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  • गोल्ड लोन का क्रेज… नवंबर 2025 तक 125% की वृद्धि, बैंक ऋण से 10 गुना ज्यादा

    गोल्ड लोन का क्रेज… नवंबर 2025 तक 125% की वृद्धि, बैंक ऋण से 10 गुना ज्यादा


    नई दिल्ली।
    नवंबर 2025 के अंत तक, गोल्ड लोन (Gold Loan) में साल-दर-साल 125% की भारी वृद्धि (Massive Increase of 125%) दर्ज की गई है, जो कुल बैंक ऋण (Bank loan) की 11.5% वृद्धि दर से लगभग दस गुना अधिक है। गोल्ड लोन में यह उछाल पिछले साल 77% की वृद्धि के बाद आया है और यह सोने की बढ़ती कीमतों के दौर में हुआ है। हालांकि, गोल्ड लोन की कुल बकाया राशि 3.6 लाख करोड़ रुपये है, जो कुल बैंक ऋण का 2% से भी कम है, लेकिन नवंबर 2025 तक दिए गए नए कुल ऋण में इसका योगदान 12% रहा।


    तेजी के तीन कारण

    एक खबर के मुताबिक पिछले 12 महीनों में इस पोर्टफोलियो में लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। बैंकरों ने इस तेजी के तीन कारण बताए हैं। ऋणदाताओं का सिक्योर्ड लोन देने की तरफ झुकाव, सोने की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से घरों में उधार लेने की क्षमता बढ़ना और आरबीआई के निर्देश के बाद कुछ रिटेल लोन का पुनर्वर्गीकरण, जिसमें कहा गया था कि सोने के गहनों से सुरक्षित कृषि ऋणों को गोल्ड लोन के रूप में वर्गीकृत किया जाना चाहिए। गोल्ड लोन और एमएसएमई ऋण वृद्धि के प्रमुख चालक बनकर उभरे हैं।

    एमएसएमई को दिया गया लोन, जो लगभग 9.5 लाख करोड़ रुपये के साथ कुल बकाया ऋण का लगभग 5% है, नए ऋण में भी लगभग 12% की समान हिस्सेदारी रखता है, जिसमें वित्त वर्ष 2026 में 1.5 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।


    बड़े उद्योगों के लिए कर्ज में कमी

    जैसे-जैसे बड़ी कंपनियां बैंक उधार लेने से कम रुचि ले रही हैं और ऋणदाता बिना जमानत वाले (अनसिक्योर्ड) ऋणों को लेकर सतर्क हो रहे हैं, बैंकिंग क्षेत्र का ऋण मिश्रण अपने पारंपरिक आधारों से दूर जा रहा है। लेटेस्ट आंकड़ों से संकेत मिलता है कि बड़े उद्योग क्षेत्र की गति धीमी पड़ रही है। 28.7 लाख करोड़ रुपये के बकाया ऋण के साथ यह क्षेत्र कुल बकाया ऋण का 15% हिस्सा रखता है, लेकिन नए ऋणों में इसकी हिस्सेदारी महज 3.6% रही है, जिसमें 46,090 करोड़ रुपये का ही इजाफा हुआ।


    बड़ी कंपनियां लगातार अपना कर्ज घटा रहीं

    आंकड़े बताते हैं कि बड़ी कंपनियां लगातार अपना कर्ज घटा रही हैं और वे बैंक वित्त के बजाय बॉन्ड बाजार या आंतरिक संचय को प्राथमिकता दे रही हैं। कमजोर वर्गों को दिया जाने वाला ऋण भी पीछे रहा, जिसमें बकाया ऋण में लगभग 10% की हिस्सेदारी के बावजूद नए ऋण का केवल 6% हिस्सा ही गया। पर्सनल लोनों के भीतर, होम लोन में भी रफ्तार धीमी रही। बकाया ऋण में मॉर्गेज की हिस्सेदारी 16% है, लेकिन नए ऋणों में इसकी हिस्सेदारी केवल 14% रही।

    ऋण वृद्धि में पर्सनल लोन बने रहे प्रमुख चालक
    कुल मिलाकर, पर्सनल लोन वृद्धि के सबसे बड़े इंजन बने रहे, जिनका नए ऋणों में लगभग 40% योगदान रहा, जबकि सेवा क्षेत्र ने लगभग 20% का योगदान दिया, जिसकी मुख्य वजह एनबीएफसी और व्यापार को दिया गया ऋण रहा। कुल बकाया बैंक ऋण 195.2 लाख करोड़ रुपये है। नवंबर 2025 तक के आंकड़े बताते हैं कि एक संरचनात्मक बदलाव हो रहा है, जिसमें बड़े उद्योगों से ध्यान हटकर उपभोक्ताओं और छोटे व्यवसायों की ओर बढ़ रहा है। यह बदलाव आने वाले वर्षों में बैंकों के रिटर्न और जोखिमों को आकार देगा।

