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  • OTT दर्शकों के लिए खास रहेगा जनवरी का ये हफ्ता, फिल्मों और वेब सीरीज का लगेगा तगड़ा तड़का

    OTT दर्शकों के लिए खास रहेगा जनवरी का ये हफ्ता, फिल्मों और वेब सीरीज का लगेगा तगड़ा तड़का


    नई दिल्ली। जनवरी का यह सप्ताह OTT दर्शकों के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं है। इस हफ्ते अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर रोमांस, थ्रिलर, सस्पेंस, फैंटेसी और एक्शन से भरपूर फिल्में और वेब सीरीज रिलीज होने जा रही हैं। अगर आप घर बैठे नए कंटेंट का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो 19 से 23 जनवरी के बीच आपकी वॉचलिस्ट काफी लंबी होने वाली है। आइए जानते हैं इस हफ्ते कौन-कौन सी फिल्म और सीरीज OTT पर दस्तक दे रही हैं।

    गेम ऑफ थ्रोंस यूनिवर्स की फैंटेसी-एडवेंचर सीरीज ए नाइट ऑफ द सेवेन किंगडम्स 19 जनवरी से जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी। यह कहानी मशहूर सीरीज के घटनाक्रम से करीब 100 साल पहले की है और रोमांच व राजनीति से भरपूर नजर आती है।कन्नड़ सिनेमा के दर्शकों के लिए 45 एक डार्क फैंटेसी और आध्यात्मिक थ्रिलर लेकर आ रही है। फिल्म में मौत, कर्म और मोक्ष जैसे गहरे विषयों को छुआ गया है। यह फिल्म 23 जनवरी को जी5 पर रिलीज होगी।

    सस्पेंस पसंद करने वालों के लिए चीकाटिलो एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर वेब सीरीज है, जिसमें शोभिता धुलिपाला मुख्य भूमिका में हैं। सच्ची घटनाओं से प्रेरित यह सीरीज 23 जनवरी से प्राइम वीडियो पर देखी जा सकेगी।रोमांस के शौकीनों के लिए विजय वर्मा और फातिमा सना शेख की फिल्म गुस्ताख इश्क रिलीज हो रही है। उर्दू शायरी और इमोशनल लव स्टोरी से सजी यह फिल्म 23 जनवरी को जियो हॉटस्टार पर उपलब्ध होगी।

    बंगाली कंटेंट देखने वालों के लिए कालीपोटका एक क्राइम-थ्रिलर और डार्क कॉमेडी सीरीज है, जो चार महिलाओं की कहानी दिखाती है। यह सीरीज 23 जनवरी को जी5 पर आएगी।कन्नड़ फिल्म मार्क बच्चों के अपहरण और हत्या जैसे गंभीर विषय पर आधारित है। एक अधिकारी की जंग अपराधियों से कैसे होती है, यही इसकी कहानी है। इसे 23 जनवरी को जियो हॉटस्टार पर देखा जा सकता है।कॉमेडी पसंद करने वालों के लिए मस्ती 4 भी OTT पर दस्तक दे रही है। विवेक ओबेरॉय, रितेश देशमुख और आफताब शिवदासानी की यह फिल्म 23 जनवरी को जी5 पर रिलीज होगी।

    तमिल कोर्टरूम ड्रामा सिराई एक पुलिस अधिकारी की उस लड़ाई को दिखाती है, जिसमें वह एक बेगुनाह कैदी को न्याय दिलाने की कोशिश करता है। यह फिल्म 23 जनवरी को जी5 पर स्ट्रीम होगी।स्पेस मिशन पर आधारित सीरीज स्पेस जेन: चंद्रयान भी इसी हफ्ते रिलीज हो रही है। नकुल मेहता और श्रिया सरन स्टारर यह शो 23 जनवरी को जियो हॉटस्टार पर आएगा।वहीं, धनुष और कृति सेनन की हिट फिल्म तेरे इश्क में अब OTT पर दस्तक देने वाली है। बॉक्स ऑफिस पर सफलता के बाद यह फिल्म 23 जनवरी से नेटफ्लिक्स पर देखी जा सकेगी।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने NDRF के स्थापना दिवस पर दीं शुभकामनाएँ; बोले- जवानों का साहस और सेवा भाव गर्व का विषय

