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  • शेयर मार्केट टुडे: हफ्ते के चौथे दिन बाजार में गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में

    शेयर मार्केट टुडे: हफ्ते के चौथे दिन बाजार में गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में


    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 9 अप्रैल को गिरावट देखने को मिली। हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन बाजार की शुरुआत कमजोर रही और शुरुआती कारोबार में ही बिकवाली का दबाव नजर आया। प्रमुख सूचकांक BSE Sensex और Nifty 50 दोनों लाल निशान में कारोबार करते दिखे।

    कमजोर शुरुआत, शुरुआती कारोबार में गिरावट तेज
    सेंसेक्स 243 अंक की गिरावट के साथ 77,319 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 50 भी 88 अंकों की कमजोरी के साथ 23,909 पर ओपन हुआ। सुबह करीब 9:20 बजे तक गिरावट और बढ़ गई, जहां सेंसेक्स करीब 300 अंक टूटकर 77,261 पर आ गया, वहीं निफ्टी 113 अंक गिरकर 23,883 के स्तर पर ट्रेड करता नजर आया।

    गेनर्स और लूजर्स में दिखा मिला-जुला रुख
    गिरते बाजार के बीच कुछ शेयरों में मजबूती भी देखने को मिली। टॉप गेनर्स में NTPC, Tata Steel, Power Grid Corporation of India, ITC Limited और Bharti Airtel शामिल रहे। वहीं टॉप लूजर्स में Sun Pharmaceutical Industries, IndiGo, Adani Ports और Larsen & Toubro जैसे शेयर दबाव में रहे।

    एक दिन पहले बाजार में आई थी जोरदार तेजी
    इससे पहले 8 अप्रैल को बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला था। सेंसेक्स करीब 2946 अंक चढ़कर 77,562 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 873 अंक की तेजी के साथ 23,997 पर पहुंच गया था। उस दिन ज्यादातर सेक्टर्स में खरीदारी देखी गई थी।

    गिरावट की वजह क्या है?
    विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार में आई इस गिरावट के पीछे कई कारण हो सकते हैं पिछले दिन की तेज बढ़त के बाद मुनाफावसूली ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव निवेशकों का सतर्क रुख निवेशकों के लिए क्या संकेत? बाजार में हल्की गिरावट को सामान्य करेक्शन माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए ऐसे मौके निवेश के लिहाज से फायदेमंद साबित हो सकते हैं। 9 अप्रैल को शेयर बाजार में आई गिरावट ने यह संकेत दिया है कि तेज रैली के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है और निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।

  • अतीक कांड जैसी घटना का हवाला देते हुए जान से मारने की चेतावनी दी गई..

    अतीक कांड जैसी घटना का हवाला देते हुए जान से मारने की चेतावनी दी गई..


    नई दिल्ली:उत्तर प्रदेश में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को जान से मारने की गंभीर धमकियां मिलने से धार्मिक और सुरक्षा हलकों में तनाव बढ़ गया है। ज्योतिष्पीठ के प्रमुख को सीधे तौर पर अतीक अहमद कांड जैसा खतरनाक अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई है। इन धमकियों ने न केवल उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को सवालों के घेरे में ला दिया है, बल्कि राज्य की कानून व्यवस्था को भी पूरी तरह सतर्क कर दिया है।

    घटना की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 को हुई जब शंकराचार्य के आधिकारिक मोबाइल नंबर पर लगातार धमकी भरे संदेश भेजे गए। इन संदेशों में अपशब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें माफिया अतीक अहमद के समान परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। नंबर ब्लॉक करने के बावजूद आरोपी ने 6 अप्रैल को दो वॉइस मैसेज भेजे, जिनमें हिंसक लहजे में उनकी हत्या की धमकी दी गई। पहला संदेश दोपहर 1:55 बजे और दूसरा 1:57 बजे प्राप्त हुआ। शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी ने इसे गंभीर हमला करार देते हुए जल्द ही विधिक कार्रवाई और पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की बात कही।

