Blog

  • हनुमान बन सकते थे शाहरुख खान लेकिन एक कमी ने छीन लिया बड़ा मौका

    हनुमान बन सकते थे शाहरुख खान लेकिन एक कमी ने छीन लिया बड़ा मौका


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के किंग कहे जाने वाले शाहरुख खान से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा इन दिनों फिर चर्चा में है जब उन्हें एक हॉलीवुड फिल्म में भगवान हनुमान का किरदार निभाने का ऑफर मिला था लेकिन उन्होंने इस बड़े मौके को ठुकरा दिया था यह खुलासा उन्होंने खुद एक पुराने इंटरव्यू में किया था जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है

    यह मामला साल 2011 का है जब शाहरुख अपनी सुपरहीरो फिल्म रा.वन का प्रमोशन कर रहे थे उसी दौरान फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श ने उनसे सुपरहीरो किरदारों को लेकर सवाल पूछा था इस पर शाहरुख ने एक पुराना अनुभव साझा करते हुए बताया कि हॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर टोनी स्कॉट ने उन्हें एक खास कॉन्सेप्ट फिल्म के लिए अप्रोच किया था

    शाहरुख के मुताबिक उस फिल्म का विचार काफी अलग और दिलचस्प था निर्देशक भगवान हनुमान को एक सुपरहीरो की तरह पेश करना चाहते थे ठीक वैसे जैसे पश्चिमी दुनिया में सुपरमैन या बैटमैन को दिखाया जाता है फिल्म की कहानी में हनुमान का किरदार आधुनिक अंदाज में होता और एक खास बात यह थी कि उनकी पूंछ केवल लड़ाई के समय ही दिखाई देती

    इतना बड़ा और अनोखा ऑफर मिलने के बावजूद शाहरुख खान ने इसे स्वीकार नहीं किया इसकी वजह भी उन्होंने साफ तौर पर बताई उन्होंने कहा कि उस समय उनकी अंग्रेजी उतनी मजबूत नहीं थी और उन्हें लगा कि वह उस किरदार के साथ पूरी तरह न्याय नहीं कर पाएंगे उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि अगर उन्हें उस समय कोई ऐसा किरदार मिलता जिसमें बोलना कम होता तो शायद वह इसे कर लेते

    इस बातचीत में शाहरुख ने अपनी एक दिली इच्छा भी जाहिर की उन्होंने कहा कि वह भारतीय पौराणिक कथाओं को आधुनिक सुपरहीरो स्टाइल में पेश करना चाहते हैं खासकर Mahabharata को एक्स मैन जैसी शैली में बनाना उनका सपना रहा है हालांकि उन्होंने यह भी माना कि ऐसा करने पर विवाद हो सकता है और लोग नाराज भी हो सकते हैं

    शाहरुख ने अपनी फिल्म रा वन का उदाहरण देते हुए कहा कि उसमें भी रामायण की झलक देखने को मिलती है उनके अनुसार जी वन और रा वन के किरदारों के जरिए उन्होंने बच्चों को हमारी पौराणिक कहानियों से जोड़ने की कोशिश की ताकि नई पीढ़ी अपने इतिहास और संस्कृति को समझ सके

    यह किस्सा न सिर्फ शाहरुख खान के करियर का एक अनोखा पहलू दिखाता है बल्कि यह भी बताता है कि कभी कभी बड़े मौके भी सही समय और आत्मविश्वास के बिना हाथ से निकल जाते हैं हालांकि आज शाहरुख जिस मुकाम पर हैं उसे देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि उन्होंने अपने फैसलों से ही अपनी अलग पहचान बनाई है

  • भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार समझौते का असर: निर्यात दोगुने से अधिक, रिश्ते मजबूत

    भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार समझौते का असर: निर्यात दोगुने से अधिक, रिश्ते मजबूत


    नई दिल्ली भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक सहयोग को नई सूची बनाने वाला भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौता (ईसीटीए) अब अपने प्रभाव के चार साल पूरे कर चुका है। 2 अप्रैल 2022 को इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए, दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलावों का गवाह बनना पड़ा। बिजनेस इयर्स में एक्टर्स इंडियन एक्टर्स को नई रेटिंग दी गई है और स्मैश ट्रेड को मजबूत आधार प्रदान किया गया है।