  • मध्यप्रदेश में छोटे दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक

    मध्यप्रदेश में छोटे दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक


    भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिशा निर्देशों के अनुसार मध्यप्रदेश शासन श्रम विभाग द्वारा मध्य प्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। यह संशोधन राज्य में इज ऑफ डुईंग बिजनेस को बढ़ावा देने तथा दुकानदारों एवं प्रतिष्ठान संचालकों पर अनुपालन का अनावश्यक भार कम करने के उद्देश्य से किया गया है। संशोधन के अंतर्गत अब ऐसी दुकानें एवं संस्थान, जिनमें 20 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं, उनके यहाँ श्रम निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण केवल राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा। इससे अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक लगेगी।

    श्रम विभाग के अपर सचिव श्री बसंत कुर्रे ने बताया है कि इस निर्णय से छोटे दुकानदारों एवं उद्यमियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी। साथ ही दुकानदारों में स्व-अनुपालन की भावना को प्रोत्साहन मिलेगा। व्यापार एवं रोजगार सृजन के लिए अनुकूल वातावरण विकसित होगा। इससे समय, संसाधन एवं लागत की बचत होगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा छोटे दुकानदारों के प्रति संवेदनशीलता बरती जा रही है।

    श्रम विभाग ने सभी दुकानदारों, व्यापार संघों एवं उद्यमियों से अपेक्षा की है कि वे श्रम कानूनों का स्वेच्छा से पालन करें और इस सकारात्मक सुधार का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय का विस्तार करें।

  • मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव खाचरौद में 74.35 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की देंगे सौगात

    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव खाचरौद में 74.35 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की देंगे सौगात

    भोपाल ! मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को उज्जैन जिले के खाचरौद में 74.35 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के विभिन्‍न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। इसमें 48.51 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और 25.84 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खाचरौद में 35.40 करोड़ की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण करेंगे। साथ ही खाचरौद में 9 करोड़ 10 लाख रूपये की लागत से बनने वाले संयुक्त तहसील कार्यालय भवन का भूमि-पूजन करेंगे।
  • उत्तराखंड का खिरसू हिल स्टेशन: लॉन्ग वीकेंड 2026 पर हरियाली और शांति का अनुभव

    उत्तराखंड का खिरसू हिल स्टेशन: लॉन्ग वीकेंड 2026 पर हरियाली और शांति का अनुभव


    नई दिल्ली। साल 2026 का पहला लॉन्ग वीकेंड यानी 24, 25 और 26 जनवरी का अवसर घूमने-फिरने के शौकीनों के लिए खास होने वाला है। अगर आप भी इस लंबे वीकेंड में कहीं यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं और भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहना चाहते हैं, तो उत्तराखंड का खिरसू हिल स्टेशन आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यह जगह हरियाली, शांति और प्राकृतिक सुंदरता से घिरी हुई है और यहां का वातावरण तनावमुक्त और सुकून भरा अनुभव देता है।

    खिरसू हिल स्टेशन की खूबसूरती

    खिरसू हिल स्टेशन, उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित है। यह हिल स्टेशन अपने शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यहां आपको देवदार और ओक के घने जंगल, सेब के बाग और हिमालय की मनोरम वादियों का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा। नेचर लवर्स के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं है। साथ ही, यहां का हवादार और शांत माहौल मानसिक तनाव को कम कर आपके माइंड को रिलैक्स कर देता है।

    कम भीड़, ज्यादा सुकून

    नए साल के पहले लॉन्ग वीकेंड पर यदि आप नैनीताल, मसूरी, औली, धनौल्टी या रानीखेत जैसे प्रसिद्ध हिल स्टेशनों पर जाते हैं, तो आपको भारी भीड़ का सामना करना पड़ सकता है। इस कारण आप नजारों का पूरा आनंद नहीं ले पाएंगे। खिरसू की खासियत यह है कि यहां भीड़ कम है, जिससे आप शांति के साथ प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकते हैं।

