Blog

  • SBI के करोड़ों ग्राहकों के लिए जरूरी खबर! क्या आधार अपडेट नहीं किया तो ब्लॉक हो जाएगा YONO ऐप?

    SBI के करोड़ों ग्राहकों के लिए जरूरी खबर! क्या आधार अपडेट नहीं किया तो ब्लॉक हो जाएगा YONO ऐप?

    नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के करोड़ों ग्राहकों के लिए एक बेहद अहम चेतावनी सामने आई है। अगर आप भी SBI के ग्राहक हैं, तो यह खबर आपके लिए जानना बहुत ज़रूरी है। इन दिनों SBI ग्राहकों के WhatsApp पर बैंक के नाम से एक संदिग्ध मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। इस मैसेज में दावा किया जा रहा है कि अगर ग्राहक ने अपना आधार अपडेट नहीं किया, तो उसका SBI YONO मोबाइल ऐप ब्लॉक कर दिया जाएगा।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस मैसेज के साथ एक APK फाइल भी भेजी जा रही है और ग्राहकों से इसे तुरंत इंस्टॉल करने को कहा जा रहा है। साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह मैसेज पूरी तरह फर्जी है और इसका मकसद ग्राहकों की निजी जानकारी और बैंक डिटेल्स चुराना है।

    जैसे ही कोई ग्राहक इस APK फाइल को डाउनलोड करता है, उसके मोबाइल का कंट्रोल साइबर ठगों के हाथ में जा सकता है। इसके बाद बैंक अकाउंट खाली होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

    ध्यान रखें, SBI या कोई भी बैंक कभी WhatsApp पर APK फाइल भेजकर ऐप डाउनलोड करने को नहीं कहता। अगर आपके पास ऐसा कोई मैसेज आए, तो उसे तुरंत डिलीट करें और किसी भी लिंक या फाइल पर क्लिक न करें।

    साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहें और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत बैंक या साइबर हेल्पलाइन को दें। आपकी एक छोटी सी गलती भारी नुकसान में बदल सकती है।

  • बेटे ‘काजू’ के जन्म के 3 हफ्ते बाद काम पर लौटीं भारती सिंह, पपाराजी को बांटी मिठाई बोलीं-किशमिश सोची थी, काजू आ गया

    बेटे ‘काजू’ के जन्म के 3 हफ्ते बाद काम पर लौटीं भारती सिंह, पपाराजी को बांटी मिठाई बोलीं-किशमिश सोची थी, काजू आ गया


    नई दिल्ली। मशहूर कॉमेडियन और टीवी स्टार भारती सिंह ने एक बार फिर अपने जज्बे और प्रोफेशनलिज्म से सभी को प्रभावित किया है। 19 दिसंबर को अपने दूसरे बेटे ‘काजू’ को जन्म देने के महज तीन हफ्ते बाद ही भारती दोबारा काम पर लौट आई हैं। बुधवार को वह अपने लोकप्रिय टीवी शो लाफ्टर शेफ्स: सीजन 3 के सेट पर नजर आईं, जहां उन्होंने पूरे उत्साह और मुस्कान के साथ शूटिंग शुरू की।

    सेट पर पहुंचते ही भारती सिंह ने मीडिया कर्मियों को मिठाई बांटी और खुशी-खुशी कैमरों के सामने पोज दिए। इस दौरान जब पपाराजी ने उन्हें दूसरे बच्चे के लिए बधाई दी, तो भारती ने अपने चिर-परिचित हास्य अंदाज में कहा, सोचा था किशमिश आएगी, लेकिन काजू आ गया।

    भारती का यह मजेदार बयान सुनकर वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़े।

    इसी बीच एक फोटोग्राफर ने मजाक में कहा कि तीसरा बच्चा जरूर बेटी होगा। इस पर भारती ने तुरंत जवाब दिया, “अब बस यही करती रहूं क्या? शूटिंग भी तो करनी होती है।” उनकी इस बेबाक प्रतिक्रिया ने माहौल को और हल्का बना दिया।

