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  • भारत के पास 8.5 मिलियन टन से अधिक दुर्लभ खनिज भंडार: डॉ. जितेंद्र सिंह

    भारत के पास 8.5 मिलियन टन से अधिक दुर्लभ खनिज भंडार: डॉ. जितेंद्र सिंह


    नई दिल्ली। भारत के पास कुल लगभग 8.52 मिलियन टन रेयर अर्थ (दुर्लभ खनिज) ऑक्साइड संसाधन मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद देश रेयर अर्थ मैग्नेट और उससे जुड़े उत्पादों के लिए आयात पर निर्भर है। यह जानकारी गुरुवार को संसद में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दी।

    खनिज भंडार और उनका वितरण
    केंद्रीय मंत्री ने बताया कि परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय (एएमडीईआर) ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, झारखंड, गुजरात और महाराष्ट्र में फैले मोनाजाइट भंडारों में करीब 7.23 मिलियन टन रेयर अर्थ ऑक्साइड के बराबर संसाधन की पहचान की है। इसके अलावा, गुजरात और राजस्थान के हार्ड रॉक क्षेत्रों में 1.29 मिलियन टन अतिरिक्त दुर्लभ खनिज संसाधन भी पाए गए हैं।

    आयात पर निर्भरता के कारण
    भारत में इतने बड़े भंडार होने के बावजूद आयात पर निर्भरता बनी हुई है। इसके पीछे तीन मुख्य कारण हैं: घरेलू अयस्क की गुणवत्ता बहुत कम है (0.056-0.058 प्रतिशत) और इसमें रेडियोएक्टिविटी भी होती है, जिससे खनन महंगा और कठिन है। तटीय विनियमन, जंगल और मैंग्रोव से जुड़े नियम खनन योग्य क्षेत्र को सीमित करते हैं। देश में रेयर अर्थ को प्रोसेस करके धातु, मिश्र धातु और मैग्नेट बनाने के लिए पर्याप्त इंडस्ट्री नहीं है।

    सरकार की पहल और योजनाएं
    इस कमी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने नवंबर 2025 में 7,280 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दी। इस योजना का उद्देश्य रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट का उत्पादन बढ़ाना है। योजना के तहत भारत में हर साल 6,000 मीट्रिक टन मैग्नेट बनाने की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। पांच साल में 6,450 करोड़ रुपए इंसेंटिव और 730 करोड़ रुपए पूंजी सब्सिडी दी जाएगी।

    विशेष प्लांट और कॉरिडोर
    आंध्र प्रदेश में एक रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट प्लांट स्थापित किया गया है, जहां हर साल 3 टन समेरियम-कोबाल्ट मैग्नेट बनाए जाएंगे, जो रक्षा और परमाणु ऊर्जा क्षेत्रों में उपयोग होंगे। केंद्रीय बजट 2026-27 में ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में विशेष रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाने की भी घोषणा की गई है।

    महत्व और उपयोग
    रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट इलेक्ट्रिक वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस उपकरण और रक्षा प्रणालियों में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।

  • बैतूल में नाबालिग किशोरी का अपहरण और सौदा, तीन गिरफ्तार, एक फरार

    बैतूल में नाबालिग किशोरी का अपहरण और सौदा, तीन गिरफ्तार, एक फरार


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक नाबालिग किशोरी के अपहरण और उसे अवैध रूप से बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने सक्रिय कार्रवाई करते हुए किशोरी को सुरक्षित बरामद किया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है।

    जानकारी के अनुसार, मामला थाना मोहदा क्षेत्र का है। पीड़ित परिवार के पिपरिया निवासी फरियादी ने 6 नवंबर 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 17 वर्षीय पुत्री 4 नवंबर की शाम घर से लापता हो गई थी। इसके बाद परिवार ने पुलिस से तत्काल मदद मांगी। पुलिस ने रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद जांच शुरू की और नाबालिग की खोज में जुट गई।

    जांच में सामने आया कि नाबालिग को कुछ आरोपियों ने अपहरण कर उसे डेढ़ लाख रुपये में बेचने का प्रयास किया। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामला को गंभीरता से लिया और भारतीय दंड संहिता के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया।