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने NDRF के स्थापना दिवस पर दीं शुभकामनाएँ; बोले- जवानों का साहस और सेवा भाव गर्व का विषय


    भोपाल । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल NDRF के स्थापना दिवस के अवसर पर बल के सभी अधिकारियों और जवानों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। सोमवार को जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में NDRF द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों और उनके समर्पण की सराहना की।

    ‘आपदा सेवा सदैव सर्वत्र’ के ध्येय को किया नमन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि NDRF ‘आपदा सेवा सदैव सर्वत्र’ के पावन ध्येय वाक्य के साथ कार्य करता है। उन्होंने रेखांकित किया कि चाहे भीषण प्राकृतिक आपदा हो या कोई अन्य विषम परिस्थितियाँ, यह बल हमेशा संकट के समय रक्षक बनकर खड़ा रहता है। मुख्यमंत्री ने बल की कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में बचाव कार्यों के लिए NDRF का समर्पण अनुकरणीय है।

    साहस और सेवा भाव पर जताया गौरव मुख्यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में जवानों के जज्बे को सलाम किया। उन्होंने कहा कि NDRF के जवानों का अदम्य साहस, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और निस्वार्थ सेवा भाव न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित करता है। संकट की हर घड़ी में अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की रक्षा करने का उनका संकल्प प्रेरणादायी है। उल्लेखनीय है कि NDRF स्थापना दिवस प्रतिवर्ष 19 जनवरी को मनाया जाता है। देश में आपदाओं के प्रभावी प्रबंधन और राहत कार्यों के लिए इस बल का गठन किया गया था, जिसने समय-समय पर अपनी विशेषज्ञता से हजारों लोगों की जान बचाई है।

  • 19 January 2026 Panchang: गुप्त नवरात्रि की शुरुआत, सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग

    19 January 2026 Panchang: गुप्त नवरात्रि की शुरुआत, सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग


    नई दिल्ली। अगर आप अपने दिन की शुरुआत शुभ और सकारात्मक ऊर्जा के साथ करना चाहते हैं तो 19 जनवरी 2026 का पंचांग आपके लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। यह दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है। सोमवार के दिन माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है और इसी दिन से गुप्त नवरात्रि की शुरुआत हो रही है, जो 27 जनवरी तक चलेगी।

    गुप्त नवरात्रि विशेष रूप से साधना, तंत्र-मंत्र और देवी उपासना के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन मां दुर्गा की गुप्त रूप से आराधना की जाती है। साथ ही आज सोमवार व्रत रखा जाएगा जो भगवान शिव को समर्पित होता है। शिव भक्तों के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना गया है।

    शुभ योग और ग्रह स्थिति
    19 जनवरी को सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। यह योग नए कार्यों की शुरुआत, पूजा-पाठ, व्रत, जप-तप और निवेश के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
    इस दिन चंद्रमा मकर राशि में संचार करेगा और सूर्य भी मकर राशि में स्थित रहेगा, जिससे कार्यों में स्थिरता और अनुशासन का प्रभाव देखने को मिलेगा।

    शुभ काल Auspicious Timings
    ब्रह्म मुहूर्त: 05:10 AM – 05:58 AM

    अमृत काल: 02:09 AM – 03:50 AM

    अभिजीत मुहूर्त: 11:52 AM – 12:35 PM

    इन समयों में पूजा, ध्यान, मंत्र जाप और महत्वपूर्ण निर्णय लेना शुभ माना जाता है।

    अशुभ काल Inauspicious Timings
    राहु काल: 08:09 AM – 09:30 AM

    यम गण्ड: 10:52 AM – 12:14 PM

    कुलिक काल: 01:35 PM – 02:57 PM

    दुर्मुहूर्त:

