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  • MP: इंदौर में MYH के डॉक्टरों का कमाल….1 साल के बच्चे के गले में फंसी जिंदा मछली, सर्जरी कर बचाई जान

    MP: इंदौर में MYH के डॉक्टरों का कमाल….1 साल के बच्चे के गले में फंसी जिंदा मछली, सर्जरी कर बचाई जान


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश के इंदौर (Indore) के एमवाय अस्पताल (MY Hospital) में एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया, जहां खेलते-खेलते एक साल के मासूम (One Year old Innocent) की जिंदगी पर संकट आ गया। बच्चे के गले में जिंदा मछली फंस (Live Fish Stuck Child’s Throat) गई, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। डॉक्टरों की तत्परता और जटिल सर्जरी के बाद आखिरकार बच्चे की जान बचाई जा सकी।


    सफाई के दौरान मछलियों को बाहर निकालकर रखा

    परिजनों के अनुसार, घर में एक्वेरियम की सफाई के दौरान मछलियों को बाहर निकालकर रखा गया था। इसी दौरान पास में खेल रहे बच्चों में से एक ने मछली को हाथ में उठा लिया। यह देख एक वर्षीय बच्चा जोर-जोर से हंसने लगा। तभी हाथ में छटपटा रही मछली फिसलकर सीधे बच्चे के मुंह में चली गई और गले के अंदर जाकर फंस गई।


    बच्चे को होने लगी सांस लेने में तकलीफ

    घटना के बाद बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होने लगी थी। वह बेचैनी और घबराहट से जूझने लगा। उसके मुंह से खून भी निकलने लगा, जिससे परिजन घबरा गए और तुरंत उसे एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच में पाया कि मछली गले के पिछले हिस्से में फंसी हुई है और जिंदा होने के कारण लगातार हलचल कर रही है, जिससे अंदरूनी अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचने का खतरा था।


    सबसे बड़ी चुनौती, मछली जीवित

    ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. यामिनी गुप्ता के नेतृत्व में तुरंत आपातकालीन टीम गठित की गई और बिना देर किए सर्जरी का निर्णय लिया गया। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि मछली जीवित थी और उसके पंख व गलफड़े हिल रहे थे, जिससे स्वर-यंत्र और भोजन नली को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ था। करीब तीन इंच लंबी और डेढ़ इंच चौड़ी गोरामी मछली को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया। सर्जरी सफल रही और उपचार के बाद बच्चे की सांस सामान्य हो गई। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।


    मामला बेहद दुर्लभ

    विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी कम उम्र में इस तरह का मामला बेहद दुर्लभ है और मध्य भारत में यह पहला मामला माना जा रहा है। समय पर इलाज मिलने से एक बड़ी अनहोनी टल गई। डॉक्टरों ने अभिभावकों से अपील की है कि छोटे बच्चों को हमेशा निगरानी में रखें और उन्हें छोटी या जीवित वस्तुओं से दूर रखें, क्योंकि इस तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

  • तू मस्त-ए-कैलाश…. युद्ध के बीच ईरानी भाषा में शिवजी का भवन हुआ वायरल…

    तू मस्त-ए-कैलाश…. युद्ध के बीच ईरानी भाषा में शिवजी का भवन हुआ वायरल…


    तेहरान।
    मिडिल ईस्ट (Middle East) में वॉर के बीच ईरानी भाषा (Iranian language) के कुछ गाने चर्चा में है। यहां हम जिस गाने का जिक्र कर रहे हैं वो शंकरजी का भजन (Shankarji’s hymn) है। इसका टाइटल है, ‘मस्त-ए-कैलाश’। इस गाने में ईरान के कुछ लोग शिव मंदिर में पूजा करते दिख रहे हैं। कई पुरानी तस्वीरें दिख रही हैं। गायिका ने बहुत प्यारी आवाज में इसे गाया है। इसे यूट्यूब पर बियॉन्ड कॉन्शियस (Beyond Conscious on YouTube) पर देखा जा कता है। इसमें चैतन्य शर्मा को क्रेडिट दिया गया है। भजन ईरानी भाषा में है और इसमें शंकरजी की तारीफ की गई है।


    गाने में कई पुरानी तस्वीरें

    गाने की शुरुआत में एक स्टिल इमेज दिखती है जिसमें एक परिवार एक मंदिर में शिवलिंग की पूजा कर रहा है। इसके बाद कई शिवलिंग, पुराने मंदिर, नंदी की आकृति दिखती है। गाने के बोल हैं, तू जोगी ये कैलाश, तू मस्त ए कैलाश, ऐ शंकरा, ऐ शंकरा। यहां देखें गाना