    हालांकि, इतनी जल्दी काम पर लौटने को लेकर सोशल मीडिया पर फैंस की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने भारती की हिम्मत और मेहनत की सराहना की, जबकि कुछ ने उन्हें आराम करने की सलाह दी। एक यूजर ने लिखा, इतनी जल्दी काम पर आ गईं, थोड़ा आराम भी जरूरी है।” वहीं दूसरे ने कहा, “स्ट्रॉन्ग वुमन, सलाम है भारती दी। कई दर्शकों ने यह भी कहा कि भारती के बिना शो अधूरा लगता है।

    भारती सिंह और उनके पति, लेखक-प्रोड्यूसर हर्ष लिम्बाचिया ने वर्ष 2017 में शादी की थी। अप्रैल 2022 में दोनों ने अपने पहले बेटे लक्ष्य लिम्बाचिया का स्वागत किया था। इसके बाद 19 दिसंबर 2025 को उनके घर दूसरे बेटे का जन्म हुआ, जिसे कपल प्यार से ‘काजू’ कहकर बुलाता है। गर्भावस्था के दौरान भारती और हर्ष कई बार यह इच्छा जता चुके थे कि वे बेटी चाहते हैं। एक पॉडकास्ट के दौरान भारती ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा था कि अगर दूसरी संतान बेटी नहीं हुई, तो वे भविष्य में फिर कोशिश कर सकते हैं।
    वर्क फ्रंट की बात करें तो भारती सिंह एक बार फिर लाफ्टर शेफ्स: सीजन 3 की मेजबानी करती नजर आ रही हैं। इस शो में उनके साथ मशहूर शेफ हरपाल सिंह सोखी भी हैं। शो में अली गोनी, करण कुंद्रा, ईशा सिंह, ईशा मालवीय, तेजस्वी प्रकाश, एल्विश यादव, कृष्णा अभिषेक और कश्मीरा शाह जैसे सितारे हिस्सा ले रहे हैं। यह कुकिंग रियलिटी शो कलर्स टीवी पर प्रसारित हो रहा है और जियोहॉटस्टार पर भी उपलब्ध है।कॉमेडियन भारती सिंह अपने दूसरे बेटे ‘काजू’ के जन्म के महज तीन हफ्ते बाद काम पर लौट आईं और लाफ्टर शेफ्स: सीजन 3 के सेट पर पपाराजी को मिठाई बांटी।

  • एक्ट्रेस डैजी शाह के घर के पास लगी आग, चुनावी प्रचार के दौरान पटाखों से हादसे का आरोप

    एक्ट्रेस डैजी शाह के घर के पास लगी आग, चुनावी प्रचार के दौरान पटाखों से हादसे का आरोप


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री डैजी शाह के घर के पास मंगलवार को आग लगने की एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसने चुनावी प्रचार के दौरान सुरक्षा और जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हादसा मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके में उस समय हुआ, जब क्षेत्र में चुनावी प्रचार गतिविधियां चल रही थीं। डैजी शाह ने इस आगजनी के लिए एक राजनीतिक पार्टी के प्रचार कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार बताया है।

    डैजी शाह के अनुसार, उनके घर से सटी एक इमारत के बाहर चुनाव प्रचार के दौरान पटाखे फोड़े गए, जिनसे आग भड़क उठी। घटना के तुरंत बाद एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें जलती हुई बिल्डिंग और आसपास अफरा-तफरी का माहौल साफ देखा जा सकता है। वीडियो में डैजी शाह गुस्से और चिंता के साथ यह कहते हुए नजर आती हैं कि ऐसी हरकतें बेहद खतरनाक हैं और इससे किसी की जान भी जा सकती थी।वीडियो में डैजी शाह कहती हैं कि प्रचार के दौरान सड़क पर और रिहायशी इमारत के बेहद करीब पटाखे जलाए गए, जबकि यह इलाका पूरी तरह से रेसिडेंशियल है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना किसी अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था के इस तरह के पटाखे फोड़ने की इजाजत आखिर किसने दी। अभिनेत्री ने बताया कि आग जिस बिल्डिंग में लगी, वह उनके घर के बिल्कुल पास है और कुछ देर के लिए स्थिति काफी भयावह हो गई थी।

