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  • ट्रंप ने खोली पाकिस्तान के दावे की पोल, शहबाज शरीफ के बयान पर उठे सवाल

    ट्रंप ने खोली पाकिस्तान के दावे की पोल, शहबाज शरीफ के बयान पर उठे सवाल


    नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच हुए युद्धविराम को लेकर पाकिस्तान के दावों पर अब सवाल खड़े हो गए हैं। अमेरिका ने साफ कर दिया है कि इस समझौते में लेबनान शामिल नहीं था जिससे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बयान की विश्वसनीयता पर असर पड़ा है।

    अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में कहा कि सीजफायर समझौते में लेबनान शामिल नहीं था। उन्होंने इसे गलतफहमी बताते हुए कहा कि संभवतः ईरान ने इसे अलग तरह से समझा। वेंस के मुताबिक यह युद्धविराम अमेरिका ईरान और उनके सहयोगियों जैसे इजरायल और अरब देशों पर केंद्रित है न कि लेबनान पर।

    ट्रंप ने भी किया इनकार

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी स्पष्ट कहा कि लेबनान को समझौते में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि इसकी वजह हिज्बुल्लाह है और वहां की स्थिति अलग तरह की झड़प का हिस्सा है।

    शहबाज शरीफ के बयान से बढ़ा विवाद

    इससे पहले शहबाज शरीफ ने दावा किया था कि ईरान अमेरिका और उनके सहयोगी लेबनान समेत सभी क्षेत्रों में तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। उन्होंने इस फैसले का स्वागत करते हुए दोनों पक्षों को इस्लामाबाद में आगे की वार्ता के लिए आमंत्रित भी किया था। उनके इस बयान के बाद अब अमेरिका के स्पष्ट रुख से पाकिस्तान की कूटनीतिक स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।

    इजरायल पहले ही कर चुका था साफ इनकार

    इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही कह चुके थे कि यह युद्धविराम लेबनान में जारी सैन्य कार्रवाई पर लागू नहीं होगा। सीजफायर की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद इजरायल ने लेबनान में हमले भी जारी रखे। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इन हमलों में कम से कम 89 लोगों की मौत हुई और 700 से अधिक घायल हुए। इजरायल का कहना है कि यह कार्रवाई हिज्बुल्लाह के खिलाफ जारी रहेगी।

    होर्मुज जलडमरूमध्य बंद बढ़ा तनाव
    लेबनान में हमलों के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया जिसे लेकर अमेरिका ने आपत्ति जताई है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में तनाव और बढ़ा दिया है और यह आशंका पैदा हो गई है कि अमेरिका-ईरान के बीच हुआ नाजुक युद्धविराम आगे टिक पाएगा या नहीं।

  • हिट फिल्म धुरंधर 2 विवाद में क्यों फंसी जानिए गाने से जुड़ा पूरा मामला

    हिट फिल्म धुरंधर 2 विवाद में क्यों फंसी जानिए गाने से जुड़ा पूरा मामला


    नई दिल्ली । स्पाई एक्शन थ्रिलर धुरंधर 2 इन दिनों जहां बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है वहीं अब यह फिल्म एक बड़े कानूनी विवाद में भी घिर गई है फिल्म की सफलता के बीच अचानक उठे इस विवाद ने इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है मामला फिल्म में इस्तेमाल किए गए एक पुराने सुपरहिट गाने को लेकर है जिस पर कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाया गया है

    रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रोडक्शन कंपनी त्रिमूर्ति फिल्म्स ने निर्देशक आदित्य धर की कंपनी B62 स्टूडियोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है आरोप है कि फिल्म में हम प्यार करने वाले गाने का इस्तेमाल बिना आधिकारिक अनुमति के किया गया है जिससे कॉपीराइट कानून का उल्लंघन हुआ है

    दरअसल हम प्यार करने वाले गाना 1989 में आई फिल्म त्रिदेव का लोकप्रिय ट्रैक है जिसे मशहूर संगीतकार जोड़ी आनंद मिलिंद ने तैयार किया था और इसके बोल समीर अनजान ने लिखे थे इस गाने को अनुराधा पौडवाल और उदित नारायण ने अपनी आवाज दी थी और यह अपने समय का बेहद लोकप्रिय गीत रहा है

