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  • गरीबी कम उम्र की शादी और ग्लैमर की कीमत सिल्क स्मिता की अधूरी कहानी

    गरीबी कम उम्र की शादी और ग्लैमर की कीमत सिल्क स्मिता की अधूरी कहानी


    नई दिल्ली । साउथ सिनेमा की दुनिया में एक ऐसा नाम रहा जिसने अपने अंदाज और स्क्रीन प्रेजेंस से पूरे दौर को बदल दिया लेकिन उनकी असल जिंदगी उतनी ही दर्दनाक और संघर्षों से भरी रही यह कहानी है सिल्क स्मिता की जिनका जन्म एक साधारण तेलुगु परिवार में हुआ था आर्थिक हालात इतने कमजोर थे कि उन्हें चौथी कक्षा के बाद ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी बचपन में ही जिम्मेदारियों का बोझ उनके कंधों पर आ गया और वह अपनी मां के साथ घर के कामों में हाथ बंटाने लगीं

    जिंदगी ने उस वक्त और बड़ा मोड़ लिया जब महज 14 साल की उम्र में उनकी शादी कर दी गई यह शादी उनकी मर्जी के खिलाफ थी और ससुराल में उन्हें सम्मान के बजाय हिंसा और अपमान का सामना करना पड़ा कुछ समय तक इस रिश्ते को निभाने की कोशिश के बाद उन्होंने साहस दिखाया और इस शादी को छोड़ने का फैसला किया यह कदम उस दौर में बेहद बड़ा और जोखिम भरा था लेकिन यहीं से उनकी असली लड़ाई शुरू हुई

    शादी टूटने के बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में टच अप आर्टिस्ट के तौर पर काम शुरू किया धीरे धीरे छोटे रोल मिलने लगे लेकिन उनकी किस्मत तब बदली जब एक निर्देशक ने उनकी प्रतिभा को पहचाना उन्हें अभिनय और डांस की ट्रेनिंग दिलाई गई और इसके बाद उन्होंने फिल्मों में अपनी एक अलग पहचान बना ली

    सिल्क स्मिता ने अपने बोल्ड अंदाज और इंटीमेट सीन से उस समय के सिनेमा में तहलका मचा दिया 80 और 90 के दशक में उनकी मौजूदगी फिल्म की सफलता की गारंटी मानी जाने लगी हर फिल्ममेकर उनकी लोकप्रियता का फायदा उठाना चाहता था और उनके गानों को खास तौर पर शामिल किया जाता था उन्होंने अपने करियर में 450 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और दर्शकों के दिलों पर राज किया

    लेकिन यह चमक ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सकी धीरे धीरे उनके करियर में गिरावट आने लगी और निजी जिंदगी में भी परेशानियां बढ़ती चली गईं वह डिप्रेशन का शिकार हो गईं और अकेलेपन में घिरती चली गईं आखिरकार 23 अक्टूबर को उनकी मौत की खबर ने सबको हिला दिया वह अपने घर में पंखे से लटकी हुई पाई गईं कुछ लोगों ने इसे आत्महत्या माना तो कुछ ने इस पर सवाल भी उठाए लेकिन सच आज भी रहस्य बना हुआ है

    उनकी जिंदगी पर बनी फिल्म ने भी काफी चर्चा बटोरी जिसमें एक्ट्रेस विद्या बालन ने उनका किरदार निभाया इस भूमिका के लिए उन्होंने अपना वजन भी बढ़ाया और उनकी परफॉर्मेंस को खूब सराहा गया दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म का ऑफर पहले कई अन्य अभिनेत्रियों को दिया गया था लेकिन उन्होंने इसे करने से मना कर दिया था

    सिल्क स्मिता की कहानी सिर्फ ग्लैमर या विवाद की नहीं है बल्कि यह एक ऐसी महिला की कहानी है जिसने हर मुश्किल का सामना किया अपनी पहचान बनाई लेकिन अंत में अकेलेपन और दर्द के आगे हार गई उनकी जिंदगी आज भी एक सबक है कि सफलता के पीछे छिपे संघर्ष को समझना कितना जरूरी है

  • आपातकाल के दौरान किशोर कुमार के गानों पर लगा था बैन, जानिए वजह

    आपातकाल के दौरान किशोर कुमार के गानों पर लगा था बैन, जानिए वजह


    नई दिल्ली। 25 जून 1975 का दिन भारतीय इतिहास में उस दौर के रूप में दर्ज है, जिसे आपातकाल (Emergency) के नाम से जाना जाता है। इस समय देश में 21 महीने तक विशेष परिस्थितियां लागू रहीं और कई नागरिक अधिकारों पर रोक लगा दी गई थी। इसी कठिन दौर में भारतीय सिनेमा के महान गायक और अभिनेता किशोर कुमार भी एक ऐसे विवाद में फंस गए, जिसने उनके करियर और लोकप्रियता पर गहरा असर डाला।

