलीज डेट को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में दर्शकों को अब बस मेकर्स की तरफ से रिलीज डेट के ऐलान का इंतजार है। कुल मिलाकर, रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विकी कौशल की यह मेगा फिल्म 2026 की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक साबित हो सकती है। संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी लव एंड वॉर से दर्शकों को एक बार फिर भव्य सिनेमा और दमदार कहानी की उम्मीद है।

  • महंगे शौक की सनक: कार के लिए जमीन बेचने की जिद, पिता ने किया इनकार तो बेटे ने लगा ली फांसी

    महंगे शौक की सनक: कार के लिए जमीन बेचने की जिद, पिता ने किया इनकार तो बेटे ने लगा ली फांसी

    नई दिल्ली।
    उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जो आधुनिक दौर में युवाओं की बेलगाम होती महत्वाकांक्षाओं और उनके घातक परिणामों की ओर इशारा करती है। जिले के रायपुर गांव में 20 वर्षीय रोहित यादव ने केवल इसलिए अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली क्योंकि उसके माता-पिता उसकी महंगी मांगों को पूरा करने में असमर्थ थे। यह घटना न केवल एक परिवार के उजड़ने की कहानी है बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि कैसे ‘दिखावे की संस्कृति’ युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर हावी हो रही है।

    जमीन बेचकर कार खरीदने का था दबाव मृतक रोहित के पिता बीरेंद्र यादव के अनुसार उनका बेटा पिछले काफी समय से घर वालों पर अनुचित दबाव बना रहा था। उसकी मांग थी कि पुश्तैनी जमीन को बेचकर उसे एक लग्जरी चार पहिया गाड़ी और एक नई मोटरसाइकिल दिलाई जाए। इतना ही नहीं वह अपने लिए एक नई दुकान भी खुलवाना चाहता था। एक मध्यमवर्गीय ग्रामीण परिवार के लिए खेती की जमीन बेचकर ऐशो-आराम के साधन जुटाना मुमकिन नहीं था जिसके चलते परिजन लगातार उसे समझाने की कोशिश कर रहे थे।

    हिंसक व्यवहार और पुरानी चेतावनी रोहित के व्यवहार में जिद और हताशा का मेल इस कदर था कि वह अपनी मांगों को मनवाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहता था। परिजनों ने बताया कि यह पहली बार नहीं था जब उसने ऐसा कदम उठाया हो। साल 2025 में भी उसने कार की मांग को लेकर आत्महत्या का प्रयास किया था। उस वक्त परिवार ने डरकर और उसकी खुशी की खातिर उसे एक नई मोटरसाइकिल दिला दी थी। लेकिन सनक का आलम यह था कि कुछ समय बाद उसने उसी मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया था।

    सूने घर में मौत को लगाया गले घटना वाले दिन घर के अन्य सदस्य अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे और कुछ लोग बाहर गए हुए थे। रोहित घर में अकेला था। इसी बीच अपनी मांग पूरी न होने से आहत और गुस्से में उसने कमरे के भीतर फंदा लगाकर जान दे दी। जब घर वाले वापस लौटे तो रोहित का शव लटका देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हुए और पुलिस को सूचना दी गई।

    पुलिस की कार्रवाई और जांच सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का ही लग रहा है जिसका कारण पारिवारिक अनबन और युवक की जिद बताया जा रहा है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या युवक किसी मानसिक तनाव या गलत सोहबत का शिकार तो नहीं था।यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में सोशल मीडिया और दिखावे की दुनिया युवाओं को वास्तविकता से दूर ले जा रही है जहां धैर्य की कमी उन्हें ऐसे आत्मघाती मोड़ पर खड़ा कर देती है।

  • दिल्ली में पीने के पानी की गुणवत्ता पर बड़ा संकट: CAG रिपोर्ट में भारी चूक, 55% सैंपल फेल

    दिल्ली में पीने के पानी की गुणवत्ता पर बड़ा संकट: CAG रिपोर्ट में भारी चूक, 55% सैंपल फेल


    नई दिल्ली । दिल्ली में पीने के पानी की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा ऑडिट रिपोर्ट में दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की पानी की सप्लाई, निगरानी और ट्रीटमेंट प्रणाली में बड़े स्तर की कमी उजागर हुई है। यह रिपोर्ट 7 जनवरी 2026 को विधानसभा में पेश की गई थी। इसके बाद जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया (JSAI) ने तत्काल सुधार और कार्रवाई की मांग की है।