    गाने की लिरिक्स

    तू जोगी-ये कैलाश, तू मस्त-ए-कैलाश
    ऐ शंकरा, ऐ शंकरा
    आतिश-ए-हक, ऐ शंकरा
    तू जोगी-ये कैलाश, तू मस्त-ए-कैलाश
    जहर-ए-जहां नुशीदी, फिदा-ये-जहां
    खाक-ए-भसम पुशीदी, ऐ जान-ए-जहां
    माह-ए-शब बर सर-ए-तू मी-दरखशद
    सदा-ये डमरू दर आसमां मी-रक्सद
    ऐ नीलकंठ, ऐ शंकरा
    आतिश-ए-हक, ऐ शंकरा
    तू जोगी-ए कैलाश, तू मस्त-ए-कैलाश
    मार-ए-सियाह दर गरदनात ख्वाबिदा
    चश्म-ए-सेव्वम, रोशन ओ बीदारिदा
    अज सिंधु ता पार्स, येक ही खुदा
    ओम नमः शिवाय, या महादेवा
    तू मस्त-ए-कैलाश…
    ऐ शंकरा…
    हक शिवा, हक शिवा
    मस्त-ए-मस्त-ए-मस्त-ए-शिवा
    हक शिवा, हक शिवा
    आतिश दर जां, आतिश दर रूह
    तू कोह-ए-कैलाश, तू अजीम कोह
    रक्स-ए-तांडव, दर इन आलम
    भसम-ए-पाक, ऐ महादेवाम
    ऐ नीलकंठ, ऐ शंकरा
    ओम नमः शिवाय, या शंकरा
    तू जोगी-ये कैलाश, तू मस्त-ए-कैलाश
    या महादेव…


    समझें गाने का हिंदी मतलब

    आप कैलाश के योगी हैं, आप कैलाश के मस्त प्रभु हैं।
    हे शंकर, हे शंकर
    सत्य की अग्नि हैं आप, हे शंकर
    आप कैलाश के योगी हैं, आप कैलाश के आनंदमय प्रभु हैं।
    आपने संसार के विष को पी लिया, संसार के लिए एक महान बलिदान।
    आपने पवित्र भस्म धारण की, हे जगत की आत्मा।
    रात का चांद आपके मस्तक पर चमकता है,
    डमरू की ध्वनि आकाश में नृत्य करती है।
    हे नीलकंठ! हे शंकर!
    सत्य की अग्नि हैं आप, हे शंकर!
    आप कैलाश के योगी हैं, आप कैलाश के आनंदमय प्रभु हैं।
    काला नाग आपकी गर्दन पर विश्राम करता है,
    तीसरी आंख जागृत और प्रकाशमान है।
    सिंध से लेकर पर्शिया (ईरान का पुराना नाम) तक एक ही दिव्यता है,ओम नमः शिवाय! हे महादेव!
    आप कैलाश के आनंदमय प्रभु हैं…
    हे शंकर…
    सत्य ही शिव है! सत्य ही शिव है!
    आनंदमय, आनंदमय, आनंदमय हैं शिव!
    सत्य ही शिव है! सत्य ही शिव है!
    आत्मा में अग्नि! चेतना में अग्नि!
    आप ही कैलाश हैं, आप ही महान पर्वत हैं!
    इस जगत में तांडव का नृत्य!
    हे मेरे महादेव, पवित्र भस्म के स्वामी!
    हे नीलकंठ! हे शंकर!
    ओम नमः शिवाय! हे शंकर!
    आप कैलाश के योगी हैं, आप कैलाश के आनंदमय प्रभु हैं।
    हे महादेव…

    यूट्यूब पर यह गाना Beyond Conscious चैनल पर है। इस पर शिवजी के कई और भी भजन हैं।

  • कुर्सी योग: बढ़ती उम्र में जोड़ों के दर्द और कमजोरी दूर करने का आसान तरीका

    कुर्सी योग: बढ़ती उम्र में जोड़ों के दर्द और कमजोरी दूर करने का आसान तरीका

    नई दिल्ली।बढ़ती उम्र के साथ शारीरिक गतिशीलता और संतुलन बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। कई बुजुर्ग फर्श पर बैठने-उठने में असमर्थ हो जाते हैं और पारंपरिक योगासन करना चुनौतीपूर्ण लगता है। ऐसे में कुर्सी योग बुजुर्गों और जोड़ों में कमजोरी या दर्द से पीड़ित लोगों के लिए एक आसान, सुरक्षित और प्रभावी तरीका साबित हो रहा है।

    कुर्सी योग क्या है और क्यों जरूरी

    कुर्सी योग में योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कुर्सी पर बैठकर या कुर्सी का सहारा लेकर किया जाता है। इसके लिए सिर्फ एक मजबूत और स्थिर कुर्सी की जरूरत पड़ती है। इसे घर पर, पार्क में या किसी सुरक्षित जगह पर आसानी से किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह उन लोगों के लिए सुलभ और जोखिम-मुक्त विकल्प है, जिन्हें पारंपरिक योग करना मुश्किल लगता है। नियमित अभ्यास से बुजुर्ग अपनी शारीरिक क्षमता बढ़ा सकते हैं और मानसिक रूप से भी स्वस्थ और प्रसन्न रह सकते हैं।