    एडवेंचर और ट्रेकिंग का अवसर

    यदि आप एडवेंचर और ट्रेकिंग का शौक रखते हैं, तो खिरसू हिल स्टेशन आपके लिए आदर्श है। यहां कई छोटे-छोटे ट्रेकिंग ट्रेल्स हैं जो आपको हरे-भरे जंगलों और पहाड़ी रास्तों के बीच घुमाते हैं। इसके अलावा, सूर्योदय और सूर्यास्त के नजारे यहां का मुख्य आकर्षण हैं। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी यह जगह आदर्श साबित होती है।

    प्राकृतिक सुंदरता और मनोरम दृश्य

    खिरसू हिल स्टेशन का प्रमुख आकर्षण हिमालय की पर्वत श्रृंखला का मनोरम दृश्य है। देवदार, ओक और सेब के बागों के बीच घूमते हुए आप प्रकृति के करीब महसूस करेंगे। यहां का वातावरण पूरी तरह से प्राकृतिक और प्रदूषण-मुक्त है, जो शहर की भागदौड़ और शोर से राहत देता है।

    यात्रा का बेहतर अनुभव

    लॉन्ग वीकेंड पर खिरसू जाने के लिए उचित योजना बनाना आवश्यक है। आप पहले से अपने ठहरने की व्यवस्था कर सकते हैं और आसपास के छोटे गांवों और प्राकृतिक स्थलों की भी यात्रा कर सकते हैं। यहां का सुकून और प्राकृतिक दृश्य आपके छुट्टियों को यादगार बना देंगे।

  • साल 2026 की शुरुआत सही दिशा में: पहले दिन करें ये 6 काम, मन और जीवन होंगे संतुलित

    साल 2026 की शुरुआत सही दिशा में: पहले दिन करें ये 6 काम, मन और जीवन होंगे संतुलित


    नई दिल्ली।नववर्ष 2026 की शुरुआत के साथ ही देशभर में लोग नए संकल्पों, उम्मीदों और योजनाओं के साथ अपने दिन की शुरुआत कर रहे हैं। परंपरा और सामाजिक मान्यताओं के अनुसार, साल के पहले दिन की गतिविधियां और मानसिक स्थिति पूरे वर्ष की ऊर्जा और जीवनशैली पर असर डाल सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नए साल के पहले दिन छोटे-छोटे, लेकिन समझदारी भरे कदम अपनाना पूरे साल सकारात्मक माहौल बनाए रखने में मदद करता है।

    1. घर और वातावरण को शांत रखें
    साल के पहले दिन घर का वातावरण शांत और तनावमुक्त होना आवश्यक माना जाता है। अनावश्यक बहस, तेज आवाज़ और विवादजनक बातचीत से बचना चाहिए। विशेषज्ञ बताते हैं कि पहले दिन की मानसिक स्थिति पूरे वर्ष की ऊर्जा को प्रभावित करती है। हल्का संगीत, भजन या ध्यान जैसी आदतें घर में संतुलन और मानसिक शांति बनाए रखने में मदद करती हैं।

    2. सकारात्मक भाषा और व्यवहार अपनाएं

    नए साल के पहले दिन गुस्सा, शिकायत या कटु शब्दों का प्रयोग टालना चाहिए। भाषा का संयम रिश्तों को मजबूत रखने के साथ-साथ मानसिक स्थिरता के लिए भी जरूरी है। सकारात्मक और सौम्य भाषा से दिन की शुरुआत करना प्रतीकात्मक रूप से पूरे वर्ष के लिए सकारात्मकता का संदेश देता है।

    3. सुबह का समय शांतिपूर्ण बिताएं

    साल के पहले दिन सुबह उठकर कुछ समय अकेले या शांति में बिताना लाभकारी माना जाता है। सूर्य को जल अर्पित करना, खुले वातावरण में कुछ मिनट खड़े रहना या हल्का व्यायाम करना दिन की दिशा और ऊर्जा तय करने में मदद करता है। यह अनुशासन और जागरूकता से जुड़ी आदत मानी जाती है।

    4. पूजा और प्रार्थना के माध्यम से मानसिक संतुलन

    धार्मिक या पारिवारिक परंपराओं के अनुसार, पहले दिन की पूजा केवल व्यक्तिगत आस्था तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इसमें परिवार और पूर्वजों के प्रति भावनात्मक संबंधों को भी स्मरण करना चाहिए। इससे मानसिक स्थिरता, भावनात्मक संतुलन और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    5. घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई
    घर और पूजा स्थल को साफ-सुथरा रखना नए साल की शुरुआत में सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने का प्रतीक माना जाता है। स्वच्छता, साफ पानी और व्यवस्थित वातावरण मन को एकाग्र करने और दिनचर्या को सही दिशा देने में मदद करते हैं। पाठ या मंत्र का उच्चारण करना संभव न हो तो शांत भाव से सुनना भी पर्याप्त माना जाता है।