    डैजी शाह ने यह भी आरोप लगाया कि आग लगते ही प्रचार में शामिल लोग मौके से भाग गए। उनके मुताबिक, करीब 200 लोगों का एक समूह वहां मौजूद था, लेकिन जैसे ही आग भड़की, सभी वहां से गायब हो गए और स्थिति को संभालने की कोई कोशिश नहीं की गई। उन्होंने इस पूरे मामले में एक राजनीतिक पार्टी पर सीधा निशाना साधते हुए नागरिक समझ और जिम्मेदारी की कमी का आरोप लगाया।अपने पोस्ट के कैप्शन में डैजी शाह ने साफ किया कि उनका किसी भी राजनीतिक दल से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मामला राजनीति का नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा का है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बिल्डिंग कमेटी ने पहले ही प्रचार के लिए घर-घर जाकर कैंपेन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, जिससे एक बड़ा खतरा टल गया।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, इस घटना ने चुनावी प्रचार के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है।

  • सत्य की जीत हुई है, हाईकोर्ट के आदेश के बाद विपक्ष पर बरसे भाजपा नेता दुष्यंत गौतम

    सत्य की जीत हुई है, हाईकोर्ट के आदेश के बाद विपक्ष पर बरसे भाजपा नेता दुष्यंत गौतम


    नई दिल्ली । अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिलने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम ने कांग्रेसआम आदमी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद दुष्यंत गौतम ने इसे सत्य की जीत बताते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर हमेशा से पूरा भरोसा रहा है और अदालत के फैसले ने यह साबित कर दिया है कि झूठ कितनी भी जोर से फैलाया जाएअंततः टिक नहीं पाता।

    दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत करते हुए दुष्यंत गौतम ने कहा कि वे हमेशा संविधान और कानून के दायरे में रहकर काम करते आए हैं। उन्होंने कहा“सत्यमेव जयते। अंत में सच की ही जीत होती है। आज अदालत के आदेश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि झूठ और दुष्प्रचार की एक सीमा होती है।उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। दुष्यंत गौतम ने कहा कि एक बेटी की निर्मम हत्या को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हर छह महीने बाद एक नया नैरेटिव गढ़ा जाता हैकभी उनका नाम जोड़ा जाता हैतो कभी किसी और का। इससे न तो सच्चाई सामने आती है और न ही पीड़ित बेटी को न्याय मिलता है।

    भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेसआम आदमी पार्टी और उत्तराखंड क्रांति दल मिलकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे थे।मेरी मानहानि की गईमेरी छवि को नुकसान पहुंचाया गया और उस बेटी का बार-बार अपमान किया गया। सोशल मीडिया पर जो वीडियो और पोस्ट डाली गईंवे पूरी तरह झूठी थीं और उन्हें तुरंत हटाया जाना चाहिए, उन्होंने कहदुष्यंत गौतम ने स्पष्ट किया कि घटना के समय वे उत्तराखंड गए ही नहीं थे। उन्होंने कहा कि उनकी लोकेशनकार्यक्रम और आधिकारिक रिकॉर्ड यह साफ दिखाते हैं कि उनके खिलाफ फैलाया गया प्रचार पूरी तरह झूठा और द्वेषपूर्ण था। इसके बावजूद उन्होंने लंबे समय तक चुप रहना उचित समझाक्योंकि वे सत्य के साथ खड़े थे।

    उन्होंने यह भी बताया कि लगातार आरोपों और सोशल मीडिया ट्रायल के कारण उन्हें मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी।मैं विचलित भी हुआदुखी भी। मेरी छवि को नुकसान पहुंचा। लेकिन जब झूठ पूरे देश में फैलाया जाने लगा और पानी सिर के ऊपर चला गयातब मुझे मानहानि का मुकदमा दर्ज कराना पड़ा, उन्होंने कहा।इस बीचदिल्ली हाईकोर्ट ने दुष्यंत कुमार गौतम की मानहानि याचिका पर सुनवाई करते हुए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को निर्देश दिया कि वे 24 घंटे के भीतर सभी सोशल मीडिया पोस्ट हटाएंजिनमें उन्हें अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ा गया है। न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा ने अंतरिम आदेश में दोनों दलों को भविष्य में भी ऐसी कोई सामग्री पोस्ट करने से रोक दिया है।