    कुर्सी योग के लाभ

    कुर्सी योग में कंधे और गर्दन की स्ट्रेचिंग, पैरों की गतिविधियां और सहारे के साथ खड़े होकर किए जाने वाले आसन शामिल होते हैं। ये आसान अभ्यास पारंपरिक योग के जोखिम को कम करते हैं।

    नियमित अभ्यास के फायदे:

    जोड़ों की जकड़न कम होती है और मांसपेशियां मजबूत बनती हैं।
    शरीर में लचीलापन बढ़ता है।
    प्राणायाम की तकनीक से तनाव और चिंता कम होती है, मानसिक शांति मिलती है।
    हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।
    नींद की गुणवत्ता बढ़ती है। इस प्रकार बुजुर्ग डर या चोट की चिंता किए बिना अपनी शारीरिक क्षमता और संतुलन बनाए रख सकते हैं।

    अभ्यास की शुरुआत और समय

    आयुष मंत्रालय के अनुसार कुर्सी योग की शुरुआत सरल आसनों से करनी चाहिए। विशेषज्ञों का सुझाव है कि प्रशिक्षित योग शिक्षक की देखरेख में इसे शुरू करना बेहतर रहता है। सप्ताह में दो-तीन बार, 20 से 30 मिनट का अभ्यास भी काफी फायदेमंद साबित होता है। अभ्यास धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है और शरीर की क्षमता के अनुसार चुनिंदा आसनों पर ध्यान दिया जा सकता है।

    कुर्सी योग करते समय सावधानियां

    कुर्सी योग करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:

    बिना पहियों वाली मजबूत कुर्सी चुनें।
    कुर्सी की सीट ज्यादा गद्देदार न हो और पीठ सीधी हो।
    कुर्सी की ऊंचाई ऐसी हो कि पैर पूरी तरह जमीन पर टिके रहें।
    सुरक्षित स्थान और स्थिर सतह पर ही अभ्यास करें।
    ये सावधानियां चोट और असंतुलन से बचाव के लिए जरूरी हैं।

    कुर्सी योग बढ़ती उम्र में जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों की कमजोरी और संतुलन की समस्याओं को दूर करने का सरल, सुरक्षित और असरदार तरीका है। नियमित अभ्यास से शारीरिक क्षमता बढ़ती है, मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है और बुजुर्ग स्वस्थ, सक्रिय और प्रसन्न जीवन जी सकते हैं।

  • गर्मी में बाहर निकलते ही जलती है त्वचा? अपनाएं ये आसान उपाय

    गर्मी में बाहर निकलते ही जलती है त्वचा? अपनाएं ये आसान उपाय


    नई दिल्ली। इन आसान उपायों को अपनाकर गर्मियों में भी त्वचा को स्वस्थ, हाइड्रेटेड और ग्लोइंग रखा जा सकता है। नई दिल्ली।गर्मी में बाहर निकलते ही त्वचा में जलन, लालपन और सनबर्न होना आम समस्या है। इसे रोकने और त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं:
    1. सनस्क्रीन का इस्तेमाल ज़रूरी

    बाहर जाने से 20 मिनट पहले SPF 30 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन लगाएं। यह त्वचा को हानिकारक UV किरणों से बचाता है और सनबर्न व टैनिंग को रोकता है।
    2. त्वचा को हाइड्रेटेड रखें

    गर्मियों में शरीर और त्वचा दोनों को पानी की आवश्यकता होती है। पर्याप्त पानी पीने से टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और त्वचा फ्रेश और ग्लोइंग बनी रहती है।

    3. फेस वॉश से दिन में दो-तीन बार सफाई

    धूल, गर्म हवा और पसीने से त्वचा प्रभावित होती है।
    सुबह, दिन और रात में माइल्ड फेसवॉश से चेहरा धोएं।
    इससे त्वचा साफ रहती है और पिंपल्स की समस्या कम होती है।

    4. धूप से बचाव

    बाहर निकलते समय छाता, टोपी या स्कार्फ का इस्तेमाल करें।
    यह सीधे सूर्य के संपर्क से त्वचा को बचाता है।
    टैनिंग और जलन की समस्या घटती है।
    अतिरिक्त टिप्स:
    हल्के और ढीले कपड़े पहनें, जिससे त्वचा को सांस लेने का मौका मिले। त्वचा को शांत करने के लिए ठंडे पानी से फेस टोनर या कूलिंग जेल इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर त्वचा में बहुत जलन या लालपन हो, तो एलोवेरा जेल या कच्चे दही का उपयोग करें।
  • भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के गुरुवार व्रत में जरूर करें ये काम, काम होंगे सफल!

    भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के गुरुवार व्रत में जरूर करें ये काम, काम होंगे सफल!