    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद हाल ही में माघ मेले के दौरान प्रशासन के साथ विवाद में भी चर्चा में रहे। संगम स्नान के दौरान उनके काफिले और प्रशासन के बीच टकराव हुआ, जिसके बाद पदवी के उपयोग पर नोटिस जारी किया गया। इसके साथ ही आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा उनके आश्रमों में नाबालिग बच्चों के यौन शोषण के आरोप लगाए गए, जिसके आधार पर POCSO एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हुई। हालांकि, उच्च न्यायालय ने शंकराचार्य को अग्रिम जमानत दे दी। समर्थकों का मानना है कि यह सब उनके ‘गौ माता-राष्ट्रमाता’ अभियान और हिंदू हितों की आवाज को दबाने की साजिश है।

    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का जीवन संघर्षपूर्ण और प्रेरक रहा है। उन्होंने वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से शास्त्री और आचार्य की उपाधि प्राप्त की और छात्र राजनीति में भी सक्रिय रहे। 1994 में वे छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए और 2003 में दंड संन्यास की दीक्षा ली। राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा की शास्त्रीय विधि और सरकारी नीतियों पर उनके बेबाक बयानों के कारण वे अक्सर चर्चा में रहते हैं।

    इस विवाद में आशुतोष ब्रह्मचारी भी प्रमुख भूमिका में हैं, जो शंकराचार्य के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। हाल ही में उन्हें भी धमकी मिली, जो जांच में पाकिस्तान से संबंधित पाई गई। शंकराचार्य को दी गई धमकी में ‘अतीक कांड’ का हवाला है, जो 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की सार्वजनिक हत्या से जुड़ा था। उस समय भारी पुलिस सुरक्षा और लाइव कैमरों के सामने हमलावरों ने उन्हें गोलियों से भून दिया था।

  • खेल सुविधाओं में बड़ा विस्तार सिंगरौली में बनेगा हाईटेक खेल परिसर छात्रों को मिलेगा लाभ

    खेल सुविधाओं में बड़ा विस्तार सिंगरौली में बनेगा हाईटेक खेल परिसर छात्रों को मिलेगा लाभ


    सिंगरौली । सिंगरौली जिले में खेल सुविधाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है जहां जिला प्रशासन और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के बीच ₹13.29 करोड़ की लागत से आधुनिक खेल परिसर के निर्माण के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं यह परियोजना जिले के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए खेल के क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोलने वाली साबित होगी

    इस पहल को साकार रूप देने में कलेक्टर गौरव बैनल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है जिनके प्रयासों से शासकीय विद्यालयों और छात्रावासों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हुआ है लंबे समय से जिले में आधुनिक खेल सुविधाओं की कमी महसूस की जा रही थी जिसे अब यह परियोजना दूर करेगी

    सीएसआर मद के अंतर्गत शुरू होने वाली इस महत्वाकांक्षी योजना में खिलाड़ियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी इसमें स्विमिंग पूल बास्केटबॉल कोर्ट लॉन टेनिस कोर्ट बैडमिंटन कोर्ट टेबल टेनिस की व्यवस्था के साथ क्रिकेट नेट प्रैक्टिस पिच भी शामिल होगी इसके अलावा परिसर में पार्किंग और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी समुचित विकास किया जाएगा जिससे खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों को सुविधा मिल सके

    खास बात यह है कि इस खेल परिसर में विभिन्न खेलों के लिए प्रशिक्षण अकादमियां भी स्थापित की जाएंगी जहां प्रशिक्षित कोच युवाओं को नियमित प्रशिक्षण देंगे इससे न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलेगा बल्कि वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में भी सक्षम हो सकेंगे

    परियोजना का क्रियान्वयन मध्य प्रदेश आवास एवं अवसंरचना विकास संस्था द्वारा किया जाएगा जबकि इसके संचालन के लिए एक स्वतंत्र सोसायटी का गठन किया जाएगा जिसकी अध्यक्षता जिला कलेक्टर करेंगे यह व्यवस्था परियोजना के सुचारू संचालन और रखरखाव को सुनिश्चित करेगी