    सरकारी आदेश और किशोर कुमार से जुड़ा विवाद

    उस समय सरकार की ओर से यह प्रयास किया जा रहा था कि सरकारी योजनाओं और संदेशों को लोकप्रिय माध्यमों के जरिए जनता तक पहुंचाया जाए। इसके लिए सबसे लोकप्रिय आवाजों का सहारा लेने की योजना बनी। मीडिया रिपोर्ट्स और चर्चाओं के अनुसार, तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से किशोर कुमार से सरकारी प्रचार गीत गाने का अनुरोध किया गया था। कहा जाता है कि किशोर कुमार से संपर्क कर उन्हें यह संदेश दिया गया कि वे सरकार के लिए एक प्रचार गीत रिकॉर्ड करें, ताकि योजनाओं को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।

    किशोर कुमार का साफ इनकार

    किशोर कुमार, जो अपनी बेबाक और स्वतंत्र सोच के लिए जाने जाते थे, ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी सवाल किया कि उन्हें यह गीत क्यों गाना चाहिए और किस आधार पर उनसे यह अपेक्षा की जा रही है। बताया जाता है कि उन्हें जवाब मिला कि यह “ऊपर से आदेश” है। इसी जवाब के बाद किशोर कुमार ने स्पष्ट रूप से सरकार के अनुरोध को ठुकरा दिया। यही वह मोड़ था, जिसने पूरे विवाद को जन्म दे दिया।

    बैन का फैसला और बढ़ा विवाद

    किशोर कुमार के इनकार के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। कुछ समय बाद सरकारी प्रसारण माध्यमों आकाशवाणी और दूरदर्शन पर उनके गीतों के प्रसारण को लेकर प्रतिबंध लगाने की खबरें सामने आईं।

    हालांकि यह बैन आधिकारिक रूप से लंबे समय तक स्थायी नहीं रहा, लेकिन करीब 6 महीने तक उनके गानों के प्रसारण पर असर पड़ा, ऐसा कई मीडिया रिपोर्ट्स और फिल्म जगत से जुड़े लोग बताते हैं।

    फैंस और इंडस्ट्री पर असर

    उस दौर में न तो इंटरनेट था और न ही यूट्यूब जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म। ऐसे में रेडियो और दूरदर्शन ही मनोरंजन के प्रमुख साधन थे। किशोर कुमार की आवाज उस समय पूरे देश में बेहद लोकप्रिय थी, और अचानक उनके गानों का गायब हो जाना उनके प्रशंसकों के लिए बड़ा झटका था।

    फिल्म और संगीत उद्योग पर भी इसका असर देखने को मिला, क्योंकि किशोर कुमार उस समय के सबसे प्रमुख और व्यस्त गायकों में से एक थे।

    विवाद के बाद भी बरकरार रही लोकप्रियता

    हालांकि यह विवाद उनके करियर में एक मुश्किल दौर के रूप में देखा जाता है, लेकिन किशोर कुमार की लोकप्रियता पर इसका स्थायी असर नहीं पड़ा। समय के साथ वे फिर से बॉलीवुड के सबसे पसंदीदा गायकों में शामिल हो गए और उन्होंने कई यादगार गीत दिए।
    उनकी आवाज आज भी भारतीय संगीत इतिहास में अमर मानी जाती है।

    किशोर कुमार और आपातकाल से जुड़ा यह विवाद भारतीय फिल्म इतिहास का एक चर्चित अध्याय है, जो यह दिखाता है कि उस दौर में कला, राजनीति और स्वतंत्रता के बीच तनाव किस तरह गहराता गया था।

  • क्या टूटेगा पुष्पा 2 का रिकॉर्ड धुरंधर 2 की रफ्तार तेज लेकिन साउथ में कमजोर पकड़

    क्या टूटेगा पुष्पा 2 का रिकॉर्ड धुरंधर 2 की रफ्तार तेज लेकिन साउथ में कमजोर पकड़


    नई दिल्ली । भारतीय बॉक्स ऑफिस पर इस समय एक दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है जहां एक तरफ है धुरंधर 2 और दूसरी तरफ है पुष्पा 2 दोनों फिल्मों ने अपने अपने स्तर पर जबरदस्त प्रदर्शन किया है लेकिन अब असली सवाल यही है कि क्या धुरंधर 2 इतिहास रचते हुए पुष्पा 2 का रिकॉर्ड तोड़ पाएगी या नहीं मौजूदा आंकड़े इस मुकाबले को और भी रोमांचक बना रहे हैं