    नई दिल्ली।गुरुवार का दिन भगवान श्रीहरि विष्णु और बृहस्पति देव को समर्पित होता है। इस दिन लोग पीले रंग के कपड़े पहनते हैं, बेसन से बनी चीज़ों का भोग लगाते हैं और व्रत रखते हैं। धर्म-शास्त्रों में कहा गया है कि सात consecutive गुरुवार व्रत करने से बृहस्पति ग्रह से जुड़े अशुभ फल दूर होते हैं और गुरु शुभ फल देने लगते हैं।

    कथा

    एक नगर में एक समृद्ध व्यापारी रहता था। वह जहाजों में माल भेजकर बहुत धन कमाता था और दान-पुण्य भी करता था। लेकिन उसकी पत्नी अत्यंत कंजूस थी।

    एक बार व्यापारी जब व्यापार के लिए बाहर गया, तब बृहस्पति देव साधु वेश में उसकी पत्नी के पास आए और भिक्षा मांगी। पत्नी ने उन्हें अपमानित किया और कहा कि वह अपने धन को दान में नहीं देना चाहती। बृहस्पति देव ने उसे कई पुण्य उपाय सुझाए, लेकिन पत्नी ने उन्हें नहीं माना।

    बृहस्पति देव ने सलाह दी कि सात गुरुवार विशेष विधि से क्रियाएं करनी होंगी, जिससे उसका धन नष्ट हो जाएगा। पत्नी ने यही किया। केवल तीन गुरुवार बीतने पर सम्पूर्ण संपत्ति नष्ट हो गई और वह परलोक सिधार गई।

    व्यापारी जब वापस आया, तो उसने देखा कि सब कुछ नष्ट हो चुका है। उसने जंगल से लकड़ी काटकर बेचने का काम शुरू किया, ताकि अपनी पुत्री को जीवित रख सके।

    बृहस्पति देव का वरदान

    एक दिन व्यापारी बृहस्पतिवार को दुखी बैठा था, तभी बृहस्पति देव साधु रूप में प्रकट हुए। उन्होंने व्यापारी को गुरुवार के दिन दो पैसे के चने और गुड़ लेकर कथा पढ़ने और प्रसाद वितरित करने का निर्देश दिया।

    व्यापारी ने ऐसा किया और उसकी कठिनाइयाँ दूर होने लगीं। अगले गुरुवार को उसने कथा नहीं पढ़ी, और परिणामस्वरूप कुछ समस्याएँ फिर सामने आईं।

    राजा के यज्ञ के समय व्यापारी और उसकी पुत्री को गलत आरोप में कैद कर दिया गया। व्यापारी ने फिर गुरुवार की कथा पढ़कर प्रसाद वितरित किया, जिससे बृहस्पति देव प्रकट हुए और उनकी सभी परेशानियाँ दूर कर दीं। व्यापारी और उसकी पुत्री को मुक्त कर दिया गया और उन्हें आधा राज्य, विवाह हेतु उच्च कुल में दहेज़ और सम्मान मिला।

    बृहस्पतिवार व्रत का महत्व
    गुरुवार व्रत से बृहस्पति ग्रह के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं।
    सात गुरुवार व्रत करने से धन, स्वास्थ्य और पारिवारिक सुख में वृद्धि होती है।
    व्रत के दौरान कथा पढ़ना और प्रसाद बांटना अत्यंत फलदायक है।
    पीले कपड़े पहनना और बेसन के व्यंजन चढ़ाना शुभ माना गया है।

    शिक्षा: इस कथा से हमें यह संदेश मिलता है कि गुरु और भगवान का सम्मान करना चाहिए। व्रत और कथा से जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं और सुख-समृद्धि आती है।

  • सुबह का दमदार नाश्ता, देसी प्रोटीन डाइट से पाएं एनर्जी और फिटनेस दोनों

    सुबह का दमदार नाश्ता, देसी प्रोटीन डाइट से पाएं एनर्जी और फिटनेस दोनों


    नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट और एनर्जेटिक बने रहना हर किसी की प्राथमिकता बन गई है और इसकी शुरुआत होती है सुबह के नाश्ते से। हेल्दी और संतुलित नाश्ता न केवल शरीर को जरूरी पोषण देता है बल्कि पूरे दिन की ऊर्जा का आधार भी बनता है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि सुबह के भोजन में प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा शामिल की जाए तो यह शरीर को लंबे समय तक एक्टिव बनाए रखने में बेहद मददगार साबित होता है।

    प्रोटीन हमारे शरीर की मूलभूत जरूरतों में से एक है। यह मांसपेशियों के निर्माण और उनकी मजबूती के लिए जरूरी होता है साथ ही यह भूख को नियंत्रित करने में भी अहम भूमिका निभाता है। सुबह प्रोटीन से भरपूर नाश्ता करने से दिनभर बार बार भूख लगने की समस्या कम हो जाती है और अनहेल्दी स्नैकिंग से बचाव होता है। इसके अलावा यह मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाकर वजन नियंत्रित रखने में भी सहायक होता है।