    इस खेल परिसर के निर्माण से सिंगरौली के युवाओं को अपने ही जिले में उच्च स्तरीय खेल प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल सकेंगी जिससे उन्हें बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा यह परियोजना खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ ही युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करेगी

    परियोजना के मार्च 2027 तक पूर्ण होने की संभावना है इसके बाद सिंगरौली जिले में खेल गतिविधियों को एक नई दिशा मिलेगी और यहां के खिलाड़ी अपने सपनों को साकार करने की ओर मजबूती से कदम बढ़ा सकेंगे यह पहल निश्चित रूप से क्षेत्र के विकास और युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी

  • विपक्षी बल्लेबाजों की बढ़ी मुश्किलें, राशिद की गेंदबाजी फिर बनी घातक!

    विपक्षी बल्लेबाजों की बढ़ी मुश्किलें, राशिद की गेंदबाजी फिर बनी घातक!


    नई दिल्ली। Gujarat Titans ने आईपीएल 2026 में आखिरकार जीत का खाता खोलते हुए Delhi Capitals को उसके ही घर में 1 रन से मात दी। लेकिन इस रोमांचक मुकाबले से भी बड़ी खबर रही Rashid Khan की दमदार वापसी, जिसने टीम को नई ऊर्जा दे दी है। अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मैच में जहां बाकी गेंदबाज महंगे साबित हुए, वहीं राशिद ने अपनी फिरकी से दिल्ली के बल्लेबाजों को जकड़ कर रख दिया।

    राशिद खान ने अपने 4 ओवर के स्पेल में सिर्फ 17 रन देकर 3 अहम विकेट चटकाए। उन्होंने Nitish Rana, Sameer Rizvi और Axar Patel जैसे बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और वैरिएशन ने साबित कर दिया कि वे एक बार फिर पुराने रंग में लौट आए हैं।

    बल्लेबाजों की गलती और राशिद की चालाकी से पलटा मैच

    210 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली की टीम जीत के बेहद करीब पहुंच गई थी, लेकिन आखिरी ओवर में एक छोटी सी चूक भारी पड़ गई। David Miller ने पांचवीं गेंद पर सिंगल लेने से इनकार कर दिया, जिससे दबाव बढ़ गया और आखिरी गेंद पर Kuldeep Yadav रन आउट हो गए। इस तरह दिल्ली 209 रन ही बना सकी और मैच 1 रन से हार गई।

    हालांकि इस हार के पीछे आखिरी ओवर की गलती को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, लेकिन असल में मैच का रुख राशिद खान की कसी हुई गेंदबाजी ने पहले ही मोड़ दिया था। जिस पिच पर बाकी गेंदबाज रन लुटा रहे थे, वहां राशिद ने बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका ही नहीं दिया।

    खराब फॉर्म से शानदार वापसी, जीटी के लिए राहत

    पिछले दो सीजन से Rashid Khan उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे। आईपीएल 2025 में उन्होंने 15 मैचों में सिर्फ 9 विकेट लिए थे, जबकि 2024 में भी उनका प्रदर्शन औसत रहा था। ऐसे में इस सीजन की शुरुआत भी टीम के लिए चिंता का कारण बन रही थी।

    लेकिन दिल्ली के खिलाफ इस मैच में उनकी वापसी ने Gujarat Titans के खेमे को राहत की सांस दी है। टूर्नामेंट अभी शुरुआती दौर में है और अगर राशिद इसी लय में बने रहते हैं, तो जीटी की गेंदबाजी और भी खतरनाक हो सकती है।

    आगे के मैचों में बढ़ेगी चुनौती

    राशिद की फॉर्म में वापसी का सीधा असर बाकी टीमों पर भी पड़ेगा। उनकी मौजूदगी से विपक्षी बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान नहीं रहेगा। खासकर मिडिल ओवर्स में उनकी गेंदबाजी मैच का रुख बदल सकती है।

    जीटी के लिए यह जीत सिर्फ 2 अंक ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास बढ़ाने वाली भी है। टीम अब आने वाले मुकाबलों में इस लय को बरकरार रखना चाहेगी, जबकि बाकी टीमें राशिद खान से निपटने की रणनीति बनाने में जुट जाएंगी।