    धुरंधर 2 ने रिलीज के 22वें दिन 7.15 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया जबकि पुष्पा 2 ने अपने 22वें दिन 10.50 करोड़ रुपये की कमाई की थी यानी शुरुआती रफ्तार में धुरंधर 2 थोड़ी पीछे जरूर नजर आती है लेकिन कुल कमाई के मामले में यह फिल्म अब भी मजबूती से टिकी हुई है तीन हफ्तों में धुरंधर 2 ने 1048.42 करोड़ रुपये का शानदार कारोबार कर लिया है जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है

    वहीं अगर पुष्पा 2 की बात करें तो उसने 9 हफ्तों में 1234.10 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था इस हिसाब से धुरंधर 2 के पास अभी भी लगभग 6 हफ्तों का समय बचा हुआ है और उसे इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए करीब 186 करोड़ रुपये और कमाने होंगे आंकड़ों के लिहाज से यह लक्ष्य मुश्किल जरूर है लेकिन नामुमकिन नहीं

    दिलचस्प बात यह है कि हिंदी बॉक्स ऑफिस पर धुरंधर 2 ने पुष्पा 2 को पीछे छोड़ दिया है धुरंधर 2 के हिंदी वर्जन ने तीन हफ्तों में 983.79 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है जबकि पुष्पा 2 ने हिंदी में 812.14 करोड़ रुपये कमाए थे यानी हिंदी बेल्ट में धुरंधर 2 का दबदबा साफ दिखाई देता है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत भी है

    लेकिन असली चुनौती साउथ बॉक्स ऑफिस में छिपी हुई है पुष्पा 2 को तेलुगू तमिल मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में जबरदस्त समर्थन मिला था खासतौर पर तेलुगू वर्जन ने 341.48 करोड़ रुपये की भारी कमाई की थी इसके मुकाबले धुरंधर 2 साउथ में काफी पीछे नजर आती है इसके तमिल वर्जन ने 18.49 करोड़ तेलुगू वर्जन ने 41.22 करोड़ कन्नड़ वर्जन ने 3.18 करोड़ और मलयालम वर्जन ने केवल 1.74 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है यही वह अंतर है जो इसे रिकॉर्ड से दूर रख रहा है

    अब सवाल यह है कि क्या धुरंधर 2 इस अंतर को भर पाएगी इसका जवाब आने वाले दिनों में छिपा है क्योंकि फिल्म के सामने अब एक नई चुनौती आने वाली है 17 अप्रैल को भूत बंगला रिलीज हो रही है जिसमें अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी लंबे समय बाद साथ नजर आएगी इस फिल्म को लेकर दर्शकों में अच्छा खासा उत्साह है और इसका सीधा असर धुरंधर 2 की कमाई पर पड़ सकता है

    खासकर हिंदी बेल्ट में जहां से धुरंधर 2 को सबसे ज्यादा कमाई मिल रही है वहीं अगर नई फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच लेती है तो इसके कलेक्शन में गिरावट आ सकती है ऐसे में धुरंधर 2 के पास अगले 5 से 6 दिन बेहद अहम हैं यही वह समय है जब फिल्म को ज्यादा से ज्यादा कमाई करनी होगी

    कुल मिलाकर धुरंधर 2 के पास रिकॉर्ड तोड़ने का मौका जरूर है लेकिन राह आसान नहीं है हिंदी में मजबूत पकड़ के बावजूद साउथ में कमजोर प्रदर्शन और नई फिल्मों की एंट्री इसके लिए बड़ी बाधा बन सकती है अब देखना दिलचस्प होगा कि यह फिल्म इतिहास रचती है या फिर पुष्पा 2 अपना ताज बरकरार रखती है

  • IPL 2026 ऑरेंज कैप की रेस में बड़ा उलटफेर, टॉप-5 से बाहर हुए दिग्गज खिलाड़ी

    IPL 2026 ऑरेंज कैप की रेस में बड़ा उलटफेर, टॉप-5 से बाहर हुए दिग्गज खिलाड़ी


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के 15वें मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और लखनऊ सुपर जाएंट्स (LSG) के बीच खेले गए रोमांचक मैच के बाद ऑरेंज कैप और पर्पल कैप की रेस में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जहां एक ओर बल्लेबाजों की रैंकिंग में जबरदस्त उठापटक हुई है, वहीं गेंदबाजों की सूची में भी नई हलचल ने फैंस का ध्यान खींचा है। इस मैच के बाद कई बड़े नाम टॉप-5 से बाहर हो गए हैं, जिससे रेस और भी दिलचस्प हो गई है।