    ऑडिट रिपोर्ट में क्या मिला?
    CAG की जांच में यह खुलासा हुआ कि 16,234 भूजल सैंपलों में से लगभग 55% पानी पीने योग्य नहीं था।

    अलग-अलग वर्षों में यह अनुपात 49% से 63% के बीच रहा है। रिपोर्ट ने चेतावनी दी कि जिन इलाकों में सैंपल फेल हुए हैं, वहां की पानी की सप्लाई सीधे जनता के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है।

    दिल्ली में पानी की कमी और कमजोर जांच व्यवस्था
    रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दिल्ली को रोजाना लगभग 1,680 मिलियन यूनिट पानी की जरूरत है, लेकिन सप्लाई में करीब 25% की कमी है।
    जिन इलाकों में पानी पहुंच रहा है, उसकी गुणवत्ता की सही निगरानी नहीं हो पा रही है। जांच और मॉनिटरिंग सिस्टम इतने कमजोर हैं कि यह सुनिश्चित करना मुश्किल हो गया है कि पानी स्वास्थ्य के लिहाज से सुरक्षित है या नहीं।

    BIS मानकों के अनुसार जांच नहीं
    CAG रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि दिल्ली जल बोर्ड की प्रयोगशालाओं में BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) के नियमों के अनुसार पानी की जांच नहीं हुई।

    BIS मानकों के अनुसार 43 तरह की जांच आवश्यक है, लेकिन DJB केवल 12 मानकों पर ही पानी की जांच कर रहा था। इसमें आर्सेनिक, लेड और बैक्टीरिया की जांच भी शामिल नहीं थी।

    बिना ट्रीटमेंट पानी की सप्लाई
    रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पिछले पांच वर्षों में 80-90 मिलियन गैलन पानी रोजाना बिना ट्रीटमेंट के सीधे बोरवेल और रैनी वेल से लोगों तक सप्लाई किया गया।विशेषज्ञों का कहना है कि बिना शुद्धिकरण का पानी देने से डायरिया, पीलिया, टायफाइड जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है।

    पानी की सप्लाई का सही आंकड़ा नहीं
    CAG ने यह भी कहा कि दिल्ली के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, जलाशयों और बोरवेल्स पर फ्लो मीटर नहीं लगाए गए।

    इस कारण यह पता नहीं चल पाता कि कितना पानी ट्रीट हो रहा है और कितना बिना जांच के सीधे नागरिकों तक पहुंच रहा है।

    स्वास्थ्य पर गंभीर खतरे
    विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि दूषित पानी पीने से डायरिया, पीलिया, टायफाइड, कैंसर, किडनी-लीवर की समस्याएं हो सकती हैं।आर्सेनिक और लेड जैसे जहरीले तत्व लंबे समय में गंभीर बीमारियां पैदा कर सकते हैं।

    JSAI ने सरकार से मांगा कड़ा एक्शन
    जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया ने कहा कि साफ और सुरक्षित पेयजल हर नागरिक का मौलिक अधिकार है।
    JSAI ने सरकार से मांग की है कि पानी की गुणवत्ता में लापरवाही करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो और हर घर तक सुरक्षित पानी पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही प्रयोगशालाओं को आधुनिक उपकरणों से लैस किया जाए।

    राजनीतिक मुद्दा बन सकता है पानी का संकट
    यह रिपोर्ट सामने आने के बाद दिल्ली विधानसभा चुनाव में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष ने पिछली सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि AAP ने इसे केंद्र सरकार की राजनीति बताया है।

    विशेषज्ञों का समाधान
    विशेषज्ञों का कहना है कि:सभी प्रयोगशालाओं को BIS मानकों के अनुसार आधुनिक बनाना होगा। पर्याप्त स्टाफ और उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।हर ट्रीटमेंट प्लांट में फ्लो मीटर लगें, पानी की नियमित और व्यापक गुणवत्ता जांच हो,बिनाट्रीटमेंट पानी की सप्लाई तुरंत बंद हो।

  • Mukesh Ambani की नई चाल से बढ़ेगी Netflix की टेंशन! जानिए पूरा प्‍लान

    Mukesh Ambani की नई चाल से बढ़ेगी Netflix की टेंशन! जानिए पूरा प्‍लान


    मुंबई। OTT यूजर्स के लिए बड़ी खबर है. JioHotstar ने नए यूजर्स के लिए अपने सब्सक्रिप्शन प्लान्स को अपडेट कर दिया है. ये नए प्लान 28 जनवरी 2026 से लागू होंगे. कंपनी ने अब अपने प्लेटफॉर्म पर मंथली प्लान्स भी जोड़ दिए हैं, जो पहले सिर्फ क्वार्टरली और एनुअल ऑप्शन में आते थे. नए बदलावों के बाद JioHotstar उन लोगों के लिए ज्यादा आसान और किफायती बन गया है जो कम कीमत में OTT कंटेंट देखना चाहते हैं.
    खास बात यह है कि प्लान की शुरुआती कीमत सिर्फ ₹79 रखी गई है.