    6. पौधों और हरे-भरे स्थान की देखभाल

    घर में सूखे पौधे या खाली गमले रखना ठहराव और रुकी हुई स्थिति का प्रतीक माना जाता है। नए साल की शुरुआत में इन्हें हरे-भरे पौधों से बदलना ताजगी, विकास और सकारात्मक बदलाव का संकेत देता है।कुल मिलाकर, नववर्ष 2026 का पहला दिन बड़े नियमों या जटिल उपायों के बजाय छोटे, जागरूक और सकारात्मक कदमों से खास बनाया जा सकता है। यह दिन न केवल उत्सव का अवसर है, बल्कि पूरे वर्ष के लिए मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक संतुलन स्थापित करने का मौका भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि साल के पहले दिन अपनाई गई आदतें लंबे समय तक सकारात्मक असर छोड़ सकती हैं।

  • सर्दियों में भी बरकरार रहेगी त्वचा की चमक! अपनाएं ये घरेलू नुस्खे, सब पूछेंगे खूबसूरती का राज

    सर्दियों में भी बरकरार रहेगी त्वचा की चमक! अपनाएं ये घरेलू नुस्खे, सब पूछेंगे खूबसूरती का राज

    नई दिल्ली।  सर्दियों के मौसम में अक्सर स्किन रूखी और बेजान होने लगती है. इस मौसम में ठंडी हवाएं न सिर्फ शरीर को ठिठुरा देती हैं, बल्कि त्वचा पर भी गहरा असर डालती हैं. खासकर सर्दियों में कई लोगों की शिकायत रहती है कि उनका चेहरा काला, रूखा और बेजान नजर आने लगता है. अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं
    तो 6 घरेलू उपाय आपकी त्वचा में नई जान फूंक सकते हैं.
    हेवन वैली ब्यूटी सैलून की संचालिका साधना सिंह ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि, सर्दियों में हवा में नमी की मात्रा काफी कम हो जाती है. इससे त्वचा रूखी हो जाती है और उसकी प्राकृतिक चमक कम होने लगती है. रूखी त्वचा अक्सर डल और गहरी दिखती है, जिससे चेहरा काला नजर आने लगता है. इसके अलावा, लोग सर्दियों में ज्यादा समय धूप में बिताते हैं, यह सोचकर कि ठंड में धूप नुकसान नहीं करती. जबकि सच्चाई यह है कि सर्दियों में भी सूरज की UV किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं. अगर सनस्क्रीन का इस्तेमाल नहीं किया जाए, तो टैनिंग और काले धब्बों की समस्या बढ़ सकती है.
    सर्दियों में रखें अपनी स्किन का ध्यान
    ठंड के मौसम में त्वचा की देखभाल बेहद जरूरी होती है. इस मौसम में जो हवाएं चलती हैं, उनकी वजह से न सिर्फ स्वास्थ्य खराब होता है, बल्कि इसकी वजह से त्वचा की नमी भी खोने लगती है. हालांकि, इस परेशानी से बचने के लिए महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं है. कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर आप सर्दियों में भी अपनी त्वचा की रंगत और चमक बनाए रख सकते हैं.
    1. गुलाब जल और ग्लिसरीन: बराबर मात्रा में गुलाब जल और ग्लिसरीन मिलाकर रात में सोने से पहले चेहरे पर लगाएं. यह त्वचा को नमी देता है और कालेपन को कम करने में मदद करता है.
    2. एलोवेरा जेल: ताजा एलोवेरा जेल चेहरे पर लगाने से त्वचा को गहराई से नमी मिलती है. यह रंगत निखारने के साथ-साथ त्वचा को मुलायम भी बनाता है.
    3. शहद और दूध का फेस पैक: दो चम्मच शहद में एक चम्मच कच्चा दूध मिलाकर चेहरे पर लगाएं. 15-20 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें. यह पैक त्वचा के कालेपन को दूर करता है.
    4. नींबू और शहद: अगर आपकी त्वचा संवेदनशील नहीं है, तो नींबू के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर लगाएं. यह डेड स्किन हटाने और रंग साफ करने में मदद करता है.
    5. बादाम तेल की मालिश: हल्का गुनगुना बादाम तेल चेहरे पर लगाने से त्वचा मॉइस्चराइज रहती है और ठंड के दुष्प्रभाव कम होते हैं.
    6. मुल्तानी मिट्टी और हल्दी: मुल्तानी मिट्टी में एक चुटकी हल्दी और गुलाब जल मिलाकर फेस पैक बनाएं. यह त्वचा को साफ, टोन और फ्रेश बनाता है.