    ऑरेंज कैप रेस: Yashasvi Jaiswal टॉप पर कायम

    ऑरेंज कैप की रेस में राजस्थान रॉयल्स के विस्फोटक ओपनर Yashasvi Jaiswal लगातार शानदार फॉर्म में बने हुए हैं। उन्होंने 3 मैचों में 170 रन बनाकर पहला स्थान हासिल किया हुआ है। उनका स्ट्राइक रेट 163.46 रहा है, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी को दर्शाता है।

    दूसरे स्थान पर दिल्ली कैपिटल्स के युवा बल्लेबाज Sameer Rizvi ने 160 रन के साथ अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। वहीं केकेआर के उभरते सितारे Angkrish Raghuvanshi 155 रन के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।

    सनराइजर्स हैदराबाद के स्टार बल्लेबाज Heinrich Klaasen 145 रन बनाकर चौथे स्थान पर बने हुए हैं। जबकि केकेआर के अनुभवी कप्तान Ajinkya Rahane 124 रन के साथ पांचवें स्थान पर हैं।

    ऑरेंज कैप टॉप-5 सूची
    Yashasvi Jaiswal – 170 रन
    Sameer Rizvi – 160 रन
    Angkrish Raghuvanshi – 155 रन
    Heinrich Klaasen – 145 रन
    Ajinkya Rahane – 124 रन

    इस बदलाव का सबसे बड़ा झटका राजस्थान के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी और मुंबई इंडियंस के अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा को लगा है, जो टॉप-5 से बाहर हो गए हैं।

    पर्पल कैप रेस: Ravi Bishnoi का दबदबा कायम

    गेंदबाजी की बात करें तो पर्पल कैप की रेस में राजस्थान रॉयल्स के स्पिनर Ravi Bishnoi ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 मैचों में 7 विकेट लेकर पहला स्थान हासिल किया है।

    उनके बाद गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज Prasidh Krishna 6 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं अफगानिस्तान के स्टार ऑलराउंडर Rashid Khan ने 5 विकेट लेकर अपनी जगह तीसरे स्थान पर बनाई है।

    चौथे और पांचवें स्थान पर क्रमशः Lungi Ngidi और Nandre Burger शामिल हैं, जिन्होंने 5-5 विकेट हासिल किए हैं।

    पर्पल कैप टॉप-5 सूची
    Ravi Bishnoi – 7 विकेट
    Prasidh Krishna – 6 विकेट
    Rashid Khan – 5 विकेट
    Lungi Ngidi – 5 विकेट
    Nandre Burger – 5 विकेट

    लखनऊ सुपर जाएंट्स के गेंदबाज प्रिंस यादव भी 5 विकेट लेकर 7वें स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि केकेआर के वैभव अरोड़ा 9वें पायदान पर मौजूद हैं।

    मुकाबला और भी रोमांचक होने की उम्मीद

    जैसे-जैसे आईपीएल 2026 आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस और ज्यादा दिलचस्प होती जा रही है। हर मैच के बाद रैंकिंग में बदलाव यह साबित कर रहा है कि कोई भी खिलाड़ी लंबे समय तक शीर्ष पर सुरक्षित नहीं रह सकता।

  • MP: रतलाम पहुंची थी बारात तभी उज्जैन पुलिस का फोन आया… दूल्हे पर दुष्कर्म का केस… मौका पाकर हुआ फरार

    MP: रतलाम पहुंची थी बारात तभी उज्जैन पुलिस का फोन आया… दूल्हे पर दुष्कर्म का केस… मौका पाकर हुआ फरार


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रतलाम जिले (Ratlam district) में उस दौरान हड़कंप मच गया जब उज्जैन जिले (Ujjain district) की बड़नगर पुलिस ने दुल्हन पक्ष से संपर्क कर बताया कि दूल्हे के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। जानकारी लगते ही दुल्हन पक्ष के परिवार में माहौल खराब हो गया। वधू पक्ष को पुलिस ने समझा बूझाकर शादी की रस्म को रोकने के लिए तैयार किया, इस दौरान मौका पाकर दूल्हा फरार हो गया, मिली जानकारी के अनुसार बुधवार रतलाम में बड़नगर के एक युवक की शादी हो रही थी, बड़नगर से बारात पहुंच चुकी थी।

    दूल्हा मंडप में आने ही वाला था कि तभी दुल्हन पक्ष के परिवार को इसका पता चल गया। परिवार को पता चला कि जिस लड़के से लड़की की शादी होने वाली है, उस पर तो नाबालिग ने रेप का केस दर्ज कराया है। बताया जा रहा है कि इस मामले का पटाक्षेप करने में एक स्थानीय पार्षद की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।