    अगर बात करें देसी और स्वादिष्ट विकल्पों की तो भारतीय रसोई में ऐसे कई नाश्ते मौजूद हैं जो प्रोटीन से भरपूर होने के साथ साथ स्वाद में भी लाजवाब होते हैं। इनमें सबसे लोकप्रिय विकल्प है पनीर पराठा जो न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि शरीर को भरपूर प्रोटीन भी देता है। इसी तरह पनीर भुर्जी भी एक बेहतरीन विकल्प है जिसे जल्दी तैयार किया जा सकता है।

    इसके अलावा मूंग दाल चीला और बेसन चीला जैसे व्यंजन भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। ये हल्के होते हैं और पाचन में भी आसान होते हैं जिससे सुबह के समय शरीर को सही ऊर्जा मिलती है।

    डेयरी प्रोडक्ट्स भी नाश्ते में शामिल किए जा सकते हैं। दही के साथ ताजे फल और मूंगफली का सेवन शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है। वहीं ओट्स या दलिया को दूध के साथ लेना एक संतुलित और सुपाच्य विकल्प माना जाता है खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं।

    स्प्राउट्स और छाछ का संयोजन भी काफी फायदेमंद होता है। यह न केवल पाचन को दुरुस्त रखता है बल्कि शरीर को हल्का और ऊर्जावान बनाए रखता है। खासतौर पर जो लोग जिम जाते हैं या शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हैं उनके लिए यह नाश्ता काफी लाभकारी होता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सुबह का नाश्ता छोड़ना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। कई लोग समय की कमी के कारण नाश्ता नहीं करते लेकिन यह आदत शरीर की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में यदि विस्तृत नाश्ता संभव न हो तो भी एक गिलास दूध या दही के साथ थोड़ी मूंगफली या ड्राई फ्रूट्स का सेवन जरूर करना चाहिए।

    कुल मिलाकर यदि दिन की शुरुआत सही खानपान से की जाए तो न केवल शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि मानसिक रूप से भी आप अधिक सक्रिय और सकारात्मक महसूस करते हैं। प्रोटीन से भरपूर देसी नाश्ता एक आसान और प्रभावी तरीका है खुद को दिनभर फिट और ऊर्जावान बनाए रखने का।

  • वरुथिनी एकादशी 2026: जानें पूजा विधि, व्रत नियम और महत्व

    वरुथिनी एकादशी 2026: जानें पूजा विधि, व्रत नियम और महत्व


    नई दिल्ली। सनातन धर्म में एकादशी का व्रत अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है वरुथिनी एकादशी इस साल 13 अप्रैल को पड़ रही है और 14 अप्रैल की मध्यरात्रि तक इसकी तिथि रहेगी इस दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा विशेष रूप से की जाती है मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से न केवल पाप नष्ट होते हैं बल्कि जीवन में आने वाली परेशानियां और श्राप भी समाप्त हो जाते हैं वरुथिनी एकादशी अप्रैल माह का पहला एकादशी व्रत है और यह कृष्ण पक्ष की तिथि में आता है

    इस दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालु पूरे दिन भगवान का ध्यान और भजन कर मन और शरीर को शुद्ध करते हैं वरुथिनी एकादशी के दिन अनाज जैसे चावल गेहूं और दालें बिल्कुल नहीं खानी चाहिए क्योंकि इन्हें पचाना कठिन होता है और ये व्रत में ध्यान भंग कर सकते हैं साथ ही बीन्स मटर और भारी भोजन भी वर्जित हैं चाय कॉफी और एनर्जी ड्रिंक्स जैसी कैफीनयुक्त चीजें नहीं लेनी चाहिए इस दिन केवल सात्विक भोजन या फलाहार ही उचित माना गया है मांस मछली प्याज लहसुन जैसी तामसिक वस्तुएं भी वर्जित हैं

    वरुथिनी एकादशी पर तुलसी की पूजा विशेष महत्व रखती है इसलिए इस दिन तुलसी के पत्ते न तोड़े जाएं और घर में तुलसी का स्थान पवित्र रखा जाए व्रत के दिन बाल धोने से भी परहेज किया जाता है क्योंकि यह दिन आध्यात्मिक शुद्धि और ध्यान का दिन होता है

    इस दिन भगवान विष्णु के वामन रूप की पूजा करने से विशेष लाभ होता है और जीवन में शांति तथा आत्मिक संतोष प्राप्त होता है यह व्रत श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को सुनाई थी और शुकदेव जी ने राजा परीक्षित को भी इसका महत्व बताया था राजा परीक्षित ने अपने अंतिम समय में इस व्रत और भगवान की भक्ति के माध्यम से मोक्ष का मार्ग पाया था यही कारण है कि वरुथिनी एकादशी का व्रत अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है

    इस साल वरुथिनी एकादशी का शुभ मुहूर्त 13 अप्रैल को रात 01 बजकर 16 मिनट से शुरू होकर 14 अप्रैल को रात 01 बजकर 08 मिनट पर समाप्त होगा श्रद्धालु इस समय के अनुसार व्रत का पालन और पूजा कर सकते हैं व्रत पूर्ण करने के बाद पारण किया जाता है जिसमें हल्का सात्विक भोजन लिया जा सकता है