    एकल में रिकॉर्ड पैकेज, डबल हुआ पात्र
    भारत के ऑस्ट्रेलिया में ईसीईटी लागू होने के बाद तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जहां वित्त वर्ष 2020-21 में यह करीब 4 अरब डॉलर था, वहीं 2024-25 तक यह उछाल 8.5 अरब डॉलर से भी अधिक हो गया। यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि भारतीय खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलियाई बाजार में बेहतर पहुंच और लोकप्रियता हासिल की है। वहीं, प्रोटोटाइप आधार पर भी करीब 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो इस आंकड़े की सफलता को दर्शाता है।

    कुल व्यापार में दस्तावेज़, आंकड़े दे रहे कागजात
    दोनों देशों के बीच कुल व्यापार भी लगातार मजबूत हुआ है। वित्त वर्ष 2024-25 में सकल व्यापार 24.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि 2025-26 (फरवरी तक) में यह 19.3 अरब डॉलर दर्ज किया गया। यह संकेत देता है कि आने वाले समय में यह पात्र और वृद्धि हो सकती है। इस प्लास्टिक में व्यावसायिक उद्यमों के लिए नए अवसरों के द्वार नीचे दिए गए हैं।

    तिपाई में राहत, बाज़ार तक आसान पहुँच
    इस अधिनियम के तहत भारत ने अपनी 70.3 प्रतिशत टैरिफ योग्यता पर प्राथमिकता के आधार पर बाजार तक पहुंच बनाई है, जो कुल व्यापार मूल्य के 90.6 प्रतिशत को कवर करती है। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया ने भारत से आने वाले 100 प्रतिशत व्यवसाय को प्राथमिकता बाजार तक पहुंच प्रदान की है। खास बात यह है कि 98.3 प्रतिशत वर्ग पर लागू होने वाली बात पर ही शुल्क समाप्त कर दिया गया है, जबकि बाकी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जा रहा है। 1 जनवरी 2026 को भारतीय कम्युनिस्टों ने ऑस्ट्रेलियाई बाजार के लिए पूरी तरह से जीरो-ड्यूटी का भुगतान किया है।

    सेक्टरवार मिला बड़ा फायदा
    ईसीटीए का प्रभाव विभिन्न सेक्टरों में स्पष्ट रूप से देखा गया है। विशेष रूप से टेक्सटाइल, मेडिसिनस्यूटिकल, केमिकल और कृषि बाजार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वहीं, भारत को बेस मेटल, कच्चा सिक्का, सेंट्रल, केमिकल और दाल जैसे जरूरी कच्चा माल की आसान मसाला मिला है। यह समेकित व्यापार ढाँचा देश के विनिर्माण क्षेत्र को एक स्थान देता है और क्रिस्टोफर चेन को स्थिर बनाता है।

    बायोलॉजिकल ऑर्थोडॉक्स में नया पहला, बढ़ा हुआ भरोसा
    दोनों देशों के सहयोग को और मजबूत करने के लिए 24 सितंबर 2025 को बायोलॉजिकल डॉक्युमेंट्स के लिए धर्मशास्त्र व्यवस्था (मैथियोसाइट्स) पर हस्ताक्षर किए गए। इस सबसे पहले सर्ट दुकान में दुकान लगाई गई है और लागत में समय की बचत हुई है। इसी तरह के प्रयोगशाला के व्यापार में तेजी आने की उम्मीद है और देशों के बीच विश्वास भी बढ़ा है।

    व्यापार समझौता बना मजबूत आधार
    विशेषज्ञ का मानना ​​है कि ईसीटी ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक मूल्यांकन को नई दिशा दी है। इससे न केवल बड़ी कंपनी बल्कि एमएसएमई, क्रैस्टर और स्टार्स को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलता है। आने वाले वर्षों में यह समझौता और अधिक अवसर पैदा हो सकता है।