  • CBSE ने बोर्ड परीक्षाओं की तारीखें बदलीं, जानें अब कब होगा कौन सा पेपर

    CBSE ने बोर्ड परीक्षाओं की तारीखें बदलीं, जानें अब कब होगा कौन सा पेपर


    नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 10 और कक्षा 12 की 2026 बोर्ड परीक्षाओं की संशोधित समय-सारिणी जारी कर दी है। बोर्ड ने पहले प्रशासनिक कारणों से 3 मार्च 2026 को होने वाली कक्षा 10 और 12 की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया था। सीबीएसई के अनुसार, “कक्षा 10 और कक्षा 12 की जिन विषयों की परीक्षाएं पहले 3 मार्च 2026 को निर्धारित थीं, उन्हें प्रशासनिक कारणों से स्थगित किया गया है।”संशोधित समय-सारिणी के अनुसार, कक्षा 10 की परीक्षा अब 11 मार्च 2026 को होगी, जबकि कक्षा 12 की परीक्षा 10 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी।छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाकर संशोधित समय-सारिणी देख और डाउनलोड कर सकते हैं।

    क्षेत्रीय और विदेशी भाषाओं के पेपर कब होंगे?

    नए शेड्यूल के मुताबिक, 10वीं क्लास के क्षेत्रीय और विदेशी भाषाओं तिब्बती, भोटी, भुटिया, बोडो, तांगखुल, मिजो, कश्मीरी, जर्मन, जापानी, स्पेनिश और बहासा मलयू के पेपर के साथ ही एकेडमिक इलेक्टिव्स जैसे एलिमेंट्स ऑफ बुक कीपिंग एंड अकाउंटेंसी का एग्जाम 11 मार्च को होगा। वहीं 12वीं क्लास का लीगल स्टडीज का पेपर 10 अप्रैल को होगा। पहली बार 10वीं क्लास की परीक्षाएं अगले साल दो फेज में होंगी- 17 फरवरी से 15 जुलाई 2026 तक। क्लास 12 का एग्जाम 17 फरवरी से शुरू होगा।

    सीबीएसई 10वीं क्लास की परीक्षा का नया शेड्यूल

    17 फरवरी: मैथ्स स्टैंडर्ड, बेसिक
    18 फरवरी: रिटेल, सिक्योरिटी, ऑटोमोटिव, इंट्रोडक्शन टू फिन मार्केट्स, इंट्रोडक्शन टू टूरिज्म, एग्रीकल्चर, फूड प्रोडक्शन, फ्रंट ऑफिस ऑपरेशंस, बैंकिंग एंड इंश्योरेंस, हेल्थ केयर, अपैरल, मल्टी-मीडिया, डेटा साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर, फाउंडेशन स्किल फॉर साइंसेज, डिजाइन थिंकिंग एंड इनोवेशन
    20 फरवरी: ब्यूटी एंड वेलनेस, मार्केटिंग एंड सेल्स, मल्टी स्किल फाउंडेशन कोर्स, फिजिकल एक्टिविटी ट्रेनर
    21 फरवरी: इंग्लिश (कम्युनिकेटिव), इंग्लिश (लैंग्वेज एंड लिटरेचर)
    23 फरवरी: फ्रेंच
    24 फरवरी: उर्दू कोर्स-ए, पंजाबी, बंगाली, तमिल, मराठी, गुजराती, मणिपुरी, तेलुगु-तेलंगाना
    25 फरवरी: साइंस
    26 फरवरी: होम साइंस
    27 फरवरी: कंप्यूटर एप्लीकेशंस, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, संस्कृत, राई, गुरुंग, तमांग, शेरपा, उर्दू
    2 मार्च: हिंदी
    5 मार्च: पेंटिंग
    6 मार्च: सिंधी, मलयालम, ओडिया, असमिया, कन्नड़, कोकबोरोक
    7 मार्च: सोशल साइंस
    9 मार्च: तेलुगु, अरेबिक, रशियन, पर्सियन, नेपाली, लिम्बू, लेप्चा, कर्नाटक म्यूजिक, हिंदुस्तानी म्यूजिक, थाई
    11 मार्च: तिब्बती, जर्मन, नेशनल कैडेट कोर, भोटी, बोडो, तांगखुल, जापानी, भुटिया, स्पेनिश, कश्मीरी, मिजो, बहासा मलयू, एलिमेंट्स ऑफ बिजनेस, एलिमेंट्स ऑफ बुक कीपिंग एंड अकाउंटेंसी
    सीबीएसई 12वीं क्लास की परीक्षा का नया शेड्यूल
    कक्षा 12 की परीक्षाएं 17 फरवरी से 9 अप्रैल तक होंगी। परीक्षाएं दो शिफ्ट में आयोजित की जाएंगी- सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक और सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक।