  • JNU नारेबाजी पर उमर खालिद के पिता का बड़ा हमला: बोले-विरोध अब अपराध बन गया, कन्हैया कुमार राजनीतिक दबाव में चुप

    JNU नारेबाजी पर उमर खालिद के पिता का बड़ा हमला: बोले-विरोध अब अपराध बन गया, कन्हैया कुमार राजनीतिक दबाव में चुप


    नई दिल्ली।  जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में हाल ही में हुई नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन को लेकर उमर खालिद के पिता सैयद कासिम रसूल इलियास ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मौजूदा हालात पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में अब विरोध करना अपराध बनता जा रहा है, जबकि गंभीर अपराधों के दोषियों को आसानी से जमानत मिल जाती है। उनका कहना है कि यह स्थिति लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी के लिए बेहद चिंताजनक है।
    सैयद कासिम रसूल इलियास ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि उमर खालिद और शरजील इमाम को मिली जमानत के खिलाफ कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान कुछ नारे जरूर लगाए गए, लेकिन कोई आधिकारिक बयान या भड़काऊ भाषण नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, “यह विरोध न तो हिंसक था और न ही किसी कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने वाला, फिर भी एफआईआर दर्ज कर चार्जशीट तैयार कर दी गई। यह दर्शाता है कि असहमति को दबाने का एक चलन बन चुका है।”

    उमर खालिद के पिता ने आरोप लगाया कि उनके बेटे के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं होने के बावजूद उसे लंबे समय तक जेल में रखा गया।

    उन्होंने कहा कि दंगों के समय उमर खालिद की मौजूदगी तक साबित नहीं हो पाई, इसके बावजूद उसे जमानत नहीं दी गई, जबकि उसी एफआईआर में नामजद कुछ अन्य आरोपियों को राहत मिल चुकी है। उन्होंने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया और कहा कि यह सब एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।

    कासिम रसूल इलियास ने इस पूरे मामले में कन्हैया कुमार का जिक्र करते हुए भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कन्हैया कुमार और उमर खालिद दोनों जेएनयू में सहपाठी रहे हैं और 2016 के मामले में दोनों को आरोपी बनाया गया था। इसके बावजूद कन्हैया कुमार इस मुद्दे पर खुलकर बोलने से बच रहे हैं।

    उन्होंने कहा, “कन्हैया कुमार अब एक राजनेता हैं और किसी राजनीतिक दल से जुड़े हुए हैं। पार्टी और राजनीति से जुड़े दबावों के कारण वे उमर खालिद के मुद्दे पर सवाल उठाने से पीछे हट रहे हैं। यह स्थिति अजीब जरूर है, लेकिन उनकी राजनीतिक मजबूरियां उनके पैरों में बेड़ियों की तरह हैं।”

    सैयद कासिम का मानना है कि मौजूदा दौर में छात्रों और युवा वर्ग के लिए शांतिपूर्ण विरोध करना बेहद मुश्किल होता जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि जब देश में बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों के आरोपी भी जमानत पा जाते हैं, तो केवल नारे लगाने या विरोध दर्ज कराने वालों को निशाना बनाना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।

    उन्होंने आगे कहा कि राजनीति और निजी स्वार्थों के चलते असल मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है। यदि राजनीतिक हस्तक्षेप न हो, तो उमर खालिद जैसे मामलों में निष्पक्ष और त्वरित न्याय संभव हो सकता है। उनके अनुसार, प्रशासन और न्यायपालिका को राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर काम करना चाहिए।

    सैयद कासिम रसूल इलियास ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति की आवाज़ को दबाना समाज के लिए खतरनाक संकेत है।

    उन्होंने उम्मीद जताई कि समाज, न्यायपालिका और संस्थाएं मिलकर यह सुनिश्चित करेंगी कि छात्रों और नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुरक्षित रहे।

    इस बयान से साफ है कि उमर खालिद के परिवार के लिए न्याय की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उनके पिता का मानना है कि न्याय और राजनीति के बीच संतुलन बनाए रखना आज की सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है, और यदि इस पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो लोकतांत्रिक मूल्यों को गहरी चोट पहुंच सकती है।

  • राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी का आयोजन बालोद में 9 से 13 जनवरी तक होगी ऐतिहासिक मेगा इवेंट

    राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी का आयोजन बालोद में 9 से 13 जनवरी तक होगी ऐतिहासिक मेगा इवेंट


    नई दिल्ली । बालोद जिले में 9 से 13 जनवरी तक होने वाला राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी अब किसी भी शंका या विवाद से परे स्पष्ट रूप से निर्धारित हो चुका है। भारत स्काउट एवं गाइड छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने पुष्टि की है कि यह आयोजन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बालोद के दुधली में होगा। इससे पहले इस आयोजन को लेकर कई अफवाहें और अटकलें चल रही थीं जिन पर अब विराम लग चुका है।

    14 000 प्रतिभागियों का मेगा इवेंट

    यह जम्बूरी भारत स्काउट एवं गाइड नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित होने वाला देश का पहला राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी है जिसमें देश-विदेश से लगभग 14 000 प्रतिभागी भाग लेंगे। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ से लगभग 4 292 स्काउट और गाइड शामिल होंगे। इस जम्बूरी के माध्यम से न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश को एक नई पहचान मिलेगी क्योंकि इसमें अंतरराष्ट्रीय सहभागिता भी देखने को मिलेगी।

    तैयारियों में तेजी

    राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने बताया कि इस आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह से नियमों के अनुसार की जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासन भारत स्काउट एवं गाइड संगठन और स्वयंसेवकों की टीम मिलकर काम कर रही है। आयोजन स्थल की तैयारियां भी अपनी अंतिम रूपरेखा में हैं ताकि आने वाले 14 000 प्रतिभागियों के लिए सभी सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।

    बालोद को मिलेगी नई पहचान

    इंद्रजीत सिंह ने कहा इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन से न केवल बालोद बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को देश और विदेश में एक नई पहचान मिलेगी। हजारों रोवर-रेंजरों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान होगा जिससे युवा शक्ति को नेतृत्व अनुशासन और सेवा भाव का अहम संदेश मिलेगा। यह आयोजन एक ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है जो युवाओं को प्रेरित करने और उनके अंदर देशप्रेम और सामाजिक सेवा की भावना को मजबूत करने का एक बेहतरीन मंच साबित होगा।

    युवाओं के लिए ऐतिहासिक अवसर

    पहला राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा जिससे उन्हें स्काउट-गाइड आंदोलन की मूल भावना – सेवा अनुशासन और देशप्रेम को और सशक्त बनाने का अवसर मिलेगा। बालोद में होने वाला यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए एक गौरव का विषय है और यह न केवल राज्य के बल्कि देश के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

  • T20 World Cup 2026 ICC के फैसले के बाद बांग्लादेश को भारत में ही खेलने होंगे मैच BCB का बड़ा बयान

    T20 World Cup 2026 ICC के फैसले के बाद बांग्लादेश को भारत में ही खेलने होंगे मैच BCB का बड़ा बयान


    नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 के आयोजन को लेकर भारत और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड BCB के बीच जो तनाव बना हुआ था वह अब लगभग समाप्त होता हुआ नजर आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ICC ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की उस मांग को खारिज कर दिया जिसमें उसने भारत में होने वाले अपने मैच किसी अन्य देश में कराने का अनुरोध किया था। ICC के इस सख्त रुख के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि बांग्लादेश की टीम को भारत में ही अपने सभी निर्धारित मुकाबले खेलने होंगे।

    ICC का सख्त रुख

    ICC ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर बांग्लादेश टीम भारत आने से इनकार करती है तो उसे टूर्नामेंट के अंक गंवाने पड़ सकते हैं। इसके अलावा ICC ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को यह आश्वासन भी दिया कि बांग्लादेश टीम को पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी और टूर्नामेंट के दौरान उसकी सुरक्षा को लेकर कोई भी लापरवाही नहीं बरती जाएगी। इसके बाद BCB ने आधिकारिक बयान जारी किया जिसमें उन्होंने ICC की ओर से प्राप्त लिखित जवाब का उल्लेख किया। BCB ने बताया कि ICC ने बांग्लादेश की सुरक्षा संबंधित सभी चिंताओं का समाधान किया है और टीम को भारत में खेलने के लिए पूरी तरह से आश्वस्त किया है।