    पुलिस ने स्थानीय और आस-पास के इलाकों में छापेमारी कर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की। खोजबीन के दौरान नाबालिग किशोरी को सुरक्षित बरामद किया गया और उसे परिवार के पास लौटा दिया गया। इस दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।

    थाना मोहदा पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने कुछ महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस के सामने रखी है। पुलिस इस मामले में पूरे जिले में सतर्कता बढ़ा चुकी है और फरार आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए अभियान चला रही है।

    इस घटना ने स्थानीय लोगों में सुरक्षा के प्रति चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने कहा है कि नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिले में लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है और सभी माता-पिता से अपील की गई है कि अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें।

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई न होने पर नाबालिगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इसलिए परिवार और समाज को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।

    बैतूल पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लोगों को भरोसा दिलाया है कि सभी आरोपी कानून के अनुसार सख्त सजा पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पॉक्सो अधिनियम के तहत नाबालिगों के साथ होने वाले अपराधों में कोई ढील नहीं दी जाएगी और जल्द ही फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    इस सनसनीखेज घटना ने बच्चों की सुरक्षा, अभिभावकों की सतर्कता और पुलिस की तत्परता के महत्व को फिर से सामने रखा है। पुलिस और प्रशासन ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से न केवल पीड़ित परिवार, बल्कि पूरे समाज को सचेत रहने की जरूरत है।

  • गिफ्ट निफ्टी का रिकॉर्ड मार्च: अब तक का सबसे अधिक 129.80 अरब डॉलर टर्नओवर

    गिफ्ट निफ्टी का रिकॉर्ड मार्च: अब तक का सबसे अधिक 129.80 अरब डॉलर टर्नओवर


    नई दिल्ली। गिफ्ट निफ्टी ने मार्च 2026 में अपना अब तक का सबसे बड़ा मासिक टर्नओवर 129.80 अरब डॉलर दर्ज किया है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में सबसे अधिक टर्नओवर 106.22 अरब डॉलर था। यह जानकारी एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज (आईएक्स) ने गुरुवार को साझा की।

    मासिक और दैनिक वॉल्यूम में भी रिकॉर्ड
    मार्च में गिफ्ट निफ्टी का मासिक ट्रेडिंग वॉल्यूम 28 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स पर पहुंच गया, जो अप्रैल 2025 में बने 21 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स के पिछले उच्चतम स्तर को पार कर गया। फरवरी 2026 में गिफ्ट निफ्टी ने 4,57,989 कॉन्ट्रैक्ट्स के साथ अब तक का सबसे अधिक एक दिवसीय ट्रेडिंग वॉल्यूम दर्ज किया था, जिसका कारोबार 23.48 अरब डॉलर था। यह जनवरी 2024 के 22.88 अरब डॉलर के रिकॉर्ड से भी अधिक है।

    संचयी व्यापार और तेज वृद्धि
    3 जुलाई 2023 को पूर्ण परिचालन शुरू होने के बाद, मार्च 2026 तक गिफ्ट निफ्टी पर डेरिवेटिव्स का संचयी व्यापार वॉल्यूम 63.37 मिलियन कॉन्ट्रैक्ट्स से अधिक रहा, जबकि कुल कारोबार 2.92 ट्रिलियन डॉलर रहा। फरवरी 2026 तक यह संचयी वॉल्यूम 60.05 मिलियन कॉन्ट्रैक्ट्स और कारोबार 2.76 ट्रिलियन डॉलर था, जो वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने में तेज वृद्धि का संकेत देता है।

    एनएसईआईएक्स का बाजार प्रभुत्व
    एनएसईआईएक्स, जिसका गिफ्ट सिटी स्थित अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंजों में 99.7 प्रतिशत से अधिक बाजार हिस्सा है, 5 जून 2017 को स्थापित हुआ और इसे अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) द्वारा मान्यता प्राप्त है।