  • पीला रंग क्यों लाता है खुशहाली? गुरुवार के लिए खास उपाय और महत्व

    पीला रंग क्यों लाता है खुशहाली? गुरुवार के लिए खास उपाय और महत्व


    नई दिल्ली।हर दिन की अपनी एक खास पहचान होती है। भारतीय परंपरा में सप्ताह के प्रत्येक दिन को किसी न किसी देवता या देवी से जोड़ा गया है। गुरुवार, जिसे बृहस्पतिवार भी कहा जाता है, भगवान विष्णु और देवताओं के गुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। इस दिन लोग पूजा-पाठ करते हैं, उपवास रखते हैं और विशेष रूप से पीले कपड़े पहनते हैं। गुरुवार को पीला रंग पहनने से न केवल मन को शांति मिलती है, बल्कि जीवन में खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह भी बढ़ता है।

    पीला रंग क्यों माना जाता है शुभ

    पीला रंग ऊर्जा, ज्ञान और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। यह रंग मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है और आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। धार्मिक अनुष्ठानों में पीले वस्त्रों को खास महत्व इसलिए दिया जाता है क्योंकि यह शुभता और सकारात्मकता का प्रतीक है।

    हल्दी, जो शुभता और पवित्रता की निशानी मानी जाती है, का रंग भी पीला होता है। शादी-ब्याह और अन्य पवित्र अवसरों में पीले रंग की मौजूदगी अक्सर देखी जाती है, जिससे मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक दोनों लाभ मिलते हैं।

    गुरुवार को पीला पहनने के लाभ


    1. कामों में सफलता

    अगर कोई महत्वपूर्ण काम जैसे इंटरव्यू, परीक्षा या व्यापारिक सौदा गुरुवार को है, तो पीले कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से मन शांत रहता है और कामों में सफलता की संभावना बढ़ जाती है।

    2. नकारात्मक सोच से छुटकारा

    पीला रंग मन से डर और चिंता को दूर करता है। मानसिक तनाव या घबराहट से जूझ रहे लोगों के लिए गुरुवार को पीला पहनना शांतिदायक और तनावमुक्त करने वाला उपाय है।

    3. विवाह में आने वाली दिक्कतें दूर होती हैं

    जिन लड़कियों की शादी में बार-बार अड़चन आ रही हो, उन्हें हर गुरुवार पीले वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। इससे अच्छे और स्थिर रिश्ते बनने की संभावना बढ़ जाती है।

    अगर पीले कपड़े पहनना संभव न हो

    कभी-कभी परिस्थितियां ऐसी होती हैं कि पीले कपड़े पहनना संभव न हो। ऐसी स्थिति में आप अपने कपड़ों पर थोड़ी हल्दी लगा सकते हैं। पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार, यह उपाय भी उतना ही प्रभावकारी माना जाता है और सकारात्मक ऊर्जा लाता है।

    गुरुवार को पीला रंग पहनना न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से लाभकारी है, बल्कि मानसिक शांति, सकारात्मकता और जीवन में खुशहाली लाने का भी प्रभाव डालता है। इस गुरुवार अपने वार्डरोब से एक पीली ड्रेस निकालें और इसका असर महसूस करें।

  • आईपीएल 2026: केकेआर को पहली जीत का इंतजार, एलएसजी के खिलाफ चुनौती बड़ी

    आईपीएल 2026: केकेआर को पहली जीत का इंतजार, एलएसजी के खिलाफ चुनौती बड़ी


    नई दिल्ली।आईपीएल 2026 में Kolkata Knight Riders (केकेआर) की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। टीम अब तक अपनी पहली जीत के लिए संघर्ष कर रही है और गुरुवार को अपने घरेलू मैदान इडन गार्डन्स में Lucknow Super Giants (एलएसजी) के खिलाफ होने वाले मुकाबले में वापसी की उम्मीद करेगी।

    खराब फॉर्म में केकेआर, जीत का सूखा बरकरार

    केकेआर ने इस सीजन में अब तक तीन मुकाबले खेले हैं, लेकिन एक भी मैच नहीं जीत सकी है।