    त्रिमूर्ति फिल्म्स का दावा है कि इस गाने के म्यूजिक और साउंड रिकॉर्डिंग से जुड़े सभी अधिकार उनके पास हैं और बिना अनुमति इसके इस्तेमाल से उनके अधिकारों का उल्लंघन हुआ है कंपनी ने अदालत से मांग की है कि फिल्म में इस गाने के उपयोग पर तुरंत रोक लगाई जाए साथ ही हर्जाने और अन्य कानूनी राहत भी मांगी गई है

    कंपनी ने यह भी चिंता जताई है कि फिल्म के थिएटर रिलीज ओटीटी स्ट्रीमिंग और प्रमोशनल कंटेंट के जरिए इस गाने का लगातार इस्तेमाल उनके अधिकारों को और नुकसान पहुंचा सकता है इसलिए उन्होंने इस मामले को गंभीरता से उठाया है

    वहीं दूसरी ओर धुरंधर द रिवेंज बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई कर रही है फिल्म ने रिलीज के 21 दिनों में ही 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा का आंकड़ा पार कर लिया है जिससे यह साल की बड़ी हिट फिल्मों में शामिल हो गई है फिल्म में रणवीर सिंह ने जसकीरत सिंह रंगी का किरदार निभाया है जो एक अंडरकवर एजेंट के रूप में पाकिस्तान में रहकर भारत के लिए काम करता है

    फिल्म में उनके अलावा अर्जुन रामपाल आर माधवन संजय दत्त राकेश बेदी और सारा अर्जुन जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं

    अब देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद फिल्म की सफलता पर कितना असर डालता है और अदालत इस मामले में क्या फैसला सुनाती है फिलहाल धुरंधर 2 की चमक के साथ यह विवाद भी सुर्खियों में बना हुआ है

  • पुष्पा स्टार अल्लू अर्जुन की आवाज के पीछे छुपा है इस मलयालम डायरेक्टर का कमाल

    पुष्पा स्टार अल्लू अर्जुन की आवाज के पीछे छुपा है इस मलयालम डायरेक्टर का कमाल


    नई दिल्ली । साउथ सिनेमा के आइकॉन स्टार अल्लू अर्जुन जब भी बड़े पर्दे पर नजर आते हैं तो उनका स्टाइल उनका स्वैग और उनके डायलॉग बोलने का अंदाज दर्शकों को दीवाना बना देता है लेकिन एक ऐसा सच भी है जिसे जानकर कई लोग चौंक जाते हैं दरअसल फिल्मों में सुनाई देने वाली उनकी आवाज उनकी खुद की नहीं होती बल्कि उसे डब किया जाता है हिंदी में जहां उनकी आवाज को श्रेयस तलपड़े देते हैं वहीं मलयालम में पिछले करीब 15 सालों से एक खास शख्स उनकी ऑफिशियल आवाज बने हुए हैं

    यह शख्स कोई आम डबिंग आर्टिस्ट नहीं बल्कि मलयालम सिनेमा के जाने माने निर्देशक जिस जॉय हैं जिस जॉय ने न सिर्फ कैमरे के पीछे शानदार फिल्में बनाई हैं बल्कि अपनी आवाज के जरिए अल्लू अर्जुन के किरदारों में जान डालने का काम भी किया है उनकी डबिंग इतनी सटीक और प्रभावशाली होती है कि दर्शकों को कभी यह एहसास ही नहीं होता कि यह आवाज किसी और की है

    इस अनोखी साझेदारी की शुरुआत लगभग 15 साल पहले हुई थी और तब से लेकर आज तक अल्लू अर्जुन की ज्यादातर बड़ी फिल्मों में जिस जॉय ही मलयालम वर्जन के लिए डबिंग करते आ रहे हैं समय के साथ यह तालमेल इतना मजबूत हो गया है कि अब मलयालम दर्शकों के लिए अल्लू अर्जुन की पहचान ही जिस जॉय की आवाज बन चुकी है