    BCB का बयान

    BCB ने अपने बयान में कहा हमें ICC की ओर से लिखित जवाब प्राप्त हुआ है जिसमें हमारे सभी सुरक्षा संबंधी मुद्दों का समाधान किया गया है। ICC ने आश्वस्त किया है कि बांग्लादेश टीम को पूरी सुरक्षा दी जाएगी और हम बिना किसी परेशानी के भारत में अपने मुकाबले खेल सकेंगे। इसके साथ ही BCB ने यह भी बताया कि ICC ने टूर्नामेंट से जुड़े किसी भी सुझाव या इनपुट को गंभीरता से लेने का वादा किया है और इस पर काम करने को तैयार है। हालांकि ICC की ओर से इस मामले पर कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।

    भारत में खेले जाएंगे अहम मुकाबले

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश टीम को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स स्टेडियम में तीन अहम मुकाबले खेलने हैं। बांग्लादेश का पहला मैच 7 फरवरी को वेस्टइंडीज के खिलाफ होगा इसके बाद 9 फरवरी को इटली और 14 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले होंगे। इसके अलावा बांग्लादेश को 17 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में नेपाल के खिलाफ भी मुकाबला खेलना है। इस टूर्नामेंट के दौरान बांग्लादेश के लिए कई महत्वपूर्ण मुकाबले होंगे और यह टीम की प्रगति के लिए एक अहम अवसर साबित हो सकता है।

    आखिरकार स्थिति स्पष्ट

    ICC के फैसले और सुरक्षा के पुख्ता आश्वासन के बाद अब यह लगभग साफ हो चुका है कि बांग्लादेश टीम 2026 में होने वाले T20 वर्ल्ड कप के अपने सभी मुकाबले भारत में ही खेलेगी। ICC का यह रुख टूर्नामेंट की तैयारियों को और मजबूती प्रदान करता है साथ ही यह संदेश भी देता है कि भारत में होने वाले इस मेगा इवेंट में सभी टीमों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

  • जेब में सिर्फ 300 रुपये, दिल में बड़े सपने: यश के संघर्ष से सुपरस्टार बनने तक की कहानी

    जेब में सिर्फ 300 रुपये, दिल में बड़े सपने: यश के संघर्ष से सुपरस्टार बनने तक की कहानी


    नई दिल्ली । साउथ फिल्म इंडस्ट्री में जब भी मेहनत और संघर्ष से सफलता पाने वाले कलाकारों की बात होती है तो अभिनेता यश का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। आज करोड़ों दिलों पर राज करने वाले यश का सफर आसान नहीं रहा। जेब में सिर्फ 300 रुपये और आंखों में बड़े सपने लेकर घर छोड़ने वाला यह युवक आज भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में गिना जाता है।

    अभिनेता यश का जन्म 8 जनवरी 1986 को कर्नाटक के हासन जिले के छोटे से गांव भुवनहल्ली में हुआ था। उनका असली नाम नवीन कुमार गौड़ा है। उनके पिता बीएमटीसी में बस चालक थे और माता एक गृहिणी थीं। परिवार साधारण था और माता-पिता चाहते थे कि बेटा पढ़-लिखकर सुरक्षित सरकारी नौकरी करे। लेकिन यश का मन बचपन से ही अभिनय की दुनिया में बस चुका था।स्कूल के दिनों में यश नाटकों और डांस प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते थे। मंच पर तालियों की गूंज उन्हें खास सुकून देती थी और यहीं से उनके भीतर अभिनेता बनने का सपना मजबूत होता गया। जब परिवार ने उनके इस सपने का विरोध किया तो यश ने एक कठिन लेकिन साहसी फैसला लिया। वह सिर्फ 300 रुपये लेकर घर से निकल पड़े और बेंगलुरु का रुख किया। उन्हें डर था कि अगर वापस लौटे तो फिर कभी अपने सपनों के पीछे नहीं भाग पाएंगे।