    मुंबई इंडियंस के खिलाफ हार
    सनराइजर्स हैदराबाद से शिकस्त
    पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच बारिश में रद्द

    बारिश से मिले एक अंक के बावजूद टीम अंकतालिका में नौवें स्थान पर है। ऐसे में अब जीत बेहद जरूरी हो गई है।

    एलएसजी के खिलाफ खराब रिकॉर्ड

    Kolkata Knight Riders के लिए सबसे बड़ी चिंता Lucknow Super Giants के खिलाफ उनका रिकॉर्ड है।

    दोनों टीमों के बीच अब तक 6 मुकाबले खेले गए हैं:

    एलएसजी ने जीते: 4 मैच
    केकेआर ने जीते: 2 मैच

    आईपीएल 2025 में भी एलएसजी ने केकेआर को 4 रन से हराया था। ऐसे में आंकड़े साफ बताते हैं कि यह मुकाबला केकेआर के लिए आसान नहीं होने वाला।

    एलएसजी का संतुलित प्रदर्शन

    इस सीजन में Lucknow Super Giants ने अब तक 2 मैच खेले हैं, जिसमें 1 जीत और 1 हार के साथ टीम सातवें स्थान पर है। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ पिछले मैच में एलएसजी की गेंदबाजी काफी खतरनाक नजर आई थी। Mohammed Shami और Prince Yadav ने तेज गेंदबाजी से विरोधी बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया।

    वहीं बल्लेबाजी में कप्तान Rishabh Pant ने शानदार वापसी करते हुए नाबाद 68 रन की पारी खेली, जो टीम की जीत में निर्णायक साबित हुई।

    केकेआर के लिए मुश्किलें बढ़ीं

    केकेआर इस समय टीम संतुलन और खिलाड़ियों की चोट से भी जूझ रही है। कई अहम खिलाड़ियों की अनुपस्थिति और फॉर्म की कमी टीम के प्रदर्शन को प्रभावित कर रही है। कप्तान Ajinkya Rahane के सामने सबसे बड़ी चुनौती सही टीम संयोजन तैयार करने की है।

    घरेलू मैदान पर जीत की उम्मीद

    हालांकि मुकाबला इडन गार्डन्स में है, जहां केकेआर को घरेलू समर्थन मिलेगा, लेकिन एलएसजी की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह मैच आसान नहीं होगा। केकेआर को अगर इस सीजन में वापसी करनी है, तो इस मैच में रणनीति, संयम और बेहतर प्रदर्शन दिखाना होगा।

    जीत से बदल सकता है सीजन का रुख

    आईपीएल जैसे लंबे टूर्नामेंट में एक जीत टीम का आत्मविश्वास पूरी तरह बदल सकती है। अगर केकेआर एलएसजी को हरा देती है, तो यह उनके सीजन के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।

  • प्रकृति का साथ, सेहत का विश्वास: बिना दवा के स्वस्थ रहने के आसान तरीके

    प्रकृति का साथ, सेहत का विश्वास: बिना दवा के स्वस्थ रहने के आसान तरीके


    नई दिल्ली। आज के समय में हर कोई निरोगी काया चाहता है, लेकिन सवाल है कि कैसे निरोगी काया को पाया जा सकता है।

    इस सवाल का एक ही जवाब है अपने शरीर को समझना। हमारे शरीर में इतनी क्षमता होती है कि वह हर बीमारी से लड़ सकता है और बिना दवा के अच्छा जीवन जी सकता है। बिना दवा के जीवन जीना सिर्फ एक विचार नहीं, बल्कि अच्छी जीवनशैली का संकेत है।

    आयुर्वेद के मुताबिक, आज के समय में आधुनिक जीवनशैली और खान-पान ही बीमारियों की जड़ है, और यही कारण है कि अब प्रकृति के पास वापस लौटने का समय आ गया है। जितना आप प्रकृति के पास जाएंगे, बीमारी उतना ही दूर हो जाएगी। बिना दवा के स्वस्थ जीवनशैली जीने के लिए कुछ चीजों को जीवन में वापस लाना होगा।