    12:35 PM – 01:19 PM

    02:46 PM – 03:29 PM

    वर्ज्यम्: 04:04 PM – 05:45 PM

    इन समयों में शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।

    सूर्य और चंद्रमा का समय
    सूर्योदय: 06:47 AM

    सूर्यास्त: 05:40 PM

    चन्द्रोदय: 07:06 AM

    चन्द्रास्त: 06:16 PM

    क्या करें इस दिन
    मां दुर्गा और भगवान शिव की पूजा करें

    गुप्त नवरात्रि के संकल्प लें

    मंत्र जाप, ध्यान और साधना के लिए दिन उत्तम

    नए कार्यों की योजना बनाना शुभ  इस प्रकार 19 जनवरी 2026 का दिन धार्मिक, आध्यात्मिक और ज्योतिषीय रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सही मुहूर्त और पंचांग के अनुसार कार्य करने से दिन सफल और फलदायी बन सकता है।

  • दुबलेपन से परेशान? ये सुपरफूड्स बिना सप्लीमेंट वजन बढ़ाने का हेल्दी तरीका हैं

    दुबलेपन से परेशान? ये सुपरफूड्स बिना सप्लीमेंट वजन बढ़ाने का हेल्दी तरीका हैं


    नई दिल्ली । आज के समय में मोटापा एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन चुका हैलेकिन वहीं कुछ लोग दुबलेपन से भी परेशान हैं। पतले शरीर वाले लोगों को अक्सर समाज में इतने कमजोर क्यों हो? जैसे अनचाहे सवाल और ताने सुनने पड़ते हैंजो आत्मविश्वास को प्रभावित करते हैं। ऐसे में वजन बढ़ाना उनके लिए सिर्फ शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक जरूरत भी बन जाता है। कई लोग महंगे सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैंलेकिन नेचुरल फूड्स की मदद से भी हेल्दी और स्थायी वेट गेन किया जा सकता है।

    अंडे: मसल्स ग्रोथ का आधार

    अंडे वजन बढ़ाने के लिए सबसे बेहतरीन फूड्स में से एक हैं। इनमें प्रोटीन और हेल्दी फैट्स की भरपूर मात्रा होती हैजो मांसपेशियों के विकास और शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करता है। दिन में तीन अंडे तक आसानी से खाए जा सकते हैं। अंडे न सिर्फ मसल्स बढ़ाते हैंबल्कि एनर्जी भी प्रदान करते हैं।

    नट्स और बीज: कैलोरी और पोषण का पावरहाउस

    बादामअखरोटपिस्ता और कद्दू के बीज जैसी चीजें हेल्दी फैट्सप्रोटीन और कैलोरी का अच्छा स्रोत हैं। इन्हें स्नैक्स के रूप में या दहीस्मूदी में डालकर खाया जा सकता है। नट्स न सिर्फ वजन बढ़ाने में मदद करते हैं बल्कि दिल और मस्तिष्क के लिए भी फायदेमंद हैं।

    अवोकाडो: हेल्दी फैट से भरपूर

    अवोकाडो में मोनोसैचुरेटेड फैट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैंजो वजन बढ़ाने के लिए जरूरी हैं। इसे सैंडविचसलाद या स्मूदी में मिलाकर खाया जा सकता है। अवोकाडो पेट को लंबे समय तक संतुष्ट रखता है और शरीर में स्वस्थ फैट का स्तर बढ़ाता है।

    ओट्स और होल ग्रेन: कार्ब्स का हेल्दी सोर्स

    ओट्सब्राउन राइसक्विनोआ और होल ग्रेन ब्रेड जैसी चीजें वजन बढ़ाने के लिए जरूरी कार्ब्स देती हैं। ये धीरे-धीरे एनर्जी रिलीज करते हैं और शरीर को जरूरी कैलोरी प्रदान करते हैं। इनका सेवन नाश्ते में दूध या दही के साथ करना सबसे अच्छा है।

    मांस और चिकन: प्रोटीन और फैट का कॉम्बिनेशन
    यदि आप नॉन-वेज खाते हैंतो चिकनमछली और लाल मांस भी हेल्दी वेट गेन के लिए बेहतरीन हैं। इनमें प्रोटीन और हेल्दी फैट्स होते हैंजो मसल्स बिल्डिंग और शरीर के आकार को बढ़ाने में मदद करते हैं।

    दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स: कैल्शियम और प्रोटीन का लाभ

    दूधपनीर और दही वजन बढ़ाने के लिए आसान और हेल्दी विकल्प हैं। इसमें मौजूद प्रोटीन और कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और मसल्स ग्रोथ को बढ़ावा देते हैं।