    तीन कैटेगरी में बांटे गए नए JioHotstar प्लान
    JioHotstar ने नए सब्सक्रिप्शन प्लान्स को तीन अलग-अलग कैटेगरी में लॉन्च किया है—Mobile, Super और Premium. हर प्लान को मंथली, क्वार्टरली और एनुअल अवधि में लिया जा सकता है. इन प्लान्स में फर्क डिवाइस सपोर्ट, कंटेंट एक्सेस और विज्ञापनों के अनुभव के आधार पर किया गया है. इसका मकसद यह है कि हर तरह के यूजर को उसकी जरूरत के हिसाब से विकल्प मिल सके.
    JioHotstar Mobile प्लान: सबसे सस्ता ऑप्शन
    Mobile प्लान खास तौर पर उन यूजर्स के लिए बनाया गया है जो सिर्फ स्मार्टफोन पर OTT कंटेंट देखते हैं. इस प्लान की मंथली कीमत ₹79 रखी गई है, जबकि क्वार्टरली प्लान ₹149 और सालाना प्लान ₹499 में उपलब्ध है.

    इस प्लान में एक समय पर सिर्फ एक मोबाइल डिवाइस पर स्ट्रीमिंग की जा सकती है. हालांकि, इसमें विज्ञापन दिखाए जाएंगे और हॉलीवुड कंटेंट इसमें शामिल नहीं है. फिर भी, भारतीय सीरियल्स, फिल्में और स्पोर्ट्स कंटेंट देखने वालों के लिए यह एक बजट-फ्रेंडली ऑप्शन है.
    Mobile प्लान में हॉलीवुड कंटेंट कैसे देखें
    अगर Mobile प्लान यूजर हॉलीवुड फिल्में और वेब सीरीज देखना चाहते हैं, तो उन्हें अलग से हॉलीवुड ऐड-ऑन लेना होगा. इसके लिए मंथली ₹49, क्वार्टरली ₹129 और सालाना ₹399 का चार्ज देना होगा. यानी कम कीमत में भी यूजर अपनी पसंद के हिसाब से कंटेंट कस्टमाइज कर सकते हैं.
    JioHotstar Super प्लान: मल्टी-डिवाइस यूजर्स के लिए
    Super प्लान उन लोगों के लिए है जो मोबाइल के साथ-साथ लैपटॉप या स्मार्ट टीवी पर भी कंटेंट देखते हैं. इस प्लान की मंथली कीमत ₹149, क्वार्टरली ₹349 और एनुअल कीमत ₹1,099 है. इसमें एक साथ दो डिवाइस पर स्ट्रीमिंग की सुविधा मिलती है. यह प्लान विज्ञापन-समर्थित है, लेकिन इसमें हॉलीवुड कंटेंट पहले से शामिल है, यानी अलग से कोई ऐड-ऑन लेने की जरूरत नहीं पड़ती.

    JioHotstar Premium प्लान: पूरी आजादी, बिना ऐड्स
    Premium प्लान JioHotstar का सबसे महंगा लेकिन सबसे पावरफुल ऑप्शन है. इसकी मंथली कीमत ₹299, क्वार्टरली ₹699 और सालाना ₹2,199 रखी गई है. इस प्लान में चार डिवाइस पर एक साथ स्ट्रीमिंग की सुविधा मिलती है. ऑन-डिमांड कंटेंट पूरी तरह ऐड-फ्री होता है, हालांकि लाइव स्पोर्ट्स और लाइव शोज के दौरान विज्ञापन दिखाए जाएंगे. इसमें सभी कैटेगरी का कंटेंट और हॉलीवुड ऐड-ऑन बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के शामिल है.