    दिलचस्प बात यह है कि जब कई दर्शक पहली बार अल्लू अर्जुन की असली आवाज सुनते हैं तो उन्हें थोड़ा अजीब महसूस होता है क्योंकि वे जिस जॉय की आवाज के इतने आदी हो चुके हैं कि वही उन्हें असली लगती है यही वजह है कि केरल में अल्लू अर्जुन को मल्लू अर्जुन के नाम से भी पुकारा जाता है और वहां उनकी लोकप्रियता बेहद खास है

    जिस जॉय का निर्देशन करियर भी उतना ही शानदार रहा है उन्होंने संडे हॉलिडे और विजय सुपरम और पौर्नामियुम जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है जो दर्शकों के बीच काफी पसंद की गईं उनकी फिल्मों में कहानी कहने का तरीका और इमोशनल टच खास माना जाता है और यही समझ उन्हें एक बेहतरीन डबिंग आर्टिस्ट भी बनाती है

    एक निर्देशक होने के नाते जिस जॉय को यह अच्छी तरह पता होता है कि किसी सीन में किस तरह की भावनाएं चाहिए और डायलॉग को किस अंदाज में पेश करना है यही कारण है कि उनकी डबिंग में वही ताकत और गहराई नजर आती है जो अल्लू अर्जुन की एक्टिंग में दिखती है

    यह भी सच है कि जिस जॉय ने कई अन्य कलाकारों के लिए भी डबिंग की है लेकिन अल्लू अर्जुन के साथ उनकी जोड़ी सबसे ज्यादा सफल और चर्चित रही है यह साझेदारी सिर्फ आवाज देने तक सीमित नहीं है बल्कि यह दो कलाकारों के बीच एक गहरे रचनात्मक तालमेल का उदाहरण है जिसने सिनेमा को और भी प्रभावशाली बना दिया है

  • भारत-बांग्लादेश वार्ता में उठी शेख हसीना की वापसी की मांग, भारत ने नहीं दिया कोई जवाब

    भारत-बांग्लादेश वार्ता में उठी शेख हसीना की वापसी की मांग, भारत ने नहीं दिया कोई जवाब

    नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश के बीच पिछले साल बढ़े तनाव के बाद अब दोनों देश संबंधों को पटरी पर लाने की दिशा में आगे बढ़ते दिख रहे हैं। इसी कड़ी में बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान अपने पहले आधिकारिक दौरे पर भारत पहुंचे और उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की।

    ढाका की ओर से जारी बयान के मुताबिक, रहमान ने बैठक के दौरान बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल के प्रत्यर्पण की मांग दोहराई। हालांकि, इस पर भारत की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

    बांग्लादेशी पक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व में सरकार ‘बांग्लादेश फर्स्ट’ नीति पर चलते हुए पारस्परिक विश्वास और सम्मान के आधार पर विदेश नीति संचालित करेगी। साथ ही छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी के हत्यारोपियों को पकड़ने में सहयोग के लिए भारत का आभार भी जताया गया।

    हालांकि भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में शेख हसीना या हादी से जुड़े मुद्दों का कोई जिक्र नहीं किया गया। बांग्लादेशी बयान में यह जरूर कहा गया कि दोनों देश प्रत्यर्पण संधि के तहत कानूनी प्रक्रिया का पालन करेंगे।

    गौरतलब है कि अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना को पद छोड़ना पड़ा और वे तब से नई दिल्ली में रह रही हैं। बांग्लादेश में उनके और पूर्व गृह मंत्री के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण द्वारा मृत्युदंड का फैसला भी सुनाया जा चुका है। इससे पहले भी मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग कर चुकी थी, जिसे भारत ने स्वीकार नहीं किया।

    अब दोनों देशों ने इस मुद्दे को द्विपक्षीय संबंधों में बाधा न बनने देने पर सहमति जताई है। अधिकारियों के अनुसार, एस जयशंकर और खलीलुर रहमान के बीच बातचीत में यह बात सामने आई कि शेख हसीना का भारत में रहना संबंधों पर असर नहीं डालना चाहिए।

    तीन दिवसीय दौरे पर आए रहमान ने अजित डोभाल के अलावा पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी से भी मुलाकात की। बांग्लादेश में हालिया चुनावों के बाद यह नई सरकार के किसी वरिष्ठ नेता की पहली भारत यात्रा है।