    बेंगलुरु पहुंचकर यश ने थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की। शुरुआती दिनों में उन्हें बड़े रोल नहीं मिले। वह बैकस्टेज काम करते रिप्लेसमेंट कलाकार बनते और छोटे-छोटे किरदार निभाते रहे। कई बार हालात इतने मुश्किल हुए कि गुजारा करना भी चुनौती बन गया लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। यही संघर्ष उनके भविष्य की मजबूत नींव बना।साल 2008 में यश को कन्नड़ फिल्म मोगिना मनासु से सिनेमा में पहला बड़ा मौका मिला। इस फिल्म में उनके अभिनय को काफी सराहा गया और उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर भी मिला। इसके बाद राजधानी गजकेसरी मास्टरपीस जैसी फिल्मों ने उन्हें कन्नड़ सिनेमा का जाना-पहचाना चेहरा बना दिया।

    हालांकि यश की जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ 2018 में आया जब केजीएफ चैप्टर 1 रिलीज हुई। फिल्म में रॉकी भाई का किरदार निभाकर उन्होंने पूरे देश में पहचान बना ली। इसके बाद केजीएफ चैप्टर 2 ने इतिहास रच दिया और 1100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर कन्नड़ सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाई।निजी जीवन में यश ने अपनी को-स्टार राधिका पंडित से 2016 में शादी की। दोनों ने मिलकर यशो मार्ग फाउंडेशन की शुरुआत की जो ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और जल संरक्षण के लिए काम करता है। आज यश सिर्फ एक सुपरस्टार नहीं बल्कि संघर्ष आत्मविश्वास और मेहनत की मिसाल बन चुके हैं।

  • इरफान खान की 59वीं जयंती पर बेटे बाबिल का इमोशनल ट्रिब्‍यूट बचपन की यादों के साथ पापा को किया याद

    इरफान खान की 59वीं जयंती पर बेटे बाबिल का इमोशनल ट्रिब्‍यूट बचपन की यादों के साथ पापा को किया याद


    नई दिल्ली ।आज बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता इरफान खान की 59वीं जयंती है। इस खास मौके पर उनके बेटे बाबिल खान ने पिता के साथ अपनी बचपन की यादों को साझा करते हुए एक बेहद इमोशनल पोस्ट इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। बाबिल ने अपने पिता के साथ अपनी दो प्यारी तस्वीरें साझा की जो दर्शाती हैं कि इरफान के साथ उनका बचपन कितना खास और नज़दीकी था। इन तस्वीरों के साथ बाबिल ने जो कैप्शन लिखा वह दिल को छूने वाला था जिसमें उन्होंने अपने पापा के साथ बिताए गए सरल और प्यारे पलों का जिक्र किया।

    बाबिल ने पहली फोटो में अपनी और इरफान की एक पुरानी तस्वीर साझा की जिसमें वह अपने पिता के ऊपर पैर फैलाए एक बिस्तर पर लेटे हुए हैं। इस तस्वीर में इरफान खान आराम से लेटे हुए हैं और बाबिल उनके ऊपर बेफिक्री से सो रहे हैं। इस दृश्य में साधारण तकिए और कुछ घरेलू सामानों के साथ एक सुकूनभरी घरेलू माहौल का अहसास होता है। दूसरी तस्वीर में बाबिल और इरफान खान दोनों आमने-सामने खड़े हुए हैं जिसमें पित-पुत्र के रिश्ते की नजदीकी और समझ दिखाई देती है।

    बाबिल ने कैप्शन में लिखा आपकी तस्वीरें मेरी तस्वीरें। मैं उन पर कूदने और उनकी पीठ पर सो जाने से पहले ‘सोफा मोड एक्टिवेटेड’ कहता था । यह कैप्शन उनकी और उनके पिता की मस्ती और सजीव यादों को खूबसूरती से बयां करता है। बाबिल का यह भावुक पोस्ट दर्शाता है कि कैसे वह अपने पिता के साथ बिताए गए समय को हमेशा अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा मानते हैं।