    मुख्य विषयों की महत्वपूर्ण तारीखें:
    20 फरवरी: फिजिक्स
    21 फरवरी: बिजनेस स्टडीज, एडमिनिस्ट्रेशन
    23 फरवरी: साइकोलॉजी
    26 फरवरी: ज्योग्राफी
    28 फरवरी: केमिस्ट्री
    9 मार्च: मैथमेटिक्स, एप्लाइड मैथमेटिक्स
    12 मार्च: इंग्लिश कोर, इलेक्टिव
    14 मार्च: होम साइंस
    16 मार्च: हिंदी इलेक्टिव, कोर
    18 मार्च: इकोनॉमिक्स
    20 मार्च: मार्केटिंग
    23 मार्च: पॉलिटिकल साइंस
    27 मार्च: बायोलॉजी
    28 मार्च: अकाउंटेंसी
    30 मार्च: हिस्ट्री
    4 अप्रैल: सोशियोलॉजी
    10 अप्रैल: लीगल स्टडीज
    कक्षा 10 और 12 की 2026 परीक्षाओं की पूरी जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाएं।

  • 'इक्कीस' देखने के बाद यूजर्स ने दिए रिएक्शन, धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म को लेकर कही ये बात

    'इक्कीस' देखने के बाद यूजर्स ने दिए रिएक्शन, धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म को लेकर कही ये बात

    नई दिल्ली। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। यह फिल्म सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की बायोपिक है, जिन्होंने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में मात्र 21 साल की उम्र में शहादत दी थी। फिल्म में अरुण खेत्रपाल का किरदार अगस्त्य नंदा ने निभाया है, जबकि सिमर भाटिया, जयदीप अहलावत और धर्मेंद्र ने भी अहम भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म के निर्देशक श्रीराम राघवन हैं।

    यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रिया

    फिल्म देखने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दर्शकों ने अपने विचार साझा किए। कई यूजर्स ने इसे इमोशनल वॉर ड्रामा करार दिया। एक यूजर ने लिखा कि ‘इक्कीस’ उम्मीद से बेहतर है और यह फिल्म दिल को छू जाती है। कई दर्शक इसे शांतिवाद और राष्ट्रवाद का संतुलन पेश करने वाली फिल्म मान रहे हैं। एक अन्य यूजर ने कहा कि यह फिल्म 2026 के लिए बॉलीवुड में एक सफल शुरुआत साबित होगी।

    कहानी और संदेश की तारीफ

    यूजर्स ने फिल्म की कहानी और संदेश की जमकर तारीफ की। कई ने लिखा कि धुरंधर जैसी फिल्म के बाद ‘इक्कीस’ की तरह की कहानी आनी चाहिए थी जो युद्ध की हिंसा और राष्ट्रवाद को संतुलित दृष्टिकोण से दिखाती है। फिल्म के शांतिवादी संदेश ने दर्शकों को खासा प्रभावित किया।

    कलाकारों की अदाकारी की सराहना

    धर्मेंद्र की अंतिम अदाकारी को दर्शकों ने बेहद पसंद किया। यूजर्स ने लिखा कि मुश्किल शेड्यूल और थकान के बावजूद धर्मेंद्र जी ने हमेशा की तरह अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। साथ ही अगस्त्य नंदा और अन्य कलाकारों की प्रदर्शन क्षमता की भी जमकर तारीफ की गई। दर्शकों का कहना है कि फिल्म में नए कलाकारों ने असली भावना और कहानी को पूरी तरह जीवंत किया।

    फिल्म का निर्देशन और तकनीकी पक्ष

    श्रीराम राघवन के निर्देशन में बनी यह फिल्म न केवल कहानी बल्कि विजुअल और तकनीकी दृष्टि से भी प्रभावशाली मानी जा रही है। युद्ध की घटनाओं और भावनाओं को पर्दे पर सटीक तरीके से पेश करने के लिए फिल्म की सिनेमेटोग्राफी और निर्देशन की भी खूब सराहना हुई।