  • लक्ष्मी के साथ सरस्वती और गणेश की पूजा क्यों है जरूरी धन बुद्धि और ज्ञान का संतुलन ही बनाता है जीवन सफल

    लक्ष्मी के साथ सरस्वती और गणेश की पूजा क्यों है जरूरी धन बुद्धि और ज्ञान का संतुलन ही बनाता है जीवन सफल


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा केवल आस्था का विषय नहींबल्कि जीवन में संतुलन और सही दिशा पाने का माध्यम मानी जाती है। विशेष रूप से मां लक्ष्मीमां सरस्वती और भगवान गणेश की संयुक्त पूजा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है। शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि केवल धन की देवी मां लक्ष्मी की उपासना की जाए और ज्ञान व बुद्धि की अधिष्ठात्री शक्तियों को असंतुलित हो सकता है।
    मां लक्ष्मी को धनवैभव और समृद्धि की देवी माना जाता है। हर व्यक्ति अपने जीवन में सुख-सुविधाओं और ऐश्वर्य की कामना करता हैजिसके लिए धन आवश्यक है। लेकिन धर्मशास्त्रों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि धन अपने आप में न तो शुभ है और न ही अशुभबल्कि उसका उपयोग ही उसे शुभ या अशुभ बनाता है। धन का सही उपयोग तभी संभव है जब व्यक्ति के पास ज्ञान और विवेक हो। यहीं पर मां सरस्वती और भगवान गणेश का महत्व सामने आता है। मां सरस्वती ज्ञानविद्या और विवेक की देवी हैं। उनके आशीर्वाद से व्यक्ति सही-गलत में भेद करना सीखता है और अपने निर्णयों को समझदारी से ले पाता है। वहीं भगवान गणेश को बुद्धिविवेक और विघ्नहर्ता माना जाता है। वे व्यक्ति को सोचने-समझने की शक्ति देते हैंजिससे वह जीवन में आने वाली बाधाओं को पार कर सके।
    मान्यता है कि यदि किसी घर में केवल मां लक्ष्मी की पूजा की जाए और ज्ञान व बुद्धि की उपेक्षा की जाएतो धन आने के बावजूद उसका सदुपयोग नहीं हो पाता। ऐसा धन व्यक्ति को अहंकारलालच और मोह की ओर ले जा सकता है। परिणामस्वरूप न केवल बुद्धि भ्रष्ट होती हैबल्कि व्यक्ति की नीयत और व्यवहार में भी नकारात्मक बदलाव आने लगते हैं। धन की ऊर्जा अत्यंत शक्तिशाली मानी जाती हैऔर यदि इसे संतुलित ढंग से न संभाला जाए तो यह जीवन में अशांति और पतन का कारण भी बन सकती है।
    इसी कारण धार्मिक परंपराओं में मां लक्ष्मी के साथ मां सरस्वती और भगवान गणेश की पूजा का विधान बताया गया है। इन तीनों की संयुक्त आराधना से व्यक्ति को धन के साथ-साथ ज्ञान और बुद्धि का भी आशीर्वाद मिलता है। इससे न केवल आर्थिक समृद्धि आती हैबल्कि जीवन में संतुलनविवेक और सद्बुद्धि भी बनी रहती है। कलियुग में धन की आवश्यकता से कोई इनकार नहीं कर सकतालेकिन केवल धन के पीछे भागना जीवन का उद्देश्य नहीं होना चाहिए। जब धनज्ञान और बुद्धि का संतुलन बनता हैतभी व्यक्ति सच्चे अर्थों में सुखी और सफल बन पाता है। यही कारण है कि धार्मिक दृष्टि से मां लक्ष्मीमां सरस्वती और भगवान गणेश की एक साथ पूजा को जीवन को सही दिशा देने वाला मार्ग माना गया है।

  • सुशांत सिंह राजपूत: टीवी से बॉलीवुड तक, चमकते सितारे का सफर और 6 साल बाद भी दिलों में बसे सवाल

    सुशांत सिंह राजपूत: टीवी से बॉलीवुड तक, चमकते सितारे का सफर और 6 साल बाद भी दिलों में बसे सवाल



    नई दिल्ली । कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जिन्होंने छोटे पर्दे से अपनी शुरुआत की और फिर बड़े परदे पर भी अपना जलवा बिखेरा। सुशांत सिंह राजपूत भी उन्हीं में से एक थे। टीवी से लेकर बॉलीवुड तक उनका सफर प्रेरणा से कम नहीं था। लेकिन 6 साल पहले एक दुखद घटना ने उनके करोड़ों चाहने वालों को चौंका दिया और वे हमारे बीच नहीं रहे। आज, 21 जनवरी को उनके जन्मदिन पर हम याद करते हैं उनके फिल्मी सफर को।

    टीवी से चमकती शुरुआत
    सुशांत ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत 2008 में टीवी शो ‘किस देश में है मेरा दिल’ से की थी।