    विविध उत्पाद पोर्टफोलियो
    गिफ्ट निफ्टी भारतीय सिंगल स्टॉक डेरिवेटिव्स, इंडेक्स डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स और डिपॉजिटरी रिसीट्स के साथ-साथ इक्विटी शेयर, आरईआईटी, इनविट्स और ईएसजी डेट सिक्योरिटीज जैसे प्राथमिक बाजार उत्पाद भी उपलब्ध कराता है। ये सभी आईएफएससीए लिस्टिंग विनियम, 2024 के तहत एक्सचेंज पर उपलब्ध हैं।

  • फ्यूल संकट में भारत का सहयोग, भूटान ने पीओएल-एलपीजी आपूर्ति के लिए जताया आभार

    फ्यूल संकट में भारत का सहयोग, भूटान ने पीओएल-एलपीजी आपूर्ति के लिए जताया आभार


    नई दिल्ली।पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष का असर हिमालयी देश भूटान पर भी दिखा है। देश में ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और सरकार ने इसे “कंट्रोल से बाहर” बताया है। इस कठिन समय में पड़ोसी देश भारत ने पीओएल (पेट्रोलियम, तेल और लुब्रिकेंट) और एलपीजी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करके भूटान को राहत दी है, जिसके लिए भूटानी सरकार ने भारत का धन्यवाद किया है।

    पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतें
    प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे के कार्यालय ने 1 अप्रैल को जारी बयान में बताया कि मिडिल ईस्ट संघर्ष के बाद से पेट्रोल की कीमतें 28 फरवरी से 60% से ज्यादा बढ़ गई हैं। इस अवधि में पेट्रोल की कीमत लगभग 65 न्गुलट्रम (एनयू) से बढ़कर 95 न्गुलट्रम हो गई। 1 अप्रैल 2026 की आधी रात से थिंपू में पेट्रोल की खुदरा कीमत 114.31 एनयू प्रति लीटर और डीजल की 174.13 एनयू प्रति लीटर कर दी गई है। हालांकि, फ्यूल सब्सिडी के तहत पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्रमशः 98.00 और 98.31 एनयू प्रति लीटर पर तय की गई हैं।

    सरकार की राहत और जनता से अपील
    भूटान सरकार ने फ्यूल की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर 21 मार्च 2026 से नेशनल फ्यूल प्राइस स्मूथनिंग फ्रेमवर्क (एनएफपीएसएफ) के तहत सब्सिडी शुरू की। साथ ही, जनता से भी अपील की गई है कि गैर-जरूरी यात्रा से बचें, काम पर पैदल जाएं और वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दें।

    भारत को जताया आभार
    भूटान सरकार ने भारत को धन्यवाद देते हुए कहा कि ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावटों के बावजूद पीओएल और एलपीजी की बिना रुकावट आपूर्ति सुनिश्चित करना भारत की मदद का उदाहरण है। लगभग 8 लाख की आबादी वाला भूटान अपने फ्यूल का अधिकतर हिस्सा भारत से आयात करता है, जिससे यह सहयोग बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।

  • NASA का अनोखा कदम: आर्टेमिस II मिशन में iPhone भी जाएगा चांद तक

    NASA का अनोखा कदम: आर्टेमिस II मिशन में iPhone भी जाएगा चांद तक


    नई दिल्ली। अंतरिक्ष अन्वेषण के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। नासा के महत्वाकांक्षी आर्टेमिस II मिशन पर गए अंतरिक्ष यात्री इस बार एक खास बदलाव के साथ रवाना हुए हैं—वे अपने पर्सनल आईफोन को भी गहरे अंतरिक्ष में साथ ले जा रहे हैं। यह पहली बार है जब किसी मानव मिशन में निजी स्मार्टफोन को पृथ्वी की कक्षा से बाहर ले जा रहा है, जो तकनीक और अंतरिक्ष के मेल का नया संकेत है।

    चारड्रो टीम, ऐतिहासिक उड़ान
    इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री—रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन—शामिल हैं। यह टीम कैनेडी स्पेस सेंटर से ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में रवाना हुई। लगभग 10 दिन के इस मिशन में अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा कर वापस पृथ्वी पर लौटेंगे।