    बैठक के बाद एस जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। वहीं भारत ने बांग्लादेश के साथ रचनात्मक सहयोग जारी रखने की इच्छा जताते हुए वीजा प्रक्रिया खासकर चिकित्सा और व्यावसायिक वीजा को और सरल बनाने का आश्वासन दिया।

  • एमपी में 10 अप्रैल से बढ़ेगी गर्मी, 5-6 डिग्री तक चढ़ेगा पारा, आज 7 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी

    एमपी में 10 अप्रैल से बढ़ेगी गर्मी, 5-6 डिग्री तक चढ़ेगा पारा, आज 7 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी

    भोपाल। मध्यप्रदेश में 10 अप्रैल से गर्मी का असर तेज होने वाला है। मौसम विभाग, भोपाल के अनुसार आने वाले दिनों में दिन के तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। हालांकि, गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला हुआ रह सकता है और कुछ जगहों पर बारिश, आंधी व गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।

    मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की संभावना को लेकर अलर्ट जारी किया है।

    इससे पहले बुधवार को भोपाल, जबलपुर, रायसेन, शिवपुरी, रतलाम, छतरपुर, नर्मदापुरम, उज्जैन, इंदौर और धार सहित 15 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण दिन के तापमान में गिरावट भी देखने को मिली।

    दरअसल, प्रदेश के उत्तर, पूर्व और पश्चिमी हिस्सों में सक्रिय तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के चलते यह मौसम बदलाव हुआ। राजधानी भोपाल में भी हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं। मौसम विभाग के अनुसार, 11 अप्रैल को उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, लेकिन इसका असर मध्यप्रदेश में सीमित ही रहने की संभावना है।

    गुरुवार को प्रदेश में तेज हवाएं भी चलेंगी। कुछ जिलों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में यह 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। मौसम में बदलाव दोपहर के बाद अधिक स्पष्ट होगा।

  • अक्षय कुमार की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली कॉमेडी फिल्में, नंबर 1 मूवी ने सबको चौंकाय

    अक्षय कुमार की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली कॉमेडी फिल्में, नंबर 1 मूवी ने सबको चौंकाय


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार ने अपनी कॉमिक टाइमिंग से हमेशा दर्शकों का दिल जीता है। चाहे एक्शन हो या रोमांस, अक्षय की कॉमेडी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर कमाल किया है। अब उनकी आने वाली फिल्म भूत बंगला के साथ उनकी पिछली हिट कॉमेडी फिल्मों की याद दिला रहे हैं, जिन्होंने वर्ल्डवाइड करोड़ों की कमाई की है।

    1. हाउसफुल 4: सबसे बड़ा कमाई वाला कॉमेडी प्रोजेक्ट

    अक्षय कुमार की हाउसफुल 4 फिल्म ने वर्ल्डवाइड 296 करोड़ की कमाई कर सुपरहिट होने का रिकॉर्ड बनाया। फिल्म में अक्षय के साथ रितेश देशमुख, बॉबी देओल, कृति सेनन, पूजा हेगड़े और कृति खरबंदा लीड रोल में थे। इसे फरहाद सामजी ने डायरेक्ट किया था।

    2. हाउसफुल 3: फ्रेंचाइजी का धमाका

    हाउसफुल 3 भी हिट रही और इसने वर्ल्डवाइड 185.70 करोड़ की कमाई की। फिल्म में अक्षय के साथ रितेश देशमुख, अभिषेक बच्चन, जैकलीन फर्नांडिस, नरगिस फाखरी और लीजा हेडन थे।

    3. सिंह इज किंग: अक्षय-कटरीना की जोड़ी

    सुपरहिट सिंह इज किंग में अक्षय कुमार के साथ कटरीना कैफ लीड रोल में थीं। इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड 123.96 करोड़ की कमाई की।

    4. हाउसफुल और हाउसफुल 2

    हाउसफुल (2010) ने वर्ल्डवाइड 119 करोड़ की कमाई की, जबकि हाउसफुल 2 ने 112 करोड़ का आंकड़ा पार किया। इन फिल्मों में अक्षय के साथ रितेश देशमुख, जॉन अब्राहम, असिन, लारा दत्ता और दीपिका पादुकोण जैसे स्टार्स थे।