  • छात्रों को राहत: अब किताबें और यूनिफॉर्म एक ही दुकान से खरीदना जरूरी नहीं

    छात्रों को राहत: अब किताबें और यूनिफॉर्म एक ही दुकान से खरीदना जरूरी नहीं


    नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा निर्देश जारी किया है। अब कोई भी प्राइवेट स्कूल छात्रों या अभिभावकों को किताबें, यूनिफॉर्म (Books-Uniform Purchase Rule) या अन्य शैक्षणिक सामग्री किसी एक तय दुकान से खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकेगा। सरकार का यह कदम अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    किताब-यूनिफॉर्म खरीदने की जबरदस्ती पर रोक


    शिक्षा निदेशालय (DoE) को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी स्कूल छात्रों को खास दुकानों से ही किताबें, कॉपी, बैग और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं। इससे अभिभावकों को महंगे दाम चुकाने पड़ रहे थे। Delhi Directorate of Education ने साफ निर्देश दिया है कि स्कूल किसी भी छात्र पर इस तरह का दबाव नहीं बना सकते।

    सरकार ने कहा है कि छात्रों और अभिभावकों को पूरी स्वतंत्रता होनी चाहिए कि वे अपनी सुविधा और बजट के अनुसार किसी भी दुकान से सामान खरीद सकें। साथ ही स्कूलों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे किताबों और यूनिफॉर्म की पूरी सूची पहले से वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर उपलब्ध कराएं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

    नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
    दिल्ली सरकार ने साफ कर दिया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट के तहत की जा सकती है।

    इसके अलावा सरकार ने अभिभावकों के लिए शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी दी है, ताकि किसी भी तरह की जबरदस्ती या गलत प्रथा को तुरंत रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा का उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि बच्चों का विकास करना है।

    यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो रही है और स्कूलों में एडमिशन व खरीदारी का दौर तेज है। सरकार के इस कदम से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

  • 26 पर 4 विकेट फिर आया रिजवी तूफान LSG को अपने ही खिलाड़ी ने दी मात

    26 पर 4 विकेट फिर आया रिजवी तूफान LSG को अपने ही खिलाड़ी ने दी मात

    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में एक ऐसा नाम तेजी से सुर्खियों में आया जिसने मुश्किल हालात में अपनी टीम को जीत दिलाकर सभी का ध्यान खींच लिया यह नाम है Sameer Rizvi का जिन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ मैच का रुख बदल दिया जब Delhi Capitals की टीम केवल 26 रन पर 4 विकेट गंवाकर संकट में थी तब रिजवी ने मोर्चा संभाला और 70 रनों की दमदार पारी खेल टीम को जीत तक पहुंचाया

    समीर रिजवी का जन्म 6 दिसंबर 2003 को हुआ और वे उत्तर प्रदेश से घरेलू क्रिकेट खेलते हैं उन्होंने कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था और अंडर 19 स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व भी किया है उनकी बल्लेबाजी शैली काफी हद तक Suresh Raina से मिलती है जिसके कारण उन्हें सोशल मीडिया पर दाएं हाथ का सुरेश रैना भी कहा जाता है

    रिजवी ने मात्र 11 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया और मेरठ की गांधीबाग अकादमी में अभ्यास किया उनके मामा तनकीब अख्तर ने उन्हें ट्रेनिंग दी और क्रिकेट को गंभीरता से लेने के लिए प्रेरित किया बचपन में ही उनकी प्रतिभा इतनी खास थी कि एक मैच के दौरान उनकी फील्डिंग देखकर खुद सुरेश रैना भी प्रभावित हो गए और उन्हें प्रोत्साहित किया

    शुरुआत में रिजवी ओपनिंग बल्लेबाज थे लेकिन बाद में उनकी स्पिन के खिलाफ मजबूत बल्लेबाजी को देखते हुए उन्हें मिडिल ऑर्डर में भेजा गया जहां उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई हालांकि उनका सफर आसान नहीं रहा साल 2020 में उनके पिता को ब्रेन हैमरेज हुआ जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई इसके बावजूद उन्होंने क्रिकेट से ध्यान नहीं हटाया और लगातार मेहनत करते रहे

    उनकी असली पहचान 2023 की यूपी टी20 लीग में बनी जहां उन्होंने 455 रन बनाकर सबको प्रभावित किया इस दौरान उन्होंने 47 गेंदों में शतक भी जड़ा उनकी इसी विस्फोटक बल्लेबाजी ने आईपीएल फ्रेंचाइजियों का ध्यान अपनी ओर खींचा