    क्यों लिया गया आईफोन साथ ले जाने का फैसला?
    नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड इसाकमैन ने इस साल की शुरुआत में यह फैसला लिया था। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रियों को आधुनिक उपकरण देना और मिशन की डॉक्यूमेंटेशन प्रक्रिया को आसान बनाना है। अब अंतरिक्ष यात्री भारी-भरकम हथियारों पर निर्भर नहीं रहेंगे, बल्कि अपने iPhone से ही हाई क्वालिटी की तस्वीरें और वीडियो कैप्चर कर काबू करेंगे।

    iPhone अंतरिक्ष में कैसे काम करेगा?
    अंतरिक्ष में ये iPhone ‘एयरप्लेन मोड’ में रहेंगे, ताकि स्पेसक्राफ्ट के सिस्टम पर कोई असर न पड़े। इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से हाई-एंड कैमरा के रूप में किया जाएगा। खास बात यह है कि जब अंतरिक्ष यान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के पास से गुजरेगा, तब ये डिवाइस वाई-फाई से कनेक्ट करके फोटो और ईमेल भेज पाएगा, हालांकि कॉलिंग संभव नहीं होगी।

    चांद के पास से दिखाई अनदेखा नजारा
    आर्टेमिस-II मिशन कई दशकों बाद ऐसा मानव मिशन है, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चांद के काफी करीब तक जाएंगे। इस दौरान वे चांद की सतह की नई और अनदेखी तस्वीरें लेंगे, साथ ही गहरे अंतरिक्ष से आंशिक सूर्य ग्रहण का अद्भुत दृश्य भी देख काबू करेंगे। यह मिशन भविष्य के चंद्र ग्रहण के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगा।

    तकनीक और अंतरिक्ष का नया संगम
    iPhone को मिशन में शामिल करना इस बात का संकेत है कि नासा अब आधुनिक तकनीकों को तेजी से अंतरिक्ष ग्रहण में शामिल कर रहा है। इससे न केवल मिशन ज़्यादा असरदार बनेंगे, बल्कि आम लोगों तक अंतरिक्ष की झलक भी और करीब से पहुंचेंगे।

  • विजय सेतुपति की दमदार वापसी काट्टान ने ओटीटी पर मचाया तहलका

    विजय सेतुपति की दमदार वापसी काट्टान ने ओटीटी पर मचाया तहलका


    नई दिल्ली । साउथ सिनेमा के सुपरस्टार विजय सेतुपति एक बार फिर अपनी दमदार एक्टिंग के साथ दर्शकों के सामने आए हैं उनकी नई वेब सीरीज काट्टान इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जबरदस्त ट्रेंड कर रही है और रिलीज के कुछ ही दिनों में यह टॉप 10 में अपनी जगह बनाने में कामयाब रही है 27 मार्च 2026 को रिलीज हुई यह एक्शन ड्रामा सीरीज दर्शकों को एक रहस्यमयी और गहराई से भरी कहानी में ले जाती है

    सीरीज की शुरुआत तमिलनाडु के एक शांत गांव से होती है जहां लंबे समय से कोई अपराध नहीं हुआ है हालात ऐसे हैं कि गांव का पुलिस स्टेशन तक बंद होने की कगार पर पहुंच जाता है लेकिन कहानी में असली मोड़ तब आता है जब एक दिन पहाड़ी पर एक कटा हुआ सिर मिलता है यह सिर मुथु का होता है जिसका किरदार विजय सेतुपति निभा रहे हैं इसके बाद कहानी एक गहरे सस्पेंस और जांच के जाल में उलझती चली जाती है और हर एपिसोड के साथ नए रहस्य सामने आते हैं

    काट्टान की सबसे बड़ी ताकत इसकी कहानी का ट्रीटमेंट और विजय सेतुपति की शानदार एक्टिंग है उन्होंने अपने किरदार में ऐसी गहराई और इमोशनल इंटेंसिटी डाली है जो दर्शकों को पूरी तरह बांधे रखती है सीरीज में सस्पेंस को धीरे धीरे बढ़ाया गया है जिससे हर एपिसोड के साथ उत्सुकता और भी ज्यादा बढ़ जाती है इसके अलावा सपोर्टिंग कास्ट ने भी अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है जिससे कहानी और भी प्रभावी बन जाती है