    5. वेलकम: कॉमेडी और स्टारडम का मिश्रण

    अक्षय की वेलकम में कटरीना कैफ, नाना पाटेकर, परेश रावल और अनिल कपूर थे। फिल्म ने 119.50 करोड़ वर्ल्डवाइड कमाए और बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया।

    6. हे बेबी: रोमांटिक कॉमेडी का तड़का

    हे बेबी में अक्षय कुमार के साथ रितेश देशमुख और फरदीन खान लीड रोल में थे। फिल्म ने वर्ल्डवाइड 83.90 करोड़ की कमाई की।

    7. भूल भुलैया और हेरा फेरी

    अक्षय की हॉरर कॉमेडी भूल भुलैया ने वर्ल्डवाइड 82.35 करोड़ कमाए। वहीं, फिर हेरा फेरी ने 69.13 करोड़ की कमाई की।

    8. मुझसे शादी करोगी: स्टारडम और कॉमेडी

    मुझसे शादी करोगी में अक्षय कुमार के साथ सलमान खान और प्रियंका चोपड़ा लीड रोल में थे। फिल्म ने वर्ल्डवाइड 55.97 करोड़ कमाए और दर्शकों को खूब हंसाया।

    अक्षय कुमार की कॉमेडी फिल्में हमेशा बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाती हैं। हाउसफुल 4 उनकी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली कॉमेडी फिल्म है, जबकि भूल भुलैया और हेरा फेरी जैसी फिल्में भी दर्शकों के दिल में जगह बना चुकी हैं। अब उनकी नई फिल्म भूत बंगला के साथ दर्शक फिर से हंसने और रोमांचित होने के लिए तैयार हैं।

  • अमरनाथ यात्राः 15 अप्रैल से शुरू होंगे रजिस्ट्रेशन…. पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर मिलेगा परमिट

    अमरनाथ यात्राः 15 अप्रैल से शुरू होंगे रजिस्ट्रेशन…. पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर मिलेगा परमिट


    जम्मू।
    अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) के लिए 15 अप्रैल से पंजीकरण (Registration) कराया जा सकेगा। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (Shri Amarnathji Shrine Board) ने बुधवार को इसका एलान कर दिया। पंजीकरण देश भर के निर्धारित बैंक शाखाओं के माध्यम से होगा। यात्रा परमिट (Travel permit.) ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर जारी होगा। यात्रा की तारीख भी जल्द घोषित की जाएगी। देश भर की 554 बैंक शाखाओं में पंजीकरण होगा।

    पंजीकरण के दौरान प्रत्येक बैंक शाखा को प्रतिदिन, प्रति मार्ग एक निश्चित कोटा आवंटित किया गया है। 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों का पंजीकरण नहीं होगा। इसी तरह छह सप्ताह से अधिक की गर्भवती का भी पंजीकरण नहीं होगा।

    बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष यात्रा परमिट आधार-आधारित बायोमीट्रिक ई-केवाईसी प्रमाणीकरण के बाद सिस्टम से एनआईसी पोर्टल (https://jksasb.nic.in) पर जारी किया जाएगा। यदि प्रमाणीकरण में तकनीकी खराबी आती है तो बैंक शाखा मैनुअल फोटो और डेटा प्रविष्टि के माध्यम से पंजीकरण कर सकेगी।


    पंजीकरण के लिए आवश्यक जानकारियां

    – यात्रियों को पंजीकरण के लिए वैध अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जमा करना होगा। यह आठ अप्रैल या उसके बाद अधिकृत डॉक्टर/मेडिकल संस्थान की ओर से जारी किया गया हो। पंजीकरण शुल्क प्रति यात्रा परमिट 150 रुपये निर्धारित किया गया है।
    – यात्रा परमिट पर मार्ग (बालटाल या पहलगाम और यात्रा तिथि स्पष्ट रूप से अंकित होगी। बैंक शाखाओं में पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे। शाखाओं के कर्मचारियों को यात्रियों के अग्रिम पंजीकरण के हर पहलू में प्रशिक्षित किया जाएगा।
    – यात्री सही मोबाइल और आधार नंबर का उपयोग करें। सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा कराएं।
    – यात्रियों को मौसम और ऊंचाई के अनुसार उचित स्वास्थ्य व सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रा की तारीख की घोषणा के साथ ही सभी आवश्यक दिशानिर्देश सार्वजनिक किए जाएंगे।