    इस शो ने उन्हें इंडस्ट्री में पहचान दिलाई।
    लेकिन 2009 में उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ आया जब उन्होंने ‘पवित्र रिश्ता’ में मानव का किरदार निभाया। इस भूमिका ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया। शो में उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री अंकिता लोखंडे के साथ बेहद पसंद की गई।

    बॉलीवुड में कदम और सितारा बनना
    टीवी पर कामयाबी के बाद सुशांत ने 2013 में बॉलीवुड में कदम रखा। उनकी पहली फिल्म ‘काय पो छे’ थी, जिसने उन्हें बड़े पर्दे पर स्थापित कर दिया।
    इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में शानदार काम किया, जैसे:शुद्ध देसी रोमांस, पीके,डिटेक्टिव ब्योमकेश बक्शीलेकिन 2016 में आई ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया। इस बायोपिक ने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी और सुशांत को असली पहचान मिली।

    फिर अचानक बुझा सितारा
    सुशांत ने कई यादगार फिल्मों में काम किया जैसे:राब्ता, केदारनाथ, सोनचिड़िया, छिछोरे, दिल बेचारा।इन फिल्मों ने उनके फैंस के दिलों में उनके लिए प्यार और सम्मान और बढ़ाया।

    लेकिन 2020 में एक दुखद घटना ने सबको हिला दिया। सुशांत अपने मुंबई स्थित घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनके निधन ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार मानसिक दबाव और चुनौतियों के कारण उन्होंने यह कदम उठाया, जबकि परिवार ने इस मामले में अलग राय भी जताई।आज भी सुशांत की याद उनके फैंस के दिलों में जिंदा है और उनकी फिल्मों का जादू लोगों के बीच बरकरार है।

  • यूक्रेन-युद्ध के बीच पुतिन को भी 'गाजा शांति बोर्ड' में शामिल होने का न्योता

    यूक्रेन-युद्ध के बीच पुतिन को भी 'गाजा शांति बोर्ड' में शामिल होने का न्योता

     जिस पर विचार किया जा रहा है। क्रेमलिन ने सोमवार को यह जानकारी दी। ‘क्रेमलिन’ (रूस के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पत्रकारों को बताया, ‘‘वास्तव में, राष्ट्रपति पुतिन को भी राजनयिक चैनलों के माध्यम से इस शांति बोर्ड में शामिल होने का प्रस्ताव मिला था।’’

    उन्होंने कहा, ‘‘हम फिलहाल इस प्रस्ताव के सभी विवरणों का अध्ययन कर रहे हैं और सभी विवरणों को स्पष्ट करने के लिए अमेरिकी पक्ष से संपर्क किए जाने की उम्मीद है।’’ कई अन्य देशों को भी अमेरिका से इस संस्था में शामिल होने के प्रस्ताव मिले हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष शहबाज शरीफ को भी शांति बोर्ड में शामिल होने का आमंत्रण मिला है।

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने गाजा पट्टी में इजराइल और हमास के बीच युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण के तहत इस बोर्ड का की शुरुआत की। इजराइल और हमास ने अक्टूबर में ट्रंप की शांति योजना पर सहमति जताई। अमेरिका इस बोर्ड को गाजा और उसके बाहर शांति एवं स्थिरता लाने के लिए एक नए अंतरराष्ट्रीय निकाय के रूप में पेश कर रहा है, जिससे अटकलें लगाई जा रही हैं कि यह अन्य वैश्विक संघर्षों पर भी प्रतिक्रिया दे सकता है।

    रूस के ‘चैनल-1 टीवी’ ने सोमवार को अपने राजनीतिक कार्यक्रम ‘प्रयामोई एफिर’ (लाइव ब्रॉडकास्ट) में कहा, ‘‘रूस गाजा शांति बोर्ड को संयुक्त राष्ट्र संगठन का प्रतिद्वंद्वी बनाने की अमेरिकी कोशिश के रूप में देखता है, जिसका अधिकार क्षेत्र अधिक व्यापक होगा।’’

    क्या हैं रूस को आमंत्रण देने के मायने
    रूस को आमंत्रण देने के कई मायने निकाले जा रहे हैं।

    अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पदभार ग्रहण करने के बाद से ही वह रूस के प्रति नरमी बरत रहे हैं। वहीं वह यूक्रेन पर रूस से शांति वार्ता के लिए दबाव बना चुके हैं। ऐसे में एक देश पर आक्रमण करने वाले देश को शांति बोर्ड में जगह देने के कई मायने हो सकते हैं। लंबे समय से रूस और अमेरिका के बीच चली आ रही तनातनी के बाद भी यह विदेश नीति में भी बड़ा बदलाव कहा जा सकता है। अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन से शांति वार्ता करने के लिए राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात भी कर चुके हैं।
  • आसिम मुनीर का इशारा, जिस मकसद से बना पाकिस्तान वो हासिल करेंगे