    हालांकि यह सीरीज हर तरह के दर्शकों के लिए नहीं है क्योंकि इसकी गति काफी धीमी है यह एक स्लो बर्न ड्रामा है जिसमें कहानी को धीरे धीरे खोला जाता है अगर आप तेज रफ्तार वाली थ्रिलर सीरीज के शौकीन हैं तो शुरुआती एपिसोड आपको थोड़े लंबे लग सकते हैं इसके अलावा कहानी में कुछ ऐसे पारिवारिक और छोटे छोटे सबप्लॉट्स भी शामिल किए गए हैं जो मुख्य कहानी से ध्यान भटका सकते हैं

    सीरीज की एक और खास बात यह है कि इसकी कहानी अलग अलग समय अवधि में चलती है जिसमें 90 के दशक से लेकर 2017 तक की घटनाओं को जोड़ा गया है ऐसे में दर्शकों को पूरी कहानी समझने के लिए ध्यान से देखना जरूरी है वरना कुछ कड़ियां छूट सकती हैं

    कुल मिलाकर काट्टान  एक ऐसी वेब सीरीज है जो सस्पेंस और इमोशनल ड्रामा का बेहतरीन मिश्रण पेश करती है यह उन दर्शकों के लिए खास तौर पर बनाई गई है जो गहराई वाली कहानी और मजबूत अभिनय को पसंद करते हैं अगर आप विजय सेतुपति के फैन हैं और एक गंभीर रहस्यमयी कहानी देखना चाहते हैं तो यह सीरीज आपके वीकेंड को खास बना सकती है

  • गौतम अदाणी की प्रार्थना: भगवान राम और हनुमान से देश की तरक्की की कामना

    गौतम अदाणी की प्रार्थना: भगवान राम और हनुमान से देश की तरक्की की कामना


    नई दिल्ली। गौतम अडानी गुरुवार को पवित्र हनुमान जयंती के अवसर पर कश्मीरी अयोध्या क्षेत्र में पहुंचे, जहां उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भगवान रामलला के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और इस आध्यात्मिक क्षण को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा किया। उनकी आस्था और भावनाओं की यात्रा एक विशेष अवसर मानी जा रही है।

    रामलला के दर्शन को बताया सौभाग्य का क्षण
    अदाणी ने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन संयम, करुणा और कर्तव्यनिष्ठा का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने लिखा कि अयोध्या में रामलला के दर्शन कर उन्हें और उनके परिवार को विशेष आध्यात्मिक संतोष प्राप्त हुआ। उनके अनुसार, श्रीराम के आदर्श हमें सदैव धर्म और सत्य के मार्ग पर उत्थान की प्रेरणा देते हैं।

    देश के लिए एकता और समृद्धि का आशीर्वाद मांगा
    हनुमान जयंती के पावन अवसर पर प्रभु श्रीराम और बजरंगबली का स्मरण करते हुए अदाणी ने देश के लिए विशेष प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम और बजरंगबली भारत को एकता, साहस और समृद्धि का आशीर्वाद दें। उनके इस संदेश पर सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिली।

    मन्दिर को आस्था एवं एकता का प्रतीक बताया गया
    मीडिया से बातचीत में गौतम अदाणी ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि भारत की संस्कृति, एकता और एकता का प्रतीक है। उन्होंने इसे एक भावुक और गौरवपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि ये पवित्र स्थल देश को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का काम कर रहे हैं।

    गुरुकुल विद्यार्थियों से मुलाकात
    अपने अयोध्या दौरे के दौरान अडानी परिवार सहित गुरुकुल कॉलेज भी शामिल हुए। यहां उन्होंने छात्रों और संकाय से संवाद और शिक्षा के महत्व पर चर्चा की। इस अवसर पर संस्थान की ओर से उन्हें एक पुस्तक को सम्मानित किया गया।