    वरुथिनी एकादशी व्रत रखने से न केवल आध्यात्मिक लाभ होते हैं बल्कि शरीर और मन की शुद्धि भी होती है इससे व्यक्ति का मनोबल बढ़ता है और वह जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ता है इस दिन का ध्यान और भक्ति जीवन में सुख समृद्धि और शांति का मार्ग खोलती है

  • कोलेस्ट्रॉल 2026: नई गाइडलाइन, LDL टारगेट और जरूरी लाइफस्टाइल बदलाव

    कोलेस्ट्रॉल 2026: नई गाइडलाइन, LDL टारगेट और जरूरी लाइफस्टाइल बदलाव


    नई दिल्ली । अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी ने कोलेस्ट्रॉल पर नई गाइडलाइन जारी की है यह अपडेट इसलिए बेहद अहम है क्योंकि इसने पिछले आठ साल के पुराने पैरामीटर्स को पूरी तरह बदल दिया है वर्ल्ड हेल्थ फेडरेशन (WHF) के मुताबिक दुनियाभर में हर साल सबसे ज्यादा मौतें कार्डियोवस्कुलर डिजीज (CVD) के कारण होती हैं और 2 करोड़ से ज्यादा लोग हर साल इसी वजह से जीवन गंवा देते हैं

    कोलेस्ट्रॉल एक प्रकार का फैट यानी लिपिड है जो ब्लड में पाया जाता है यह दो तरह का होता है LDL जिसे बैड कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है और HDL जिसे गुड कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है यह शरीर के लिए जरूरी है क्योंकि यह बॉडी सेल्स की वॉल्स बनाने में मदद करता है कुछ हॉर्मोन्स बनाने और विटामिन D उत्पादन में सहायक होता है साथ ही बाइल जूस बनाने में भी मदद करता है HDL हार्ट को हेल्दी रखने में अहम भूमिका निभाता है

    नई गाइडलाइन में स्क्रीनिंग, रिस्क एसेसमेंट और लाइफस्टाइल पर जोर दिया गया है पुरानी गाइडलाइन में LDL 130 mg/dL से कम रखने की सलाह दी जाती थी लेकिन अब इसे पर्सनलाइज्ड करके तीन कैटेगरी में बांट दिया गया है जिनको हार्ट डिजीज का हाई रिस्क है उनके लिए LDL 55 mg/dL से कम, मीडियम रिस्क वालों के लिए 70 mg/dL से कम और जो लोग हार्ट डिजीज से प्रभावित नहीं हैं उनके लिए 100 mg/dL से कम रखने की सलाह दी गई है इसका मतलब है कि अब ‘नॉर्मल’ की कोई तय सीमा नहीं है बल्कि यह व्यक्ति के रिस्क लेवल पर निर्भर करता है

    नई गाइडलाइन में रिस्क कैलकुलेशन भी व्यापक बना दिया गया है क्योंकि अब कम उम्र में भी हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा बढ़ रहा है इसके पीछे फैमिली हिस्ट्री और खराब लाइफस्टाइल मुख्य कारण हैं फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया जैसी जेनेटिक कंडीशन के कारण बचपन से LDL बढ़ सकता है वहीं जंकफूड, कम एक्सरसाइज और मोटापा भी इसे बढ़ाते हैं इसलिए अब बच्चों की स्क्रीनिंग 9 साल की उम्र से करने की सलाह दी गई है

    हाई कोलेस्ट्रॉल हार्ट, ब्रेन और किडनी पर गंभीर असर डालता है यह आर्टरीज में प्लाक बनाकर ब्लड फ्लो कम करता है जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है ब्लड क्लॉट्स ब्रेन में स्ट्रोक और मेमोरी इम्पेयरमेंट का कारण बन सकते हैं वहीं किडनी की ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाकर क्रॉनिक किडनी डिजीज का रिस्क बढ़ाते हैं

    लाइफस्टाइल फैक्टर्स में अनहेल्दी डाइट, ट्रांस और सैचुरेटेड फैट, सिडेंटरी लाइफ, मोटापा, स्मोकिंग, पर्याप्त नींद न लेना, देर रात खाने की आदत और स्ट्रेस शामिल हैं ये सभी LDL बढ़ाने में मदद करते हैं

    अगर कोलेस्ट्रॉल ज्यादा आए तो सबसे पहले डॉक्टर से सलाह लें LDL लेवल के हिसाब से टारगेट तय करें और हार्ट-हेल्दी डाइट, नियमित कार्डियो एक्सरसाइज, वेट कंट्रोल, शराब-सिगरेट से परहेज, पर्याप्त नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट अपनाएं जरूरत पड़ने पर स्टेटिन जैसी दवाइयां लें और फॉलो-अप टेस्ट समय-समय पर करवाएं

    नई गाइडलाइन के अनुसार बैलेंस्ड डाइट, एक्टिव लाइफ और अच्छी आदतें HDL और LDL को संतुलित करके हृदय, ब्रेन और किडनी की सुरक्षा करती हैं इसलिए कोलेस्ट्रॉल पर ध्यान रखना अब हर उम्र में जरूरी हो गया है

  • राशिफल 9 अप्रैल: जानें हर राशि के लिए आज के खास उपाय और फल!