    आसिम मुनीर का इशारा, जिस मकसद से बना पाकिस्तान वो हासिल करेंगे

    लाहोर। पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का एक बयान काफी चर्चा में है। इस बयान में आसिम मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान इस्लाम के नाम पर अस्तित्व में आया था। अब वह इस मोड़ पर है, जहां वह अपने इस लक्ष्य को हासिल कर सकता है। खास बात यह है कि जब मुनीर ने यह बात कही तब वहां पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज समेत कई अन्य वरिष्ठ सिविल और मिलिट्री अधिकारी मौजूद थे। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री, पॉलिटिकल लीडर्स और शरीफ परिवार के सदस्य मौजूद थे। मौका था, नवाज शरीफ के नाती और मरियम नवाज के बेटे जुनैद सफदर की शादी का रिसेप्शन का।

    कहां बोल रहे थे मुनीर
    इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए आसिम मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान तेजी से अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ रहा है।

    इंडिया टुडे के मुताबिक मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान को इस्लाम के नाम पर बनाया गया था। आज यह इस्लामिक देशों में अलग अहमियत रखता है। उन्होंने आगे कहा कि अल्लाह के रास्ते पर आगे बढ़ना खास नियामत है। पाकिस्तान ने हाल के दिनों में मुस्लिम एकता के नाम पर कुछ देशों से डिफेंस और फाइनेंस की डील की है। इन देशों में सऊदी अरब और तुर्की का नाम प्रमुख है। इसके अलावा पाकिस्तान इस्लामिक नाटो बनाने की भी योजना बना रहा है।

    अंतर्राष्ट्रीय पहचान की बात
    इतना ही नहीं, मुनीर ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान का दबदबा बढ़ाने की बात की। संभवत: वह डोनाल्ड ट्रंप के साथ वाइट हाउस में मीटिंग और डिनर की तरफ इशारा कर रहे थे। इसके अलावा पाकिस्तान के गाजा पीस में शामिल होने का भी उन्होंने जिक्र किया। इतना ही नहीं, मुनीर ने यह भी बताने की कोशिश की कि मई 2025 में भारत के साथ युद्ध में पाकिस्तान हावी रहा था।

    कैसे अलग हैं मुनीर
    बता दें कि फील्ड मार्शल आसिम मुनीर अपने पूर्ववर्तियों से काफी अलग हैं। पिछले आर्मी चीफ ज्यादातर सैंडहर्स्ट-प्रशिक्षित अधिकारी थे, जो औपचारिक रूप से राजनीति और धर्म दोनों से दूर रहते थे, और उन्हें पश्चिमी संगीत और व्हिस्की का शौक था। इसके उलट मुनीर, हाफिए-ए-कुरान हैं। हाफिज-ए-कुरान उसे कहते हैं, जिसे कुरान याद है। ऐसे में मुनीर के लिए धर्म एक बड़ा आधार है। मुनीर, मिलिट्री इंटेलीजेंस और आईएसआई दोनों के मुखिया हैं। उनके पद ग्रहण करने के बाद से ही पाकिस्तानी सेना में धर्म की तरफ रुझान दिखाई देने लगा है।

    सेना में धर्म का बढ़ता प्रभाव
    मुनीर के नेतृत्व में, सेना ने न केवल राज्य की रक्षा करने के रूप में ही नहीं, बल्कि इस्लाम की रक्षा करने के रूप में भी अधिक स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया है। इसमें 7वीं सदी के अरबी और इस्लामी प्रतीकों का भारी इस्तेमाल किया गया है। सशस्त्र विरोधियों, जिनमें बलोचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के विद्रोही शामिल हैं, को ‘फितना अल-खवारिज’ और ‘फितना अल-हिंदुस्तान’ कहा गया है, जिससे उन्हें धर्मभ्रष्ट विद्रोही और भारतीय दलाल के रूप में चित्रित किया गया है।

  • बांग्लादेश में भारत विरोधी खुलासा, चीनी राजदूत को ‘चिकन नेक’ के पास लेकर गई यूनुस सरकार

    बांग्लादेश में भारत विरोधी खुलासा, चीनी राजदूत को ‘चिकन नेक’ के पास लेकर गई यूनुस सरकार