    आईपीएल 2024 की नीलामी में MS Dhoni की टीम Chennai Super Kings ने उन पर 8.40 करोड़ रुपये खर्च कर बड़ा भरोसा जताया उन्होंने अपने डेब्यू मैच की पहली ही गेंद पर छक्का लगाकर शानदार शुरुआत की हालांकि एक सीजन के बाद टीम ने उन्हें रिलीज कर दिया

    इसके बाद 2025 में Delhi Capitals ने उन्हें 95 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया और अब उन्होंने इस भरोसे को सही साबित करते हुए मैच जिताऊ पारी खेली खास बात यह रही कि उन्होंने उसी क्षेत्र की टीम Lucknow Super Giants के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया जहां से वे घरेलू क्रिकेट खेलते हैं

    समीर रिजवी की यह पारी सिर्फ एक जीत नहीं बल्कि उनके संघर्ष मेहनत और आत्मविश्वास की कहानी भी है जिस तरह उन्होंने दबाव में खेलते हुए मैच खत्म किया उसने यह साफ कर दिया कि भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिल चुका है आने वाले समय में यह युवा खिलाड़ी और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है

  • बच्चों के लिए संजीवनी है जायफल, लेकिन सेवन से पहले जानें जरूरी सावधानियां

    बच्चों के लिए संजीवनी है जायफल, लेकिन सेवन से पहले जानें जरूरी सावधानियां


    नई दिल्ली। बदलते मौसम का असर सबसे ज्यादा छोटे बच्चों पर पड़ता है। कभी-कभी तो कभी-कभी पेट खराब हो जाता है, उन्हें जल्दी ही ठिकाने लगा दिया जाता है। ऐसे में माता-पिता बार-बार सुरक्षित और प्राकृतिक उपायों की तलाश करते हैं। भारतीय परंपरा में आयुर्वेद को स्वास्थ्य का उत्कृष्ट आधार माना जाता है, जिसमें कई घरेलू औषधियों का उल्लेख किया गया है। दोस्तों में से एक है जयफल, जिसके बारे में बच्चों को बेहद बताया गया है।

    आयुर्वेद में जायफल का महत्व
    आयुर्वेद के अनुसार जायफल में वात-शामक, पाचन शक्ति वाले और मस्तिष्क को पोषण देने वाले गुण पाए जाते हैं। यह बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को मजबूत करने में मदद करता है। साथ ही गैस, अपच और पतले पेट दर्द जैसी समस्याओं में भी राहत मिलती है। नियमित एवं सही तरीकों से इसका उपयोग बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में सहायक माना जाता है।

    सीधे सेवन से परहेज़ क्यों?
    यद्यपि जायफल में प्रचुरता है, लेकिन इसकी तासीर गर्म और तीक्ष्ण है। इसलिए बच्चों को यह सीधे तौर पर नुकसान पहुंचा सकता है। आयुर्वेद में कहा गया है कि किसी भी औषधि को ‘संस्कार’ प्रक्रिया से तैयार करने के बाद ही उसका सेवन करना चाहिए, ताकि उसका गुणधर्म हो और शरीर पर कोमल प्रभाव पड़े।

    पारंपरिक विधि: इस तरह सुनिश्चित करें
    पुराने समय में बच्चों के लिए जयफल को विशेष प्रक्रिया से तैयार किया जाता था। सबसे पहले इसे दूध में डाला जाता है, जिससे इसका तीखापन कम होता है। इसके बाद कुछ समय के लिए दही में रखा जाता है, जो इसके अनुरूप होता है। अंत में इसे घी में पकाया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद जायफल को दूध में घिसकर बहुत ही कम मात्रा में बच्चों को दिया जाता है। यह विधि जयफल की गर्म तासीर को कम करके बच्चों के लिए सुरक्षित बना देती है।

    क्या हैं फायदे?
    इस तरह तैयार किया गया जायफल बच्चों के पाचन तंत्र को मजबूत करता है, ग्लूकोज-जुकाम से बचाव में मदद मिलती है और नींद भी बेहतर होती है। साथ ही यह दिमागी विकास में सहायक माना जाता है। नियमित रूप से सीमित मात्रा में दिया जाए तो यह एक प्राकृतिक टॉनिक की तरह काम करता है।