    पहला स्टेप है स्व निदान, यानी पहले खुद की बीमारी की पहचान करें। हमारा शरीर कभी झूठ नहीं बोलता है, और जब भी शरीर में किसी तरह की कोई परेशानी होती है तो कुछ न कुछ संकेत जरूर मिलता है। इसके लिए शरीर के कुछ मुख्य लक्षण जानने की जरूरत है, जैसे जोड़ों का दर्द, कमजोरी, घटता हुआ वजन, अचानक धुंधला दिखना, बुखार, और कब्ज होना। यह कारण शरीर की आंतरिक गड़बड़ी को दर्शाते हैं।

    दूसरा स्टेप है प्राकृतिक दवाओं का इस्तेमाल। हमारा मतलब किसी दवा से नहीं, बल्कि प्रकृति से करीब रहना और समय ही है। इसके लिए समय पर आहार लेना जरूरी है और जीवनशैली में प्रकृति से मिले ताजे फलों का सेवन करना भी जरूरी है। यही ताजे फल हैं, जो दवा के इस्तेमाल को कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, रोज कम से कम आधे घंटे प्रकृति से जुड़ना भी जरूरी है। नंगे पांव घास पर चले और पेड़ों को गले लगाएं। इससे तनाव कम होता है और शरीर मानसिक रूप से स्वस्थ महसूस करता है।

    तीसरा स्टेप है सुधार का चरण। इस समय आप खुद शरीर में बदलाव महसूस करेंगे। जैसे जोड़ों के दर्द में आराम मिलेगा और फल खाने से पेट से संबंधित रोगों में भी आराम मिलेगा। शरीर धीरे-धीरे खुद को हील करना शुरू कर देगा। अगर इसके बाद कभी-कभार बुखार की समस्या होती है तो दवा लेने की बजाय गर्म पानी में पैरों को भिगोकर बैठ जाए, इससे भले ही शरीर का तापमान बढ़ेगा, लेकिन बुखार ठीक होने में मदद मिलेगी। हमारा शरीर का तापमान तभी गर्म होता है, जब शरीर में बैक्टीरिया का हमला होता है। संक्रमण से लड़ने के लिए शरीर तापमान को बढ़ा देते हैं और एंटीबॉडी बनाना शुरू कर देते हैं।

    इसके साथ ही कोशिश करें कि रोजाना कुछ पत्ते नीम के जरूर चबाए। यह शरीर के आधे से ज्यादा रोगों को समाप्त कर देगा।

  • मल्लिकार्जुन खरगे के विवादित बयान पर BJP ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया..

    मल्लिकार्जुन खरगे के विवादित बयान पर BJP ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया..


    नई दिल्ली:कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के हालिया ‘सांप’ बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने इस बयान को कांग्रेस की हताशा और राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताया। नबीन ने स्पष्ट किया कि खरगे के शब्द दरअसल गांधी परिवार के निर्देशों के तहत आ रहे हैं और वे रिमोट कंट्रोल की तरह चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बयान पूरी तरह से लोगों को सांप्रदायिक रूप से भड़काने और राजनीतिक माहौल को तनावपूर्ण बनाने की कोशिश है।

    नितिन नबीन ने सीधे तौर पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा मर्यादा लांघती रही है और जब भी इस तरह के विवादास्पद बयान दिए जाते हैं, जनता भाजपा को मजबूत समर्थन देती है। उन्होंने दावा किया कि पहले ये शब्द सीधे गांधी परिवार से आते थे और अब मल्लिकार्जुन खरगे के माध्यम से जनता तक पहुँच रहे हैं। नबीन ने कहा कि कांग्रेस के इस तरह के बयान इतिहास में हमेशा जनता के दृष्टिकोण को प्रभावित करने में असफल रहे हैं।

    भाजपा अध्यक्ष ने पश्चिम बंगाल और केरल की आगामी विधानसभा चुनावों पर भी प्रकाश डाला। बंगाल में भाजपा के वोट शेयर में लगातार वृद्धि हुई है और पार्टी इस बार राज्य में सरकार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। केरल में उन्होंने एलडीएफ और यूडीएफ के बीच ‘मैच फिक्सिंग’ का आरोप लगाया और कहा कि जनता इस फिक्सिंग से तंग आ चुकी है। नबीन ने कहा कि भाजपा का वोट बैंक लगातार बढ़ रहा है और लोग पार्टी को एक सशक्त विकल्प के रूप में देख रहे हैं।