    बांग्लादेश में भारत विरोधी खुलासा, चीनी राजदूत को ‘चिकन नेक’ के पास लेकर गई यूनुस सरकार
    ढाका । भारत-बांग्लादेश संबंधों में जारी तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण घटना सामने आई है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने चीन के राजदूत याओ वेन को तीस्ता नदी परियोजना क्षेत्र में जाने की अनुमति दी, जो भारत के रणनीतिक सिलीगुड़ी कॉरिडोर के बेहद करीब स्थित है। इसे ‘चिकन नेक’ के नाम से भी जाना जाता है। यह 22 किलोमीटर चौड़ा संकरा भू-भाग भारत की मुख्य भूमि को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ता है।

    चीनी राजदूत याओ वेन ने सोमवार को रंगपुर जिले के कौनिया उपजिला में तीस्ता नदी के कटाव प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान बांग्लादेश की पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन सलाहकार सैयदा रिजवाना हसन उनके साथ थीं।

    मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कहा है कि चीनी राजदूत का यह दौरा तीस्ता रिवर कॉम्प्रिहेंसिव मैनेजमेंट एंड रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट (TMP) के तहत चल रहे तकनीकी मूल्यांकन से जुड़ा हुआ है। यूनुस पिछले साल चीन में दिए गए अपने उस बयान को लेकर विवादों में रहे थे, जिसमें उन्होंने चीनी अर्थव्यवस्था के विस्तार और भारत के लैंडलॉक्ड पूर्वोत्तर की बात कही थी- इन टिप्पणियों की गूंज दिसंबर में ढाका सहित कई बांग्लादेशी शहरों में हुए भारत-विरोधी प्रदर्शनों तक सुनाई दी थी, जहां भारतीय राजनयिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।
    चीन जल्द कार्यान्वयन का इच्छुक

    बांग्लादेश की जल संसाधन सलाहकार सैयदा रिजवाना हसन ने कहा कि चीन तीस्ता मास्टर प्लान (TMP) को जल्द से जल्द लागू करने का इच्छुक है। उनके अनुसार- बांग्लादेश और चीन दोनों ही TMP को अमल में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजना की जांच-परख (स्क्रूटनी) की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए फिलहाल काम शुरू करना संभव नहीं है।
    भारत और पश्चिम बंगाल की चिंताएं

    बांग्लादेश के उत्तरी जिलों में कृषि और आजीविका के लिए तीस्ता नदी जीवनरेखा मानी जाती है। लेकिन भारत के लिए- खासतौर पर पश्चिम बंगाल के लिए भी यह नदी उतनी ही अहम है। इसी कारण तीस्ता जल-बंटवारे को लेकर दशकों से बातचीत चल रही है, मगर पश्चिम बंगाल सरकार की चिंताओं के चलते अंतिम समझौता अब तक नहीं हो सका है।

    ढाका-बीजिंग बातचीत

    रविवार को चीनी राजदूत याओ वेन और बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार खलीलुर रहमान के बीच हुई बैठक के बाद यूनुस की प्रेस विंग ने सोशल मीडिया मंच X पर बताया- दोनों पक्षों ने साझा हितों के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और बांग्लादेश–चीन की दीर्घकालिक मित्रता व विकास सहयोग की पुष्टि की।

    पोस्ट के मुताबिक, बातचीत में तीस्ता रिवर कॉम्प्रिहेंसिव मैनेजमेंट एंड रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट और प्रस्तावित बांग्लादेश–चीन फ्रेंडशिप हॉस्पिटल जैसे मुद्दे भी शामिल थे। इसमें यह भी कहा गया कि चीनी राजदूत ने परियोजना क्षेत्र का दौरा करने की जानकारी दी और तकनीकी मूल्यांकन को तेजी से पूरा करने की चीन की प्रतिबद्धता दोहराई।

    बांग्लादेश सरकार ने बताया कि चीनी राजदूत ने देश के लोकतांत्रिक बदलाव के लिए अपने देश का समर्थन जताया और आगामी राष्ट्रीय चुनावों के सफल आयोजन की शुभकामनाएं भी दीं। गौरतलब है कि 2024 में मुख्य सलाहकार नियुक्त किए गए मुहम्मद यूनुस ने 2025 में चीन में दिए एक इंटरव्यू में बीजिंग से बांग्लादेश में मजबूत आर्थिक ढांचे के निर्माण का आह्वान किया था। उन्होंने बांग्लादेश को क्षेत्र में समुद्र का एकमात्र संरक्षक बताते हुए उसके रणनीतिक महत्व का जिक्र किया था।

    सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत के लिए रणनीतिक गला है, क्योंकि कोई भी व्यवधान पूर्वोत्तर के लगभग 5 करोड़ लोगों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है। यह क्षेत्र नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और चीन से घिरा हुआ है। हाल के महीनों में बांग्लादेश द्वारा लालमोनिरहाट पुराने एयरबेस को सक्रिय करने और चीन की संभावित भागीदारी की खबरें भी भारत के लिए चिंता का विषय रही हैं।

  • करूर भगदड़ मामला: CBI ने विजय से की 6 घंटे तक पूछताछ, अब होगा फैसला ?