    जब वह घर पर अकेली थी

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पूरा मामला इस प्रकार है कि उज्जैन से करीब 60 किमी दूर बड़नगर थाना क्षेत्र के शिक्षक कॉलोनी में रहने वाले युवक अभिषेक सेन के द्वारा 15 वर्षीय नाबालिग से जनवरी के माह में उस वक्त दुष्कर्म किया गया जब वह घर पर अकेली थी। इस दौरान उसे डरा धमका कर इस घटना को किसी को भी बताने के लिए धमकाया गया था। जब पिछले दिनों अभिषेक की शादी की खबर नाबालिग तक पहुंची तो उसने इस शादी का विरोध किया। लेकिन अभिषेक ने उसे डराते हुए अपनी शादी को नहीं रोका और बारात लेकर रतलाम पहुंच गया।

    इसी बीच 6 अप्रैल को नाबालिग के द्वारा इस घटनाक्रम से दुखी होकर आत्महत्या करने की नीयत से एसिड पीकर जान देने का प्रयास किया गया तो यह मामला सामने आया। बालिका को उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसका मेडिकल कराने पर स्पष्ट हुआ कि पीड़िता गर्भवती भी है।


    पुलिस ने फोन पर दुल्हन पक्ष को समझाया

    उज्जैन से करीब 60 किमी दूर बड़नगर की शिक्षक कॉलोनी में रहने वाले अभिषेक सेन की शादी रतलाम जिले की युवती से तय थी, पिछले दो दिन से शादी के कार्यक्रम चल रहे थे और बुधवार रात करीब 8 बजे दूल्हा घोड़ी पर सवार होकर बारात लेकर निकल चुका था। बारात लगने से पहले पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर फोन पर दुल्हन पक्ष को समझाया। वधु पक्ष को सूचना मिलते ही शादी वाले घर में हड़कंप मच गया। दोनों पक्षों की बातचीत के बाद शादी रोक दी गई। नाबालिग पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि आरोपी ने डरा-धमकाकर रेप किया। जिस दिन अभिषेक की शादी थी, उसी दिन पता चला कि पीड़िता प्रेग्नेंट है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 5 जनवरी को आरोपी उसके घर आया, जब वह अकेली थी। उसने धमकाकर दुष्कर्म किया और किसी को बताने से मना किया। आरोपी की शादी तय होने के बाद उसने आत्महत्या का प्रयास किया।


    POCSO एक्ट सहित दुष्कर्म का मामला दर्ज

    थाना प्रभारी अशोक पाटीदार के अनुसार, 15 वर्षीय नाबालिग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट सहित दुष्कर्म का मामला दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि पीड़िता और आरोपी एक ही कॉलोनी में रहते हैं। दूल्हे की शादी के तीन दिन पहले पीड़िता ने 6 अप्रैल को एसिड पीकर आत्महत्या की कोशिश की थी।

    इलाज के दौरान 8 अप्रैल को उसके गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद उसने परिजन को पूरी बात बताई।बालिका की शिकायत पर पुलिस ने पास्को एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है फिलहाल आरोपी फरार है उसे जल्द ही हिरासत में लिया जाएगा।

  • Weather: मध्य प्रदेश में थमा ओला-बारिश का दौर, अब गर्मी दिखाएगी अपना रौद्र रूप

    Weather: मध्य प्रदेश में थमा ओला-बारिश का दौर, अब गर्मी दिखाएगी अपना रौद्र रूप


    भोपाल।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में पिछले कई दिनों से जारी आंधी-बारिश (Storm and Rain) और ओलों (Hail) का दौर अब खत्म होने की कगार पर है। मौसम का यह राहत भरा फेज अब तेजी से बदल रहा है और प्रदेश एक बार फिर झुलसाने वाली गर्मी की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग (Meteorological Department.) के अनुसार, शुक्रवार से मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा और तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।


    9 दिन बाद खत्म हुआ राहत वाला दौर

    अप्रैल की शुरुआत इस बार अलग रही। जहां आमतौर पर इस समय तक तेज गर्मी पड़ने लगती है, वहीं इस साल 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलों का असर बना रहा। लगातार एक्टिव रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस ने गर्मी पर ब्रेक लगा दिया था। गुरुवार को भी पूर्वी मध्यप्रदेश के उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों में मौसम बदला हुआ नजर आया। कहीं तेज आंधी चली तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई।


    अब 5 दिन नहीं होगी बारिश

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अब ये सिस्टम कमजोर पड़ चुके हैं। शुक्रवार से मौसम साफ रहेगा और अगले पांच दिन तक प्रदेश में कहीं भी बारिश के आसार नहीं हैं। यानी पूरा प्रदेश ड्राई जोन में रहेगा और तापमान तेजी से बढ़ेगा।