    राहुल गांधी द्वारा बीजेपी और एलडीएफ के बीच ‘सेटिंग’ के आरोपों पर नबीन ने पलटवार किया। उन्होंने राहुल गांधी को कमजोर ज्ञान वाला नेता करार देते हुए सवाल उठाया कि अगर सेटिंग होती, तो पड़ोसी राज्य तमिलनाडु में कांग्रेस और कम्युनिस्ट गठबंधन क्यों हैं। उन्होंने सबरीमाला मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा और पूछा कि क्यों इस संवेदनशील विषय पर राहुल गांधी चुप्पी साध लेते हैं। नबीन ने स्पष्ट किया कि भाजपा का लक्ष्य ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ है और पार्टी देश में कम्युनिस्ट सिस्टम को पूरी तरह उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध है।

    असम चुनाव को लेकर भी भाजपा अध्यक्ष ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह निराश और हताश स्थिति में है, जबकि भाजपा पिछले प्रदर्शन से भी बेहतर परिणाम लाने के लिए तैयार है। दक्षिण भारत में सुपरस्टार और टीवीके प्रमुख विजय की राजनीति में एंट्री पर नबीन ने कहा कि राजनीति में पूर्ण समय और समर्पण जरूरी है, पार्ट-टाइम से कोई काम नहीं चलता। उन्होंने तमिलनाडु में भाजपा के AIADMK के साथ गठबंधन का उल्लेख करते हुए पार्टी की रणनीति का स्पष्ट संकेत दिया।

    नबीन ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर शब्दों की मर्यादा के साथ कड़ा रुख अपनाना भाजपा का कर्तव्य है और पार्टी जनता के विश्वास और समर्थन को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसकी रणनीतियों और बयानबाजी का लक्ष्य केवल भ्रम और विवाद फैलाना है, जबकि जनता भाजपा को एक सशक्त विकल्प के रूप में देख रही है।

  • क्वार्टर फाइनल पहले लेग में एटलेटिको की बढ़त, बार्सिलोना पर भारी पड़े

    क्वार्टर फाइनल पहले लेग में एटलेटिको की बढ़त, बार्सिलोना पर भारी पड़े


    नई दिल्ली।यूईएफए चैंपियंस लीग के क्वार्टर फाइनल के पहले लेग में Atletico Madrid ने दमदार प्रदर्शन करते हुए FC Barcelona को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ा दिया है। यह मुकाबला काफी रोमांचक रहा, जिसमें शुरुआती दबदबे के बावजूद बार्सिलोना को हार का सामना करना पड़ा।

    बार्सिलोना की तेज शुरुआत, लेकिन गोल नहीं

    मैच की शुरुआत में FC Barcelona ने आक्रामक खेल दिखाया और घरेलू मैदान कैंप नोउ पर दबदबा बनाया। Marcus Rashford ने शुरुआती मिनटों में दो शानदार मौके बनाए, लेकिन एटलेटिको के गोलकीपर Juan Musso ने बेहतरीन बचाव कर टीम को बढ़त लेने से रोक दिया। दूसरी ओर Julián Álvarez का प्रयास भी बार्सिलोना के गोलकीपर ने रोक दिया।

    ऑफसाइड ने छीना बढ़त का मौका

    बार्सिलोना को एक समय लगा कि उन्हें बढ़त मिल गई है, जब Lamine Yamal ने शानदार मूव बनाते हुए राशफोर्ड के लिए मौका तैयार किया। लेकिन ऑफसाइड के चलते यह गोल रद्द कर दिया गया। इस फैसले ने मैच का रुख बदलने की शुरुआत कर दी।