    ध्यान में सावधानियां जरूर रखें
    बच्चों को जायफल देते समय मात्रा का विशेष ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। अधिक मात्रा में सेवन करने से सामान्य प्रभाव हो सकता है, जैसे चक्कर आना, पेट संबंधी समस्याएं। किसी भी घरेलू उपाय को पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह से लेना बेहतर होता है, खासकर अगर बच्चा बहुत छोटा हो या पहले किसी समस्या से पीड़ित हो।

    जायफल एक शक्तिशाली औषधि है, लेकिन सही और मात्रा में यह बच्चों के लिए चमत्कारी साबित होती है। पारंपरिक तरीके से इसे तैयार करके इसका सेवन करें, तो यह बच्चों के स्वास्थ्य को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

  • हथेली में छिपा, हर्षल पर्वत सफलता विज्ञान और भाग्य का अद्भुत संकेत

    हथेली में छिपा, हर्षल पर्वत सफलता विज्ञान और भाग्य का अद्भुत संकेत


    नई दिल्ली । हस्तरेखा शास्त्र में हथेली के विभिन्न पर्वतों का विशेष महत्व माना जाता है और इन्हीं में से एक है हर्षल पर्वत जो अपनी अनोखी स्थिति और प्रभाव के कारण काफी रहस्यमयी माना जाता है यह पर्वत हथेली में हृदय रेखा और मस्तिष्क रेखा के बीच स्थित होता है और इसका स्थान कनिष्ठा उंगली के नीचे तथा बुध पर्वत के ठीक नीचे माना जाता है इस पर्वत का संबंध मस्तिष्क और हृदय दोनों से जोड़ा जाता है इसलिए यह व्यक्ति की सोच भावनाओं और जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों पर गहरा प्रभाव डालता है

    हर्षल पर्वत को अन्य पर्वतों की तुलना में अधिक शक्तिशाली माना गया है कहा जाता है कि जिन लोगों की हथेली पर यह पर्वत संतुलित और स्पष्ट रूप से उभरा हुआ होता है वे जीवन में बड़े और असाधारण कार्य करने की क्षमता रखते हैं ऐसे व्यक्ति अक्सर विज्ञान गणित या रिसर्च जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ते हैं और अपनी मेहनत के दम पर विशेष पहचान बनाते हैं इनकी सोच सामान्य लोगों से अलग होती है और ये नई खोज या नए विचारों के प्रति आकर्षित रहते हैं

    यदि इस पर्वत पर त्रिकोण या चतुर्भुज जैसे शुभ चिह्न दिखाई देते हैं तो इसे अत्यंत शुभ संकेत माना जाता है ऐसे जातक जीवन में तेजी से उन्नति करते हैं और उन्हें अचानक सफलता मिलने की संभावना रहती है ये लोग अपने कार्यक्षेत्र में विश्वस्तरीय पहचान बना सकते हैं और सम्मान प्राप्त करते हैं इनके जीवन में अवसर तेजी से आते हैं और ये उनका सही उपयोग करने में सक्षम होते हैं

    वहीं यदि हर्षल पर्वत का उभार कम होता है तो इसका अर्थ यह नहीं कि व्यक्ति असफल होगा बल्कि ऐसे लोग तकनीकी और मशीनरी से जुड़े कार्यों में अधिक रुचि रखते हैं ये व्यावहारिक सोच वाले होते हैं और अपने करियर में स्थिरता को प्राथमिकता देते हैं ये लोग मेहनती होते हैं और धीरे धीरे सफलता प्राप्त करते हैं

    हर्षल पर्वत से जुड़ी कुछ विशेष स्थितियां भी व्यक्ति के जीवन पर असर डालती हैं जैसे यदि इस पर्वत से कोई रेखा निकलकर अनामिका उंगली की ओर जाती है तो यह संकेत देता है कि व्यक्ति अपने प्रयासों से ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है और समाज में प्रसिद्धि प्राप्त कर सकता है यह एक सकारात्मक संकेत माना जाता है