    इरफान खान ने 29 अप्रैल 2020 को दुनिया को अलविदा कहा था जब वह महज 53 वर्ष के थे और गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। इरफान खान का निधन फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा नुकसान था। उन्होंने अपनी फिल्मी यात्रा की शुरुआत 1998 में फिल्म सलाम बॉम्बे से की थी और उसके बाद उन्होंने कई यादगार और बेहतरीन फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। उनकी अभिनय शैली और मजबूत काया आज भी लोगों के दिलों में जीवित है। चाहे वह हासिल पान सिंह तोमर लाइफ ऑफ पाई दी लंचबॉक्स जैसी फिल्में हों इरफान ने हर रोल में खुद को साबित किया।

    इरफान खान का जीवन और करियर एक प्रेरणा है और उनके योगदान को फिल्म इंडस्ट्री कभी नहीं भूल पाएगी। बाबिल के इस पोस्ट के जरिए उनके पिता के साथ उनके रिश्ते की खूबसूरत झलक भी देखने को मिली। बाबिल आज भले ही खुद फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा बन गए हों लेकिन उनके लिए इरफान खान हमेशा एक आदर्श और प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।
    इरफान खान की जयंती पर बाबिल का यह इमोशनल ट्रिब्‍यूट उन यादों को ताज़ा करता है जो हमेशा उनके दिल में जिंदा रहेंगी।

  • सेंसेक्स-निफ्टी में हल्की गिरावट, मिडकैप शेयरों ने दिखाई मजबूती..

    सेंसेक्स-निफ्टी में हल्की गिरावट, मिडकैप शेयरों ने दिखाई मजबूती..

    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में उतारचढ़ाव भरे कारोबार के बाद हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ। वैश्विक संकेतों की अनिश्चितता और अहम आर्थिक आंकड़ों से पहले निवेशकों की सतर्कता के कारण लार्जकैप शेयरों पर दबाव देखने को मिला। दिन के अंत में बीएसई सेंसेक्स 102.20 अंक यानी 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84961.14 के स्तर पर बंद हुआ जबकि एनएसई निफ्टी 37.95 अंक या 0.14 प्रतिशत फिसलकर 26140.75 पर आ गया।

    हालांकि प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी रही लेकिन बाजार के व्यापक हिस्से में सकारात्मक रुझान देखने को मिला। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 276.15 अंक या 0.45 प्रतिशत की मजबूती के साथ 61424.70 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 70.65 अंक या 0.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 17958.50 पर बंद हुआ। इससे साफ है कि निवेशक चुनिंदा शेयरों में अवसर तलाशते नजर आए।सेक्टोरल आधार पर आईटी शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.87 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ। इसके अलावा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.69 प्रतिशत निफ्टी फार्मा 0.69 प्रतिशत निफ्टी इंडिया डिफेंस 0.65 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 0.07 प्रतिशत में भी मजबूती देखने को मिली।

    वहीं दूसरी ओर ऑटो और वित्तीय शेयरों में मुनाफावसूली के चलते गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी ऑटो 0.80 प्रतिशत निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.66 प्रतिशत निफ्टी इन्फ्रा 0.50 प्रतिशत निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.33 प्रतिशत और निफ्टी कमोडिटीज 0.31 प्रतिशत कमजोर होकर बंद हुए।सेंसेक्स के गेनर्स की सूची में टाइटन एचसीएल टेक टेक महिंद्रा इन्फोसिस सन फार्मा टीसीएस आईसीआईसीआई बैंक एलएंडटी बीईएल और ट्रेंट शामिल रहे। वहीं मारुति सुजुकी पावर ग्रिड एचडीएफसी बैंक एशियन पेंट्स टाटा स्टील एचयूएल एसबीआई भारती एयरटेल एमएंडएम बजाज फाइनेंस इंडिगो और बजाज फिनसर्व प्रमुख लूजर्स रहे।

    जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजों और अमेरिका के अहम रोजगार आंकड़ों से पहले निवेशक जोखिम से बचने की रणनीति अपना रहे हैं। वैश्विक व्यापार अनिश्चितता और चीन द्वारा दुर्लभ धातुओं के निर्यात पर प्रतिबंध जैसे कारकों से बाजार सीमित दायरे में बना रह सकता है। हालांकि आईटी फार्मा और मिडकैप शेयरों में चुनिंदा खरीदारी से बाजार को कुछ राहत मिली है।