    रेड कार्ड बना टर्निंग पॉइंट

    मैच का सबसे बड़ा मोड़ 42वें मिनट में आया, जब Pau Cubarsí को वीआर रिव्यू के बाद रेड कार्ड दिखाया गया। पहले रेफरी ने येलो कार्ड दिया था, लेकिन VAR के बाद इसे रेड कार्ड में बदल दिया गया। इसके बाद बार्सिलोना को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा, जिससे टीम पर दबाव बढ़ गया।

    एटलेटिको ने मौके का उठाया पूरा फायदा

    हाफटाइम से ठीक पहले Julián Álvarez ने शानदार फ्री-किक के जरिए गोल दागकर एटलेटिको को 1-0 की बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में भी Atletico Madrid ने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा। 70वें मिनट में Alexander Sørloth ने गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया और बार्सिलोना की वापसी की उम्मीदों को झटका दे दिया।

    बार्सिलोना की कोशिशें नाकाम

    10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही बार्सिलोना ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन एटलेटिको की मजबूत डिफेंस के सामने उनकी एक न चली। आखिरी समय तक एटलेटिको ने मैच पर पकड़ बनाए रखी और आसानी से जीत दर्ज कर ली।

    दूसरे लेग में मुश्किल चुनौती

    इस जीत के साथ Atletico Madrid ने सेमीफाइनल की राह आसान कर ली है। वहीं FC Barcelona के सामने अब दूसरे लेग में वापसी की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। अगर बार्सिलोना को आगे बढ़ना है, तो उन्हें अगले मुकाबले में दमदार प्रदर्शन करना होगा।

  • असम केरल और पुडुचेरी में वोटिंग सीएम मोहन यादव ने मतदाताओं से की अहम अपील

    असम केरल और पुडुचेरी में वोटिंग सीएम मोहन यादव ने मतदाताओं से की अहम अपील


    भोपाल । देश में लोकतंत्र के महापर्व का उत्साह एक बार फिर देखने को मिल रहा है जहां असम केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान जारी है इन तीनों राज्यों में सुबह से ही मतदाताओं में खासा उत्साह नजर आ रहा है मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लोकतंत्र के प्रति लोगों की आस्था को दर्शा रही हैं

    इसी बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों खासकर इन राज्यों के मतदाताओं से मतदान करने की अपील की है उन्होंने अपने संदेश में पारंपरिक और प्रभावी नारे पहले मतदान फिर जलपान को दोहराते हुए लोगों को अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि असम केरल और पुडुचेरी में आज लोकतंत्र का महापर्व है विधानसभा चुनाव 2026 के इस महत्वपूर्ण अवसर पर सभी मतदाताओं से विनम्र आग्रह है कि वे अपने मताधिकार का अवश्य प्रयोग करें उन्होंने यह भी कहा कि हर एक वोट केवल सरकार चुनने का माध्यम नहीं होता बल्कि यह विकास और सुशासन की मजबूत नींव रखने का भी आधार बनता है

    दरअसल इन तीनों राज्यों में चुनाव को लेकर पिछले कई दिनों से जोरदार प्रचार अभियान चल रहा था जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता सक्रिय रूप से जुटे हुए थे इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी चुनाव प्रचार में शामिल हुए जिनमें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मौजूदगी भी उल्लेखनीय रही

    मतदान के दिन उनकी यह अपील खास मायने रखती है क्योंकि यह न केवल मतदाताओं को जागरूक करने का प्रयास है बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाने का संदेश भी देती है चुनाव आयोग द्वारा भी लगातार मतदाताओं को जागरूक करने के लिए विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक लोग मतदान में हिस्सा लें

    आज का दिन इन राज्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि मतदाताओं का निर्णय आने वाले वर्षों की राजनीति और विकास की दिशा तय करेगा ऐसे में हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने अधिकार के साथ अपने कर्तव्य का भी पालन करे

    लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है जब नागरिक सक्रिय रूप से इसमें भाग लें और मतदान के जरिए अपनी आवाज दर्ज कराएं यही कारण है कि पहले मतदान फिर जलपान जैसा संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक है जितना पहले था यह केवल एक नारा नहीं बल्कि जागरूक नागरिक बनने की पहचान भी है