    इसके विपरीत यदि हर्षल पर्वत का झुकाव बुध पर्वत की ओर होता है तो यह स्थिति थोड़ी चुनौतीपूर्ण मानी जाती है ऐसे लोगों को सम्मान और सफलता पाने के लिए अधिक संघर्ष करना पड़ता है उन्हें अपने लक्ष्य तक पहुंचने में अतिरिक्त प्रयास करने पड़ते हैं

    यदि यह पर्वत नेपच्यून की दिशा में झुका हुआ हो तो जीवन में उतार चढ़ाव बने रह सकते हैं विशेष रूप से वैवाहिक जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए प्रयास करना पड़ता है साथ ही ऐसे लोगों को अपने हृदय स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है

    इस प्रकार हर्षल पर्वत केवल एक सामान्य रेखा या उभार नहीं बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व उसकी सोच और उसके भविष्य की दिशा का महत्वपूर्ण संकेतक है इसे समझकर जीवन के कई पहलुओं को बेहतर तरीके से जाना जा सकता है

  • सुबह उठते ही ज्यादा पानी पीना पड़ सकता है भारी, जानिए सही तरीका

    सुबह उठते ही ज्यादा पानी पीना पड़ सकता है भारी, जानिए सही तरीका


    नई दिल्ली। सुबह उठते ही खूब सारा पानी पीना आजकल एक ट्रेंड बन गया है। कोई तांबे के बर्तन का पानी पीने की सलाह देता है, तो कोई खाली पेट 1 लीटर पानी पीने को फायदेमंद बताता है। लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह आदत हर किसी के लिए सही नहीं होती और कुछ मामलों में सेहत पर उल्टा असर भी डाल सकती है।

    ज्यादा पानी पीने से पाचन पर असर

    सुबह के समय शरीर की पाचन क्रिया धीरे-धीरे सक्रिय होती है। ऐसे में अगर आप एकदम से बहुत ज्यादा पानी पी लेते हैं, तो पाचन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इससे खाना ठीक से पच नहीं पाता और पेट में गैस, भारीपन या कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

    भूख कम लगने की समस्या

    खाली पेट अधिक मात्रा में पानी पीने से पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे भूख कम लगती है। इसका असर आपकी डाइट और पोषण पर पड़ सकता है, क्योंकि शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते।

    पेट दर्द और असहजता

    कई लोगों को सुबह ज्यादा पानी पीने के बाद पेट दर्द या असहजता महसूस होती है। यह शरीर पर अचानक पड़े अतिरिक्त दबाव के कारण हो सकता है।

    क्या है सही तरीका?

    विशेषज्ञों के अनुसार, पानी पीने का सही तरीका यह है:

    सुबह उठकर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पिएं
    एक बार में 1 लीटर पानी पीने से बचें
    गुनगुना पानी बेहतर माना जाता है
    जब प्यास लगे, तभी पानी पिएं
    कैसे पिएं पानी?
    हमेशा बैठकर और धीरे-धीरे (घूंट-घूंट) पानी पिएं
    खड़े होकर पानी पीने से बचें
    पूरे दिन में पानी की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाएं
    मौसम के अनुसार बदलें आदत
    गर्मियों में शरीर को ज्यादा पानी की जरूरत होती है, इसलिए मात्रा बढ़ाई जा सकती है
    सर्दियों में हल्का गुनगुना पानी पर्याप्त होता है
    आयुर्वेद क्या कहता है?

    Ayurveda के अनुसार, हर व्यक्ति की प्रकृति अलग होती है, इसलिए पानी पीने का तरीका भी उसी के अनुसार होना चाहिए। जरूरत से ज्यादा पानी पीना शरीर में असंतुलन पैदा कर सकता है।

    क्यों जरूरी है संतुलन?

    पानी शरीर के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन सही मात्रा और सही समय पर। जरूरत से ज्यादा पानी पीना उतना ही नुकसानदायक हो सकता है जितना कम पानी पीना।

  • 27 साल पुराने FD घोटाले में कांग्रेस विधायक दोषी, 3 साल की सजा, जमानत मिली, विधायकी पर संकट

    27 साल पुराने FD घोटाले में कांग्रेस विधायक दोषी, 3 साल की सजा, जमानत मिली, विधायकी पर संकट