    संक्षिप्त टिप्स

    दिन में 5-6 छोटे भोजन करें। सप्लीमेंट्स की बजाय प्राकृतिक फूड्स पर ध्यान दें। वर्कआउट के साथ प्रोटीन और फैट युक्त फूड्स का सेवन करें। नियमित रूप से वजन और मसल्स मास पर ध्यान दें।

  • कांतारा 1 में निगेटिव रोल ने घबराहट में डाला था रुक्मिणी वसंत कोअब यश संग टॉक्सिक

    कांतारा 1 में निगेटिव रोल ने घबराहट में डाला था रुक्मिणी वसंत कोअब यश संग टॉक्सिक


    नई दिल्ली । कांतारा चैप्टर 1 में रानी कनकवती के खलनायिका किरदार से दर्शकों का दिल जीतने वाली रुक्मिणी वसंत इन दिनों खूब चर्चा में हैं। शुरुआती करियर में निगेटिव रोल चुनना उनके लिए एक बड़ा और साहसिक फैसला थाजो अब उनके अभिनय के लिए लाभदायक साबित हुआ। फिल्म की सफलता और उनके किरदार की तारीफ ने यह साबित कर दिया कि समय पर लिया गया जोखिम कलाकार के करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है रुक्मिणी ने बताया कि कांतारा जैसी बड़ी फिल्म का ऑफर मिलना उनके लिए रोमांचक अनुभव था। जब ऋषभ शेट्टी ने उन्हें फोन कर फिल्म का प्रस्ताव दियातो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। लेकिन जैसे ही पता चला कि उन्हें खलनायिका रानी कनकवती का रोल निभाना हैथोड़ी घबराहट भी हुई। शुरुआती वर्षों में नकारात्मक भूमिका निभाना आसान नहीं होताखासकर तब जब इंडस्ट्री में कलाकारों को खास तरह के रोल करने की सलाह या दबाव महसूस होता है।

    इंडस्ट्री की धारणाओं पर बात करते हुए रुक्मिणी ने कहा कि पहले से बनी धारणाएं कलाकारों को प्रभावित करती हैं। कोई सीधे तौर पर यह नहीं कहता कि आपको निगेटिव रोल नहीं करना चाहिएलेकिन माहौल ऐसा बन जाता है कि कलाकार खुद ही तनाव महसूस करने लगता है। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत दिखाई और कनकवती के किरदार को निभायाजो दर्शकों और समीक्षकों दोनों से सराहा गया। उनका अभिनय इतनी प्रभावशाली रहा कि किरदार लंबे समय तक लोगों की यादों में बना रहेगा। कांतारा में निभाए गए इस चुनौतीपूर्ण रोल के बाद रुक्मिणी अब अपने अगले प्रोजेक्ट्स को लेकर भी सुर्खियों में हैं। वह जल्द ही सुपरस्टार यश के साथ फिल्म टॉक्सिकमें नजर आएंगी। फिल्म का टीजर रिलीज होते ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर चुका है। टॉक्सिक19 मार्च 2026 को रिलीज होने वाली है और बॉक्स ऑफिस पर इसका मुकाबला धुरंधर 2से होगा।

    रुक्मिणी वसंत लगातार चुनौतीपूर्ण और दमदार किरदारों के लिए जानी जा रही हैं। उनके अभिनय का यह सफर यह दिखाता है कि जोखिम उठाना और अपनी क्षमता पर भरोसा रखना ही किसी कलाकार के करियर की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है। कांतारा में निगेटिव रोल निभाने की उनकी हिम्मत और टॉक्सिकजैसी बड़ी फिल्मों में दिखने की तैयारी उन्हें इंडस्ट्री की अलग पहचान देती है। कुल मिलाकररुक्मिणी वसंत का सफर यह साबित करता है कि शुरुआती घबराहट और चुनौतियों के बावजूद सही रोल चुनना और उसमें खुद को साबित करना ही सफलता की कुंजी है। दर्शक उनके आगामी प्रोजेक्ट्स और दमदार प्रदर्शन के लिए बेताब हैं।

  • रिश्ते में 'स्पेस' जरूरी: घंटों बातें करने से बढ़ती है बोरियत, थोड़ी दूरी लाती है ताजगी