  • दिल्ली में बुधवार का दिन रहा अप्रैल का सबसे ठंडा दिन…. तोड़ा 11 साल का रिकॉर्ड

    दिल्ली में बुधवार का दिन रहा अप्रैल का सबसे ठंडा दिन…. तोड़ा 11 साल का रिकॉर्ड


    नई दिल्ली।
    दिल्लीवालों (Delhiites) के लिए बुधवार का दिन अप्रैल का सबसे ठंडा दिन (April Coldest day) रहा. तापमान में आई गिरावट ने 11 सालों का रिकॉर्ड तोड़ा. अप्रैल के महीने में बुधवार 11 सालों का सबसे ठंडा दिन रिकॉर्ड हुआ. कल सफदरजंग (Safdarjung) में अधिकतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 6.9 डिग्री कम है।

    इससे पहले अप्रैल में सबसे कम तापमान 23 अप्रैल, 2016 को 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. दिनभर बादलों की चादर, तेज हवाओं और हल्की, छिटपुट बारिश के कारण शहर में अप्रैल के मौसम के हिसाब से असामान्य ठंड महसूस हुई. इसी वजह से लोगों को गर्मी कम महसूस हुई और कई दिनों बाद वायु गुणवत्ता ‘संतोषजनक’ बनी रही।

    सफदरजंग मुख्य मौसम केंद्र के अनुसार, बुधवार सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटे में 6.4 मिमी बारिश हुई, जो 4 अप्रैल, 2023 के बाद सबसे ज्यादा है. वहीं पालम में 0.6 मिमी, लोधी रोड में नाममात्र और सफदरजंग, रिज और आयानगर में बिल्कुल भी बारिश नहीं हुई।


    तापमान की बात करें तो

    – पालम में अधिकतम 27.2 डिग्री सेल्सियस, सामान्य से 8.3 डिग्री कम
    – लोधी रोड में 28.0 डिग्री, सामान्य से 6.0 डिग्री कम
    – रिज में 28.8 डिग्री, सामान्य से 6.3 डिग्री कम
    – आयानगर में 28.0 डिग्री, सामान्य से 6.9 डिग्री कम


    न्यूनतम तापमान भी सामान्य से कम रहा

    – सफदरजंग 16.8 डिग्री, सामान्य से 3.2 कम
    – पालम 15.5 डिग्री, सामान्य से 4.5 कम
    – लोधी रोड 16.2 डिग्री, सामान्य से 2.8 कम
    – रिज 15.3 डिग्री, सामान्य से 4.8 कम
    – आयानगर 16.4 डिग्री, सामान्य से 2.5 कम

    आईएमडी के वैज्ञानिक डॉ. अखिल श्रीवास्तव के अनुसार, यह ठंड मुख्य रूप से पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हुई है. यह वर्तमान में उत्तरी पंजाब और जम्मू-कश्मीर के ऊपर सक्रिय है, जिससे उत्तर-पश्चिमी भारत में गरज और बारिश का दौर जारी है. उन्होंने कहा कि बुधवार के बाद से तापमान में वृद्धि होने की संभावना है. देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में अधिकतम तापमान में 6–8 डिग्री और पश्चिमी हिमालय में 8–10 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है. आज से आसमान साफ रहने की उम्मीद है।

    मौसम विभाग के अनुसार, 9 अप्रैल को न्यूनतम तापमान 15.0 डिग्री और अधिकतम 31.0 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. तापमान धीरे-धीरे गर्मियों जैसी स्थिति में लौट आएगा और आसमान ज्यादातर साफ रहेगा।

    शहर में मौसम के अनुकूल होने के कारण प्रदूषण का स्तर भी कम रहा. वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 93 दर्ज किया गया, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, 0–50 AQI ‘अच्छा’, 51–100 ‘संतोषजनक’, 101–200 ‘मध्यम’, 201–300 ‘खराब’, 301–400 ‘बहुत खराब’ और 401–500 ‘गंभीर’ माना जाता है।