    दतिया । मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 27 साल पुराने एफडी हेराफेरी मामले में कोर्ट ने दोषी करार दिया है। गुरुवार को एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें 3 साल की सजा सुनाई, हालांकि सजा के तुरंत बाद उन्हें जमानत भी दे दी गई। कोर्ट ने उन्हें आपराधिक साजिश (धारा 120B) और धोखाधड़ी व जालसाजी (धारा 420, 467, 468, 471) के तहत दोषी पाया। इस मामले में बैंक लिपिक रघुवीर प्रजापति को भी दोषी ठहराया गया है।

    फर्जी दस्तावेजों से निकाला गया ब्याज
    मामले की शुरुआत 1998 में हुई, जब श्याम सुंदर संस्थान की अध्यक्ष सावित्री श्याम ने दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक में 10 लाख रुपए की एफडी कराई थी। उस समय राजेंद्र भारती बैंक के संचालक मंडल के अध्यक्ष और संस्थान के ट्रस्टी भी थे। आरोप है कि उन्होंने बैंक लिपिक के साथ मिलकर रिकॉर्ड में हेरफेर कर एफडी की अवधि 3 साल से बढ़ाकर 15 साल कर दी। इसके बाद 1999 से 2011 के बीच 13.5% ब्याज दर से हर साल 1.35 लाख रुपए निकाले गए।

    2011 में सामने आया मामला
    साल 2011 में भाजपा नेता पप्पू पुजारी के बैंक अध्यक्ष बनने के बाद इस मामले का खुलासा हुआ। जांच में ऑडिट आपत्ति दर्ज की गई, जिसके चलते 2012 में एफडी भुगतान रोक दिया गया। भुगतान न मिलने पर मामला उपभोक्ता फोरम से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, लेकिन वहां से भी कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद 2015 में तत्कालीन कलेक्टर ने आपराधिक मामला दर्ज कराने की पहल की।

    विधायकी पर खतरा, हाईकोर्ट से राहत की उम्मीद
    कानूनी प्रावधानों के अनुसार, 2 साल या उससे अधिक की सजा होने पर जनप्रतिनिधि की सदस्यता समाप्त हो सकती है। ऐसे में 3 साल की सजा के चलते राजेंद्र भारती की विधायकी पर खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, उन्हें अपील के लिए 60 दिन का समय मिलेगा। यदि हाईकोर्ट से सजा पर स्थगन मिल जाता है, तो उनकी सदस्यता बच सकती है।

    राजनीतिक हलचल तेज, उपचुनाव की संभावना
    विधायक के बेटे अनुज भारती के अनुसार, उनके पिता को जेल भेज दिया गया है और वे इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे। इधर, फैसले के बाद क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। यदि सजा बरकरार रहती है और सीट खाली होती है, तो यहां उपचुनाव कराए जाने की संभावना है।

  • इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने लॉन्च की नई वेबसाइट, अब 'कर फ्रेंड' के साथ टैक्स भरना होगा आसान

    इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने लॉन्च की नई वेबसाइट, अब 'कर फ्रेंड' के साथ टैक्स भरना होगा आसान


    नई दिल्ली  आयकर विभाग ने गुरुवार को नई वेबसाइट लॉन्च की। इस वेबसाइट को प्रतीकात्मक ‘कर मित्र’ के साथ लॉन्च किया गया है। इससे पहले टैक्स भरना सबसे आसान होगा।

    इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से सोशल प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा गया कि नई इनकम टैक्स वेबसाइट शुरू हो गई है। यह धोने में आसान और उपयोग में तेज़ है। इसमें आयकर से जुड़ी सारी जानकारी एक ही स्थान पर मौजूद है।

    पोस्ट में आगे बताया गया है कि इसमें ‘कर फ्रेंड’ दिया गया है जो डायरेक्ट टैक्स डिक्लेरेशन की आपकी यात्रा को आसान बना देगा।

    इस पोस्ट के साथ इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें बताया गया है कि नई इनकम टैक्स वेबसाइट लॉन्च की गई है। इसमें अधिक जानकारी दर्शन वाले डिज़ाइन और स्मार्ट नेविगेशन से उपभोक्ता आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

    विभाग ने सुझाव दिया है कि वेबसाइट को समावेशी और उपभोक्ता मित्रतापूर्वक बनाया और इस्तेमाल किया जा सकता है, मोबाइल और टैबलेट से जोड़ा जा सकता है।