    दर्शकों का समग्र अनुभव

    यूजर्स के अनुसार ‘इक्कीस’ एक ऐसी फिल्म है जो भावनाओं से भरपूर, प्रेरक और सोचने पर मजबूर करने वाली है। युद्ध और शांति के बीच संतुलन, युवा वीरों की कहानी और धर्मेंद्र की अंतिम अदाकारी ने फिल्म को यादगार बना दिया। फिल्म के हर दृश्य में वास्तविकता और भावना की झलक है जो दर्शकों को पूरी तरह बांधे रखती है।

  • दिल्ली में आज से शुरू होगी भारत टैक्सी कैब सर्विस, जानें इस्तेमाल से लेकर किराए तक हर जरूरी बात

    दिल्ली में आज से शुरू होगी भारत टैक्सी कैब सर्विस, जानें इस्तेमाल से लेकर किराए तक हर जरूरी बात


    नई दिल्ली। आज से राजधानी दिल्ली की सड़कों पर नई सरकारी कैब सर्विस भारत टैक्सी शुरू होने जा रही है. ये नई कोऑपरेटिव कैब सर्विस प्राइवेट कंपनियों की मोनोपॉली को सीधा चुनौती देने के लिए तैयार है. यह कैब सर्विस सरकार समर्थित कोऑपरेटिव प्लेटफॉर्म द्वारा शुरू की गई है. इसका मकसद आम लोगों को किफायती, सुरक्षित और बेहतर टैक्सी सेवा उपलब्ध कराना है. बढ़ते किराये, सर्ज प्राइसिंग और शिकायतों से परेशान यात्रियों के लिए भारत टैक्सी को एक मजबूत विकल्प के रूप में देखा जा रहा है, जो निजी कैब कंपनियों को कड़ी चुनौती देगी.

    भारत टैक्सी को दुनिया के सबसे बड़े ड्राइवर-ओन्ड नेटवर्क के रूप में पेश किया जा रहा है. दिल्ली और गुजरात में कार, ऑटो और बाइक तीनों कैटेगरी मिलाकर 56,000 से अधिक ड्राइवर प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर हो चुके हैं. हालांकि अभी ये सहकारी कैब सर्विस पूरे देश में लागू नहीं हुई है, आज से ये सेवा आधिकारिक तौर पर दिल्ली में शुरू की जा रही है. तो आइये जानें कैसे आप इस सरकारी कैब सर्विस का लाभ उठा सकेंगे.

    कैसे डाउनलोड करें मोबाइल ऐप
    भारत टैक्सी की बुकिंग सरकारी Bharat Taxi मोबाइल ऐप के जरिए की जा सकती है. इसका राइडर और ड्राइवर दोनों मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर और ऐप्पल ऐप स्टोर पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है. यदि आपको कैब सर्विस के लिए राइड का लाभ उठाना है तो Rider App डाउनलोड करें. वहीं इस सेवा जुड़ने के इच्छुक ड्राइवरों को Driver App डाउनलोड करना होगा.यहां ध्यान रखें कि, भारत टैक्सी वही ऐप डाउनलोड करें जो सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा जारी किया गया है. Bharat Taxi के नाम से ऐप स्टोर और गूगल प्ले स्टोर पर कुछ और कैब सर्विस एप्लीकेशन मौजूद हैं.
    सही ऐप चुनने के लिए
    आप उपर दिखाए गए तस्वीर से मोबाइल ऐप के लोगो को मैच करवा सकते हैं. यात्रियों को इजी इंटरफेस के साथ रियल टाइम कैब ट्रैकिंग, ड्राइवर डिटेल्स और फेयर की पूरी जानकारी पहले ही मिल जाएगी, जिससे यात्रा के दौरान किसी तरह की असमंजस की स्थिति न बने.इस सरकारी कैब सर्विस की सबसे बड़ी खासियत इसका फेयर स्ट्रक्चर (किराया) है. भारत टैक्सी में सर्ज प्राइसिंग जैसी व्यवस्था नहीं होगी, जिससे पीक ऑवर या खराब मौसम में भी यात्रियों को मनमाना किराया नहीं चुकाना पड़ेगा. यही पहल निजी कैब कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है. ऐसा देखा जाता है कि, सर्ज प्राइसिंग के नाम पर ओला, उबर जैसी प्राइवेट राइड हेलिंग कंपनियां मनमाना किराया वसूलती हैं.
    ऑटो, कार और बाइक
    भारत टैक्सी ऐप पर यात्रियों को ऑटो, कार और बाइक टैक्सी तीनों की सुविधा मिलेगी. इससे कम दूरी से लेकर लंबी यात्रा तक हर जरूरत के लिए एक ही प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा. यानी ग्राहक अपने बज़ट और जरूरत के अनुसार कार, ऑटो और यहां तक की बाइक राइड का भी चुनाव कर सकेंगे.