    15 अप्रैल को नया सिस्टम, असर कम

    मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा, लेकिन इसका असर मध्यप्रदेश में सीमित ही रहेगा। ऐसे में गर्मी से राहत की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है।मौसम विभाग मानता है कि जैसे सर्दी के लिए दिसंबर-जनवरी और बारिश के लिए जुलाई-अगस्त अहम होते हैं, वैसे ही गर्मी के लिए अप्रैल और मई सबसे महत्वपूर्ण महीने हैं। इस बार मार्च के दूसरे पखवाड़े में ही तापमान 41°C के पार पहुंच गया था, लेकिन बाद में मौसम बदलने से गर्मी की रफ्तार थम गई थी।


    बार-बार बदला मौसम, फसलों को नुकसान

    इस साल फरवरी और मार्च में चार-चार बार मौसम बदला। कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ। गेहूं, पपीता और केले की फसलें प्रभावित हुईं। मार्च के आखिरी और अप्रैल के पहले पखवाड़े में भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। मौसम अब अपने पुराने ट्रेंड पर लौट रहा है। बारिश का दौर थमते ही तेज धूप और गर्म हवाएं असर दिखाने लगेंगी। आने वाले दिनों में लू चलने की स्थिति भी बन सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होगा।

  • बैसाखी: आज पाकिस्तान जाएंगे 2840 सिख श्रद्धालु… कड़े नियमों के बीच अटारी-वाघा बॉर्डर से होगी एंट्री

    बैसाखी: आज पाकिस्तान जाएंगे 2840 सिख श्रद्धालु… कड़े नियमों के बीच अटारी-वाघा बॉर्डर से होगी एंट्री


    अमृतसर।
    बैसाखी और खालसा साजना दिवस (Baisakhi and Khalsa Sajna Day) के अवसर पर पाकिस्तान (Pakistan) जाने वाले सिख श्रद्धालुओं (Sikh devotees) के जत्थे के लिए इस बार सख्त नियम लागू किए गए हैं। अब कोई भी श्रद्धालु अकेले यात्रा नहीं कर सकेगा बल्कि केवल परिवार या समूह के साथ ही दर्शन के लिए जा पाएगा। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee) ने यह फैसला सुरक्षा कारणों के चलते लिया है।

    एसजीपीसी के अनुसार शुक्रवार सुबह आठ बजे जत्था एसजीपीसी कार्यालय से रवाना होकर अटारी-वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश करेगा। इस बार देशभर से करीब 2840 श्रद्धालु यात्रा में शामिल होंगे। एसजीपीसी ने 1795 पासपोर्ट वीजा के लिए भेजे थे जिनमें से 1763 को वीजा मिला जबकि 32 आवेदन खारिज कर दिए गए। इसके अलावा दिल्ली से 409 और हरियाणा से 255 श्रद्धालुओं को भी वीजा जारी हुआ है।


    सर्बजीत कौर मामले के बाद सख्ती

    एसजीपीसी ने बताया कि पिछले वर्ष एक महिला श्रद्धालु के पाकिस्तान में ही रुक जाने के मामले के बाद यह निर्णय लिया गया। अब किसी भी सिंगल पुरुष या महिला का वीजा आवेदन नहीं भेजा गया है जिससे कई श्रद्धालु इस बार यात्रा से वंचित रह गए।


    पंजा साहिब में होगा मुख्य समागम

    एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि श्रद्धालु सबसे पहले गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब में माथा टेकेंगे जहां मुख्य समागम होगा। यात्रा 10 अप्रैल से 19 अप्रैल तक चलेगी। उन्होंने करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलने और पासपोर्ट व 20 डॉलर शुल्क खत्म करने की मांग दोहराई। सचिव बलविंदर सिंह काहलवां ने श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचने और दस्तावेज साथ रखने की अपील की है।

  • MP: रीवा के सरकारी स्कूल में पढ़ाना छोड़ कानों में एयर फोन लगाकर गाने सुन रही मैडम, छात्र झाल रहा पंखा…

    MP: रीवा के सरकारी स्कूल में पढ़ाना छोड़ कानों में एयर फोन लगाकर गाने सुन रही मैडम, छात्र झाल रहा पंखा…