    राशिफल 9 अप्रैल: जानें हर राशि के लिए आज के खास उपाय और फल!


    नई दिल्ली।गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 के लिए राशिफल बता रहा है कि ग्रह-नक्षत्रों की चाल कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ रहेगी, तो कुछ राशियों को सतर्क रहने की जरूरत है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करने से आर्थिक परेशानियों में राहत मिल सकती है। आइए जानते हैं राशियों के अनुसार दिन की स्थिति:

    मेष (Aries)

    आज विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं, जो लाभदायक साबित होंगे। करियर में बढ़त पाने और प्रमोशन के लिए ऑफिस में पूरी मेहनत करें। बातों में सावधानी रखें और कठोर शब्दों का प्रयोग न करें।

    वृषभ (Taurus)

    करियर में नए अवसर सामने आएंगे और आपको प्रशंसा मिल सकती है। व्यापार अच्छा चलेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। दिन सकारात्मक और लाभकारी रहेगा।

    मिथुन (Gemini)

    आज मनमुताबिक परिणाम नहीं मिल सकते। तनाव से बचने के लिए सेल्फ-केयर पर ध्यान दें। परिवार से कोई सुखद समाचार मिल सकता है।

    कर्क (Cancer)

    काम की सराहना मिलेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। ऑयली फूड्स से दूरी बनाएं और मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस करें। काम का दबाव ज्यादा न लें।

    सिंह (Leo)

    व्यवसायियों को खर्चों में सावधानी बरतनी होगी। जीवनसाथी से बहस से बचें। घूमने-फिरने का प्लान बन सकता है।

    कन्या (Virgo)

    पॉजिटिव एटीट्यूड बनाए रखें। डाइट में हरी सब्जियों को शामिल करें और फिटनेस पर ध्यान दें। तनाव से दूर रहें।

    तुला (Libra)

    भाग्य आपके पक्ष में रहेगा। यह दिन सपने सच होने जैसा अनुभव देगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और व्यवसाय में मुनाफा होगा।

    वृश्चिक (Scorpio)

    कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। प्रमोशन या नया कार्यभार मिलने की संभावना है। सीनियर्स के साथ सावधानी रखें, ऑफिस पॉलिटिक्स से बचें।

    धनु (Sagittarius)

    धन और वित्त के मामले में दिन अच्छा रहेगा। नई स्किल्स सीखने और अपनी एक्सपर्टीज बढ़ाने के लिए अनुकूल समय है। नौकरीपेशा लोगों को तरक्की और लाभ देखने को मिल सकता है।

    मकर (Capricorn)

    दिन की शुरुआत अच्छी रहेगी, लेकिन अंत मध्यम रहेगा। अप्रत्याशित घटनाओं से काम की गति धीमी हो सकती है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, पर खर्चे बढ़ सकते हैं।

    कुंभ (Aquarius)

    अहंकारी न बनें और सुझावों को खुले दिल से स्वीकार करें। कारोबार में विकास और अच्छे प्रॉफिट की संभावना है।

    मीन (Pisces)

    करियर और फाइनेंशियल लाइफ नॉर्मल रहेगी। लक्ष्यों को पाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। व्यवसाय में आर्थिक कमजोरी और कुछ नुकसान हो सकते हैं।

  • यात्रा का सुख और आत्मिक शांति, भारत के सबसे खूबसूरत स्थानों की सैर

    यात्रा का सुख और आत्मिक शांति, भारत के सबसे खूबसूरत स्थानों की सैर


    नई दिल्ली। यात्रा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि मन और आत्मा को ताजगी देने का भी एक तरीका है। भारत अपनी विविधता, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहरों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। अगर आप इस वर्ष यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो ये 14 जगहें आपके लिए जरूर हैं। कुछ स्थल तो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं, तो कुछ प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध हैं। आइए जानते हैं उन अद्भुत स्थलों के बारे में जहाँ जाकर आपको सुकून और रोमांच दोनों का अनुभव मिलेगा।

    1. कश्मीर
    कश्मीर को अक्सर धरती का स्वर्ग कहा जाता है। यहां की हर घाटी, बर्फ से ढके पहाड़, हरे-भरे मैदान और शांत जलधाराएँ मन को मोह लेने वाली हैं। झीलों की नीली छटा और पहाड़ों पर पड़ता कोहरा किसी पेंटिंग से कम नहीं लगता। यदि आप प्रकृति प्रेमी हैं, तो कश्मीर की यात्रा आपकी आत्मा को सुकून देगी।