  • MP: टीईटी आदेश के खिलाफ प्रदेशभर में उबाल, नौकरी पर संकट का डर, सड़कों पर उतरे शिक्षक

    MP: टीईटी आदेश के खिलाफ प्रदेशभर में उबाल, नौकरी पर संकट का डर, सड़कों पर उतरे शिक्षक


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में टीईटी अनिवार्यता के नए आदेश के खिलाफ शिक्षकों का गुस्सा अब खुलकर सड़कों पर दिखाई देने लगा है। बुधवार को बड़ी संख्या में शिक्षक संगठनों ने लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) मुख्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

    राजधानी ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में इस आदेश के विरोध में एक साथ आंदोलन हुआ। जिला कलेक्ट्रेट कार्यालयों में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों ने टीईटी आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग उठाई।


    डीपीआई आदेश बना विरोध की वजह

    हाल ही में डीपीआई द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष से अधिक समय शेष है, उन्हें दो वर्ष के भीतर टीईटी परीक्षा पास करना अनिवार्य किया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय सीमा में परीक्षा उत्तीर्ण नहीं करने पर सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई की जा सकती है। यही प्रावधान अब शिक्षकों के आक्रोश की सबसे बड़ी वजह बन गया है।


    “सुप्रीम कोर्ट के नाम पर अन्याय”

    प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देकर सरकार ऐसा फैसला थोप रही है, जिससे हजारों पुराने शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ सकती है। अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा के सदस्य उपेंद्र कौशल ने बताया कि आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में शिक्षक भोपाल पहुंचे और डीपीआई के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांग टीईटी परीक्षा को पूरी तरह रद्द करना है।


    पुराने शिक्षकों पर नई शर्त का विरोध

    शिक्षक संगठनों का कहना है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 लागू होने के बाद 2011 से टीईटी अनिवार्य किया गया, जबकि हजारों शिक्षक इससे पहले नियुक्त हो चुके थे। ऐसे में अब उन पर यह नियम लागू करना “रेट्रोस्पेक्टिव” निर्णय है, जो अन्यायपूर्ण और कानूनी रूप से भी कमजोर है।


    1.5 लाख शिक्षक प्रभावित

    संगठनों के मुताबिक इस आदेश का असर करीब 1.5 लाख शिक्षकों पर पड़ सकता है। इनमें लगभग 70 हजार ऐसे हैं, जिनकी नियुक्ति 2011 से पहले हुई थी। इन शिक्षकों का कहना है कि उनकी नियुक्ति के समय यह शर्त लागू नहीं थी, इसलिए अब इसे आधार बनाकर उनकी नौकरी पर संकट खड़ा करना उचित नहीं है।


    संयुक्त मोर्चा की चेतावनी

    प्रदर्शन के दौरान एक प्रतिनिधिमंडल ने डीपीआई अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। बाहर मौजूद शिक्षकों को आश्वासन दिया गया कि उनकी बात शासन तक पहुंचाई जाएगी। वहीं, शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। 11 अप्रैल को ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे, जबकि 18 अप्रैल को प्रदेशव्यापी बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है। शिक्षकों का कहना है कि यह सिर्फ एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि उनके भविष्य, सम्मान और वर्षों की सेवा का सवाल है और इसके लिए अब वे आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।

  • इंदौर नगर निगम का 8,455 करोड़ रुपये का बजट पारित, ‘वंदे मातरम’ नहीं गाने पर मचा बवाल

    इंदौर नगर निगम का 8,455 करोड़ रुपये का बजट पारित, ‘वंदे मातरम’ नहीं गाने पर मचा बवाल


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश के इंदौर नगर निगम में बुधवार को 8,455 करोड़ रुपए का बजट शोर-शराबे के बीच बहुमत से पारित किया गया। बजट चर्चा के दौरान पार्षद फौजिया शेख अलीम ने ‘वंदे मातरम’ गाने से इनकार किया। इससे भाजपा पार्षद भड़क गए और सभापति के आसन के पास नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया।