    रीवा।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रीवा (Rewa) से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां एक सरकारी स्कूल (Government School) में महिला हेडमास्टर (Female Headmaster) खुद कुर्सी पर बैठकर आराम करती नजर आईं, जबकि एक छात्र उनसे पंखा झलवाता दिखा. इतना ही नहीं, हेडमास्टर के कान में ईयरफोन भी लगा हुआ था. इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    शिक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाला यह मामला रीवा जिले के त्योंथर विधानसभा क्षेत्र के शासकीय माध्यमिक शाला पनासी का बताया जा रहा है. जहां स्कूल की महिला हेडमास्टर वर्षा मांझी एक छात्र से पंखा झलवाती नजर आईं।

    https://twitter.com/priyarajputlive/status/2041876637890048412
    वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हेडमास्टर कुर्सी पर आराम से बैठी हुई हैं, उनके कान में ईयरफोन लगा हुआ है, जबकि एक छात्र हाथ में पंखा लेकर उन्हें हवा कर रहा है. यह दृश्य न सिर्फ हैरान करने वाला है, बल्कि शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले स्कूलों की स्थिति पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना शिक्षा व्यवस्था की सच्चाई को उजागर करती है. सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता पहले से ही सवालों के घेरे में है और अब इस तरह के वीडियो सामने आने के बाद व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को संज्ञान में लिया है और जांच के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • LPG: कालाबाजारी पर प्रहार… देश में 1.16 लाख से अधिक स्थानों पर छापा, 53 डिस्ट्रीब्युटर सस्पेंड

    LPG: कालाबाजारी पर प्रहार… देश में 1.16 लाख से अधिक स्थानों पर छापा, 53 डिस्ट्रीब्युटर सस्पेंड


    नई दिल्ली।
    सरकार ने LPG सप्लाई को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब कमर्शियल (Commercial) LPG की सप्लाई कई नए सेक्टरों तक बढ़ा दी गई है। दूसरी ओर आज शुक्रवार, 10 अप्रैल को एलपीजी के दाम (LPG Rate) में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वहीं, केंद्र ने गुरुवार को कहा कि उसने देश भर में एलपीजी सप्लाई (LPG Supply) की निगरानी तेज कर दी है। गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए अब तक 1.16 लाख से अधिक छापे मारे हैं और लगभग 53 एलपीजी डिस्ट्रीब्युटर को सस्पेंड कर दिया है।

    पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार अब कमर्शियल LPG कृषि, यूरेनियम, हेवी वॉटर, फार्मास्यूटिकल्स, पेंट, सिरेमिक, फाउंड्री और ग्लास जैसे उद्योग को भी मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि इन सेक्टरों की गैस जरूरत का लगभग 70% हिस्सा पूरा किया जाए, जिसमें कुल सप्लाई लिमिट 200 टन प्रतिदिन तय की गई है।

    घरेलू उपभोक्ताओं के लिए क्या कर रही सरकार
    पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार सप्लाई संकट जब शुरू हुई तो सबसे पहले सरकार ने कमर्शियल LPG सप्लाई को सीमित कर दिया था ताकि देश के लगभग 33.2 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतें पूरी की जा सकें। घरेलू जरूरतों को सुनिश्चित करने के बाद ही अब धीरे-धीरे अन्य सेक्टरों के लिए सप्लाई बढ़ाई जा रही है।


    अस्पतालों और होटलों से शुरू होकर अब 70% तक पहुंची सप्लाई

    12 मार्च से सरकार ने कमर्शियल LPG की सीमित सप्लाई अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को देना शुरू किया था। इसके बाद इसे धीरे-धीरे बढ़ाया गया और अब यह 70% तक पहुंच गई है। इसमें अब रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, कैंटीन, कम्युनिटी किचन के साथ-साथ स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, केमिकल और प्लास्टिक सेक्टर भी शामिल हैं।

    मजदूरों के लिए 5 किलो LPG सिलेंडर की सप्लाई दोगुनी: सरकार ने छोटे 5 किलो LPG सिलेंडर (FTL) की सप्लाई भी दोगुनी कर दी है, जो मुख्य रूप से प्रवासी मजदूरों द्वारा उपयोग किए जाते हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि ताकि औद्योगिक क्षेत्रों में इन सिलेंडरों की कमी के चलते मजदूरों का पलायन न हो।

    अमेरिका-ईरान युद्ध से प्रभावित सप्लाई: ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध से पहले भारत अपनी LPG जरूरत का लगभग 60% आयात करता था, जिसमें से करीब 90% हिस्सा पश्चिम एशिया से आता था, खासकर कतर से। ऐसे में इस संकट का सीधा असर भारत की गैस सप्लाई पर पड़ा।


    कोलकाता, दिल्ली, पटना में क्या हैं LPG के भाव

    आज कोलकाता में घरेलू सिलेंडर ₹939 और कमर्शियल ₹2208 में मिल रहा है। मुंबई में घरेलू एलपीजी सिलेंडर ₹912.50 और कमर्शियल ₹2031का है। चेन्नई में एलपीजी का आज का भाव बताएं तो घरेलू ₹928.50 और कमर्शियल ₹2,246.50 का है।