    रिश्ते में 'स्पेस' जरूरी: घंटों बातें करने से बढ़ती है बोरियत, थोड़ी दूरी लाती है ताजगी


    नई दिल्ली । रिश्तों में प्यार और नजदीकी की शुरुआत अक्सर रोमांचक होती है। नए प्यार में लोग सुबह की गुड मॉर्निंगसे लेकर रात की गुड नाइटतक हर पल एक-दूसरे के साथ साझा करना चाहते हैं। घंटों फोन पर बातें करनाहर छोटी-छोटी बात साझा करना शुरू में सुखद अनुभव लगता है। लेकिन समय के साथ यही आदत रिश्ते में बोझ बन सकती है। लगातार संपर्क में रहने से बातचीत की गुणवत्ता गिरती हैरोमांच खत्म होता है और रिश्ते में बोरियत और चिड़चिड़ापन आने लगता है। सोचिए अगर आपको गुलाब जामुन बेहद पसंद हैलेकिन दिन में बार-बार वही परोसा जाएतो कुछ ही दिनों में उसका स्वाद फीका लगने लगेगा। रिश्तों का गणित भी कुछ ऐसा ही है। जरूरत से ज्यादा जुड़े रहने से रिश्ते में भावनात्मक दूरी बन सकती है। जब बातचीत केवल और बताओ या तुम बताओ? जैसे सवालों तक सीमित रह जाएतो समझ लेना चाहिए कि अब रिश्ते में रोमांच नहींबल्कि आदत रह गई है।

    घंटों बात करने के कई नुकसान हैं। लगातार हर छोटी बात साझा करने से मिलने पर कुछ खास बचता ही नहीं। हर समय रिप्लाई देने का दबाव मानसिक थकान और झुंझलाहट पैदा करता है। साथ ही अगर आप अपने शौकदोस्तों और परिवार को छोड़कर पूरी तरह पार्टनर में खो जाएंतो यह स्वस्थ रिश्ते का संकेत नहीं है। रिश्ते में स्पेस देना जरूरी है। स्पेस का मतलब यह नहीं कि प्यार कम हैबल्कि इसका अर्थ है कि दोनों को अपने लिए थोड़ा समय चाहिए। अपनी हॉबीरुचियों और दोस्तों के लिए समय निकालने से व्यक्ति बेहतर बनता है और रिश्ते में लौटने पर बातचीत और मिलन और खास महसूस होता है।

    थोड़ी दूरी पार्टनर की कमी का एहसास कराती है। यही दूरी रिश्ते में ताजगी और गहराई बनाए रखती है। कहावत है दूरी से चाहत बढ़ती है। जब आप अपने लिए समय लेते हैंतो पार्टनर भी आपकी कमी महसूस करता है और मिलने पर बातचीत अधिक रोमांचक और दिलचस्प होती है। रिश्तों में संतुलन बनाए रखना इसलिए जरूरी है। प्यार और नजदीकी होनी चाहिएलेकिन लगातार संपर्क में रहने से बचना चाहिए। थोड़ी दूरी रिश्ते को नया उत्साह देती हैबोरियत कम करती है और मानसिक तनाव से राहत दिलाती है। रिश्ते की लंबी उम्र और खुशी के लिए स्पेसएक आवश्यक तत्व है। कुल मिलाकररिश्ते में ताजगी बनाए रखने के लिए जरूरत से ज्यादा बात करने से बचें। पार्टनर को थोड़ा स्पेस देंअपने लिए समय निकालें और बातचीत को खास बनाकर लौटें। यही तरीका रिश्ते को मजबूतस्वस्थ और रोमांचक बनाता है।