    इनकम टैक्स ने बताया कि वेबसाइट पर कर कानून और नियम, कर की जानकारी और व्यवसायिक और टैक्स ई-सर्विसेज के रूप में यूनीफॉर्म टैक्स टैग दिए गए हैं। जहां से पर्यटक को सारी जानकारी एक ही जगह पर मिलेगी।

    इसमें एफएक्यू, इंटरनेशनल टैक्सेशन, टैक्स कैलेंडर और सरकरोल एविएशन नोटिफिकेशन और इनकम टैक्स प्रावधान जैसे दिशानिर्देश भी दिए गए हैं।

    इसके अलावा, इमसें मेकर आर्टिस्ट ‘कर फ्रेंड’ भी दिया गया है, इससे करदाता टैक्स से अपना कोई भी प्रश्न हिंदी या अंग्रेजी में प्रश्नकर तत्काल समाधान जान सकते हैं।

    पिछले महीने सेंट्रल कर बोर्ड के अध्यक्ष रवि अग्रवाल ने एक इवेंट में ‘कर फ्रेंड’ का ज़िक्र किया था। उन्होंने कहा, “यह धर्मशाला-सक्षम चैटबॉट विभाग की वेबसाइट के माध्यम से करदाताओं को चौबीस घंटे की सहायता प्रदान करेगा।”

  • नर्मदा घाट पर पानी में डूबा युवक, खोज अभियान जारी

    नर्मदा घाट पर पानी में डूबा युवक, खोज अभियान जारी


    नरसिंहपुर । मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के साईंखेड़ा थाना क्षेत्र में स्थित पीपरपानी नर्मदा घाट पर आज सुबह एक युवक डूबने की घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार युवक रमेश दलित निवासी छेना कछार गांव चीचली ब्लॉक अपने परिवार के साथ अपने रिश्तेदार के घर आया हुआ था। नहाने के दौरान वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूब गया।

    घटना के तुरंत बाद परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने युवक को बचाने का प्रयास किया लेकिन गहराई और बहाव के कारण वह पानी में दिखाई नहीं दिया। घटना के बाद से ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा युवक की तलाश जारी है। मौके पर पीएससी और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ कुछ स्वयंसेवी लोग भी मदद कर रहे हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि नर्मदा नदी का यह हिस्सा बारिश और पानी के बहाव के कारण खतरनाक माना जाता है। घाट पर सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं होने के कारण ऐसे हादसे अक्सर होते रहते हैं। पुलिस ने परिवार को शांति बनाए रखने और घटनास्थल पर सहयोग करने की सलाह दी है।

    पुलिस ने बताया कि तलाश अभियान रात और दिन दोनों समय जारी रहेगा। डुबे हुए युवक को निकालने के लिए गोताखोरों और स्थानीय प्रशासन की टीम लगाए गए हैं। नदी के आसपास के इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि कोई और दुर्घटना न हो।

    स्थानीय प्रशासन ने अपील की है कि लोग नदी के गहरे हिस्सों में न जाएं और बच्चों या युवाओं को अकेले न जाने दें। साथ ही उन्होंने नहाने के लिए सुरक्षित घाटों का ही उपयोग करने की चेतावनी दी है।

    परिवार ने बताया कि रमेश दलित अपने रिश्तेदार के घर आया हुआ था और वे सब नर्मदा घाट पर नहाने आए थे। वह अचानक गहरे पानी में चला गया और उसके डूबने के बाद से उसे खोजा जा रहा है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और सभी सदस्यों ने प्रशासन से पूरी मदद की अपील की है।

    घटना ने स्थानीय लोगों में सुरक्षा के प्रति गंभीर चिंता पैदा कर दी है। प्रशासन और पुलिस ने कहा है कि नदी और घाट पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए जल्द ही कुछ उपाय किए जाएंगे ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    इस बीच डूबे युवक की तलाश जारी है और गोताखोर एवं पुलिस टीम सभी प्रयास कर रही है कि रमेश दलित को सुरक्षित निकाला जा सके। यह हादसा नर्मदा घाटों पर सुरक्षा के अभाव और नदी के खतरनाक बहाव को लेकर एक चेतावनी भी है।