    सेफ्टी पर नज़र

    भारत टैक्सी में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है. सभी ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा, साथ ही ऐप में इमरजेंसी बटन, लाइव लोकेशन शेयरिंग और ट्रिप हिस्ट्री जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी, ताकि आप और आपके परिवार निश्चिंत होकर यात्रा कर सकें.

  • नीतीश के दोनों डिप्टी सीएम उनसे अमीर, सम्राट के पास कैश तो विजय सिन्हा के पास सबसे अधिक सोना-चांदी

    नीतीश के दोनों डिप्टी सीएम उनसे अमीर, सम्राट के पास कैश तो विजय सिन्हा के पास सबसे अधिक सोना-चांदी


    नई दिल्ली। बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी समेत सभी मंत्रियों ने अपने संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक कर दिया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास दोनों डिप्टी सीएम से कम संपत्ति है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 1 करोड़ 65 लाख रुपए की संपत्ति के मालिक हैं. उनके पास महज 20 हजार रुपए नकद हैं. दिल्ली के द्वारका में एक फ्लैट है, जिसकी कीमत 1 करोड़ 48 लाख रुपए है. साथ ही उनके पास दस गाय है. दो लाख रुपए की ज्वेलरी भी है, जिसमें 2 सोने की अंगूठी 1 चांदी की अंगूठी भी है. 10 साल पुरानी एक फोर्ड इकोस्पोर्ट कार है, जिसकी कीमत 11 लाख 32 हजार रुपए है.
    वहीं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास नीतीश के मुकाबले करीब 7 गुना अधिक कैश है. उनके पास 1 लाख 35 हजार की नकदी है, उनकी पत्नी कुमारी ममता के पास 35 हजार की नकदी है. सम्राट चौधरी के बैंक खातों में 17 लाख 45 हजार 488 रुपए जमा है. उनकी पत्नी के खाते में 6 लाख 43 हजार बेटी के खाते में 1 लाख 34 हजार, बेटे प्रणय के खाते में 1 लाख 8 हजार रुपए जमा हैं.
    बॉन्ड और इंश्योरेंस में निवेश, हथियार के शौकीन हैं सम्राट
    सम्राट चौधरी ने बॉन्ड्स में 31 लाख रुपए का निवेश किया है. निप्पोन इंडिया, फ्रैंकलिन इंडिया और HDFC के बॉन्ड में उन्होंने निवेश किया है. वहीं 19 लाख रुपए LIC में निवेश किए हैं. राज्य के गृह मंत्री सम्राट चौधरी के पास NP बोर रायफल है जिसकी कीमत 4 लाख रुपए है. वहीं पिता शकुनि चौधरी की दी हुई रिवॉल्वर भी है. इसकी कीमत 2 लाख रुपए है.डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के पास 88 हजार 560 रुपए की नकदी है, वहीं उनकी पत्नी सुशीला देवी के पास 67 हजार 528 रुपए कैश हैं. विजय सिन्हा के पास करीब 1 करोड़ की चल संपत्ति है. वहीं उनकी पत्नी के पास 1 करोड़ 73 लाख रुपए की चल संपत्ति है. इसमें बैंक खातों में जमा राशि, शेयर्स और गहने शामिल हैं.

    विजय सिन्हा के पास सबसे अधिक सोना-चांदी

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास दो लाख रुपए की ज्वेलरी है, जिसमें 2 सोने की अंगूठी, 1 चांदी की अंगूठी है. सम्राट चौधरी के पास पास 20 लाख रुपए का सोना, पत्नी के पास भी 20 लाख का सोना और 75 हजार मूल्य की चांदी है. वहीं विजय सिन्हा के पास 9 लाख 90 हजार के गहने हैं. उन्होंने बताया है कि यह उन्हें शादी के वक्त तोहफे में मिले थे. वहीं उनकी पत्नी के पास 49 लाख 50 हजार रुपए के गहने हैं.