  • फाल्गुन 2026: फाल्गुन मास कब से कब तक, जानें शुभ-अशुभ नियम और पूजा का महत्व

    फाल्गुन 2026: फाल्गुन मास कब से कब तक, जानें शुभ-अशुभ नियम और पूजा का महत्व


    नई दिल्ली । सनातन परंपरा में फाल्गुन मास को अत्यंत पावन माना गया है। यह महीना भगवान श्रीकृष्ण को विशेष प्रिय है और ब्रज क्षेत्र में इस दौरान होली का उत्सव बड़े उल्लास के साथ मनाया जाता है। फाल्गुन मास के साथ ही महाशिवरात्रि का पर्व भी आता है, जब श्रद्धालु विधि-विधान से भगवान शिव की उपासना करते हैं। यही नहीं, इस माह को चंद्र देव से भी जोड़कर देखा गया है, इसलिए उनकी आराधना से मानसिक शांति और सुख की प्राप्ति होती है। वैदिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास 02 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर 03 मार्च 2026 तक रहेगा। इसके अगले दिन 04 मार्च से चैत्र मास का आरंभ होगा। इस महीने में किए जाने वाले धार्मिक और सामाजिक अनुष्ठान विशेष फलदायी माने जाते हैं।

    फाल्गुन मास में भगवान श्रीकृष्ण और भगवान शिव की पूजा-अर्चना अत्यंत शुभ मानी जाती है। प्रतिदिन शिवलिंग का जल, दूध और बेलपत्र से अभिषेक करने से कष्टों में कमी आती है और जीवन में सुख-शांति बढ़ती है। साथ ही अन्न, धन और वस्त्रों का दान करने से आर्थिक समृद्धि और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ती है। पितरों की कृपा पाने के लिए तर्पण और दान करना भी लाभकारी माना गया है, जिससे परिवार में सुख-शांति और सौहार्द्र का वातावरण बनता है। हालांकि, फाल्गुन मास में कुछ वर्जित कर्म भी बताए गए हैं। होलाष्टक के दौरान विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य टालने चाहिए। इसके अलावा मांस-मदिरा और नशीले पदार्थों का सेवन न करना, बुजुर्गों और महिलाओं का अपमान न करना और कटु भाषा से दूर रहना अनिवार्य है। धार्मिक मान्यता के अनुसार रविवार और एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते न तोड़ें और पौधों में जल अर्पित करने से बचें।

    इस माह की विशेषता यह है कि यह न केवल भगवान श्रीकृष्ण और शिव की आराधना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है, बल्कि पितृ तर्पण, दान और सामाजिक सदाचार के लिए भी महत्वपूर्ण है। फाल्गुन मास का पालन नियमपूर्वक करने से जीवन में शांति, सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक प्रगति प्राप्त होती है। कुल मिलाकर फाल्गुन 2026 का यह पावन माह धार्मिक क्रियाओं, पूजा-अर्चना और सामाजिक दायित्वों का समन्वय है। इस मास में किए गए शुभ कार्यों से व्यक्ति और परिवार दोनों का कल्याण होता है, जबकि वर्जित कर्मों से बचकर जीवन में नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति मिलती है।

  • ससुराल वालों ने जमाई राजा का भव्य स्वागत किया, 1374 व्यंजन और 12 तोहफों के साथ वीडियो वायरल

    ससुराल वालों ने जमाई राजा का भव्य स्वागत किया, 1374 व्यंजन और 12 तोहफों के साथ वीडियो वायरल

    नई दिल्ली। भारत में दामाद का पहली बार ससुराल आना हमेशा एक उत्सव जैसा माना जाता है। पूरे परिवार को जमाई के स्वागत की तैयारी में जुटा देखा जा सकता है। लेकिन आंध्र प्रदेश के कोनसीमा जिले के एक गांव में हाल ही में हुई तैयारियां अपनी हदें पार कर गईं। यहां एक परिवार ने अपनी बेटी कीर्तिश्री और दामाद बोड्डू साई शरथ के पहले ससुराल आगमन पर 1374 व्यंजन तैयार किए। यह आयोजन न केवल परिवार के लिए यादगार था बल्कि सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया।परिवार ने मकर संक्रांति के अवसर पर इस आयोजन की योजना बनाई। पूरे कार्यक्रम को पारंपरिक और भव्य तरीके से सजाया गया। स्वागत स्थल पर सजे बोर्ड और संदेशों ने इसे और व्यक्तिगत और भावनात्मक रूप दिया। यह आयोजन गोदावरी डेल्टा की समृद्ध भोजन संस्कृति को भी दर्शाता है जो अपने उदार भोजन और त्योहारों की रसोई के लिए मशहूर है।

    सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में नवविवाहित जोड़े को भोजन के बीच बैठे हुए देखा जा सकता है। कैमरा धीरे-धीरे टेबलों पर सजी व्यंजन कतारों पर घूमता है। इस विशाल भोज में बिरयानी बर्गर तले हुए स्नैक्स छाछ ताजे जूस मिठाइयां फल और घर के बने नाश्ते शामिल थे। कुछ खास डिशेज आसपास के अलग-अलग इलाकों से मंगाई गई थीं।भोजन के अलावा परिवार ने 12 तोहफे भी दिए जो साल के 12 महीनों का प्रतीक थे। इन तोहफों के जरिए नवदंपति के वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई। इस भव्य आयोजन ने दामाद और बेटी को खास महसूस कराना सुनिश्चित किया।

    जैसे ही वीडियो वायरल हुआ सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर अपने-अपने विचार व्यक्त किए। एक यूजर ने लिखा इसका क्या फायदा… कम से कम कुछ मिठाइयां गरीब बच्चों में बांट देते। दूसरे ने टिप्पणी की मैं देखना चाहता हूं कि वो इतना सब कैसे खत्म करेगा। कुछ ने इसे दहेज और दिखावे से जोड़कर भी देखा। एक यूजर ने लिखा गोदावरी जिलों में हर साल ऐसा दिखावा आम है। समझ नहीं आता समाज को क्या संदेश देते हैं। वहीं एक अन्य ने कहा काश बहुओं को भी कभी ऐसा सम्मान मिले।यह आयोजन न केवल परिवार के लिए यादगार रहा बल्कि सोशल मीडिया पर इसे देखकर लोग इसकी भव्यता और अलग अंदाज की तारीफ कर रहे हैं। 1374 व्यंजन और 12 प्रतीकात्मक तोहफों के साथ इस स्वागत का वीडियो आने वाले समय में और भी चर्चा में रहेगा।

  • गुप्त नवरात्र 2026: घटस्थापना पर विशेष मंत्र जप से दूर होंगे दुख, घर में आएगी सुख-समृद्धि

    गुप्त नवरात्र 2026: घटस्थापना पर विशेष मंत्र जप से दूर होंगे दुख, घर में आएगी सुख-समृद्धि


    नई दिल्ली । गुप्त नवरात्र 2026 का पावन पर्व इस वर्ष 19 जनवरी से आरंभ होकर 27 जनवरी तक श्रद्धा और साधना के साथ मनाया जाएगा। माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तिथि तक चलने वाले गुप्त नवरात्र को शक्ति उपासना का अत्यंत महत्वपूर्ण काल माना गया है। इस दौरान दस महाविद्याओं और मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की गुप्त साधना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस कालखंड में की गई उपासना साधक को शीघ्र फल प्रदान करती है और जीवन से नकारात्मक शक्तियों का नाश करती है। गुप्त नवरात्र की शुरुआत घटस्थापना से होती है, जिसे अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि घटस्थापना के समय यदि विशेष मंत्रों का जप किया जाए तो घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। घटस्थापना के दौरान मां दुर्गा का आवाहन कर उनके बीज मंत्रों का जप करने से मानसिक, आर्थिक और पारिवारिक कष्ट दूर होते हैं। शास्त्रों में उल्लेख है कि इस समय श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई साधना व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाती है।

    गुप्त नवरात्र को अन्य नवरात्रों से अलग इसलिए माना जाता है क्योंकि इसमें साधना को गोपनीय रखा जाता है। विशेष रूप से तांत्रिक साधक, सिद्धि प्राप्त करने वाले उपासक और शक्ति आराधक इस समय मंत्र, तंत्र और यंत्र साधना करते हैं। माना जाता है कि इन नौ दिनों में दस महाविद्याएंकाली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी, त्रिपुर भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला अपने साधकों पर विशेष कृपा करती हैं। धार्मिक विश्वास है कि गुप्त नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना करने से न केवल मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, बल्कि जीवन में आ रही बाधाएं भी दूर होती हैं। जो भक्त श्रद्धा से व्रत रखते हैं और नियमपूर्वक पूजा करते हैं, उन्हें आत्मिक शांति के साथ-साथ भौतिक सुखों की भी प्राप्ति होती है। विशेषकर जिन लोगों के जीवन में लंबे समय से कष्ट, रोग या आर्थिक समस्याएं बनी हुई हैं, उनके लिए यह साधना काल अत्यंत फलदायी माना गया है।