    आस्था और संदेश का संगम
    अदाणी की यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रही, बल्कि उन्होंने अपने संदेश के माध्यम से देशवासियों को एकता, सिद्धांत और प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी।

  • हेरा फेरी 3 पर संकट के बादल राइटर के बयान ने बढ़ाई फैंस की बेचैनी

    हेरा फेरी 3 पर संकट के बादल राइटर के बयान ने बढ़ाई फैंस की बेचैनी

    नई दिल्ली । हेरा फेरी 3 को लेकर फैंस की उम्मीदें एक बार फिर झटका खाती नजर आ रही हैं लंबे समय से इस फिल्म को लेकर बनते बिगड़ते हालात अब और उलझते दिख रहे हैं अक्षय कुमार सुनील शेट्टी और परेश रावल की आइकॉनिक तिकड़ी को फिर से बड़े पर्दे पर देखने का सपना अभी दूर होता नजर आ रहा है फिल्म के राइटर रोहन शंकर के ताजा बयान ने इस अनिश्चितता को और गहरा कर दिया है

    जब से हेरा फेरी 3 की घोषणा हुई है तब से यह फिल्म विवादों में घिरी रही है शुरुआत में जब तीनों सितारे साथ नजर आए तो फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला लेकिन इसके बाद अचानक परेश रावल के फिल्म से अलग होने की खबर ने सबको चौंका दिया मामला यहीं नहीं रुका बल्कि अक्षय कुमार जो इस फिल्म के प्रोड्यूसर भी हैं उन्होंने इस मुद्दे को लेकर कानूनी कदम तक उठा लिया बाद में परेश रावल के वापस आने की खबर आई जिससे उम्मीद जगी कि अब फिल्म जल्द शुरू होगी लेकिन अब तक शूटिंग शुरू नहीं हो सकी

    इसी बीच राइटर रोहन शंकर ने जो बात कही है उसने फैंस की धड़कनें और बढ़ा दी हैं उन्होंने साफ किया कि फिलहाल वह इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं हैं हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर डायरेक्टर प्रियदर्शन इस फिल्म से जुड़े रहते हैं तो वह भी इसमें शामिल हो सकते हैं उन्होंने बताया कि बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी थी और सब कुछ लगभग तय हो गया था लेकिन कानूनी पचड़ों की वजह से मामला अटक गया

    रोहन शंकर ने प्रियदर्शन के व्यस्त शेड्यूल का भी जिक्र किया उन्होंने कहा कि प्रियदर्शन लगातार काम करने वाले फिल्ममेकर हैं हाल ही में उन्होंने भूत बंगला और हैवान जैसी फिल्मों की शूटिंग पूरी की है और अब भी उनके पास कई प्रोजेक्ट लाइन में हैं इसके अलावा वह मोहनलाल के साथ उनकी सौवीं फिल्म पर भी काम करने वाले हैं ऐसे में उनके पास समय की कमी भी एक बड़ी चुनौती बन रही है

    उन्होंने यह भी कहा कि प्रियदर्शन और अक्षय कुमार दोनों ही काम के प्रति बेहद समर्पित हैं और लगातार एक के बाद एक प्रोजेक्ट में व्यस्त रहते हैं ऐसे में यह तय कर पाना मुश्किल है कि हेरा फेरी 3 कब शुरू हो पाएगी और इसके सामने खड़ी कानूनी दिक्कतें कब तक सुलझेंगी

    फिल्म के भविष्य को लेकर पूछे जाने पर रोहन शंकर ने उम्मीद जरूर जताई लेकिन साफ जवाब देने से बचते नजर आए उन्होंने कहा कि अगर सारी समस्याएं जल्द सुलझ जाती हैं तो प्रियदर्शन इस फिल्म को जरूर बनाएंगे लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए कुछ भी निश्चित तौर पर कहना मुश्किल है

    फिलहाल इतना जरूर है कि हेरा फेरी 3 को लेकर फैंस का इंतजार लंबा खिंचता जा रहा है और हर नई अपडेट के साथ उम्मीद और निराशा के बीच झूलता यह प्रोजेक्ट अब बॉलीवुड की सबसे चर्चित लेकिन अनिश्चित फिल्मों में से एक बन चुका है