    पटना में आज घरेलू सिलेंडर ₹1011 और कमर्शियल ₹2365 में मिल रहा है। जयपुर में घरेलू सिलेंडर के दाम आज 9 ₹916.5 और कमर्शियल के ₹2031 हैं। लखनऊ जहां घरेलू सिलेंडर ₹950.50 का मिल रहा है तो वहीं, कमर्शियल ₹2201 का।

  • MP: ओंकारेश्वर में संत की हत्या की आशंका… मौत के 5 दिन बाद समाधि से निकलवाया शव

    MP: ओंकारेश्वर में संत की हत्या की आशंका… मौत के 5 दिन बाद समाधि से निकलवाया शव


    खंडवा।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ओंकारेश्वर (Omkareshwar) स्थित उदासीन अखाड़े (Udasin Akhara) से जुड़े संत ब्रजराज पुरी महाराज (Saint Brajraj Puri Maharaj) की हाल ही में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद अब बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आश्रम से जुड़े लोगों ने उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताते हुए जल्दबाजी में उनके शव को समाधि दे दी थी, लेकिन बाद में संत समाज, हिंदू महासभा, परिजनों और अखाड़े के महंतों ने उनकी हत्या की आशंका जताते हुए शव को समाधि से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने की मांग कई। जिसके बाद प्रशासन ने गुरुवार को संत की समाधि खोदकर पार्थिव देह बाहर निकाली और पोस्टमार्टम कराया।


    हार्ट अटैक या फांसी? मौत की वजह पर विरोधाभास

    4 अप्रैल को संत ब्रजराज पुरी महाराज के निधन के बाद आश्रम के लोगों ने हार्ट अटैक से मौत की जानकारी दी थी। वहीं, खाचरौद से पहुंचे उदासीन अखाड़े के महंत ओंकारदास उदासीन ने दावा किया कि उन्हें संत द्वारा फांसी लगाने की सूचना दी गई थी। इस विरोधाभासी जानकारी ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया। महंत ओंकारदास का कहना है कि उनके ओंकारेश्वर पहुंचने से पहले ही संत को दोपहर में जल्दबाजी में समाधि दे दी गई, जबकि परंपरा के अनुसार दूर-दराज से आने वाले संतों का इंतजार किया जाता है।


    अधिकारियों की मौजूदगी में निकाला गया शव, फिर हुआ पोस्टमार्टम

    मामले के तूल पकड़ने के बाद ओंकारेश्वर एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी की मौजूदगी में संत ब्रजराज पुरी महाराज की समाधि खोदी गई। प्रशासनिक निगरानी में पार्थिव देह को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद विधि-विधान के साथ संत की दोबारा समाधि दी गई। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई तय होगी।


    गायब आभूषण, मोबाइल और नकदी ने बढ़ाया शक

    महंत ओंकारदास उदासीन ने आरोप लगाया है कि संत के गले में पहनी सोने की चेन, रुद्राक्ष माला, मोबाइल फोन और नकदी मौके पर नहीं मिले। इसी वजह से हत्या या साजिश की आशंका और गहरा गई है। उन्होंने मांधाता थाने में आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और पोस्टमार्टम की मांग की थी।


    73 एकड़ जमीन विवाद बना जांच का बड़ा एंगल

    पूरे मामले में 73 एकड़ जमीन का विवाद भी सामने आया है। हिंदू महासभा और संत समाज के अनुसार, संत ब्रजराज पुरी महाराज ने पहले इस जमीन को लेकर विवाद का जिक्र किया था। आरोप है कि निरंजनी अखाड़े से जुड़ी इस जमीन को कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए दूसरे नाम पर दर्ज करा लिया गया था। संत समाज इस विवाद को भी मौत से जोड़कर देख रहा है।


    प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

    खंडवा डीआईजी मनोज कुमार राय पहले ही मामले की जांच के आदेश दे चुके हैं। वहीं हिंदू महासभा के आवेदन पर कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने भी पुलिस अधीक्षक को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। हालांकि मांधाता थाना पुलिस अब तक नजदीकी परिजनों से औपचारिक शिकायत नहीं मिलने का हवाला देकर कार्रवाई से बचती रही है।


    पहले से खुदवाया था समाधि का गड्ढा

    स्थानीय संत समाज के अनुसार, बाबा ब्रजराज पुरी महाराज ने करीब एक साल पहले अपनी कुटिया के सामने समाधि के लिए गड्ढा खुदवा दिया था और चेलों को निर्देश दिया था कि निधन के बाद उन्हें वहीं समाधि दी जाए। इसी कारण पहली बार भी उसी स्थान पर समाधि दी गई थी। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस हाई-प्रोफाइल संत मृत्यु प्रकरण की सबसे अहम कड़ी बन गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा कि यह स्वाभाविक मौत थी, आत्महत्या थी या फिर किसी बड़ी साजिश का हिस्सा।