    सदन में कुछ देर तक शोर-शराबा चलता रहा, जिससे कार्यवाही बाधित हुई। स्थिति संभालने के लिए सभापति मुन्नालाल यादव को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने फौजिया शेख अलीम को सदन से बाहर जाने के निर्देश दिए।

    दरअसल, इंदौर शहर के विकास को लेकर मंगलवार को आठ हजार करोड़ के बजट पेश किया गया था, जिस पर बुधवार को चर्चा हुई। इस दौरान भाजपा और कांग्रेस की दो पार्षद वंदे मातरम बोलने के मुद्दे पर आमने-सामने हो गए। वंदे मातरम गीत में कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम के शामिल नहीं होने पर भाजपा पार्षदों ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनके समर्थन में एक अन्य कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान भी बोलने लगीं और उन्होंने तैश में कहा कि अगर एक बाप की औलाद हो तो हमसे वंदे मातरम बुलवा कर दिखाएं। उन्होंने यह भी कहा कि तुम्हारे बाप में दम हो तो हमसे बुलवा कर दिखाएं।

    हालांकि, शोर-गुल में उनकी बातों पर भाजपा पार्षद ज्यादा ध्यान नहीं दे पाए। कुछ देर बाद सभापति ने पार्षद फौजिया शेख को सदन से बाहर जाने के लिए कहा। वे कुछ देर बैठी रहीं, तो भाजपा पार्षद नारेबाजी करते हुए उनका विरोध करने लगे। इसके बाद फौजिया शेख सदन से बाहर चली गईं। रुबीना ने कहा कि कुरान में वंदे मातरम की मनाही है। पार्षद रुबीना इकबाल ने कहा कि हम राष्ट्रगान गाते हैं। अब हमें कहा जाता है कि भारत में रहना है तो वंदे मातरम कहना होगा। क्या यह कोई दादागिरी है?

    उन्होंने कहा कि गलत बात हम अपने पिता की भी नहीं सुनते, तो इन भाजपा वालों की क्यों सुनें। कुरान में वंदे मातरम की मनाही है, क्योंकि इबादत के लिए अल्लाह ही योग्य है। वंदे मातरम का मतलब माता की इबादत करना है। हम अपनी मां की इबादत नहीं करते, तो फिर वंदे मातरम क्यों बोलें?

    मामले पर नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस पार्षद चिंटू चौकसे ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ गाना व्यक्तिगत इच्छा हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के सम्मान के लिए संकल्पित है। उन्होंने बताया कि घटनाक्रम की जानकारी प्रदेश अध्यक्ष को दे दी गई है।

    कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को कई मामलों की जानकारी नहीं होती और सवाल पर वे जिम्मेदारी दूसरे विभागों पर डाल देते हैं। महापौर ने कहा कि सभी सवालों के जवाब सात दिन में दे दिए जाएंगे। इसी दौरान विवाद बढ़ गया जब राजू भदौरिया ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को ‘गद्दार’ कहा। इस पर भाजपा पार्षदों ने विरोध जताया और फिर सदन में हंगामा हुआ। विरोध के बाद भदौरिया ने माफी मांगी, जिसके बाद कार्यवाही दोबारा शुरू हुई।


    माफी की मांग पर अड़े भाजपा पार्षद, सदन में गूंजे नारे

    भागीरथपुरा के लोगों को भी इस मुद्दे को लेकर सदन में लाया गया था। बताया गया कि कल दर्शक दीर्घा में मृतकों के फोटो वाले पोस्टर भी दिखाए गए थे। इस पर भाजपा पार्षदों ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे के इशारे पर हंगामा किया गया। घटना को लेकर भाजपा पार्षद चिंटू चौकसे से माफी की मांग पर अड़ गए। सदन में लगातार ‘माफी मांगो’ के नारे गूंजते रहे, जिससे माहौल और अधिक गरमा गया।


    हंगामे के बीच बहुमत से बजट पारित

    सभापति मुन्नालाल यादव ने कहा कि सदन में कई बार अमर्यादित बातें हो जाती हैं, लेकिन हंगामे की वजह से बजट पर ठीक से चर्चा नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि लगातार शोर-शराबे के बीच बहुमत के आधार पर बजट पारित किया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ के संबंध में अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करना गलत है, इसी कारण कांग्रेस पार्षद को सदन से बाहर किया गया।