  • हनुमान बन सकते थे शाहरुख खान लेकिन एक कमी ने छीन लिया बड़ा मौका

    हनुमान बन सकते थे शाहरुख खान लेकिन एक कमी ने छीन लिया बड़ा मौका


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के किंग कहे जाने वाले शाहरुख खान से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा इन दिनों फिर चर्चा में है जब उन्हें एक हॉलीवुड फिल्म में भगवान हनुमान का किरदार निभाने का ऑफर मिला था लेकिन उन्होंने इस बड़े मौके को ठुकरा दिया था यह खुलासा उन्होंने खुद एक पुराने इंटरव्यू में किया था जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है

    यह मामला साल 2011 का है जब शाहरुख अपनी सुपरहीरो फिल्म रा.वन का प्रमोशन कर रहे थे उसी दौरान फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श ने उनसे सुपरहीरो किरदारों को लेकर सवाल पूछा था इस पर शाहरुख ने एक पुराना अनुभव साझा करते हुए बताया कि हॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर टोनी स्कॉट ने उन्हें एक खास कॉन्सेप्ट फिल्म के लिए अप्रोच किया था

    शाहरुख के मुताबिक उस फिल्म का विचार काफी अलग और दिलचस्प था निर्देशक भगवान हनुमान को एक सुपरहीरो की तरह पेश करना चाहते थे ठीक वैसे जैसे पश्चिमी दुनिया में सुपरमैन या बैटमैन को दिखाया जाता है फिल्म की कहानी में हनुमान का किरदार आधुनिक अंदाज में होता और एक खास बात यह थी कि उनकी पूंछ केवल लड़ाई के समय ही दिखाई देती

    इतना बड़ा और अनोखा ऑफर मिलने के बावजूद शाहरुख खान ने इसे स्वीकार नहीं किया इसकी वजह भी उन्होंने साफ तौर पर बताई उन्होंने कहा कि उस समय उनकी अंग्रेजी उतनी मजबूत नहीं थी और उन्हें लगा कि वह उस किरदार के साथ पूरी तरह न्याय नहीं कर पाएंगे उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि अगर उन्हें उस समय कोई ऐसा किरदार मिलता जिसमें बोलना कम होता तो शायद वह इसे कर लेते

    इस बातचीत में शाहरुख ने अपनी एक दिली इच्छा भी जाहिर की उन्होंने कहा कि वह भारतीय पौराणिक कथाओं को आधुनिक सुपरहीरो स्टाइल में पेश करना चाहते हैं खासकर Mahabharata को एक्स मैन जैसी शैली में बनाना उनका सपना रहा है हालांकि उन्होंने यह भी माना कि ऐसा करने पर विवाद हो सकता है और लोग नाराज भी हो सकते हैं

    शाहरुख ने अपनी फिल्म रा वन का उदाहरण देते हुए कहा कि उसमें भी रामायण की झलक देखने को मिलती है उनके अनुसार जी वन और रा वन के किरदारों के जरिए उन्होंने बच्चों को हमारी पौराणिक कहानियों से जोड़ने की कोशिश की ताकि नई पीढ़ी अपने इतिहास और संस्कृति को समझ सके

    यह किस्सा न सिर्फ शाहरुख खान के करियर का एक अनोखा पहलू दिखाता है बल्कि यह भी बताता है कि कभी कभी बड़े मौके भी सही समय और आत्मविश्वास के बिना हाथ से निकल जाते हैं हालांकि आज शाहरुख जिस मुकाम पर हैं उसे देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि उन्होंने अपने फैसलों से ही अपनी अलग पहचान बनाई है

  • भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार समझौते का असर: निर्यात दोगुने से अधिक, रिश्ते मजबूत

    भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार समझौते का असर: निर्यात दोगुने से अधिक, रिश्ते मजबूत