    करूर भगदड़ मामला: CBI ने विजय से की 6 घंटे तक पूछताछ, अब होगा फैसला ?

    नई दिल्ली । केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने करूर भगदड़ मामले के सिलसिले में तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) प्रमुख विजय से सोमवार को एजेंसी मुख्यालय में लगभग छह घंटे तक पूछताछ की। अधिकारियों ने बताया कि विजय पूर्वाह्न 10:20 बजे लग्जरी एसयूवी के काफिले में लोधी रोड स्थित सीबीआई मुख्यालय पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में बैरिकेड लगाए गए थे। उन्होंने बताया कि पूछताछ के बाद विजय शाम को लगभग पांच बजे अपनी एसयूवी से सीबीआई मुख्यालय से बाहर आए, गाड़ी से उतरे, हाथ हिलाकर समर्थकों एवं मीडियाकर्मियों का अभिवादन किया और फिर वापस एसयूवी में बैठकर उस पांच सितारा होटल के लिए रवाना हो गए, जहां वह ठहरे हुए हैं। इससे पहले, विजय से 12 जनवरी को यहां सीबीआई मुख्यालय में छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई थी।

    अधिकारियों के मुताबिक, टीवीके प्रमुख को 13 जनवरी को फिर से आने के लिए कहा गया था, लेकिन अभिनेता ने पोंगल का हवाला देते हुए दूसरी तारीख मांगी थी, जिसके बाद सीबीआई ने उन्हें सोमवार को दूसरे दौर की पूछताछ के लिए तलब किया था।

    विजय से पूछताछ पूरी होने के बाद टीवीके के संयुक्त महासचिव सीटी निर्मल कुमार ने सीबीआई मुख्यालय के बाहर संवाददाताओं से कहा कि बहुत सारी अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जो सच नहीं हैं। हम सभी जानते हैं कि करूर में क्या हुआ था। जब गृह मंत्री पिछले दिनों तमिलनाडु आए थे, तब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने खुले तौर पर कहा था कि करूर से मौजूदा विधायक सेंथिल बालाजी 41 लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं और उन्हें तलब किए जाने तथा उनसे पूछताछ किए जाने की जरूरत है।

    उन्होंने कहा कि हम जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं। कृपया किसी भी तरह की गलत सूचना न फैलाएं। विजय को आगे की पूछताछ के लिए कोई समन जारी नहीं किया गया है। निर्मल कुमार ने कहा कि हम जानते हैं कि इस घटना के लिए कौन जिम्मेदार है, किसने ऐसा किया है और इसके पीछे क्या कारण है। इसलिए हमें कोई अपराधबोध नहीं है…

    हमारे नेता सहयोग करना चाहते थे। हम चाहते हैं कि असली अपराधी को न्याय के कटघरे में लाया जाए… हमें जांच के लिए उपस्थित होने में कोई संकोच नहीं है।

    अधिकारियों के अनुसार, विजय से सीबीआई की भ्रष्टाचार विरोधी इकाई से चुने गए उप अधीक्षक रैंक के एक अधिकारी के नेतृत्व वाली टीम ने पूछताछ की। उन्होंने बताया कि टीवीके प्रमुख से रैली से जुड़े फैसलों, उनके देर से पहुंचने और भाषण जारी रखने के कारणों, मौके पर मची अफरा-तफरी की जानकारी होने, भीड़ की संख्या और भीड़ प्रबंधन में हुई चूक से संबंधित कई सवाल पूछे गए। अधिकारियों ने कहा कि आरोपपत्र में व्यक्तियों की भूमिका तय करने का फैसला विजय, उनकी पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और रैली की अनुमति देने तथा उसके प्रबंधन में शामिल पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारियों के बयानों के गहन विश्लेषण के बाद ही लिया जाएगा।

    गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआई ने करूर भगदड़ मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) से अपने हाथ में ली थी। केंद्रीय जांच एजेंसी 27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु के करूर में हुई भगदड़ की घटना से जुड़े सबूत जुटा रही है, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई थी और 60 से अधिक लोग घायल हो गए थे।