    माघ माह में सूर्य उत्तरायण रहता है, जिसे शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ समय माना गया है। इसी कारण माघी गुप्त नवरात्र का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस दौरान देवी मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, हवन और मंत्र जप किए जाते हैं। कई श्रद्धालु इन नौ दिनों तक संयम, सात्विक आहार और नियमित पूजा के माध्यम से मां शक्ति की आराधना करते हैं। कुल मिलाकर गुप्त नवरात्र 2026 साधना, तप और श्रद्धा का ऐसा पावन अवसर है, जिसमें घटस्थापना से लेकर नवमी तक मां दुर्गा और दस महाविद्याओं की उपासना कर भक्त अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर सकते हैं।

  • 55 साल की उम्र में सुनीता आहूजा कर रही हैं धमाल बोलीं– भूल गई हूं गोविंदा की पत्नी हूं

    55 साल की उम्र में सुनीता आहूजा कर रही हैं धमाल बोलीं– भूल गई हूं गोविंदा की पत्नी हूं


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा हमेशा अपने बेबाक और खुले अंदाज के लिए जानी जाती हैं। पिछले कुछ सालों से वह मीडिया और इंटरव्यूज में चर्चा में हैंलेकिन हाल ही में उन्होंने अपने जीवन और पहचान को लेकर एक खास खुलासा किया। सुनीता ने कहा कि अब वह 55 साल की उम्र में अपनी अलग पहचान बना रही हैंऔर लोग उन्हें सिर्फ गोविंदा की पत्नी नहीं बल्कि सुनीता आहूजा के नाम से जानने लगे हैं।मिस मालिनी के साथ बातचीत में सुनीता ने बतायाआज मेरे नसीब ने 55 साल में नामइज्जत और शोहरत देने का मौका दिया है। लोग मुझे अब सुनीता आहूजा के नाम से जानते हैं। गोविंदा की पत्नी तो हूंयह सबको पता है। लेकिन मैंने अपनी भी तो पहचान बनानी है। यहां तक कि अब मैं भूल गई हूं कि मैं गोविंदा की पत्नी हूं! पति हैं लेकिन अपनी भी तो पहचान होनी चाहिए ना।

    सुनीता ने अपने उदाहरण में जया बच्चन को भी बताया। उन्होंने कहाजैसे जया जी को संसद में एक बार जया अमिताभ बच्चन कहकर बुलाया गया था। लेकिन वह जया भादुड़ी हैं! प्लीज सभी को यह समझना चाहिए कि उनके पास अमिताभ हैंलेकिन अपनी भी तो पहचान होनी चाहिए। दरअसलयह वह घटना थी जब जया बच्चन को उनके पति अमिताभ बच्चन के नाम से जोड़ा गया था और उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि वह अपने नाम और पहचान की वजह से अलग हैं।सुनीता आहूजा अब इसी रास्ते पर चल रही हैं। वह खुद को एक स्वतंत्र और पहचान बनाने वाली महिला के रूप में स्थापित करना चाहती हैं। उन्होंने अपने इंटरव्यूज में पति गोविंदा के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर पर भी बात की थीजिसके बारे में गोविंदा ने सफाई दी कि उनकी पत्नी किसी साजिश का शिकार हुई हैं।

    इस बीच सुनीता को उनके फैंस और मीडिया द्वारा मिली पहचान ने उन्हें और भी प्रेरित किया है। वह कहती हैं कि अब लोग उन्हें सिर्फ गोविंदा की पत्नी के रूप में नहीं देखतेबल्कि उनके अपने व्यक्तित्व और उपलब्धियों की वजह से जानते हैं। सुनीता का यह बेबाक अंदाज और अपने नाम के लिए जुझारूपन उन्हें और भी लोकप्रिय बनाता है।55 साल की उम्र में अपनी पहचान बनाने की यह कहानी बताती है कि उम्र कभी भी किसी की पहचान या महत्व को कम नहीं कर सकती। सुनीता आहूजा का यह उदाहरण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन सकता हैजो अपने जीवन में व्यक्तिगत पहचान बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।