    नई दिल्ली भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक सहयोग को नई सूची बनाने वाला भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौता (ईसीटीए) अब अपने प्रभाव के चार साल पूरे कर चुका है। 2 अप्रैल 2022 को इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए, दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलावों का गवाह बनना पड़ा। बिजनेस इयर्स में एक्टर्स इंडियन एक्टर्स को नई रेटिंग दी गई है और स्मैश ट्रेड को मजबूत आधार प्रदान किया गया है।

    एकल में रिकॉर्ड पैकेज, डबल हुआ पात्र
    भारत के ऑस्ट्रेलिया में ईसीईटी लागू होने के बाद तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जहां वित्त वर्ष 2020-21 में यह करीब 4 अरब डॉलर था, वहीं 2024-25 तक यह उछाल 8.5 अरब डॉलर से भी अधिक हो गया। यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि भारतीय खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलियाई बाजार में बेहतर पहुंच और लोकप्रियता हासिल की है। वहीं, प्रोटोटाइप आधार पर भी करीब 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो इस आंकड़े की सफलता को दर्शाता है।

    कुल व्यापार में दस्तावेज़, आंकड़े दे रहे कागजात
    दोनों देशों के बीच कुल व्यापार भी लगातार मजबूत हुआ है। वित्त वर्ष 2024-25 में सकल व्यापार 24.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि 2025-26 (फरवरी तक) में यह 19.3 अरब डॉलर दर्ज किया गया। यह संकेत देता है कि आने वाले समय में यह पात्र और वृद्धि हो सकती है। इस प्लास्टिक में व्यावसायिक उद्यमों के लिए नए अवसरों के द्वार नीचे दिए गए हैं।

    तिपाई में राहत, बाज़ार तक आसान पहुँच
    इस अधिनियम के तहत भारत ने अपनी 70.3 प्रतिशत टैरिफ योग्यता पर प्राथमिकता के आधार पर बाजार तक पहुंच बनाई है, जो कुल व्यापार मूल्य के 90.6 प्रतिशत को कवर करती है। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया ने भारत से आने वाले 100 प्रतिशत व्यवसाय को प्राथमिकता बाजार तक पहुंच प्रदान की है। खास बात यह है कि 98.3 प्रतिशत वर्ग पर लागू होने वाली बात पर ही शुल्क समाप्त कर दिया गया है, जबकि बाकी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जा रहा है। 1 जनवरी 2026 को भारतीय कम्युनिस्टों ने ऑस्ट्रेलियाई बाजार के लिए पूरी तरह से जीरो-ड्यूटी का भुगतान किया है।

    सेक्टरवार मिला बड़ा फायदा
    ईसीटीए का प्रभाव विभिन्न सेक्टरों में स्पष्ट रूप से देखा गया है। विशेष रूप से टेक्सटाइल, मेडिसिनस्यूटिकल, केमिकल और कृषि बाजार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वहीं, भारत को बेस मेटल, कच्चा सिक्का, सेंट्रल, केमिकल और दाल जैसे जरूरी कच्चा माल की आसान मसाला मिला है। यह समेकित व्यापार ढाँचा देश के विनिर्माण क्षेत्र को एक स्थान देता है और क्रिस्टोफर चेन को स्थिर बनाता है।

    बायोलॉजिकल ऑर्थोडॉक्स में नया पहला, बढ़ा हुआ भरोसा
    दोनों देशों के सहयोग को और मजबूत करने के लिए 24 सितंबर 2025 को बायोलॉजिकल डॉक्युमेंट्स के लिए धर्मशास्त्र व्यवस्था (मैथियोसाइट्स) पर हस्ताक्षर किए गए। इस सबसे पहले सर्ट दुकान में दुकान लगाई गई है और लागत में समय की बचत हुई है। इसी तरह के प्रयोगशाला के व्यापार में तेजी आने की उम्मीद है और देशों के बीच विश्वास भी बढ़ा है।

    व्यापार समझौता बना मजबूत आधार
    विशेषज्ञ का मानना ​​है कि ईसीटी ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक मूल्यांकन को नई दिशा दी है। इससे न केवल बड़ी कंपनी बल्कि एमएसएमई, क्रैस्टर और स्टार्स को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलता है। आने वाले वर्षों में यह समझौता और अधिक अवसर पैदा हो सकता है।