    2. आगर
    उत्तर प्रदेश का आगरा शहर ताजमहल के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। यह सफेद संगमरमर का स्मारक प्रेम की अमर कहानी कहता है। इसके अलावा आगरा किला और फतेहपुर सिकरी जैसी ऐतिहासिक धरोहरें भी देखने योग्य हैं। यहां के स्थानीय व्यंजन जैसे पेठा और पारंपरिक मिठाइयाँ इस शहर की यात्रा को और भी यादगार बनाती हैं।

    3. चंडीगढ़
    चंडीगढ़, जो भारत के सबसे सुव्यवस्थित शहरों में से एक है, पारंपरिक पंजाबी संस्कृति और आधुनिकता का अनोखा मिश्रण प्रस्तुत करता है। यहाँ के सुंदर बोटैनिकल गार्डन, रॉक गार्डन और संग्रहालय शहर के हर कोने को खास बनाते हैं।

    4. कूर्ग
    कर्नाटक का कूर्ग, जिसे भारत का स्कॉटलैंड कहा जाता है, अपनी हरियाली और चाय के बागानों के लिए प्रसिद्ध है। यहां का मौसम हमेशा ठंडा और ताजगी भरा रहता है। प्रकृति प्रेमियों के लिए यह आदर्श स्थल है, जहां हरे-भरे पहाड़ और खुशबूदार कॉफी बागान यात्रा को अविस्मरणीय बना देते हैं।

    5. धनौल्टी
    धनौल्टी उत्तराखंड की पहाड़ियों में बसा एक छोटा सा स्वर्ग है। यह जगह शांति, सुकून और प्रकृति की सुंदरता का अनूठा मिश्रण प्रस्तुत करती है। यदि आप शहर की भागदौड़ और शोर-शराबे से दूर रहना चाहते हैं, तो धनौल्टी एक आदर्श विकल्प है।

    6. गोवा
    गोवा का नाम आते ही सुंदर समुद्र तट, शानदार सूर्यास्त और जीवंत नाइटलाइफ़ का ख्याल आता है। गोवा में समुद्र के किनारे समय बिताना, स्थानीय व्यंजन चखना और सांस्कृतिक उत्सवों का अनुभव करना, हर यात्री के लिए एक अद्भुत अनुभव है

    7. जयपुर
    राजस्थान की राजधानी जयपुर, ‘गुलाबी शहर’ के नाम से प्रसिद्ध है। पुराने किले, राजमहल और आधुनिक बाजारों के साथ यहां के सांस्कृतिक उत्सव और पारंपरिक व्यंजन यात्रा को और रोमांचक बनाते हैं। जयपुर की यात्रा हर पर्यटक की बकेट लिस्ट में जरूर होनी चाहिए।

    8. कच्छ का रण
    गुजरात का कच्छ का रण विशाल नमक के मैदान के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ हर साल आयोजित होने वाला रण उत्सव स्थानीय संगीत, नृत्य और हस्तशिल्प का जादुई प्रदर्शन करता है। सफेद मैदान की विशालता और सांस्कृतिक उत्सव इसे एक अनूठा पर्यटन स्थल बनाते हैं।

    9. ऋषिकेश
    ऋषिकेश गंगा के किनारे बसा एक ऐसा स्थान है, जहाँ आध्यात्मिक शांति और साहसिक गतिविधियाँ दोनों का आनंद लिया जा सकता है। यहाँ राफ्टिंग, योग और ध्यान का अनुभव जीवन बदल देने वाला होता है।

    10. मुन्नार
    केरल का मुन्नार हिल स्टेशन अपनी चाय बागानों और पहाड़ियों के लिए प्रसिद्ध है। यह सप्ताहांत बिताने के लिए आदर्श है, जहाँ आप प्रकृति की गोद में शांति और ताजगी महसूस कर सकते हैं।

    11. मसूरी
    गढ़वाल हिमालय की तलहटी में स्थित मसूरी को पहाड़ों की रानी कहा जाता है। हरियाली, बर्फ से ढके पहाड़ और शांति से भरपूर वातावरण इसे परिवार और हनीमून के लिए आदर्श बनाते हैं।

    12. ऊटी
    ऊटी, जो कभी ईस्ट इंडिया कंपनी का मुख्यालय था, अब तमिलनाडु का एक प्रमुख हिल स्टेशन है। यहाँ का सुहावना मौसम, झीलें और हरियाली इसे यात्रियों के बीच खास बनाती हैं।

    13. शिमला
    शिमला का औपनिवेशिक इतिहास, मशहूर मॉल रोड और रोमांचक गतिविधियाँ इसे पर्यटन की दृष्टि से आकर्षक बनाती हैं। गर्मी और सर्दियों दोनों में यह हिल स्टेशन पर्यटकों के लिए परिपूर्ण विकल्प है

    14. उदयपुर
    राजस्थान का उदयपुर, ‘पूर्व का वेनिस’ कहा जाता है। यहाँ की झीलें, महल और खूबसूरत पहाड़ प्राकृतिक और मानव निर्मित सुंदरता का अद्भुत मिश्रण प्रस्तुत करते है।